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                <title>impact of news - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का : मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के दो वन रक्षकों को मिली चार्जशीट</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति ने उजागर किया था वन अपराध, वनप्रेमियों का सवाल एक को सस्पेंड कर दूसरे को बख्शा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--two-forest-guards-from-mukundra-tiger-reserve-issued-charge-sheets/article-164901"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(3)18.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से अवैध रूप से वन उपज से भरे वाहन को पैसे लेकर छोड़ने के मामले में दो वन रक्षकों पर गाज गिरी है। कोलीपुरा रेंज के वन रक्षक गोविंद मेरोठा व रामावतार गुर्जर के खिलाफ चार्जशीट देने की कार्रवाई की गई है। दैनिक नवज्योति ने 25 मई को टाइगर रिजर्व से वन अपराध में पकड़ी गाड़ी, पैसे लेकर छोड़ी...शीर्षक से खबर प्रकाशित कर वन अपराध में कर्मचारियों की संलिप्ता उजागर की थी। इसके बाद डीएफओ मुथुएस ने जांच के आदेश जारी कर वन रक्षक गोविंद मेरोठा को सरस्पेंड कर दिया था। ढाई माह चली जांच के बाद अगस्त में दोनों वनरक्षकों को चार्जशीट दी गई।</p>
<p><strong>एकतरफा कार्रवाई से मंशा पर उठे सवाल</strong><br />मामले में दोनों वनरक्षकों को चार्जशीट देने से पहले एक ही वन रक्षक को सस्पेंड करने की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई। हुआ यूं, घटना के समय वन रक्षक गोविंद व रामावतार दोनों ही मौके पर मौजूद थे। परिवादी हेमराज गुर्जर ने दोनों वनरक्षकों पर पैसे लेकर बिना रसीद दिए वन उपज से भरे वाहन को छोड़ने की लिखित शिकायत दी थी। इस पर मामला उजागर होने के बाद डीएफओ ने वनरक्षक गोविंद मेरोठा को सस्पेंड कर दिया था। जिसके सस्पेंशन आॅर्डर में बताया गया कि वन रक्षक मेराठा को प्रकरण दर्ज करने व कम्पाउंड करने का अधिकार नहीं था। इसके बावजूद अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कॉर्मिशियल वाहन को बहुत कम राशि में कम्पाउंड कर दिया गया। जबकि, एफआईआर काटने और कम्पाउंड करने वाला वन रक्षक रामावतार गुर्जर था। जिसका सबूत सूचना का अधिकार में मांगी गई एफआईआर की कॉपी से हुआ। जिसमें रामावतार के हस्ताक्षर हो रहे हैं। इससे मुकुंदरा प्रशासन की अपने ही स्टाफ पर पक्षपातपूर्व कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई।</p>
<p><strong>यह है मामला</strong><br />बोराबास क्षेत्र स्थित भैरुपुरा गांव से 19 मई की रात 2 बजे बिल्व पत्र के छिलके से भरी मेटाडोर चित्तौड़ नीमच मंडी जा रही थी। जिसे कोलीपुरा रेंज के वनकर्मियों ने बालाजी हनुमान मंदिर के पास रोका था और 28 हजार रुपए लेकर बिना रसीद दिए वाहन छोड़ दिया। पीड़ित परिवादी सांवता गुर्जर व हेमराज ने अगले दिन कोलीपुरा व बोराबास क्षेत्रीय वन अधिकारी कार्यालय में घटना की लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पैसे देने के बाद भी वनकर्मचारी गोविंद व रामावतार ने हमें रसीद देने से इंकार कर दिया।</p>
<p>मुख्य अभियुक्त को छोड़ सह अभियुक्त को सस्पेंड करना मुकुंदरा प्रशासन की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई को दर्शाता है। मुकुंदरा उप वन संरक्षक द्वारा अपने ही स्टाफ के प्रति इस तरह की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करेंगे तो इसका असर भविष्य में टाइगर मॉनिटरिंग पर पड़ेगा। क्योंकि, मॉनिटरिंग फिल्ड स्टाफ करता है। सस्पेंड दोनों को ही किया जाना चाहिए था।<br /><strong>-तपेश्वर सिंह भाटी, एडवोकेट एवं वन्यजीव प्रेमी</strong></p>
<p>तत्कालीन एसीएफ की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों वन रक्षकों को चार्जशीट दे दी है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।<br /><strong>-मूथूएस डीएफओ मुकुंदरा टाइगर रिजर्व</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Sep 2026 15:03:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर  खबर का : शहर की सड़कों पर अब नजर आई वातानुकूलित ई बसें</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में 100 ई बसों का संचालन किया जाना है जिनमें से अभी तक 49 बसें आ चुकी है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--air-conditioned-e-buses-now-visible-on-city-roads/article-164063"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/kota.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगरीय परिवहन की सुविधायुक्त व वातानुकूलित ई बसें शहर की सड़कों पर अब नजर आने लगी हैं। शहर में फिलहाल चार मार्गों पर 10 ई बसें दौड़ रही हैं। पीएम ई बस योजना के तहत कोटा में 100 ई बसों का संचालन किया जाना है। जिनमें से अभी तक 49 बसें आ चुकी है। नगर निगम चुनाव की आचार संहिता से पहले 18 अगस्त को 10 ई बसों का उद्घाटन कर इनकी शुरुआत तो कर दी थी। लेकिन उसके बाद से इन बसों का संचालन नहीं किया गया था। जिससे शहरवासी इन बसों के चलने का इंतजार ही कर रहे थे। कोटा बस सर्विसेज लिमिटेड के माध्यम से इन बसों का संचालन किया जा रहा है। शहर में गुरुवार को लोगों को बस सड़कों पर दिखी तो लोग इनमें सवार हुए। जिससे बिना शोर व प्रदूषण युक्त इन एसी बसों में लोगों ने सफर किया।</p>
