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                <title>असर खबर का - रोशनी से जगमगाया टावर ऑफ लिबर्टी, केडीए ने सही करवाई लाइटें</title>
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                        <![CDATA[टावर ऑफ लिबर्टी पर अंधेरा छाने का मामला दैनिक नवज्योति ने उठाया था।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---tower-of-liberty-illuminated-with-lights--kda-gets-the-lights-repaired/article-135969"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)-(6)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के बीच स्थित एरोड्राम सर्किल के टावर ऑफ लिबर्टी के टावर एक बार फिर से रोशनी से जगमगा उठे हैं। जिससे चौराहे की सुंदरता बढ़ी है।कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से टावर की लाइटों को सही करवाया गया है। जिससे एक बार फिर से चौराहे पर बने टावर रोशन हो गए हैं। हालांकि इन टावरों की लाइटें पहले जहां अलग-अलग रंग बिखेर रही थी। अभी ऐसा नहीं हो रहा है। लेकिन आने वाले समय में ये लाइटें रंग बिरंगी रोशनी भी बिखेरने लगेंगी।केडीए की ओर से करोड़ों रुपए खर्च कर एरोड्राम चौराहे पर अंडरपास बनाने के साथ ही यहां विशाल टावर आॅफ लिबर्टी का निर्माण भी करवाया है। जिसके तीन टावरों पर मशाल नुमा लाइटें लगाई गई है। इन लाइटों से रात के समय इन टावरों की सुंदरता देखते ही बनती है। लेकिन गत दिनों काफी समय से ये लाइटें बंद हो रही थी। जिससे पूरा चौराहा व टावर अंधेरे में डूबे हुए थे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />शहर के बीच स्थित एरोड्राम सर्किल के टावर ऑफ लिबर्टी पर अंधेरा छाने का मामला दैनिक नवज्योति ने उठाया था। समाचार पत्र में 5 दिसम्बर को पेज दो पर' फिर अंधेरे में डूबा एरोड्राम सर्किल का टावर ऑफ लिबर्टी शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें अनदेखी के चलते टावर व चौराहे पर अंधेरा होने की जानकारी अधिकारियों को दी थी। उस समय केडीए सचिव मुकेश चौधरी ने कहा था कि शीघ्र ही टावर की लाइटों को चालू करवाया जाएगा। समाचार प्रकाशित होते ही केडीए अधिकारी हरकत में आए और टावर की सभी लाइटों को फिर से चालू कराया गया। केडीए अधिकारियों का कहना है कि इन लाइटों का सर्किट ऊंचाई पर होने से लाइटों के बंद होने पर उन्हें चालू करना काफी कठिन हो जाता है। जबकि नीचे लगाने पर उसके चोरी होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रयास किया जा रहा है कि उसे बीच में ऐसी जगह पर लगाया जाए जिससे उसे चालू करने में परेशानी नहीं हो।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 15:20:15 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - सेवन वंडर्स पार्क में पर्याप्त रोशनी व्यवस्था करने के दिए निर्देश</title>
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                        <![CDATA[समाचार प्रकाशित होने के बाद इस मामले को आयुक्त ने गम्भीरता से लिया और स्वयं सेवन वंडर्स पार्क का निरीक्षण कर वहां बिजली व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--instructions-given-for-adequate-lighting-at-seven-wonders-park--garden-not-properly-maintained/article-132238"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/asar-khabar-ka---seven-wonders-park-mein-paryapt-roshani-vyavastha-karne-k-diye-nirdesh...kota-news-13.11.2025.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  कोटा विकास प्राधिकरण की आयुक्त ममता कुमारी तिवारी ने बुधवार को सेवन वंडर्स पार्क  व किशोर सागर तालाब का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां पर्याप्त रोशनी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने सेवन वंडर्स पार्क में घास अधिक बड़ी होने और उद्यानों के उचित रखरखाव नहीं होने पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अभियंता को निर्देश दिए कि उद्यान (हॉर्टिकल्चर) के ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाए और पार्क की सफाई व देखभाल को तत्काल सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आयुक्त ने पार्क में अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि परिसर में पर्याप्त उजाला बना रहे। उन्होंने पाथवे पर समुचित लाइटिंग, स्मारकों के पास पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था  व स्मारकों से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करने वाले बोर्डों पर भी उपयुक्त लाइट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए, जिससे आगंतुकों को वहां लिखी जानकारी पढ़ने में परेशानी नहीं हो। साथ ही प्रकाश व्यवस्था से संबंधित सभी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी अभियंताओं को दिए। किशोर सागर तालाब स्थित स्वर्ण महल के निरीक्षण के दौरान स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर आयुक्त ने संबंधित अभियंता को स्वर्ण महल के संधारण व संचालन कार्य से जुड़े ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने किशोर सागर तालाब की समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता सुमित चित्तौड़ा, अधिशाषी अभियंता  आर. के. लोढ़ा, सहायक अभियंता ललित मीना, सहायक अभियंता पवन गोचर  व सहायक कृषि अधिकारी मनीष मीना उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मामला </strong><br />गौरतलब है कि सेवन वंडर्स में अंधेरा होने व वहां आने वालों को परेशानी का मामला दैनिक नवज्योति  ने उठाया था। समाचार पत्र में 6 अक्टूबर को पेज 3 पर अंधेरे में डूबे 7 अजूबे, सेवन वंडर्स पार्क से पर्यटक लौट रहे निराश शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें पूरे पार्क में अंधेरा होने  व एक माह से लाइटें बंद व लाइटों के चोरी होने की जानकारी दी थी।  जिससे वहां परिवार समेत आने वाले पर्यटकों को होने वाली समस्या से अवगत कराया था।  समाचार प्रकाशित होने के बाद इस मामले को आयुक्त ने गम्भीरता से लिया और स्वयं सेवन  वंडर्स पार्क का निरीक्षण कर वहां बिजली व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 14:05:46 +0530</pubDate>
