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                <title>impact of news - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का : वेयरहाउस में गाड़ियां समय पर खाली करने के दिए निर्देश, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[जिला कलक्टर ने की एमएसपी पर गेहूं खरीद व्यवस्थाओं की समीक्षा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---directives-issued-to-ensure-timely-unloading-of-vehicles-at-warehouses/article-149858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिला कलक्टर पीयूष समारिया गुरुवार शाम को भामाशाह कृषि उपजमंडी पहुंचे और समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की व्यवस्थाओं के संबंध में वहां समीक्षा बैठक ली। समारिया ने एफसीआई अधिकारियों से मंडियों में हुई गेहूं की खरीद तथा वेयरहाउस पर गाड़ियां खाली करने की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। उन्होंने वर्तमान में संचालित विभिन्न एजेंसियों के कुल खरीद केन्द्रों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि गुरुवार को कितने पंजीकृत किसान अपने गेहूं की तुलाई के लिए आए। जिला कलक्टर ने मंडियों से गेहूं का उठाव समय पर करने, पंजीकृत किसानों के गेहूं की तुलाई की गति बढ़ाने और एफसीआई के वेयरहाउस में गाड़ियां समय पर खाली करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एफसीआई के वेयरहाउस के बाहर गाड़ियों की कतारें नहीं लगें यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने एफसीआई अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी वेयरहाउस के बाहर गाड़ियां अधिक हों तो उन्हें दूसरे वेयरहाउस की तरफ डायवर्ट कर वहां खाली करने की व्यवस्था करें।</p>
<p><strong>रसद विभाग करे गाड़ियां खाली करने की मॉनिटरिंग</strong><br />जिला कलक्टर ने मंडियों में गेहूं तुलाई की गति बढ़ाने, मंडियों एवं क्रय केन्द्रों पर आए गेहूं का समय पर उठाव करने और किसानों को बायोमेट्रिक सत्यापन के संबंध में आ रही समस्याओं का समाधान करने के भी निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने भामाशाहमंडी प्रशासक एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर राजस्व वीरेंद्र सिंह यादव एवं जिला रसद अधिकारी कार्तिकेय मीणा को मंडियों एवं क्रय केन्द्रों पर गेहूं खरीद की व्यवस्था एवं वेयरहाउस में गाड़ियां खाली करने की व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने तथा वेयरहाउस का मौके पर जाकर भौतिक निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में एफसीआई अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को भामाशाह कृषि उपज मंडी में 90 हजार कट्टों की तुलाई हुई। जिला कलक्टर ने इस गति को बरकरार रखने और सभी क्रय केन्द्रों पर अधिक से अधिक तुलाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एफसीआई, राजफैड, तिलम संघ सहित अन्य क्रय एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित थे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />कोटा संभाग में गेहूं की खरीद शुरू होने के बाद वेयरहाउस के बाहर ट्रकों की कतारें लगने के सम्बंध में 9 अप्रैल को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि कोटा संभाग में समर्थन मूल्य (एसएसपी) पर गेहूं खरीद ने जोर पकड़ लिया है। खरीदे गए गेहूं को ट्रकों के जरिए विभिन्न वेयरहाउस और गोदामों तक पहुंचाया जा रहा है, लेकिन गोदामों में सीमित संसाधन और अनलोडिंग की धीमी प्रक्रिया के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। गोदामों में माल खाली करने की प्रक्रिया में देरी के चलते ट्रक चालकों को 3 से 4 दिन तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। डीसीएम रोड स्थित गोदाम के बाहर ट्रकों की लंबी कतारें लगी हुई है। ट्रक चालकों का कहना है कि उन्हें समय पर माल खाली नहीं होने के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस मामले को जिला कलक्टर ने गम्भीरता से लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 15:09:48 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : गेहूं खरीद के नियमों में मिली महत्वपूर्ण छूट, प्रभावित किसानों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा अध्यक्ष बिरला व ऊर्जा मंत्री की पहल पर केंद्र का निर्णय।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--significant-relaxation-granted-in-wheat-procurement-norms/article-149856"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और प्रतिकूल मौसम से प्रभावित गेहूं की फसल को लेकर कोटा-बूंदी सहित पूरे प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने राजस्थान में रबी सीजन के लिए गेहूं खरीद के मानकों में शिथिलता के आदेश जारी कर दिए हैं। यह निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के परिणामस्वरूप लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार गेहूं की गुणवत्ता में आई गिरावट को ध्यान में रखते हुए चमक में कमी की सीमा 50 प्रतिशत तक तथा सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा 15 प्रतिशत तक कर दी गई है। वहीं क्षतिग्रस्त और आंशिक क्षतिग्रस्त दानों की कुल सीमा 6 प्रतिशत निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि यह राहत ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विशेष प्रयासों और अधिकारियों के साथ उनकी हालिया उच्च स्तरीय बैठकों के परिणामस्वरूप संभव हो पाई है।</p>