<p><strong>सुबह 6 से रात 9.30 तक सुविधा</strong><br />शहर में फिलहाल ये बसें सुबह 6 बजे से रात 9.30 बजे तक चलाई जा रही है। एरोड्राम से रानपुर तक और वहां से वापस एरोड्राम तक इस मार्ग पर 4 बसें है। एरोड्राम से सोगरिया मार्ग पर 2 बसें, रायपुरा से भदाना मार्ग पर 2 और रेलवे स्टेशन से मुकुंदरा तक 2 बसें चल रही है। नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि कोटा में 49 बसें आ चुकी है। उनमें से जिन बसों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है उनका संचालन शुरू कर दिया है। शेष बसों को भी शीघ्र ही चलाया जाएगा। वैसे शहर में 100 बसें आनी है। सभी बसें आने के बाद शहर वासियों को इन बसों की सुविधा बिना किसी इंतजार के मिलने लगेगी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि ई बसों का उद्घाटन होने के बाद सड़कों पर नजर नहीं आने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 21 अगस्त को पेज दो पर'कठी छ र भाया या ई-बस शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि उद्घाटन के बाद से इन बसों का संचालन नहीं हो रहा है। जिससे शहरवासी इन बसों का इंतजार ही कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 12:29:37 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : बारिश से बिगड़ी सड़कों की केडीए ने ली सुध, गड्ढे भरने और पेचवर्क का काम तेज</title>
                                    <description><![CDATA[एरोड्रम से सीएडी और महाराणा प्रताप सर्किल रोड पर गिट्टी फैलने से हो रहे थे हादसे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--kda-takes-note-of-roads-damaged-by-rain--work-on-filling-potholes-and-patch-repairs-accelerates/article-163725"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)87.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में मुख्य मार्गों की सड़कों पर पेचवर्क कर उन्हें सही करने का काम किया जा रहा है।शहर में इस बार अभी तक लगातार मूसलाधार बारिश तो नहीं हुई है। लेकिन गत दिनों जितनी सी भी हल्की बारिश हुई थी। उसी में शहर के अधिकतर क्षेत्रों में गली मौहल्लों की ही नहीं मुख्य मार्गों तक की सड़कें बदहाल हो गई थी। कई जगह तो बड़े-बड़े गड्ढ़े हो गए थे और कई जगह पर डामर उखडऩे से सड़कों पर गिट्टी फेल गई थी। जिससे आए दिन वाहनों का संतुलन बिगडऩे से हादसे हो रहे थे।एरोड्राम चौराहे से सीएडी रोड हो या नदी पार क्षेत्र में महाराणा प्रताप सर्किल की रोड। कई जगह पर तो दो पहिया वाहनों का निकलना तक मुश्किल हो रहा था। गत दिनों तो स्कूटी सवार एक महिला की गिट्टी पर वाहन का संतुलन बिगडऩे से गिरने पर उनकी मौत तक हो गई थी। इसे देखते हुए केडीए ने सड़कों के गड्ढ़ों को सही करने का काम शुरु कर दिया है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि शहर के मुख्य मार्गों पर हो रहे गड्ढ़ों का मामला दैनिक नवज्योति ने उठाया था। समाचार पत्र में 12 अगस्त को पेज दो पर' ऐ भाई...जरा देखकर चलों शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें शहर की अधिकतर बदहाल सड़कों की हालत को बयां किया था। साथ ही सीएडी रोड पर गिट्टी फेलने समेत कई जगह का मामला उठाया था।<br />समाचार प्रकाशित होने के बाद अधिकारी हरकत में आए। </p>
<p>गत दिनों केडीए आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि सड़कों के गड्ढ़ों को तुरंत सही किया जाए। जिससे आमजन को परेशानी नहीं हो और हादसे भी नहीं हो सके। इसके बाद केडीए अधिकारियों ने सड़कों के गड्ढ़े भरने व पेचवर्क का काम शुरु किया है। </p>
<p>केडीए सचिव मुकेश कुमार चौधरी ने बताया कि शहर में कई जगह पर मेन रोड पर बड़े गड्ढ़े हो गए थे। फिलहाल उन्हें स्मूथ करने का काम किया जा रहा है। जहां सीसी हो सकता है वहां सीसी किया जा रहा है और जहां डामर का पेचवर्क हो सकता है वहां उसे किया जा रहा है। अभी काम चल रहा है। कई जगह पर काम हो गया है और कई जगह पर चल रहा है। जहां अधिक समस्या है वहां जल्दी ही सड़कों को सही करवा दिया जाएगा। जिससे वाहनों का संतुलन नहीं बिगड़े और हादसे नहीं हों। जबकि बड़े स्तर पर सड़कों को सही करने का काम बरसात का सीजन समाप्त होने के बाद 15 सितम्बर से किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 15:17:01 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, 390 किलो संदिग्ध घी सीज़, मावा-पनीर के 4 सैंपल लिए</title>
                                    <description><![CDATA[मिलावट और गंदगी पर ऋरर अू३ के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--major-action-by-the-food-safety-department--390-kg-of-suspicious-ghee-seized--and-samples-of--mawa--and--paneer--collected/article-163480"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(5)25.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। त्योहारों के सीजन में मिलावटखोरों के बढ रहे नेटवर्क पर अंकुश लगाने के लिए कोटा में खाद्य सुरक्षा दल ने कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण टीम ने जिले के आधा दर्जन खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर नमूने लिए। औचक जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने संदिग्ध पाए जाने पर मौके पर ही 390 किलोग्राम घी सीज़ किया।</p>
