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                <title>seasonal diseases - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>seasonal diseases RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>चिकित्सा कर्मियों के अवकाश पर लगी रोक : प्रदेश में मानसून सीजन समाप्ति पर और फैल रही मौसमी बीमारियां </title>
                                    <description><![CDATA[स्वास्थ्य भवन से जारी हुए आदेश में सभी संयुक्त निदेशकों, जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और अस्पतालों के पीएमओ को अवकाश पर रोक लगने के आदेश जारी किए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/medical-personnel-ban-on-leave-seasonal-diseases-are-spreading-at/article-126551"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_400-px)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में चिकित्सा विभाग के जन स्वास्थ्य निदेशक डॉ रवि प्रकाश शर्मा ने प्रदेश भर में चिकित्सा कर्मियों के अवकाश पर रोक लगा दी है। यह रोक आगामी आदेश तक रहेगी। जानकारी के अनुसार प्रदेश में मानसून सीजन समाप्ति पर है और मौसमी बीमारियां फैल रही है। ऐसे में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत रखने के लिए अवकाश पर रोक लगाई गई है।</p>
<p>स्वास्थ्य भवन से जारी हुए आदेश में सभी संयुक्त निदेशकों, जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और अस्पतालों के पीएमओ को अवकाश पर रोक लगने के आदेश जारी किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Sep 2025 17:01:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लापरवाही: पानी की टंकी जर्जर, व्यर्थ बह रहा अमृत</title>
                                    <description><![CDATA[पानी की टोंटी नहीं होने से व्यर्थ बह रहा पानी। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--water-tank-dilapidated--amrit-flowing-wastefully/article-125465"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/1ne1ws-(10)2.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर।  खानपुर देवपुरा गांव में कई दिनों से पानी की टंकी जर्जर अवस्था में है। जिसमें से पानी का रिसाव हो रहा है, यहां से सभी गांव के ग्रामीण को पानी की आपूर्ति इस टंकी से ही होती है। जिसका उपयोग पीने खाने ,स्नान आदि में किया जाता है, लेकिन समस्या यह है इनका निर्माण हुए कई समय हो गया है, जिस कारण इनकी समय पर मरम्मत नहीं होने से इनमें पानी का रिसाव होने समय पर पानी की आपूर्ति नहीं होने ग्रामीणों कई बार पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ता हैं। लगभग 70 घरों से इसी टंकी से पानी की पूर्ति होती है, लेकिन टंकी की मरम्मत नहीं होने से इनमें कई जगह से पानी रिसाव हो रहा है और पाइप व नल खराब स्थिति में होने से व्यर्थ में जल बह रहा है। पानी की टंकी के आसपास पानी इकठ्ठा होने से कीचड़ जमा हो गया है। दिन रात पानी टंकी में से बहने के कारण समय पर पानी नहीं मिल पाता । जिस कारण ग्रामीणों को दूर दराज से पानी लाना पड़ रहा है।   यहां पर ट्यूबवेल भी है लेकिन पानी सही नहीं होने के कारण ग्रामीण इसे काम में नहीं लेते है। पानी की टंकी पर सफाई करने की तारीख तो लिख गए हैं, लेकिन टंकी की सफाई 2 साल से नहीं होने के कारण इसके अंदर मलवा जम गया है, जिसे मौसमी बीमारियां का खतरा बना रहता हैं। टंकी पर जाने के लिए अंदर की सीढ़ियां टूटी हुई है, जिस कारण ग्रामीण लोग अंदर जाकर इनकी सफाई भी नहीं कर सक ते। अभी मौसमी बीमारियों को दौर चल रहा है ऐसे यदि स्वच्छ पीने का पानी अगर ग्रामीणों को नहीं मिल पानी है तो ग्रामीणों को गंभीर बीमारियों के परिणाम भुगतने पड़ सकते है।  </p>
<p>तुरंत पानी की टंकी को चेक करवाकर मरम्मत व सफाई करवा दी जाएगी। समस्या का जल्द से जल्द समाधान कर दिया जाएगा।  <br /><strong>- मुस्ताक पठान खानपुर,पीएचईडी जेईएन </strong></p>
<p><strong>खस्ताहाल टंकी : रिस रहा अृमत जल</strong><br />टंकी से लगातार टोटी नहीं होने के कारण पानी व्यर्थ बह रहा है, समस्या का समाधान होना चाहिए। <br /><strong>- कन्हैयालाल, ग्रामीण  </strong></p>
<p>पानी के बिना आदमी का जीवन व्यर्थ है और यहां पर इतना गंदा पानी आ रहा है जिसको पीने से बीमारी बढ़ने की समस्या है इसका तुरंत समाधान किया जाए। <br /><strong>- चंद्रकला बाई, ग्रामीण  </strong></p>
<p>यहां पर पानी की टंकी कम से कम 2 साल से साफ नहीं हुई है, जिस पर जाने कितने कीड़े मकोड़े जमा हो गए हैं, जिनसे मलेरिया और डेंगू फैलने की संभावना है। <br /><strong>- आशिक वर्मा, ग्रामीण  </strong></p>
<p>लगभग 2 साल से टंकी की सफाई नहीं हो रही है और सफाई की तारीख डाल चुके लेकिन सफाई करने नहीं आए । <br /><strong>- रामपाल, समाजसेवी  </strong></p>
<p>इस गांव में लगभग 151 आदमी जुड़े हुए हैं, जो पानी की आपूर्ति इसी टंकी से करते हैं, और यदि टंकी साफ नहीं है तो बीमारियों का परिणाम ग्रामीणों को भुगतना पड़ सकता है। <br /><strong>- राजाराम, ग्रामीण  </strong></p>
