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                <title>opposition protest - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>opposition protest RSS Feed</description>
                
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                <title>‘महिला आरक्षण’ को लेकर संसद में टकराव संभव : विशेष सत्र में सरकार-विपक्ष होंगे आमने-सामने, महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना गलत </title>
                                    <description><![CDATA[संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और सीटों की संख्या बढ़ाकर 815 करने वाले विधेयकों पर घमासान तय है। मोदी सरकार जहाँ इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष और दक्षिण भारतीय राज्य परिसीमन के प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। किरेन रिजिजू ने आश्वस्त किया है कि यह बदलाव संतुलित और आनुपातिक विकास सुनिश्चित करेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/clash-possible-in-parliament-over-womens-reservation-government-opposition-will-face/article-150602"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)11.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसद के 16 से 18 अप्रैल तक बुलाए गए विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लेकर जोरदार सियासी टकराव देखने को मिल सकता है। मोदी सरकार जहां ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत 33% महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने इसके कई प्रावधानों पर कड़ा विरोध जताया है। विपक्ष का कहना है कि वे महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना गलत है।</p>
<p>विशेष सत्र में मोदी सरकार तीन विवादास्पद विधायी प्रस्तावों को पारित कराने की कोशिश कर रही है, जिनके लिए संविधान संशोधन आवश्यक है, इन विधेयकों का उद्देश्य लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 815 करना, महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और इस विस्तार के दायरे में केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करना है। ये तीन विधेयक हैं, संविधान (131वां संशोधनद्ध विधेयक)परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक जिसे विपक्ष के रजामंदी के बिना संसद में पास करना मुमकिन नहीं है। कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधेयक का उद्देश्य स्पष्ट नहीं है और इससे संसदीय लोकतंत्र को नुकसान हो सकता है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत ठीक नहीं है। </p>
<p><strong>परिसीमन के मुद्दे पर कई गैर-बीजेपी मुख्यमंत्री खिलाफ</strong></p>
<p>वहीं, दक्षिण भारत के कई गैर-बीजेपी मुख्यमंत्रियों ने परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेतावनी दी कि यदि राज्य के हितों को नुकसान पहुंचा या उत्तरी राज्यों का राजनीतिक प्रभाव बढ़ाया गया, तो तमिलनाडु में व्यापक आंदोलन होगा। </p>
<p><strong>किसी राज्य के साथ नहीं होगा अन्याय: रिजिजू </strong></p>
<p>केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा सीटों के परिसीमन से दक्षिण के राज्यों को नुकसान होने की आशंका सिरे से खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर अधिकतम 850 किए जाने से दक्षिणी राज्यों को लाभ होगा, क्योंकि निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या में आनुपातिक वृद्धि की जाएगी। संविधान संशोधन विधेयक पूरी तरह से संतुलित, सुविचारित है और प्रत्येक समुदाय, क्षेत्र और राज्य की आकांक्षाओं का ध्यान रखेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 11:13:36 +0530</pubDate>
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                <title>नारी शक्ति वंदन बिल पर सरकार की मंशा संदिग्ध, विपक्ष को मसौदा तक नहीं मिला : सतीश पौल मुंजनी</title>
                                    <description><![CDATA[झारखंड कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने नारी शक्ति वंदन बिल की गोपनीयता पर केंद्र को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 16 अप्रैल से सत्र शुरू होने के बावजूद विपक्ष को विधेयक का मसौदा नहीं दिया गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए सरकार से राजनीतिक लाभ के बजाय स्वस्थ बहस की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/governments-intention-on-nari-shakti-vandan-bill-doubtful-opposition-did/article-150393"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/satish-paul.png" alt=""></a><br /><p>रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने नारी शक्ति वंदन बिल (महिला आरक्षण बिल) को लेकर केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मुंजनी ने कहा कि 16 अप्रैल से शुरू हो रहे तीन दिवसीय विशेष सत्र में जिस महत्वपूर्ण बिल को पारित कराने की बात की जा रही है, उसका मसौदा आज 14 अप्रैल तक भी विपक्षी दलों को उपलब्ध नहीं कराया गया है। मुंजनी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। इतना महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला विधेयक बिना पूर्व सूचना और बिना मसौदा साझा किए लाया जाना यह दर्शाता है कि सरकार स्वस्थ बहस और सार्थक विचार-विमर्श से बचना चाहती है। </p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल दिखावटी तरीके से महिला सशक्तिकरण का संदेश देना चाहती है, जबकि वास्तविकता में वह विपक्ष को बिना तैयारी के सदन में लाकर बहस को सीमित करना चाहती है। मुंजनी ने कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सभी दलों के बीच व्यापक चर्चा, सुझाव और सहमति आवश्यक है। लेकिन केंद्र सरकार की जल्दबाजी और गोपनीयता यह संकेत देती है कि उसकी प्राथमिकता पारदर्शिता नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ उठाना है।</p>
