<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/high-court/tag-2731" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>High Court - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/2731/rss</link>
                <description>High Court RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कनॉट प्लेस के एक होटल की 15वीं मंज़िल से कूदकर युवा वकील ने की आत्महत्या, पुलिस जांच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[कनॉट प्लेस स्थित 'द रॉयल प्लाज़ा' होटल में 26 वर्षीय वकील राजेश सिंह ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। दिल्ली हाईकोर्ट के प्रशिक्षु राजेश ने शुक्रवार को होटल में चेक-इन किया था। पुलिस को कोई साजिश नहीं मिली है। सीसीटीवी फुटेज और एफएसएल की टीमें मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/young-lawyer-commits-suicide-by-jumping-from-the-15th-floor/article-151090"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/suicide.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय में प्रशिक्षु के तौर पर कार्यरत 26 साल के एक वकील ने कथित तौर पर कनॉट प्लेस स्थित 'द रॉयल प्लाज़ा' होटल की 15वीं मंज़िल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सोमवार को बताया कि इस घटना की जानकारी शनिवार रात करीब 9:15 बजे कनॉट प्लेस थाने को मिली। इसके बाद थाना प्रभारी (एसएचओ) के नेतृत्व में पुलिस की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। मृतक की पहचान महावीर एन्क्लेव निवासी राजेश सिंह के रूप में हुई है।</p>
<p>शुरुआती जांच में पता चला है कि उन्होंने शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे होटल में चेक-इन किया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि सिंह ने कथित तौर पर होटल की 15वीं मंज़िल से छलांग लगा दी थी। उन्हें तुरंत लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।</p>
<p>अपराध शाखा की टीम और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और सबूत जुटाए। जांच के हिस्से के तौर पर होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि परिवार वालों के बयानों के आधार पर, इस घटना में किसी भी तरह की साजिश या गड़बड़ी की आशंका नहीं है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया है और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/young-lawyer-commits-suicide-by-jumping-from-the-15th-floor/article-151090</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/young-lawyer-commits-suicide-by-jumping-from-the-15th-floor/article-151090</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 16:32:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/suicide.png"                         length="1553848"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नमाज विवाद मामला: प्रोफेसर दिलीप झा को हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[बिलासपुर हाईकोर्ट ने गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर दिलीप झा को राहत देने से इनकार कर दिया है। नमाज विवाद में दर्ज एफआईआर और चार्जशीट रद्द करने की उनकी याचिका खारिज हो गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोप पत्र दाखिल होने के बाद हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। प्रोफेसर पर धार्मिक दबाव डालने का आरोप है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/namaz-controversy-case-professor-dilip-jha-gets-a-shock-from/article-150760"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/namaz.png" alt=""></a><br /><p>बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर दिलीप झा को नमाज विवाद मामले में उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया,जिसकी जानकारी आज दी गयी। अदालत ने साफ कहा कि मामले में आरोप पत्र पहले ही दाखिल हो चुका है, इसलिए इस स्तर पर हस्तक्षेप संभव नहीं है।</p>
<p>प्रोफेसर झा ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया। दरअसल, पूरा मामला मार्च 2025 में कोटा क्षेत्र के शिवतराई में आयोजित एनएसएस के सात दिवसीय शिविर से जुड़ा है। 26 मार्च से 1 अप्रैल तक चले इस शिविर के दौरान 30 मार्च को ईद के दिन चार मुस्लिम छात्रों को मंच पर नमाज पढ़ने के लिए बुलाने और अन्य छात्रों पर भी इसमें शामिल होने का दबाव बनाने का आरोप लगा था। विरोध करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र रद्द करने की धमकी देने की बात भी सामने आई थी।</p>
<p>इस मामले में प्रोफेसर दिलीप झा के साथ मधुलिका सिंह, सूर्यभान सिंह, डॉ. ज्योति वर्मा, प्रशांत वैष्णव, बसंत कुमार और डॉ. नीरज कुमारी पर भी आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद प्रभावित छात्रों ने कोनी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के छात्रों ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। शिकायत के आधार पर कोटा पुलिस ने सभी आरोपित शिक्षकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/namaz-controversy-case-professor-dilip-jha-gets-a-shock-from/article-150760</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/namaz-controversy-case-professor-dilip-jha-gets-a-shock-from/article-150760</guid>
