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                <title>sewerage work - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बरसात से पहले ही सड़कों का हुआ बुरा हाल, पानी भरने पर रहेगा हादसों का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[कहीं गड्ढे हैं तो कहीं सड़कें खुदी पड़ी हैं, वहीं सीवरेज कार्य के बाद कई सड़कों की मरम्मत भी अधूरी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/roads-in-poor-condition-even-before-the-monsoon/article-157558"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(8)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। <strong>दृश्य एक:</strong> जयपुर गोल्डन से ज्वाला तोप की तरफ जाने वाले रास्ते पर सरोवर टॉकीज के सामने मंदिर के पीछे तालाब के सहारे की सड़क पर इतने अधिक गड्ढ़े हो रहे हैं कि वहां से निकलने वाले वाहन हिचकोले खा रहे हैं। विशेष रूप से दो पहिया वाहनों का यहां संतुलन बिगड़ रहा है। जिससे रोजाना कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।</p>
<p><strong>दृश्य दो:</strong> एरोड्राम सर्किल पर अंरडपास के ऊपर की सड़क जो झालावाड़ हाइवे रोड है। यहां से दिनभर बड़ी संख्या में और तेजी से वाहन निकल रहे हैं। वह सड़क बीच से बदहाल हो रही है। जिससे वहां से गुजरने वाले वाहनों के गड्ढ़ों से बचकर निकलने के कारण कई बार वाहन आपस में टकरा रहे हैं। ऐसे में हादसे का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>दृश्य तीन:</strong> डीसीएम रोड स्थित इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र में एक सड़क का बीच से काफी बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो रहा है। ऐसे में वहां से दो पहिया वाहन ही नहीं चार पहिया वाहनों तक को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों को इन गड्ढ़ों से बचकर निकलना पड़ रहा है।</p>
<p>ये तो उदाहरण मात्र हैं शहर की सड़कों के बदहाली को बताने के लिए। ऐसी कई अन्य सड़कें व मुख्य मार्ग हैं जहां बरसात से पहले ही सड़कों की हालत खराब हो रही है। कहीं गड्ढ़े हो रहे हैं तो कहीं सड़कें खुदी पड़ी है। कहीं सीवरेज के लिए खोदी गई सड़कों को सही ढंग से नहीं भरा गया। जिससे सड़कें बीच से धंस गई है। ऐसे में अभी ही उनसे हादसों का खतरा बना हुआ है। जबकि कुछ समय बाद बरसात शुरु होने वाली है। ऐसे में इन गड्ढों व टूटी सड़कों पर पानी भरने से उनका अंदाजा वाहन चालकों को नहीं होने पर इनसे गुजरने वाले वाहनों का संतुलन बिगडऩे पर हादसों का खतरा अधिक होने की संभावना है।</p>
<p><strong>हमेशा होती मरम्मत, फिर भी हालत खराब</strong><br />सरोवर टॉकीज के सामने मंदिर के पीछे वाली सड़क का छोटा सा हिस्सा पिछले कई सालों से बार-बार खराब हो रहा है। संबंधित विभाग द्वारा इसे हर बार सही भी कराया जाता है। लेकिन यह अधिक समय तक नहीं टिक पाता। कुछ समय बाद फिर से वही पुरानी हालत हो जाती है। गत वर्ष भी बरसात में यहां की सड़क खराब होने से इसमें पानी भरने पर वाहनों का संतुलन बिगड़ रहा था। लोगों की परेशानी को देखते हुए इसे सही भी करवा दिया था। लेकिन वर्तमान में फिर वही पुरानी जैसी हालत हो गई है। शुक्रवार को भी इस जगह पर कई वाहनों का संतुलन बिगड़ा। जिससे पीछे से आने वाले अन्य वाहनों को गति धीमी करनी पड़ी। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। बरसात में यहां हादसों की संभावना अधिक है।</p>