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                <title>स्वदेशी से सजा कोटा का बाजार : दीपावली पर रहेगी मेक इन इंडिया की चमक, मिट्टी के दीयों की बढ़ी मांग</title>
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                        <![CDATA[स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती मांग से स्थानीय  कारीगरों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-s-markets-are-adorned-with-indigenous-products--the-make-in-india-glow-will-shine-this-diwali--with-increased-demand-for-earthen-lamps/article-129004"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(2)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। त्योहारों के इस मौसम में जब बाजार विदेशी वस्तुओं से भरे पड़े हैं, तब कोटा में स्वदेशी उत्पादों की मांग ने नई दिशा दिखाई है। मेक इन इंडिया की भावना को आगे बढ़ाते हुए शहर के बाजारों में देसी वस्तुएं ग्राहकों की पहली पसंद बन चुकी हैं। दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर स्वदेशी दीयों, देशी लाइटों और हस्तनिर्मित सजावट सामग्री के साथ कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स तक में स्वदेशी को लोग   प्राथमिकता में रख रहे हैं। लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि देश में निर्मित वस्तुओं को अपनाने से स्थानीय उद्योगों को बल मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस दीपावली पर कोटा के बाजारों में विदेशी नहीं, स्वदेशी दीयों व लाइट की रोशनी ज्यादा चमकेगी।</p>
<p><strong>मिट्टी के दीयों की चमक बरकरार</strong><br />कोटा के कुम्हारों के मोहल्ले में दीपावली से पहले मिट्टी के दीये बनाने का काम जोरों पर है। धनराज प्रजापत, जो पिछले 35 वर्षों से यह काम कर रहे हैं, बताते हैं कि हर दिन 500 से 1000 दीये बिक जाते हैं। ग्राहकों में दीयों के प्रति उत्साह इतना है कि बूंदी और नेमवा से कच्चा माल मंगवाना पड़ रहा है। छोटे-बड़े हर आकार के दीये तैयार कर रहे हैं। साथ ही करवा, कलश और मटकियों की बिक्री भी बढ़ी है।</p>
<p><strong>स्वदेशी उत्पादों से लोगों को मिल रोजगार</strong><br /> स्वदेशी उत्पादों की बढ़ती मांग से स्थानीय उद्योगों और कारीगरों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। मिट्टी के दीये हो या हस्तनिर्मित तोरण और जैविक रंग—शहर के बाजारों में देसी उत्पादों की चमक बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी की स्वदेशी अपनाओ मुहिम से प्रेरित होकर लोग अब देश में बने उत्पादों को अपनाने में गर्व महसूस कर रहे हैं।<br /><strong>-अशोक माहेश्वरी, व्यापार महासंघ </strong></p>
<p><strong>इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में स्वदेशी उत्पादों का बोलबाला</strong><br />कोटा के इलेक्ट्रॉनिक बाजारों में इन दिनों दीपावली की रौनक देखते ही बनती है। दुकानदारों के अनुसार ग्राहक अब मेड इन इंडिया टैग वाले उत्पाद ही मांग रहे हैं। हमारे पास देसी और विदेशी दोनों तरह की लाइटें हैं, लेकिन ग्राहक अब स्वदेशी लाइटों को प्राथमिकता देते हैं। अहमदाबाद और इंदौर से मंगवाई गईं देसी लाइटें टिकाऊ और मरम्मत योग्य हैं, इसलिए लोग इन्हें पसंद कर रहे हैं।<br /><strong>-अभिषेक सोनी, इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी</strong></p>
<p><strong>पानी वाले दीयों की मांग बढ़ी</strong><br />इस बार पानी वाले दीये, थ्री चीप सीरिज, 8 एमएम सीरिज और मल्टी रोप लाइटों की भारी मांग है। ग्राहक दस गुणा दस झरना और डिस्को बल्ब जैसे आकर्षक मॉडल भी खरीद रहे हैं। बाजारों में दीपावली को लेकर लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। <br /><strong>-घनश्याम आहुजा, व्यापारी</strong></p>
<p><strong>ग्राहकी हुई दोगुनी</strong><br />कुन्हाड़ी रोड की 60 वर्षीय शायरादेवी बताती हैं कि दीपावली और करवा चौथ पर उनकी ग्राहकी दोगुनी हो गई है। बूंदी से तैयार माल मंगवाकर बेच रहे हैं। शाम को ग्राहकों की भीड़ रहती है। करवा की बिक्री भी जोर पर है। यह काम हमारी पुश्तैनी परंपरा का हिस्सा है।</p>
<p><strong>स्वदेशी लाइटों की डिमांड बढी</strong><br />शहर में दीपावली पर्व को लेकर मेक इन इंडिया के उत्पादों को क्रेज बढ़ रहा है। बाजार में इन दिनों चीनी उत्पाद भी मौजूद है जो काफी सस्ता है लेकिन आने वाले ग्राहक अधिकतर स्वदेशी उत्पाद को ही पसंद कर रहे है। पानी वाला दीया जो पानी से चलता है लोग काफी पसंद कर रहे है। वहीं मल्टी रोप लाइट को भी पसंद कर रहे है।<br /><strong>-मुकेश आहुजा, कोटा</strong></p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 16:07:19 +0530</pubDate>
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                <title>अंधेरे में डूबे 7 अजूबे, सेवन वंडर्स गार्डन से पर्यटक लौट रहे निराश : एक माह से लाइटें बंद, चोरी हुईं 25-30 लाइटें</title>
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                        <![CDATA[परिणामस्वरूप गार्डन का बड़ा हिस्सा अंधकारमय हो गया। 
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/7-wonders-plunged-into-darkness--tourists-returning-from-the-seven-wonders-garden-disappointed--lights-out-for-a-month--25-30-lights-stolen/article-128897"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(3)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर का मशहूर सेवन वंडर्स गार्डन, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, इन दिनों अंधेरे में डूबा हुआ है। किशोर सागर तालाब किनारे स्थित इस गार्डन में दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां बनी हुई हैं, जिन्हें देखने हजारों पर्यटक आते हैं। लेकिन एक माह पहले अज्ञात चोर यहां से 25 से 30 लाइटें चोरी कर ले गए। तब से अब तक गार्डन के बड़े हिस्से में अंधेरा पसरा हुआ है। हालात यह हैं कि शाम ढलते ही पर्यटक अंधेरे के कारण निराश होकर लौट जाते हैं। सेवन वंडर्स गार्डन का आकर्षण इसकी खूबसूरती और विश्व प्रसिद्ध अजूबों की प्रतिकृतियां हैं। यहां ताजमहल, एफिल टॉवर, स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी, चीन की दीवार, पीसा की मीनार, क्राइस्ट द रिडीमर और मिस्र के पिरामिड जैसी सातों प्रतिकृतियां तैयार की गई हैं। दिन के समय ये प्रतिमाएं शानदार नजर आती हैं, लेकिन गार्डन की असली खूबसूरती रात में रंगीन रोशनी के बीच निखरती है। लाइटें चोरी होने और मरम्मत न होने के कारण अब रात में ये अजूबे अंधेरे में गुम हो रखे हैं। रोशनी के बिना पर्यटक प्रतिकृतियों को ठीक से निहार नहीं पाते। इससे यहां आने वाले पर्यटकों का अनुभव फीका पड़ गया है।</p>
