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                <title>Taiwan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Taiwan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ताइवान मुद्दे पर चीन की अमेरिका को चेतावनी, जिनपिंग ने कहा-गलत रणनीति दोनों देशों को &quot;संघर्ष&quot; की ओर धकेल सकती है</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग ने डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी कि ताइवान पर गलत रणनीति "संघर्ष" भड़का सकती है। ट्रंप ने शी को "मित्र" बताकर शानदार भविष्य की उम्मीद जताई। चीन ने "थ्यूसीडिडेस ट्रैप" से बचकर प्रतिद्वंद्विता के बजाय साझेदारी और रणनीतिक स्थिरता पर जोर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinas-warning-to-america-on-taiwan-issue-jinping-said/article-153850"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china5.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि ताइवान मुद्दे पर किसी भी प्रकार की गलत रणनीति दोनों देशों को "संघर्ष" की ओर धकेल सकती है। गुरुवार को महाशक्ति शिखर सम्मेलन के तहत हुई बैठक में ट्रंप ने शी जिनपिंग को "महान नेता" और "मित्र" बताते हुए कहा कि दोनों देशों का "भविष्य शानदार" होगा। शी जिनपिंग ने औपचारिक स्वागत समारोह के बीच अपेक्षाकृत सख्त लहजे में यह भी कहा कि दोनों देशों को "प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार" होना चाहिए। उन्होंने शुरुआत में ही ताइवान मुद्दे को चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण विषय बताया।</p>
<p>चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार शी जिनपिंग ने कहा, "ताइवान प्रश्न चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। यदि इसे गलत तरीके से संभाला गया, तो दोनों देश टकराव या यहां तक कि संघर्ष की स्थिति में पहुंच सकते हैं, जिससे पूरे चीन-अमेरिका संबंध अत्यंत खतरनाक स्थिति में चले जाएंगे।" रिपोर्ट के अनुसार, करीब सवा दो घंटे तक चली प्रारंभिक वार्ता के बाद व्हाइट हाउस के जारी आधिकारिक विवरण में ताइवान का कोई उल्लेख नहीं किया गया। इससे संकेत मिला कि दोनों नेता इस मुद्दे पर किसी ठोस सहमति तक नहीं पहुंच सके। ट्रंप की यह यात्रा लगभग एक दशक बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली चीन यात्रा है। भव्य स्वागत समारोह के बावजूद व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव अब भी दोनों देशों के बीच प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।</p>
<p>शी जिनपिंग ने ट्रंप का स्वागत ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में रेड कार्पेट, सैन्य बैंड, तोपों की सलामी और स्कूली बच्चों के स्वागत नारों के साथ किया। ट्रंप ने समारोह के दौरान कहा, "चीन और अमेरिका के संबंध पहले से कहीं बेहतर होने जा रहे हैं।" इसके विपरीत शी जिनपिंग ने प्राचीन यूनानी राजनीतिक सिद्धांत "थ्यूसीडिडेस ट्रैप" का उल्लेख करते हुए कहा कि उभरती शक्ति और स्थापित शक्ति के बीच प्रतिस्पर्धा युद्ध का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा, "क्या चीन और अमेरिका तथाकथित 'थ्यूसीडिडेस ट्रैप' से ऊपर उठकर महाशक्तियों के संबंधों का नया प्रतिमान स्थापित कर सकते हैं? सहयोग दोनों पक्षों के लिए लाभकारी है, जबकि टकराव दोनों को नुकसान पहुंचाता है।"</p>
<p>वर्ष 2017 में ट्रंप की पिछली चीन यात्रा के बाद से दोनों देश व्यापार युद्ध, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और कई वैश्विक मुद्दों पर लगातार मतभेदों में उलझे रहे हैं। ताइवान लंबे समय से दोनों देशों के बीच तनाव का प्रमुख कारण रहा है। अमेरिका "वन चाइना" नीति के तहत केवल बीजिंग को मान्यता देता है, लेकिन अमेरिकी कानून के अनुसार वह ताइवान को आत्मरक्षा के लिए हथियार उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और उसे अपने नियंत्रण में लेने के लिए बल प्रयोग की संभावना से भी इनकार नहीं करता। हाल के वर्षों में उसने ताइवान पर सैन्य दबाव बढ़ाया है। शी की टिप्पणियों के बाद ताइपे ने प्रतिक्रिया देते हुए चीन को क्षेत्रीय शांति के लिए "एकमात्र खतरा" बताया और कहा कि अमेरिका ने ताइवान के प्रति अपने "स्पष्ट और दृढ़ समर्थन" की बार-बार पुष्टि की है। