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                <title>trauma center - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>trauma center RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ट्रोमा सेंटर में व्यवस्थाओं की फिर खुली पोल : एसएमएस अस्पताल में बारिश के साइड इफेक्ट, ट्रोमा सेंटर के ओटी के पास वार्ड में भरा पानी, ऑपरेशन टले</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश के बाद एसएमएस हॉस्पिटल के ट्रोमा सेंटर के वेटिंग वार्ड में पानी भर गया। फॉल्स सिलिंग से पानी टपकने पर ऑपरेशन रोकने पड़े और तीन मरीजों को बिना सर्जरी लौटाया गया। पहले भी आईसीयू में जलभराव की घटना हो चुकी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-arrangements-in-trauma-center-again-exposed-side-effects-of/article-143739"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/sms.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर में हुई बारिश का असर एसएमएस हॉस्पिटल में भी देखने को मिला। बुधवार को हुई बारिश के कारण ट्रोमा सेंटर के ऑपरेशन थिएटर के पास बने वेटिंग वार्ड में पानी भर गया। इस वजह से तीन मरीजों को बिना ऑपरेशन किए ही वापस लौटा दिया गया। पहले तो छत पर लगी फॉल्स सिलिंग से धीरे-धीरे पानी टपकने लगा और देखते ही देखते जगह-जगह पर तेज धार के साथ पानी बहने लगा। मरीज और उनके परिजन पानी से बचने के लिए वार्ड में मौजूद ट्रोली और बैड इधर-उधर खींचकर भीगने से बचते दिखे।</p>
<p><strong>ऑपरेशन रोके, मरीजों को वापस भेजा :</strong></p>
<p>मरीज और उसके परिजन सुबह जल्दी ही ओटी के बाहर आ गए जिनका ऑपरेशन दोपहर करीब 1 बजे होना था। लेकिन 5-7 मरीजों का ऑपरेशन होने के बाद डॉक्टरों ने पानी भरता देख आगे के मरीजों का ऑपरेशन करना बंद कर दिया।</p>
<p><strong>पहले भी आ चुका है पानी :</strong></p>
<p>गौरतलब है कि इससे पहले भी ट्रोमा सेंटर के आईसीयू वार्ड में पानी भरने की घटना हुई थी। उस समय भी आईसीयू वार्ड से मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट करना पड़ा था जिससे पूरे वार्ड को 24 घंटे से ज्यादा समय तक बंद रखना पड़ा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 11:01:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रोमा सेंटर की बदहाल व्यवस्था पर उठे सवाल, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की चुप्पी बनी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[ गर्मी, बढ़ती दुर्घटनाओं और डॉक्टरों की कमी से स्थिति गंभीर ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/questions-raised-on-the-poor-condition-of-trauma-center/article-112122"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(5)6.png" alt=""></a><br /><p> लाखेरी। लाखेरी का ट्रोमा सेंटर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी से जूझ रहा है। गर्मी, बढ़ती दुर्घटनाएं और डॉक्टरों की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अब महिलाओं के लिए भी मूलभूत सुविधाएं बाधित हो रही हैं।</p>
<p><strong>जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की चुप्पी बनी चिंता</strong><br />वहीं जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की चुप्पी आमजन और मरीजों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। शहर के प्रमुख नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार अस्पताल की बदहाली की जानकारी स्थानीय विधायक और प्रशासन को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।</p>
