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                <title>Ceasefire - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र की अपील : होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखना जरूरी, गुटेरेस ने कहा-मौजूदा संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान की अपील की है। उन्होंने कूटनीतिक समाधान पर जोर देते हुए कहा कि समुद्री व्यापार में व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। यूएन ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के मध्यस्थता प्रयासों की सराहना करते हुए शांति वार्ता जारी रखने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/uns-appeal-amid-west-asia-crisis-it-is-necessary-to/article-150405"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(13).png" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच सभी पक्षों से होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार नौवहन की स्वतंत्रता का सम्मान बनाए रखने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि इस जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार में व्यवधान का असर क्षेत्र से बाहर भी पड़ा है और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता तथा विभिन्न क्षेत्रों में असुरक्षा बढ़ी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि मौजूदा संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं है और कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखना जरूरी है। उन्होंने इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ता को "सकारात्मक कदम" बताते हुए कहा कि युद्धविराम बनाए रखना और उल्लंघनों को रोकना आवश्यक है।</p>
<p>एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि गहरे मतभेदों के कारण समझौता तुरंत संभव नहीं है, लेकिन रचनात्मक बातचीत जारी रहनी चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान, सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये सहित मध्यस्थ देशों के प्रयासों की सराहना की। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यवधान से लगभग 20,000 नाविक प्रभावित हुए हैं और वैश्विक व्यापार, खाद्य सुरक्षा तथा आपूर्ति शृंखलाओं पर गंभीर असर पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियां सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए तंत्र विकसित करने में जुटी हैं, जबकि महासचिव के विशेष दूत क्षेत्र में बातचीत जारी रखे हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 18:26:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का ऐलान : इज़रायल जल्द शुरू करेगा लेबनान के साथ सीधी शांति वार्ता, लेबनानी हमले में 300 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ जल्द सीधी शांति वार्ता शुरू करने की घोषणा की है। भीषण हवाई हमलों और 300 मौतों के बाद उपजे तनाव के बीच, इस कदम को अमेरिका-ईरान युद्धविराम बचाने की कोशिश माना जा रहा है। इज़रायल ने स्पष्ट किया कि शांति प्रक्रिया को कायम रखने के लिए कूटनीतिक रास्ते खुले हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pm-benjamin-netanyahu-announces-israel-will-soon-start-direct-peace/article-149814"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/natnahu.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। इज़रायल लेबनान के साथ "जितनी जल्दी हो सके" सीधी शांति वार्ता शुरू करेगा, जिससे अमेरिका-ईरान के बीच हुई नाज़ुक युद्धविराम संधि को कायम रहने का मौका मिलेगा। इज़रायली मीडिया के अनुसार प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को यह घोषणा की। इज़रायली वायु सेना द्वारा लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर हमला किए जाने के बाद यह नाज़ुक शांति प्रक्रिया अधर में लटक गई थी। अपुष्ट रिपोर्टों के अनुसार इज़रायली हमले में लगभग 300 लोग मारे गए थे। हिज़्बुल्लाह पर इज़रायली हमलों के बाद ईरान ने चेतावनी दी थी कि इन हमलों ने बातचीत को "बेमानी" बना दिया है।</p>
