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                <title>artificial intelligence - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बीएसएनएल आरटीटीसी और आर्य कॉलेज के बीच एमओयू, 500 विद्यार्थियों को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[बीएसएनएल के क्षेत्रीय दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र (RTTC), जयपुर और आर्य कॉलेज (ACEIT) के बीच कौशल विकास के लिए समझौता हुआ है। इसके तहत लगभग 500 विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, एआई, आईओटी और ऑप्टिकल फाइबर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण, सर्टिफाइड कोर्स और इंडस्ट्रियल विजिट के अवसर प्रदान किए जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/mou-between-bsnl-rttc-and-arya-college-500-students-will/article-165039"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। संचार मंत्रालय के अधीन भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के क्षेत्रीय दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र (RTTC), जयपुर और आर्य कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड आईटी (ACEIT), कूकस के बीच कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। कॉलेज परिसर में आयोजित समारोह में हुए इस समझौते से विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को आधुनिक दूरसंचार एवं आईटी क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे। एमओयू पर बीएसएनएल के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) शशांक भालेकर, RTTC जयपुर के प्रधानाचार्य आशुतोष गुप्ता, आर्य कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अरुण कुमार आर्य तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) विभागाध्यक्ष डॉ. राहुल श्रीवास्तव की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।</p>
<p><strong>इन क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण</strong></p>
<p>समझौते के तहत RTTC जयपुर द्वारा ऑफलाइन और हाइब्रिड माध्यम से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, उभरते दूरसंचार एवं आईटी क्षेत्रों में संयुक्त रूप से प्रमाणित पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इनमें ऑप्टिकल फाइबर कम्युनिकेशन, मोबाइल कम्युनिकेशन, डेटा कम्युनिकेशन, साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और मशीन लर्निंग (ML) जैसे विषय शामिल हैं। इस पहल के तहत करीब 500 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिए जाने की संभावना है। विद्यार्थियों के लिए ग्रीष्मकालीन, शीतकालीन और सप्ताहांत प्रशिक्षण के साथ प्रोजेक्ट ट्रेनिंग तथा औद्योगिक भ्रमण भी आयोजित किए जाएंगे।</p>
<p><strong>मिशन कर्मयोगी के तहत जीवन कौशल पर जोर</strong></p>
<p>सहयोग के तहत मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत सार्वभौमिक मानव मूल्य (UHV), जीवन कौशल, सॉफ्ट स्किल्स, नेतृत्व क्षमता और टीम निर्माण जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं कॉलेज के संकाय सदस्यों की तकनीकी एवं प्रबंधकीय क्षमताओं को मजबूत करने के लिए फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) और Train-the-Trainer कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का आयोजन AICTE/ATAL Academy के सहयोग से किया जाएगा। यह एमओयू दो वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। RTTC जयपुर के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य शैक्षणिक ज्ञान और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करना तथा विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। समारोह में RTTC जयपुर और ACEIT के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Sep 2026 18:32:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गड्ढों वाली सड़क देखकर परेशान हैं तो ये खबर आपके काम की है, AI खोज निकालेगा जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर गौरव सेन ने सड़कों के गड्ढों को चिन्हित करने वाला AI-आधारित सिस्टम तैयार किया है। डैशकैम, GPS और एक्सेलेरोमीटर से लैस यह सिस्टम चलते वाहन के दौरान गड्ढों की पहचान करता है और 4 सेकंड में सरकारी डेटाबेस से संबंधित ठेकेदार तथा अधिकारी का पता लगाकर शिकायत रिपोर्ट तैयार कर देता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/if-you-are-worried-after-seeing-the-road-with-potholes/article-163095"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(5)17.png" alt=""></a><br /><p>बेंगलुरू। बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर गौरव सेन ने खराब सड़कों और गड्ढों की समस्या से निपटने के लिए AI आधारित सिस्टम तैयार किया है। यह सिस्टम कार में लगे डैशकैम, GPS और एक्सेलेरोमीटर की मदद से चलते वाहन के दौरान गड्ढों की पहचान करता है। खास बात यह है कि AI गड्ढे और स्पीड ब्रेकर में भी अंतर कर सकता है।</p>
<p>गड्ढे की पहचान के बाद सिस्टम करीब 2,900 सरकारी सड़क निर्माण कॉन्ट्रैक्ट के डेटाबेस से जानकारी मिलाकर संबंधित ठेकेदार और अधिकारी का पता लगाता है। यदि सड़क वारंटी अवधि में है तो मरम्मत की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है।</p>
<p>गौरव सेन का सिस्टम महज चार सेकंड में गड्ढे की तस्वीर, सटीक लोकेशन, टेंडर नंबर और संबंधित अधिकारी की जानकारी वाली रिपोर्ट तैयार कर देता है। परीक्षण के दौरान सिस्टम ने उनके ऑफिस जाते समय 12 गड्ढों की पहचान की। इस पहल को सोशल मीडिया पर भी सराहना मिल रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 12:28:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>AI से बनाई करोड़ों की दौलत, सिद्धार्थ सक्सेना ने एक दिन में कमाए 77 करोड़ रुपए</title>