<p><strong>4 सैंपल प्रयोगशाला भेजे सख्त हिदायत दी</strong><br />खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए घी, मावा-मिठाई (2) और पनीर का 1 सैंपल (कुल 4 नमूने) संग्रहित कर जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भिजवाए गए हैं। सभी दुकानदारों को राखी पर्व के मद्देनज़र साफ-सफाई और गुणवत्ता में तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए। गुणवत्ता में सुधार न करने पर ऋरर अू३ के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।</p>
<p><strong>हरकत में आया विभाग</strong><br />दैनिक नवज्योति ने बुधवार को प्रकाशित खबर बडा सवाल कहां से हो रही आपूर्ति रोजाना खप रहा तीन टन मावा..... शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद हरकत में आए विभाग ने कार्यवाही करते हुए मिलावट खोरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वही विभाग मुख्य चिकित्सा एव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेन्द्र नागर ने कहा कि सीजन में खपत बढ़ने के कारण बाहर से आने वाले मावा और पनीर की गाड़ियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। जिसके लिए अलग से टीमें तैयार की जा रही है।</p>
<p><strong>जांच दल में शामिल अधिकारी</strong><br />इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप अग्रवाल, अरुण सक्सेना, चंद्रवीर सिंह जादोन और मोजीलाल कुंभकार शामिल रहे। विभाग के अनुसार, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 11:44:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का- लखावा प्लांटेशन में भ्रष्टाचार पर एनजीटी सख्त, दोषी अफसरों पर कठोर कार्रवाई और वसूली के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[कोर्ट ने फोरेस्ट सचिव व हॉफ को दिए निर्देश, दो सप्ताह में देनी होगी कार्रवाई की रिपोर्ट ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--ngt-takes-a-stern-view-of-corruption-at-the-lakhava-plantation--orders-strict-action-against-guilty-officials-and-recovery-of-funds/article-163133"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)73.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा वन मंडल के लखावा प्लांटेशन में हुए भ्रष्टाचार व सरकारी धन के गबन के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है।14 अगस्त को हुई सुनवाई में मामले को बेहद गंभीर मानते हुए राजस्थान फोरेस्ट के प्रमुख सचिव और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) को तत्काल हस्तक्षेप कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने व दो सप्ताह में अनुपालना रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>एनटीजी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई बिलों को पास करने में किए गए गबन और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन में सरकारी धन के दुरुपयोग के संबंध में की जानी चाहिए। चूंकि, यह राजकीय कोष और सार्वजनिक धन का नुकसान है, इसलिए हर हाल में इसकी रक्षा की जानी चाहिए। वहीं, जाली बिल बनाकर उन्हें तैयार करने, निकालने और प्रस्तुत करने में जो राशि गलत तरीके से उपयोग या गबन की गई है, उसकी वसूली करने के साथ-साथ दोषियों को दंडित भी किया जाना चाहिए।</p>
<p><strong>सरकारी धन की हर हाल में हो सुरक्षा</strong><br />एनजीटी ने लखावा प्लांटेशन में हुए सरकारी धन के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए फोरेस्ट सचिव व हॉफ को सरकारी धन की हर हाल में हो सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सरकार द्वारा कैम्पा फंड में दिए जाने वाले बजट-अनुदान का सही उपयोग हो, ऐसी नियंत्रण व्यवस्था की जानी चाहिए।</p>
<p><strong>ऐसी कार्रवाई करें, दोबारा न हो ऐसा गबन</strong><br />एनजीटी ने उम्मीद जताई कि फोरेस्ट सचिव और प्रधान मुख्य वन संरक्षक द्वारा पर्यावरण हित में तत्कालीन दोषी अधिकारियों के खिलाफ प्रभावी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे। कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह के मामले दोबारा सामने न आएं। अधिकरण ने दोनों अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी। तब तक राज्य सरकार को एनजीटी के निर्देशों पर की गई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करनी होगी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उजागर किया था भ्रष्टाचार</strong><br />दैनिक नवज्योति ने 23 मई 2024 से 29 जनवरी 2026 तक सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित कर लखावा प्लांटेशन में हुए भ्रष्टाचार और सरकारी धन का गबन उजागर किया था। जिसके बाद वन विभाग ने मुख्यालय जयपुर से अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन सुरक्षा) केसी मीणा को कोटा भेज प्लांटेशन की जांच करवाई थी। उनकी रिपोर्ट में न केवल नवज्योति की खबर पर मोहर लगी बल्कि विभाग की आंख खोलने के लिए नवज्योति को आई ओपनर माना था।</p>
