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                <title>कोटा की लड़कियों की भी तूती बोलती है नेटबॉल में </title>
                                    <description><![CDATA[ कोटा की लगभग 500 लड़कियां नेटबॉल खेल चुकी हैं और इनमें से कई शारीरिक शिक्षक बनकर दूसरे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही है। कोटा की लगभग 125 बेटियों ने राष्टÑीय स्तर पर हुई नेटबॉल प्रतियोगिता में भाग लिया है और 300 से ज्यादा ने राज्य स्तर पर शहर का प्रतिनिधित्व किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-girls-also-specialize-in-netball/article-42052"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/666-copy14.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। एक जमाना हुआ करता था जब खेलों में अधिकांशत: लड़कों की ही तूती बोलती थी लेकिन जैसे-जैसे समय गुजरा महिलाओं या लड़कियों ने भी खेलों में रूचि दिखाना प्रारम्भ किया और धीरे-धीरे ये साबित कर दिया कि वो भी लड़कों से कम नहीं है। कोटा में भी यही हालात रहे हैं। यहां भी पहले अधिकतर खेलों में लड़कों की ही भागीदारी ज्यादा होती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। नेटबॉल की ही बात करें तो कोटा की बेटियों ने राज्य ही नहीं बल्कि राष्टÑीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी हैं और शहर का नाम चमकाया है। कोटा इस खेल को अब लगभग 500 लड़कियां खेल चुकी हैं और इनमें से कई तो अब शारीरिक शिक्षक बनकर दूसरे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही है। कोटा की लगभग 125 बेटियों ने राष्टÑीय स्तर पर हुई नेटबॉल प्रतियोगिता में भाग लिया है और 300 से ज्यादा ने राज्य स्तर पर शहर का प्रतिनिधित्व किया है। वर्तमान समय में कोटा की लगभग 3 दर्जन लड़किया नेटबॉल का अभ्यास कर रही हैं और मैदान पर जमकर पसीना बहा रही है।  कोटा की इन नेटबॉल खेलने वाली बेटियों को प्रशिक्षण देने वाले बताते हैं कि अब तक हुई प्रतियोगितओं और प्रैक्टिस के दौरान मैदान पर इन लड़कियों का जुनून देखकर ऐसा लगता है कि ये हर हाल में सिर्फ और सिर्फ जीत ही चाहती हैं। कई लड़कियों ने इस खेल को ही अपना करियर बना लिया है। ये लड़कियां नयापुरा स्टेडियम के अलावा शहर में संचालित होने वाले कई निजी और सरकारी स्कूलों में अभ्यास कर रही हैं। प्रशिक्षक बताते हैं कि इन लड़कियों को आगे बढ़ने में इनकी मेहनत और हमारे प्रशिक्षण के साथ इनके परिजनों का सहयोग हैं जो हर हाल में अपनी बेटी को जीतना और आगे बढ़ता देखना चाहते हैं। प्रशिक्षक कहते हैं कि नेटबॉल में अपना करियर बनाने की चाहत रखने वाली इन लड़कियों को अभ्यास के दौरान सरकार की ओर से कोई सुविधा नहीं मिलती हैं। अगर इनको उचित सरकारी प्रोत्साहन मिले तो ये कोटा की बेटियां हर स्तर पर अपनी छाप छोड़ने की ताकत रखती है। </p>
<p><strong>इनका कहना हैं...</strong><br />कोटा की लड़कियां नेटबॉल में खूब मेहनत करती आई हैं। ये लड़कियां काफी आगे तक बढ़ने का माद्दा रखती हैं। इस खेल में लड़कियों का भविष्य बहुत अच्छा हैं। लड़कियों को माता-पिता भी खूब सपोर्ट करते हैं। यहा की सैकड़ों लड़कियां स्टेट खेल चुकी है। <br /><strong>-फिरोज खान, सचिव, कोटा जिला नेटबॉल एसोसिएशन। </strong></p>
<p>लगभग 2 साल से खेल रही हंू। गवर्मेंट कॉलेज या यूनिवर्सिटी के पास बने मैदान पर हम अभ्यास करते हैं। रोजाना 2 से तीन घंटे इस खेल का अभ्यास करती हंू। इंटरयूनिवर्सिटी और स्टेट खेल चुकी हंू। माता-पिता का बहुत अच्छा सपोर्ट है। इस खेल में और अधिक मेहनत कर मेडल जीतना चाहती हंू। <br /><strong>-वैष्णवी पारेता, नेटबॉल खिलाड़ी।  </strong></p>
<p>मैं लगभग 5 साल से नेटबॉल खेल रही हंू। हाल ही में यूनिवर्सिटी से हरियाणा में नेशनल खेलकर आई हंू। रोजाना करीब 2 से 3 घंटे अभ्यास करती हंू। प्रैक् िटस का पढ़ाई पर कोई फर्क नहीं पड़ा हैं। उल्टा प्रैक्टिस से मांइड शार्प होता है तो पढ़ाई भी अच्छी होती हैं। परिवार वालों का पूरा सपोर्ट हैं। <br /><strong>-खुशी पारेता, नेटबॉल खिलाड़ी।</strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Apr 2023 14:39:11 +0530</pubDate>