<p>हमने बहुत सी बार टंकी की समस्या को लेकर अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। <br /><strong>- रमेशचंद, ग्रामीण  </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 16:53:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूखा दिवस मनाकर मौसमी बीमारियों से रखें बचाव : फौजदार </title>
                                    <description><![CDATA[सूखा दिवस के अंतर्गत अपने घर और आस पास पानी इकट्ठा नहीं होने दें। गमले, पानी के कंटेनर और कूलर इत्यादि की साफ सफाई करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/keep-yourself-safe-from-seasonal-diseases-by-celebrating-dry-day/article-92677"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(1)14.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सीएमएचओ जयपुर प्रथम डॉ. विजय सिंह फौजदार ने आमजन से अपील करते हुए सूखा दिवस मनाने की अपील की है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि बढ़ती मौसमी बीमारियों के मद्देनज़र सतर्क रहते हुए प्रत्येक अपने घरों और आस-पास मच्छरों से बचाव हेतु सूखा दिवस मनाएं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि सूखा दिवस के अंतर्गत अपने घर और आस पास पानी इकट्ठा नहीं होने दें। गमले, पानी के कंटेनर और कूलर इत्यादि की साफ सफाई करें। परिंडों को सुखाकर पानी भरें। साथ ही छत पर पड़े कबाड व डिब्बों इत्यादि का पानी हटाकर सुखा लें। </p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रत्येक रविवार इस क्रिया विधि को दोहराएं। इससे मौसमी बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया इत्यादि पर अंकुश लगाने मे मदद मिलेगी और आप स्वस्थ और निरोग रहेंगे। डेंगू बुखार रोकथाम के लिए सजग और सतर्क रहने की अपील की है।</p>
<p>उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि डेंगू नियंत्रण के लिए अपने घर के आस-पास पानी एकत्रित न होने दें, जिससे मच्छरों की व्यत्पत्ति पर रोक लगाई जा सके। साथ ही घर के दरवाजे खिड़की बंद रखें, जिससे मच्छर अंदर ना आ सके। घर पर रखे कंटेनर, जिसमे पानी एकत्रित होता है उनको नियमित साफ करें। पूरी बांह के कपड़े पहने, जिससे मच्छर आपको न काट सके।</p>
<p>उन्होंने अपील करते हुए कहा कि जागरुक रहकर ही डेंगू जैसी बीमारी से लड़ा जा सकता है। यदि फिर भी तबियत खराब हो और बुखार आ जाए तो तुरंत अपने नजदीकी सरकारी चिकित्सालय में जाएं एवं निशुल्क इलाज प्राप्त करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Oct 2024 18:03:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजधानी में मौसमी बीमारियों का कहर, घर-घर में वायरल बुखार</title>
                                    <description><![CDATA[सर्दी-जुकाम, वायरल-रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के मरीजों की भी अस्पतालों में भारी भीड़, बैड्स-आईसीयू फुल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/seasonal-diseases-wreak-havoc-in-the-capital-viral-fever-in/article-92611"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(8)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बदलते मौसम ने इन दिनों शहर में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा दिया है। घर घर में वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया, खांसी, रेस्पिरेटरी इंफेक्शन ने अपनी जगह बना ली है। हर घर में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बीमार हैं। इन दिनों मरीज के तेज बुखार के बाद लम्बे समय तक खांसी, बदन दर्द और कमजोरी की शिकायत ज्यादा आ रही हैं।</p>
<p>एसएमएस अस्पताल की ओपीडी इन दिनों 12 हजार प्रतिदिन के आंकड़े को पार गई है। वहीं आरयूएचएस, जेकेलोन, जयपुरिया सहित अन्य अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ है। सरकारी और निजी अस्पतालों में बैड्स और आईसीयू फुल हैं। मरीजों में बुखार तो एक दो दिन में ठीक हो रहा है लेकिन कमजोरी कई दिनों तक बनी हुई है। डेंगू-मलेरिया आदि की रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है लेकिन प्लेटलेट्स अधिकांश मरीजों में डाउन हो रही है। वायरल बुखार का असर ज्यादातर मरीजों में देखा जा रहा है। डॉक्टर्स का कहना है लापरवाही बरतने पर इसका सीधा असर लिवर, किडनी, ब्रेन सहित शरीर के अन्य अंगों पर पड़ रहा है। </p>
<p>नारायणा हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. बृज वल्लभ शर्मा ने बताया कि आजकल मौसम में बदलाव के कारण डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू और वायरल बुखार के मामले बहुत तेजी से बढ़ हैं। इस बार वायरल बुखार के साथ खांसी भी लोगों में अधिक हो रही है जिसे ठीक होने में लगभग 7 से 8 दिन लग रहे हैं। कई लोगों को तो वायरस के साथ सिर दर्द तेज बुखार बदन दर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं। ऐसे में आपको कुछ लक्षणों पर जरा भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए जैसे यदि 101 डिग्री से अधिक बुखार हो, लगातार खांसी की समस्या हो, गले में जलन हो या फिर खराश हो, बदन में लगातार दर्द रहता हो, सिर दर्द और जी मिचलाने की भी समस्या हो, तब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।<br />   </p>
