<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/stray-dogs/tag-30114" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>stray dogs - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/30114/rss</link>
                <description>stray dogs RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एयरपोर्ट पर आवारा कुत्तों का आतंक : हमले में महिला यात्री बुरी तरह घायल, मौके पर अफरा-तफरी </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 पर रविवार को एक आवारा कुत्ते ने महिला यात्री को काटकर घायल कर दिया। इस घटना ने एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/terror-of-stray-dogs-at-jaipur-airport-dog-bite-on/article-143269"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(23)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार को डॉग बाइट का गंभीर मामला देखने को मिला है। एयरपोर्ट परिसर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है।  टर्मिनल-2 के अराइवल क्षेत्र में एक महिला यात्री पर अचानक कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ते के काटने से महिला बुरी तरह घायल हो गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।</p>
<p>घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने घायल महिला को प्राथमिक सहायता दिलाई और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एयरपोर्ट परिसर में पहले भी आवारा कुत्तों की आवाजाही देखी गई है, लेकिन इस तरह की घटना पहली बार नहीं है। यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि एयरपोर्ट परिसर को आवारा पशुओं से मुक्त कराने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/terror-of-stray-dogs-at-jaipur-airport-dog-bite-on/article-143269</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/terror-of-stray-dogs-at-jaipur-airport-dog-bite-on/article-143269</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 18:21:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%2812200-x-600-px%29-%2823%291.png"                         length="739200"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्ट्रीट डॉग पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सुबह-सुबह कौन सा कुत्ता किस मूड में है, यह आप नहीं जान सकते हैं....</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मुद्दे पर कहा कि किसी को नहीं पता कब कौन सा कुत्ता काट ले। अदालत ने पहले ही स्कूलों और अस्पतालों से कुत्तों को हटाने का आदेश दिया है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/hearing-on-street-dog-supreme-court-said-that-dogs-cannot/article-138691"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/sc-on-st-d.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों पर सुनवाई की कार्रवाई जारी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बोला कि कुत्तों के दिमाग के कोई भी नहीं पढ़ सकता है कि वो कब किसको काटेगा और किसको नहीं। बता दें​ कि इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया कर रहे हैं।  </p>
<p>इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर को स्कूलों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों जैसे संस्थागत परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने और उनकी नसबंदी करने तथा इसके साथ ही उनके रहने के लिए उचित व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। इसके आगे आवारा कुत्तों पर सुनवाई के ​दौरान लास्ट टिप्पणी में सु्प्रीम कोर्ट ने कहा, 'इतनी याचिकाएं तो इंसानों के लिए भी नहीं आतीं है जितनी आवारा कुत्तों पर आई है।'</p>
<p>आवारा कुत्तों पर सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, "कल को कोई भैंस ला सकता है और कह सकता है कि मैं पशु प्रेमी हूं।" इसके आगे जस्टिस नाथ ने आवारा कुत्तों के मामले पर सुनवाई के दौरान कहा, "सुबह-सुबह कौन सा कुत्ता किस मूड में है, यह आप नहीं जान सकते हैं।"</p>
<p> </p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/hearing-on-street-dog-supreme-court-said-that-dogs-cannot/article-138691</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/hearing-on-street-dog-supreme-court-said-that-dogs-cannot/article-138691</guid>
                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 12:33:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/sc-on-st-d.png"                         length="1001165"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 62 - पार्कों में कचरा, रोशनी भी बनी मुसीबत, आवारा श्वानों के आतंक से वार्डवासी सहमे, हादसे का बना रहता है डर </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[रात्रि के समय तेज रफ्तार में गाड़ियां निकलती हैं, जो परेशानी का सबब बनी हुई हैं।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-62---garbage-in-parks--poor-lighting-also-a-problem--residents-are-scared-of-stray-dogs--and-there-is-a-constant-fear-of-accidents/article-132131"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(25).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 62 में पार्षद द्वारा बोर्ड बैठकों में आवाज बुलंद करके वार्ड में विकास के कार्य करवाए गए, जिनमें सीसी रोड निर्माण, पार्क का जीर्णोद्धार करना, नालियों का ढकान सहित विभिन्न कार्य करवाए गए। वार्ड के गणेश तालाब के सेक्टर 03 में स्थित पार्क का अभी जीर्णोद्धार कार्य किया जा रहा है, जिसके चलते उसमें फुटपाथ का निर्माण सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं। वहीं पार्क में घूमने वाले दिनेश व संजय कुमार ने बताया कि पार्क में स्थित वाटर कूलर खराब होने की वजह से पार्क में आने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्ड में रहने वालों ने बताया कि वार्ड की अधिकतर गलियों में रात्रि के समय आवारा श्वान राहगीरों व बाइक सवारों के पीछे दौड़ते हैं, जिससे हादसा होने का डर बना रहता है। शीतला माता मंदिर के पास रहने वाली गृहिणी रानू व सुमित्रा बाई ने बताया कि इधर रोड लाइट की पर्याप्त रोशनी नहीं रहती है। वहीं स्पीड ब्रेकर नहीं होने के कारण आए दिन बच्चे चोटिल होते हैं। साथ ही रात्रि के समय तेज रफ्तार में गाड़ियां निकलती हैं, जो परेशानी का सबब बनी हुई हैं।</p>