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                <title>नेटबॉल के आसमान में पंख फैला रही बेटियां</title>
                                    <description><![CDATA[ कोटा जिले में अन्य खेलों के साथ-साथ महिला खिलाड़ी नेटबॉल में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए परचम लहरा रही है। जिले में लगातार नेटबॉल महिला खिलाड़ियों की पौध तैयार हो रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/daughters-spreading-their-wings-in-the-sky-of-netball/article-16948"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/net-ball-k-aasman-mei-pankh-...kota-news-30.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। देश में स्पोर्ट्स के क्षेत्र में महिलाओं की भागेदारी बढ़ी है। साथ ही महिलाओं के खेल में शामिल होने से शान बढ़ी हैं। और खेलों में मेडल्स की संख्या भी। कोटा के जेके पवेलियन अंतरराष्टÑीय खेल मैदान में बेटियों को खेल के मैदान में पंख फैलाते हुए देखा जा सकता है। बेटियां नेटबॉल में गेंद डालने का प्रयास तो कहीं कबड्डी में विरोधी को पछाड़ने का जुनून ले रही हैं। स्पर्धा में खेल के प्रति इन बेटियों का इस कदर जोश है कि यह किसी भी कीमत पर सफलता का आसमान छूना चाहती हैं। इसलिए वह खेलों को वह अपना करियर बना रही हैं। महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार भी लगातार कई पहल कर रही है। जिससे महिला खिलाड़ियों को घरेलू और वैश्विक स्तर पर उम्दा प्रदर्शन करने में मदद मिली है। जीवंत और मजबूत राष्टÑ के निर्माण में महिलाओं के योगदान को अब भुलाया नहीं जा सकता। कोटा जिले में अन्य खेलों के साथ-साथ महिला खिलाड़ी नेटबॉल में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए परचम लहरा रही है। जिले में लगातार नेटबॉल महिला खिलाड़ियों की पौध तैयार हो रही है। स्टेडियम के अलावा शहर में चल रहे तमाम प्राइवेट खेल संस्थानों में भी महिला खिलाड़ियों का ग्राफ बढ़ रहा है। कोटा की सैंकड़ों बेटियों ने नेटबॉल में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्टÑीय व राज्य स्तर पर कोटा को विशेष पहचान दिलाई है। <br /><br /><strong>200 के करीब खिलाड़ी</strong><br />कोटा में नेटबॉल महिला खिलाड़ियों की संख्या 200 के करीब मानी जाती है। पिछलें 2 वर्षों में कोरोनाकाल के कारण अनेक महिला खिलाड़ियों ने खेलना छोड़ दिया। लेकिन अब फिर से महिला खिलाड़ियों की टीम तैयार हो रही है। कोटा में महिला नेटबॉल खिलाड़ियों के 5 क्लब है। नेटबॉल को बढ़ावा देने के  लिए जिला नेटबॉल संघ द्वारा अथक प्रयास किए जा रहे है। <br /><br /><strong>राज्य स्तर की महिला खिलाड़ी</strong><br />सविता रावत, दीक्षिता वर्मा, अनुभूति चतूर्वेदी, सरिता स्वामी, निरवत खानम, खुशबु जैन, गरिमा, प्रियंका कुमारी सहित अनेक महिला खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर कोटा का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल्ड व सिल्वर मेडल हासिल किए हैं।<br /><br /><strong>मिल रहा है बढ़ावा</strong><br />नेटबॉल में सरकार व खेल विभाग के प्रयासों से लगातार बेटियों को बढ़ावा मिल रहा है। यही वजह है की अब खेलों में बेटियां बढ Þचढ़कर भाग ले रही हैं। इसके साथ ही अब बेटियों को परिवार का सहयोग मिल रहा है। पहले लड़कियों को खेलने के लिए घर से बाहर नहीं भेजा जाता था। जिसकी वजह से वह आगे नहीं बढ़ पाती थी। बालिका शिक्षा के साथ-साथ खेलों को बढ़ावा मिल रहा है।<br /><strong>- कविता सेन, कोच</strong> <br /><br /><strong>मिल रही है मंजिल</strong> <br />खेलों में नाम और शोहरत दोनों हैं। इसलिए लड़कियां ग्राउंड पर दिन रात मेहनत करती है। कोटा में ऐसी अनेक खिलाड़ी है, जिन्होंने खेलों के माध्यम से अपनी मंजिल हासिल की है। मुझे राष्टÑीय स्तर का खिलाड़ी बनना है और यह मेरा सपना है। मैं अपने सपने को सच करके रहंूगी। खेलों को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर लगातार आयोजन होते रहने चाहिए। यह आयोजन खिलाड़ियों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।<br /><strong>- मरजीना, खिलाड़ी    </strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Jul 2022 14:44:09 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा में नेटबॉल के 8 क्लब, तीन सौ खिलाड़ी </title>
