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                <description>census RSS Feed</description>
                
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                <title>पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा फैसला: कैबिनेट की पहली बैठक में बीएसएफ भूमि हस्तांतरण, आयुष्मान भारत को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। घुसपैठ रोकने के लिए BSF को जमीन हस्तांतरण, आयुष्मान भारत योजना लागू करने और सरकारी नौकरियों में 5 साल की छूट का ऐलान हुआ। साथ ही, रुकी हुई जनगणना शुरू करने और पारदर्शी विकास सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-west-bengal-government-bsf-land-transfer-to/article-153435"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/cm.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नवगठित सरकार ने सोमवार को राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में अपनी पहली कैबिनेट बैठक की। बैठक के बाद सरकार ने प्रशासनिक, सुरक्षा एवं कल्याण संबंधी उपायों की एक विस्तृत रुपरेखा तैयार की जिसमें भारत-बंगलादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल को भूमि हस्तांतरित करना और राज्य में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना सहित केंद्र की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं को शुरू करना शामिल है।</p>
<p>मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कैबिनेट बैठक से बाहर निकलने के बाद कहा, "आज हमारी पहली कैबिनेट बैठक में हमने बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। यह हस्तांतरण प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है और इसे अगले 45 दिनों के भीतर गृह मंत्रालय को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। एक बार यह पूरा हो जाने के बाद, बीएसएफ सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा कर लेगी और अवैध घुसपैठ के मुद्दे का समाधान थोड़े समय में कर लिया जाएगा।"</p>
<p>पश्चिम बंगाल में चुनाव अभियान के दौरान सीमा पर बाड़ लगाना एवं घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए बीएसएफ को भारत-बंगलादेश सीमा पर भूमि आवंटित करना भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दों में शामिल था। भाजपा ने राज्य में पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जानबूझकर अवसंरचना निर्माण के लिए बीएसएफ को जमीन नहीं देने का आरोप लगाया था। भाजपा का आरोप था कि तृणमूल कांग्रेस सक्रिय रूप से सीमा पार घुसपैठियों का समर्थन करती है जो बदले में नौ सीमावर्ती जिलों में उनके वोट बैंक बने हुए हैं। बंगलादेश के साथ राज्य की 2216.7 किमी लंबी भूमि सीमा लगती है जिसके एक बड़े हिस्से पर बाड़ नहीं लगी हुई है।</p>
<p>सीएम अधिकारी ने राज्य में बेरोजगारी की समस्या का समाधान करने के लिए सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट देने की भी घोषणा की। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमने राज्य में सरकारी नौकरियों में आवेदन करने के लिए ऊपरी सीमा में पांच साल की छूट देने का निर्णय लिया है। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को केंद्र की कई प्रमुख योजनाओं के साथ ज्यादा निकटता से जोड़ते हुए सुशासन, सुरक्षा एवं विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।</p>
<p>शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "राज्य में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव हुआ है। मैं पश्चिम बंगाल के लोगों को सरकार बनाने के लिए हम पर भरोसा करने के लिए आभार व्यक्त करता हूं।" मुख्यमंत्री द्वारा की गई प्रमुख घोषणाओं में राज्य में औपचारिक रूप से आयुष्मान भारत योजना लागू करने का निर्णय शामिल है। शुभेंदु अधिकारी के साथ उनके कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष, निशीथ प्रमाणिक, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू भी मौजूद थे। सीएम अधिकारी ने कहा कि हमने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अपने समकक्षों से संपर्क करने और जल्द से जल्द सारी औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश दिया है। श्री अधिकारी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अलावा राज्य में जन आरोग्य योजना, फसल बीमा और उजाला योजना सहित केंद्र सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं को भी लागू किया जाएगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री अधिकारी ने राज्य की प्रशासनिक संरचना में सुधारों की भी घोषणा की जिसमें आईएएस अधिकारियों को केंद्रीकृत प्रशिक्षण तंत्र से जोड़ने की योजना