<ul>
<li>आसपास सफाई रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। मच्छरों को ना पनपने दें।  </li>
<li>पूरे बदन को ढ़कने वाले कपड़े पहनें।</li>
<li>मॉस्किटो कॉइल का प्रयोग करें या मच्छरदानी में सोएं।</li>
<li>बार-बार हाथ धोएं।</li>
<li>सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनें।</li>
<li>संक्रमित से दूरी रखें।</li>
<li>पौष्टिक आहार लें, नियमित व्यायाम को प्राथमिकता दें और अच्छी नींद अवश्य लें।</li>
<li>ठंडा खाने और पीने से बचें।</li>
<li>पर्याप्त मात्रा में लिक्विड लें।</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Oct 2024 09:36:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौसमी बीमारियों की चिकित्सा मंत्री ने समीक्षा की, प्रभावित क्षेत्रों में खास व्यवस्था के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने स्वास्थ्य भवन में मौसमी बीमारियों की समीक्षा की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/medical-minister-reviewed-seasonal-diseases-and-ordered-special-arrangements-in/article-92009"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(2).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बदलते मौसम के कारण बढ़ती मौसमी बीमारियों की रोकथाम को स्वायत्त शासन विभाग ने समस्त नगरीय निकायों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डीएलबी निदेशक कुमार पाल गौतम ने अधिकारियों को मौसमी बीमारियों को रोकने के लिए नगरीय निकाय क्षेत्रों में एकत्रित कचरे, मलबे को अविलम्ब हटाने तथा भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप शहर की नालियों व अन्य स्थानों पर इकट्ठे पानी की निकासी सुनिश्चित कर कीटनाशक और मच्छरनाशक दवाओं के साथ काले तेल का छिड़काव करवाने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>मलेरिया-डेंगू नोटिफाइएबल डिजीज, नियमों की पालना हो<br /></strong>कुमार पाल गौतम ने निर्देश देते हुए कहा है कि राज्य में राजस्थान एपिडेमिक डिजीज एक्ट-1957 लागू है, जिसके तहत मलेरिया और डेंगू को नोटिफाइएबल डिजीज घोषित किया गया है। ऐसे में आमजन को भी अपने घरों, खाली प्लॉटों में किसी भी प्रकार के मच्छरजनित स्रोतों को विकसित नहीं होने देना है। इस नियम के अन्तर्गत यदि आमजन सहयोग प्रदान नहीं करते है, तो उन्हें नोटिस दिए जाकर नियमानुसार चालान व जुर्माने की कार्रवाई की जाएं।</p>
<p><strong>वार्डवार फोगिंग तय करें</strong><br />उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के पास उपलब्ध फोगिंग मशीनों से वार्डवार कार्य योजना बनाकर फोेगिंग की जाए, जिन निकायों के पास फोगिंग मशीन उपलब्ध नहीं है, वे स्वंय के स्तर पर किराए पर लेकर अथवाक्रय कर अविलम्ब फोगिंग करें।</p>
<p>चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने स्वास्थ्य भवन में मौसमी बीमारियों की समीक्षा की। उन्होंने अस्पतालों में दवा, जांच और सेवाएं पुख्ता रखने, जहां डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के मरीज ज्यादा आ रहे हैं वहां चिकित्सा सेवाओं को बढ़ाने के लिए कहा है। जहां केस ज्यादा हैं वहां डेडीकेटेड ओपीडी चलाए जाएं। एंटीलार्वा, फोगिंग गतिविधियां नियमित रूप से चलाने, जिलेवार बीमारियों की समीक्षा करने के आदेश दिए हैं। वहीं अस्पतालों में अधिकारियों को औचक दौरों के लिए भी कहा गया है।</p>
<p>कहा कि आगामी एक माह मौसमी बीमारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं, ऐसे में इस दौरान कोई लापरवाही ना हो। विभाग की प्रिंसिपल सेक्रेटी गायत्री राठौड़ ने कहा कि गांवों में लोग घरेलू नुस्खों में फंस जाते हैं। यहां जागरूकता बढ़ाई जाए। बैठक में चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीश कुमार, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त इकबाल खान, अतिरिक्त निदेशक राजपत्रित डॉ रवि प्रकाश शर्मा सहित आला अधिकारी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Oct 2024 11:44:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रोजाना 50 हजार नारियल पानी पी रहे कोटावासी</title>
                                    <description><![CDATA[मौसमी बीमारियों का प्रकोप होने से बढ़ी खपत। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-residents-are-drinking-50-thousand-coconut-water-daily/article-91525"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/630400-size-(14)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डेंगू सहित अन्य मौसमी बीमारियों का प्रकोप फैलने से कोटा में नारियल पानी की खपत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वर्तमान में कोटा की थोक फलसब्जी मंडी में प्रतिदिन 50 हजार नारियल पानी पीस की बिक्री होने लगी है। मांग बढ़ने के कारण नारियल पानी के भावों में काफी उछाल आ गया है। थोक मंडी में नारियल पानी की थोक रेट 56 रुपए प्रति पीस चल रही है वहीं खुदरा में इसकी कीमत 70 रुपए प्रति पीस हो गई है। डेंगू के रोगियों के लिए नारियल पानी काफी लाभदायक माना जाता है। इस समय कोटा में डेंगू का कहर बढ़ता ही जा रहा है। इस कारण नारियल पानी की मांग में तेजी बनी हुई है। </p>
