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                <title>Congress press conference - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Congress press conference RSS Feed</description>
                
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                <title>असहमति के बाद भी सहयोगी आयुक्तों को तरजीह नहीं देते ज्ञानेश कुमार, तत्काल दें इस्तीफा: सिंघवी</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर अपने सहयोगियों के अधिकारों को दरकिनार करने और 'वोट चोरी' का गंभीर आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) से करोड़ों नाम हटाए गए हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/even-after-disagreement-gyanesh-kumar-does-not-give-preference-to/article-166416"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)39.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर 'वोट चोरी' की प्रक्रिया में भूमिका निभाने और अपने सहयोगी चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों तथा अधिकारों को तरजीह नहीं देने का आरोप लगाते हुए तत्काल पद से इस्तीफा देने की मांग की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जिस व्यक्ति के कारण 13 करोड़ से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाये गये हैं उसे संवैधानिक पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज और विभिन्न फैसलों पर 14 बार लिखित विरोध और असहमति दर्ज करायी है लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया जाता है।</p>
<p>सिंघवी ने कहा कि 1995 में उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त अन्य चुनाव आयुक्तों से ऊपर नहीं हैं और तीनों समान हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त 'फर्स्ट अमंग इक्वल्स' यानी बराबरों में प्रथम हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने चुनाव आयोग को बहुसदस्यीय संस्था बताते हुए कहा था कि सभी चुनाव आयुक्तों की निर्णय प्रक्रिया में भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगस्त 2026 में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने फॉर्म-6 में किये गये बदलावों को 'अनधिकृत और अवैध' बताया था जबकि चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने भी इसका विरोध किया था। मई 2026 में दोनों चुनाव आयुक्तों ने इस बात पर आपत्ति जतायी थी कि उनके निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को चुनाव आयोग के पोर्टल तक पहुंच नहीं दी गयी। अगस्त में संधू ने यह भी सवाल उठाया था कि पश्चिम बंगाल ट्रिब्यूनल के समक्ष चुनाव आयोग की ओर से अपील दायर करने की अनुमति किसने दी।</p>
<p>सिंघवी ने कहा कि इन परिस्थितियों में सवाल उठता है कि क्या अन्य चुनाव आयुक्तों को केवल 'डमी' बना दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त पर अपने सहयोगियों के अधिकार छीनने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त मनमानी करते हैं और देश में वोट चोरी का जरिया बनते हैं। उनका कहना था कि कि चुनाव आयोग देशभर में 'एक व्यक्ति, एक महिला और एक वोट' की बात करता है लेकिन उसने खुद को ऐसी संस्था बना लिया है जहां 'न किसी का वोट और ना ही किसी का मूल्य' रह गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि उच्चतम न्यायालय का 1995 का फैसला लिखित विरोध और संवैधानिक जवाबदेही सब कूड़ेदान में डाल दिये गये हैं। फॉर्म-6 में किये गये बदलावों पर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने लिखा था कि उनकी सहमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को अपने सभी लिखित असहमति पत्र देश के सामने रखने चाहिए।</p>
<p>सिंघवी ने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने यह भी बताया था कि हजारों निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को चुनाव आयोग के पोर्टल तक पहुंच नहीं मिल रही थी। सिंघवी ने पश्चिम बंगाल में सामने आये 38 लाख मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 23 लाख अपील में गये और इनमें 90 प्रतिशत सफलता मिली जबकि करीब 16 लाख अपील स्वयं चुनाव आयोग ने की। उन्होंने कहा कि एसआईआर के पहले और दूसरे चरण में 7.8 करोड़ मतदाता हटाये गये थे तथा तीसरे चरण में अब तक 6.18 करोड़ नाम हटाये गये और 5.43 करोड़ मतदाताओं को संदिग्ध बताते हुए अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने के नोटिस दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि इन खुलासों के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा दे देना चाहिए और उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।</p>
