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                <title>disaster management - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>disaster management RSS Feed</description>
                
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                <title>भूकंप के झटकों से कांपी लद्दाख की धरती: पहले 5.5 और फिर 4.3 रही तीव्रता, जान-माल का नुकसान नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख और आसपास के इलाकों में गुरुवार सुबह चार घंटे के भीतर दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। पहला झटका 5.5 और दूसरा 4.3 तीव्रता का मापा गया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-land-of-ladakh-trembled-due-to-the-earthquake-the/article-162845"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/earthquake-2.jpg" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख में गुरुवार सुबह चार घंटे के भीतर भूकंप के दो बार झटके महसूस किये गये। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.5 और 4.3 मापी गयी। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का पहला झटका सुबह 6:05 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.5 मापी गई। भूकंप का केन्द्र लेह-लद्दाख क्षेत्र में 36.881 डिग्री उत्तरी अक्षांश तथा 74.402 डिग्री पूर्वी देशांतर तथा जमीनी सतह से 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।</p>
<p>इसके लगभग चार घंटे बाद, पूर्वाह्न 9:54 बजे दूसरा झटका महसूस किया गया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गयी। इन दोनों  भूकंपों के झटके कश्मीर और लद्दाख के विभिन्न इलाकों में महसूस किए गए। फिलहाल इस घटना में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान या हताहत होने की कोई खबर नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:36:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जिम्बाब्वे में भीषण हादसा: करिबा झील में नाव डूबने से 15 यात्रियों की मौत, कई लापता; राहत एवं बचाव कार्य शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[जिम्बाब्वे की करिबा झील में यात्रियों से भरी एक नाव तेज लहरों की चपेट में आकर पलट गई, जिससे कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और कई लापता हैं। ओवरलोडिंग को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। बचाव दल ने 77 यात्रियों को सुरक्षित निकाला है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/horrific-accident-in-zimbabwe-15-passengers-dead-many-missing-as/article-162762"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)12.png" alt=""></a><br /><p>हरारे। जिम्बाब्वे की प्रसिद्ध करिबा झील में यात्रियों से भरी एक नाव के दुर्घटनाग्रस्त होकर पलटने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री लापता हैं। स्थानीय प्रशासन ने घटना के तुरंत बाद बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। यह दर्दनाक हादसा मंगलवार को उस समय हुआ जब नाव तेज लहरों की चपेट में आ गई और अनियंत्रित होकर पानी में पलट गई। </p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, क्षमता से अधिक यात्रियों के सवार होने को इस हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। नाव की क्षमता लगभग 90 यात्रियों की थी लेकिन पंजीकृत टिकट बिक्री के अनुसार उस पर 114 वयस्क और चालक दल के पांच सदस्य सवार थे। इसके अलावा नाव में कई ऐसे बच्चे भी शामिल थे, जिनकी कोई टिकट नहीं ली गयी थी। कुछ मीडिया रिपोर्टों में नाव पर कुल 160 से भी अधिक लोग सवार होने की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>बचाव दल ने अब तक 77 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल कर उन्हें झील के एक पास के द्वीप पर पहुंचाया है, जबकि 15 शवों को बरामद कर शवगृह भेज दिया गया है। लापता लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों की मदद से खोज अभियान लगातार जारी है। स्थानीय नागरिक करिबा शहर तक पहुंचने के लिए नियमित रूप से इस पांच घंटे लंबी जल-यात्रा का सहारा लेते हैं। जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित करिबा झील दुनिया के सबसे बड़े मानव निर्मित जलाशयों में से एक है, जो परिवहन और जलविद्युत आपूर्ति का मुख्य स्रोत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 16:17:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई में भीषण हादसा: भूस्खलन से 2 लोगों की मौत, 2 अन्य घायल; कई के मलबे में दबे होने की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई के कुर्ला वेस्ट स्थित चिराग नगर में बुधवार तड़के भीषण भूस्खलन होने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और दो घायल हो गए। मलबे में 6 से 8 अन्य लोगों के दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और बीएमसी की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/horrific-accident-in-mumbai-2-people-died-due-to-landslide/article-162717"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/mumbai.