                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 13:58:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/namaz.png"                         length="1447506"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीरजा मोदी स्कूल की संबद्धता वापस लेने वाला आदेश स्थगित: हाईकोर्ट ने कहा-स्कूल दस दिन में पांच लाख रुपए सीबीएसई में जमा कराए</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने नीरजा मोदी स्कूल की कक्षा 11-12 की संबद्धता समाप्त करने वाले CBSE के आदेश पर सशर्त रोक लगा दी है। अदालत ने स्कूल को ₹5 लाख जमा कराने और एक माह में कमियां सुधारने का निर्देश दिया। छात्रा की आत्महत्या के बाद उपजे विवाद के बीच, छात्रों के भविष्य को देखते हुए यह अंतरिम राहत दी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/order-withdrawing-affiliation-of-neerja-modi-school-postponed-high-court/article-147125"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/high-courat-3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा चार की छात्रा के आत्महत्या करने से जुडेÞ मामले में सीबीएसई के गत 23 फरवरी के उस आदेश को सशर्त स्थगित कर दिया है, जिसके तहत बोर्ड ने स्कूल की कक्षा 11 व 12 की संबद्धता को दो साल के लिए वापस ले लिया था। अदालत ने कहा है कि इसके लिए स्कूल दस दिन में पांच लाख रुपए सीबीएसई में जमा कराए। इसके साथ ही स्कूल प्रशासन बोर्ड की ओर से गत 3 नवंबर को बताई सभी कमियों को एक माह में दुरुस्त करेगा। </p>
<p>अदालत ने कहा कि बोर्ड 45 दिन बाद स्कूल का निरीक्षण करेगा और यदि कोई कमी पाई जाती है तो अदालत में उसके खिलाफ प्रार्थना पत्र पेश किया जा सकता है। जस्टिस गणेश राम मीणा की एकलपीठ ने यह आदेश नीरजा मोदी स्कूल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने बोर्ड को कहा है कि वह आगामी सुनवाई पर उन स्कूलों की सूची पेश करें, जिनमें वह याचिकाकर्ता के छात्रों को शिफ्ट करना चाहता है। इसके साथ ही इन संस्थानों की सत्यापन रिपोर्ट पेश कर बताया जाए कि इनमें बोर्ड की ओर से निर्धारित मापदंडों के अनुसार कोई कमी नहीं है। </p>
<p>याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एके शर्मा और अधिवक्ता रचित शर्मा ने कहा कि घटना के बाद संबंधित शिक्षक को हटा दिया गया है। सीबीएसई की ओर से बताई कमियों को भी दूर कर लिया गया है। शेष कमियों को एक माह में ठीक कर लिया जाएगा। याचिका में कहा गया कि सीबीएसई के आदेश से छात्रों के बीच अनिश्चितता पैदा हो गई है, जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। सीबीएसई ने साल 2024 में स्कूल की मान्यता को मार्च, 2029 तक बढ़ाया था। </p>
<p>इसका विरोध करते हुए सीबीएसई के वकील एमएस राघव ने कहा कि स्कूल ने मान्यता संबंधी प्रावधानों की अवहेलना की है। ऐसे बोर्ड की कार्रवाई सही है। मृतक छात्रा के परिजनों की ओर से अधिवक्ता एसएस होरा ने कहा कि प्रावधानों की अवहेलना पर सीबीएसई को कार्रवाई का अधिकार है। याचिकाकर्ता स्कूल तय दिशा-निर्देशों की पालना नहीं कर रही है। सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने सीबीएसई के गत 23 फरवरी के आदेश को सशर्त स्थगित कर दिया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/order-withdrawing-affiliation-of-neerja-modi-school-postponed-high-court/article-147125</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/order-withdrawing-affiliation-of-neerja-modi-school-postponed-high-court/article-147125</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 11:31:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-02/high-courat-3.jpg"                         length="247061"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संभल हिंसा मामला: ASP अनुज चौधरी को राहत, FIR के आदेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाई रोक</title>
                                    <description><![CDATA[इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल हिंसा केस में एएसपी अनुज चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर रोक लगाई, याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत मिली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/allahabad-high-court-stays-order-for-relief-to-asp-anuj/article-142633"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(7)7.png" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल हिंसा मामले में एएसपी अनुज चौघरी को बड़ी राहत देते हुए एफआईआर के आदेशों पर रोक लगा दी है। बता दें कि इस हादसे में आलम को 3 गोलियां मारने पर स्थानिय कोर्ट ने 9 जनवरी को करीब 22 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद एएसपी अनुज चौधरी ने कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रूख किया था।</p>