<p><strong>गुमानपुरा में दर्ज है रिपोर्ट</strong><br />गार्डन से जुड़े लोगों ने बताया कि करीब एक माह पहले अज्ञात चोरों ने यहां से 25 से 30 लाइटें उखाड़कर चुरा लीं। गुम होने की रिपोर्ट गुमानपुरा थाने में दर्ज करवा रखी है। चोरी की घटना के बाद न तो नई लाइटें लगाई गईं और न ही मरम्मत हुई। परिणामस्वरूप गार्डन का बड़ा हिस्सा अंधकारमय हो गया। स्थानीय लोग बताते हैं कि रात को यहां टहलने या सैर के लिए आने वाले परिवार भी अब कम हो गए हैं। बच्चों और महिलाओं के लिए यह जगह असुरक्षित सी लगने लगी है।</p>
<p>- हर सप्ताह सैकड़ों परिवार और स्कूल के बच्चे यहां भ्रमण के लिए आते हैं।<br />- सप्ताहांत और छुट्टियों में यहां बड़ी भीड़ उमड़ती है।<br />- स्थानीय होटल और टैक्सी कारोबार को भी इससे फायदा होता है।</p>
<p><strong>पर्यटक हो रहे निराश</strong><br />जयपुर से आए पर्यटक अमित अग्रवाल कहते हैं कि हमने कोटा आने पर सबसे पहले सेवन वंडर्स गार्डन घूमने की योजना बनाई थी। दिन में तो सब ठीक था, लेकिन शाम ढलते ही गार्डन में अंधेरे के कारण कुछ भी साफ दिखाई नहीं दिया। बच्चे भी निराश हो गए। इसी तरह रतलाम से आए कॉलेज छात्रों ने कहा कि उन्होंने इंस्टाग्राम और इंटरनेट पर यहां की रात की रंगीन तस्वीरें देखी थीं। लेकिन अंधेरा होने की वजह से निराशा ही हाथ लगी।</p>
<p><strong>सुरक्षा पर भी सवाल</strong><br />अंधेरे के कारण गार्डन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। जब पर्यटक ही अंधेरे में रास्ता नहीं देख पाते तो चोर-उचक्कों के लिए माहौल अनुकूल हो जाता है। रात में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। गार्डन में आए घूमने आए कुछ युवाओं ने कहा कि प्रशासन बड़े-बड़े आयोजनों और उद्घाटनों में पैसा खर्च करता है, लेकिन पर्यटन स्थलों की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान नहीं देता। अगर यहां की लाइटें सही नहीं होंगी तो पर्यटक सोशल मीडिया पर नकारात्मक बातें लिखेंगे, जिससे कोटा का नाम खराब होगा।</p>
<p><strong>केडीए के अधीन है देखरेख का जिम्मा</strong><br />गार्डन की देखरेख केडीए के जिम्मे है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी चोरी की घटना के बाद सिर्फ कागजी कार्रवाई में लगे हुए हैं, जमीनी स्तर पर कोई कदम नहीं उठाया गया। एक माह बाद भी यहां नई लाइटें नहीं लगाई गई हैं। इस लोकप्रिय पर्यटन स्थल की देखरेख के लिए अधिकारी गंभीर नहीं है। सेवन वंडर्स गार्डन कोटा के पर्यटन नक्शे पर विशेष पहचान रखता है। बाहर से आने वाले अधिकांश सैलानी यहां जरूर आते हैं। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से यहां की स्थिति देखकर पर्यटन को सीधा नुकसान हो रहा है। पर्यटक निराश होकर लौटते हैं।</p>
<p><strong>जल्द लगवाएंगे नई लाइटें</strong><br />सेवन गार्डन से लाइटें चोरी होने का मामला सामने आया है। संबंधित विभाग ने इस संबंध में थाने से कई बार पत्राचार किया, लेकिन अब तक चोरी हुई लाइटें बरामद नहीं हो पाई हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नई लाइटें लगाने के लिए शीघ्र ही टेंडर जारी किया जाएगा। फिलहाल सीवी और सेवन गार्डन में लाइट से संबंधित समस्या है, जिसे जल्द ही समाधान निकाला जाएगा।<br /><strong>- ललित मीणा, एईन, केडीए, कोटा</strong></p>
<p><strong>गेट के पास रहता है अंधेरा... </strong><br />सेवन वंडर्स पार्क के मुख्य गेट के पास अंधेरा पसरा रहता है। यहां लगी लाइटें अज्ञात चोर चुरा ले गए हैं। देसी और विदेशी पर्यटकों ने कई बार अंधेरे की शिकायत की है। शाम के समय पार्क में आने वाले लोगों को रोशनी की कमी से परेशानी होती है।<br /><strong>- उर्मिला, सेवन वंडर्स</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 17:31:30 +0530</pubDate>
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                <title>लापरवाही : खानपुर के कई वार्डों में रोडलाइटें नहीं, चोरी व हादसे का खतरा, सड़क किनारे लगी रोडलाइटें बंद</title>
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                        <![CDATA[खानपुर नगर पालिका घोषित होने के बाद भी अभी संपूर्ण रूप से नगर पालिका नहीं बन पाई है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--there-are-no-road-lights-in-many-wards-of-khanpur--there-is-a-risk-of-theft-and-accidents/article-127018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(5)4.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर नगर पालिका घोषित होने के बाद भी अभी संपूर्ण रूप से नगर पालिका नहीं बन पाई है। यहां पर बहुत से वार्डों में रोड लाइटें सुचारू रूप से नहीं जलती है यहां तक की कई जगहों पर तो रोड लाइटें ही नहीं लगी है। जानकारी अनुसार खानपुर क्षेत्र में सड़क किनारे लगी रोडलाइटें नहीं जल रही है और कई वार्डों में तो रोड लाइटें ही नहीं लगी है , जिस कारण रात्रि के समय में सड़कों पर अंधेरा रहता है। रात के समय में अंधेरा होने के कारण कभी भी सड़कों पर हादसा हो सकता है। यहां तक की गलियों में रोड लाइटें  नहीं होने के कारण रात के समय में चोर और स्मैकची सक्रिय रहते है जो चोरी व लूट की वारदातों को अंजाम दे सकते है । कई बार सड़कों पर रात्रि के समय में मवेशी बैठे रहते है जो रोड लाइटों के अभाव में नहीं दिखाई देते जिस कारण भी हादसा हो सकता है। कस्बेवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द खानपुर क्षेत्र में जिस भी जगह रोड लाइटें लगी हुई उन्हें ठीक करवाया जाए तथा जहां पर सड़कों पर रोडलाइटेंं नहीं है वहां पर रोड लाइटें लगाई जाए। पुराना बड़ा बाजार में जैन मंदिर, गुदरी के चौराहे, पुराना स्टेट बैंक चौराहे पर भी रोड लाइटों की समस्या बनी हुई है। </p>
