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                <title>disaster management - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>रक्षा बल विजन-2047 में रासायनिक: जैविक और परमाणु खतरों को गंभीर चुनौती बताया; भविष्य के युद्धों के प्रति भारत बना रहा रणनीति, नए खतरों से निपटने के लिए एकीकृत सुरक्षा प्रणाली तैयार करने का खाका बनाया</title>
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                        <![CDATA[बदलते वैश्विक युद्ध तंत्र को देखते हुए भारत ने विज़न-2047 के तहत सीबीआरएन (CBRN) खतरों से निपटने की रणनीति बनाई है। इसके तहत परमाणु, रासायनिक और जैविक हमलों से बचाव के लिए एकीकृत सुरक्षा प्रणाली और आधुनिक डिटेक्शन सिस्टम तैनात किए जाएंगे। तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और स्वदेशी तकनीक के माध्यम से सामूहिक विनाश के खतरों को विफल किया जाएगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-defense-force-vision-2047-chemical-biological-and-nuclear-threats/article-146547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh-3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने दुनिया भर के रणनीतिक विशेषज्ञों को युद्ध के तौर तरीकों पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। बदलते वैश्विक हालात और भविष्य के युद्ध के खतरों को देखते हुए भारत ने सुरक्षा रणनीति को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हाल में पेश रक्षा बल विजन-2047 दस्तावेज में रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु यानी सीबीआरएन खतरों को गंभीर चुनौती बताया गया है। इस दस्तावेज में ऐसे हमलों से बचाव के लिए आधुनिक और एकीकृत सुरक्षा प्रणाली तैयार करने का खाका पेश किया गया है।</p>
<p>इसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी बड़े हमले की स्थिति में सेना और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया को तेज और प्रभावी बनाना है। विजन दस्तावेज के अनुसार अब युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रह गया है। आधुनिक समय में सामूहिक विनाश के हथियारों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। खासकर जैविक खतरों को बड़ी चुनौती माना गया है क्योंकि ये अक्सर अदृश्य तरीके से फैलते हैं और इन्हें पहचानना मुश्किल होता है। इसलिए इन खतरों की पहचान, रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए नई तकनीकों और व्यवस्थाओं को विकसित करने की जरूरत बताई गई है।</p>
<p><strong>रासायनिक और जैविक खतरों से निपटने का फार्मूला</strong></p>
<p>इस समय सेना के पास कोर ऑफ इंजीनियर्स के तहत विशेष दस्ता है जो रासायनिक और जैविक खतरों से निपटने का काम करता है। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की टीमें नागरिक सुरक्षा के लिए तैनात रहती हैं। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ भी इन खतरों से बचाव के लिए नई तकनीक और उपकरण विकसित कर रहा है। पिछले वर्ष सेना ने 223 आॅटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम खरीदे हैं। यह सिस्टम वास्तविक समय में खतरनाक रसायनों का पता लगाने में सक्षम है। इसके अलावा स्वदेशी मोबाइल डिकंटेमिनेशन सिस्टम भी तैयार किए गए हैं। इन उपकरणों का इस्तेमाल किसी रासायनिक या जैविक हमले के बाद प्रभावित इलाके को सुरक्षित बनाने के लिए किया जाएगा।</p>
<p><strong>सभी एजेंसियां मिलकर तेजी से कार्रवाई करेंगी</strong></p>
<p>रक्षा बल विजन-2047 का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है। फिलहाल कई एजेंसियां अलग-अलग उपकरण और प्रक्रियाओं के साथ काम करती हैं। इससे संकट के समय प्रतिक्रिया में देरी हो सकती है। नई योजना के तहत एकीकृत सुरक्षा प्रणाली तैयार की जाएगी ताकि हमले की स्थिति में सभी एजेंसियां मिलकर तेजी से कार्रवाई कर सकें।</p>
<p><strong>सुरक्षा उपकरणों की खरीद को मानकीकृत करेंगे</strong></p>
<p>नई नीति के तहत तीनों सेनाओं के लिए सुरक्षा उपकरणों की खरीद को मानकीकृत किया जाएगा। यानी एक ही तकनीकी मानकों वाले उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्रक्रिया को भी एक समान बनाया जाएगा। इससे हमले की स्थिति में हर यूनिट की प्रतिक्रिया सटीक और समन्वित होगी।</p>
<p><strong>घायल सैनिकों के प्रबंधन के लिए क्या योजना है?</strong></p>
<p>विजन-2047 में हताहत प्रबंधन की नीति भी तैयार करने की बात कही गई है। इसके तहत हमले की स्थिति में घायल सैनिकों के उपचार और उनके शरीर से विकिरण या रासायनिक प्रभाव हटाने की प्रक्रिया को मानकीकृत किया जाएगा। इससे संकट के समय उपचार तेज और प्रभावी हो सकेगा और सैनिकों की सुरक्षा बेहतर होगी। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 11:15:24 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>रूस के सोची शहर में 4.5 तीव्रता का भूकंप, जानमाल की कोई हानि नहीं</title>