<p><strong>पार्कों का चल रहा जीर्णोद्धार कार्य </strong><br />वार्ड के सेक्टर 03 में स्थित पार्क में अभी फुटपाथ सहित अन्य निर्माण कार्य चल रहा है। वहीं पार्क में घूमने आए लोगों ने बताया कि पार्क में लगा वाटर कूलर खराब होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्ड के अन्य पार्कों में घास-फूस बड़ी होने की वजह से घूमने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। </p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />गणेश तालाब सेक्टर 02 व 03, बसंत विहार स्पेशल, संपूर्ण बसंत विहार एवं आंशिक भाग इत्यादि।</p>
<p><strong>आवारा श्वान बने मुसीबत</strong><br />वार्ड के बसंत विहार में रहने वाले सत्यनारायण व रूप सिंह ने बताया कि हमारी तरफ रात्रि के समय आवारा श्वानों का आतंक रहता है, जिसके चलते रात में घर से बाहर निकलने में डर बना रहता है।</p>
<p><strong>सफाई व रोशनी व्यवस्था चकाचक</strong><br />बसंत विहार में रहने वाले रवि कुमार ने बताया कि हमारी तरफ रोड लाइट की पर्याप्त रोशनी होती है, साथ ही कचरा गाड़ी भी आती है। पार्षद द्वारा समय-समय पर वार्ड का निरीक्षण किया जाता है।</p>
<p>शीतला माता मंदिर चौक के आसपास रोशनी की व्यवस्था हो जाए, साथ ही इधर की तरफ स्पीड ब्रेकर नहीं होने की वजह से तेज रफ्तार में वाहन निकलते हैं, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>— सत्येंद्र कुमार</strong></p>
<p>रात्रि के समय आवारा श्वानों का आतंक रहता है, जिसके चलते परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही पार्क में पर्याप्त रोशनी नहीं होने और साफ-सफाई की कमी के कारण घूमते समय परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>— हरि कुमार</strong></p>
<p>स्पीड ब्रेकर लगा दिए जाएंगे। साथ ही नई लाइटें आने पर पार्कों सहित अन्य जगहों पर लगाई जाएंगी। आवारा श्वानों की समस्या के लिए हमने अधिकारियों को लिखित में दे रखा है।<br /><strong>— रेखा गोस्वामी, वार्ड पार्षद</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-62---garbage-in-parks--poor-lighting-also-a-problem--residents-are-scared-of-stray-dogs--and-there-is-a-constant-fear-of-accidents/article-132131</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-62---garbage-in-parks--poor-lighting-also-a-problem--residents-are-scared-of-stray-dogs--and-there-is-a-constant-fear-of-accidents/article-132131</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 14:14:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/111-%2825%29.png"                         length="479898"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 27 - आवारा कुत्तों से परेशान लोग, वार्ड में बरसों से कर रहे पार्क की मांग</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[दिन और रात के समय सड़क पर घूमते ये कुत्ते कई बार बच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर देते हैं। 
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-27---residents-have-been-troubled-by-stray-dogs-and-have-been-demanding-a-park-in-the-ward-for-years/article-127572"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(2)19.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 27 में हाल के दिनों में कई विकास कार्यों से लोगों को बड़ी राहत मिली है। सड़कों की मरम्मत, नालियों की सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार से वार्ड का चेहरा बदलने लगा है। पार्षद की सक्रियता और निगम की पहल से लंबे समय से अटकी कई समस्याएं सुलझाई गई हैं। वार्डवासियों का कहना है कि जहां एक ओर विकास कार्यों ने जिंदगी आसान बनाई है, वहीं दूसरी ओर कुछ मुद्दे अब भी परेशानी का सबब बने हुए हैं। यहां वार्ड में सबसे बड़ी समस्या आवारा कुत्तों की है, जिनकी बढ़ती संख्या से आमजन, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को रोजाना खतरा बना रहता है। इसके अलावा पार्क निर्माण की अधूरी मांग भी स्थानीय लोगों के लिए मायूसी का कारण है। निवासियों ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए हरियाली भरा पार्क आवश्यक है, ताकि वे सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में समय बिता सकें। लोगों की अपेक्षा है कि नगर निगम शेष मांगों पर भी शीघ्र ध्यान देकर वार्ड को पूर्ण विकसित स्वरूप प्रदान करे।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />मॉडल टाउन, आदर्श कॉलोनी, तिलक कॉलोनी, विवेकानन्द कॉलोनी, सुरपिन होटल, मिलिट्री का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>चलाएं कुतों को पकड़ने का अभियान</strong><br />वार्डवासियों का कहना है कि यहां आवारा कुत्तों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। दिन और रात के समय सड़क पर घूमते ये कुत्ते कई बार बच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर देते हैं, जिससे लोग असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि नगर निगम इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले और कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए।<br /><strong>- कौशल किशोर सोनी, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>पार्क बनाने की मांग अभी भी अधूरी</strong><br />वार्ड में पार्क बनाने की मांग अब भी अधूरी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए पार्क का होना बेहद जरूरी है। पार्क न होने से बच्चों को खेलने की सुरक्षित जगह नहीं मिल पाती और बुजुर्गों को भी टहलने के लिए स्थान की कमी खलती है। वार्डवासी चाहते हैं कि नगर निगम जल्द से जल्द पार्क निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए।<br /><strong>- गोविंद, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>आवागमन सुगम, हो रही सफाई</strong><br />वार्ड में स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक बताई जा रही है। पार्षद द्वारा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नालियों और चैंबरों की समय-समय पर सफाई करवाई जाती है, जिससे गंदगी और दुर्गंध की समस्या नहीं होती। वार्ड के मुख्य रास्तों पर नई सड़क का निर्माण भी हाल ही में करवाया गया है, जिससे आवागमन सुगम हुआ है और लोगों को बारिश के मौसम में होने वाली परेशानी से भी काफी हद तक छुटकारा मिला है। इसके अलावा, पार्षद ने वार्डवासियों की सुविधा के लिए सुलभ कॉम्प्लेक्स भी बनवाया है। पहले यहॉं इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं थी।<br /><strong>- प्रो. राज कुमार उपाध्याय, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड में मेरे द्वारा कई विकास कार्य करवाए गए है। वार्डवासीयों को वार्ड में कोई समस्या नही आए इसके लिए प्रयास में रहता हू, कुछ कार्य बाकी है उन्हें भी जल्द पुरा करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- नंदकिशोर शर्मा, पार्षद</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-27---residents-have-been-troubled-by-stray-dogs-and-have-been-demanding-a-park-in-the-ward-for-years/article-127572</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-27---residents-have-been-troubled-by-stray-dogs-and-have-been-demanding-a-park-in-the-ward-for-years/article-127572</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Sep 2025 14:33:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/_4500-px%29-%282%2919.png"                         length="728246"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऐसे तो बरसों तक नहीं होगी आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[साढ़े तीन साल में करीब 35 हजार का किया बधियाकरण
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-this-happens--the-number-of-stray-dogs-will-not-be-controlled-for-years/article-125462"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/1ne1ws-(7)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में एक तरफ तो आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। वहीं इसके साथ ही इनकी संख्या में भी हर साल कई गुना बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन नगर निगम की श्वानशाला में कैनलों की संख्या कम होने से शहर में हजारों आवारा कुत्तों का बधियाकरण कर उनकी संख्या को नियंत्रित करने में बरसों लग जाएंगे। कोटा समेत पूरे देश में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट को दखल देना पड़ा। हालांकि बाद में कोर्ट ने अपने ही आदेश में संशोधन किया। लेकिन संशोधित आदेश में भी आवारा कुत्तों का बधियाकरण व टीकाकरण करने में तेजी लाने को कहा। नगर निगमों को इस संबंध में आदेशित किया गया है। साथ ही इनके लिए अलग से वार्ड वाइज खाना डालने के स्थान बनाने को कहा। कोटा में नगर निगम उत्तर व दक्षिण की ओर से पहले से ही श्वानशाला में आवारा कुत्तों का बधियाकरण व टीकाकरण तो किया जा रहा है। लेकिन श्वानशाला में कैनलों की संख्या कुत्तों की तुलना में काफी कम है। जिससे सभी का बधियाकरण करने में काफी अधिक समय लगेगा। जबकि इनकी संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। </p>
<p><strong>एक बार में मात्र 150 का ही बधियाकरण</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की ओर से बंधा धर्मपुरा स्थित निगम की गौशाला के पास ही श्वानशाला का निर्माण किया गया है। कोटा उत्तर की श्वानशाला में 125 व दक्षिण की श्वानशाला में मात्र 33 ही कैनल बने हुए हैं। जिससे एक बार में अधिकतम करीब 150 श्वानों का ही बधियाकरण किया जा सकता है। एक बार बधियाकरण व टीकाकरण के बाद श्वानों को 4 से 5 दिन निगरानी में रखना होता है। ऐसे में कुत्तों का बधियाकरण व टीकाकरण करने में समय अधिक लग रहा है। </p>
<p><strong>उत्तर में ज्यादा तो दक्षिण में कम बधियाकरण</strong><br />नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार निगम की ओर से वर्ष 2022 में श्वानशाला का निर्माण किया गया था। उसके बाद से यहां निजी फर्म के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार आवारा कुत्तों का बधियाकरण किया जा रहा है। कोटा उत्तर निगम द्वारा अभी तक करीब 24 हजार से अधिक व दक्षिण निगम द्वारा मात्र 10 हजार श्वानों का ही बधियाकरण किया गया है। उत्तर में अप्रेल 2022 से अप्रैल 2024 तक 15084 श्वानों का, अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक 8725 का और  अप्रैल 2025 से अगस्त तक करीब 600 श्वानों का बधियाकरण किया गया है। वहीं कोटा दक्षिण निगम में इस साल के 8 माह में ही करीब 3500 का बधियाकरण किया चुका है। सूत्रों के अनुसार कोटा में हालांकि अधिकृत रूप से आवारा कुत्तों का सर्वे नहीं किया गया है। लेकिन जिस तरह से ये जगह-जगह झुंड में देखे जा सकते है। उस हिसाब से इनकी संख्या कई गुना अधिक है। साथ ही हर 6 माह में इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एक भी श्वान बधियाकरण से बचा तो सुरक्षा चक्र टूटते ही इनकी संख्या को नियंत्रित कर पाना मुश्किल होगा। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-this-happens--the-number-of-stray-dogs-will-not-be-controlled-for-years/article-125462</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/if-this-happens--the-number-of-stray-dogs-will-not-be-controlled-for-years/article-125462</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 16:09:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/1ne1ws-%287%292.png"                         length="359594"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आवारा कुत्तों पर फैसला देने वाले जज बोले : इस केस ने मुझे दुनियाभर में प्रसिद्ध कर दिया है</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[सर्वोच्च न्यायालय की इस पीठ का नेतृत्व करने वाले न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने अब एक मजाकिया टिप्पणी करते हुए कहा कि इस केस ने मुझे दुनियाभर में प्रसिद्ध कर दिया है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-judge-who-gave-a-decision-on-stray-dogs-said/article-125381"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/1ne1ws-(3).png" alt=""></a><br /><p>तिरुवनंतपुरम। दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों के मामले के पुराने फैसले को हाल में ही सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया था। सर्वोच्च न्यायालय की इस पीठ का नेतृत्व करने वाले न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने अब एक मजाकिया टिप्पणी करते हुए कहा कि इस केस ने मुझे दुनियाभर में प्रसिद्ध कर दिया है।</p>