                                    <description><![CDATA[आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और एआई स्टार्टअप मर्लिन के सह-संस्थापक सिद्धार्थ सक्सेना ने दावा किया कि 26 वर्ष की उम्र में उन्होंने एक दिन में करीब 80 लाख डॉलर (लगभग 77 करोड़ रुपये) कमाए। 2022 में शुरू हुए उनके एआई स्टार्टअप मर्लिन का मूल्यांकन 5 करोड़ डॉलर तक पहुंच चुका।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/siddharth-saxena-made-wealth-worth-crores-from-ai-earned-rs/article-159940"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(2)39.png" alt=""></a><br /><p><span style="font-family:Mangal, serif;">नई</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">दिल्ली।</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">आईआईटी</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">कानपुर</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">पूर्व</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">छात्र</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">एआई</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">स्टार्टअप</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">मर्लिन</span> (Merlin) <span style="font-family:Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">सह</span>-<span style="font-family:Mangal, serif;">संस्थापक</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">सिद्धार्थ</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">सक्सेना</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">इन</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">दिनों</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">अपनी</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">सफलता</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">कहानी</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">को</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">लेकर</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">चर्चा</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">हैं।</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">एक</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">हालिया</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">इंटरव्यू</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">उन्होंने</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">दावा</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">किया</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">कि</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">महज</span> 26 <span style="font-family:Mangal, serif;">वर्ष</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">उम्र</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">उन्होंने</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">एक</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">ही</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">दिन</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">करीब</span> 80 <span style="font-family:Mangal, serif;">लाख</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">अमेरिकी</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">डॉलर</span> (<span style="font-family:Mangal, serif;">लगभग</span> 77 <span style="font-family:Mangal, serif;">करोड़</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">रुपये</span>) <span style="font-family:Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">कमाई</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">की</span>, <span style="font-family:Mangal, serif;">जिससे</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">वह</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">रातों-रात</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">करोड़पति</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">बन</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">गए।</span></p>
<p><span style="font-family:Mangal, serif;">कंटेंट</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">क्रिएटर</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">विराज</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">अला</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">बातचीत</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">सिद्धार्थ</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">ने</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">बताया</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">कि</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">आईआईटी</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">कानपुर</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">कंप्यूटर</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">साइंस</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">प्रोग्राम</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">प्रवेश</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">पाना</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">दुनिया</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">सबसे</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">कठिन</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">शैक्षणिक</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">मुकाबलों</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">से</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">एक</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">है।</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">उन्होंने</span> 2019 <span style="font-family:Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">स्नातक</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">करने</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">बाद</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">एनवेस्टनेट</span>, <span style="font-family:Mangal, serif;">योदली</span>, <span style="font-family:Mangal, serif;">वधवानी</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">एआई</span>, <span style="font-family:Mangal, serif;">फिनलैंड</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">आल्टो</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">विश्वविद्यालय</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">जुमियो</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">जैसी</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">संस्थाओं</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">काम</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">करते</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">हुए</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">मशीन</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">लर्निंग</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">आर्टिफिशियल</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">इंटेलिजेंस</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">विशेषज्ञता</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">हासिल</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">की।</span></p>
