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                <title>custom duty - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>custom duty RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नेपाल सरकार के फैसलों और नीतिगत बदलावों से बिहार के सीमावर्ती इलाकों में आम नागरिकों की बढीं परेशानियाँ, कस्टम ड्यूटी और भारतीय वाहनों की आवाजाही पर लगाया मोटा टैक्स</title>
                                    <description><![CDATA[नेपाल की नई सरकार द्वारा भारतीय वाहनों और सामान पर भारी कस्टम ड्यूटी लगाने से सीमावर्ती इलाकों में आक्रोश है। कड़े नियमों के कारण व्यापार ठप है और बीरगंज जैसे क्षेत्रों में विरोध तेज हो गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह नीति सदियों पुराने सामाजिक और आर्थिक संबंधों को कमजोर कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/due-to-the-decisions-and-policy-changes-of-nepal-government/article-151185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/balen-shah1.png" alt=""></a><br /><p>मोतिहारी। नेपाल में बालेन शाह के नेतृत्व में हाल ही में बनी नई सरकार के फैसलों और हालिया नीतिगत बदलावों से बिहार के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों की परेशानियाँ बढ़ती दिखाई दे रही हैं। नेपाल सरकार ने भारत से लाए जाने वाले 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम ड्यूटी और भारतीय वाहनों की आवाजाही पर निर्धारित टैक्स को सख्ती से लागू करना शुरू किया है।</p>
<p>नेपाल सरकार ने सीमा पार आने वाले भारतीय वाहनों यथा दोपहिया वाहनों पर 100 रुपये प्रतिदिन, तीन पहिया वाहनों पर 400 रुपये प्रतिदिन और चार पहिया वाहनों (कार, जीप, वैन) पर 600 रुपये प्रतिदिन भंसार शुल्क निर्धारित किया है। यह शुल्क भंसार कार्यालय में जमा करने के बाद ही वाहन को नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। साथ ही, नियमों के अनुसार शुल्क चुकाने के बावजूद कोई भी भारतीय वाहन एक आर्थिक वर्ष में अधिकतम 30 दिनों तक ही नेपाल में संचालित किया जा सकेगा, इससे अधिक अवधि के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। इतना ही नहीं वाहनों खासकर दुपहिया वाहनों के मुक्त प्रवेश पर रोक से दोनों तरफ से होने वाले स्थानीय व्यापार पर भी काफी फर्क नजर आ रहा है।</p>
<p>बिहार-नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में आपसी व्यापार इतना प्रगाढ़ है कि दोनों तरफ के व्यापारी एक दूसरा की मुद्रा को सहज स्वीकार करते है और लोक बेरोकटोक एक दूसरे के इलाके में जा कर खरीदारी करते हैं। इस कड़ाई के बाद लोगों का एक दूसरे के इलाकों में प्रवेश कम हो गया है, जिससे बिहार-नेपाल सीमा के पास कारोबार कर रहे व्यावसायियों के की हालत खस्ता है। भारतीय वाहनों के लिए ऐसे नियम पहले से मौजूद थे, लेकिन इस कानून को पिछली सरकारें सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्तों को देखते हुए प्रभावी रूप से लागू नहीं कर पायी थीं, लेकिन अब सख्ती बढ़ने से सीमावर्ती इलाकों में विरोध तेज हो गया है। विशेष रूप से बीरगंज और मधेश क्षेत्र में लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि रोजमर्रा के सामान जैसे खाद्य सामग्री, कपड़े और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भारत से लाना उनकी जरूरत और परंपरा दोनों रही है, जिसे अब यह नीति बाधित कर रही है।</p>
