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                <title>dilapidated condition - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मानसून की दस्तक से बढ़ी चिंता : गंदगी से अटे नालों ने खोली सफाई व्यवस्था की पोल</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य बाजार और खानपुर रोड के नालों में कचरे का अंबार, जलभराव और बीमारियों का बढ़ा खतरा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/concerns-rise-with-the-onset-of-monsoon--filth-choked-drains-expose-the-poor-state-of-sanitation/article-157739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)4.png" alt=""></a><br /><p>कवाई। कवाई कस्बे में मानसून की शुरुआत के साथ ही नालों की बदहाल स्थिति चिंता का कारण बन गई है। मुख्य बाजार, खानपुर रोड सहित कई इलाकों के नाले गंदगी, कचरे और गाद से भरे पड़े हैं, जिससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अभियान में तेजी लाने की मांग की है। कस्बेवासियों के अनुसार पिछले वर्ष भी नालों की पर्याप्त सफाई नहीं होने से कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई थी।इस बार भी बारिश का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन कई प्रमुख नालों में अब तक गंदगी जमा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं करवाई गई तो बाजार और आवासीय क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है।</p>
<p><strong>खानपुर रोड के दोनों ओर बने नालों की स्थिति सबसे अधिक खराब</strong><br />खानपुर रोड के दोनों ओर बने नालों की स्थिति सबसे अधिक खराब बताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई जगह नालों में इतना कचरा और गाद जमा है कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया है। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण पानी का बहाव बाधित हो रहा है और आसपास दुर्गंध फैल रही है।</p>
<p><strong>जलभराव से कारोबार हो सकता है प्रभावित</strong><br />मुख्य बाजार के व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि बरसात के मौसम में नियमित सफाई नहीं होने पर जलभराव से कारोबार प्रभावित हो सकता है। साथ ही गंदगी के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। कस्बेवासियों ने प्रशासन से सभी प्रमुख नालों की प्राथमिकता के आधार पर जल्द सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।<br /> <br />नालों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। जहां-जहां नालों में गंदगी और कचरा जमा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सफाई करवाई जा रही है। हमारा प्रयास है कि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। जल्द ही सफाई कार्य पूरा कराया जाएगा।<br /><strong>- रामप्रताप सिंह, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत कवाई।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 15:15:42 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - कोटा दक्षिण निगम में लगी नई लिफ्ट हुई शुरु, बुजुर्गों को मिली राहत, अब सीढ़ियों से नहीं चढ़ना पड़ेगा</title>
                                    <description><![CDATA[अभी लिफ्ट का एक हिस्सा ही चालू है दूसरे हिस्से को जल्दी ही चालू कर दिया जाएगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---the-new-lift-installed-in-kota-south-corporation-has-started-functioning--providing-relief-to-the-elderly--who-will-no-longer-have-to-climb-stairs/article-127972"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news39.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दशहरे के अवसर पर नगर निगम कोटा दक्षिण में आने वाले लोगों को अब सीढ़ियों से तीसरी मंजिल पर नहीं जाना पड़ेगा। वे अब लिफ्ट से ऊपर की तरफ जा भी सकते हैं और वापस नीचे आ भी सकते हैं। ऐसा संभव हुआ है नगर निगम कोटा दक्षिण कार्यालय में लगी नई लिफ्ट के चालू होने से। नगर निगम कार्यालय को व्यवस्था की दृष्टि से उत्तर व दक्षिण  में विभाजित किया हुआ है। हालांकि यह व्यवस्था 5 साल पहले हुई थी। जबकि कार्यालय बनने के दौरान निगम बिल्डिंग में दो तरफ लिफ्ट लगाई गई थी। निगम के ए ब्लॉक वाले कोटा दक्षिण निगम के हिस्से की लिफ्ट काफी पुरानी व जर्जर होने से लम्बे समय से बंद पड़ी हुई थी। पहले तो उसे मरम्मत के नाम पर बंद किया गया था। लेकिन उसकी हालत अधिक खराब होने पर किसी तरह का हादसा न हो उसे देखते हुए इसे स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। वहीं पुरानी की जगह पर नई लिफ्ट लगाने की टेंडर प्रक्रिया की गई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 28 लाख की लागत से ए ब्लॉक में दो नई लिफ्ट लगा तो दी थी। लेकिन उसे फिर भी चालू नहीं किया गया था। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। </p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />निगम बिल्डिंग के ए ब्लॉक की लिफ्ट के बंद होने से आमजन को होने वाली परेशानी का मामला  दैनिक नव’योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 22 सितम्बर के अंक में पेज 11 पर‘ एक लिफ्ट के भरोसे निगम कार्यालय’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। उस समय निगम अधिकारियों ने लिफ्ट को शीघ्र ही चालू करने की जानकारी दी थी।  समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम अधिकारियों ने इसे प्रमुखता से लेते हुए लिफ्ट का ट्रायल पूरा कर उसे चालू कर दिया है।  नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि ए ब्लॉक में 27.87 लाख की लागत से नई लिफ्ट लगाई गई है। लिफ्ट लगने के बाद उसका ट्रायल किया जा रहा था। ट्रायल पूरा होने के बाद उसे आमजन के लिए चालू कर दिया है। जिससे अब लोग आसानी से आ जा सकते है। हालांकि अभी भी लिफ्ट का एक हिस्सा ही चालू है दूसरे हिस्से को भी जल्दी ही चालू कर दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Sep 2025 15:11:37 +0530</pubDate>
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                <title>जर्जर हालत में स्कूल भवन, दहशत के साये में नौनिहाल</title>
