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                <title>cyber case - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>cyber case RSS Feed</description>
                
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                <title>सावधान : शादी का ऑनलाइन कार्ड खोलते ही खाली हो सकता है बैंक खाता, साइबर क्राइम ब्रांच ने जारी की एडवाइजरी </title>
                                    <description><![CDATA[वर्तमान वेडिंग सीजन का फायदा उठाते हुए साइबर अपराधी अब लोगों की खुशियों में सेंध लगा रहे। जालसाज व्हाट्सएप पर डिजिटल निमंत्रण पत्र के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे। साइबर क्राइम ब्रांच ने इस संबंध में एक विस्तृत एडवाइजरी जारी कर प्रदेशवासियों को सचेत रहने की सलाह दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/be-careful-your-bank-account-may-become-empty-as-soon/article-151750"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/cybercrimee.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वर्तमान वेडिंग सीजन का फायदा उठाते हुए साइबर अपराधी अब लोगों की खुशियों में सेंध लगा रहे हैं। जालसाज व्हाट्सएप पर डिजिटल निमंत्रण पत्र के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। साइबर क्राइम ब्रांच ने इस संबंध में एक विस्तृत एडवाइजरी जारी कर प्रदेशवासियों को सचेत रहने की सलाह दी है। डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करते हुए शादी के कार्ड के नाम पर लिंक और फाइल भेज रहे हैं। ये फाइल और लिंक मोबाइल फोन में पहुंचते ही न केवल निजी जानकारी चुरा लेते हैं, बल्कि बैंक खाते तक को खाली कर सकते हैं।</p>
<p><strong>ठगी के तीन खतरनाक तरीके</strong><br />एपीके फाइल फ्रॉड: अपराधी व्हाट्सएप पर मैरिज डॉट एपीके नाम की एक फाइल भेजते हैं। जैसे ही इसे डाउनलोड या इंस्टॉल करते हैं, फोन का पूरा कंट्रोल कैमरा, माइक, एसएमएस, हैकर के पास चला जाता है। इसके जरिए वे आपके बैंक ओटीपी चोरी कर लेते हैं।</p>
<p>फिशिंग लिंक फ्रॉड: इसमें फाइल के बजाय एक वेब लिंक भेजा जाता है। लिंक पर क्लिक करते ही एक पेज खुलता है जो आपसे मोबाइल नंबर या बैंक डिटेल्स मांगता है या फिर बैकग्राउंड में जासूसी सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर देता है।</p>
<p> इमोशनल ब्लैकमेल-अर्जेंसी फ्रॉड: हैकर आपके किसी परिचित का अकाउंट हैक कर मैसेज भेजते हैं, भाई, शादी का कार्ड भेजा है, जल्दी देख कर बताओ वेन्यू सही है या नहीं, जानने वाले का नाम होने के कारण लोग बिना सोचे-समझे लिंक खोल देते हैं।</p>
<p>एक्सटेंशन चेक करें: यदि किसी फाइल के अंत में एपीके लिखा है तो वह कार्ड नहीं बल्कि एक वायरस (सॉफ्टवेयर) है। उसे भूलकर भी इंस्टॉल न करें।  </p>
<p>फोन करके पुष्टि करें: यदि किसी रिश्तेदार के नंबर से संदिग्ध कार्ड या लिंक आए, तो पहले उन्हें फोन करके पूछें कि क्या उन्होंने वाकई कुछ भेजा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 16:04:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह का पर्दाफाश : नागौर से अजमेर आकर फैला रहे थे जाल, 6 बदमाश गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[जिला स्पेशल टीम की मदद से नागौर से अजमेर आकर साइबर फ्रॉड करने के लिए जाल बिछाने वाले एक गिरोह का गुरुवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 6 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जो महिलाओं को जीओ कम्पनी में कस्टमर जोड़ने पर 25 सौ रुपए देने का लालच देकर उनकी आईडी ले लेते हैं और उससे उन्हें बिना बताए वह बैंक खाता खुलवाने सहित मोबाइल सिम भी जारी करा रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cyber-fraud-gang-busted-6-miscreants-arrested-from-nagaur-to/article-131658"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/cyber-crime.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस ने जिला स्पेशल टीम की मदद से नागौर से अजमेर आकर साइबर फ्रॉड करने के लिए जाल बिछाने वाले एक गिरोह का गुरुवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 6 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जो महिलाओं को जीओ कम्पनी में कस्टमर जोड़ने पर 25 सौ रुपए देने का लालच देकर उनकी आईडी ले लेते हैं और उससे उन्हें बिना बताए वह बैंक खाता खुलवाने सहित मोबाइल सिम भी जारी करा रहे हैं। बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने 6 मोबाइल हैण्डसेट, फिंगर प्रिन्ट मशीन, 13 मोबाइल सिम, 13 आधार कार्ड, 5 पैन कार्ड व एक अल्टो कार भी बरामद की है।</p>
