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                <title>Taiwan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Taiwan RSS Feed</description>
                
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                <title>ईरान, तुर्की के बाद दुनिया में एक और ड्रोन सेना के सुपर पावर का जन्म: ड्रोन इंडस्ट्री में बहुत तेजी से पैर पसार रहा ताइवान, हर साल लाखों ड्रोन बनाने का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[ईरानी ड्रोन की तबाही के बीच ताइवान चुपचाप दुनिया का नया ड्रोन हब बन रहा है। चीन के खतरे को देखते हुए ताइपे ने 1 लाख से अधिक स्वदेशी ड्रोन यूक्रेन भेजे हैं। 2030 तक सालाना 1.80 लाख ड्रोन बनाने का लक्ष्य रखने वाला ताइवान अब अमेरिका और भारत जैसे देशों के लिए सप्लाई चेन का सुरक्षित विकल्प बन गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/after-iran-and-turkey-the-birth-of-another-drone-army/article-147162"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/trukey.png" alt=""></a><br /><p>ताइपे। ईरान और अमेरिका की जंग में विस्फोटक ड्रोन विमानों की ताकत देखकर दुनिया हैरान है। ईरान सऊदी अरब से लेकर कतर तक में तबाही मचा रहा है और सुपरपावर अमेरिका तथा इजरायली सेना इसे पूरी तरह से रोकने में नाकाम साबित हो रही है। अमेरिका के थॉड और पेट्रियट तथा इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ईरानी शाहेद ड्रोन के आगे फेल हो गए हैं। इससे खाड़ी देशों में भारी नुकसान पहुंचा है। दुनियाभर के सैन्य रणनीतिकार विस्फोटक ड्रोन को लेकर अब बड़ी चेतावनी दे रहे हैं। इससे पहले यूक्रेन युद्ध में भी रूस ने ईरानी शाहेद ड्रोन की मदद से यूक्रेन में भारी तबाही मचाई थी। </p>
<p>वहीं, यूक्रेन तुर्की के बायरकतार सीरिज के ड्रोन पर भरोसा करता है। तुर्की एवं ईरान के बाद अब एक और देश है जो अगला ड्रोन सुपरपावर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस देश का नाम ताइवान है जिसे चीन अपना हिस्सा कहता है। दुनिया में ड्रोन सेना की बढ़ती मांग के बीच ताइवान बहुत चुपचाप तरीके से बहुत बड़े पैमाने पर स्वदेशी तकनीक की मदद से ड्रोन बना रहा है। यही नहीं ताइवान इन हमलावर ड्रोन को यूक्रेन को निर्यात कर रहा है जो रूस के साथ जंग लड़ रहा है। इससे अब ताइवान में यह ड्रोन इंडस्ट्री बहुत तेजी से पैर पसार रही है। ताइवान में ड्रोन निर्माण को एक प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया था लेकिन ताइपे ने पिछले एक साल में ही 1 लाख ड्रोन का यूक्रेन को निर्यात किया है। यह बिक्री पोलैंड और चेक रिपब्लिक की मदद से की गई है।</p>
<p>चीन की धमकियों का सामना कर रहे ताइवान के लिए हमलावर ड्रोन उसके अपने अस्तित्व को बचाए रखने के लिए भी बहुत ही जरूरी हैं। ताइवान ने ड्रोन बनाया है जो मध्यम ऊंचाई तक लंबे समय तक उड़ान भर सकता है। इसके अलावा ताइवान ने Chien Hsiang कामीकाजी ड्रोन बनाया है जो ईरान के शाहेद की तरह से ही निगरानी करने, इलेक्ट्रानिक हमले और हाई वैल्यू टारगेट पर लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम है। ताइवान न केवल खुद से ड्रोन बना रहा है, बल्कि अमेरिका से भी ड्रोन खरीद रहा है। ताइवान का इरादा साल 2030 तक हर साल 1 लाख 80 हजार ड्रोन बनाने का है। ताइवान अपने साथ राजनयिक संबंध रखने वाले देशों को ड्रोन की सप्लाई कर रहा है जिसका नागरिक और सैन्य दोनों ही तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। </p>
<p><strong>चीन के हमले का खतरा</strong></p>