                                    <description><![CDATA[तीन दिन पहले भी स्कूल में गिरा प्लास्तर। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-school-building-in-dilapidated-condition--children-in-the-shadow-of-terror/article-94059"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-sizee-(6)6.png" alt=""></a><br /><p>केबलनगर। क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के जर्जर भवन व क्षतिग्रस्त बरामदे को लेकर शिक्षा विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। विद्यालय प्रशासन व एसडीएमसी के सदस्यों व ग्रामीणों द्वारा कई बार विभाग के उच्च अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाने के बाद भी विद्यालय के क्षतिग्रस्त बरामदे व कक्षा कक्षों की मरम्मत के लिए राशि स्वीकृत नहीं की गई है। ऐसी स्थिति में विद्यालय प्रशासन व छात्र खौफ के साये में जी रहे हैं कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। गुरुवार को भी बरामदे की छत से अचानक बड़ा सा प्लास्टर का टुकड़ा टूट कर गिर पड़ा। जिससे एक शिक्षिका व छात्र इसकी चपेट में आने से बच गए। जिससे गंभीर हादसा होने से टल गया। वहीं पूरे बरामदे में छात्रों को बिठाकर पोषाहार भी खिलाया जाता है। ऐसे में विद्यालय प्रशासन के सामने भी संकट खड़ा हो रहा है कि कहीं यह जर्जर बरामद गिर ना जाए । जगह-जगह से जंग लगे सरिये निकल चुके हैं तथा हर रोज उखड़ता प्लास्टर मुसीबत बना हुआ है। वहीं बरसात के दिनों में भी जर्जर भवन की दशा को देखते हुए विद्यालय प्रशासन को कई बार छात्रों की छुट्टी भी करनी पड़ी।</p>
<p><strong>लोकसभा अध्यक्ष को भी की शिकायत </strong><br />ग्रामीणों की मांग है कि शिक्षा विभाग इसकी मरम्मत करवाने के लिए राशि स्वीकृत करे तथा नए कक्षा कक्षों का निर्माण करवाए। अगर किसी दिन यह बरामदा गिर गया तो विद्यालय में गंभीर हादसा हो सकता है। वहीं लाडपुरा विधायक प्रतिनिधि रामप्रसाद चेतीवाल ने बताया कि इस समस्या को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व क्षेत्रीय विधायक कल्पना देवी को भी अवगत करवा दिया गया है परंतु समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। वहीं </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />विद्यालय का बरामदा व कक्षाकक्ष क्षतिग्रस्त अवस्था में है। इस समस्या को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी पत्र भेजकर अवगत करवाया जा चुका है फिलहाल विद्यालय की मरम्मत के लिए कोई राशि स्वीकृत नहीं हुई है। जैसे ही राशि स्वीकृत होगी। कार्य शुरू करवाया जाएगा। <br /><strong>- रेणु बाला, प्रधानाचार्या राउमावि केबल नगर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Oct 2024 17:08:07 +0530</pubDate>
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                <title>बांसी सीएचसी की छत खस्ताहाल, खतरे में जिंदगियां </title>
                                    <description><![CDATA[चिकित्सा विभाग की अनदेखी पड़ न जाए भारी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-roof-of-bansi-chc-is-in-a-dilapidated-condition--lives-are-in-danger/article-87638"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(2)21.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के बांसी कस्बे में सीएचसी भवन लंबे समय से ही जर्जर में संचालित हो रहा है। यहां कक्षों की छत से प्लास्तर गिर रहा। सीएचसी कक्षों की दीवार में भी नमी आने लगी है। रोगियों, तीमारदारों को सहित कर्मचारियों को भी खतरा बना हुआ है। इस केंद्र पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचलों से लोग उपचार के लिए आते है। यहां जिंदगियां खतरे के साए में है। अस्पताल की लेब और प्रसूता के कक्ष में भी हालत बहुत खराब है। जानकारी के अनुसार बांसी में देई रोड़ पर स्थित सीएचसी पुराने भवन में चल रहा है। जिसमें रोगी भर्ती वार्ड में कक्ष की छत का प्लास्तर छुटकर कभी भी नीचे गिर जाता है। इस समय भी एक जगह से उखडे प्लास्तर के बाद छत का आरसीसी सरिया नजर आ रहा है। उसी जगह पर कुछ प्लास्तर छत से तो छुटता नजर आ रहा है। पर छत पर लगे पंखे की फीटिंग में कुछ हिस्सा दबा हुआ होने से वह छत से जगह देकर अटका हुआ है। लेब कक्ष में देखे तो एक जगह से छत से छुटा प्लास्तर के बाद छत के सरिया में भी पपडी उतरती नजर आ रही है। </p>
<p>पीएनसी वार्ड में व अन्य कक्षों की दीवारों में नमी आ रही है। चिकित्सक के कक्ष में फर्स में लगी टाइले भी खिसकी हुई है। जो आवाजाही वाले रोगी तीमारदार व कर्मचारियों का पैर रखते ही टाइल नीचे दब जाती है। पैर हटाते ही ऊपर आ जाती है। यहां पर इस हाल के भवन में यह केंद्र संचालित हो रहा है। जो इस समय मौसम परिवर्तन के साथ ही मौसमी बीमारियों के रोगियों व तीमारदार की संख्या में दिनोंदिन बढ़ोतरी हो रही है। इस केन्द्र की जर्जर हालत होने से यहां पर कार्यरत कर्मचारी सहित सभी को खतरा हो रहा है। गनीमत है कि अभी तक किसी के साथ कोई अनहोनी घटना नहीं हुई है। मौसम परिवर्तन के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर रोजमर्रा ही ओपीडी मरीजों की संख्या 170 से 200 तक पहुंच जाती है, तो इनके साथ तीमारदार भी पहुंचने पर केन्द्र पर ठहराव करने वालों की संख्या और भी अधिक रहती है। जो इस समय भवन के यह हाल से सभी को खतरा बना हुआ है। इस समय बरसाती दिनों में भवन की स्थिति से लोगों को खतरा बना हुआ है। केन्द्र पर इंवेटर भी कभी खराब तो कभी सही जैसे हाल बने हुए रहते है। इंवेटर भी कम क्षमता का होने से बिजली बंद रहने के समय यहां पर कुछ जगहों पर इंवेटर सुविधा उपलब्ध रहती है। कुछ कक्षों में सप्लाई बंद रहती है, जो मौके पर रोगी व तीमारदारों सहित मौके पर रहने वाले कर्मचारियों को भी बहुत परेशानी होती रहती है। पर मजबूरन जिम्मेदारों की उदासीनता को झेल रहे है।</p>
<p><strong>ओहदा बढ़ा पर अस्पताल को मरहम की ही दरकार</strong><br />सरकार द्वारा यहां केन्द्र का दर्जा बढा दिया पर कर्मचारियों सहित सुविधाओं की बहुत-सी कमियों  को खुद ही झेल रहा है। जिससे क्षेत्र के आने वाले रोगियों को भी नाम के अनुरूप जैसी सुविधाएं उपलब्ध नही हो रही है। उचित उपचार के लिए जिला मुख्यालय सहित अन्य बड़े शहरों की ओर रुख करते है।इस समय चल रहे मौसम परिवर्तन के साथ ही रोगियों की तादाद भी बढती जा रही है। जो भर्ती वार्ड में रोगियों को जगह नही मिलने पर केन्द्र के परिसर में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। बरसात आने पर चिकित्सा के कक्ष के सामने टेबलों पर बैठकर इंतजार करते नजर आते है। सोमवार को भी उपचार के लिए केन्द्र पर आए रोगी व तीमारदारों की भीड़ देखने को मिली है। भर्ती वार्ड में अभी बैड खाली नही है, रोगियों को अपनी बारी का इंतजार करना पडेगा।</p>
<p><strong>ग्रामीणों का दर्द</strong><br />बांसी निवासी निरुशंकर शर्मा का कहना है कि सीएचसी के वार्डों में मरीजों के ऊपर कभी भी जर्जर छतों से प्लास्तर उखड़ कर गिर सकता है। ऐसे में वार्ड में मरीज दहशत में है। </p>
<p>बांसी निवासी पदम कुमार जैन ने बताया कि सीएचसी की लैब और प्रसूता कक्ष में भी स्थिति खराब है। यहां पर सीलन इतनी अधिक है कि कभी भी यहां आने वाली प्रसुताओं और मरीजों पर प्लास्तर गिरने से जख्मी हो सकते है। </p>