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों नेताओं की वार्ता अब तक सकारात्मक माहौल में हुई है। ट्रंप ने शी जिनपिंग को "मित्र" बताया और दोनों नेताओं ने "रचनात्मक, रणनीतिक और स्थिर संबंध" स्थापित करने पर सहमति जताई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 18:47:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात : अमेरिका-चीन संबंधों में 'नये दौर' का संकेत, इन अहम मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग में शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच ऐतिहासिक मुलाकात हुई। शी ने ताइवान को 'रेड लाइन' बताते हुए कड़ी चेतावनी दी, लेकिन संबंधों को 'स्थिर और नियंत्रित प्रतिस्पर्धा' का नया दौर भी कहा। व्यापार, AI और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा के साथ दोनों महाशक्तियाँ आपसी तनाव कम करने की कोशिश में हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-jinping-meeting-signals-a-new-era-in-us-china-relations-discussion/article-153831"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china3.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका के साथ संबंधों के उभरते चरण को अधिक स्थिर और नियंत्रित प्रतिस्पर्धा का 'नया दौर' करार दिया है। साथ ही जिनपिंग ने ताइवान के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी देते हुए इसे द्विपक्षीय संबंधों में सबसे संवेदनशील और खतरनाक मुद्दा करार दिया है। चीन के राष्ट्रपति ने ये टिप्पणियां उनके और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के शुरुआत में की। वर्ष 2017 के बाद चीन में यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की मुलाकात थी, जिसने उन चर्चाओं की दिशा तय कर दी, जिनका मुख्य केंद्र रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा होने की उम्मीद है। यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब वैश्विक स्तर पर तनाव का माहौल है। </p>
<p>ईरान में जारी संघर्ष, ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता और अमेरिका-चीन के बीच बढ़ती आर्थिक प्रतिस्पर्धा शामिल है। चर्चा के लिए मेज पर रखे गये प्रमुख मुद्दों में व्यापार और टैरिफ को स्थिर करना, अमेरिकी बाजारों तक चीन की पहुंच और चीन में अमेरिकी कंपनियों का विस्तार, प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, चीन के इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्यात और वैश्विक ऑटो उद्योग पर इसका प्रभाव तथा ऊर्जा सुरक्षा और ईरान के तेल निर्यात जैसे विषय शामिल हैं। </p>
<p>ईरान के तेल निर्यात के मामले में चीन का काफी प्रभाव है और इस मुद्दे पर दोनों महाशक्तियां अपनी भूमिका निभाएंगी। यह बैठक ईरान युद्ध की छाया में हो रही है, जिसमें दोनों देशों के नेता व्यापक भू-राजनीतिक समीकरणों और दोनों नेता महाशक्तियों के बीच 'नियंत्रित प्रतिस्पर्धा' पर चर्चा करेंगे। जिनपिंग ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जहां दोनों देशों को स्थिरता और सहयोग की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि ताइवान चीन के लिए सबसे अहम चिंता का विषय है और चीन-अमेरिका संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने इसे एक 'रेड लाइन' (सीमा रेखा) बताया जो दोनों देशों के संबंधों की भविष्य की दिशा तय कर सकती है। तनाव के बावजूद जिनपिंग ने कहा कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच चीन और अमेरिका को एक-दूसरे का विरोधी बनने के बजाय साझेदार के तौर पर काम करना चाहिए। </p>
<p>उन्होंने सुझाव दिया कि समग्र स्थिरता बनाये रखने के लिए दोनों देशों के बीच के मतभेदों को सुलझाया जा सकता है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, दोनों पक्षों ने मध्य-पूर्व में हो रहे घटनाक्रमों और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मार्गों में आ रही बाधाओं पर भी अपने विचार साझा किये। ट्रंप अपने साथ वरिष्ठ अधिकारियों और अमेरिकी व्यापार जगत के दिग्गजों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल लेकर आये थे, जो संभावित निवेश और व्यापारिक समझौतों पर उनके विशेष ज़ोर का संकेत था। इस प्रतिनिधिमंडल में उनके मंत्रिमंडल और आर्थिक टीम के प्रमुख सदस्य शामिल थे, जो इस शिखर सम्मेलन के भारी आर्थिक महत्व को दर्शाता है।</p>
<p>जिनपिंग के साथ हालांकि सार्वजनिक रूप से उपस्थित रहने के दौरान ट्रंप ने ताइवान के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवालों का सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सहयोग से दोनों पक्षों को लाभ होता है, जबकि टकराव से दोनों को ही नुकसान पहुंचता है। ट्रंप ने आर्थिक संबंधों के महत्व पर प्रकाश डाला और दोनों देशों के संबंधों को लेकर आशावादी दृष्टिकोण व्यक्त किया। अब दोनों नेता बंद दरवाज़ों के पीछे आपसी बातचीत (गोपनीय वार्ता) के दौर में प्रवेश कर चुके हैं। आने वाले दिनों में उनके बीच और भी कई बैठकें, राजकीय कार्यक्रम और आधिकारिक भोज आयोजित किए जाने हैं। अभी तक हालांकि किसी बड़े समझौते की घोषणा नहीं की गयी है, फिर भी ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों