<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/caravan/tag-26776" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>caravan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/26776/rss</link>
                <description>caravan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>16 हजार में शाही सैर! कैरावैन बस से पटना की विरासत और गंगा का रोमांच, सैलानियों को भा रही लग्जरी कैरावैन</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार पर्यटन विभाग की लग्जरी कैरावैन बस पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है। इसके जरिए लोग बिहार, नेपाल, अयोध्या और बनारस की सैर कर रहे हैं। अब शुरू हुए विशेष 'पटना दर्शन' पैकेज के तहत पर्यटक ₹16,000 में बिहार म्यूजियम, पटना साहिब, बापू टॉवर और गंगा में स्पीड बोट राइड का आनंद ले सकेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/craze-for-world-class-caravan-bus-increases-tourists-are-visiting/article-157637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/bihar2.png" alt=""></a><br /><p>पटना। पर्यटन विभाग की विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस कैरावैन बस पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। देशी-विदेशी सैलानी इस लग्जरी कैरावैन के जरिए न सिर्फ बिहार, बल्कि पड़ोसी देशों और अन्य राज्यों के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की सैर का आनंद ले रहे हैं। विभाग के अनुसार, कैरावैन बस के माध्यम से अब तक पर्यटकों ने नेपाल, काठमांडू, पोखरा, बोधगया, राजगीर, बनारस और अयोध्या समेत कई प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया है। पर्यटकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए विभाग ने अब पटना वासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष ‘पटना दर्शन’ पैकेज शुरू किया है। </p>
<p>इस लग्जरी कैरावैन के जरिए पर्यटक शहर के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के साथ गंगा में स्पीड बोट राइड का भी आनंद ले सकेंगे। खासकर गर्मी की छुट्टियों में इस अनोखी पर्यटन सेवा की मांग में काफी वृद्धि हुई है। विभाग को इससे अच्छा राजस्व भी प्राप्त हो रहा है, जिससे राज्य में पर्यटन की नई संभावनाएं खुल रही है। विभाग ने पटना के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों से लोगों को रूबरू कराने के लिए विशेष टूर पैकेज तैयार किया है। महज 16 हजार रुपये में पर्यटक विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस कैरावैन बस में सफर करते हुए शहर के प्रमुख आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। इस पैकेज के तहत पर्यटक तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब, बिहार म्यूजियम, बापू टॉवर, गोलघर और सभ्यता द्वार का भ्रमण करेंगे। इसके अलावा गंगा नदी में स्पीड बोट राइड का रोमांचक अनुभव भी इस पैकेज का ही हिस्सा होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/craze-for-world-class-caravan-bus-increases-tourists-are-visiting/article-157637</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/craze-for-world-class-caravan-bus-increases-tourists-are-visiting/article-157637</guid>
                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 15:06:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/bihar2.png"                         length="794729"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीलंका: नहीं थम रहा राष्ट्रपति भवन की झलक चाहने वालों का कारवाँ </title>
