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                <title>animal husbandry department - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>animal husbandry department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>काम में कोताही अब नहीं चलेगी, पशुपालन विभाग का सख्त संदेश- पशुधन निरीक्षक निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[पशुपालन विभाग ने अनुशासनहीनता के मामले में बांसवाड़ा के सल्लोपाट गांगडतलाई पशु चिकित्सा उपकेंद्र में कार्यरत पशुधन निरीक्षक खातुराम पारगी को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अतिरिक्त निदेशक, क्षेत्र पशुपालन कार्यालय रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया कि अनुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता से समझौता नहीं होगा तथा नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/negligence-in-work-will-no-longer-be-tolerated-strict/article-161375"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/suspend.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पशुपालन विभाग ने अनुशासनहीनता के मामले में बांसवाड़ा जिले के सल्लोपाट गांगडतलाई पशु चिकित्सा उपकेन्द्र में कार्यरत पशुधन निरीक्षक खातुराम पारगी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनको निलंबित कर दिया है। विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीना ने आदेश <br />जारी किए।</p>
<p>विभाग के जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान पारगी का मुख्यालय अतिरिक्त निदेशक क्षेत्र पशुपालन विभाग कार्यालय में रहेगा। विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश मीना ने कहा कि शासकीय कायार्ें में अनुशासन, जवाबदेही एवं पारदर्शिता सवार्ेच्च प्राथमिकता है। भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता बरदाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी की सेवा नियमों के उल्लंघन अथवा कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 11:03:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पशुपालन विभाग में सुशासन दिवस का आयोजन : अधिकारी -कर्मचारियों ने ली सुशासन की शपथ, स्वर्गीय प्रधानमंत्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि </title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर सुशासन दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पशुपालन विभाग में आयोजित कार्यक्रम में स्वर्गीय प्रधानमंत्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तथा पशुपालन, गोपालन और मत्स्य शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की शपथ दिलाई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/good-governance-day-was-organized-in-the-animal-husbandry-department/article-137176"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(2)24.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर गुरुवार को सुशासन दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पशुपालन विभाग में आयोजित कार्यक्रम में स्वर्गीय प्रधानमंत्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तथा पशुपालन, गोपालन और मत्स्य शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में पशुपालन और मत्स्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुशासन की शपथ ली। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों ने संविधान के मूल्यों के अनुरूप ईमानदारी, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने का संकल्प लिया। शपथ के माध्यम से भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहनशीलता अपनाने, समयबद्ध एवं प्रभावी प्रशासन सुनिश्चित करने तथा सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का संकल्प व्यक्त किया गया।</p>
<p>इस अवसर पर शासन सचिव डॉ शर्मा ने कहा कि सुशासन केवल एक अवधारणा नहीं, बल्कि शासन की वह कार्य संस्कृति है जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ आमजन तक योजनाओं को लाभ पहुंचाया जाता है। श्रद्धेय अटल जी का सुशासन मॉडल हम सभी के लिए पथप्रदर्शक है। वे एक कुशल राजनीतिज्ञ, प्रखर वक्ता और दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व ने देश में सुशासन की अनुकरणीय मिसाल प्रस्तुत की। अगर हम सभी इस कार्य शैली को पूरी तरह अपनाकर कार्य करें तो नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान निकल सकता है और आमजन तक सरकार की हर सुविधा और योजना की पहुंच सुनिश्चित हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 17:00:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई पीढ़ी को पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान के प्राचीन ज्ञान से अवगत कराना जरूरी : बागडे</title>
