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                <title>coaching institutes - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>प्रवर समिति की मीटिंग : कोचिंग नियंत्रण कानून को संशोधन के साथ दिया जा सकता है अंतिम रूप</title>
                                    <description><![CDATA[विधानसभा में लंबित कोचिंग नियंत्रण कानून में आवश्यक संशोधन पर मोहर लगा सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-meeting-of-the-select-committee-can-be-given-to/article-124076"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(2)43.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में कोचिंग संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या को रोकने और उन्हें स्वस्थ पढ़ाई का माहौल उपलब्ध कराने के लिए विधानसभा में लंबित कोचिंग नियंत्रण कानून में आवश्यक संशोधन पर मोहर लगा सकती है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार डिप्टी सीएम प्रेमचंद बेरवा की अध्यक्षता में बनी प्रवर समिति की बैठक 3:00 बजे रखी गई है। राजस्थान विधानसभा में पिछले बजट सत्र में कोचिंग नियंत्रण अधिनियम बनाने के लिए विधेयक लाया गया था, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के द्वारा इसमें बनाए गए कानून और नियमों में व्याप्त खामियों को सुधारने का सुझाव दिया था, जिसके बाद सरकार ने विधेयक को पास करने की जगह इसे प्राइवेट समिति के पास संशोधन के लिए भेजा था।</p>
<p>प्रवर समिति की अब तक कुल चार मीटिंग्स हो चुकी हैं, क्योंकि विधानसभा का मानसून सत्र 1 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। ऐसे में इस बिल को फाइनल रूप देकर डिप्टी सीएम प्रेमचंद बेरवा इस विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को आज ही सौंप सकते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Aug 2025 18:53:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोचिंग संस्थानों की व्यवस्था को लेकर बनी कमेटी, जल्द देगी अपनी रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने 5 अगस्त को इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम को नोटिस जारी किया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग हादसा मामले में सुनवाई के दौरान शुक्रवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कोचिंग संस्थानों की व्यवस्था को लेकर एक कमेटी गठित की गई है जो जल्द ही रिपोर्ट देगी। कोर्ट ने हरियाणा और उत्तरप्रदेश सरकार से भी पूछा है कि उन्होंने इस मामले पर क्या कदम उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर चार हफ्ते के बाद सुनवाई करेगी।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने 5 अगस्त को इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम को नोटिस जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली में कोचिंग सेंटर डेथ चैंबर बन गए हैं। ये लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं। हम इन कोचिंग सेंटर को बंद कर सकते हैं और तब तक आॅनलाइन मोड के जरिए इनके संचालन की इजाजत देंगे, जब तक ये फायर और दूसरे सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राजेन्द्र नगर के कोचिंग सेंटर में तीन छात्रों की मौत का जिक्र करते हुए कोचिंग सेंटर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर नाराजगी जाहिर की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Sep 2024 09:48:14 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>असर खबर का - अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत</title>