पक्ष अपने संबंधों में स्थिरता लाने एवं तनाव को और अधिक बढ़ने से रोकने के लिए एक साझा रूपरेखा तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं। यह दुनिया के दो सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों में से एक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 17:29:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चीनी विदेश मंत्रालय का दावा: मतभेदों को दूर कर अमेरिका के साथ सहयोग बढ़ाने को तैयार, वैश्विक शांति और विकास के मुद्दों पर चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजing यात्रा से पहले चीन ने समानता और आपसी सम्मान के आधार पर सहयोग का हाथ बढ़ाया है। दोनों नेता दुर्लभ खनिज (Rare Earth) निर्यात और वैश्विक स्थिरता पर चर्चा करेंगे। हालांकि, चीन ने ताइवान हथियार बिक्री और जिमी लाई मामले को अपना आंतरिक मुद्दा बताते हुए कड़ा रुख बरकरार रखा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinese-foreign-ministry-claims-ready-to-overcome-differences-and-increase/article-153708"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/china3.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राजकीय यात्रा से पहले बुधवार को कहा कि वह समानता, आपसी सम्मान और साझा लाभ के आधार पर अमेरिका के साथ सहयोग बढ़ाने और मतभेदों को दूर करने के लिए तैयार है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बीजिंग में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि चीन 'परिवर्तनशील और अस्थिर दुनिया' में अधिक स्थिरता और निश्चितता लाने के लिए अमेरिका के साथ काम करने का इच्छुक है। गुओ ने कहा, "चीन समानता, सम्मान और आपसी लाभ की भावना के साथ सहयोग का विस्तार करने और मतभेदों को प्रबंधित करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।" प्रवक्ता ने कहा कि चीन ट्रंप की यात्रा का स्वागत करता है, जिसके दौरान दोनों देशों के नेता चीन-अमेरिका संबंधों के साथ-साथ वैश्विक शांति और विकास से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर 'गहन विचारों का आदान-प्रदान' करेंगे।</p>
<p>नेताओं के बीच आगामी बैठक के दौरान चीन और अमेरिका द्वारा दुर्लभ मृदा पदार्थ (रेयर अर्थ मैटेरियल) के चीनी निर्यात पर प्रतिबंधों को कम करने वाले एक अस्थायी समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा करने की उम्मीद है। हालांकि, इस संभावित विस्तार के बावजूद, चीन अभी भी कुछ प्रमुख सामग्रियों के निर्यात को सीमित कर रहा है जो रक्षा और उच्च-तकनीकी विनिर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं। गुओ ने ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री का कड़ा विरोध करते हुए दोहराया कि इस मुद्दे पर चीन का रुख 'स्थिर और स्पष्ट' बना हुआ है।</p>
<p>यह पूछे जाने पर कि क्या ट्रंप द्वारा बातचीत के दौरान मुद्दा उठाए जाने पर चीन हांगकांग के मीडिया उद्यमी जिमी लाई की रिहाई पर विचार करेगा, गुओ ने इस सुझाव को खारिज कर दिया और मामले को चीन का आंतरिक मामला बताया। गुओ ने कहा, "लाई ची-यिंग हांगकांग को हिला देने वाले दंगों के पीछे मुख्य साजिशकर्ता और अपराधी हैं।" उन्होंने कहा कि चीनी सरकार कानून के अनुसार मामले को संभालने में हांगकांग के न्यायिक अधिकारियों का दृढ़ता से समर्थन करती है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप की चीन यात्रा बुधवार से शुरू होकर 15 मई तक जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 18:23:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप का चीन दौरा: शी जिनपिंग से होगी खास मुलाकात; व्यापार, ईरान और ताइवान मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने बीजिंग पहुंच चुके हैं। इस शिखर सम्मेलन में ईरान युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और ताइवान जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी। वैश्विक तेल संकट और आर्थिक मंदी के खतरों के बीच दुनिया की नजरें इन दोनों दिग्गजों के बीच होने वाले रणनीतिक समझौतों पर टिकी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-visits-china-special-meeting-with-xi-jinping-possible/article-153555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(5)17.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के लिए बीजिंग रवाना हो गए हैं, जहां दोनों वैश्विक नेता व्यापार, युद्ध कूटनीति और ताइवान पर गंभीर चर्चा करेंगे। ट्रंप का 2017 के बाद यह पूर्वी एशियाई देश का पहला दौरा है। इस दौरान दशकों में सबसे अहम अमेरिका-चीन सम्मेलन होने की संभावना है। गुरुवार से शुरू होने वाला दो दिनों का यह सम्मेलन दुनिया की दो बड़ी ताकतों के बीच संबंधों को नया आकार दे सकता है। है। ट्रंप 14 मई को ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलेंगे, जहां दोनों औपचारिक द्विपक्षीय बातचीत करेंगे और उसके बाद शाम को एक राजकीय दावत का आयोजन किया जाएगा। ट्रंप की 15 मई को वाशिंगटन लौटने से पहले दोपहर के भोजन कार्यक्रम और 'ऐतिहासिक स्वर्ग का मंदिर' जाने की भी योजना है।</p>
