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                <title>भारत बदलती वैश्विक व्यवस्थाओं के बीच तेजी से कर रहा प्रगति :शासन प्रणाली को निरंतर अद्यतन करने की जरुरत, मोदीने कहा-प्रशासन का मूल मंत्र &quot;नागरिक देवो भव&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'कर्मयोगी साधना सप्ताह' को संबोधित करते हुए लोक सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डेटा की समझ को अनिवार्य बताया। उन्होंने प्रशासन को नागरिक-केंद्रित बनाने और "अधिकारी" के बजाय "कर्तव्य" पर ध्यान देने का आह्वान किया। पीएम ने जोर दिया कि विकसित भारत के लिए लोक सेवकों को आधुनिक और संवेदनशील होना होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-is-progressing-rapidly-amidst-the-changing-global-systems-there/article-148878"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/modi-1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य के साथ सार्वजनिक सेवाओं के तालमेल की आवश्यकता पर बल देते हुए गुरुवार को कहा कि भारत बदलती वैश्विक व्यवस्थाओं के बीच तेजी से प्रगति कर रहा है और उसे अपनी शासन प्रणाली को निरंतर अद्यतन करते रहना होगा। पीएम मोदी ने आज क्षमता निर्माण आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर कर्मयोगी साधना सप्ताह को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा, "कर्मयोगी साधना सप्ताह, यह सुनिश्चित करने के प्रयास में एक महत्वपूर्ण कड़ी है कि हमारी सार्वजनिक सेवा 21वीं सदी में प्रासंगिक और उत्तरदायी बनी रहे।"</p>
<p>पीएम मोदी ने मौजूदा शासन के मार्गदर्शक सिद्धांत पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि प्रशासन का मूल मंत्र "नागरिक देवो भव" है, जिसका अर्थ है नागरिक को सर्वोपरि मानना। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोक सेवा को अधिक सक्षम और नागरिकों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने के लिए पुनर्परिभाषित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "शासन को सही मायने में नागरिक-केंद्रित बनाकर उसे एक नई पहचान दी जा रही है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने क्षमता निर्माण आयोग की स्थापना पर विचार रखते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद से अनेक संस्थाएं विभिन्न उद्देश्यों के साथ कार्य कर रही थीं, फिर भी प्रत्येक सरकारी कर्मचारी की क्षमता बढ़ाने के लिए एक समर्पित निकाय की स्पष्ट आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, "इसी सोच ने क्षमता निर्माण आयोग को जन्म दिया, जिसका उद्देश्य व्यवस्था में प्रत्येक कर्मयोगी को सशक्त बनाना है।" आयोग को उसके स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए और आईजीओटी मिशन कर्मयोगी की सफल भूमिका को स्वीकार करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से आधुनिक, सक्षम, समर्पित और संवेदनशील कर्मयोगियों की एक टीम का निर्माण होगा।</p>
<p>पीएम मोदी ने इस पहल को विकसित भारत की व्यापक परिकल्पना से जोड़ते हुए सेवा तीर्थ के उद्घाटन के अवसर पर दिए गए अपने हाल के भाषण का उल्लेख किया और तीव्र आर्थिक विकास, आधुनिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी को अपनाने और कुशल कार्यबल की प्रचुरता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सार्वजनिक संस्थानों और लोक सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा, "आज का भारत आकांक्षी है, प्रत्येक नागरिक के सपने और लक्ष्य हैं और हम सभी का यह दायित्व है कि हम उन्हें पूरा करने के लिए अधिकतम सहयोग प्रदान करें।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने नागरिकों के जीवन की सुगमता और गुणवत्ता में सुधार के लिए शासन व्यवस्था को मानदंड बनाने को आवश्यक बताते हुए लोक सेवकों से प्रतिदिन कुछ नया सीखने और कर्मयोगी की सच्ची भावना को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारी शासन व्यवस्था को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में दिन-प्रतिदिन सुधार हो, यही हमारा सच्चा मानदंड है।" प्रशासनिक संस्कृति में मूलभूत बदलाव का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में 'अधिकारी' होने पर अत्यधिक जोर दिया जाता था, जबकि आज देश का पूरा ध्यान कर्तव्यनिष्ठा पर केंद्रित है। उन्होंने याद दिलाया कि संविधान स्वयं कर्तव्यों के निर्वाह के माध्यम से अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा, "प्रत्येक निर्णय लेने से पहले, जब आप अपने कर्तव्य की मांग पर विचार करते हैं, तो आपके निर्णयों का प्रभाव स्वतः ही कई गुना बढ़ जाता है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने लोक सेवकों से अपने कार्य को भविष्य के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखने का आग्रह करते हुए उनसे निरंतर इस बात पर विचार करने को कहा कि उनके व्यक्तिगत निर्णय लाखों लोगों के जीवन को कैसे बदल सकते हैं और व्यक्तिगत परिवर्तन संस्थागत परिवर्तन का मार्ग कैसे प्रशस्त कर सकता है। अपने व्यक्तिगत अनुभव से उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे परिवर्तनकारी कार्यों के लिए अपार ऊर्जा की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा, "यह ऊर्जा केवल और केवल निस्वार्थ सेवा की भावना से ही प्राप्त हो सकती है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पिछले 11 वर्षों में शासन, सेवा वितरण और अर्थव्यवस्था सहित सरकारी कामकाज में प्रौद्योगिकी के गहन एकीकरण की ओर इंगित किया। उन्होंने जोर दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आगमन से ये परिवर्तन और भी तेजी से आगे बढ़ेंगे।