<p>इस बात को लेकर युद्धविराम संधि संकट में थी कि क्या लेबनान भी इन वार्ताओं का एक विषय है। जहाँ ईरान ने कहा कि वह इन वार्ताओं का हिस्सा है, वहीं इज़रायल और अमेरिका ने इससे इनकार कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 12:31:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान ने पश्चिम एशिया में युद्धविराम के लिए रखी शर्त : लेबनान में रोके हमले, मसूद पेजेश्कियान ने कहा- युद्धविराम जनता के बलिदान का परिणाम</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्धविराम के लिए लेबनान में इजरायली हमलों का रुकना जरूरी है। उन्होंने 10-सूत्रीय योजना को राष्ट्रीय एकजुटता का परिणाम बताया। वहीं, संसद अध्यक्ष गालिबाफ ने ड्रोन घुसपैठ और समझौते उल्लंघन का हवाला देते हुए अमेरिका पर अविश्वास जताया और वार्ता को अव्यावहारिक बताया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-set-conditions-for-ceasefire-in-west-asia-stopped-attacks/article-149754"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/masood-pejeshkian.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्धविराम लागू करने के लिए लेबनान में इजरायली हमलों का तत्काल रुकना एक प्रमुख शर्त है। उन्होंने कहा कि ईरान की 10-सूत्रीय योजना के तहत प्रस्तावित युद्धविराम ईरानी नेतृत्व और जनता के बलिदान का परिणाम है और अब देश कूटनीति, रक्षा तथा जनभागीदारी के स्तर पर एकजुट रहेगा। </span><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">पेजेश्कियान ने कहा, ईरान द्वारा अपेक्षित सामान्य सिद्धांतों की स्वीकृति के साथ, यह युद्धविराम हमारे महान शहीद नेता खामेनेई के रक्त का फल था और यह मैदान में समस्त जनता की उपस्थिति की उपलब्धि थी। आज से हम एकजुट रहेंगे, चाहे वह कूटनीति हो, रक्षा हो, जन-लामबंदी हो, या सेवा-प्रदान हो।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">दूसरी ओर, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गालिबफ ने बातचीत से पहले ही समझौते के उल्लंघन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लेबनान में हमले जारी रहने, ईरानी हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ और परमाणु संवर्धन के अधिकार से इनकार जैसे कदमों के बीच युद्धविराम और बातचीत अतार्किक है। गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की 10-सूत्री योजना को बातचीत के आधार के रूप में स्वीकार किया है। लेबनान में युद्धविराम लागू न करना, ईरान के हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ होना और ईरान के परमाणु संवर्धन के अधिकार को नकारना इसके तीन बिंदुओं का उल्लंघन है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गालिबफ ने कहा, अमेरिका के प्रति हमारे मन में जो गहरा ऐतिहासिक अविश्वास है, उसकी जड़ें उसके द्वारा हर तरह की प्रतिबद्धताओं के बार-बार किये गये उल्लंघनों में हैं। यह एक ऐसा सिलसिला जो खेदजनक रूप से एक बार फिर दोहराया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में द्विपक्षीय युद्धविराम या बातचीत आगे बढ़ाना उचित नहीं है और इससे अमेरिका पर अविश्वास और गहरा होता है। </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 16:50:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान युद्ध के बीच ट्रंप का बड़ा ऐलान: दो-तीन हफ़्ते में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी खत्म, तेहरान के साथ नहीं होगा कोई समझौता</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को दो-तीन हफ्तों में समाप्त कर सकता है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी युद्ध विराम की इच्छा जताई है, बशर्ते भविष्य में हमले न होने की गारंटी मिले। चीन और पाकिस्तान ने भी वैश्विक ईंधन संकट के बीच तुरंत सीजफायर की अपील की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-announcement-amid-iran-war-operation-epic-fury-will/article-148668"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump-big-disi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। वॉशिंगटन ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान युद्व को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका ईरान के विरूध अपने मिलिट्री हमलों को बहुत जल्द खत्म कर सकता है इसके लिए तेहरान को किसी भी डील पर जाने की आवश्यकता नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि क्या ईरान के साथ सफल डिप्लोमेसी "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" नाम के ऑपरेशन को जल्द ही खत्म कर सकता है। इसके लिए शायद दो या तीन हफ्ते लग सकते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द ही ईरान में अपने सैन्य अभियान को समाप्त कर सकता है। इसके लिए दो से तीन सप्ताह लग सकते हैं। वाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि अमेरिकी बल बहुत जल्द ईरान से बाहर निकल जाएंगे और उन्होंने इसके लिए दो से तीन सप्ताह की समय सीमा का संकेत दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही अमेरिका ईरान से बाहर निकलेगा वैश्विक ईंधन कीमतों में गिरावट आ सकती है।</p>
<p>ट्रंप का ये बयान ऐसे समय में आया है जब कि पश्चिम ए​शिया संकट अपन चरम पर है। ट्रंप के बयान से साबित होता है आखिर कैसे इस युद्व को समाप्त किया जा सकता है। उधर, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी देश में इज़राइल और यूनाइटेड स्टेट्स के साथ चल रही जंग को खत्म करने की इच्छा जताई है, लेकिन वे इस बात की गारंटी चाहते हैं कि यह लड़ाई दोबारा नहीं होगी। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने यूरोप के राष्ट्रपति के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि हमारे पास इस लड़ाई को खत्म करने की ज़रूरी इच्छा है, बशर्ते ज़रूरी शर्तें पूरी हों।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "हम अपना काम पूरा कर रहे हैं। मुझे लगता है कि शायद दो सप्ताह के भीतर, या फिर उनका काम पूरा होने में कुछ दिन और लग सकते हैं, लेकिन हम उनके पास मौजूद हर एक चीज़ को नष्ट कर देना चाहते हैं। अब, यह संभव है कि हम उससे पहले ही कोई समझौता कर लें, क्योंकि हम पुलों पर प्रहार करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियान रोकने के बाद पेट्रोलियम की कीमतों में कमी आएगी। ट्रंप ने कहा, "मुझे बस ईरान से हटना है और हम बहुत जल्द ऐसा करेंगे। इसके बाद ईधन की कीमतें धड़ाम से नीचे गिरेंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह पश्चिम एशिया में अमेरिकी कंपनियों की संपत्तियों को निशाना बनाने की ईरानी धमकी को लेकर चिंतित नहीं हैं।</p>
<p>इससे पहले मंगलवार की रात को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ़ एक नए खतरे को महसूस करते हुए जवाबी हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को ब्रिटेन जैसे उन देशों को खरी खोटी सुनाई जिन्होंने युद्व के दौरान अमेरिका की मदद नहीं की। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि दुनिया भर में फ्यूल की कमी को देखते हुए, इन देशों को अमेरिका से तेल खरीदना चाहिए अगर कोई भी देश ऐसा नहीं करता है तो वो खुद ईरान जाकर तेल खरीद लें।</p>
<p>हालांकि, फ्रांस और इटली ने अमेरिकी-इज़राइली मिलिट्री ऑपरेशन का विरोध किया है। फिलहाल, हमलों में कमी के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं और यहीं कारण है कि पाकिस्तान लड़ाई में बीच-बचाव करना चाहता है। चीन और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने मंगलवार को बीजिंग में मुलाकात के बाद तुरंत सीज़फ़ायर की मांग की और जल्द से जल्द शांति बातचीत करने की अपील की।</p>