<p>असल में ताइवान उन देशों को विकल्प मुहैया करा रहा है जो चीनी उपकरणों से मुक्त ड्रोन चाहते हैं। यह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों जैसे जापान, भारत, यूरोपीय देशों के लिए मददगार है जो अपने सप्लाई चेन में विविधता लाना चाहते हैं। ताइवान पर चीन के हमले का खतरा मंडरा रहा है, इसी वजह से ताइपे बहुत तेजी से घरेलू ड्रोन उद्योग को खड़ा करना चाहता है। आज ताइवान में 260 कंपनियां ड्रोन के पूरे सिस्टम को खुद से बना रही हैं और एकीकृत कर रही हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 12:08:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>जापान : प्रधानमंत्री ताकाइची ने संसद भंग की, आठ फरवरी को होंगे चुनाव</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने संसद भंग कर 8 फरवरी को मध्यावधि चुनाव की घोषणा की, लोकप्रियता के सहारे जनादेश लेने की कोशिश, बजट मंजूरी टलने की आशंका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/japan-prime-minister-takaichi-dissolves-parliament-elections-to-be-held/article-140654"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(21).png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने पदभार संभालने के केवल तीन महीने बाद शुक्रवार को संसद के निचले सदन 'डाइट' को भंग कर दिया है, जिससे आगामी आठ फरवरी को होने वाले मध्यावधि चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। ताकाइची ने यह कदम अपनी वर्तमान लोकप्रियता का लाभ उठाने और हाल के वर्षों में अपनी पार्टी को हुए नुकसान की भरपाई करने के उद्देश्य से उठाया है। हालांकि, इस फैसले के कारण अर्थव्यवस्था को गति देने और बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए तैयार किए गए महत्वपूर्ण बजट को मंजूरी मिलने में देरी होने की संभावना है। सदन भंग होने की घोषणा के बाद सांसदों ने पारंपरिक 'बान्जाई' के नारे लगाए और चुनाव अभियान की तैयारियों में जुट गए।</p>
<p>अक्टूबर में जापान की पहली महिला नेता के रूप में निर्वाचित होने वाली ताकाइची की लोकप्रियता रेटिंग लगभग 70 प्रतिशत के मजबूत स्तर पर बनी हुई है। हालांकि, उनकी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) अभी भी भ्रष्टाचार के आरोपों और यूनिफिकेशन चर्च के साथ पुराने संबंधों के कारण चुनौतियों का सामना कर रही है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह अपनी राजनीतिक साख दांव पर लगा रही हैं और अब जनता को यह तय करना है कि उन्हें पद पर बने रहना चाहिए या नहीं। वह अपने पूर्ववर्ती शिगेरु इशिबा की तुलना में अधिक कट्टर रूढि़वादी रुख अपना रही हैं और सैन्य मजबूती तथा सख्त आप्रवासन नीतियों पर जोर दे रही हैं।</p>
<p>ताकाइची ने दक्षिणपंथी 'जापान इनोवेशन पार्टी (जेआईपी) के साथ मिलकर एक नया गठबंधन बनाया है। यह बदलाव तब आया जब एलडीपी की पुरानी सहयोगी कोमेइतो पार्टी ने वैचारिक मतभेदों के कारण गठबंधन तोड़ दिया था। नए गठबंधन के तहत ताकाइची केवल पुरुषों के शाही उत्तराधिकार और परमाणु रिएक्टरों को फिर से शुरू करने जैसे लक्ष्यों पर आगे बढ़ रही हैं। दूसरी ओर, कोमेइतो ने विपक्षी कांस्टीट्यूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ जापान के साथ मिलकर 'सेंट्रिस्ट रिफॉर्म एलायंस' का गठन किया है। पूर्व प्रधानमंत्री योशिहिको नोडा ने इस नए गठबंधन को समावेशी राजनीति और लोग पहले की नीति का एक अवसर बताया है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताकाइची के ताइवान समर्थक बयानों के बाद चीन के साथ जापान के संबंधों में तनाव बढ़ गया है, जिससे चीन ने आर्थिक और राजनयिक जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। इसके साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी जापान पर अपनी रक्षा क्षमताओं पर अधिक खर्च करने के लिए दबाव बना रहे हैं। </p>
<p>ताकाइची का मानना है कि उन्हें अपनी नीतियों को लागू करने के लिए जनता के स्पष्ट जनादेश की आवश्यकता है। अब 12 दिनों का आधिकारिक चुनाव अभियान अगले मंगलवार से शुरू होगा, जिसमें ताकाइची अपनी निर्णायक छवि के दम पर बहुमत हासिल करने की कोशिश करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 18:47:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ताइवान में 7 लोगों पर चीन सरकार के लिए जासूसी करने का आरोप : एक व्यक्ति बार-बार व्यापार और पर्यटक वीजा पर करता था दौरा, 2 सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों की भर्ती की</title>
