<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/delimitation/tag-28391" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>delimitation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/28391/rss</link>
                <description>delimitation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नवीन पटनायक का केंद्र पर हमला : सरकार सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस कदम उठाने में रही नाकाम, महिलाओं के मुद्दों पर ‘मगरमच्छ के आंसू’ बहाने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ओडिशा विधानसभा में भाजपा सरकार पर महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने को राजनीतिक चाल बताया। पटनायक ने बीजद की 50% आरक्षण की विरासत को दोहराते हुए भाजपा को महिलाओं के कल्याण के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता दिखाने की चुनौती दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/naveen-patnaik-attacks-the-center-and-accuses-the-government-of/article-152204"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/naveen-pat.png" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरुवार को राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि वह महिलाओं के अधिकारों के बारे में सिर्फ़ ज़ुबानी बातें करती है, उनके सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम रही है। ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर हुई बहस में हिस्सा लेते हुए पटनायक ने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर झूठे आख्यान गढ़कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लोगों को हमेशा के लिए धोखा नहीं दिया जा सकता। ओडिशा में महिलाओं के कल्याण की असलियत भाजपा के दावों से बिल्कुल अलग है। विधायिका में महिला आरक्षण और परिसीमन ने जुड़े संविधान संशोधन विधेयक का ज़िक्र करते हुए, पटनायक ने कहा कि दो अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा हो रही है। पहला नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 जिसे संसद में सर्वसम्मति से पारित किया गया था और दूसरा परिसीमन की प्रक्रिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से ही पारित हो चुके महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़ना एक ‘गुपचुप चाल’ है, जिसका मकसद इसके प्रभावों पर पर्याप्त चर्चा किए बिना परिसीमन को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बीजू जनता दल (बीजद) ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक का पूरी तरह समर्थन किया था और अब भी इसको तत्काल लागू करने की मांग कर रही है।</p>
<p>महिलाओं के सशक्तिकरण में ओडिशा की विरासत पर प्रकाश डालते हुए पटनायक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के नेतृत्व में यह राज्य देश के उन पहले राज्यों में से एक था, जिसने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था। उन्होंने कहा कि 2011 में उनकी सरकार ने इस आरक्षण बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया, जिससे जमीनी स्तर पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी बढ़ गया।</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजद ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में महिला उम्मीदवारों को अपने 33 प्रतिशत टिकट दिये थे। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि वह भी इसी तरह की प्रतिबद्धता दिखाये। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे अपने हालिया पत्र और ओडिशा के 21 सांसदों से की गयी अपनी अपील का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें महिलाओं के अधिकारों और ओडिशा के राजनीतिक हितों पर बीजद का रुख स्पष्ट रूप से बताया गया है।</p>
<p>भाजपा के कथित ‘गलत सूचना अभियान’ पर चिंता व्यक्त करते हुए पटनायक ने कहा कि यह मुद्दा ओडिशा की विशिष्ट पहचान और राजनीतिक आवाज से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया से ओडिशा के लोगों, विशेष रूप से आने वाली पीढ़ियों के राजनीतिक अधिकार कम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास उन नेताओं को कभी माफ नहीं करेगा जिन्होंने राज्य के हितों की रक्षा किये बिना ऐसे कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब तक वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहेंगे, तब तक किसी को भी ओडिशा को उसके हक से वंचित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने भाजपा विधायकों पर महिलाओं के मुद्दों पर ‘मगरमच्छ के आंसू’ बहाने का आरोप लगाया और कहा कि उनके कल्याण के प्रति उनमें कोई प्रतिबद्धता दिखाई नहीं देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/naveen-patnaik-attacks-the-center-and-accuses-the-government-of/article-152204</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/naveen-patnaik-attacks-the-center-and-accuses-the-government-of/article-152204</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:55:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/naveen-pat.png"                         