<p><span style="font-family:Mangal, serif;">साल</span> 2022 <span style="font-family:Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">उन्होंने</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">अपने</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">साथियों</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">प्रत्युष</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">राय</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">सिरसेंदु</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">सरकार</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">साथ</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">मिलकर</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">मर्लिन</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">नामक</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">एआई</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">स्टार्टअप</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">शुरुआत</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">की।</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">यह</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">एआई</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">आधारित</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">क्रोम</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">एक्सटेंशन</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">है</span>, <span style="font-family:Mangal, serif;">जो</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">यूजर्स</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">उत्पादकता</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">बढ़ाने</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">में</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">मदद</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">करता</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">है।</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">रिपोर्ट्स</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">मुताबिक</span>, <span style="font-family:Mangal, serif;">कंपनी</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">मूल्यांकन</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">करीब</span> 5 <span style="font-family:Mangal, serif;">करोड़</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">डॉलर</span> (50 <span style="font-family:Mangal, serif;">मिलियन</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">डॉलर</span>) <span style="font-family:Mangal, serif;">तक</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">पहुंच</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">चुका</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">है।</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">सिद्धार्थ</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">एक</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">अन्य</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">एआई</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">स्टार्टअप</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">थाइन</span> (Thyn) <span style="font-family:Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">भी</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">सह</span>-<span style="font-family:Mangal, serif;">संस्थापक</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">हैं।</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">उनका</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">मानना</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">है</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">कि</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">तकनीकी</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">ज्ञान</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">के</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">साथ</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">बड़ा</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">सोचने</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">और</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">जोखिम</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">लेने</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">का</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">साहस</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">ही</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">उद्यमिता</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">असली</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">सफलता</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">की</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">कुंजी</span> <span style="font-family:Mangal, serif;">है।</span></p>