                                    <description><![CDATA[हॉस्टलों के बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी व मैस को बंद करवा 125 को जारी किए नोटिस। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---what-is-the-use-of-repenting-now--when-the-birds-have-eaten-the-crop/article-87175"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/photo-size6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण की फायर अनुभाग टीमों ने आखिरकार बुधवार को करीब एक दर्जन कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जिनमें उनके बेसमेंट में कक्षाएं, लाइब्रेरी व अन्य व्यवसायिक गतिविधियों को देखा। साथ ही उनके संचालकों को बेसमेंट में व्यवसायिक गतिविधियां नहीं करने के लिए पाबंद किया गया। निगम ने यह कार्रवाई दिल्ली में घटी घटना के दस दिन बाद नवज्योति में खबर प्रकाशन के बाद की। ऐसे में माना जा रहा है कि दस दिन का लम्बा समय मिलने पर कोचिंग संचालकों ने अपनी व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर ली। यह ऐसा है जैसे चिड़िया चुग गई खेत  यदि यही निरीक्षण पहले किया जाता तो सही हालात निगम के फायर अनुभाग के सामने आ सकते थे। </p>
<p><strong>नए कोटा से लेकर नदी पार तक की जांच</strong><br />कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास के नेतृत्व में कोटा उत्तर के अग्निशमन अधिकारी अमजद खान व अजहर खान व 15 फायरमेन की टीमें जांच के लिए निकली। दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक नए कोटा से लेकर नदी पार व बारां रोड तक के कोचिंग संस्थानों की जांच की। सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि टीमों ने राजीव गांधी नगर, इंद्र विहार, जवाहर नगर, तलवंडी, इंडस्ट्रीयल एरिया, इलेक्ट्रोनिक्स कॉम्पलेक्स, कोरल पार्क, लैंड मार्क कुन्हाड़ी  में स्थित एक दर्जन कोचिंग संस्थानों के भवनों व उनके बेसमेंट का निरीक्षण किया गया।   जिनमें शहर की सभी छोटी-बड़े प्रमुख कोचिंग संस्थान शामिल हैं।</p>
<p><strong>30 जुलाई को ही बंद की बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी </strong><br />निरीक्षण के दौरान कोचिंग संस्थानों के प्रबंधकों ने बताया कि दिल्ली के राजेन्द्र नगर स्थित कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में हुए हादसे के बाद 30 जुलाई को ही यहां बेसमेंट में संचालित लाइब्रेरी व अन्य व्यवसायिक गतिविधियों को बंद कर दिया गया था। अधिकतर भवनों के बेसमेंट को पार्किंंग के रूप में उपयोग में लिया जा रहा है। राजीव गांधी नगर स्थित मल्टी स्टोरी के बेसमेंट में संचालित कम्प्यूटर लैब व टेस्ट सेंटर को  पहले से बंद कर रखा था। इसे मालिक ने स्वयं ही बंद कर दिया बताते हैं। </p>
<p><strong>उत्तर में 75 दक्षिण में 50 को नोटिस</strong><br />सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि निगम के फायरमेन ने कोंिग संस्थानों के अलावा हॉस्टल और अन्य व्यवसायिक भवनों के बेसमेंट की भी जांच की गई। जांच के दौरान जहां भी बेसमेंट में गतिविधि मिली उन सभी लाइब्रेरी व मैस को बंद करवाया और 10-10 नोटिस जारी किए गए। उन्होंने बताया कि अभी तक बेसमेंट में संचालित गतिविधियों वाले 125 भवन मालिकों  को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जिनमें से कोटा उत्तर  में 75 व कोटा दक्षिण में 50 नोटिस शामिल हैं। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि दिल्ली के कोचिंग संस्थान में हुए हादसे के दस दिन बाद तक भी नगर निगम के फायर अनुभाग टीमों द्वारा कोटा में कोचिंग संस्थानों की जांच नहीं करने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था। समाचार पत्र के 7 अगस्त के अंक में पेज दो पर ‘देश भर में कोचिंग संस्थानों की जांच,कोटा में केवल लाइब्रेरियां खंगाली’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।  समाचार प्रकाशित होते ही निगम प्रशासन हरकत में आया। उसके बाद फायर की टीमों ने पूरे शहर के करीब एक दर्जन कोचिंग संस्थानों की जांच की। </p>