<p>जिस पर आज सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एफआईआर पर रोक लगा दी हैं। इसके साथ ही बता दें इस मामले में एफआईआर का आदेश जारी करने वाले न्यायधीश पहले ही हट चुके हैं। हाईकोर्ट ने अनुज तोमर की याचिका पर सुनवाई करते हुए 14 दिन की अंतरिम राहत देते हुए शिकायत करने वाले यामीन को कोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए करीब 14 दिन का समय दिया है।</p>
<p>अदालत ने तत्कालीन कोतवाली इंस्पेक्टर अनुज तोमर को भी राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ ने 9 जनवरी को पारित संभल सीजेएम न्यायालय के आदेश पर रोक लगाते हुए शिकायतकर्ता यामीन से दोनों याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई पांच सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि संभल के सीजेएम विभांशु सुधीर ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत एएसपी अनुज चौधधरी सहित 20 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। इस आदेश के विरुद्ध अनुज चौधरी और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल याचिका पर सोमवार और मंगलवार को सुनवाई हुई, जिसके बाद हाईकोर्ट ने यह अंतरिम आदेश पारित किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/allahabad-high-court-stays-order-for-relief-to-asp-anuj/article-142633</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/allahabad-high-court-stays-order-for-relief-to-asp-anuj/article-142633</guid>
                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 15:52:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/11-%28700-x-400-px%29-%28630-x-400-px%29-%287%297.png"                         length="1320213"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शौचालय, लीकेज, पुलिस चौकी… इंदौर में जहरीले पानी से अब तक 13 लोगों की मौत, ICU में भर्ती 32 मरीज, आज होगी हाईकोर्ट में सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[इंदौर में दूषित पानी पीने से 13 लोगों की जान चली गई और सैकड़ों अस्पताल में भर्ती हैं। मुख्यमंत्री ने लापरवाह अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। आज हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/toilet-leakage-police-post%E2%80%A6-13-people-died-so-far-due/article-138097"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बता दें कि इंदौर स्वचछता के मामले में पूरे देश में सिरमौर है। इंदौर में दूषित पानी के कारण अब तब 13 लोग अपनी जान गवां चुके है और करीब 300 से ज्यादा लोगों की हालत गंभीर बनी हैं, जिनको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इस मामले में सीएम मोहन यादव की कुछ अधिकारियों पर गाज गिरी जिसके कारण उनको तुरंत ही उनके पद से सस्पेंड कर दिया गया है। बीते दिन गुरूवार को करीब 338 नए मरीज मिले हैं जिनमें से करीब 32 मरीजों को आईसीयू में भर्ती करवाया गया हैं, जहां उनको प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। इस मामले में लैब रिपोर्ट में चौकाने वाले खुलासा हुआ है और उसके बाद आज हाईकोर्ट में इस मामले में सुनवाई होगी।</p>
<p>हालांकि, इस मामले में प्रशासन की तरफ से केवल 4 मौतों की ही पुष्टि हुई है, लेकिन कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस मामले में अब तक करीब 1400 से ज्यादा लोगों के बीमार होने की पुष्टि की है। इन मामलों के सामने आने के बाद भागीरथपुरा स्थानियों निवासियों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। </p>
<p>जानकारी के अनुसार, यहां पीने की पानी के लिए टैंकर की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन इन मामलों के सामने आने के बाद स्थानिय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। इस की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थय विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हमने यहां पर करीब 21 टीमें बनाई हुई है, जिसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल, एएनएम व आशा कार्यकर्ता शामिल है, जों समय समय पर घर घर जाकर सबको समझाने की कोशिश करते हैं। इसके आगे अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि, गत दिवस हमने करीब 1714 मकानों का सर्वे किया,​ जिसमें से 8571 लोगों की जांच की गई, जिनमें से करीब 338 लोगों की हालत खराब थी। अब तक इस मामले में 272 लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया जा चुका है।</p>
<p>दूषित पानी के मामले में 13 लोगों की मौत होने के बाद एनएचआरसी ने स्वत: सज्ञान लिया है और इस मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/toilet-leakage-police-post%E2%80%A6-13-people-died-so-far-due/article-138097</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/toilet-leakage-police-post%E2%80%A6-13-people-died-so-far-due/article-138097</guid>