                                    <description><![CDATA[10 मेघावी विधार्थियों को विभिन्न पदकों से नवाजा गया। विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. हेमंत दाधीच ने आभार जताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bikaner/it-is-necessary-to-make-the-new-generation-aware-of/article-110923"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(9)2.png" alt=""></a><br /><p>बीकानेर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि नई पीढ़ी को पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान के प्राचीन ज्ञान से अवगत कराना जरूरी है। बागडे  राजस्थान पशु विज्ञान और पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के मीरा बाई सभागार में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारा देश पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान के क्षेत्र में शुरू से ही समृद्ध रहा है। ऋवैदिक काल में भी पशुपालन पूर्णतया विकसित था। अथर्ववेद में पशुओं की बीमारियों, आयुर्वेदिक दवाओं और बीमारियों के इलाज के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां हैं। शालिहोत्र, दुनिया के पहले ज्ञात पशु चिकित्सक थे। उनका लिखा ग्रंथ शालिहोत्र संहिता, पशु चिकित्सा पर महत्वपूर्ण ग्रंथ है। उन्होंने विश्वविद्यालय में यह ग्रन्थ उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए, जिससे विद्यार्थियों को इनकी जानकारी हो सके।</p>
<p>इस मौके पर उन्होंने युवाओं के कौशल विकास पर जोर देने के साथ कहा कि वे गुरु दक्षिणा के रूप में विश्वविद्यालय परिसर में एक-एक पौधा लगाएं और उसकी देखभाल करें। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादाई होगा। इस दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के त्रैमासिक न्यूजलेटर के नवीनतम अंक, विश्वविद्यालय की एक वर्ष की प्रगति पुस्तिका का लोकार्पण और  विश्वविद्यालय में 2 करोड़ की लागत से बनने वाले अरुधंति कन्या छात्रावास का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने निजी महाविद्यालयों के एफि लेशन मैनेजमेंट सिस्टम, पुनर्निर्मित वेबसाइट और कार्मिकों की उपस्थिति के फेस रिकॉगनेशन सिस्टम की शुरुआत की। कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने स्वागत उद्बोधन दिया </p>
<p><strong>433 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां </strong><br />विद्यार्थियों को स्नातक उपाधियां प्रदान की : दीक्षांत समारोह में कुल 433 विद्यार्थियों को स्रातक, 71 को स्रातकोत्तर और 11 को विद्या वाचस्पति की उपाधियां दी गई। 10 मेघावी विधार्थियों को विभिन्न पदकों से नवाजा गया। विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. हेमंत दाधीच ने आभार जताया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बीकानेर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Apr 2025 11:33:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब बीमार पशुओं के उपचार में भी नकली दवाइयां</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा से 2 हजार वायल होंगे रिटर्न, कम्पनी का भुगतान रोका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/oh-god---now-fake-medicines-are-also-being-used-in-the-treatment-of-sick-animals/article-105747"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(1)84.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रदेश में एलोपैथिक दवाओं के बाद अब पशुओं के उपचार में उपयोग की जा रही कई दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतर रही हैं। इसकी बानगी है कि हाल में औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से की गई जांच में कई सैंपल अमानक पाए गए हैं। चिंताजनक बात है कि पशुओं को स्क्रब टाइफस जैसी बीमारी से बचाने के लिए काम में ली जाने वाली साइपर मेथ्रिन, डेल्टा मेथ्रेन जैसे दवाओं के 11 सैंपल जांच में अमानक मिले हैं। चिकित्सकों के अनुसार इससे पशुओं के साथ मानव जीवन पर असर पड़ रहा है। यही कारण है कि इस बार जिले सहित प्रदेश में स्क्रब टाइफस के मरीज पिछले साल की तुलना में बढ़े हैं। इस खुलासे के बाद पशुपालन विभाग और दवा निमार्ताओं में हड़कंप मच गया है। विभाग ने इन दवाओं की सप्लाई और बिक्री पर रोक लगा दी है। वहीं संबंधित बैच की दवाओं की आपूर्ति वापस मंगवाने के लिए कंपनी को निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>स्क्रब टाइफस बीमारी में आती है काम</strong><br />विभागीय अधिकारियों के अनुसार पशुओं को स्क्रब टाइफस जैसी बीमारी से बचाने के लिए इन दवाइयों की आपूर्ति कोटा जिले सहित पूरे प्रदेश में की गई थी। कई जिलों में तो इनका उपयोग भी कर लिया गया था। कोटा जिले में साइपर मेथ्रिन और डेल्टा मेथ्रिन की करीब दो हजार वॉयल मौजूद थे, जिनका उपयोग नहीं किया गया था। ऐसे में पशुपालन निदेशालय के निर्देश पर इन दवाओं का उपयोग नहीं किया गया। वहीं इन दवाइयों को वापस कम्पनी को भेजा जाएगा। वहीं विभाग ने इन दवाइयों का भुगतान भी रोक दिया है। इसके अलावा अमानक दवा बनाने वाली कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जांच में कंपनियां दोषी पाई जाती हैं तो उनके लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।</p>
