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                <title>impact of news - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का : जिला प्रशासन ने जेडीबी आर्ट्स प्राचार्य से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[कमेटी ने गत वर्ष सुप्रीम कोर्ट को सौंपी 40 पेजों की रिपोर्ट में इसके गंभीर दुष्प्रभाव बताए थे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--district-administration-seeks-explanation-from-jdb-arts-principal/article-161841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय कला कन्या महाविद्यालय (जेडीबी आर्ट्स) परिसर में लगाए गए स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कोनोकार्पस इरेर्क्ट्स पौधे का मामला जिला प्रशासन तक पहुंच गया है। जिला कलक्टर कार्यालय ने रविवार को कॉलेज शिक्षा के क्षेत्रिय सहायक निदेशक से इस मामले में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस पर सहायक निदेशक ने प्रो. नवीन मित्तल ने जेडीबी आर्ट्स कॉलेज प्राचार्य प्रो. सीमा चौहान से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में कॉलेज प्रशासन द्वारा सोमवार को स्पष्टीकरण दिए जाने की तैयारी में जुट गया है।</p>
<p>बता दें, दैनिक नवज्योति ने 2 अगस्त के अंक में जेडीबी आर्ट्स ने कॉलेज में लगा दिए बीमारियों के खतरनाक पौधे, संकट में छात्राओें की सेहत..., शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। कॉलेज की पर्यावरण समिति ने बिना जांच-परख के हरियाली व सौंदर्यीकरण के नाम पर एलर्जिक व अस्थमा के कारण बनने वाले पौधे लगा दिए गए। जिससे छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।</p>
<p><strong>सीएसी कमेटी कर चुकी बैन करने की सिफारिश</strong><br />सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी-सीएसी ने कोनोकार्पस इरेक्ट्स पेड़-पौधे को मानव स्वास्थ्य, जैव विविधता व पर्यावरण के लिए खतरनाक माना है। कमेटी द्वारा गत वर्ष सुप्रीम कोर्ट में सौंपी 40 पेजों की रिपोर्ट में इसके गंभीर दुष्प्रभावों का उल्लेख किया है। वहीं, देशभर में कोनोकार्पस के आयात, नर्सरी में उत्पादन पर बैन लगाने की सिफारिश की है।</p>
<p><strong>पत्तों में रसायन, मिट्टी की बदल जाती संरचना</strong><br />कमेटी में रिपोर्ट में बताया कि कोनोकार्पस के एलोपैथिक इम्पैक्ट भी है। इसके पत्तों में रसायन होता है, जो टूटकर जमीन पर गिरते हैं तो वह मिट्टी की संचरना को बदल देता है, जिससे हमारे स्थानीय पेड़-पौधों की वृद्धि रुक जाती है। जिससे पूरा ईको सिस्टम गड़बड़ा जाता है।</p>
<p><strong>जड़ें खतरनाक, इमारतों की नींव तक हिला डाली</strong><br />कमेटी ने कहा कि इसकी जड़ें काफी खतरनाक होती है। वह जमीन के नीचे काफी गहराई तक जाती है। <br />जिला कलक्ट्रेट से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। इस पर संबंधित कॉलेज प्राचार्य को जवाब देने के निर्देश दिए हैं।<br /><strong>-प्रो. नवीन मित्तल, क्षेत्रिय सहायक निदेशक आयुक्तालय कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 15:04:43 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : 10 महीने बाद एमबीएस अस्पताल की नई ओपीडी में गूंजा 'पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम', पूछताछ केंद्र पर भीड़ घटी</title>
                                    <description><![CDATA[खबर के प्रकाशित होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने सुधारा सिस्टम।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---public-announcement-system--operational-again-in-mbs-hospital-s-new-opd-after-10-months--congestion-at-the-inquiry-counter-reduced/article-161274"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(1)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एमबीएस अस्पताल की नई ओपीडी में पिछले 10 महीने से बंद पड़ा 'पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम' आखिरकार फिर से चालू हो गया है। सिस्टम शुरू होने से अब अस्पताल आने वाले हजारों मरीजों और उनके परिजनों सहित ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी राहत मिल रही है। पहले जहां हर नये आगन्तुकों को अस्पताल के काउन्टरों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ केन्द्र पर बैठे व्यक्ति के सामने कतार में लगना पडता था। वही अब लोगों को सामान्य जानकारीयांं यहां से प्रसारित होने लगी है।</p>
<p><strong>मेन हाल में भीड़ न लगाए,जेब कतरों से सावधान</strong><br />भीड़ में अपने कीमती सामान पर्स व मोबाइल का ध्यान रखें, प्रवेश हॉल में बेवजह भीड़ न लगाए जैसी उद्घोषणाएं अब यहां से शुरू हो गई है। ऐसे में अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क करने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।</p>