<p>सरकार की मंशा महिलाओं की हित में है तो तुरंत इस बिल का विस्तृत मसौदा सभी विपक्षी दलों को उपलब्ध कराए, ताकि सदन में सार्थक और ठोस बहस हो सके और देश की महिलाओं के हित में एक मजबूत और प्रभावी कानून बनाया जा सके। मुंजनी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी भी महत्वपूर्ण कानून को बिना चर्चा और तैयारी के पारित करना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 17:25:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>''विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक'' का विरोध : विपक्ष का संसद में प्रदर्शन, गैर सरकार संगठन-संस्थाओं को लाभ पहुंचाने का आरोप; सरकार से वापस लेने की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में पेश होने वाले विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध जताया। सांसदों का आरोप है कि यह कानून एनजीओ और सामाजिक संस्थाओं को निशाना बनाने की मंशा से लाया गया है। विपक्ष ने सरकार से इस विवादित विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/oppositions-demonstration-in-parliament-against-the-foreign-contribution-regulation-amendment/article-148685"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस तथा अन्य कई विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन परिसर में बुधवार को लोकसभा में पेश होने वाले 'विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक 2026' के विरोध में प्रदर्शन किया और सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। विपक्षी दलों के सांसदों ने हाथों में बैनर लेकर नारेबाजी की और कहा कि यह विधेयक गैर सरकार संगठन (एनजीओ) तथा संस्थाओं को लक्ष्य करने की मंशा से लाया जा रहा है इसलिए सरकार को इसे तत्काल वापस लेना चाहिए।</p>
<p>गौरतलब है कि, लोकसभा में आज विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा हो सकती है। यह विधेयक विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम 2010 में संशोधन करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 14:03:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>संसद में बजट संग्राम: राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष ने लगाया बजट में जरूरतमंदों का ध्यान न रखने का आरोप, सत्तापक्ष ने कहा-आम लोगों की चिंता कर रही सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा में वित्त विधेयक 2026 पर तीखी बहस हुई। विपक्ष ने कॉरपोरेट टैक्स में कमी और आम जनता पर बढ़ते बोझ का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा। वहीं, भाजपा ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कटौती को जनहितैषी बताया। तृणमूल और द्रमुक ने आर्थिक असमानता और चुनावी राजनीति पर सवाल उठाते हुए सब्सिडी में कटौती की आलोचना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/during-the-discussion-in-rajya-sabha-the-opposition-accused-the/article-148130"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/delhi-parliament.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में शुक्रवार को वित्त विधेयक, 2026 ओर विनियोग (संख्या-2) विधेयक, 2026 पर एक साथ चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार पर बजट में जरूरतमंदों की अनदेखी करने का आरोप लगाया जबकि सत्तापक्ष ने कहा कि सरकार आम लोगों की चिंता कर रही है। गुजरात से कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि वित्त विधेयक में सरकार ने जरूरतमंदों, किसानों और महिलाओं का ध्यान नहीं रखा है। वित्त वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के हवाले से उन्होंने कहा कि जहां आयकर के प्राप्त राजस्व 26 प्रतिशत बढ़ा था वहीं सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात में कॉरपोरेशन कर में कमी आयी है। इसका मतलब है कि कर का बोझ आम लोगों पर डाला जा रहा है और उद्योगों को राहत दी जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वित्त विधेयक में साल 2047 तक गुजरात के गांधीनगर स्थित गिफ्टी सिटी को कर में छूट दी गयी है, जहां बड़े-बड़े लोग रहते हैं, लेकिन आम लोगों की, किसानों और महिलाओं को कोई राहत नहीं दी गयी है। कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए श्री गोहिल ने आरोप लगाया कि सरकार उपकर और अधिभार लगाकर घोषित उद्देश्य से इतर उसका इस्तेमाल कर रही है। भाजपा के संजय सेठ ने कहा कि भारत इस समय सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है। आज पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिये गये हैं जबकि भारत में उत्पाद शुल्क कम करके इनके दाम नहीं बढ़ने दिये गये हैं। यह दिखाता है कि सरकार आम लोगों की चिंता कर रही है। उन्होंने कहा कि आयकर देने वालों की संख्या बढ़ रही है जो सरकार में लोगों के विश्वास को दिखाता है। सरकार ने "कर आतंकवाद" को समाप्त कर व्यवसायियों को कर मुक्त किया है।</p>