<p><strong>दवाओं में सक्रिय तत्वों की कम मिली मात्रा</strong><br />जानकारी के अनुसार गत दिनों औषधि नियंत्रण विभाग ने विभिन्न जिलों से पशुपालन विभाग में उपयोग हो रही दवाओं के नमूने लिए थे। इनकी प्रयोगशाला जांच में डेल्टामेथ्रिन और साइपर मैथ्रिन सहित पेंटप्राजोल और मल्टी विटामिन की दवाओं में सक्रिय तत्वों की मात्रा निर्धारित मानकों से कम थी। एक्सपर्ट के अनुसार गुणवत्ता विहीन दवाओं के उपयोग से पशुओं में संक्रमण देरी से ठीक होगा। वहीं इससे बीमार पडऩे की संभावना बढ़ सकती है। इसके अलावा, इन दवाओं के सेवन से पशुओं से मिलने वाले दूध और मांस पर भी प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में जांच में दवाएं अमानक मिलने के बाद पशुपालन विभाग में हड़कम्प मच गया और विभाग के आला अधिकारियों ने इसे गम्भीरता से लेते हुए दवाओं का उपयोग रोकने के निर्देश जारी किए। </p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />जिले में कुल पशु        -6.40 लाख<br />जिले में पशु चिकित्सा इकाइयां    -180 <br />प्रथम श्रेणी के पशु चिकित्सालय  -16 <br />पशु चिकित्सालय        - 36 <br />पशु चिकित्सा उप केंद्र    - 124 </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />बीमार पशुओं के उपचार में काम आने वाली दवाइयों के अमानक मिलने से पशुपालकों में चिंता व्याप्त हो गई है। इन दवाइयों के उपयोग से पशुओं के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। विभाग को अन्य दवाइयों की भी जांच करानी चाहिए ताकि पशुओं को खतरे बचाया जा सके।<br /><strong>- मनीष धाबाई, पशुपालक</strong></p>
<p>कोटा पशुपालन विभाग में साइपर मेथ्रिन और डेल्टा मेथ्रिन की 2 हजार वॉयल उपलब्ध हैं, जो अमानक हैं। इन दवाइयों को वापस कंपनी को भिजवाया जाएगा। जांच में दवाइयां अमानक मिलने के बाद विभाग ने कंपनी का भुगतान रोक दिया है। <br /><strong>- डॉ. मदन परिहार, एसवीओ, पशुपालन विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Feb 2025 16:22:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पशुपालन विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित,विभाग को ऊंचाई की ओर ले जाने में सभी दें अपना योगदान : डॉ. समित </title>
                                    <description><![CDATA[पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने कहा कि विभाग को ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सभी अधिकारी कर्मचारियों से कहा कि वह सभी अपना अधिक से अधिक योगदान दें। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/state-level-review-meeting-of-animal-husbandry-department-organized-everyone/article-99987"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(12)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने कहा कि विभाग को ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सभी अधिकारी कर्मचारियों से कहा कि वह सभी अपना अधिक से अधिक योगदान दें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मोबाइल वेटरिनरी यूनिट का संचालन नवीन कार्य योजना के अनुसार डुअल और हाइब्रिड मोड में सुनिश्चित करें। नई कार्य योजना के अनुसार प्रत्येक एमवीयू के माध्यम से हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त कॉल के अनुसार पशु चिकित्सा सेवा प्रदान करने के साथ-साथ प्रतिदिन पूर्व निर्धारित कैलेण्डर के अनुसार निर्धारित राजस्व ग्राम में प्रतिदिन एक घंटे का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाए। साथ ही एमवीयू स्टाफ के साथ विभागीय पशु चिकित्सक और पशुधन सहायक की सेवाएं भी लेते हुए कार्य करना निर्धारित किया गया है।  </p>
<p>शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंगलवार को आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में डॉ. शर्मा ने कहा कि एमवीयू द्वारा चिकित्सा के बाद पशुपालक को उपचार की पर्ची आवश्यक रूप से उपलब्ध कराने के साथ ही एक प्रति पर पशुपालक के हस्ताक्षर भी लिए जाएं। संचालनकर्ता फर्मों को नियमानुसार भुगतान भी समय पर सुनिश्चित किया जाए। मंगला पशु बीमा का अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 21 लाख पशुओं का बीमा कराना है इस दृष्टि से हमारी प्रगति बहुत धीमी है। अत: अधिक से अधिक पशुपालकों को इससे जोड़कर काम में तेजी लाई जाएं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 500 नवीन पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोले गए, जबकि 103 पशु चिकित्सा उपकेंद्रों को पशु चिकित्सालय में 51 पशु चिकित्सालय को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में तथा 25 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय को बहुद्देशीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया गया है। डॉ. शर्मा ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि 14 से 30 जनवरी तक मनाए जाने वाले पशु कल्याण पखवाड़े के दौरान विभिन्न स्तरों पर पशु चिकित्सा शिविर, पशु कल्याण गोष्ठी, पशु कल्याण जन जागृति रैली आदि का आयोजन कर जीव जंतुओं के कल्याण के प्रति जन साधारण में जागृति तथा पशु क्रूरता निवारण के लिए वातावरण निर्माण का कार्य किया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jan 2025 11:42:39 +0530</pubDate>