<p>इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष पिछले कई वर्षों से चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहा है लेकिन उसकी बातों को नजरअंदाज किया जाता है। अब चुनाव आयोग के भीतर से ही दो चुनाव आयुक्तों की ओर से 14 बार आपत्ति दर्ज किये जाने की बात सामने आयी है। उन्होंने फॉर्म-6 के कथित दुरुपयोग, सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े सवाल उठाये।</p>
<p>खरगे ने कहा कि पहले तीन चरणों की एसआईआर प्रक्रिया में 31 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की प्रारूप मतदाता सूचियों से 13.8 करोड़ नाम हटाये गये हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा उठाये गये 'वोट चोरी' और एसआईआर से जुड़े सवाल अब सही साबित हो रहे हैं। उनका कहना था कि गत 24 अप्रैल को विपक्ष के 73 राज्यसभा सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए राज्यसभा के महासचिव को नया पदच्युति प्रस्ताव नोटिस दिया था और अब यह सवाल है कि जब मानसून सत्र का सत्रावसान नहीं हुआ है तो राज्यसभा के सभापति इस लंबित नोटिस पर क्या निर्णय करेंगे।</p>
<p>पार्टी के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि 'वोट चोरी' देश की जनता के खिलाफ अपराध और संविधान पर सीधा हमला है। पार्टी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कुमार को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं होने की बात कहते हुए तत्काल हटाने और उच्चतम न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग की निष्पक्षता और अन्याय से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं और अब स्वयं चुनाव आयुक्तों ने कुमार के समक्ष अपनी चिंताएं रखी हैं। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त को इसकी जानकारी थी और उन्होंने इसे होने दिया तो यह गंभीर विषय है तथा इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कुमार पर चुनाव आयोग को भीतर से कमजोर करने और करोड़ों लोगों को मताधिकार से वंचित करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कुमार पर चुनाव आयोग को भीतर से कमजोर करने और करोड़ों लोगों को मताधिकार से वंचित करने का आरोप लगाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 17:58:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर सरकार की चुप्पी से अपराधियों के हौंसले बुलंद, महिला पत्रकारों को न्याय देने की मांग : कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने भाजपा सरकार पर देश में महिलाओं की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और पत्रकारों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ 24 घंटे में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/governments-silence-on-atrocities-against-women-has-emboldened-criminals-congress/article-164674"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/alka-lambaa.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में महिलाएं असुरक्षित हैं और उनके खिलाफ लगातार हो रहे अत्याचार के मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषियों को कानून के तहत सजा दी जानी चाहिए। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश में महिलाओं के खिलाफ जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष के लोग लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में जिस तरह ‘नक्सली दिमाग’ शब्द का इस्तेमाल किया, वह अपराधियों के हौसले बुलंद कर रहा है। ऐसे लोगों को अपने किए अपराध पर न कोई पछतावा है और न पश्चाताप। उन्होंने कहा कि निशु आज़ाद ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से न्याय की गुहार लगाई है। निशु के साथ जिन लोगों ने अत्याचार किया है, उनके खिलाफ 24 घंटे के भीतर कानून के तहत कार्रवाई शुरू होनी चाहिए और तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।</p>
