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                <title>Life Imprisonment - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Life Imprisonment RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कोटा कोर्ट का बड़ा फैसला: हत्या के मामले में दस आरोपियों को उम्रकैद</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा की एससी-एसटी कोर्ट ने 7 साल पुराने अभिमन्यु हत्याकांड में 10 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साल 2019 में आपसी रंजिश के चलते आरोपियों ने घर में घुसकर गोली मारकर हत्या की थी। न्यायाधीश मनोज कुमार गोयल ने दोषियों पर 40,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन पक्ष ने 40 गवाहों के जरिए जुर्म साबित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/ten-accused-sentenced-to-life-imprisonment-in-murder-case/article-146277"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/kota.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा शहर की एससी एसटी कोर्ट ने गुरुवार को  एक व्यक्ति की  गोली मारकर  हत्या करने के  सात साल पुराने एक मामले में दस आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी  मेघराज नागर (65) पुत्र गोबरीलाल, कुशराज नागर (34 ) व रामराज नागर (32)पुत्र मेघराज निवासी गलाना,  दिनेश  (35 )पुत्र नन्दकिशोर निवासी बपावर कलां,  भगवान (45)पुत्र रामकुंवार निवासी श्यामपुरा,  नवीन कुमार (44)पुत्र द्वारकीलाल  निवासी बपावर कलां,  ओमप्रकाश खाती  (55)पुत्र मोहनलाल निवासी गलाना, हेमराज  (53 )पुत्र रामचन्द्र निवासी गन्दीफनी,  तीरथराज (37) पुत्र मेघराज धाकड़  निवासी मलाना तथा शेलेन्द्र उर्फ शेलू (25)  पुत्र बालकिशन धाकड़, निवासी गन्दीफली, को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए  चालीस हजार रुपए के अर्थ दंड से भी दंडित किया है।  <br /> <br />विशिष्ट लोक अभियोजक रितेश मेवाड़ा ने बताया कि गलाना निवासी  फरियादी  पंकज  बागरी  पुत्र मथुरालाल बागरी  ने 4 फरवरी 2019 को  पुलिस थाना कैथून में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।  जिसमें बताया था कि  3 फरवरी 2019 की रात करीब 11 बजे वह और उसके परिवार के सदस्य घर पर  सो रहे थे। उसी समय  मेघराज नागर अपने अन्य साथियों के साथ फरियादी  के घर के सामने  से अपशब्द बोलते हुए निकले  और गांव में ही एक स्थान पर एकत्रित हो गए।  मेघराज नागर और उसका पुत्र तीरथराज,  कुशवाह व रामराज  अपने अन्य साथियों के साथ फरियादी के घर आ गए और एक साथ उन लोगो पर हमला कर  परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट की। इस दौरान आरोपी  तीरथराज ने फरियादी के चाचा अभिमन्यु पर गोली चला दी। इसके बाद आरोपियों ने मारपीट की और फरार हो गए। हमले में गंभीर रुप से घायल चाचा और पिता मथुरालाल को  लेकर फरियादी अस्पताल पहुंचा तो वहां फरियादी के  चाचा  की मौत हो गई।</p>
<p> मामले में पुलिस ने  आरोपियों के खिलाफ मारपीट, हत्या के प्रयास व हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और न्यायालय मे चालान पेश  किया था। ट्रायल के दौरान कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की ओर से चालीस गवाहों के बयान दर्ज कराए और कई दस्तावेज पेश किए थे। न्यायाधीश मनोज कुमार गोयल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले दस आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाते हुए चालीस हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 17:40:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>उन्नाव मामला: सुप्रीम कोर्ट में कुलदीप सेंगर की जमानत पर सुनवाई, 'पब्लिक सर्वेंट' की व्याख्या पर तकरार</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने जा रहा है। बता दें कि हाल ही में, 29 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए सेंगर को नोटिस जारी किया था]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/unnao-case-kuldeep-sengars-bail-hearing-in-supreme-court-dispute/article-140226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(6)11.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली: पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने जा रहा है। बता दें कि हाल ही में, 29 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए सेंगर को नोटिस जारी किया था, जिससे उनकी जेल से रिहाई रुक गई थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 दिसंबर को सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित कर दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने कानून के महत्वपूर्ण सवालों को देखते हुए फिलहाल स्थगित रखा है।</p>