<p>जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस बारे में चिंतित हैं, तो ट्रंप ने संवाददाताओं को उत्तर दिया, "नहीं।" इससे पहले, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा था कि यदि ईरान में हत्याएं होती हैं, तो वह बुधवार से पश्चिम एशिया में माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, गूगल और एनवीडिया सहित 18 कंपनियों की संपत्तियों पर हमला करेगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान की राजधानी तेहरान सहित देश के विभिन्न ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे व्यापक क्षति हुई और अनेक नागरिक हताहत हुए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। ईरान के आसपास बढ़ते तनाव के कारण फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजार में तेल और तरल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के प्रमुख मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य की वास्तविक नाकेबंदी हो गई है और इसने क्षेत्र में तेल निर्यात एवं उत्पादन के स्तर को भी प्रभावित किया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 11:32:53 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अमेरिका और ईरान के बीच सकारात्मक बातचीत: ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले पाँच दिनों के लिए टले, ईरान का इंकार </title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को प्राथमिकता दी है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने जैरेड कुशनर पर अविश्वास जताते हुए वेंस को युद्धविराम में रुचि रखने वाला नेता माना है। डोनाल्ड ट्रंप ने सकारात्मक बातचीत का दावा करते हुए ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले टालने का निर्देश दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/positive-talks-between-america-and-iran-attacks-on-irans-energy/article-147806"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/iran8.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान ने कथित तौर पर अमेरिका से कहा है कि वह विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जैरेड कुशनर के बजाय उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत करना पसंद करता है। सीएनएन प्रसारक की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आयी है। सीएनएन के अनुसार ईरान ने अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान शुरू होने से पहले हुई पिछली बातचीतों की विफलता को लेकर विटकॉफ और कुशनर पर अविश्वास जताया। वहीं, रिपोर्टस के मुताबिक उपराष्ट्रपति वेंस को ईरान एक ऐसे राजनेता के रूप में देखता है जो युद्धविराम के हित में रुचि रखते हैं। </p>
<p>गौरतलब है कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि पिछले दो दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बहुत सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पेंटागन को निर्देश दिया है कि ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमलों को पाँच दिनों के लिए टाल दिया जाए। </p>
<p>ईरान के विदेश मंत्रालय ने हालांकि, बातचीत होने से इनकार किया और कहा कि उसे केवल ऐसे संदेश प्राप्त हुए हैं, जिनमें वॉशिंगटन की बातचीत में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की गई थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 12:51:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस ने अमेरिका-इजरायल से किया युद्ध समाप्त करने का आग्रह : सैन्य कार्रवाई के स्थान पर अपनाएं कूटनीति, कहा- संघर्ष का बेकाबू होने का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इजरायल से ईरान युद्ध तुरंत समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने आगाह किया कि यह संघर्ष बेकाबू हो सकता है, जिससे तेल की कीमतें $116 प्रति बैरल के पार और गैस के दाम दोगुने हो गए हैं। गुटेरेस ने कूटनीति को एकमात्र समाधान बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/un-secretary-general-guterres-urges-america-israel-to-end-the-war/article-147164"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/gutres.png" alt=""></a><br /><p>ब्रुसेल्स। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार को अमेरिका और इजरायल से ईरान युद्ध समाप्त करने का आग्रह किया और सैन्य कार्रवाई के स्थान पर कूटनीति अपनाने पर बल दिया। यूरोपीय परिषद की बैठक के दौरान यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए गुटेरेस ने कहा कि इस युद्ध को समाप्त करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए इस संघर्ष का पूरी तरह से बेकाबू होने का खतरा है, साथ ही नागरिकों को भारी पीड़ा पहुंच रही है।</p>