<p><strong>एपीसीसीएफ की रिपोर्ट में प्लांटेशन फेल मिला</strong><br />एनजीटी के समक्ष रखी जांच रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन सुरक्षा) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि लखावा-8 में पूरे क्षेत्र का निरीक्षण करने के बावजूद 100 पौधे भी नहीं मिले, जबकि 8 हजार पौधे लगाने का दावा किया गया था। उन्होंने रिपोर्ट में वृक्षारोपण को पूरी तरह असफल बताया।</p>
<p><strong>21.42 लाख का गबन, सरकार के साथ धोखा</strong><br />कोटा पीएंडएम गणना दल के उप वन संरक्षक ने 30 सितंबर से 4 अक्टूबर 2024 के बीच दोबारा लखावा-8 प्लांटेशन की जांच की। रिपोर्ट में पौधों के रखरखाव के नाम पर खर्च हुए 21 लाख 42,106 रुपए को सरकार के साथ धोखा, गबन बताया गया। इसमें काम प्रमाणित करने वाले वन अधिकारियों, फर्जी बिल तैयार कर भेजने वाले कर्मचारियों और वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष से राशि वसूलने की बात कही गई।</p>
<p><strong>गबन छिपाने को भरी गर्मी में लगाए पौधे</strong><br />13 अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट में कुछ वृक्षारोपण नवंबर-दिसंबर 2023 और मार्च-जून 2024 में किए जाने का उल्लेख था। भरी गर्मी में पौधारोपण कैसे हुआ, जांच अधिकारियों ने इस पर सवाल उठाया। रिपोर्ट में यह आशंका भी दर्ज की गई कि या तो पौधे लगाए ही नहीं गए या फिर उनके नाम पर फर्जी बिल निकाले गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 15:40:37 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : नयागांव गुजरान में श्मशान निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति जारी</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में प्रमुखता से खबर छपने के महज 24 घंटे में ग्राम पंचायत ने लिया एक्शन। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-news---approval-granted-for-cremation-ground-construction-in-nayagaon-gujran/article-162945"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(1)59.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर उपखंड क्षेत्र के बेसार ग्राम पंचायत के नयागांव गुजरान में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और श्मशान घाट की बदहाल स्थिति को लेकर दैनिक नवज्योति टीम ने 12 अगस्त 2026 को प्रमुखता से मुद्दा उठाया था । जिसके बाद महज 24 घंटे में इसका त्वरित असर देखने को मिला है। खबर के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याएं सामने आने के बाद ग्राम पंचायत ने श्मशान घाट के विकास की दिशा में पहल की है।</p>
<p>बेसार ग्राम पंचायत के सरपंच मदन लाल वर्मा ने मामले में तत्काल पहल करते हुए श्मशान घाट के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त करवाई है। इसके तहत राज्य वित्त आयोग षष्ठम् योजना के अंतर्गत कार्य करवाया जाएगा। प्राप्त स्वीकृति के अनुसार कार्य की अनुमानित लागत 1 लाख 20 हजार रुपये निर्धारित की गई है। कार्य को 3 माह की अवधि में पूरा किया जाना प्रस्तावित है।<br />इस संबंध में प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है। ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर प्रकाशित खबर के बाद हुई इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है। ग्रामीणों ने श्मशान घाट के विकास की प्रशासनिक स्वीकृति मिलने पर खुशी जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि स्वीकृत कार्य जल्द शुरू होकर निर्धारित समय में पूरा होगा। साथ ही ग्रामीणों ने गांव की सड़क और अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान की भी मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 15:14:49 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : खानपुर सीएचसी की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार, लैब अब 12 घंटे खुली रहेगी, प्रसूति व आपातकालीन सेवाएं भी 24 घंटे उपलब्ध</title>
                                    <description><![CDATA[जरूरतमंद मरीजों को जल्द ही सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगा रक्त।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-news---improvements-in-medical-services-at-khanpur-chc--the-lab-will-now-remain-open-for-12-hours--and-maternity-and-emergency-services-will-be-available-round-the-clock/article-162742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(7)3.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खानपुर में चिकित्सा व्यवस्था में सुधार के साथ मरीजों को पहले की अपेक्षा अधिक सुविधाएं उपलब्ध होने लगी हैं। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की जरूरत को देखते हुए लैब की सेवाओं का समय बढ़ाकर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक कर दिया है। लेबर रूम चौबीस घंटे संचालित होने से प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को राहत मिली है। गौरतलब है कि 9 तारीख 2026 के अंक में दैनिक नवज्योति समाचार पत्र में स्वास्थ्य केन्द्र में नहीं मिल रहा बेहतर उपचार शीर्षक  से समाचार प्रकाशित कर जिला  प्रशासन का ध्यान आकर्षित करवाया था।</p>
