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                <title>percentile - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कोटा के पीडब्ल्यू  विद्यापीठ के छात्र हर्ष वर्धन कुमार का कमाल, जेईई मेंन्स में 66 से 99 पर्सेंटाइल तक पहुँचे</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा के हर्ष वर्धन कुमार ने JEE Main में चमत्कारिक सुधार कर सबको चौंका दिया। सेशन 1 में 66 परसेंटाइल लाने के बाद, उन्होंने हार नहीं मानी और सटीक रणनीति व PW विद्यापीठ के गुरुजनों के मार्गदर्शन से सेशन 2 में 99 परसेंटाइल हासिल किए। उनकी यह सफलता निरंतरता और खुद पर भरोसे की जीत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/amazing-feat-of-harsh-vardhan-kumar-student-of-pw-vidyapeeth/article-152137"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)17.png" alt=""></a><br /><p><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';">प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए मेहनत, सही रणनीति और लगातार प्रयास बहुत जरूरी होते हैं। इसका बेहतरीन उदाहरण कोटा में तैयारी कर रहे छात्र हर्ष वर्धन कुमार ने पेश किया है, जिन्होंने JEE Main Session 1 में 66 पर्सेंटाइल से Session 2 में 99 पर्सेंटाइल हासिल कर एक शानदार सुधार दर्ज किया। उनकी यह यात्रा न केवल संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल है, बल्कि यह दिखाती है कि सही दिशा में की गई मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। </span><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';">इस शानदार उपलब्धि के पीछे की कहानी और उनकी तैयारी की रणनीति को जानने के लिए हमने हर्ष वर्धन कुमार से खास बातचीत की:</span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:115%;background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><strong><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">आपकी JEE Main Session 1 से Session 2 तक की यात्रा कैसी रही? इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण क्या था?</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:115%;background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">मेरी JEE Mains Session 1 से Session 2 तक की यात्रा इतनी अप्रत्याशित रही है कि मुझे खुद भी विश्वास नहीं था कि मैं इतना अच्छा परिणाम हासिल कर पाऊँगा। इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य रूप से 2-3 कारण थे। जब मैं छठ पूजा के बाद कोटा वापस आया, तब मुझे एहसास हुआ कि समय हाथ से निकलता जा रहा है। मुझे लगा कि अगर अब कुछ नहीं किया, तो खाली हाथ घर वापस जाना पड़ेगा। दूसरी बात यह थी कि मुझे खुद पर थोड़ा भरोसा था; क्योंकि मैंने पहले भी कई एग्जाम्स आखिरी समय में एक सटीक रणनीति के दम पर निकाले थे। बस इसी आत्मविश्वास ने मुझे आगे बढ़ाया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:115%;background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><strong><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">आपने खुद बताया कि शुरुआत में पढ़ाई में ज्यादा रुचि नहीं थी—तो फिर ऐसा कौन-सा मोड़ आया जिसने आपको मेहनत करने के लिए प्रेरित किया?</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">ऐसा नहीं था कि मेरी पढ़ाई में रुचि नहीं थी, लेकिन जब कुछ समझ नहीं आता था, तो पढ़ने का मन भी नहीं करता था। उदाहरण के लिए, मेरी केमिस्ट्री बहुत कमजोर थी, यहाँ तक कि मुझे 11वीं की केमिस्ट्री भी समझ नहीं आती थी। इसके विपरीत, मैथ्स में मैं शुरू से अच्छा था और फिजिक्स भी औसत था। लेकिन Session 1 के बाद मुझे समझ आया कि अगर स्कोर बढ़ाना है, तो केमिस्ट्री पर फोकस करना ही होगा, और मैंने वही किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:115%;background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><strong><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">PW Vidyapeeth Kota ने आपकी सफलता में किस तरह से भूमिका निभाई? क्या कोई खास शिक्षक या रणनीति थी जिसने आपको मदद की?