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                <title>impact of news - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का : मरीज लाइन में नहीं लगें, इसलिए टोकन करें जारी</title>
                                    <description><![CDATA[स्वास्थ्य केंद्रों पर पानी रिसाव, सोलर प्लांट और आंगनबाड़ी संचालन से जुड़ी कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--issue-tokens-so-patients-don-t-have-to-stand-in-queues/article-160092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)68.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सकतपुरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुन्हाडी एवं आंगनबाड़ी केंद्र गोविंदपुरा बावड़ी का औचक निरीक्षण किया। संभागीय आयुक्त ने एमसीएचएन सेशन के तहत हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की केयर के बारे में चल रहे प्रशिक्षण का भी निरीक्षण किया। संभागीय आयुक्त ने सीएचसी कुन्हाड़ी में निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि मरीजों को लाइन में लगकर इंतजार नहीं करना पडे इसके लिए टोकन जारी कर उन्हें क्रम के अनुसार बुलाएं।</p>
<p> संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने शहरी चिकित्सालयों का दौरा करते समय निर्देश देते हुए कहा कि अस्पतालों में लगने वाली भीड़ को कम करने  के लिए पोर्टल के जरिए ऑनलाइन टिकट  और टोकन जारी करने को कहा है।<br />सीएचसी परिसर में सौलर प्लांट इन्स्टोलेशन के लिए गढ्ढे करने के बाद अभी तक प्लांट नहीं लगाने पर उन्होंने संबंधित कम्पनी के प्रतिनिधि को शीघ्र कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सकतपुरा में पीएचईडी के अकेलगढ़ प्लांट का पानी रिसाव होकर आने को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने एसई पीएचईडी को निर्देश दिए कि प्लांट की चारदीवारी की मरम्मत एवं वॉटर हारर्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाकर वेस्ट वॉटर का सीपेज रोके ताकि स्वास्थ्य केन्द्र पर आने वाले मरीजों को परेशानी नहीं हो।<br /> गोविंदपुरा बावडी आंगनबाडी केन्द्र खुले में टीनशैड़ के नीचे चलता हुआ देखकर संभागीय आयुक्त ने सीडीपीओ तालेडा को निर्देश दिए कि आंगनबाडी केन्द्र को किसी खाली पडे सरकारी भवन में शिफ्ट किया जाए, ताकि केन्द्र के संचालन में परेशानी नहीं हो एवं बारिश के मौसम में छोटे बच्चे परेशान नहीं हो। निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. जगदीश सोनी भी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 11:40:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : बिजली के झूलते तारो से मिली निजात, ग्रामीणों ने जताया आभार</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल परिसर में मंडरा रहा था हादसे का खतरा सहायक अभियंता के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-news---relief-from-dangling-power-lines--villagers-express-gratitude/article-159005"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर । खानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में लंबे समय से लटक रहे खतरनाक और जानलेवा बिजली के तारों की समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। इस गंभीर मुद्दे को दैनिक नवज्योति द्वारा प्रमखता से उजागर किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया। अस्पताल परिसर के प्रवेश द्वार के समीप बिजली के भारी-भरकम तार पूरी तरह से नीचे लटक रहे थे, जिससे वहां आने वाले मरीजों, परिजनों और मवेशियों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया था। स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों ने लगातार इसे अनदेखा करने की शिकायत की थी, क्योंकि अस्पत्ताल जैसे संवेदनशील स्थान पर, जहाँ दिन भर सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता है, ये लटकते तार किसी भी क्षण बड़े हादसे को न्योता दे रहे थे। </p>
<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए, खानपुर विद्युत विभाग के सहायक अभियंता राघवेंद्र मिश्रा ने त्वरित गति से संज्ञान लिया। उन्होंने तुरंत प्रभाव से टीम को निर्देशित कर अस्पताल परिसर में झूल रही बिजली लाइनों को दुरुस्त करवाया। तारों को व्यवस्थित कर दिए जाने से अब अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है। नागरिकों ने जताया आभार। इस समस्या के समाधान के बाद स्थानीय नागरिकों ने दैनिक नवज्योति टीम और विद्युत विभाग के सहायक अभियंता राघवेंद्र मिश्रा का आभार व्यक्त किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 14:54:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : एडीएम ने एसडीएम व तहसीलदार को दिए जांच कर कार्रवाई के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में 17 बीघा जमीन की रजिस्ट्री पर प्रशासन सख्त।