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                <title>पशुपालन मंत्री कुमावत ने किया पशुपालन विभाग का निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[मंत्री कुमावत ने सभी जिलों में जिला स्तरीय पशु मेले का आयोजन, पशुधन सहायकों की नियुक्ति और पशुधन भवन के निर्माण के लिए प्राथमिकता से कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/animal-husbandry-minister-kumawat-inspected-the-animal-husbandry-department/article-68780"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/joraram-kumawat.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पशुपालन, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बुधवार को पशुपालन निदेशालय का निरीक्षण किया। कुमावत ने सभी प्रखंडों का निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। <br /><br />इस अवसर पर उन्होंने सभी जिलों में जिला स्तरीय पशु मेले का आयोजन, पशुधन सहायकों की नियुक्ति और पशुधन भवन के निर्माण के लिए प्राथमिकता से कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो मेले पहले से चले आ रहे हैं, उन्हें जारी रखते हुए जिला स्तरीय मेलों का आयोजन साल में एक बार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पशुपालक अपने पशुओं के साथ लंबी दूरी के लिए नहीं जा सकते इसलिए जिला स्तर पर मेलों का आयोजन पशुपालकों के लिए बहुत सुविधाजनक और लाभदायक तो होगा ही साथ ही विभाग का भी प्रचार प्रसार होगा।<br /><br />उन्होंने नवसृजित पशुचिकित्सा उपकेंद्रों के लिए भवन निर्माण कराकर सुचारु रूप से संचालित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि सभी पशुचिकित्सा संस्थाओं में पशुधन निशुल्क दवा योजना के तहत औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित कराए ताकि गरीब पशुपालकों को इसका समुचित लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि हमें आने वाली समस्याओं को ध्यान में रखकर पहले से ही योजना बना लेनी चाहिए।<br /><br />राज्य स्तर पर आयोजित एस एल ई सी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि नेशनल लाइफ स्टॉक मिशन के अंतर्गत उद्यमिता विकास योजना का लाभ अधिकाधिक पशुपालकों को मिल सके इसके लिए विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में दोहन की अपार संभावनाएं हैं और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इसे व्यवसाय के तौर पर अपनाए जाने की आवश्यकता है। मंत्री ने कहा कि देशी गोवंश के मामले में राजस्थान समृ़द्ध प्रदेश है, क्योंकि यहां की देशी नस्लों को हर परिस्थिति में पाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार देशी गोवंश के संरक्षण और संवर्द्धन में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने युवाओं से भी इस क्षेत्र में आगे आने का आह्वान करते हुए उनसे स्टार्ट अप शुरु करने की बात कही। पशुपालन मंत्री ने इस अवसर पर आर एल डी बी, अमृता देवी जीव जंतु कल्याण बोर्ड और गोपालन निदेशालय का भी निरीक्षण किया। इस अवसर प्रमुख शासन सचिव विकास सीताराम भाले, पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ भवानी सिंह राठौड़, आर एल डी बी के कार्यकारी निदेशक डॉ आनंद सेजरा, गोपालन विभाग के निदेषक डॉ सुभाष महरिया सहित सभी विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jan 2024 18:22:08 +0530</pubDate>
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                <title>हर एक पात्र पशुपालक को मिलेगा लाभ: भाले</title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पात्र पशुपालकों को लम्पी रोग आर्थिक सहायता वितरण कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री द्वारा सीधा पशुपालकों के खातों में राशि हस्तांतरित कर लाभान्वित किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/every-eligible-cattle-herder-will-get-benefits/article-48237"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीताराम भाले ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पशुपालकों के हितों के लिए समर्पण भाव के  साथ राज्य में नित नई योजनाओं से पशुपालकों को लाभान्वित करने का लगातार प्रयास कर रहे है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री ने लम्पी रोग से हुई दुधारू गोवंशीय पशुओं की मृत्यु पर पशुपालकों को 40 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पात्र पशुपालकों को लम्पी रोग आर्थिक सहायता वितरण कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री द्वारा सीधा पशुपालकों के खातों में राशि हस्तांतरित कर लाभान्वित किया जाएगा।</p>
<p>प्रमुख शासन सचिव गुरुवार को पशुधन भवन में लम्पी रोग आर्थिक सहायता वितरण कार्यक्रम की राज्य स्तरीय समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने लम्पी रोग से मृत हुए गौवंशीय पशुओं एवं पात्र पशुपालकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर कहा कि विभाग के समस्त अधिकारी इस कार्य को मुख्य जिम्मेदारी मानते हुए प्रत्येक पात्र पशुपालक तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने पशुपालन विभाग के समस्त जिला अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि "लम्पी रोग आर्थिक सहायता वितरण" कार्यक्रम को जिला स्तर पर अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर पात्र पशुपालकों तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।  </p>