<p><strong>सोनोग्राफी सुविधा ठप, महिलाएं हो रही बेहाल</strong><br />अस्पताल में लगी सोनोग्राफी मशीन पिछले दो-तीन महीनों से बंद पड़ी है। इसका सीधा असर गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है। नियमानुसार गर्भावस्था के दौरान तीन बार सोनोग्राफी आवश्यक मानी जाती है लेकिन मशीन चालू नहीं होने के कारण महिलाओं को बाहर निजी अस्पतालों में सोनोग्राफी करवानी पड़ रही है, जिससे उन्हें लगभग 5 हजार का खर्च उठाना पड़ता है। यह गरीब परिवारों के लिए अत्यंत कठिन है। आश्चर्य की बात यह है कि इस सोनोग्राफी मशीन का शुभारंभ स्वयं लोकसभा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक ने बड़े कार्यक्रम में किया गया था। लेकिन आज उसी सुविधा का लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। </p>
<p><strong>प्रशासनिक जवाबदेही और तकनीकी संसाधनों पर उठे सवाल</strong><br />जागरूक नागरिकों का कहना है कि अस्पताल में लगी सीसी कैमरों से भी स्थिति की समीक्षा की जा सकती है। लोगों ने जिला कलेक्टर और उच्च अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे स्वयं निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार लाएं।</p>
<p><strong>जनता की सीधी मांग</strong><br />जनता ने मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाखेरी में हड्डी रोग विशेषज्ञ को पुन: तैनात किया जाए, सोनोग्राफी मशीन को तत्काल चालू कर महिलाओं को राहत दी जाए, अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों और तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति की जाए। ट्रोमा सेंटर को पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाया जाए। </p>
<p>रेडियोग्राफ नहीं आने के चलते सोनोग्राफी नहीं हो रही है। उच्च अधिकारियों को अवगत कर रखा है। <br /><strong>- वेदान्ती सक्सेना, मुख्य चिकित्सक अधिकारी। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Apr 2025 17:12:51 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ट्रोमा सेंटर के पीटीओटी में फॉल्स सीलिंग गिरी, हेलमेट लगाकर काम कर रहे डॉक्टर्स</title>
                                    <description><![CDATA[अस्पताल के आईसीयू, वार्ड, ओटी में आए दिन फॉल्स सीलिंग और प्लास्टर गिरने की घटनाएं आम बात हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/doctors-working-in-ptot-of-trauma-center-wearing-false-ceiling/article-90707"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस की हालत दिनों दिन जर्जर होती जा रही है। इस साल हुई भारी बारिश के बाद तो अब हालात और भी खराब हैं। अस्पताल के आईसीयू, वार्ड, ओटी में आए दिन फॉल्स सीलिंग और प्लास्टर गिरने की घटनाएं आम बात हो गई है। ऐसी ही एक घटना अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में हुई है। दरअसल यहां ट्रॉमा सेंटर के पीटीओटी में फॉल्स सीलिंग गिरने के दौरान बड़ा हादसा होने से बच गया।</p>
<p>रेजिडेंट डॉक्टर्स ने बताया कि बारिश के चलते पिछले 22 दिन से छत से पानी टपकने को लेकर डॉक्टर अस्पताल प्रशसन को अवगत करवा रहे थे, लेकिन इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया गया और अब यह हादसा हो गया। </p>
<p>रेजिडेंट हेलमेट लगाकर कर काम करने को मजबूर है, लेकिन प्रशासन हर बार की तरह लीपापोती करने में जुटा है। वहीं ट्रोमा सेंटर के नोडल ऑफिसर डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया कि पीटीओटी के बाहर जो लॉबी है, वहां एसी में लीकेज की समस्या थी, जिसे लेकर एसएमएस अस्पताल प्रशासन को अवगत कराया था और रिपेयरिंग भी करवाई थी। अब फिर से समस्या आई है, जिसे दुरुस्त करा दिया गया है और फॉल्स सीलिंग भी ठीक करा दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Sep 2024 09:55:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रोमा सेंटर में महिला नर्सिंगकर्मी से हुआ परिजनों का विवाद, थाने तक पहुंचा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष प्यारेलाल चौधरी ने इस मामले को गंभीर बताया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/family-members-dispute-with-female-nursing-worker-in-trauma-center/article-88451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/1rer-(5)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एसएमएस