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                <title>cleaning system - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>cleaning system RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सफाई व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए आयुक्त ने किया औचक निरीक्षण : रेलवे जंक्शन के पास दुकानों के बाहर गंदगी देख डॉ. पटेल हुई नाराज, स्वास्थ्य निरीक्षक को दिया नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[शहर की सफाई व्यवस्था का हाल जानने के लिए हेरिटेज निगम आयुक्त डॉ. निधि पटेल देर रात निगम रेलवे जंक्शन के बाहर सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-order-to-strengthen-the-cleaning-system-the-commissioner-conducted/article-119684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rt112roer-(4)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर की सफाई व्यवस्था का हाल जानने के लिए हेरिटेज निगम आयुक्त डॉ. निधि पटेल देर रात निगम रेलवे जंक्शन के बाहर सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। जहां दुकानों के बाहर गंदगी देख आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर ही स्वास्थ्य निरीक्षक को बुलाकर फटकार लगाई और जोन उपायुक्त सुनील कुमार को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।</p>
<p>डॉ. पटेल पिछले तीन दिनों से लगातार रात में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रही है। डॉ. पटेल ने बताया कि हेरिटेज निगम की स्वास्थ्य शाखा के अधिकारी भी लगातार फील्ड में सक्रिय होकर सफाई व्यवस्था सुदृढ़ कर रहे हैं। आयुक्त खुद भी देर रात विभिन्न जगहों पर औचक निरीक्षण कर रही है, जिसमें लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों को नोटिस देकर कार्रवाई की जा रही है। जयपुर शहर को वर्ल्ड हेरिटेज का खिताब दिया जा चुका है। दूरदराज के लोग शहर की खूबसूरती को निहारने आ रहे है।</p>
<p><strong>व्यापारियों को हिदायत, दुकानों के बाहर रखें डस्टबिन :</strong></p>
<p>आयुक्त ने दुकानों के बाहर डस्टबिन नहीं होने पर भी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी दुकानदार बाहर डस्टबिन रखें और कचरा सड़क पर नहीं फेंके। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 14:08:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सफाई व्यवस्था के निरीक्षण को निगम आयुक्त रात को उतरे सड़कों पर, बाजार बंद होने के बाद सफाई व्यवस्था मजबूत करने के दिए निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[शहर की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने के लिए नगर निगम हेरिटेज एवं ग्रेटर आयुक्त ने शुक्रवार को रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सफाई कर्मचारियों से भी फीडबैक लिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/instructions-given-to-strengthen-the-cleaning-system-after-the-market/article-119603"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news-(8).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने के लिए नगर निगम हेरिटेज एवं ग्रेटर आयुक्त ने शुक्रवार को रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सफाई कर्मचारियों से भी फीडबैक लिया। निगम हेरिटेज आयुक्त डॉ. निधि पटेल ने चारदीवारी में चांदपोल, छोटी चौपड़, बड़ी चौपड़, चौड़ा रास्ता, जौहरी बाजार में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। </p>
<p>उन्होंने अधिकारियों को बाजार बंद होने के बाद देर रात में सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही निगम आयुक्त ने बाजार की मुख्य सड़क से रात 12 बजे बाद कचरा उठवा कर सफाई कराने के निर्देश भी दिए। इस दौरान गैराज शाखा उपायुक्त सरिता मल्होत्रा, अधिशासी अभियंता बलराम मीणा सहित अन्य निगम अधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Jul 2025 12:31:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लापरवाही: सफाई व्यवस्था चौपट, फूटा आक्रोश</title>
                                    <description><![CDATA[राहगीरों व वाहन चालकों को गिरने का डर।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/negligence--cleaning-system-in-shambles--anger-erupts/article-114434"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(1)76.png" alt=""></a><br /><p>उन्हैल।  छोटी सुनेंल ग्राम पंचायत उन्हेल में कादर नगर चौराहा के समीप खुरंजा क्षतिग्रस्त होने से नाली का पूरा पानी खुरंजे पर इकट्ठा हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को गंदे पानी से भरे गड्ढे में वाहन निकालने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं। ग्रामीण दीपू ,रमेश, अकील,सकील, कालू, अली आदि ने बताना है कि घर के बाहर व रोड पर  पानी  एकत्रित होने से मच्छर पनपने लग गए है जिससे आए दिन मौसमी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है और वाहन चालक को भी गंदे कीचड़ मे होकर गुजरना पड़ रहा हैं। सड़क पर पानी इकठ्ठा होने से सडक पर काई जम गई है जिससे राहगीर व वाहन चालकों को गिरने का अंदेशा सता रहा है। वहीं सड़क पर मार्ग से राहगीर व स्कूल जाने वाले बच्चो को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द खुरजे की समस्या का समाधान किया जाए। </p>
<p>रास्ते पर पानी इकठ्ठा होने से मच्छर पैदा हो रहे है जिससे बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।<br /><strong>- जगदीश, ग्रामीण </strong></p>
