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                <title>US Federal Reserve - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने रेपो रेट में नहीं की कोई कमी: तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट तनाव ने बढ़ाई चिंता, शेयर बाजार हुए लाल</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई और पश्चिम एशिया संकट के बीच रेपो दरों को 3.5% से 3.75% पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है। जेरोम पॉवेल ने स्पष्ट किया कि मुद्रास्फीति अब भी लक्ष्य से ऊपर है। इस फैसले से बाजार की कटौती की उम्मीदें टूट गईं, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार 1.5% तक लुढ़क गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-federal-reserve-did-not-reduce-repo-rate-oil-prices/article-147000"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/repo-rate.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया संकट से उपजी वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में आये भारी उछाल के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बाजार की उम्मीद के विपरीत रेपो दरों में कोई कटौती नहीं की है। फेड की दो दिन चली बैठक के बाद बुधवार को जारी बयान में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि मजबूत बनी हुई है, लेकिन हाल के महीनों में नये रोजगार की रफ्तार सुस्त रही है और मुद्रास्फीति बढ़ी हुई है। साथ ही पश्चिम एशिया के घटनाक्रम के अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव में भी अनिश्चितता है।</p>
<p>अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने बताया कि समिति ने दरों को 3.5 से 3.75 प्रतिशत के बीच स्थिर रखने का फैसला किया है। समिति के 12 में से 11 सदस्यों ने फैसले के पक्ष में वोट दिया जबकि स्टिफन माइरन एक-चौथाई प्रतिशत की कटौती के पक्ष में थे। बयान में कहा गया है कि फेड का लक्ष्य रोजगार को अधिकतम करना और महंगाई दर को दो प्रतिशत पर रखना है।</p>
<p>संवाददाताओं से बात करते हुए फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि इस समय बेरोजगारी दर दीर्घावधि औसत के आसपास है और मुद्रास्फीति उससे एक प्रतिशत ऊपर है। उन्होंने कहा मुद्रास्फीति में जितनी कमी का अनुमान था उतनी देखने को नहीं मिली है। अनिश्चितताओं के बावजूद फेड के भविष्य के अनुमानों में इस साल चौथाई प्रतिशत कटौती की संभावना जतायी गयी है। हालांकि, महंगाई का अनुमान पहले की तुलना में बढ़ा दिया गया है।</p>
<p>रेपो दरों को स्थिर रखने का अमेरिकी केंद्रीय बैंक का फैसला शेयर बाजारों को रास नहीं आया। बाजार दरों में कटौती की उम्मीद लगाये बैठा था। फेड के फैसले के बाद अमेरिकी शेयर बाजार लगभग डेढ़ प्रतिशत टूट गये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 11:14:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बयान के बाद लुढ़का शेयर बाजार, सेंसेक्स में 179 अंक और निफ्टी में 76 अंक की गिरावट</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों बढ़ोतरी की संभावना से घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 178.65 अंक लुढ़ककर 52,323.33 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 76.15 अंक की गिरावट के साथ 15,691.40 अंक पर बंद हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AB%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%B0%E0%A4%B2-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-%E0%A4%B2%E0%A5%81%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%AF%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0--%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-179-%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%95-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-76-%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%9F/article-773"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/000011.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों बढ़ोतरी की संभावना से घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 178.65 अंक लुढ़ककर 52,323.33 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 76.15 अंक की गिरावट के साथ 15,691.40 अंक पर बंद हुआ। फेड ने वर्ष 2023 तक नीतिगत ब्याज दरों में 0.6 प्रतिशत वृद्धि की संभावना व्यक्त की है। उसने कहा है कि आने वाले समय में श्रम बाजार में सुधार और बेरोजगारी कम होने की उम्मीद है। आईटी, टेक और एफएमसीजी को छोड़कर अन्य क्षेत्र की कंपनियों में बिकवाली हावी रही। इससे मझौली और छोटी कंपनियों पर भी दबाव बना। बीएसई का मिडकैप 1.29 फीसदी लुढ़ककर 22,396.07 अंक पर बंद हुआ। छोटी कंपनियों का सूचकांक स्मॉलकैप भी 0.58 प्रतिशत टूटकर 24,868.93 अंक पर रहा। सेंसेक्स की 30 में से 20 कंपनियों के शेयर लाल निशान और शेष 10 के हरे निशान में रहे।<br /> <br /> विदेशों में अधिकतर शेयर बाजार लाल निशान में रहे। जापान का निक्केई 0.93 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.42 प्रतिशत की गिरावट में बंद हुआ। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग 0.43 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.21 प्रतिशत की बढ़त में रहा। यूरोप में शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई 0.49 प्रतिशत और जर्मनी का डैक्स 0.13 प्रतिशत टूट गया। सेंसेक्स 379.73 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 52,122.25 अंक पर खुला। आईटी और टेक कंपनियों में लिवाली के दम पर दोपहर से पहले कुछ देर के लिए यह हरे निशान में आया और करीब 22 अंक चढ़कर 52,523.88 अंक पर पहुंच गया। चौतरफा बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स एक बार फिर लाल निशान में चला गया और पूरे दिन उबर नहीं सका। दोपहर बाद एक समय यह 52,040.51 अंक तक टूट गया था। अंत में बुधवार के मुकाबले 0.34 फीसदी नीचे 52,323.33 अंक पर बंद हुआ।<br /> <br /> बीएसई में कुल 3,360 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 1,383 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ और 1,822 के गिरावट के साथ बंद हुए जबकि शेष 155 कंपनियों के शेयर अपरिवर्तित रहे। निफ्टी की शुरुआत 119.25 अंक की गिरावट के साथ 15,648.30 अंक पर हुई। सेंसेक्स की तरह यह भी सुबह के समय कुछ देर के लिए हरे निशान में आया और 15,769.35 अंक तक पहुँच गया। हालांकि कुछ देर बाद ही एक बार फिर गिरावट में चला गया। दोपहर बाद एक समय निफ्टी 15,616.75 अंक तक टूट गया था। अंत में यह 0.48 प्रतिशत लुढ़ककर 15,691.40 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी की 50 से 37 कंपनियों के शेयर टूट गए जबकि शेष 13 के मजबूती के साथ बंद हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Jun 2021 17:49:09 +0530</pubDate>
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