<p><strong>खाद्य मंत्रालय ने जारी किए आदेश</strong><br />ऊर्जा मंत्री नागर ने बताया कि प्रदेश में शुरूआती गर्मी की लहर और असमय बारिश के कारण प्रभावित हुई गेहूं की फसल को देखते हुए केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए खरीद नियमों (यूनिफॉर्म स्पेसिफिकेशन) में महत्वपूर्ण ढील देने का निर्णय लिया है। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और स्पीकर ओम बिरला ने बीते दिनों अधिकारियों के साथ बैठक कर फसल की स्थिति पर चिंता जताई थी। स्पीकर बिरला ने स्वयं खाद्य सचिव से चर्चा कर किसानों के हित में मानदंडों को शिथिल करने के निर्देश दिए थे। उनकी इस पहल से अब प्रदेश के लाखों किसानों का वह गेहूं भी सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदा जा सकेगा, जो मौसम की मार के कारण गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा था।</p>
<p><strong>रियायती मानदंडों के गेहूं का अलग रखेंगे हिसाब</strong><br />केंद्र द्वारा जारी शर्तों के तहत, इस रियायती मानदंडों के आधार पर खरीदे गए गेहूं का अलग से हिसाब रखा जाएगा और इसका उपयोग प्राथमिकता के आधार पर राज्य के भीतर ही किया जाएगा। भंडारण के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने और इस छूट से होने वाले किसी भी वित्तीय प्रभाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस आदेश के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों में किसानों से सुगम तरीके से गेहूं की खरीद सुनिश्चित हो सकेगी। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि "प्राकृतिक आपदा और मौसम की मार झेल रहे राजस्थान के अन्नदाता के लिए यह एक अत्यंत संवेदनशील और राहतकारी निर्णय है। मुख्यमंत्री और हमारी सरकार सदैव किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है।"</p>
<p><strong>नवज्योति बनी अन्नदाता की आवाज</strong><br />बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल प्रभावित होने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए गए थे। इसमें अन्नदाता की पीड़ा को उजागर करते हुए बताया था कि जिले में गेहूं खरीद का सीजन इस बार किसानों के लिए राहत के बजाय संकट बनता जा रहा है। हाल ही में हुई बारिश के कारण गेहूं की फसल में नमी का स्तर बढ़ गया है, जिसके चलते सरकारी खरीद केंद्रों पर 14 प्रतिशत से अधिक नमी वाले गेहूं को लेने से साफ इनकार किया जा रहा है। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इसके अलावा एफसीआई के टीम के कोटा दौरे के बाद जल्द ही गेहूं की गुणवत्ता में छूट मिलने को लेकर भी समाचार प्रकाशित किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:56:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - नहर की सुरक्षा दीवारों की मरम्मत का कार्य शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति द्वारा इस गंभीर लापरवाही के मुद्दे को प्रमुखता से तीन बार प्रकाशित करने के बाद विभाग की नींद टूटी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--repair-work-begins-on-canal-s-protective-walls/article-148371"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/12200-x-60-px)-(2).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नान्ता क्षेत्र में चम्बल की बायीं मुख्य नहर (छटउ) की टूटी सुरक्षा दीवार, जो पिछले 20 दिनों से राहगीरों के लिए 'मौत का मुहाना' बनी हुई थी, आखिरकार शनिवार से सुधारी जाने लगी है। दैनिक नवज्योति द्वारा इस गंभीर लापरवाही के मुद्दे को प्रमुखता से तीन बार प्रकाशित करने के बाद विभाग की नींद टूटी। शनिवार सुबह मौके पर ग्राउटिंग का काम शुरू होने से अब इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों राहगीरों ने राहत की सांस ली है।</p>
<p><strong>सीएड़ी प्रशासन ने सड़क बन्द करवाई</strong><br />सीएड़ी प्रशासन द्वारा सड़क को बँद करवा दिया गया है। नान्ता पुलिया से सगस जी मन्दिर तक का रास्ता पुरी तरह बेरिकेट्स लगाकर बन्द कर दिया है। जिस जगह ज्यादा सड़क नहर की दिवार गिरी है वहां पहले भी दीवार गिर चुकी थी जिसके बाद आरयूआईडीपी द्वारा उपर से ही नयी दीवार बनाने के कारण इस जगह सड़क सकड़ी हो गयी थी ऐसे में अब नीचे से दीवार बनवायी गयी हे जिससे यहां सड़क की चौड़ाई पहले जैसी हो जायेगी।</p>
<p><strong>हजारों भारी वाहनों का मार्ग</strong><br />यह रास्ता नान्ता सुखाड़िया, बुन्दी की और जाने के लिये सीधा और सुगम है। इस बीच यहां का रास्ता लगातार प्रयोग होता रहा, यहां से नगर निगम, क्रेशर के ट्रेक्टर ट्रालियां सहित भारी ट्रेलर तक लगातार गुजरते रहते है। गनीमत रही की कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुयी। राहगीर और स्थानीय लोग प्रशासन की इस अनदेखी यही प्रश्न कर रहे थे कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था। शनिवार सुबह से शुरू हुए ग्राउटिंग के काम के बाद अब सड़क के इस धंसे हुए हिस्से के धंसने का खतरा कम होगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाई आवाज, तब हरकत में आया तंत्र</strong><br />करीब तीन सप्ताह पहले सोमवार की रात को नहर की दीवार ढह गई थी, जिससे सड़क का हिस्सा पूरी तरह जानलेवा हो गया था। स्थानीय लोगों ने पुलिस और सीएडी अधिकारियों को तुरंत सूचना दी, लेकिन 20 दिनों तक आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। दैनिक नवज्योति ने नहर की सुरक्षा दीवार देर रात टूटी, उसके बाद 11 मार्च को जिन्दगी की सुरक्षा झाड़ टीन से व तीसरी बार 14 मार्च को यह तो सरासर लापरवाही है शीर्षक से सुरक्षा के मुद्दे को प्रकाशित कर प्रशासन की संवेदनहीनता और झाड़ियों-कांटों के सहारे की जा रही 'अस्थाई सुरक्षा' की पोल खोली। खबर का असर यह हुआ कि विभाग को अंततः काम शुरू करना पड़ा।</p>