<p>एंटोनियो गुटेरेस ने यह भी कहा कि युद्ध का प्रभाव युद्धक्षेत्र से कहीं अधिक दूर तक फैल रहा है। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे दुष्प्रभाव की चेतावनी दी, जिसके संभावित रूप से दुखद परिणाम हो सकते हैं, विशेष रूप से सबसे कम विकसित देशों के लिए। उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि युद्ध पर कूटनीति विजय प्राप्त करे। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने गुरुवार को ब्रुसेल्स में बैठक की, जिसमें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, विशेष रूप से यूरोपीय ऊर्जा कीमतों, ऊर्जा सुरक्षा एवं क्षेत्रीय स्थिरता पर इसके प्रभाव पर चर्चा की गई।</p>
<p>अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिससे वैश्विक नौवहन बाधित हुई, तेल की कीमतें आसमान छू गईं और वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में यूरोपीय गैस एवं तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया। यूरोपीय गैस आपूर्ति अनुबंधों के लिए एक प्रमुख संदर्भ सूचकांक, डच टीटीएफ खुलने पर 30 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 70.7 यूरो (लगभग 76.8 अमेरिकी डॉलर) प्रति मेगावाट-घंटा हो गया लेकिन बाद में घटकर लगभग 67 यूरो प्रति मेगावाट-घंटा पर आ गया। ईरान युद्ध शुरू होने से पहले कीमत लगभग 32 यूरो प्रति मेगावाट-घंटा थी जो अब दोगुनी से भी अधिक हो गई है। तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। शुरुआती कारोबार में अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 16:54:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिमित्री पोलियांस्की का दावा: यूक्रेन के लिए रूस ओएससीई विशेष निगरानी मिशन प्रारूप को फिर से शुरू करने के पक्ष में नहीं, सैन्य कार्रवाई बंद होने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[ओएससीई में रूस के प्रतिनिधि दिमित्री पोलियांस्की ने कहा कि यूक्रेन पर एसएमएम प्रारूप दोबारा शुरू करने में मॉस्को की कोई रुचि नहीं है, वियना साक्षात्कार में यह स्पष्ट किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/dmitry-polyansky-claims-russia-is-not-in-favor-of-resuming/article-142604"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>वियना। रूस की यूक्रेन के लिए यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (ओएससीई) के विशेष निगरानी मिशन (एसएमएम) के प्रारूप को फिर से शुरू करने में दिलचस्पी नहीं है। </p>
<p>यह बात ओएससीई में रूस के नये स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पोलियांस्की ने स्पूतनिक को दिए एक साक्षात्कार में कही। उन्होंने कहा कि वियना पहुंचने पर वह पहले ही दूसरे प्रतिनिधिमंडल के प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकें कर चुके हैं। कई साथी बातचीत को मना नहीं कर रहे हैं लेकिन, बिना किसी वजह के वे कहते हैं कि पहले सैन्य कार्रवाई बंद होनी चाहिए और उसके बाद ही ओएससीई अवलोकन, निगरानी, विघटन (संघर्षरत पक्षों को अलग करना) और सत्यापन में अपनी क्षमता का एहसास कर पाएगा।</p>
<p>इसके आगे दिमित्री पोलियांसकी ने कहा, असल में एसएमएम  जो कुछ भी कर रहा था। जैसा मैं समझता हूँ, उस मिशन के कुछ बचे हुए हिस्से कहीं न कहीं वह अवशेष हैं, और लोग शायद यह नहीं भूले हैं कि वह कैसा था। जाहिर है, कई लोग इस संसाधन को संगठन के योगदान के तौर पर देखते हैं। हमें एसएमएम के प्रारूप को दोहराने की जरूरत नहीं है। असली समझौते और बातचीत अभी दूसरे प्रारूप में हो रही हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि, पोलियांस्की को 29 दिसंबर, 2025 को रूसी राष्ट्रपति के आदेश से वियना में ओएससीई में रूस का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया था। उन्होंने अलेक्जेंडर लुकाशेविच की जगह ली और 2026 की शुरुआत में अपना काम संभाला। इससे पहले पोलियांस्की न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में में रूस के उप स्थायी प्रतिनिधि के तौर पर काम कर चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 15:38:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इजरायल की मांग के बावजूद अपने हथियार नहीं डालेंगे फिलिस्तीन के विरोधी गुट, इजरायली पीएम ने दोहराई हमास के निरस्त्रीकरण की बात</title>