                                    <description><![CDATA[ताइपे टाइम्स के अनुसार, ताइवान में पूर्व और वर्तमान सैन्यकर्मियों सहित सात लोगों पर चीन के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया गया है। एक हांगकांग निवासी ने ताइवान आकर दो सेवानिवृत्त सैनिकों को भर्ती किया, जिन्होंने आगे अन्य साथियों से गोपनीय सैन्य जानकारी जुटवाई। जासूसी नेटवर्क को कुल 3.56 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक का भुगतान किया गया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/7-people-accused-of-spying-for-chinese-government-in-taiwan/article-132973"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(700-x-400-px)-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>ताइपे। ताइवान के अभियोजकों ने देश के पूर्व एवं वर्तमान सैन्यकर्मियों सहित 7 लोगों पर चीनी सरकार के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया है। यह जानकारी ताइपे टाइम्स अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दी। रिपोर्ट में कहा गया कि हांगकांग का एक व्यक्ति बार-बार व्यापार और पर्यटक वीजा पर ताइवान का दौरा करता था और उसने दो सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों की भर्ती की, जिन्होंने बाद में अपने पूर्व साथियों को द्वीप के सशस्त्र बलों के बारे में गोपनीय जानकारी इकट्ठा करने के लिए भर्ती किया।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार जासूसी सेल के सदस्यों को उनके द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर भुगतान किया जाता था और कुल 3,56,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई थी। ताइवान 1949 से चीन से स्वतंत्र रूप से शासित है। बीजिंग इस द्वीप को अपना प्रांत मानता है, जबकि ताइवान निर्वाचित सरकार वाला एक स्वायत्त देश है, हालांकि वह अपनी स्वतंत्रता की घोषणा करने से बचता है। बीजिंग ताइपे के साथ विदेशी राज्यों के किसी भी आधिकारिक संपर्क का विरोध करता है और द्वीप पर चीनी संप्रभुता को निर्विवाद मानता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 16:42:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ताइवान में भूकंप के 7.5 तीव्रता के झटके, सुनामी का रेड अलर्ट जारी  </title>
                                    <description><![CDATA[चीन के ताइवान के हुलिएन के पास समुद्री क्षेत्र में बुधवार को बीजिंग समयानुसार सुबह 7:58 बजे 7.5 तीव्रता का भूकंप आया और इसके बाद कई झटके महसूस किए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/red-alert-issued-for-tsunami-after-75-magnitude-earthquake-in/article-74320"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/transfer-(1)2.png" alt=""></a><br /><p>ताइपे/बीजिंग। चीन के ताइवान के हुलिएन के पास समुद्री क्षेत्र में बुधवार को बीजिंग समयानुसार सुबह 7:58 बजे 7.5 तीव्रता का भूकंप आया और इसके बाद कई झटके महसूस किए गए। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (सीईएनसी) ने यह जानकारी दी।</p>
<p>सीईएनसी द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भूकंप का केंद्र 23.81 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 121.74 डिग्री पूर्वी देशांतर पर 12 किमी की गहराई पर मापा गया।</p>
<p>प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के चेतावनी केंद्र ने भूकंप के बाद सुनामी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है,जिसमें कहा गया कि भूकंप के केंद्र के आसपास के पानी में सुनामी आ सकती है, जिससे ताइपे और हुलिएन के पूर्व सहित तटीय क्षेत्रों में विनाशकारी प्रभाव आने की आशंका है।</p>
<p>ताइपे में शिन्हुआ के पत्रकारों को तीव्र झटके महसूस हुए और उन्होंने बताया कि इमारतें एक मिनट से अधिक समय तक लगातार हिलती रहीं। पत्रकारों के अपार्टमेंट भवन में लिफ्टों का संचालन बंद कर दिया गया।</p>
<p>स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ताइवान के विभिन्न हिस्सों में तेज झटके महसूस किए गए, जिससे ताइपे की मेट्रो प्रणाली को परिचालन रोकना पड़ा।</p>