<p>आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पॉक्सो की धारा 5 के तहत 'एग्रवेटेड पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट' का मामला बनता है, जिसमें कम से कम 20 साल की सजा का प्रावधान है। सीबीआई ने अपनी याचिका में हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें कहा गया था कि एक विधायक पॉक्सो एक्ट के सेक्शन 5(c) के तहत 'पब्लिक सर्वेंट' की श्रेणी में नहीं आता। दरअसल, सीबीआई का कहना है कि हाई कोर्ट ने एल.के. आडवाणी मामले के मिसाल की अनदेखी की है, जहां निर्वाचित प्रतिनिधियों को लोक सेवक माना गया है। सेंगर एक प्रभावशाली व्यक्ति है और उसकी रिहाई से पीड़िता और उसके परिवार की जान को खतरा हो सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 14:18:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उन्नाव रेप: कुलदीप सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, पिता की मौत मामले में सज़ा निलंबित करने से इनकार</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी, 2026) को उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में बीजेपी से निकाले गए नेता कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई 10 साल की सज़ा को निलंबित करने से इनकार कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-blow-to-unnao-rap-kuldeep-sengar-as-delhi-high/article-140153"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/sengar.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार, 19 जनवरी 2026 को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को राहत देने से मना कर दिया। जस्टिस रविंदर डुडेजा ने सेंगर की 10 साल की सज़ा को निलंबित करने वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा कि राहत का कोई ठोस आधार नहीं है।</p>
<p><strong>अदालत की सख्त टिप्पणी</strong></p>
<p>अदालत ने कहा कि हालांकि सेंगर लंबे समय से जेल में है, लेकिन उसकी अपील पर सुनवाई में देरी का मुख्य कारण खुद उसके द्वारा बार-बार दायर की गई याचिकाएं हैं। ट्रायल कोर्ट ने मार्च 2020 में सेंगर को गैर-इरादतन हत्या (IPC 304) और साजिश रचने का दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई थी। पीड़िता के पिता की 9 अप्रैल 2018 को पुलिस कस्टडी में बर्बर पिटाई के कारण मौत हो गई थी।</p>
<p><strong>सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख</strong></p>
<p>गौरतलब है कि मुख्य दुष्कर्म मामले (नाबालिग से रेप) में सेंगर को उम्रकैद की सजा मिली हुई है। दिसंबर 2025 में हाई कोर्ट ने उस सजा पर रोक लगाई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर 2025 को उस आदेश पर तत्काल रोक लगा दी। अब हाई कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 3 फरवरी 2026 को करेगा। पीड़िता के वकील ने दलील दी कि सेंगर की रिहाई से पीड़ित परिवार की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 18:50:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उम्रकैद की सजा काट रहे गुलशन कुमार के हत्यारे अब्दुल मर्चेंट की जेल में मौत, पुलिस जांच शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र के हर्सूल जेल से बड़ी खबर सामने आ रही है। जेल प्रशासन ने बताया कि अब्दुल रऊफ मर्चेंट का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बता दें कि मर्चेंट टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/gulshan-kumars-killer-abdul-merchant-who-was-serving-life-sentence/article-138865"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/abdul-rauf-death.png" alt=""></a><br /><p>महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के हर्सूल जेल से बड़ी खबर सामने आ रही है। जेल प्रशासन ने बताया कि अब्दुल रऊफ मर्चेंट का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बता दें कि मर्चेंट टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था।</p>