<p><strong>ऐसे करें पता नारियल में कितना पानी</strong><br />रंग से पहचानें: जिस नारियल का रंग भूरा होता है उसमें पानी की मात्रा कम होती है। वहीं जो नारियल हरा और ताजा नजर आता है उसमें उतना ही ज्यादा पानी पाया जाता है। इसलिए नारियल खरीदते वक्त इस बात का ख्याल जरूर रखें क्योंकि जैसे-जैसे यह पकने लगता है तो इसमें पानी की मात्रा कम होती जाती है।<br />मीडियम साइज का चुनें: अगर आप सोचते हैं कि नारियल जितना बढ़ा होगा उसमें पानी भी उतना ही ज्यादा होगा तो बता दें कि ऐसा नहीं है। असल में बड़ा नारियल पानी से नहीं बल्कि मलाई से भरा होता है। ऐसे में अगर मलाई की तुलना में पानी ज्यादा चाहिए तो हमेशा मीडियम साइज का नारियल ही चुने। <br />आवाज बताएगी पानी की मात्रा: कम ही लोग जानते हैं कि पानी से भरे नारियल को हिलाने से कोई आवाज नहीं आती है, जबकि जिस नारियल में पानी कम होता है उसमें पानी की यह आवाज ज्यादा आती है। साथ ही फ्रेश नारियल की पहचान का भी तरीका है क्योकि धीरे-धीरे इसका पानी सूखने लगता है।</p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />- थोक मंडी में रोजाना की खपत                       50000<br />- मंडी में दो माह पहले थी खपत                       30000<br />- एक ट्रक में इतना आता है माल                       18000<br />- नारियल का थोक भाव रुपए प्रति किलो में        56<br />- नारियल का खुदरा भाव रुपए प्रति किलो में       70</p>
<p><strong>कर्नाटक और गुजरात से आ रहा माल </strong><br />नारियल के व्यापारी गौरव भारद्वाज, मनीष नांबियार व तरूण जैन ने बताया कि इस समय कर्नाटक और गुजरात से नारियाल आ रहे हैं। नारियल पानी का सीजन मार्च से नवंबर तक रहता है। पूर्व में प्रतिदिन 30 हजार पीस नारियल पानी की खपत हो रही थी। अब मौसमी बीमारियों के दौर में नारियल पानी की खपत ज्यादा हो गई है। इस समय थोक मंडी में नारियल पानी की खपत रोजाना 50 हजार पीस पर पहुंच गई है। इन दिनों कर्नाटक और गुजरात से तीन ट्रकों में माल आ रहा है। एक ट्रक में 18 से 20 हजार नारियल पानी आता है। एक कट्टे में 25 पीस आते हैं। फुटकर दुकानदार यहां से माल खरीदकर खुदरा भाव से शहर के बाजारों में नारियल पानी की बिक्री करते हैं।</p>
<p><strong>जगह-जगह हो रही बिक्री</strong><br />कभी आस्था के विषय तक सीमित रहा नारियल अब स्वास्थ्य का कारक भी बन गया है। एनर्जी व एंटीआॅक्सीडेंट से भरपूर नारियल पानी का व्यापार जिले में दिनोंदिन बढ़ रहा है। आलम ये है कि शहर के मुख्य बाजार, सार्वजनिक स्थानों, मंदिरों व गलियों तक में इनकी बिक्री होने लगी है।  नारियल पानी की बिक्री यूं तो जिले में करीब एक दशक से हो रही है, लेकिन कोरोना काल के बाद इसके व्यापार में उछाल आया है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरुकता की वजह से सुबह की सैर करने वालों से लेकर जिम में एक्सरसाइज व योगा करने वाले लोगों तक की पहली पसंद यही ड्रिंक बन गया है। कोटा में पानी व मलाई के दो तरह के नारियल आते हैं। जिसमें ज्यादा मांग पानी वाले नारियल की है।</p>
<p>कोटा में रोजाना 50 हजार पीस नारियल पानी की खपत हो रही है। आमतौर पर खुदरा में 50 रुपए में बिकने वाला नारियल पानी इन दिनों 70 रुपए में बिक रहा है। वहीं मंडी में इसकी थोक रेट 56 रुपए बनी हुई है। मौसमी बीमारियों के प्रकोप के कारण पूरे देश में नारियल पानी की खपत बढ़ी है।  इस कारण भाव में तेजी हो रही है। आगामी दिनों में नारियल पानी के दाम में और तेजी आ सकती है। <br /><strong>- गौरव भारद्वाज, नारियल पानी के थोक व्यापारी</strong></p>
<p>नारियल में मैंगनीज, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन होता है, जो हड्डियों के लिए बहुत जरूरी है। इसका दूध व तेल त्वचा को निखारता हैं। आयरन और सेलेनियम लाल रक्त कोशिकाओं के लिए महत्वपूर्ण एंटीआॅक्सीडेंट है। नारियल से कोलेस्ट्रॉल स्तर सुधरता है। इसका विटामिन-सी, मैग्नीशियम और पोटेशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है।<br /><strong>- डॉ. अजय कुमार, अस्थि रोग विशेषज्ञ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Sep 2024 15:30:09 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Nagar Nigam Heritage Initiative: मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए आमजन को किया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[टीम ने लोगों को जानकारी दी कि अपने आस-पास पानी इकट्ठा नहीं होने दें एवं घरों पर पुराने टायर, प्लास्टिक का सामान आदि की भी समय समय पर सफाई करते रहें जिससे मच्छरजनित रोगों की रोकथाम की जा सके। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/nagar-nigam-heritage-initiative-made-the-general-public-aware-to/article-89248"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/pze-(5).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में बारिश के बाद मच्छरजनित मौसमी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप की रोकथाम के लिए नगर निगम जयपुर हेरिटेज की ओर से छिड़काव कराने के साथ ही आमजन को भी जागरुक किया जा रहा है। निगम प्रशासन वार्ड वाईज कार्यक्रम निर्धारित कर लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए किए जाने वाले उपायों की जानकारी दे रहा है।</p>