<p>वहां पर चिकित्सक इस तरह के मरम्मत कार्य को क्यों नही करवाते है। इस समय तो चिरंजीवी भी शुरू है। कल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचकर निरीक्षण करेगें। मौके पर कमी नजर आएगी, तो उसका समाधान करवाया जाएगा। <br /><strong>- संजय मीणा, ब्लॉक सीएमएचओ नैनवां </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 18:50:48 +0530</pubDate>
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                <title>जर्जर हालत: विद्यालय भवन की दीवार दरकी</title>
                                    <description><![CDATA[ बच्चों की बैठने की अव्यवस्था एवं ऊपर से शिक्षकों की कमी के चलते यहां परेशानियों का अंबार लगा हुआ है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/dilapidated-condition--wall-of-school-building-cracked/article-86700"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/jarjar-halat-vidylay-bavan-ki-deevar-darki...harnavdashahji,-baran-news-03-08-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>हरनावदाशाहजी। हरनावदाशाहजी क्षेत्र के कुम्भाखेड़ी ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में खाल की तरफ वाले दोनों कमरों के पीछे की दीवार का कुछ हिस्सा शुक्रवार को बरसात से ढह गया। दीवार लगभग 10 फीट लम्बाई में दरकने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में है। अधिकारी आते हैं और खानापूर्ति करके चले जाते हैं। अधिकारियों की अनदेखी के चलता यहां कभी भी बढ़ा हादसा हो सकता है। एक ओर राज्य सरकार शिक्षा के लिए नवाचार के प्रयास कर रही है। ढांचागत सुविधाओं के नाम पर घोषणाओं का अम्बार लग रहा है। दूसरी ओर शिक्षा के इन कथित मंदिरों की व्यथा जानने की कोशिश करें तो दबे स्वर में समस्याओं के अम्बार दिखाई देते हैं। उनको गहराई से समझने पर मानों यह समस्याएं अंतहीन सी प्रतीत होती जान पड़ रही है। </p>
<p><strong>सुविधाओं की पोल खोल रहे विद्यालय</strong><br />ऐसी ही परेशानियों से जूझ रहे कुंभाखेडी सीनियर स्कूल वर्ष 2015 में सीनियर स्कूल क्रमोन्नत किया गया था लेकिन सुविधाओं की पोल खोलते यहां के विद्यालय भवन की हालत ऐसी है कि 12 कक्षाओं को बिठाने के लिए महज तीन-चार कमरे ही हैं। बच्चों की बैठने की अव्यवस्था एवं ऊपर से शिक्षकों की कमी के चलते यहां परेशानियों का अंबार लगा हुआ है। </p>
<p><strong>अब एक कक्षा कक्ष में ही संचालित होगी सभी कक्षाएं</strong><br />विद्यालय स्टाफ से मिली जानकारी के अनुसार स्कूल में पहले ही तीन कक्षा कक्ष में 12 कक्षाएं संचालित की जा रही है। अब बरसात के मौसम में एक कक्षा कक्ष में 12 कक्षाओं को संचालित करना मुमकिन नहीं है। शुक्रवार को दीवार दरकने की सूचना दूरभाष पर मुख्य ब्लॉक शिक्षाअधिकारी को भी दी गई। अब मरम्मत करवाने का प्रयास किया जा रहा लेकिन दीवार के दूसरी जगह से ढहने की संभावना जताई जा रही है। इस प्रकार स्कूल के बच्चे जगह की तंगी से परेशान है।</p>
<p><strong>नवीन बिल्डिंग बनाने की आवश्यकता</strong><br />विद्यार्थियों के शिक्षण व्यवस्था में व्यवधान हो रहा है। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। जर्जर बिल्डिंग को जमीदोंज कर नवीन बिल्डिंग बनाने की आवश्यकता है। वर्ष 2015 में सीनियर स्कूल क्रमोन्नत किया गया था। विद्यालय में कला वर्ग खुलने से गांव के लोगों को अपने बच्चों के भविष्य को लेकर नई आस बंधी थी। लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है। विद्यालय भवन की हालत ऐसी है कि 12 कक्षाओं को बिठाने के लिए महज तीन-चार कमरे ही हैं। उनमें भी बालक बालिकाओं पर खतरा मंडरा रहा है।<br /><strong>- राजकुमार भील, ग्रामीण।</strong></p>
<p>इस बारे में ब्लॉक लेवल से जिला लेवल तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आज तक कुम्भाखेड़ी स्कूल की जर्जर बिल्डिंग की किसी ने सुध नहीं ली। साथ ही कुंभाखेड़ी के सीनियर स्कूल में पिछले कई वर्षों से अध्यापकों की कमी भी बनी हुई है। जिससे  बालकों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होती है। <br /><strong>- कैलाशचंद भील, समाजसेवी</strong></p>
<p>कुंभाखेड़ी में स्कूल की दीवार का कुछ हिस्सा गिर गया। जिससे विद्यार्थियों में भय बना हुआ है। वहीं पूरा स्कूल जर्जर हो रहा है कभी भी बिल्डिंग गिर सकती है। यहां वर्तमान में सीनियर स्कूल संचालित है जबकि बिल्डिंग प्राइमरी स्कूल की ही बनी हुई है वह भी काफी जर्जर हो चुकी है। <br /><strong>- कमलेश सेन, समाजसेवी। </strong></p>
<p>शुक्रवार को विद्यालय पहुंचने पर दीवार ढहने का पता चला तो तुरंत वहां बैठी चार कक्षाओं को अन्यत्र शिफ्ट किया गया। <br /><strong>- ओमप्रकाश मीना, प्रधानाध्यापक, रा0उ0 माध्य विद्यालय, कुंभाखेडी। </strong></p>
<p>दीवार दरकने की सूचना मिलने पर कुंभाखेड़ी विद्यालय भवन पहुंचकर जायजा लिया। कुछ पत्थर गिर गये थे। जिनको जिनको दोबारा लगाने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय भवन में आई दरारों को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।<br /><strong>- दिनेश भार्गव, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, छीपाबड़ौद। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Aug 2024 17:11:29 +0530</pubDate>
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                <title>लाखों की लागत से बना फायर स्टेशन ढाई साल से बेकार पड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[पालिका द्वारा अग्निशमन केंद्र बनवाने के बावजूद भी वर्तमान में काम नहीं आ रहा। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-fire-station-built-at-a-cost-of-lakhs-is-lying-idle-for-two-and-a-half-years/article-84062"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/10.png" alt=""></a><br /><p>लाखेरी। शहर के शंकरपुरा में जिग जेग डैम के पास 70 लाख की लागत से बना सुविधायुक्त फायर स्टेशन ढाई साल से बेकार पडा है। बिना दमकल और स्टाफ के चलते दुर्दशा का शिकार हो रहा है। फायर स्टेशन पर निर्माण के बाद से ही ताला लटका हुआ है। तत्कालीन पालिका प्रशासन ने शहर मे जाम के हालातों को देखते हुए शहर से बाहर फायर स्टेशन बनाकर इसमे जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई लेकिन निर्माण के बाद से अभी तक यह फायर स्टेशन आबाद नही हो पाया। वर्तमान में दमकल पर तैनात कर्मचारी पालिका में ड्यूटी देते है जबकि दमकल को वर्तमान में सुखाड़िया पार्क में खड़ा किया जाता है। शहर के एकमात्र इस पार्क में दमकल खड़ी करने से घुमने आने वाले लोग चोटिल हो रहे है। जब भी शहर में या आस-पास कही भी कोई आगजनी की घटना घटती है तो दमकल को शहर से पूरी बस्ती व भीड़ भरे बाजार से गुजरते हुए गंतव्य स्थल तक पहुंचना पड़ता है।</p>