                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 12:33:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/1200-x-600-px%29-%281200-x-600-px%29-%281%295.png"                         length="805711"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उदयपुर मास्टर प्लान पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, फतेहसागर झील के पास होटल निर्माण का रास्ता आसान</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस सुनील बेनीवाल की बेंच ने उदयपुर मास्टर प्लान.2031 से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा आदेश पारित किया है। कोर्ट ने मास्टर प्लान के लैंड यूज मैप में हुई ड्राफ्टिंग एरर को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि फ तेहसागर झील के पास स्थित याचिकाकर्ताओं की भूमि को ग्रीन जोन-1 से हटाकर ग्रीन जोन-2 में दर्शाया जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/big-decision-of-high-court-on-udaipur-master-plan-the/article-136366"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/hammer.png" alt=""></a><br /><p>जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस सुनील बेनीवाल की बेंच ने उदयपुर मास्टर प्लान.2031 से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा आदेश पारित किया है। कोर्ट ने मास्टर प्लान के लैंड यूज मैप में हुई ड्राफ्टिंग एरर को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि फ तेहसागर झील के पास स्थित याचिकाकर्ताओं की भूमि को ग्रीन जोन-1 से हटाकर ग्रीन जोन-2 में दर्शाया जाए। इस फैसले के बाद संबंधित भूमि पर होटल या रिसॉर्ट निर्माण का रास्ता साफ  हो गया है। हाईकोर्ट ने मामले में आदेश दिया कि मास्टर प्लान की परिभाषा के विपरीत जाकर भूमि को गलत तरीके से जी-1 जोन में दिखाया गया था, जो कि तकनीकी त्रुटि है। कोर्ट ने राज्य सरकार को एक महीने के भीतर मास्टर प्लान.2031 और जोनल डेवलपमेंट प्लान में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता पीयूष मारूए चिराग मारूए मोनिका और सोनाली के पास उदयपुर जिले की गिरवा तहसील के सिसारमा गांव में खसरा नंबर 1697 में कुल 0.8600 हेक्टेयर कृषि भूमि है।</p>
<p>याचिकाकर्ता इस भूमि पर होटल अथवा रिसॉर्ट का निर्माण करना चाहते थे, लेकिन उदयपुर मास्टर प्लान.2031 के लैंड यूज मैप में उनकी जमीन को ग्रीन जोन-1 में दर्शा दिया गया, जहां किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसी कारण भूमि रूपांतरण और निर्माण की प्रक्रिया बाधित हो रही थी।याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं का तर्क था कि उनकी जमीन फ तेहसागर झील के फुल टैंक लेवल से 100 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित है। मास्टर प्लान के क्लॉज अनुसार केवल झील के एफ टीएल से 100 मीटर तक का क्षेत्र ही ग्रीन जोन.1 में आता है, जबकि 100 मीटर से बाहर की भूमि ग्रीन जोन.2 में शामिल होती है, जहां सीमित शतोंर् के साथ निर्माण की अनुमति है।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जोधपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/big-decision-of-high-court-on-udaipur-master-plan-the/article-136366</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jodhpur/big-decision-of-high-court-on-udaipur-master-plan-the/article-136366</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Dec 2025 14:23:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/hammer.png"                         length="483323"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महेश जोशी को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान हाईकोर्ट ने जल जीवन मिशन घोटाले से जुडे ईडी प्रकरण में आरोपी पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को राहत देने से इनकार कर दिया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mahesh-joshi-is-not-relieved-by-high-court-bail-plea/article-124803"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/high-court-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जल जीवन मिशन घोटाले से जुडे ईडी प्रकरण में आरोपी पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को राहत देने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में महेश जोशी की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस प्रवीर भटनागर की एकलपीठ ने यह आदेश महेश जोशी की जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए दिए। एकलपीठ ने गत 8 अगस्त को मामले में फैसला सुरक्षित रखा था।</p>