<p>राहगीरों को पानी इकठ्ठा होने से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। <br /><strong>-  सुरेन्द्र, ग्रामीण </strong></p>
<p>जल्द से जल्द खुरंजा की समस्या का समाधान किया जाना चाहिए जिससे रास्ते पर जमा पानी की निकासी हो सके। <br /><strong>-  हरीश, ग्रामीण </strong></p>
<p>रास्ते पर जमा पानी व खुरंजा की समस्या को दिखवाकर जल्द से जल्द समाधान करवा दिया जाएगा। <br /><strong>-  नवीन मीणा, पीडब्लूडी अधिकारी उन्हैल छोटी सुनेल </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 May 2025 14:10:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा दक्षिण उप महापौर ने लगाया भेदभाव का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[जनता की शिकायतों का समाधान करने में परेशानी आ रही है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-deputy-mayor-alleges-discrimination/article-108178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer88.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण के उप महापौर पवन मीणा ने सफाई व्यवस्था  में निगम प्रशासन द्वारा उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सफाई समिति अध्यक्ष होने के बाद भी निगम प्रशासन द्वारा उन्हें न तो सफाई के लिए ट्रेक्टर ट्रॉली दी गई और न ही सफाई श्रमिक। उप महापौर ने कहा कि राजीव अग्रवाल कांग्रेस पार्षदों के समर्थन से महापौर चुने गए थे, लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान वे भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद से ही कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में विकास कार्यों में अड़चनें डाली जा रही हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा स्वीकृत योजनाओं को भी रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>सफाई समिति अध्यक्ष को श्रमिक नहीं मिलने से जनता हो रही परेशान</strong><br />उप महापौर ने आरोप लगाया कि  दिसंबर 2024 में 1700 सफाई श्रमिकों के लिए एक टेंडर जारी किया गया था। उसमें से 20 श्रमिक मेयर ने अपने पास रख लिए। 20 श्रमिक नेता प्रतिपक्ष को दे दिए और वीआईपी मूमेंट के दौरान 90 श्रमिक रिजर्व रखे गए। अन्य श्रमिक भी अलग-अलग कार्यों के लिए आरक्षित कर दिए गए। लेकिन  सफाई समिति का अध्यक्ष होने के बावजूद  उपमहापौर को एक भी श्रमिक नहीं दिया गया।इससे उन्हें सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने में कठिनाई हो रही है। जनता की शिकायतों का समाधान करने में परेशानी आ रही है।</p>
<p><strong>ट्रैक्टर-ट्रॉली आंवटन में भी भेदभाव</strong><br />उप महापौर ने बताया कि  हाल ही में एक और टेंडर जारी किया गया। जिसमें प्रत्येक 9 सेक्टरों को 1-1 ट्रैक्टर-ट्रॉली आवंटित की गई। साथ ही महापौर और नेता प्रतिपक्ष को 1-1 ट्रैक्टर-ट्रॉली रिजर्व की गई। लेकिन उपमहापौर को एक भी ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं दी गई।</p>
<p><strong>सफाई समिति की बैठक तक नहीं हो रही</strong><br />उप महापौर ने कहा कि नगर निगम में सफाई समिति की बैठक नहीं होने देना भी  इस भेदभाव की एक बड़ी कड़ी है।  उन्होंने कई बार नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर सफाई समिति की आधिकारिक बैठक बुलाने का निवेदन किया, लेकिन  अब तक बैठक नहीं करवाई गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 5 वर्ष के कार्यकाल में मात्र 2 ही बैठकें हुई हैं।</p>
<p><strong>आयुक्त से बात करें</strong><br />इस बारे में महापौर राजीव अग्रवाल का कहना है कि सफाई श्रमिक देने का काम आयुक्त का है। वैसे किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा। फिर भी यदि उन्हें लगता है तो वे इस संबंध में आयुक्त से बात कर सकते है। जहां तक ट्रेक्टर ट्रॉली का मामला है वह सड़क से मिट्टी उठाने लिये दूसरी जगह काम में जिया जायेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 15:40:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लापरवाही: सफाई व्यवस्था चरमराई, आमजन परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[पॉलिथीन और कचरा भरने से नालियां हो रही जाम। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/negligence--cleaning-system-has-collapsed--common-people-are-troubled/article-80115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/laparwahi-safai-vyvastha-charmarai-aamjan-pareshan....atru,-baran-news-01-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>अटरू। नगरपालिका क्षेत्र अटरू में लंबे समय से मेन रोड़ की नालियों की साफ सफाई नहीं होने से नालियों में गन्दगी व पॉलिथिन से भरी हुई है। अब तो नालियों का पानी मेन रोड पर आ रहा है और नालियों भी बन्द हो गई है यही भी मालूम नहीं है कि यहां पहले नालियां भी थी या नहीं पर नगरपालिका प्रशासन का इस समस्या की ओर कोई ध्यान ही नहीं है।  जो मेन बाजार की नालियों से जुड़ी गली मौहल्लों की नालियां बड़े नाले में आकर मिलती है। जब बड़े नाले की ही सफाई समय पर नहीं हो पाए तो जो छोटी छोटी नालियों में पानी का निकास बन्द हो जाता है। जिससे उन नालियों का पानी गलियों में ही भरा रहता है। इनकी सफाई को हुए करीब साल भर हो गया है। इसके कारण आमजन को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नगरवासी अमित, हेमन्त, चंद्रप्रकाश, वीरेन्द्र ने बताया कि आए दिन गंदगी और कचरे से नालियां जाम हो जाती है। जिससे नालियों की गदंगी रोड पर आ जाती है। जिससे वहां से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। </p>