<p><strong>सिस्टम बंद होने से मरीजों को हो रही थी भारी परेशानी</strong><br />पिछले 10 महीने से पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम बंद रहने के कारण दूर-दराज से आने वाले और पहली बार पहुंचे मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। पर्ची कटवाने से लेकर डॉक्टर का कमरा ढुंढने, एक्स-रे, जांच लैब की जानकारी के लिए भी परेशानी होती थी। साथ ही सामान्य जानकारी के लिए भी हर व्यक्ति को पूछताछ कक्ष के बाहर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था।</p>
<p><strong>सिस्टम चालू होने से मिला यह फायदा</strong><br />जानकारी के अभाव व अस्पताल में होने वाले इलाज के विभिन्न चरणों के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। आम तौर पर डॉ. की उपलब्धता व कमरा नम्बर, विभिन्न काउन्टरों की जानकारी के अलावा ओपीडी के बाहर होने वाली जांचों व दवा की उपलब्धता के लिए भी लोग कई बार एक दुसरे से पूछते रहते थे। ऐसे में इससे प्रसारित सामान्य जानकारीयों से काफी हद तक लोगों को लाभ मिलने लगा है।</p>
<p><strong>खबर का हुआ असर</strong><br />अस्पताल में बंद पडे उद्घोषणा केन्द्र के माईक व आमजन को हो रही परेशानी के विषय पर 10 जुलाई को ''पूछते पूछते गंगा जी जाने जैसे हालात'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को इसे ठीक करवाया गया है।<br />पहले यहां हर छोटी जानकारी के लिए पूछताछ केन्द्र पर जाना पडता था। आज अनाउसमेंट सेवा बहाल होने से अब काउंटरों पर सही कतार जुटाना बेहद आसान हो गया है। साथ ही, लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार प्रसारित हो रही सामान्य जानकारियों और पूछताछ के कारण मरीजों को बार-बार पूछताछ केंद्र पर भटकना नहीं पड़ रहा है।<br /><strong>-दीपक परिजन नान्ता</strong></p>
<p><strong>प्रशासन का पक्ष</strong><br />मामला जानकारी में आने के तुरंत बाद संबंधित को निर्देशित कर सिस्टम को ठीक करवा दिया गया है। यह अब पूरी तरह कार्य कर रहा है। इससे अस्पताल आने वाले हर मरीज को सही व स्पष्ट जानकारी मिल पा रही है। पूछताछ केंद्र के अलावा अन्य आवश्यक जानकारी देने में भी यह बहुत उपयोगी है।<br /><strong>— डॉ. राकेश सिंह, अधीक्षक, एमबीएस अस्पताल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 11:57:12 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : टूटी नालियों व खुले चैंबरों की मरम्मत का काम शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[प्राथमिकता के आधार पर अति-खतरनाक व इमरजेंसी पॉइंट्स पर कार्य शुरू।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--repair-work-on-broken-drains-and-open-manholes-begins/article-161057"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के निचले और घने रिहायशी इलाकों में आमजन व राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बनी टूटी नालियां, खुले चैंबर और खराब सड़कें की अब नगर निगम ने सुध लेना शुरू कर दिया है। गोवर्धनपुरा क्षेत्र में क्रॉस रोड टूटी नालियों के रिपेयरिंग का काम शुुरू होने के कारण स्थानीय निवासीयों और वाहन चालकों कों आए दिन हो रही परेशानी व दुर्घटनाओं से राहत मिलेगी। दरअसल क्षेत्र में रास्ते पर नालियों के ढक्कन पूरी तरह टूट जाने से वाहन गिरकर पलट रहे थे। स्थानीय निवासियों द्वारा कई बार अवगत कराए जाने के बावजूद स्थानीय जमादार से लेकर निगम अधिकारी तक लगातार बजट न होने का रटा-रटाया जवाब देकर पल्ला झाड़ लेते थे।</p>
<p><strong>बजट आने के बाद होंगे बड़े काम</strong><br />एईएन विनोद मेहरा ने बताया कि मेन्टिनेंस के लिए लोकल स्तर पर संवेदक को एडवांस काम करने के लिए तैयार किया गया है, क्षेत्र में काम कराने के लिए एस्टीमेट बनाकर दिया गया है। जैसे ही पैसा आएगा काम शुरू हो जाएगा। वही नगर निगम की एक्सईएन शिल्पा चित्तौड़ा ने बताया कि फिलहाल आमजन की परेशानियों को देखते हुए निगम की टीम ने अति-खतरनाक और इमरजेंसी पॉइंट्स को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू करवा दिया है।</p>
<p><strong>कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुके थे वाहन</strong><br />गोरधनपुरा क्षेत्र में स्टील ब्रिज नहर से चौथ माता मंदिर मार्ग की दुर्दशा इन टूटी नालियों के कारण 14 जुलाई को भी एक ई-रिक्शा नाली पर से गुजरते समय पलट गया था, जिसके नीचे दबने से चालक बोरखेड़ा निवासी रफीक के पैर में गंभीर चोट आई थी। इसके अलावा लोडिंग से सामान गिरने और कारें फंसने जैसी घटनाएं भी लगातार सामने आ रही थीं। कोटड़ी, गोवर्धनपुरा, छावनी, रामचंद्रपुरा और दाल मिल रोड सहित स्टील ब्रिज नहर से चौथ माता मंदिर मार्ग की दुर्दशा को प्रमुखता से सामने रखा था। क्षेत्र के स्थानीय निवासी नरेश सुमन ने चिंता जताते हुए बताया था कि स्टील ब्रिज नहर से चौथ माता मंदिर वाले रास्ते पर तीन-चार क्रॉस रोड नालियों के ढकान टुटे पड़े थे। इससे वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे थे तथा रात के अंधेरे में बच्चों के गिरने व चोटिल होने का खतरा बना हुआ था।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />जनहित से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को 'खुले चेम्बर,टुटी नालियां,खतरनाक सडकें' शीर्षक में 'बजट या जानलेवा, जनता के जान-माल के काम तो होने ही चाहिए' उप शीर्षक में प्रमुखता से उजागर किया था। खबर के प्रकाशित होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया। नगर निगम द्वारा कार्य शुरू करवाए जाने पर स्थानीय निवासी नरेश सुमन, गोलू प्रजापति और बालचंद मेहरा ने 'दैनिक नवज्योति' का आभार व्यक्त किया।</p>