                                    <description><![CDATA[ कोटा के युवा खिलाड़ी अब अन्य खेलों के साथ-साथ नेटबॉल में भी अपना हुनर देश-दुनियां को दिखा रहे हैं। पिछले 5 वर्षों में कोटा के अनेक युवा खिलाड़ियों ने नेटबॉल में अच्छा प्रदर्शन करते हुए राष्टÑीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/8-clubs-of-netball-in-kota--three-hundred-players/article-16733"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/kota-mei-netball-k-8-club,,kota-news-29.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। पहले समय में कहा जाता था कि पढ़ाई करने से बच्चे का भविष्य सुधरता है। लेकिन खेल कूदने से बच्चा कहीं का नहीं रहता। इसी कारण माता-पिता अपने बच्चों को खेल से दूर रखते थे। अब जमाना बदल चुका है। अब खेल कूद के जरिए भी बच्चों का भविष्य बन सकता है। वे इस क्षेत्र में भी नाम कमा सकते हैं। अब पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब...खेलोगे कूदोगे बनोगे लाजवाब का समय आ गया है। इसी वजह से आज के युवा खेलों की और बढ़ रहे हैं,और खेलों के जरिए लाजवाब बन रहे हैं। कोटा जिला नेटबॉल के अध्यक्ष किशोर मदानी का कहना है की कोटा के युवा खिलाड़ी अब अन्य खेलों के साथ-साथ नेटबॉल में भी अपना हुनर देश-दुनियां को दिखा रहे हैं। पिछले 5 वर्षों में कोटा के अनेक युवा खिलाड़ियों ने नेटबॉल में अच्छा प्रदर्शन करते हुए राष्टÑीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। युवाओं का कारवां धीरे-धीरे नेटबॉल की और बढ़ रहा है।<br /><br /><strong>नेशनल व स्टेट खेलने वाले खिलाड़ी</strong><br />कोटा नेटबॉल के नेशनल खिलाड़ी संस्कार सोनी ने नेटबॉल में नेशनल स्तर पर गोल्ड मेडल हासिल कर पहचान बनाई है। इसके साथ ही आशीष सिंह, प्रतीक अलरेजा, विजेन्द्र सिंह, तन्मय गर्ग, मनन भार्गव, यश कालरा, मानवेन्द्र सिंह, दिव्यांश गुप्ता, फिरोज खान सहित अनेक सहित कई खिलाड़ी है जो स्टेट लेवल पर खेल रहे हैं।<br /><br /><strong>8 क्लब कोटा में</strong> <br />कोटा में नेटबॉल के 8 क्लब है। जिनमें करीब तीन सौ से ज्यादा खिलाड़ी है। कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद इन खिलाड़ियों में मैदानों में जाकर अभ्यास करना शुरू कर दिया है। खिलाड़ी लगातार पसीना बहा रहे हैं। जेके पवेलिन में अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों का कहना है की अभ्यास करने मैदान में नहीं जाएगें तो फिटनेस पर असर पड़ेगा। पिछले दो वर्षों से भले ही कोई प्रतियोंगिता नहीं हुई हो लेकिन उन्होंने अभ्यास करना नहीं छोड़ा।<br /><br /><strong>पढ़ाई के साथ खेल जरुरी</strong> <br />युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों की ओर भी ध्यान देना चाहिए। खेलने कूदने से शारीरिक और मानसिक विकास होता है। आजकल युवाओं पर पढ़ाई का बोझ ज्यादा है, जिसकी वजह से वह तनाव में रहते हैं। आज के समय में खेलों को पढ़ाई के बराबर महत्व दिया जाता है। कोटा में लगातार नेटबॉल को बढ़ावा मिला है। जिसकी बदौलत अनेक खिलाड़ियों ने नेशनल लेवल पर पहचान बनाई है।<br /><strong>-संस्कार सोनी, नेशनल प्लेयर</strong><br /><br />कोटा में नेटबॉल को लगातार खेलों को बढ़ावा मिल रहा है। इसके लिए जिला नेटबॉल संघ लगातार कार्य कर रहा है। कोरोना वायरस के चलते पिछले दो वर्षों से कोई प्रतियोगिता नहीं हुई। अभी कॉलेज स्तर की टीम स्टेट लेवल प्रतियोगिता के लिए अभ्यास कर रही है। कोटा में जल्द जिला स्तरीय नेटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन होगा।<br /><strong>-आबिद खान, कोच</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Fri, 29 Jul 2022 14:45:31 +0530</pubDate>
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