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                <title>Road Construction - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Road Construction RSS Feed</description>
                
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                <title>एमडीआर-183 पर अधूरी सड़क बनी मुसीबत,वन विभाग की रोक से अटका 5.9 किमी निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[साढ़े तीन साल बीत जाने के बावजूद भी सड़क का निर्माण पूरा नहीं हुआ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/incomplete-road-on-mdr-183-becomes-a-nightmare--5-9-km-of-construction-stalled-due-to-forest-department-restrictions/article-150741"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(8)6.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। भण्डेड़ा क्षेत्र में एमडीआर-183 मुख्य मार्ग पर दो स्थानों पर अधूरी सड़क निर्माण के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भरने से हालात और भी गंभीर हो गए हैं।  क्षेत्र में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा धनावा से वाया दबलाना, बांसी होते हुए नैनवां तक करीब 45 किमी सड़क का निर्माण कराया गया, लेकिन दो स्थानों पर वन विभाग की आपत्ति के चलते निर्माण कार्य अधूरा रह गया।<br />जानकारी के अनुसार एक स्थान पर लगभग 2.9 किमी और दूसरे स्थान पर करीब 3 किमी सड़क का निर्माण रुका हुआ है। इन अधूरे हिस्सों में गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बरसाती पानी भरने से वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक अक्सर संतुलन खोकर गिर रहे हैं, जबकि चौपहिया और लोडिंग वाहन भी हिचकोले खाते नजर आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब साढ़े तीन साल बीत जाने के बावजूद सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग नैनवां व हिण्डोली उपखंड सहित करीब 50 गांवों को बूंदी जिला मुख्यालय से जोड़ता है। अधूरी सड़क के कारण रोजाना हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।</p>
<p><strong>स्वीकृति के बावजूद शुरू नहीं हुआ निर्माण </strong><br />दबलाना से बांसी के बीच सांवतगढ़-फोकी पिपलिया मार्ग पर वन सीमा का हवाला देकर निर्माण कार्य रोका गया था। इसी तरह मानपुरा की डुंगरिया से नैनवां की ओर भी करीब 3 किमी क्षेत्र में कार्य अटका रहा। हालांकि अब वन विभाग से स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।</p>
<p><strong>गड्ढों के कारण लगते हैं तेज झटके</strong><br />स्थानीय निवासी नीरूशंकर शर्मा व अवधेश कुमार जैन ने बताया कि बसों में सफर के दौरान गड्ढों के कारण तेज झटके लगते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। वहीं डेयरी संचालक कौशल किराड़ ने बताया कि वाहन में दूध की केन हिचकोलों के कारण गिर जाती है, जिससे नुकसान उठाना पड़ता है।</p>
<p>वन विभाग की समस्या का समाधान हो चुका है और स्वीकृति भी मिल गई है। करीब 10 करोड़ 16 लाख रुपए की राशि भी उपलब्ध हो चुकी है। नई टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही शेष सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा।<br /><strong>-हरिराम मीणा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी</strong><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 11:20:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - सड़क निर्माण से वास्तविक राहत</title>
                                    <description><![CDATA[ खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया रेलवे प्रशासन ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news-%E2%80%93-real-relief-through-road-construction/article-148369"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/12200-x-60-px).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रेलवे कॉलोनी में लंबे समय से चली आ रही मित्र मंडली और गंदगी की समस्या पर प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला है। 11 अगस्त 2025 को इस मुद्दे पर प्रमुखता से प्रतिबंध लगा दिया गया जिसके बाद रेलवे प्रशासन में गड़बड़ी आई और कॉलोनी की मुख्य सड़क पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से उजाड़, जंगल और अर्थव्यवस्था से जूझ रहे थे। कॉलोनी की मुख्य सड़क के दोनों तरफ लंबे समय से भक्तों के माध्यम से रेत, मलबा और वेस्टेज कंटेंट में जा रही थी, जहां से रास्ता संवारा गया था। ऑटोमोबाइल, ऑटोमोबाइल, क्लासिक बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खबर प्रकाशित होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने माउज़ का निरीक्षण किया और सड़क की सफाई, समरूपता और नए स्तर का कार्य शुरू किया। अब निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जिससे समशीतोष्ण गंदगी और कूड़ा-कचरा भी कम हो गया है।</p>
<p><strong>रहवासियों की प्रतिक्रिया</strong><br />हम काफी समय से इस समस्या से परेशान थे, लेकिन अब काम शुरू होने से राहत मिल गई है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरी सड़क टूट जाएगी। बैल के दिनों में हालात और भी बुरे हो गए थे, लेकिन अब निर्माण कार्य शुरू होने से उम्मीद है कि स्थायी समाधान होगा।<br /><strong>- सोहेल मिर्जा, स्थानीय रहवासी</strong></p>