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---adm-directs-sdm-and-tehsildar-to-investigate-and-take-action/article-158358"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/12200-x-600-px)-(7).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मुकुंदरा टाइगर रिजर्व की जवाहर सागर अभयारण्य की अधिसूचित सीमा में प्रतिबंधित क्षेत्र की जमीन की कथित नियम विरुद्ध खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री के मामले में अब जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है।मुकुंदरा डीएफओ की शिकायत पर बूंदी के अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) रामकिशोर मीणा ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए तालेड़ा उपखंड अधिकारी और तहसीलदार को जांच कर नियमानुसार जांच के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी जिला प्रशासन को भेजने के आदेश दिए गए हैं।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन की सख्ती के बाद अभयारण्य क्षेत्र में हुई भूमि खरीद-फरोख्त व रजिस्ट्री की जांच तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। यदि, जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना भी बढ़ गई है।</p>
<p><strong>नवज्योति में खबर छपने के बाद विभाग में हड़कम्प</strong><br />दैनिक नवज्योति ने टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में नियम विरुद्ध जमीन खरीद-फरोख्त का मामला उठाने के बाद वन विभाग में हड़कम्प मच गया। डीएफओ मूथू एस द्वारा बूंदी जिला कलक्टर को पत्र भेज रजिस्ट्री निरस्त कर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। एडीएम कार्यालय से जारी पत्र में बताया गया है कि उप वन संरक्षक (वन्यजीव), मुकंदरा राष्ट्रीय उद्यान कोटा ने अपने पत्र में जवाहर सागर अभयारण्य की सीमा में स्थित ग्राम धनेश्वर में नियम विरुद्ध भूमि खरीद-फरोख्त एवं रजिस्ट्रियों का मामला उठाते हुए आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया था। इसी पत्र के आधार पर एडीएम ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को पूरे प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।</p>
<p><strong>जांच कर भेजनी होगी विस्तृत रिपोर्ट</strong><br />एडीएम ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि शिकायत में उल्लेखित सभी बिंदुओं की जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, जांच और कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट जिला प्रशासन को तत्काल उपलब्ध कराई जाए।</p>
<p><strong>बढ़ सकती हैं अधिकारियों की मुश्किलें</strong><br />यह मामला ऐसे क्षेत्र से जुड़ा है, जहां वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत भूमि के लेन-देन और रजिस्ट्रियों पर कड़े प्रतिबंध लागू हैं। ऐसे में प्रशासनिक जांच के दायरे में आने के बाद संबंधित रजिस्ट्रियों, नामांतरण और उनकी स्वीकृति प्रक्रिया की भी गहन पड़ताल होने की संभावना है। यदि जांच में नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 12:29:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : भीमसिंह स्टेडियम से हटाए जंगली घास और खरपतवार</title>
                                    <description><![CDATA[मात्र 14 घंटे बाद ही सफाई निरीक्षक के नेतृत्व में सफाई कर्मियों की टीम स्टेडियम पहुंची।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--wild-grass-and-weeds-cleared-from-bhim-singh-stadium/article-158142"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(4)12.png" alt=""></a><br /><p>सांगोद। नगर के सबसे बड़े एवं एकमात्र भीमसिंह स्टेडियम की खस्ता हालत को लेकर दैनिक नवज्योति द्वारा प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए जाने के बाद पालिका प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्टेडियम की सफाई करवाई।</p>
<p>खबर प्रकाशित होने के मात्र 14 घंटे बाद ही सफाई निरीक्षक हंसराज नरवाल के नेतृत्व में सफाई कर्मियों की टीम स्टेडियम पहुंची और वहां उगी जंगली घासए खरपतवार तथा कचरे को हटाकर मैदान की साफ.सफाई करवाई। इसके साथ ही स्टेडियम परिसर को व्यवस्थित बनाने का कार्य भी किया गया। उल्लेखनीय है कि दैनिक नवज्योति के बुधवार के अंक में भीमसिंह स्टेडियम में व्याप्त अव्यवस्थाओंए जंगली घास और सफाई की समस्या को लेकर विस्तृत समाचार प्रकाशित किया गया था। खबर में खिलाड़ियोंए क्रिकेट एवं फुटबॉल कोच तथा स्थानीय नागरिकों ने अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं।</p>