<p><strong>समस्या से जिम्मेदारों को करा चुके है अवगत</strong><br />अटरू क्षेत्र के नगरवासी कीचड़ और गंदगी की समस्या को लेकर कई बार नगर पालिका अधिकारी, कर्मचारियों और जिम्मेदारों को अवगत करा चुके है लेकिन अभी भी इस समस्या की ओर किसी का कोई ध्यान नहीं है। नगरपालिका प्रशासन को जल्दी ही इस समस्या का समाधान करना चाहिए ताकि नगरवासियों को राहत मिल सकें।</p>
<p><strong>कीचड़ में फिसलकर चोटिल हो रहे नगरवासी</strong><br />वहीं नगरवासियों ने बताया कि नालियों में जमा गंदगी और कीचड़ रोड पर आ जाता है। जिससे रास्ते में फिसलन हो जाती है। कई बार वहां से निकलते समय बच्चें, बुजुर्ग, महिलाएं सहित नगरवासी कीचड़ में फिसलकर चोटिल हो जाते है। </p>
<p>नगरपालिका क्षेत्र में मेंन रोड के दोनों तरफ से निकलने वाली नालियों बहुत समय से दुर्दशा का शिकार हो रही हैं। नालियों में गंदगी व पॉलिथिन से नालियां जाम हो रही है।  <br /><strong>- राजेन्द्र प्रजापति, नगरवासी। </strong><br />     <br />नालों की सफाई बहुत समय से नहीं हुई है। जिसके कारण नाले में बहुत कचरा जमा हो गया है। उसमें से पानी <strong>नहीं निकल रहा है। जिसके कारण पानी रोड़ पर आने लगा है। </strong><br /><strong>- नन्दलाल सुमन,  नगरवासी। </strong></p>
<p>नालियों में भरा कीचड़ और गंदगी रोड पर आ जाने से यहां से निकलते समय बच्चें और बुजर्ग गिरकर चोटिल हो जाते है। शीघ्र ही समस्या का समाधान किया जाए। <br /><strong>- सुनीता, नगरवासी। </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />पांच दिन बाद नालियों की सफाई के टेंडर निकलवाकर बरसात के पहले नालियों की साफ-सफाई करवा दी जाएगी।<br /><strong>- सुरेश रेगर, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका अटरू।   </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Jun 2024 17:23:38 +0530</pubDate>
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                <title>कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सफाई व्यवस्था बेपटरी</title>
                                    <description><![CDATA[कस्बे में बिगड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर आम नागरिक समिति ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/cleaning-system-derailed-due-to-employees-going-on-strike/article-77340"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/karmachariyo-k--hadtaal-pr-jane-s-sfayi-vyavastha-bepatri...chaumhela,-jhalawar-news-09-05-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>चौमहला। कस्बे में सफाई कर्मचारियों ने दो माह का बकाया का वेतन नहीं मिलने और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार से काम का बहिष्कार कर दिया। जिससे पूरे कस्बे में जगह जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। दूसरे दिन भी काम का बहिष्कार जारी रहा। जिससे सफाई व्यवस्था चरमराने से क्षेत्रवासी बदबू से परेशान हो रहे है।  ग्राम पंचायत में कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने  मांग व दोनों माह का वेतन नहीं मिलने के कारण मंगलवार से कस्बे में हड़ताल कर काम का बहिष्कार कर दिया। सफाई कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से कस्बे के मुख्य बाजार,गलियों में सड़को की सफाई नही हुई किस्से जगह जगह गंदगी ही गंदगी हो रही है। सड़कों में गंदगी के ढेर पड़े हुए है, नालियां जाम हो रही है,जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। नालियों में पानी जमा होने से मच्छर पैदा हो गए जिससे रहवासी परेशान है। ग्राम पंचायत का कहना है मंगलवार से सफाई कर्मचारियों को वेतन के लिए बुला रहे है और वेतन नहीं ले रहे है। वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे है। बुधवार को भी सफाई कर्मचारियों व ग्राम पंचायत के वार्ता हुई लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। सफाई कर्मचारी का मानदेय वर्तमान में चार हजार रुपए है जिसे बढ़ाकर सात हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग कर रहे है। कस्बे में बिगड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर आम नागरिक समिति ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया।</p>
<p><strong>कचरे के जगह-जगह लग रहे ढेर</strong><br />दो दिन से कस्बे में सफाई नही होने से मुख्य बाजारों सहित गली मोहल्लों में गंदगी ही गंदगी हो रही है। कचरों के ढेर लग रहे है। नालियों की सफाई नही होने से नालियां जाम हो गई जिसकी बदबू से रहवासी परेशान हो रहे है। ग्रामवासी पंचायत पर अव्यवस्थाओं का आरोप लगा रहे है। कस्बे के कई क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें बंद है। कई बार अवगत कराने के बाद भी स्ट्रीट लाइट चालू नही हो पाई।</p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />सफाई कर्मचारियों को बकाया दो माह का मानदेय दिया जा रहा है लेकिन वे लेने को तैयार नहीं है। वे लोग तीन हजार रुपए बढ़ाने की मांग कर रहे। साथ ही लिखित में देने की कह रहे । जो संभव नहीं है,आचार संहिता हटने के बाद सफाई कर्मचारियों को दस प्रतिशत बढ़ा दिया जायेगा लेकिन सफाई कर्मचारी मानने को तैयार नही हो रहे। समझाइश के प्रयास किए जा रहे है।<br /><strong>- प्रेमलता अशोक भंडारी, सरपंच</strong></p>
<p><strong>ग्राम पंचायत कोलवी उर्फ मंडी राजेंद्रपुर चौमहला</strong><br />सफाई कर्मचारी वेतन बढ़ाने की अप्रत्याशित मांग कर रहे है। जो ग्राम पंचायत वहन करने सक्षम नहीं है। ग्राम पंचायत व्यावहारिक रूप से दस प्रतिशत बढ़ाने के लिए सहमत है। यदि सफाई कर्मचारी काम पर नहीं आते  अव्यवस्था फैलाते है तो टेंडर प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी।<br /><strong>- भानु मौली मौर्य,</strong><strong>विकास अधिकारी डग</strong></p>