<p>जस्टिस विक्रम नाथ ने तिरुवनंतपुरम में एक कार्यक्रम में कहा, इतने दिनों से मुझे कानूनी क्षेत्र में अपने छोटे से काम के लिए जाना जाता था, लेकिन मैं आवारा कुत्तों का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मुझे न केवल इस देश में बल्कि पूरी दुनिया में नागरिक समाज में पहचान दिलाई। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-judge-who-gave-a-decision-on-stray-dogs-said/article-125381</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-judge-who-gave-a-decision-on-stray-dogs-said/article-125381</guid>
                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 09:36:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/1ne1ws-%283%29.png"                         length="169984"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आवारा कुत्तों को खाना डालने की निगम करेगा अलग व्यवस्था</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में निगम खूंखार व संक्रमित को खुला नहीं छोड़ेगा।
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-corporation-will-make-a-separate-arrangement-for-feeding-stray-dogs/article-124698"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(7)22.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर समेत पूरे देश में आवारा कुत्तों की बढ़ती  संख्या  और उनके द्वारा छोटे बच्चों समेत आमजन को काटने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट को आदेश जारी करना पड़ा। जिसमें खूंखार, पागल व रैबीज संक्रमित कुत्तों को सड़क पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा। वहीं कोर्ट के आदेश की पालना में कुत्तों को  खाना खिलाने के लिए नगर निगम अलग से जगह बनाएगा।  कोर्ट ने जो आदेश जारी किया है उस आदेश की सभी राज्यों को और नगर निगमों को पालना करने को कहा गया है। </p>
<p><strong>डॉग लवर्स ने किया कोर्ट के आदेश का स्वागत</strong><br />सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक दिन पहले संशोधित आदेश जारी करते हुए बधियाकरण व टीकाकरण के बाद फिर से कुत्तों को उसी जगह पर छोड़ने का आदेश दिया है। जिसका डॉग लवर्स ने स्वागत किया है। डॉग लवर्स बोरखेड़ा निवासी महेश नागर का कहना है कि हर कुत्ता काटनेवाला या हमलावर नहीं होता। किसी एक कुत्ते की सजा सभी को नहीं दी जा सकती। इंसानों में भी कानून है कि अपराध करने वाले को ही सजा दी जाती है। उसी तरह से कुत्ता भी जीव है। उसे भी सुरक्षा का अधिकार है। कोर्ट ने अब जो आदेश दिया है वह व्यवहारिक है।  महावीर नगर निवासी उमा शर्मा का कहना है कि सभी कुत्ते एक जैसे नहीं होते है। कुत्ते सबसे अधिक वफादार होते है। पालतू ही नहीं सड़क पर घूमने वाले भी लोगों के घरों की रात में रखवाली करते है। किसी भी तरह की अनहोनी होने पर उनके द्वारा भौंककर संकेत दिया जाता है। जिससे लोग सचेत हो जाते है। सुप्मीम कोर्ट ने अब जो आदेश दिया है वह सही है। </p>
<p><strong>डॉग विरोधियों ने कहा आदेश में नया पन कुछ भी नहीं है</strong><br />इधर जहां डॉग लवर्स सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सही ठहरा रहे हैं। वहीं कुत्तों के हमले से परेशान लोगों का कहना है कि कोर्ट का पूर्व का आदेश ही सही था। संशोधित आदेश में कुछ भी नया नहीं है। भीमगंजमंडी निवासी सुनीता नामा का कहना है कि आवारा कुत्तों का इतना अधिक आतंक है कि अब बच्चों को ही नहीं महिलाओं को भी घर से बाहर निकलने में डर लगने लगा है। उनके एरिया में ही इतने अधिक कुत्ते हैं कि उन्हें देखते ही छोटे बच्चों पर हुए हमलों की घटना याद कर दिल घबराने लगता है। कोर्ट को सख्ती करनी ही चाहिए।  दादाबाड़ी निवासी महेश यादव का कहना है कि  खूंखार व पागल कुत्तों की पहचान कैसे होगी। सभी कुत्ते खूंखार हो रहे है। ऐसे  में कोर्ट का यह आदेश व्यवहारिक नहीं है। </p>
<p><strong>सरकार और निगम करे व्यवस्था</strong><br />इधर नगर निगम द्वारा नियुक्त संवेदक फर्म के प्रतिनिधियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के आदेश व गाइड लाइन की पहले से ही पालना करते हुए स्ट्रीट डॉग का बधियाकरण व टीकाकरण कर उन्हें वापस उसी जगह पर छोड़ा जा रहा है। अब कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर खाना नहीं डालने व खूंखार और पागल कुत्तों को ही शेल्टर होम में रखने को कहा है। इसके लिए जगह की व्यवस्था करना सरकार व निगम प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्हें जो आदेश होगा उसकी पालना की जाएगी। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक  दिन पहले जारी आदेश में वैसे तो कुछ भी नया नहीं है। बधियाकरण व टीकाकरण के बाद वापस कुत्तों को उसी जगह पर छोड़ने का काम तो निगम के स्तर पर पहले से ही किया जा रहा है। हां वैक्सीनेशन को बढ़ाया जा सकता है। साथ ही खूंखार व हमलाकर कुत्तों को वापस नहीं छोड़ने का आदेश व्यवहारिक है। जहां तक सार्वजनिक स्थानों पर  खाना नहीं डालने का सवाल है इसके लिए लोगों को जागरूक व समझाइश की जाएगी। साथ ही खाना डालने की अलग से जगह बनाने के मामले में सरकार से जो भी आदेश प्राप्त होगा उसकी पालना की जाएगी। <br /><strong>- अशोक त्यागी, आयुक्त नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-corporation-will-make-a-separate-arrangement-for-feeding-stray-dogs/article-124698</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-corporation-will-make-a-separate-arrangement-for-feeding-stray-dogs/article-124698</guid>