<p>तृणमूल कांग्रेस के साकेत गोखले ने आरोप लगाया कि उत्पाद शुल्क में कटौती इसलिए की गयी है कि क्योंकि चार राज्यों में चुनाव हैं। यदि सरकार आम लोगों के बारे में सोचती तो पिछले चार साल से रूस से कम कीमत पर कच्चा तेल की खरीद का लाभ उन्हें देती जो नहीं किया गया। उन्होंने वित्त मंत्री से इस बात का आश्वासन मांगा कि चुनाव समाप्त होने के बाद भी पेट्रोल-डीजल की कीमत नहीं बढ़ायी जायेगी। उन्होंने संसद का सत्र होने के बावजूद प्रधानमंत्री के बयान जारी करने के बाद संसद में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा न करने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को इतनी ही चिंता होती तो रसोई गैस सिलेंडर के दाम 60 रुपये नहीं बढ़ाये जाते।</p>
<p>तमिलनाडु से द्रमुक के पी. विल्सन ने कहा कि बजट में आर्थिक असमानता कम करने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है। एक तरफ धनाढ्य लोगों की संपत्ति बढ़ रही है और दूसरी तरफ भुखमरी की रैंकिंग में भारत लगातार नीचे गिर रहा है। खाद्य सब्सिडी, ईंधन पर सब्सिडी और उर्वरक सब्सिडी कम की जा रही है। उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण पर खर्च कम करके और आम लोगों पर बोझ डालकर राजकोषीय घाटा कम करना गलत है। उन्होंंने कहा कि देश की आम गृहणी राजकोषीय घाटे का आंकड़ा नहीं देखती, वह चावल की कीमत  खती है।</p>
<p>उन्होंने केंद्र पर संसाधनों के आवंटन में तमिलनाडु के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि कई फंड सिर्फ कागज पर हैं, लेकिन राज्य सरकार को कोई पैसा नहीं मिला है। पिछले पांच साल में राज्य को कुछ भी नहीं दिया गया है जिसका जवाब विधानसभा चुनाव में जनता देगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 17:16:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक पर तृणमूल का राज्यसभा से बहिर्गमन: डेरेक ओ' ब्रायन का केंद्र सरकार पर कटाक्ष, बोले-सरकार पश्चिम बंगाल में कुछ ज्यादा ही व्यस्त</title>
                                    <description><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक 2026 की प्रतियां समय पर न मिलने के विरोध में सोमवार को राज्यसभा से बहिर्गमन किया। डेरेक ओ'ब्रायन ने सरकार पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि सदस्यों को 48 घंटे पहले दस्तावेज मिलने चाहिए थे। टीएमसी नेताओं ने तंज कसा कि सरकार पश्चिम बंगाल में अत्यधिक व्यस्त है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trinamools-walkout-from-rajya-sabha-on-central-armed-police-forces/article-147514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/tmc-mp-derek-obrien.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधायक 2026 की प्रति सदस्यों को समय से उपलब्ध नहीं कराए जाने के विरोध में सोमवार को सदन से बहिर्गमन किया। तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ' ब्रायन ने जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद शून्यकाल शुरू होने से पहले यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि सदन की आज की कार्य सूची में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधयेक 2026 सूचीबद्ध है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार सदन में पेश किए जाने वाले किसी भी विधायक की प्रति सदस्यों को कम से कम 48 घंटे पहले उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार पश्चिम बंगाल में कुछ ज्यादा ही व्यस्त है।</p>
<p>ब्रायन ने कहा कि उनकी पार्टी इस विधेयक की प्रति समय से उपलब्ध नहीं कराए जाने के विरोध में सदन सबसे बहिर्गमन कर रही है। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सदन से उठकर बाहर चले गए। सशस्त्र पुलिस बल विधेयक सदन में पेश किए जाने के लिए राज्यसभा की आज की कार्य सूची में शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 14:03:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>किरेन रिजिजू का विपक्ष पर हमला: राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए लाया गया ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव </title>
                                    <description><![CDATA[संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को 'राजनीतिक रोटी सेंकने' का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि बिरला ने रिकॉर्ड संसदीय उत्पादकता और निष्पक्षता से सदन चलाया है। रिजिजू ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अध्यक्ष की अनुमति के बिना सदन में कोई नहीं बोल सकता, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/kiren-rijijus-attack-on-opposition-no-confidence-motion-against-om-birla/article-146009"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/kiren-rijiju.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव को राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास बताते हुए कहा कि सदन के अंदर के क्रियाकलापों के लिए हर सदस्य बिरला को धन्यवाद देता रहेगा क्योंकि उन्होंने सभी को समान मौका दिया है।</p>