<p>भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती के बाद प्रदर्शनकारियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि भारत-नेपाल के बीच “रोटी-बेटी” का रिश्ता केवल एक कहावत नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है। नेपाल-भारत खुली सीमा संवाद समूह ने भी इस नीति की आलोचना करते हुए कहा है कि यह सीमावर्ती समुदायों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालता है और पारंपरिक रिश्तों को कमजोर करता है। जबकि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक रूप से खुली सीमा, आपसी सामंजस्य भावनात्मक सम्बन्धों को परिभाषित करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:59:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कस्टम ड्यूटी में कटौती के बाद सोना-चांदी की खरीदारी में वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[ सोना-चांदी की ज्वैलरी के खरीदारों की संख्या बढ़ गई है। देव शयन के बाद मांगलिक कार्यों पर विराम लग चुका है, जिसके चलते सोना-चांदी के गहनों की बिक्री थम जाती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/increase-in-purchase-of-gold-and-silver-after-cut-in/article-85781"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/photo-size-(3)21.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सोना-चांदी की ज्वैलरी के खरीदारों की संख्या बढ़ गई है। देव शयन के बाद मांगलिक कार्यों पर विराम लग चुका है, जिसके चलते सोना-चांदी के गहनों की बिक्री थम जाती है। एनडीए सरकार द्वारा बजट में सोना-चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाने से सराफा बाजार में रौनक लौट आई है। </p>
<p>बुधवार को जौहरी बाजार, किशन पोल, एम.आई. रोड, वैशाली नगर स्थित शोरूम पर ज्वैलरी खरीदारों की संख्या बढ़ी। खरीदार मंजू देवी ने बताया, "क्या पता सोना फिर से कब महंगा हो जाए। ऐसे में बेटी की शादी के लिए शगुन के गहने खरीद लिए हैं।"</p>
<p>जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के उपाध्यक्ष मनीष खुंटेटा ने बताया कि सोना-चांदी की राखियां, ब्रास लेट, अंगूठी, पायल, कानों के टॉप्स और झुमकी की अधिक मांग है। </p>
<p><strong>घरेलू आभूषण उद्योग के लिए बड़ी राहत</strong></p>
<p>सोना 4,000 रुपए और चांदी 3,400 रुपए सस्ती हो गई है।</p>
<p><strong>जयपुर में छूट के बाद सोना-चांदी के भाव:</strong></p>
<p>- शुद्ध सोना: 4,050 <br />- जेवराती सोना: 3,100 <br />- चांदी: 3,400</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jul 2024 18:03:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कस्टम ड्यूटी बचाने के फेर में तस्करी बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[ऐसे में कस्टम ड्यूटी बचाने के फेर में तस्कर कभी शरीर के अंदर तो कभी सूटकेस में, मशीनों में और कई अन्य तरीकों से सोना छिपाकर लाते है, लेकिन कस्टम विभाग से बच नहीं पाते और पकड़े जाते है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/smuggling-increased-in-order-to--custom-duty/article-15777"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/untitled-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सोना तस्करी के लिए जयपुर एयरपोर्ट पर तस्करी के मामले बढ़ रहे है। ज्यादातर सोना तस्करी यहां खाड़ी देशों से होती है, क्योंकि खाड़ी देशों में सोना पर ड्यूटी फ्री होती है, लेकिन भारत आने पर सोने पर कस्टम ड्यूटी चुकानी पड़ती है। ऐसे में कस्टम ड्यूटी बचाने के फेर में तस्कर कभी शरीर के अंदर तो कभी सूटकेस में, मशीनों में और कई अन्य तरीकों से सोना छिपाकर लाते है, लेकिन कस्टम विभाग से बच नहीं पाते और पकड़े जाते है। कस्टम ड्यूटी 5 प्रतिशत बढ़ने से भी तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। कस्टम ड्यूटी जो पहले 7.5 प्रतिशत थी, वह अब बढ़कर 12.5 प्रतिशत हो गई है।</p>