                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 15:45:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws-%287%2922.png"                         length="445870"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश भर में आवारा कुत्तों की समस्या की जाँच करेगा सुप्रीम कोर्ट : पकड़े गए आवारा कुत्ते टीकाकरण के बाद ही छोड़े जाएंगे,  प्रत्येक वार्ड में कुत्तों के लिए भोजन क्षेत्र बनाने के आदेश</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ उच्चतम न्यायालय ने अपने 11 अगस्त के आदेश में संशोधन करते हुए शुक्रवार को जांच का दायरा बढ़ा दिया]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-supreme-court-will-examine-the-problem-of-stray-dogs/article-124400"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/supreme-court--3.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने अपने 11 अगस्त के आदेश में संशोधन करते हुए शुक्रवार को जांच का दायरा बढ़ा दिया। अदालत ने कहा कि देश भर में आवारा कुत्तों की समस्या पर एक अखिल भारतीय राष्ट्रीय नीति तैयार करने के लिए उसने अपनी कार्यवाही का दायरा बढ़ाने का फैसला किया। अदालत ने कहा कि दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से पकड़े गए आवारा कुत्तों को टीकाकरण के बाद ही छोड़ा जा सकता है।</p>
<p>न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने यह आदेश पारित किया। पीठ ने कहा कि रेबीज से प्रभावित और आक्रामक व्यवहार वाले कुत्तों को छोड़कर सभी अन्य कुत्तों को वापस स्थानांतरित किया जा सकता है। अदालत ने 11 अगस्त, 2025 को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के इलाकों से आवारा कुत्तों को पकड़े जाने के बाद उन्हें छोडऩे के खिलाफ एक स्वत: संज्ञान मामले में दो न्यायाधीशों की पीठ द्वारा जारी निर्देश को स्थगित रखने का आदेश दिया।</p>
<p>पीठ ने नगर निगम अधिकारियों को प्रत्येक वार्ड में आवारा कुत्तों के लिए भोजन क्षेत्र बनाने या उनकी पहचान करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि अन्य क्षेत्रों में भोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि अनियमित भोजन से आम आदमी को समस्याएँ होती हैं। अदालत ने उल्लंघनों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन बनाने का भी निर्देश दिया।</p>
<p>पीठ ने घोषणा की कि कोई भी व्यक्ति या संगठन अधिकारियों के कर्तव्यों के निर्वहन में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करेगा।  सुविधाओं के निर्माण के लिए प्रत्येक गैर-सरकारी संगठन को 25,000 रुपए का भुगतान किया जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि एबीसी नियमों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति या संगठन को नगर निगम अधिकारियों को कुत्तों को उठाने से नहीं रोकना चाहिए। अदालत ने कहा, ''हम कार्यवाही का दायरा बढ़ाकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, उनके पशुपालन विभाग और नगर निगम अधिकारियों को इसमें शामिल करने का प्रस्ताव रखते हैं। </p>
<p>अदालत ने अपनी रजिस्ट्री को उच्च न्यायालयों में लंबित इसी तरह के मामले का विवरण प्राप्त करने का निर्देश दिया, जिसे सर्वोच्च न्यायालय को स्थानांतरित किया जाएगा। पीठ ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कार्यवाही में पक्षकार बनाने के बाद मामले को आठ सप्ताह बाद विचार के लिए सूचीबद्ध किया।</p>
<p>अदालत ने 14 अगस्त को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया और पिछले आदेश की वैधता पर सवाल उठाने वाले सभी हस्तक्षेपकर्ताओं को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया, जिसमें कहा गया कि एक तरफ मानवीय पीड़ा है और दूसरी तरफ पशु प्रेमी हैं। अदालत ने तब कहा कि यह सारी समस्या नगर निगम की निष्क्रियता के कारण हुई है।</p>
<p> दो न्यायाधीशों वाली पीठ के पिछले आदेश पर तीखी प्रतिक्रिया और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के बाद देश के मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई ने तीन न्यायाधीशों की एक नई पीठ का गठन किया था।</p>
<p>गैर-सरकारी संगठनों और अन्य की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, ए एम सिंघवी, सिद्धार्थ लूथरा, सिद्धार्थ दवे, अमन लेखी, कॉलिन गोंजाल्विस और अन्य ने 11 अगस्त के आदेश पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि आवारा कुत्तों के लिए पर्याप्त आश्रय गृह नहीं हैं।</p>
<p>न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने 11 अगस्त को स्थिति को बेहद गंभीर मानते हुए दिल्ली सरकार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नगर निकायों को सभी इलाकों से आवारा कुत्तों को जल्द से जल्द हटाने का निर्देश दिया था।</p>
<p>शीर्ष अदालत ने कहा था कि ऐसे आवारा कुत्तों को हटाने में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन पर अवमानना कार्यवाही सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शीर्ष अदालत ने जुलाई में छह साल की एक बच्ची की असामयिक मृत्यु से संबंधित एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कुत्तों के काटने की घटनाओं और रेबीज से होने वाली मौतों के खतरे से निपटने के लिए कदम उठाया था।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-supreme-court-will-examine-the-problem-of-stray-dogs/article-124400</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/the-supreme-court-will-examine-the-problem-of-stray-dogs/article-124400</guid>