<p>खानपुर को नगर पालिका घोषित हुए बहुत समय हो गया है अभी भी खानपुर नगर पालिका नजर नहीं आ रही है दिन हो या रात लेकिन नगर पालिका जैसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा है । <br /><strong>-पवन पंचोली, कस्बेवासी </strong></p>
<p>अभी 22 सितंबर से नवरात्र प्रारंभ हो जाएंगे और नवरात्र पर जगह-जगह पर डांडिया गरबा नृत्य होंगे तो रोड लाइटों के अभाव में परेशानी होगी। <br /><strong>- मुकेश मालव, कस्बेवासी </strong></p>
<p>रात्रि के समय में रोड लाइट नहीं जलने से राहगीरों को हादसे का भय बना रहता है।<br /><strong>-रमेश शर्मा, कस्बेवासी</strong></p>
<p>सड़कों पर अंधेरा रहता है कभी भी चोरी जैसी वारदात हो सकती है। <br /><strong>-राजेंद्र मेरोठा, कस्बेवासी </strong><br /> <br />खानपुर में मुख्य मार्ग को छोड़कर गलियों में भी अंधेरा हो रहा है, वार्ड नंबर 20 वार्ड नंबर 21 पर तो लाइट व्यवस्था ही नहीं है, लाइट लगाई जाए। <br /><strong>-रामस्वरूप योगी, कस्बेवासी </strong></p>
<p> सड़कों पर रात्रि के समय मवेशी बैठ रहते है रात में रोड लाइटें नहीं जलने से हादसे की आशंका बनी रहती है। <br /><strong>- राम सिंह यादव, कस्बेवासी</strong></p>
<p>नवरात्रा के पहले ही रोड लाइटें जो भी खराब है उन्हें ठीक करवा दिया जाएगा और जहां भी सड़कों के किनारे रोड लाइटें नहीं है वहां पर रोड लाइटें लगवा दी जाएगी।  <br /><strong>-पुखराज मीणा नगर पालिका आयुक्त खानपुर </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 16:06:48 +0530</pubDate>
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                <title>हाईमास्ट लाइट हुई दुर्दशा की शिकार, नहीं हो रही सार-संभाल</title>
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                        <![CDATA[अंधेरे में डूबा रहता है गौरव पथ, संकेतक भी गिरे नीचे]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/high-mast-lights-are-in-a-bad-condition--no-maintenance-is-being-done/article-124810"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/18ne1ws.png" alt=""></a><br /><p>सांगोद। सांगोद कस्बे के गौरव पथ पर लगी हाईमास्ट व रोड लाइटें इन दिनों विभागीय अनदेखी की शिकार हो चुकी हैं। लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं और गौरव पथ पर लगे संकेतक भी नीचे गिरे पड़े हैं। नगर वासियों का कहना है कि पालिका प्रशासन द्वारा लाइटों की समय पर देखरेख नहीं की जा रही है, जिसके चलते पूरा गौरव पथ अंधेरे में डूबा रहता है। बायपास मार्ग पर सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग टहलने जाते हैं। </p>
<p><strong>बारिश के दिनों में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा </strong><br />महिलाओं और युवतियों की तादाद भी अधिक रहती है, लेकिन अंधेरे के कारण लोग असुविधा का सामना कर रहे हैं। बारिश के दिनों में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा और बढ़ गया है। वाहन चालकों को भी बायपास पर रोशनी के अभाव में परेशानी झेलनी पड़ रही है।</p>
<p>बायपास पर अंधेरा पसरा रहता है। आवारा मवेशियों और जानवरों का भी खतरा बना रहता है। <br /><strong>-रामकल्याण, सेवानिवृत्त कर्मचारी</strong></p>
<p>गौरव पथ की अधिकांश लाइट खराब हैं। अंधेरे में जहरीले जीव-जंतु का डर लगा रहता है। रोड लाइट तुरंत दुरुस्त होनी चाहिए। <br /><strong>-मेघा नागर, सांगोद निवासी </strong></p>
<p>सड़क पर आवारा मवेशी व श्वान बैठे रहते हैं। पैदल घूमने वालों को अंधेरे में विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। <br /><strong>-कृष्णकुमार गर्ग, पार्षद, सांगोद</strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />रोड लाइट का टेंडर प्रक्रियाधीन है। एक-दो दिन में टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होते ही व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी। <br /><strong>-मनोज मालव, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, सांगोद</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 16:03:05 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 44 - नालियों के टूटे ढकान व कम रोशनी की रोड लाइटें बनी  परेशानी </title>
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                        <![CDATA[राहगीरों को आने जाने में परेशानी आती हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-44---broken-drain-covers-and-low-light-road-lights-are-a-problem/article-124246"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(4)35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 44 में समय -समय पर विकास के कार्य तो होते आए हैं पर अभी बारिश की वजह से सड़कों में गड्डे हो रहे हैं। वहीं वार्ड की कुछ नालियों में ढकान नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। जिससे रात में व बारिश के समय इनसे दुर्घटना होने का अंदेशा रहता हैं। वहीं वार्ड की कॉलोनी में कुछ जगहों पर कचरा पड़ा रहता हैं जिससे आस-पास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। गली में वार्डवासियों  द्वारा मकानों के सामने गाड़ी खड़ी करने से परेशानी आती हैं। व वार्ड में कुछ मकानो के पास से विद्युत लाइन  निकाल रही जिससे बारिश के समय पर दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता हैं। वार्डवासी रणजीत कुमार व दिनेश व नितेश ने बताया कि वार्ड पार्षद द्वारा समय -समय पर पार्षद द्वारा निरीक्षण किया जाता हैं। शंकर लाल ने बताया कि रात के समय पर कुत्ते बाइक सवारों के पीछे भागते हैं पीछे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता हैं व राहगीरों को आने जाने में परेशानी आती हैं। </p>