उन्होंने कहा, "एक बेहतर प्रशासक, एक बेहतर लोक सेवक वही होगा जिसे प्रौद्योगिकी और डेटा की अच्छी समझ हो; यही निर्णय लेने का आधार बनेगा।" उन्होंने आशा व्यक्त की कि साधना सप्ताह के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता में क्षमता निर्माण और निरंतर सीखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने भारत की संघीय संरचना की ओर ध्यान दिलाते हुए इस बात पर बल दिया कि देश की सफलता उसके सभी राज्यों की सामूहिक सफलता है। अगड़े राज्य, पिछड़े राज्य, बीमारू राज्य जैसी दशकों पुरानी श्रेणियां समाप्त की जा रही हैं। राज्यों के बीच की खाई को एकसमान प्रयास से पाटना होगा। उन्होंने कहा, "हमें संवादहीनता को खत्म कर बेहतर समन्वय, साझा समझ और समग्र सरकारी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा, तभी हर मिशन सफल होगा।"</p>
<p>पीएम मोदी ने लोक सेवकों को याद दिलाया कि आम नागरिक के लिए स्थानीय सरकारी कार्यालय ही पूरी सरकार का चेहरा होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों की कार्यशैली और व्यवहार सीधे तौर पर लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा, "हम जो भी करें, जिस भी स्तर पर करें, हमें उस विश्वास की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि यही हमारे लोकतंत्र की नींव है।" उन्होंने क्षमता निर्माण आयोग को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि कर्मयोगी साधना सप्ताह भारत के विकसित भारत बनने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 18:28:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत ने यूएनएचआरसी में दोहराया आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए सबसे गंभीर खतरा, एकीकृत वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[जेनेवा में राजदूत सिबी जॉर्ज ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए गंभीर खतरा है और इसके खिलाफ वैश्विक एकजुटता अनिवार्य है। भारत ने डिजिटल तकनीक और AI के माध्यम से 1.4 अरब लोगों के सशक्तिकरण का उदाहरण देते हुए न्याय और समानता पर जोर दिया। परिषद से केवल प्रस्तावों के बजाय ठोस कार्रवाई की मांग की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-reiterates-in-unhrc-that-terrorism-is-the-gravest-threat/article-146253"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/unhrc.png" alt=""></a><br /><p>जेनेवा। भारत ने बुधवार को जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में इस बात को दोहराया कि आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बना हुआ है और इसके खिलाफ एक एकीकृत वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। भारत की ओर से राजदूत सिबी जॉर्ज ने परिषद के 61वें सामान्य सत्र में आह्वान किया कि परिषद सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए दृढ़ रहे।</p>
<p>राजदूत ने कहा, जैसा कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कुछ दिन पहले इस सम्मानित परिषद को संबोधित करते हुए रेखांकित किया था कि हमारे विचार-विमर्श केवल बयानों और प्रस्तावों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि सबसे कमजोर लोगों के दैनिक जीवन में मूर्त सुधार लाने वाले होने चाहिए। जॉर्ज ने जोर देकर कहा, आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है। हमें इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का मुकाबला करने में अडिग रहना चाहिए। इस मुद्दे पर परिषद को एक स्वर में बोलना जारी रखना चाहिए।</p>
<p>राजदूत ने भारत में डिजिटल उपकरणों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग का उल्लेख करते हुए बताया है कि कैसे इन तकनीकों ने 1.4 अरब भारतीयों को सशक्त बनाया है, जिससे न्याय तक पहुंच, नागरिक और राजनीतिक अधिकार, लोकतांत्रिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण का विस्तार हुआ है। जॉर्ज ने नई दिल्ली में हाल ही में संपन्न एआई इम्पैक्ट समिट का भी हवाला दिया और इस बात पर जोर दिया कि एआई की शक्ति का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब इसके फायदे समान रूप से साझा किए जाएं, जिसमें ग्लोबल साउथ भी शामिल हों।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 16:16:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी ने किया बेंजामिन नेतन्याहू के साथ यरुशलम में नवाचार प्रदर्शनी का दौरा, भारत-इलरायल टेक साझेदारी को मजबूत करने पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू ने किया यरुशलम में अत्याधुनिक नवाचार प्रदर्शनी का दौरा। एआई, साइबर सुरक्षा और क्वांटम तकनीक पर केंद्रित। भारत की विकास प्राथमिकताओं को देगा नई गति। पीएम मोदी ने इजरायली स्टार्टअप्स को विकसित भारत की यात्रा में भागीदार बनने और भारतीय बाजार में विस्तार करने का खुला निमंत्रण दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pm-modi-visits-innovation-exhibition-in-jerusalem-with-benjamin-netanyahu/article-144708"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/pm-modi2.png" alt=""></a><br /><p>यरुशलम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ यरूशलम में आयोजित एक विशेष नवाचार प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें रणनीतिक क्षेत्रों की अत्याधुनिक इजरायली प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर भारत और इजरायल के बीच प्रौद्योगिकी सहयोग के गहराते संबंधों को रेखांकित किया गया। </p>