<p>डॉ. नरेंद्र कुमार स्वामी स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में चौबीस घंटे उपलब्ध रहकर हाई रिस्क प्रेगनेंसी तथा जटिल प्रसव के मामलों को संभाल रहे हैं। डॉ. शैलेन्द्र मेहता ईएनटी विशेषज्ञ के रूप में मरीजों को उपचार दे रहे हैं। दंत चिकित्सक और अन्य चिकित्सा अधिकारी भी रोटेशन के आधार पर रात्रिकालीन सेवाएं दे रहे हैं। सीएचसी में प्रतिदिन करीब 500 से 550 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। </p>
<p>मौसम में बदलाव के चलते सर्दी, जुकाम, बुखार और पेट दर्द के मरीज अधिक आ रहे हैं। अस्पताल में प्रतिमाह करीब 125 प्रसव हो रहे हैं। प्रसव सेवाएं चौबीस घंटे उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर उपचार मिल रहा है। अस्पताल की ब्लड स्टोरेज यूनिटको नियमित रूप से पूरी तरह सक्रिय करने की तैयारीं है। इसके सक्रिय होने से जरूरतमंद मरीजों को अस्पताल में ही रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। नवजात शिशुओं के लिएएनबीएसयू में तत्काल उपचार एवं स्थिरीकरण की सुविधा उपलब्ध बाद नवजात की स्थिति गंभीर पलब्ध है। प्रसव के होने पर पहले उसे स्थिर किया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर ही उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा जाता है। इससे  आपात स्थिति में समय पर उपचार मिलने की संभावना बढ़ी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 14:58:58 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : जिला प्रशासन ने जेडीबी आर्ट्स प्राचार्य से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[कमेटी ने गत वर्ष सुप्रीम कोर्ट को सौंपी 40 पेजों की रिपोर्ट में इसके गंभीर दुष्प्रभाव बताए थे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--district-administration-seeks-explanation-from-jdb-arts-principal/article-161841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय कला कन्या महाविद्यालय (जेडीबी आर्ट्स) परिसर में लगाए गए स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कोनोकार्पस इरेर्क्ट्स पौधे का मामला जिला प्रशासन तक पहुंच गया है। जिला कलक्टर कार्यालय ने रविवार को कॉलेज शिक्षा के क्षेत्रिय सहायक निदेशक से इस मामले में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस पर सहायक निदेशक ने प्रो. नवीन मित्तल ने जेडीबी आर्ट्स कॉलेज प्राचार्य प्रो. सीमा चौहान से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन द्वारा सोमवार को स्पष्टीकरण दिए जाने की तैयारी में जुट गया है।</p>
<p>बता दें, दैनिक नवज्योति ने 2 अगस्त के अंक में जेडीबी आर्ट्स ने कॉलेज में लगा दिए बीमारियों के खतरनाक पौधे, संकट में छात्राओें की सेहत..., शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। कॉलेज की पर्यावरण समिति ने बिना जांच-परख के हरियाली व सौंदर्यीकरण के नाम पर एलर्जिक व अस्थमा के कारण बनने वाले पौधे लगा दिए गए। जिससे छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।</p>
<p><strong>सीएसी कमेटी कर चुकी बैन करने की सिफारिश</strong><br />सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी-सीएसी ने कोनोकार्पस इरेक्ट्स पेड़-पौधे को मानव स्वास्थ्य, जैव विविधता व पर्यावरण के लिए खतरनाक माना है। कमेटी द्वारा गत वर्ष सुप्रीम कोर्ट में सौंपी 40 पेजों की रिपोर्ट में इसके गंभीर दुष्प्रभावों का उल्लेख किया है। वहीं, देशभर में कोनोकार्पस के आयात, नर्सरी में उत्पादन पर बैन लगाने की सिफारिश की है।</p>
<p><strong>पत्तों में रसायन, मिट्टी की बदल जाती संरचना</strong><br />कमेटी में रिपोर्ट में बताया कि कोनोकार्पस के एलोपैथिक इम्पैक्ट भी है। इसके पत्तों में रसायन होता है, जो टूटकर जमीन पर गिरते हैं तो वह मिट्टी की संचरना को बदल देता है, जिससे हमारे स्थानीय पेड़-पौधों की वृद्धि रुक जाती है। जिससे पूरा ईको सिस्टम गड़बड़ा जाता है।</p>
<p><strong>जड़ें खतरनाक, इमारतों की नींव तक हिला डाली</strong><br />कमेटी ने कहा कि इसकी जड़ें काफी खतरनाक होती है। वह जमीन के नीचे काफी गहराई तक जाती है। <br />जिला कलक्ट्रेट से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। इस पर संबंधित कॉलेज प्राचार्य को जवाब देने के निर्देश दिए हैं।<br /><strong>-प्रो. नवीन मित्तल, क्षेत्रिय सहायक निदेशक आयुक्तालय कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 15:04:43 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का : 10 महीने बाद एमबीएस अस्पताल की नई ओपीडी में गूंजा 'पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम', पूछताछ केंद्र पर भीड़ घटी</title>