<p>जब फरवरी में व्हाइट हाउस ने इस दौरे की पुष्टि की, तो चीनी सामान पर वाशिंगटन के आसमान छूते शुल्क एजेंडे पर छाए हुए थे। लेकिन 28 फरवरी के बाद दुनिया के राजनीतिक हालात बदल गए जब ट्रंप ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया, जिससे एक युद्ध शुरू हो गया और जिसके कारण ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना पड़ा और इस स्थिति ने तेहरान को इस रणनीतिक जलमार्ग को नियंत्रित करने के लिए एक बोर्ड बनाने पर मजबूर कर दिया। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान एक तनावपूर्ण परमाणु गतिरोध में फंसे हुए हैं क्योंकि वाशिंगटन का तर्क है कि परमाणु मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं हो सकती और तेहरान प्रतिबंधों में राहत, युद्ध खत्म करने, जब्त की गई संपत्ति को छोड़ने और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को रोकने की मांग कर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के जवाबी प्रस्ताव को 'पूरी तरह से नामंजूर' कर दिया है क्योंकि दोनों पक्ष किसी भी संभावित समझौते के लिए जरूरी शर्तों से बहुत दूर हैं।</p>
<p>इसलिए दोनों नेताओं को होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के तनाव पर चर्चा करनी अनिवार्य है। चीन अपना लगभग आधा कच्चा तेल जलमार्ग से आयात करता है। उसने बड़े स्टॉक और अलग-अलग तरह के ऊर्जा मिश्रण से खुद को सुरक्षित रखा है लेकिन इसका आर्थिक असर बहुत बड़ा है। तेल की कीमतों में उछाल ने पेट्रोकेमिकल पर निर्भर निर्माताओं के लिए लागत 20 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेतावनी दी है कि वैश्विक मंदी की संभावना बनी हुई है क्योंकि चीन के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग पांचवां हिस्सा निर्यात पर निर्भर करता है, इसलिए दुनिया जो आर्थिक रूप से इतनी परेशान है कि चीनी सामान नहीं खरीद सकती, उसके लिए अकेले आयात शुल्क युद्ध से भी बड़ा खतरा है।</p>
<p>बैठक में ताइवान का मुद्दा भी मुख्य रहेगा क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने पिछले दिसंबर में ताइपे को 11 बिलियन डॉलर के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी थी, जिससे चीन नाराज हो गया था। फिर भी ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से यह भी सवाल उठाया है कि क्या अमेरिका ताइवान की रक्षा करने के लिए बाध्य है और कहा है कि अमेरिका को उसकी सुरक्षा गारंटी के लिए पैसे देना काफी नहीं है। इस सप्ताह किसी बडे व्यापारिक समझौते की उम्मीदें कम हैं लेकिन अधिक उम्मीद अक्टूबर के संघर्ष विराम को बढ़ाने की है। इसके साथ ही एक संयुक्त बयान भी जारी किया जाएगा। दुनिया इस सम्मेलन को बड़ी दिलचस्पी से देख रही है और उम्मीद कर रही है कि यह सम्मेलन सफल हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 May 2026 16:43:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान, तुर्की के बाद दुनिया में एक और ड्रोन सेना के सुपर पावर का जन्म: ड्रोन इंडस्ट्री में बहुत तेजी से पैर पसार रहा ताइवान, हर साल लाखों ड्रोन बनाने का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी ड्रोन की तबाही के बीच ताइवान चुपचाप दुनिया का नया ड्रोन हब बन रहा है। चीन के खतरे को देखते हुए ताइपे ने 1 लाख से अधिक स्वदेशी ड्रोन यूक्रेन भेजे हैं। 2030 तक सालाना 1.80 लाख ड्रोन बनाने का लक्ष्य रखने वाला ताइवान अब अमेरिका और भारत जैसे देशों के लिए सप्लाई चेन का सुरक्षित विकल्प बन गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/after-iran-and-turkey-the-birth-of-another-drone-army/article-147162"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trukey.png" alt=""></a><br /><p>ताइपे। ईरान और अमेरिका की जंग में विस्फोटक ड्रोन विमानों की ताकत देखकर दुनिया हैरान है। ईरान सऊदी अरब से लेकर कतर तक में तबाही मचा रहा है और सुपरपावर अमेरिका तथा इजरायली सेना इसे पूरी तरह से रोकने में नाकाम साबित हो रही है। अमेरिका के थॉड और पेट्रियट तथा इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ईरानी शाहेद ड्रोन के आगे फेल हो गए हैं। इससे खाड़ी देशों में भारी नुकसान पहुंचा है। दुनियाभर के सैन्य रणनीतिकार विस्फोटक ड्रोन को लेकर अब बड़ी चेतावनी दे रहे हैं। इससे पहले यूक्रेन युद्ध में भी रूस ने ईरानी शाहेद ड्रोन की मदद से यूक्रेन में भारी तबाही मचाई थी। </p>