<p>इनका कहना है<br />क्षतिग्रस्त उद्यमों के सुधार का कार्य योजनाबद्ध तरीकों से आगे बढ़ रहा है। विभिन्न उद्यमों के लिए मशीनें प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें से श्रमिकों के ऑर्डर भी जारी हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि शेष भैया भी जल्द ही पूरा कर काम में तेजी लाएंगे। विभाग का प्रयास है कि कॉलोनी के निवासियों को जल्द से जल्द बेहतर सड़कों की सुविधा मिले और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।<br /><strong>- सौरभ जैन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 11:40:34 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>Rajasthan Road Project : दो वर्ष में 36 हजार किमी सड़कों का निर्माण, 24,976 करोड़ रुपये खर्च</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले दो वर्षों में राज्य में 24,976 करोड़ रुपए की लागत से 36,140 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का निर्माण एवं विकास कार्य पूरे किए जा चुके। राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2024-25 और 2025-26 के तहत लगभग 15,000 करोड़ रुपए की लागत से 12 हजार से अधिक सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से अधिकांश कार्य प्रारंभ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-road-project-construction-of-36-thousand-km-of-roads/article-130885"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(1)28.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में सड़क विकास कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में राज्य में 24,976 करोड़ रुपए की लागत से 36,140 किलोमीटर लंबाई की सड़कों का निर्माण एवं विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2024-25 और 2025-26 के तहत लगभग 15,000 करोड़ रुपए की लागत से 12 हजार से अधिक सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से अधिकांश कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं।</p>
<p>राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के बीच सुगम संपर्क स्थापित कर आर्थिक गतिविधियों को गति देना है। सड़क नेटवर्क के विस्तार से किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा औद्योगिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान रखते हुए सड़कों के निर्माण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि जनता को टिकाऊ और सुरक्षित सड़कें उपलब्ध करवाई जा सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 17:30:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>धावास रोड लोगों के लिए बना मुसीबत, आंदोलन की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[मॉनसून से पूर्व क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करने के प्रशासन के दावे हकीकत में दिख नहीं रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/preparation-for-trouble-movement-for-people/article-116520"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer28.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मॉनसून से पूर्व क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करने के प्रशासन के दावे हकीकत में दिख नहीं रहे है। इसमें पृथ्वीराज नगर क्षेत्र में धावास रोड का कार्य नहीं होने से स्थानीय लोगों ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए पृथ्वीराज नगर जन विकास समिति, मां जगदम्बा व्यापार मंडल व आस-पास की 50 विकास समितियों के संयुक्त तत्वावधान में 8 जून को जगदम्बा सर्किल पर सद्बुद्धि यज्ञ किया जाएगा। पृथ्वीराज नगर जन विकास समिति के अध्यक्ष अनिल माथुर ने बताया कि धावास रोड पिछले लंबे समय से क्षतिग्रस्त चल रहा है, इसको लेकर स्थानीय विधायक को भी ज्ञापन दिया था और उनको 15 दिन में समस्या दूर होने का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कार्य शुरू नही होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।</p>
<p> मॉनसून आने वाला है निम्बार्क मंदिर से धावास अंडरपास की 600 मीटर रोड पिछले छह महीने में भी नही बन पाई है। इसके अलावा जो टाइल लगाई गई है वह भी उखड़ रही है, इससे आस-पास की 50 कॉलोनियों के हजारों लोगों को 4 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है और जाम की स्थिति बनी रहती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Jun 2025 10:00:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टूटी पाइप लाइन, हजारों लीटर पानी बर्बाद, सड़क निर्माण कार्य नल उपभोक्ताओं पर भारी </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य चौराहे पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य जलदाय विभाग के साथ नल उपभोक्ताओं पर भी भारी पड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/broken-pipeline-thousands-of-liters-of-water-wasted-road-construction/article-115370"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/untitled-1.jpg" alt=""></a><br /><p>दूदू। मुख्य चौराहे पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य जलदाय विभाग के साथ नल उपभोक्ताओं पर भी भारी पड़ रहा है। सड़क दुरस्तीकरण का कार्य करने वाले ठेकेदार की लापरवाही के चलते चार-पांच दिन के बाद ही एक बार फिर पानी की पाइप लाइन टूटने से हजारों लीटर पेयजल व्यर्थ ही सड़कों पर बह गया। </p>
<p>बीती रात सड़क के पुनर्निर्माण के लिए मुख्य चौराहे व नगर पालिका के पास जेसीबी से पुरानी सड़क की खुदाई की जा रही थी। इस दौरान सड़क के नीचे से जा रही पानी की पाइप लाइन टूट गई और फव्वारा छूट गया। पाइप लाइन टूटने से हजारों लीटर बीसलपुर का पानी व्यर्थ बह गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 May 2025 13:21:18 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बूंदी वन मंडल में सड़क बनने का मामला जयपुर पहुंचा, सवालों से बचते रहे डीएफओ</title>