length="1564137"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला आरक्षण पर कमलनाथ का केंद्र सरकार पर निशाना : आरक्षण के नाम पर भ्रम फैलाने का लगाया आरोप, विशेष सत्र पर उठाए सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की कि 33% आरक्षण इसी संसद सत्र से लागू होना चाहिए। कमलनाथ ने चेतावनी दी कि परिसीमन के बहाने दक्षिण भारत के साथ अन्याय न हो और सरकार महंगाई व बेरोजगारी जैसे असली मुद्दों पर ध्यान दे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kamal-nath-targets-central-government-on-womens-reservation-accuses-it/article-151847"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/kamal-nath.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि संसद में आरक्षण के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है। कमलनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए गए अपने ट्वीट में कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है और उस समय कांग्रेस ने इसका समर्थन भी किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी मौजूदा संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के पक्ष में है।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन के माध्यम से दक्षिण भारत के राज्यों के साथ अन्याय करने की मंशा रखती है और इसी तथ्य को छुपाने का प्रयास कर रही है। कमलनाथ ने सवाल किया कि यदि भाजपा की नीयत वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देने की है, तो वर्तमान संसद में ही इसे लागू करने में क्या दिक्कत है। पूर्व मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर चर्चा करने के बजाय सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विशेष सत्र बुलाना चाहिए था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/kamal-nath-targets-central-government-on-womens-reservation-accuses-it/article-151847</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/kamal-nath-targets-central-government-on-womens-reservation-accuses-it/article-151847</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 15:54:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/kamal-nath.jpg"                         length="55235"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिलाओं के आरक्षण पर बीजद का केंद्र पर निशाना : सत्ताधारी पार्टी इस मुद्दे पर लोगों को कर रही गुमराह, 'राजनीतिक ड्रामा' करने का लगाया आरोप,</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) ने महिला आरक्षण विधेयक को केंद्र का 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया है। सांसद सुलता देव ने आरोप लगाया कि सरकार सशक्तिकरण के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने मांग की कि परिसीमन का इंतजार किए बिना 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, ताकि राज्यों का प्रतिनिधित्व कम न हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjd-targets-center-on-womens-reservation-ruling-party-accused-of/article-151849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/sulta-dev.webp" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर 'राजनीतिक ड्रामा' करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सत्ताधारी पार्टी इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह कर रही है। बीजद की राज्यसभा सांसद सुलता देव और वरिष्ठ महासचिव लेखाश्री सामंतसिंहार ने केंद्र के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 'झूठा प्रचार' करार दिया, वहीं महिला आरक्षण की आड़ में उस पर परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर केंद्र सरकार सचमुच महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध है, तो उसे 543 सांसदों के बीच तुरंत 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए।</p>
<p>सुलता देव ने बताया कि महिला आरक्षण बिल को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' के रूप में पेश किया गया था और वह संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है तथा उसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके बावजूद उसे 2024 के आम चुनावों के दौरान लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र अब देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन आयोजित करते हुए देरी के लिए विपक्ष को दोषी ठहराने की कोशिश कर रही है, जिसे उन्होंने जनता का ध्यान भटकाने के लिए एक 'राजनीतिक ड्रामा' बताया।</p>
<p>सुलता देव के अनुसार यह अधिनियम 2023 में सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से पारित किया गया था, जिससे यह उम्मीद जगी थी कि इसे अगले आम चुनावों में तुरंत लागू किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केंद्र सरकार का कहना था कि जनगणना पूरी होने और उसके बाद निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद ही इसे लागू किया जाएगा। सुलता देव ने हालांकि दावा किया कि पांच राज्यों में चुनावों के दौरान संसद का एक विशेष सत्र बुलाया गया था ताकि आरक्षण प्रस्ताव के साथ-साथ 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन को आगे बढ़ाया जा सके। </p>