<p>लांबा ने कहा कि महिला कांग्रेस महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचार के विरोध में आज संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर रही है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि निशु तथा अन्य पीड़ित महिलाओं के साथ अत्याचार करने वालों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने गुरुवार को गृहमंत्री के कार्यक्रम के दौरान दिल्ली पुलिस ने दो महिला पत्रकारों के साथ बर्बरता की घटना को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि दोनों महिला पत्रकार गृहमंत्री से सवाल पूछना चाहती थीं लेकिन पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें साकेत से हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि दोनों पत्रकारों के नाम शाहीन खान और नफीसा खान हैं और वे नोएडा में एक नाबालिग के साथ बस में दुष्कर्म के मामले को लेकर गृहमंत्री से सवाल पूछना चाहती थीं। गृहमंत्री ने उनके सवालों का जवाब देने के बजाय पुलिस के जरिए उनके खिलाफ कार्रवाई कराई।</p>
<p>महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने दोनों महिला पत्रकारों को न्याय देने की मांग करते हुए कहा कि उनके साथ हिंसा करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लांबा ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आकृति चौधरी का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि आकृति ने नोएडा में कर्मचारी आंदोलन के पक्ष में अपनी आवाज उठाई थी जिसके बाद प्रशासन उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह युवती उत्तर प्रदेश की जेल में पांच महीने से बंद है और उसका अपराध आंदोलनकारियों का समर्थन करना था। आकृति को फंसाने के लिए झूठा मामला रचा गया और उनके करियर तथा भविष्य को बर्बाद करने की साजिश की गई। उनके खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि आकृति को जेल में इसलिए रखा गया है ताकि दूसरी लड़कियों और युवाओं को डराया जा सके और वे सरकार के खिलाफ होने वाले किसी आंदोलन का समर्थन न करें। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस मामले में प्रशासन को फटकार लगाई है और कहा कि सरकार की ओर से ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया गया जिससे इस महिला को गलत साबित किया जा सके। उन्होंने उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सत्ता के दबाव में किए जाने वाले अन्याय में कमी आएगी। महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अदालत ने इस मामले में अधिकारियों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। लांबा ने कहा कि इसी तरह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल रही 15 वर्षीय नाबालिग को भी परेशान किया जा रहा है और उसके परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस नाबालिग बच्ची के खिलाफ सरकार का इस तरह कार्रवाई करना बिल्कुल अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई साबित करती है कि प्रधानमंत्री ऐसे आंदोलनों से डरे हुए हैं। महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस इस तरह के अत्याचार से पीड़ित महिलाओं और बेटियों के साथ खड़ी है और उनकी लड़ाई लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि जब तक इन बच्चियों को न्याय नहीं मिलता, महिला कांग्रेस संविधान के दायरे में रहकर उनके लिए संघर्ष करती रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 15:33:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जातिगत जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया जनता के साथ धोखा, बिहार-तेलंगाना मॉडल लागू करने की मांग: जयराम रमेश</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर जातिगत जनगणना के नाम पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मौजूदा प्रक्रिया को महज "व्हाइट वॉश" बताते हुए इसे रद्द करने तथा सभी दलों और राज्य सरकारों से चर्चा करके बिहार व तेलंगाना मॉडल की तर्ज पर राष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शी गणना कराने की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-current-process-of-caste-census-is-a-betrayal-to/article-163847"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/jairam02-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार जातिगत जनगणना के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है और जिस तरीके से देश में जातिगत जनगणना करायी जा रही है, उसे कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी, क्योंकि यह महज "व्हाइट वॉश" है।</p>