<p><strong>वार्ड में लगे कचरे के ढेर </strong><br />वार्ड में कुछ जगहों पर कचरे के ढ़ेर लगे हुए जिससे आस-पास रहने वालों को परेशानी व ढेÞर से बदबू आती हैं, दिनभर मवेशी इन कचरे के ढ़ेर पर विचरण करते है जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।   </p>
<p><strong>खुले बिजली के पैनल सेदुर्घटना का अंदेशा</strong><br />वार्ड में निगम कॉलोनी के सामने बिजली ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा दीवार नहीं होने से इससे कभी भी बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता हैं। </p>
<p><strong>नालियों के टूटे ढकान बने परेशानी </strong><br />वार्ड में नालियों के ढकान की पट्टियां टूटने से बाइक सवार व रात्रि के समय पर जब इनके ऊपर बाइक निकलती हैं तो कई बार बाइक इनमें फंस जाती है जिससे परेशानी आती हैं और दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता हैं। </p>
<p><strong>वार्ड का एरिया </strong><br /> नगर निगम कॉलोनी, पालीवाल कम्पाउण्ड, डॉ. रामकुमार सामुदायिक भवन के पास का संपूर्ण क्षेत्र, फकीरों की मस्जिद के पीछे का संम्पूर्ण  क्षेत्र, वीर तेजाजी महाराज का मंदिर, भूतेश्वर मंदिर,  हरदोल व्यायामशाला, नारायण व्यायामशाला, श्री दक्ष प्रजापति,  नारायण बाबा की बगीची आदि क्षेत्र वार्ड में आता हैं।</p>
<p>वार्ड में जो रोड लाइट लगाई गई वहां छोटी जिससे रोशनी कम होती हैं इनकी जगह पर बड़ी रोड लाइट लगानी चाहिए। <br /><strong>- मुन्ना भाई</strong></p>
<p>वार्ड में कचरा गाड़ी प्रतिदिन आती हैं पर हमारी गली में प्रतिदिन नहीं आती हैं। जिससे  जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं ।  जिससे कचरा खुले में डालना पड़ता हैं। <br /><strong>- रणजीत </strong></p>
<p> हमे रोड लाइट निगम से गली के हिसाब से मिलती है जो हमने लगाई हैं। वहीं नालियों के टूटे ढकान को ठीक कराने के लिए अभी तक बजट नहीं आया हैं। <br /><strong>- लेखराज योगी, पार्षद 44 कांग्रेस</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Aug 2025 12:41:35 +0530</pubDate>
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                <title>रात में घोड़ा चौराहा हो रहा रोशन व एरोड्राम पर छाया अंधेरा</title>
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                        <![CDATA[करीब एक माह से अंधेरे में डूबा है एरोड्राम चौराहा।
]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ghoda-square-is-getting-lit-up-at-night-and-darkness-prevails-on-aerodrome/article-121194"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news48.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कांग्रेस सरकार के समय में करोड़ों रुपए खर्च कर शहर के चौराहों का विकास व सौन्दर्यीकरण कराया गया था। लेकिन देखरेख के अभाव में चौराहों की दुर्दशा होने लगी है। इसका एक उदाहरण हैं एरोड्राम चौराहा। तत्कालीन नगर विकास न्यास(वर्तमान में केडीए) द्वारा करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से तो एरोड्राम चौराहे  पर अंडरपास का निर्माण किया गया था। वहीं इसके सौन्दर्यीकरण पर भी 20 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए। जिसके तहत यहां टावर्स आॅफ लिबर्टी का निर्माण किया गया था। इन पर मशाल रूप में आकर्षक व रंग बिरंगी लाइटें लगाई गई। ये लाइटें हर बार रंग व डिजाइन बदलती हुई जल रही थी। जिससे शहर के मध्य होने से जो भी यहां से गुजरता उसके लिए यह आकर्षण का केन्द्र था। लेकिन हालत यह है कि पिछले करीब एक माह से यह चौराहा अंधेरे में डूबा हुआ है। इसकी एक भी लाइट नहीं जल रही है। इसका कारण इन लाइटों को रोशन करने वाली बिजली की केबल ही चोरी होना है। जरा से नशे के लिए नशेड़ी महंगी लाइटों व केबल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। </p>
<p><strong>अंडरग्राउंड होने से नशेड़ियों के लिए आसान</strong><br />एरोड्राम चौराहे के टावर्स आॅफ लिबर्टी की लाइटों की केबल अंडरपास के नीचे है। जिससे इन तक पहुंचना नशेड़ियों के लिए काफी आसान हो रहा है। यह पहला मौका नहीं है जब यहां के केबल चोरी हुई है। पहले भी कई बार यह चोरी हो चुकी है। केबल के साथ पूर्व में तो पैनल बॉक्स व लाइटें तक चोरी हो गई थी।  जिसे पहले तो समय-समय पर ठीक भी किया गया था। लेकिन अब तो कोई उसे ठीक करने को भी तैयार नहीं है। जिससे यह लम्बे समय से अंधेरे में डूबा हुआ है।  हालांकि संवेदक द्वारा पूर्व में कई बार केबल व लाइटों को पेड़ा बांधकर सही कराया जा चुका है। </p>
<p><strong>सुरक्षा गार्ड होने से घोड़ा चौराहा रोशन</strong><br />एक तरफ जहां एरोड्राम चौराहा अंधेरे में डूबा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ इसके नजदीक घोड़े वाला चौराहा रात में रोशन हो रहा है।  जानकारों के अनुसार शुरुआत में सभी चौराहों पर नगर विकास न्यास की ओर से सुरक्षा गार्ड लगाए गए थे। जिससे वहां लगाई गई लाइटों के साथ ही विकास कार्यों की सुरक्षा हो सके। लेकिन समय के साथ कई जगह से सुरक्षा गार्ड हटा दिए गए।  हालांकि वर्तमान में घोड़े वाले बाबा चौराहे पर रात में सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। जिससे वहां की लाइटें फिलहाल सुरक्षित होने से रात ें यह चौराहा रोशन हो रहा है। जबकि एरोड्राम चौराहे पर कोई सुरक्षा गार्ड नजर ही नहीं आते। यदि कोई होंगे भी तो वे बाहर की तरफ ही रहते हैं। जबकि नशेडी अंधेरे का फायदा उठाकर अंडरग्राउंड से केबल चोरी कर ले जा रहे हैं। </p>
<p><strong>एक बार केबल चोरी होने पर लाखों का नुकसान</strong><br />केडीए की ओर से वैसे तो हर चौराहे व विकास कार्य का निर्माण करवाने के साथ ही संवेदक के साथ उसका एमओयू भी किया हुआ है। एक निर्धारित अवधि तक उस विकास कार्य  में कोई भी नुकसान होता है या खराबी होती है तो उसे संवेदक द्वारा ही सही कराया जाएगा। उसके लिए केडीए को अलग से खर्चा नहीं करना पड़ेगा। जबकि एमओयू के समय ही मेंटेनेंस के लिए निर्धारित राशि संवेदक को दी गई है।  चौराहों व मेन रोड पर लगाई गई लाइटें काफी महंगी है। एक बार केबल चोरी होने पर उन्हें दोबारा लगाने पर लाखों रुपए का खर्चा होता है। </p>
