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                <title>असर खबर का - खस्ताहाल सड़क : ग्रामीणों ने की मतदान बहिष्कार की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[एक माह पूर्व ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर सांगोद उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---dilapidated-road--villagers-announced-voting-boycott/article-59297"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/khastahaal-sadak---gramino-ne-ki-matdaan-bahishkar-ki-ghoshana...sangod,-kota-news-11-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>सांगोद। दैनिक नवज्योति में गत 19 सितंबर को मंडाप पंचायत के देगनिया से झोंपड़िया गांव तक सड़क नहीं होने की खबर प्रकाशित होने के बाद मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारी देगनिया पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से बात की। जानकारी के अनुसार दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद ग्रामीणों ने विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करने की चेतावनी जारी कर दी थी। जिससे प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने देगरिया के ग्रामीणों से समझाइश की। मगर ग्रामीण नहीं माने और सड़क बनवाने की अपनी मांग पर अड़े रहे।</p>
<p>सरपंच रामप्रसाद गुर्जर ने बताया कि एक माह पूर्व ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर सांगोद उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया था। लेकिन मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा कर दी। जिस पर मंगलवार को सांगोद तहसीलदार कृष्ण सिंह राजावत, बीडीओ इमाम मजहर, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन पीआर मीणा आदि अधिकारी देगनिया पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से समझाइश की। मगर ग्रामीणों ने सहमति नहीं जताई। ग्रामीणों ने बताया कि जब तक सड़क नही बनेगी तब तक आने वाले चुनावों का बहिष्कार करेंगे और मतदान भी नहीं करेंगे। सांगोद उपखंड के मंडाप पंचायत के देगनिया से झोपड़िया तक सड़क नहीं होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। मंडाप सरपंच रामप्रसाद गुर्जर ने बताया कि ग्रामीणों ने कुछ दिन पूर्व भी सड़क निर्माण के लिए सांगोद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। मगर कोई समाधान नहीं हुआ तो देगनिया गांव के ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। इस पर सांगोद तहसीलदार कृष्ण सिंह राजावत, बीडीओ इमाम मजहर, पीडब्ल्यूडी एक्सन पीआर मीणा समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने ग्रामीणों से समझाइश की। मगर ग्रामीण नहीं माने। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन पीआर मीणा ने बताया कि मौके पर जाकर देखा तो ग्रामीण खेतों तक जाने के रास्ते की मांग कर रहे थे। प्रस्ताव बना हुआ है। आचार संहिता लागू होने के कारण कोई भी विकास कार्य नहीं हो सकेगा। जो भी कार्य होंगे वह चुनाव के बाद ही होंगे। वहीं मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सड़क नहीं बनेगी तब तक ग्रामीण चुनावों का बहिष्कार करेंगे। कोई भी मतदान करने नहीं जाएगा। </p>
<p><strong>कीचड़ भरी सड़क पर गिरने से टूटी रीढ़ की हड्डी</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिनों पहले एक व्यक्ति की कीचड़ भरी सड़क में गिरने से रीढ़ की हड्डी में काफी चोट लगी थी। अभी तो बरसात का मौसम भी नहीं है। बिना बरसात के ही सड़क में कीचड़ भरा हुआ है। बरसात में तो हालात और विकट हो जाएंगे। ग्रामीणों ने कोटा जिला कलक्टर से रास्ते का मौका देखने की मांग की है। मौके पर ग्राम विकास अधिकारी पंकज खंडेलवाल, हल्का पटवारी, कनिष्ठ सहायक रामकरण नायक आदि मौजूद रहे।</p>
<p>कुछ दिनों पहले 150 ग्राम वासियों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया था। लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। स्वीकृति जारी होने की भी सूचना है। लेकिन अभी तक सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। गांव में करीब 800 वोटर हैं। जिन्होंने मतदान का बहिष्कार ेकरने की घोषण कर दी है। <br /><strong>- रामप्रसाद गुर्जर, सरपंच, ग्राम पंचायत मंडाप </strong></p>