<p>प्रदर्शनी में क्वांटम तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्वास्थ्य-तकनीक, स्मार्ट मोबिलिटी, साइबर सुरक्षा, जल प्रबंधन, कृषि, जलवायु-तकनीक, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों की उन्नत नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। इन समाधानों ने इजरायल के सशक्त नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और उभरती प्रौद्योगिकियों में उसकी नेतृत्व भूमिका को दर्शाया। </p>
<p>पीएम मोदी ने इस दौरे पर नवप्रवर्तकों और उद्यमियों से बातचीत की तथा सटीक कृषि, सतत जल प्रबंधन, उन्नत साइबर सुरक्षा प्रणालियों और क्वांटम अनुसंधान प्लेटफार्मों सहित कई अभिनव समाधानों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये प्रौद्योगिकियां भारत की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं और देश में इनके विस्तार तथा अनुकूलन की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, ये नवाचार कृषि उत्पादकता बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच विस्तार करने, साइबर सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने, क्वांटम अनुसंधान को आगे बढ़ाने तथा जल और जलवायु संबंधी सतत समाधानों को सक्षम बनाने में परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकते हैं।</p>
<p>भारत के विस्तारित डिजिटल बुनियादी ढांचे, कुशल कार्यबल और विशाल बाजार का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने इजरायल की कंपनियों को भारतीय स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत के साथ सहयोग बढ़ाने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, विकसित भारत की यात्रा में सक्रिय योगदान दें।</p>
<p>पीएम नेतन्याहू ने भी दोनों देशों की पूरक क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करेगा। भारत और इजरायल ने 1992 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के बाद से रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन और उन्नत प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार किया है। </p>
<p>बता दें कि पीएम मोदी का दौरा भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें प्रौद्योगिकी सहयोग प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 15:55:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दिल्ली दौरे से पहले आया बड़ा बयान: नहीं उठाएंगे ट्रूडो-हार्पर जैसा कदम, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात</title>
                                    <description><![CDATA[कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर मुंबई पहुँच रहे हैं। पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात में एआई, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा होगी। इस यात्रा का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $70 अरब तक पहुँचाना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक साझेदारी को नया आयाम देना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-statement-made-before-prime-minister-mark-carneys-visit-to/article-144645"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/canada-pm.png" alt=""></a><br /><p>ओटावा। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी गुरुवार को भारत की आधिकारिक यात्रा पर मुंबई के लिए रवाना होंगे। कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और रक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है। </p>
<p>मुंबई उनकी भारत यात्रा का पहला पड़ाव होगा, जिसके बाद वह नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच आर्थिक सहभागिता के विस्तार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में सहयोग, प्रतिभा एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान और रक्षा तथा रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने पर चर्चा होने की उम्मीद है। </p>
<p>मार्क कार्नी की भारत यात्रा 26 फरवरी से सात मार्च तक के व्यापक हिन्द-प्रशांत दौरे का हिस्सा है, जिसमें वह ऑस्ट्रेलिया और जापान भी जाएंगे। कनाडा सरकार का उद्देश्य व्यापार में विविधता लाना, कनाडाई श्रमिकों के लिए नए अवसर सृजित करना और ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, एआई तथा रक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करना है।</p>
<p>भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और 2024 में कनाडा का सातवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 30.8 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। दोनों देश व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर (एजेंसी) कर रहे हैं, जिसके तहत 2030 तक व्यापार को दोगुना कर 70 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।</p>
<p>पीएम मार्क कार्नी ने कहा, एक अधिक विभाजित और अनिश्चित विश्व में, कनाडा की नयी सरकार उन बातों पर ध्यान केन्द्रित कर रही है जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं। हम एक मजबूत, अधिक स्वतंत्र और लचीली अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं, अपने व्यापार को विविध बना रहे हैं और बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित कर रहे हैं।</p>