<p>पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित फूल बावड़ी, छोटी खाटू, जिला डीडवाना-कुचामन निवासी प्रकाश ओझा (36) पुत्र श्याम सुन्दर ओझा, आथूणा का बास, छोटी खाटू, जिला डीडवाना-कुचामन निवासी राजकुमार वैष्णव उर्फ राजू (45) पुत्र शंकरलाल, मेघवालों का मोहल्ला, कालवा बड़ा, मकराना, जिला डीडवाना-कुचामन निवासी बजरंग नायक (29) पुत्र अर्जुनराम नायक, शिव मंदिर के पास, देराठ, नसीराबाद निवासी राजू जाट (34) पुत्र हरिलाल जाट, गली नं. 6 अशोक विहार कॉलोनी, सुभाष नगर निवासी नरेश माली (32) पुत्र रामचन्द्र माली और देवनारायण मंदिर के पास, ग्राम सनोद, नसीराबाद सदर निवासी नन्दकिशोर मेघवंशी (33) पुत्र नाथूलाल हैं, जो नागौर में लोगों को झांसे में लेने के बाद अजमेर में भी अपना जाल बिछा रहे थे। पुलिस उनसे गहनता से पूछताछ कर रही है। पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपितों में नन्दकिशोर मेघवंशी मुख्य आरोपी है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Nov 2025 14:08:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जयपुर रेंज में एक सिम एक अपराध अभियान : शिकायत मिलते ही ब्लॉक होंगे मोबाइल  </title>
                                    <description><![CDATA[शिकायत सही पाए जाने पर तुरंत ही टेलीकॉम कंपनी के नोडल अधिकारी से संपर्क कर नंबर और मोबाइल को तुरंत ब्लॉक कराया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mobile-will-be-blocked-as-soon-as-a-sim-in/article-126390"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/cyber-security.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर रेंज पुलिस ने साइबर अपराध पर रोक लगाने के लिए 'एक सिम-एक अपराध' अभियान की शुरुआत की है। इसमें किसी भी सिम नंबर से पहली ठगी की शिकायत मिलते ही उसका मोबाइल और सिम तुरंत ब्लॉक करा दिया जाएगा। रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि जयपुर ग्रामीण, कोटपूतली, बहरोड, अलवर, भिवाड़ी, खैरथल, तिजारा, दौसा, सीकर और झुंझुनूं जिलों में जिला स्तरीय तकनीकी टीमें बनाई जा रही हैं। ये टीमें साइबर हेल्पलाइन 1930 से समन्वय कर अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहेंगी।</p>
<p><strong>कैसे काम करेगी टीम</strong><br />ठगी की शिकायत मिलते ही जिला स्तरीय टीम संबंधित थाना प्रभारी से तस्दीक करेगी। शिकायत सही पाए जाने पर तुरंत ही टेलीकॉम कंपनी के नोडल अधिकारी से संपर्क कर नंबर और मोबाइल को तुरंत ब्लॉक कराया जाएगा।</p>
<p><strong>दो तरह की गैंग कर रही हैं साइबर अपराध</strong><br />सिम रैकेट गैंग पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, एमपी और यूपी के लोगों को झांसा देकर उनके दस्तावेज हासिल करती है और सिम विक्रेताओं से मिलीभगत कर में सिम जारी कराती है। मोबाइल गैंग दिल्ली समेत अन्य शहरों में मोबाइल रिपेयरिंग दुकानदारों से सस्ते दाम पर मोबाइल खरीदते हैं और ठगी में इस्तेमाल करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 11:02:37 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर में साइबर ठगी के शिकार बने महिला डॉक्टर और कारोबारी : दो वारदातों में करीब 23.50 लाख रुपए की ठगी  </title>
                                    <description><![CDATA[पीड़िता इंदिरा कॉलोनी निवासी डॉ. रेखा सोनी ने मंगलवार को बनीपार्क थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/women-doctors-and-businessmen-who-became-victims-of-cyber-fraud/article-124243"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/cyber.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में साइबर ठगों ने दो अलग-अलग वारदातों में करीब 23.50 लाख रुपए की ठगी कर ली। पहला मामला बनीपार्क इलाके का है, जहां ठगों ने महिला डॉक्टर को ओटीपी बताने के लिए बहला-फुसलाकर उनके खाते से 3.99 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़िता इंदिरा कॉलोनी निवासी डॉ. रेखा सोनी ने मंगलवार को बनीपार्क थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। </p>