</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">मेरी सफलता की कहानी में कोटा PW विद्यापीठ और वहां के अनुभवी गुरुजनों का योगदान अतुलनीय है। यहाँ के शिक्षकों के मार्गदर्शन ने न केवल मेरे ज्ञान को बढ़ाया, बल्कि मुश्किल विषयों के प्रति मेरा नजरिया भी बदल दिया। जैसे कि ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में राहुल पारीक सर (RP Sir) जैसा कोई नहीं है; मेरा मानना है कि अगर किसी छात्र को उनसे यह विषय समझ नहीं आया, तो शायद ही कोई और उसे समझा पाएगा। फिजिक्स में अंशुल गुप्ता सर ने मेरी नींव मजबूत की, उन्होंने मुझे केवल फॉर्मूले रटने के बजाय वैचारिक स्पष्टता पर ध्यान केंद्रित करना सिखाया, जो परीक्षा के दौरान बहुत मददगार साबित हुआ। वहीं गणित के क्षेत्र में महेश जैन सर एक सच्चे 'लिजेंड' हैं, जिनसे बेहतर शिक्षक मैंने आज तक नहीं देखा। साथ ही, राजीव रस्तोगी सर की विशेषज्ञता का दायरा सिर्फ JEE तक सीमित नहीं था, बल्कि वे दुनिया भर के विभिन्न और कठिन प्रकार के सवालों से हमारा परिचय कराते थे; उनकी मेहनत का स्तर यह है कि अक्सर उनके नोट्स से सीधे सवाल मुख्य परीक्षा में मिल जाते हैं। इन सभी गुरुजनों के सामूहिक प्रयासों और कोटा विद्यापीठ के बेहतरीन माहौल ने ही मेरी सफलता का मार्ग प्रशस्त किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:115%;background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><strong><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">इस सफर में आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा और आपने उन्हें कैसे पार किया?</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">66 परसेंटाइल से 99 परसेंटाइल तक का सफर बहुत कठिन था, लेकिन नामुमकिन नहीं। सबसे बड़ी चुनौती थी उन 2-3 महीनों में कंसिस्टेंसी बनाए रखना। अक्सर ऐसा होता था कि एक हफ्ते तक 10-12 घंटे पढ़ने के बाद मन भटकने लगता था कि 'आज रहने देते हैं', लेकिन मैंने खुद को रुकने नहीं दिया। मैंने पहले दिन जो JEE Mains का एनालिसिस करके प्लान बनाया था, उसे पूरी ईमानदारी से फॉलो किया कि क्या पढ़ना है और क्या छोड़ना है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="line-height:115%;background:#FFFFFF;margin:10pt 0in 10pt 0in;"><strong><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';color:#222222;">अब आगे के लिए आपके क्या लक्ष्य और भविष्य की योजनाएँ हैं? क्या आप अन्य छात्रों को कोई संदेश देना चाहेंगे?</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';">फिलहाल मैं अपनी पूरी ऊर्जा के साथ JEE Advanced की तैयारी में जुटा हूँ और अपना शत-प्रतिशत योगदान दे रहा हूँ। हालाँकि मुझे इस बात का सटीक अंदाजा नहीं है कि मैं सिर्फ कट-ऑफ क्लियर कर पाऊँगा या मेरी रैंक अंडर 5000 आएगी, लेकिन मैं अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा हूँ। अब मैं मानसिक रूप से काफी शांत और तनावमुक्त महसूस करता हूँ क्योंकि मैं स्वयं को एक सुरक्षित स्थिति में पाता हूँ। अन्य तैयारी करने वाले छात्रों को मैं यही मशविरा दूँगा कि सबसे पहले अपने शिक्षकों पर अटूट भरोसा रखें; उनका अनुभव आपसे कहीं अधिक है और उनकी बातें भले ही कभी कड़वी लगें, पर वे हमेशा आपके हित में होती हैं। साथ ही, अपनी पढ़ाई में कंसिस्टेंसी बनाए रखें, चाहे क्लासेस ऑनलाइन हों या ऑफलाइन, उन्हें नियमित रूप से अटेंड करें। केवल लेक्चर देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अधिक से अधिक अभ्यास और PYQs को हल करना अनिवार्य है। कभी भी यह गलतफहमी न पालें कि आप केवल दो विषयों के सहारे JEE फतह कर लेंगे; यदि कोई विषय कठिन लगता है, तो उससे जी चुराने के बजाय उस पर डटकर मेहनत करना ही एकमात्र विकल्प है। अंत में मेरा यही मानना है कि यदि आप पूरी ईमानदारी से अपनी प्रक्रिया यानी 'प्रोसेस' को फॉलो करते हैं, तो लक्ष्य स्वयं ही हासिल हो जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Arial Unicode MS', 'sans-serif';"> </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 15:40:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एनटीए के नतीजे घोषित: 100 एनटीए परसेंटाइल में 4 छात्र तेलंगाना के</title>