भी शामिल है। शुभेंदु अधिकारी ने जनगणना प्रक्रियाओं से संबंधित केंद्रीय गृह मंत्रालय के कुछ निर्देशों के कार्यान्वयन में कथित देरी के लिए पिछली तृणमूल सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हमने आज जनगणना कार्य शुरू होने की पुष्टि करते हुए एक प्रशासनिक निर्देश जारी किया है और लंबे समय से लंबित यह अभ्यास आखिरकार 11 महीने की देरी के बाद शुरू हो रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "16 जून 2025 को, गृह मंत्रालय ने भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय के माध्यम से आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी। इस बात को अब लगभग एक वर्ष हो चुका है लेकिन सत्ता में बैठे लोगों ने जानबूझकर जनगणना प्रक्रिया में देरी की। उनका उद्देश्य परिसीमन करने और महिलाओं, विशेषकर हमारी माताओं एवं बहनों के लिए आरक्षण का लाभ सुरक्षित करने की प्रधानमंत्री की पहल में बाधा उत्पन्न करना था। इस पर गौर करने के लिए हमारे पास एक तथ्याें की जांच करने वाली समिति होगी।"</p>
<p>मुख्यमंत्री अधिकारी ने लोगों को यह भी आश्वासन दिया कि मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने बल देकर कहा कि पारदर्शिता में सुधार लाने एवं लाभों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त सत्यापन प्रणाली शुरू की जाएगी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हम बेईमान लोगों को पिछले दरवाजे से एवं खामियों के माध्यम से इन योजनाओं का लाभ नहीं उठाने देंगे और सब कुछ पारदर्शी होगा। पश्चिम बंगाल की नवगठित सरकार ने प्रभावित परिवारों और भाजपा के मारे गये कार्यकर्ताओं के परिवारों एवं प्रियजनों को समर्थन देने का भी वादा किया। श्री अधिकारी ने यह भी कहा कि राजनीतिक हत्याओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि छह मई को श्री अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई जब वह उत्तर 24 परगना में अपने घर लौट रहे थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 16:15:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जनगणना-2027 में स्व-गणना के लिए सरकारी कर्मचारियों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में जनगणना-2027 के पहले चरण के लिए मुख्य सचिव ने सभी सरकारी कर्मचारियों को 15 मई तक स्व-गणना (Self-Enumeration) पूरी करने का निर्देश दिया है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री की पहल के बाद अब प्रशासन की बारी है। वेब पोर्टल के माध्यम से सटीक आंकड़े जुटाना इस राष्ट्रीय मिशन की प्राथमिकता है, जिससे विकास की नई राह खुलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instructions-to-ensure-100-participation-of-government-employees-for-self-enumeration/article-153068"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/v.-srinivass.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना के तहत राज्य के समस्त राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों की स्व-गणना में भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों और अधिकारियों से कहा है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को 15 मई 2026 से पूर्व स्व-गणना प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए प्रेरित करें और आवश्यक निर्देश जारी करें। जारी निर्देशों के अनुसार जनगणना-2027 का प्रथम चरण राजस्थान में 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा।</p>
<p>इससे पहले 1 मई से 15 मई 2026 तक निर्धारित वेब पोर्टल सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल⁠ पर स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध रहेगा। पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि 1 मई को महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं स्व-गणना कर प्रदेशवासियों के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में शत-प्रतिशत एवं सटीक आंकड़े सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी कार्मिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:27:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहली डिजिटल जनगणना आज से शुरू: ‘स्व-गणना’ की खिड़की खुली, प्रगणक को घर पर दिखानी होगी एसई आईडी</title>