<p><strong>सीवरेज के लिए खोदी सड़कों की हालत अधिक खराब</strong><br />शहर में डामर सड़क हो या सीसी अधिकतर की हालत खराब है। लेकिन विशेष रूप से सीवरेज के लिए बीच से खोदी गई सीसी सड़कों की हालत अधिक खराब है। हर सड़क बीच से खुदी हुई है। लाइन डालने के बाद उनकी मरम्मत तो की गई लेकिन सही ढ़ंग से नहीं होने से अधिकतर सड़कों की हालत खराब है। जिससे बरसात में पानी भरने पर वहां गड्ढ़े होने से हादसों का खतरा अधिक है। यह स्थिति किसी एक या दो जगह की नहीं वरन् पूरे शहर की है। फिर चाहे वह छावनी का क्षेत्र हो या धानमंडी का। नयापुरा का क्षेत्र हो या विज्ञान नगर का। विज्ञान नगर मुक्तिधाम से पीएफ ऑफिस के सामने से कॉमर्स कॉलेज तक की सड़क और विज्ञान नगर मुख्य मार्ग की सड़क, नयापुरा मुक्तिमार्ग की सड़क सभी जगह पर ऐसी स्थिति है कि दो पहिया वाहनों का चलना दूभर हो रहा है।</p>
<p><strong>नाले को व्यू कटर से ढका, सड़क बदहाल</strong><br />औद्योगिक क्षेत्र स्थित इंद्रा गांधी नगर में एसएफएस चौराहे से प्रेम नगर की तरफ जाने वाले रास्ते में नाले पर पुलिया बनी हुई है। हाल ही में नगर निगम की ओर से उस पुलिया पर दोनों तरफ दीवार खड़ी कर व्यू कटर लगा दिए। जिससे नाले की गंदगी नजर नहीं आए। लेकिन उस सड़क को सही नहीं किया गया। निगम सूत्रों का कहना है कि यह सड़क केडीए के अधीन है। ऐसे में उस सड़क पर इतने अधिक व बड़े-बड़े गड्ढ़ें हैं कि वहां जरा सी बरसात में ही पानी भर गया। जिससे वाहनों व पैदल ही लोगों को निकलने पर संतुलन बिगडऩे से हादसों का खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>संबंधित विभाग सुधारे सड़कें</strong><br />छावनी निवासी ऐश्वर्य श्रृंगी का कहना है कि नगर निगम हो या केडीए। सड़कों को सही करना इनकी जिम्मेदारी है। कई सड़कें तो सीवरेज लाइनों के कारण खराब हुई है। जिन विभाग के अधीन जो सड़क आती है उसे सही करवानी चाहिए। वरना बरसात में ये सही होंगी नहीं। जिससे लोगों को महीनों तक परेशानी व हादसों का दंश झेलने को मजबूर होना पड़ेगा।</p>
<p>प्रेम नगर निवासी मुकेश जोनवाल का कहना है कि इंद्रा गांधी नगर के इस नाले की पुलिया से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। यहां से कई निजी व सरकारी स्कूलों के ऑटो व वैन भीबच्चों को लेकर जाती है। अभी गर्मी की छुट्टी है जिससे बच्चों के वाहन तो नहीं आ-जा रहे। लेकिन स्थानीय लोग तो निकल ही रहे हैं। अभी से यह हालत है तो बरसात में हालत अधिक खराब होने से हादसों का खतरा बना हुआ है। नगर निगम या केडीए जिस भी विभाग के अधीन सड़क आती है उन्हें बरसात से पहले सही करवाना चाहिए।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />समय-समय पर सड़कों की मरम्मत करवाई जाती है। सीवरेज लाइन डालने के बाद उस सड़क को सही करने की जिम्मेदारी संबंधित संवेदक फर्म की रहती है। फिर भी यदि कहीं सड़कों पर गड्ढ़े हैं तो उनका पता करवाकर सही करवाया जाएगा।<br /><strong>- मुकेश कुमार चौधरी, सचिव कोटा विकास प्राधिकरण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 14:59:02 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 60 - सड़कों से डामर नदारद, सीवरेज का कार्य अधूरा छोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[बरसात में इलाके का कचरा बहकर नालियों में जमा हो गया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-60---asphalt-missing-from-the-roads--sewerage-work-left-incomplete/article-122795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के कोटा उत्तर नगर निगम वार्ड 60 में दो माह पहले बनी सड़क का डामर बारिश में बह गया। वहीं सीवरेज का कार्य अधूरा होने से वार्डवासी परेशानी झेल रहे हैं। वार्डवासियों का कहना कि जब तक सीवरेज का कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक सड़क भी नहीं बन पाएगी। सड़क पर निकली कंक्रीट से राहगीरों के चोटिल होने का डर बना रहता है। लोगों का कहना कि शहर तब तक स्मार्ट नहीं बन सकता जब तक वार्डों की दशा नहीं सुधर जाती। शहर के वार्डों के हाल नवज्योति दिखा रहा है। इसी के चलते नवज्योति टीम मंगलवार को कोटा उत्तर के वार्ड 60 में पहुंची। जहां सीवरेज पाइपलाइन कार्य ने कॉलोनियों की सड़कों की सूरत बिगाड़ रख है। जगह-जगह  खुदी सड़कें अब बारिश में जानलेवा बन गई। वहीं रोजाना नालियों की सफाई नहीं होने से दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। मुख्य सड़कों पर आवारा मवेशियों व श्वानों का जमावड़ा बना रहता है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया </strong><br />वार्ड में डीआरएम ऑफिस, जनकपुरी, जे.