<p><strong>पशुपालकों का कल्याण ही सर्वोच्च प्राथमिकता<br /></strong>इस दौरान भाले में विभागीय तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम में उपस्थित रहने वाले किसी भी पशुपालक को कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए समुचित इंतजाम किये जाये। उन्होंने कहा कि विभाग के लिए पशुपालकों का कल्याण ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिसको मध्यनजर रखते हुए ही कार्य संपादन किया जाना चाहिए।</p>
<p>इस दौरान पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. भवानी सिंह राठौड़, राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एन. एम. सिंह, उप शासन सचिव  कश्मी कौर, वित्तीय सलाहकार  मनोज शांडिल्य सहित  अन्य अधिकारी मौजूद रहे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jun 2023 17:21:55 +0530</pubDate>
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                <title>पशुओं को मिलेगा टीके का सुरक्षा कवच</title>
                                    <description><![CDATA[गलघोंटू एवं लंगड़ा बुखार सरीखी घातक बीमारियों से पशु संक्रमित हो जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पशु पालन विभाग की ओर से पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने पशु पालन रेंज के एरिया में सर्वे करवाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/animals-will-get-the-protective-cover-of-vaccine/article-43697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/pashuo-ko-milega-tike-ka-suraksha-kawach...kota-news..24.4.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले में पशुओं को संक्रामक रोग से बचाने के लिए पशुपालन विभाग की ओर से टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। पहले चरण में फिलहाल 27 हजार पशुओं का टीकाकरण होगा। बरसात के दौरान पशुओं में संक्रमित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मौसमी नमी के कारण जीवाणुओं को पनपने के लिए न केवल उपयुक्त वातावरण मिलता है, बल्कि इसमें गलघोंटू एवं लंगड़ा बुखार सरीखी घातक बीमारियों से पशु संक्रमित हो जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पशु पालन विभाग की ओर से पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने पशु पालन रेंज के एरिया में सर्वे करवाया है। मई के प्रथम सप्ताह तक पहला चरण पूरा हो जाएगा। </p>
<p><strong>संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित</strong><br />पशुपालन विभाग के अनुसार जिले कुछ क्षेत्रों में भैंस एवं गोवंशों को यह बीमारी जल्दी पकड़ती है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग ने इन क्षेत्रों का सर्वे कराया है। सर्वे के दौरान हालांकि व्यापक स्तर पर इस तरह के मामले नहीं मिले, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में विभाग की ओर से टीकाकरण किया जाएगा। इस संबंध में केन्द्रवार चिकित्सा प्रभारी पशुपालकों को जागरुक करने का कार्य करेंगे। गत दिनों चिकित्सा केन्द्र प्रभारियों के साथ हुई बैठक में ग्रामीणों को पशुओं के मौसम जनित बीमारियों से ग्रसित होने पर पास के पशु चिकित्सालय में संपर्क करने को कहा गया है।</p>
<p><strong>केवल इन क्षेत्रों में लगाया जाएगा टीका</strong><br />पशुपालन विभाग के अनुसार गलघोंटू एवं लंगड़ा बुखाकर का टीकाकरण ऐसे क्षेत्रों में किया जाएगा, जहां पर पिछले दस वर्षों के दौरान पशुओं में लंगड़ा बुखार व गलघोंटू बीमारियां हुई होंगी। इसकी बाकायदा पशु पालन विभाग पुष्टि करेगा। सत्यापन होने पर ही टीका लगाया जाएगा। यदि कोई ग्रामीण इस तरह के रोगों से ग्रसित होने की जानकारी संज्ञान में लाता है तो पशु की जांच कर टीकाकरण किया जाएगा।</p>
<p><strong>ऐसे फैलता है लंगड़ा बुखार</strong><br />पशु चिकित्सकों के अनुसार बरसात के दिनों में मौसम में नमी बढ़ जाती है। जीवाणु जनित रोगों में लंगड़ा बुखार यानि की ब्लैक क्वार्टर प्रमुखता से बरसात के दिनों में पशुओं को प्रभावित करता है। साधारण भाषा में इस रोग को जहरबाद, फडसूजन, काला बाय, कृष्णजंधा, लंगड़िया, एकटंगा आदि नामों से भी जाना जाता है। यह रोग सामान्यत: सभी स्थानों पर पाया जाता है, लेकिन नमी वाले क्षेत्रों में व्यापक रूप से फैलता है। यह रोग मुख्यत: गौवंश में अधिक होता है।</p>
<p><strong>गलघोंटू भी जीवाणु जनित रोग</strong><br />गलघोंटू रोग पशुओं में मानसून के समय व्यापक रूप से फैलता है। अति तीव्र गति से फैलने वाला यह जीवाणु जनित रोग, संक्रामक भी है। यह नामक जीवाणु (बैक्टीरिया) के कारण फैलता होता है। यह जीवाणु सांस नली में तंत्र के ऊपरी भाग में मौजूद होता है। मौसम परिवर्तन के कारण पशु मुख पका, खुर पका रोग की चपेट में आ जाता है। इस रोग से ग्रस्त पशु को अचानक तेज बुखार होता है। पशु विशेषज्ञों के मुताबिक पशुओं द्वारा झूठा चारा खाने, गंदा दाना पानी खाने और बिछावन के जरिये भी इस बीमारी के जीवाणु दूसरे पशुओं तक पहुंच जाते हैं।</p>
<p><strong>अब पशुपालकों के लिए सब कुछ  फ्री</strong><br />राज्य सरकार की ओर से पशुपालकों को राहत देते हुए पशु अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन फीस से लेकर आॅपरेशन व टीके को नि:शुल्क किया गया है। अब पशुओं के उपचार में एक ही रुपए का भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। पशुपालन विभाग के अनुसार राज्य सरकार की ओर से बजट में घोषणा की गई थी, जिसके अनुसार पशु अस्पतालों में अब पशुओं का उपचार कराने पर किसी भी प्रकार शुल्क नहीं नहीं लगेगा। यह सुविधा एक अप्रेल से शुरू हो गई है।</p>