<p>ताइवान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि बुधवार सुबह 7:58 बजे 15.5 किमी की गहराई पर 7.2 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र हुलिएन काउंटी सरकार से 25 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में स्थित था। हुआलिएन काउंटी में अधिकतम तीव्रता 6 तीव्रता दर्ज की गई।</p>
<p>एक घंटे के भीतर द्वीप के हुलिएन काउंटी और इसके आस-पास के इलाकों में 4.0 से 6.0 तीव्रता के कई झटके आए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Apr 2024 10:14:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Taiwan: चेन चिएन-जेन मंत्रिमंडल ने इस्तीफे की पेशकश की</title>
                                    <description><![CDATA[रिपोर्ट के मुतबाकि मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक के दौरान ताइवान की संवैधानिक अदालत की व्याख्या संख्या 387 के अनुरूप इस्तीफे सौंपे गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/jen-cabinet-in-taiwan-offered-to-resign/article-67424"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/chen-chien-jen.jpg" alt=""></a><br /><p>ताइपे (एजेंसी)। ताइवान के प्रधानमंत्री चेन चिएन-जेन और उनके मंत्रिमंडल ने नई संसद का कार्यकाल शुरू होने से पहले अपने इस्तीफे की पेशकश की है। फोकस ताइवान समाचार एजेंसी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।</p>
<p>रिपोर्ट के मुतबाकि मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक के दौरान ताइवान की संवैधानिक अदालत की व्याख्या संख्या 387 के अनुरूप इस्तीफे सौंपे गए। विनियमन के तहत राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए जाने के बावजूद प्रधानमंत्री संसद के प्रति जवाबदेह है और उसे नवनिर्वाचित संसद के पहले सत्र से पहले मंत्रिमंडल के साथ पद छोड़ देना चाहिए जो 01 फरवरी के लिए निर्धारित है।</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्तीफे का अनुरोध हालांकि केवल औपचारिकता ही रहने की संभावना है क्योंकि द्वीप के निवर्तमान नेता, त्साई इंग-वेन, मंत्रिमंडल से उत्तराधिकारी के पद संभालने तक अपने पदों पर बने रहने के लिए कह सकते हैं। नवनिर्वाचित नेता लाई ङ्क्षचग-ते, 20 मई को पदभार ग्रहण करेंगे।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि पिछले शनिवार को, ताइवान में एक आम चुनाव हुआ जिसमें सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) पार्टी के स्वतंत्रता-समर्थक उम्मीदवार लाई ङ्क्षचग-ते ने 40.05 प्रतिशत वोट के साथ जीत हासिल की ,हालांकि डीपीपी स्वयं द्वीप की संसद में 11 सीटें हार गई।</p>
<p>ताइवान 1949 से मुख्य भूमि चीन से स्वतंत्र रूप से शासित है। बीजिंग इस द्वीप को अपने प्रांत के रूप में देखता है, जबकि ताइवान अपनी स्वयं की निर्वाचित सरकार वाला एक क्षेत्र का कहना है कि यह एक स्वायत्त देश है, लेकिन स्वतंत्रता की घोषणा करने से कतराता है। 1992 की आम सहमति बीङ्क्षजग और ताइपे प्रतिनिधिमंडलों के बीच एक बैठक को संदर्भित करती है जिसके दौरान वे एक-चीन सिद्धांत पर सहमत हुए थे। बीङ्क्षजग ताइपे के साथ विदेशी राज्यों के किसी भी आधिकारिक संपर्क का विरोध करता है और द्वीप पर चीनी संप्रभुता को निर्विवाद मानता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jan 2024 19:06:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन ने की 'यूक्रेन आज, ताइवान कल' जैसे बयानों को रोकने की गुजारिश</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश मंत्री किन गैंग ने कहा कि बीजिंग सभी संबंधित देशों से यूक्रेन संघर्ष को भड़काना तुरंत बंद करने, चीन पर दोष और जिम्मेदारी डालना बंद करने और यूक्रेन आज, ताइवान कल जैसे बयानों पर रोक लगाने का आह्वान कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-asked-to-stop-statements-like-ukraine-today-taiwan-tomorrow/article-37852"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/site-photo-size11.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन के विदेश मंत्री किन गैंग ने मंगलवार को सभी संबंधित देशों से यूक्रेन संघर्ष को भड़काने से रोकने, बीजिंग पर दोष मढऩे और 'यूक्रेन आज, ताइवान कल' जैसे बयानों पर रोक लगाने का आह्वान किया।  </p>