                                    <description><![CDATA[देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना शुरू हो गई है। वाराणसी के नागरिक 21 मई तक पोर्टल पर जाकर अपनी 'स्व-गणना' कर सकते हैं। 33 सवालों के बाद प्राप्त 11 अंकों की SE ID भविष्य के सर्वे को आसान बनाएगी। यह प्रक्रिया विकास का आधार है, न कि नागरिकता का प्रमाण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/first-digital-census-starts-from-today-self-enumeration-window-opened-enumerator/article-152984"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/jan-ga.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना-2027 गुरुवार से शुरु हो गयी। इसके पहले चरण के तहत ‘स्व-गणना’ की खिड़की खुल गई है, जो 21 मई तक चलेगी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जनपदवासियों से इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। नागपाल ने बताया कि केंद्र सरकार की इस पहल के तहत नागरिकों को पहली बार आधिकारिक पोर्टल (https:e.census.gov.in) पर जाकर स्वयं अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज करने की सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि नागरिक अपने मोबाइल नंबर और नाम के माध्यम से पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। ओटीपी सत्यापन के बाद उन्हें 33 सवालों की प्रश्नावली भरनी होगी। विवरण सफलतापूर्वक जमा होने पर एक 11 अंकों की ‘एसई आईडी’ प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है।</p>
<p>नगर आयुक्त ने कहा कि ‘स्व-गणना’ करने वाले परिवारों को 22 मई से शुरू होने वाले जमीनी सर्वे के दौरान काफी सुविधा मिलेगी। जब प्रगणक घर पहुंचेंगे, तो उन्हें केवल अपनी एसई आईडी दिखानी होगी। यदि डेटा रिकॉर्ड से मेल खाता है, तो उसे तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा, जिससे समय की बचत होगी। नगर आयुक्त ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित है और डेटा एन्क्रिप्शन के जरिए सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान आपसे किसी भी प्रकार की बैंक जानकारी या आधार संख्या जैसे दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे। प्रगणक के आने पर उनका आधिकारिक पहचान पत्र अवश्य देख लें। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया विकास योजनाओं की नींव तैयार करने का आधार है, न कि नागरिकता का प्रमाण।</p>
<p>(हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग) मई-जून 2026 में चलेगा। इसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या, साक्षरता, रोजगार और जातिगत डेटा जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए जाएंगे। नगर निगम प्रशासन ने इस डिजिटल जनगणना को सफल बनाने के लिए प्रगणकों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है और आम जनता से इस ‘जन अभियान’ में जुड़ने की अपील की है। नगर आयुक्त ने कहा, “वाराणसी को एक स्मार्ट और व्यवस्थित शहर बनाने के लिए सटीक डेटा अनिवार्य है। मेरा शहरवासियों से अनुरोध है कि सात से 21 मई के बीच पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करें और डिजिटल इंडिया के इस महाकुंभ में सहभागी बनें।”</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 18:09:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>वन्यजीव संरक्षण: राजस्थान में 51 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ संख्या 721,  8 प्रतिशत की वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में तेंदुओं की संख्या 51.5% बढ़कर 721 हो गई है। सरिस्का और रणथंभौर जैसे अभयारण्य इस वृद्धि के प्रमुख केंद्र रहे। देशभर में तेंदुओं की कुल आबादी अब 13,874 तक पहुँच गई है, जो सफल वन्यजीव प्रबंधन और संरक्षण प्रयासों का एक सुखद परिणाम है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-number-of-leopards-increased-in-india-with-a-51/article-152522"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/समवख्चंतक.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर।  फरवरी 2024 में जारी 'भारत में तेंदुओं की स्थिति, 2022 रिपोर्ट' ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्साहजनक तस्वीर पेश की। देशभर में तेंदुओं की संख्या 2018 के 12,852 से बढ़कर 2022 में 13,874 हो गई। जो करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इस सूची में मध्य प्रदेश 3,907 तेंदुओं के साथ शीर्ष स्थान पर है, जबकि महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु भी प्रमुख राज्यों में शामिल हैं।  राजस्थान की बात करें तो यहां तेंदुओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में जहां यह संख्या 476 थी, वहीं 2022 में बढ़कर 721 हो गई। यानी करीब 51.