<p>ग्राम पंचायत में सफाई कर्मचारियों से चर्चा की गई।  यह लोग ग्राम पंचायत पर दबाव बना रहे है कह रहे है कि हमारीन्यूनतम मजदूरी सात हजार होनी चाहिए जो संभव नहीं है।<br /><strong>- उम्मेद सिंह,ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत कोलवी उर्फ मंडी राजेंद्रपुर चौमहला</strong></p>
<p>सफाई नही होने से बहुत गंदगी हो रही है तथा बहुत मच्छर हो रहे हमारे घर के सामने नाला जाम हो चुका है।<br /><strong>- रियाज मोहमद</strong></p>
<p>सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से सफाई व्यवस्था चौपट हो रही है। पंचायत को शीघ्र समाधान करना चाहिए।<br /><strong>- हीरालाल व्यास</strong></p>
<p>सफाई नही होने से हर और गंदगी ही गंदगी हो रही है जिससे रहवासी परेशानी है।<br /><strong>- दिलीप सेठिया </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 May 2024 17:58:17 +0530</pubDate>
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                <title>जेके लोन अधीक्षक ने व्यवस्थाओं को किया चाकचौबंद</title>
                                    <description><![CDATA[जेके लोन अस्पताल परिसर में सफाई कराई गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-jk-loan-superintendent-tightened-the-arrangements/article-51851"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/jk-loan-adhikshak-ne-vyavsthao-ko-kiya-chokchoband...kota-news-15-07-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में कलक्टर के गुरुवार को निरीक्षण के बाद दिए निर्देशों के पालन शुक्रवार को देखने को मिला। जेकेलोन में शुक्रवार को अस्पताल प्रशासन ने सबसे पहले सफाई व्यवस्था को चाकचौबंद किया। उसके बाद लेबर रूम में बिल्ली के बच्चों को निकालकर वहां रखे कचरे और सामान को हटाकर रूम को साफ कराया। उसके बाद गलियार की सफाई कराई गई। गलियारे में पड़ी निर्माण सामग्री की सफाई कराई गई। </p>
<p><strong>अस्पताल की चौक नालियों की सफाई</strong><br />जेकेलोन अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि अस्पताल परिसर में सफाई कराई गई। जहां नालियां चौक हो रही थी और गंदगी फैली उनको सफाई कराई गई। लेबर रूम के पास गेट के टूटे कांच को लगाया गया। वहीं जहां जहां कीवाड खराब थे उनकी मरम्मत कराई गई। जेकेलोन के दूसरे गेट को किया बंद: कलक्टर के निर्देश के बाद शुक्रवार को पुरानी ओपीडी के दूसरे गेट को शुक्रवार को बंद कर दिया गया। उसके वहां तैनात गार्ड को नई ओपीडी में लगाया गया। साथ ही अस्पताल में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रण करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। वार्ड में दो ही तीमारदारों को प्रवेश दिया गया। गंदगी फैलाने वालों पर गार्ड को पाबंद कर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए। </p>
<p><strong>सुपरवाइजर को हटाया</strong><br />जेकेलोन अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि सुरक्षा में खामी के चलते सुपरवाइजर व गार्ड को बदला नये गार्ड तैनात किए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। सफाई व्यवस्था में सुधार किया। नर्सिंग अधीक्षक ने स्वयं निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था जांची। नीचे की नाली की सफाई कराई। लेबर रूम के गेट का कांच निकला हुआ था उसको लगवा दिया है। जेकेलोन के पुराने के गेट को बंद करा दिया है। अब मरीजों की एंट्री नई ओपीडी के मुख्य गेट से ही होगी। अनावश्यक भीड़ पर नियंत्रण किया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Jul 2023 19:47:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्मार्ट सिटी का आईना : कचरे के मैदान में तब्दील हुए नाले</title>
                                    <description><![CDATA[दो नगर निगम होने के बावजूद सफाई के प्रति अधिकारी व जनप्रतिनिधि जरा भी संजीदा नहीं है। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, साथ ही संक्रमण व गंभीर बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/mirror-of-smart-city--drains-turned-into-garbage-grounds/article-44339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/smart-city-ka-aaina--kachre-k-maidaan-mei-tabdeel-hue-naale..kota-news..1.5.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्मार्ट सिटी में सफाई व्यवस्था के प्रति नगर निगम कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा शहर के प्रमुख नालों की तस्वीर देखकर ही लगाया जा सकता है। हर साल बारिश से पूर्व लाखों रुपए खर्च कर सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। नियमित सफाई पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। जरा-सी बारिश होते ही नालों का सड़ांध मारता गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। हालात यह है, मकानों व दुकानों के बीच से गुजर रहे नालों में कचरे व गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। जिससे नाले कम और कचरे के मैदान अधिक नजर आ रहे हैं। दो नगर निगम होने के बावजूद सफाई के प्रति अधिकारी व जनप्रतिनिधि जरा भी संजीदा नहीं है। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, साथ ही संक्रमण व गंभीर बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। बारिश में हालात बेकाबू हो जाते हैं। नालों का पानी सड़कों से होते हुए घरों की चौखट तक पहुंच जाता है। इसके बावजूद निगम अधिकारी व जनप्रतिनिधि बेपरवाह बने हुए हैं। </p>