<p>स्थानीय निवासियों को सुगम व सुरक्षित रास्ते के लिए सभी आवश्यक स्थानों पर रिपेयरिंग करवाई जा रही है। अभी हमारे द्वारा ज्यादा जरूरी स्थानों को चिन्हित करवाकर काम शुरू करवाया गया है। आगे बजट स्वीकृत होने पर अन्य शेष विकास व मरम्मत कार्य भी करवाए जाएंगे।<br /><strong>-शिल्पा चित्तौडा, एक्सईएन नगर निगम कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 12:01:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : कोटा-बूंदी को मिलेंगे 18 करोड़ के दो मंजिला 4 नए कॉलेज</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में डी-रेगुलेशन और राजनिवेश सिंगल विंडो पोर्टल के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। जून में ₹1.03 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। अप्रैल-जून के दौरान 30,017 आवेदन आए, जिनमें 17 हजार से अधिक का निस्तारण हुआ। सरकार का दावा है कि सरल मंजूरी प्रक्रिया से निवेश, उद्योग और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--kota-bundi-to-get-four-new-two-story-college-buildings-worth-%E2%82%B918-crore/article-161054"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(2)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। वर्षों से स्कूलों और अन्य सरकारी भवनों में संचालित हो रहे कोटा-बूंदी के चार नए राजकीय महाविद्यालय अब जल्द ही अपने स्थायी और आधुनिक भवनों में नजर आएंगे। सरकार ने इन चारों कॉलेजों के लिए कुल 18 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। प्रत्येक महाविद्यालय पर 4.50 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं और सभी भवन दो मंजिला बनाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। यदि, काम तय समय पर पूरा हुआ तो अगले शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को नए भवनों में पढ़ाई का अवसर मिलेगा।</p>
<p>दरअसल, इन महाविद्यालयों के स्थायी भवन नहीं होने से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को लंबे समय से कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कॉलेज कहीं स्कूलों के कमरों में तो कहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जलदाय विभाग की इमारतों में संचालित हो रहे थे। दैनिक नवज्योति ने इस मुद्दे को लगातार प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद सरकार ने चारों कॉलेजों के लिए बजट जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराया।</p>
<p><strong>कैथून में 2.4 एकड़ में बन रहा कन्या महाविद्यालय</strong><br />कैथून में राजकीय कला कन्या महाविद्यालय का निर्माण 2.4 एकड़ भूमि पर 4.50 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। फिलहाल फाउंडेशन का कार्य चल रहा है। दो मंजिला भवन बनने के बाद छात्राओं को आधुनिक सुविधाओं वाला परिसर मिलेगा। वर्तमान में यह कॉलेज कस्बे में पीएम-श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के कुछ कमरों में संचालित हो रहा है।</p>
<p><strong>दीगोद कॉलेज का 45 प्रतिशत निर्माण पूरा</strong><br />कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के अधीन संचालित दीगोद महाविद्यालय की नई बिल्डिंग का करीब 45 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। पहली मंजिल तैयार हो गई है, जबकि दूसरी मंजिल के लिए पिलर खड़े कर दिए गए हैं। वर्ष 2025 में शुरू हुए इस निर्माण कार्य में पिछले साल भारी बारिश के कारण करीब चार माह तक काम प्रभावित रहा। अब निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले शैक्षणिक सत्र तक भवन तैयार होने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>चेचट कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण की ओर</strong><br />अलोद रोड स्थित राजकीय महाविद्यालय चेचट का निर्माण तेजी से चल रहा है। करीब 55 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। 14 बीघा भूमि पर बन रहे इस कॉलेज का दो मंजिला ढांचा तैयार हो चुका है और फिलहाल फिनिशिंग का काम चल रहा है। नोडल प्राचार्य संजय गुर्जर के अनुसार, अगले शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को नए भवन में पढ़ाई कराने का लक्ष्य है।</p>
<p><strong>डाबी गर्ल्स कॉलेज को मिलेगा आधुनिक परिसर</strong><br />डाबी के राजकीय कन्या महाविद्यालय के लिए सरकार ने 2.9300 हैक्टेयर भूमि आवंटित की है। यहां भवन निर्माण का फाउंडेशन कार्य शुरू हो चुका है। कॉलेज में आधुनिक लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, खेल मैदान सहित छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।</p>