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार सरिस्का टाइगर रिजर्व में 167, रणथंभौर में 87, मुकुंदरा हिल्स में 49 और रामगढ़ विषधारी में 19 तेंदुए पाए गए हैं। इसके अलावा उदयपुर क्षेत्र में 56 और जयपुर के झालाना व आमागढ़ में 40 तेंदुओं की मौजूदगी दर्ज की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 13:39:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भीषण गर्मी में वन्यजीवों को राहत: झालाना, आमागढ़ और बीड पापड़ में रोज ट्यूबवेल से भर रहे जलस्रोत; वन्यजीव गणना की तैयारियां भी तेज </title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के झालाना, आमागढ़ और बीड पापड़ लेपर्ड रिजर्व में वन्यजीवों के लिए विशेष जल प्रबंधन किया गया है। भीषण गर्मी के बीच 40 से अधिक वाटर प्वाइंट्स को रोजाना ट्यूबवेल से भरा जा रहा है। वन विभाग ने अगले महीने होने वाली वन्यजीव गणना के लिए भी इन जलस्रोतों पर निगरानी तेज कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/relief-to-wildlife-in-the-scorching-heat-water-sources-are/article-151485"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/jhalana.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। तेज गर्मी के बीच वन विभाग ने जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों के लिए विशेष इंतजाम शुरू कर दिए हैं। झालाना लेपर्ड रिजर्व, आमागढ़ लेपर्ड रिजर्व और बीड पापड़ लेपर्ड रिजर्व में लेपर्ड, हायना, नीलगाय सहित कई प्रजातियों के लिए बनाए गए वाटर प्वाइंट्स इन दिनों जीवनरेखा बने हुए हैं। वन विभाग की टीम रोजाना ट्यूबवेल के जरिए इन जलस्रोतों को भर रही है, ताकि भीषण गर्मी में वन्यजीवों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। जानकारी के अनुसार झालाना के तीन जोन में करीब 17, आमागढ़ में 11 और बीड पापड़ लेपर्ड रिजर्व में 7 से 8 वाटर प्वाइंट्स बनाए गए हैं।</p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ जल स्रोतों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इससे वन्यजीवों की आवाजाही भी इन क्षेत्रों में बनी रहती है और उनका स्वास्थ्य बेहतर रहता है। वहीं, अगले महीने प्रस्तावित वन्यजीव गणना को लेकर भी विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वाटर प्वाइंट्स के आसपास गतिविधियों पर नजर रखकर आंकड़े जुटाने की योजना बनाई जा रही है, जिससे वन्यजीवों की सटीक संख्या और स्थिति का आकलन किया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 16:51:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विपक्षी दलों ने किया परिसीमन विधेयक का विरोध: लोकसभा सीटों में कमी होने की जताई आशंका, परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को नकारा नहीं जा सकता</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में विपक्षी दलों ने परिसीमन विधेयक का कड़ा विरोध किया है। कनिमोझी और शशि थरूर ने तर्क दिया कि नई व्यवस्था से दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा। उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग कर तुरंत लागू करने और सहकारी संघवाद के तहत छोटे राज्यों के हित सुरक्षित करने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/opposition-parties-opposed-the-delimitation-bill-expressed-fear-of-reduction/article-150823"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/shashi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोक सभा में शुक्रवार को विपक्षी दलों ने परिसीमन विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि विधेयक के इस रूप में पारित होने से दक्षिण और छोटे राज्यों का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कम होगा और उनके हक़ मारे जाने की आशंका बनी रहेगी। सदन में परिसीमन विधेयक 2026, संविधान ( 137वां संशोधन ) विधेयक 2026 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक 2026 पर अधूरी रही चर्चा की शुरुआत करते हुए द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की कनिमोझी ने आज कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन के बाद राज्यों की बढ़ने वाली लोक सभा की सीटें बढ़ाने का जो सूत्र बताया है उसे भविष्य में बदला जा सकता है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि परिसीमन के मामले में सरकार अपना एजेंडा लागू कर सकती है। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को नकारा भी जा सकता है। ऐसी स्थिति में न्याय कहां मिलेगा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की द्रमुक सरकार सहकारी संघवाद मानती है। द्रमुक सरकार ने महिलाओं को विधायिका में आरक्षण देने के लिए केन्द्र को पत्र लिखा था, द्रमुक की महिला मोर्चा ने इसके लिए दिल्ली में रैली की थी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भारतीय महिलाओं को शील्ड के रूप में इस्तेमाल कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आंकड़े दर्शाते हैं कि इस सरकार ने सदन में किये गये 80 से 90 प्रतिशत आश्वासनों को पूरा नहीं किया है। सरकार सहकारी संघवाद की भावना का पालन नहीं कर रही है। उन्होंने महिलाओं को आरक्षण देने का विधेयक तुरंत लागू करने की मांग की। उन्होंने परिसीमन विधेयक को ऐसी संसदीय समिति को भेजने की मांग की जो सभी दलों के सदस्यों से सलाह-मशविरा करके अपनी रिपोर्ट दे। इस मामले में जल्दबाजी न करें और पूरी प्रक्रिया को कम से कम तीन महीने तक जनता के समक्ष रखे और सबकी राय के बाद ही महिला आरक्षण को लागू किया जाये।</p>