<p><strong>खिलाड़ियों और स्थानीय नागरिकों ने ली राहत की सांस</strong><br />स्थानीय लोगों के अनुसार स्टेडियम में लंबे समय से जंगली घास और खरपतवार फैले हुए थे। कई बार इनमें सांप दिखाई देने से खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में भय का माहौल बन गया था। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया थाए लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया था। अब सफाई कार्य पूरा होने के बाद खिलाड़ियों और स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने त्वरित कार्रवाई के लिए पालिका प्रशासन तथा मुद्दे को प्रमुखता से उठाने पर दैनिक नवज्योति का आभार व्यक्त किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 14:21:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का :  दो घन्टे में ही हुआ चकाचक, लोग बोले अब भी तो हुई सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[पांच दिन के 'नर्क' के बाद मरीजों को मिली सीवरेज की गंदगी से मुक्ति।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---area-cleaned-up-in-just-two-hours--people-remark--%22so--cleaning--was--possible-after-all-%22/article-157240"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)32.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल परिसर में आखिरकार पांच दिनों बाद प्रशासनिक सुस्ती टूटी। दरअसल यहां स्थित सेन्ट्रल लैब के बाहर सीवरेज चैम्बरर्स ओवर फ्लो होकर सड़क पर उफन रहे थे। यह हालात पिछले पांच दिनों से बने हुये थे । जिसे मंगलवार को नगर निगम की टीम ने उफन रहा सीवरेज और सेप्टिक टैंक का मलबा साफ कर दिया। जिससे पिछले कई दिनों से नर्क भुगत रहे मरीजों और तीमारदारों ने बड़ी राहत की सांस ली। सवाल यह उठता है कि जब नगर निगम और सुपर सकर मशीन के जरिए यह काम मात्र दो घंटे में मुमकिन था, तो इसके लिए पांच दिनों तक मरीजों को परेशान क्यों किया गया? प्रशासन को अपनी इस 'लेट-लतीफी' की कार्यप्रणाली को बदलना होगा ताकि भविष्य में किसी भी संवेदनशील वार्ड या लैब के बाहर ऐसे हालात दोबारा पैदा न हों।</p>
<p><strong>खबर पर तत्काल हुआ असर</strong><br />'दैनिक नवज्योति' द्वारा मामले को प्रमुखता से उठाते हुये मंगलवार को ''सेन्ट्रल लैब के मेन एन्ट्री के बाहर फैली सीवरेज की गन्दगी'' शीर्षक से प्रकाशित की थी जिसके बाद हरकत में आये एमबीएस प्रशासन ने सफाई के लिये आनन फानन में नगर निगम की टीम को मौके पर बुलवाकर परिसर में दुर्गंध व बीमारी के कारण बन रही सीवरेज के पानी को साफ करवाया गया करीब 2 घन्टे की मशक्कत के बाद पुरा पानी साफ हो गया। जिसके बाद यहां इलाज कराने आये लोगों ने भी राहत की सांस ली।</p>
<p><strong>'सुपर सकर' से दो घंटे में चोक चेंबर किए दुरुस्त</strong><br />गत शुक्रवार से ही मुख्य सड़क और वहां लगे सीमेंटेड ब्लॉक पूरी तरह बदबूदार पानी में डूबे हुए थे। मंगलवार सुबह जब नगर निगम का सफाई निरीक्षक दस्ता और अस्पताल का अमला हरकत में आया, तो हालात तेजी से बदले। सफाई कर्मियों ने सुपर सकर मशीन की मदद से चोक हो चुके मुख्य चेंबरों की सफाई शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद सड़क पर जमा गंदा पानी और कीचड़ पूरी तरह साफ हो सका।</p>
<p><strong>गंदगी बढ़ा रही थी बीमारी, वहां अब मिली राहत</strong><br />अस्पताल का यह वही मुख्य मार्ग है जहां रोजाना हजारों मरीज और उनके परिजन गंभीर बीमारियों की जांच के लिए सैंपल देने आते हैं। पिछले पांच दिनों से यहां फैली गंदगी न केवल अस्पताल की सुंदरता पर बदनुमा दाग थी, बल्कि वहां उठ रही तीव्र दुर्गंध से मरीजों का दम घुट रहा था। स्वास्थ्य के मंदिर में ही संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ था, लेकिन मंगलवार दोपहर बाद यहां के हालात पूरी तरह बदले नजर आए।</p>
<p><strong>भुक्तभोगियों ने कहा- 'देर आए, दुरुस्त आए'</strong><br />गंदगी साफ होने के बाद अस्पताल आने वाले लोगों के चेहरों पर सुकून दिखाई दिया मरीज मकसूद (60 वर्ष) ने बताया, कल जब मैं यहां सैंपल देने आया था, तो पैर रखने तक की जगह नहीं थी, इसी दूषित पानी के बीच से मजबूरन गुजरना पड़ा था। आज प्रशासन चेता है और सफाई हुई है, यह काम पहले दिन ही हो जाना चाहिए था। तीमारदार राहुल शर्मा ने कहा, यहां फैली गंदगी को देखकर मन खराब हो जाता था। आज जब दोबारा यहां आया तो सफाई देखकर बड़ी राहत मिली कि अब लोगों को इस नर्क से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 14:16:53 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - राहत: अब 12 जून तक होगी एमएसपी पर गेहूं खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[पंजीयन कराने वाले किसानों में से 65 हजार से अधिक किसान अब तक गेहूं नहीं बेच पाए हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---relief--wheat-procurement-at-msp-to-continue-until-june-12/article-156542"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। गेहूं बेचने के लिए इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ा दी है। अब 12 जून तक गेहूं की खरीद जारी रहेगी। इससे उन हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनका गेहूं अभी तक खरीद केंद्रों पर नहीं बिक पाया था और वे खरीद अवधि समाप्त होने की चिंता में थे। किसानों का कहना था कि मौसम, परिवहन और अन्य कारणों से बड़ी मात्रा में गेहूं अभी भी उनके पास पड़ा हुआ है। ऐसे में खरीद अवधि समाप्त होने पर उन्हें खुले बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता। सरकार के इस निर्णय से अब किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने का अतिरिक्त अवसर मिल गया है।</p>