                                    <description><![CDATA[कोलंबो। श्रीलंका की सबसे सुरक्षित इमारतों में शामिल राष्ट्रपति भवन परिसर में भारी भीड़ के घुस जाने के दो दिन बाद भी हजारों लोग राष्ट्रपति भवन देखने के लिए उमड़ रहे हैं। शनिवार की हुई नाटकीय घटनाओं के कारण राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को यहां से भागने को मजबूर होना पड़ा है। इस घटना के बाद से राष्ट्रपति भवन में हर दिन हजारों की संख्या में लोग यहां आ रहे हैं। कोई सोफों पर आराम फरमा रहा है तो कोई पियानो बजाकर लोगों का मनोरंजन कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/sri-lanka-the-caravan-of-those-who-want-a-glimpse/article-14116"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/d-22.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो।</strong> श्रीलंका की सबसे सुरक्षित इमारतों में शामिल राष्ट्रपति भवन परिसर में भारी भीड़ के घुस जाने के दो दिन बाद भी हजारों लोग राष्ट्रपति भवन देखने के लिए उमड़ रहे हैं। शनिवार की हुई नाटकीय घटनाओं के कारण राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को यहां से भागने को मजबूर होना पड़ा है। इस घटना के बाद से राष्ट्रपति भवन में हर दिन हजारों की संख्या में लोग यहां आ रहे हैं। कोई सोफों पर आराम फरमा रहा है तो कोई पियानो बजाकर लोगों का मनोरंजन कर रहा है। वहीं कुछ लोग अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाते नजर आ रहे हैं।  राष्ट्रपति भवन में सोमवार को भी हजारों मर्द, औरतें और बच्चे प्रवेश कर रहे थे। उपनिवेश काल की वास्तुकला वाली इस इमारत में कई बरामदे, मीटिंग रूम, रिहायशी जगह के साथ एक स्विमिंग पूल और एक विशाल लॉन भी हैं। विरोध प्रदर्शन करने वाले कुछ लोग वहां आ रही भीड़ को नियंत्रित कर रहे थे, जबकि पुलिस और खास सैनिक दस्ते के लोग कोने में केवल खड़े होकर चुपचाप यह सब होता देख रहे थे।</p>
<p><strong>राष्ट्रपति भवन में सेल्फी लेने की होड़</strong><br />वहां लोग एक कमरे से दूसरे कमरे में घूम रहे थे। वे सागवान से बने फर्नीचरों और वहां लगी तस्वीरों के सामने और रिहायशी कमरों में  घूम घूमकर सेल्फी लेकर इस पल को कैद कर रहे थे। देश में विरोध प्रदर्शन करने वाले नेता पहले ही कह चुके हैं कि राष्ट्रपति और  प्रधानमंत्री के सरकारी आवासों को वे तब तक नहीं छोड़ेंगे, जब तक वे दोनों अपने अपने पद नहीं छोड़ देते।</p>
<p><strong>स्वीमिंग पूल पर अटकी लोगों की निगाहें</strong><br />राष्ट्रपति भवन पहुंची भीड़ को सबसे ज्यादा वहां के स्वीमिंग पूल ध्यान खींच रहे हैं। लोग वहां खड़े होकर पानी से भरे इस पूल को निहार रहे हैं। शनिवार को स्वीमिंग पूल में नहाते प्रदर्शनकारियों के वीडियो हर जगह वायरल हुए थे। इस बीच जब एक युवक ने इस पूल में तैरने के लिए छलांग लगाई, तो वहां खड़े लोगों ने ताली बजाकर शोर मचाया। वहीं इस परिसर में चार बड़े बिस्तरों पर युवकों के झुंडों को आराम फरमाते देखा गया। श्रीलंका में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली तीनों भाषाओं- सिंहल, तमिल और अंग्रेजी, को वहां के गलियारों में आसानी से सुना जा रहा था। वहां पहुंचने वाले लोगों में मौजूद उत्साह साफ तौर पर झलक रहा था। राष्ट्रपति भवन में करीने से तैयार विशाल लॉन में बौद्ध, हिंदू और ईसाई धर्मों के सैकड़ों लोग एक-दूसरे से मिल रहे थे। वहीं वहां पहुंचा एक परिवार लॉन की घास पर लापरवाही से पिकनिक मना रहा था। हालांकि केवल 24 घंटे पहले उन्हें वहां घुसने तक की इजाजत नहीं मिलती थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/sri-lanka-the-caravan-of-those-who-want-a-glimpse/article-14116</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/sri-lanka-the-caravan-of-those-who-want-a-glimpse/article-14116</guid>