<p>वहीं, यूक्रेन तुर्की के बायरकतार सीरिज के ड्रोन पर भरोसा करता है। तुर्की एवं ईरान के बाद अब एक और देश है जो अगला ड्रोन सुपरपावर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस देश का नाम ताइवान है जिसे चीन अपना हिस्सा कहता है। दुनिया में ड्रोन सेना की बढ़ती मांग के बीच ताइवान बहुत चुपचाप तरीके से बहुत बड़े पैमाने पर स्वदेशी तकनीक की मदद से ड्रोन बना रहा है। यही नहीं ताइवान इन हमलावर ड्रोन को यूक्रेन को निर्यात कर रहा है जो रूस के साथ जंग लड़ रहा है। इससे अब ताइवान में यह ड्रोन इंडस्ट्री बहुत तेजी से पैर पसार रही है। ताइवान में ड्रोन निर्माण को एक प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया था लेकिन ताइपे ने पिछले एक साल में ही 1 लाख ड्रोन का यूक्रेन को निर्यात किया है। यह बिक्री पोलैंड और चेक रिपब्लिक की मदद से की गई है।</p>
<p>चीन की धमकियों का सामना कर रहे ताइवान के लिए हमलावर ड्रोन उसके अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए भी बहुत ही जरूरी हैं। ताइवान ने ड्रोन बनाया है जो मध्यम ऊंचाई तक लंबे समय तक उड़ान भर सकता है। इसके अलावा ताइवान ने Chien Hsiang कामीकाजी ड्रोन बनाया है जो ईरान के शाहेद की तरह से ही निगरानी करने, इलेक्ट्रानिक हमले और हाई वैल्यू टारगेट पर लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम है। ताइवान न केवल खुद से ड्रोन बना रहा है, बल्कि अमेरिका से भी ड्रोन खरीद रहा है। ताइवान का इरादा साल 2030 तक हर साल 1 लाख 80 हजार ड्रोन बनाने का है। ताइवान अपने साथ राजनयिक संबंध रखने वाले देशों को ड्रोन की सप्लाई कर रहा है जिसका नागरिक और सैन्य दोनों ही तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। </p>
<p><strong>चीन के हमले का खतरा</strong></p>
<p>असल में ताइवान उन देशों को विकल्प मुहैया करा रहा है जो चीनी उपकरणों से मुक्त ड्रोन चाहते हैं। यह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों जैसे जापान, भारत, यूरोपीय देशों के लिए मददगार है जो अपने सप्लाई चेन में विविधता लाना चाहते हैं। ताइवान पर चीन के हमले का खतरा मंडरा रहा है, इसी वजह से ताइपे बहुत तेजी से घरेलू ड्रोन उद्योग को खड़ा करना चाहता है। आज ताइवान में 260 कंपनियां ड्रोन के पूरे सिस्टम को खुद से बना रही हैं और एकीकृत कर रही हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 12:08:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जापान : प्रधानमंत्री ताकाइची ने संसद भंग की, आठ फरवरी को होंगे चुनाव</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने संसद भंग कर 8 फरवरी को मध्यावधि चुनाव की घोषणा की, लोकप्रियता के सहारे जनादेश लेने की कोशिश, बजट मंजूरी टलने की आशंका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/japan-prime-minister-takaichi-dissolves-parliament-elections-to-be-held/article-140654"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(21).png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने पदभार संभालने के केवल तीन महीने बाद शुक्रवार को संसद के निचले सदन 'डाइट' को भंग कर दिया है, जिससे आगामी आठ फरवरी को होने वाले मध्यावधि चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। ताकाइची ने यह कदम अपनी वर्तमान लोकप्रियता का लाभ उठाने और हाल के वर्षों में अपनी पार्टी को हुए नुकसान की भरपाई करने के उद्देश्य से उठाया है। हालांकि, इस फैसले के कारण अर्थव्यवस्था को गति देने और बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए तैयार किए गए महत्वपूर्ण बजट को मंजूरी मिलने में देरी होने की संभावना है। सदन भंग होने की घोषणा के बाद सांसदों ने पारंपरिक 'बान्जाई' के नारे लगाए और चुनाव अभियान की तैयारियों में जुट गए।</p>
<p>अक्टूबर में जापान की पहली महिला नेता के रूप में निर्वाचित होने वाली ताकाइची की लोकप्रियता रेटिंग लगभग 70 प्रतिशत के मजबूत स्तर पर बनी हुई है। हालांकि, उनकी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) अभी भी भ्रष्टाचार के आरोपों और यूनिफिकेशन चर्च के साथ पुराने संबंधों के कारण चुनौतियों का सामना कर रही है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह अपनी राजनीतिक साख दांव पर लगा रही हैं और अब जनता को यह तय करना है कि उन्हें पद पर बने रहना चाहिए या नहीं। वह अपने पूर्ववर्ती शिगेरु इशिबा की तुलना में अधिक कट्टर रूढि़वादी रुख अपना रही हैं और सैन्य मजबूती तथा सख्त आप्रवासन नीतियों पर जोर दे रही हैं।</p>