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। मुंबई के कुर्ला वेस्ट स्थित चिराग नगर में बुधवार तड़के हुए भीषण भूस्खलन में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में अभी भी 6 से 8 लोगों के दबे होने की आशंका है। गौशिया चाल में राठौड़ मेडिकल के पास हुए इस हादसे की सूचना मुंबई फायर ब्रिगेड को सुबह करीब 3:48 बजे मिली, जब पहाड़ी का मलबा चाल के दो-तीन कमरों पर आ गिरा। घटना की गंभीरता को देखते हुए सुबह 4:32 बजे इसे 'स्तर-2' का आपातकाल घोषित किया गया।</p>
<p>मृतकों की पहचान साहिल अंसारी (28) और मोहम्मद समीर (14) के रूप में हुई है। दोनों को राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायलों में सोहेल अंसारी (18)और मोहम्मद अंसारी (14) शामिल हैं। दोनों को इलाज के लिए कुर्ला भाभा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), मुंबई फायर ब्रिगेड और बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं।</p>
<p>घटनास्थल पर बीएमसी के करीब 50 मजदूरों को तैनात किया गया है। फायर ब्रिगेड ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फायर टेंडर, रेस्क्यू व्हीकल, वाटर टैंकर और विशेष बचाव उपकरणों को मौके पर तैनात किया है। इसके अलावा पुलिस बल, 108 एम्बुलेंस सेवा और बीएमसी वार्ड के कर्मचारी भी बचाव कार्य और भीड़ नियंत्रण में सहयोग कर रहे हैं। मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े और अतिरिक्त नगर आयुक्त (पूर्वी उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकने ने घटनास्थल का दौरा कर जारी बचाव कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि मलबे को सावधानीपूर्वक हटाने और जीवित बचे लोगों की तलाश के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। राहत और बचाव कार्य अभी जारी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 13:23:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>असम बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आया नोएडा: कालीबाड़ी समिति ने भेजीं 300 साड़ियां और शॉल, राहत अभियान तेज</title>
                                    <description><![CDATA[नोएडा सेक्टर-26 स्थित कालीबाड़ी समिति ने सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए असम के बाढ़ पीड़ितों के लिए शॉल और साड़ियां भेजी हैं। असम सरकार और आपदा प्रबंधन के समन्वय से चल रहे इस अभियान में एयर इंडिया एक्सप्रेस कार्गो मुफ्त परिवहन सुविधा दे रहा है। स्वयंसेवकों के सहयोग से सामग्री जल्द वितरित की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/noida-came-forward-to-help-assam-flood-victims-kalibari-committee/article-161813"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/assam.png" alt=""></a><br /><p>नोएडा। उत्तर प्रदेश में नोएडा सेक्टर-26 स्थित सोसाइटी में नोएडा कालीबाड़ी समिति द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भावना का परिचय देते हुए असम के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 300 साड़ियाँ एवं शॉल भेजने की व्यवस्था की है। यह राहत अभियान असम भवन के रेज़िडेंट कमिश्नर तथा असम सरकार के आपदा प्रबंधन दल, दिसपुर के समन्वय से संचालित किया जा रहा है। नोएडा काली बाड़ी मंदिर समिति के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सोमवार को जानकारी साझा की गई। उन्होंने बताया कि,नोएडा कालीबाड़ी समिति द्वारा असम भेजी जाने वाली साड़ियों की पैकिंग में अपना बहुमूल्य समय और सेवा दी। स्वयंसेवकों की निस्वार्थ भागीदारी और समर्पण ने इस मानवीय अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p>इस राहत सामग्री के प्रेषण के लिए असम सरकार द्वारा आवश्यक सभी औपचारिकताएँ और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके बाद राहत सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों के माध्यम से असम भेजा जाएगा। इस अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह भी है कि एयर इंडिया एक्सप्रेस कार्गो ने राहत सामग्री के परिवहन के लिए अपनी निःशुल्क कार्गो सेवा उपलब्ध कराने पर सहमति दी है। राहत सामग्री को असम सरकार द्वारा नामित प्राधिकरण को सौंपा जाएगा, जो इसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँचाने तथा वास्तविक जरूरतमंद लाभार्थियों में वितरित कराने की व्यवस्था करेगा।</p>