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                        <![CDATA[रूस के तटीय शहर सोची में शुक्रवार तड़के रिक्टर पैमाने पर 4.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। मेयर आंद्रेई प्रोशुनिन के अनुसार, भूकंप का केंद्र समुद्र में था। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुँचा और न ही कोई जनहानि हुई। प्रशासन फिलहाल स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/45-magnitude-earthquake-in-sochi-city-of-russia-no-loss/article-145539"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/earthquake-.jpg" alt=""></a><br /><p>सोची। रूस में काला सागर के तट पर स्थित शहर सोची में शुक्रवार तड़के 4.5 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। हालांकि स्थानीय प्रशासन के अनुसार इस भूकंप से किसी तरह के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।</p>
<p>शहर के मेयर आंद्रेई प्रोशुनिन ने बताया कि भूकंप के झटके सुबह महसूस किए गए। उन्होंने अपने टेलीग्राम संदेश में कहा, रिक्टर पैमाने पर 4.5 तीव्रता का भूकंप आज सुबह सोची में आया। किसी भी बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा है और आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र को किसी घटना की रिपोर्ट नहीं मिली है।</p>
<p>बाद में जारी अद्यतन जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र समुद्र में स्थित था और उसकी संशोधित तीव्रता 4.1 दर्ज की गई। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, हालांकि फिलहाल किसी प्रकार के खतरे या नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 18:13:44 +0530</pubDate>
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                <title>महाराष्ट्र के नागपुर में भीषण हादसा: एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में विस्फोट से 15 लोगों की मौत, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
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                        <![CDATA[नागपुर के कटोल में एक विस्फोटक फैक्ट्री में रविवार को हुए भयानक धमाके ने 15 जिंदगियां लील लीं, जिनमें अधिकांश महिलाएं थीं। विस्फोट इतना तीव्र था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर तक सुनी गई। प्रशासन और वैज्ञानिक जांच टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की देखरेख में हादसे के तकनीकी कारणों की जांच जारी है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/horrific-accident-in-nagpur-maharashtra-15-people-died-due-to/article-145027"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/maharashtra-blast.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र में नागपुर जिले के कटोल में रविवार को एक एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह विस्फोटक सामग्री बनाने वाली फैक्ट्री थी और पीड़ितों में ज्यादातर महिलाएं हैं। घटना की जानकारी मिलते ही नागपुर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गये और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।  </p>
<p>पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल ने कहा कि बचाव ऑपरेशन जारी है और विशेषज्ञ मौके पर हैं। इस घटना में कुल कितने लोग मारे गये हैं उनकी सही संख्या अभी की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। मौके पर मौजूद पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के तहत जांच शुरू कर दी गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा, हम सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तकनीकी और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित कर रहे हैं और पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।यह धमाका इतना भीषण था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। कटोल से विधायक चरणसिंह ठाकुर मौके पर पहुंच गये है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 12:22:48 +0530</pubDate>
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                <title>नौनेरा डेम क्षेत्र में मकानों की सुरक्षा हेतु सेफ्टी वॉल का निर्माण, नाले का डायवर्जन</title>