एन. मार्शल, रवि विहार, आदर्श कॉलोनी, रेल्वे सोसायटी, सेन्ट पोल्स स्कूल, मदर टैरेसा, माला फाटक कच्ची बस्ती का एरिया शामिल है।</p>
<p>सीवरेज का अधूरा कार्य<br />कॉलोनियों में सीवरेज के चलते सड़कें खुदी हुई है। वहीं दो माह पहले बनी सड़क का डामर भी बरसात में बह गया। गिट्टी व कंक्रीट सड़क फैलने से चोटिल होने का डर लगा रहता है।<br /><strong>- चंद्रप्रकाश, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>सड़कों पर गड्ढेÞ, हो रहे हादसे</strong><br />क्षेत्र के रेलवे डीआरएम, इंद्र कॉलोनी सहित कई कॉलोनियों में सीवरेज लाइन डालने के लिए सड़कों को खोदने से आवाजाही के लिए सड़कें क्षतिग्रस्त पड़ी है जिसके कारण कई राहगीर चोटिल हो चुके हैं। बरसात में पानी भरा होने से गड्ढेÞ भी दिखाई नहीं देते, जिससे हादसे होते हैं। <br /><strong>- मनोज जैन, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>सड़ रही नालियां, नहीं होती सफाई</strong><br />नालियों की नियमित सफाई नहीं होती। बरसात में इलाके का कचरा बहकर नालियों में जमा हो गया। गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैला रहता है, जिसमें मच्छर पनप रहे हैं। सफाईकर्मी नियमित रूप से नहीं आते। लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं हुई। पार्षद से शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं होती।      <br /><strong>- ब्रज कंवर चंदावत, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में सड़कें अच्छी बनी हुई है। जहां-जहां सीवरेज का कार्य चल रहा है वहां पर आवागमन थोड़ा बाधित हैं। सीवरेज का कार्य पूरा होने के बाद सही करवा देंगे। जनप्रतिनिधि के रूप में वार्डवासियों की समस्या को प्रशासन के सामने रखती हूं। कई बार अधिकारी भी अनसुना कर देते है।<br /><strong>- चेतना माथुर, पार्षद कांग्रेस, वार्ड 60</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 12:30:42 +0530</pubDate>
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                <title> कोटा दक्षिण वार्ड 58 - कछुआ चाल सा सीवरेज का काम, जनता परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[  शहर के कोटा दक्षिण वार्ड 58  में कछुआ चाल से कार्य हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है की आरयूआईडीपी द्वारा सीवरेज पाइपलाइन डलवाने का कार्य कछुआ चाल से भी धीमीं गती से हो रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-58---slow-sewerage-work--public-upset/article-16730"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/ward-58-sewerage-ka-kaam-....kota-news-29.7.20222.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा शहर में सीवरेज कार्य की कछुआ चाल से पूरा शहर परेशान है। कभी सीवरेज तो कभी अन्य पाइनलाइन डालने का हवाला देकर सड़के खोद दी जाती है। जगह-जगह सीवरेज लाइन डालने के लिए सड़के खोद कर छोड़ दी गई है। जिन क्षेत्रों में नई सड़के बनाई गई है, उन सड़कों को भी खुदवाया जा रहा है। सरकारी विभागों में आपसी तालमेल का आभाव बना हुआ है। जगह-जगह गड्ढें खुदवाकर छोड़ दिए गए है। इससे लोग दुर्घनाओं का शिकार हो रहे है। यही हाल है शहर के कोटा दक्षिण वार्ड 58 का। इस वार्ड में कछुआ चाल से कार्य हो रहा है। स्थानीय लोगों को कहना है की