<p>इसके साथ ही कालीबाड़ी प्रबंधन ने उन स्वयंसेवकों का भी विशेष धन्यवाद किया, जिन्होंने आगामी 15 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर के वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए आयोजित वितरण अभियान हेतु राहत सामग्री की पैकिंग में सक्रिय सहयोग दिया। संस्था ने अपने संदेश में कहा कि समाज की सेवा और जरूरतमंदों की सहायता ही उनकी प्राथमिकता है। सभी सदस्यों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों द्वारा दिखाई गई 'सेवा (एसईवीए) की भावना इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है। नोएडा कालीबाड़ी ने सभी सहयोगियों के प्रति अपनी हार्दिक सराहना व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक कार्यों में सहयोग बनाए रखने का आह्वान किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 16:08:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भिवंडी में चार मंजिला इमारत भरभराकर गिरी: 9 लोगों की दर्दनाक मौत, कई मलबे में दबे, राहत और बचाव कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र के भिवंडी में मरम्मत कार्य के दौरान चार मंजिला इमारत गिरने से नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मलबे के नीचे कई अन्य नागरिकों के फंसे होने की आशंका है। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और डॉग स्क्वाड की टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/four-storey-building-collapses-in-bhiwandi-9-people-die-tragically/article-161515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/maharashtra.png" alt=""></a><br /><p>भिवंडी। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में गुरुवार की देर रात चार मंजिला इमारत के एक हिस्सा के ढ़हने से 9 लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। यह घटना भंडारी परिसर के गंगारामवाड़ी स्थित कोहिनूर अपार्टमेंट में हुई, जब इमारत के 'बी-विंग' का एक हिस्सा अचानक ढह गया। अधिकारियों ने बताया कि बचाव दलों ने अब तक सात शव बरामद किए हैं जबकि मलबे से तीन घायलों को निकालकर पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार मलबे के नीचे अभी भी छह से सात लोगों के दबे होने की आशंका है। खोज और बचाव अभियान जारी है। इमारत में 48 कमरे थे, जिनमें से हर मंजिल पर 12 कमरे थे। नगर निकाय के अधिकारियों ने बताया कि इसे सी-1 श्रेणी के तहत असुरक्षित घोषित किया गया था, जिसके लिए तुरंत खाली कराने और गिराने की आवश्यकता होती है। प्रारंभिक खबरों से पता चलता है कि कुछ लोग मरम्मत का काम करने के लिए खाली इमारत में घुसे थे, तभी इमारत ढह गई। दमकल विभाग के कर्मचारी, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), आपदा प्रबंधन टीमें और नगर निकाय के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। मलबा हटाने के लिए खुदाई करने वाली मशीनों और अन्य भारी मशीनों को भी तैनात किया गया है।</p>
<p>इमारत गिरने का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। भिवंडी के विधायक महेश चौघुले ने कहा कि इमारत पुरानी थी और नगर निगम ने इसे खतरनाक घोषित किया था। उन्होंने कहा, "नगर निगम ने रहने वालों को दो-तीन बार नोटिस जारी किए थे और इमारत को खाली करा लिया गया था। कुछ लोग हालांकि बिना अनुमति के इमारत में घुस गए थे और अंदर मरम्मत का काम कर रहे थे।" भिवंडी-निजामपुर के मेयर नारायण चौधरी ने कहा कि मरम्मत के काम की कोई जरूरत नहीं थी क्योंकि इमारत को पहले ही खाली करा लिया गया था। उन्होंने कहा, "हमारी आपदा प्रतिक्रिया टीम, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और पुलिस मौके पर मौजूद हैं। बचाव कार्य जोर-शोर से चल रहा है। हमें जानकारी मिली है कि मलबे के नीचे अभी भी छह से सात लोग फंसे हो सकते हैं।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 11:29:01 +0530</pubDate>
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                <title>जापान: पीएम तकाइची ने की पुष्टि, भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 13</title>