<p>जमानत याचिका में अदालत को बताया कि प्रकरण में उसे फंसाया गया है। प्रकरण को लेकर एसीबी में दर्ज मूल केस में याचिकाकर्ता का नाम नहीं है। याचिकाकर्ता को एक साल पहले नोटिस दिया गया। इसके बाद बिना कोई परिस्थिति बदले उसे गत अप्रैल माह में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा ईडी याचिकाकर्ता पर 2.01 करोड़ रुपए का आरोप लगा रही है, जबकि इसे लेकर ईडी के पास कोई साक्ष्य नहीं है और परिवादी यह राशि कहां से लाया, उसका भी उल्लेख नहीं है। इसके अलावा ईडी ने अपनी रिपोर्ट में बेटे की फर्म में 50 लाख रुपए का लेनदेन बता रही है। यह राशि बेटे की कंपनी ने लोन के तौर पर ली थी और उसे लौटाया भी जा चुका है। वहीं इस राशि को लेकर सिविल केस भी लंबित चल रहा है। ऐसे में उसे जमानत का लाभ दिया जाए। जिसका विरोध करते हुए ईडी की ओर से अधिवक्ता अक्षय भारद्वाज ने कहा कि प्रकरण में एसीबी की ओर से दर्ज अन्य एफआईआर में याचिकाकर्ता की भूमिका को बताया गया है। वहीं याचिकाकर्ता के बेटे की फर्म में 50 लाख रुपए का लेनदेन किया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से इस राशि को लौटाना भी बताया जा रहा है तो राशि लौटाने से अपराध की गंभीरता कम नहीं होती है। याचिकाकर्ता और उसके बेटे ने विभाग की टेंडर प्रक्रिया में रिश्वत प्राप्त की है। इसके अलावा धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 45 के तहत आरोपी को उस समय ही जमानत दी जा सकती है, जब अदालत इस बात से प्रथम दृष्टया इस बात से संतुष्ट हो जाए कि वह इस अपराध का दोषी नहीं है। यदि आरोपी को जमानत दी गई तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए उसकी जमानत याचिका को खारिज किया जाए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी महेश जोशी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mahesh-joshi-is-not-relieved-by-high-court-bail-plea/article-124803</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mahesh-joshi-is-not-relieved-by-high-court-bail-plea/article-124803</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 13:16:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-03/high-court-copy2.jpg"                         length="212052"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश की स्कूलों की बदहाल स्थिति पर हाईकोर्ट ने लिया प्रसंज्ञान, मांगी रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश की स्कूलों की इमारतों की बदहाल स्थिति और संसाधनों के अभाव को लेकर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-sought-report-on-the-bad-situation-of-state/article-121954"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/high-courat-2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश की स्कूलों की इमारतों की बदहाल स्थिति और संसाधनों के अभाव को लेकर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में शिक्षा मंत्रालय, बाल विकास मंत्रालय, मुख्य सचिव, एसीएस शिक्षा, प्रमुख बाल कल्याण सचिव और राष्ट्रीय बाल आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने मामले को जनहित याचिका के तौर पर दर्ज करने के निर्देश देते हुए शिक्षा मंत्रालय और मुख्य सचिव से मामले में उठाए गए कदमों की जानकारी पेश करने को कहा है। जस्टिस अनूप कुमार ढंड की एकलपीठ ने यह आदेश प्रकरण में प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट्स पर कार्रवाई करते हुए दिए।</p>
<p>अदालत ने अपने आदेश में कहा कि राष्टÑीय बाल आयोग की राजस्थान सहित एक दर्जन राज्यों की 26 हजार स्कूलों के सर्वे रिपोर्ट में आया है कि 22 फीसदी स्कूल जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं और करीब 31 फीसदी स्कूलों की दीवारों में दरार आई हुई हैं। स्कूल वो जगह है, जहां भविष्य को आकार दिया जाता है। प्रभावी शिक्षण और सुरक्षित वातावरण इसकी जरूरी शर्त है। अदालत ने कहा कि बजट का 6 फीसदी शिक्षा पर खर्च करने के बावजूद करीब 32 फीसदी स्कूलों में बिजली कनेक्शन ही नहीं है। शिक्षा विभाग के सूत्रों से पता चलता है कि 50 फीसदी से अधिक प्राथमिक स्कूल बिना बिजली के संचालित हो रहे हैं। 9 फीसदी स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं है और दस फीसदी बालिका स्कूलों में शौचालय का अभाव है। अदालत ने कहा कि स्कूलों में डिजिटल शिक्षण उपकरणों का भी अभाव है। केवल 57 फीसदी स्कूलों में कंप्यूटर हैं और 53 फीसदी में ही इंटरनेट कनेक्शन है। अदालत ने कहा कि समस्या केवल सरकारी स्कूलों तक ही सीमित नहीं है। निजी स्कूलों में भी जरूरी बुनियादी ढांचे की कमी है। प्रदेश में चालीस हजार स्कूलों पर दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुगम सुविधाएं नहीं होने के लिए जुर्माना लगाया गया है। आधे स्कूल जरूरी शारीरिक शिक्षा प्रदान नहीं करते। अदालत ने कहा कि पिछली राज्य सरकार ने 3737 हिंदी माध्यम स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम में बदला, ताकि अंग्रेजी शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सकते। हालांकि इसके पांच साल बाद यह महत्वाकांक्षी पहल खराब बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी और विद्यार्थियों की रूचि में कमी के कारण असफ लता का सामना कर रही है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि नजदीक में स्कूल होने का लक्ष्य प्राप्त करने में कई जिले अभी भी काफी दूर हैं। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। इसी बीच स्कूल की छत गिरने की घटना काफी हृदय विदारक है। अदालत ने कहा कि क्यों ना प्रत्येक स्कूल का व्यापक सर्वेक्षण किया जाए और आबादी के अनुपात में बच्चों के लिए पर्याप्त संख्या में स्कूल उपलब्ध हो। स्कूलों में पेयजल, शौचालय सहित छात्राओं के लिए मुफ्त सैनिटरी नैपकिन प्रदान किए जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-sought-report-on-the-bad-situation-of-state/article-121954</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-sought-report-on-the-bad-situation-of-state/article-121954</guid>