<p><strong>करना पड़ता है जाम का सामना</strong><br />पालिका द्वारा अग्निशमन केंद्र बनवाने के बावजूद भी वर्तमान में काम नहीं आ रहा। भीषण गर्मी में आगजनी की कई मामले सामने आने के बावजूद भी दमकल को बगीची से आगजनी स्थल तक पहुंचने में शहर के तंग रास्तों से गुजरना पडता है। शहर मे चुंगी नाका से रामधन चौराहे तक बाजार में दिन में वाहनो की आवाजाही के चलते रोड संकरा हो जाता है। इस मार्ग में अक्सर दिन में कई बार जाम की समस्या रहती है,ऐसे मे दमकल भी कई बार जाम मे फंस जाती है। इसके बावजूद प्रशासन के कानो में कोई जूं नहीं रेंग रही।</p>
<p><strong>नगर पालिका में बाबू का काम कर रहे फायरमैन</strong><br />नगर पालिका में वर्तमान में लगभग सात फायर स्टाफ कार्यरत हैं, जिनमे से अधिकांश फायरमैन पालिका की महत्वपूर्ण शाखों में कार्य संभाल रहे। दमकल केन्द्र जगह पर रात्रि के समय काफी संख्या में पालिका द्वारा लगाईं गई लाईट जलती रहती है। लाईट का भुगतान भी एक वर्ष से अधिक समय से करना पड़ रहा है जबकि पालिका की बजट के हालात इस प्रकार के हो रहे हैं छ: माह से अधिक समय से संवेदक व ठेका कमी का भुगतान भी नहीं कर पा रही है वस उपरांत भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है । वहीं पालिका द्वारा वहां पर खाली भूमि है जो अन्य वाहन खड़े करने के लिए आरक्षित रखीं हुईं हैं वस जगह पर नरेगा मजदूर से पौधे रोपण किया जा रहा है। </p>
<p><strong>नगरवासियों की यह है पीड़ा</strong><br />पूर्व सरपंच बुद्धि प्रकाश मीणा का कहना है कि राजस्व अधिकारी द्वारा जनहित के कार्य करने इतनी समस्या आ रही है। जहां पालिका द्वारा सीमा ज्ञान के लिए कई बार पत्र से अवगत करा दिया। इसके बाद भी अधिकारी द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सालों से बने भवन का आम जन के उपयोग से दूर हो रहा है। इस प्रकार के अधिकारी आमजन का किस प्रकार काम करते है। यह सोचनीय विषय है। तहसीलदार पटवारी से अनुरोध है कि सीमा ज्ञान करते हुए भवन को आमजन उपयोगी बनाए। जिससे शहर के लोगों को इसका लाभ मिले। </p>
<p>रामचरण मीणा ने बताया कि राजस्व अधिकारियों को जनता के हित को देखते हुए कार्य करना चाहिए जिससे क्षेत्र की जनता को लाभ मिल सके। कार्य में अनदेखी के चलते आमजन को कहीं से समस्या का सामना करना पड़ता है जिससे लोगों को सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित रहना पड़ता है। इस प्रकार की समस्याओं पर स्थानीय विधायक को भी ध्यान देना चाहिए। जिससे लोगों को हित के कार्य समय पर हो सके। </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />भवन के तीन ओर सुरक्षा दीवार हो रही है। एकतरफ सुरक्षा दीवार नहीं होने के कारण भवन को उपयोग में नहीं लिया जा रहा है। राजस्व अधिकारियों को सीमा ज्ञान के लिए कई बार पत्र द्वारा अवगत करा दिया गयाहै लेकिन सीमा ज्ञान नहीं हो पायाहै। सीमा ज्ञान होते है सुरक्षा दीवार करते हुए भवन का उपयोग में लिया जाएगा। भवन बनकर तैयार हो गया है केवलएकसुरक्ष दीवार बाकी है जिसका सीमा ज्ञान नहीं होने से कार्य में देरी हो रही है। <br /><strong>- अनुराग शर्मा, कनिष्ठ अभियंता, लाखेरी नगर पालिका</strong></p>
<p>कांग्रेस नेता राजेश्री मीणा ने बताया कि राजस्व अधिकारी सीमा ज्ञान करें जिससे आमजन को राहत मिल सके। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 17:15:11 +0530</pubDate>
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                <title>बरसों पुराने सरकारी भवन यमदूत बन खड़े</title>
                                    <description><![CDATA[संपूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त भवन कभी भी धराशाई होकर बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/years-old-government-buildings-stand-as-yamdoots/article-73043"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/333.png" alt=""></a><br /><p>शाहाबाद। उपखंड मुख्यालय शाहाबाद पर राजस्व नजूल संपत्तियां जर्जर हो रही हैं। कस्बे के बीचों बीच होने के कारण हमेशा हादसा होने का डर लगा रहता है। ये भवन 30 से अधिक सालों से खाली पड़े है। शाहाबाद कस्बे के वार्ड नंबर 6 नरिया मोहल्ला के रूप में जाना जाता है। इसी मोहल्ले में पुराना अस्पताल भवन, पुराना तहसीलदार निवास, पुलिस उप अधीक्षक निवास, नायब तहसीलदार निवास हैं। ये बरसों पुराने विरान पड़े भवन जो बस्ती के बीचों बीच बने हुए हैं। इनके आसपास मकान आदि बन चुके हैं। यह सभी भवन बिल्कुल जर्जर अवस्था मैं है एवं कभी भी गिरने से कोई बड़ा हादसा हो सकता है। साथ ही इन भवनों में बड़े-बड़े भीमकाय पेड़ भी खड़े हुए हैं जिससे भी कभी भी किसी मकान पर गिरने का खतरा बना रहता है। साथ ही इन भवनों की दीवार आदि गिर चुकी हैं और पत्थर आदि चोरी हो चुके हैं। संपूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त भवन कभी भी धराशाई होकर बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। गौरतलब है कि सभी अधिकारियों के नए भवन कस्बे के बाहर बना दिए गए है। </p>
<p><strong>नजूल संपत्ति बने कचरे के ढेर</strong><br />राजस्व विभाग की नजूल संपत्ति कचरा पात्र बनी हुई है एवं बड़े-बड़े कचरे के ढेर इन भवनों में दिखाई देते हैं जिससे बीमारियां फैलने का खतरा लगातार बना रहता है। सभी यह भवन कस्बे के मध्य होने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है एवं जहरीले जीव जंतु का निवास स्थान बने हुए हैं। आवारा जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है। आसपास रहने वाले लोगों के मकान पर कभी भी यह संपत्तियां गिरकर नुकसान पहुंचा सकती हैं। जगह -जगह से यह भवन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं परंतु सरकार द्वारा ने तो उनकी नीलामी कराई जाती ना ही इनको गिराया जाता है जिससे मोहल्ले के लोगों में कभी भी यह भवन गिर कर धराशाई हो सकते हैं और बड़ा हादसा हो सकता है। इसके चलते जर्जर भवनों के कारण आसपास के लोग दहशत बना रहता है।</p>
<p><strong>चिल्ड्रन गार्डन बनाने की मांग</strong><br />पुराना तहसीलदार निवास और पुलिस उप अधीक्षक निवास दोनों पास पास में ही बने हुए हैं। इन दोनों को नष्ट कर बच्चों को खेलने के लिए पार्क बनाया जाना चाहिए क्योंकि संपत्तियां बिल्कुल नष्ट हो चुकी हैं और मोहल्ले वासियों को खतरा बनी हुई हैं या तो उनको नीलाम कराया जाए या फिर नष्ट करके चिल्ड्रन गार्डन बनाया जाए।</p>
<p><strong>वीरान पड़े है जर्जर भवन</strong><br />पुराना अस्पताल भवन, पुलिस उप अधीक्षक निवास, तहसीलदार निवास, नायब तहसीलदार निवास एवं अन्य भवन जो वीरान अवस्था में है तथा अवैध अतिक्रमण का शिकार हो रहे हैं। इनमें लगे पट्टी पत्थर आदि चोरी हो गए हैं एवं वर्तमान में कचरा पात्र बने हुए हैं।इन भवनों के आसपास की जगह अतिक्रमण की चपेट में आ चुकी है और मृत जानवर आवारा पशु के रहने का स्थान बने हुए हैं। </p>