<p>दूसरा मामला करधनी थाना क्षेत्र का है। यहां कालवाड़ रोड निवासी रामपाल के साथ ठगों ने बैंककर्मी बनकर धोखाधड़ी की। उन्होंने प्रॉपर्टी खरीदने के लिए चैक लगाया था। इसी दौरान ठगों ने कॉल कर मदद का झांसा दिया और कुछ जानकारियां हासिल कर उनका सिमकार्ड पोर्ट करवा लिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से 19.50 लाख रुपए उड़ा लिए। करधनी थाना पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद मामला रेनवाल थाने भेज दिया है। </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Aug 2025 11:42:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान पुलिस की साइबर स्लेवरी पर बड़ी चेतावनी : विदेश में नौकरी के नाम पर बन सकते हैं साइबर ठगी का शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[एमईए की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकृत एजेंटों की सूची देखकर तय करें कि आपको नौकरी का आश्वासन देने वाला एजेंट वैद्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-polices-big-warning-on-cyber-slavery-can-become-a/article-122251"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/cyber-fraud.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक बेहद खतरनाक ट्रेंड साइबर स्लेवरी (साइबर गुलामी) को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। पढ़े-लिखे और तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं को विदेश में आकर्षक नौकरियों का लालच देकर दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में फंसाया जा रहा है, जहां उन्हें बंधक बनाकर जबरन साइबर धोखाधड़ी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। एसपी साइबर क्राइम शान्तनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी युवाओं को लाओस, म्यांमार और कम्बोडिया देशों में आईटी सेक्टर में सुनहरे अवसर का झांसा देते हैं। एक बार जब ये युवा वहां पहुंच जाते हैं तो उनके पासपोर्ट और अन्य पहचान पत्र छीन लिए जाते हैं और उन्हें बंधक बनाकर साइबर गुलाम बना दिया जाता है। इसके बाद उनसे साइबर धोखाधड़ी करवाई जाती है। </p>
<p><strong>सतर्क रहने की अपील</strong><br /> केवल विदेश मंत्रालय में पंजीकृत भर्ती एजेंटों द्वारा प्रसारित नौकरियों के लिए ही आवेदन करें।<br />किसी भी अवैध एजेंट या अपंजीकृत व्यक्ति की ओर से दिए जा रहे नौकरी के वादे या प्रलोभन से दूर रहें।<br />एमईए की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकृत एजेंटों की सूची देखकर तय करें कि आपको नौकरी का आश्वासन देने वाला एजेंट वैद्य है।</p>
<p><strong>संदिग्ध लगने पर तुरंत करें रिपोर्ट</strong><br />यदि आपको ईमेल, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम या फेसबुक पर कोई भी फर्जी लिंक, संदिग्ध नौकरी का ऑफर या असामान्य गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, 9256001930, 9257510100, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोटिंर्ग पोर्टल या अपने निकटतम पुलिस स्टेशन साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत करें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 10:41:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई साइबर क्राइम के नाम पर 80 लाख की ठगी : मुख्य खाताधारक गिरफ्तार, महिला को 8 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' का झांसा देकर लूटा</title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने महिला को डिजिटल रूप से गिरफ्तार होने का झांसा दिया और कानून की कार्रवाई से बचने के नाम पर उनसे 80 लाख अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-elderly-woman-was-looted-by-the-pretense-of-digital/article-122074"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/ne1ws-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। साइबर ठगों ने अपनी शातिर चालों से अजमेर की 82 वर्षीय एक महिला को निशाना बनाया और 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर उनसे 80 लाख की भारी भरकम राशि ऐंठ ली। इस हाई-प्रोफाइल मामले में राजस्थान साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने मुख्य खाताधारक को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बैंक खाते में ठगी की गई सारी रकम ट्रांसफर की गई थी। एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि यह सनसनीखेज घटना 23 नवंबर से 30 नवंबर 2024 के बीच हुई। ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए महिला से संपर्क साधा और खुद को मुंबई साइबर क्राइम का अधिकारी बताया। उन्होंने महिला को डिजिटल रूप से गिरफ्तार होने का झांसा दिया और कानून की कार्रवाई से बचने के नाम पर उनसे 80 लाख अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए।</p>
<p>प्रकरण अजमेर में दर्ज होने के बाद इसे साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन राजस्थान जयपुर को हस्तांतरित कर दिया गया, जिसके बाद जांच में तेजी आई। साइबर थाने की विशेष टीम ने ठगी गई राशि के लेन-देन का गहन विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि ठगी की गई पूरी 80 लाख की राशि एक ही बैंक खाते में स्थानांतरित की गई थी। यह खाता सोवन मंडल पुत्र संतोष निवासी धूलिया हावड़ा पश्चिम बंगाल का था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सोवन मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। उससे आगे की पूछताछ जारी है।</p>
<p><strong>150 से अधिक खातों में पहुंची राशि, क्रिप्टो में बदल रहे थे पैसे</strong><br />जांच में खुलासा हुआ है कि सोवन मंडल के खाते से यह 80 लाख की राशि आगे 150 से अधिक अन्य खातों में ट्रांसफर की गई थी। सभी संदिग्ध खाताधारकों की पहचान की जा रही है। विश्लेषण से यह भी सामने आया है कि ठगी की गई रकम को विभिन्न खातों से होते हुए नकद निकासी के माध्यम से यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में बदला जा रहा था, जिससे पैसे को ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।</p>
<p><strong>पहले भी 18 आरोपी गिरफ्तार, बड़ी बरामदगी</strong><br />इस मामले में पहले भी 18 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन गिरफ्तारियों से 13 लाख नकद, 27 मोबाइल फोन, 43 डेबिट कार्ड, 19 पासबुक, विभिन्न बैंकों की 15 चेकबुक, 16 सिम कार्ड, 13 पैन कार्ड/आधार कार्ड, 1 लैपटॉप और 1 स्विफ्ट वीडीआई कार बरामद की गई है। एसपी सिंह ने बताया कि ये साइबर ठग ठगी की गई राशि से मिले कमीशन का उपयोग अपने महंगे शौक पूरे करने में करते थे। आशंका जताई जा रही है कि गिरफ्तार किए गए इन ठगों का देश भर में कई अन्य साइबर ठगी के मामलों में भी हाथ हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 17:28:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी जारी : संचार साथी एप से करें बचाव</title>
                                    <description><![CDATA[यदि आपके नाम से आपकी जानकारी के बिना कोई मोबाइल नंबर जारी हुआ है तो तुरंत डीओटी द्वारा बनाए गए संचार साथी एप्लीकेशन का उपयोग कर शिकायत दर्ज करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/to-avoid-cyber-fraud-rajasthan-polices-advisory-issues-to-defend/article-120515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/cyber-crime.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने पहचान (आईडी) दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल से होने वाली साइबर धोखाधड़ी को लेकर आमजन के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के अनुसार साइबर अपराधी अब एक नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। नई सिम लेने के लिए सिम बेचने वाले आपके दस्तावेजों को लेते हैं। इन दस्तावेजों को साइबर अपराधी मोबाइल सिम विके्रताओं की मिलीभगत से या अन्य तरीकों से प्राप्त कर लेते है।</p>
<p>आपके इन दस्तावेजों की प्रतियों का दुरुपयोग कर कई मोबाइल सिम कार्ड जारी करवा लेते हैं। इतना ही नहीं कई बार तो इन दस्तावेजों का उपयोग कर नए मोबाइल फोन भी खरीदे जाते हैं, जिन्हें बाद में साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता है। कुछ मामलों में साइबर अपराधी बैंककर्मियों के साथ सांठगांठ कर इन दस्तावेजों से फर्जी बैंक खाते भी खुलवा लेते हैं। इन फर्जी सिम कार्डो और बैंक खातों का उपयोग फिर विभिन्न साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जाता है।</p>