<p> </p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 15:39:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>AI सेक्टर में बड़ी खबर: एंथ्रोपिक देगा अमेरिकी सरकार को विशेष एक्सेस, हटे एक्सपोर्ट कंट्रोल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी सरकार ने एंथ्रोपिक के उन्नत एआई मॉडल पर लगे एक्सपोर्ट कंट्रोल हटा दिए हैं। कंपनी 2 जुलाई से क्लाउड फैबल 5 और मिथोस 5 को चरणबद्ध तरीके से फिर उपलब्ध कराएगी। साथ ही, सुरक्षा जांच के लिए अमेरिकी सरकार को विशेष एक्सेस और नए साइबर सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-news-in-ai-sector-anthropic-will-give-special-access/article-158538"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/ant.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिगंटन। अमेरिकी कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनी एंथ्रोपिक को बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने उसके उन्नत एआई मॉडल क्लाउड फैबल 5 और मिथोस 5 पर लगाए गए एक्सपोर्ट कंट्रोल हटा दिए हैं। इसके साथ ही कंपनी ने घोषणा की है कि वह अपने मॉडल की सुरक्षा जांच और मूल्यांकन के लिए अमेरिकी सरकार को विशेष एक्सेस उपलब्ध कराएगी। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि प्रतिबंध हटने के बाद 2 जुलाई से दोनों एआई मॉडल चरणबद्ध तरीके से फिर से वैश्विक उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। कुछ सप्ताह पहले राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए अमेरिकी प्रशासन ने इन मॉडलों की पहुंच सीमित कर दी थी, जिसके बाद एंथ्रोपिक और सरकार के बीच लगातार बातचीत चल रही थी।</p>
<p>रिपोर्टों के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत केवल अधिकृत सरकारी एजेंसियों और विश्वसनीय साझेदारों को नियंत्रित एक्सेस मिलेगा। एंथ्रोपिक अपने एआई सिस्टम में नए सुरक्षा फिल्टर और साइबर सुरक्षा उपाय भी लागू कर रही है, ताकि गलत इस्तेमाल और एआई जेलब्रेक जैसी गतिविधियों को रोका जा सके। कंपनी ने यह भी बताया कि वह Amazon, Microsoft और Google समेत प्रमुख तकनीकी कंपनियों के साथ मिलकर एआई सुरक्षा के लिए साझा मानक तैयार कर रही है। इसके अलावा अमेरिकी सरकार के साथ मॉडल टेस्टिंग, प्री-रिलीज मूल्यांकन और सुरक्षा शोध को भी आगे बढ़ाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला अमेरिका की एआई रणनीति और वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 14:11:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत बदलती वैश्विक व्यवस्थाओं के बीच तेजी से कर रहा प्रगति :शासन प्रणाली को निरंतर अद्यतन करने की जरुरत, मोदीने कहा-प्रशासन का मूल मंत्र &quot;नागरिक देवो भव&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'कर्मयोगी साधना सप्ताह' को संबोधित करते हुए लोक सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डेटा की समझ को अनिवार्य बताया। उन्होंने प्रशासन को नागरिक-केंद्रित बनाने और "अधिकारी" के बजाय "कर्तव्य" पर ध्यान देने का आह्वान किया। पीएम ने जोर दिया कि विकसित भारत के लिए लोक सेवकों को आधुनिक और संवेदनशील होना होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-is-progressing-rapidly-amidst-the-changing-global-systems-there/article-148878"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/modi-1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य के साथ सार्वजनिक सेवाओं के तालमेल की आवश्यकता पर बल देते हुए गुरुवार को कहा कि भारत बदलती वैश्विक व्यवस्थाओं के बीच तेजी से प्रगति कर रहा है और उसे अपनी शासन प्रणाली को निरंतर अद्यतन करते रहना होगा। पीएम मोदी ने आज क्षमता निर्माण आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर कर्मयोगी साधना सप्ताह को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा, "कर्मयोगी साधना सप्ताह, यह सुनिश्चित करने के प्रयास में एक महत्वपूर्ण कड़ी है कि हमारी सार्वजनिक सेवा 21वीं सदी में प्रासंगिक और उत्तरदायी बनी रहे।"</p>
<p>पीएम मोदी ने मौजूदा शासन के मार्गदर्शक सिद्धांत पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि प्रशासन का मूल मंत्र "नागरिक देवो भव" है, जिसका अर्थ है नागरिक को सर्वोपरि मानना। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोक सेवा को अधिक सक्षम और नागरिकों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने के लिए पुनर्परिभाषित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "शासन को सही मायने में नागरिक-केंद्रित बनाकर उसे एक नई पहचान दी जा रही है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने क्षमता निर्माण आयोग की स्थापना पर विचार रखते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद से अनेक संस्थाएं विभिन्न उद्देश्यों के साथ कार्य कर रही थीं, फिर भी प्रत्येक सरकारी कर्मचारी की क्षमता बढ़ाने के लिए एक समर्पित निकाय की स्पष्ट आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, "इसी सोच ने क्षमता निर्माण आयोग को जन्म दिया, जिसका उद्देश्य व्यवस्था में प्रत्येक कर्मयोगी को सशक्त बनाना है।" आयोग को उसके स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए और आईजीओटी मिशन कर्मयोगी की सफल भूमिका को स्वीकार करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से आधुनिक, सक्षम, समर्पित और संवेदनशील कर्मयोगियों की एक टीम का निर्माण होगा।</p>
<p>पीएम मोदी ने इस पहल को विकसित भारत की व्यापक परिकल्पना से जोड़ते हुए सेवा तीर्थ के उद्घाटन के अवसर पर दिए गए अपने हाल के भाषण का उल्लेख किया और तीव्र आर्थिक विकास, आधुनिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी को अपनाने और कुशल कार्यबल की प्रचुरता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सार्वजनिक संस्थानों और लोक सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा, "आज का भारत आकांक्षी है, प्रत्येक नागरिक के सपने और लक्ष्य हैं और हम सभी का यह दायित्व है कि हम उन्हें पूरा करने के लिए अधिकतम सहयोग प्रदान करें।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने नागरिकों के जीवन की सुगमता और गुणवत्ता में सुधार के लिए शासन व्यवस्था को मानदंड बनाने को आवश्यक बताते हुए लोक सेवकों से प्रतिदिन कुछ नया सीखने और कर्मयोगी की सच्ची भावना को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमारी शासन व्यवस्था को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में दिन-प्रतिदिन सुधार हो, यही हमारा सच्चा मानदंड है।" प्रशासनिक संस्कृति में मूलभूत बदलाव का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में 'अधिकारी' होने पर अत्यधिक जोर दिया जाता था, जबकि आज देश का पूरा ध्यान कर्तव्यनिष्ठा पर केंद्रित है। उन्होंने याद दिलाया कि संविधान स्वयं कर्तव्यों के निर्वाह के माध्यम से अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा, "प्रत्येक निर्णय लेने से पहले, जब आप अपने कर्तव्य की मांग पर विचार करते हैं, तो आपके निर्णयों का प्रभाव स्वतः ही कई गुना बढ़ जाता है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने लोक सेवकों से अपने कार्य को भविष्य के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखने का आग्रह करते हुए उनसे निरंतर इस बात पर विचार करने को कहा कि उनके व्यक्तिगत निर्णय लाखों लोगों के जीवन को कैसे बदल सकते हैं और व्यक्तिगत परिवर्तन संस्थागत परिवर्तन का मार्ग कैसे प्रशस्त कर सकता है। अपने व्यक्तिगत अनुभव से उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे परिवर्तनकारी कार्यों के लिए अपार ऊर्जा की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा, "यह ऊर्जा केवल और केवल निस्वार्थ सेवा की भावना से ही प्राप्त हो सकती है।"</p>