<p><strong>लाइटें खराब होने की गारंटी, चोरी होने की नहीं</strong><br />एरोड्राम चौराहे की मेंटेनेंस करने वाली फर्म के संवेदक सुनील कुमार गर्ग का कहना है कि केडीए से चौराहे व लाइटों की खराबी व टूटफूट का एमओयू हुआ है। लाइटें चोरी होने का नहीं। उसके बाद भी तीन से चार बार लाइटें व केबल बदली जा चुकी है। एक बार केबल चोरी होने पर 50 हजार से एक लाख रुपए का खर्चा होता है। सुरक्षा गार्ड होने के बाद भी नशेड़ी अंधेरे का फायदा उठाकर अंडरग्राउंड केबल होने से आसानी से चोरी कर ले जाते हैं। इस बार केबल केडीए लाकर देगा तो उसे सही करवा दिया जाएगा। लेकिन लगाने के बाद फिर से क्या गारंटी है कि केबल चोरी नहीं होगी। </p>
<p><strong>नशेड़ियों का कोई इलाज नहीं</strong><br />इधर केडीए अधिकारियों का कहना है कि एरोड्राम चौराहे पर ही सबसे अधिक लाइटें व केबल चोरी हो रही है। संवेदक के माध्यम से इन्हें कई बार सही कराया जा चुका है। लेकिन नशेड़ियों का कोई इलाज नहीं होने से वे बार-बार केबल व लाइटें चोरी कर ले जाते है। अधिकारियों का कहना है कि संवेदक से कहकर लाइटों को चालू करवाने का प्रयास किया जा रहा है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Jul 2025 15:06:15 +0530</pubDate>
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                <title> असर खबर का - अब शहरवासियों को गड्ढ़ों के दर्द से मिलेगी निजात</title>
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                        <![CDATA[सड़क के इस हिस्से पर गहरे गड्ढ़े हो रहे थे, जो अंधेरे में दिखाई नहीं देने से दुपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---now-the-city-dwellers-will-get-relief-from-the-pain-of-potholes/article-117155"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(1)49.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डीसीएम रोड स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज से एयरपोर्ट की ओर गुजर रहे लिंक रोड  की जल्द ही दशा सुधरेगी। लंबे समय से क्षतिग्रस्त हो रही सड़क की एक लेन को दोबारा बनाया जा रहा है। जिससे वाहन चालकों को गड्ढ़ों से निजात मिल सकेगी। वहीं, हाल ही में बनाए गए डिवाइडरों पर विद्युत पोल भी लगाए जाएंगे। जिससे रात के समय सड़क पर अंधेरा पसरे रहने की समस्या का भी समाधान हो सकेगा। इन दिनों केडीए की ओर से पॉलिटेक्निक कॉलेज से एयरपोर्ट जाने वाले लिंक रोड का निर्माण करवाया जा रहा है। </p>
<p><strong>नई बनेगी दो किमी डामर सड़क</strong><br /> यह सड़क करीब दो किमी लंबी है, जो जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रही थी। ऐसे में आवागमन के दौरान गहरे  गड्ढ़ों के कारण वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे थे। वहीं, वाहनों का मेंटिनेंस भी बढ़ रहा था। ऐसे में केडीए द्वारा सड़क को फिर से बनाया जा रहा है, जो 10 से 15 दिन की अवधि में पूरी हो जाएगी। बता दें, दैनिक नवज्योति ने लगातार इस मामले को लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर वाहन चालकों की परेशानियों से प्रशासन को अवगत कराया था। इसके बाद केडीए ने नए सिरे से सड़क का निर्माण कार्य शुरू करवाया। </p>
<p><strong>रोशन होगी सड़क, अंधेरे से मिलेगी राहत</strong><br />लिंक रोड पर आधे हिस्से पर रोड लाइटें लगी हुई और आधा हिस्सा अंधेरे में डूबा रहता है। जिसकी वजह से रात के समय यहां से गुजरने के दौरान वाहन चालक खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। पॉलिटेक्निक कॉलेज से अपना घर आश्रम तक डिवाइडर पर लाइटें लगी होने से सड़क पर रोशनी रहती है लेकिन आश्रम से एयरपोर्ट तक डिवाइडर पर विद्युत पोल नहीं लगे होने से अंधेरा पसरा रहता है। ऐसे में बाइक सवारों को लूटपाट व अनहोनी का डर सताता है। जबकि, सड़क के इस हिस्से पर गहरे गड्ढ़े हो रहे थे, जो अंधेरे में दिखाई नहीं देने से दुपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> यह सड़क पहले बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाती थी। ऐसे में नई तकनीक से पूरी सड़क नई बनाई जा रही है, जो 10 से 15 दिन में बनकर तैयार हो जाएगी। वहीं, इसी अवधि में डिवाइडरों पर विद्युत पोल लगवा दिए जाएंगे। जिससे अंधेरे की समस्या भी खत्म हो जाएगी। <br /><strong>-रविंद्र माथूर, निदेशक अभियांत्रिकी केडीए </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 14:47:15 +0530</pubDate>
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                <title>डेकोरेटिव लाइटें हुई चोरी, खम्भे बने ठूंठ</title>
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                        <![CDATA[शहर की सुंदरता बिगाड़ने  के साथ ही शहर को अंधेरे में डुबोने का काम कर रहे हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-decorative-lights-were-stolen--pillars-became-stumps/article-114041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(1)26.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शिक्षा नगरी से स्मार्ट सिटी और पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रहे कोटा शहर  में जहां विकास व सौन्दर्यीकरण के माध्यम से चमकाने का प्रयास किया गया। वहीं उस विकास व सौन्दर्य को चोर व नशेड़ी ग्रहण लगा रहे हैं। लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर शहर में रोशनी के लिए लगाई गई डेकोरेटिव लाइटें चोरी होने से खम्भे ठूंठ बनकर रह गए हैं। पिछली कांग्रेस सरकार के समय में स्मार्ट  सिटी प्रोजेक्ट व  तत्कालीन नगर विकास न्यास के माध्यम से शहर में विकास व सौन्दर्यीकरण के कार्य करवाए गए थे। करीब 6 हजार करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों के तहत शहर को रोशन करने के  लिए चौराहों व मुख्य मार्गों पर आकर्षक डेकोरेटिव लाइटें लगाई गई थी।  शहर के अधिकतर क्षेत्रों में डिवाइडरों के बीच हो या सड़क किनारे पर सभी जगह लगी ये लाइटें रात के समय रोशनी देने के साथ ही अपनी अलग ही आभा भी बिखेरती है। फिर चाहे वह नयापुरा स्थित विवकानंद सर्किल हो या जेडीबी कॉलेज से अंटाघर होते हुए स्टेशन रोड। छावनी व कोटड़ी चौराहा हो या नए कोटा शहर के मुख्य मार्ग। सभी जगह पर आकर्षक के साथ ही महंगी डेकोरेटिव लाइटें लगाई गई थी। </p>