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                        <![CDATA[जयपुर में नौनेरा डेम के जलस्तर से सुरक्षा हेतु ग्राम बड़ौद में सेफ्टी वॉल और नाला डायवर्जन बनाया गया। तकनीकी खामियां दुरुस्त, आगे पिचिंग कार्य प्रस्तावित।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/construction-of-safety-wall-for-protection-of-houses-in-naunera/article-141777"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नौनेरा डेम की भराव क्षमता को देखते हुए जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किनारे स्थित मकानों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम बड़ौद में सेफ्टी वॉल का निर्माण कराया गया है। इस कार्य के लिए मैसर्स चम्बल कंस्ट्रक्शन, कोटा को कार्यादेश जारी किया गया था। निर्माण कार्य पूर्ण होने पर करीब 1 करोड़ 63 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है।</p>
<p>ग्रामीण आबादी की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सेफ्टी वॉल के साथ-साथ प्राकृतिक नाले के डायवर्जन चैनल का निर्माण भी कराया गया है, ताकि वर्षा जल का बहाव नियंत्रित रहे और बस्तियों की ओर पानी का दबाव कम हो। निर्माण के दौरान तेज बारिश के कारण नाले में किए गए अर्थवर्क की फिलिंग मिट्टी में कुछ स्थानों पर रेन कट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। साथ ही सेफ्टी वॉल में दो स्थानों पर जॉइंट भी खुल गए थे। इन तकनीकी खामियों को संवेदक द्वारा अपने खर्च पर ठीक करवा दिया गया है। कटाव की स्थायी रोकथाम के लिए पिचिंग कार्य की आवश्यकता चिन्हित की गई है, हालांकि यह कार्य स्वीकृत एस्टीमेट में शामिल नहीं था। इसके लिए स्टिलिंग बेसिन अरेंजमेंट कार्य की निविदा प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 16:46:13 +0530</pubDate>
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                <title>श्रीलंका में भारी बारिश का अनुमान, मौसम विभाग ने दी मछुआरों को समुद्र से लौटने की सलाह</title>
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                        <![CDATA[श्रीलंका मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मछुआरों को समुद्र से लौटने की सलाह दी गई है और नदियों के जलस्तर बढ़ने की चेतावनी है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/heavy-rain-forecast-in-sri-lanka-meteorological-department-advises-fishermen/article-138895"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/sri-lanka-rain.png" alt=""></a><br /><p>कोलंबो। श्रीलंका मौसम विभाग ने गुरुवार को समुद्र में मौजूद मछुआरों को तुरंत वापस लौटने या सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेने का आग्रह किया है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक 'गहरा दबाव' शुक्रवार को देश को प्रभावित कर सकता है जिससे भारी भारिश की चेतावनी दी गयी है।</p>
<p>मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले आदेश तक समुद्र में न जाने की सलाह भी दी है। मौसम विभाग का कहना है कि पिछले साल आए चक्रवात 'दित्वा' से प्रभावित हुए कई जिलों में 100 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को इसके लिए तैयार रहने को कहा है।</p>
<p>इस बीच, सिंचाई विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि देश में भारी बारिश होती है, तो नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। पूर्वानुमान के अनुसार, कई जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 16:11:02 +0530</pubDate>
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                <title>महाराष्ट्र के हिंगोली में भूकंप के झटके, जानमाल का कोई नुकसान नहीं</title>
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                        <![CDATA[महाराष्ट्र के हिंगोली में मंगलवार सुबह 5:55 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई, जिसका केंद्र वसमत तालुका का पांगरा शिंदे गांव था। हालांकि, किसी भी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन स्थानीय निवासी दहशत में हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/earthquake-tremors-in-hingoli-maharashtra-no-loss-of-life-or/article-137757"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/earthquake-1.jpg" alt=""></a><br /><p>हिंगोली। महाराष्ट्र के हिंगोली के कुछ हिस्सों में मंगलवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किये गये। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गयी। भूकंप के झटकों से लोगों में घबराहट फैल गई। हालांकि, जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भूकंप के झटके सुबह महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र वसमत तालुका के पांगरा शिंदे गांव के पास था, जिसके झटके घटनास्थल के लगभग 10 किमी के दायरे तक महसूस किए गए।</p>