<p>उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के कदम से ओडिशा और कई दक्षिणी तथा पूर्वी राज्यों जैसे राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा, जिसके चलते विपक्षी दलों ने अपना समर्थन वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव विफल होने के बाद भाजपा ने विपक्षी दलों को महिला-विरोधी के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। सुलता देव ने केंद्र सरकार पर इस मुद्दे पर 'न्याय में देरी' करने के बावजूद खुद को महिला-समर्थक के रूप में पेश करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया और कहा कि मतदाता ऐसे दावों के पीछे की सच्चाई को पहले ही समझ चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjd-targets-center-on-womens-reservation-ruling-party-accused-of/article-151849</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjd-targets-center-on-womens-reservation-ruling-party-accused-of/article-151849</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 15:14:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/sulta-dev.webp"                         length="44828"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला कांग्रेस ने हैदराबाद में शुरू किया पोस्टकार्ड अभियान: महिला आरक्षण अधिनियम को तुरंत लागू करने की मांग, छोटे राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना महिला कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तत्काल लागू करने के लिए पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया है। अध्यक्ष एर्राबेली स्वर्ण ने आरक्षण को परिसीमन से अलग करने और 2029 चुनावों से ही प्रभावी बनाने की मांग की। कांग्रेस ने सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने हेतु इसमें ओबीसी उप-कोटा और जाति जनगणना की आवश्यकता पर भी जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mahila-congress-started-postcard-campaign-in-hyderabad-demanded-immediate-implementation/article-151225"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/congress1.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना राज्य महिला कांग्रेस ने मंगलवार को गांधी भवन में पोस्टकार्ड हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया। जिसमें महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 को तुरंत लागू करने की मांग की गई। "महिला आरक्षण विधेयक: आज करो, अभी करो" नारे के तहत आयोजित इस अभियान में प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पोस्टकार्ड भेजकर मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का आग्रह किया।</p>
<p>सभा को संबोधित करते हुए तेलंगाना राज्य महिला कांग्रेस की अध्यक्ष एर्राबेली स्वर्ण ने कहा कि संसद द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि आरक्षण मौजूदा लोकसभा सीटों पर लागू किया जाए और 2029 के आम चुनावों से प्रभावी हो। उन्होंने अधिनियम के कार्यान्वयन को नई जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने का विरोध किया और आरोप लगाया कि ऐसा करने से दक्षिणी और छोटे राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया शुरू होने से पहले जाति जनगणना की भी मांग की।</p>
<p>स्वर्ण ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए प्रावधानों के अलावा, 33 प्रतिशत आरक्षण में ओबीसी महिलाओं के लिए उप-कोटा की भी मांग की और कहा कि नीति में सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से देरी किये जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अधिनियम के कार्यान्वयन को स्थगित करना महिला सशक्तिकरण को कमजोर करता है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी देश भर की महिलाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप कानून को तत्काल लागू करने के लिए दबाव बनाना जारी रखेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/mahila-congress-started-postcard-campaign-in-hyderabad-demanded-immediate-implementation/article-151225</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/mahila-congress-started-postcard-campaign-in-hyderabad-demanded-immediate-implementation/article-151225</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:25:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/congress1.png"                         length="918983"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस का केंद्र पर हमला : महिला आरक्षण क्रियान्वयन की इच्छुक नहीं सरकार, रणनीतिक तरीके से इसे परिसीमन विधेयक से जोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण को जानबूझकर टालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 10 वर्षों से इसके पक्ष में