<p><strong>धीरे-धीरे गायब होने लगी लाइटें</strong><br />शहर में मेन रोड व चौराहों पर लगी ये लाइटें कुछ समय तक तो सही रही। लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे ये गायब होने लगी।  शुरुआत में इनके गायब होने की संख्या कम थी। लेकिन बाद में ये बढ़ती गई। हालत यह है कि अधिकतर लाइटें  चोरी हो चुकी है।  कई जगह पर तो चोरी हुई लाइटों की जगह पर नई लगा दी गई है। जबकि अभी भी आकाशवाणी से लेकर बड़ तिराहे तक और कई अन्य जगहों पर इन लाइटों की जगह पर सिर्फ खम्भे ही रह गए हैं। जबकि लाइटें नजर ही नहीं आ रही है।  जिस तरह से पेड़ के पत्ते व तने कटने पर वहां ठूंठ रह जाता है उसी तरह की हालत इन लाइटों की हो रही है। </p>
<p><strong>नीचे होने से चोरी करना आसान</strong><br />शहर में वैसे तो कई जगह पर इन लाइटों को काफी ऊंचाई  पर लगाया हुआ है। जिससे आसानी से उन्हें चोरी करना मुश्किल है। ऐसी जगह पर ही ये लाइटें सुरक्षित हैं। जबकि कई जगह ऐसी हैं जहां सड़क किनारे इन लाइटों को बहुत कम ऊंचाई पर लगाया गया है। नयापुरा क्षेत्र हो या चम्बल रिवर फ्रंट का क्षेत्र। यहां लाइटें काफी नीची रखी गई है। इसका कारण रोशनी के साथ ही इनकी सुंदरता को भी बताना था। लेकिन उसका फायदा लोगों को तो कम मिला। चोरों व नशेड़ियों को उसका अधिक लाभ हुआ।  जनता के धन की बर्बादी और चोरों की पौबारह हो रही है। नशेड़ी व चोर जरा से लालच के लिए इन महंगी लाइटों को चोरी कर कबाडी को या अन्य स्थानों पर बेचकर शहर की सुंदरता बिगाड़ने  के साथ ही शहर को अंधेरे में डुबोने का काम कर रहे हैं। </p>
<p><strong>सीसीटीवी कैमरों में कैद चोरी की घटनाएं</strong><br />शहर में आए दिन हो रही चोरी की घटनाएं आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो रही है। डेकोरेटिव लाइटों को दिन दहाड़े व शाम के समय किस तरह सफाई से चोरी किया जा रहा है। वह भी सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। चम्बल रिवर फ्रंट के पास लाइटों के साथ ही बिजली की केबल चोरी तक की घटनाओं को अंजाम देते हुए कई बार लोगों को पकड़ा भी गया है। लेकिन चोरी की घटनाओं पर रोक नहीं लगी। हालांकि कई घटनाओं को तो नाबालिगों के माध्यम से अंजाम दिया जा रहा है। </p>
<p><strong>चोरों का कोई इलाज नहीं, सही करवा रहे</strong><br />शहर को सुंदर बनाने के साथ ही रोशन करने के लिए केडीए की ओर से मेन रोड व चौराहों पर डेकोरेटिव लाइटें लगवाई गई हैं। लेकिन कई जगह पर लाइटों के चोरी होने की शिकायतें मिली थी। उन जगहों पर संवेदक के माध्यम से नई लाइटें लगवा दी है। चोरों का कोई इलाज भी नहीं है।  कई बार लाइटों व अन्य सामान चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई है लेकिन कुछ नहीं हुआ। सभी जगह पर सुरक्षा कर पाना भी मुश्किल है। फिर भी यदि कहीं और ऐसी जगह हैं जहां लाइटें नहीं है। वहां संवेदक से कहकर नई लाइटें लगवा दी जाएंगी। <br /><strong>- पवन शर्मा, एक्सईएन(विद्युत) कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]>
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                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 May 2025 17:52:32 +0530</pubDate>
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                <title>अब नशेड़ियों का शिकार हुआ एरोड्राम चौराहे का टॉवर ऑफ लिबर्टी, बैसेमेंट में लगी केबल व पैनल चोरी</title>
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                        <![CDATA[कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से करोड़ों रुपए की लागत से शहर में विकास व सौन्दर्यीकरण के कार्य करवाए गए थे]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-tower-of-liberty-of-aerodrome-square-has-become-the-victim-of-drug-addicts/article-108605"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news45.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर में नशेडियों का इतना अधिक आतंक हो गया है कि वे बीच चौराहा व पुलिस थानों के नजदीक तक चोरी करने से नहीं चूक रहे है। अब नशेड़ियों ने शहर के बीच एरोड्राम चौराहे की टावर्स आॅफ लिबर्टी को अपना शिकार बनाया है। चोर लाखों की केबल, पैनल, लाइटें व फव्वारे तक चोरी कर ले गए।  जिससे दस दिन से टावर्स की लाइटें बंद पड़ी थी। जिन्हें सोमवार को सही कर शाम को फिर से चालुू किया गया है। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से करोड़ों रुपए की लागत से शहर में विकास व सौन्दर्यीकरण के कार्य करवाए गए थे। जिनमें चौराहों को भी विकसित किया गया था। उसी के तहत शहर के बीच स्थित एरोड्राम चौराहे पर टावर्स आॅफ लिबर्टी का निर्माण कराया गया था। जिस पर आकर्षक लाटिें लगाई गई थी। रात के समय ये रंग बिरंगी और बदलती लाइटें लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बने हुए हैं। लेकिन हालत यह है कि पिछले करीब दस दिन से इन टावर्स की लाइटें बंद पड़ी हुई थी। इसका कारण नशेडियों द्वारा की गई चोरी है। </p>
<p><strong>बैसेमेंट में लगी केबल व पैनल चोरी</strong><br />एरोड्राम चौराहे पर बने टावर्स ऑफ लिबर्टी पर लगी लाइटों को जलाने के लिए इसके बेसमेंट में बिजली की केबल डाली हुई है। साथ ही यहां उसे कंट्रोल करने के लिए पैनल बॉक्स लगा हुआ  है। लेकिन हालत यह है कि वहां न तो केबल है और न ही पैनल बॉक्स। एक बॉक्स तो टूटकर नीचे पड़ा हुआ था और दूसरा खाली है। जिसके अंदर से बिजली के महंगे उपकरण नशेड़ी चोरी कर ले गए। यहां लगी लाइटें, फव्वारे की टोटियां, बॉक्स का गेट समेत सामान चोरी हो गए। जिससे लाखों रुपए का सामान चोरी होने से टावर्स की लाइटें ही बंद हो गई।</p>
<p><strong>लम्बे समय बाद तो हुई भी चालू</strong><br />टावर्स की लाइटें महीने में कुछ ही दिन चल पाती है। जबकि अधिकतर समय बंद रहती है। अभी काफी समय तक लाइटें बंद थी। टावर्स के ऊपर तकनीकी खराबी होने से बनद लाइटों को चालू करने के लिए लाखों रुपए का पेड़ा महीनों तक बांधकर लाइटों को सही किया गया। कई दिन ट्रायल के बाद कुछ समय पहले ही ये लाइटें चालू हुई थी। उसके बाद नशेडियों द्वारा केबल व पैनल चोरी करने से फिर से दस दिन तक बंद रही।</p>