हॉस्पिटल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती एक मरीज के परिजन और महिला नर्सिंग स्टाफ  के बीच शुक्रवार सुबह बड़ा विवाद हो गया। महिला नर्सिंगकर्मी की ओर से काफी संख्या में वार्ड में एकत्रित होने पर परिजनों को बाहर जाने के लिए बोलने पर यह विवाद हुआ। कुछ देर में विवाद इतना बढ़ गया कि घटना की सूचना के बाद अस्पताल प्रशाासन और नर्सिंग एसोसिएशन के जुड़े पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने मरीज परिजन के खिलाफ  एसएमएस पुलिस थाना और हॉस्पिटल अधीक्षक व ट्रोमा सेंटर इंचार्ज को शिकायत दी है।</p>
<p><strong>ये है मामला<br /></strong>मामला ट्रोमा सेंटर स्थित मेल प्लास्टिक सर्जरी वार्ड का है। जहां लाडनूं से आए सुशील नाम के एक मरीज के परिजनों का महिला नर्सिंग स्टाफ पूनम कुमारी के साथ विवाद हुआ। पूनम ने बताया कि सीनियर डॉक्टर जब राउंड पर आने वाले थे तब हमने सभी मरीजों से मिलने आए उनके परिजनों को बाहर जाने के लिए कहा। इस पर सुशील के बैड पर तीन से चार लोग मौजूद थे, जब उनको बाहर जाने के लिए कहा तो वे झगड़ने लगे। महिला नर्सिंग स्टाफ ने आरोप लगाया है कि मेरे पे्रगनेंट होने के बावजूद उनमें से एक महिला ने मुझे धक्का मार दिया। तभी वहां मौजूद अन्य स्टाफ ने बीच-बचाव किया। </p>
<p><strong>सुरक्षा कानून में नर्सिंग और पैरा मेडिकल स्टाफ  भी हों शामिल</strong><br />राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष प्यारेलाल चौधरी ने इस मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार जो डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर कानून बनाने की तैयारी कर रही है उसमें डॉक्टरों के साथ नर्सिंग और पैरा मेडिकल स्टाफ  को भी शामिल किया जाए। क्योंकि हॉस्पिटल में नर्सिंग स्टाफ  भी हर समय वार्डों में तैनात रहकर अपनी सेवाएं देते है।</p>
<p>मामले में हमने अधीक्षक और एसएमएस पुलिस चौकी में शिकायत दे दी है। हमने प्रशासन से मांग की है कि हॉस्पिटल में नियुक्त सभी स्टाफ  की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत है।<br />-डॉ. अनुराग धाकड़, नोडल ऑफिसर ट्रोमा सेंटर</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Aug 2024 10:31:43 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>लाखेरी अस्पताल में आठ साल से बंद पड़ी है धर्मशाला, तीमारदार परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[ कस्बे में उपखंड मुख्यालय पर स्थापित ट्रॉमा सेंटर व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विगत 8 साल से मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों की सुविधा के लिए धर्मशाला भवन तैयार किया गया था लेकिन उद्घाटन के अभाव में यह धर्मशाला बंद पड़ी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/dharamshala-has-been-closed-in-lakheri-hospital-for-eight-years--the-attendants-are-upset/article-16254"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/lakheri-aspatal-8-saal-se-band-dharmshala-..lakheri-news-bundi-26.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>लाखेरी। कस्बे में उपखंड मुख्यालय पर स्थापित ट्रॉमा सेंटर व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विगत 8 साल से मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों की सुविधा के लिए धर्मशाला भवन तैयार किया गया था लेकिन उद्घाटन के अभाव में यह धर्मशाला बंद पड़ी है। यही नहीं अस्पताल में गत 1 माह से एक्सरे मशीन बंद पड़ी है। इसके चलते अस्पताल में आने वाले गरीब बीपीएल परिवार के दुर्घटना में घायल मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संदर्भ में कई बार क्षेत्रीय विधायक जिला प्रशासन व उपखंड के प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी एक्सरे मशीन सुचारू नहीं हो सकी। दुर्घटना में घायल व अन्य मरीजों को एक्स-रे के लिए निजी क्लिनिक का सहारा लेना पड़ा है जिससे मरीजों को