<p><strong>2 निगम, 150 पार्षद और 2800 सफाईकर्मी, फिर भी गंदगी</strong><br />शहर में दो नगर निगम हैं, जो साधन-संसाधन से सम्पन्न है। वहीं, 150 पार्षद और 2800 से अधिक सफाईकर्मी होने के बावजूद शिक्षा नगरी गंदगी के ढेर पर खड़ी है। निगम आयुक्त, उपायुक्त और महापौर एयरकंडीशनर चैम्बर में बैठ सफाई महकमे के अधिकारियों को सफाई के निर्देश तो देते हैं लेकिन जमीनी हकीकत पर आंखें मूंद लेते हैं। ऐसा नहीं है कि कचरे से अटे नाले इन्हें दिखाई नहीं देते, यहां से रोजाना उनका गुजरना होता है, इसके बावजूद वे अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं। </p>
<p><strong>कचरे का मैदान बना संजय नगर का नाला</strong><br />संजय नगर स्थित नाले की बरसों से सफाई नहीं करवाई गई। यहां नाले में इतना अधिक कचरा जमा है कि वह नाला कम और कचरे का मैदान ज्यादा नजर आता है। स्थानीय निवासी कुलदीप सिंह, दुकानदार भगवान प्रसाद, राधेश्याम सैन ने बताया कि दक्षिण नगर निगम ने पांच साल में एक बार भी इस नाले की सुध नहीं ली। पॉलिथीन व गंदगी से अटा पड़ा है। पानी की निकासी नहीं होने से बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या रहती है। गंदगी से उठती बदबू से सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। </p>
<p><strong>सांस लेना तक हो रहा मुश्किल</strong><br />दादाबाड़ी निवासी कपिल जैन, सुरभी माहेश्वरी, अजय कुमार ने बताया कि दादाबाड़ी नाले की करीब एक साल से सफाई नहीं हुई। गंदगी और कचरे का ढेर लगा हुआ है। खतरनाक बीमारियों के मच्छर पनप रहे हैं। चौराहों पर लगे फास्ट फू्रड के ठेले वाले गंदगी और कूड़ा-कचरा नाले में फेंक रहे हैं। जिससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही। गंदगी से उठती दुर्गंध से मोहल्लेवासियों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। कई बार लिखित व मौखिक रूप से महापौर को समस्या से अवगत कराया। सफाई करवाने का आग्रह किया। आश्वासन जरूर मिला लेकिन आज तक सफाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, फास्ट फू्रड के ठेले वालों व दुकानदारों के खिलाफ नाले में कचरा फेंकने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई।  </p>
<p><strong>जलकुंभी से अटा साजीदेहड़ा का नाला</strong><br />किशोरपुरा स्थित साजीदेहड़ा का नाला जलकुंभी से अटा पड़ा है। इसके मौखे तक बंद हो गए हैं। बंजारा कॉलोनी निवासी इरफान, प्रमुलाल, सलीम, नरेश ने बताया कि गत वर्ष बरसात से पूर्व निगम ने चैन माउंटेन मशीन से सफाई करवाई थी, जिससे नाले के मौखे नजर आने लगे थे। इसके बाद से अब तक नाले की सुध नहीं ली गई। साजीदेहड़ा निवासी हनीफ, राकेश ने बताया कि इन दिनों बे-मौसम हो रही बारिश से पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ रहा है। निकासी अवरूद्ध होने से सडांध मार रहा है। </p>
<p><strong>जवाहर नगर  का नाला हुआ ओवरफ्लो</strong><br />पश्चिमी विक्षोम के कारण शहर में कुछ दिनों से लगातार मौसम बदल रहा है और बे-मौसम बारिश हो रही है। कभी मूसलाधार तो कभी झमाझम बारिश का दौर जारी है। वहीं, शहर के प्रमुख नाले पॉलिथीन, जलकुंभी, अपशिष्ट पदार्थ सहित कूड़े-कचरे से अटे पड़े हैं। रविवार शाम को हुई झमाझम बारिश से जवाहर नगर का नाला ओवरफ्लो हो गया और गंदा पानी सड़कों पर जमा हो गया। वहीं, कॉलोनियों में जलभराव की समस्या हो गई। मुख्य चौराहे स्थित दुकानों में पानी भर गया। इसके अलावा विज्ञान नगर, संजय नगर, तलवंडी, दादाबाड़ी सहित कई इलाकों की कॉलोनियों में पानी भर गया।  </p>
<p><strong>बालाकुंड के नाले में खड़े कचरे व मिट्टी के पहाड़</strong><br />बालाकुंड निवासी दुकानदार योगेश आहूजा, विमल प्रजापति, ब्रजेश का कहना है, यह नाला कॉलोनियों व मुख्य बाजार से गुजर रहा है। दिनभर दुर्गंध से राहगीरों व दुकानदारों का जीना मुश्किल हो रहा है। पार्षद से लेकर महापौर, सफाई समिति अध्यक्ष व अधिकारियों तक शिकायत कर चुके हैं। फिर भी लंबे समय से सफाई नहीं हुई। बदबू की वजह से ग्राहक भी दुकान पर नहीं आते। जिससे उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है। किससे शिकायत करें कोई सुनने वाला ही नहीं।</p>
<p><strong>मंत्री शहर चमका रहे और जनप्रतिनिधि सड़ा रहे</strong><br />कोटा को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए यूडीएच मंत्री पूरी ताकत झौंक रहे हैं। करोड़ों रुपए खर्च कर शहर का सौंदर्य चमका रहे हैं। वहीं, निगम अधिकारी व जनप्रतिनिधि शहर की सुंदरता पर ग्रहण लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। हालात यह हैं, कोटा दक्षिण नगर निगम क्षेत्र के नालों की स्थिति सबसे बुरी है। इनमें विज्ञान नगर, संजय नगर, जवाहर नगर, दादाबाड़ी, टीचर्स कॉलोनी, बालाकुंड और साजिदेहड़ा का नाला कचरे के मैदान में तब्दील हो चुके हैं। ये नाले जलकुंभी और पॉलिथीन से अटे पड़े हैं। पानी की निकासी अवरूद्ध हो चुकी है। गंदगी से उठती दुर्गंध से लोगों का सांस लेना तक दुश्वार हो गया। जरा सी बारिश में सड़ांध मारता पानी घरों की चौखट तक पहुंच रहा है। शिकायतों पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। </p>
<p><strong>कचरा हटे तो बहे पानी</strong><br />नालों में कचरा अटा होने से बरसात में पानी बहता ही नहीं। इससे नाले उफन कर गंदगी सड़क पर फैला देते हैं। सड़कों पर गड्ढे हो रहे हैं, ऐसे में बरसात का पानी सड़क पर भरने से राहगीरों को गड्ढे नजर नहीं आते। जिससे कई बार दुपहिया वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। </p>