<p><strong>राजस्व संपत्तियों की नीलामी की की मांग</strong><br />राजस्व नजूल संपत्ति जो पुराने भवन है। जो पहले सरकारी कार्यालय संचालित होते थे। यह सरकारी अधिकारियों के निवास स्थान हुआ करते थे। उनको नीलाम कराने की मांग कस्बे के लोगों ने की है क्योंकि बस्ती के मध्य में होने के साथ-साथ यह इमारतें बहुत क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं एवं लोगों द्वारा इनके पत्थर आदि चुरा लिए गए हैं। इनकी बाउंड्री वाल क्षतिग्रस्त होकर टूट-फूट चुकी है। ऐसे में यह भवन में गिरकर धराशाई हो सकती हैं और कोई बड़ा नुकसान मोहल्ला के लोगों को पहुंच सकता है। कस्बे के बाबूलाल मेहता, रामजी लाल यादव, भीमा शंकर व्यास, सत्यनारायण शर्मा ,दिनेश नामदेव ,गौरव चतुर्वेदीर्, डेविड भार्गव, प्रतीक शर्मा आदि ने जिला कलक्टर से मांग की है कि राजस्व नजूल संपत्तियों को नीलाम किया जाए या फिर गिराया जाए जिससे हादसे ना हो। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />हमारे मकान बिल्कुल इन सरकारी नजूल संपत्तियों से सटे हुए हैं। कभी भी यह जर्जर भवन गिर कर धराशाई हो सकती है और हमारे मकानों को नुकसान पहुंच सकता है। जिससे जन धन की हानि हो सकती है। जहरीले जीव जंतु लगातार हमारे मकानों में निकलते रहते हैं। इन इमारतों से खतरा बना हुआ है। इन्हें नीलम कराया जाए या फिर नष्ट कराया जाए जिससे कि कोई अप्रिय घटना घटित ना हो।<br /><strong>- बाबूलाल मेहता, रिटायर्ड पटवारी निवासी शाहाबाद</strong></p>
<p>पुराने सरकारी निवास जर्जर अवस्था में है। जो मोहल्ले वासियों के लिए खतरा बने हुए हैं। बस्ती के बीचो-बीच होने के कारण इनका करने का लगातार भय बना रहता है। इनकी नीलामी की कई बार मांग की जा चुकी है।<br /><strong>- ममता शर्मा , वार्ड पंच वार्ड नंबर 6 निवासी शाहाबाद</strong></p>
<p>इन पुरानी सरकारी भवनों में आए दिन जानवर मर जाते हैं जिससे दुर्गंध फैलती है एवं यह भवन कचरा पात्र बने हुए हैं। सरकार द्वारा इन्हें नीलाम कराया जाना चाहिए।<br /><strong>- अशोक कुमार शर्मा निवासी शाहबाद </strong></p>
<p>पुराने सरकारी निवास क्षति पूर्ण हो चुके हैं। कई बार इनकी नीलामी की मांग की जाती रही है। बस्ती के बीच होने के कारण कभी भी कोई नुकसान हो सकता है। इन आवासों में बड़े-बड़े पेड़ खड़े हुए हैं जो कभी भी गिर कर बड़े हादसे को अंजाम दे सकते हैं सरकार द्वारा शीघ्र उचित कदम उठाना चाहिए।<br /><strong>- केशव भार्गव, वरिष्ठ नागरिक शाहाबाद</strong></p>
<p>पुरानी सरकारी दीवारों से लोगों को परेशानियां हो रही हैं। यह भवन इतने जर्जर हो चुके हैं कि कभी भी गिर कर किसी बड़े हादसे को अंजाम दे सकते हैं। सरकार को शीघ्र ही इन नीलम या अन्य प्रयोजन के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। <br /><strong>- भीमाशंकर व्यास निवासी शाहबाद नरिया मोहल्ला </strong></p>
<p>पुराना अस्पताल कस्बे के बीच स्थित है जो संपूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है एवं पुराना पुलिस उप अधीक्षक निवास, तहसीलदार निवास ,नायब  तहसीलदार निवास आदि भवन क्षतिग्रस्त अवस्था में हो चुके हैं। इसे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इन सब के बारे में जिला कलक्टर को लेटर लिख उनके नीलामी की मांग की जाएगी। <br /><strong>- लोकेश माली, सरपंच ग्राम पंचायत शाहाबाद </strong></p>
<p>मैं अभी नया आया हंू। शाहाबाद के पुराने जर्जर भवनों के बारे में  जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- मुकेश मीणा, उपखंड अधिकारी शाहाबाद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 18 Mar 2024 19:16:42 +0530</pubDate>
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                <title>मां बाड़ी डे केयर सेंटरों पर जर्जर हालत में सुविधाघर </title>
                                    <description><![CDATA[जिम्मेदार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/facilities-in-dilapidated-condition-at-maa-bari-day-care-centers/article-71859"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/transfer-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>राजपुर। सहरिया क्षेत्र में अधिकांश सहरिया जनजाति के लोग निवास करते हैं। उनके बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सहरिया परियोजना विभाग द्वारा स्वच्छ परियोजना के माध्यम से 329 मां बाड़ी डे केयर सेंटरों का संचालन वर्षों से किया जा रहा है। इन डे केयर सेंटरो पर एनटीपीसी के माध्यम से आधुनिक शौचालय का निर्माण कराया था। जिसमें लाखों करोड़ों रुपए का बजट खर्च हुआ था लेकिन यह अब देखरेख की अभाव में जर्जर हो चुके हैं। इनमें पानी की व्यवस्था भी नहीं है ऐसे में यह शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं। इस गंदगी से छात्र-छात्राओं में संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। जिम्मेदार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। </p>
<p><strong>टॉयलेट की साफ-सफाई कराने की मांग</strong><br />छात्र-छात्राओं को पीने के पानी के साथ-साथ शौच आदि के लिए भी खुले में जाना पड़ता है। ऐसे में इन बच्चों को हमेशा कोई अनहोनी घटना घटित होने का भी डर बना रहता है। साथ ही खुले में शौच आदि जाने से स्वच्छ भारत मिशन की साफ तौर पर धज्जियां उड़ती दिखाई देती हैं। लोगों ने शौचालयों की साफ-सफाई कर मरम्मत करवानी और अपनी व्यवस्था करवाने की मांग की है क्योंकि अब गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में पानी की समस्या हर तरफ बनी हुई है। ऐसे में मां बाड़ी डे केयर सेंटरो पर समस्या रहने से छात्र-छात्राओं को परेशानी हो रही है।</p>
<p><strong>लंबे समय से बनी है पानी की समस्या</strong><br />मां बाड़ी डे केयर सेंटरों पर लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई है। इस मामले को लेकर कई बार छात्र-छात्राओं के अभिभावको ने स्वच्छ परियोजना विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया इसका खामियांजा मां बाड़ी डे केयर सेंटरों पर पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को झेलना पड़ता है। मां बाड़ी डे केयर सेंटरो पर लगे शिक्षा सहयोगियों ने बताया कि समस्याओं को लेकर हर बार बैठक में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाता है लेकिन मामले को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। ऐसे में बच्चों को परेशानी झेलने पड़ रही है।</p>
<p>शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं। गंदगी के चलते छात्र-छात्रों में संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। मामले को विभाग अधिकारियों को गंभीरता से लेना चाहिए।<br /><strong>- भारत सिंह, अभिभावक।</strong></p>