                                    <description><![CDATA[जापान के क्यूशू द्वीप पर आए भीषण भूकंप से अब तक 13 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के अनुसार, मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए आपातकालीन दल लगातार प्रयासरत हैं। व्यापक बिजली कटौती और क्षति के बीच लाखों निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/japan-pm-takaichi-confirms-earthquake-death-toll-rises-to-13/article-161291"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(3)11.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान के क्यूशू द्वीप के कुमामोटो प्रान्त में आए भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। यह जानकारी जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने बुधवार को दी। ताकाइची ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "स्थानीय समयानुसार सुबह 08:30 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 05:00 बजे) तक मरने वालों की संख्या 13 हो चुकी है।" उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी लोगों को जल्द से जल्द बचाने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठा रहे हैं।</p>
<p>टोक्यो में अपने ऑफ़िस में पत्रकारों से बात करते हुए ताकाइची ने कहा, "अभी भी कुछ लोग बचाव का इंतज़ार कर रहे हैं और यह सीमित समय में काम पूरा करने की कोशिश है। हम ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को ढूंढने और बचाने के लिए पूरी कोशिश करेंगे।" मंगलवार को दक्षिण-पश्चिमी जापान के क्यूशू द्वीप पर 7.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके बाद 6.1 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया। एरियाके खाड़ी और यात्सुशिरो खाड़ी के तटों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, जापान में भूकंप के कारण लगभग 2,00,000 लोगों को वहां से निकलने का आदेश दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, नागासाकी प्रान्त के लगभग 39,200 निवासियों को जगह खाली करने का आदेश दिया गया जबकि कुमामोटो प्रान्त में 1,57,700 लोगों को भी यही निर्देश मिले। रिपोर्ट के अनुसार, इस इलाके में कुल 47,000 घरों में बिजली कटौती की समस्या है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 14:49:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>केरल सरकार ने दिए त्रिशूर विस्फोट की न्यायिक जांच के आदेश : 14 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा, कई लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[केरल कैबिनेट ने त्रिशूर पटाखा यूनिट विस्फोट को 'राज्य-विशिष्ट आपदा' घोषित करते हुए पीड़ितों के लिए 14 लाख रुपये के मुआवजे को मंजूरी दी है। न्यायमूर्ति सी.एन. रामचंद्रन नायर मामले की न्यायिक जांच करेंगे। सरकार ने घायलों के मुफ्त इलाज और क्षतिग्रस्त संपत्तियों की मरम्मत के लिए SOP जारी करने के निर्देश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kerala-government-orders-judicial-inquiry-into-thrissur-blast-announces-relief/article-151304"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(1)34.png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। केरल कैबिनेट ने बुधवार को त्रिशूर के मुंदाथिकोड में एक पटाखा इकाई में हुए विस्फोट के लिए एक व्यापक राहत पैकेज को मंजूरी दी और न्यायिक जांच के आदेश दिये। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गयी थी और कई अन्य घायल हो गये थे। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की अध्यक्षता में ऑनलाइन हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की राज्य कार्यकारी समिति से इस घटना को 'राज्य-विशिष्ट आपदा' घोषित करने की सिफारिश की जायेगी।</p>
<p>न्यायिक जांच की घोषणा करते हुए कैबिनेट ने विस्फोट की परिस्थितियों की जांच के लिए न्यायमूर्ति सी.एन. रामचंद्रन नायर को एकल सदस्यीय आयोग नियुक्त किया। मुआवजा पैकेज के हिस्से के रूप में मृतकों के परिजनों को 14 लाख रुपये प्रदान किए जायेंगे, जिसमें राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) से चार लाख रुपये और मुख्यमंत्री संकट राहत कोष (सीएमडीआरएफ) से 10 लाख रुपये शामिल हैं। घायलों को एसडीआरएफ के मानदंडों के अनुसार वित्तीय सहायता के साथ-साथ मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त दो लाख रुपये मिलेंगे।</p>