<p> गत वर्ष दिसम्बर में सफाई समिति की बैठक हुई थी, जिसमें मैंने निगम आयुक्त व उपायुक्त को सफाई के लिए टैंडर निकालने को कहा था। लेकिन, अधिकारी देरी पर देरी करते गए, कई महीनों तक टैंडर ही जारी नहीं किए। हालांकि, अभी टैंडर जारी हो चुके हैं, लेकिन अधिकारियों को संवेदकों द्वारा भरी गई टैंडर राशि ज्यादा लग रही है, जिसके चलते उन्होंने वर्क आॅर्डर जारी नहीं किया। उनका कहना है कि इस बार संवेदकों ने टैंडर में जो रेट भरी है वह पिछले साल से अधिक है, ऐसे में अप्रूवल नहीं दी गई। अब अधिकारी संवेदकों से रेट कम कराने की जिद पर अड़े हैं। इसके चलते सफाई कार्य में देरी हो रही है। यदि, समय पर वर्कआॅर्डर जारी कर दिया होता तो अब तक सफाई कार्य शुरू हो चुका होता। मैं लगातार अधिकारियों से वर्क आॅर्डर जारी करने का आग्रह कर रहा हूं, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा। <br /><strong>- पवन मीणा, उपमहापौर एवं सफाई समिति अध्यक्ष, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 May 2023 14:37:00 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> कोटा उत्तर वार्ड 57 : बस स्टैंड का नाला जाम, सीवरेज से परेशान अवाम</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम कोटा उत्तर का वार्ड 57 में बस स्टैंड के नाले की नियमित सफाई नहीं होना सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। नगर निगम द्वारा एक ओर जहां बरसात से पहले सभी छोटे बड़े नालों की सफाई का अभियान चलाया गया। वहीं इस बड़े नाले की सही ढंग से सफाई तक नहीं करवाई गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-57--bus-stand-drain-jammed--people-troubled-by-sewerage/article-17359"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/ward-57-bus-stand-ka-naala-jaam-kota-news-2.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने व वार्डों में बेहतर काम करवाने के उद्देश्य से सरकार ने कोटा में दो नगर निगम बनाकर वार्ड छोटे तो कर दिए लेकिन इसके बावजूद भी वार्डों में न तो उस स्तर पर सफाई हो पा रही है और न ही लोगों को इसका फर्क नजर आ रहा है। इसका उदाहरण है नगर निगम कोटा उत्तर का वार्ड 57। नयापुरा क्षेत्र स्थित इस वार्ड में करीब साढ़े चार हजार की आवादी है। जिसमें से 39 सौ मतदाता हैं। पूर्व में वार्ड 16 को छोटा कर इसके तीन वार्ड बना दिए हैं। इसका मकसद वार्ड  छोटा होने से उसमें सफाई व्यवस्था सही करना था। वार्ड छोटा होने से पार्षद भी अपने वार्ड में लोगों से सम्पर्क में रहेंगे। लेकिन हालत यह है कि इस वार्ड में बस स्टैंड के नाले की नियमित सफाई नहीं होना सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। नगर निगम द्वारा एक ओर जहां बरसात से पहले सभी छोटे बड़े नालों की सफाई का अभियान चलाया गया। वहीं इस बड़े नाले की सही ढंग से सफाई तक नहीं करवाई गई। <br /><br />जिससे नाला अभी तक भी कचरे से अटा हुआ है। इसमें पॉलिथीन से लेकर बड़ी मात्रा में मलबा जमा है। जिससे जरा सी बरसात होने पर ही नाला उफन जाता है। उसका पूरा गदा पानी बस स्टैंड व आस-पास की संजय कॉलोनी क्षेत्र में भर जाता है। बस स्टैंड का हिस्सा ढलान पर होने से नाले का गदा पानी वहां आने वाले सैकड़ों यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना रहता है। नाले का गंदा पानी बस स्टैंड परिसर में भरने से लोग शौचालय तक भी नहीं जा पाते हैं। इधर शहर के अन्य क्षेत्रों की तरह ही वार्ड 57 में भी सीवरेज लाइन डालने के लिए पूरी सड़कों को खोदकर पटका हुआ है। उन्हें सही नहीं करने से लोगों को पैदल चलना तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह से सड़क खुदी हुई है। <br /><br /><strong>अधूरा नाला बन रहा हादसों का कारण</strong><br />नालों की सफाई ही नहीं अधूरा नाला भी वार्ड में परेशानी व हादसों का कारण बना हुआ है।  रियासतकालीन पुलिया से ऊपर मुक्तिधाम की तरफ जाने वाले रास्ते में नाला निर्माण का काम चल रहा है। इस नाले को काफी समय से आधा काम करके ही छोड़ दिया है। जिससे यह आधा बना हुआ है और आधा खुदा हुआ है। ऐसे में  नदी पार व खाई रोड से नयापुरा मुक्तिधाम, वाल्मीकि बस्ती व शमशान घाट जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही  हादसों का भी खतरा बना हुआ है। <br /><br /><strong>सब्जीमंडी में मवेशियों का जमावड़ा</strong><br />वार्ड 57 में पुरानी सब्जीमंडी है। जहां दूरदराज से लोग सब्जी खरीदने के लिए आते हैं। लेकिन उस सब्जीमंडी में मवेशियों का इतना अधिक जमावड़ा है कि लोग विशेष रूप से महिलाओं को अधिक परेशानी हो रही है। सांड सब्जी के ठेले छीन लेते हैं। कई लोगों को सींग मार चुके हैं। जिससे महिलाएं अधिक भयभीत रहती हैं।  इसी तरह से आवारा श्वान भी वार्ड में लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। <br /><br /><strong>नशेडियों का आतंक, आए दिन चोरी</strong><br />वार्ड में नशेडियों का आतंक अधिक है। यहां दिनदहाड़े चोरियां हो रही हैं। विशेष रूप से लोहे का सामान खुला दिखा नहीं कि कुछ ही देर में चोरी हो रहा है। कब्रिस्तान के पास निजी स्कूल के सामने बने शौचालय के पूरे पाइप काटकर चोरी हो गए हैं। जिससे वहां पानी नहीं डलने से वहां गंदगी और दुर्गंध रहती है। ऐसे में उसके सामने रहने वाले लोगों व स्कूल के बच्चों व स्टाफ को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। <br /><br /><strong>रात के समय अंधेरा</strong><br />वार्ड में बिजली के खम्बे तो हैं लेकिन उनमें से अधिकतर में लाइटें नहीं हैं। जिससे सब्जीमंडी से पंचमुखी हनुमान मंदिर तक की गली समेत