<p>नवीनतम घटना से पहले 11 और 17 दिसंबर को औंधा और कलमपुरी तालुकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस भूकंप के झटके औंधा नागनाथ तालुका के कई गांवों में भी महसूस किए गए, जिनमें पिपलदरी, नंदपुर, दांडेगांव और रामेश्वर टांडा शामिल हैं। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, राहत की बात है कि जिले में कहीं से भी किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है। उन्होंने लोगों से भूकंप से बचाव के सुरक्षा उपायों का पालन करने का आग्रह किया।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 14:33:36 +0530</pubDate>
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                <title>श्रीलंका पर मंडरया साइक्लोन 'दितवाह' का खतरा: अब तक 56 लोगों की मौत, भारत के इन राज्यों में अलर्ट </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[साइक्लोन ‘दितवाह’ ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई, अब तक 46 लोगों की मौत और 23 लापता हैं। 300 मिमी से अधिक बारिश से कई इलाके जलमग्न हो गए और भूस्खलन की घटनाएँ बढ़ीं। 43,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर शिफ्ट किया गया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/danger-of-cyclone-ditvah-looms-over-sri-lanka-46-people/article-133922"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/cyclone.png" alt=""></a><br /><p>श्रीलंका। चक्रवाती तूफान 'दितवाने' श्रीलंका में भीषण तबाही मचाई है तथा अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 21 लोग लापता और 14 घायल हुए हैं। आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार चक्रवाती तूफान से करीब 50 हजार लोग प्रभावित हुए हैं।  श्रीलंका में साइक्लोन 'दितवाह' ने भारी तबाही मचा रही है और अब ये भारत को डरा रहा है। बताया जा रहा है कि, साइक्लोन 'दितवाह' धीरे धीरे भारत की ओर बढ़ रहा है, जिससे तटीय क्षेत्र में खतरा मंडरा रहा है। बता दें कि, साइक्लोन 'दितवाह' से श्रीलंका में अब तक 46 लोग अपनी जान गवां चुके हैं और करीब 23 से ज्यादा लोग लापता है जिनकी तलाशी की जा रही है। बता दें कि, लापता लोगों के लिए रेस्क्यू टीम राहत-बचाव के काम में लगी हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा कि, भारत के तटीय क्षेत्रों के लिए आने वाले 12 घंटो काफी अहम है।</p>
<p>बता दें कि, श्रीलंका में साइक्लोन 'दितवाह' के कारण पिछले 24 घंटों में करीब 300एमएम से ज्यादा मूसलाधार बारिश हुई जिसके कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं और लैडस्लाइड की भी घटनाएं सामने आ रही है। डीएमसी ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि, साइक्लोन 'दितवाह' को देखते हुए देश में करीब 43,991 लोगों को स्कूलों और दूसरे पब्लिक शेल्टर होम में सुरक्षित पहुंचा दिया गया है, जहां उनकी खाने पीने और रहने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा अग्रीम आदेशों तक सभी स्कूलों और कॉलोंजों को बंद भी कर दिया गया है और ट्रेनों की सर्विस को भी रोक दिया गया है।</p>
<p>इसके साथ ही, पोर्ट्स और सिविल एविएशन मिनिस्टर अनुरा करुणाथिलके ने जानकारी देते हुए कहा कि, अगर देश में हालात ज्यादा ही बिगड़ते हैं तो हम मेन एयरपोर्ट से फ्लाइट्स को साउथ इंडिया के त्रिवेंद्रम या कोचीन एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर देंगे। मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए बताया है कि, साइक्लोन 'दितवाह' श्रीलंका के बाद भारत में भी तबाही मचाने के लिए पूरी तरह से तैयार है और इसको लेकर प्री साइक्लोन अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग ने, साइक्लोन 'दितवाह' के खतरे को देखते हुए उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी, दक्षिण आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल के तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है और इसके साथ ही इन क्षेत्रों के मछुआरों को भी अलर्ट किया है, ताकि वो मछली पकड़ने के लिए समुंद्र में ना उतरें। </p>
<p>देश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों में अत्यधिक बारिश हुई है। कई इलाकों में बारिश की मात्रा 200 से 300 मिलीमीटर दर्ज की गयी है।<br />तेज मौसम के चलते रेल विभाग ने शुक्रवार सुबह सभी रेल सेवाएं निलंबित कर दीं। कई क्षेत्रों में सड़कें पेड़ गिरने और जलभराव के कारण अवरुद्ध हैं। तेज बारिश और पेड़ों के गिरने से बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई इलाके पूरी तरह अंधेरे में डूबे हुए हैं। कोलंबो के कई मुख्य मार्गों में आवागमन बाधित है। सेना की 20,500 से अधिक टुकड़यिां राहत और बचाव कार्यों में लगा दी गई हैं। बीते 24 घंटों में करीब 3,790 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सभी पुलिस अधिकारियों की छुट्टियां 30 नवंबर तक रद्द कर दी गई हैं।</p>