<p><strong>मौसम और अव्यस्थाओं से हुई थी परेशानी</strong><br />इस बार कई क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता और खरीद केंद्रों पर बढ़ी आवक के कारण किसानों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा था। कई किसानों ने खरीद अवधि बढ़ाने की मांग भी उठाई थी। सरकार के निर्णय के बाद किसानों में संतोष का माहौल है। खरीद अवधि बढ़ने के बाद आने वाले दिनों में मंडियों और खरीद केंद्रों पर गेहूं की आवक बढ़ने की संभावना है। अधिकारियों को भी व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अब तारीख बढ़ने के बाद एजेंसियों ने फिर खरीद के लिए व्यवस्थाएं शुरू कर दी है। खरीद केन्द्रों से माल का भी उठाव किया जा रहा है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />एसएसपी पर गेहूं बेचने से वंचित किसानों के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 17 मई को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया था कि कोटा संभाग में समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद का कार्य अंतिम दौर में पहुंचने लगा है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने का इंतजार कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार संभाग में पंजीयन कराने वाले किसानों में से 65 हजार से अधिक किसान अब तक गेहूं नहीं बेच पाए हैं। खरीद एजेंसियों के अनुसार संभाग में 1,62,748 किसानों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 99,247 किसानों को टोकन जारी किए गए, लेकिन अब तक केवल करीब 69 हजार किसान ही अपनी उपज बेच पाए हैं। इससे 65 हजार से अधिक किसान अभी भी खरीद केंद्रों पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p>राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ा दी है। अब 12 जून तक गेहूं की खरीद जारी रहेगी। खरीद केन्द्रों से गेहूं का नियमित उठाव किया जा रहा है, ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो।<br /><strong>- संजय मीना, जनसम्पर्क अधिकारी, एफसीआई </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 14:05:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : कोटा वनमंडल के तत्कालीन  डीएफओ को चार्जशीट जारी,राज्यपाल से स्वीकृति मिलने के बाद जारी हुई चार्जशीट</title>
                                    <description><![CDATA[लखावा-8 प्लांटेशन में प्लोटिंग कटवाने और फर्जीवाड़ा कर प्लांटेशन फेल होने का माना दोषी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---charge-sheet-issued-to-the-then-dfo-of-kota-forest-division--action-taken-following-approval-from-the-governor/article-156319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)-(2)10.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा वनमंडल की लाडपुरा रेंज के लखावा-8 प्लांटेशन में भ्रष्टाचार के चर्चित मामले में तत्कालीन डीएफओ पर रिटायरमेंट के तीन साल बाद गाज गिरी। राज्य सरकार ने तत्कालीन कोटा डीएफओ जयराम पांड्ेय को प्लांटेशन में अवैध रूप से प्लोटिंग कटवाने और फर्जीवाड़ा से प्लांटेशन फेल होने का दोषी मानते हुए गत शुक्रवार को चार्जशीट जारी कर दी है। दैनिक नवज्योति ने सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित कर भ्रष्टाचार उजागर किया था। जिसके बाद वन विभाग ने जांच करवाई थी, जिसमें वन विभाग के उच्च स्तरीय जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में न केवल नवज्योति में छपी खबर की पुष्ठी की बल्कि घोटाले व फर्जीवाड़ा खोलने के लिए दैनिक नवज्योति को आई ओपनर माना था। इसके बाद वन मुख्यालय ने चार्जशीट के प्रस्ताव बनाकर राज्यपाल को भेजे थे, जहां से स्वीकृति मिलने पर यह कार्रवाई की गई।</p>
<p><strong>वन भूमि पर ही कटवा दी प्लोटिंग</strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चार्जशीट में उल्लेख है कि तत्कालीन डीएफओ जयराम पाण्डेय ने कैंपा के मिटीगेटिव योजना के अंतर्गत लखावा प्लांटेशन-8 में वृक्षारोपण करवाया था। जिसमें वृक्षारोपण की ब्लास्टिंग पद्धति को अनदेखा कर बिना ब्लास्टिंग के जेसीबी से कम गहरे खड्ढ़े खुदवाएं और निर्धारित संख्या से बहुत कम पौधे लगवाए, जिससे प्लांटेशन फेल हो गया। वहीं, प्लांटेशन में वन भूमि पर अवैध रूप से प्लोटिंग कटवा दी। दोनों ही मामलों में दोषी मानते हुए सरकार द्वारा चार्जशीट जारी की गई।</p>