<p><strong>स्थायी भवन से बदलेगी उच्च शिक्षा की तस्वीर</strong><br />नए भवन बनने के बाद विद्यार्थियों को पर्याप्त कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब और अन्य आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी। इससे न केवल पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा, बल्कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का लाभ भी मिलेगा।</p>
<p>कस्बाई क्षेत्रों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। कैथून, दीगोद, चेचट और डाबी में दो मंजिला नए महाविद्यालयों के निर्माण के लिए जमीन और बजट उपलब्ध कराया गया है। प्रत्येक कॉलेज का निर्माण 4.50 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है।<br /><strong>- प्रो. नवीन मित्तल, क्षेत्रीय सहायक निदेशक, कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 11:26:00 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : केडीए ने शुरु किया सड़क मरम्मत का काम</title>
                                    <description><![CDATA[अन्य स्थानों पर हो रहे गड्ढ़ों पर भी पेचवर्क किया जाएगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--kda-begins-road-repair-work/article-160561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)89.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बरसात शुरु होने से पहले ही कोटा विकास प्राधिकरण ने खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत का काम शुरु कर दिया है।शहर में कई मुख्य सड़कें ऐसी हैं जो बरसात से पहले ही खस्ताहाल हो गई है। कई जगह पर सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढ़े हो रहे हैं तो कहीं सड़क का डामर व सीसी ही उखड़ा हुआ है। जिससे अभी वाहन चालकों को इन गड्ढ़ों पर हिचकोले खाते हुए निकलना पड़ रहा है। जिससे वाहनों के असंतुलित होकर हादसे होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बरसात शुरु होने पर उन गड्ढ़ों में पानी भरने पर उनकी गहराई का पता नहीं चलने से हादसे होने का खतरा अधिक बना हुआ है।इसे देखते हुए कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से सड़कों के पेचवर्क व मरम्मत का काम मंगलवार को शुरु कर दिया है।</p>
<p>केडीए की ओर से सरोवर टॉकीज के सामने स्थित मंदिर के पीछे व तालाब किनारे की सड़क को सही करने का काम शुरु कर दिया है। केडीए की ओर से सरोवर पार्किंग के सामने से ही रास्ता बंद कर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। वहीं सरोवर टॉकीज मोड से वाहनों को डायवर्ट किया गया है। केडीए की ओर से सड़क की खुदाई कर उसे नई सड़क बनाई जा रही है। जिससे बरसात के समय में वाहन चालकों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।<br />इसके अलावा भी अन्य स्थानों पर हो रहे गड्ढ़ों पर भी पेचवर्क किया जाएगा। जिसमें अभय कमांड सेंटर से दादाबाड़ी रोटरी के बीच स्थित एलबीएस मार्ग पर हो रहे गड्ढ़ों और दादाबाड़ी छोटा चौराहा स्थित गड्ढ़ों को भी सही किया जाएगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि शहर में कई सड़कों पर हो रहे गड्ढ़ों व उनसे लोगों को होने वाली परेशानी का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 20 जून को पेज 4 पर' बरसात से पहले ही सड़कों का हुआ बुरा हाल शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें सरोवर टॉकीज के सामने मंदिर के पीछे की बदहाल सड़क समेत अन्य स्थानों की सड़कों के बारे में बताया गया था। इनके कारण वाहन चालकों को होने वाली परेशानी को भी उजागर किया था। इसके बाद 8 जुलाई को पेज 8 पर' गड्ढणे और मवेशी, बरसात में खतरा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें भी सड़कों की बदहाल स्थिति को उजागर किया था। इसके बाद कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से इन सड़कों की मरम्मत का काम शुरु कर दिया गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 14:27:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : मरीज लाइन में नहीं लगें, इसलिए टोकन करें जारी</title>
                                    <description><![CDATA[स्वास्थ्य केंद्रों पर पानी रिसाव, सोलर प्लांट और आंगनबाड़ी संचालन से जुड़ी कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--issue-tokens-so-patients-don-t-have-to-stand-in-queues/article-160092"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)68.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सकतपुरा, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुन्हाडी एवं आंगनबाड़ी केंद्र गोविंदपुरा बावड़ी का औचक निरीक्षण किया। संभागीय आयुक्त ने एमसीएचएन सेशन के तहत हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की केयर के बारे में चल रहे प्रशिक्षण का भी निरीक्षण किया। संभागीय आयुक्त ने सीएचसी कुन्हाड़ी में निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि मरीजों को लाइन में लगकर इंतजार नहीं करना पडे इसके लिए टोकन जारी कर उन्हें क्रम के अनुसार बुलाएं।</p>