<p><strong>सभी को किया पाबंद</strong><br />व्यास ने बताया कि किसी भी कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में कोई व्यवसायिक गतिविधि नहीं मिली। उसके बाद भी सभी कोचिंग संस्थानों के संचालकों को पाबंद किया गया है कि बेसमेंट में शिक्षण, लाइब्रेरी व स्टोर या अन्य कोई व्यवसायिक गतिविधि नहीं की जाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Aug 2024 16:17:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश भर में कोचिंग संस्थानों की जांच, कोटा में केवल लाइब्रेरियां खंगाली</title>
                                    <description><![CDATA[कोचिंग संस्थान संचालकों को जान बूझकर दिया समय।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/coaching-institutes-were-investigated-across-the-country--only-libraries-were-searched-in-kota/article-87091"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(13)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा नगरी कोटा में जहां सबसे अधिक कोचिंग संस्थान है। वहां के बेसमेंट में कक्षाएं व व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं या नहीं इसकी अभी तक नगर निगम के फायर अनुभाग ने जांच तक नहीं की है। दिल्ली के राजेन्द्र नगर स्थित कोचिंग के बेसमेंट में पानी भरने से वहां तीन विद्यार्थियों की मौत के बाद देश भर में कोचिंग संस्थानों की जांच की गई। लेकिन कोचिंग नगरी कोटा में किसी भी कोचिंग संस्थान में जाकर फायर अनुभाग झांका तक नहीं। वाह-वाही लूटने को केवल हॉस्टल्स के बेसमेंट चेक किए गए। घटना के दस दिन गुजरने के बाद भी अब तक कोचिंग संस्थानों की जांच नहीं की गई है।  यह हालात तब हैं जब सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कोचिंग सेंटर डेथ चैंबर बन गए हैं। लोगों का आरोप है कि बड़ी-बड़ी अट्टालिकाओं के मालिक रसूखदार कोचिंग संस्थानों को समय देने के लिए यह कार्रवाई नहीं की गई है। इससे दोनों ही नगर निगम के महापौर,उच्चाधिकारी और फायर अनुभाग पर अंगुली उठ खड़ी हुई है।</p>
<p><strong>श्कोचिंग संस्थानों के दर्जनों भवन</strong><br />शहर में कई बड़े कोचिंग संस्थान है। जिनमें से अधिकतर के तो दर्जनों भवन है। हर भवन बहुमंजिला है। उन भवनों में बेसमेंट भी है। फिर चाहे बारां रोड नया नोहरा स्थित कोरल पार्क हो या नदी पार कुन्हाड़ी क्षेत्र स्थित लैंड मार्क सिटी। जवाहर नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर हो या राजीव गांधी नगर। इंद्र विहार हो या विज्ञान नगर, तलवंडी हो या दादाबाड़ी क्षेत्र। सभी जगहों पर हजारों बच्चे देशभर से आकर मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। कोचिंग संस्थान संचालक अपने यहां बच्चों की अधिक संख्या को देखते हुए उनकी जान की परवाह किए बिना बेसमेंट में भी कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। लेकिन किसी भी संस्थान की पिछले दस दिन में जांच नहीं की गई।</p>
<p><strong>जहां हादसा हुआ वहां जाच होनी चाहिए थीह्ण</strong><br />दिल्ली के कोचिंग बेसमेंट में पानी भरने से तीन विद्यार्थियों की मौत होना बड़ी घटना है। कोटा में भी दर्जनों बड़े कोचिंग संस्थान है। यहां कोचिंगों में उस तरह की गतिविधि हो रही है या नहीं इसकी जांच की जानी चाहिए। पहले कोचिंग की जांच की जानी चाहिए थी बाद में अन्य भवनों की होनी चाहिए थी।<br /><strong>- सागर जैन, तलवंडी</strong></p>
<p>शहर में बड़े-बड़े कोचिंग संस्थानों की बहुमंजिला इमारतें हैं। हर इमारत में बेसमेंट है। वहां कक्षाएं चलती रही हैं ।  इसकी प्रशासन को पहले जांच करवानी चाहिए थी। लेकिन प्रशासन ने कोचिंगों में पहले जांच नहीं कर उन्हें संभलने का मौका दिया है। अब जांच करने का उतना फायदा नहीं होगा जितना पहले होता। <br /><strong>- महेश शर्मा, विज्ञान जिम्मेदारों का कहना</strong></p>