<p><strong>ऐसे करें बचाव</strong><br />जब भी आप नया सिम कार्ड लेने जाएं तो केवल बायोमेट्रिक (अंगूठा या अंगुली चिन्ह) या ऑनलाइन केवाईसी का उपयोग करें। यह आपके दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल की संभावना को कम करेगा।<br />आप दूरसंचार विभाग के संचार साथी एप्लीकेशन के टीएएफसीओपी मॉड्यूल का उपयोग कर अपने नाम आईडी पर जारी सभी मोबाइल सिम कार्ड नंबरों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह आपको यह जानने में मदद करेगा कि कहीं आपके नाम पर कोई ऐसा नंबर तो जारी नहीं हुआ है जिसकी आपको जानकारी नहीं है।<br />यदि आपके नाम से आपकी जानकारी के बिना कोई मोबाइल नंबर जारी हुआ है तो तुरंत डीओटी द्वारा बनाए गए संचार साथी एप्लीकेशन का उपयोग कर शिकायत दर्ज करें।<br />यदि आप इस प्रकार की किसी धोखाधड़ी का शिकार होते हैं या आपको ऐसी किसी घटना का पता चलता है, तो तुरंत साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 साइबर क्राइम रिपोटिंर्ग पोर्टल या अपने निकटतम पुलिस स्टेशन साइबर पुलिस स्टेशन को सूचित करें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Jul 2025 12:23:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऑनलाइन धोखाधड़ी का नया जाल : फर्जी ट्रेडिंग और गेमिंग ऐप्स से सावधान रहने की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[कुछ दिनों बाद पीड़ितों को इन्हीं गेमिंग ऐप्स के जरिए लगातार हार का सामना करना पड़ता है और वे अपनी सारी कमाई साइबर अपराधियों के हाथों गंवा देते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/new-trap-of-online-fraud-appeal-to-be-careful-with/article-118583"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/cyber-crime.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। साइबर अपराधी ठगी के नित नए तरीके अपना रहे हैं। अब ठग फर्जी शेयर ट्रेडिंग और गेमिंग ऐप्स के जरिए ठगी कर रहे हैं। राजस्थान पुलिस ने इस संबंध में आमजन को इस प्रकार की धोखाधड़ी से सावधान रहने के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार ने बताया कि ठग सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए पीड़ितों को फर्जी ऐप्स या वेबसाइट्स पर गेम खेलने या निवेश करने के लिए उकसाते हैं। शुरुआत में गेमिंग ऐप्स पर नए व्यक्तियों को जीत दिलाई जाती है और उन्हें पैसे भी मिलते हैं।</p>
<p>इससे पीड़ितों का भरोसा बढ़ता है। कुछ दिनों बाद पीड़ितों को इन्हीं गेमिंग ऐप्स के जरिए लगातार हार का सामना करना पड़ता है और वे अपनी सारी कमाई साइबर अपराधियों के हाथों गंवा देते हैं। वहीं फर्जी वेबसाइट्स विदेशी मुद्रा व्यापार और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर भी लोगों को फंसा रही हैं।</p>
<p><strong>भरोसे का जाल</strong><br />साइबर ठग शुरुआत में पीड़ितों से छोटी राशि का निवेश करवाते हैं और उन्हें कुछ समय के लिए अच्छा रिटर्न दिखाते हैं। पीड़ित यह जांचने के लिए पैसे निकालते भी हैं कि निकासी हो रही है या नहीं। एक या दो बार सफल निकासी के बाद पीड़ितों को पूरा भरोसा हो जाता है कि ऐप-वेबसाइट वैध है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर वे अगली बार बड़ी रकम का निवेश कर देते हैं।</p>
<p><strong>टैक्स और चार्ज के नाम पर फंसा पैसा </strong><br />बड़ी रकम निवेश करने के बाद पीड़ितों का पैसा अटक जाता है। जब वे पैसे निकालने की कोशिश करते हैं तो उनसे विदेशी सरकार के टैक्स या अन्य शुल्कों के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं। फंसे हुए रुपयों को निकालने के लालच में पीड़ित और पैसे देते रहते हैं और इस तरह वे साइबर ठगी का शिकार बन जाते हैं।</p>
<p><strong>ऐसे करें बचाव</strong><br />किसी भी ऐसे ऐप या वेबसाइट पर गेमिंग या ट्रेडिंग न करें जो पंजीकृत न हो। अधिक रिटर्न का वादा करने वाले ऐप्स या वेबसाइट्स में निवेश करने से बचें। ऑनलाइन गेमिंग से दूरी बनाएं रखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Jun 2025 12:58:37 +0530</pubDate>