<p>सिविल लाइन जोन में मेनोपॉजल महिलाओं और मौसमी बीमारियों पर ट्रेनिंग आयोजित की गई। ट्रेनिंग के दौरान राज्य में मौसमी बीमारियों और जेंडर इक्वालिटी पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में  हेरिटेज की ब्रांड एंबेसडर कर्णिका बाई, आईसीडीएस विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, सीएफएआ टीम सहित कई अन्य विभागों के लोग शामिल हुए। आंगनबाड़ी से आशा सहयोगिनी किरण मैम ने लार्वा पानी के बारे में बताया, जो अक्सर पानी के भंडारण के कारण या पानी का स्टोर लंबे समय तक रखने से पैदा हो सकता है।</p>
<p>टीम ने लोगों को जानकारी दी कि अपने आस-पास पानी इकट्ठा नहीं होने दें एवं घरों पर पुराने टायर, प्लास्टिक का सामान आदि की भी समय समय पर सफाई करते रहें जिससे मच्छरजनित रोगों की रोकथाम की जा सके। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Sep 2024 14:35:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज बदला लेकिन चिकित्सालय की व्यवस्थाएं नहीं बदली </title>
                                    <description><![CDATA[50 बेड का अस्पताल 30 बेड ही चालू।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/the-government-changed-but-the-hospital-s-arrangements-did-not-change/article-89075"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rtrer-(7).png" alt=""></a><br /><p>हिंडोली। राज बदल गया लेकिन हिंडोली चिकित्सालय की व्यवस्था जस की तस है । मौसमी बीमारी के चलते हिंडोली चिकित्सालय में एक पारी में 750 सौ मरीज आ रहे हैं लेकिन 30 व्यक्तियों को ही भर्ती करने की व्यवस्था है। उसके बाद अगर किसी रोगी को बोतल लगानी है तो इंतजार करने के लिए कहा जाता है। बेड खाली होने दो फिर बोतल लगाएंगे हिंडोली के ग्रामीणों के साथ यह कैसी विडंबना है बार-बार सोचते हैं कि राज बदल है तो व्यवस्थाएं भी बदलेंगे आज से लगभग 9 महीने पहले कांग्रेस सरकार थी और यहां अशोक चांदना मंत्री थे। उन्होंने हिंडोली चिकित्सालय सुविधाएं बढ़ाने के लिए 30 बेड से 50 बेड का चिकित्सालय कागज में कर दिया। लेकिन धरातल पर 50 बेड की व्यवस्थाएं ही रही। ना उसे समय पर्याप्त चिकित्सक  और नर्सिंग स्टाफ था ना आज भी पर्याप्त चिकित्सक और पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ है।</p>
<p><strong>ड्रिप चढ़ानी है तो इंतजार करो</strong><br />हिंडोली चिकित्सालय में 30 बेड ही चल रहे हैं और इतना ही नर्सिंग स्टाफ है अगर 31 व मरीज आ जाता है तो और उसके बोतल लगाना अनिवार्य है तो उसको इंतजार करने के लिए कहा जाता है। इंतजार करो बेड खाली होने दो जिसके बाद आपके बोतल लगाएंगे।</p>
<p><strong>एक चिकित्सक के पास 2 सौ से भी अधिक रोगी</strong><br />गुरुवार को हिंडोली चिकित्सालय पहुंचने पर देखा गया कि हिंडोली चिकित्सालय में तीन-चार चिकित्सक मरीजों को देख रहे थे एक चिकित्सक के पास 200 से अधिक मरीजों की लाइन थी बरसात शुरू होने के साथ ही 7:30 सौ मरीज प्रतिदिन हिंडोली चिकित्सालय में आ रहे हैं।</p>
<p>मौसमी बीमारी के चलते  750 मरीज का आउटडोर चल रहा है। ज्यादातर बुखार,पेट दर्द,उल्टी दस्त, खांसी जुकाम के रोगी आ रहे हैं। चिकित्सालय 50 बेड का है लेकिन ना तो पर्याप्त चिकित्सक है और नहीं नर्सिंग स्टाफ ऐसी स्थिति में मरीजों को भर्ती करना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन या सरकार पर्याप्त चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ दे दे तो 50 बेड का चिकित्सालय सुचारू रूप से चल सकता है। <br /><strong>- रमेश कुशवाहा, चिकित्सा प्रभारी हिंडोली</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 18:46:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश शुरू होने के साथ ही बीमारियों ने पैर पसारे</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल में रोगियों की संख्या में हो रहा इजाफा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/with-the-onset-of-rains--diseases-have-spread/article-84061"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/42.png" alt=""></a><br /><p>पेच की बावड़ी। कस्बे सहित क्षेत्र में इन दिनों बरसात होने के साथ साथ ही मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ गया है। क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में लगातार मौसमी बीमारियों के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। कस्बे में स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी मौसमी  बीमारियों के मरीजों का आना जाना हो रहा है। वही इन दिनों अस्पताल में  उल्टी दस्त ,नजला झुकाम ,बुखार के मरीज आ रहे है। जिससे अस्पताल के आउटडोर में मरीजों का इजाफा होने लगा है। जानकारी के अनुसार मौसम बदलने के साथ साथ जल जनित रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है जिनमे फूड पॉयजनिंग ,डेंगू,मलेरिया ,चिकनगुनिया,रोगों का खतरा बना रहता है।  