<p>दिल्ली की घटना होने के बाद निगम अधिकािरयों को मौखिक ही निर्देश दिए गए थे। सभी जगह पर बेसमेंट में संचालित गतिविधियों की जांच करने को कहा गया था। यदि कोचिंग में जांच नहीं की गई तो यह गलत है। अब अधिकारियों को इसके लिए विशेष रूप से निर्देशित किया जाएगा। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>
<p>दिल्ली की घटना के बाद निगम अधिकािरयों की टीमों ने सभी जगह पर बेसमेंट की जांच तो की है। जहां बेसमेंट में लाइब्रेरी चल रही थी उन्हें बंद भी कराया है। कोचिंग संस्थानों की जांच की जानकारी नहीं है। इस बारे में पता कर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जाएंगे।          <br /><strong>- मंजू मेहरा महापौर, नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>
<p>दिल्ली की घटना के अगले ही दिन शहर के हॉस्टलों व व्यवसायिक भवनों के बेसमेंट  में संचालित लाइब्रेरी, गेम जोन व मैस की जांच की गई। कोचिंग संस्थानों में फायर एनओसी देते समय सभी से अंडरटेकिंग ली जाती है कि वे बेसमेंट में कोई व्यवसायिक गतिविधियां संचालित नहीं करेंगे। पूर्व में समय-समय पर कोचिंगों की जांच की गई है। अधिकतर के पास फायर एनओसी है। उनके यहां बेसमेंट में स्टोर या पार्किंग ही बने हुए हैं। दिल्ली की घटना के बाद लैंडमार्क के कोचिंग की जांच की थी वहां कोई व्यवसायिक गतिविधि नहीं मिली थी। घटना के बाद कोचिंग की जांच करनी थी लेकिन किसी न किसी काम में व्यस्तता के कारण नहीं जा सके। शीघ्र ही इनकी भी जांच की जाएगी। कोचिंग संस्थानों को संभलने का मौका देने जैसी कोई बात नहीं है। हॉस्टलों में बड़ी संख्या में लाइब्रेरी व गेम जोन संचालित होने की सूचना पर उन्हें बंद करवाना प्राथमिकता थी। <strong>- राकेश व्यास, सीएफओ, नगर निगम कोटा उत्तर दक्षिण </strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Aug 2024 17:16:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>538 संचालित कोचिंग संस्थानों एवं लाइब्रेरियों की जांच में मिली 69 में अनियमितता</title>
                                    <description><![CDATA[उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षामंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कोचिंग सेंटर्स में जो भी खामी है, उन्हें दूर करने के लिए एक जांच कमेटी गठित की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-investigation-of-538-operated-coaching-institutes-and-libraries/article-86467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer-(9).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दिल्ली में कोचिंग में हुए हादसे के बाद जयपुर कमिश्नरेट पुलिस ने कोचिंग संस्थानों की सख्ती से जांच शुरू कर दी है। दो दिन में पुलिस ने 538 की जांच की। जांच में 69 संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनियमितता पाई गई, जिसमें 31 संस्थानों को नोटिस एवं 38 संस्थानों की सील की कार्रवाई की गई।</p>
<p>जयपुर पुलिस आयुक्त  बीजू जॉर्ज जोसफ के निर्देशानुसार जयपुर आयुक्तालय क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच के लिए सभी थाना अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। इनमें कोचिंग संस्थान भवन के बेसमेंट, अग्निशमन सुरक्षा संबंधित एवं किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में भवन से निकासी की समुचित व्यवस्था साथ ही नियमानुसार संबंधित सरकारी संस्थाओं से सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त किया है या नहीं। बुधवार को आयुक्तालय क्षेत्र में 538 संचालित कोचिंग संस्थानों एवं लाइब्रेरियों का पुलिस द्वारा निरीक्षण कर उक्त मानकों की जांच की गई।  सुरक्षा मानकों की जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।</p>