<p>एनटीपीसी के माध्यम से बनाए गए शौचालय क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। यह अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। पानी की कमी सेंटरों पर बनी रहती है। बच्चे परेशान रहते हैं।<br /><strong>- केशव सहरिया, ग्रामीण।</strong></p>
<p>एनटीपीसी के प्रोजेक्ट के द्वारा शौचालय का निर्माण बरसों पहले मां बाड़ी डे केयर सेंटरो पर कराया गया था। उन्हीं के प्रोजेक्ट में पानी व्यवस्था का भी प्रावधान था। पानी नहीं होने के कारण अब यह अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। पानी की समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी।<br /><strong>- इंद्रजीत सोलंकी, स्वच्छ परियोजना अधिकारी, शाहाबाद।</strong></p>
<p>मैं मामले को लेकर बात करूंगा और जल्दी ही समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जाएगें। <br /><strong>- जब्बर सिंह, सहरिया परियोजना अधिकारी, शाहाबाद। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Mar 2024 18:23:06 +0530</pubDate>
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                <title>शॉपिग सेंटर पीएचसी की छत से गिरा प्लास्टर, बाल बाल बचे मरीज</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पतालों के भवनों की खस्ताहाल हालत पर विभाग का ध्यान नहीं है जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ी हुई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/plaster-fell-from-the-roof-of-shopping-center-phc--patient-narrowly-escaped/article-66633"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/photo-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर बाजार के बीच में बना शॉपिग सेंटर अस्पताल अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है। बुधवार को भी छत से प्लास्टर गिरने से मरीज चोटिल होते होते बचे। पिछले दो साल से इस पीएचसी की छत से प्लास्टर गिर रहा है। लेकिन इसकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। पिछले साल कुछ बजट देकर छत के गड्डे भरकर इतिश्री कर ली गई। लोगों कहना है कि शहरवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाए देने के लिए विभिन्न स्थानों पर प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोल रखे हैं जिससे मरीजों को बडेÞ अस्पताल तक जाने की दौड़ बच जाए लेकिन शहर के अधिकांश पीएचसी पर प्राथमिक उपचार की ही सुविधा है। अस्पतालों के भवनों की खस्ताहाल हालत पर विभाग का ध्यान नहीं है जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ी हुई है। </p>
<p><strong>बरसों पुरानी छत को मरम्मत की दरकार</strong><br />शहर के शॉपिंग सेंटर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बरसों से भवन की मरम्मत नहीं होने से छतों से प्लास्टर गिर रहा है। वहीं बारिश शुरू होने के साथ छत से जगह जगह पानी टपकने लग जाता है। गंदे पानी की निकासी के चेंबर नहीं होने से सारा पानी अस्पताल परिसर में जमा हो जाता जिससे मरीजों को अस्पताल में पहुंचने में परेशानी होती है। अस्पताल की मरम्मत से लेकर सुविधा बढ़ाने के लिए कई बार सीएमएचओ से लेकर जनप्रतिनिधियों तक अस्पताल प्रभारी ने गुहार लगा दी लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। हर बार आश्वासन का झुनझुना देकर इतिश्री कर ली जाती है। </p>
<p><strong>जहां जांच वहीं टूटा प्लास्टर, दीवारों पर लग रही फंगस </strong><br />शॉपिग सेंटर अस्पताल के लेब में चहुंओर दीवारों पर सीलन आ रही है।  दीवारों पर ब्लैक फंगस लगी हुई है। ऐसे में लेब जांच से ज्यादा संक्रमण दे रही है। चहुंओर सीलन की बदबू से यहां काम करने वाले लेब टेक्नीशियन परेशान रहते है।</p>
<p><strong>टीकाकरण केंद्र कक्ष में गिर रहा प्लास्टर</strong><br />शॉपिंग सेंटर अस्पताल के टीकाकरण केंद्र कक्ष छत का जगह-जगह से प्लास्टर गिर रहा है। ऐसे में कभी बड़ा हादसा होने का अंदेशा सदैव बना रहता है। इस कक्ष में गर्भवती महिलाओं, बच्चों को वैक्सीन लगाई जाती है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज यहां आते है। जर्जर होती छत से आए दिन प्लास्टर गिर रहा है। ये तो गनिमत रहती है अभी तक जितनी बार प्लास्टर गिरा मरीज बच गए। नहीं तो किसी  मरीज के सिर पर  गिरा होता हो बड़ी दुर्घटना हो जाती। </p>
<p><strong>इंजेक्शन रूम बदहाल</strong><br />अस्पताल के इंग्जेक्शन रूम में भी सीलन और प्लास्टर गिरा हुआ है। नि:शुल्क दवा केंद्र की छत से प्लास्टर गिर रहा है।  पानी की निकासी नहीं होने से परिसर में पानी भर जाता है।</p>
<p>अस्पताल की छोटी बड़ी मरम्मत अस्पताल अनटाइल फंड से करा सकता है। पूरी छत का प्लास्टर गिर रहा हैतो इसके लिए पीएचसी प्रभारी लिखित में सीएमएचओ कार्यालय में दे इसके अलावा बड़े कार्य के लिए एनएच विंग में लिखित में देवे। इसके लिए जयपुर से स्वीकृति लेनी होगी। <br /><strong>- डॉ.जगदीश कुमार सोनी, सीएमएचओ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jan 2024 15:27:02 +0530</pubDate>
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                <title>खातौली-करवाड़ सड़क हुई बदहाल, जनता परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[राहगीरों और वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/khatauli-karwad-road-is-in-bad-condition--people-are-worried/article-64726"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/khatoli-sarvad-sadak-hui-badhaal,-janta-pareshan...khatoli,-kota-news-21-12-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>खातौली। कस्बे को पीपल्दा तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाली खातौली-करवाड़ सड़क बरसात के बाद से जर्जर हालत में है। जिससे आम राहगीरों के साथ वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों व कीचड़ के कारण इस सड़क मार्ग पर पड़ने वाले गांव मदनपुरा का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट चुका है। चुनाव आचार संहिता के दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग ने सड़क का पेचवर्क भी करवाया था। पेचवर्क के बाद भी इस सड़क मार्ग पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। जिससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। कई स्थानों पर सड़क मार्ग बरसात में कट गया है। किंतु पेचवर्क के दौरान विभाग ने इन स्थानों की सुध नहीं ली। हालत यह है कि फरेरा के समीप इस सड़क से यदि अनजान वाहन चालक निकले तो कटी हुई सड़क से कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकता है। अब भी सड़क किनारे कई स्थानों पर बबूल के पेड़ खड़े हुए हैं। खातौली-करवाड़ सड़क के पेचवर्क के दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग ने कुछ स्थानों पर से सड़क की साइड में लगे अनावश्यक बबूल के पेड़ हटाए थे। किंतु अब भी कई स्थानों पर साइडों में बबूल के पेड़ लगे होने से वाहन चालक राहगीरों को साइड लेने में परेशानी आती है। गड्डों और घुमाव पर बबूलों से दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। </p>