<p><strong>पहले यह लगती थी फीस</strong><br />पहले पशु अस्पतालों में इलाज व जांच के लिए आने वाले पशुओं के पंजीयन की 5 रुपए फीस लगती थी, जिसे अब नि:शुल्क कर दिया गया है। इसी प्रकार पशुओं की सर्जरी कराने पर 25 से 50 रुपए तक की फीस लगती थी, जिसे भी अब फ्री कर दिया है। जांच में लगने वाले 5 रुपए की फीस को भी नि:शुल्क कर दिया गया है। पहले पशुओं के वैक्सीनेशन कराने में दो रुपए प्रति पशु की फीस लगती थी, जिसे भी एक अप्रेल से हटा दिया गया है। अब पशुओं के लगने वाले एफएमडी टीके, एसएस (गला घोंटू), काला बुखार एवं ईटीवी और सी पॉक्स के टीके फ्री में लगाए जाएंगे। दूसरी ओर 138 प्रकार की दवाइयां पहले से ही नि:शुल्क मिलती थी, जो अब भी मिलेंगी।</p>
<p><strong>इनका कहना है...</strong><br />राज्य सरकार की ओर से बजट में की गई घोषणा एक अप्रेल से जिले के पशु अस्पतालों में लागू हो गई है। अब पशुओं के उपचार में पशु पालकों को एक रुपए भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। इससे पशुपालकों को काफी राहत मिलेगी।<br /><strong>- घनश्याम गुर्जर, पशुपालक</strong></p>
<p>पशुओं को गलघोंटू एवं लंगड़ा बुखार के प्रकोप से बचाने के लिए विभाग की ओर से आवश्यक तैयारियां की गई है। बरसात के दौरान यह बीमारियां फैलती हैं। इसके लिए विभाग सर्वे कर चुका है। पहले चरण में टीकाकरण का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा।<br /><strong>- महेश कुमार, नोडल अधिकारी, पशुपालन विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Apr 2023 15:25:03 +0530</pubDate>
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                <title>कागजों में घोषणा, कैसे मिटे पशुओं का मर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[ पिछले दिनों गोवंश में लंपी बीमारी का प्रकोप भी फैला था, जिससे सैंकड़ों गोवंश ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया था।  राज्य सरकार ने गत वर्ष के बजट में मोबाइल यूनिट की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक सभी जगह यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/announcement-in-papers--how-the-merge-of-animals-was-eradicated/article-35639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/kaagazo-mei-ghoshna,-kaise-mite-pashuo-ka-marj...kota-news-24.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों के पशुओं का घर पर ही उपचार करने के लिए हर उपखंड मुख्यालय पर मोबाइल यूनिट की घोषणा तो कर रखी है, लेकिन जिला मुख्यालय के अलावा कहीं पर भी यूनिट स्थापित नहीं की गई है। इससे बीमार पशुओं का समय पर उपचार नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में पशुओं को नजदीकी पशु चिकित्सालय या उप पशु चिकित्सालय पर ले जाकर उपचार करवाना पड़ रहा है। पिछले दिनों गोवंश में लंपी बीमारी का प्रकोप भी फैला था, जिससे सैंकड़ों गोवंश ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया था।  राज्य सरकार ने गत वर्ष के बजट में मोबाइल यूनिट की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक सभी जगह यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई। </p>
<p><strong>जिले में हैं करीब 6 लाख पशु </strong><br />प्रदेश में पशुओं की संख्या 5 करोड़ 80 लाख है। जबकि कोटा जिले में करीब 6 लाख पशु है। इनमें करीब 4 लाख गौवंश व भैंसवंश हैं। कोटा में केवल जिला मुख्यालय पर ही मोबाइल यूनिट उपलब्ध हैं। इसके अलावा अन्य जगह पर कोई सुविधा नहीं है। जिले के सभी उपखंडों को 8 नोडलों में विभाजित कर रखा है। पशुपालकों एवं पशु चिकित्सकों की माने तो हर उपखंड में एक मोबाइल यूनिट हो तो पशुपालक तत्काल पशुओं का इलाज करा सकते हैं। </p>
<p><strong>हर साल होती है पशुओं की मौत</strong><br />मोबाइल यूनिट के अभाव में समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण हर वर्ष बीमार होकर सैकड़ों की संख्या में पशुओं की मौत होती है। पशुओं में खुरपका-मुंहपका सहित अनेक प्रकार की बीमारियां होती रहती है, लेकिन कई चिकित्सालयों में चिकित्सक के नहीं होने से पशुओं को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। ऐसे में इन स्थानों पर मोबाइल यूनिट काफी काम आ सकती है। पशुपालक की सूचना पर मोबाइल यूनिट मौक पर जाकर बीमार पशु का उपचार करती है।</p>
<p><strong>यह होती है मोबाइल यूनिट</strong><br />पशुपालन विभाग के अनुसार पशु चिकित्सालय की एक मोबाइल यूनिट में एक पशु चिकित्सक, एक कंपाउंडर एवं एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होता है। नियमानुसार उपखंड मुख्यालय के नोडल पर पशुपालक को उसके बीमार पशुओं के इलाज के लिए कॉल करना होगा। इसके बाद मोबाइल यूनिट दवाई लेकर उसके घर पर जाएगी और बीमार पशु का इलाज करेगी।</p>