<p>गैंग ने चीन की वैश्विक सुरक्षा पहल के प्रकाशन के अवसर पर एक ब्रीफिंग में बताया कि हम सुलह को बढ़ावा देना और बातचीत जारी रखेंगे और यूक्रेन संकट के राजनीतिक समाधान के लिए चीन के ज्ञान को साझा करेंगे, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करेंगे और सभी पक्षों की चिंताओं को दूर करेंगे और आम सुरक्षा हासिल करेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बीजिंग सभी संबंधित देशों से यूक्रेन संघर्ष को भड़काना तुरंत बंद करने, चीन पर दोष और जिम्मेदारी डालना बंद करने और यूक्रेन आज, ताइवान कल जैसे बयानों पर रोक लगाने का आह्वान कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Feb 2023 17:29:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन ने ताइवान की ओर विमान और पोत भेजे</title>
                                    <description><![CDATA[बीजिंग ताइवान को अपने प्रांत के रूप में देखता है और ताइपे के साथ विदेशी देशों के किसी भी आधिकारिक संपर्क का विरोध करता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/china-sent-aircraft-and-ships-towards-taiwan/article-35329"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/2022_12image_12_47_525675593ch.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसके सशस्त्र बलों ने द्वीप की ओर  आने वाले चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 31 विमानों और चार पोत देखे हैं। मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा कि 31 पीएलए विमान और  चीन की नौ सेना की चार पोतों के ताइवान के निकट आने की जानकारी आज सुबह करीब छह बजे हुई।</p>
<p>मंत्रालय ने कहा कि छह जे-11 लड़ाकू विमानों, तीन जे-16, दो जे-10 और एक बीजेडके-007 ड्रोन सहित चीन के 12 विमानों ने ताइवान की ओर आते हुए समुद्री मध्य रेखा को पार किया। ताइवान ने स्थिति पर नजर रखने के लिए हवाई और समुद्री गश्ती दल भेजे हैं और भू आधारित मिसाइल प्रणाली तैनात की है। </p>
<p>तत्कालीन अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैन्सी पैलोसी के अगस्त की शुरुआत में ताइवान का दौरा करने के बाद चीन ने द्वीप के आस पास बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया, जिससे ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ गया है। बीजिंग ने पैलोसी की द्वीप यात्रा की निंदा की। </p>
<p>1949 से ताइवान को चीन से स्वतंत्र घाोषित किया गया। बीजिंग ताइवान को अपने प्रांत के रूप में देखता है और ताइपे के साथ विदेशी देशों के किसी भी आधिकारिक संपर्क का विरोध करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Jan 2023 16:15:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ताइवान में भूकंप के झटके</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्र ने कहा कि भूकंप का केन्द्र उत्तर में 22.44 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 121.10 डिग्री पूर्वी देशांतर पर और सतह से दस किलोमीटर की गहराई पर था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/earthquake-tremors-in-taiwan/article-29492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/earthquake.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। ताइवान के ताइतुंग कांउटी में भूकंप के झटके महसूस किए गए। चीन के भूकंप नेटवर्क केन्द्र (सीईएनसी) के अनुसार ताइतुंग कांउटी में सुबह नौ बजकर 47 मिनट पर  5.0 तीव्रता का भूकंप आया। केन्द्र ने कहा कि भूकंप का केन्द्र उत्तर में 22.44 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 121.10 डिग्री पूर्वी देशांतर पर और सतह से दस किलोमीटर की गहराई पर था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Nov 2022 14:44:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ताइवान पर बल प्रयोग का अपना अधिकार नहीं छोड़ेंगा चीन : जिनपिंग</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक प्रमुख