<p><strong>विभाग ने तीन वर्ष से  नहीं ली सुध</strong><br />खातौली-करवाड़ मार्ग पर कड़ीला, फरेरा, गोवर्धनपुरा व मदनपुरा में सड़क मार्ग पर बड़े-बड़े  गड्ढे हादसों को आमंत्रित कर रहे हैं। विभाग ने पिछले दो-तीन वर्षों से इनकी कोई सुध नहीं ली है। जिससे यह सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। आए दिन यहां पर दुर्घटना होती रहती है। </p>
<p><strong>सड़क पर हर समय भरा रहता है पानी</strong><br />यह सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि इसमें कहीं भी डामर दिखाई नहीं देता। सड़क मार्ग पूरी तरह कच्चे रास्ते में बदल चुका है। जिससे इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढों में पानी भरा हुआ है। इस कारण यहां से आवागमन करना दुश्वार हो चुका है। राहगीरों और वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। </p>
<p>सड़क पर गड्ढे व कीचड़ होने से आए दिन दुर्घटना होती रहती है। <br /><strong>- नाथूदास, ग्रामीण, मदनपुरा</strong></p>
<p>मदनपुरा से खातौली तक सीसी व दोनों तरफ नाली बनने के बाद ही समस्या का समाधान हो सकेगा। <br /><strong>- हंसराज केवट, शोपकीपर, मदनपुरा</strong></p>
<p>चुनाव कार्य के चलते पेचवर्क कार्य पूरा नहीं हो पाया। इसे जल्द पूरा करवाया जाएगा। कड़ीला, फरेरा व मदनपुरा गांव में सीसी सड़क के प्रस्ताव मय नाली के भिजवा रखे हैं। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद जल्दी ही कार्य शुरू किया जाएगा। <br /><strong>- मुकेश मीणा, एक्सईएन, सार्वजनिक निर्माण विभाग, खंड इटावा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Dec 2023 16:47:33 +0530</pubDate>
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                <title>दीवारों में सीलन और सिर पर करंट का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[जेकेलोन अस्पताल के पीछे नर्सिंग बॉयज हॉस्टल बरसों से जर्जर अवस्था में है, जिसकी बरसों से मरम्मत तक नहीं हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dampness-in-walls-and-danger-of-electric-shock-on-head/article-63073"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/kota-news.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। 36 साल पुराना नर्सिंग हॉस्टल जर्जर हो चुका है। दीवारें सीलन से सडांध मार रही है। कमरे का दरवाजा खुलते ही बिजली के तार सिर से टकराते हैं। बिजली पैनल में कबूतरों के घौंसले बने हुए हैं। जिनके उड़ते ही स्पार्किंग की तेज आवाज दिल में करंट का खौफ पैदा कर देती है। खिड़की दरवाजे टूटे हुए हैं। जहां से आती सर्द हवाएं हाड़ कंपकपा देती है। वहीं, हॉस्टल के पीछे उगे झाड़-झंकाड़ के जंगल से रात को जहरीले जीव जंतुओं से जान का खतरा बना रहता है।  दरअसल, जेकेलोन अस्पताल के पीछे नर्सिंग बॉयज हॉस्टल बरसों से जर्जर अवस्था में है। जिसकी बरसों से मरम्मत तक नहीं हुई। कॉरिडोर में लगे बिजली के पैनल क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली के तार विद्यार्थियों के सर से टकरा रहे हैं। जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। भवन के पीछे गंदा नाला है, दुर्गंध से विद्यार्थियों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। </p>
<p><strong>कमरों के बाहर लटक रहे बिजली के तार</strong><br />नर्सिंग एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हनुमान मीणा ने बताया कि  हॉस्टल कॉरिडोर में कमरों के बाहर बिजली के तार लटके पड़े हैं। तार जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हैं। बिजली पैनल कबूतरों का घोंसला बना हुआ है। तार लूज हो चुके हैं। वहीं दीवारों में अंडरग्राउड हो रही वायरिंग जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है, जिससे करंट का खतरा बना रहता है। वहीं, बरामदे की छतों के बड़े-बड़े पलास्टर आए दिन गिरता रहता हैं। पूर्व में भी सीलिंग के चलते दीवारों में करंट आने की घटना हो चुकी है। विद्यार्थियों ने इसकी शिकायत हॉस्टल इंचार्ज व कॉलेज प्रिंसिपल को लिखित व मौखिक रूप से कर चुक हैं, इसके बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ। </p>
<p><strong>कबूतरों का घौंसला बना बिजली पैनल</strong><br />पूर्व एसोसिएशन अध्यक्ष जांगिड़ ने बताया कि हॉस्टल में चार से पांच जगहों पर बिजली पैनल लगे हुए हैं, जिनमें कबूतरों का घौंसला बना हुआ है। जिसकी वजह से आए दिन स्पार्किंग होने से बिजली गुल रहती है। जिससे पानी की सप्लाई बाधित हो जाती है। हॉस्टल इनचार्ज, प्रिसिंपल व एमबीएस अस्पताल अधीक्षक को अवगत करवाने के बावजूद समाधान नहीं हो रहा। </p>
<p><strong>खिड़कियां टूटी, सर्द हवाओं से गल रहे कमरे</strong><br />हॉस्टल के कमरों की खिड़कियां टूटी हुई है। जिनसे सर्द हवाओं के प्रवेश से कमरे में गलन रहती है, छात्र सर्दी से ठिठुर रहे हैं। वहीं, हॉस्टल के आसपास बड़ी-बड़ी झाड़- झाड़ियां उगी हुई हैं, जिनमें जहरीले जीव जंतुओं की मौजूदगी बनी हुई है। उनका टूटी खिड़कियों में से कमरों में पहुंचने का खतरा रहता है। भवन के पीछे नाला है, जिसकी सफाई नहीं होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया। जबकि, विद्यार्थी कॉलेज के बाद 4 घंटे जेकेलोन व एमबीएस अस्पताल में ड्यूटी करते हैं। जहां दूसरों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाते हैं और हॉस्टल में खुद गंदगी व संक्रमण के बीच दिन गुजारने को मजबूर हैं। </p>
<p><strong>दीवारों में सीलन, करंट का खतरा</strong><br />नर्सिंग एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अरुण जांगिड़ ने बताया कि हॉस्टल की छतें जर्जर हो चुकी है। हाल ही में दो दिन हुई बारिश से कमरों की छतें टपकने लगी। दीवारों में सीलिंग आ रही है। बिजली के तार इतने नीचे लटक रहे कि कॉरिडोर में आते-जाते विद्यार्थियों के सिर से टकरा रहे हैं। कई बार स्पार्किंग होने से करंट का खतरा बना रहता है। बरामदे की छतों के बड़े-बड़े पलास्टर आए दिन गिरता रहता हैं। हॉस्टल के अंदर व बाहर कचरे का ढेर लगा रहता है। दुर्गंध से विद्यार्थियों का सांस लेना तक दुश्वार हो रहा है। </p>
<p><strong>नलों की टूटियां टूटी, व्यर्थ बह रहा पानी</strong><br />राजकीय नर्सिंग कॉलेज से जीएनएम कर रहे छात्र ने बताया कि हॉस्टल में सुविधाओं का आभाव है। सुविधा घर का फर्श टूटे हुए हैं। हॉस्टल में दो जगह नल लगे हुए हैं, एक की टूटियां टूटी हुई है तो दूसरे का पाइप लीकेज हो रहा है। जिससे दीवार से पानी झर रहता है। नाम न छापने की शर्त पर जीएनएम द्वितीय वर्ष के छात्र ने बताया कि रुम नम्बर 4 व 5 के बाद बाथरुम बना हुआ है, जिसका पाइप लंबे समय से लीकेज हो रहा है। जिससे पानी व्यर्थ बहता रहता है। कमरों का मेंटिनेंस भी छात्र खुद के खर्चें पर करवा रहे हैं। आए दिन छतों का प्लास्टर गिरने की घटनाएं होती है। </p>