                                    <description><![CDATA[वन सुरक्षा प्रमुख बोले-वनभूमि पर लगातार सड़कें बनना अत्यंत गंभीर।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-matter-of-road-construction-in-bundi-forest-division-reached-jaipur/article-111757"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer21.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बूंदी वनमंडल की नैनवां रैंज के जजावर-बी वनखंड में पीडब्ल्यूडी द्वारा डामर सड़क बनाए जाने का मामला जयपुर अरण्य भवन पहुंच गया है। वन विभाग के आला अधिकारियों ने भारत सरकार के वन संरक्षण अधिनियम 1980 व वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 का लगातार उल्लंघन कर वनभूमि पर सड़क बनने को अत्यंत गंभीर माना। उन्होंने बूंदी डीएफओ से मामले को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। </p>
<p><strong>मार्च में सड़क बनी, अब तक कार्रवाई नहीं</strong><br />जजावर वनखंड-बी में गत मार्च के प्रथम सप्ताह में वन अधिकारियों की मौन स्वीकृति पर पीडब्ल्यूडी ने 100 मीटर लंबी और 3.80 मीटर चौड़ी डामर सड़क बना दी। बूंदी डीएफओ को घटना का पता करीब 26 मार्च को लग गया था। इसके बावजूद उनके द्वारा पीडब्ल्यूडी अधिकारियों व संवेदक के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।  जबकि, भारत सरकार के वर्ष 2021-22 के सर्कुलर के तहत डीएफओ को जिला न्यायालय में इस्तगासा पेश कर संबंधित कार्यकारी एजेंसी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश हैं। लेकिन उप वन संरक्षक द्वारा कार्यकारी एजेंसी को पत्र लिखे जाने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की गई। </p>
<p><strong>उड़ा रहे कानून का मखौल</strong><br />बूंदी वनमंडल में गत वर्ष से अब तक 14 माह में तीन अलग-अलग रेंजों में तीन बार सड़कें बन चुकी है। इसके बावजूद एक भी मामले में कार्रवाई नहीं की गई। हालात यह है, वन अफसर ही भारत सरकार के कानून वन संरक्षण अधिनियम 1980 का जमकर मखौल उड़ाने में कसर नहीं  छोड़ रहे। जबकि, इस कानून का उल्लंघन वन विभाग में जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है। </p>
<p><strong>सवालों से बचते रहे डीएफओ</strong><br />मामला उजागर होने के बाद नवज्योति ने बूंदी वनमंडल के डीएफओ देवेंद्र सिंह भाटी से सम्पर्क किया लेकिन उन्होंने कॉल अटैंड नहीं किया। इसके बाद मैसेज कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने इसका भी जवाब नहीं दिया।</p>
<p><strong>वन्यजीवों का हैबीटाट हो रहा नष्ट</strong><br />बूंदी वनमंडल के जंगलों में लगातार पक्की सड़कों के निर्माण से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है। कहीं सीसी तो कहीं डामर सड़कों के निर्माण से छोटे जीवों व सरीसृपों का घरौंदा झाड़-झाड़ियां व पेड़-पौधे नष्ट कर दिए गए। वहीं, जेसीबी व अन्य मशीनरी के शोर-शराबे से वन्यजीव अपना रहवास छोड़ पलायन को मजबूर हो गए। जबकि, उनके सुरक्षित जीवन की जिम्मेदारी वन अफसरों की है और वो ही स्वार्थ के चलते उनकी दुनिया उजाड़ने में लगे हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />बूंदी वनमंडल में लगातार एफसीए कानून का उल्लंघन कर वन भूमि पर सड़कें बनना अत्यंत गंभीर है। यह वन सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। मामले को लेकर डीएफओ से रिपोर्ट मांगी जा रही है। जिसके आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- केसी मीणा, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन सुरक्षा जयपुर</strong></p>
<p>आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया है। संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। <br /><strong>- अरुण प्रसाद, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, एफसीए जयपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Apr 2025 14:58:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>विधायक को कलेक्टर से करनी होगी सिफारिश, फिर सरकार मंजूर करेगी सड़कों के लिए 10 करोड़</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नॉन पेचेबल सड़कों के नवीनीकरण और मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/mla-will-have-to-recommend-with-the-collector-and-then/article-110800"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(1)44.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नॉन पेचेबल सड़कों के नवीनीकरण और मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। यह कदम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।</p>
<p>सड़कों के निर्माण, नवीनीकरण और मरम्मत के लिए चयन प्रक्रिया संबंधित जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की जाएगी। इस प्रक्रिया में आम जनता और जन प्रतिनिधियों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सड़कों का चयन किया जाएगा। इस योजना के तहत, सड़क नेटवर्क को सुगम बनाने के साथ ही परिवहन को भी अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जाएगा। राज्य सरकार का यह निर्णय आमजन के जीवन स्तर को सुधारने और क्षेत्रीय विकास को गति देने में मदद करेगा। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय से मिले फीडबैक के आधार पर काम जल्द शुरू किए जाने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 12:03:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रावतपुरा सड़क के जख्मों पर नहीं लगा मरहम</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों सहित स्थानीय नागरिकों व्यापारियों द्वारा इस सड़क का चौड़ाई करण नया बनाने की मांग की जा रही है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/no-salve-on-wounds-of-rawatpura-road/article-91627"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/4427rtrer-(12)1.png" alt=""></a><br /><p>चौमहला। चौमहला से साकरिया व्याहा रावतपुरा सड़क काफी क्षतिग्रस्त हो रही है। सड़क में बड़े बड़े गड्डे हो रहे है, जिस कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चौमहला से साकरिया करीब 6 किमी  सड़क मार्ग पूरा क्षतिग्रस्त हो रहा है। इस मार्ग पर जगह जगह गहरे गड्डे हो रहे है, जिससे चार पहिया वाहन तो क्या दो पहिया वाहन भी सही नहीं चल पाते है, इनके साथ साथ पैदल राहगीर भी परेशान हो रहे है। वाहन चालक यह 6 किमी की दूरी दस मिनिट की बजाय 30 से 40 मिनिट में पूरी कर रहे है, जिससे वाहन चालकों का काफी समय व ईधन बर्बाद हो रहा है। चौमहला सीतामऊ मार्ग पर चंबल नदी पर बनी पुलिया टूट जाने के बाद चौमहला से मंदसौर जाने वाले यात्री इसी मार्ग से सुवासरा होकर मंदसौर जाते है। इस मार्ग लगातार यातायात का दवाब बना रहता है, चौमहला से साकरिया जाने वाले ग्रामीण बाइक से रावतपुरा से कच्चे रास्ते पगडंडी मार्ग से गुजर रहे है वो लोग सड़क मार्ग से इस कच्चे मार्ग को अच्छा मानते है।  सड़क खराब होने से स्कूल के छात्र छात्राओं,दूध वाहन चालक भी यह परेशानी झेल रहे है। साथ ही आए दिन इस मार्ग पर दुर्घटनाएं होती रहती हैकाफी लंबे समय से यह मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद भी सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा इस सड़क की मरम्मत नहीं की ओर ना ही इस सड़क का नवीनीकरण नहीं किया गया। ग्रामीणों सहित स्थानीय नागरिकों व्यापारियों द्वारा इस सड़क का चौड़ाई करण नया बनाने की मांग की जा रही है।</p>
<p>साकरिया से चौमहला तक सड़क काफी खराब हो रही है जिस कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। <br /><strong>- भगवान सिंह ग्रामीण निवासी साकरिया </strong></p>
<p>ये सड़क मार्ग चौमहला को सुवासरा शामगढ़ मंदसौर को जोड़ता है सड़क पूरी तरह के क्षतिग्रस्त हो चुकी है। आए दिन दुर्घटना होती रहती है,इसका शीघ्र समाधान हो,साथ ही इस मार्ग पर छोटी काली सिंध नदी पर बनी रपट को ऊंचा किया जाए। <br /><strong>- लाल सिंह झाला, ग्रामीण निवासी रावतपुरा</strong></p>
<p>चौमहला से साकरिया तक चौड़ा नया रोड बनाया जाए , सड़क खराब होने से व्यापारियों नागरिकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।<br /><strong>- मोहम्मद बोहरा, हार्डवेयर व्यवसाई चौमहला</strong></p>
<p>चौमहला से साकरिया सड़क काफी खराब है, लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है, इस सड़क को टू लेन में नया बनाया जाए। <br /><strong>- अशोक मीणा, सीमेंट व्यवसाई चौमहला</strong></p>
<p>इस सड़क को मुख्य मंत्री द्वारा बजट में स्वीकृत किया गया है,स्वीकृति अपेक्षित है स्वीकृति मिलते है टेंडर प्रक्रिया शुरू कर नया रोड बनाया जाएगा।<br /><strong>- गजानंद मीणा, एक्सईएन, सार्वजनिक निर्माण विभाग चौमहला</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Sep 2024 17:58:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समस्या: पक्की बड़ी नाली को मिट्टी डालकर किया बंद</title>
                                    <description><![CDATA[पानी की निकासी नहीं होने से सहरिया बस्ती में जल भराव के बने हालात ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/problem--big-cemented-drain-has-been-blocked-by-putting-mud/article-86197"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/57.png" alt=""></a><br /><p>राजपुर। पीपलखेड़ी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले खिरिया गांव की महुआ सहरिया बस्ती में सड़क निर्माण पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के चलते जल भराव की स्थिति बनी हुई है। रास्ते भी पूरी तरह से कीचड़ गंदगी में सने हुए हैं। कई बार सहरिया बस्ती के लोगों ने संबंध सरपंच और सड़क निर्माण ठेकेदार से लेकर जिला कलक्टर तक को या कर दी है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत की पक्की बड़ी नाली पहले से बनी हुई थी। जिसको ठेकेदार के कर्मचारियों ने मिट्टी डालकर बंद कर दिया। जिससे बरसात के पानी और घरों से निकलने वाले पानी की निकासी नहीं होने से बस्ती में जल भराव होने से आम रास्ते कीचड़ गंदगी से सने पड़े हुए हैं। इन सहरिया बस्ती के रास्तों से निकलना बस्ती वासियों को मुश्किल बना हुआ है जब बस्ती के लोग इन रास्तों से निकलने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करते हैं तो सड़क निर्माण ठेकेदार के कर्मचारी गाली गलौज करते हुए मिट्टी नहीं डालने देते हैं। ऐसे में सहरिया बस्ती के लोगों में सड़क निर्माण ठेकेदार के प्रति रोष बना हुआ है। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर पक्की ग्राम पंचायत द्वारा नाली का निर्माण करवाया गया था उसको ठेकेदार द्वारा नहीं खोला गया तो मजबूरन बस्ती वासियों को सड़क निर्माण कार्य को रोकना पड़ेगा और उग्र आंदोलन करने पर उतारू होना पड़ेगा। वार्ड पंच प्रीति भार्गव, सुनीता सहरिया, मालती बाई सहरिया, विद्या बाई, सोरम सहरिया, धारा सिंह, कन्हैयालाल सहरिया ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार के कर्मचारियों ने कई स्थानों पर नाली को पूर्ण तरीके से मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। कई स्थानों पर पानी निकासी के स्रोतों को बंद कर दिया है और कई लोगों के मकान के सामने से सड़क में आ रहे अतिक्रमण को नहीं हटाया है। ऐसे में पानी निकासी नहीं हो रही है और सहरिया बस्ती में जल भराव होने से हालात बिगड़े हुए हैं। कीचड़ गंदगी बनी रहने से मच्छरों की तादाद में बढ़ोतरी हो रही है और घरों में सीलन जल भराव होने से बन रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में दूरभाष पर सहरिया परियोंजना अधिकारी जब्बर सिंह  को भी अवगत कराया। समस्या को लेकर सहरिया बस्ती के महिला पुरुष सड़क निर्माण करा रहे मुनीम के पास पहुंचे और समस्या से अवगत कराया तो उन्होंने भी अभद्रता की। सहरिया बस्ती के लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जल भराव की समस्या बनी हुई है। पक्की बंद नाली को नहीं खोला गया और सड़क निर्माण के दौरान कुछ लोगों के अतिक्रमण ठेकेदार ने नहीं हटाए हैं उनको हटाया जाए ताकि पानी निकासी ठीक तरीके से हो सके। अगर 8 दिन के अंदर अंदर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मजबूरन सहरिया बस्ती के लोगों को भूख हड़ताल करनी पड़ेगी।</p>