है, लेकिन सरकार ने इसे परिसीमन से जोड़कर देरी की रणनीति अपनाई है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा लिखे पत्रों के बावजूद क्रियान्वयन में हो रही देरी महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की उदासीनता दर्शाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-attack-on-the-central-government-not-being-willing-to/article-151183"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jairam-ramesh1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रहा है और इसके लिए वह समय-समय पर वह सरकार पर दबाव भी बनाती रही है लेकिन केंद्र सरकार रणनीति के तहत इसको लागू नहीं कर रही है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि उनकी पार्टी करीब 10 साल से सरकार पर महिलाओं को आरक्षण देने का दबाव बना रही है और इस विधेयक को संसद में पारित कराने में भी अपना समर्थन दिया लेकिन सरकार ने जानबूझकर और रणनीतिक तरीके से इसे परिसीमन विधेयक से जोड़ दिया, जिससे इसे लागू करने में अड़चन आयी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 2017 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के संबंध में केंद्र को पत्र लिखा था। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी 16 जुलाई, 2018 को केंद्र को पत्र लिखकर महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग की थी। केंद्र सरकार ने इस मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया और फिर परिसीमन से जोड़कर इसे टालने की कोशिश की। जयराम रमेश ने कहा, "कांग्रेस का रुख महिला आरक्षण को लेकर अडिग और अपरिवर्तित रहा है। राहुल गांधी के लिखे पत्र के आठ साल बाद भी, केंद्र सरकार-परिसीमन से जोड़कर आरक्षण के कार्यान्वयन में देरी करने के इच्छुक हैं और इसलिए वह इस मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-attack-on-the-central-government-not-being-willing-to/article-151183</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/congresss-attack-on-the-central-government-not-being-willing-to/article-151183</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 15:53:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/jairam-ramesh1.png"                         length="622963"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस का केंद्र पर हमला: महिला आरक्षण के नाम पर बहा रहे हैं घड़ियाली आंसू, सुप्रिया श्रीनेत ने कहा-सरकार महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहती</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र पर महिला आरक्षण रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परिसीमन का 'षड्यंत्र' विफल होने पर सरकार घड़ियाली आंसू बहा रही है। कांग्रेस ने मांग की कि मौजूदा 543 सीटों पर ही 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को उनका वास्तविक संवैधानिक अधिकार मिल सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-the-centre-crocodile-tears-are-being-shed-in/article-151002"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/supriya.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि केंद्र सरकार हमेशा महिलाओं को आरक्षण देने के खिलाफ रही है और यही वजह है कि इस बार उसने महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन लाने का षड्यंत्र किया, जिसके कारण संसद में पेश संविधान संशोधन विधेयक गिर गया और केंद्र को मुंह की खानी पड़ी। पार्टी ने कहा कि केंद्र शुरू से ही महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती है। यह हमेशा महिला आरक्षण के विरुद्ध रही है और यही कारण था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी 1990 में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लेकर आए थे, तो केंद्र ने इसका विरोध किया था, जिसके कारण वह विधेयक संसद में पारित नहीं हो सका था।</p>
<p>कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को यहां पार्टी मुख्यालय पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार डरी हुई हैं, इसलिए उन्होंने राष्ट्र के नाम शनिवार को 29 मिनट के संबोधन में 58 बार, यानी लगभग हर 30 सेकंड में कांग्रेस का नाम लिया। इससे साफ है कि महिला आरक्षण की आड़ में केंद्र परिसीमन के अपने कथित षड्यंत्र के विफल होने के कारण देश के नाम संबोधन के दौरान घड़ियाली आंसू बहा रहे थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक गिरने पर दुखी होने की बजाय 543 लोकसभा सीटों के आधार पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए और कांग्रेस इस व्यवस्था का पूरी तरह समर्थन करेगी। उनका कहना था कि मौजूदा 543 सीटों में से 181 सीटें महिलाओं को दे दीजिए और इसमें रोड़ा मत बनिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र पर महिलाओं के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि देश में जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, वहां केंद्र सरकार कुछ नहीं बोलती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी के लिए 'कांग्रेस की विधवा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर महिलाओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की बात करने वाली केंद्र सरकार को यह याद रखना चाहिए कि जब राजीव गांधी के शासनकाल में महिला आरक्षण विधेयक लाया गया था, तब उन्होंने ने इसके खिलाफ मतदान किया था।</p>