वार्ड के कई इलाकों में रात के समय अधेरा रहता है। ऐसे में वहां अंधेरे में कई तरह की आपराधिक गतिविधियां हो रही हैं। <br /><br /><strong>यह है वार्ड का क्षेत्र</strong><br />वार्ड 57 में बस स्टैंड, बस स्टैंड के पीछे का क्षेत्र, नयापुरा, मुक्तिधाम-कब्रिस्तान व सब्जीमंडी का क्षेत्र शामिल है। <br /><br /><strong>नालों की सफाई नही होने से समस्या</strong><br />बरसात से पहले दोनों नगर निगमों ने बड़े नालों की सफाई के दावे किए। लेकिन वार्ड 57 में बस स्टैंड के नाले की सफाई नहीं होने से वह जाम है। जिससे बरसात में गंदा पानी भरने की समस्या रहतीे है। रात में रोड लाइटें बंद रहने से महिलाओं को परेशानी होती है। सड़कें खराब हो रही है। <br /><strong>- पंकज साहू, स्थानीय निवासी</strong><br /><br /><strong>आवारा मवेशियों का आतंक</strong><br />शहर के अनय क्षेत्रों की तरह ही वार्ड 57 में भी आवारा मवेशियों की समस्या काफी बड़ी है। यहां सब्जीमंडी हो या गलियां, सभी जगह पर गाय व सांड घूमते रहते हैं। सब्जीमंडी में कई लोगों को ये शिकार बना चुके हैं। श्वान आए दिन बच्चों को काट रहे हैं लेकिन नगर निगम के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे। <br /><strong>-हर्ष माचल, स्थानीय निवासी</strong> <br /><br />नगर निगम कोटा उत्तर में कांग्रेस का बोर्ड है।  निर्दलीय पार्षद होने के कारण राजनैतिक द्वेषता से वार्ड में सफाई, रोड लाइटें सही करवाने व जनहित के निर्माण कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है। बस स्टैंड के नाला सफाई व सड़कों की दशा सुधारने के संबंध में कई बार महापौर और आयुक्त को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने से जनता को परेशानी भुगतनी पड़ रही है। <br /><strong>- मेघा गुर्जर, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Aug 2022 14:13:59 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 01: एक करोड़ का बजट, काम हुए 50 हजार के </title>
                                    <description><![CDATA[शहर का कोटा दक्षिण वार्ड 01 अभी भी विकास से कोसों दूर हैं। वार्ड के लिए  1 करोड़ का बजट जारी हुआ है। लेकिन अभी तक वार्ड में मुश्किल से 50 हजार के विकास कार्य भी नहीं हो पाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-01--50-thousand-rupees-worked-in-the-budget-of-one-crore/article-16950"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ward-01-ek-crore-budget-kaam-50-hazar-ke..kota-news-30.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर का कोटा दक्षिण वार्ड 01 अभी भी विकास से कोसों दूर हैं। वार्ड के लिए  1 करोड़ का बजट जारी हुआ है। लेकिन अभी तक वार्ड में मुश्किल से 50 हजार के विकास कार्य भी नहीं हो पाए। यह कहना है वार्ड के पार्षद दिलीप अरोड़ा का। वार्ड के कच्चे रास्ते, टूटी सड़कें, नालियों की सफाई व प्रकाश वयवस्था का अभाव वार्ड की पोल खोल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है की वार्ड में 40 वर्ष पुरानी पानी सप्लाई की पाइपलान है। यह पाइपलाइन जगह-जगह से लीकेज हो चुकी है, जिससे वार्ड क्षेत्र में प्रेशर के साथ पानी नहीं आता। स्थानीय लोगों को पानी की किल्लत से भटकना पड़ रहा है। इसके साथ ही वार्ड क्षेत्र में सीवरेज लीकेज की समस्या भी बनी हुई है। सीवरेज लीकेज से कारण सड़कों के बीचों बीच गहरे गड्ढें बन गए हैं। जो हादसों को न्यौता दे रहे है। वार्ड क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइटें भी खराब हो चुकी है। इससे रात्रि के समय सड़कों से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लाइटें बंद होने की वजह से सड़क हादसे भी होते रहते है। स्थानीय लोगों का कहना है की शहर को कैटल फ्री बनाने के भले ही लाख दावे किए जा रहे हो, पर हकीकत कुछ और ही है। सम्पूर्ण वार्ड क्षेत्र में आवारा पशुओं का आंतक है। आवारा पशु यहां से गुजरने वाले लोगों को चोटिल करते है। स्थानीय लोगों ने आवारा पशुओं को वार्ड से हटाने के लिए कई बार नगर निगम को भी अवगत करवाया, लेकिन आज तक इसकी ओर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।<br /><br /><strong>बिजली कटौती से परेशानी</strong><br />वार्ड क्षेत्र में बार-बार बिजली कटौती से लोगों को परेशानी होती है। दिन में कई बार बिजली के कट लगाए जाते है। स्थानीय लोगों का कहना है की रात्रि के समय भी बिजली कटौती की जाती है। पंखे नहीं चलने से गर्मी में पसीना तो रात में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है।  साथ ही पानी की मोटर चलाए बिना पानी नहीं आता। लोग पानी से वचिंत रह जाते है। लगातार बिजली गुल होने से लोगों के व्यवसाय पर भी असर पड़ रहा है। <br /><br /><strong>यह है वार्ड क्षेत्र</strong><br />अफीम गोदाम, पट्टा बुर्ज अखाड़ा, रेतवाली, पदमनाथ मंदिर, नीलकण्ठ मंदिर, गढ़ पैलेस कैथूनीपोल थाना का वार्ड क्षेत्र में आता है। <br /><br /><strong>टूटी सड़कों से परेशानी</strong><br />वार्ड क्षेत्र में अनेक जगह से सड़के टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़कों पर गहरे गड्ढें बने हुए है, जिससे आए दिन हादसे होते रहते है। सीवरेज लीकेज की समस्या भी वार्ड क्षेत्र में बनी हुई है। पाइपलाइन टूट चुकी है। जिससे नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। गंदे पानी से लोगों को मौसमी बिमारियां हो रही है।<br /><strong>- तरुण नागर, स्थानीय निवासी</strong><br /><br /><strong>आवारा पशुओं से परेशानी</strong><br />वार्ड क्षेत्र में आवारा पशुओं का आंतक बना हुआ है। पशु आने जाने वाले राहगिरों को चोटिल करते है। साथ ही वार्ड क्षेत्र में शवानों का आंतक है। नगर निगम इन पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा। शवानों के आंतक से बच्चों ने घर से निकलना छोड़ दिया है।