<p><strong>जमीन पर 2500, कागजों में 5500 खडढ़े खुदे थे</strong><br />लखावा प्लांटेशन-8 में वर्ष 2022 में पौधे लगाने के लिए 8000 खडढ़े किए जाने थे। चूंकि, पथरीला इलाका होने के कारण प्लांटेशन का अधिकांश भाग चट्टानी है। ऐसे में ऐसे में मेटिगेटिव मैजर्स मॉडल के तहत यहां 8 हजार खडढ़ों को दो हिस्सों में करना तय हुआ था। पहले हिस्से में मिट्टी की मौजूदगी वाली जगह को चिन्हित कर 2500 खडढ़े मैन्यूअल करना तथा शेष चट्टानी जमीन पर 5500 खडढ़े बलास्टिंग से किए जाना था। ऐसे में 5 जनवरी 2022 को 2500 खडढ़े मैन्यूअली खुदवाए गए। वहीं, 5500 खडढ़ों के लिए टेंडर किए गए लेकिन संबंधित फर्म अचानक काम छोड़कर चली गई। ऐसे में ब्लास्टिंग से खडढ़े नहीं हो सके। 6 जुलाई 2022 को तत्कालीन डीएफओ रवि मीणा का ट्रांसफर हो गया। इसके बाद 7 जुलाई को तत्कालीन डीएफओ जयराम पांडे ने कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने बिलों में 5500 खड्ढ़े खुदवाकर 8000 पौधे लगवाना बता दिया। जबकि, मौके पर न तो ब्लाटिंग से 5500 खडढ़े करवाए गए और न ही 8000 पौधे लगे। इस बात की पुष्ठि एपीसीसीएफ व पीएंडएम गणना दल की जांच रिपोर्ट से पहले ही हो चुका है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 13:25:13 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : हिन्दू धर्मशाला की सुधर रही दशा, एक माह बाद नए स्वरूप में नजर आएगी धर्मशाला</title>
                                    <description><![CDATA[निगम की ओर से संचालित हिन्दू धर्मशाला काफी पुरानी  है और कई सालों से मरम्मत नहीं हुई थी। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---condition-of-hindu-dharamshala-improving--will-appear-in-a-new-avatar-in-a-month/article-156067"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से रामपुरा के आर्य समाज रोड स्थित हिन्दू धर्मशाला की दशा सुधारी जा रही है। यहां करीब 40 लाख रुपए की लागत से इसकी मरम्मत व नवीनीकरण का कार्य कराया जा रहा है। नगर निगम की ओर से संचालित हिन्दू धर्मशाला काफी पुरानी बनी हुई है। जिसकी कई सालों से मरम्मत नहीं हुई थी। ऐसे में इसके बाहर से लेकर अंदर तक, कमरों से लेकर बाथरूम तक, छत से लेकर फर्श तक सभी की हालत इतनी अधिक खराब हो गई थी कि देखने से यह किसी जर्जर भवन की तरह नजर आ रही थी। लेकिन अब जैसे ही नगर निगम ने इसकी सुध ली तो इसकी दशा सुधरने लगी है।</p>
<p><strong>यह हो रहा काम</strong><br />धर्मशाला में ऊपर और नीचे करीब 35 कमरे हैं। जिनमें से 5 कमरे अधिकािरयों के लिए रिजर्व हैं। इन सभी कमरों में प्लास्टर करने के साथ ही दीवारों पर टाइल्स लगाई जा रही है। कमरे में पुताई कर नयापन लाया जा रहा है। वहीं लाइट की वायरिंग से लेकर खिड़की दरवाजे तक सुधारे जा रहे हैं।धर्मशाला में प्रवेश करते ही आंगन के फर्श के पुराने पत्थरों को हटाकर ग्रेनाइट के नए पत्थर लगाए गए हैं। ग्राउंड व पहली मंजिल के पूरे फर्श को नया रूप दिया जा रहा है। छत पर भी दूजड़ा किया गया है। जिससे बरसात में पानी टपकने की समस्या नहीं रहेगी।</p>
<p><strong>बाथरूम भी किए जा रहे नए</strong><br />धर्मशाला में पुरुषों व महिलाओं के लिए जन सुविधा व बाथरूम अलग-अलग बने हुए हैं। लेकिन उनकी हालत काफी खराब थी। अब निगम की ओर से बाथरूम की दशा सुधारी जा रही है। यहां नई शीट लगाने के साथ ही मरम्मत व दरवाजें भी बदले जा रहे हैं। वहीं पुरुषों के लिए आंगन के पास ही नए शौचालय भी बनाए जाएंगे।वहीं नालियों को सही किया जा रहा है। उनका निकास बाहर की तरफ किया जा रहा है। जिससे बरसात में पानी भरने की समस्या नहीं रहेगी। वहीं रिसेप् शन को भी नया रूप दिया जाएगा।</p>
<p><strong>अन्नपूर्णा रसोई की जगह भी सुधरेगी</strong><br />धर्मशाला में काम चलने से फिलहाल यहां कोई रात्रि विश्राम के लिए नहीं आ रहा था। यहां कमरों का काम पूरा होने के बाद अन्नपूर्णा रसोई की जगह की दशा भी सुधारी जाएगाी । फिलहाल यहां रसोई संचालित होने से इसका काम अभी शुरु नहीं किया गया है।</p>
<p><strong>पहले हो रही थी दुर्दशा</strong><br />पुराने शहर के रामपुरा में होने से इस धर्मशाला में पहले काफी लोग आकर रात में ठहरते थे। निगम की ओर से यहां कमरों का किराया मात्र 50 रुपए होने से लोगों के लिए यह सुविधा जनक भी थी। लेकिन इसकी हालत खराब होने से यहां आने वालों की संख्या कम हो गई थी।<br />यहां के कमरों की हालत इतनी अधिक खराब थी कि प्लास्टर उखड़ा हुआ था। दीवारों पर सीलन आ रही थी। बिजली की लाइनें उखड़ी हुई थी। लाइटें व पंखे पुराने होने से उनके कभी की गिरने का खतरा बना हुआ था। वहीं बाथरूम की हालत ऐसी थी कि उनका उपयोग करना तो दूर वहां जाने तक में शर्म महसूस होती थी। कमरों के ही नहीं बाथरूम तक के दरवाजे टूटे हुए थे। खिड़कियां टूटी हुई थी। छत से बरसात में पानी टपकता था।