<p>कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। पार्टी के अनुसार, ऐसे मामलों की संख्या 4 लाख से अधिक हो गई है और दुष्कर्म के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के 1600 से अधिक विधायकों में केवल 167 महिलाएं हैं। देश के कई राज्यों में केंद्र की सरकार होने के बावजूद केवल एक राज्य में ही महिला मुख्यमंत्री है। पार्टी का कहना है कि इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील नहीं है और यही कारण है कि उसे संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने में संसद में असफलता का सामना करना पड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-the-centre-crocodile-tears-are-being-shed-in/article-151002</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-the-centre-crocodile-tears-are-being-shed-in/article-151002</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 18:10:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/supriya.png"                         length="1739423"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला आरक्षण बिल गिरने पर विपक्ष ने जश्न मनाकर महिलाओं का अपमान किया: सावित्री ठाकुर </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने महिला आरक्षण बिल न पचने पर विपक्ष के जश्न को स्वर्ण अवसर खोना और महिलाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण ऐतिहासिक विधेयक को रोका। मंत्री ने स्पष्ट किया कि परिसीमन महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए आवश्यक है और देश की नारी शक्ति इसका करारा जवाब देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/savitri-thakur-opposition-insulted-women-by-celebrating-when-womens-reservation/article-151018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)23.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि महिला आरक्षण से जुड़ा यह विधेयक पारित हो जाता, तो यह वर्ष इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता। उन्होंने कहा कि 2023 में विपक्ष ने चुनावी मजबूरी के कारण इसका समर्थन किया, लेकिन बाद में अपने राजनीतिक हितों के चलते इसका विरोध किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को हर योजना के केंद्र में रखा है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। इस बिल से महिलाओं में एक नई उम्मीद जगी थी कि उन्हें राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। सावित्री ठाकुर ने कहा कि विपक्षी दलों को यह डर था कि इससे उनके राजनीतिक समीकरण प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने स्पष्ट किया था कि किसी भी राज्य के हितों को नुकसान नहीं होगा, इसके बावजूद भ्रम फैलाया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जब यह बिल पारित नहीं हो सका, तो देशभर की महिलाओं में निराशा फैल गई, जबकि विपक्ष ने जश्न मनाया, जो महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि देश की महिला शक्ति इसका जवाब अवश्य देगी। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती जनसंख्या के मद्देनजर परिसीमन आवश्यक है, जिससे महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/savitri-thakur-opposition-insulted-women-by-celebrating-when-womens-reservation/article-151018</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/savitri-thakur-opposition-insulted-women-by-celebrating-when-womens-reservation/article-151018</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:50:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/111200-x-600-px%2923.png"                         length="611809"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रीय लोक मोर्चा का बड़ा ऐलान : महागठबंधन में शामिल पार्टियों के खिलाफ 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में निकालेगी धिक्कार मार्च</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिलों में धिक्कार मार्च निकालेगा। प्रदेश प्रवक्ता राम पुकार सिन्हा ने कांग्रेस और महागठबंधन पर महिला आरक्षण विधेयक रोकने का आरोप लगाया। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी का दावा है कि विपक्ष ने परिसीमन सुधार का विरोध कर महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-announcement-of-rashtriya-lok-morcha-that-it-will-take/article-151003"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/bihr.png" alt=""></a><br /><p>पटना। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो)संसद में महिला आरक्षण विधेयक एवं संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार के विरोधी महागठबंधन में शामिल पार्टियों के खिलाफ 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में धिक्कार मार्च निकालेगी। रालोमो के प्रदेश प्रवक्ता राम पुकार सिन्हा ने रविवार को बताया कि लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक एवं संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार के विरोध में वोट देकर कांग्रेस एवं महागठबंधन की पार्टियों ने देश की आधी आबादी को लोकसभा एवं विधानसभाओ में जाने से रोका है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मिल रहे अधिकारों से उनको वंचित किया है।</p>