<p>भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ भी कनाडा के मजबूत व्यापारिक संबंध हैं। 2024 में कनाडा-ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 6.1 अरब डॉलर रहा, जबकि जापान के साथ वार्षिक व्यापार 36.4 अरब डॉलर है। सिडनी और कैनबरा में पीएम कार्नी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज से मुलाकात करेंगे और रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, व्यापार और उन्नत प्रौद्योगिकी पर चर्चा करेंगे। वह ऑस्ट्रेलियाई संसद के दोनों सदनों को संबोधित भी करेंगे। </p>
<p>टोक्यो में वह जापान की प्रधानमंत्री तकाइची सानाए से स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिज और खाद्य सुरक्षा पर साझेदारी बढ़ाने को लेकर बातचीत करेंगे। साथ ही मुक्त और खुला हिंद-प्रशांत सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त सुरक्षा और रक्षा प्रयासों पर भी चर्चा होगी। यह दौरा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करते हुए घरेलू स्तर पर लचीली अर्थव्यवस्था निर्माण की कनाडा की रणनीति को रेखांकित करता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/big-statement-made-before-prime-minister-mark-carneys-visit-to/article-144645</link>
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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 12:45:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Anthropic की $380 अरब वैल्यूएशन: AI की नई ऊंचाई, भारतीय आईटी सेक्टर पर दबाव, केवल 5 साल में वैश्विक टेक जगत को चौंकाया </title>
                                    <description><![CDATA[Anthropic ने $380 अरब के मूल्यांकन के साथ रचा इतिहास। भारत की चार दिग्गज आईटी कंपनियों के संयुक्त मूल्य से भी अधिक। कंपनी का एआई एजेंट Claude कोडिंग और साइबर सुरक्षा में वैश्विक स्तर पर गेम-चेंजर। पारंपरिक आईटी मॉडल्स के सामने कड़ी चुनौती। वैश्विक टेक परिदृश्य तेजी से बदल रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/anthropics-380-billion-valuation-ais-new-high-pressure-on-indian/article-144553"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/anthropi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में अमेरिकी स्टार्टअप Anthropic ने इतिहास रच दिया है। 2021 में स्थापित यह कंपनी फरवरी 2026 में $380 अरब (लगभग 31 लाख करोड़ रुपये) के पोस्ट-मनी वैल्यूएशन पर पहुंच गई है। कंपनी ने Series G फंडिंग राउंड में $30 अरब जुटाए, जिसे GIC और Coatue ने लीड किया। यह वैल्यूएशन भारत की चार प्रमुख आईटी कंपनियों—Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, HCLTech और Wipro—के संयुक्त मार्केट कैपिटलाइजेशन से भी अधिक है।</p>
<p>Anthropic की स्थापना Dario Amodei और Daniela Amodei भाई-बहनों ने की थी, जो पहले OpenAI में थे। OpenAI के आक्रामक विस्तार के मुकाबले उन्होंने सुरक्षित, जिम्मेदार और रिसर्च-ओरिएंटेड AI पर फोकस किया। कंपनी का फ्लैगशिप प्रोडक्ट Claude अब सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और साइबर सुरक्षा में क्रांति ला रहा है। Claude Code, कंपनी का AI कोडिंग एजेंट, अब वैश्विक GitHub पब्लिक कमिट्स का लगभग 4% तैयार कर रहा है—यह आंकड़ा हाल ही में दोगुना हुआ है। यह टूल न केवल कोड लिखता है, बल्कि डिबग, टेस्ट और अपडेट भी करता है, जो पहले बड़ी आईटी टीमों के काम थे।</p>
<p>Anthropic की एनुअलाइज्ड रेवेन्यू $14 अरब से अधिक पहुंच गई है, जो पिछले तीन सालों में हर साल 10 गुना से ज्यादा बढ़ी है। मुख्य आय Fortune 500 कंपनियों से AI एजेंट्स के इस्तेमाल से आ रही है। प्रमुख निवेशकों में Amazon, Google, Microsoft और Nvidia शामिल हैं।</p>
<p>दूसरी ओर, भारतीय आईटी सेक्टर पर AI का असर गहरा पड़ रहा है। NIFTY IT इंडेक्स फरवरी 2026 में 20-21% तक गिर चुका है, जो 23 साल में सबसे खराब फरवरी रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि श्रम-आधारित पारंपरिक मॉडल AI एजेंट्स से प्रभावित हो रहा है, जिससे ADM (एप्लिकेशन डेवलपमेंट एंड मेंटेनेंस) रेवेन्यू पर खतरा मंडरा रहा है।</p>
<p>यह विकास 'इटरेशन बनाम इनोवेशन' की बहस को तेज कर रहा है। जहां पारंपरिक आईटी कंपनियां स्थिरता पर टिकी हैं, वहीं AI-ड्रिवन कंपनियां नवाचार से भविष्य जीत रही हैं। Anthropic की सफलता AI युग में तेज बदलाव का प्रतीक है, जो वैश्विक टेक लैंडस्केप को नया आकार दे रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 14:22:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऑप्टिकल संचार और 6जी तकनीक में चीन को मिली बड़ी कामयाबी, डेटा ट्रांसमिशन की गति में स्थापित किया नया विश्व कीर्तिमान</title>
                                    <description><![CDATA[चीनी वैज्ञानिकों ने ऑप्टिकल फाइबर और वायरलेस नेटवर्क को जोड़ने वाली प्रणाली बनाकर डेटा ट्रांसमिशन में विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह 5G से दस गुना अधिक तेज और ऊर्जा-कुशल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/china-achieved-great-success-in-optical-communication-and-6g-technology/article-143986"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/china-6g.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने ऑप्टिकल फाइबर और वायरलेस नेटवर्क को जोडऩे वाली एकीकृत संचार प्रणाली विकसित की है, जिसने डेटा ट्रांसमिशन की गति में नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। वैज्ञानिक जर्नल नेचर में गुरुवार को प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, एआई डाटा केंद्रों में कंप्यूटरिंग शक्ति की बढ़ती मांग और अगली पीढ़ी के 6जी वायरलेस नेटवर्क के विकास के लिए विभिन्न परिस्थितियों में उच्च गति और कम विलंबता वाले सिग्नल ट्रांसमिशन की आवश्यकता होती है।</p>