                                    <description><![CDATA[खबर के प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने सुधारा सिस्टम।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---public-announcement-system--operational-again-in-mbs-hospital-s-new-opd-after-10-months--congestion-at-the-inquiry-counter-reduced/article-161274"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(1)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एमबीएस अस्पताल की नई ओपीडी में पिछले 10 महीने से बंद पड़ा 'पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम' आखिरकार फिर से चालू हो गया है। सिस्टम शुरू होने से अब अस्पताल आने वाले हजारों मरीजों और उनके परिजनों सहित ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी राहत मिल रही है। पहले जहां हर नये आगन्तुकों को अस्पताल के काउन्टरों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ केन्द्र पर बैठे व्यक्ति के सामने कतार में लगना पडता था। वही अब लोगों को सामान्य जानकारीयांं यहां से प्रसारित होने लगी है।</p>
<p><strong>मेन हाल में भीड़ न लगाए,जेब कतरों से सावधान</strong><br />भीड़ में अपने कीमती सामान पर्स व मोबाइल का ध्यान रखें, प्रवेश हॉल में बेवजह भीड़ न लगाए जैसी उद्घोषणाएं अब यहां से शुरू हो गई है। ऐसे में अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क करने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।</p>
<p><strong>सिस्टम बंद होने से मरीजों को हो रही थी भारी परेशानी</strong><br />पिछले 10 महीने से पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम बंद रहने के कारण दूर-दराज से आने वाले और पहली बार पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। पर्ची कटवाने से लेकर डॉक्टर का कमरा ढुंढने, एक्स-रे, जांच लैब की जानकारी के लिए भी परेशानी होती थी। साथ ही सामान्य जानकारी के लिए भी हर व्यक्ति को पूछताछ कक्ष के बाहर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था।</p>
<p><strong>सिस्टम चालू होने से मिला यह फायदा</strong><br />जानकारी के अभाव व अस्पताल में होने वाले इलाज के विभिन्न चरणों के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। आम तौर पर डॉ. की उपलब्धता व कमरा नम्बर, विभिन्न काउन्टरों की जानकारी के अलावा ओपीडी के बाहर होने वाली जांचों व दवा की उपलब्धता के लिए भी लोग कई बार एक दुसरे से पूछते रहते थे। ऐसे में इससे प्रसारित सामान्य जानकारीयों से काफी हद तक लोगों को लाभ मिलने लगा है।</p>
<p><strong>खबर का हुआ असर</strong><br />अस्पताल में बंद पडे उद्घोषणा केन्द्र के माईक व आमजन को हो रही परेशानी के विषय पर 10 जुलाई को ''पूछते पूछते गंगा जी जाने जैसे हालात'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को इसे ठीक करवाया गया है।<br />पहले यहां हर छोटी जानकारी के लिए पूछताछ केन्द्र पर जाना पडता था। आज अनाउसमेंट सेवा बहाल होने से अब काउंटरों पर सही कतार जुटाना बेहद आसान हो गया है। साथ ही, लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार प्रसारित हो रही सामान्य जानकारियों और पूछताछ के कारण मरीजों को बार-बार पूछताछ केंद्र पर भटकना नहीं पड़ रहा है।<br /><strong>-दीपक परिजन नान्ता</strong></p>
<p><strong>प्रशासन का पक्ष</strong><br />मामला जानकारी में आने के तुरंत बाद संबंधित को निर्देशित कर सिस्टम को ठीक करवा दिया गया है। यह अब पूरी तरह कार्य कर रहा है। इससे अस्पताल आने वाले हर मरीज को सही व स्पष्ट जानकारी मिल पा रही है। पूछताछ केंद्र के अलावा अन्य आवश्यक जानकारी देने में भी यह बहुत उपयोगी है।<br /><strong>— डॉ. राकेश सिंह, अधीक्षक, एमबीएस अस्पताल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 11:57:12 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : टूटी नालियों व खुले चैंबरों की मरम्मत का काम शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[प्राथमिकता के आधार पर अति-खतरनाक व इमरजेंसी पॉइंट्स पर कार्य शुरू।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--repair-work-on-broken-drains-and-open-manholes-begins/article-161057"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के निचले और घने रिहायशी इलाकों में आमजन व राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बनी टूटी नालियां, खुले चैंबर और खराब सड़कें की अब नगर निगम ने सुध लेना शुरू कर दिया है। गोवर्धनपुरा क्षेत्र में क्रॉस रोड टूटी नालियों के रिपेयरिंग का काम शुुरू होने के कारण स्थानीय निवासीयों और वाहन चालकों कों आए दिन हो रही परेशानी व दुर्घटनाओं से राहत मिलेगी। दरअसल क्षेत्र में रास्ते पर नालियों के ढक्कन पूरी तरह टूट जाने से वाहन गिरकर पलट रहे थे। स्थानीय निवासियों द्वारा कई बार अवगत कराए जाने के बावजूद स्थानीय जमादार से लेकर निगम अधिकारी तक लगातार बजट न होने का रटा-रटाया जवाब देकर पल्ला झाड़ लेते थे।</p>
<p><strong>बजट आने के बाद होंगे बड़े काम</strong><br />एईएन विनोद मेहरा ने बताया कि मेन्टिनेंस के लिए लोकल स्तर पर संवेदक को एडवांस काम करने के लिए तैयार किया गया है, क्षेत्र में काम कराने के लिए एस्टीमेट बनाकर दिया गया है। जैसे ही पैसा आएगा काम शुरू हो जाएगा। वही नगर निगम की एक्सईएन शिल्पा चित्तौड़ा ने बताया कि फिलहाल आमजन की परेशानियों को देखते हुए निगम की टीम ने अति-खतरनाक और इमरजेंसी पॉइंट्स को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू करवा दिया है।</p>