<p>सिन्हा ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद उपेंद्र कुशवाहा पार्टी की ओर से संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार के तहत बिहार में आवाज बुलंद करते रहे है, लेकिन इस अभियान को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही विपक्षी दलों ने संसद में इसका विरोध कर रोक दिया। उन्होंने कहा कि यदि यह बिल कानून का रूप लेता तो बिहार में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ जाती। यदि संसद में यदि विपक्ष का सहयोग मिलता तो 33 प्रतिशत सीटों पर महिलाएं सासंद और विधायक बनती, लेकिन महागठबंधन के सांसदों ने ऐसा नहीं होने दिया।संसद में विपक्ष की इस रवैया के खिलाफ राष्ट्रीय लोक मोर्चा 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में धिक्कार मार्च निकालेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-announcement-of-rashtriya-lok-morcha-that-it-will-take/article-151003</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-announcement-of-rashtriya-lok-morcha-that-it-will-take/article-151003</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:08:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/bihr.png"                         length="873701"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला आरक्षण मुद्दे पर सियासत तेज: कांग्रेस ने भाजपा मुख्यालय के समीप किया विरोध प्रदर्शन, महिलाओं के मुद्दे पर गंभीर नहीं होने का लगाया आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा मुख्यालय के समीप जोरदार प्रदर्शन किया। जयराम रमेश और दीपेंद्र हुड्डा जैसे नेताओं ने केंद्र पर महिलाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। विपक्ष का कहना है कि सरकार आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर देरी कर रही है, जो महिलाओं के साथ सरासर धोखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/politics-intensifies-on-womens-reservation-issue-congress-protests-near-bjp/article-150999"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/congress2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय के समीप जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए और केंद्र सरकार पर महिलाओं के मुद्दे पर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया। प्रदर्शन में जयराम रमेश, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, देवेंद्र यादव, अलका लांबा समेत कई सांसद और नेता मौजूद रहे।</p>
<p>कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, "बीजेपी ने जिस तरह महिलाओं को गुमराह करने की कोशिश की है, उससे उनकी महिला विरोधी मानसिकता साफ झलकती है। उनका असली उद्देश्य महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन लागू करना था। कांग्रेस पार्टी तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक देश में महिला आरक्षण लागू नहीं हो जाता।"</p>
<p>वहीं कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "2014 से नरेंद्र मोदी देश का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन 2026 तक महिलाओं के साथ केवल धोखा हुआ है। सरकार महिला आरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है। बीजेपी और प्रधानमंत्री केवल यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे महिलाओं के पक्ष में हैं, जबकि हकीकत इसके उलट है।" ग़ौरतलब है कि महिला आरक्षण मुद्दे को लेकर राजनीति तेज है सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/politics-intensifies-on-womens-reservation-issue-congress-protests-near-bjp/article-150999</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/politics-intensifies-on-womens-reservation-issue-congress-protests-near-bjp/article-150999</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 14:32:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/congress2.png"                         length="1126856"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संसद की तीन दिवसीय बैठक से पहले इंडिया गठबंधन के नेताओं अहम बैठक, इन अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति फाइनल</title>