<p> संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने शहरी चिकित्सालयों का दौरा करते समय निर्देश देते हुए कहा कि अस्पतालों में लगने वाली भीड़ को कम करने  के लिए पोर्टल के जरिए ऑनलाइन टिकट  और टोकन जारी करने को कहा है।<br />सीएचसी परिसर में सौलर प्लांट इन्स्टोलेशन के लिए गढ्ढे करने के बाद अभी तक प्लांट नहीं लगाने पर उन्होंने संबंधित कम्पनी के प्रतिनिधि को शीघ्र कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सकतपुरा में पीएचईडी के अकेलगढ़ प्लांट का पानी रिसाव होकर आने को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने एसई पीएचईडी को निर्देश दिए कि प्लांट की चारदीवारी की मरम्मत एवं वॉटर हारर्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाकर वेस्ट वॉटर का सीपेज रोके ताकि स्वास्थ्य केन्द्र पर आने वाले मरीजों को परेशानी नहीं हो।<br /> गोविंदपुरा बावडी आंगनबाडी केन्द्र खुले में टीनशैड़ के नीचे चलता हुआ देखकर संभागीय आयुक्त ने सीडीपीओ तालेडा को निर्देश दिए कि आंगनबाडी केन्द्र को किसी खाली पडे सरकारी भवन में शिफ्ट किया जाए, ताकि केन्द्र के संचालन में परेशानी नहीं हो एवं बारिश के मौसम में छोटे बच्चे परेशान नहीं हो। निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. जगदीश सोनी भी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 11:40:35 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : बिजली के झूलते तारो से मिली निजात, ग्रामीणों ने जताया आभार</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल परिसर में मंडरा रहा था हादसे का खतरा सहायक अभियंता के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-news---relief-from-dangling-power-lines--villagers-express-gratitude/article-159005"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर । खानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में लंबे समय से लटक रहे खतरनाक और जानलेवा बिजली के तारों की समस्या का आखिरकार समाधान हो गया है। इस गंभीर मुद्दे को दैनिक नवज्योति द्वारा प्रमखता से उजागर किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया। अस्पताल परिसर के प्रवेश द्वार के समीप बिजली के भारी-भरकम तार पूरी तरह से नीचे लटक रहे थे, जिससे वहां आने वाले मरीजों, परिजनों और मवेशियों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया था। स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों ने लगातार इसे अनदेखा करने की शिकायत की थी, क्योंकि अस्पत्ताल जैसे संवेदनशील स्थान पर, जहाँ दिन भर सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता है, ये लटकते तार किसी भी क्षण बड़े हादसे को न्योता दे रहे थे। </p>
<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए, खानपुर विद्युत विभाग के सहायक अभियंता राघवेंद्र मिश्रा ने त्वरित गति से संज्ञान लिया। उन्होंने तुरंत प्रभाव से टीम को निर्देशित कर अस्पताल परिसर में झूल रही बिजली लाइनों को दुरुस्त करवाया। तारों को व्यवस्थित कर दिए जाने से अब अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है। नागरिकों ने जताया आभार। इस समस्या के समाधान के बाद स्थानीय नागरिकों ने दैनिक नवज्योति टीम और विद्युत विभाग के सहायक अभियंता राघवेंद्र मिश्रा का आभार व्यक्त किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 14:54:47 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : एडीएम ने एसडीएम व तहसीलदार को दिए जांच कर कार्रवाई के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में 17 बीघा जमीन की रजिस्ट्री पर प्रशासन सख्त।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---adm-directs-sdm-and-tehsildar-to-investigate-and-take-action/article-158358"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/12200-x-600-px)-(7).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मुकुंदरा टाइगर रिजर्व की जवाहर सागर अभयारण्य की अधिसूचित सीमा में प्रतिबंधित क्षेत्र की जमीन की कथित नियम विरुद्ध खरीद-फरोख्त और रजिस्ट्री के मामले में अब जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया है।मुकुंदरा डीएफओ की शिकायत पर बूंदी के अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) रामकिशोर मीणा ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए तालेड़ा उपखंड अधिकारी और तहसीलदार को जांच कर नियमानुसार जांच के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी जिला प्रशासन को भेजने के आदेश दिए गए हैं।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन की सख्ती के बाद अभयारण्य क्षेत्र में हुई भूमि खरीद-फरोख्त व रजिस्ट्री की जांच तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। यदि, जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना भी बढ़ गई है।</p>