                <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 14:53:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-01/high-courat-2.jpg"                         length="203545"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट को मिले 7 नए जज, अब कुल संख्या हुई 43 : 6 अधिवक्ता और 1 न्यायिक अधिकारी को मिली नियुक्ति, संदीप तनेजा बने स्थायी न्यायाधीश</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान हाईकोर्ट को सात नए न्यायाधीश और मिल गए हैं। इसके चलते अब हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढकर 43 हो गई है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/7-new-judges-got-the-total-number-of-43-6/article-121305"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/5578.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट को सात नए न्यायाधीश और मिल गए हैं। इसके चलते अब हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढकर 43 हो गई है। सात नए न्यायाधीशों में से छह अधिवक्ता कोटे से और एक न्यायिक अधिकारी कोटे से जज बनी है। वकील कोटे से जज बनने वाले संदीप तनेजा, बलजिंदर सिंह, बिपिन गुप्ता, संजीत पुरोहित, रवि चिरानिया और अनुरूप सिंघी है। जबकि न्यायिक अधिकारी कोटे से संगीता शर्मा को हाईकोर्ट जज नियुक्त किया गया है।</p>
<p>विधि एवं न्याय विभाग की ओर से इस संबंध में नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई है। संदीप तनेजा को हाईकोर्ट का स्थाई जज और शेष छह को अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/7-new-judges-got-the-total-number-of-43-6/article-121305</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/7-new-judges-got-the-total-number-of-43-6/article-121305</guid>
                <pubDate>Tue, 22 Jul 2025 14:14:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/5578.png"                         length="294800"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लापताओं की तलाश में मॉर्डन टेक्नोलॉजी अपनाने के निर्देश, DGP से हाईकोर्ट ने की सीधी बातचीत</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को कहा है कि राजस्थान पुलिस की जांच का ढर्रा अभी भी पुरानी तरह से ही चल रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-interacted-with-dgp-to-adopt-modern-technology-in/article-119431"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/high-courat-3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को कहा है कि राजस्थान पुलिस की जांच का ढर्रा अभी भी पुरानी तरह से ही चल रहा है। आज ए आई सहित मॉर्डन तकनीक आ गई है, लेकिन पुलिस उसका उपयोग नहीं कर रही है। अदालत ने कहा कि लापताओं की तलाश के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग किया जाए। जस्टिस अवनीश झींगन और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश नरेंद्र सिंह रावत अन्य की और से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए।</p>
<p>सुनवाई के दौरान डीजीपी राजीव शर्मा अदालत में पेश हुए। अदालत ने उन्हें कहा कि पुलिस लापता की तलाश की जांच मोबाइल तक ही सीमित रखती है। आजकल का युवा मोबाइल की तकनीक को भली-भांति समझता है। वहीं यदि पुलिस को जानकारी मिलती है कि आरोपी सुदूर इलाके में है तो पुलिस यहां से टीम बनाकर भेजती है। जब तक पुलिस वहां पहुंचती है, आरोपी वहां से निकल जाता है। यदि पुलिस उचित तकनीक काम में ले तो स्थानीय पुलिस की मदद से कुछ मिनट में ही आरोपी को पकड़ा जा सकता है। अदालत ने एक मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि 2 साल के बच्चे की तलाश 6 साल बाद भी जारी है, लेकिन पुलिस के पास उसका स्केच तक नहीं है। ऐसे में पुलिस किस आधार पर जांच कर रही है, यह समझ के परे है। अदालत में यह भी कहा कि मामलों की सुनवाई के दौरान कोर्ट के ऑब्जरवेशन को जांच अधिकारी अदालत का निर्देश समझ लेते हैं, जो भी उचित नहीं है। अदालत ने डीजीपी को कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि आपके कार्यकाल में कुछ अच्छा हो जाए। डीजीपी ने अदालत को कहा की लापताओं की तलाश नई तकनीक से की जाती है। वहीं अब अदालत की मंशा को देखते हुए मॉडल तकनीक काम में लाई जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-interacted-with-dgp-to-adopt-modern-technology-in/article-119431</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-interacted-with-dgp-to-adopt-modern-technology-in/article-119431</guid>