<p><strong>कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुके थे वाहन</strong><br />गोरधनपुरा क्षेत्र में स्टील ब्रिज नहर से चौथ माता मंदिर मार्ग की दुर्दशा इन टूटी नालियों के कारण 14 जुलाई को भी एक ई-रिक्शा नाली पर से गुजरते समय पलट गया था, जिसके नीचे दबने से चालक बोरखेड़ा निवासी रफीक के पैर में गंभीर चोट आई थी। इसके अलावा लोडिंग से सामान गिरने और कारें फंसने जैसी घटनाएं भी लगातार सामने आ रही थीं। कोटड़ी, गोवर्धनपुरा, छावनी, रामचंद्रपुरा और दाल मिल रोड सहित स्टील ब्रिज नहर से चौथ माता मंदिर मार्ग की दुर्दशा को प्रमुखता से सामने रखा था। क्षेत्र के स्थानीय निवासी नरेश सुमन ने चिंता जताते हुए बताया था कि स्टील ब्रिज नहर से चौथ माता मंदिर वाले रास्ते पर तीन-चार क्रॉस रोड नालियों के ढकान टुटे पड़े थे। इससे वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे थे तथा रात के अंधेरे में बच्चों के गिरने व चोटिल होने का खतरा बना हुआ था।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />जनहित से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को 'खुले चेम्बर,टुटी नालियां,खतरनाक सडकें' शीर्षक में 'बजट या जानलेवा, जनता के जान-माल के काम तो होने ही चाहिए' उप शीर्षक में प्रमुखता से उजागर किया था। खबर के प्रकाशित होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया। नगर निगम द्वारा कार्य शुरू करवाए जाने पर स्थानीय निवासी नरेश सुमन, गोलू प्रजापति और बालचंद मेहरा ने 'दैनिक नवज्योति' का आभार व्यक्त किया।</p>
<p>स्थानीय निवासियों को सुगम व सुरक्षित रास्ते के लिए सभी आवश्यक स्थानों पर रिपेयरिंग करवाई जा रही है। अभी हमारे द्वारा ज्यादा जरूरी स्थानों को चिन्हित करवाकर काम शुरू करवाया गया है। आगे बजट स्वीकृत होने पर अन्य शेष विकास व मरम्मत कार्य भी करवाए जाएंगे।<br /><strong>-शिल्पा चित्तौडा, एक्सईएन नगर निगम कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 12:01:21 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : कोटा-बूंदी को मिलेंगे 18 करोड़ के दो मंजिला 4 नए कॉलेज</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में डी-रेगुलेशन और राजनिवेश सिंगल विंडो पोर्टल के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। जून में ₹1.03 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। अप्रैल-जून के दौरान 30,017 आवेदन आए, जिनमें 17 हजार से अधिक का निस्तारण हुआ। सरकार का दावा है कि सरल मंजूरी प्रक्रिया से निवेश, उद्योग और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--kota-bundi-to-get-four-new-two-story-college-buildings-worth-%E2%82%B918-crore/article-161054"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। वर्षों से स्कूलों और अन्य सरकारी भवनों में संचालित हो रहे कोटा-बूंदी के चार नए राजकीय महाविद्यालय अब जल्द ही अपने स्थायी और आधुनिक भवनों में नजर आएंगे। सरकार ने इन चारों कॉलेजों के लिए कुल 18 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। प्रत्येक महाविद्यालय पर 4.50 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं और सभी भवन दो मंजिला बनाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। यदि, काम तय समय पर पूरा हुआ तो अगले शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को नए भवनों में पढ़ाई का अवसर मिलेगा।</p>
<p>दरअसल, इन महाविद्यालयों के स्थायी भवन नहीं होने से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को लंबे समय से कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कॉलेज कहीं स्कूलों के कमरों में तो कहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जलदाय विभाग की इमारतों में संचालित हो रहे थे। दैनिक नवज्योति ने इस मुद्दे को लगातार प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद सरकार ने चारों कॉलेजों के लिए बजट जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराया।</p>
<p><strong>कैथून में 2.4 एकड़ में बन रहा कन्या महाविद्यालय</strong><br />कैथून में राजकीय कला कन्या महाविद्यालय का निर्माण 2.4 एकड़ भूमि पर 4.50 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। फिलहाल फाउंडेशन का कार्य चल रहा है। दो मंजिला भवन बनने के बाद छात्राओं को आधुनिक सुविधाओं वाला परिसर मिलेगा। वर्तमान में यह कॉलेज कस्बे में पीएम-श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के कुछ कमरों में संचालित हो रहा है।</p>