<br /><strong>- उम्मेद सिंह सोलंकी, स्थानीय निवासी</strong><br /><br /><strong>नहीं हो रहे काम</strong><br />वार्ड के साथ लगातार राजनीतिक भेदभाव किया जा रहा  है। वार्ड को 1 करोड़ का बजट जारी किया जा चुका है। लेकिन अभी तक वार्ड क्षेत्र में मुश्किल से 50 हजार के कार्य ही करवाए गए है। वार्ड में सड़के टूटकर बिखर चुकी है और जगह-जगह गहरे गड्ढें हो चुके हैं। जिनके कारण आए दिन सड़क हादसे होते है। वार्ड क्षेत्र में 6 हजार से ज्यादा जनसंख्या है। यहां के लोग लंबे समय से प्यासे मर रहे है। वार्ड की जनता अनेक समस्याओं से परेशान है। अनेक बार जनप्रतिनिधियों व प्रशासन के अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है, लेकिन सुनवाई करने वाला कोई नहीं है।<br /><strong>- दिलीप अरोड़ा, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Jul 2022 14:45:32 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 36 - सड़कों को जगह-जगह से खोदकर छोड़ा </title>
                                    <description><![CDATA[शहर के कोटा दक्षिण वार्ड 36 के स्थानीय लोग अनेक खाली पड़े प्लाटों में बारिश का पानी भर जाने से परेशानी में हैं। एक तरफ निगम में शहर को को साफ सुथरा व स्वच्छ बनाने के दावे कर रहा हैं। लेकिन शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर निगम के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-36---the-roads-were-dug-out-from-place-to-place/article-16104"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ward-36--sadko-ko-jagah-jagah-khod-rakha..kota-news-25.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के कोटा दक्षिण वार्ड 36 के स्थानीय लोग अनेक खाली पड़े प्लाटों में बारिश का पानी भर जाने से परेशानी में हैं। इस पानी में बीमारी के मच्छर पनप रहे हैं। वहीं कोरोना वायरस का संक्रमण अभी भी खत्म नहीं हुआ हैं। एक तरफ निगम में शहर को साफ सुथरा व स्वच्छ बनाने के दावे कर रहा हैं। लेकिन शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर निगम के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं। कहने को शहर के वार्डों में सैकड़ो सफाईकर्मी काम पर लगे हैं। साथ ही डोर टू डोर संग्रहण भी जारी हैं। बावजूद शहर की कॉलोनियों में खाली पड़े प्लॉट गंदे पानी के तालाब में तब्दील हो गए हैं। इनमें मच्छर पनप रहे हैं तो लोग गंदे पानी की बदबू से भी परेशान हैं। वार्ड 36 में खाली पड़े प्लॉटों में पानी भरने की शिकायते यहां के लोगों ने सैंकड़ो बार प्रशासन को कर दी हैं, लेकिन इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही । <br /><br /><strong>मकानों में आ रही सीलन</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना हैं की इन खाली प्लाटों में भरा हुआ पानी आस पास रहने वाले लोगों के लिए खतरा बना हुआ हैं। इस पानी के कारण अन्य मकानों में सीलन आ रही हैं। जिसकी वजह से मकानों में दरारे भी आ रही हैं। और मकान गिरने का खतरा भी बना रहता हैं। यह पानी मकानों की नींव में जाने से मकान धंसने का खतरा रहता हैं। पानी भरे प्लाटों के पास छोटे बच्चे भी खेलते रहते हैं। ऐसे में इन बच्चों का इनमें डूबने का डर भी हमेशा रहता हैं।<br /><br /><strong>गंदे पानी से फैल रही बीमारी</strong><br />खाली प्लाटों में भरे गंदे पानी में अवारा मवेशी बैठे रहते हैं। इसके अलावा सफाई नहीं होने के कारण उसमें से दूर्गंध उठती रहती हैं। पानी में भारी मात्रा में मच्छर पनप रहा हैं जिससे यहां के लोग मच्छर जनित मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। और लोग बीमार भी हो रहे हैं। कचरे व पानी से आ रही दुर्गंध से यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। <br /><br /><strong>यह हैं वार्ड क्षेत्र</strong><br />दीनदयाल नगर आधा, कब्रिस्तान के सामने वाला, सुभाश नगर प्रथम व द्वितीय, बोम्बे योजना -सुभाश नगर वार्ड 36 में आने वाला क्षेत्र हैं। <br /><br /> वार्ड में जगह-जगह पानी भरा हुआ हैं और किचड़ हो रखा हैं। जिसके कारण आने जाने में परेशानी होती हैं। इसके कारण वार्ड की गलियों में वाहन फिसलनें से आए दिन हादसे भी होते रहते हैं। वार्ड के नालों की सफाई नहीं होने से सड़को पर गंदा पानी पसरा रहता हैं। <strong>-लोकेश गुप्ता, स्थानीय निवासी</strong><br /><br />वार्ड में जगह-जगह विभाग ने गहरे गड्ढें खोद रखे रहे हैं। कार्य बहुत ही  धीमी गती से चल रहा हैं। यह निर्माण कार्य आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ हैं। लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। रात्रि के समय सड़को पर आने जाने वाले लोग इन गड्ढों में गिरकर घायल हो जाते हैं। <strong>-नवल राठौर, स्थानीय निवासी</strong><br /><br /> खाली पड़े प्लाटों में पानी भरने की समस्या बहुत गंभीर समस्या हैं। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों को सैंकड़ो बार अवगत करवाने के बाद भी इसकी और इसकी और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही। लगता हैं प्रशासन कोई बड़ा हादसा होने का इंतजार कर रहा हैं। पूरे वार्ड क्षेत्र में जगह-जगह गहरे गड्ढें हो रहे हैं। जो हादसों को न्यौता दे रहे हैं। <strong>-सुरेन्द्र धाकड़, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Jul 2022 14:32:37 +0530</pubDate>
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