पार्टी बैठक के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि ताइवान के मुद्दे को हल करना चीनी लोगों पर निर्भर है, और चीन बल प्रयोग के अधिकार को कभी नहीं त्याग करेगा, लेकिन शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयास करेगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-will-not-give-up-its-right-to-use-force/article-26808"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/q-119.jpg" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने कहा है कि ताइवान उसका अभिन्न अंग और इससे संबंधित मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का हर संभव प्रयास करेगा, लेकिन जरूरत पडऩे पर बल प्रयोग करने के अधिकार को वह कभी भी नहीं छोड़ेगा। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक प्रमुख पार्टी बैठक के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि ताइवान के मुद्दे को हल करना चीनी लोगों पर निर्भर है, और चीन बल प्रयोग के अधिकार को कभी नहीं त्याग करेगा, लेकिन शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयास करेगा। </p>
<p>ताइवान ने जवाब दिया कि वह अपनी संप्रभुता से पीछे नहीं हटेगा या स्वतंत्रता और लोकतंत्र से समझौता नहीं करेगा। अमेरिका की  संसद की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी की अगस्त में ताइवान की यात्रा के बाद चीन और ताइवान के बीच तनाव नाटकीय रूप से बढ़ गया। चीन ने ताइवान के पास युद्ध के खेल का मंचन किया था। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Oct 2022 16:57:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ताइवान के बेड़े में शामिल हुआ नया युद्धपोत</title>
                                    <description><![CDATA[ युद्धपोतों के उत्पादन को बढ़ावा देने और देश की आत्मरक्षा के साधन के रूप में अपनी स्वायत्तता सुनिश्चित करने की दिशा में ताइवान के प्रयासों का एक सच्चा गवाह है।इस टैंक को राज्य द्वारा समर्थित सीएसबीसी कॉर्प ताइवान ने बनाया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/new-amphibious-warship-joins-taiwans-fleet/article-25001"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/1231.jpg" alt=""></a><br /><p>ताइपे। ताइवान की नौसेना ने अपने बेड़े में स्वदेश निर्मित एक नया उभयचर युद्धपोत शामिल किया है जिसका उपयोग सैनिकों के आवागमन और असुरक्षित द्वीपों पर आपूर्ति को मजबूती प्रदान करने के लिए किया जा सकता है। ताइवान के सबसे ऊंचे पर्वत के नाम पर इस टैंक का नाम यू शान रखा गया है, इसका वजन 10,600 टन है जिसे ताइवान के आधुनिकीकरण के नवीनतम विकास के रूप में देखा जा सकता है क्योंकि चीन की ओर से इस स्वतंत्र द्वीप पर हमेशा दबाव डाला जाता रहा है। ताइवान के दक्षिणी बंदरगाह शहर काऊशुंग में इस युद्धपोत की आपूर्ति वाले एक समारोह में ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग वेन ने कहा कि जहां तक चीन की ओर से सैन्य खतरे की बात है, केवल अपनी आत्मरक्षा क्षमताओं को मजबूती प्रदान करना ही सच्ची शांति दे सकती है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यू शान देश के युद्धपोतों के उत्पादन को बढ़ावा देने और देश की आत्मरक्षा के साधन के रूप में अपनी स्वायत्तता सुनिश्चित करने की दिशा में ताइवान के प्रयासों का एक सच्चा गवाह है।इस टैंक को राज्य द्वारा समर्थित सीएसबीसी कॉर्प ताइवान ने बनाया है। यह हवा और जमीन के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है, इसमें एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें लगी हुई है और यह एंटी-मिसाइल गन के खिलाफ उपयोग किए जाने वाले एक फॉरवर्ड तोप से लैस है।ताइवान को लंबे समय से चीन के लिए युद्ध का आसान लक्ष्य माना जाता रहा है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ताइपे की यात्रा की थी, जिसके खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन करते हुए चीन ने पिछले माह ताइवान के समीप एक सप्ताह से ज्यादा समय तक सैन्य अभ्यास किया था और ताइवान के समीप चीनी सैन्य गतिविधियां हमेशा जारी रहती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Sep 2022 16:50:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ताइवान पर चीनी हमला हुआ तो अमेरिकी सेना रक्षा करेगी: बाइडेन</title>