<p>ऑप्टिकल फाइबर और वायरलेस संचार प्रणालियों के बीच हालांकि सिग्नल आर्किटेक्चर और हार्डवेयर में अंतर के कारण एक ही बुनियादी ढांचे पर दोनों प्रणालियों के बीच उच्च गति और अनुकूल एंड-टू-एंड ट्रांसमिशन हासिल करना कठिन रहा है। यह उच्च गति दूरसंचार नेटवर्क के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी, जिस पर चीनी शोध दल ने कामयाबी हासिल कर ली है।</p>
<p>पेकिंग विश्वविद्यालय, पेंग चेंग प्रयोगशाला, शंघाईटेक विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स इनोवेशन सेंटर की शोध टीम ने एक एकीकृत संचार प्रणाली विकसित की है, जो ऑप्टिकल फाइबर पर 512 जीबीपीएस और वायरलेस पर 400 जीबीपीएस का सिंगल-चैनल सिग्नल ट्रांसमिशन प्राप्त करती है।</p>
<p>पेकिंग विश्वविद्यालय में इस शोध पत्र के सह-लेखकों में से एक वांग शिंगजुन के अनुसार, यह नयी प्रणाली ऑप्टिकल फाइबर और वायरलेस नेटवर्क दोनों के जरिये डुअल-मोड ट्रांसमिशन का समर्थन करती है। यह न केवल बैंडविड्थ की सीमाओं और शोर के संचय से बचाती है, बल्कि हस्तक्षेप-विरोधी क्षमताओं को भी बढ़ाती है।</p>
<p>दल ने बड़े पैमाने के 6जी उपयोगकर्ता एक्सेस परिदृश्य का अनुकरण भी किया है। इसमें 86 चैनलों पर मल्टीचैनल रियल-टाइम 8के वीडियो एक्सेस का प्रदर्शन किया गया। इसने वर्तमान 5जी मानक की तुलना में दस गुना से अधिक ट्रांसमिशन बैंडविड्थ हासिल की है। बहुत अधिक क्षमता वाले संचार को सक्षम करने के अलावा यह प्रणाली ऊर्जा की खपत, लागत और बड़े पैमाने पर तैनाती के लिए विस्तार क्षमता के मामले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती है। इस प्रणाली का ऑल-ऑप्टिकल आर्किटेक्चर मौजूदा ऑप्टिकल नेटवर्क के साथ निर्बाध एकीकरण को सक्षम बनाता है, जिससे मोबाइल एक्सेस नेटवर्क और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के बीच गहरे मेल को बढ़ावा मिलता है।</p>
<p>वांग ने उल्लेख किया कि इस नयी प्रणाली में 6जी बेस स्टेशन और वायरलेस डाटा केंद्र जैसे परिदृश्यों में महत्वपूर्ण अनुप्रयोग क्षमता है। यह दूरसंचार प्रणालियों के ढांचे को नया रूप दे सकती है, जिससे अगली पीढ़ी के अल्ट्रा-ब्रॉडबैंड, उच्च क्षमता एकीकृत फाइबर-वायरलेस संचार की नींव पड़ेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 18:45:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एआई समिट 2026 :'वर्चुअल ट्रायल टेक' से फैशन रिटेल को बदल रहा टीसीएस, भौतिक ट्रायल रूम की आवश्यकता को समाप्त करना उद्देश्य</title>
                                    <description><![CDATA[टीसीएस ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में उन्नत वर्चुअल ट्रायल समाधान पेश किया। यह एआई-संचालित तकनीक ग्राहकों को बिना कपड़े बदले सटीक फिटिंग और स्टाइलिंग के साथ डिजिटल प्रीव्यू देखने की सुविधा देती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ai-summit-2026-tcs-is-transforming-fashion-retail-with-virtual/article-143680"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/tcs.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर बढ़ते उत्साह के बीच, नयी दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में यह प्रदर्शित किया जा रहा है कि एआई किस तरह नीति-स्तरीय चर्चाओं से आगे बढ़कर तेजी से व्यावहारिक और वास्तविक उपयोग के चरण में प्रवेश कर रहा है। स्वास्थ्य, ऊर्जा और रिटेल जैसे क्षेत्रों में कंपनियां ऐसे नवाचार प्रस्तुत कर रही हैं, जो बुद्धिमान प्रणालियों के माध्यम से रोजमर्रा के अनुभवों को बदलने का लक्ष्य रखते हैं। </p>
<p>इसी क्रम में आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) ने फैशन रिटेल को नया आयाम देने वाला एक उन्नत वर्चुअल ट्रायल समाधान पेश किया है। यह तकनीक कंपनी की 'फ्यूचर एक्सपीरियंस स्टोर' परिकल्पना का हिस्सा है और इसका उद्देश्य भौतिक ट्रायल रूम की आवश्यकता को समाप्त करना है।  </p>
<p>इस तकनीक के तहत ग्राहक एक वर्चुअल स्क्रीन के सामने खड़े होते हैं, जहां उनकी सहमति से फोटो ली जाती है। कंप्यूटर विजन के माध्यम से सिस्टम ग्राहक की तस्वीर पर चुने गये परिधान को तुरंत मैप करता है और फोटो से प्राप्त शारीरिक माप के आधार पर सबसे उपयुक्त फिट की सिफारिश करता है। लाइव डेमो के दौरान खरीदारों ने आउटफिट चुने, जिसके बाद सिस्टम ने उनके बॉडी टाइप और साइज का विश्लेषण कर यथार्थवादी प्रीव्यू तैयार किया। प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता की मूल तस्वीर और एआई-जनरेटेड लुक को साथ-साथ प्रदर्शित किया गया तथा रियल टाइम में व्यक्तिगत सिफारिशें दी गयीं।</p>
<p>इस समाधान में स्वचालित स्टाइलिंग सुझावों की सुविधा भी है। साथ ही, उपयोगकर्ता अपनी तस्वीर को भारतीय कला शैलियों से प्रेरित थीम्ड विजुअल फॉर्मेट में भी बदल सकते हैं। टीसीएस की एक्सपो प्रतिनिधि रोली सितानी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह प्लेटफॉर्म त्वरित और सहज वर्चुअल ट्रायल अनुभव प्रदान करता है तथा भारत में वैश्विक स्तर का रिटेल अनुभव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि यह नवाचार देश के फैशन रिटेल परि²श्य को उल्लेखनीय रूप से बदल देगा।</p>
<p>फोटो की गोपनीयता से जुड़े सवाल पर सितानी ने कहा कि सख्त डेटा सुरक्षा उपाय लागू किये गये हैं। उन्होंने कहा, तस्वीरें केवल उपयोगकर्ता की स्पष्ट सहमति के बाद ली जाती हैं और सारा डेटा रिटेलर के पास ही रहता है। ग्राहक की अनुमति के बिना किसी अन्य उद्देश्य के लिए डेटा का उपयोग नहीं किया जाता।</p>