                <pubDate>Fri, 22 Aug 2025 13:26:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/supreme-court--3.jpg"                         length="206029"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बढ़ते हमले, आंकड़े दे रहे हैं चेतावनी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[दिल्ली एनसीआर में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/increasing-attack-figures-are-warning/article-123569"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws43.png" alt=""></a><br /><p>दिल्ली एनसीआर में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली/ एनसीआर के नागरिक प्रशासन और स्थानीय निकाय को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इनमें आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनकी नसबंदी करने और उन्हें आश्रय गृह में रखने के निर्देश दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन आवारा कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई में अड़ंगा डालता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई करें। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि एनसीटी-दिल्ली, एमसीडी, एनएमडीसी तुरंत आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू करें और खासकर उन इलाकों में जहां आवारा कुत्तों का खतरा ज्यादा है। पीठ ने स्थानीय निकायों को निर्देश दिया कि आठ हफ्तों में वे आवारा कुत्तों को रखने के लिए आश्रय स्थल बनाने की जानकारी दें। अदालत ने कहा कि आवारा कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई में कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p><strong>सख्त कार्रवाई होगी :</strong></p>
<p>पीठ ने कहा कि अगर इस मामले में लापरवाही की गई, तो हम सख्त कार्रवाई करेंगे।अदालत ने कहा आवारा कुत्तों के बारे में शिकायत मिलने के चार घंटे के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए और कुत्तों की नसबंदी के बाद उन्हें वापस पुरानी जगह न छोड़ा जाए। अदालत ने कहा कि रेबीज की वैक्सीन की उपलब्धता भी चिंता का कारण है। अदालत ने वैक्सीन की उपलब्धता की भी पूरी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने एक हेल्पलाइन स्थापित करने के भी निर्देश दिए। पीठ ने कहा कि एक हफ्ते में हेल्पलाइन स्थापित की जाए, ताकि इस पर लोग कुत्तों के काटने की घटनाओं को रिपोर्ट कर सकें। न्यायालय ने कहाकि आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर में रखें, अड़ंगा डालने वालों पर कार्रवाई करें।</p>
<p><strong>आवारा कुत्तों से मुक्त :</strong></p>
<p>जस्टिस पारदीवाला ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि नसबंदी हो चुकी है या नहीं, सबसे पहली चीज है कि समाज आवारा कुत्तों से मुक्त होना चाहिए। एक भी आवारा कुत्ता शहर के किसी इलाके या बाहरी इलाकों में घूमते हुए नहीं पाया जाना चाहिए। हमने नोटिस किया है कि अगर कोई आवारा कुत्ता एक जगह से पकड़ा जाता है और उसकी नसबंदी करके उसे उसी जगह छोड़ दिया जाता है, ये बेहद बेतुका है और इसका कोई मतलब नहीं बनता। पीठ ने कहा कि हालात बेहद खराब हैं और इस मामले में तुरंत दखल दिए जाने की जरूरत है। सवाल यह है कि ये आदेश दिल्ली /एनसीआर के लिए ही क्यों हैं। देश में भी तो नागरिक रहते हैं। उनके लिए क्यों नही।</p>
<p><strong>कुत्तों का आंतक :</strong></p>
<p>आवारा कुत्तों का आंतक तो पूरे देश में है। देश में कुत्तों के काटने से औसतन प्रति वर्ष 29 हजार से ज्यादा व्यक्ति मरते हैं। यह तो संख्या वह है, जो रिपोर्ट हो जाती है। गांव देहात के मामले से रिपोर्ट ही नही हो पाते। न वे खबरों की सुर्खियां बनते हैं।</p>
<p>उत्तर प्रदेश का बिजनौर बहुत छोटा जिला है। यहां हाल ही में 24 जुलाई की शाम थाना अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव झाड़पुरा भागीजोत में खेत पर काम कर रहीं 65 वर्षीय वृद्धा को आवारा कुत्तों के झुंड ने नोच कर मार डाला। तीन अगस्त को हीमपुर दीपा के गांव गांगू नंगला में हिंसक कुत्ते ने हमला कर दो बच्चों सहित 10 लोगों को बुरी तरह से घायल कर डाला। मीडिया खबरों के मुताबिक 49 साल के पराग पिछले हफ्ते अहमदाबाद में मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इस दौरान आवारा कुत्तों ने उन पर हमला कर दिया। खुद को बचाने में वह फिसलकर गिर गए और उन्हें ब्रेन हेमरेज होने से निधन हो गया।</p>
<p><strong>हमलों के शिकार :</strong></p>
<p>भारत सरकार के स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय ने पिछले साल संसद में हुए एक सवाल का जवाब देते हुए बताया कि 2019 में 72 लाख 77 हजार 523 कुत्तों के हमले रिपोर्ट हुए। वहीं साल 2020 में कुल 46 लाख 33 हजार 493 कुत्तों के हमलों रिपोर्ट हुए, जबकि साल 2021 में कुल 1701133 कुत्तों के काटने के मामले रिपोर्ट हुए। साल 2022, जुलाई तक भारतीय लोगों पर हुए कुत्तों के हमले की कुल संख्या 14 लाख 50 हजार 666 थी। इन हमलों में कई लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है। ये हमले आवारा और पालतू दोनों कुत्तों के हैं। इसके साथ ही इन हमलों के शिकार, बच्चे, बुजुर्ग और जवान तीनों हुए हैं।</p>
<p><strong>रेबीज के कारण :</strong></p>
<p>साल 2018 में एक रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में हर साल 20 हजार लोग रेबीज के कारण मरते हैं, इनमें से ज्यादातर रेबीज के मामले कुत्तों द्वारा इंसानों तक पहुंचे हैं। ऐसा नहीं है कि हर कुत्ते के काटने से आपको रेबीज हो सकता है, लेकिन ज्यादातर आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज का खतरा रहता है। कुत्तों के इन हमलों के सबसे ज्यादा शिकार छोटे बच्चे, महिलाएं और जवान होते हैं। यह समझना होगा कि अवारा कुत्तों की परेशानी दिल्ली- एनसीआर में ही नही है, ये पूरे भारतवर्ष की समस्या है। देश के देहात में तो मरे जानवर डालने के स्थान के पास रहने वाले कुत्ते तो और भी ज्यादा खतरनाक होते हैं। ये महिलाएं,बीमार और बच्चों समेत अकेले आते जाते व्यक्ति को मारकर अपना पेट भरतें हैं।आवारा कुत्तों की समस्या भारत व्यापी है। इसलिए इस मामले पर कार्रवाई भी देशव्यापी होनी चाहिए।</p>
<p><strong>-अशोक मधुप</strong><br /><strong>यह लेखक के अपने विचार हैं।</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/opinion/increasing-attack-figures-are-warning/article-123569</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/opinion/increasing-attack-figures-are-warning/article-123569</guid>