                                    <description><![CDATA[बाइडेन ने रविवार को सीबीएस को दिए अपने एक घंटे के साक्षात्कार में इसे दोहराया। उन्होंने कहा कि एक चीन की नीति है और ताइवान अपनी स्वतंत्रता पर अपने निर्णय स्वयं लेता सकता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-military-will-defend-taiwan-if-chinese-attack-biden/article-23463"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/joe-biden.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने फिर कहा है कि चीन के हमले करने की स्थिति में अमेरिका ताइवान की रक्षा करेगा। एक सीबीएस साक्षात्कार में जब बाइडेन से पूछा गया कि क्या चीन के ताइवान पर हमला करने पर अमेरिकी सेना ताइवान की रक्षा करेगी। इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने हामी भरते हुए हाँ में जवाब दिया। यह साक्षात्कार रविवार को प्रसारित हुआ जिसके बाद व्हाइट हाउस ने दोहराया कि अमेरिकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नीति हमेशा रणनीतिक अस्पष्टता में से एक रही है। अमेरिका ताइवान की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध नहीं है, लेकिन विकल्प को भी खारिज नहीं करता है।</p>
<p>ताइवान पूर्वी चीन के तट पर एक स्व-शासित द्वीप है जिसे चीन अपने क्षेत्र के रूप में दावा करता है। अमेरिका लंबे समय से इस मुद्दे पर कूटनीतिक सख्ती बरते हुए है। एक ओर यह चीन नीति का पालन करता है, जो चीन के साथ उसके संबंधों का आधार भी है।</p>
<p>बाइडेन ने रविवार को सीबीएस को दिए अपने एक घंटे के साक्षात्कार में इसे दोहराया। उन्होंने कहा कि एक चीन की नीति है और ताइवान अपनी स्वतंत्रता पर अपने निर्णय स्वयं लेता सकता है। हम आगे नहीं बढ़ रहे हैं, उन्हें चीन से आजादी पाने के लिए प्रोत्साहित नहीं कर रहे हैं - 'यह ताइवान का अपना निर्णय है।'</p>
<p>इस बार भी व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी किया कि राष्ट्रपति ने यह पहले भी कहा है, जिसमें इस साल की शुरुआत में टोक्यो भी शामिल है। उन्होंने तब भी स्पष्ट किया था कि हमारी ताइवान नीति नहीं बदली है। यह सच है। पर एक साल में यह तीसरी बार है कि जब राष्ट्रपति बाइडेन अक्टूबर 2021 में और फिर इस साल मई में सैन्य कार्रवाई के वादे का संकेत देने में आधिकारिक रुख से कायम हैं।</p>
<p>इस महीने की शुरुआत में अमेरिका ने ताइवान को रक्षा के लिए 1.1 अरब डालर के हथियार और मिसाइल बेचने पर सहमति दी थी, जिसके बाद से चीन का गुस्सा सातवें आसमान पर है। गौरतलब है कि अमेरिकी संसद की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी के अगस्त में द्वीप का विवादास्पद दौरा करने के बाद अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ गया। इसके बाद बाइडेन ने कहा था कि चीन की इस तरह की प्रक्रिया अच्छी नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Mon, 19 Sep 2022 12:35:39 +0530</pubDate>
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                <title>नए टकराव की ओर बढ़ रही है दुनिया </title>
                                    <description><![CDATA[इसमें दुनिया के 120 देश भागीदार हैं। सेमीकंडक्टर से ज्यादा ट्रेड सिर्फ क्रूड ऑयल, मोटर व्हीकल व तेल का ही ट्रेड होता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/the-world-moving-towards-a-new-confrontation/article-17860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/untitled-1-copy21.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिकी स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद दुनिया एक नए टकराव की ओर बढ़ रही है। यात्रा के बाद अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ गया है, जिसके केंद्र में ग्लोबल सेमीकंडक्टर ट्रेड पर वर्चस्व बनाना है। ऐसा अनुमान है कि ग्लोबल सेमीकंडक्टर कैपेसिटी में अकेले ताइवान की 20 फीसदी हिस्सेदारी होगी। दूसरी ओर अमेरिका और चीन सेमीकंडक्टर के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से हैं। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की एक रिपोर्ट के अनुसार सेमीकंडक्टर दुनिया में चौथा सबसे ज्यादा ट्रेड होने वाला प्रोडक्ट है। इसमें दुनिया के 120 देश भागीदार हैं। ट्रेड सिर्फ क्रूड ऑयल, मोटर व्हीकल व तेल का ही ट्रेड होता है। महामारी से पहले साल 2019 में टोटल ग्लोबल सेमीकंडक्टर ट्रेड की वैल्यू 1.7 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गई थी। चीन सेमीकंडक्टर के डिजाइन व मैन्यूफैक्चरिंग में काफी पीछे है, लेकिन चिप वाली डिवाइसेज के प्रोडक्शन में चीन की हिस्सेदारी 35 फीसदी है। अमेरिका सेमीकंडक्टर बेस्ड डिवाइसेज का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और इन्हें बनाने वाली 33 फीसदी कंपनियों का हेडक्वार्टर अमेरिका में ही है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग की पांच सबसे बड़ी फॉन्ड्रीज में से 2 ताइवान में स्थित है।</p>
<p><strong>ताइवान का अमेरिका और चीन के साथ ट्रेड</strong><br />पिछले कुछ सालों के दौरान अमेरिका और चीन दोनों के साथ ताइवान का व्यापार बढ़ा है। 2021 में ताइवान ने अमेरिका को 65.7 बिलियन डॉलर और चीन को 125.9 बिलियन डॉलर के सामानों का निर्यात किया था। अमेरिका के मामले में ग्रोथ की रफ्तार अधिक थी। अमेरिका को ताइवान का निर्यात 29.9 फीसदी बढ़ा था, जबकि चीन के मामले में ग्रोथ की दर 22.9 फीसदी रही थी। सेमीकंडक्टर से केमिकल्स तक के लिए ताइवान पर निर्भर भारत और चीन के बीच बड़े स्तर पर बाइलैटरल ट्रेड होता है। चीन भारत के सबसे बड़े एक्सपोर्ट एंड इम्पोर्ट पार्टनर्स में से एक है। भारत सेमीकंडक्टर से लेकर मशीनरी तक के लिए ताइवान पर निर्भर है। ताइवान से व्यापार बाधित होने पर भारत के स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक और ऑटो सेक्टर के ऊपर तबाह होने का खतरा उत्पन्न हो जाएगा। ताइवान से भारत इलेक्ट्रिकल मशीनरी, इलेक्ट्रिकल उपकरण, प्लास्टिक, मशीन टूल्स और ऑर्गेनिक केमिकल्स खरीदता है। वहीं भारत मिनरल फ्यूल, तिलहन, और लोहा उत्पाद ताइवान को बेचता है।</p>
<p><strong>5476 करोड़ का प्र्रतिमाह आयात करता है भारत</strong><br />भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, इस साल मई महीने में भारत ने ताइवान से 54.76 अरब रुपए के सामान खरीदे। इससे पहले अप्रैल 2022 में ताइवान से भारत का आयात 44.67 अरब रुपए रहा था। साल 1991 से 2022 के दौरान ताइवान से भारत का औसत आयात 11.04 अरब रुपए रहा है। इस साल मई महीने में भारत का ताइवान से आयात अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर पर रहा है। अभी जून और जुलाई के आंकड़े सामने नहीं आए हैं। अप्रैल 1991 में ताइवान से भारत का आयात महज 0.27 अरब रुपए रहा था। यह अब तक के उपलब्ध आंकड़ों में सबसे कम है।</p>
<p><strong>भारत में काम कर रहीं यह कंपनियां</strong><br />भारत में पिछले कुछ समय में ताइवानी कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ी है। विस्ट्रॉन कार्प, फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप, पेगाट्रॉन कॉर्प, क्वांटा कम्यूपटर इंक जैसी कई ताइवानी कंपनियों ने पिछले कुछ साल के दौरान भारत में प्लांट लगाए हैं। पहले ये कंपनियां मुख्य तौर पर चीन में प्लांट लगाकर प्रोडक्ट बना रही थीं और उन्हें ग्लोबल मार्केट में सप्लाई कर रही थीं। चीन के साथ ताइवान के संबंधों में आई खटास और चीन में बढ़ती निगरानी के बाद इन कंपनियों ने भारत का रुख किया। आज के समय में तो फॉक्सकॉन यहीं से मेड इन इंडिया आईफोन बना रही है। हालांकि अभी भी भारत में ताइवान की कंपनियों का निवेश काफी कम है। ग्लोबल मार्केट में अभी ताइवान की करीब 11 हजार कंपनियां काम कर रही हैं। इनमें से महज 116 ताइवानी कंपनियों ने ही भारत में पैसे लगाए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Aug 2022 13:08:09 +0530</pubDate>
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