                                    <description><![CDATA[इजरायल की चेतावनी के बावजूद फिलिस्तीनी विरोधी गुटों ने हथियार न छोड़ने का फैसला किया। पीआईजे ने कहा, सभी गुट इस पर एकमत हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/despite-israels-demand-palestines-opposition-groups-will-not-lay-down/article-142089"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(14)4.png" alt=""></a><br /><p>गाजा। फिलिस्तीन के विरोधी गुटों ने इजरायल की मांग के बावजूद अपने हथियार अपने पास रखने का फैसला किया है। फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद (पीआईजे) ने बुधवार को यह जानकारी देते कहा सभी विरोधी गुटों के बीच सहमति है कि वे फिलिस्तीनी लोगों के हथियार अपने पास ही रखेंगे। </p>
<p>पीआईजे के उप-महासचिव मोहम्मद अल-हिन्दी ने एक बयान में कहा, विरोधी गुटों के बीच आम सहमति है कि हम फिलिस्तीनी लोगों के हथियार अपने पास रखेंगे। हमने इन हथियारों के इस्तेमाल के संबंध में मध्यस्थों के साथ अपना लचीलापन साझा किया है।</p>
<p>पीआईजी के इस बयान से पहले इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने गाजा में एक बार फिर सैन्य कार्रवाई करने का अंदेशा देते हुए कहा था कि अगर हमास अपने हथियार नहीं छोड़ता, तो वे उसे खत्म करेंगे। </p>
<p>इससे पूर्व, इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्जमिन नेतन्याहू ने अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात के दौरान हमास के निरस्त्रीकरण की बात दोहराई थी और कहा था कि गाजा के पुनर्निर्माण से पहले युद्ध के उद्देश्यों को पूरा किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि पीआईजे गाजा का दूसरा सबसे बड़ा सैन्य समूह है। इससे पहले हमास भी कह चुका है कि अगर इजरायल अपना कब्जा खत्म कर देता है तो वह भी अपने हथियार डाल देगा। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/despite-israels-demand-palestines-opposition-groups-will-not-lay-down/article-142089</link>
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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 18:35:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>यूक्रेन में शांति सेना: राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों का ऐलान, संघर्ष विराम के बाद अपने सैनिकों को भेजेंगे यूक्रेन</title>
                                    <description><![CDATA[फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन-रूस संघर्ष विराम के बाद शांति बनाए रखने हेतु हजारों सैनिक तैनात करने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सैनिक केवल निगरानी और पुनर्निर्माण में सहयोग करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/president-emmanuel-macron-announces-that-ukraine-will-send-its-troops/article-138740"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/emmanuel-macron.png" alt=""></a><br /><p>पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष विराम होने के बाद वह यूक्रेन में शांति बरकरार रखने के लिये 'हजारों फ्रांसिसी सैनिक' तैनात कर सकते हैं। उन्होंने यहां मंगलवार को पश्चिमी और यूरोपीय देशों की एक बैठक के दौरान फ्रांस-2 टीवी चैनल के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि फ्रांस संघर्ष विराम पर हस्ताक्षर होने के बाद रूस-यूक्रेन सीमा की देखरेख के लिये'अभियानों में हिस्सा लेगा।</p>
<p>उन्होंने यह भी साफ किया कि फ्रांसिसी सैनिक यूक्रेन में युद्ध के लिये नहीं जायेंगे। फ्रांस की भूमिका यूक्रेनी सेना के पुनर्निमाण तक ही सीमित होगी। राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि यूक्रेन, यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच बातचीत हुई है और यही देश फैसला करेंगे कि सीमा का उल्लंघन हुआ है या नहीं। </p>