<p>कांग्रेस के शशि थरूर ने कहा कि विधायिका में महिला आरक्षण की व्यवस्था को तुरंत लागू किया जाये, इसे परिसीमन से जोड़कर क्यों रखा जा रहा है।उन्होंने कहा कि राज्यों की बढ़ने का जो सूत्र बताया गया है, उसे बदला भी जा सकता है। थरूर ने कहा कि लोक सभा में 850 सीटें हो जाने से यह बड़ी बोझिल हो जायेगी, कार्यवाही का संचालन बहुत दुष्कर हो जायेगा। प्रश्न काल और शून्य काल में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका कैसे मिलेगा। उन्होंने कहा,"हमें ऐसा सूत्र बनाना चाहिए जिससे छोटे-छोटे राज्य भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व कर सकें। हितधारकों और राज्यों के साथ व्यापक परामर्श करके सीटों का निर्धारण किया जाना चाहिए। ऐसी क्रियाविधि अपनायी जाये जिससे नया भारत आपस में विभाजित न हो।" उन्होंने कहा कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिण के राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में महती योगदान दिया है और ये राज्य केन्द्र को तुलनात्मक रूप से अधिक राजस्व देते हैं जिससे केन्द्र सरकार चलती है।</p>
<p>ऐसी स्थिति में इन राज्यों के साथ लोक सभा सीटों के मामले में अन्याय न हो, इसके विधायी प्रावधान किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वह सरकार से कहते हैं, "कृपया देश हित में दूरदृष्टि रखें, छोटे-छोटे लाभ न देखें।" वाईएसआरसीपी के पी वी मिधुन रेड्डी ने चर्चा में शामिल होते हुए कहा कि परिसीमन प्रक्रिया में सभी दलों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए। विपक्षी दलों को नुकसान पहुंचाने का कार्य नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों के लिए कड़े कानून बनाये जायें। महिलाओं का सशक्तीकरण तभी हो सकता है जब उनकी सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाये जायेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 17:34:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्य में जनगणना-2027 का मकान सूचीकरण 16 मई से 14 जून तक, कार्य की तिथियां जारी</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने भारत जनगणना-2027 के प्रथम चरण के मकान सूचीकरण की तिथियां घोषित कर दी हैं। राज्य में यह कार्य 16 मई से 14 जून 2026 तक होगा। नागरिकों को 1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। यह प्रक्रिया जनगणना अधिनियम, 1948 और नियम 1990 के अंतर्गत संपन्न कराई जाएगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/house-listing-work-of-census-2027-in-the-state-continues-from/article-140496"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/secretariat.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण कार्य की तिथियां निर्धारित कर दी हैं। सांख्यिकी विभाग से जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य में मकान सूचीकरण का कार्य 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संपन्न कराया जाएगा। यह कार्य जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियम, 1990 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए किया जाएगा।</p>
<p>अधिसूचना में बताया गया है कि केंद्र सरकार द्वारा जनगणना नियम 1990 के नियम 6(क) और 6(घ) के साथ पठित जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 3 एवं 17 के तहत भारत की जनगणना-2027 से संबंधित मकान सूचीकरण का कार्य 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में किया जाना है। प्रत्येक राज्य एवं संघ राज्य क्षेत्र द्वारा विनिर्दिष्ट 30 दिनों की अवधि में यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।</p>
<p>इसके साथ ही नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य में स्व-गणना की प्रक्रिया 1 मई 2026 से 15 मई 2026 तक संचालित की जाएगी, जो घर-घर जाकर होने वाले मकान सूचीकरण से पूर्व की अवधि होगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 15:42:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश में पहली बार होगी डिजिटल जनगणना : मोदी कैबिनेट ने मंजूर किए 11,718 करोड़ रुपए, 2 चरणों में होगी</title>