<p>ताकाइची ने दक्षिणपंथी 'जापान इनोवेशन पार्टी (जेआईपी) के साथ मिलकर एक नया गठबंधन बनाया है। यह बदलाव तब आया जब एलडीपी की पुरानी सहयोगी कोमेइतो पार्टी ने वैचारिक मतभेदों के कारण गठबंधन तोड़ दिया था। नए गठबंधन के तहत ताकाइची केवल पुरुषों के शाही उत्तराधिकार और परमाणु रिएक्टरों को फिर से शुरू करने जैसे लक्ष्यों पर आगे बढ़ रही हैं। दूसरी ओर, कोमेइतो ने विपक्षी कांस्टीट्यूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ जापान के साथ मिलकर 'सेंट्रिस्ट रिफॉर्म एलायंस' का गठन किया है। पूर्व प्रधानमंत्री योशिहिको नोडा ने इस नए गठबंधन को समावेशी राजनीति और लोग पहले की नीति का एक अवसर बताया है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताकाइची के ताइवान समर्थक बयानों के बाद चीन के साथ जापान के संबंधों में तनाव बढ़ गया है, जिससे चीन ने आर्थिक और राजनयिक जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। इसके साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी जापान पर अपनी रक्षा क्षमताओं पर अधिक खर्च करने के लिए दबाव बना रहे हैं। </p>
<p>ताकाइची का मानना है कि उन्हें अपनी नीतियों को लागू करने के लिए जनता के स्पष्ट जनादेश की आवश्यकता है। अब 12 दिनों का आधिकारिक चुनाव अभियान अगले मंगलवार से शुरू होगा, जिसमें ताकाइची अपनी निर्णायक छवि के दम पर बहुमत हासिल करने की कोशिश करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 18:47:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ताइवान में 7 लोगों पर चीन सरकार के लिए जासूसी करने का आरोप : एक व्यक्ति बार-बार व्यापार और पर्यटक वीजा पर करता था दौरा, 2 सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों की भर्ती की</title>
                                    <description><![CDATA[ताइपे टाइम्स के अनुसार, ताइवान में पूर्व और वर्तमान सैन्यकर्मियों सहित सात लोगों पर चीन के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया गया है। एक हांगकांग निवासी ने ताइवान आकर दो सेवानिवृत्त सैनिकों को भर्ती किया, जिन्होंने आगे अन्य साथियों से गोपनीय सैन्य जानकारी जुटवाई। जासूसी नेटवर्क को कुल 3.56 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक का भुगतान किया गया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/7-people-accused-of-spying-for-chinese-government-in-taiwan/article-132973"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(700-x-400-px)-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>ताइपे। ताइवान के अभियोजकों ने देश के पूर्व एवं वर्तमान सैन्यकर्मियों सहित 7 लोगों पर चीनी सरकार के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया है। यह जानकारी ताइपे टाइम्स अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दी। रिपोर्ट में कहा गया कि हांगकांग का एक व्यक्ति बार-बार व्यापार और पर्यटक वीजा पर ताइवान का दौरा करता था और उसने दो सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों की भर्ती की, जिन्होंने बाद में अपने पूर्व साथियों को द्वीप के सशस्त्र बलों के बारे में गोपनीय जानकारी इकट्ठा करने के लिए भर्ती किया।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार जासूसी सेल के सदस्यों को उनके द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर भुगतान किया जाता था और कुल 3,56,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई थी। ताइवान 1949 से चीन से स्वतंत्र रूप से शासित है। बीजिंग इस द्वीप को अपना प्रांत मानता है, जबकि ताइवान निर्वाचित सरकार वाला एक स्वायत्त देश है, हालांकि वह अपनी स्वतंत्रता की घोषणा करने से बचता है। बीजिंग ताइपे के साथ विदेशी राज्यों के किसी भी आधिकारिक संपर्क का विरोध करता है और द्वीप पर चीनी संप्रभुता को निर्विवाद मानता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/7-people-accused-of-spying-for-chinese-government-in-taiwan/article-132973</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 16:42:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ताइवान में भूकंप के 7.5 तीव्रता के झटके, सुनामी का रेड अलर्ट जारी  </title>
                                    <description><![CDATA[चीन के ताइवान के हुलिएन के पास समुद्री क्षेत्र में बुधवार को बीजिंग समयानुसार सुबह 7:58 बजे 7.5 तीव्रता का भूकंप आया और इसके बाद कई झटके महसूस किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/red-alert-issued-for-tsunami-after-75-magnitude-earthquake-in/article-74320"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/transfer-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>ताइपे/बीजिंग। चीन के ताइवान के हुलिएन के पास समुद्री क्षेत्र में बुधवार को बीजिंग समयानुसार सुबह 7:58 बजे 7.5 तीव्रता का भूकंप आया और इसके बाद कई झटके महसूस किए गए। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (सीईएनसी) ने यह जानकारी दी।</p>