<p><strong>अतिक्रमण हटाने में ठेकेदार ने किया भेदभाव</strong><br />पीपलखेड़ी से केलवाड़ा तक बनाई जा रही सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार ने कई अपने लोगों के सड़क निर्माण में आ रहे घर मकान अतिक्रमण को नहीं हटाया है और ग्राम पंचायत द्वारा बनाई गई पक्की नाली को भी मिट्टी डालकर रोड में बंद कर दिया है ऐसे में जल भराव स्थिति सहरिया बस्ती में बनी हुई हैं इस संबंध में सहरिया बस्ती के लोगों ने जिम्मेदारों को कई बार अवगत करा दिया है लेकिन मामले को नजर अंदाज किया जा रहा है ठेकेदार के कर्मचारियों की दबंगई का खामियाजा बस्ती के लोगों को भुगतना पड़ रहा है इसके चलते लोगों में रोष व्याप्त है।</p>
<p><strong>नाली खुलवाने व अतिक्रमण हटवाने की मांग</strong><br />सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार के कर्मचारियों की लापरवाही या मनमानी के चलते पक्की बड़ी नाली को बंद कर दिया है ऐसी नाली से सहरिया बस्ती का सारा पानी नदी में जाकर गिरता था ऐसे में अब नाली बंद करने से पानी की निकासी नहीं हो रही है और बस्ती में जल भरा होने से भीषण समस्या पैदा हो चुकी है तथा कई लोगों ने नाली पर अतिक्रमण कर रखा है उसको भी ठेकेदार द्वारा नहीं हटवाया गया है। लोगों ने जिला कलक्टर एवं सहरिया परियोजना अधिकारी से न्याय की और ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई कर नाली खुलवाने और अतिक्रमण हटवाने की मांग की है।</p>
<p><strong>भूख हड़ताल करेंगे सहरिया बस्ती के लोग</strong><br />सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार द्वारा पक्की पुरानी बड़ी नाली को मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। अगर उसको नहीं खोला गया और अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो मजबूरन सहरिया बस्ती के लोग ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भूख हड़ताल पर उतारू होंगे। लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई बार जनप्रतिनिधि से लेकर आला अधिकारियों को अवगत करा दिया है। लेकिन मामले को कोई भी संज्ञान में लेता नहीं दिख रहा है।</p>
<p>खिरिया गांव की महुआ सहरिया बस्ती में जल भराव की स्थिति बनी हुई है पक्की नाली को ठेकेदार ने मिट्टी डालकर बंद कर दिया है बस्ती वासी परेशान है अगर नाली को नहीं खोला गया और अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो मजबूरन बस्ती वासियों को भूख हड़ताल करने पर उतारू होना पड़ेगा जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी।<br /><strong>- प्रीति भार्गव, वार्ड पंच, खिरिया </strong></p>
<p>सड़क निर्माण ठेकेदार की दबंगई के चलते बस्ती में जल भराव के हालात बन गए हैं पानी निकासी की बड़ी नाली थी उसको मिट्टी डालकर बंद कर दिया है सहरिया बस्ती के हालात बिगड़े हुए हैं जिम्मेदार मामले को लेकर गंभीर नहीं है।<br /><strong>-सुनीता बाई सहरिया, ग्रामीण </strong></p>
<p>बस्ती में जल भराव के हालात नाली बंद होने से बने हैं। पानी निकासी नहीं हो रही है। बरसात के मौसम में घर मकान में सीलन पैदा हो रही है। जहरीले जीव जंतुओं की समस्या बनी हुई है। ठेकेदार को बन्द की हुई नाली को खोलना चाहिए। ताकि लोगों को राहत मिल सके अन्यथा मजबूरन भूख हड़ताल पर उतारू होना पड़ेगा।<br /><strong>- धारा सहरिया, ग्रामीण </strong></p>
<p>सड़क निर्माण कार्य में कार्यकारी एजेंसी द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। साइड में काली माल की मिट्टी डाली जा रही है। कई लोगों के सड़क निर्माण में आ रहे अतिक्रमण नहीं हटाए गए हैं। खिरिया गांव में जाने वाले तिराहे पर चौड़ाई कम है। नालियां बंद कर दी गई हैं। विभाग की अधिकारियों को मामले को लेकर जांच करना चाहिए और समस्या ग्रस्त बस्ती के लोगों की समस्या का समाधान होना चाहिए।      <br /><strong> - मालती सहरिया, ग्रामीण </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />सड़क ठेकेदार ने ग्राम पंचायत की पक्की नाली को बंद किया है। जल भराव की स्थिति बनी हुई है तो मौके पर जेईएन को भेज कर मामले को दिखाया जाएगा। सड़क निर्माण में अगर अतिक्रमण आ रहा है तो हटाया जाएगा।<br /><strong>- एचपी मीणा, सार्वजनिक निर्माण विभाग, एक्सईएन </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jul 2024 17:19:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - बांसी-रामगंज मार्ग पर क्रॉसिंग नाली का लिया जायजा </title>
                                    <description><![CDATA[आमजन की इस समस्या को नवज्योति टीम ने उठाया था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---crossing-drain-on-bansi-ramganj-road-was-inspected/article-85180"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(4)12.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। भण्डेड़ा में गुरुवार को क्षेत्र के बांसी कस्बे में रामगंज मार्ग पर सड़क के एक तरफ की नाली का पानी दूसरी तरफ नाली में जाने वाले पानी की जगह पर मुख्य सड़क पर क्रॉसिंग की जगह पर जो नाली रखी हुई है। उसकी चौड़ाई कम होने से हो रही मोहल्ले सहित राहगीरों की समस्या का सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जाएजा लिया। मौके पर देखकर जल्द इस समस्या का उचित समाधान के लिए लोगों को आश्वासन भी दिया गया है। जानकारी अनुसार बांसी में आधी आबादी का बरसाती व मकानों की छतो का व्यर्थ का बहकर आनेवाले पानी की आवक अधिक एवं अंतिम छोर मे नाली क्रॉसिंग होकर दूसरी नाली में भेजने वाले जगह पर विभाग द्वारा सड़क निर्माण के दौरान कम क्षमता का पाइप वह भी अधिक ऊंचाई में रखा होने से इस मोहल्ले में मुख्य सड़क पर पानी फैल जाने से यहाँ से गुजरते हुए राहगीरों को कीचड़ की समस्या बरसाती समय एक से डेढ़ किमी पानी सड़क पर जमा रहने से मकानों व दूकानों के सामने भारी मात्रा में कीचड़ एकत्रित होने की समस्या से कस्बे के सभी वर्ग सहित आमजन को परेशान होना पड़ता था। </p>