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि धर्मशाला की दुर्दशा के संबंध में दैनिक नवज्योति ने समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें इसकी दुर्दशा व लोगों को होने वाली समस्या को उजागर किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम अधिकारियों ने इसकी सुध ली थी। सूत्रों के अनुसार शुरुआत में इसकी मरम्मत व जीर्णोद्धार का करीब 90 लाख रुपए का एस्टीमेट तैयार किया गया था। लेकिन बाद में इसे घटाकर 40 लाख रुपए कर दिया गया था। निगम ने टेंकर कर इसका काम शुरु कराया। कुछ समय से इसका काम तेजी से चल रहा है। इसका काम पूरा होने में अभी करीब एक माह का समय लगने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार धर्मशाला की दशा सुधरने के बाद यहा कमरों मेंं बिस्तर व पलंग भी बदले जाएंगे। जिससे यहां आने वालों को सुविधा मिलेगी तो नगर निगम की ओर से कमरों में ठहरने का किराया भी संशोधित कर बढ़ाया जा सकता है। नगर निगम की ओर से यहां दो पारियों में तो निगम के कर्मचारी लगाए हुए हैं। जबकि रात के समय सुरक्षा के लिए होमगार्ड तैनात किया गया है।</p>
<p><strong>आयुक्त ने अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण</strong><br />धर्मशाला में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य का गुरुवार शाम को नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। वर्तमान में यहाँ फ्रंट एलिवेशन को सुंदर बनाने, दीवारों की पुताई, टाइल्स लगाने और कमरों की बुनियादी मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों ने गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य को समय पर पूरा करने की बात कही। निरीक्षण के दौरान अधिशाषी अभियंता कुलदीप प्रेमी व सहायक अभियंता मोतीलाल चौधरी भी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 12:59:13 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : 10 लाख से चमक रहा लक्खी बुर्ज का सौन्दर्य, अगले 15 दिन में नजर आएगा निखरा स्वरूप</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के दिन ही निगम आयुक्त ने अधिकारियों के साथ मौका निरीक्षण किया था। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---lakkhi-burj%E2%80%99s-beauty-enhanced-by-a-10-lakh-project--a-rejuvenated-look-expected-within-15-days/article-156068"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)-(1)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर की ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए नगर निगम ने अभिनव पहल की है। लक्खी बुर्ज के साथ ही घंटाघर का जीर्णोद्धार करवाया जा रहा है, जिनसे इनका स्वरूप नया और निखरा हुआ नजर आएगा। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर निगम ने ऐतिहासिक इमारतों के जीर्णोद्धार का काम हाथ में लिया है। लक्खी बुर्ज के जीर्णोद्धार के लिए निर्माण शाखा की ओर से करीब 10 लाख रूपए की लागत से विभिन्न नवीनीकरण कार्य किए जा रहे हैं। इसमें सीढिय़ों की मरम्मत, नवीन कलात्मक दरवाजे, टाइल्स लगाने, कलात्मक फव्वारे, विशेष लाइटिंग, इन-बिल्ट म्यूजिक सिस्टम वाले पोल स्थापित करने और सुविधाओं के सुधार सहित आकर्षक रंग-रोगन का कार्य शामिल है। निरीक्षण के दौरान इस काम को अगले 15 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>आयुक्त मेहरा ने बताया कि विद्युत अनुभाग द्वारा शहर की प्रमुख ऐतिहासिक इमारतों पर अत्याधुनिक फसाड़ लाइटिंग लगाने की योजना है। इस लाइटिंग के प्रभाव को और अधिक निखारने के लिए निर्माण शाखा द्वारा महात्मा गांधी स्कूल, महारानी स्कूल और घंटाघर टावर की विशेष केमिकल वॉशिंग करवाई जाएगी। इससे पत्थरों पर समय के साथ आई धूल-मिट्टी साफ हो जाएगी और इनका मूल सौंदर्य पुन: उभरकर सामने आएगा। इस कार्य को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिशाषी अभियंता कुलदीप प्रेमी, सचिन यादव ,तनुज शर्मा, सहायक अभियंता मोतीलाल चौधरी, विष्णु वैष्णव व संबंधित क्षेत्र के कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि शहर के प्रमुख एतिहासिक व पर्यटन स्थल लक्खी बुर्ज की दुर्दशा का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 27 व 28 अप्रैल को समाचार प्रकाशित किए थे। 27 को पेज दो पर एक लाख में बना था इसलिए नाम रखा लक्खी बुर्ज शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें यहां हो रही दुर्दशा को उजागर किया था। समाचार प्रकाशित होने के दिन ही निगम आयुक्त ने अधिकारियों के साथ मौका निरीक्षण किया था। उसके बाद 28 अप्रैल को पेज दो पर' लोटेगा लक्खी बुर्ज का पुराना वैभव शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें आयुक्त ने इसकी मरम्मत समेत अन्य कार्य करवाने के निर्देश दिए थे। उसके बाद यहां काम शुरु हुए और अब इस माह तक काम पूरे होने के बाद लोगों के लिए यह पर्यटन स्थल के रूप में निखरकर आएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 12:47:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का :  बरसात से पहले साफ हो जाएगा पत्थरों का पहाड़</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम ने किया पत्थर उठाने का टेंडर, आज से शुरु होगा काम।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--the--mountain-of-stones--will-be-cleared-before-the-monsoon-arrives/article-155807"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/856.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दादाबाड़ी स्थित नाले में करीब छह माह से अधिक समय से लगे पत्थरों का पहाड़ बरसात से पहले साफ हो जाएगा। नगर निगम ने इसके टेंडर करने के बाद मंगलवार को कार्यादेश भी जारी कर दिया। अब बुधवार से पत्थर हटाने का काम शुरु होगा। जिससे बरसात में यह बाधक नहीं बनेगा। </p>