                                    <description><![CDATA[पहला चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगी, वहीं दूसरा चरण जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/digital-census-will-be-done-for-the-first-time-in/article-135807"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/etws-(1200-x-600-px)-(7).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश के इतिहास में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। मोदी कैबिनेट ने पहली डिजिटल जनगणना के लिए 11,718.24 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी प्रदान कर दी है। सूत्रों के मुताबिक डिजिटल जनगणना में एक व्यक्ति की जनगणना पर सरकार के करीब 97 रुपए खर्च होंगे। पहला चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगी, वहीं दूसरा चरण जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगा। </p>
<p><strong>बर्फ से ढके इलाकों में एक अक्टूबर 2026 से होगी</strong><br />केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जनगणना की संदर्भ तिथि एक मार्च 2027 को होगी। बर्फ से ढके क्षेत्रों के लिए यह तिथि एक अक्टूबर 2026 को होगी। जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी, पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास जनगणना  होगी, इसे अप्रैल से सितंबर 2026 तक अंजाम दिया जाएगा। दूसरे चरण में जनसंख्या की गिनती होगी, यह फरवरी 2027 से शुरू होगी।</p>
<p><strong>30 लाख लोग देंगे अंजाम, करेंगे काम</strong><br />वैष्णव ने बताया कि डिजिटल जनगणना में लगभग 30 लाख कार्यकर्ता शामिल होंगे और 1.02 करोड़ मानव दिवस का रोजगार सृजित होगा। उन्होंने बताया कि इस बार स्व गणना का भी विकल्प प्रदान किया जाएगा। जनगणना-एक-सेवा विभिन्न मंत्रालयों/राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों को उपयोगकर्ता के अनुकूल, मशीन पठनीय और कार्रवाई योग्य प्रारूप में डैशबोर्ड जैसी सुविधाओं के साथ डेटा उपलब्ध कराएगी। जनगणना के दौरान प्रचार अभियान चलाया जाएगा। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Dec 2025 10:55:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>2027 में होगी देश की सबसे बड़ी जनगणना, दो चरणों में जुटेंगे मकानों से लेकर जनसंख्या तक के आंकड़े</title>
                                    <description><![CDATA[जनगणना कार्य निदेशालय, राजस्थान को ओर से मंगलवार को जनगणना से जुड़ी जानकारी देने के लिए प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-2027-the-countrys-largest-census-will-gather-in-two/article-123367"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जनगणना कार्य निदेशालय, राजस्थान को ओर से मंगलवार को जनगणना से जुड़ी जानकारी देने के लिए प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजना, सांख्यिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा ने जनगणना के कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और सूचना देने के लिए आधिकारिक व्हाट्सऐप चैनल का लोकार्पण किया। </p>
<p>निदेशक जनगणना कार्य बिष्णु चरण मल्लिक ने बताया कि  समस्त प्रशासनिक इकाइयों यथा जिलों, उपखंड, तहसीलों, कस्बों, राजस्व ग्रामों, शहरी निकायों आदि की सीमाओं में किसी भी प्रकार का परिवर्तन 31 दिसंबर, 2025 के पश्चात नहीं किया जाए। जब तक जनगणना 2027 का कार्य पूरा नहीं हो जाता। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी होगी। </p>
<p>पहला चरण: अप्रैल से सितंबर 2026<br />जनगणना निदेशक विष्णु चरण मल्लिक ने जानकारी दी कि देश की अगली जनगणना 2027 में दो चरणों में की जाएगी। पहले चरण का आयोजन अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच होगा। इस चरण में मकानों की सूची तैयार की जाएगी और संपत्तियों का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाएगा। इसका उद्देश्य आधारभूत ढांचा और आवासीय स्थिति का सटीक आंकलन करना है।</p>
<p>दूसरा चरण: 1 मार्च 2027 से शुरू<br />दूसरे चरण की शुरुआत 1 मार्च 2027 से होगी, जिसमें व्यक्तियों की जनगणना की जाएगी। इस दौरान 28 फरवरी 2027 तक हुए जन्म और मृत्यु के आंकड़े भी दर्ज किए जाएंगे, ताकि जनसंख्या का सही और अद्यतन डेटा प्राप्त हो सके।</p>
<p>जनगणना निदेशक ने कहा कि यह जनगणना देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति की सटीक तस्वीर पेश करेगी। इससे सरकार को योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के वितरण और विकास नीतियों के निर्धारण में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तकनीकी साधनों के सहारे संपन्न की जाएगी, जिससे आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Aug 2025 17:51:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश में अगले साल शुरू होगी जनगणना, जातीय और संप्रदाय आधारित आंकड़ों को भी शामिल करने पर विचार</title>