                <pubDate>Fri, 04 Jul 2025 16:45:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-02/high-courat-3.jpg"                         length="247061"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर में बढ़ते डॉग अटैक पर हाईकोर्ट सख्त, प्रशासन से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान हाईकोर्ट ने राजधानी जयपुर में आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-sought-answers-from-strict-administration-on-increasing-dog/article-119032"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/high-courat-3.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राजधानी जयपुर में आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। हाईकोर्ट की खंडपीठ, मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति मनीष शर्मा ने स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए नगर निकायों से पूछा है कि सड़कों पर घूम रहे इन कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।</p>
<p>अदालत ने कहा कि केवल बंध्याकरण ही समाधान नहीं है, और प्रशासन को इस दिशा में ठोस नीति बनानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि आखिर ऐसे कौन से स्थान हैं जहां इन कुत्तों को रखा जाता है? न्यायालय का कहना था कि जरूरी है कि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और साथ ही जानवरों के कल्याण की दिशा में भी संवेदनशीलता दिखाई जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-sought-answers-from-strict-administration-on-increasing-dog/article-119032</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/high-court-sought-answers-from-strict-administration-on-increasing-dog/article-119032</guid>
                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 19:02:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-02/high-courat-3.jpg"                         length="247061"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड में पंचायत चुनाव पर रोक : हाईकोर्ट ने आरक्षण में गड़बड़ी बताई, सरकार से जवाब तलब; जानें वजह</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को अपने महत्वपूर्ण निर्णय में प्रदेश में चल रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/uttarakhand-panchayat-election-hc-stay-news-2025/article-118270"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/edit.png" alt=""></a><br /><p>नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को अपने महत्वपूर्ण निर्णय में प्रदेश में चल रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी। साथ ही सरकार से जल्द से जल्द जवाब देने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेन्दर और न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने वीरेन्द्र सिंह बुटोला और गणेश दत्त कांडपाल की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आज यह आदेश जारी किए।</p>
<p>याचिकाकर्ताओं की ओर से पृथक पृथक रूप से दायर याचिकाओं में कहा गया कि सरकार ने प्रदेश में चल रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए जो आरक्षण तय किया है वह गलत है। सरकार की ओर से जो आरक्षण नियमावली बनाई गई है, उसे गजट नोटिफिकेशन नहीं किया गया है। इसलिए आरक्षण की प्रक्रिया गलत है। इस बिन्दु पर खंडपीठ ने विगत 20 जून को सुनवाई करते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।</p>
<p>आज सरकार इस मामले में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। दूसरी ओर सरकार की तरफ से कहा गया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव घोषित हो गए हैं। उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार इसमें अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर की ओर से कहा गया कि पूरी मशीनरी चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त है। ऐसे में रोक लगाना गलत है। अधिवक्ता अनिल जोशी ने बताया कि अदालत ने अंत में पूरी चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। साथ ही सरकार से कहा है कि वह जल्द से जल्द जवाब पेश करे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव चल रहे हैं। सरकार ने दो दिन पूर्व चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/uttarakhand-panchayat-election-hc-stay-news-2025/article-118270</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/uttarakhand-panchayat-election-hc-stay-news-2025/article-118270</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 14:11:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/edit.png"                         length="466320"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        