<p>इसके आगे जेल प्रशासन ने बताया कि गुरुवार को मर्चेंट की अचानक तबीयत बिगड़ी जिसके बाद उसे इलाज के लिए छत्रपति संभाजीनगर के घाटी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बता दें कि 1997 के इस चर्चित हत्याकांड में रऊफ मुख्य शूटर था और उसे साल 2002 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। </p>
<p><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 17:08:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>NIA अदालत ने हिजबुल आतंकी साजिश के आरोपी को दी आजीवन कारावास की सजा, जांच जारी</title>
                                    <description><![CDATA[एनआईए अदालत ने असम में हिजबुल मुजाहिदीन मॉड्यूल स्थापित करने के आरोपी मोहम्मद कमरुज जमान और दो अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इन पर आतंकी गतिविधियों और भर्ती की साजिश रचने का दोष सिद्ध हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/nia-court-gives-life-imprisonment-to-hizbul-terrorist-conspiracy-accused/article-137868"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/nia-court.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने असम के गुवाहाटी स्थित हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी साजिश मामले के एक प्रमुख आरोपी को दोषी ठहराया और उसे साधारण कारावास की सजा सुनाई। यह जानकारी एनआईए अधिकारियों ने बुधवार को दी।</p>
<p>एनआईए अदालत ने मंगलवार को आरोपियों मोहम्मद कमरुज जमान, डॉ. हुरैरा और कमरुद्दीन को अलग-अलग साधारण कारावास की सजा सुनाई गई, जिसमें अधिकतम सजा आजीवन कारावास है।</p>
<p>ये सजाए एक साथ-साथ चलेंगी, जिनमें यू.ए.(पी) अधिनियम, 1967 की धारा 18 के अंतर्गत आजीवन कारावास और यू.ए.(पी) अधिनियम, 1967 की धारा 18बी के अंतर्गत, धारा 120बी आईपीसी के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 38 और यू.ए.(पी) अधिनियम के अंतर्गत पांच-पांच साल का साधारण कारावास की सजा शामिल है।</p>
<p>अदालत ने तीनों आरोपियों को 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और जुर्माना नहीं भरने पर तीन महीने की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा का भी आदेश दिया।</p>
<p>असम के होजाई जिले के जमुनामुख में केस संख्या आरसी 08/2018/एनआईए-जीयूडब्ल्यू, कामरुज जमान द्वारा 2017-18 के दौरान आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए असम में प्रतिबंधित हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन का एक मॉड्यूल स्थापित करने की साजिश से संबंधित है।</p>
<p>इस साजिश का उद्देश्य लोगों में दहशत फैलाना था। एनआईए की जांच के अनुसार, कामरुज ने इस उद्देश्य के लिए आरोपी शाहनवाज आलम, सैदुल आलम, उमर फारूक और अन्य लोगों को भर्ती किया था। एनआईए ने मार्च 2019 में उपर्युक्त चार लोगों सहित पांच लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। शाहनवाज आलम, सैदुल आलम और उमर फारूक ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद उन्हें दोषी ठहराया गया जबकि पांचवें आरोपी जैनाल उद्दीन की मुकदमे की सुनवाई के दौरान बीमारी से मौत हो गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/nia-court-gives-life-imprisonment-to-hizbul-terrorist-conspiracy-accused/article-137868</link>
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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 13:11:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी युवक को आजीवन कारावास</title>