<p>पीएम मोदी ने प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पिछले 11 वर्षों में शासन, सेवा वितरण और अर्थव्यवस्था सहित सरकारी कामकाज में प्रौद्योगिकी के गहन एकीकरण की ओर इंगित किया। उन्होंने जोर दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आगमन से ये परिवर्तन और भी तेजी से आगे बढ़ेंगे।उन्होंने कहा, "एक बेहतर प्रशासक, एक बेहतर लोक सेवक वही होगा जिसे प्रौद्योगिकी और डेटा की अच्छी समझ हो; यही निर्णय लेने का आधार बनेगा।" उन्होंने आशा व्यक्त की कि साधना सप्ताह के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता में क्षमता निर्माण और निरंतर सीखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने भारत की संघीय संरचना की ओर ध्यान दिलाते हुए इस बात पर बल दिया कि देश की सफलता उसके सभी राज्यों की सामूहिक सफलता है। अगड़े राज्य, पिछड़े राज्य, बीमारू राज्य जैसी दशकों पुरानी श्रेणियां समाप्त की जा रही हैं। राज्यों के बीच की खाई को एकसमान प्रयास से पाटना होगा। उन्होंने कहा, "हमें संवादहीनता को खत्म कर बेहतर समन्वय, साझा समझ और समग्र सरकारी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा, तभी हर मिशन सफल होगा।"</p>
<p>पीएम मोदी ने लोक सेवकों को याद दिलाया कि आम नागरिक के लिए स्थानीय सरकारी कार्यालय ही पूरी सरकार का चेहरा होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों की कार्यशैली और व्यवहार सीधे तौर पर लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा, "हम जो भी करें, जिस भी स्तर पर करें, हमें उस विश्वास की रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि यही हमारे लोकतंत्र की नींव है।" उन्होंने क्षमता निर्माण आयोग को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि कर्मयोगी साधना सप्ताह भारत के विकसित भारत बनने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 18:28:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>भारत ने यूएनएचआरसी में दोहराया आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए सबसे गंभीर खतरा, एकीकृत वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[जेनेवा में राजदूत सिबी जॉर्ज ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए गंभीर खतरा है और इसके खिलाफ वैश्विक एकजुटता अनिवार्य है। भारत ने डिजिटल तकनीक और AI के माध्यम से 1.4 अरब लोगों के सशक्तिकरण का उदाहरण देते हुए न्याय और समानता पर जोर दिया। परिषद से केवल प्रस्तावों के बजाय ठोस कार्रवाई की मांग की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-reiterates-in-unhrc-that-terrorism-is-the-gravest-threat/article-146253"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/unhrc.png" alt=""></a><br /><p>जेनेवा। भारत ने बुधवार को जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में इस बात को दोहराया कि आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बना हुआ है और इसके खिलाफ एक एकीकृत वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। भारत की ओर से राजदूत सिबी जॉर्ज ने परिषद के 61वें सामान्य सत्र में आह्वान किया कि परिषद सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए दृढ़ रहे।</p>
<p>राजदूत ने कहा, जैसा कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कुछ दिन पहले इस सम्मानित परिषद को संबोधित करते हुए रेखांकित किया था कि हमारे विचार-विमर्श केवल बयानों और प्रस्तावों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि सबसे कमजोर लोगों के दैनिक जीवन में मूर्त सुधार लाने वाले होने चाहिए। जॉर्ज ने जोर देकर कहा, आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है। हमें इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का मुकाबला करने में अडिग रहना चाहिए। इस मुद्दे पर परिषद को एक स्वर में बोलना जारी रखना चाहिए।</p>
<p>राजदूत ने भारत में डिजिटल उपकरणों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग का उल्लेख करते हुए बताया है कि कैसे इन तकनीकों ने 1.4 अरब भारतीयों को सशक्त बनाया है, जिससे न्याय तक पहुंच, नागरिक और राजनीतिक अधिकार, लोकतांत्रिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण का विस्तार हुआ है। जॉर्ज ने नई दिल्ली में हाल ही में संपन्न एआई इम्पैक्ट समिट का भी हवाला दिया और इस बात पर जोर दिया कि एआई की शक्ति का वास्तविक लाभ तभी मिलता है जब इसके फायदे समान रूप से साझा किए जाएं, जिसमें ग्लोबल साउथ भी शामिल हों।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 16:16:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी ने किया बेंजामिन नेतन्याहू के साथ यरुशलम में नवाचार प्रदर्शनी का दौरा, भारत-इलरायल टेक साझेदारी को मजबूत करने पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू ने किया यरुशलम में अत्याधुनिक नवाचार प्रदर्शनी का दौरा। एआई, साइबर सुरक्षा और क्वांटम तकनीक पर केंद्रित। भारत की विकास प्राथमिकताओं को देगा नई गति। पीएम मोदी ने इजरायली स्टार्टअप्स को विकसित भारत की यात्रा में भागीदार बनने और भारतीय बाजार में विस्तार करने का खुला निमंत्रण दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pm-modi-visits-innovation-exhibition-in-jerusalem-with-benjamin-netanyahu/article-144708"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/pm-modi2.png" alt=""></a><br /><p>यरुशलम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ यरूशलम में आयोजित एक विशेष नवाचार प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें रणनीतिक क्षेत्रों की अत्याधुनिक इजरायली प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर भारत और इजरायल के बीच प्रौद्योगिकी सहयोग के गहराते संबंधों को रेखांकित किया गया। </p>