                <pubDate>Tue, 12 Jul 2022 13:23:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/d-22.jpg"                         length="67727"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूं बढ़ता गया कोटा में महिला फुटबॉल का कारवां</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में वैसे तो महिला फुटबाल का अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मैच 1975 में भारत व जर्मनी की टीमों के बीच खेला गया था। लेकिन कोटा की बेटियों ने फुटबाल की शुरुआत 1984 के आस-पास की है। कोटा में पिछले 36 साल की मेहनत के बाद अब एक मजबूत महिला फुटबाल टीम तैयार हो सकी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-caravan-of-women-s-football-grew-like-this-in-kota/article-14069"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/yu-badhta-gaya-kota-mei-mahila-football-....kota-news-11.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । सस्मिता मलिक, अदिती चौहान, एल.आशा लता देवी, एन. बाला देवी, यह वह बेटियां हैं जो अन्तर राष्ट्रीय  स्तर पर पुरूषों के खेल कहे जाने वाले फुटबॉल में अपना नाम कमा रही हैं।  इन्हीं की तर्ज पर कोटा की बेटियां भी फुटबॉल के मैदान पर अपना जोहर दिखाने लगी हैं।  दमखम ही नहीं तेज दिमाग और फुर्ती से पलक झपकते ही प्रतिद्वंदी के गोल में अपनी फुटबाल को पहुंचाना हो या अपने हैंड से बॉल  हिट करना हो, ड्र्बिलिंग करनी हो या एक ही शॉट में गेंद को डी में खेल रहे फारवर्ड तक पहुंचाना हो। यह बेटियां इतनी फुर्ती से करती हैं कि हर कोई इनके दमखम और फुर्ती को देख कर वाह-वाह कह उठता है। कोटा में पिछले 36 साल की मेहनत के बाद अब एक मजबूत  महिला फुटबाल टीम तैयार हो सकी है। <br /><br />कोटा में वैसे तो महिला फुटबाल का अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मैच 1975 में भारत व जर्मनी की टीमों के बीच खेला गया था। लेकिन कोटा की बेटियों ने फुटबाल की शुरुआत 1984 के आस-पास की है। उस समय कोटा में गिनती की लड़कियां फुटबाल खेला करती थी। उनमें भी अधिकतर वे ही थी जिनके परिवार में पिता या अन्य परिजन इस खेल में थे। पिता अपने साथ बेटियों को खेल के मैदान में ले जाते थे। जिससे वे उन्हें देखकर प्रेक्टिस कर सकें। धीरे-धीरे एक दूसरी लड़कियों को देखकर महिला फुटबाल का कारवां बढ़ता गया। कोटा में शुरुआत में 11 खिलाड़ियों की एक ही टीम हुआ करती थी जो अब बढ़कर करीब 80 से 90 के बीच पहुंच गई है। कोटा में वर्तमान में 8 से 9 क्लब हैं जहां बालिकाएं फुटबाल खेल रही हैं।   हालांकि कोटा में एक मात्र नयापुरा स्थित महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम है जहां बालिकाएं फुटबाल का अभ्यास कर रही हैं। <br /><br /><strong>सीबी गार्डन के सामने अभ्यास करते देख रूक जाते थे लोग</strong><br />कोटा में लड़कियां पहले फुटबाल नहीं खेलती थी। लेकिन जब इसकी शुरुआत हुई तो सीवी गार्डन के सामने मैदान में बालिकाएं फुटबाल की प्रेक्टिस करती। ऐसे में उन्हें देखने के लिए वहां आने वाले लोगों के कदम रूक जाते थे। उस एक छोटी सी शुरुआत ने कोटा में न केवल जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर फुटबाल में बेटियों ने नाम कमाया वरन् अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पर कोटा की महिला फुटबाल खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। <br /><br /><strong>एक ने की शुरुआत तो जुड़ी कई परिवारों की बेटियां</strong><br />कोटा में फुटबाल खिलाड़ी कानसिंह सोलंकी ने अपने