                <pubDate>Thu, 14 Aug 2025 12:34:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws43.png"                         length="347250"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़कों पर आवारा कुत्तों को रोकने के लिए क्या कर रही सरकार : हाईकोर्ट</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[वहीं न्यायमित्र प्रतीक कासलीवाल ने कहा कि आए दिन समाचार पत्रों में आवारा कुत्तों के राहगीरों पर हमला करने की सूचना मिल रही हैं।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/what-is-the-government-doing-to-stop-stray-dogs-on/article-119053"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rtroer1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर की सड़कों पर आवारा कुत्तों की ओर से आए दिन राहगीरों को काटने के मामले में स्वायत्त शासन विभाग सहित हेरिटेज व ग्रेटर निगम से पूछा है कि आवारा कुत्तों के रोड पर विचरण रोकने के लिए क्या किया जा रहा है। सीजे एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश प्रकरण में लिए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि बध्याकरण से घटनाओं में कमी नहीं आती है। सरकार बताए कि ऐसे कौन से सेंटर हैं, जहां आवारा कुत्तों को रखा जाता है। हम चाहते हैं कि आवारा कुत्तों का वेलफेयर भी हो जाए और राहगीरों को भी ऐसी घटनाओं से मुक्ति मिले।</p>
<p>वहीं न्यायमित्र प्रतीक कासलीवाल ने कहा कि आए दिन समाचार पत्रों में आवारा कुत्तों के राहगीरों पर हमला करने की सूचना मिल रही हैं। शहर ऐसी घटनाओं की राजधानी बन गया है। साल 1997 में हाईकोर्ट ने सड़कों को आवारा पशुओं से मुक्त करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए थे, लेकिन उनकी भी पालना नहीं की जा रही है। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार और निगम से जवाब पेश करने को कहा है। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/what-is-the-government-doing-to-stop-stray-dogs-on/article-119053</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/what-is-the-government-doing-to-stop-stray-dogs-on/article-119053</guid>
                <pubDate>Tue, 01 Jul 2025 14:02:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/rtroer1.png"                         length="301655"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur PS]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आवारा श्वानों का आतंक, 8 महीने में 837 जख्मी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[आवारा कुत्तों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिसकी वजह उनके द्वारा एक बार में अधिक बच्चे दिए जाना है। 
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/terror-of-stray-dogs--837-injured-in-8-months/article-103801"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(5)9.png" alt=""></a><br /><p>झालावाड़। झालावाड़ शहर इन दिनों आवारा कुत्तों के आतंक से ग्रसित है, शहर में प्रतिदिन 3 से ज्यादा लोगों को कुत्ते काट रहे हैं, सरकारी आंकड़ों की यदि बात करें तो पिछले एक वर्ष में कुल 1450 लोगों को कुत्तों ने काटा जबकि पिछले 8 महीना में 837 लोगों को यह आवारा कुत्ते काट चुके हैं। शहर के गली मोहल्लों और चौराहों पर इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, इन आवारा कुत्तों के चलते कई बार वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं। लेकिन विडंबना देखिए कि शहर को इन आवारा कुत्तों से मुक्त कराने के लिए जिम्मेदार झालावाड़ नगर परिषद के अधिकारी एवं प्रतिनिधि चैन की नींद सो रहे हैं। झालावाड़ जिले में यूं तो ग्रामीण इलाकों में भी कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है,लेकिन इन पर नियंत्रण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से अब यह बच्चों के लिए भी जानलेवा साबित हो रहे है। शहर की सड़कों और चौराहों पर धमाल मचाते रहने वाले आवारा कुत्तों का किसी भी प्रकार से मानव जीवन मे कोई खास उपयोग नही है। जबकि घरों में पाले जाने वाले कुत्तों को लेकर तो मालिक पर कुछ हद तक जिम्मेदारी निर्धारित है। </p>
<p><strong>लाइलाज है रैबीज</strong><br />झालावाड़ अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्मेंट के डॉ.आसिफ अहमद कुरेशी के बताया कि रेबीज वायरस जनित रोग है, यह कुत्ता, बिल्ली ,बंदर समेत अन्य जानवरों से फैलता है, अगर कोई कुत्ता संक्रमित हो जाता है तो वह संक्रमण उसकी नसों तक फेल जाता है फिर वह जितने भी कुत्तों को या अन्य लोगों को अपना शिकार बनाता है, उतनी ही यह बीमारी फैलती जाती है। डॉक्टर बताते हैं कि इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है, नसों तक अगर इसका संक्रमण पहुंच जाता है तो इसका कोई इलाज नहीं है,लेकिन कुत्ते के काटने के बाद ठीक समय पर सही टीका लगाया जाए तो बीमारी का खतरा खत्म हो जाता है।</p>
<p><strong>लगातार बढ़ रही है संख्या</strong><br />आवारा कुत्तों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिसकी वजह उनके द्वारा एक बार में अधिक बच्चे दिए जाना है। पशु पालन विभाग के डॉक्टरों के अनुसार सर्दी के मौसम में इनका प्रजनन काल रहता है, ऐसे में इस सीजन में इनकी संख्या लगातार बढ़ती रहती है। बच्चों की संख्या भी कोई निर्धारित नही है। एक बार में गर्भवती कुतिया 5 से 6 बच्चों को जन्म देती है।</p>
<p><strong>अभियान चलेगा</strong><br />झालावाड़ जिला कलेक्टर ने माना कि यह समस्या वाकई गंभीर है उन्होंने कहा कि नगर परिषद को उसके लिए अभियान चलाना होता है लेकिन फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, इसलिए नगर परिषद को निर्देशित कर तुरंत अभियान चलाया जाएगा ताकि शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित किया जा सके और लोगों को इनसे होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके।</p>
<p>डॉग बाइट के मामले में सबसे पहले सही इलाज दिया जाना जरूरी है, कुत्ते के काटने से बने घाव को देखकर अलग-अलग उपचार दिया जाता है, जिसमें टीके भी शामिल हैं। यदि ठीक इलाज मिल जाए तो रेबीज का खतरा कम हो जाता है, रेबीज एक लाइलाज बीमारी है, इसलिए ध्यान देना जरूरी है। <br /><strong>- डॉक्टर आसिफ कुरेशी, </strong><strong>प्रभारी कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, झालावाड़ मेडिकल कॉलेज </strong></p>