ऐसे में बीमारियों से बचाव के लिए सावधानी रखनी होगी। अपने घर के आसपास बारिश का पानी इकट्ठा नही होने दे । साथ ही घर में उपयोग होने वाले कूलर, पानी टंकी को समय पर साफ सफाई का ध्यान रखे । वही आसपास झाड़ झंखाल साफ करे नहीं तो इनकी वजह से स्क्रब तायफस का खतरा बना रहता है। चिकित्सालय में इन दिनों रोगियों की संख्या में इजाफा होने लगा है। पूर्व में आउटडोर 30से 40 रोगी आते थे अब करीब 50 से 60 रोगी प्रतिदिन इलाज के लिए  आ रहे है।  </p>
<p><strong>खान पान में रखे विशेष ध्यान </strong><br />चिकित्सा अधिकारी प्रभारी चिकित्सक गौतम यादव ने बताया कि इन दिनों ताजा भोजन और तरल पदार्थ का सेवन अधिक से अधिक करे। जिसमे मौसमी फलो का ज्यूस ,पानी ,नारियल पानी का अधिक से अधिक सेवन करे और संतुलित आहार लेवे। साथ ही फल एवं सब्जियों को शुद्ध पानी से धोकर काम में लेवे ।अन्यथा उल्टी दस्त का खतरा बढ़ जाता है। आशा सहयोगिनी एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा  बरसात के दिनों में गंदे पानी से भरे हुए गड्ढों  में क्रूड आॅयल एवं साफ पीने योग्य पानी में एमएलओ डालने का कार्य किया जाता है। साथ ही घर-घर जाकर बुखार के रोगियों की स्लाइड बनाई जाती है।  </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />पेच की बावड़ी कस्बे के आसपास करीब आधा दर्जन ग्राम पंचायत आती है जिसमे हजारों की संख्या में ग्रामीण निवास करते है। सबको स्वास्थ्य सुविधा चाहिए जिसके लिए राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए । जिससे मौसमी बीमारियों के चलते ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ मिल सके ।<br /><strong>- चेतन राठौर, कालामांल</strong></p>
<p>ग्राम पंचायत द्वारा मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिय नालियों , गड्ढों आदि में आॅयल डाला जाता है। साथ ही मच्छरों के लिय फॉगिंग करवाई जाती है।<br /><strong>- सीमा मीना, सरपंच ग्राम पंचायत पेच की बावड़ी </strong></p>
<p>बरसात होने के साथ साथ जलजनित रोग का प्रकोप बढ़ता है। लोगो को तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए एवं पानी भी अधिक मात्रा में पीना चाहिए ।<br /><strong>- अर्पित जैन, युवा व्यवसायी,पेच की बावड़ी</strong></p>
<p>बारिश के मौसम में लोगों को अपने आसपास गंदगी नही होने देना चाहिए । जिससे मच्छर पैदा न हो । जिससे बीमारियों से बचा जा सके ।<br /><strong>- जगनारायण सोनी, व्यवसायी,पेच की बावड़ी</strong></p>
<p>लोग अपने आसपास गंदगी के ढेर नही लगाए, जिससे स्क्रब टायफस का खतरा रहता है।<br /><strong>- अनिल माली, व्यवसायी,पेच की बावड़ी</strong></p>
<p><strong>बीमारियों से बचाव के लिए चिकित्सा विभाग चलाता है अनेक कार्यक्रम</strong><br />मौसमी बीमारियों को लेकर चिकित्सा विभाग द्वारा अनेक कार्यक्रम चलाए जाते है जिसमें अभी मुख्यतया एंटी लार्वा एक्टीवीटी है जिसमे पानी की टंकियों में एमएलओ और गंदे पानी के गड्ढों,नालियों में क्रूड आॅयल डाला जाता है। वही बुखार के रोगियों की स्लाइड ली जाती है। चिकित्सालय में मौसमी बीमारियों के इलाज के लिय आवश्यक दवाइयां उपलब्ध होती है। आमजन को इन दिनों में साफ सफाई एवं खान पान में विशेष ध्यान रखना चाहिए ।<br /><strong>- डॉ गौतम यादव, चिकित्साधिकारी प्रभारी ,राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,पेच की बावड़ी।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jul 2024 17:30:10 +0530</pubDate>
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                <title>मौसमी बीमारियों का प्रकोप, ACS ने रोकथाम के दिए दिशा-निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[ समीक्षा के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया कि आमतौर पर सर्दी के मौसम में तापमान कम होने एवं मौसम परिवर्तन के समय तापमान परिवर्तन के कारण संक्रमण विशेषकर वायरल रोगों की अधिकता रहती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/acs-gives-guidelines-to-prevent-outbreak-of-seasonal-diseases/article-70873"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/transfer-(11)5.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने मौसम में परिवर्तन के कारण संक्रमण एवं वायरल के केसेज बढ़ने के संबंध में समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को मौसमी बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही जनसामान्य से अपील की है कि वे सामान्य प्रयासों के माध्यम से मौसम परिवर्तन के कारण होने वाले रोगों से बचें और वायरल या संक्रमण के लक्षण होने पर यथाशीघ्र नजदीकी चिकित्सा केन्द्र पर जाकर परामर्श एवं उपचार लें।