<p>जयराम रमेश ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सत्तापक्ष के लोग पहले वर्षों तक जातिगत जनगणना के विरोध में रहे, लेकिन जनगणना की घोषणा के बाद लगातार यू-टर्न ले रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने इस संबंध में पीएमओ को कई पत्र लिखे हैं, लेकिन अब तक उनका जवाब नहीं मिला है। उन्होंने 21 सितंबर 2021 को शीर्ष न्यायालय में शिक्षा मंत्रालय की ओर से दाखिल हलफनामे का हवाला देते हुए कहा कि जातिगत जनगणना के लिए पहले से जातियों की सूची तैयार करना आवश्यक बताया गया था। बिहार में 215 जातियों की सूची और तेलंगाना में भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनायी गई थी।</p>
<p>उन्होंने मौजूदा प्रक्रिया रद्द कर बिहार-तेलंगाना मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर लागू किये जाने की मांग की। साथ ही सभी राजनीतिक दलों और राज्य सरकारों से चर्चा कर सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए जातिगत जनगणना करायी जाये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 19:01:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आदिवासी बच्चों की मौतों पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा: बालाघाट में 22 बच्चों की मौत का दावा, विशेष जांच और सेफ्टी ऑडिट की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने प्रेस वार्ता कर मध्य प्रदेश के बालाघाट में कुपोषण व बीमारी से बैगा समाज के 22 बच्चों की मौत तथा महाराष्ट्र के गढ़चिरौली स्थित छात्रावास में सांप के काटने से तीन बच्चियों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने विशेष जांच कमेटी के गठन और सभी आदिवासी छात्रावासों के अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-cornered-the-government-on-the-deaths-of-tribal-children/article-163751"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/vikrant.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर मध्य प्रदेश के बालाघाट और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में आदिवासी बच्चों की मौतों को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। भूरिया ने कहा कि बालाघाट में कुपोषण और बीमारियों के कारण बैगा समाज के 22 बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह महीने से घर पहुंचने वाला पोषण आहार बंद है और निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 20 किलोमीटर दूर है। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में टीकाकरण भी 80 प्रतिशत से कम है। भूरिया ने कहा कि सरकार ने मृतक बच्चों के परिवारों को केवल 20 हजार रुपये की सहायता दी, जबकि गलती बच्चों की नहीं बल्कि उस व्यवस्था की है, जिसमें आदिवासी विकास के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं।</p>
<p>उन्होंने विधानसभा में पूछे गए सवाल का हवाला देते हुए कहा कि कुपोषित बच्चों के लिए प्रतिदिन महज 12 रुपये का पोषण आहार दिया जाता है। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में आदिवासी छात्रावास में सांप के काटने से तीन बच्चियों की मौत का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि छात्रावास में 70 से अधिक बच्चियां जमीन पर सो रही थीं। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में महाराष्ट्र के छात्रावासों में 550-600 बच्चों की मौत हुई है। भूरिया ने बालाघाट और गढ़चिरौली मामलों की जांच के लिए विशेष कमेटी, दोषियों पर कार्रवाई और सभी आदिवासी छात्रावासों का अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 16:18:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>संसद सत्र खत्म होते ही कांग्रेस का सरकार पर हमला, जयराम रमेश बोले- विपक्षी दबाव से कई विधेयकों पर सरकार को झुकना पड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने संसद के मानसून सत्र के समापन पर कहा कि विपक्ष की एकजुटता इस सत्र की बड़ी सफलता रही। जयराम रमेश और गौरव गोगोई ने दावा किया कि विपक्षी दबाव के कारण सरकार को कई विधेयकों पर पीछे हटना पड़ा, हालांकि नीट और भ्रष्टाचार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा नहीं कराई गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/as-soon-as-the-parliament-session-ended-congress-attacked-the/article-162854"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/jairam-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने संसद के मानसून सत्र के समापन पर कहा है कि विपक्ष की एकजुटता इस सत्र की बड़ी उपलब्धि रही और उसके सामूहिक दबाव के कारण सरकार को कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर पीछे हटना पड़ा। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी तथा राज्यसभा सांसद जयराम रमेश और लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विपक्ष ने नीट परीक्षा में अनियमितता, राम मंदिर ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी, एथेनॉल में मिलावट, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों में भ्रष्टाचार, चीन से जुड़े मुद्दों तथा सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इन मुद्दों पर चर्चा नहीं कराई।</p>
<p>गोगोई ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दबाव में सरकार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना पड़ा लेकिन गृहमंत्री अमित शाह से पुलिस कार्रवाई और छात्रों पर अत्याचार के संबंध में बयान देने की मांग को सरकार ने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि सत्र के अंतिम दिन प्रधानमंत्री और गृहमंत्री शाह सदन में आए लेकिन इसके तुरंत बाद कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। रमेश ने कहा कि 11 वर्ष पहले 2015 में व्यापम घोटाले के कारण मानसून सत्र बाधित हुआ था और 11 साल बाद इस बार नीट मामले के कारण सत्र में गतिरोध रहा। उन्होंने कहा कि 18 दिन तक विपक्षी दलों के नेताओं की लगातार बैठकें हुईं और विपक्षी एकता स्पष्ट रूप से सामने आई।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विपक्ष के दबाव के कारण 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विधेयक, विश्वविद्यालयों के केंद्रीकरण संबंधी विधेयक और 130वें संविधान संशोधन विधेयक की रिपोर्ट इस सत्र में नहीं आ सकी, जबकि विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया। रमेश ने कहा कि परिसीमन से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए सरकार दो-तिहाई बहुमत जुटाने में भी सफल नहीं हुई। उन्होंने इसे विपक्ष की एकता की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक तथा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक बिना चर्चा के पारित कर दिए गए। कांग्रेस ने दोनों विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने की मांग की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 18:40:02 +0530</pubDate>
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                <title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर कांग्रेस का बड़ा हमला, रागिनी नायक ने कहा-श्रेय लिया तो चोरी की जिम्मेदारी भी लें, दोषियों को बचा रही है सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस पार्टी ने अयोध्या राम मंदिर में हुए दान चोरी प्रकरण को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। पार्टी प्रवक्ता रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण का पूरा श्रेय लेने वाली सरकार अब करोड़ों भक्तों के चढ़ावे की चोरी पर मौन साधे हुए है। उन्होंने इस मामले में गठित एसआईटी की रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक करने और बड़ी मछलियों पर कार्रवाई की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congresss-big-attack-on-ram-temple-offering-theft-controversy-ragini/article-158798"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/ragini-nayak.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि बड़ी संख्या में रामभक्तों ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया और अपनी श्रद्धा के अनुसार हर तरह से दान दिया, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि केंद्र सरकार मंदिर निर्माण का श्रेय तो लेती हैं, लेकिन जब जनता के दान के पैसे की चोरी होती है तो चुप्पी साध लेती हैं। कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा के शासन में जो भी घोटाले होते हैं, उनमें बड़ी मछलियां तो निकल जाती हैं, लेकिन छोटी मछलियों को फंसाकर मामले को उलझाने का प्रयास शुरू हो जाता है। देश की जनता ने सच्चे भाव से राम मंदिर के लिए दान दिया था, लेकिन खुद को राम भक्त कहने वालों के गिरोह ने उस दान और चंदे की ही चोरी कर दी।</p>