                                    <description><![CDATA[एनटीए ने जेईई मेन सेशन वन का परिणाम जारी कर दिया है। इसमें 100 एनटीए स्कोर 14 उम्मीदवारों ने हासिल किया है, जिसमें सबसे ज्यादा 4 कैंडिडेट तेलंगाना के है। इसके बाद आंध्र प्रदेश के 3 उम्मीदवारों ने टॉप स्कोर हासिल किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world-of-education/--nta-results-declared--4-students-from-telangana-in-100-nta-percentile/article-14157"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/chh.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर।</strong> एनटीए ने जेईई मेन सेशन वन का परिणाम जारी कर दिया है। इसमें 100 एनटीए स्कोर 14 उम्मीदवारों ने हासिल किया है, जिसमें सबसे ज्यादा 4 कैंडिडेट तेलंगाना के है। इसके बाद आंध्र प्रदेश के 3 उम्मीदवारों ने टॉप स्कोर हासिल किया है।<br />हरियाणा, झारखंड, पंजाब, असम, राजस्थान, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश के 1-1 कैंडिडेट को 100 एनटीए स्कोर मिला है। दिल्ली से दो टॉपर हैं, जिनका स्कोर 99.9984506 रहा है। जिन 14 टॉपर ने 100 स्कोर हासिल किया है, उसमें एक महिला है और 13 पुरुष है। असम की स्नेहा पारीक ने 100 स्कोर किया है। वहीं पुरुषों में  राजस्थान के नव्य ने भी टॉप स्कोर किया है।</p>
<p><strong>जेईई मेन में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स की बाध्यता खत्म:</strong> इंजीनियरिंग में नामांकन के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ की बाध्यता खत्म कर दी है। जेईई मेन 2022 के आवेदन में यह संशोधन किया है। इस बार जेईई मेन में सेक्शन-ए  और सेक्शन-बी  दोनों में निगेटिव मार्किंग हुई।</p>
<p><strong>जेईई एडवांस के लिए पात्रता कैसे तय होगी:</strong> एनटीए जेईई मेन रिजल्ट में बीई बीटेक पेपर -1 में शीर्ष 2,50,000 सफल उम्मीदवार जेईई एडवांस्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसमें सफल छात्रों को आईआईटी में एडमिशन मिलेगा। एनटीए स्कोर जेईई एडवांस 2022 के लिए उम्मीदवारों की पात्रता तय करेगा। जेईई एडवांस 28 अगस्त को आयोजित किया जाएगा। जेईई पास करने के लिए, सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को न्यूनतम कुल 75 फीसदी प्राप्त करना होगा। अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / पीडब्ल्यूडी श्रेणियों को कम से कम 65% का कुल स्कोर लाने होंगे।</p>
<p><strong>जेईई मैन्स: 29 प्रतिशत छात्राएं, बढ़ा ग्राफ:</strong> इस बार जेईई मेन में 221719 छात्राओं ने एग्जाम दिया है, जो लगभग 29 प्रतिशत है। चार साल पहले तक यह संख्या 15 प्रतिशत से कम थी। <br /><br /><strong>यह हैं जयपुर के होनहार</strong> <br />जयपुर की विशाखा अग्रवाल 99.993 परसेंटाइल स्कोर के साथ छात्राओं में अव्वल रही है। नमन गुप्ता 99.998 परसेंटाइल स्कोर रहा है। वहीं 11 छात्रों ने जेईई मेन्स 2022 के पहले सत्र में 99 परसेंटाइल और उससे अधिक का प्रभावशाली स्कोर किया। इनमें अविनाश मीणा 99.4802495, दीक्षांत खंडेलवाल 99.8789835, निमिश नतानी 99.7005709, कशिश अग्रवाल 99.5210011, अनीशा सैनी 99.2613503, राणा दास 99.2299707, अंगद सिंह 99.9093041, पीयूष कुलदीप 99.87205. 11, यश शर्मा 99.8720589, हिमांशु 99.4781413, और कनिका चतुर्वेदी 99.4554703 परसेंटाइल एनटीए स्कोर प्राप्त किया है। इसके अलावा 13 स्टूडेंट्स ने 99.9 स्कोर किया। इसके साथ ही 126 स्टूडेंट्स ऐसे रहे, जिन्होंने 99 पर्सेन्टाइल से अधिक स्कोर किया है। जयपुर के लवकेश महार ने एसटी कैटेगरी में नेशनल लेवल पर तृतीय तथा राजस्थान स्टेट लेवल पर दूसरा स्थान प्राप्त किया।</p>
<p><strong>सत्यम गुप्ता को मिले 99.99 प्रतिशत अंक</strong><br />जयपुर के सत्यम गुप्ता ने 99.998 प्रतिशत अंक प्राप्त किए है। सत्यम पिछले दो साल से बंसल क्लासेज से नियमित तैयारी कर रहे थे। उसने 2021 में केवीपीवाई एआईआर 65 और एनटीएसई 2020 में एनसीईआरटी दिल्ली में प्रथम स्थान प्राप्त किया।</p>
<p><strong>स्नेहा ने 300 स्कोर के साथ किया टॉप, ये रही रणनीति</strong><br />असम गुवाहाटी की रहने वाली और कोटा में रहकर पढ़ाई करने वाली स्नेहा पारीक ने 300 में 300 का परफेक्ट स्कोर हासिल कर टॉप रैंक हासिल की है। पारीक कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहती हैं और आईआईटी में एडमिशन लेना चाहती हैं। अगर मेरा कोर्स शामिल हुआ तो मैं आईआईटी-बॉम्बे चुनना पसंद करूंगी। स्नेहा ने कहा कि वह पिछले दो साल से ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) की तैयारी पर फोकस कर रही है और इस दौरान सोशल मीडिया और अन्य एंटरटेनमेंट की चीजों से वह दूर रही। स्नेहा रोज लगभग 12 से 13 घंटे पढ़ाई करती थी और उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं से ज्यादा जेईई की तैयारी पर फोकस किया था। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Jul 2022 15:57:17 +0530</pubDate>
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