<p><strong>श्वान व सुअरों का आतंक </strong><br />विद्यार्थियों का कहना है, हॉस्टल परिसर में दिनरात आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी श्वान और सुअरों की है। भोजन की तलाश में यह कमरों तक पहुंच जाते हैं। वहीं, रात में हॉस्टल आने-जाने के दौरान काटने को दौड़ते हैं। हॉस्टल परिसर में सुरक्षा गार्ड की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जबकि, इस परिसर में कुल पांच हॉस्टल व एक औषधीय भंडार है। पूर्व में यहां चोरी की कई वारदातें हो चुकी है। तीन रेजिडेंट डॉक्टरों की बाइक व कई कारों की बैट्रियां तक चुरा ले गए। वहीं, औषधीय  भंडार के बाहर लगे एयरकंडीशनर की तीन मशीनें भी चोरी हो चुकी है। जिसकी शिकायत नयापुरा थाने में दर्ज करवाई गई थी।</p>
<p><strong>4.8 करोड़ से बन रहा नया जीएनएम हॉस्टल </strong><br />एमबीएस अस्पताल परिसर में जी-5 कैटगरी का 4.8 करोड़ की लागत से नया जीएनएम हॉस्टल बन रहा है। अगस्त-सितम्बर के बीच टैंडर हो गए थे। 7 से 8 माह में बिल्डिंग बनकर तैयार हो जाएगी। जिससे 180 जीएनएम विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। यहां गर्ल्स व बॉयज दोनों के अलग-अलग हॉस्टल बनाए जाने हैं। वहीं, वर्तमान में विद्यार्थी जिस हॉस्टल में रह रहे हैं, उनमें परेशानी तो है ही। पूर्व में शिकायत मिलने पर मेंटिनेंस का कुछ कार्य करवाया था। एमबीएस अस्पताल अधीक्षक से बात कर समस्याओं का समाधान करवाएंगे।<br /><strong>- विष्णुदत्त यादव, प्रिंसिपल राजकीय जीएनएम कॉलेज </strong></p>
<p>यह हॉस्टल सीएमएचओ के अधीन आता है। पूर्व में एमबीएस अस्पताल अधीक्षक के सहयोग से हमने मेंटिनेंस कार्य करवाया था। दो माह पहले ही हॉस्टल का निरीक्षण किया था। विद्यार्थियों की समस्याओं से जीएनएम कॉलेज प्राचार्य को भी अवगत कराया था। हालांकि, समय-समय पर समस्या का समाधान करवाते हैं। <br /><strong>- राजेश सोनी, इनचार्ज, नर्सिंग बयॉज हॉस्टल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Nov 2023 16:21:40 +0530</pubDate>
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                <title>स्कूल में बच्चे परेशान: घटिया निर्माण से टपकते कक्षा कक्षों में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल</title>
                                    <description><![CDATA[जिला कलक्टर से लोगों ने मांग की है कि उक्त मामले की जांच कर गुणवत्ताहीन मरम्मत करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए और स्कूल की मरम्मत दोबारा से कराई जाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/children-troubled-in-school--children-forced-to-study-in-classrooms-dripping-with-shoddy-construction/article-55442"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/kota-news1.png" alt=""></a><br /><p>शाहाबाद। उपखंड मुख्यालय शाहाबाद क्षेत्र के भीलखेड़ा माल ग्राम पंचायत के घोघरा में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित है। जिसमें मात्र दो अध्यापक के द्वारा पढ़ाई कराई जाती है जबकि उक्त विद्यालय भवन बिल्कुल जर्जर अवस्था में हैं। इसकी शिकायत कई बार गांव के लोगों द्वारा एवं स्टाफ द्वारा उच्च अधिकारियों से की गई उच्च अधिकारियों द्वारा  विद्यालय की मरम्मत आदि का कार्य किसी बारा  के ठेकेदार को दे दिया गया परंतु हालत जस के तस बने हुए हैं।</p>
<p><strong>मरम्मत के बाद भीटपकता है पानी</strong><br />गांव के कुबेर सिंह मजबूत सिंह, राधेश्याम जसराम आदि ने बताया कि विद्यालय की घटिया मरम्मत के चलते बच्चों को टपकती हुए कमरों में बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिस ठेकेदार द्वारा घटिया मरम्मत कराई गई है। उसे ब्लैक लिस्ट किया जाना चाहिए विद्या के मंदिर में घटिया मरम्मत कर दी गई जो बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। जब सरकार द्वारा उच्च गुणवत्ता पर कार्य करने का पैसा दिया जाता है तो फिर यह गुणवत्ताहीन मरम्मत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। जिला कलक्टर से लोगों ने मांग की है कि उक्त मामले की जांच कर गुणवत्ताहीन मरम्मत करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए और स्कूल की मरम्मत दोबारा से कराई जाए। </p>
<p><strong>बच्चों की पढ़ाई में हो रहा व्यवधान</strong><br />घोघरा विद्यालय की मरम्मत का कार्य फरवरी 2023 में कराया गया था। जिससे बरसात के समय में बच्चों को टपकती हुए छत के नीचे ना बैठना पड़े परंतु हालत जस के तस बने हुए हैं और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। एक तरफ तो सरकार द्वारा गांव-गांव में विद्यालय खोल दिए गए परंतु कहीं शिक्षक नहीं है तो कहीं पर विद्यालय जर्जर हालत में है और बच्चे टपकती छत के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हो रहे हैं जबकि सरकार द्वारा अधिक से अधिक बच्चे विद्यालय में आए इसके लिए जागरूकता अभियान आदि चलाए जाते हैं परंतु जब विद्यालय भवन ही जर्जर अवस्था में होगा तो पढ़ाई बाधित होना स्वाभाविक है। कस्बेवासी नीरज दरबार, दौलत, सिंह यादव आदि ने जिला कलेक्टर को पत्र भेज कर मरम्मत कार्य करने की और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />अभी मरम्मत को 4 महीने ही हुए हैं। ऐसे में विद्यालय भवन की छत से पानी आ रहा है। ठेकेदार द्वारा गुणवत्ताहीन सामग्री प्रयोग कर मरम्मत कर दी गई ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई हो और मरम्मत दोबारा करवाई जाए। <br /><strong>- कुबेर सिंह यादव, एडवोकेट निवासी घोघरा।</strong></p>
<p>विद्यालय में शिक्षकों के पद भी खाली पड़े हुए हैं। उन्हें भी भरा जाए। जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई खराब ना हो गुणवत्ताहीन मरम्मत करने वाले खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। <br /><strong>- दरबार सिंह यादव, निवासी घोघरा। </strong><br />    <br />विद्यालय की गुणवत्ताहीन मरम्मत कर दी गई। हम सभी गांव वाले जिला कलक्टर से मांग करते हैं कि विद्यालय की मरम्मत कराई जाए। <br /><strong>- दौलतराम, निवासी घोघरा। </strong></p>
<p>विद्यालय भवन की मरम्मत का कार्य माह फरवरी 2023 में कराया गया था परंतु अभी भी छत से पानी आता है। उक्त समस्या के बारे में उच्च अधिकारी को अवगत करा रखा है। <br /><strong>- सुनील मेहता, हेडमास्टर, राजकीय प्राथमिक विद्यालय घोघरा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 25 Aug 2023 17:26:39 +0530</pubDate>
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