<p>उल्लेखनीय है कि, 30 पश्चिमी और यूरोपीय देशों ने मंगलवार को यहां एक बैठक में इस बात पर सहमति जताई कि भविष्य का कोई भी शांति समझौता यूक्रेन के लिये मजबूत और बाध्य सुरक्षा गारंटियों के बिना नहीं होगा। सभी देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे संघर्ष विराम होने के बाद वे एक राजनीतिक और कानूनी तौर पर बाध्य गारंटियों की व्यवस्था लागू करने के लिये तैयार हैं। इसमें अमेरिका के नेतृत्व वाले संघर्ष विराम की निगरानी व्यवस्था में हिस्सा लेना, यूक्रेन को सैन्य समर्थन देना और दीर्घकालिक रक्षा सहयोग शामिल होगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 15:21:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दक्षिणी गाजा में इजरायली गोलीबारी में 3 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत, बचाव राहत कार्य जारी </title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिणी गाजा के खान यूनिस और राफा में इजरायली सेना की गोलीबारी में एक किशोर और मछुआरे सहित तीन लोगों की जान चली गई। यह घटना युद्धविराम के बीच संघर्ष वाले इलाकों में हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/3-palestinian-civilians-killed-in-israeli-firing-in-southern-gaza/article-138440"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/gaza.png" alt=""></a><br /><p>गाजा। दक्षिणी गाजा में इजरायली गोलीबारी में रविवार को तीन फिलिस्तीनियों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। इस बात की पुष्टि फिलिस्तीनी चिकित्सा ने की। सूत्रों ने बताया कि 15 वर्षीय अला अल-दीन अशरफ खान यूनिस के दक्षिण में जोरात अल-लुत इलाके में इजरायली गोलीबारी में मारे गए।</p>
<p>उन्होंने आगे बताया कि फादी सलाह राफा के उत्तर-पश्चिम में इजरायली गोलीबारी में मारे गए और उनके शव को खान यूनिस के नासिर अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इजरायली ड्रोन ने उस क्षेत्र पर गोलीबारी की, जहां से इजरायली सेना युद्धविराम समझौते के तहत पीछे हट गई थी, जिससे सलाह की मौत हो गई।</p>
<p>इससे पहले राफा तट पर मछली पकड़ते समय इजरायली नौसेना बलों द्वारा चलाई गई गोली से 32 वर्षीय मछुआरे अब्दुल रहमान अल-कान की मौत हो गई। सूत्रों ने बताया कि गोली उनके सिर में लगी और उनके शव को नासिर अस्पताल ले जाया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 14:38:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>इजरायली सेना प्रमुख अमीर की चेतावनी, बोलें-पीली रेखा है गाजा-इजरायल की नई सीमा, भूल से भी मत करना पार वरना.... </title>
                                    <description><![CDATA[इजरायली सेना प्रमुख आयल अमीर ने ‘येलो लाइन’ को गाजा की नई सीमा रेखा बताया। उन्होंने कहा कि इजरायल गाजा के हिस्सों पर नियंत्रण बनाए रखेगा और हमास को दोबारा संगठित नहीं होने देगा। संघर्ष विराम के बावजूद हिंसा जारी रहने की रिपोर्ट सामने आई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/israeli-army-chief-amirs-warning-says-yellow-line-is/article-135199"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/israalllll.png" alt=""></a><br /><p>यरुशलम। इजरायली सेना प्रमुख आयल अमीर ने रविवार को कहा कि नयी बनायी गयी 'येलो लाइन' इजरायली गाजा पट्टी की नयी सीमा रेखा है। हाल ही में दो माह पहले 10 अक्टूबर को संघर्ष विराम के बावजूद इजरायली सेना ने गाजा के कुछ हिस्से पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है। इस हिस्से की सीमा को ही 'पीली रेखा' कहा जा रहा है। आयल अमीर ने गाजा में बैत हनून और जबलिया के दौरे के दौरान कहा, पीली रेखा एक नयी सीमा रेखा है, जो हमारे समुदायों के लिए एक रक्षा पंक्ति और परिचालन गतिविधि की रेखा के तौर पर काम करती है।</p>