<p>किरेन रिजिजू ने विपक्ष की ओर से सदन में पेश अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के विरोध में अपनी बात रखते हुए कहा कि संसदीय कार्य मंत्री सिर्फ सत्तारूढ दल का नहीं होता है। कांग्रेस के साठ साल के इतिहास को देखना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री पर टिप्पणी करने से पहले अपना इतिहास देखना चाहिए। सदन के संचालन का पूरा अधिकार अध्यक्ष का है। अध्यक्ष के निर्णय को कहीं भी चुनौती नहीं दी जा सकती है। अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होता है। अध्यक्ष के निर्णय को किसी ने आज तक चुनौती नहीं दी है लेकिन विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि सदन में बोलने के लिए उन्हें किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें पता होना चाहिए कि सदन में अध्यक्ष की अनुमति के बिना नहीं बोल सकते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे वह प्रधानमंत्री हों, विपक्ष के नेता हों या कोई अन्य सांसद, लेकिन अध्यक्ष की अनुमति के बिना सदन में कोई नहीं बोल सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अध्यक्ष किसी को कभी भी बोलने की अनुमति दे सकता है यह उनका अधिकार है। अध्यक्ष के पास कुछ शक्तियां ऐसी है जो कार्यसूची में शामिल नहीं है। संसदीय परंपरा में कई चीजें पहली बार होती है तब भी अध्यक्ष को निर्णय लेना होता है। अध्यक्ष की भूमिका भी विपक्ष तय करना चाहते हैं, यह कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि जो नियम में शामिल नहीं है तो उस पर निर्णय करने की शक्ति भी अध्यक्ष के पास होता है।</p>
<p>संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि भाजपा के नेताओं ने कभी कागज फाड़कर आसन की तरफ नहीं फेंका है। 1951 के बाद भाजपा के किसी सदस्य ने आसन की तरफ कागज फाड़कर नहीं फेंका है लेकिन विपक्ष आज सारी सीमाओं का लांघने का काम कर रहा है। चालीस साल बाद लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। कांग्रेस के सदस्यों ने अपने पुराने नेताओं को पढा नहीं है वरना उनको पता चलता। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि इस सदन की महान परंपरा रही है कि अध्यक्ष की सदाशयता पर उंगली नहीं उठायी जा सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए कि अविश्वास प्रस्ताव पर उन्होंने अध्यक्ष के लिए किस प्रकार का सम्मान व्यक्त किया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ सदस्य भी यह प्रस्ताव लाये जाने से दुखी है। विपक्ष के कम से कम पचास सांसद उनसे मिले हैं जो इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं है, वह मजबूरी में इसमें शामिल हुये हैं। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर कितना गलत काम किया है। इनका नोटिस ही गलत था लेकिन फिर भी अध्यक्ष ने उनको बुलाकर नोटिस को ठीक करवाया। अध्यक्ष की महानता इस प्रकार की है। </p>
<p>किरेन रिजिजू ने कहा, मैं बहुत भारी मन से कह रहा हूं कि अध्यक्ष के बारे में जो बात कर रहे हैं बहुत सोच समझकर बोलना चाहिए। देश के आजाद होने के बाद एक अध्यक्ष का नाम बताना चाहिए जो सरकार के खिलाफ बयान देते हैं और काम करते हैं। अध्यक्ष को सरकार का अध्यक्ष बताना गलत है। विपक्ष का कहना अध्यक्ष सरकारी भाषा बोलते हैं इस प्रकार का आरोप लगाना गलत है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बिरला के समय जो संसदीय कार्य प्रणाली में जो सुधार हुये हैं उसे कोई नकार नहीं सकता है। आज तक इतिहास में सबसे अधिक नियम 377  के तहत सदस्यों को अपने मुद्दे उठाने का मौका दिया गया है। उनकी अध्यक्षता में संसद को डिजिटल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि संसद में भाषण के बाद सदस्यों को तुरंत वीडियो उपलब्ध करा दिया जाता है। सदस्यों के लिए ओम बिरला ने जो किया है वह हमेशा धन्यवाद देते रहेंगे। ओम बिरला सभी को मौका देते हैं। पुराने और अब के रिकार्ड को देख सकते हैं अंतर साफ दिख जाता है। ओम बिरला ने संसदीय लोकतंत्र को मजबूती से खड़ा किया है। 64 देशों का फ्रेंडशिप समूह बनाया है जिसके लिए उनको धन्यवाद देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंसान को किसी के प्रति इतना घृणा नहीं होना चाहिए कि अच्छे काम के लिए भी धन्यवाद नहीं दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिरला के समय में संसद की उत्पादकता रिकार्ड रही है।</p>