<p><strong>गति पकड़ रहा टीकाकरण अभियान</strong><br />खुरपका व मुंहपका रोग से बचाव के लिए जिले में पशुओं में टीकाकरण किया जा रहा है। अब टीकाकरण अभियान लगातार गति पकड़ता जा रहा है। जिले में अब तक 1 लाख 69 हजार पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। जिले में दो लाख पशुओं की टीकाकरण करने का लक्ष्य दिया गया है। फरवरी से मार्च माह के बीच यह रोग पशुओं में तेज गति से फैलता है। इस कारण पशुपालन विभाग की टीमें ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण करने में जुटी हुई है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />जिले में केवल जिला मुख्यालय पर ही मोबाइल यूनिट संचालित है। इसके अलावा उपखंड मुख्यालय पर मोबाइल यूनिट नहीं है। यह सही है कि हर उपखंड मुख्यालय पर मोबाइल यूनिट हो तो इसका अच्छा लाभ मिल सकता है। आगामी बजट में मोबाइल यूनिट उपलब्ध होने की संभावना है।<br /><strong>-चम्पालाल मीना, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Jan 2023 15:05:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> हाइपोक्लोराइड़ का किया छिड़काव </title>
                                    <description><![CDATA[डॉ. अवनिश शर्मा द्वारा बताया कि गोवंश में तेजी से फैल रही बीमारी लम्पी को रोकने के लिए पशुपालको को जगरूक करना बहुत ही आवश्यक है। जागरूक पशुपालक संक्रमण से अपने पशुओं को बचा सकते है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/karauli/hypochloride-spray/article-18839"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/56.jpg" alt=""></a><br /><p>करौली। वीणा मैमोरियल पशुधन सहायक प्रशिक्षण विद्यालय, पदेवा, करौली के विद्यार्थियों द्वारा कैलादेवी रोड स्थित पदेवा गांव में हाइपोक्लोराइट के घोल का छिडकाव कर पशु वाडों को निसंक्रमित किया। संस्था प्रभारी हेमेन्द्र कश्यप ने बताया कि राजस्थान में गोवंश में लम्पी नामक संक्रमक रोग तेजी से फैल रहा है। हांलांकि करौली जिला इसकी जद से अभी तक दूर है। क्षेत्र के पशु वाडों को निसंक्रमित करने के उद्देश्य से स्थानीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा हाइपोक्लोराइट के घोल का छिडकाव किया गया। संस्था के डॉ. अवनिश शर्मा द्वारा बताया कि गोवंश में तेजी से फैल रही बीमारी लम्पी को रोकने के लिए पशुपालको को जगरूक करना बहुत ही आवश्यक है। जागरूक पशुपालक संक्रमण से अपने पशुओं को बचा सकते है। विद्यार्थियों द्वारा गोपालन विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा लम्पी स्किन डिजीज की रोकथाम एवं बचाव हेतु जारी एडवाइजरी का वितरण कर ग्रामीणों को जागरूक किया। इस अवसर पर संस्थान के पशुधन सहायक मनीष चौधरी, वीरसिंह गुर्जर, भगवान सिंह जादौन सहित समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहें। संस्था प्रभारी हेमेन्द्र कश्यप ने बताया कि संस्थान द्वारा यह जागरूकता कार्यक्रम एक सप्ताह तक चलाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>करौली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Aug 2022 13:26:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मवेशियों में लंपी स्किन डिजीज के प्रकोप से पशुपालक चिंतित</title>
                                    <description><![CDATA[जीव जन्तु कल्याण परिषद गौशाला देवला में भी 62 गोवंश का टीकाकरण किया। नोडल क्षेत्र की 10 गोशालाओं में मच्छर, मक्खी एवं चिचड़े से बचाव के लिए सेपेरमेथीन दवा का छिड़काव भी शुरू करवाया जा रहा है। शनिवार को क्षेत्र के लोहरावाड़ा, झरना व दहमीकलां में 3 गोवंश लंपी रोग से ग्रसित मिली हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/veterinarian-worried-about-the-outbreak-of-lumpy-skin-disease-in/article-18275"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/q-32.jpg" alt=""></a><br /><p>बगरू। कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में मवेशियों में लंपी स्किन डिजीज का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। हालांकि पशुपालन विभाग संक्रमण की रोकथाम के प्रयास क रहा है। बगरू नोडल केंद्र के अधीन आने वाले क्षेत्र में शनिवार तक 3 नए मामलों सहित अब तक 20 मवेशी संक्रमित मिले हैं। बगरू पशु चिकित्सालय के नोडल प्रभारी डॉ. राजेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि बीमारी की रोकथाम के लिए रामदेव गोशाला में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार सैन ने निरीक्षण के बाद टीकाकरण अभियान की शुरूआत कर करीब 300 गोवंश को गोट पॉक्स का टीका लगाया। इसके अलावा जीव जन्तु कल्याण परिषद गौशाला देवला में भी 62 गोवंश का टीकाकरण किया। नोडल क्षेत्र की 10 गोशालाओं में मच्छर, मक्खी एवं चिचड़े से बचाव के लिए सेपेरमेथीन दवा का छिड़काव भी शुरू करवाया जा रहा है। शनिवार को क्षेत्र के लोहरावाड़ा, झरना व दहमीकलां में 3 गोवंश लंपी रोग से ग्रसित मिली हैं। जिसका उपचार शुरू कर दिया गया है। साथ ही पशु पालकों को संक्रमित मवेशियों को स्वस्थ पशुओं से दूर अलग बाड़े में रखने एवं अलग ही चारा, दाना पानी देने के निर्देश दिए गए है। पशुपालन विभाग की ओर से दिए जा रहे उपचार के बाद 6 गोवंश की स्थित में सुधार हुआ है। पशु चिकित्सकों की टीम गौशाला पहुंची फुलेरा में प्रदेश में पशुओं में फैल रहे लंपी स्किन डिजीज को देखते हुए मिश्र कॉलोनी स्थित श्री हरसिद्धि हनुमान गौ शाला में गौ-वंश की सुरक्षा के लिए राजकीय पशु चिकित्सालय के एलएसए सीताराम नागा व विनोद चौधरी ने गायों की जांचकर की और लंपी रोग से बचाने की जानकारी देते हुए दवाईयां उपलब्ध करवाई। नागा ने बताया कि श्री हरसिद्धि हनुमान गौ शाला में अभी तक एलएसडी लंपी रोग के लक्षण वाला कोई गौ वंश नहीं मिला, फिर