<p>दैनिक नवज्योति ने जिस तरह इस मुद्दे को बार-बार उठाया, उसी का परिणाम है कि आज यहाँ काम शुरू हुआ है। वरना अधिकारी तो इसे मिट्टी के कट्टों के और झाड़ के भरोसे ही छोड़ चुके थे। <br /><strong>- नितिन नान्ता, अध्यक्ष ट्रेचिंग ग्राउण्ड़ हटाओं संघर्ष समिति</strong></p>
<p>दीवार नीचे से ही उठाई गई है। काम में समय लगेगा। अभी नहर बंद है जितना हो सकें मरम्मत का काम पूरा किया जाएगा। पहले अन्य विभागों से कहा गया था लेकिन अब काम सीएड़ी ही करवा रहा है।<br /><strong>- अरविंद कुमार, अधिशाषी अभियंता, CAD कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 12:23:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - सड़क निर्माण से वास्तविक राहत</title>
                                    <description><![CDATA[ खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया रेलवे प्रशासन ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news-%E2%80%93-real-relief-through-road-construction/article-148369"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/12200-x-60-px).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रेलवे कॉलोनी में लंबे समय से चली आ रही मित्र मंडली और गंदगी की समस्या पर प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला है। 11 अगस्त 2025 को इस मुद्दे पर प्रमुखता से प्रतिबंध लगा दिया गया जिसके बाद रेलवे प्रशासन में गड़बड़ी आई और कॉलोनी की मुख्य सड़क पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से उजाड़, जंगल और अर्थव्यवस्था से जूझ रहे थे। कॉलोनी की मुख्य सड़क के दोनों तरफ लंबे समय से भक्तों के माध्यम से रेत, मलबा और वेस्टेज कंटेंट में जा रही थी, जहां से रास्ता संवारा गया था। ऑटोमोबाइल, ऑटोमोबाइल, क्लासिक बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खबर प्रकाशित होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने माउज़ का निरीक्षण किया और सड़क की सफाई, समरूपता और नए स्तर का कार्य शुरू किया। अब निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जिससे समशीतोष्ण गंदगी और कूड़ा-कचरा भी कम हो गया है।</p>
<p><strong>रहवासियों की प्रतिक्रिया</strong><br />हम काफी समय से इस समस्या से परेशान थे, लेकिन अब काम शुरू होने से राहत मिल गई है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरी सड़क टूट जाएगी। बैल के दिनों में हालात और भी बुरे हो गए थे, लेकिन अब निर्माण कार्य शुरू होने से उम्मीद है कि स्थायी समाधान होगा।<br /><strong>- सोहेल मिर्जा, स्थानीय रहवासी</strong></p>
<p>इनका कहना है<br />क्षतिग्रस्त उद्यमों के सुधार का कार्य योजनाबद्ध तरीकों से आगे बढ़ रहा है। विभिन्न उद्यमों के लिए मशीनें प्राप्त हो चुकी हैं, जिनमें से श्रमिकों के ऑर्डर भी जारी हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि शेष भैया भी जल्द ही पूरा कर काम में तेजी लाएंगे। विभाग का प्रयास है कि कॉलोनी के निवासियों को जल्द से जल्द बेहतर सड़कों की सुविधा मिले और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।<br /><strong>- सौरभ जैन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 11:40:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का  : कोटा के 1086 स्कूलों को जल्द मिलेगा 4 करोड़ से ज्यादा का बजट, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने जारी की प्रशासनिक स्वीकृति</title>
                                    <description><![CDATA[ नवज्योति ने उठाया था वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों तक कम्पोजिट स्कूल ग्रांट राशि नहीं मिलने का मामला ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---1-086-schools-in-kota-set-to-receive-a-budget-of-over-4-crore-soon--rajasthan-school-education-council-issues-administrative-approval/article-148092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(7)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा जिले के प्रारंभिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा के एक हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों के खाते में किसी भी वक्त 4 करोड़ से ज्यादा का बजट आ सकता है। इसके लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है, अब वित्तीय स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। जिसके जारी होते ही स्कूलों के खातों में नामांकन के हिसाब से तय की गई निर्धारित राशि जमा हो जाएगी। हालांकि, इस राशि को वित्तीय वर्ष की समाप्ती 31 मार्च से पहले खर्च करना होगा, नहीं तो यह बजट लैप्स होने का खतरा बना रहेगा।<br />दरअसल, विद्यालयों के बेहतर प्रबंधन के लिए सरकार से मिलने वाली कंपोजिट स्कूल ग्रांट राशि वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों तक नहीं मिलने से संस्था प्रधान व शिक्षक परेशान थे। इसको लेकर दैनिक नवज्योति ने गत 23 मार्च को वित्तीय वर्ष की समाप्ती का काउंड-डाउन तेज कर रहा गुरूजी की धड़कनें३३ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर शिक्षकों की पीड़ा बयां की थी। इसके बाद राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने सत्र 2025-26 के लिए बजट की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की।</p>
<p><strong>प्रदेश के 69 हजार से अधिक स्कूलों को मिलेगा बजट</strong><br />परिषद की ओर से जारी इस कम्पोजिट स्कूल ग्रांट में प्रदेश के प्रारंभिक शिक्षा के 50 हजार 318 एवं माध्यमिक शिक्षा के 18 हजार 799 स्कूलों के लिए नामांकन के अनुसार कुल 118.43 करोड़ रुपए एवं 11302.300 करोड़ रुपए का बजट जारी होगा। इसमें कोटा जिले के प्रारम्भिक शिक्षा के 753 स्कूलों को 191.60 लाख रुपए एवं माध्यमिक शिक्षा के 333 स्कूलों को 210.000 लाख रुपए जारी किए जाएंगे। इस राशि का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा।</p>