<p>नगर निगम की ओर से बसंत विहार से दादाबाड़ी धोकड़े वाले हनुमानजी मंदिर तक बड़े बरसाती नाले का काम कराया जा रहा है। जिसके तहत नाले में सीसी बैड बनाना है। साथ ही बीच में ड्राई वैदर चैनल बनाई जा रही है। जिससे पूरे साल चैनल के माध्यम से और बरसात में पूरे नाले से पानी का निर्वाध बहाव हो सके। इस काम के दौरान नाले की खुदाई से निकले बड़ी मात्रा में पत्थरों का नाले में ही अम्बार लग गया। जिससे वहां ऐसा लग रहा है मानो पत्थरों का पहाड़ खड़ा हो। निगम की ओर से उस पत्थर को नहीं हटाने से इससे बरसात में पानी का बहाव में रूकावट होने पर दादाबाड़ी, बसंत विहार व जवाहर नगर समेत कई क्षेत्रों में पानी भरने की समस्या हो सकती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नगर निगम ने पत्थर हटाने के लिए टेंडर कर इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरु की थी। जिसके फाइनल होने के बाद मंगलवार को उसका कार्यादेश जारी कर दिया गया। निगम अधिकारियों के अनुसार चुनाई के इस पत्थर को 416 रुपए प्रति टन के हिसाब से बेचा जाएगा। संवेदक द्वारा बुधवार से इसे हटाने का काम शुरु कर दिया जाएगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि दादाबाड़े नाले में लगे पत्थरों के पहाड़ व इससे बरसात में होने वाली समस्या का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 16 मई को पेज 8 पर' बरसात में बाधक बनेगा नाले में पत्थरों का पहाड़ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें इससे होने वाले प्रभाव व लोगों की समस्या को उजागर किया था।<br />समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने पत्थरों के पहाड़ को हटाने के लिए इसके टेंडर व नीलामी प्रक्रिया शुरु की। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को पत्थर हटाने का कार्यादेश भी जारी कर दिया गया।</p>
<p>नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि माइनिंग विभाग की परमीशन समेत कई औपचारिकताएं पूरी करने में समय लगा। नीलामी पूरी होने के बाद मंगलवार को कार्यादेश जारी कर दिया गया है। बुधवार से पत्थर उठाने का काम शुरु हो जाएगा।आयुक्त ने बताया कि संवेदक को 20 से 25 दिन का समय दिया गया है। जिससे बरसात शुरु होने से पहले पत्थरों का पहाड़ साफ हो जाएगा। उसके बाद मिट्टी को तो साफ कर देंगे। जिससे बरसात में लोगों को परेशानी नहीं होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 11:27:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : किसानों को राहत, चना खरीद की बढ़ाई अवधि</title>
                                    <description><![CDATA[खरीद अवधि 60 दिनों से बढ़कर 90 दिन की हुई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--relief-for-farmers--gram-procurement-period-extended/article-155358"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)128.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रबी विपणन सीजन में किसानों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने चने की समर्थन मूल्य पर खरीद की अवधि बढ़ा दी है। पहले यह खरीद 25 मई तक निर्धारित थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 24 जून 2026 कर दिया गया है। इसके साथ ही खरीद अवधि 60 दिनों से बढ़कर 90 दिन की हो गई है। सरकार के इस निर्णय से उन किसानों को फायदा मिलेगा, जो अब तक अपनी उपज समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पाए हैं। कोटा संभाग के चारों जिलों कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में खरीद केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। संबंधित एजेंसियों की ओर से तौल, भंडारण, बारदाना, परिवहन और किसानों के पंजीकरण की व्यवस्थाएं पूरी रखी गई हैं। बावजूद इसके खरीद की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है।</p>