<p><strong>दीगोद कॉलेज का 45 प्रतिशत निर्माण पूरा</strong><br />कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के अधीन संचालित दीगोद महाविद्यालय की नई बिल्डिंग का करीब 45 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। पहली मंजिल तैयार हो गई है, जबकि दूसरी मंजिल के लिए पिलर खड़े कर दिए गए हैं। वर्ष 2025 में शुरू हुए इस निर्माण कार्य में पिछले साल भारी बारिश के कारण करीब चार माह तक काम प्रभावित रहा। अब निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले शैक्षणिक सत्र तक भवन तैयार होने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>चेचट कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण की ओर</strong><br />अलोद रोड स्थित राजकीय महाविद्यालय चेचट का निर्माण तेजी से चल रहा है। करीब 55 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। 14 बीघा भूमि पर बन रहे इस कॉलेज का दो मंजिला ढांचा तैयार हो चुका है और फिलहाल फिनिशिंग का काम चल रहा है। नोडल प्राचार्य संजय गुर्जर के अनुसार, अगले शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को नए भवन में पढ़ाई कराने का लक्ष्य है।</p>
<p><strong>डाबी गर्ल्स कॉलेज को मिलेगा आधुनिक परिसर</strong><br />डाबी के राजकीय कन्या महाविद्यालय के लिए सरकार ने 2.9300 हैक्टेयर भूमि आवंटित की है। यहां भवन निर्माण का फाउंडेशन कार्य शुरू हो चुका है। कॉलेज में आधुनिक लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, खेल मैदान सहित छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।</p>
<p><strong>स्थायी भवन से बदलेगी उच्च शिक्षा की तस्वीर</strong><br />नए भवन बनने के बाद विद्यार्थियों को पर्याप्त कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब और अन्य आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी। इससे न केवल पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा, बल्कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का लाभ भी मिलेगा।</p>
<p>कस्बाई क्षेत्रों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। कैथून, दीगोद, चेचट और डाबी में दो मंजिला नए महाविद्यालयों के निर्माण के लिए जमीन और बजट उपलब्ध कराया गया है। प्रत्येक कॉलेज का निर्माण 4.50 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है।<br /><strong>- प्रो. नवीन मित्तल, क्षेत्रीय सहायक निदेशक, कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 11:26:00 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : केडीए ने शुरु किया सड़क मरम्मत का काम</title>
                                    <description><![CDATA[अन्य स्थानों पर हो रहे गड्ढ़ों पर भी पेचवर्क किया जाएगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--kda-begins-road-repair-work/article-160561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)89.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बरसात शुरु होने से पहले ही कोटा विकास प्राधिकरण ने खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत का काम शुरु कर दिया है।शहर में कई मुख्य सड़कें ऐसी हैं जो बरसात से पहले ही खस्ताहाल हो गई है। कई जगह पर सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढ़े हो रहे हैं तो कहीं सड़क का डामर व सीसी ही उखड़ा हुआ है। जिससे अभी वाहन चालकों को इन गड्ढ़ों पर हिचकोले खाते हुए निकलना पड़ रहा है। जिससे वाहनों के असंतुलित होकर हादसे होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बरसात शुरु होने पर उन गड्ढ़ों में पानी भरने पर उनकी गहराई का पता नहीं चलने से हादसे होने का खतरा अधिक बना हुआ है।इसे देखते हुए कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से सड़कों के पेचवर्क व मरम्मत का काम मंगलवार को शुरु कर दिया है।</p>
<p>केडीए की ओर से सरोवर टॉकीज के सामने स्थित मंदिर के पीछे व तालाब किनारे की सड़क को सही करने का काम शुरु कर दिया है। केडीए की ओर से सरोवर पार्किंग के सामने से ही रास्ता बंद कर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। वहीं सरोवर टॉकीज मोड से वाहनों को डायवर्ट किया गया है। केडीए की ओर से सड़क की खुदाई कर उसे नई सड़क बनाई जा रही है। जिससे बरसात के समय में वाहन चालकों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।<br />इसके अलावा भी अन्य स्थानों पर हो रहे गड्ढ़ों पर भी पेचवर्क किया जाएगा। जिसमें अभय कमांड सेंटर से दादाबाड़ी रोटरी के बीच स्थित एलबीएस मार्ग पर हो रहे गड्ढ़ों और दादाबाड़ी छोटा चौराहा स्थित गड्ढ़ों को भी सही किया जाएगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि शहर में कई सड़कों पर हो रहे गड्ढ़ों व उनसे लोगों को होने वाली परेशानी का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 20 जून को पेज 4 पर' बरसात से पहले ही सड़कों का हुआ बुरा हाल शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें सरोवर टॉकीज के सामने मंदिर के पीछे की बदहाल सड़क समेत अन्य स्थानों की सड़कों के बारे में बताया गया था। इनके कारण वाहन चालकों को होने वाली परेशानी को भी उजागर किया था। इसके बाद 8 जुलाई को पेज 8 पर' गड्ढणे और मवेशी, बरसात में खतरा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें भी सड़कों की बदहाल स्थिति को उजागर किया था। इसके बाद कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से इन सड़कों की मरम्मत का काम शुरु कर दिया गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 14:27:20 +0530</pubDate>
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