<p>इसके आगे उन्होंने कहा कि सेना ने गाजा पट्टी के बड़े हिस्सों पर नियंत्रण कर लिया है और इजरायली सेना उन इलाकों में बनी रहेगी। आयल अमीर ने कहा कि सेना हमास को खुद को फिर से स्थापित करने की अनुमति नहीं देगी और अचानक हमले के परिदृश्यों के लिये तैयारी कर रही है। इसे उन्होंने सेना की आने वाली कई वर्षाें  की योजना का एक मुख्य आधार बताया। </p>
<p>इसके आगे इजरायली सेना प्रमुख आयल अमीर ने कहा, जब तक गाजा में आखिरी मृत बंधक, पुलिस अधिकारी रैन ग्विली के अवशेषों को घर नहीं लाया जाता, तब तक मिशन पूरा नहीं होगा। हमास ने ग्विली के अलावा सभी 20 जीवित बंधकों और 27 मृत बंधकों के शवों को लौटा दिया है। इस दौरान इसरायली सैनिकों ने दर्जनों फिलिस्तीनियों की गोली मारकर यह कहते हुए हत्या की है कि वे संदिग्ध थे जिन्होंने पीली रेखा पार की थी। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के आंकड़ों के अनुसार, संघर्ष विराम के बावजूद 11 अक्टूबर से इजरायली गोलीबारी में 370 से अधिक लोग मारे गये हैं। इससे अक्टूबर 2023 में इजरायल-हमास संघर्ष की शुरुआत के बाद से मरने वालों फिलिस्तीनियों की संख्या 70,360 हो गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Dec 2025 16:01:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>उम्मीद से बेहतर चल रहा गाजा युद्धविराम समझौता : अगर हमास सहयोग नहीं करता है, तो उसे मिटा देंगे, वेंस बोले- तेज, उग्र और क्रूर होगा हमास का अंत </title>
                                    <description><![CDATA[फ़िलिस्तीनी समूह को निरस्त्रीकरण की समय सीमा बताने से इनकार कर दिया - यह अमेरिकी प्रस्तावों का एक हिस्सा है, जिस पर अभी सहमति नहीं बनी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/gaja-ceasefire-agreement-is-going-better-than-expected-if-hamas/article-130244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/6622-copy117.jpg" alt=""></a><br /><p>यरूशलम। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजरायल की अपनी यात्रा के दौरान कहा है कि गाजा युद्धविराम समझौते का कार्यान्वयन उम्मीद से बेहतर चल रहा है और युद्धविराम जारी रह सकता है। वेंस ने यह भी चेतावनी दी कि अगर हमास सहयोग नहीं करता है, तो उसे मिटा दिया जाएगा। हालाँकि उन्होंने फ़िलिस्तीनी समूह को निरस्त्रीकरण की समय सीमा बताने से इनकार कर दिया - यह अमेरिकी प्रस्तावों का एक हिस्सा है, जिस पर अभी सहमति नहीं बनी है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, जिन्होंने इस महीने की शुरुआत में युद्धविराम समझौते की मध्यस्थता की थी, ने कहा कि मध्य पूर्व में अमेरिका के महान सहयोगी भारी बल के साथ गाजा में जाने और हमास को'सीधा करने के लिए तैयार रहेंगे यदि हमास ने बुरा व्यवहार जारी रखा। रिपोर्ट के अनुसार वेंस का यह दौरा भड़की हिंसा के बाद हुआ है, जिससे 12 दिन पुराने युद्धविराम समझौते के पटरी से उतरने का खतरा पैदा हो गया है।<br />इजरायल ने कहा कि हमास के हमले में दो सैनिक मारे गए, जिसके बाद इजरायली हवाई हमलों में दर्जनों फ़िलिस्तीनी मारे गए। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अभी भी उम्मीद है कि हमास वही करेगा जो सही है और आगे कहा: अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हमास का अंत तेज, उग्र और क्रूर होगा!</p>
<p>उम्मीद है कि वेंस अपनी यात्रा के दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर हमास के साथ युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए दीर्घकालिक मुद्दों पर बातचीत शुरू करने का दबाव डालेंगे। उपराष्ट्रपति ने समझौते के मुख्य लक्ष्यों की ओर बढऩे में इजरायल की Þउल्लेखनीय मदद के लिए प्रशंसा की, लेकिन कहा कि आगे के कदम उठाने के लिए अभी बहुत मेहनत करनी होगी। युद्धविराम समझौते पर बातचीत में मदद करने वाले दो विशेष अमेरिकी दूत, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर, दक्षिणी इजरायल में एक प्रेस ब्रीफिंग में वेंस के साथ मौजूद थे। विटकॉफ और कुशनर ने इजरायल पहुँचने के बाद नेतन्याहू के साथ बातचीत की। </p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Oct 2025 12:16:26 +0530</pubDate>
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