<p><strong>नवज्योति में खबर छपने के बाद विभाग में हड़कम्प</strong><br />दैनिक नवज्योति ने टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में नियम विरुद्ध जमीन खरीद-फरोख्त का मामला उठाने के बाद वन विभाग में हड़कम्प मच गया। डीएफओ मूथू एस द्वारा बूंदी जिला कलक्टर को पत्र भेज रजिस्ट्री निरस्त कर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। एडीएम कार्यालय से जारी पत्र में बताया गया है कि उप वन संरक्षक (वन्यजीव), मुकंदरा राष्ट्रीय उद्यान कोटा ने अपने पत्र में जवाहर सागर अभयारण्य की सीमा में स्थित ग्राम धनेश्वर में नियम विरुद्ध भूमि खरीद-फरोख्त एवं रजिस्ट्रियों का मामला उठाते हुए आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया था। इसी पत्र के आधार पर एडीएम ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को पूरे प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।</p>
<p><strong>जांच कर भेजनी होगी विस्तृत रिपोर्ट</strong><br />एडीएम ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि शिकायत में उल्लेखित सभी बिंदुओं की जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, जांच और कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट जिला प्रशासन को तत्काल उपलब्ध कराई जाए।</p>
<p><strong>बढ़ सकती हैं अधिकारियों की मुश्किलें</strong><br />यह मामला ऐसे क्षेत्र से जुड़ा है, जहां वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत भूमि के लेन-देन और रजिस्ट्रियों पर कड़े प्रतिबंध लागू हैं। ऐसे में प्रशासनिक जांच के दायरे में आने के बाद संबंधित रजिस्ट्रियों, नामांतरण और उनकी स्वीकृति प्रक्रिया की भी गहन पड़ताल होने की संभावना है। यदि जांच में नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 12:29:17 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का : भीमसिंह स्टेडियम से हटाए जंगली घास और खरपतवार</title>
                                    <description><![CDATA[मात्र 14 घंटे बाद ही सफाई निरीक्षक के नेतृत्व में सफाई कर्मियों की टीम स्टेडियम पहुंची।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--wild-grass-and-weeds-cleared-from-bhim-singh-stadium/article-158142"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1200-x-600-px)-(4)12.png" alt=""></a><br /><p>सांगोद। नगर के सबसे बड़े एवं एकमात्र भीमसिंह स्टेडियम की खस्ता हालत को लेकर दैनिक नवज्योति द्वारा प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए जाने के बाद पालिका प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्टेडियम की सफाई करवाई।</p>
<p>खबर प्रकाशित होने के मात्र 14 घंटे बाद ही सफाई निरीक्षक हंसराज नरवाल के नेतृत्व में सफाई कर्मियों की टीम स्टेडियम पहुंची और वहां उगी जंगली घासए खरपतवार तथा कचरे को हटाकर मैदान की साफ.सफाई करवाई। इसके साथ ही स्टेडियम परिसर को व्यवस्थित बनाने का कार्य भी किया गया। उल्लेखनीय है कि दैनिक नवज्योति के बुधवार के अंक में भीमसिंह स्टेडियम में व्याप्त अव्यवस्थाओंए जंगली घास और सफाई की समस्या को लेकर विस्तृत समाचार प्रकाशित किया गया था। खबर में खिलाड़ियोंए क्रिकेट एवं फुटबॉल कोच तथा स्थानीय नागरिकों ने अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं।</p>
<p><strong>खिलाड़ियों और स्थानीय नागरिकों ने ली राहत की सांस</strong><br />स्थानीय लोगों के अनुसार स्टेडियम में लंबे समय से जंगली घास और खरपतवार फैले हुए थे। कई बार इनमें सांप दिखाई देने से खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में भय का माहौल बन गया था। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया थाए लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया था। अब सफाई कार्य पूरा होने के बाद खिलाड़ियों और स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने त्वरित कार्रवाई के लिए पालिका प्रशासन तथा मुद्दे को प्रमुखता से उठाने पर दैनिक नवज्योति का आभार व्यक्त किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 14:21:34 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का :  दो घन्टे में ही हुआ चकाचक, लोग बोले अब भी तो हुई सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[पांच दिन के 'नर्क' के बाद मरीजों को मिली सीवरेज की गंदगी से मुक्ति।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---area-cleaned-up-in-just-two-hours--people-remark--%22so--cleaning--was--possible-after-all-%22/article-157240"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)32.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल परिसर में आखिरकार पांच दिनों बाद प्रशासनिक सुस्ती टूटी। दरअसल यहां स्थित सेन्ट्रल लैब के बाहर सीवरेज चैम्बरर्स ओवर फ्लो होकर सड़क पर उफन रहे थे। यह हालात पिछले पांच दिनों से बने हुये थे । जिसे मंगलवार को नगर निगम की टीम ने उफन रहा सीवरेज और सेप्टिक टैंक का मलबा साफ कर दिया। जिससे पिछले कई दिनों से नर्क भुगत रहे मरीजों और तीमारदारों ने बड़ी राहत की सांस ली। सवाल यह उठता है कि जब नगर निगम और सुपर सकर मशीन के जरिए यह काम मात्र दो घंटे में मुमकिन था, तो इसके लिए पांच दिनों तक मरीजों को परेशान क्यों किया गया? प्रशासन को अपनी इस 'लेट-लतीफी' की कार्यप्रणाली को बदलना होगा ताकि भविष्य में किसी भी संवेदनशील वार्ड या लैब के बाहर ऐसे हालात दोबारा पैदा न हों।</p>