<p><strong>स्कूलों को इन कार्यों पर खर्च करनी होगी राशि</strong><br />ग्रांट का उपयोग दरी-पट्टी, बिजली बिल, पेयजल व्यवस्था, स्टेशनरी, चॉक-डस्टर, खेल सामग्री, प्रयोगशाला रखरखाव और इंटरनेट संबंधी कार्यों के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा, स्कूल भवन की मामूली मरम्मत और अग्निशमन यंत्रों में गैस भरवाने जैसे कार्यों के लिए भी यह राशि उपयोगी होगी। साथ ही, बीमार छात्रों को अस्पताल ले जाने का किराया भी इसी मद से दिया जा सकेगा।</p>
<p><strong>स्वच्छता पर 10 प्रतिशत खर्च अनिवार्य</strong><br />शिक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को कुल ग्रांट का न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। इसमें शौचालय की सफाई, फिनाइल, टॉयलेट क्लीनर, साबुन, सैनिटाइजर और कचरा पात्र जैसी वस्तुओं पर खर्च करना अनिवार्य है। बालिकाओं के लिए डिस्पेंसर और इन्सीनरेटर के रखरखाव को भी प्राथमिकता दी गई है।</p>
<p><strong>कोटा में नामांकन अनुसार स्कूलों को बजट आवंटन की संख्या</strong><br /><strong>प्राथमिक विद्यालय</strong><br />-1 से 30 नामांकन वाले 263 स्कूलों को प्रति स्कूल 10 हजार रुपए।<br />-31 से 100 नामांकन वाले 369 स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए।<br />-101 से 250 नामांकन वाले 141 स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए।<br />-1000 से अधिक नामांकन वालों स्कूलों के लिए एक लाख रुपए।</p>
<p><strong>माध्यमिक विद्यालय</strong><br />-31 से 100 नामांकन वाले 9 स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए।<br />-101 से 250 नामांकन वाले 143 स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए।<br />-250 से 1000 नामांकन वाले 179 स्कूलों को प्रति स्कूल 75 हजार रुपए।<br />-1000 से अधिक नामांकन वाले 2 स्कूलों को प्रति स्कूल एक लाख रुपए।</p>
<p>राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा प्रदेश के सरकारी स्कूलों को पूरे वित्तीय वर्ष में नामांकन के अनुसार मिलने वाली ग्रांट की राशि शिक्षा सत्र की शुरूआत यानी जुलाई माह में ही जारी करनी चाहिए। ताकि, स्कूलों में आवश्यकतानुसार सामग्री खरीदी जा सके और राशि के अभाव में स्कूल संचालन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।<br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा</strong></p>
<p>कंपोजिट स्कूल ग्रांट बजट की प्रशासनिक स्वीकृति जारी हो चुकी है। अब वित्तीय स्वीकृति जारी होते ही स्कूलों के खातों में राशि आ जाएगी। हमारी ओर से सभी तैयारी पूरी है। बजट आते ही हम सीबीईओ के माध्यम से स्कूलों को राशि आवंटित कर दी जाएगी।<br /><strong>-आदित्य विजय, एडीपीसी समग्र शिक्षा कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 14:34:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : हजारों लोगों को अब नहीं लगाना पड़ेगा लम्बा चक्कर, करीब एक साथ बाद शुरू हुआ विज्ञान नगर अंडरपास का रास्ता</title>
                                    <description><![CDATA[एरोड्राम से झालावाड़ रोड होते हुए या विज्ञान नगर का लम्बा चक्कर लगाकर नए कोटा की तरफ जाना पड़ रहा था। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---thousands-of-people-no-longer-need-to-take-a-long-detour--vigyan-nagar-underpass-route-reopens-after-nearly-a-year/article-147648"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)63.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।औद्योगिक क्षेत्र की दर्जनों कॉलोनियों के हजारों लोगों को अब लम्बा चक्कर काटकर नए कोटा की तरफ नहीं जाना पड़ेगा। वे फिर से पुराने व शॉर्ट कट रास्ते से ही निकल सकेंगे। यह संभव हुआ है विज्ञान नगर अंडरपास का रास्ता शुरू होने से।<br />रेलवे की ओर से डकनिया रेलवे स्टेशन(न्यू कोटा जंक्शन) का विकास व निर्माण कार्य किया जा रहा है। उसके साथ ही इस रेलवे स्टेशन के नजदीक विज्ञान नगर अंडरपास जो पहले टू लेन ही था। उसे फोर लेन करने का काम किया जा रहा है। करीब एक साल पहले इस अंडरपास का काम शुरू किया गया था। लेकिन कभी बरसात तो कभी तकनीकी कारणों से इसका काम जहां कुछ समय में ही पूरा होना चाहिए था। उसे करीब एक साल का समय लग गया। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्र की दर्जनों कॉलोनियों जिनमें कंसुआ, गोविंद नगर, प्रेम नगर, संजय नगर समेत कई अन्य कॉलोनियों के लोगों को एरोड्राम से झालावाड़ रोड होते हुए या विज्ञान नगर का लम्बा चक्कर लगाकर नए कोटा की तरफ जाना पड़ रहा था। रेलवे की ओर से अंडरपास को फोर लेन करने का काम किया जा रहा है। जिसमें से फिलहाल टू लेन का ही काम हो सका है। वहीं टू लेन का काम अभी शेष है। जिसे भी शीघ्र ही पूरा कर दिया जाएगा।</p>
<p><strong>आवागमन हुआ शुरू</strong><br />रेलवे की ओर से अंडरपास के टू लेन को शुरू करने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिली है। रास्ता चालू होते ही दो पहिया से लेकर चार पहिया तक वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। जिससे लोगों को अब लम्बा चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>समय की भी हुई बचत</strong><br />कंसुआ निवासी प्रमोद गोचर ने बताया कि अंडरपास का काम करीब एक साल से चल रहा था। जिससे लोगों को लम्बा चक्कर लगाना पड़ रहा है। उससे पेट्रोल के साथ ही समय भी अधिक लग रहा था। जहां नए कोटा में जाने के लिए 5 से 10 मिनट का समय लगता है वहां 20 से 30 मिनट लग रहा था। अंडरपास शुरू होने से समय की बचत हो गई है।</p>