<p>खराब मौसम के कारण भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बीती रात से अब तक 15 उड़ानों को तिरुवनंतपुरम और कोचिन की ओर मोड़ा गया। श्रीलंकन एयरलाइंस ने यात्रियों से उड़ान प्रस्थान की स्थिति पहले ही जांचने की अपील की है। श्रीलंका सरकार ने कोलंबो में तैनात भारतीय युद्धपोत से भी सहायता मांगी है। </p>
<p>सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 1.2 अरब रुपये की धनराशि जारी की है और जरूरत पडऩे पर अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। आर. प्रेमदासा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को आपात राहत केंद्र घोषित किया गया है, जहां आवश्यकता पडऩे पर तीन हजार लोगों को ठहराया जा सकेगा। पुलिस ने आपदा संबंधी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। सरकार पर्यटन प्राधिकरण से विदेशी पर्यटकों को आवश्यक सेवाएं तत्परता से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सरकार शाम को प्रधानमंत्री हरिनी अमरासूरिया की अध्यक्षता में बैठक कर अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील पर निर्णय लेगी।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Nov 2025 16:59:59 +0530</pubDate>
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                <title>शहर से ग्रामीण इलाकों तक योजनाबद्ध रूप से किया जा रहा है आपदा प्रबंधन : डॉ. सोनी</title>
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                        <![CDATA[बारिश के दौरान नगर निगम जयपुर हेरिटेज को बाढ़ नियंत्रण केंद्रों और कार्यालयों पर कुल 330 शिकायतें प्राप्त हुईं।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/disaster-management-dr-sony-is-being-planned-from-city-to/article-125892"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/021351.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। लगातार बारिश से कई क्षेत्रों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश के प्रभावित लोगों को समय पर आवश्यक सुविधा प्रदान करने के लिए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और अधिकारियों को आवश्यक रूप से फील्ड में रहकर आपदा प्रबंधन के निर्देश दिए।  जिला कलक्टर डॉ. सोनी के निर्देश के बाद नगर निगम जयपुर हेरिटेज, जयपुर ग्रेटर, जेडीए, नागरिक सुरक्षा और एसडीआरएफ  जैसी सभी इकाइयों को समन्वित कर प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई की और मिशन मोड में प्रभावितों तक राहत पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्याें में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>जिला कलक्टर के निर्देश के बाद उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और राजस्व अधिकारी फील्ड में जाकर स्थिति का आकलन कर रहे हैं और मौके पर ही आवश्यक कदम उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को राशन किट और फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। अतिवृष्टि से प्रभावित कोटखावदा क्षेत्र में अग्रिम आदेश तक अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी की विशेष तैनाती की गई है जिससे राहत कायार्ें की गति और तेज हो सके। बारिश के चलते खराब हुई फसल का आंकलन करने के लिए गांव-गांव सर्वे भी कराया जा रहा है जिससे प्रभावित किसानों को जल्द राहत दिलवाई जा सके।</p>
<p><strong>तीन दिन में प्राप्त हुई शिकायत</strong><br />बारिश के दौरान नगर निगम जयपुर हेरिटेज को बाढ़ नियंत्रण केंद्रों और कार्यालयों पर कुल 330 शिकायतें प्राप्त हुईं। इसमें जलभराव एवं मिट्टी कटाव रोकने के लिए 19,800 मिट्टी के कट्टों का उपयोग किया गया, 15 पंप लगाए गए, जबकि जवाहर नगर कच्ची बस्ती में तीन अतिरिक्त पंप स्थापित किए गए। इसके साथ ही 3,100 फीट सड़क मरम्मत और 180 नालों व मैनहोल पर कवर लगाए गए। विद्युत संबंधी 450 शिकायतों में से 280 का निस्तारण तत्काल किया गया। निगम ग्रेटर में कुल 339 शिकायतें एवं जेडीए में कुल 196 शिकायतें प्राप्त हुईं।  इनका तत्काल निवारण किया जा रहा है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/disaster-management-dr-sony-is-being-planned-from-city-to/article-125892</link>
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                <pubDate>Fri, 05 Sep 2025 13:29:16 +0530</pubDate>
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                <title>Heat Wave से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन ने जारी की एडवाइजरी</title>