                                    <description><![CDATA[संसद के विशेष सत्र से पहले मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं ने अहम बैठक की। विपक्ष ने महिला आरक्षण और सीटों के विस्तार (परिसीमन) को संघीय ढांचे के लिए 'खतरनाक' बताया। राहुल गांधी और शरद पवार समेत दिग्गज नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/before-the-three-day-meeting-of-parliament-the-leaders-of-india/article-150566"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/india1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सांसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण तथा संसदीय सीटों के विस्तार के लिए संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए संसद की कल से शुरू हो रही तीन दिवसीय बैठक से पहले बुधवार को यहां विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई जिसमें संसद में सरकार को घेरने की रणनीति को लेकर विचार विमर्श किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष तथा राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के यहां स्थित आवास 10 राजाजी मार्ग पर हुई इस बैठक में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में विपक्षी नेताओं ने महिला आरक्षण विधेयक और संसदीय सीटों के विस्तार को लेकर व्यापक विचार विमर्श किया।</p>
<p>बैठक को लेकर कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने बताया "संसद के कल से हो रहे विशेष सत्र की रणनीति पर चर्चा करने के लिए, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के यहां स्थित आवास पर विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने बैठक में भाग लिया। सरकार का परिसीमन कदम खतरनाक है और देश के लोकतांत्रिक ढांचे, विशेष रूप से राज्यों को केंद्र में उचित हिस्सेदारी देने वाले संघीय ढांचे पर इसके प्रभाव को लेकर गंभीर चिंताएं हैं।</p>
<p>हमने कल से शुरू हो रही बैठक के लिए एक संयुक्त विपक्षी रणनीति तैयार करने के वास्ते बैठक की।" इस बैठक में श्री खरगे के अलावा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार, सुप्रिया सुले, शिवसेना उद्धव गुट के संजय राउत, द्रमुक के टी आर बालू, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन,राजद के तेजस्वी यादव तथा कपिल सिब्बल सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/before-the-three-day-meeting-of-parliament-the-leaders-of-india/article-150566</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/before-the-three-day-meeting-of-parliament-the-leaders-of-india/article-150566</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 17:53:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/india1.png"                         length="959511"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनिया गांधी का सरकार पर निशाना : असली चिंता महिला आरक्षण नहीं, बल्कि प्रस्तावित परिसीमन, राजनीतिक लाभ लेने की मंशा का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला करते हुए प्रस्तावित परिसीमन को "संविधान पर हमला" करार दिया। उन्होंने लेख के जरिए चेतावनी दी कि जनगणना में देरी और महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना लोकतांत्रिक संतुलन बिगाड़ सकता है। सोनिया ने जातिगत जनगणना और पारदर्शिता की मांग दोहराई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sonia-gandhis-target-on-the-government-is-that-the-real/article-150190"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/sonia-gandhi-issued-notice.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक निजी अखबार में लिखे अपने लेख के जरिए केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे को लेकर हमला बोला है। सोनिया गांधी ने सोमवार को यहां स्पष्ट तौर पर कहा कि मौजूदा समय में असली चिंता महिला आरक्षण नहीं, बल्कि प्रस्तावित परिसीमन है, जिसे उन्होंने "बेहद खतरनाक" और "संविधान पर हमला" करार दिया। अपने लेख में उन्होंने चेतावनी दी कि संसद के विशेष सत्र में जिस तरह परिसीमन का मुद्दा सामने आ रहा है, वह लोकतांत्रिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जल्दबाजी में इस विषय को आगे बढ़ा रही है, जिसके पीछे राजनीतिक लाभ लेने की मंशा हो सकती है।</p>
<p>उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष से समर्थन तो मांगा जा रहा है लेकिन इस अहम मुद्दे पर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की ओर से सर्वदलीय बैठक की मांग को लगातार नजरअंदाज किया गया है। सोनिया गांधी ने याद दिलाया कि 2023 में संसद द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। हालांकि, इसके क्रियान्वयन के लिए जनगणना और परिसीमन जरूरी है।</p>
<p>उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार 2029 से महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो यह निर्णय पहले क्यों नहीं लिया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का फैसला केवल गणितीय आधार पर नहीं, बल्कि राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखकर होना चाहिए, ताकि जनसंख्या नियंत्रण में आगे रहे राज्यों को नुकसान न हो। इसके अलावा उन्होंने जातिगत जनगणना में देरी पर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि बिहार और तेलंगाना जैसे राज्यों ने कम समय में सर्वे कर यह साबित कर दिया है कि यह कार्य संभव है।</p>