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                <title>ऑनलाइन लाइक्स और रेटिंग का लालच : साइबर ठगों का नया जाल, राजस्थान पुलिस की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[विश्वास होने के बाद अपराधी उनसे उनकी यूपीआई आईडीए फोन नंबर जैसे व्यक्तिगत विवरण मांगते हैं और उन्हें ऐसे सोशल मीडिया ग्रुप में शामिल करते हैं जहां साइबर अपराधियों के अन्य सहयोगी भी मौजूद होते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/online-likes-and-ratings-greed-a-new-trap-of-cyber/article-117944"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/20526.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लाइक्स और रेटिंग देकर पार्ट-टाइम नौकरी या अतिरिक्त कमाई करने का सुनहरा अवसर तलाश रहे हैं, तो सावधान। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एक नई और संगठित साइबर धोखाधड़ी के प्रति गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें आम लोगों को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है। एसपी साइबर क्राइम शांतनु कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी अब लोगों को व्यापारिक वेबसाइटों पर लाइक्स और रेटिंग देने के बदले आकर्षक भुगतान का लालच दे रहे हैं। शुरुआत में साइबर अपराधी कॉल या सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क करते हैं और उन्हें कुछ वेबसाइटों या पोस्टों को लाइक्स या रेटिंग देने के लिए कहते हैं। शुरू में वे तुरंत थोड़े पैसे का भुगतान करते हैं, जिससे पीड़ितों का विश्वास जीतना आसान हो जाता है। विश्वास होने के बाद अपराधी उनसे उनकी यूपीआई आईडीए फोन नंबर जैसे व्यक्तिगत विवरण मांगते हैं और उन्हें ऐसे सोशल मीडिया ग्रुप में शामिल करते हैं जहां साइबर अपराधियों के अन्य सहयोगी भी मौजूद होते हैं।</p>
<p>ग्रुप्स में अपराधी के सहयोगी लाइक्स और रेटिंग से हुई मोटी कमाई के फर्जी स्क्रीनशॉट साझा करते हैं, जिससे दूसरों को भी ज्यादा पैसे कमाने का लालच आता है। जैसे ही पीड़ित लाइक्स और रेटिंग के अपने टास्क पूरे करते हैं और मेहनताने का दावा करते हैं, अपराधी उनसे कमीशन या टैक्स के नाम पर बड़ी रकम की मांग करना शुरू कर देते हैं। वे पीड़ितों को यह विश्वास दिलाते हैं कि एक बड़ी राशि इकट्ठा हो रहा है, जिसे निकालने के लिए ये शुल्क आवश्यक हैं। लालच में लोग लगातार रुपए देते रहते हैं लेकिन उन्हें कभी भी अपनी मूल कमाई या दिए गए पैसे वापस नहीं मिलते। </p>
<p><strong>राजस्थान पुलिस की सलाह</strong><br />ऑनलाइन प्लेटफार्म पर रेटिंग या लाइक्स करने के रुपए नहीं मिलते हैं। ऐसे किसी भी प्रलोभन से बचें।<br />ऑनलाइन ग्रुप्स में दिखाए जा रहे कमाई के स्क्रीनशॉट पर आंख बंद करके भरोसा न करें। <br />यदि आप इस प्रकार की किसी घटना के शिकार होते हैं, तो साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर या अपने निकटतम पुलिस स्टेशन साइबर पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Jun 2025 10:23:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिटल अरेस्ट और साइबर अपराधों को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की : हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[अदालत ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया कंपनियां उपभोक्ता के डेटा को बेचती है और साइबर अपराध करने में इसका दुरुपयोग करते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/what-action-did-the-high-court-take-to-stop-digital/article-101777"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/court-hammer041.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट और साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि ये अपराध दुनियाभर में बढ़े हैं तथा भारत देश में भी लाखों लोग इनसे प्रभावित हुए हैं। इसके चलते हजारों निर्दोष लोगों ने ना केवल अपनी कमाई खो दी, बल्कि कई लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है। डिजिटल अरेस्ट और साइबर क्राइम से हर क्षेत्र के लोग प्रभावित हो रहे हैं और ऐसे में इनसे हो रहे अपराधों से आमजन को बचाने तथा इनके खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है। वहीं, अदालत ने इस मुद्दे पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए केन्द्र और राज्य सरकार, डीजीपी, आरबीआई एवं अन्य पक्षकारों से जवाब देने के लिए कहा है। अदालत ने पूछा है कि उन्होंने इससे जुडे अपराधों को रोकने के लिए क्या ठोस कार्रवाई की। जस्टिस अनूप कुमार