बेटियों को बचपन से ही अपने साथ खेल के मैदान में ले जाना शुरू किया। उनकी चार बेटियां एक साथ मैदान में जाती और फुटबाल खेलती तो उन्हें देखकर अन्य परिवारों ने भी अपनी बेटियों को फुटबाल खेलने भेजना शुरू कर दिया था। कोटा में महिला फुटबाल की कोच रही मीनू सोलंकी ने बताया कि वे चार बहनें अपने पिता के साथ मैदान में फुटबाल की प्रेक्टिस करने जाती थी। उनके बाद में त्यागी परिवार की 3 बहनें, चौधरी परिवार की दो बहनें, सिंह परिवार की दो बहनें भी फुटबाल खेलने लगी। मीनू सोलंकी ने बताया कि उन्हें देखकर बीकानेर में उनके चाचा व बुआ की बेटियां तक फुटबाल खेलने लगी थी। उन्होंने बताया कि पिता व परिवार का सहयोग व उत्साह मिलने के कारण ही दो भाईयों की तुलना में उन चार बहनों ने महिला फुटबाल में नाम कमाया। जिनमें से दो कोच हैं। <br /><br /><strong>दमखम का खेल, लेकिन हार नहीं मानी</strong><br />कोटा में वर्तमान में एक मात्र महिला फुटबाल कोच मधु चौहान ने बताया कि उन्होंने 1984 में कोटा में फुटबाल खेलना शुरू किया था। उस समय भी कई लड़कियां फुटबाल खेलती थी। एक टीम उस समय भी थी। लेकिन धीरे-धीरे एक दूसरे को देखकर लड़कियां इस खेल में आने लगी। यह खेल दमखम वाला है। लेकिन परिवार वालों ने कभी उन्हें फुटबाल खेलने से न तो मना किया और न ही रोका। जिससे उनका उत्साह व जोश बढ़ता गया। वे राष्ट्रीय व राज्य तक की कई प्रतियोगिताएं खेली और मैडल जीते। उन्होंने बताया कि  फुटबाल के लिए सबसे अधिक बालिकाएं उम्मेद सिंह स्टेडियम में ही आती हैं। खेल कोई सा भी हो वह महिलाओं के लिए उस समय तक मुश्किल नहीं हैं जब तक महिलाओं में उसे करने की इच्छा शक्ति है। खेल कोटे से प्रवेश और नौकरियां मिलने से महिलाओं का फुटबाल के प्रति रूझान बढ़ा है। मधु चौहान ने बताया कि उन्होंने जिस खेल में नाम कमाया उन्होंने उसी खेल में अपनी बेटी को भी आगे बढ़ाया। उनकी बेटी ने भी फुटबाल खेला और राज्य स्तरीय प्रतिोगिता में मैडल जीता।<br /><br /> <strong>कोटा में खुली महिला फुटबाल अकेडमी</strong><br />कोटा में महिला फुटबाल के बढ़ते क्रेज को देखते हुए ही राज्य सरकार ने पूर्व में कोटा में महिला फुटबाल अकेडमी खोलने की घोषणा की थी। जिसकी शुरुआत भी हो गई थी। आकाशवाणी कॉलोनी में दाधीच छात्रावास के पास इस अकेटमी की शुरुआत की गई थी। जहां महिला खिलाड़ियों को शिक्षा,स्कूल यूनिफॉर्म, भोजन,खेल उपकरण, खेल किट,चिकित्सा आदि सभी प्रकार के व्यय राजस्थान क्रीड़ा परिषद और सरकार स्वयं वहन कर रही है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />कोटा में महिला फुटबाल का क्रेज पिछले कई सालों में बढ़ा है। यहां के बेटियों ने नेशनल खेलों तक में मैडल जीते हैं। कोटा में महिला फुटबाल का प्रशिक्षण देने के लिए कोच भी महिलाएं ही हैं। सरकार महिला फुटबॉल को बढ़ावा देने के हर संभव प्रयास कर रही है।  इसके लिए खिलाड़ियों को निशुल्क कोचिंग दी जा रही है।  राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद भी नए खिलाड़ियों को तराशने का काम कर रही है। <br /><strong>- अजीज पठान, जिला खेल अधिकारी </strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-caravan-of-women-s-football-grew-like-this-in-kota/article-14069</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-caravan-of-women-s-football-grew-like-this-in-kota/article-14069</guid>
                <pubDate>Mon, 11 Jul 2022 16:44:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-07/yu-badhta-gaya-kota-mei-mahila-football-....kota-news-11.7.2022.jpg"                         length="408319"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        