<p>यह पहल उन्नत एआई और कंप्यूटर विजन तकनीकों को मुख्यधारा के रिटेल में एकीकृत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे सुविधा, मानवीकरण और ग्राहक सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 17:39:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एआई इम्पैक्ट समिट 2026: दिल्ली पहुंचे गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, 20 फरवरी को समिट में होंगे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[गूगल सीईओ सुंदर पिचाई 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। वह 20 फरवरी को भारत मंडपम में एआई के भविष्य और वैश्विक सहयोग पर मुख्य भाषण देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/trending-today/ai-impact-summit-2026-google-ceo-sundar-pichai-reaches-delhi/article-143637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/google-ceo-sundar-pichai.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। वह 20 फरवरी को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में मुख्य भाषण देंगे। सुंदर पिचाई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत लौटकर अच्छा लग रहा है। उन्होंने आयोजकों को गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। यह शिखर सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया।</p>
<p>पीएम मोदी ने उद्घाटन के अवसर पर कहा कि भारत वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बदलाव में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। पीएम मोदी ने इस सम्मेलन के साथ ही इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का भी शुभारंभ किया और प्रदर्शनी परिसर का दौरा कर स्टार्टअप संस्थापकों, उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद किया तथा अत्याधुनिक एआई नवाचारों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल देखे। सुंदर पिचाई का कीनोट संबोधन 20 फरवरी को सुबह 9:30 बजे निर्धारित है, जिसे सम्मेलन के सबसे प्रतीक्षित सत्रों में से एक माना जा रहा है। </p>
<p>इस कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और लगभग 20 राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख भाग ले रहे हैं। इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा, यूनान के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जाएद अल नहयान शामिल हैं। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 एक वैश्विक मंच के रूप में उभरा है, जिसमें सरकारें, अंतरराष्ट्रीय संगठन, उद्योग जगत, शोधकर्ता और नागरिक समाज के प्रतिनिधि समावेशी एवं नैतिक एआई विकास पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। </p>
<p>भारत सरकार यह आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और इंडिया एआई मिशन के माध्यम से कर रही है। सम्मेलन में पूर्ण सत्र, पैनल चर्चा, कार्यशालाएं, हैकाथॉन और एआई एक्सपो शामिल हैं, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और शासन जैसे क्षेत्रों में एआई के व्यावहारिक उपयोग पर चर्चा हो रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Trending Today</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 14:08:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी का दावा, बोलें-एआई समिट के नतीजे प्रगतिशील, नवाचारी और अवसरों से भरपूर भविष्य का करेंगे निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में पांच दिवसीय 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का उद्घाटन किया। उन्होंने 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' थीम के साथ मानवता के कल्याण हेतु सुरक्षित तकनीक पर जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-claim-the-results-of-the-ai-summit-will/article-143330"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार से यहां शुरू हो रहे कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन 'ए आइ इम्पैक्ट समिट' में हिस्सा लेने वाले दुनिया भर के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए उम्मीद जतायी है कि इस सम्मेलन के नतीजे के प्रगतिशील, नवाचारी और अवसरों से भरपूर भविष्य के निर्माण में सहायक होंगे ।</p>
<p>बीस फरवरी तक चलने वाले इस पांच दिन के सम्मेलन से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने सिलसिलेववार पोस्ट में कहा कि इस सम्मेलन की विषय वस्तु 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय', यानी सभी का कल्याण, सभी के लिए खुशी, मानव केन्द्रीत प्रगति के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दिखाती है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, आज से भारत दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट होस्ट कर रहा है। मैं इस समिट के लिए दुनिया भर के लीडर्स, इंडस्ट्री के कैप्टन्स, इनोवेटर्स, पॉलिसीमेकर्स, रिसर्चर्स और टेक के शौकीनों का दिल से स्वागत करता हूं। समिट की थीम है सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, यानी सभी का कल्याण, सभी के लिए खुशी, जो ह्यूमन-सेंट्रिक प्रोग्रेस के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करने के हमारे साझा कमिटमेंट को दिखाता है।</p>
<p>उन्होंने कहा, आज एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्यम सहित कई क्षेत्रों को बदल रहा है। एआई इम्पैक्ट समिट एआई के अलग-अलग पहलुओं, जैसे नवाचार, सहयोग, जिम्मेदारी से इस्तेमाल और भी बहुत कुछ पर वैश्चिक बातचीत को बेहतर बनाएगा। मुझे विश्वास है कि समिट के नतीजे एक ऐसे भविष्य को बनाने में मदद करेंगे जो प्रोग्रेसिव, इनोवेटिव और मौकों पर आधारित हो।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा, भारत के 1.4 अरब लोगों की बदौलत, हमारा देश एआई बदलाव में सबसे आगे है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर एक वाइब्रेंट स्टार्टअप इकोसिस्टम और कटिंग-एज रिसर्च तक, एआई में हमारी तरक्की एम्बिशन और जिम्मेदारी दोनों को दिखाती है।</p>