<p>सीईएनसी द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भूकंप का केंद्र 23.81 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 121.74 डिग्री पूर्वी देशांतर पर 12 किमी की गहराई पर मापा गया।</p>
<p>प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के चेतावनी केंद्र ने भूकंप के बाद सुनामी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है,जिसमें कहा गया कि भूकंप के केंद्र के आसपास के पानी में सुनामी आ सकती है, जिससे ताइपे और हुलिएन के पूर्व सहित तटीय क्षेत्रों में विनाशकारी प्रभाव आने की आशंका है।</p>
<p>ताइपे में शिन्हुआ के पत्रकारों को तीव्र झटके महसूस हुए और उन्होंने बताया कि इमारतें एक मिनट से अधिक समय तक लगातार हिलती रहीं। पत्रकारों के अपार्टमेंट भवन में लिफ्टों का संचालन बंद कर दिया गया।</p>
<p>स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ताइवान के विभिन्न हिस्सों में तेज झटके महसूस किए गए, जिससे ताइपे की मेट्रो प्रणाली को परिचालन रोकना पड़ा।</p>
<p>ताइवान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि बुधवार सुबह 7:58 बजे 15.5 किमी की गहराई पर 7.2 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र हुलिएन काउंटी सरकार से 25 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में स्थित था। हुआलिएन काउंटी में अधिकतम तीव्रता 6 तीव्रता दर्ज की गई।</p>
<p>एक घंटे के भीतर द्वीप के हुलिएन काउंटी और इसके आस-पास के इलाकों में 4.0 से 6.0 तीव्रता के कई झटके आए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Apr 2024 10:14:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Taiwan: चेन चिएन-जेन मंत्रिमंडल ने इस्तीफे की पेशकश की</title>
                                    <description><![CDATA[रिपोर्ट के मुतबाकि मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक के दौरान ताइवान की संवैधानिक अदालत की व्याख्या संख्या 387 के अनुरूप इस्तीफे सौंपे गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/jen-cabinet-in-taiwan-offered-to-resign/article-67424"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/chen-chien-jen.jpg" alt=""></a><br /><p>ताइपे (एजेंसी)। ताइवान के प्रधानमंत्री चेन चिएन-जेन और उनके मंत्रिमंडल ने नई संसद का कार्यकाल शुरू होने से पहले अपने इस्तीफे की पेशकश की है। फोकस ताइवान समाचार एजेंसी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।</p>
<p>रिपोर्ट के मुतबाकि मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक के दौरान ताइवान की संवैधानिक अदालत की व्याख्या संख्या 387 के अनुरूप इस्तीफे सौंपे गए। विनियमन के तहत राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए जाने के बावजूद प्रधानमंत्री संसद के प्रति जवाबदेह है और उसे नवनिर्वाचित संसद के पहले सत्र से पहले मंत्रिमंडल के साथ पद छोड़ देना चाहिए जो 01 फरवरी के लिए निर्धारित है।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्तीफे का अनुरोध हालांकि केवल औपचारिकता ही रहने की संभावना है क्योंकि द्वीप के निवर्तमान नेता, त्साई इंग-वेन, मंत्रिमंडल से उत्तराधिकारी के पद संभालने तक अपने पदों पर बने रहने के लिए कह सकते हैं। नवनिर्वाचित नेता लाई ङ्क्षचग-ते, 20 मई को पदभार ग्रहण करेंगे।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि पिछले शनिवार को, ताइवान में एक आम चुनाव हुआ जिसमें सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) पार्टी के स्वतंत्रता-समर्थक उम्मीदवार लाई ङ्क्षचग-ते ने 40.05 प्रतिशत वोट के साथ जीत हासिल की ,हालांकि डीपीपी स्वयं द्वीप की संसद में 11 सीटें हार गई।</p>
<p>ताइवान 1949 से मुख्य भूमि चीन से स्वतंत्र रूप से शासित है। बीजिंग इस द्वीप को अपने प्रांत के रूप में देखता है, जबकि ताइवान अपनी स्वयं की निर्वाचित सरकार वाला एक क्षेत्र का कहना है कि यह एक स्वायत्त देश है, लेकिन स्वतंत्रता की घोषणा करने से कतराता है। 