<p><strong>कमेटी कोचिंग सेंटर्स का निरीक्षण कर कमियों की रिपोर्ट सरकार को पेश करे</strong><br />प्रदेश में कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे छात्रों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने भी चिंता जाहिर की है। उपमुख्यमंत्री और उच्च शिक्षामंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कोचिंग सेंटर्स में जो भी खामी है, उन्हें दूर करने के लिए एक जांच कमेटी गठित की है, जो कोचिंग सेंटर्स का निरीक्षण कर कमियों की रिपोर्ट राज्य सरकार को पेश करेगी। यही नहीं यदि नॉन कमर्शियल प्लेस पर कोचिंग संचालित हो रही है, तो उसकी भी जांच की जाएगी, ताकि दिल्ली जैसा कोई हादसा राजस्थान में ना हो। उन्होंने इस पर राजस्थान के उन सभी जिलों में जांच की बात कही है, जहां नॉन कमर्शियल स्पेस पर कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। सरकार भी इस संबंध में चिंता जाहिर कर चुकी है और निश्चित रूप से दिल्ली जैसी कोई घटना ना हो, इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। ये कमेटी जांच कर ये बताएगी कि क्या कमियां हैं। </p>
<p><strong>कोचिंग सेंटर्स की जांच शुरू</strong><br />नगर निगम जयपुर ग्रेटर की आयुक्त के निर्देश पर मानसरोवर जोन की टीम ने बुधवार को कोचिंग सेंटर्स का सर्वे किया। मानसरोवर जोन की टीम ने गोपालपुरा क्षेत्र में कोचिंग सेंटर्स की जांच की, जहां अनियमितताएं पाई गई। टीम रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को सौंपेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p><strong>कोचिंग सेंटर्स की जांच के लिए कमेटी गठित<br /></strong>कोचिंग सेन्टर्स की जांच के लिए गठित कमेटी में नगर निगम ग्रेटर मुख्यालय की गठित कमेटी में उपायुक्त मुख्यालय को अध्यक्ष, उपायुक्त आयोजना प्रथम, उपायुक्त फायर, अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक व मुख्य अग्निशमन अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। साथ ही संबंधित जोन उपायुक्त सदस्य सचिव रहेंगे। जोन की गठित कमेटी में जोन उपायुक्त अध्यक्ष, राजस्व अधिकारी, सहायक नगर नियोजक, सहायक अग्निशमन अधिकारी और कनिष्ठ अभियंता भवन निर्माण शाखा सदस्य रहेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Aug 2024 14:51:52 +0530</pubDate>
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                <title>लोकायुक्त को मिले कोचिंग संस्थानों की जांच का अधिकार : सुभाष गर्ग</title>
                                    <description><![CDATA[गर्ग ने कहा लोकायुक्त को यूआईटी, नगर निगम, जेडीए द्वारा बेसमेंट में कोचिंग संस्थान चलाने, व्यापारिक गतिविधियों के लिए अनुमति देने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/lokayukta-gets-the-right-to-investigate-coaching-institutes-subhash-garg/article-86387"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/4111u1rer-(12)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विधानसभा में लोकायुक्त राजस्थान का 35 वां वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2023 पर चर्चा के दौरान विधायक सुभाष गर्ग ने कहा कि लोकायुक्त को ईडी, सीबीआई जैसे अधिकार मिलने चाहिए। लोकायुक्त को मजबूत बनाना होगा। गर्ग ने कोचिंग के बेसमेंट को अवैध गतिविधि  बताते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। गर्ग ने कहा लोकायुक्त को यूआईटी, नगर निगम, जेडीए द्वारा बेसमेंट में कोचिंग संस्थान चलाने, व्यापारिक गतिविधियों के लिए अनुमति देने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 14:20:12 +0530</pubDate>