<p>इससे पहले उन्होंने एक और पोस्ट में कहा, यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए दुनियाभर से लोग भारत आ रहे हैं। इससे हमारे देश के युवाओं के सामर्थ्य का भी पता चलता है। यह अवसर इस बात का भी प्रमाण है कि हमारा देश विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में अहम योगदान दे रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 18:41:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए केंद्र सरकार ला रही नया आईटी नियम: AI Misinfo, Deepfake जांच के दायरे में</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने इंटरनेट पर डीपफेक और गुमराह करने वाले AI से बने कंटेंट से निपटने के लिए एक नए कानून को नोटिफाई किया है। इसके तहत प्लेटफॉर्म और यूज़र्स को ऐसी सामग्री साफ तौर पर बतानी होगी जो असली नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/central-government-is-bringing-new-it-rules-for-social-media/article-142672"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(15)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने डीपफेक और भ्रामक एआई कंटेंट पर रोक लगाने के लिए सख्त आईटी नियम अधिसूचित किए हैं। नए कानून के तहत एआई से बने या बदले गए फोटो, वीडियो और ऑडियो को स्पष्ट रूप से लेबल करना अनिवार्य होगा। इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म को भी ऐसे कंटेंट पर साफ चेतावनी देनी होगी, ताकि यूजर्स गुमराह न हों। शिकायत निवारण की समयसीमा घटाकर दो घंटे में शिकायत स्वीकार और सात दिन में समाधान तय किया गया है। इन कदमों का उद्देश्य ऑनलाइन पारदर्शिता बढ़ाना, एआई के दुरुपयोग को रोकना और डिजिटल धोखाधड़ी पर तेजी से कार्रवाई करना है।</p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 18:29:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत जेन एआई के तहत सभी 22 भाषाओं के टेक्सट के मॉडल इस माह कर लिये जाएंगे तैयार: सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[भारत जेन एआई के तहत 15 भारतीय भाषाओं के टेक्स्ट मॉडल पूरे, शेष भाषाओं का काम माह के अंत तक पूरा होगा, सरकार ने राज्यसभा में बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/under-bharat-gen-ai-text-models-of-all-22-languages/article-142088"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(13)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को राज्य सभा में बताया कि भारत जेन एआई माडल के तहत अब तक 15 भारतीय भाषाओं के लिए सृजनशील कृत्रिम मेधा के मॉडल में भाषाओं के टेक्स (भाषा-पाठ) संबंधी काम पूरे कर लिये गये हैं और बाकी भाषाओं के टेक्सट का काम इस माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।</p>
<p>विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने सदन में भारत जेन और एआई के क्षेत्र में सरकार की पहलों से संबंधित भाजपा के भुवनेश्वर कलिता, आम आदमी पार्टी (आप) के राघव चड्ढा और बीजद के डॉ सस्मित पात्रा आदि के अनुपूरक प्रश्नों के उत्तर में कहा कि भारत जेन सरकार के स्वामित्व में विकसित की जा रही पहल है जो अपने आप में संप्रभु भी है। इसके लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बांबे और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास को हब बनाया गया है।</p>
<p>डॉ सिंह ने कहा, भारत जेन प्रधानमंत्री द्वारा मार्च 2024 में शुरू की गयी इंडिया एआई मिशन की ही एक उत्पत्ति है यह सरकार के स्वामित्व में एक सावरेन (संप्रभु) संस्थान है। उन्होंने एक सवाल पर स्पष्ट किया कि यह सरकारी पहल जरूर है लेकिन यह अपने मामलों में स्वायत्त होने के कारण संप्रभु है। इसका डाटा इंडिया नियम और शर्तों के साथ दूसरों के साथ भी साझा किया जा सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत जेन के अंतर्गत भारतीय भाषाओं और भारतीय समाज के संदर्भों के आधार पर मल्टी लार्ज लैंग्वेज मॉडलों का विकास किया जा रहा है। इसमें आठवीं अनुसूची के अंतर्गत आनेवाली सभी भाषाओं के टेक्सट, स्पीच और विजन ( लिखित पाठ, वाणी और छवियां) पर केंद्रित जनरेटिव (सृजनशील) एमएलएल एआई मॉडल के विकास पर काम चल रहा है जिसके आधार पर उपयोग आगे आयुर्वेद, कृषि और अन्य क्षेत्रों में भारतीय भाषाओं में एआई के लोगों के उपयोग के लिए तरह तरह के एआई मॉडल विकसित किये जाएंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आगे इसमें अन्य क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों को भी शामिल करने की बात है। डॉ सिंह ने कहा,' इसमें टेक्सट, स्पीच और विजन शामिल हैं। हमने 15 भाषाओं के टेक्सट के मॉडल पर काम कर लिया है। बाकी के टेक्स का काम इस माह  कर लिया जाएगा । इस माह में 15 का स्पीज और विजन के मॉडल भी तैयार हो जएंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत जेन का मॉडल विश्व में अनूठा है। एशिया में चीन, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया सहित छह देशों में भी मल्टी लार्ज लैंग्वेज आधारित एआई मॉडल है पर भारत जितनी भाषायी विविधता वहां नहीं है। इस मामले में भारत का मॉडल अनूठा है। उन्होंने कहा कि भारत जेन सभी हितधारकों के लिए पासा पलटने वाली प्रगति होगी।  </p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत जेन के लिए मद्रास और बांबे आईआईटी को प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र की भूमिका दी गयी है। इसके अलावा इसमें कानपुर, इंदौर, धनबाद के आईआईटी और भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलूरू सहित सात संस्थानों को अलग अलग क्षेत्रों के प्रौद्योगिकी समाधान के लिए जोड़ा गया है। इसमें आईआईटी गुवाहाटी समेत अन्य संस्थानों को भी जोड़ा जा सकता है।  </p>