1992 की आम सहमति बीङ्क्षजग और ताइपे प्रतिनिधिमंडलों के बीच एक बैठक को संदर्भित करती है जिसके दौरान वे एक-चीन सिद्धांत पर सहमत हुए थे। बीङ्क्षजग ताइपे के साथ विदेशी राज्यों के किसी भी आधिकारिक संपर्क का विरोध करता है और द्वीप पर चीनी संप्रभुता को निर्विवाद मानता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jan 2024 19:06:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>चीन ने की 'यूक्रेन आज, ताइवान कल' जैसे बयानों को रोकने की गुजारिश</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्री किन गैंग ने कहा कि बीजिंग सभी संबंधित देशों से यूक्रेन संघर्ष को भड़काना तुरंत बंद करने, चीन पर दोष और जिम्मेदारी डालना बंद करने और यूक्रेन आज, ताइवान कल जैसे बयानों पर रोक लगाने का आह्वान कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-asked-to-stop-statements-like-ukraine-today-taiwan-tomorrow/article-37852"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/site-photo-size11.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के विदेश मंत्री किन गैंग ने मंगलवार को सभी संबंधित देशों से यूक्रेन संघर्ष को भड़काने से रोकने, बीजिंग पर दोष मढऩे और 'यूक्रेन आज, ताइवान कल' जैसे बयानों पर रोक लगाने का आह्वान किया।  </p>
<p>गैंग ने चीन की वैश्विक सुरक्षा पहल के प्रकाशन के अवसर पर एक ब्रीफिंग में बताया कि हम सुलह को बढ़ावा देना और बातचीत जारी रखेंगे और यूक्रेन संकट के राजनीतिक समाधान के लिए चीन के ज्ञान को साझा करेंगे, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करेंगे और सभी पक्षों की चिंताओं को दूर करेंगे और आम सुरक्षा हासिल करेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बीजिंग सभी संबंधित देशों से यूक्रेन संघर्ष को भड़काना तुरंत बंद करने, चीन पर दोष और जिम्मेदारी डालना बंद करने और यूक्रेन आज, ताइवान कल जैसे बयानों पर रोक लगाने का आह्वान कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Feb 2023 17:29:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>चीन ने ताइवान की ओर विमान और पोत भेजे</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग ताइवान को अपने प्रांत के रूप में देखता है और ताइपे के साथ विदेशी देशों के किसी भी आधिकारिक संपर्क का विरोध करता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/china-sent-aircraft-and-ships-towards-taiwan/article-35329"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/2022_12image_12_47_525675593ch.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसके सशस्त्र बलों ने द्वीप की ओर  आने वाले चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 31 विमानों और चार पोत देखे हैं। मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा कि 31 पीएलए विमान और  चीन की नौ सेना की चार पोतों के ताइवान के निकट आने की जानकारी आज सुबह करीब छह बजे हुई।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि छह जे-11 लड़ाकू विमानों, तीन जे-16, दो जे-10 और एक बीजेडके-007 ड्रोन सहित चीन के 12 विमानों ने ताइवान की ओर आते हुए समुद्री मध्य रेखा को पार किया। ताइवान ने स्थिति पर नजर रखने के लिए हवाई और समुद्री गश्ती दल भेजे हैं और भू आधारित मिसाइल प्रणाली तैनात की है। </p>
<p>तत्कालीन अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पैलोसी के अगस्त की शुरुआत में ताइवान का दौरा करने के बाद चीन ने द्वीप के आस पास बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया, जिससे ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ गया है। बीजिंग ने पैलोसी की द्वीप यात्रा की निंदा की। </p>
<p>1949 से ताइवान को चीन से स्वतंत्र घाोषित किया गया। बीजिंग ताइवान को अपने प्रांत के रूप में देखता है और ताइपे के साथ विदेशी देशों के किसी भी आधिकारिक संपर्क का विरोध करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Jan 2023 16:15:41 +0530</pubDate>
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                <title>ताइवान में भूकंप के झटके</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्र ने कहा कि भूकंप का केन्द्र उत्तर में 22.44 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 121.10 डिग्री पूर्वी देशांतर पर और सतह से दस किलोमीटर की गहराई पर था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/earthquake-tremors-in-taiwan/article-29492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/earthquake.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। ताइवान के ताइतुंग कांउटी में भूकंप के झटके महसूस किए गए। चीन के भूकंप नेटवर्क केन्द्र (सीईएनसी) के अनुसार ताइतुंग कांउटी में सुबह नौ बजकर 47 मिनट पर  5.0 तीव्रता का भूकंप आया। केन्द्र ने कहा कि भूकंप का केन्द्र उत्तर में 22.44 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 121.10 डिग्री पूर्वी देशांतर पर और सतह से दस किलोमीटर की गहराई पर था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Nov 2022 14:44:02 +0530</pubDate>
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