<p>गोविंद नगर निवासी महेश नागर का कहना है कि अंडरपास चालू होने से सुविधा हो गई है। इस अंडरपास से हजारों लोगों का बरसों से आना जाना है। इसके बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही थी।</p>
<p>इधर रेलवे कोटा के सीनियर डीसीएम सौरभ जैन का कहना है कि अंडरपास का काम तेजी से किया जा रहा है। आमजन की सुविधा को देखते हुए टू लेन का काम पूरा होने पर फिलहाल इसे तो शुरू कर दिया है। शेष काम चल रहा है। उसे भी शीघ्र ही चालू कर दिया जाएगा। जिसके बाद यहां फोर लेन से वाहनों का आवागमन आसानी से हो सकेगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि विज्ञान नगर अंडरपास का रास्ता बंद होने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 6 मार्च को पेज 7 पर ' करीब एक साल से बंद हैं विज्ञान नगर अंडरपास शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें लोगों की पीड़ा को बताया था। हालांकि इससे पहले भी इस मामले को प्रकाशित किया गया था। जिसमें रेलवे अधिकारियों ने इसे शीघ्र ही शुरू करने को कहा था। समाचार प्रकाशित होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने इसकी मॉनिटरिंग तेज की और काम की गति को बढ़ाते हुए इस अंडरपास के दो लेन से आवागमन शुरू कर दिया है। जिससे हजारों लोगों को राहत मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 13:30:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - नाले पर सुरक्षा दीवार निर्माण शुरू, क्षेत्रीय जनता में खुशी</title>
                                    <description><![CDATA[हादसे पर लगेगा विराम, लगभग एक साल बाद विभाग चेता ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---construction-of-safety-wall-over-drain-begins--local-residents-rejoice/article-146679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)21.png" alt=""></a><br /><p>नमाना रोड। स्टेट हाईवे-29 पर स्थित खतरनाक नाले पर सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग को लेकर प्रकाशित खबर का प्रभाव देखने को मिला है। 26 अप्रेल 2025 के अंक में पेज 14 पर प्रकाशित समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और नाले के किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे क्षेत्रीय वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार इस मार्ग पर लंबे समय से सुरक्षा दीवार नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ था। बरसात के दिनों में नाले में गहरी खाई में पानी भर जाता था और पहाड़ों से आने वाला तेज बहाव सड़क के ऊपर दो से तीन फीट तक बहता था। ऐसे में वाहन चालकों को नाले की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता था और हादसों की आशंका बनी रहती थी।</p>
<p>समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और तत्काल प्रभाव से सुरक्षा दीवार निर्माण के निर्देश दिए। इसके बाद अब निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा दीवार बनने से इस मार्ग पर होने वाले संभावित हादसों पर रोक लगेगी और यातायात अधिक सुरक्षित हो सकेगा। क्षेत्रीय निवासियों और वाहन चालकों ने समस्या को प्रमुखता से उठाने के लिए समाचार पत्र का आभार जताया है और विभाग द्वारा शीघ्र कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य शुरू कराने पर संतोष व्यक्त किया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 14:51:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - खानपुर सीएचसी को मिले डॉक्टर, मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[ दैनिक नवज्योति ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-news--khanpur-chc-receives-doctors--better-medical-facilities-now-available/article-146362"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)16.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खानपुर में चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को हो रही परेशानियों को लेकर 'दैनिक नवज्योति' द्वारा प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित संज्ञान लिया है। विभाग ने जनहित में कदम उठाते हुए रिक्त पदों की पूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। खानपुर सीएचसी में कार्यरत एक चिकित्सक का पीजी कोर्स के लिए चयन हो गया है। उच्च शिक्षा के लिए उनके कार्यमुक्त होने से अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी हो गई थी, जिससे ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही थीं। </p>
<p>दैनिक नवज्योति ने इस मुद्दे को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। तत्काल नियुक्ति के आदेश समाचार के असर के चलते, विभाग ने सीएचसी असनवार में कार्यरत संविदा चिकित्सक डॉ. भूपेश पहाड़िया को अग्रिम आदेशों तक तत्काल प्रभाव से सीएचसी खानपुर में नियुक्त कर दिया है। कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डॉ. पहाड़िया को दोपहर ही असनवार कार्यालय से कार्यमुक्त कर दिया गया है। उन्हें निर्देशित किया है कि वे बिना किसी विलंब के सीएचसी खानपुर में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें। क्षेत्र के ग्रामीणों ने 'दैनिक नवज्योति' का आभार जताते हुए कहा कि खबर के माध्यम से उनकी समस्या शासन तक पहुँची, जिससे अब मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 14:41:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - धरतीपुत्रों का इंतजार समाप्त, 25 से होगी फसलों की खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[इस सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 