                                    <description><![CDATA[अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मातादीन शर्मा ने बताया की पीडिता के पिता ने 11 मई, 2019 को भांकरोटा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>जयपुर। पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 महानगर द्वितीय ने नाबालिग को डरा धमकाकर दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त बाबूलाल जाट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर साठ हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पीठासीन अधिकारी विकास कुमार खंडेलवाल ने अपने आदेश में कहा कि वर्तमान में नाबालिगों के प्रति ऐसे अपराध बढ रहे हैं। ऐसे में अभियुक्त के प्रति नरमी का रुख नहीं अपनाया जा सकता। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मातादीन शर्मा ने बताया की पीडिता के पिता ने 11 मई, 2019 को भांकरोटा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया कि अभियुक्त उनके किराए पर रहता था। उसकी 16 साल की बेटी 6 अप्रैल की रात करीब एक बजे टॉयलेट के लिए उठी थी। इस दौरान अभियुक्त उसे जबरन अपने कमरे में ले गया और गेट बंद कर छेड़छाड़ करने लगा। तभी पीड़िता के चाचा ने आवाज सुनकर अभियुक्त के कमरे को खुलवाया। इस दौरान अभियुक्त उसे धमकी देकर भाग गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Jun 2025 11:41:23 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बुजुर्ग महिला की हत्या के दोषी को उम्रकैद, बीच बचाव करने आई बुजुर्ग महिला पर किया था डंडे से वार</title>
                                    <description><![CDATA[ बुजुर्ग महिला की सिर पर डंडा मार कर हत्या करने के मामले में सोमवार को एडीजे (महिला उत्पीडन) क्रम  दो के न्यायाधीश ने  नोनेरा निवासी आरोपी  रामहेत (30) को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सुनाई ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/life-imprisonment-to-the-accused-of-killing-an-elderly-woman/article-114668"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(2)27.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बुजुर्ग महिला की सिर पर डंडा मार कर हत्या करने के मामले में सोमवार को एडीजे (महिला उत्पीडन) क्रम  दो के न्यायाधीश ने  नोनेरा निवासी आरोपी  रामहेत (30) को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सुनाई और 21 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। इस मामले में अन्य आरोपी बालमुकंद और हरिप्रकाश को संदेह  का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया है।</p>
<p>अपर लोक अभियोजक रामेत कुमार सैनी ने बताया कि 10 मई 2020 को परिवादी ने कोटा जिले के इटावा पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि उसके घर पर शराब पार्टी चल रही थी। वहां पर उसका दोस्त रामहेत डंडा लेकर आया और आते ही उसके साथ झगड़ा कर डंडे से वार किया।  इस दौरान  बीच बचाव करने उसकी मां बद्री बाई  (68)  आई।  आरोपी रामहेत ने उनके सिर पर भी डंडे से वार किया और भाग गया। घायल होने पर मां को अस्पताल  ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपी रामहेत, बालमुकंद, हरिप्रकाश को दोषी मानते हुए गिरफ्तार कर  न्यायालय में चालान पेश किया । न्यायालय में 18 गवाहों के बयान अभियोजन पक्ष की ओर से करवाए । न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी रामहेत कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 21 हजार रुपए का जुमार्ना लगाया । </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 May 2025 18:46:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सात साल पुराने हत्या के  मामले में चार दोषियों को उम्रकैद </title>
                                    <description><![CDATA[1 जुलाई 2018 को परिवादी  ने पुलिस थाना उद्योग नगर में  रिपोर्ट दी थी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/life-imprisonment-to-four-accused-in-a-seven-year-old-murder-case/article-114351"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । हत्या के मामले में एडीजेक्रम संख्या एक महिला उत्पीड़न कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी निजाम उर्फ निजामुद्दीन (43)पुत्र सलीम मोहम्मद निवासी मक्का मस्जिद के पास इन्द्रा गांधी नगर डीसीएम, सिराज (35)पुत्र मोहम्मद सलीम उम्र  निवासी मक्का मस्जिद के पास इन्द्रा गांधी नगर डीसीएम, लोकेन्द्र सिंह (26)पुत्र महावीर सिंह निवासी केशोली थाना कनवास जिला कोटा ,हाल निवास  प्रेम नगर द्वितीय तेजाजी चौक तथा आदिल खान (24) पुत्र   अशफाक हुसैन  निवासी गोविन्द नगर थाना उद्योग नगर पर  साढ़े 11 हजार  रुपए का जुमार्ना भी लगाया । न्यायालय ने आरोपियों को धारा-364, 302/34, 323/34, 341 भारतीय दंड संहिता के आरोपों में दोषसिद्ध माना है। </p>