<p><br />आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं, इनकी आबादी के नियंत्रण के लिए स्थानीय निकायों एवं विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से नसबंदी की जाती है। नगर परिषद द्वारा उनकी नसबंदी के लिए अभियान चलाया जाता है, यदि नगर परिषद अभियान चलाएगा तो पशु चिकित्सालय में निशुल्क नसबंदी की सुविधा उपलब्ध है।<br /><strong>- डॉक्टर टी आर बंसोड़, पशु चिकित्सक, झालावाड़</strong></p>
<p>शहर में डॉग बाइट के मामले ज्यादा आ रहे हैं तो उनको रोकने के लिए आवारा कुत्तों के समुचित प्रबंधन के लिए नगर परिषद को निर्देश देकर अभियान चलाया जाएगा, ताकि आमजन को परेशानी ना हो। <br /><strong>- अजय सिंह राठौड़, जिला कलेक्टर, झालावाड़</strong></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/terror-of-stray-dogs--837-injured-in-8-months/article-103801</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/terror-of-stray-dogs--837-injured-in-8-months/article-103801</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Feb 2025 18:28:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/257rtrer-%285%299.png"                         length="390409"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़कों पर ही नहीं निगम कार्यालय तक में अब श्वानों का जमघट</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[हर बार सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन व आदेश का हवाला देकर इस समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। 
]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now--dogs-are-not-only-on-the-roads-but-also-in-the-municipal-corporation-office/article-94830"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6630400-sizee-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर की सड़कों पर आवारा श्वान(स्ट्रीट डॉग) की समस्या का तो समाधान नहीं हो पा रहा है। अब तो श्वानों ने नगर निगम कार्यालय तक में डेरा डाल लिया है। निगम कार्यालय में श्वानों के कारण यहां आने वाले लोग भी इनसे घबराने लगे हैं। शहर में जिस तरह से लावारिस हालत में सड़कों पर मवेशियों का जमघट लोगों के लिए परेशानीका कारण बना हुआ है।उनसे ट्रैफिक में बाधा उत्पन्न होने के साथ हीआए दिन हादसों काभी खतरा बना हुआहै। उसी तरह से आवारा श्वान भी लोगो के लिए परेशानीका कारण बने हुए हैं। श्वानों द्वारा आए दिन लोगों को काटने की घटनाएं हो रही हैं उसके बाद भी इन्हें नगर निगम शहर से बाहर नहीं कर पा रहा है। हर बार सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन व आदेश का हवाला देकर इस समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। लेकिन हालत यह है कि अब तो यह नगर निगम कार्यालय तक में घूमने लगे हैं।  </p>
<p>श्वानों को पकड़ने व उन्हें शहर से दूर करने की जिम्मेदारी नगर निगम कीहै। लेकिन श्वान शहर कीसड़कों से  कम होना तो दूर अब निगम कार्यालय  तक में आने लगे है।  सामान्य कार्य दिवसों में भी श्वानों को निगम कार्यालय में देखा जा सकता है। लेकिन अवकाश के दिनों में तो पूरे कार्यालय में श्वानों का ही राज हो जाता है। हालत यह है कि निगम परिसर में ही नहीं अब तो श्वान अधिकारियों के कक्ष तक पहुंचने लगे है। नगर निगम के बी व सी ब्लॉक में अधिशाषी अभियंता कक्ष के बाहर श्वान इतने आराम से बैठे हुए हैं जैसे वह यहां रखवाली कर रहा हो। वहीं परिसर में भी नगर निगम कोटा उत्तर महापौर कक्ष के बाहर पॉर्च में नींद निकाल रहा था। ऐसीनिगम में कईजगह हैं जहां श्वान हीश्वान देखे जा सकते हैं। </p>
<p><strong>बधियाकरण व वैक्सीनेशन किया जा रहा</strong><br />नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि श्वानों के बधियाकरण व वैक्सीनेशन का कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है। बंधा धर्मपुरा स्थित श्वान शाला में यह काम हो रहा है। निजीफर्म को इसका टेंडर दिया हुआ है। श्वानों को पकड़कर शहर के दृूर छोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है। अदालत के आदेश की पालना में श्वानों को जिस जगह से ले जाकर बधियाकरण किया जाता है। एक निर्धारित समय के बाद उन्हें वापस वाहीं छोड़ा जा रहा है।  निगम अधिकारियों का कहना है कि कार्यालय समय में तो गार्ड व लोग रहतेहैं इसलिए श्वानों का आना मुश्किल है। यदि आ भीजातेहैं तो उन्हें भगा देतेहै। लेकिन अवकाश केदिन में गार्ड व लोग नहीं होने से श्वान आस-पास से आ जातेहैं। ठंडक केलिए कार्यालय के अंदर भी आ सकतेहैं। उन्हें तो कैसे रोका जा सकता है। </p>
<p><strong>आए दिन हो रही दुर्घटनाएं</strong><br />नगर निगम कार्यालय आई किशोरपुरा निवासी शबीना बानी ने बताया किगली मौहल्लों में ही इतने अधिक श्वान हैं कि वे आए दिन बच्चों व महिलाओं का ेकाट रहे हैं। जिससे कई लोगों व बच्चों का तो घर से बाहर खेलना तक बंद हो गया है। लेकिन जिस नगर निगम की श्वानों को पकड़ने कीजिम्मेदारीहै उस निगम कार्यालय में ही जहग-जगह श्वान बैठे हुए हैं। अब तो स्थिति यह है कि जिस तरह की घटनाएं हो रहीहै उनसे श्वान देखकर ही डर लगने लगा है। अनंतपुरा निवासी राजेन्द्र नागर ने बताया कि उन्हें लगताहै कि शहर में सड़कों पर ही श्वानों का आतंक है। लेकिन ये तो नगर निगम कार्यालय  तक में जमे हुए हैं। जब निगम अधिकारी इन्हें अपने कार्यालय से ही नहीं हटा सकते तो फिर शहर कीसड़कों सेकैसे हटाएंगे। श्वानों का वैक्सीनेशन व बधियाकरण होने के बाद ये अधिक खूंखार हो जाते है। ऐसे में इनसे बचकर रहना ही अच्छा है। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now--dogs-are-not-only-on-the-roads-but-also-in-the-municipal-corporation-office/article-94830</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now--dogs-are-not-only-on-the-roads-but-also-in-the-municipal-corporation-office/article-94830</guid>
                <pubDate>Mon, 11 Nov 2024 16:27:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-11/6630400-sizee-%286%292.png"                         length="213787"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[kota]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        