आरयूआईडीपी द्वारा सीवरेज पाइपलाइन डलवाने का कार्य कछुआ चाल से भी धीमीं गती से हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है की छावनी मेन रोड़ में सीवरेज डलवाई जानी थी। यह कार्य एक माह के अधिक के समय से बंद है। यहां गड्ढें खुदवाकर छोड़े गए है। अभी तक इनमें ना तो पाइपलाइन डाली गई है और ना ही इन गड्ढों को बंद करवाया गया है। इन गड्ढों की वजह से आए दिन वार्ड क्षेत्र में हादसे होते रहते है। इसके बावजूद भी प्रशासन व विभाग के कर्मचारी आंखे मंूदकर बैठे है। वहीं हर बार अधिकारी कहते हैं की बारिश की वजह से वह काम शुरु नहीं कर रहे।<br /><br /><strong>चौड़ाई बढ़ाने की मांग</strong><br />स्थानीय लोगों का कहना है की छावनी मेन रोड़ वाला क्षेत्र भीड़ भाड़ वाला क्षेत्र है। दिन के समय में यहां बहुत अधिक भीड़ रहती है। यहां से चौपहिया वाहन निकाल पाना बहुत मुश्किल होता है। यहां पर भारी जाम लगा रहता है। इससे यहां के लोग परेशान है। स्थानीय लोगों ने छावनी बंगाली कॉलोनी, जामा मस्जिद रोड़ को चौड़ा करने की मांग की है। इससे छावनी क्षेत्र में ट्रेफिक की समस्या से निजात मिलेगी। इस रोड़ की चौड़ाई बढ़ाने के लिए काफी बार विभाग को भी अवगत करवाया जा चुका है और जनप्रतिनिधियों को भी पत्र लिखे जा चुके है, लेकिन आज तक इसकी और किसी ने कोई ध्यान नहीं  दिया।<br /><br /><strong>यह है वार्ड क्षेत्र</strong><br />बंगाली कॉलोनी, शीतला माता मंदिर वाला सम्पूर्ण एरिया, दैनिक नवज्योति रोड़ आजाद पार्क, शकुन्तला अपार्टमेन्ट, चिल्ड्रन स्कूल, बडी मस्जिद, राजोरा कम्प्लेक्स, भूत बंग्ला का क्षेत्र एवं तिलक नगर इस वार्ड क्षेत्र में आता है।<br /><br /><strong>वन-वे हो रोड</strong><br />मस्जिद वाली रोड़ को वन-वे किया जाना चाहिए। दिन के समय इस रोड़ से बडेÞ वाहन नहीं गुजरेंगे तो आसानी होगी। इससे ट्रेफिक जाम भी नहीं लगेगा। रात्रि व सुबह के समय में इस रोड़ को खोल दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही सड़कों पर बिजली विभाग के तार व लाइटें लटकती रहती है, जिससे हादसे होने का खतरा बना रहता है। इस समस्या को लेकर भी विभाग को कई बार अवगत करवाया गया है, लेकिन इसकी और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।<br /><strong>- एस.ए खान, स्थानीय निवासी</strong><br /><br /><strong>बिजली रहती है गुल</strong><br />वार्ड क्षेत्र में बिजली कटौती की भंयकर समस्या है। वार्ड में ज्यादात्तर बिजली गुल ही रहती है। इससे कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बार-बार बिजली के कट लगाए जाते हैैं।<br /><strong>- मोहम्मद अफजल, स्थानीय निवासी</strong><br /><br /><strong>नहीं आ रहा पानी</strong> <br />वार्ड क्षेत्र में लंबे समय से पानी सप्लाई कि समस्या भी बनी हुई है। पिछले चार दिनों से वार्ड क्षेत्र में पानी सप्लाई नहीं हुआ है। जलदाय विभाग के अधिकारी पानी अधिक होने का हवाला देते हैं और कहते हैं की पानी बहुत ज्यादा हैं, जिसकी वजह से पानी फिल्टर नहीं हो पाता। वार्ड क्षेत्र में 5 हजार से अधिक की जनसंख्या है। स्थानीय लोग पानी के लिए दर-दर भटक रहे है।<br /><strong>-संतोष सिंह, स्थानीय निवासी</strong><br /><br /><strong>खोद रखे हैं गड्ढे</strong><br />आरयूआईडीपी ने वार्ड क्षेत्र में जगह-जगह गहरे गड्ढें खुदवाकर छोड़ दिए है। कार्य बहुत ही धीमीं गती से हो रहा है। इससे वार्ड के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन गड्ढों के कारण वार्ड क्षेत्र में रोजान हादसे होते है, लेकिन इसकी और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।<br /><strong>- शिवांगिनी सोनी, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Jul 2022 14:40:46 +0530</pubDate>
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