<p><strong>खबर पर तत्काल हुआ असर</strong><br />'दैनिक नवज्योति' द्वारा मामले को प्रमुखता से उठाते हुये मंगलवार को ''सेन्ट्रल लैब के मेन एन्ट्री के बाहर फैली सीवरेज की गन्दगी'' शीर्षक से प्रकाशित की थी जिसके बाद हरकत में आये एमबीएस प्रशासन ने सफाई के लिये आनन फानन में नगर निगम की टीम को मौके पर बुलवाकर परिसर में दुर्गंध व बीमारी के कारण बन रही सीवरेज के पानी को साफ करवाया गया करीब 2 घन्टे की मशक्कत के बाद पुरा पानी साफ हो गया। जिसके बाद यहां इलाज कराने आये लोगों ने भी राहत की सांस ली।</p>
<p><strong>'सुपर सकर' से दो घंटे में चोक चेंबर किए दुरुस्त</strong><br />गत शुक्रवार से ही मुख्य सड़क और वहां लगे सीमेंटेड ब्लॉक पूरी तरह बदबूदार पानी में डूबे हुए थे। मंगलवार सुबह जब नगर निगम का सफाई निरीक्षक दस्ता और अस्पताल का अमला हरकत में आया, तो हालात तेजी से बदले। सफाई कर्मियों ने सुपर सकर मशीन की मदद से चोक हो चुके मुख्य चेंबरों की सफाई शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद सड़क पर जमा गंदा पानी और कीचड़ पूरी तरह साफ हो सका।</p>
<p><strong>गंदगी बढ़ा रही थी बीमारी, वहां अब मिली राहत</strong><br />अस्पताल का यह वही मुख्य मार्ग है जहां रोजाना हजारों मरीज और उनके परिजन गंभीर बीमारियों की जांच के लिए सैंपल देने आते हैं। पिछले पांच दिनों से यहां फैली गंदगी न केवल अस्पताल की सुंदरता पर बदनुमा दाग थी, बल्कि वहां उठ रही तीव्र दुर्गंध से मरीजों का दम घुट रहा था। स्वास्थ्य के मंदिर में ही संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ था, लेकिन मंगलवार दोपहर बाद यहां के हालात पूरी तरह बदले नजर आए।</p>
<p><strong>भुक्तभोगियों ने कहा- 'देर आए, दुरुस्त आए'</strong><br />गंदगी साफ होने के बाद अस्पताल आने वाले लोगों के चेहरों पर सुकून दिखाई दिया मरीज मकसूद (60 वर्ष) ने बताया, कल जब मैं यहां सैंपल देने आया था, तो पैर रखने तक की जगह नहीं थी, इसी दूषित पानी के बीच से मजबूरन गुजरना पड़ा था। आज प्रशासन चेता है और सफाई हुई है, यह काम पहले दिन ही हो जाना चाहिए था। तीमारदार राहुल शर्मा ने कहा, यहां फैली गंदगी को देखकर मन खराब हो जाता था। आज जब दोबारा यहां आया तो सफाई देखकर बड़ी राहत मिली कि अब लोगों को इस नर्क से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 14:16:53 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - राहत: अब 12 जून तक होगी एमएसपी पर गेहूं खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[पंजीयन कराने वाले किसानों में से 65 हजार से अधिक किसान अब तक गेहूं नहीं बेच पाए हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---relief--wheat-procurement-at-msp-to-continue-until-june-12/article-156542"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। गेहूं बेचने के लिए इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ा दी है। अब 12 जून तक गेहूं की खरीद जारी रहेगी। इससे उन हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनका गेहूं अभी तक खरीद केंद्रों पर नहीं बिक पाया था और वे खरीद अवधि समाप्त होने की चिंता में थे। किसानों का कहना था कि मौसम, परिवहन और अन्य कारणों से बड़ी मात्रा में गेहूं अभी भी उनके पास पड़ा हुआ है। ऐसे में खरीद अवधि समाप्त होने पर उन्हें खुले बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता। सरकार के इस निर्णय से अब किसानों को अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने का अतिरिक्त अवसर मिल गया है।</p>
<p><strong>मौसम और अव्यस्थाओं से हुई थी परेशानी</strong><br />इस बार कई क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता और खरीद केंद्रों पर बढ़ी आवक के कारण किसानों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा था। कई किसानों ने खरीद अवधि बढ़ाने की मांग भी उठाई थी। सरकार के निर्णय के बाद किसानों में संतोष का माहौल है। खरीद अवधि बढ़ने के बाद आने वाले दिनों में मंडियों और खरीद केंद्रों पर गेहूं की आवक बढ़ने की संभावना है। अधिकारियों को भी व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अब तारीख बढ़ने के बाद एजेंसियों ने फिर खरीद के लिए व्यवस्थाएं शुरू कर दी है। खरीद केन्द्रों से माल का भी उठाव किया जा रहा है।