18 फरवरी को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---the-wait-of-the-sons-of-the-soil-is-over--crop-procurement-will-begin-from-the-25th/article-146060"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। धरतीपुत्रों का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो जाने के बाद राजफेड द्वारा रबी-2026 के अंतर्गत सरसों एवं चना की समर्थन मूल्य पर खरीद शीघ्र शुरू की जा रही है। राजफेड के चार क्षेत्रीय कार्यालयों कोटा, अजमेर, भरतपुर एवं श्रीगंगानगर में आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 मार्च से एवं खरीद 25 मार्च से शुरू होगी। जबकि, शेष चार क्षेत्रीय कार्यालयों जयपुर, जोधपुर, उदयपुर एवं बीकानेर नें आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 20 मार्च एवं खरीद 1 अप्रेल से शुरू होगी। भारत सरकार द्वारा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,200 रुपए प्रति क्विंटल एवं चना का समर्थन मूल्य 5,875 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। राज्य में सरसों की 13.78 लाख मीट्रिक टन एवं चना की 5.53 लाख मीट्रिक टन खरीद की सीमा निर्धारित की गई है।</p>
<p><strong>क्यूआर कोड स्कैन से करवा सकेंगे पंजीकरण</strong><br />सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने बताया कि जिलेवार सीमा आॅनलाइन उपलब्ध करवा दी गई है। अजमेर, जोधपुर, बीकानेर एवं कोटा क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों में एनसीसीएफ द्वारा एवं जयपुर, उदयपुर, श्रीगंगानगर एवं भरतपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 22 जिलों में नेफेड द्वारा खरीद कार्य करवाया जाएगा। सहकारिता मंत्री ने बताया कि सरसों एवं चना विक्रय के इच्छुक किसान स्वयं क्यूआर कोड स्कैन कर अथवा ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकेंगे। समर्थन मूल्य पर खरीद किसानों की आधार आधारित बायोमीट्रिक पहचान के माध्यम से ही की जाएगी। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार नैफेड और एनसीसीएफ के लिए समर्थन मूल्य पर खरीद 60 दिवस की अवधि में की जाएगी। सहकारिता मंत्री ने राजफेड को निर्देश दिए हैं कि खरीद केन्द्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कर ली जाए।</p>
<p><strong>गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप होगी खरीद</strong><br />सहकारिता मंत्री ने कहा कि किसान पूर्व की भांति एफएक्यू गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप अपनी फसल क्षेत्र की क्रय-विक्रय अथवा ग्राम सेवा सहकारी समिति केन्द्र पर विक्रय कर सकेंगे। किसान भाइयों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए राजफेड में कॉल सेन्टर 18001806001 स्थापित किया गया है। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे अपनी फसल को साफ-सुथरा कर तथा छानकर क्रय केन्द्रों पर लाएं ताकि गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप जिंस विक्रय कर सकें। हाड़ौती में कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ जिले के किसानों की फसलों कर खरीद की जाएगी। किसानों में खरीद की तिथि तय होने से खुशी का माहौल है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />हाड़ौती अंचल में रबी सीजन की मुख्य तिलहनी फसल सरसों की कटाई होने के बाद समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू नहीं होने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 18 फरवरी को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि खेतों में पीली फसल कटकर ढेरों में बदल रही है और मंडियों में नई उपज की आवक दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, लेकिन सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं होने से किसानों के चेहरे पर खुशी की जगह चिंता साफ दिखाई दे रही है। समर्थन मूल्य घोषित होने के बावजूद जमीनी स्तर पर खरीद की ठोस शुरूआत न होने से किसान असमंजस की स्थिति में हैं। यदि जल्द ही सरसों की सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 14:02:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : गंगधार किले व रानी महल जीर्णोद्धार के लिए 80 लाख स्वीकृत, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति ने ऐतिहासिक धरोहरों के रखरखाव को लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए थे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-news---80-lakh-rupees-approved-for-the-renovation-of-gangdhar-fort-and-rani-mahal/article-145492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)5.png" alt=""></a><br /><p>चौमहला। चौमहला ग्रामीण विकास विभाग द्वारा डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के आवंटन में से गंगधार कस्बे में स्थित रानी महल व प्राचीन किला एवं इसमें स्थित देवल माता मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाएगा। सरकार द्वारा प्राचीन ऐतिहासिक धरोहर के लिए राशि स्वीकृत करने पर ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त किया है,दैनिक नवज्योति द्वारा समय समय पर इन ऐतिहासिक इमारतों के रख रखाव को लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए थे।</p>
<p>ग्रामीण विकास विभाग द्वारा डॉ श्यामप्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के अंतर्गत रानी महल अब पुराना तहसील भवन के जीर्णोद्धार के लिए 40 लाख रुपए तथा राजा का किला एवं देवलमाता मंदिर के लिए 40 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है साथ ही विभाग द्वारा ग्राम पंचायत रोझाना में सागर तालाब जीर्णोद्धार एवं छतरियों के निर्माण के लिए 48 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई। </p>