<p>किरेन रिजिजू ने कहा कि हमारी संख्या अधिक है फिर भी सवाल पूछने के लिए विपक्ष को अधिक मौका देते हैं फिर भी पक्षपात का आरोप लगाया जाता है। विपक्ष को लगातार सदन में मौका देने का काम किया और उन्हीं के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आये हैं। रिजिजू ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के पद को आज तक बचाकर रखा गया था लेकिन अब पता चला कि लोकतंत्र पर हमला करना है तो लोकसभा अध्यक्ष पर हमला करो। राहुल गांधी जब कोई विषय उठा रहे थे तब अध्यक्ष ने रूलिंग दे दी फिर भी उसे चुनौती दी गयी। विपक्ष का आरोप है कि विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया जाता है लेकिन सत्र को दौरान वह विदेश चले जाते हैं। विपक्ष के नेता अपना भाषण देने के बाद सदन से बाहर चले जाते हैं जबकि उनको दूसरों की बात भी सुननी चाहिए। उन्होंने कहा विपक्ष का नेता कितना गंभीर है इससे पता चलता है कि गंभीर चर्चा चल रही है और वह दूसरे नेता को आंख मारते हैं। विपक्ष के नेता जिस प्रकार हल्कापन दिखाते हैं वही अन्य सदस्यों में दिखता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 18:46:05 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम एशिया संकट पर विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित: सदन ने दी भारतीय क्रिकेट टीम को विश्व कप जीत की बधाई, जयशंकर ने दिया विस्तृत वक्तव्य </title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा में पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने भारी हंगामा किया, जिसके कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विदेश मंत्री एस जयशंकर के वक्तव्य के दौरान नारेबाजी जारी रही। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के व्यवहार को 'गैर-जिम्मेदाराना' बताया। सदन ने भारतीय क्रिकेट टीम को विश्व कप जीत की बधाई भी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/amid-opposition-uproar-lok-sabha-proceedings-adjourned-till-3-pm/article-145828"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/lok-sabha.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा कराने की मांग पर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। सदन की कार्यवाही बारह बजे शुरु होते ही पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने भारत की टी20 क्रिकेट विश्व कप में जीत की सदन को सूचना दी। सदन की ओर से भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गयी। उसके बाद कांग्रेस के सदस्यों में पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा कराने की मांग करते हुए सदन के बीचोंबीच आ गये और नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारी ने उसके बाद जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाये। जगदंबिका पाल ने कहा कि विदेश मंत्री का वक्तव्य आ रहा है आप लोग अपने अपने स्थान पर चले जायें। शायद आप जो मांग कर रहे हैं उसका उत्तर मिल जाये। विपक्ष के भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच ही विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपना वक्तव्य देना शुरू किया।</p>
<p>हंगामा बढने पर पीठासीन अधिकारी ने कहा कि विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया संकट पर विस्तृत वक्तव्य दिया है। विदेश मंत्री ने सारी बातों का जवाब दिया है। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष भ्रमित है उसे पता ही नहीं कि क्या करना है। लोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ नोटिस देते हैं, फिर दोबारा नोटिस देते हैं। हम चर्चा के लिए तैयार हैं तो दूसरा नोटिस देने का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि इस तरीके का व्यवहार सदन में कभी नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि एक आदमी देश का महाराजा है क्या, कि सिर्फ उनकी बात सुनी जाएगी। कांग्रेस के लोगों को अंतरआत्मा में झांककर देखना चाहिए। विपक्ष संसद की गरिमा को गिरा रहा है। वह जो अनावश्यक प्रस्ताव लाये हैं उस पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।</p>
<p>इस बीच पीठासीन अधिकारी ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि आप के प्रस्ताव को एजेंडे में शामिल किया गया है और उस पर सरकार चर्चा के लिए तैयार है। अध्यक्ष ओम बिरला ने आपके नोटिस को स्वीकार कर लिया है। फिर भी आप उस पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने सदस्यों से बार बार शांत रहने का आग्रह किया और कहा कि क्या आप अपने प्रस्ताव पर नहीं बोलना चाहते हैं। हंगामा नहीं थमने पर सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 14:28:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष उदय भानु चिब  और संगठन के अन्य लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में किया शांतिपूर्ण सत्याग्रह, रिहाई की मांग की</title>
                                    <description><![CDATA[युवा कांग्रेस ने अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के विरोध में दिल्ली में शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया। पवन खेड़ा और देवेंद्र यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की। कांग्रेस ने सरकार पर जवाबदेही से बचने और लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का आरोप लगाते हुए इसे अन्याय के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/youth-congress-workers-protest-against-the-arrest-of-president-uday/article-144729"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/pawan-kheda.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब तथा संगठन के अन्य कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में युवा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को यहां शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया। युवा कांग्रेस के प्रवक्ता वरुण पांडे ने गुरुवार को बताया कि सत्याग्रह में देश भर से आए युवा कांग्रेस कार्यकर्ता और राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य तथा युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुए। </p>