</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />एसएसपी पर गेहूं बेचने से वंचित किसानों के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में 17 मई को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया था कि कोटा संभाग में समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद का कार्य अंतिम दौर में पहुंचने लगा है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज बेचने का इंतजार कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार संभाग में पंजीयन कराने वाले किसानों में से 65 हजार से अधिक किसान अब तक गेहूं नहीं बेच पाए हैं। खरीद एजेंसियों के अनुसार संभाग में 1,62,748 किसानों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 99,247 किसानों को टोकन जारी किए गए, लेकिन अब तक केवल करीब 69 हजार किसान ही अपनी उपज बेच पाए हैं। इससे 65 हजार से अधिक किसान अभी भी खरीद केंद्रों पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।</p>
<p>राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ा दी है। अब 12 जून तक गेहूं की खरीद जारी रहेगी। खरीद केन्द्रों से गेहूं का नियमित उठाव किया जा रहा है, ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो।<br /><strong>- संजय मीना, जनसम्पर्क अधिकारी, एफसीआई </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 14:05:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : कोटा वनमंडल के तत्कालीन  डीएफओ को चार्जशीट जारी,राज्यपाल से स्वीकृति मिलने के बाद जारी हुई चार्जशीट</title>
                                    <description><![CDATA[लखावा-8 प्लांटेशन में प्लोटिंग कटवाने और फर्जीवाड़ा कर प्लांटेशन फेल होने का माना दोषी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---charge-sheet-issued-to-the-then-dfo-of-kota-forest-division--action-taken-following-approval-from-the-governor/article-156319"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/1111200-x-600-px)-(2)10.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा वनमंडल की लाडपुरा रेंज के लखावा-8 प्लांटेशन में भ्रष्टाचार के चर्चित मामले में तत्कालीन डीएफओ पर रिटायरमेंट के तीन साल बाद गाज गिरी। राज्य सरकार ने तत्कालीन कोटा डीएफओ जयराम पांड्ेय को प्लांटेशन में अवैध रूप से प्लोटिंग कटवाने और फर्जीवाड़ा से प्लांटेशन फेल होने का दोषी मानते हुए गत शुक्रवार को चार्जशीट जारी कर दी है। दैनिक नवज्योति ने सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित कर भ्रष्टाचार उजागर किया था। जिसके बाद वन विभाग ने जांच करवाई थी, जिसमें वन विभाग के उच्च स्तरीय जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में न केवल नवज्योति में छपी खबर की पुष्ठी की बल्कि घोटाले व फर्जीवाड़ा खोलने के लिए दैनिक नवज्योति को आई ओपनर माना था। इसके बाद वन मुख्यालय ने चार्जशीट के प्रस्ताव बनाकर राज्यपाल को भेजे थे, जहां से स्वीकृति मिलने पर यह कार्रवाई की गई।</p>
<p><strong>वन भूमि पर ही कटवा दी प्लोटिंग</strong><br />सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चार्जशीट में उल्लेख है कि तत्कालीन डीएफओ जयराम पाण्डेय ने कैंपा के मिटीगेटिव योजना के अंतर्गत लखावा प्लांटेशन-8 में वृक्षारोपण करवाया था। जिसमें वृक्षारोपण की ब्लास्टिंग पद्धति को अनदेखा कर बिना ब्लास्टिंग के जेसीबी से कम गहरे खड्ढ़े खुदवाएं और निर्धारित संख्या से बहुत कम पौधे लगवाए, जिससे प्लांटेशन फेल हो गया। वहीं, प्लांटेशन में वन भूमि पर अवैध रूप से प्लोटिंग कटवा दी। दोनों ही मामलों में दोषी मानते हुए सरकार द्वारा चार्जशीट जारी की गई।</p>
<p><strong>जमीन पर 2500, कागजों में 5500 खडढ़े खुदे थे</strong><br />लखावा प्लांटेशन-8 में वर्ष 2022 में पौधे लगाने के लिए 8000 खडढ़े किए जाने थे। चूंकि, पथरीला इलाका होने के कारण प्लांटेशन का अधिकांश भाग चट्टानी है। ऐसे में ऐसे में मेटिगेटिव मैजर्स मॉडल के तहत यहां 8 हजार खडढ़ों को दो हिस्सों में करना तय हुआ था। पहले हिस्से में मिट्टी की मौजूदगी वाली जगह को चिन्हित कर 2500 खडढ़े मैन्यूअल करना तथा शेष चट्टानी जमीन पर 5500 खडढ़े बलास्टिंग से किए जाना था। ऐसे में 5 जनवरी 2022 को 2500 खडढ़े मैन्यूअली खुदवाए गए। वहीं, 5500 खडढ़ों के लिए टेंडर किए गए लेकिन संबंधित फर्म अचानक काम छोड़कर चली गई। ऐसे में ब्लास्टिंग से खडढ़े नहीं हो सके। 6 जुलाई 2022 को तत्कालीन डीएफओ रवि मीणा का ट्रांसफर हो गया। इसके बाद 7 जुलाई को तत्कालीन डीएफओ जयराम पांडे ने कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने बिलों में 5500 खड्ढ़े खुदवाकर 8000 पौधे लगवाना बता दिया। जबकि, मौके पर न तो ब्लाटिंग से 5500 खडढ़े करवाए गए और न ही 8000 पौधे लगे। इस बात की पुष्ठि एपीसीसीएफ व पीएंडएम गणना दल की जांच रिपोर्ट से पहले ही हो चुका है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 13:25:13 +0530</pubDate>
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