<p>सरकार सार्वजनिक और पैनल में शामिल निजी अस्पतालों, दोनों में छह महीने तक घायलों के इलाज का पूरा खर्च भी वहन करेगी। यदि इलाज छह महीने से अधिक समय तक चलता है, तो मेडिकल बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर खर्चों को कवर किया जाना जारी रहेगा।<br />कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि क्षतिग्रस्त निजी संपत्तियों—जैसे बचाव कार्यों को सुगम बनाने के लिए ढहायी गयी चारदीवारी और समतल किये गये धान के खेतों की मरम्मत के लिए आने वाली लागत की प्रतिपूर्ति जिला कलेक्टर के आकलन के आधार पर एसडीआरएफ से की जायेगी।</p>
<p>ऐसी आपदाओं में प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए सरकार ने केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने का निर्देश दिया है, जिसमें शवों के दफन और डीएनए मिलान के लिए नमूने एकत्र करने जैसे पहलुओं को शामिल किया जायेगा। कैबिनेट ने तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए एसडीआरएफ से 50 लाख रुपये की पूर्व मंजूरी की पुष्टि की और जिला कलेक्टर को चल रहे बचाव और राहत कार्यों के लिए इन निधियों का उपयोग करने के लिए अधिकृत किया। इसके अलावा, जिला कलेक्टर को विस्फोट के कारण आसपास के घरों को हुए नुकसान का तत्काल आकलन करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है, ताकि एसडीआरएफ के प्रावधानों के तहत मुआवजा दिया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 15:03:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रक्षा बल विजन-2047 में रासायनिक: जैविक और परमाणु खतरों को गंभीर चुनौती बताया; भविष्य के युद्धों के प्रति भारत बना रहा रणनीति, नए खतरों से निपटने के लिए एकीकृत सुरक्षा प्रणाली तैयार करने का खाका बनाया</title>
                                    <description><![CDATA[बदलते वैश्विक युद्ध तंत्र को देखते हुए भारत ने विज़न-2047 के तहत सीबीआरएन (CBRN) खतरों से निपटने की रणनीति बनाई है। इसके तहत परमाणु, रासायनिक और जैविक हमलों से बचाव के लिए एकीकृत सुरक्षा प्रणाली और आधुनिक डिटेक्शन सिस्टम तैनात किए जाएंगे। तीनों सेनाओं के बीच समन्वय और स्वदेशी तकनीक के माध्यम से सामूहिक विनाश के खतरों को विफल किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-defense-force-vision-2047-chemical-biological-and-nuclear-threats/article-146547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rajnath-singh-3.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने दुनिया भर के रणनीतिक विशेषज्ञों को युद्ध के तौर तरीकों पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। बदलते वैश्विक हालात और भविष्य के युद्ध के खतरों को देखते हुए भारत ने सुरक्षा रणनीति को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हाल में पेश रक्षा बल विजन-2047 दस्तावेज में रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु यानी सीबीआरएन खतरों को गंभीर चुनौती बताया गया है। इस दस्तावेज में ऐसे हमलों से बचाव के लिए आधुनिक और एकीकृत सुरक्षा प्रणाली तैयार करने का खाका पेश किया गया है।</p>
<p>इसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी बड़े हमले की स्थिति में सेना और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया को तेज और प्रभावी बनाना है। विजन दस्तावेज के अनुसार अब युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रह गया है। आधुनिक समय में सामूहिक विनाश के हथियारों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। खासकर जैविक खतरों को बड़ी चुनौती माना गया है क्योंकि ये अक्सर अदृश्य तरीके से फैलते हैं और इन्हें पहचानना मुश्किल होता है। इसलिए इन खतरों की पहचान, रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए नई तकनीकों और व्यवस्थाओं को विकसित करने की जरूरत बताई गई है।</p>
<p><strong>रासायनिक और जैविक खतरों से निपटने का फार्मूला</strong></p>
<p>इस समय सेना के पास कोर ऑफ इंजीनियर्स के तहत विशेष दस्ता है जो रासायनिक और जैविक खतरों से निपटने का काम करता है। इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की टीमें नागरिक सुरक्षा के लिए तैनात रहती हैं। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ भी इन खतरों से बचाव के लिए नई तकनीक और उपकरण विकसित कर रहा है। पिछले वर्ष सेना ने 223 आॅटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम खरीदे हैं। यह सिस्टम वास्तविक समय में खतरनाक रसायनों का पता लगाने में सक्षम है। इसके अलावा स्वदेशी मोबाइल डिकंटेमिनेशन सिस्टम भी तैयार किए गए हैं। इन उपकरणों का इस्तेमाल किसी रासायनिक या जैविक हमले के बाद प्रभावित इलाके को सुरक्षित बनाने के लिए किया जाएगा।</p>