भी गौ वंश को लंपी रोग से बचाने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। चिकित्सा स्टाफ ने गौ शाला के संचालक महंत त्रिलोकीदास महाराज व गौवंश की देखरेख करने वाले स्टाफ को गौ शाला में साफ सफाई रखने और दवाइयों का उपयोग करने के निर्देश दिए। फुलेरा में गौ वंश की सेवा के लिए समर्पित गौ जल सेवा परिवार संस्था अध्यक्ष अमरचंद सैनी, गौ सेवक बजरंग जोशी ने सतर्कता बरतने की अपील की। केंद्रीय पशुपालन मंत्री से की मुलाकात जोबनेर में राजस्थान गौ सेवा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर सर्किट हाउस में केंद्रीय पशुपालन मंत्री पुरषोत्तम रुपाला से मुलाकात की। जिलाध्यक्ष गोपाल घासल ने बताया कि समिति के संरक्षक हीरापुरी महाराज, संगठन मंत्री रामचंद्र नेहरा के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री को लम्पी स्कीन बीमारी के निराकरण के लिए ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया है कि बीमारी की वैक्सीन जल्द ही बनवाने के साथ ही प्रदेश में इससे प्रभावित गोवंश का अलग सेन्टर बनाया जाए। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने जल्द ही निराकरण का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जयपुर शहर सांसद रामचरण बोहरा, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, भाजपा प्रदेश मंत्री मुकेश दाधीच, जयपुर प्रभारी महेंद्र सिंह सहित समिति के लोग मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Aug 2022 14:35:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जिला कलक्टर कलाल ने किया गौशाला का निरीक्षण, जानी लम्पी स्किन रोग की स्थिति</title>
                                    <description><![CDATA[ बीकानेर। जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने गाढ़वाला स्थित सोहनलाल बूला देवी ओझा गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने गौशाला में लंपी स्किन डिजीज से ग्रसित गायों के लिए अलग से बनाए गए बाड़े का अवलोकन किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bikaner/bikaner-district-collector-kalal-inspected-gaushala-know-the-condition-of-lumpy/article-18040"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/04.jpg" alt=""></a><br /><p>बीकानेर। जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने गाढ़वाला स्थित सोहनलाल बूला देवी ओझा गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने गौशाला में लंपी स्किन डिजीज से ग्रसित गायों के लिए अलग से बनाए गए बाड़े का अवलोकन किया। जिला कलेक्टर ने दवाइयों की उपलब्धता एवं रोग ग्रस्त पशुओं की स्थिति की जानकारी ली। कलक्टर ने कहा कि लंपी स्कीन डिजीज के मद्देनजर गौशालाओं में पूर्ण सावधानी रखी जाए। उन्होंने बताया कि राजीविका की पशु सखियों, कृषि पर्यवेक्षकों और सहायक कृषि अधिकारियों के माध्यम से लंपी स्कीन के लक्षण, बचाव के उपाय तथा दुष्प्रभावों के बारे में गांव-गांव में जानकारी दी जा रही है। प्रत्येक उपखंड अधिकारी को क्षेत्र में प्रभारी नियुक्त किया गया है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों को सभी गौशालाओं का निरीक्षण तथा नॉर्म्स के अनुसार सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि जिला, उपखण्ड और तहसील स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। पशुपालक किसी भी प्रकार की जानकारी तथा मार्गदर्शन के लिए नियंत्रण कक्ष में संपर्क कर सकता है।  ''''<br /><br /><strong>वेटरनरी विवि में रोग के निंयत्रण के प्रयास जारी</strong><br />राज्य में फैल रहे लम्पी वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं निंयत्रण के लिए वेटरनरी विश्वविद्यालय बीकानेर ने प्रयास तेज किए हैं। कुलपति प्रो. सतीश कुमार गर्ग ने बताया कि विश्वविद्यालय पशु चिकित्सकों की टीम बनाकर संक्रमण ग्रस्त पशुओं में सैम्पलिंग एवं इसकी रोकथाम के लिए प्रयास करेगा। साथ ही महाविद्यालयों के इर्न्टनसिप एवं पी.जी छात्रों की टीमें बनाकर जिले की गौशालाओं में संक्रमण की स्थिति को निंयत्रण करने का प्रयास भी किया जायेगा।  <br /><br /><strong>ऊर्जा मंत्री ने की सीएम से चर्चा</strong><br />ऊर्जा मंत्री भवर सिंह भाटी ने बीकानेर जिले में पशुओं में तेजी से बढ़ रहे लम्पी रोग संक्रमण पर नियंत्रण सीएम गहलोत व एवं पशुपालन विभाग मंत्री से चर्चा की। भाटी ने क्षेत्र में तत्काल अतिरिक्त पशु चिकित्सा अधिकारी, दवाईयां  वैक्सीन आदि उपलब्ध करवाने की आवश्यकता जताई है। भाटी ने अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीकोलायत में आवश्यक पशु दवाईयों एवं वैक्सीन की तत्काल एवं पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के लिए अपने विधायक निधि कोष से 12.50 लाख रुपये जारी करने के स्वीकृति भी प्रदान की है। जिला प्रशासन एवं संयुक्त निदेशक पशु चिकित्सा बीकानेर को भी उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में तत्काल पशु चिकित्सक मय पर्याप्त दवाइयां, वैक्सीन सहित मोबाइल टीमें भेजे जाने के लिए निर्देशित किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बीकानेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Aug 2022 14:16:56 +0530</pubDate>
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