<p><strong>अब तक केवल 18413 मीट्रिक टन की ही खरीद</strong><br />संभाग में चना खरीद का कुल लक्ष्य 66 हजार 400 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक केवल 18 हजार 413 मीट्रिक टन चने की ही खरीद हो सकी है। लक्ष्य की तुलना में यह आंकड़ा काफी कम माना जा रहा है। दूसरी ओर सरसों खरीद की स्थिति और भी चिांजनक है। संभाग में सरसों खरीद का लक्ष्य 97 हजार 150 मीट्रिक टन तय किया गया था, लेकिन अब तक एक भी मीट्रिक टन सरसों की खरीद नहीं हो पाई है। अधिकारियों के अनुसार खरीद केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं, लेकिन किसान समर्थन मूल्य पर सरसों बेचने के लिए केंद्रों तक नहीं पहुंच रहे हैं। इसका मुख्य कारण खुले बाजार और कृषि उपज मंडियों में सरसों के बेहतर दाम मिलना बताया जा रहा है। मंडियों में समर्थन मूल्य से अधिक कीमत मिलने के कारण किसान सीधे व्यापारियों को उपज बेच रहे हैं।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />चना खरीद को लेकर किसानों को हो रही परेशानी के सम्बंध में गत 29 अपै्रल को चना खरीद कर रहा चक्करघिन्नी शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। समाचार में बताया था कि चना खरीद को लेकर इस बार एमएसपी का 90-60 का गणित किसानों के लिए नई चुनौती बन गया है। सरकार ने खरीद अवधि 90 दिन से घटाकर 60 दिन कर दी है, जिससे मंडियों में दबाव बढ़ने और किसानों को समय पर उपज बेचने में दिक्कतें आने लगी हैं। पूर्व के वर्षो में भी 90 दिन की अवधि के दौरान भी कई बार तकनीकी समस्याओं और धीमी प्रक्रिया के कारण किसानों को इंतजार करना पड़ता था। अब अवधि घटाकर 60 दिन करने से यह चुनौती और बढ़ सकती है। कम समय में अधिक खरीद का दबाव मंडियों और खरीद केंद्रों पर साफ दिखाई दे रहा है।</p>
<p>समर्थन मूल्य पर चना खरीद की अवधि कम करने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब सरकार की ओर से खरीद की अवधि वापस 90 दिन करने से काफी राहत मिलेगी।<br /><strong>- वीरेन्द्र सिंह, प्रगतिशील किसान</strong></p>
<p>रबी विपणन सीजन में किसानों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने चने की समर्थन मूल्य पर खरीद की अवधि बढ़ा दी है। पहले यह खरीद 25 मई तक निर्धारित थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 24 जून 2026 कर दिया गया है।<br /><strong>- विष्णु शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, राजफैड</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 12:57:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : एक दर्जन जगहों पर शुरु हुई प्याऊ, पानी के कैम्पर रखवाए</title>
                                    <description><![CDATA[जहां अभी भी प्याऊ शुरु नहीं हुई हैं वहां भी प्याऊ शुरु की जाएंगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---water-kiosks-launched-at-a-dozen-locations--water-campers-installed/article-154631"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/kota-1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम की ओर से गुरुवार को शहर में करीब एक दर्जन से अधिक स्थानों पर एक साथ प्याऊ शुरु कर दी गई। जिससे भीषण गर्मी में राहगीरों को ठंडा पानी मिलने लगा है। नगर निगम की ओर से पूर्व में हर साल गर्मी के सीजन में मटकों वाली अस्थायी प्याऊ लगाई जाती थी। लेकिन वाटर कूलर लगने के बाद से प्याऊ लगाना बंद सा हो गया था। वहीं नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने भीषण गर्मी को देखते हुए 28 अप्रैल को शहर में डेढ़ दर्जन स्थानों पर प्याऊ संचालित करने के आदेश तो जारी कर दिए थे लेकिन एक दिन पहले तक प्याऊ शुरु नहीं हो सकी थी। नगर निगम की ओर से कई जगह पर प्याऊ के लिए स्ट्रक् चर तो बना दिए थे लेकिन वहां पीने के पानी के लिए कैम्पर नहीं रखे गए थे। जिससे लोगों को राहत नहीं मिल रही थी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने इस संबंध में समाचार प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 21 मई के अंक में पेज 6 पर' भीषण गर्मी के बावजूद नहीं लगाई अस्थायी प्याऊ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होते ही गुरुवार को नगर निगम आयुक्त ने इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों व प्याऊ के लिए नियुक्त प्रभारियों को प्याऊ शुरु करने के निर्देश दिए। आयुक्त का निर्देश मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत अधिकतर प्याऊ पर पानी के कैम्पर रखवाए। घोड़े वाले बाबा चौराहा, सीएडी चौराहा, चम्बल गार्डन के सामने और तलवंडी व कॉमर्स कॉलेज रोड समेत कई जगह पर पानी के कैम्पर रखवाए। जिन पर सुबह से शाम तक लोगों ने शीतल जल का आनंद लिया और अपनी प्यास बुझाई।<br />नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि उन्होंने प्याऊ शुरु करने के आदेश कई दिन पहले ही दे दिए थे। लेकिन जैसे ही उनकी जानकारी में आया कि अभी तक वहां पानी की व्यवस्था नहीं की है तो संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। जिसके बाद अधिकतर स्थानों पर प्याऊ को शुरु कर दिया है। साथ ही जहां अभी भी प्याऊ शुरु नहीं हुई हैं वहां भी शुरु करवा दी जाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 May 2026 14:26:46 +0530</pubDate>
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