<p>प्रदर्शनी में क्वांटम तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्वास्थ्य-तकनीक, स्मार्ट मोबिलिटी, साइबर सुरक्षा, जल प्रबंधन, कृषि, जलवायु-तकनीक, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों की उन्नत नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। इन समाधानों ने इजरायल के सशक्त नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और उभरती प्रौद्योगिकियों में उसकी नेतृत्व भूमिका को दर्शाया। </p>
<p>पीएम मोदी ने इस दौरे पर नवप्रवर्तकों और उद्यमियों से बातचीत की तथा सटीक कृषि, सतत जल प्रबंधन, उन्नत साइबर सुरक्षा प्रणालियों और क्वांटम अनुसंधान प्लेटफार्मों सहित कई अभिनव समाधानों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये प्रौद्योगिकियां भारत की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं और देश में इनके विस्तार तथा अनुकूलन की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा, ये नवाचार कृषि उत्पादकता बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच विस्तार करने, साइबर सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने, क्वांटम अनुसंधान को आगे बढ़ाने तथा जल और जलवायु संबंधी सतत समाधानों को सक्षम बनाने में परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकते हैं।</p>
<p>भारत के विस्तारित डिजिटल बुनियादी ढांचे, कुशल कार्यबल और विशाल बाजार का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने इजरायल की कंपनियों को भारतीय स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग जगत के साथ सहयोग बढ़ाने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, विकसित भारत की यात्रा में सक्रिय योगदान दें।</p>
<p>पीएम नेतन्याहू ने भी दोनों देशों की पूरक क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करेगा। भारत और इजरायल ने 1992 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के बाद से रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन और उन्नत प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार किया है। </p>
<p>बता दें कि पीएम मोदी का दौरा भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें प्रौद्योगिकी सहयोग प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 15:55:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दिल्ली दौरे से पहले आया बड़ा बयान: नहीं उठाएंगे ट्रूडो-हार्पर जैसा कदम, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात</title>
                                    <description><![CDATA[कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर मुंबई पहुँच रहे हैं। पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात में एआई, रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा होगी। इस यात्रा का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $70 अरब तक पहुँचाना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक साझेदारी को नया आयाम देना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-statement-made-before-prime-minister-mark-carneys-visit-to/article-144645"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/canada-pm.png" alt=""></a><br /><p>ओटावा। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी गुरुवार को भारत की आधिकारिक यात्रा पर मुंबई के लिए रवाना होंगे। कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और रक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है। </p>
<p>मुंबई उनकी भारत यात्रा का पहला पड़ाव होगा, जिसके बाद वह नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच आर्थिक सहभागिता के विस्तार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में सहयोग, प्रतिभा एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान और रक्षा तथा रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने पर चर्चा होने की उम्मीद है। </p>
<p>मार्क कार्नी की भारत यात्रा 26 फरवरी से सात मार्च तक के व्यापक हिन्द-प्रशांत दौरे का हिस्सा है, जिसमें वह ऑस्ट्रेलिया और जापान भी जाएंगे। कनाडा सरकार का उद्देश्य व्यापार में विविधता लाना, कनाडाई श्रमिकों के लिए नए अवसर सृजित करना और ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, एआई तथा रक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करना है।</p>
<p>भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और 2024 में कनाडा का सातवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 30.8 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। दोनों देश व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर (एजेंसी) कर रहे हैं, जिसके तहत 2030 तक व्यापार को दोगुना कर 70 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।</p>
<p>पीएम मार्क कार्नी ने कहा, एक अधिक विभाजित और अनिश्चित विश्व में, कनाडा की नयी सरकार उन बातों पर ध्यान केन्द्रित कर रही है जिन्हें हम नियंत्रित कर सकते हैं। हम एक मजबूत, अधिक स्वतंत्र और लचीली अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं, अपने व्यापार को विविध बना रहे हैं और बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित कर रहे हैं।</p>
<p>भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ भी कनाडा के मजबूत व्यापारिक संबंध हैं। 2024 में कनाडा-ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 6.1 अरब डॉलर रहा, जबकि जापान के साथ वार्षिक व्यापार 36.4 अरब डॉलर है। सिडनी और कैनबरा में पीएम कार्नी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज से मुलाकात करेंगे और रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, व्यापार और उन्नत प्रौद्योगिकी पर चर्चा करेंगे। वह ऑस्ट्रेलियाई संसद के दोनों सदनों को संबोधित भी करेंगे। </p>
<p>टोक्यो में वह जापान की प्रधानमंत्री तकाइची सानाए से स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिज और खाद्य सुरक्षा पर साझेदारी बढ़ाने को लेकर बातचीत करेंगे। साथ ही मुक्त और खुला हिंद-प्रशांत सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त सुरक्षा और रक्षा प्रयासों पर भी चर्चा होगी। यह दौरा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करते हुए घरेलू स्तर पर लचीली अर्थव्यवस्था निर्माण की कनाडा की रणनीति को रेखांकित करता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 12:45:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Anthropic की $380 अरब वैल्यूएशन: AI की नई ऊंचाई, भारतीय आईटी सेक्टर पर दबाव, केवल 5 साल में वैश्विक टेक जगत को चौंकाया </title>