<p>विशिष्ट लोक अभियोजक बलिराम मीणा व एडवोकेट नीलकमल यादव ने बताया कि 1 जुलाई 2018 को परिवादी अली रंगरेज ने पुलिस थाना उद्योग नगर में  रिपोर्ट दी थी जिसमें बताया था कि  उसके  भांजे जाकिब को एक  जुलाई की सुबह 10 बजे डीसीएम चौराहे से निजाम खान व उसका भाई सिराज खान दोनों मोटर साईकिल पर बैठाकर गोविंद नगर सामुदायिक भवन ले गए। वहां दोनों भाईयों व उनके अन्य चार-पांच साथियों ने लोहे के पाईपों से मारपीट की, जिससे  उसके भांजे के हाथ, पैर व मुंह पर गंभीर चोटें आई तथा खून निकल आया, वह चल भी  नहीं पा रहा।  परिवादी के पास निजाम ने फोन किया और बताया कि उसके  भांजे को जान से मार देंगे और परिवादी को भी मारने की धमकी दी। इस पर परिवादी आमिन भाई के साथ गोविंद नगर चौराहे पर पहुंचा तो निजाम, उसके भाई सिराज व उनके साथियों ने परिवादी के साथ भी मारपीट कर भाग गए। शाकिब की 8 जुलाई 2018 को अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। </p>
<p>पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान  किया।  पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाहों के बयान करवाए । मामले में न्यायालय ने आरोपी निजाम उर्फ निजामुद्दीन, आदिल खान, सिराज एवं लोकेंद्र सिंह को  दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और साढ़े 11 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 16:48:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मां-बेटे की निर्मम हत्या के आरोपी को उम्रकैद, मृतका और आरोपी के बीच थी पहले से जान पहचान </title>
                                    <description><![CDATA[आरोपी और मृतका दोनों एक जगह के निवासी थे और उनकी जान पहचान पहले से थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/life-imprisonment-to-the-accused-of-brutal-murder-of-mother-and-son/article-113220"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtr1er-(1).png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  मां-बेटे की गोली मारकर हत्या करने के करीब सात साल पुराने मामले में मंगलवार को न्यायाधीश सत्यनारायण व्यास जिला सेशन एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को  दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मुरैना (मप्र)निवासी आरोपी चंद्रकांत पाठक उर्फ दिलीप पर जुमार्ना भी लगाया है। आरोपी ने सोहनी पाराशर और उसके पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी और फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। </p>
<p>लोक अभियोजक एडवोकेट मनोजपुरी ने बताया कि 21 जनवरी 2018 को चौपड़ा फार्म  गली नंबर दो  निवासी परिवादी नीरज  पाराशर  ने थाना भीमगंजमंडी पुलिस थाने में रिपोर्ट दी । जिसमें बताया था कि वह 21 जनवरी को सुबह करीब साढ़े छह बजे बाजार सब्जी लेने गया था। घर पर उसकी पत्नी सोहनी  पाराशर  और बेटा पीयूष  थे।  सब्जी लेकर पांच मिनट बाद जब पत्नी को फोन किया तो पत्नी ने फोन नहीं उठाया इस पर सीधा घर आया तो देखा बेटा पीयूष दरवाजे के बाहर ख्रून में लथपथ पड़ा था और पत्नी सोहनी बैड पर खून से लथपथ पड़ी हुई थी। इसके बाद जोर से चिल्लाया तो मोहल्ले के लोग एकत्रित हो गए व पुलिस आ गई थी।  किसी ने उसकी पत्नी और बेटे की गोली मार दी थी।  दोनों को एमबीएस अस्पताल लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज करके  आसपास के सीसीटीवी फुटेज चैक किए , फरियादी से पूछताछ और होटलों को चेक किया गया। एक सीसीटीवी में आरोपी चंद्रकांत पाठक 21 जनवरी को कोटा आने और होटल में टहलता दिखाई दिया था। पुलिस होटल में गई तो पता चला कि वह चला गया।  पुलिस ने आरोपी चंद्रकात पाठक  को 23 जनवरी को गिरफ्तार किया । <br />   <br /><strong> मृतका और आरोपी के बीच थी पहले से जान पहचान  </strong><br />अनुसंधान के दौरान सामने आया  कि आरोपी और मृतका दोनों एक जगह दत्तापुर के निवासी थे और उनकी जान पहचान पहले से थी।  