<p>आमजन की इस समस्या को नवज्योति टीम ने उठाया था। जिस पर विभाग के जेईएन रेवतीरमन शर्मा, जेईएन शिव कुमार मीणा मौके पर पहुंचे। उनको मौके पर ग्रामीणों का आक्रोश देखना पड़ा है। जिस पर अधिकारी ने विभागीय उच्चाधिकारियों को मोके पर रखा छोटा पाइप व सड़क से ऊंचाई अधिक की समस्या से दूरभाष पर अवगत करवाया गया था। जिस पर उच्चाधिकारी द्वारा अधिकारी को निर्देश दिए गए है। जेईएन ने जल्द उच्च नाला निर्माण करवाया जाने का ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है। मोके पर ग्रामीणों ने मार्ग पर होने वाली समस्या व मकानों के सामने बरसाती पानी के साथ बहकर आनेवाली मिट्टी मकानों के सामने जमा होने की गंभीर समस्या बताई है। नाली में ज्यादा पानी नहीं समाने की वजह से बारिश खत्म होने के बाद भी आधे घंटे तक आसपास के मकानों के सामने बरसाती पानी भरा रहता है। पैदल राहगीरों को इस डगर से गुजरने के लिए पानी खत्म होने का इंतजार करना पड़ता है। इस दरमियान तेज गति के वाहनों से गंदे छींटे मकानों के बाहर बैठे बाशिंदों के ऊपर आते है। कांग्रेस के युवा नेता अवधेश कुमार जैन ने मौके पर आए सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। साथ ही जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो इस मोहल्ले के ग्रामीणों के साथ सड़क पर उतरकर जाम लगाने की चेतावनी दी है। इस रुट पर ग्रामीण अंचलों सहित स्कूली बच्चों की आवाजाही होती है। मध्यम दर्जे की बारिश में ही आमजन को परेशानी झेलनी पड़ जाती है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या का त्वरित समाधान की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jul 2024 18:06:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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                <title>JDA की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवायी, मूर्त रूप लेने लगी न्यू सांगानेर रोड</title>
                                    <description><![CDATA[ शहर की अब तक की हुई इस सबसे बड़ी कार्रवायी की जिम्मेदारी जेडीए आयुक्त मंजू राजपाल ने मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन महेन्द्र कुमार शर्मा को दी थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jdas-biggest-action-till-date-has-started-taking-shape-on/article-84535"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/jda.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में जगह जगह यातायात जाम की समस्याओं से आमजन को राहत प्रदान करने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की शुरू हुई मुहिम अब मूर्त रूप लेने लगी है। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में जयपुर विकास प्राधिकरण ने मानसरोवर में हीरा पथ बी-टू-बाईपास न्यू सांगानेर रोड से वन्देमातरम् मार्ग तक प्रस्तावित 100 फीट सेक्टर रोड और मानसरोवर मेट्रो स्टेशन ने सांगानेर पुलिया तक न्यू सांगानेर रोड तक दो सौ फीट रोड के दायरे में आने वाले करीब एक हजार अवैध निर्माण एवं अतिक्रमणों पर दो अलग अलग अभियानों में कार्रवाई जून माह में की थी। </p>
<p>जेडीए के प्रवर्तन दस्ते की कार्रवाई के बाद अभियांत्रिकी शाखा की ओर से दोनों रोड पर अवैध निर्माण और अतिक्रमणों पर की गई तोड़-फोड़ के बाद मलबा हटाने के साथ ही रोड बनाने का काम भी शुरू कर दिया है। जेडीए ने हीरा पथ बी-टू-बाईपास न्यू सांगानेर रोड से वन्देमातरम् मार्ग तक प्रस्तावित 100 फीट सेक्टर रोड से लगभग मलबा हटा लिया है। इसी प्रकार मानसरोवर मेट्रो स्टेशन ने सांगानेर पुलिया तक न्यू सांगानेर रोड तक दो सौ फीट रोड के दायरे में ध्वस्त किए गए अवैध  निर्माणों के मलबे हो हटाने के लिए अलग अलग अधिकारियों की टीमें लगाकर कार्रवाई की जा रही है। इसमें मानसरोवर मेट्रो स्टेशन से रजत पथ के साथ ही बीच-बीच में से मलबा उठा लिया है और मेट्रो स्टेशन मानसरोवर की ओर से रोड डालने के लिए मिट्टी डालकर लेबलिंग कर ग्रेवल डालने का काम शुरू कर दिया गया है। </p>
<p><strong>दो सप्ताह में हट जाएगा मलबा</strong><br />डायरेक्टर इंजीनियरिंग देवेन्द्र गुप्ता ने बताया कि न्यू सांगानेर रोड पर मलबा हटाने का काम तेज गति से किया जा रहा है। करीब एक हजार अवैध निर्माणों को मलबा होने से अभी करीब दो सप्ताह का समय और लग सकता है। जहां से मलबा हटा दिया है वहां दो सौ फीट रोड मूर्त रूप लेने लग गई है और पूरा निर्माण होने पर आमजन को यातायात जाम से बड़ी राहत मिलेगी। रोड को बनाने के लिए लगभग नौ करोड़ रुपए जेडीए ने स्वीकृत भी कर दिए है और जल्द ही इसके टेंडर कर डामरीकरण का कार्य किया जाएगा। </p>