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                <title>सरकार का आदेश, निकाय करेंगी कोचिंगों का निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[कोचिंग सेंटर की सुरक्षा मानकों के आधार पर जांच के निर्देश दिये है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-order-body-will-inspect-coachings/article-86346"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/cm-bhajan-lal-shara.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दिल्ली के कोचिंग हादसे के बाद राज्य सरकार ने सभी निकायों को बहुमंजिला भवनों, संस्थागत व वाणिज्यिक उपयोग के लोअर ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट वाले भवनों में  बेसमेंट संबंधी बिल्डिंग बायलॉज के प्रावधानों की पालना कराने  के निर्देश दिए है।</p>
<p>साथ ही बेसमेंट में चल रहे कोचिंग सेंटर को लेकर सभी विकास प्राधिकरण, नगर सुधार न्यास और शहरी निकायों व्यावसायिक/संस्थागत उपयोग वाले बेसमेंट का निरीक्षण करेंगे। बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी या अन्य व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, तो ऐसे सभी बेसमेंट का निरीक्षण किया जाए। उनमें वेंटिलेशन, जल निकासी का प्रबंध और बेसमेंट में आने जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, अगर किसी भवन का अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है तो, उन भवन मालिकों को इसके लिए 15 दिन का नोटिस दे, फिर भी प्रमाण पत्र  नही लेने पर भवनों को तुरंत सील किया जाए। साथ ही बायलॉज के मुताबिक बहु मंजिला भवनों में उच्चतर मंजिलों से पहुंच और निकास के लिए मुख्य सीढ़ियों के अलावा वैकल्पिक सीढ़ियों का का प्रावधान रखना जरूरी है। संस्थागत व वाणिज्यिक उपयोग के भवनों में निकास के रास्ते रखना है जरूरी, बेसमेंट और लोअर ग्राउंड फ्लोर के लिए ऐसा निकास का रास्ता रखना जरूरी है, जिसमें 15 मीटर से अधिक नहीं चलना पड़े, यदि अग्निशमन प्रावधान किए गए हो तो ऐसा हो निकास का रास्ता, जिसमें 22.5 मीटर से अधिक नहीं चलना पड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Jul 2024 10:56:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोचिंग संस्थानों पर नियमों का नियंत्रण जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[बीते मास, 18 जनवरी को शिक्षा मंत्रालय ने कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण,  छात्रों के नामांकन की आयु, वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों की योग्यता,उन संस्थानों द्वारा छात्रों एवं अभिभावकों से किए जाने वाले वादे, शुल्क आदि को लेकर आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/it-is-necessary-to-control-the-rules-on-coaching-institutes/article-71525"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/transfer1.jpg" alt=""></a><br /><p>बीते मास, 18 जनवरी को शिक्षा मंत्रालय ने कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण,  छात्रों के नामांकन की आयु, वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों की योग्यता,उन संस्थानों द्वारा छात्रों एवं अभिभावकों से किए जाने वाले वादे, शुल्क आदि को लेकर आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किए हैं। इनके उल्लंघन पर दंड के प्रविधान भी किए हैं। ये दिशा- निर्देश स्वागत योग्य हैं,  परंतु इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के मध्य व्यापक विचार- विमर्श आवश्यक है। नि:संदेह सफलता का सब्जबाग दिखाते और सपने बेचते कोचिंग संस्थानों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। लगभग सभी छोटे- बड़े शहरों में कोचिंग संस्थान कुकुरमुत्ते की तरह उग आए हैं। कोचिंग ने सामान्य व्यवसाय से आगे निकलकर संगठित उद्योग का रूप ले लिया है। आॅनलाइन कोचिंग की पैठ तो अब घर के भीतर तक हो गई है। इनफिनियम ग्लोबल रिसर्च रिपोर्ट, 2023 के अनुसार भारत में कोचिंग उद्योग का सालाना कारोबार करीब 58 हजार करोड़ रुपये का है और अगले पाँच वर्षों में यह बढ़कर करीब एक लाख 34 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इंडियन काउंसिल फार रिसर्च ऑन नेशनल एजुकेशन की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार देश में 85 लाख छात्र विभिन्न प्रकार की कोचिंग ले रहे हैं। 