<p><strong>सुरक्षा गार्ड तक नहीं</strong><br />कांग्रेस सरकार के समय में जब इन चौराहों का विकास व सौन्दर्यीकरण कराया गया था। उस समय यहां सफाई के लिए कर्मचारी से लेकर सुरक्षा के लिए गार्ड तक लगाए गए थे। हालांकि गार्ड तो अभी भी लगे हुए बताए जा रहे हैं लेकिन कहीं नजर नहीं आते। यही कारण है कि नशेड़ियों को यहां से बिजली के कीमती सामान चोरी करने का मौका मिल गया। इतना ही नहीं यहां केबल व पैनल की सुरक्षा के लिए रैलिंग या जाली तक लगी हुई नहीं है। नीचे की तरफ रात में सुनसान व सन्नाटा होने से नशेड़ियों के लिए चोरी करना सुविधाजनक हो रहा है</p>
<p><strong>दस दिन बाद चालू हुई लाइटें</strong><br />केडीए के अधिशाशी अभियंता(विद्युत) पवन शर्मा ने बताया कि टावर्स आॅफ लिबर्टी की केबल व पैनल बॉक्स नशेड़ी चोरी करके ले गए थे। जिससे ये लाइटें बंद थी। उन्हें संवेदक के माध्यम से कहकर फिर से सही कराया है। दस दिन बाद सोमवार देर शाम को लाइटों को फिर से चालू किया गया है। यह काम संवेदक के ओ एंड एम के तहत ही कराया गया है। इसमें केडीए का कोई खर्चा नहीं हुआ है। शर्मा ने बताया कि स्मैकचियों व नशेड़ियों के कारण काफी परेशानी बढ़ गई है। कई बार थानों में चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। वहां भी इतनी अधिक औपचारिकताएं पूरी करने पड़ती है कि रिपोर्ट करवाने में ही थानों में पूरा दिन लग जाता है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Mar 2025 16:43:25 +0530</pubDate>
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                <title>रोड लाइटें ठीक करवाने के लिए मंत्री को लिखना पड़ा आयुक्त को पत्र</title>
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                        <![CDATA[इन वार्डों में से कई वार्ड में नगर निगम और कई में केडीए की ओर से रोड लाइटें लगाई गई थी। इन लाइटों की मेंटेनेंस के लिए कहा जाता है तो  दोनों विभाग आपस में एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ देते हैं।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-minister-had-to-write-a-letter-to-the-commissioner-to-get-the-road-lights-repaired/article-106350"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/2547rtrer2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगर निगम कोटा दक्षिण में आने वाले रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र के 8 वार्डों की रोड लाइटों की मेंटेनेंस के लिए  शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को कोटा दक्षिण आयुक्त को पत्र लिखना पड़ा। मंत्री दिलावर ने हाल ही में कोटा दक्षिण आयुक्त को लिखे पत्र में बताया कि उनकी विधानसभा रामगंजमंडी के 8 वार्ड 6, 7, 8, 29, 31, 32, 52 व 53 कोटा दक्षिण निगम  में आते हैं। इन वार्डों में लम्बे समय से रोड लाइटों की उचित मेंटेनेनस नहीं हो पा रही है।  इसका मुख्य कारण नगर निगम कोटा दक्षिण व कोटा विकास प्राधिकरण के बीच आपसी सामंजस्य का अभाव होना प्रतीत हो रहा है। इस संबंध में उनकी दोनों विभागों के संबंधित अधिकारियों से चर्चा भी हुई है। लेकिन स्थितियां जस की तस बनी हुई है। क्योंकि इन वार्डों में से कई वार्ड में नगर निगम और कई में केडीए की ओर से रोड लाइटें लगाई गई थी। इन लाइटों की मेंटेनेंस के लिए कहा जाता है तो  दोनों विभाग आपस में एक दूसरे  पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ देते हैं।</p>
<p><strong>निर्देशों की हो रही अवहेलना</strong><br />दिलावर ने पत्र में लिखा कि उनके द्वारा गत दिनों समस्या समाधान शिविर के दौरान भी दोनों विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि  खराब व बंद पड़ी रोड लाइटों को अविलम्ब ठीक कर वार्ड वासियों को अंधेरे से निजात दिलाई जाए। इसके बावजूद भी अभी तक दोनों विभागों ने आपस में समंवय नहीं हुआ। जिससे अभी तक रोड लाइटों को ठीक नहीं किया गया।  जिससे आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह उनके निर्देशों की अवहेलना है। </p>
<p><strong>दोनों विभाग तय करेंकौन करेगा काम</strong><br />मंत्री दिलावर ने पत्र में लिखा कि निगम व केडीए दोनों विभागों के अधिकारी एक साथ बैठकर तय करें कि किन वार्डो में रोड लाइटों का मेंटेनेंस कौन सा विभाग करेगा।  यह तय होने के बाद उन्हें भी इससे अवगत कराया जाए जिससे भविष्य में उस क्षेत्र के लिए उसी विभाग के अधिकारी को रोड लाइटें ठीक करने के लिए कहा जा सके। </p>
<p><strong>अविलम्ब हो मेंटेनेंस, जनता को दें राहत</strong><br />दिलावर ने कहा कि इन सभी 8 वार्डों की बंद व खराब रोड लाइटों को अभियान के रूप में चालू करें। जहां रोड लाइटें बदली जानी हैं वहां नई रोड लाइटें लगाई जाएं। जहां बिजली के खम्बे लगे हुए नहीं हैं वहां नए खम्बे लगाकर लाइटें लगाई जाएं।  जिससे आमजन को अंधेरे से मुक्ति मिल सके। मंत्री दिलावर ने कहा कि उनका मानना है कि भविष्य में  उचित मेंटेनेंस का सम्पूर्ण कार्य एक ही विभाग अर्थात नगर निगम कोटा दक्षिण के पास रहे।  जिससे समय पर मेंटेनेंस का  कार्य पूर्ण किया जा सके। </p>
<p><strong>आए दिन की समस्या</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के उप महापौर पवन मीणा ने बताया कि रामगंजमंडी के अधिकतर वार्ड ग्रामीण क्षेत्र में आते हैं। उनमें से कई जगह पर ही लाइटें लगी हुई है। जबकि गणेश नगर, विनोभा भावे नगर और देव नारायण योजना मार्ग समेत कई जगह पर आए दिन रोड लाइटें बंद रहती है। लोगों की शिकायतें आने पर निगम में लाइटें सही करवाने के लिए कहते हैं। लेकिन एक से डेढ़ माह बाद लाइटें ठीक हुई। उप महापौर ने बताया कि नगर निगम में विद्युत अनुभाग में कोई जिम्मेदार अधिकारी ही नहीं है। साथ ही जिस संवेदक को ठेका दिया है उससे व्यवस्था संभल नहीं पा रही है। जिससे यह समस्या बनी हुई है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 15:06:19 +0530</pubDate>
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