<p><strong>शहर की सबसे बड़ी थी कार्रवाई</strong><br />आमतौर पर नगर निगम या फिर जेडीए की कार्रवाई बिना किसी विवाद के पूरी हो ऐसा कम ही देखने को मिलता है। मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र से इस अभियान की शुरुआत प्रवर्तन शाखा के मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन एवं जोन उपायुक्तों के द्वारा चलाए गए समझाइश अभियान का के चलते हीरा पथ बी टू बाईपास न्यू सांगानेर रोड से वन्देमातरम् मार्ग तक करीब दो किलोमीटर लंबी सौ फीट प्रस्तावित सड़क के करीब ढाई सौ एवं मानसरोवर मेट्रो स्टेशन ने सांगानेर पुलिया तक न्यू सांगानेर रोड तक करीब साढ़े छह किलोमीटर लंबी प्रस्तावित दो सौ फीट रोड के दायरे में आने वाले करीब सात सौ अवैध निर्माणों को तोड़ा था। शहर की अब तक की हुई इस सबसे बड़ी कार्रवाई की जिम्मेदारी जेडीए आयुक्त मंजू राजपाल ने मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन महेन्द्र कुमार शर्मा को दी थी। शर्मा ने बताया कि एक साथ एक हजार अवैध निर्माणों को बिना किसी विवाद के तोड़ फोड़ की यह पहली कार्रवाई है। इस कार्रवाई के लिए प्रभावित लोगों से समझाइश की और उसके सकारात्मक परिणाम सामने आए थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jul 2024 10:03:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वन विभाग ने खड़े रहकर बनवाई टाइगर रिजर्व के बफर में सड़क</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति में खबर छपने के बाद खुली वन विभाग की आंखें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-forest-department-stood-by-and-built-the-road-in-the-buffer-of-the-tiger-reserve/article-77082"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/van-vibhag-ne-khde-rhkr-bnwayi-tiger-reserve-k-buffer-me-sadak...kota-news-07-05-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 2 किमी लंबी सीसी सड़क बनाए जाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। दैनिक नवज्योति के पास ऐसे साक्ष्य मौजूद हैं, जो यह साबित करते हैं, डाबी रैंज के जाखमूंड वनखंड में सीसी सड़क वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मौन स्वीकृति से बनी है। इतना ही नहीं, सड़क भी खुद खड़े रहकर बनवाई है।  यह सड़क रातोंरात नहीं बल्कि दो महीने में बनकर तैयार हुई है।  वहीं, निर्माण एजेंसी बूंदी पीडब्ल्यूडी पर वन अधिकारी इतने मेहरबान थे कि 14 मार्च को सड़क बनने का पता लग चुका था। इसके बावजूद उन्होंने रोकने की कोशिश नहीं की बल्कि उस पर पर्दा डाले रखा। जब नवज्योति ने 19 अप्रेल को मिलीभगत का खेल उजागर किया तो अपनी लापरवाही छिपाने के लिए वन अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार को बली का बकरा बनाया और 17 अप्रेल को उसपर मुकदमा दर्ज कर लिया। जबकि, हकिकत यह है कि सीसी सड़क अप्रेल के पहले सप्ताह में ही बनकर तैयार हो चुकी थी। वन अधिकारियों व पीडब्ल्यूडी की मिलीभगत का पर्दाफाश होने के बाद वन विभाग ने सड़क बनने के एक महीने बाद ठेकेदार के खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम 1980 के उल्लंघन का मामला बैक डेट में दर्ज किया। </p>
<p><strong>मार्च में खुदाई और अप्रेल में बना डाली सड़क</strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मार्च के पहले सप्ताह में जाखमूंड वन भूमि पर अनाधिकृत रूप से सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया था। निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी ने एफसीए 1980 की कार्यवाही किए बिना ही ठेकेदार को वर्कआॅर्डर जारी कर दिया और ठेकेदार ने भी सड़क बनाने के लिए जेसीबी से खुदाई कार्य शुरू कर दिया था। वहीं, वन भूमि पर खनन कर उगी झाड़ियों व पेड़-पौधे नष्ट कर वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास उजाड़ दिया। इसके बाद सीसी सड़क बनना शुरू हो गई, जो अप्रेल के प्रथम सप्ताह में बनकर तैयार हो गई। इसके बावजूद रैंज के संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों ने न तो सड़क का काम रुकवाया और न ही निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई की।  हालांकि, नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज किया। तब तक तो सड़क पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुकी थी। </p>
<p><strong>2 अप्रेल तक बन गई थी आधी सड़क</strong><br />बूंदी वन मंडल के डाबी रेंज की जाखमूंड वनखण्ड का अधिकांश वनक्षेत्र रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व का बफर है। यहां 2 अप्रेल तक आधी से ज्यादा सीसी सड़क बन चुकी थी और 10 अप्रेल से पहले सड़क पूरी तरह से बनकर तैयार हो गई थी। दिनदहाड़े ठेकेदार के श्रमिक सड़क बना रहे थे और रैंज अधिकारी रातोंरात सड़क बनने का दावा कर रहे हैं, जो इन तस्वीरों में झूठे साबित हुए। वन अधिकारियों व कर्मचारियों ने खुद वन संरक्षण अधिनियम 1980 का उल्लंघन करवाकर सड़क बनवाई। अब पोल खुली तो सारा दोष निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी व ठेकेदार पर मडा जा रहा है। मजेदार बात यह है, मामला उजागर होने के 17 दिन बाद भी वन विभाग और पीडब्ल्यूडी दोनों ही विभागों ने अपने दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। </p>
<p><strong>बूंदी डीएफओ वीरेंद्र सिंह कृष्णिया से सवाल-जवाब</strong><br /><strong>सवाल : </strong>14 मार्च को आपने ज्वाइन किया तो रैंजर ने वनभूमि पर सड़क बनाए जाने की जानकारी दी?<br /><strong>जवाब : </strong>नहीं, इस बारे में मुझे किसी तरह की कोई जानकारी नहीं थी।<br /><strong>सवाल : </strong>जबकि, इस तारीख को आपके अधिकारी व कर्मचारी को मामले  का पता लग चुका था?<br /><strong>जवाब : </strong>पता नहीं, मैंने मामला उजागर होने के बाद इनसे वर्कआॅर्डर लिया है, जिसमें ठेकेदार को अगस्त तक रोड बनाकर देना था।<br /><strong>सवाल : </strong>अब तक की जांच में क्या निष्कर्ष निकला ?<br /><strong>जवाब : </strong>उच्चाधिकारी जांच कर रहे हैं, मैं भी मेरे स्तर पर जांच कर रहा हूं। इसमें पीडब्ल्यूडी का बड़ा रोल है। उन्होंने फोरेस्ट लैंड में टैंडर कैसे कर दिए। किसकी स्वीकृति से वर्कआॅर्डर जारी किए। पीडब्ल्यूडी अभी आॅथेंटिक कागज नहीं दे रही। रिकॉर्ड मांग रहे हैं। <br /><strong>सवाल: </strong>रिकॉर्ड के लिए पीडब्ल्यूडी के किस-किस अधिकारी को पत्र लिखे<br /><strong>जवाब :</strong> सभी को लिख दिए हैं। एडिशनल चीफ इंजीनियर से लेकर चीफ इंजीनियर जयपुर तक को लिखे हैं। <br /><strong>सवाल :</strong> आपने मौके का निरीक्षण कर लिया, सड़क बनाने में कितनी वन भूमि गई?