<p>ग्रामीण खेत तक जाने के रास्ते की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों से समझाइश की। मगर ग्रामीण नहीं माने। जो भी कार्य होंगे चुनाव के बाद होंगे।<br /><strong>- पीआर मीना, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Oct 2023 18:40:03 +0530</pubDate>
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                <title>कलम का कुआ गांव में नवजीवन योजना के बाद नहीं हुआ विकास कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[कस्बे में अभी से ही ग्रामीणों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है।केवल वोटिंग के समय जनप्रतिनिधि आते हैं तथा जीतने के बाद गांव की सुध तक नहीं लेते ऐसी स्थिति के चलते गांव में जगह-जगह टूटी हुई सड़कें तथा खरंजो पर भरा गंदला पानी पेयजल की अनुपलब्धता बेरोजगारी की समस्या नाली निर्माण छोटे बालकों के लिए आंगनबाड़ी भवन सामुदायिक भवन निर्माण चिकित्सा सुविधा की समस्या से सामना करना पड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kalam-ka-kua-village-did-not-have-development-work-after-navjeevan-yojana/article-31311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/kalam-ka-kua-gaon-mei-navjeevan-yojna-ke-baad-nahi-hua-vikas-karya...mandana-news-kota..2.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>मंडाना। विकास नही तो मतदान नहीं यह बात गुरुवार को कलम का कुआ गांव में ग्रामीणों ने कही। वर्ष 2014 में नवजीवन योजना के बाद कलम का कुआ गांव में न कि बराबर विकास कार्य हुआ, ग्रामीणों ने कहा आगामी चुनाव का  बहिष्कार करेंगे। ग्राम पंचायत कोलाना क्षेत्र के कलम का कुआं गांव के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं। वही ग्राम पंचायत प्रशासन व जनप्रतिनिधि भी उनकी सुध नहीं ले रहे हैं। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। जगह जगह टूटी हुई सड़कें, पेयजल की अनुपलब्धता व रोजगार की समस्या से ग्रामीण ग्रसित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मतदान के समय वोट लेने के लिए जनप्रतिनिधि चले आते तथा जीतने के बाद उनको समस्या बताते हैं तो उस पर कोई अमल नहीं होता केवल आश्वासन ही मिलता है परंतु गांव में कोई विकास कार्य नहीं होता ऐसी स्थिति के चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि कोलाना पंचायत क्षेत्र के  कलम का कुआं गांव में लगभग 400 घरों की बस्ती है। यहां वर्ष 2014 में नवजीवन योजना के तहत सड़क निर्माण किया गया था परंतु अब सड़क की हालत यह है कि जगह-जगह इसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं तथा सड़कें टूट गई है। ऐसी स्थिति में कई लोग इनमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यहां तक की कुछ लोगों की मौत भी हो गई है।  </p>
<p>वही कस्बे में अभी से ही ग्रामीणों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। महिला प्रेम बाई, अनीता, गायत्री बाई, गीता नंदू बाई, मीराबाई बच्ची बाई सहित कई महिलाओं ने बताया कि यहां जलदाय विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुछ ही स्थानों पर पाइप लाइन बिछाई गई है परंतु उस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां तक कि सार्वजनिक पॉइंट्स में भी पानी तक नहीं आता तथा सुबह से शाम पेयजल जुटाने में बीत जाता है तथा दूर दराज से पेयजल लाकर काम चलाना पड़ रहा है। अभी सर्दी में भी पेयजल की समस्या गहरा रही है। दूरदराज से पानी लाते लाते पीठ में दर्द होने लगता है तथा मजदूरी छूट जाती है। ग्रामीणों ने विभाग से अविलंब इस योजना में पेयजल आपूर्ति की मांग की है अखिल भारतीय बंजारा उत्थान समिति कोटा संभाग के अध्यक्ष रूप सिंह बंजारा ने बताया कि कलम कुआं गांव के वाशिंदों की स्थिति ठीक नहीं है यहां केवल वोटिंग के समय जनप्रतिनिधि आते हैं तथा जीतने के बाद गांव की सुध तक नहीं लेते ऐसी स्थिति के चलते गांव में जगह-जगह टूटी हुई सड़कें