<p>स्थानीय नागरिकों द्वारा जिला कलेक्टर को कई बार पत्र लिखकर ऐतिहासिक धरोहर की मरम्मत की मांग की थी,जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ द्वारा कुछ माह पूर्व परिवार सहित महालक्ष्मी माता मंदिर में दर्शन कर पूजा आरती की थी तथा आसपास नदी, पुष्प वाटिका के सौंदर्य को निहारा था, इसके पश्चात जर्जर हो चुके पुराने तहसील भवन व पुरासम्पदा गंगधार गढ़ किले और, जल सागर बड़ा तालाब जेताखेड़ी , आसपास की बनी ऐतिहासिक प्राचीन छतरियों का अवलोकन किया व इनके बारे में जानकारियां ली थी। जिनके संरक्षण व जीर्णोद्धार के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए थे तथा इन प्राचीन धरोहरों के संरक्षण के लिए पुरातत्व विभाग में शामिल करने के लिए विभाग को पत्र लिखने की बात भी कही थी। सरकार द्वारा राशि स्वीकृत करने पर पूर्व सरपंच राजेश नीमा,दशरथ पांडे,मथुरेश शर्मा,दिलीप मोरी,मनीष मिश्रा ने मुख्य मंत्री भजनलाल शर्मा,पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह, विधायक कालूराम मेघवाल,जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ का आभार प्रकट किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 15:00:56 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - जिस टॉयलेट में सांस लेना तक दूभर था, उसकी खुशबूदार फिनायल से धुलाई की</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति ने खबर में सत्य छापा..... हमें भी फिक्र आगे से ठीक रखेंगे। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---the-toilet--which-was-difficult-to-breathe-in--was-cleaned-with-scented-phenyl/article-144258"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/toilet-kota.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दैनिक नवज्योति में 18 फरवरी को ''यात्रीगण कृपया ध्यान दें.........'' शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद रोड़वेज प्रशासन हरकत मे आया। संजय नगर स्थित बस स्टेण्ड़ पर बने स्टाफ टॉयलेट की मरम्मत करवाकर बंद पड़े वॉश बेसिन के नलों को चालू कर दिया गया। जिस टॉयलेट में सांस लेना तक दूभर था सफाई कर्मियों द्वारा उनमें खुशबुदार फिनायल से धुलाई की जा रही थी । पूरे परिसरों के भीतर पौछा लगाया जा रहा था। हालांकि परिसर में बना शुलभ शौचालय अभी भी नहीं खोला गया, लेकिन परिसर में साफ सफाई के प्रयास देखकर बस स्टैण्ड़ पर यात्रियों के चेहरे पर खुशी साफ दिख रही थी । यात्रा कर रही ममता ने बनाया कि 20 दिन बाद यहां दौबारा आयी हूं ।आज देखा कि नीचें वाला स्टाफ टॉयलेट साफ हो गया तो पहली बार प्रयोग किया है।</p>
<p><strong>एडीसीए की महिला टीम ने लिया बस स्टैंड के हालातों का जायजा</strong></p>
<p>शनिवार को मानवाधिकार सहयोग संघ एडीसीए की महिला टीम ने संजय नगर बस स्टैंड का दौरा किया और मौके पर फैली अव्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन किया। टीम ने पाया कि टॉयलेट के नाम पर एकमात्र स्थान पर अभी भी ताला लगा हुआ था। परिसर में पानी की समुचित व्यवस्था अभी नहीं थी।</p>
<p><strong>वात्सल्य कक्ष तैयार करने की बात कही</strong></p>
<p>एडीसीए की जिला अध्यक्ष सीता प्रजापती ने बताया कि दैनिक नवज्योति में प्रमुखता से छपी जन समस्याओं की खबरों पर संज्ञान लेते हुये राष्ट्रीय महासिचव राकेश तंवर के निदेर्शानुसार यह दौरा किया गया। इस दौरान महिलाओं की गरिमा के सम्मान हेतु आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और वात्सल्य रूम (मदर केयर रूम) तैयार करने की मांग की।</p>
<p><strong>खबर में छपा सब सत्य</strong></p>
<p>एडीसीए की महिला टीम ने परिसर का दौरा करने के बाद रोड़वेज के प्रशासनिक भवन में बैठी नीति गोयल मैनेजर प्रशासन से दैनिक नवज्योति में प्रकाशित खबर मे छपे हालात पर बात कही तो रोड़वेज प्रशासननिक अधिकारियों ने भी प्रकाशित खबरों की पुष्टि करते हुये अक्षरश: सत्य होने की बात कहकर आगे से इसमें सुधार की बात कही । तथा शीघ्र ही सुधार करवाने की बात कही।</p>
<p>दैनिक नवज्योति में प्रकाशित खबरों पर संज्ञान लेते हुये हमारी टी म ने रोड़वेज बस स्टेण्ड़ का दौरा किया कमियों के बारे में मौके पर एक रिर्पोट तैयार की है, जिसे आगे कार्यवाही के लिये भेजा जायेगा।</p>
<p><strong>-सीमा प्रजापति, जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ एडीसीए</strong></p>
<p><strong>यह बोले जिम्मेदार</strong></p>
<p>महिलाओं के सम्मान के लिये निगम तत्परता से कार्य करवाने के लिये तैयार है, एक दो दिन में सामने आयी परेशानियों को दूर करवा दिया जाएगा।</p>
<p><strong>-नीति गोयल , प्रशासनिक प्रबन्धक कोटा आगार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 14:49:37 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का - मुकुंदरा में री-वाइल्डिंग की बड़ी छलांग - बाघिन एमटी- 7 अब 5 से 21 हेक्टेयर एनक्लोजर में शिफ्ट</title>
                                    <description><![CDATA[रेडियो-कॉलरिंग के बाद विस्तृत वन क्षेत्र में छोड़ा,  हर मूवमेंट पर होगी नजर,नवज्योति की खबरों के बाद चेता वन विभाग तो बाघिन को मिली आजादी की राह ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--a-major-leap-forward-in-mukundra-s-rewilding-efforts---tigress-mt-7-now-shifted-from-a-5-hectare-enclosure-to-a-21-hectare-enclosure/article-144257"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/mukundra.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रणथंभोर में कभी मां को खोकर असहाय हुई मासूम शावक आज आत्मविश्वास से भरी युवा बाघिन बन चुकी है। संघर्ष से संकल्प तक की कहानी लिख रही बाघिन एमटी- 7 ने मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में री-वाइल्डिंग की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए बड़े एनक्लोजर में प्रवेश कर लिया है। एमटी- 7 अब आजादी की राह पर और आगे बढ़ गई है। वैज्ञानिक निगरानी और सख्त प्रोटोकॉल के बीच शनिवार को उसे 5 हेक्टेयर से 21 हेक्टेयर के बड़े एनक्लोजर में शिफ्ट कर दिया गया। यह सिर्फ स्थानांतरण नहीं, बल्कि खुले जंगल में उसकी स्वाभाविक वापसी की मजबूत दस्तक है।</p>