मृतका सोहनी की शादी उसके घर वालों ने कोटा में पीड़ित के साथ कर दी थी। इसके बाद भी वह उसके संपर्क में था। जिसके चलते आरोपी मृतका को पूर्व में अपने साथ बिलासपुर ले गया था जहां दोनों डेढ़ महीने तक साथ रहे । उसके बाद मृतका अपने पति व बच्चें के पास वापस कोटा आ गई । जो चंद्रकांत पाठक  को नागवार गुजरा और उसने 21 जनवरी को उसकी और उसके पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी । पुलिस ने आरोपी को  दोषी मानते हुए न्यायालय में चालान पेश किया था। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की और से 43 गवाहों के बयान करवाए गए। न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा से दंडित करते हुए 60 हजार 500 रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 May 2025 17:07:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>छोटे भाई की हत्या के मामले में बड़े भाई और तीन भतीजों को उम्रकैद </title>
                                    <description><![CDATA[गुलाबचंद  ने अपने भाई रामनारायण को जमीन पर कब्जा करने से मना किया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/life-imprisonment-to-elder-brother-and-three-nephews-in-case-of-murder-of-younger-brother/article-89513"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/pze-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  झालावाड़ जिले के ग्राम ढाबा में सवा साल पहले जमीनी विवाद में बड़े भाई  ने  अपने तीन पुत्रों के साथ मिलकर अपने छोटे भाई  की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी। इस मामले में मंगलवार को एडीजे अकलेरा के न्यायाधीश ने आरोपी बड़े भाई रामनारायण और उसके तीनों  पुत्रों बीरम, धनरूप सिंह, धारा सिंह को गुलाबचंद की हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाते हुए जुर्माना भी लगाया है। <br /> <br />अकलेरा अपर लोक अभियोजक नेमीचंद यादव ने बताया कि मामले में 4 अप्रैल 2023 को ग्राम ढाबा निवासी फरियादिया मनोहर बाई मीणा पत्नी गुलाब चंद मीणा ने पुलिस थाना घाटोली जिला झालावाड़ में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि उसके घर के पास जमीन छूटी हुई थी जिस पर उसका जेठ रामनारायण मीणा  कब्जा करना चाहता था। जब रामनारायण अपने लड़के बीरम, धनरूप, धारा सिंह के साथ  उसके घर के सामने खाली जमीन पर कब्जा कर रहे थे। उसके पति गुलाबचंद ने अपने भाई रामनारायण को जमीन पर कब्जा करने से मना किया तो उस समय वे चले गए थे। गुलाबचंद की भैंस कहीं चली गई थी तो पति गुलाबचंद भैंस को तलाश करने के लिए चला गया। अगले दिन सुबह सात-आठ बजे घर आया तो उसका जेठ रामनारायण और उसके लड़के बीरम, धनरूप, धारासिंह ने उसके पति गुलाब चंद के साथ मारपीट की। पति की आवाज सुनकर वह गई तो देखा कि रामनारायण ने उसके पति पर कुल्हाड़ी से वार किया। इस दौरान उसकी जेठानी धन्नी बाई दूर से देख रही थी।  भतीजे बीरम ने उसके पति गुलाबचंद को पकड़ लिया था  और धारासिंह, धनरूप ने छाती में कुल्हाड़ी से कई वार किए और फरार हो गए।</p>
<p>पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि पति गुलाबचंद गंभीर रूप से घायल हो गए थे वह उन्हें स्थानीय अस्पताल लेकर गई, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था तथा जेल भेज दिया था। अनुसंधान के दौरान सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए न्यायालय एडीजे अकलेरा में चालान पेश किया था। ट्रायल के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की और से 26 गवाहों के बयान करवाए गए तथा कई दस्तावेज पेश किए गए। मामले में न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी रामनारायण  उसके पुत्र बीरम, धनरुप सिंह, धारा सिंह को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा से दंडित किया ।    </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 18:20:44 +0530</pubDate>
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                <title>बंगाल में दुष्कर्म विरोधी विधेयक पेश, फांसी या उम्रकैद तक का प्रावधान</title>