<p>वरूण पांडे ने बताया कि सत्याग्रह में कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा, पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव, कांग्रेस के दिल्ली के प्रभारी काजी निजामुद्दीन, पंजाब में कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह, ओडिशा कांग्रेस प्रभारी अजय कुमार लल्लू, कांग्रेस सचिव अभिषेक दत्त, तौकीर आलम, समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस मौके पर सभी कांग्रेस नेताओं ने एकस्वर में जल्द से जल्द उदय भानु चिब और अन्य युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की। उनका यह भी कहना था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना अपराध नहीं है और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देश भर के युवाओं, किसानों और हर नागरिक कि आवाज उठाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जब समझौतावादी प्रधानमंत्री से जवाबदेही मांगा जाता है तो वह बदले में गिरफ्तारी का आदेश दिलवाते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 17:57:55 +0530</pubDate>
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                <title>4 फरवरी की घटना के बाद भाजपा महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ की सबसे कड़ी कार्रवाई की मांग, पीएम मोदी के नाम लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समर्थन में विपक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चार फरवरी की घटना को संसद की गरिमा के खिलाफ बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/after-the-february-4-incident-bjp-women-mps-wrote-a/article-142664"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(11)8.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला सांसदों ने मंगलवार को चार फरवरी की घटना को लेकर विपक्षी सांसदों के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भाजपा सांसदों का आरोप है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री के सदन में आने से पहले विपक्ष की महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की सीट को घेर लिया था। </p>
<p>भाजपा महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा कि चार फरवरी को विपक्ष की महिला सांसदों ने न केवल प्रधानमंत्री की सीट को घेरा, बल्कि बाद में आक्रामक रुख अपनाते हुए अध्यक्ष के कक्ष तक पहुंचीं। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक बताते हुए कहा कि इससे संसद की गरिमा को ठेस पहुंची है। पत्र में कहा गया है कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं की गयी तो यह एक खतरनाक मिसाल बनेगी और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास कमजोर होगा। </p>
<p>यह पत्र कांग्रेस की महिला सांसदों द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में सामने आया है, जिसमें उन्होंने सत्तारूढ़ दल पर उनके खिलाफ झूठे, निराधार और मान हानिकारक बातें कहने का आरोप लगाया था। भाजपा सांसदों ने अपने पत्र में दावा किया कि विपक्षी सदस्य सदन के वेल में आए, मेजों पर चढ़े, कागज फाड़े और उन्हें अध्यक्ष की ओर उछाला। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के निर्देशों का पालन करते हुए वे संयमित रहीं और इस पूरे प्रकरण को संसदीय लोकतंत्र के इतिहास के सबसे काले क्षणों में से एक बताया। </p>
<p>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इससे पहले कहा था कि उन्होंने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में न आने का अनुरोध किया था, क्योंकि उन्हें जानकारी मिली थी कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं। वहीं कांग्रेस की महिला सांसदों ने कहा कि उनका विरोध शांतिपूर्ण था और संसदीय परंपराओं के अनुरूप था, लेकिन उनके अनुसार उन्हें अभूतपूर्व तरीके से निशाना बनाया गया। </p>