<p>उन्होंने राम मंदिर का चंदा चोरी करने वाले को सबसे बड़ा अधर्मी बताते हुए कहा कि राम इतने मंगलकारी हैं कि उनके नाम के उच्चारण मात्र से ही सारे पाप कट जाते हैं, संकट दूर जाते हैं। उनका कहना था कि इस स्थिति में सोचने वाली बात यह है कि पतित-पावन मर्यादा पुरुषोत्तम राम के साथ ठगी करने वाले कितने बड़े अधर्मी होंगे। वोट चोरी, सीट चोरी के बाद अब चढ़ावा चोरी ने हर भारतीय के मन को छलनी किया है। इसलिए आज चढ़ावा चोरी से जुड़े हर व्यक्ति को कटघरे में खड़ा किया जाएगा। </p>
<p>कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार इस मामले को रफा-दफा कराना चाहती है, इसलिए कहा जा रहा है कि चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया, कई लोगों को पकड़ा गया और कई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है, मामले की एसआईटी से जांच कराई गई है। मुश्किल यह है कि जिस केंद्र सरकार ने संसद में राम मंदिर ट्रस्ट की घोषणा की और उसके सदस्यों को नियुक्त किया, मंदिर की आधारशिला रखी, ध्वजारोहण कराया और मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कराई है, लेकिन अब कहते हैं कि चंदा चोरी की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना था कि जब इतनी बड़ी लूट हुई और राज्य के मुख्यमंत्री कहते हैं कि उन्हें चंदा चोरी की जानकारी ही नहीं है, तो इससे बड़ी आश्चर्य की बात और क्या हो सकती है।</p>
<p>उन्होंने इस पूरे प्रकरण की क्रोनोलॉजी समझाते हुए बताया, "अयोध्या में श्रद्धेय शंकराचार्यों का ट्रस्ट पहले से था। फिर जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो इस ट्रस्ट ने सरकार और कोर्ट को लिखकर कहा कि हम मंदिर निर्माण करवा सकते हैं। मगर केंद्र सरकार नहीं मानी और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट नाम का नया ट्रस्ट बनाया, जो मंदिर से जुड़े हर काम का प्रबंधन देखता है। राम मंदिर के इस नए ट्रस्ट में भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोग शामिल किए गए और केंद्र सरकार ने ट्रस्ट को आरटीआई के दायरे से बाहर रखा। ऐसे में सवाल है कि क्या इस ट्रस्ट में भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों की भर्ती इस मंशा के साथ की गई थी, ताकि बड़ा घोटाला किया जा सके।"</p>
<p>डॉ. नायक ने कहा कि प्रभु श्री राम के मंदिर में 40 दिन में 70 बार चोरी हुई। भाजपा सरकार ने दबाव में आकर विशेष जांच दल का गठन किया, लेकिन क्या कारण है कि एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा रही। आखिर किसे बचाने की कोशिश हो रही है। उनका यह भी कहना था कि केंद्र सरकार ने राम मंदिर का खूब श्रेय लिया, लेकिन आज चढ़ावा चोरी पर वो खामोश हैं। जब श्रेय लिया है तो चोरी की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। ये जनता के साथ विश्वासघात है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 18:15:37 +0530</pubDate>
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                <title>CM Gehlot Press Confrence: सीएम बोले- देश में सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स का दुरूपयोग किया जा रहा</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय से राजस्थान विधानसभा चुनावों को लेकर प्रेस कॉफ्रेंस कर रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cm-gehlot-press-conference-cm-said-cbi-ed-income-tax/article-59937"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/cn.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट वितरण की कवायद के बीच सीएम अशोक गहलोत ने दावा किया है कि राज्य में कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ़ भी कोई आरोप नहीं हैं। ऐसे में राजस्थान में कांग्रेस फिर से सत्तारूढ़ होगी। क्योंकि कांग्रेस ने जनहित में कई काम किए हैं।</p>
<p>गुरुवार को सीएम अशोक गहलोत ने पार्टी मुख्यालय एआईसीसी में मिडिया से बातचीत करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार सीबीआई और ईडी जैसी जांच एजेंसियों का खुला दुरुपयोग कर रही है। जिससे इनकी साख जनता के बीच लगातार घट रही है। वहीं अनावश्यक जांच और छापेमारी से लोग परेशान हो रहे हैं। सीएम गहलोत ने कहा कि मैंने खुद इन एजेंसियों के प्रमुखों से मिलने का समय मांगा था लेकिन आज तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव को देखते हुए आचार संहिता लग गई है। लेकिन जांच एजेंसियां अभी भी छापेमारी कर रही हैं। जबकि किसी भी शिकायत के बाद पहला काम पुलिस का होता है। </p>