<p>दरअसल, मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में एक साल से चल रही री-वाइल्डिंग प्रक्रिया के तहत बाघिन को विशेषज्ञों की निगरानी में रेडियो कलरिंग के बाद 5 हेक्टेयर के एनक्लोजर से निकाल 21 हेक्टेयर के बड़े एनक्लोजर में शिफ्ट किया गया। यह कदम बाघ संरक्षण और वैज्ञानिक पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p><strong>अब खुले जंगल से एक कदम दूर</strong></p>
<p>मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक व फील्ड डायरेक्टर सुगनाराम जाट का कहना है कि बाघिन एमटी- 7 निर्धारित टारगेट से दो गुना यानी 100 से ज्यादा शिकार कर चुकी है। वह शिकार करने की कला में निपूर्ण हो चुकी है। ऐसे में जंगल की चुनौतियों व संघर्ष के बीच खुद को ढाल सके, इसके लिए विचरण क्षेत्र बढ़ाना आवश्यक था। एनटीसीए की परमिशन के बाद मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (सीडब्लूएलडब्ल्यू) से अनुमति मिलने पर शनिवार शाम विशेषज्ञों की निगरानी में बाघिन को चार गुना बड़े एनक्लोजर में शिफ्ट किया गया। अब रेडियो कॉलर के माध्यम से बाघिन के हर एक मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। रिवाल्डिंग को लेकर एनटीसीए के प्रोटोकॉल पूरे होने पर टाइग्रेस को खुले जंगल में रिलीज कर दिया जाएगा। <br /> <br /><strong>मां को खोने के बाद शुरू हुआ संघर्ष</strong></p>
<p>रणथंभोर की बाघिन टी - 114 की मौत के बाद 31 जनवरी 2023 को बाघिन एमटी- 7 को शावक अवस्था में कोटा लाया गया था। तब उसकी उम्र महज ढाई माह थी। अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में उसकी परवरिश की गई। यहां करीब 22 माह तक नियंत्रित वातावरण में री-वाइल्डिंग की गई। जीवित शिकार के जरिए उसमें शिकार करने की कला विकसित की गई। इसके बाद 2 वर्ष की उम्र के पूरी करने के बाद दिसंबर 2024 को मुकुन्दरा के 5 हेक्टेयर री-वाइल्डिंग एनक्लोजर में शिफ्ट किया गया। पिछले 14 महीनों में उसने सफल शिकार, स्वाभाविक व्यवहार और बेहतर अनुकूलन क्षमता का प्रदर्शन किया।</p>
<p><strong>एनटीसीए की हरी झंडी के बाद बढ़ा कदम</strong></p>
<p>सीसीएफ जाट ने बताया कि री-वाइल्डिंग प्रक्रिया का मूल्यांकन करने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की विशेषज्ञ टीम ने मुकुन्दरा आकर बाघिन के व्यवहार, शिकार क्षमता और स्वास्थ्य परीक्षण का निरीक्षण किया। संतोषजनक रिपोर्ट के आधार पर चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की अनुमति दी गई।इसी क्रम में पहले चरण में उसे 5 हेक्टेयर से 21 हेक्टेयर के बड़े एनक्लोजर में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।</p>
<p><strong>रेडियो-कॉलरिंग के बाद नई शुरूआत</strong></p>
<p>मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की अनुमति के बाद गठित विशेषज्ञ दल जिसमें फील्ड अधिकारी, पशु चिकित्सक और वन्यजीव जीवविज्ञानी शामिल थे, उन्होंने शनिवार शाम 5:30 बजे बाघिन को ट्रैंक्वलाइज किया।रेडियो कॉलर लगाने के साथ उसके स्वास्थ्य संबंधी सभी मानक दर्ज किए गए। इसके बाद उसे 21 हेक्टेयर के एनक्लोजर में छोड़ दिया गया, जहां उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।</p>
<p><strong>अंतिम लक्ष्य: खुले जंगल में स्वतंत्र विचरण</strong></p>
<p>वन विभाग के अनुसार, भविष्य में बाघिन को खुले प्राकृतिक वन क्षेत्र में छोड़े जाने का अंतिम निर्णय उसके व्यवहार, प्रदर्शन और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। यह पूरी कार्यवाही वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है और बाघ संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक पहल मानी जा रही है।</p>
<p><strong> इसलिए खास है यह कदम </strong></p>
<p>अनाथ शावक को सफलतापूर्वक जंगल जीवन के लिए तैयार करना, चरणबद्ध री-वाइल्डिंग का वैज्ञानिक मॉडल,रेडियो-कॉलरिंग से सतत निगरानी और सुरक्षा,<br />मुकुन्दरा में बाघों की स्थायी उपस्थिति की दिशा में मजबूत प्रयास मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में एमटी -7 की यह नई शुरूआत न सिर्फ वन विभाग की प्रतिबद्धता को दशार्ती है, बल्कि यह उम्मीद भी जगाती है कि आने वाले समय में वह स्वतंत्र रूप से खुले जंगल की रानी बनकर विचरण करेगी।</p>
<p><strong>नवज्योति बनी आवाज तो आजादी की मंजिल हुई आसान</strong></p>
<p>बाघिन एमटी-7 को री- वाइल्डिंग के नाम पर 14 माह से 5 हेक्टेयर एनक्लोजर में रखा जा रहा था। यह क्षेत्र बाघिन के विचरण के लिहाज से छोटा था। जहां वह टेरिटरी बनाना, शिकार के लिए एक ही तरह के जानवरों की उपलब्धता होने से खुले जंगल में अलग अलग जानवरों का शिकार करने और वास्तविक चुनौतियों से निपटने के गुण विकसित होने के उद्देश्य पूरे नहीं हो पा रहे थे। ऐसे में दैनिक नवज्योति ने लगातार खबरें प्रकाशित कर अधिकारियों का ध्यान इस और आकर्षित किया। इसके बाद वन विभाग ने बाघिन को 5 से 21 हेक्टेयर के वन क्षेत्र में रिलीज करने का निर्णय लिया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 14:47:28 +0530</pubDate>
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