                                    <description><![CDATA[बंगाल विधानसभा में आज दुष्कर्म विरोधी विधेयक पेश किया गया है। जिसमें उम्रकैद या आखिरी सांस तक सजा का प्रावधान किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/anti-rape-bill-introduced-in-bengal-provision-for-death-sentence-or/article-89460"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/mamta-banrji.jpg" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। बंगाल विधानसभा में आज दुष्कर्म विरोधी विधेयक पेश किया गया है। जिसमें उम्रकैद या आखिरी सांस तक सजा का प्रावधान किया गया है। सजा में यह अपराध गैर जमानती भी हो सकता है। बंगाल विधानसभा में यह विधेयक अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून एवं संशोधन) विधेयक 2024 नाम से रखा गया है। </p>
<p>विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा के विशेष सत्र बुलाने पर कहा कि इसके लिए विपक्ष से परामर्श नहीं लिया गया। यह सरकार का एकतरफा फैसला है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 12:39:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>बिलकिस बानो मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दो दोषियों की अंतरिम जमानत याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[उच्चतम न्यायालय ने गुजरात में वर्ष 2002 के दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसके परिवार के कई सदस्यों की निर्मम हत्या के दोषी दो लोगों की अंतरिम जमानत याचिकाएं शुक्रवार को खारिज कर दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/interim-bail-plea-of-%E2%80%8B%E2%80%8Btwo-convicts-serving-life-imprisonment-in/article-85273"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/supreme-court2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुजरात में वर्ष 2002 के दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसके परिवार के कई सदस्यों की निर्मम हत्या के दोषी दो लोगों की अंतरिम जमानत याचिकाएं शुक्रवार को खारिज कर दी।</p>
<p>न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति पी वी संजय कुमार की पीठ ने दोषी राधेश्याम भगवानदास उर्फ लाला वकील और राजूभाई बाबूलाल सोनी की याचिकाओं पर की वैधता पर सवाल उठाते हुए उन पर विचार करने से साफ तौर पर इनकार कर दिया।</p>
<p>पीठ ने याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि यह याचिका क्या है? यह कैसे स्वीकार्य है? बिल्कुल गलत है। हम अपील पर कैसे सुनवाई कर सकते हैं? नहीं, अदालत यहां अपील पर सुनवाई नहीं कर सकती।</p>
<p>दोनों दोषियों ने गुजरात सरकार द्वारा उन्हें सजा में छूट देने के आदेश को खारिज करने के महीनों बाद अंतरिम जमानत के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने ने अपनी याचिकाओं में दलील दी थी कि जब तक इस अदालत द्वारा उनकी छूट से संबंधित याचिकाओं पर नया फैसला नहीं लिया जाता, जब तक उन्हें अंतरिम जमानत दी जाए।</p>
<p>दोनों दोषियों की ओर से पेश अधिवक्ता ऋषि मल्होत्रा ने याचिका वापस लेने की मांग की।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने आठ जनवरी 2024 को गुजरात सरकार के अगस्त 2022 के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें 2002 के गुजरात सांप्रदायिक दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसके परिवार के कई अन्य सदस्यों की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा पाए 11 दोषियों को छूट देने का फैसला किया गया था। शीर्ष अदालत ने तब इन सभी 11 दोषियों को दो सप्ताह के भीतर जेल प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।</p>
<p>गुजरात सरकार ने मई 2022 के फैसले के बाद छूट दी थी, जिसमें शीर्ष अदालत ने कहा था कि छूट के आवेदन पर उस राज्य की नीति के अनुरूप विचार किया जाना चाहिए, जहां अपराध किया गया था, न कि जहां मुकदमा चला था।</p>
<p>दोनों दोषियों ने आठ जनवरी, 2024 के फैसले के बाद अदालत के दो सदस्यीय पीठ के फैसले की वैधता पर सवाल उठाते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसने उनकी समयपूर्व रिहाई को रद्द करने के लिए पिछली संबंधित पीठ के फैसले को खारिज कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jul 2024 13:17:37 +0530</pubDate>
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