तथा खरंजो पर भरा गंदला पानी पेयजल की अनुपलब्धता बेरोजगारी की समस्या नाली निर्माण छोटे बालकों के लिए आंगनबाड़ी भवन सामुदायिक भवन निर्माण चिकित्सा सुविधा की समस्या से सामना करना पड़ रहा है। बंजारा का कहना है कि समस्याओं के बताने के बावजूद भी जनप्रतिनिधि हमारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। आगामी चुनाव में किसी भी पार्टी को मत नहीं दिया जाएगा बंजारा की सरकार से मांग है कि बंजारा समाज के लिए नवजीवन जैसी योजनाएं फिर से शुरू करें ताकि समाज के लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिले तथा बेरोजगार युवकों को रोजगार के अवसर प्रदान हो इस अवसर पर गोपाल सुरावत रमेश बंजारा बंटी बंजारा महेंद्र बंजारा सहित कई लोगों ने पंचायत प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।</p>
<p> ग्रामीणों के द्वारा कोई भी समस्या से अवगत नही कराया गया है फिर भी  गांव के लिए 15 लाख के विकास कार्य कराये जाएंगे व पेयजल व सड़क की समस्या का समाधान भी कराया जाएगा। <br /><strong>- नईमुद्दीन गुड्डू, प्रधान, लाडपुरा।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Dec 2022 14:32:13 +0530</pubDate>
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                <title>आकेड़ा डूंगर इंडस्ट्रियल एरिया में क्षतिग्रस्त सड़कें, व्यापारी परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[करोड़ों रुपए लेने के बाद भी नहीं हुआ विकास]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-damaged-roads-in-akera-dungar-industrial-area-traders-upset/article-17323"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/p-2.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। आकेड़ा डूंगर इंडस्ट्रियल एरिया में लोग निजी डवलपर एवं रीको अधिकारियों की आपसी लड़ाई में फंसे हुए हैं। क्षेत्र में जीर्ण-शीर्ण सड़कों की मरम्मत नहीं हो रही है। इसके लिए स्थानीय लोग रीको के अधिकारियों के बार-बार चक्कर काट रहे हैं।  आकेड़ा डूंगर इंडस्ट्रियल एरिया के महासचिव सुनील कुमार जैन एवं सेके्रटेरी निर्मल अग्रवाल ने बताया कि इस क्षेत्र का गठन नताशा हाउसिंग सोसायटी ने किया था। रिको द्वारा नक्शा पास हुआ और फिर रीको ने ही इसकी लीज डीड जारी की। रिको के लीज होल्ड जारी करने के बाद भी इस औद्योगिक एरिया में किसी भी तरह का कोई विकास नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्योगों का बढ़ावा देने के लिए बाहर के व्यापारियों को प्रमोट कर रही है। वहीं रीको के अधिकारी स्थानीय व्यापारियों की सुनवाई तक नहीं करते हैं। इस क्षेत्र में सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढ़े हो गए हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्ट्स व्यापारियों का सामान लाने में आनाकानी करते हैं और लाते भी हैं तो उसके बदले किराया अधिक देना पड़ रहा है। इस संबंध में उन्होंने रीको के अधिकारियों के साथ ही जिला कलेक्टर को भी पत्र लिखकर सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है। <br /><br /><strong>करोड़ों रुपए लेने के बाद भी नहीं हुआ विकास</strong><br />अग्रवाल ने बताया कि रीको व्यापारियों से लीज डीड के करोड़ों रुपए ले चुका है और विकास के नाम पर कुछ भी काम नहीं कराया जा रहा है। आकेड़ा डूंगर इंडस्ट्रियल एरिया में सड़क, बिजली, पानी, नाली, बैंक जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से उद्योग जल्द ही बंद होने के कगार पर हैं। इस क्षेत्र में कई एक्सपोर्ट यूनिटें भी हैं जो करोड़ों रुपए की विदेशी मुद्रा देश के लिए सृजित करती हैं और पांच हजार से अधिक परिवारों को रोजगार मुहैया कराती हैं।<br /><br />रीको इस एरिया को मैंटेन नहीं करता है, इसको एक निजी कम्पनी ने डवलप किया था। ऐसे में निजी कम्पनी को ही इसे मैंटेन करना चाहिए। यदि रीको को इसे डवलप करना है तो अभी ऐसे आदेश नहीं आए हैं। -<strong>महेन्द्र सिंह, सीनियर डीजीएम, रीको, वीकेआई, जयपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Aug 2022 11:38:03 +0530</pubDate>
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