<br /><strong>जवाब :</strong> सब कर लिया है, अभी जानकारी कर रहा हूं। यह जांच का विषय है।<br /><strong>सवाल :</strong> भारत सरकार का वर्ष 2021-22 का सर्कुलर है, जिसके तहत डीएफओ को जिला न्यायालय में इस्तगासा पेश कर संबंधित कार्यकारी एजेंसी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश हैं। आपने क्या यह कार्रवाई की?<br /><strong>जवाब :</strong> मैं सबकुछ करुंगा, अभी जो पत्र लिख हैं, उसके जवाब नहीं आए तो इस एक्ट के तहत भी कार्रवाई करेंगे। <br /><strong>सवाल : </strong>आपने संबंधित वन अधिनस्त कर्मचारी व अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की?<br /><strong>जवाब :</strong> अभी तो यह पता कर रहे हैं कि सड़क कब बनी। मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। जांच चल रही है। <br />डाबी रैंजर हेमराज से सवाल-जवाब <br /><strong>सवाल : </strong>आपको कब पता चला की जाखमूंड वनभूमि पर सीसी सड़क बन गई?<br /><strong>जवाब : </strong>करीब 2 अप्रेल को पता लगा था। वहां ज्यादा कुछ था नहीं।<br /><strong>सवाल : </strong>मतलब, 2 अप्रेल को पता लग गया था कि यहां सड़क बन रही है?<br /><strong>जवाब : </strong>नहीं-नहीं, इस दिन तो यह पता लगा था कि यहां इस तरह की एक्टिवीटि होने वाली है। ठेकेदार के लोग गिट्टी डालने वाले थे।<br /><strong>सवाल : </strong>फिर सड़क बनने से रोका क्यों नहीं?<br />जवाब : प्रयास किया, समय-समय पर ठेकेदार व निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी को नोटिस भी दिए।  तालेड़ा के एईएन को नोटिस दिया था। <br /><strong>सवाल :</strong> उस समय सड़क बन गई थी क्या?<br /><strong>जवाब : </strong>नहीं, क्रेशर लगा रहे थे,गिट्टी डाल रहे थे। सूचना पर मौके पर पहुंचे तो वे लोग भाग गए। हमने सामान जब्त कर लिया था। <br /><strong>सवाल : </strong>क्या आपने पीडब्ल्यूडी से पूछा किसकी स्वीकृति से रोड बना रहे हैं?<br /><strong>जवाब :</strong> हमने नोटिस देकर पूछा था, कि फोरेस्ट लैंड पर किसकी स्वीकृति से रोड बना रहे हो। लेकिन, उन्होंने जवाब नहीं दिया। <br /><strong>सवाल : </strong>फिर आपको कब पता लगा कि पीडब्ल्यूडी ने पूरी सड़क बना दी।<br /><strong>जवाब :</strong> यह तो रात-बे-रात बनाते हैं, कभी कुछ हिस्सा बनाते, फिर कुछ हिस्सा बनाते। <br /><strong>सवाल : </strong>आपने इसकी सूचना डीएफओ को दी?<br /><strong>जवाब : </strong>हां दी, जब पीडब्ल्यूडी को लेटर दिया तो उसकी कॉपी देते हैं। डीएफओ साहब ने भी दो-तीन लेटर लिखे हैं। <br /><strong>सवाल :</strong> मतलब 17 अप्रेल को आपको सड़क बनने का पता लगा?<br /><strong>जवाब : </strong>नहीं, खबर छपने के बाद हमने कार्रवाई कर ठेकेदार के सामान जब्त किए। अब कोर्ट में चालान पेश करेंगे। जुर्माना नहीं करेंगे। <br /><strong>सवाल : </strong>14 मार्च का आपको सड़क बनने का पता लग गया था, फिर 17 अप्रेल को पूरी सड़क बनने के बाद ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज क्यों किया<br /><strong>जवाब : </strong>इस तारीख को मौके पर गया था, वहां रोड नहीं बन रही थी। साफ सफाई कर रहे थे, वो देखने गया था। मेरे कर्मचारियों ने ठेकेदार व पीडब्ल्यूडी के तालेड़ा अधिकारी को समय-समय पर नोटिस दिए थे। <br /><strong>सवाल : </strong>एफआईआर में ठेकेदार पर अवैध खनन में मामला दर्ज किया है,आप कह रहे कि एफसीए-1980 का किया?<br /><strong>जवाब :</strong> दोनों में ही मामला दर्ज किया है। दो एफआईआर काटी है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सीसी सड़क बनाए जाने के मामले में कार्रवाई टेरिटोरियल डिविजन कर रहा है। रही बात, वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के उल्लंघन का तो रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई करेंगे। अभी तक मेरे पास इस संबंध में रिपोर्ट नहीं आई है।<br /><strong>- पीके उपाध्याय, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन, वन विभाग जयपुर </strong></p>
<p>देखिए, मैं इसे डील नहीं करती हूं। प्राथमिक तौर पर यह वन सुरक्षा का मामला है। एफसीए का केस बनता है लेकिन मेरे पास इस तरह का कोई एफसीए का केस विचाराधीन नहीं था। यदि, कोई उल्लंघन होता है तो नोडल आॅफिसर तब कार्रवाई करेगा जब कोई उसके संज्ञान में लाएगा। इस संबंध में वन सुरक्षा के अधिकारियों से बात कर सकते हैं। <br /><strong>- शिखा मेहरा, एपीसीसीएफ (एफसीए), वन विभाग जयपुर</strong></p>
<p>रिपोर्ट मांग रहे हैं, लेकिन अब तक भेजी नहीं है। अभी मेरे पास रिपोर्ट नहीं आई है। डाक आई थी लेकिन मैं बाहर था, अभी देख नहीं पाया। <br /><strong>- कैलाशचंद मीना, एपीसीसीएफ वन सुरक्षा, वन विभाग जयपुर </strong></p>
<p>जिन लोगों पर वन सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उनकी सहमति से ही वन भूमि पर यह सीसी सड़क बनी है। वन विभाग को इस पर कार्रवाई करते हुए रैंजर, फोरेस्टर और बीट गार्ड को तुरंत सस्पेंड करना चाहिए।<br /><strong>- तपेश्वर सिंह भाटी, अध्यक्ष, मुकुंदरा एवं पर्यावरण समिति</strong></p>
<p>बूंदी डीएफओ को जांच के आदेश दिए हैं कि सीसी सड़क कब से कब तक बनी है। कितनी वन भूमि पर बनी है, किसके आदेश पर बनी है और विभाग द्वारा रोकने के बावजूद रोड बनी, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इस पर जांच की जा रही है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>- रामकरण खैरवा, मुख्य वनसंरक्षक, फिल्ड डायरेक्टर कोटा संभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 May 2024 15:52:51 +0530</pubDate>
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