<br /><br />समीक्षा के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया कि आमतौर पर सर्दी के मौसम में तापमान कम होने एवं मौसम परिवर्तन के समय तापमान परिवर्तन के कारण संक्रमण विशेषकर वायरल रोगों की अधिकता रहती है। वर्तमान समय में तापमान, आर्द्रता एवं सामान्य व्यवहार के दृष्टिगत संक्रामक या वायरल रोग अधिक होते हैं। समय रहते बचाव व नियंत्रण के उपाय अपनाकर इन रोगों के प्रसार को कम किया जा सकता है और व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। साथ ही उपचार की स्थिति में पहुचने से भी बचा जा सकता है। बच्चे, वृद्धजन, गर्भवती एवं गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को इस समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता रहती है ताकि वे वायरल और संक्रमण से बच सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Feb 2024 22:01:09 +0530</pubDate>
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                <title>अब बारिश दे रही साइड इफैक्ट, इन्फ्लूएंजा बढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[इस मौसम में चार अलग-अलग प्रकार के वायरस होते हैं जो इन्फ्लूएंजा का कारण बन सकते हैं जिसे आम बोलचाल में फ्लू कहा जाता है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-rain-is-giving-side-effect--influenza-increased/article-57672"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/ab-baarish-de-rhi-side-effects,-badh-rha-influenza...kota-news-21-09-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। अभी डेंगू और स्क्रब टायफस से लोगों को परेशान हो रहे अब मौसम में आए परिवर्तन और फिर से मानसून सक्रिय होने के साथ इन्फ्लूएंजा के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। अस्पताल में सर्दी खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। शहर के सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीजों की भरमार हो रही है। अस्पताल में फ्लू के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। शहर के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में सर्दी, खांसी जुकाम के साथ डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस के मरीज भी बढ़ने लगे है। फ्लू के मरीज को ठीक होने में 5 से 7 दिन तक समय लग रहा है।  एमबीएस की ओपीडी इन दिनों सामान्य से दुगनी चल रही है। ओपीडी में 200 से 2200 मरीज रोज आ रहे है। वहीं रामपुरा अस्पताल में मौसमी बीमारियों चलते अस्पताल फूल चल रहा है। </p>
<p><strong>पेट दर्द, जोड़ो के दर्द के मरीज बढ़े</strong><br />डॉ. ओपी मीणा ने बताया कि इन दिनों कभी बारिश कभी गर्मी तो कभी नमी के चलते जोड़ो के दर्द के मरीजों के साथ पेट जनित बीमारियों के मरीज आ रहे है। ओपीडी में पेट दर्द, दस्त भूख नहीं लगने की शिकायत वाले मरीज करीब 50से 60 आ रहे है। जोडों में दर्द और फ्लू के मरीजों की संख्या 100 से 125 है। </p>
<p><strong>चार अलग-अलग वायरस कर रहे अटैक</strong><br />मेडिसन विभाग के आचार्य व सीनियर फिजिशियन डॉ. मनोज सलूजा ने  बताया कि बारिश मौसम में फ्लू के मामले तेजी से बढ़ते हैं। इस मौसम में चार अलग-अलग प्रकार के वायरस होते हैं जो इन्फ्लूएंजा का कारण बन सकते हैं जिसे आम बोलचाल में फ्लू कहा जाता है। वैसे तो ये वायरस पूरे साल संक्रमण फैलाते हैं, लेकिन मानसून और सर्दी के मौसम में तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव के कारण इनका प्रसार तेज हो जाता है। बच्चे इनमें से किसी भी वायरस के कारण फ्लू की चपेट में आ सकते हैं।</p>
<p><strong>बैक्टीरियल न्यूमोनिया का बढ़ रहा खतरा</strong><br />डॉ. एम पी गुप्ता ने बताया कि फ्लू वायरस नाक और गले के साथ-साथ कभी-कभी फेफड़ों को भी प्रभावित कर रहे है। यह पांच साल से कम उम्र के बच्चों और बुजुर्गों के अस्पताल में भर्ती होने और उनकी असमय मृत्यु के सबसे बड़े कारणों में से है। बैक्टीरियल न्यूमोनिया, कान एवं साइनस इंफेक्शन होना शामिल है। वैक्सीनेशन से बचाव संभव: वैक्सीनेशन प्रभारी डॉ. देवेंद्र झालानी ने बताया कि फ्लू के चार में किसी भी वायरस के संक्रमण की चपेट में आने के खतरे को कम करने में फोर इन वन फ्लू वैक्सीनेशन सबसे प्रभावी तरीकों में से है। इंडियन एकेडमी आॅफ  पीडियाट्रिक्स और विश्व स्वास्थ्य संगठन 6 महीने से 5 साल की उम्र के बच्चों और 50 साल या इससे अधिक उम्र के लोगों को हर साल फ्लू का टीका लगवाने का सुझाव देते हैं, जिससे उन्हें इस तरह की जटिलताओं से बचाया जा सके। बताया कि हर साल फोर इन वन फ्लू वैक्सीनेशन ऐसे फ्लू की चपेट में आने और इस तरह की जटिलताओं से बच्चों को बचाने में कारगर हो सकता है। </p>