<p><strong>सभी एजेंसियां मिलकर तेजी से कार्रवाई करेंगी</strong></p>
<p>रक्षा बल विजन-2047 का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है। फिलहाल कई एजेंसियां अलग-अलग उपकरण और प्रक्रियाओं के साथ काम करती हैं। इससे संकट के समय प्रतिक्रिया में देरी हो सकती है। नई योजना के तहत एकीकृत सुरक्षा प्रणाली तैयार की जाएगी ताकि हमले की स्थिति में सभी एजेंसियां मिलकर तेजी से कार्रवाई कर सकें।</p>
<p><strong>सुरक्षा उपकरणों की खरीद को मानकीकृत करेंगे</strong></p>
<p>नई नीति के तहत तीनों सेनाओं के लिए सुरक्षा उपकरणों की खरीद को मानकीकृत किया जाएगा। यानी एक ही तकनीकी मानकों वाले उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्रक्रिया को भी एक समान बनाया जाएगा। इससे हमले की स्थिति में हर यूनिट की प्रतिक्रिया सटीक और समन्वित होगी।</p>
<p><strong>घायल सैनिकों के प्रबंधन के लिए क्या योजना है?</strong></p>
<p>विजन-2047 में हताहत प्रबंधन की नीति भी तैयार करने की बात कही गई है। इसके तहत हमले की स्थिति में घायल सैनिकों के उपचार और उनके शरीर से विकिरण या रासायनिक प्रभाव हटाने की प्रक्रिया को मानकीकृत किया जाएगा। इससे संकट के समय उपचार तेज और प्रभावी हो सकेगा और सैनिकों की सुरक्षा बेहतर होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 11:15:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस के सोची शहर में 4.5 तीव्रता का भूकंप, जानमाल की कोई हानि नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[रूस के तटीय शहर सोची में शुक्रवार तड़के रिक्टर पैमाने पर 4.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। मेयर आंद्रेई प्रोशुनिन के अनुसार, भूकंप का केंद्र समुद्र में था। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुँचा और न ही कोई जनहानि हुई। प्रशासन फिलहाल स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/45-magnitude-earthquake-in-sochi-city-of-russia-no-loss/article-145539"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/earthquake-.jpg" alt=""></a><br /><p>सोची। रूस में काला सागर के तट पर स्थित शहर सोची में शुक्रवार तड़के 4.5 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। हालांकि स्थानीय प्रशासन के अनुसार इस भूकंप से किसी तरह के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।</p>
<p>शहर के मेयर आंद्रेई प्रोशुनिन ने बताया कि भूकंप के झटके सुबह महसूस किए गए। उन्होंने अपने टेलीग्राम संदेश में कहा, रिक्टर पैमाने पर 4.5 तीव्रता का भूकंप आज सुबह सोची में आया। किसी भी बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा है और आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र को किसी घटना की रिपोर्ट नहीं मिली है।</p>
<p>बाद में जारी अद्यतन जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र समुद्र में स्थित था और उसकी संशोधित तीव्रता 4.1 दर्ज की गई। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, हालांकि फिलहाल किसी प्रकार के खतरे या नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 18:13:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र के नागपुर में भीषण हादसा: एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में विस्फोट से 15 लोगों की मौत, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[नागपुर के कटोल में एक विस्फोटक फैक्ट्री में रविवार को हुए भयानक धमाके ने 15 जिंदगियां लील लीं, जिनमें अधिकांश महिलाएं थीं। विस्फोट इतना तीव्र था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर तक सुनी गई। प्रशासन और वैज्ञानिक जांच टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की देखरेख में हादसे के तकनीकी कारणों की जांच जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/horrific-accident-in-nagpur-maharashtra-15-people-died-due-to/article-145027"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/maharashtra-blast.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र में नागपुर जिले के कटोल में रविवार को एक एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह विस्फोटक सामग्री बनाने वाली फैक्ट्री थी और पीड़ितों में ज्यादातर महिलाएं हैं। घटना की जानकारी मिलते ही नागपुर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गये और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।  </p>