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                        <![CDATA[हीटवेव की अर्ली वार्निंग डिसेमेनिशन को पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों से कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/disaster-management-issued-advisory-to-prevent-heat-wave/article-79251"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/heatwave.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में भीषण गर्मी और हीटवेव से बचाव और जरूरी व्यवस्थाओं के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी के अनुसार जिला कलक्टरों और सभी विभागों को जरूरी उपकरण और दवा उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है। एडवाइजरी का मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जाएगा।</p>
<p>एडवाइजरी के अनुसार जिलों में चिकित्सा विभाग से समन्वय करते हुए हीट स्ट्रोक उपचार के लिए जरूरी उपकरणों और दवाईयों, तरल पेय पदार्थ, बर्फ आदि की उपलब्धता तय हो। चिन्हित सरकारी अस्पतालों, डिस्पेंसरी, मेडिकल कॉलेजों में डेडीकेटेड वार्डों और एम्बुलेंसों में दवा, उपकरण, डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ उपलब्धता हो। हीटवेव की अर्ली वार्निंग डिसेमेनिशन को पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों से कनेक्टिविटी पहुंचाई जाएगी। किसी जगह पर भीड इकट्ठा होने पर संबंधित नजदीकी हेल्थ सेंटर को अलर्ट रखा जाए। धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर पीने का पानी,छाया आदि व्यवस्थाएं होनी चाहिए। जनता से जुड़े सरकारी विभागों और भामाशाहों को प्रेरित करते हुए सार्वजनिक एवं पर्यटन स्थलों, मुख्य ट्रेफिक सिग्नलों, बस स्टैण्ड आदि पर पीने का पानी,ओआरएस पैकेट, छाया व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नरेगा श्रमिकों को हीटवेव समय में काम के समय में बदलाव की व्यवस्था हो। निर्माण क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्रों और वाणिज्यिक संस्थान परिसरों में हीटवेव संबंधी बीमारियों के संबंध में ट्रेनिंग दी जाए। पशुधन के लिए चारे पानी और जरूरी दवाईयों की व्यवस्था की जाए। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 May 2024 09:39:15 +0530</pubDate>
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                <title>रेस्क्यू टीमों ने की आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल</title>
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                        <![CDATA[मानसून सत्र शुरू होने के साथ ही कोटा जिले में आने वाली बाढ़ की संभावना को देखते हुए रेस्क्यू टीमों ने बुधवार को राहत और बचाव कार्य की मॉक ड्रिल की। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rescue-teams-did-mock-drill-of-disaster-management/article-13743"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ndrf.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। मानसून सत्र शुरू होने के साथ ही कोटा जिले में आने वाली बाढ़ की संभावना को देखते हुए रेस्क्यू टीमों ने बुधवार को राहत और बचाव कार्य की मॉक ड्रिल की। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ ,सिविल डिफेंस और नगर निगम की टीम ने संयुक्त रूप से नयापुरा स्थित किशोर सागर तालाब में मॉक ड्रिल की। इस दौरान प्रेम नगर गांव में बाढ़ का दृश्य बनाया गया जिसमें 17 से 18 लोगों को भेजकर उन्हें बाढ़ से बचाने का रेस्क्यू किया गया । सभी विभागों की टीमों ने आपसी समन्वय के साथ किस तरह से काम किया जाए जिससे लोगों को अधिक से अधिक सुरक्षित किया जा सके और नुकसान को कम से कम किया जा सके ।<br /><br />अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर बृजमोहन बैरवा ने बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नगर निगम और सिविल डिफेंस की टीमों ने संयुक्त रूप से एक रेस्क्यू का मॉक ड्रिल किया है।<br /> जिससे मानसून सत्र में आने वाली बाढ़ से होने वाले खतरे को कम से कम किया जा सके इसका अभ्यास किया गया ।<br />उन्होंने बताया कि इस दौरान सभी विभागों के रेस्क्यू संसाधनों का भी ट्रायल किया गया । जिसमें देखा गया कि संसाधन पूरी तरह से काम कर रहे हैं या नहीं । नाव ,लाइफ जैकेट ,रस्सी सभी संसाधनों की जांच की गई । जिसमें सभी उपकरण व संसाधन सही पाए गए । उन्होंने बताया कि 3 साल पहले 2019 में कोटा जिले में आई बाढ़ से काफी नुकसान हुआ था और लोगों का सामान भी बह गया था। वहीं 2021 में सांगोद और इटावा क्षेत्र में भी बाढ़ के हालात बने थे । जिसमें काफी लोगों को नुकसान हुआ था । इस साल मानसून के सत्र में इस तरह की स्थिति में हालात नहीं बने । यदि हालात बनते हैं तो उनमें किस तरह से लैस किया जा सके इसका अभ्यास लगातार किया जाता रहा है।<br /><br /></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Jul 2022 15:41:35 +0530</pubDate>
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