<p>भाजपा के पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी को चार दिनों तक बार-बार बोलने का अवसर नहीं दिया गया। दूसरी ओर विपक्षी सांसद लोकसभा अध्यक्ष द्वारा राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की आत्मकथा से 2020 के भारत-चीन सीमा गतिरोध से जुड़े विवादित अंश पढऩे की अनुमति न दिए जाने के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। भाजपा सदस्यों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं और सशस्त्र बलों का अपमान कर रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने व्यवधानों को पूर्व नियोजित और संसद की गरिमा के खिलाफ बताया है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 18:18:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राज्यसभा में भाजपा सांसद के &quot;मिनी पाकिस्तान&quot; कहने पर भड़के टीएमसी सदस्य, कड़ी कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यसभा में मंगलवार को उस समय तीखा हंगामा देखने को मिला जब भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य ने कोलकाता बंदरगाह की जमीन पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाते हुए एक इलाके को “मिनी पाकिस्तान” बताया। इस टिप्पणी पर विपक्षी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई और सदन के बीचों-बीच आकर नारेबाजी शुरू कर दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/tmc-members-angry-over-bjp-mp-calling-him-mini-pakistan/article-142596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राज्यसभा में भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य के कोलकाता बंदरगाह के एक हिस्से पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाते हुए उसे मिनी पाकिस्तान कहने पर विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जतायी और सदन के बीचों-बीच आकर नारेबाजी की।</p>
<p>प्रश्नकाल शुरू होते ही भट्टाचार्य ने बालागढ़ लॉजिस्टिक्स परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए अंग्रेजी में अपना पूरक प्रश्न पूछा। पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर के बंगला भाषा में इसका जवाब देते हुए कहा कि यह परियोजना 900 एकड़ में होगी जिसमें कोलकाता के मौजूदा श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह की 300 एकड़ जमीन भी शामिल है। इसके लिए सड़क निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है और रेलवे लाइन के प्रस्ताव को भी पर्यावरणीय मंजूरी मिल चुकी है। </p>
<p>मंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से इस परियोजना के लिए सहयोग नहीं मिल रहा है। दूसरा पूरक प्रश्न पूछते हुए भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि कोलकाता में बंदरगाह की 170 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है। शहर के कई इलाकों में यही हाल है और वहां के मेयर ने खुद गार्डेन रीच इलाके में अतिक्रमण की बात स्वीकार करते हुए उसे मिनी पाकिस्तान कहा था। </p>
<p>इस पर तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने विरोध शुरू कर दिया। ठाकुर ने भाजपा सांसद की बात का समर्थन करते हुए कहा, वहां की सरकार के लोगों ने सब जगह अतिक्रमण किया हुआ है। उन्होंने बताया कि जलपत्तन प्राधिकरण ने अपनी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ केस भी किया हुआ है। महाराष्ट्र से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की फौजिया खान और केरल से माक्रसवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जॉन ब्रिटास ने भी अपने प्रश्न पूछते समय मिनी पाकिस्तान को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।</p>
<p>जॉन ब्रिटास के प्रश्न का उत्तर देते हुए ठाकुर ने भी कहा कि कोलकाता के मेयर ने मीडिया के सामने उन इलाकों को मिनी पाकिस्तान कहा था। मंत्री द्वारा यह बात दोहराने पर तृणमूल कांग्रेस के सदस्य ज्यादा उग्र हो गये। वे विरोध करते हुए सदन के बीचों-बीच आ गये और नारेबाजी करने लगे। सभापति ने उन्हें बार-बार ऐसा न करने की नसीहत दी और कहा कि यदि वे अपनी सीट पर वापस नहीं जायेंगे तो मजबूरन उन्हें कार्रवाई करनी होगी। इसके बात तृणमूल सांसदों का विरोध शांत हुआ। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/tmc-members-angry-over-bjp-mp-calling-him-mini-pakistan/article-142596</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:35:15 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राहुल गांधी को अपनी बात रखने की मांग पर विपक्ष का हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित</title>
                                    <description><![CDATA[राहुल गांधी को बोलने देने की मांग पर विपक्ष के हंगामे से लोकसभा की कार्यवाही बाधित रही। अध्यक्ष ने सदन को दो बजे तक स्थगित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/oppositions-uproar-over-rahul-gandhis-demand-to-present-his-views/article-142448"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(11)7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपनी बात रखने की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। एक बार स्थगन के बाद बारह बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने जरूरी कागजात सभा पटल पर रखवाये। उन्होंने उसके बाद आम बजट पर चर्चा की शुरुआत करने के लिए कांग्रेस के शशि थरूर का नाम पुकारा। इस बीच कांग्रेस के कयी सदस्य अपने स्थान से खड़े होकर शून्यकाल के साथ राहुल गांधी को अपनी बात रखने देने की मांग करने लगे। </p>
<p>पीठासीन अधिकारी ने बार बार कहा कि यह समय बजट पर चर्चा के लिए निर्धारित किया गया है और विपक्ष के नेता बजट पर अपनी बात रख सकते हैं। इस पर कांग्रेस समेत विपक्ष के सदस्य राहुल गांधी को अपनी बात रखने देने की मांग करने लगे। विपक्षी सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर अपनी मांग को लेकर शोरगुल करने लगे जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गयी।</p>