ढंड ने यह आदेश स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि हालांकि राज्य सरकार ने इन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन फिर भी इनकी रोकथाम के लिए ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है। आरबीआई के स्तर पर भी गंभीर कदम उठाने की जरूरत है, ताकि ऐसे जालसाजी वाले लेन-देन के पैसे को ट्रांसफर ना किया जाए और धोखाधड़ी करने वाले लेन-देन पर अंकुश लगे। इसलिए आरबीआई व सरकार की शिकायत निवारण समिति को धोखाधड़ी से आमजन को बचाने के लिए भी एक सिस्टम डवलप करने की जरूरत है। अदालत ने एएसजी आरडी रस्तोगी, महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद व अधिवक्ता अनुराग कलावटिया को इस मामले में सहयोग करने के लिए कहा है। अदालत ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ओवर द टॉप प्लेटफॉर्म और डिजिटल समाचार पोर्टल की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा प्रौद्योगिकी नियम, 2021 बनाए गए हैं। अदालत ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया कंपनियां उपभोक्ता के डेटा को बेचती है और साइबर अपराध करने में इसका दुरुपयोग करते हैं। </p>
<p><strong>पांचवीं कक्षा की छात्रा से अश्लीलता करने वाले स्कूल बस चालक को सजा</strong><br />जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा को स्कूल से घर छोड़ने के दौरान उससे अश्लीलता करने वाले बस चालक को सात साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पीठासीन अधिकारी कैलाश अटवासिया ने अपने आदेश में कहा कि 57 साल के अभियुक्त ने दस साल की पीड़िता के साथ उसकी लज्जा भंग करने के उद्देश्य से अश्लीलता की। ऐसे में उसके प्रति नरमी का रुख नहीं अपनाया जा सकता। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक विजया पारीक ने 5 मई, 2023 को पीड़िता के चाचा ने अमरसर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि उसकी भतीजी निजी स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ती है। बीते दिन जब वह स्कूल से वापस आ रही थी तो सभी सवारियों के उतरने के बाद वह बस में अकेली रह गई। इस दौरान बस चालक ने उसे पानी की बोतल पकड़ाने के बहाने अपने पास बुलाया और उसके साथ अश्लीलता की। जब पीड़िता चिल्लाई तो अभियुक्त ने उसे छोड़ दिया। इस पर पीड़िता ने घर पहुंच कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। वहीं अभियुक्त की ओर से कहा गया कि पूर्व की रंजिश होने के चलते उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त को सजा सुनाई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 11:44:56 +0530</pubDate>
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                <title>साइबर ठगों ने खाते से निकाले 2.44 लाख रुपए</title>
                                    <description><![CDATA[पीड़ित ने गूगल से बिजली विभाग के कस्टमर केयर नंबर पर बात की, तो कोई बिजली का बिल बकाया होना बताया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bthugs-withdrew-2-44-lakh--from-the-account/article-14422"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/sib-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में साइबर ठगों ने दो लोगों के बैंक खाते से 2.44 लाख रुपए ऑनलाइन ठग लिए है। पुलिस ने बताया कि मानसरोवर थाने में हीरा पथ निवासी राजेन्द्र सिंह ने रिपोर्ट दी है कि उसके पास एक मैसेज बिजली विभाग से आया कि आपका बिल बकाया होने की वजह से रात को कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद पीड़ित ने गूगल से बिजली विभाग के कस्टमर केयर नंबर पर बात की, तो कोई बिजली का बिल बकाया होना बताया।</p>
<p>इसके बाद ठगों ने नंबर अपडेट करने का झांसा देकर डेबिट व क्रेडिट कार्ड की जानकारी ली और तीन बार में 1.23 लाख रुपए निकाल लिए। विद्याधर नगर थाने में झुंझुनूं निवासी डॉ. विकास पिलानिया ने रिपोर्ट दी है कि साइबर ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड से 1.21 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। जबकि उनके पास इस संबंध में बैंक से कॉल का मैसेज भी नहीं आया।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Jul 2022 10:17:55 +0530</pubDate>
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