डॉक्टर को 1 दिन बाद एक्सरे दिखाना पड़ता है। यह समस्याएं शहर में गत एक डेढ़ वर्ष से शहर के ट्रॉमा सेंटर व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उत्पन्न हो रही है। <br /><br /><strong>चिकित्सकों की भी कमी</strong><br /> वर्तमान में अस्पताल पर महिला चिकित्सक की भी कमी है। जिससे खास कर महिला मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के वह उपखंड क्षेत्र के लोगों ने बताया के पूर्व में मरीजों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होती थीं व सभी कार्य सरलता पूर्व अस्पताल पर ही हो जाया करते थे लेकिन वर्तमान में आदर्श सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोषित होने के उपरांत भी इस प्रकार के हालात मरीजों के साथ हो रहे हैं जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शहर के प्रमुख लोगों अपना मत रखते हुए। इस प्रकार अवगत कराया पूर्व पालिका अध्यक्ष महावीर गोयल ने बताया अस्पताल की सभी संविदा को देखना मुख्य चिकित्सा प्रभारी की जिम्मेदारी बनती है और किस प्रकार अस्पताल परिसर पर मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। अपने कार्यस्थल का किस प्रकार संचालन करते हैं उनके द्वारा ही उच्च अधिकारी व मेडिकल रिलीफ सोसायटी के अध्यक्ष सदस्यों को अवगत कराते हुए अस्पताल पर मरीजों को आसान सुविधा उपलब्ध हो। पूर्व वार्ड पार्षद विनोद बैरवा ने बताया की अस्पताल परिसर पर ही लाखों रुपए की लागत से मरीजों के तीमारदारों के लिए सरकार द्वारा धर्मशाला का निर्माण 8 साल पूर्व किया गया था। लेकिन अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के चलते धर्मशाला भी सुचारू नहीं हो सकी। जिससे वहां पर असामाजिक तत्वों का रात्रि के समय जमावड़ा लग जाता है। मरीजों के साथ आए तीमारदार इस बारिश के मौसम में इधर-उधर भटकते हुए रात गुजारने में मजबूर होना पड़ रहा है। <br /><br />पालिका अध्यक्ष आशा शर्मा ने बताया कि अस्पताल परिसर पर जहां एक्सरे मशीन से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है दूसरी ओर महिला चिकित्सक नहीं होने से महिला मरीजों को कितना परेशान होना पड़ता है यह तो महिला मरीज ही बता सकती है। यह सभी देखना अस्पताल मुख्य चिकित्सक का होता है उनको ही जिला प्रशासन वह क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि को अवगत कराना होता है।<br /><br />पूर्व प्रतिपक्ष नेता सानू केस ने बताया वर्तमान में अस्पताल परिसर पर डॉक्टरों  के लिए अलग-अलग चेंबर सरकार द्वारा बना रखे हैं लेकिन अस्पताल पर डॉक्टर कई बाहर एक चेंबर में ही मरीजों को देखने का काम करते हैं जिससे मरीजों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। <br /><br />पूर्व सरपंच बुद्धि प्रकाश मीणा ने बताया कि अस्पताल परिसर पर कहीं बाहर डॉक्टर एक चेंबर पर ही मरीजों को देखने का काम करते हैं जिससे क्षेत्र के कहीं गंभीर मरीज डॉक्टर को दिखाए बगैर ही निजी चिकित्सक के पास जाकर अपना उपचार कराने में मजबूर हो रहे हैं।  मोटर मार्केट अध्यक्ष अब्दुल लतीफ पठान भाजपा नेता राकेश चंदेल ने बताया कि शहर के मेगा हाइवे पर कहीं दुर्घटनाएं होती है उनके लिए एक्स रे की अति आवश्यकता होती है। एमएलसी में एक्स-रे की आवश्यकता होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है कहीं दुर्घटना में गंभीर घायलों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है अस्पताल की व्यवस्था देखना मुख्य चिकित्सा अधिकारी का होता है और अस्पताल की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कार्य होता है।<br /><br />एक्सरे मशीन सही कराने की कोशिश कर रहे हैं। उच्चाधिकारी को अवगत कराया है। निजी स्तर पर भी प्रयास जारी है। धर्मशाला को भी शुरू करने का लेकर जल्द निर्णय किया जाएगा। -<strong>डॉ.मनीष पिपलिया,  प्रभारी सीएचसी लाखेरी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Jul 2022 15:40:31 +0530</pubDate>
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