                                    <description><![CDATA[2028 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है, जिससे लोकसभा सीटों का पुनर्विन्यास किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/census-will-start-next-year-in-the-country-consideration-of/article-94088"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/census.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत में हर दस साल में होने वाली जनगणना को लेकर मोदी सरकार पहल करने वाली है। सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार 2025 में जातिगत जनगणना की शुरुआत कर सकती है, यह जनगणना 2026 तक चलेगी।  सूत्रों के अनुसार, इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से होगी, जिसमें आंकड़े एक विशेष पोर्टल के जरिए संकलित किए जाएंगे, यह पहली बार है जब जनगणना में डिजिटल प्रक्रिया अपनाई जा रही है। सरकार ने इस पोर्टल में जातिवार आंकड़े एकत्रित करने का भी प्रावधान रखा है।</p>
<p><strong>2028 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य</strong><br />2028 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य है, जिससे लोकसभा सीटों का पुनर्विन्यास किया जाएगा। यह जनगणना न केवल देश की जनसंख्या और विविधताओं का अद्यतन चित्र प्रस्तुत करेगी, बल्कि विभिन्न समुदायों की जरुरतों को समझने में भी मदद करेगी। </p>
<p><strong>...ताकि नहीं हो कोई मतभेद</strong><br />केंद्र सरकार ने फिलहाल जनगणना के साथ जातिवार जनगणना कराने को लेकर औपचारिक फैसला नहीं किया है, लेकिन विपक्ष की ओर से जातिवार जनगणना को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश को देखते हुए मोदी सरकार जातिवार जनगणना कराने का फैसला ले सकती है क्योंकि सरकार भी चाहती है कि एक तो इस मुद्दे पर एनडीए में कोई मतभेद न हो साथ ही सभी धर्मों की आबादी में मौजूद जाति व्यवस्था की जड़ों का भी पता चल सके, फिर अगर आरक्षण सहित किसी भी सुविधा के लिए कोई विशेष योजना चलानी हो तो ट्रिपल टेस्ट का पहला और अहम टेस्ट इसी मुहिम के साथ पूरा हो जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Oct 2024 10:46:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>देश में कराई जाए जाति जनगणना : चिराग पासवान</title>
                                    <description><![CDATA[इससे सरकार के पास वंचितों, कमजोरों के वास्तविक आंकड़े सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि आंकड़े सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं है, लेकिन सरकार के पास इसके आंकड़े होने चाहिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/caste-census-should-be-conducted-in-the-country--says-paswan/article-88639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(6)4.png" alt=""></a><br /><p>रांची। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने देश में जाति जनगणना कराए जाने पर बल देते हुए कहा कि इससे योजना बनाने में केंद्र और राज्य सरकार को सहूलियत होगी। पासवान ने कहा कि केंद्र, राज्य के स्तर से कमजोर, वंचित वर्ग के लाभ के लिए योजनाएं बनाई जाती है।</p>
<p>उनकी पार्टी चाहती है कि देश में जातीय जनगणना हो। इससे सरकार के पास वंचितों, कमजोरों के वास्तविक आंकड़े सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि आंकड़े सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं है, लेकिन सरकार के पास इसके आंकड़े होने चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 Aug 2024 14:08:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>लंबित जनगणना तत्काल करवाने की आवश्यकता</title>
                                    <description><![CDATA[किसी भी जनगणना में जुटाए आंकड़े शासन- प्रशासन, योजनाओं और नीतियों के निर्माण के साथ-साथ इनके प्रबंधन में भी बेहद सहायक होते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/there-is-a-need-to-get-the-pending-census-done/article-83829"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/u1rer-(16)3.png" alt=""></a><br /><p>दरअसल,  हमारे देश की 16वीं जनगणना 2021 में होनी थी। लेकिन, कोविड-19 की वजह से 2021 में भारत की जनगणना नहीं हुई। कोरोना महामारी के बाद से लगातार जनगणना को टाला गया। अब महामारी का असर न्यूनतम हुए दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन जनगणना के मोर्चे पर कोई प्रगति होती नहीं दिख रही है। ताजा जानकारी के मुताबिक, जनगणना कराने को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि पिछले 150 वर्षों में यह पहली दफा हुआ है कि जनगणना का कार्य स्थगित किया गया हो। बता दें कि भारत उन 120 देशों में शामिल है जिन्होंने महामारी का हवाला देकर जनगणना के कार्य को स्थगित किया। हालांकि भारत के कई पड़ोसी देशों मसलन चीन, बांग्लादेश और नेपाल ने महामारी के दौरान भी जनगणना की है। भारत उन 44 देशों में शामिल है जिन्होंने अब तक जनगणना नहीं की है। ऐसा करने वाले अन्य देशों में यमन, म्यांमार, यूक्रेन, श्रीलंका अफगानिस्तान तथा सबसहारा अफ्रीका के देश शामिल हैं जो किसी न किसी तरह के संकट से जूझ रहे हैं। अमेरिका में कोरोना पीक पर होने के बावजूद 2020 में जनगणना कराई गई। इसी तरह से यूके, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और आयरलैंड में अलग- अलग एजेंसियों ने कोरोना लहर के दौरान तय समय पर जनगणना के लिए डेटा जुटाना शुरू कर दिया था। अब इन देशों की एजेंसियां डेटा को व्यवस्थित करके इसका एनालिसिस कर रही हैं। पड़ोसी देश चीन ने भी अपने यहां कोरोना महामारी के दौरान तय समय पर जनगणना का कार्य संपन्न किया। लिहाजा,यह कहा जा सकता है कि जनगणना का कार्य हमारी प्राथमिकता में नहीं रहा,अन्यथा जनगणना को तय समय पर करवाया जा सकता था। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, भारत की आबादी चीन से अधिक हो चुकी है और 1.4 अरब लोगों के साथ हम दुनिया में सबसे बड़ी आबादी वाले देश बन चुके हैं। विडंबना यह है कि भारत सरकार के पास आबादी को लेकर कोई नई आधिकारिक जानकारी नहीं है। जनगणना को बार- बार स्थगित किए जाने के बीच भारत की आधिकारिक आबादी अभी भी 1.2 अरब है। ऐसे में, हर दशक होने वाली जनगणना को तत्काल शुरू करवाने की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे। आज हमें जनगणना को तय समय पर करवाने के पीछे की अहमियत को समझने की आवश्यकता है। दरअसल, किसी भी मुल्क के लिए जनगणना कई मायनों में महत्त्वपूर्ण है। किसी एक मुल्क के विकास का पैमाना तय करने में जनगणना की उपयोगिता बढ़ जाती है। जनगणना उस प्रक्रिया को दिया जाने वाला नाम है, जो न केवल किसी मुल्क के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और जनसंख्या आदि के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाती है, बल्कि देश की विविधता और इससे जुड़े अन्य पहलुओं का अध्ययन करने का अवसर भी प्रदान करती है। जनगणना वह माध्यम है, जिसके द्वारा नागरिकों को अपने समाज, जनसांख्यिकी, अर्थशास्त्र, मानव जीवन, समाजशास्त्र, सांख्यिकी आदि द्वारा उन समस्त के बारे में अपडेट देती है, जो उनके जीवन को प्रत्यक्ष या फिर परोक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। इसके अलावा भी जनगणना के आंकड़े कई मायनों में बेहद  महत्त्वपूर्ण हैं। केंद्र और राज्य सरकारों के लिए योजना और नीति- निर्धारण में बहुमूल्य जानकारी साझाकरण का कार्य जनगणना के आंकड़े ही करते है। वहीं, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, विद्वानों, व्यापारियों, उद्योगपतियों के साथ- साथ अन्य कई लोगों द्वारा व्यापक रूप से आंकड़े उपयोग में लिए जाते हैं। जनगणना को आंकड़ों का एक व्यापक स्रोत माना जाता है। इसके अन्तर्गत ही किसी मुल्क की जनसांख्यिकी लाभांश के बारे में जानकारी इकट्ठा की जाती है। जो मुल्क की नीति निर्माण को पूवार्नुमान की सटीकता के समीप ले जाती है। किसी भी मुल्क के साक्ष्य आधारित निर्णयों में इसका महत्त्व और अधिक बढ़ जाता है।</p>
<p>किसी भी जनगणना में जुटाए आंकड़े शासन- प्रशासन, योजनाओं और नीतियों के निर्माण के साथ-साथ इनके प्रबंधन में भी बेहद सहायक होते हैं। किसी क्षेत्र विशेष के विकास के लिए आवश्यक निर्णयन में जनगणना से प्राप्त आंकड़ों की भागीदारी बढ़ जाती है। इसका महत्त्व इसलिए भी है,क्योंकि समाज के सबसे निचले तबके के लोगों को ध्यान में रखते हुए सरकारी कार्यक्रमों के संचालन और उनकी सफलता को सुनिश्चित किया जाता है।  यह न केवल जनसंख्या की वृद्धि के आकलन के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण है, बल्कि पेयजल, स्वच्छता, आवास और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के आकलन के लिए भी अहम है। जनगणना को राजनीतिक फैसलों, आर्थिक निर्णयों एवं विकास लक्ष्यों के लिहाज से भी जरूरी समझा जाता है। लिहाजा, जनगणना-2021 की प्रक्रिया को अतिशीघ्र शुरू किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार का आॅनलाइन मोड में जनगणना करवाने का फैसला एक बेहतरीन निर्णय साबित होगा। साथ ही, डिजिटल जनगणना से भारत की सूचना प्रौद्योगिकी शक्ति की प्रतिष्ठा और बढ़ेगी। </p>
<p><strong>-अली खान</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 11:28:37 +0530</pubDate>
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