<p><strong>ये लक्षण दिखाई दें तो सतर्क हो जाएं</strong><br />शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. अलका मित्तल बताया कि  फ्लू के कुछ सामान्य लक्षणों में खांसी, बुखार, ठंड लगना, गले में खराश, थकान, मांसपेशियों में दर्द और सिरदर्द शामिल हैं। संक्रमित बच्चे या वयस्क के बात करते समय, खांसते या छींकते समय उनकी सांसों से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स के माध्यम से फैलते हैं। ये ड्रॉपलेट दरवाजे, स्कूल की डेस्क, किताब या खिलौनों पर भी गिर सकते हैं और जब कोई दूसरा बच्चा उन सतहों को छूता है, तो वह भी संक्रमण की चपेट में आ जाता है। टीकाकरण के साथ-साथ घर एवं स्कूल में सफाई रखें। बच्चों को समय-समय पर पानी और साबुन से हाथ धोने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। </p>
<p>अभी तक मच्छर जनित बीमारियों के मरीज ओपीडी में आ रहे थे अब इन्फ्लूएंजा के मरीज भी आने लगे है। इस बार लगातार कूलर, एसी चलने और नमी का वातावरण रहने से इन्फ्लूएंजा के मरीज बढ़ रहे है। <br /><strong>- डॉ. मनोज सलूजा, आचार्य मेडिसन विभाग मेडिकल कॉलेज कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Sep 2023 18:10:16 +0530</pubDate>
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                <title>एमबीएस बना मच्छरों का घर, मरीजों को मार रहे डंक</title>
                                    <description><![CDATA[परिसर में जगह जगह खुली नालियों में मच्छरों की भरमार है लेकिन इनको नष्ट करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mbs-becomes-home-to-mosquitoes-stings-are-killing-patients/article-56245"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/mbs-bna-machharo-ka-ghr,-marizo-ko-mar-rhe-dank...kota-news-04-09-2023.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में डेंगू स्क्रब टायफस और मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार को 37 मरीज डेंगू पॉजीटिव आए। पिछले दो दिन से रक्षाबंधन का अवकाश और धूप में आए तेजी के कारण डेंगू के मच्छरों का हमला कम रहा है लेकिन शनिवार को एकबार फिर से सर्वे शुरू होते ही 37 मरीज डेंगू के पॉजीटिव आए है। शहर में लगातार डेंगू का कहर जारी है। पूरे शहर में एंटी लार्वा गतिविधियां जोरो पर चल रही है। लेकिन एमबीएस अस्पताल की नालियों और गड्डों में लार्वा तेजी पनप  कर अस्पताल में भर्ती मरीजों को डंक मार रहे है। परिसर में जगह जगह खुली नालियों में मच्छरों की भरमार है लेकिन इनको नष्ट करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे है। जिसके चलते दिन में और रात में मच्छर वार्डो भर्ती मरीजों के डंक मार रहे है। </p>
<p><strong>गलियारे में पनप रहे मच्छर मारना भूले</strong><br />अस्पताल में इलाज कराने आए राजाराम बैरवा ने बताया कि एमबीएस के महिला वार्ड में मरीजों को मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी लगाकर इतिश्री कर ली, लेकिन ये मच्छर कहां से आ रहे है। इस ओर अस्पताल प्रशासन ध्यान नहीं दिया। अस्पताल के महिला वार्ड के पास बने गलियारे में नालियों में जमा गंदगी और पानी के कारण यहां मच्छर पनप रहे है। जिम्मेदारों की इन नालियों और गंदगी पर नजर नहीं पड़े इसलिए कर्मचारियों ने एमबीएस की ट्रॉली स्टेड के पास बने गलियार के चैनल गेट को ही बंद कर दिया। जिससे डॉक्टरों की इस गंदगी और पनप रहे मच्छरों पर निगाह नहीं पड़े। मच्छरदानी लगाने के बजाए मच्छरों को मारते तो लोगों भला होता।</p>
<p><strong>डेंगू के आंकडा पहुंचा 367 पार</strong><br />शहर मे डेंगू तेजी से फैल रहा है। शनिवार को एलाइजा टेंस्ट में 37 मरीज पॉजीटिव आए। वहीं स्क्रब टायफस के 73 मरीज अब तक आ चुके है। अब तक डेंगू के 367 मरीज आ चुके है।  शहर के तलवंडी, इंदिरा विहार, विज्ञान नगर, महावीर नगर, तलवंडी सेक्टर 1 से 5 में सबसे ज्यादा मरीज आ रहे है। शनिवार को जेकेलोन की ओपीडी डेंगू के तीन मरीज आए वहीं एक मरीज आईपीडी में भर्ती हुआ। एक को डिस्चार्ज किया गया। शहर के अन्य निजी अस्पतालों में शनिवार को ओपीडी में 25 डेंगू के मरीज आए।  वहीं आईपीडी में दो मरीज भर्ती हुए। एमबीएस अस्पताल में ओपीडी में एक मरीज व आईपी एक मरीज भर्ती हुआ। रामपुरा में एक भी मरीज डेंगू का नहीं आया। </p>
<p><strong>डेंगू पॉजीटिव के सैंपल पूणे भेजने के दिए निर्देश</strong><br />कलक्टर ओपी बुनकर ने शनिवार को डेंगू खतरनाक होने व इसकी चपेट आए चार मरीजों की मौत होने और मल्टीपल आर्गन फैल होने के कारणों को जानने के लिए डेंगू के मरीजों ब्लड सैंपल को पूणे लैब में भेजने के निर्देश दिए है। डेंगू का कौनसा नया स्टेÑन इसका पता लगाया जाएगा। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />डेंगू व मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है। एंटी लार्वा गतिविधियां लगातार जा रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में कूलर, परेंडे और कंटेनरों में लार्वा नष्ट किए जा रहे है। <br /><strong>- डॉ. जगदीश कुमार सोनी, सीएमएचओ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Sep 2023 16:33:56 +0530</pubDate>
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