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                <title>month of sawan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सावन शिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब : भोलेनाथ के अभिषेक के लिए मंदिरों में लगी कतारें, कांवड़ यात्रियों का जत्था भी निकला</title>
                                    <description><![CDATA[सावन शिवरात्रि पर शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अलसुबह से जलाभिषेक और दर्शन के लिए कतारें। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, दही, शहद से अभिषेक कर बेलपत्र व धतूरा अर्पित। मंदिरों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और आरती हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-flood-of-faith-gathered-in-the-shiva-temples-on/article-162636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(6)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सावन की शिवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अलसुबह से ही मंदिरों में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गईं। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, शहद और जल से अभिषेक कर पूजा-अर्चना की तथा बेलपत्र, धतूरा, आक के पुष्प और फल अर्पित किए। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते रहे। सावन शिवरात्रि के चलते शहर के प्रमुख शिवालयों में विशेष सजावट और धार्मिक आयोजन किए गए। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। कई मंदिरों में विशेष रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और शिव आरती का आयोजन हुआ। मंदिरों में सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं।</p>
<p>शिवरात्रि के अवसर पर कांवड़ यात्रियों में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री हरिद्वार और अन्य तीर्थस्थलों से गंगाजल लेकर जयपुर पहुंचे और विभिन्न शिव मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंगलवार को भी शहर के विभिन्न मार्गों से कांवड़ यात्रियों के जत्थे शिवालयों की ओर जाते नजर आए। कांवड़ यात्रियों के लिए जगह-जगह श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों की ओर से जलपान एवं सेवा शिविर लगाए गए। शहर के मंदिरों के आसपास सुबह से ही धार्मिक वातावरण बना रहा। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और शिव स्तुति के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 15:27:54 +0530</pubDate>
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                <title>गुरुवार से शुरू होगा सावन और शुक्रवार को हो जाएगा समाप्त</title>
                                    <description><![CDATA[हिंदू धर्म के अनुसार सावन का महीना बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है। गुरुवार से सावन शुरू हो रहा है, जो 12 अगस्त तक होगा। सावन में शनि अपनी खुद की राशि में वक्री रहेगा। गुरु 29 जुलाई से अपनी ही राशि मीन में वक्री होगा। सावन महीने में इन दोनों ग्रहों का अपनी-अपनी राशि में वक्री होना बहुत खास योग है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sawan-will-start-from-thursday-and-will-end-on-friday/article-14102"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/sav.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> हिंदू धर्म के अनुसार सावन का महीना बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है। गुरुवार से सावन शुरू हो रहा है, जो 12 अगस्त तक होगा। सावन में शनि अपनी खुद की राशि में वक्री रहेगा। गुरु 29 जुलाई से अपनी ही राशि मीन में वक्री होगा। सावन महीने में इन दोनों ग्रहों का अपनी-अपनी राशि में वक्री होना बहुत खास योग है।</p>
<p>पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि सावन में शिवजी के साथ ही, सूर्य, चंद्र, शनि और गुरु के लिए विशेष पूजा करने से सभी नौ ग्रहों के दोष दूर हो सकते हैं। 20 जुलाई को सूर्य पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इसके बाद अच्छी बारिश के योग बन सकते हैं। सावन हिन्दी पंचांग का पांचवां महीना है। इस महीने की अंतिम तिथि पूर्णिमा पर श्रवण नक्षत्र रहता है। इस वजह से इसे श्रावण और बोलचाल की भाषा में सावन कहा जाता है। सावन का पहला सोमवार 18 जुलाई को होगा और अंतिम सोमवार 8 अगस्त को। इस साल सावन में कुल चार सोमवार आ रहे हैं।</p>
<p><strong>बारिश में डूब जाते हैं कई शिवलिंग </strong></p>
<p>अनीष ने बताया कि देश में कई शिव मंदिर ऐसे हैं, जहां बारिश के दौरान जलधारा सीधे शिवलिंग पर ही आकर गिरती है या बारिश के  कारण शिवलिंग डूब जाते हैं। शिवलिंग के ऊपर एक कलश लटका रहता है, जिससे बूंद-बूंद जल शिवलिंग का अभिषेक करता है। जिसे  जलाधारी कहते है। इसलिए भी सावन मास का विशेष महत्व है।</p>
<table style="width:708px;">
<tbody>
<tr>
<td style="text-align:center;width:705px;" colspan="2"><span style="color:#ff6600;"><strong>इस बार चार वन सोमवार</strong></span></td>
</tr>
<tr>
<td style="width:318.9px;">14 जुलाई गुरुवार</td>
<td style="width:386.1px;">पहला दिन</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:318.9px;">18 जुलाई सोमवार </td>
<td style="width:386.1px;">पहला सोमवार</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:318.9px;"> 25 जुलाई सोमवार</td>
<td style="width:386.1px;">दूसरा सोमवार व्रत</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:318.9px;"> 01 अगस्त सोमवार</td>
<td style="width:386.1px;">तीसरा सोमवार व्रत</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:318.9px;">08 अगस्त सोमवार</td>
<td style="width:386.1px;">चौथा सोमवार व्रत</td>
</tr>
<tr>
<td style="width:318.9px;">12 अगस्त शुक्रवार</td>
<td style="width:386.1px;">अंतिम दिन</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><br />  <br />    <br />   <br />   <br />    <br />    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Jul 2022 11:56:59 +0530</pubDate>
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