<p>सीएम ने कहा कि ईडी द्वारा बीते नौ साल में तीन हजार से ज्यादा छापे मारे गए हैं। जबकि 800 मामलों में चार्ज शीट पेश की गई है।</p>
<p><strong>पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को मेरे कारण नहीं मिले सजा</strong><br />एक सवाल के जवाब में गहलोत ने कहा कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया को भाजपा द्वारा साइड लाइन करने का मामला भाजपा का आंतरिक मामला है। लेकिन मेरे कारण उनको सजा नहीं मिलनी चाहिए।</p>
<p><strong>टिकट सबकी सहमति से दिए जाएंगे</strong><br />कांग्रेस की सूची अभी तक नहीं आने के कारण पर सीएम बोले कि सबकी सहमति से फैसले हो रहे हैं। यही बीजेपी की परेशानी का कारण है। लेकिन टिकट देने का एक ही पैमाना होगा कि उम्मीदवार जिताऊ हो। इसके लिए कांग्रेस पूरी तरह से एकजुट है। </p>
<p><strong>मुझ पर पार्टी नेतृत्व का भरोसा</strong><br />पार्टी सत्ता में आई तो अगला सीएम कौन बनेगा? इस सवाल पर सीएम गहलोत ने कहा कि मुझे 1998 में सोनिया गांधी ने मेरा काम देखकर मुझे चुना था। मुझमें कोई तो बात होगी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वैसे कांग्रेस में जो सीएम का उम्मीदवार होता है वह बनता नहीं है।</p>
<p><strong>सीएम पद मुझे छोड़ता</strong><br />मैं पद छोड़ना चाहता हूं लेकिन यह मुझे नहीं छोड़ना चाहता। शायद छोड़ेगा भी नहीं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Oct 2023 13:20:40 +0530</pubDate>
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                <title>ईडी पूछताछ मामले पर बवाल: राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ रहे कांग्रेस सांसदों को हिरासत में लिया </title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को तीसरी बार पूछताछ के लिए अपने दफ्तर बुलाए जाने के विरोध में पार्टी सांसदों एवं कार्यकर्ताओं ने बुधवार को भी सड़कों पर जमकर प्रदर्शन एवं सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-press-conference--ed-has-created-panic-across-the-country--ashok-gehlot/article-16409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ww2.gif" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को तीसरी बार पूछताछ के लिए अपने दफ्तर बुलाए जाने के विरोध में पार्टी सांसदों एवं कार्यकर्ताओं ने बुधवार को भी सड़कों पर जमकर प्रदर्शन एवं सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सबसे पहले सुबह पार्टी सांसदों ने संसद भवन परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने खड़े होकर नारेबाजी की। उसके बाद यह सांसद पैदल मार्च करते हुए विजय चैक तक पहुंचे। जहां से यह राष्ट्रपति भवन की ओर बढे। लेकिन दिल्ली पुलिस द्वारा धारा-144 लगी होने का हवाला देकर इन्हें हिरासत में ले लिया गया।<br /><br />लोकसभा में पार्टी सांसदों के नेता अधीर रंजन चैधरी, मनीष तिवारी, रंजना यादव, नासिर हुसैन समेत दर्जनों सांसदों को बसों में बैठाकर दिल्ली पुलिस द्वारा वहां से हटाया गया। इनका कहना था कि एक ओर तो सरकार सदन में जनता से जुड़े मुद्दे नहीं उठाने देती है। तो दूसरी ओर ईडी द्वारा उनके नेताओं को बिना वजह परेशान किया जा रहा है। इस बीच, लोकसभा से शेष सत्र के लिए निलंबित किए गए चार कांग्रेस सांसदों ने सरकार के रवैये के खिलाफ संसद भवन के गेट नं. एक के सामने अपना विरोध दर्ज करवाया।<br /><strong> </strong><br /><strong>एआईसीसी के बाहर कार्यकर्ताओं का हंगामा, पुलिस ने दिखाई सख्ती</strong><br />इसी प्रकार दिल्ली पुलिस द्वारा कांग्रेस मुख्यालय के आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता सोनिया गांधी से पूछताछ के विरोध में सड़कों पर लगातार हंगामा एवं प्रदर्शन कर रहे हैं। जिस पर पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर सड़कों से हटा रही है। बुधवार को भी एआईसीसी मुख्यालय से विरोध प्रदर्शन के लिए निकले सैंकड़ों को कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया। पुलिस ने आसपास के पूरे क्षेत्र को कड़ी सुरक्षा में रखा है। कई बार पुलिस द्वारा एआईसीसी से कार्यकर्ताओं को न अंदर जाने दिया गया और न ही अंदर से बाहर आने दिया गया। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए इस क्षेत्र में धारा-144 लगाई गई है। जिससे मुख्यालय क ेअंदर से ही नारेबाजी होती रही।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Jul 2022 14:54:12 +0530</pubDate>
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