<p><strong>क्या है सोना लाने के नियम   </strong> <br />- कस्टम नियमों के अनुसार जो यात्री विदेश जाने के बाद 6 महीने में ही वापस लौट आता है, तो उसे अपने साथ लाए गोल्ड या अन्य आइटम पर 35 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी और 2.5 प्रतिशत इंफ्रास्ट्रक्चर सेस चुकाना पड़ता है। <br />- 6 से 12 महीने के बीच विदेश से वापस आने पर 12.5 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी और 2.5 प्रतिशत इंफ्रास्ट्रक्चर सेस लगता है। <br />- एक साल बाद वापस आने पर सोने पर 12.5 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगती है। हालांकि एक साल बाद आने पर इसमें एक राहत कस्टम की तरफ से यह दी जाती है कि जितना सोना लाया जाता है उसकी कुल वैल्यू पर पुरुष यात्री को 50 हजार रुपए की छूट और महिला यात्री को एक लाख रुपए की छूट जिसे फ्री अलाउंस कहा जाता है, दी जाती है।</p>
<p><strong>कितना सोना लाने का है नियम</strong><br />कस्टम के नियमानुसार एक पुरुष यात्री 50 हजार रुपए तक की सोने की ज्वैलरी फॉर्म में साथ ला सकता है। वहीं एक महिला यात्री एक लाख रुपए कीमत का सोना साथ ला सकती है। इससे ज्यादा लाने पर बिल दिखाना जरूरी है। बिल न देने पर जुर्माना लगता है।  <br />रॉ गोल्ड लाने पर पाबंदी<br />कोई भी यात्री विदेश से केवल ज्वैलरी फॉर्म में ही सोना ला सकता है। रॉ गोल्ड यानी 99.50 कैरेट की शुद्धता वाला सोना, जिसमें सोने के बिस्किट, रॉड, छड़ें, बुलियन के रूप में सोना छिपाकर लाना प्रतिबंधित है।</p>
<p><strong>ये लाना है प्रतिबंधित</strong><br />नार्कोटिक ड्रग्स, एंटीक आइटम, एरोनॉटिकल मॉडल (ड्रोन आदि), नक्शे, कुछ प्रतिबंधित कैमिकल।</p>
<p><strong>खाड़ी देशों से ज्यादा हो रही तस्करी</strong><br />कस्टम विभाग के नियमों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति चोरी छिपे बिना बिल या कस्टम ड्यूटी चुकाए सोना लाते हुए पकड़ा जाता है तो पहले उससे पूछताछ की जाती है। सोना लाने का कारण और उससे संबंधी दस्तावेज मांगे जाते हैं। कस्टम ड्यूटी नहीं चुकाने या बिल नहीं होने पर सोना जब्त कर लिया जाता है। यदि सोने की कीमत 20 लाख रुपए से कम है तो यात्री को पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाता है। ज्यादा होने पर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाता है।</p>
<p><strong>ये सामान ला सकते हैं</strong><br />- तय नियमानुसार ज्वैलरी फॉर्म में सोना, दो लीटर तक शराब, बिल दिखाकर और कस्टम ड्यूटी चुकाकर एलईडी आदि ला सकते हैं।<br />- हजार डॉलर या इसके समान कोई भी विदेशी करेंसी ला सकते हैं, ज्यादा लाने पर दस्तावेज दिखाने होंगे। नहीं दिखाने पर करेंसी जब्त होगी।</p>
<p>जयपुर एयरपोर्ट पर ज्यादातर खाड़ी देशों आए यात्री कस्टम ड्यूटी बचाने के फेर में सोना अलग-अलग तरीकों से छिपाकर लाते हैं। हालांकि कस्टम की मुस्तैदी से वे बच नहीं पाते। नियमानुसार सोना या अन्य गैर प्रतिबंधित वस्तुएं लाने पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन तय नियमों का उल्लंघन करने और तस्करी में लिप्त पाए जाने पर सोना या अन्य सामान जब्त करने और सजा का भी प्रावधान है। <br /><strong>- भारत भूषण, असिस्टेंट कमिश्नर, कस्टम विभाग, जयपुर एयरपोर्ट</strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Jul 2022 10:10:33 +0530</pubDate>
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