<p>इससे पहले कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को बताया कि छह फरवरी को अंडर-19 भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीता है इसके लिए उन्हें वह सदन की तरफ से बधाई देते हैं। युवा क्रिकेट टीम को बधाई देने के बाद ओम बिरला ने प्रश्न काल की कार्रवाई शुरू की तो विपक्षी दलों के सदस्य अपनी मांगों को लेकर सीटों पर खड़े हो गये और जोर-जोर से बोलने लगे। अध्यक्ष ने इसी बीच प्रश्न काल की कार्यवाही को आगे बढ़ाया लेकिन विपक्ष की तरफ से तेज हंगामा शुरू हो गया।</p>
<p>ओम बिरला ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि प्रश्न काल के बाद सदस्यों को बोलने का अवसर दिया जाएगा। उनका कहना था कि वह हमेशा सब सदस्यों को बोलने का अवसर देते हैं इसलिए सदन को बाधित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बजट पर चर्चा होगी तो सभी दलों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा इसलिए प्रश्न काल को चलने दें। उनका कहना था कि यह सदस्यों का समय होता है और सबको मौका मिलना चाहिए इसलिए वह सभी सदस्यों से सदन को बाधित न करने का आग्रह कर रहे है। सदन में सार्थक चर्चा के लिये सहयोग करें।</p>
<p>उन्होंने तेज लहजे में कहा कि सदस्य नियमित सदन की कार्यवाही में अवरोध करने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें ऐसा नहीं होना चाहिए। इसी बीच सदस्य नारे लगाते हुए सदन के बीचों-बीच आ गये और शोर शराबा करने लगे। हंगामा और बढऩे लगा तो ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 14:23:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लोकसभा में दूसरे सप्ताह के पहले दिन में भी बाधित रहा प्रश्न काल: विपक्ष का जोरदार हंगामा, सी.पी. राधाकृष्णन ने की अंडर-19 क्रिकेट टीम की सराहना और भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं </title>
                                    <description><![CDATA[बजट सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे से लोकसभा की कार्यवाही बाधित रही। अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल नहीं चल पाने पर सदन को 12 बजे तक स्थगित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/question-hour-was-disrupted-in-the-lok-sabha-even-on/article-142423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(7)6.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। लोकसभा में बजट सत्र के दूसरे सप्ताह के पहले दिन सोमवार को भी विपक्षी दलों के सदस्यों का हंगामा जारी रहा जिसके कारण अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को बताया कि 6 फरवरी को अंडर-19 भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीता है इसके लिए उन्हें वह सदन की तरफ से बधाई देते हैं। </p>
<p>युवा क्रिकेट टीम को बधाई देने के बाद ओम बिरला ने प्रश्न काल की कार्रवाई शुरू की तो विपक्षी दलों के सदस्य अपनी मांगों को लेकर सीटों पर खड़े हो गये और जोर-जोर से बोलने लगे। अध्यक्ष ने इसी बीच प्रश्न काल की कार्यवाही को आगे बढ़ाया लेकिन विपक्ष की तरफ से तेज हंगामा शुरू हो गया।</p>
<p>ओम बिरला ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि प्रश्न काल के बाद सदस्यों को बोलने का अवसर दिया जाएगा। उनका कहना था कि वह हमेशा सब सदस्यों को बोलने का अवसर देते हैं इसलिए सदन को बाधित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बजट पर चर्चा होगी तो सभी दलों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा इसलिए प्रश्न काल को चलने दें। उनका कहना था कि यह सदस्यों का समय होता है और सबको मौका मिलना चाहिए इसलिए वह सभी सदस्यों से सदन को बाधित न करने का आग्रह कर रहे है। सदन में सार्थक चर्चा के लिये सहयोग करें। </p>
<p>उन्होंने तेज लहजे में कहा कि सदस्य नियमित सदन की कार्यवाही को बाधक करने का प्रयास कर रहे हैं और उन्हें ऐसा नहीं होना चाहिए।इसी बीच सदस्य नारे लगाते हुए सदन के बीचों-बीच आ गये और शोर शराबा करने लगे। हंगामा और बढऩे लगा तो ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी। </p>
<p>राज्यसभा ने सोमवार को अंडर-19 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम की तारीफ की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने टीम की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने जिम्बाववे के हरारे में इंग्लैंड को बड़े अंतर से हराकर देश का मान बढ़ाया है। </p>
<p>यह रिकॉर्ड छठी जीत हमारे युवाओं की प्रतिभा और प्रतिबद्धता को दिखाती है। सफलता का श्रेय पूरी टीम को जाता है, खासकर युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी की विशेष सराहना करनी होगी जिन्होंने 175 रन बनाये जो अंडर-19 विश्वकप फाइनल में सबसे अधिक है। उन्होंने इस जीत के लिए टीम के सभी सदस्यों, कोच और पूरे सपोर्ट स्टाफ का बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/question-hour-was-disrupted-in-the-lok-sabha-even-on/article-142423</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 12:43:35 +0530</pubDate>
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