<p>अंत में उन्होंने 2021 की जनगणना टालने के फैसले पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे करोड़ों लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह गये। उन्होंने सरकार से अपील की कि ऐसे महत्वपूर्ण फैसलों पर जल्दबाजी के बजाय विपक्ष के साथ व्यापक चर्चा की जाय और पूरी प्रक्रिया को लोकतांत्रिक बनाया जाया। गौरतलब है कि महिला आरक्षण पर 16-18 अप्रैल तक संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/sonia-gandhis-target-on-the-government-is-that-the-real/article-150190</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/sonia-gandhis-target-on-the-government-is-that-the-real/article-150190</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 17:36:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/sonia-gandhi-issued-notice.png"                         length="916403"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम में कांग्रेस के सामने चुनौतियां: अपार पार्टी का बिखराव बन सकता है घातक, मुसलमानों की अहम भूमिका</title>
                                    <description><![CDATA[असम में सत्ता वापसी की राह देख रही कांग्रेस आंतरिक कलह और बड़े नेताओं के इस्तीफों से पस्त है। परिसीमन के बाद मुस्लिम बहुल सीटों का गणित बदलने और AIUDF के साथ त्रिकोणीय मुकाबले ने गौरव गोगोई की रणनीति को मुश्किल में डाल दिया है। हिंदू और मुस्लिम वोटों के बीच संतुलन साधना अब पार्टी के लिए सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/challenges-before-congress-in-assam-are-immense-disintegration-of-the/article-147143"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/assam-congress.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। असम में 10 साल बाद सत्ता में वापसी की कांग्रेस ने उम्मीद तो पाल ली लेकिन वर्तमान स्थिति में यह बहुत मुश्किल दिख रहा है। एक ओर कांग्रेस पार्टी के भीतर भयंकर गुटबाजी से त्रस्त है, जिसका परिणाम सांसद प्रद्युत बारदोलई का इस्तीफा है। इसके अलावा परिसीमन ने मुस्लिम बहुल सीटों की कमी से विधानसभा का गणित बदल दिया है। पिछली बार बदरूद्दीन अजमल की पार्टी आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआइयूडीएफ) के साथ के कारण मुस्लिम वोटों का बंटवारा नहीं हुआ था।</p>
<p><strong>कांग्रेस का खेल हो सकता है खराब: </strong>इस बार एआईयूडीएफ इन सीटों पर कांग्रेस का खेल खराब करने की पूरी कोशिश करेगी। कांग्रेस ने लोकसभा में अपने उपनेता और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई के हाथ में कमान देकर प्रदेश संगठन में गुटबाजी खत्म करने और एकजुट होकर हिमंत बिस्व सरमा के सामने चुनौती पेश करने की रणनीति बनाई थी। लेकिन फरवरी में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा और अब प्रद्युत बारदोलाई व प्रदेश उपाध्यक्ष नवज्योति तालुकदार के इस्तीफे ने प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच गहरी खाई को उजागर कर दिया। चुनाव के ठीक पहले लगे इन झटकों से पार पाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा।</p>
<p>कांग्रेस के सामने एक बड़ी चुनौती मुस्लिम वोटों को बंटने से रोकने के साथ ही हिंदू वोटों को साधने की भी है। पार्टी में मौजूदा संकट की एक बड़ी वजह ये भी है। दरअसल मुस्लिम वोटों को बंटने से रोकने के लिए 2021 में कांग्रेस ने एआइयूडीएफ के साथ गठबंधन किया था, जिसका खामियाजा पार्टी को हिंदू बहुल सीटों पर चुकाना पड़ा। इस बार कांग्रेस ने एआइयूडीएफ से किनारा जरूर कर लिया है। लेकिन मुस्लिम बहुल सीटों पर कांग्रेस की टक्कर उसी से होनी तय है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस मुस्लिम वोट को काफी हद तक एआइयूडीएफ से झटकने में सफल रही थी। विधानसभा चुनाव में ऐसा होगा या नहीं देखना होगा। लगभग 35 से 40 फीसद आबादी के साथ असम की राजनीति में मुसलमान अहम भूमिका निभाते थे।</p>
<p><strong>मुसलमान निभाएंगे अहम भूमिका</strong></p>
<p>2021 में 31 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत हुई थी, जो कांग्रेस और एआइयूडीएफ से थे। वैसे लगभग 40-42 सीटों पर मुसलमान अहम भूमिका निभाते थे। 126 सीटों वाले विधानसभा में यह बड़ी संख्या है। लेकिन 2022 में हुए परिसीमन ने खेल बदल दिया है। अब दो दर्जन से कम सीटें ही मुस्लिम बहुल रह गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/challenges-before-congress-in-assam-are-immense-disintegration-of-the/article-147143</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/challenges-before-congress-in-assam-are-immense-disintegration-of-the/article-147143</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 12:58:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/assam-congress.png"                         length="691083"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        