<p>डॉ सिंह ने कहा ,'हम पूरी सरकार, पूरे देश को जोड़ कर चलने की सोच के साथ काम कर रहे हैं, अभी आईआईटी मद्रास और बांबे तथा सात संस्थानों को इसमें जोड़ा गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि हमने दूसरों को छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 25 प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र बनाने का प्रस्ताव किया है। इसमें से चार को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सर्च पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है जिसमें उद्योगों को भी शामिल किया जा रहा है।</p>
<p>डॉ सिंह ने कहा कि एआई के विकास में उच्च क्षमता के प्रोसेसिंग यूनिटों की पर्याप्त आपूर्ति और उनकी मुनासिब दर पर उपलब्धता की जरूरत सरकार समझती है। इसीलिए इंडिया एआई मिशन में सात स्तम्भों में गणना सुविधा का एक एक अलग स्तम्भ शामिल किया गया है। उन्होंने माना कि 30 अरब, 65 अरब के मानकों  के लिए हजारों जीपीयू की जरूरत होगी। उन्होंने कहा,'हम अभी इस दिशा में काम कर रहे  हैं पर सभी चुनौतियां हमारे ध्यान में है।हमने इसे निजी क्षेत्र के लिए खोला है।'</p>
<p>उन्होंने इसी संदर्भ में अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) के अनुसंधान, विकास एवं  नवाचार (आरडीआई) फंड के तहत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड की कल की बैठक में लिये गये फैसलों का जिक्र किया । इसका उद्देश्य संरचित, दीर्घकालिक वित्तपोषण के माध्यम से स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण का समर्थन कर भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। आरडीआई कोष एक लाख करोड़ रुपये का है। उन्होंने बताया कि इस कोष के अंतर्गत कल टीडीबी ने टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल (टीआरएल) 4 और उससे ऊपर की परियोजनाओं की मदद करने का फैसला किया है ताकि डेवलपर अपनी प्रौद्योगिकी को व्यावहारिक स्तर पर पहुंचा सकें।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 18:35:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारतीय IT शेयर धड़ाम, एंथ्रोपिक के AI टूल्स से वॉल स्ट्रीट में बढ़ी हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[अगर आपने आज सुबह स्टॉक मार्केट देखा होता और इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़, HCLTech, टेक महिंद्रा और विप्रो जैसी कंपनियों के स्टॉक्स एक साथ गिरते हुए देखे होते, तो यह साफ़ था कि किसी बड़ी चीज़ ने पूरे IT पैक को हिला दिया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/indian-it-shares-boom-anthropics-ai-tools-create-buzz-on/article-141963"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/share-market-01.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। ग्लोबल टेक मार्केट में उस समय हलचल मच गई जब एंथ्रोपिक ने एंटरप्राइज़-ग्रेड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का नया सेट लॉन्च किया। इसका सीधा असर वॉल स्ट्रीट और भारतीय शेयर बाजार, खासकर IT सेक्टर पर देखने को मिला। इंफोसिस, टीसीएस, HCLTech, टेक महिंद्रा और विप्रो जैसे दिग्गज शेयर एक साथ करीब 5–6 प्रतिशत तक टूट गए।</p>
<p>दरअसल, एंथ्रोपिक के नए AI टूल्स ऐसे कार्यों को ऑटोमेट करने में सक्षम बताए जा रहे हैं, जिन्हें अब तक बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारतीय IT फर्मों को आउटसोर्स करती थीं। डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग, कम्प्लायंस चेक, डेटा एनालिसिस और बैक-ऑफिस ऑपरेशंस जैसे हाई-वॉल्यूम कामों में इन टूल्स की भूमिका बढ़ सकती है। यही आशंका निवेशकों को डराने के लिए काफी रही।</p>
<p>सोमवार रात वॉल स्ट्रीट में नैस्डैक में तेज गिरावट देखी गई। अमेरिकी निवेशकों ने पारंपरिक IT सर्विस मॉडल पर निर्भर कंपनियों से दूरी बनानी शुरू की। इसका असर भारतीय IT कंपनियों के ADRs पर पड़ा और जब भारतीय बाजार खुले, तब तक नेगेटिव सेंटिमेंट मजबूत हो चुका था।</p>
<p>भारतीय IT सेक्टर पहले से ही ऊंचे वैल्यूएशन, सुस्त डील रैंप-अप और अमेरिका-यूरोप में कमजोर टेक खर्च जैसी चुनौतियों से जूझ रहा था। ऐसे माहौल में AI से जुड़ा यह ग्लोबल शॉक ट्रिगर बन गया। निवेशकों को डर है कि अगर AI ने आउटसोर्सिंग मॉडल को तेजी से रिप्लेस किया, तो रेवेन्यू ग्रोथ पर दबाव आ सकता है।</p>
<p>हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि यह डर पूरी तरह हकीकत नहीं दर्शाता। भारतीय IT कंपनियों के पास स्केल, टैलेंट और क्लाइंट रिलेशनशिप जैसी मजबूतियां हैं। सवाल सिर्फ यह है कि वे AI को कितनी तेजी से अपने बिजनेस मॉडल में ढाल पाती हैं।</p>
<p>फिलहाल, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। हर नई AI घोषणा निवेशकों की परीक्षा लेगी। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि टेक सेक्टर में सेंटिमेंट बेहद संवेदनशील है और भारतीय IT शेयर ग्लोबल AI न्यूज़ पर तेजी से प्रतिक्रिया करते रहेंगे।</p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 18:45:16 +0530</pubDate>
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