                                    <description><![CDATA[Anthropic ने $380 अरब के मूल्यांकन के साथ रचा इतिहास। भारत की चार दिग्गज आईटी कंपनियों के संयुक्त मूल्य से भी अधिक। कंपनी का एआई एजेंट Claude कोडिंग और साइबर सुरक्षा में वैश्विक स्तर पर गेम-चेंजर। पारंपरिक आईटी मॉडल्स के सामने कड़ी चुनौती। वैश्विक टेक परिदृश्य तेजी से बदल रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/anthropics-380-billion-valuation-ais-new-high-pressure-on-indian/article-144553"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/anthropi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में अमेरिकी स्टार्टअप Anthropic ने इतिहास रच दिया है। 2021 में स्थापित यह कंपनी फरवरी 2026 में $380 अरब (लगभग 31 लाख करोड़ रुपये) के पोस्ट-मनी वैल्यूएशन पर पहुंच गई है। कंपनी ने Series G फंडिंग राउंड में $30 अरब जुटाए, जिसे GIC और Coatue ने लीड किया। यह वैल्यूएशन भारत की चार प्रमुख आईटी कंपनियों—Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, HCLTech और Wipro—के संयुक्त मार्केट कैपिटलाइजेशन से भी अधिक है।</p>
<p>Anthropic की स्थापना Dario Amodei और Daniela Amodei भाई-बहनों ने की थी, जो पहले OpenAI में थे। OpenAI के आक्रामक विस्तार के मुकाबले उन्होंने सुरक्षित, जिम्मेदार और रिसर्च-ओरिएंटेड AI पर फोकस किया। कंपनी का फ्लैगशिप प्रोडक्ट Claude अब सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और साइबर सुरक्षा में क्रांति ला रहा है। Claude Code, कंपनी का AI कोडिंग एजेंट, अब वैश्विक GitHub पब्लिक कमिट्स का लगभग 4% तैयार कर रहा है—यह आंकड़ा हाल ही में दोगुना हुआ है। यह टूल न केवल कोड लिखता है, बल्कि डिबग, टेस्ट और अपडेट भी करता है, जो पहले बड़ी आईटी टीमों के काम थे।</p>
<p>Anthropic की एनुअलाइज्ड रेवेन्यू $14 अरब से अधिक पहुंच गई है, जो पिछले तीन सालों में हर साल 10 गुना से ज्यादा बढ़ी है। मुख्य आय Fortune 500 कंपनियों से AI एजेंट्स के इस्तेमाल से आ रही है। प्रमुख निवेशकों में Amazon, Google, Microsoft और Nvidia शामिल हैं।</p>
<p>दूसरी ओर, भारतीय आईटी सेक्टर पर AI का असर गहरा पड़ रहा है। NIFTY IT इंडेक्स फरवरी 2026 में 20-21% तक गिर चुका है, जो 23 साल में सबसे खराब फरवरी रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि श्रम-आधारित पारंपरिक मॉडल AI एजेंट्स से प्रभावित हो रहा है, जिससे ADM (एप्लिकेशन डेवलपमेंट एंड मेंटेनेंस) रेवेन्यू पर खतरा मंडरा रहा है।</p>
<p>यह विकास 'इटरेशन बनाम इनोवेशन' की बहस को तेज कर रहा है। जहां पारंपरिक आईटी कंपनियां स्थिरता पर टिकी हैं, वहीं AI-ड्रिवन कंपनियां नवाचार से भविष्य जीत रही हैं। Anthropic की सफलता AI युग में तेज बदलाव का प्रतीक है, जो वैश्विक टेक लैंडस्केप को नया आकार दे रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 14:22:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑप्टिकल संचार और 6जी तकनीक में चीन को मिली बड़ी कामयाबी, डेटा ट्रांसमिशन की गति में स्थापित किया नया विश्व कीर्तिमान</title>
                                    <description><![CDATA[चीनी वैज्ञानिकों ने ऑप्टिकल फाइबर और वायरलेस नेटवर्क को जोड़ने वाली प्रणाली बनाकर डेटा ट्रांसमिशन में विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह 5G से दस गुना अधिक तेज और ऊर्जा-कुशल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/china-achieved-great-success-in-optical-communication-and-6g-technology/article-143986"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/china-6g.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने ऑप्टिकल फाइबर और वायरलेस नेटवर्क को जोडऩे वाली एकीकृत संचार प्रणाली विकसित की है, जिसने डेटा ट्रांसमिशन की गति में नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। वैज्ञानिक जर्नल नेचर में गुरुवार को प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, एआई डाटा केंद्रों में कंप्यूटरिंग शक्ति की बढ़ती मांग और अगली पीढ़ी के 6जी वायरलेस नेटवर्क के विकास के लिए विभिन्न परिस्थितियों में उच्च गति और कम विलंबता वाले सिग्नल ट्रांसमिशन की आवश्यकता होती है।</p>
<p>ऑप्टिकल फाइबर और वायरलेस संचार प्रणालियों के बीच हालांकि सिग्नल आर्किटेक्चर और हार्डवेयर में अंतर के कारण एक ही बुनियादी ढांचे पर दोनों प्रणालियों के बीच उच्च गति और अनुकूल एंड-टू-एंड ट्रांसमिशन हासिल करना कठिन रहा है। यह उच्च गति दूरसंचार नेटवर्क के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी, जिस पर चीनी शोध दल ने कामयाबी हासिल कर ली है।</p>
<p>पेकिंग विश्वविद्यालय, पेंग चेंग प्रयोगशाला, शंघाईटेक विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स इनोवेशन सेंटर की शोध टीम ने एक एकीकृत संचार प्रणाली विकसित की है, जो ऑप्टिकल फाइबर पर 512 जीबीपीएस और वायरलेस पर 400 जीबीपीएस का सिंगल-चैनल सिग्नल ट्रांसमिशन प्राप्त करती है।</p>
<p>पेकिंग विश्वविद्यालय में इस शोध पत्र के सह-लेखकों में से एक वांग शिंगजुन के अनुसार, यह नयी प्रणाली ऑप्टिकल फाइबर और वायरलेस नेटवर्क दोनों के जरिये डुअल-मोड ट्रांसमिशन का समर्थन करती है। यह न केवल बैंडविड्थ की सीमाओं और शोर के संचय से बचाती है, बल्कि हस्तक्षेप-विरोधी क्षमताओं को भी बढ़ाती है।</p>
<p>दल ने बड़े पैमाने के 6जी उपयोगकर्ता एक्सेस परिदृश्य का अनुकरण भी किया है। इसमें 86 चैनलों पर मल्टीचैनल रियल-टाइम 8के वीडियो एक्सेस का प्रदर्शन किया गया। इसने वर्तमान 5जी मानक की तुलना में दस गुना से अधिक ट्रांसमिशन बैंडविड्थ हासिल की है। बहुत अधिक क्षमता वाले संचार को सक्षम करने के अलावा यह प्रणाली ऊर्जा की खपत, लागत और बड़े पैमाने पर तैनाती के लिए विस्तार क्षमता के मामले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती है। इस प्रणाली का ऑल-ऑप्टिकल आर्किटेक्चर मौजूदा ऑप्टिकल नेटवर्क के साथ निर्बाध एकीकरण को सक्षम बनाता है, जिससे मोबाइल एक्सेस नेटवर्क और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के बीच गहरे मेल को बढ़ावा मिलता है।</p>
<p>वांग ने उल्लेख किया कि इस नयी प्रणाली में 6जी बेस स्टेशन और वायरलेस डाटा केंद्र जैसे परिदृश्यों में महत्वपूर्ण अनुप्रयोग क्षमता है। यह दूरसंचार प्रणालियों के ढांचे को नया रूप दे सकती है, जिससे अगली पीढ़ी के अल्ट्रा-ब्रॉडबैंड, उच्च क्षमता एकीकृत फाइबर-वायरलेस संचार की नींव पड़ेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 18:45:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एआई समिट 2026 :'वर्चुअल ट्रायल टेक' से फैशन रिटेल को बदल रहा टीसीएस, भौतिक ट्रायल रूम की आवश्यकता को समाप्त करना उद्देश्य</title>