<p>पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल ने कहा कि बचाव ऑपरेशन जारी है और विशेषज्ञ मौके पर हैं। इस घटना में कुल कितने लोग मारे गये हैं उनकी सही संख्या अभी की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। मौके पर मौजूद पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के तहत जांच शुरू कर दी गई है।</p>
<p>उन्होंने कहा, हम सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तकनीकी और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित कर रहे हैं और पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।यह धमाका इतना भीषण था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। कटोल से विधायक चरणसिंह ठाकुर मौके पर पहुंच गये है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 12:22:48 +0530</pubDate>
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                <title>नौनेरा डेम क्षेत्र में मकानों की सुरक्षा हेतु सेफ्टी वॉल का निर्माण, नाले का डायवर्जन</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में नौनेरा डेम के जलस्तर से सुरक्षा हेतु ग्राम बड़ौद में सेफ्टी वॉल और नाला डायवर्जन बनाया गया। तकनीकी खामियां दुरुस्त, आगे पिचिंग कार्य प्रस्तावित।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/construction-of-safety-wall-for-protection-of-houses-in-naunera/article-141777"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नौनेरा डेम की भराव क्षमता को देखते हुए जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किनारे स्थित मकानों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम बड़ौद में सेफ्टी वॉल का निर्माण कराया गया है। इस कार्य के लिए मैसर्स चम्बल कंस्ट्रक्शन, कोटा को कार्यादेश जारी किया गया था। निर्माण कार्य पूर्ण होने पर करीब 1 करोड़ 63 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है।</p>
<p>ग्रामीण आबादी की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सेफ्टी वॉल के साथ-साथ प्राकृतिक नाले के डायवर्जन चैनल का निर्माण भी कराया गया है, ताकि वर्षा जल का बहाव नियंत्रित रहे और बस्तियों की ओर पानी का दबाव कम हो। निर्माण के दौरान तेज बारिश के कारण नाले में किए गए अर्थवर्क की फिलिंग मिट्टी में कुछ स्थानों पर रेन कट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। साथ ही सेफ्टी वॉल में दो स्थानों पर जॉइंट भी खुल गए थे। इन तकनीकी खामियों को संवेदक द्वारा अपने खर्च पर ठीक करवा दिया गया है। कटाव की स्थायी रोकथाम के लिए पिचिंग कार्य की आवश्यकता चिन्हित की गई है, हालांकि यह कार्य स्वीकृत एस्टीमेट में शामिल नहीं था। इसके लिए स्टिलिंग बेसिन अरेंजमेंट कार्य की निविदा प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 16:46:13 +0530</pubDate>
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                <title>श्रीलंका में भारी बारिश का अनुमान, मौसम विभाग ने दी मछुआरों को समुद्र से लौटने की सलाह</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीलंका मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के कारण भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मछुआरों को समुद्र से लौटने की सलाह दी गई है और नदियों के जलस्तर बढ़ने की चेतावनी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/heavy-rain-forecast-in-sri-lanka-meteorological-department-advises-fishermen/article-138895"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/sri-lanka-rain.png" alt=""></a><br /><p>कोलंबो। श्रीलंका मौसम विभाग ने गुरुवार को समुद्र में मौजूद मछुआरों को तुरंत वापस लौटने या सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेने का आग्रह किया है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक 'गहरा दबाव' शुक्रवार को देश को प्रभावित कर सकता है जिससे भारी भारिश की चेतावनी दी गयी है।</p>
<p>मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले आदेश तक समुद्र में न जाने की सलाह भी दी है। मौसम विभाग का कहना है कि पिछले साल आए चक्रवात 'दित्वा' से प्रभावित हुए कई जिलों में 100 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को इसके लिए तैयार रहने को कहा है।</p>
<p>इस बीच, सिंचाई विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि देश में भारी बारिश होती है, तो नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। पूर्वानुमान के अनुसार, कई जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 16:11:02 +0530</pubDate>
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