                                    <description><![CDATA[टीसीएस ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में उन्नत वर्चुअल ट्रायल समाधान पेश किया। यह एआई-संचालित तकनीक ग्राहकों को बिना कपड़े बदले सटीक फिटिंग और स्टाइलिंग के साथ डिजिटल प्रीव्यू देखने की सुविधा देती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ai-summit-2026-tcs-is-transforming-fashion-retail-with-virtual/article-143680"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/tcs.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर बढ़ते उत्साह के बीच, नयी दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में यह प्रदर्शित किया जा रहा है कि एआई किस तरह नीति-स्तरीय चर्चाओं से आगे बढ़कर तेजी से व्यावहारिक और वास्तविक उपयोग के चरण में प्रवेश कर रहा है। स्वास्थ्य, ऊर्जा और रिटेल जैसे क्षेत्रों में कंपनियां ऐसे नवाचार प्रस्तुत कर रही हैं, जो बुद्धिमान प्रणालियों के माध्यम से रोजमर्रा के अनुभवों को बदलने का लक्ष्य रखते हैं। </p>
<p>इसी क्रम में आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) ने फैशन रिटेल को नया आयाम देने वाला एक उन्नत वर्चुअल ट्रायल समाधान पेश किया है। यह तकनीक कंपनी की 'फ्यूचर एक्सपीरियंस स्टोर' परिकल्पना का हिस्सा है और इसका उद्देश्य भौतिक ट्रायल रूम की आवश्यकता को समाप्त करना है।  </p>
<p>इस तकनीक के तहत ग्राहक एक वर्चुअल स्क्रीन के सामने खड़े होते हैं, जहां उनकी सहमति से फोटो ली जाती है। कंप्यूटर विजन के माध्यम से सिस्टम ग्राहक की तस्वीर पर चुने गये परिधान को तुरंत मैप करता है और फोटो से प्राप्त शारीरिक माप के आधार पर सबसे उपयुक्त फिट की सिफारिश करता है। लाइव डेमो के दौरान खरीदारों ने आउटफिट चुने, जिसके बाद सिस्टम ने उनके बॉडी टाइप और साइज का विश्लेषण कर यथार्थवादी प्रीव्यू तैयार किया। प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता की मूल तस्वीर और एआई-जनरेटेड लुक को साथ-साथ प्रदर्शित किया गया तथा रियल टाइम में व्यक्तिगत सिफारिशें दी गयीं।</p>
<p>इस समाधान में स्वचालित स्टाइलिंग सुझावों की सुविधा भी है। साथ ही, उपयोगकर्ता अपनी तस्वीर को भारतीय कला शैलियों से प्रेरित थीम्ड विजुअल फॉर्मेट में भी बदल सकते हैं। टीसीएस की एक्सपो प्रतिनिधि रोली सितानी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह प्लेटफॉर्म त्वरित और सहज वर्चुअल ट्रायल अनुभव प्रदान करता है तथा भारत में वैश्विक स्तर का रिटेल अनुभव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि यह नवाचार देश के फैशन रिटेल परि²श्य को उल्लेखनीय रूप से बदल देगा।</p>
<p>फोटो की गोपनीयता से जुड़े सवाल पर सितानी ने कहा कि सख्त डेटा सुरक्षा उपाय लागू किये गये हैं। उन्होंने कहा, तस्वीरें केवल उपयोगकर्ता की स्पष्ट सहमति के बाद ली जाती हैं और सारा डेटा रिटेलर के पास ही रहता है। ग्राहक की अनुमति के बिना किसी अन्य उद्देश्य के लिए डेटा का उपयोग नहीं किया जाता।</p>
<p>यह पहल उन्नत एआई और कंप्यूटर विजन तकनीकों को मुख्यधारा के रिटेल में एकीकृत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे सुविधा, मानवीकरण और ग्राहक सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 17:39:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एआई इम्पैक्ट समिट 2026: दिल्ली पहुंचे गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, 20 फरवरी को समिट में होंगे शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[गूगल सीईओ सुंदर पिचाई 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। वह 20 फरवरी को भारत मंडपम में एआई के भविष्य और वैश्विक सहयोग पर मुख्य भाषण देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/trending-today/ai-impact-summit-2026-google-ceo-sundar-pichai-reaches-delhi/article-143637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/google-ceo-sundar-pichai.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। वह 20 फरवरी को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में मुख्य भाषण देंगे। सुंदर पिचाई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत लौटकर अच्छा लग रहा है। उन्होंने आयोजकों को गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। यह शिखर सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया।</p>
<p>पीएम मोदी ने उद्घाटन के अवसर पर कहा कि भारत वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बदलाव में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। पीएम मोदी ने इस सम्मेलन के साथ ही इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का भी शुभारंभ किया और प्रदर्शनी परिसर का दौरा कर स्टार्टअप संस्थापकों, उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद किया तथा अत्याधुनिक एआई नवाचारों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल देखे। सुंदर पिचाई का कीनोट संबोधन 20 फरवरी को सुबह 9:30 बजे निर्धारित है, जिसे सम्मेलन के सबसे प्रतीक्षित सत्रों में से एक माना जा रहा है। </p>
<p>इस कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और लगभग 20 राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख भाग ले रहे हैं। इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा, यूनान के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जाएद अल नहयान शामिल हैं। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 एक वैश्विक मंच के रूप में उभरा है, जिसमें सरकारें, अंतरराष्ट्रीय संगठन, उद्योग जगत, शोधकर्ता और नागरिक समाज के प्रतिनिधि समावेशी एवं नैतिक एआई विकास पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। </p>
<p>भारत सरकार यह आयोजन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और इंडिया एआई मिशन के माध्यम से कर रही है। सम्मेलन में पूर्ण सत्र, पैनल चर्चा, कार्यशालाएं, हैकाथॉन और एआई एक्सपो शामिल हैं, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और शासन जैसे क्षेत्रों में एआई के व्यावहारिक उपयोग पर चर्चा हो रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Trending Today</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 14:08:01 +0530</pubDate>
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