2023-24 में अकेले कोटा में ही लगभग 2.05 लाख विद्यार्थी कोचिंग के लिए आए। नेशनल सैंपल सर्वे आफिस का 2020 का सर्वेक्षण बताता है कि कक्षा 11 और 12 के लगभग 25 प्रतिशत छात्र अलग-अलग विषयों के लिए कोचिंग ले रहे थे। यह स्थिति चिंतित करने वाली है। एक दौर था जब पढ़ाई में कमजोर छात्रों के लिए ही कोचिंग आवश्यक समझी जाती थी, परंतु इन दिनों कोचिंग एक चलन ही नहीं, स्टेट्स सिंबल माना जाने लगा है। आखिर इन स्थितियों का जिम्मेदार कौन है? क्या गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के अभाव में कोचिंग उद्योग पनप रहा है। कहीं ऐसा तो नहीं कि पाठ्यक्रम एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रारूप एवं पद्धति के मध्य व्याप्त दूरी विद्यार्थियों को कोचिंग के लिए विवश करती है। सामान्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी आज कोचिंग आवश्यक हो गई है। शिक्षा-जगत के नीति- नियंता यदि गहराई से विचार करें तो पाएंगे कि शिक्षा-क्षेत्र में व्याप्त अधिकांश समस्याओं,अनियमितताओं एवं कदाचार की जननी कोचिंग की फलती- फूलती संस्कृति है। सफलता को कभी सतत साधना का प्रतिफल समझा जाता था, लेकिन आज हर कोई उसका शार्टकट ढूंढ़ रहा है। कोई यह समझने को तैयार नहीं कि विद्यार्थियों की सफलता, उनके व्यक्तित्व के विकास अथवा निर्माण का कोई तय सूत्र या निर्दिष्ट फार्मूला नहीं होता। इसके लिए प्रत्येक विद्यार्थी की प्रकृति, प्रवृत्ति, सामर्थ्य एवं सीमाओं को समझना होगा। उनके साथ सुदीर्घ एवं गुणवत्तायुक्त समय बिताए बिना यह संभव नहीं होगा। क्या कोचिंग संस्थानों के सीमित लक्ष्य, व्यावसायिक दृष्टिकोण, यांत्रिक दिनचर्या, अंकों,रैंकों की गुणाभाग, परीक्षा पर परीक्षा की अंतहीन शृंखला आदि की प्रचलित व्यवस्था में यह सब संभव है? स्मरण रहे कि विद्यार्थी नीरस और उबाऊ दिनचर्या के दोहराव के यंत्र अथवा अंक बटोरने की मशीन नहीं हैं और न ही वे बने- बनाए ढांचे में तैयार किए जाने वाले उत्पाद हैं। वे मन, बुद्धि, भावना और संवेदना से युक्त मनुष्य हैं, जिनका समग्र एवं संपूर्ण विकास एक स्वस्थ, संतुलित परिवेश और रुचिपूर्ण-रचनात्मक दैनिक गतिविधियों की अपेक्षा रखता है। विद्यालयी शिक्षा में तो फिर भी विद्यार्थियों के मानसिक- बौद्धिक विकास के साथ - साथ उनके सृजनात्मक एवं भावनात्मक विकास की न्यूनाधिक चिंता की जाती  है और  तदनुसार  पाठ्यक्रम एवं सहगामी क्रियाकलापों आदि की रचना की जाती है,परंतु कोचिंग का वातावरण, गलाकाट प्रतिस्पर्द्धा,सफलता का दबाव उन्हें अनावश्यक तनाव एवं कुंठा की ओर लेकर जाता है। इसकी भयावह परिणति कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति में देखी जा सकती है। राजस्थान पुलिस के आँकड़ों के अनुसार 2015 से 25 फरवरी, 2024 तक अकेले कोटा में 124 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। इससे देश भर की कोचिंग संस्थाओं की भयावहता एवं वहाँ अध्ययनरत विद्यार्थियों की वास्तविक मन:स्थिति का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। कोचिंग संस्थान सपनों के सौदागर हैं। भ्रामक प्रचार- प्रसार एवं आक्रामक विज्ञापनों के जरिये वे छात्रों एवं उनके अभिभावकों को बरगलाते हैं। अधिकांश अभिभावक भी बच्चों की रुचि,क्षमता, प्रकृति व प्रवृत्ति आदि पर विचार किए बिना उन पर अपने सपनों का भार थोपने की भूल कर बैठते हैं,जिसका परिणाम प्राय: त्रासद ही होता है। कोचिंग  संस्थाओं के अतिरेक पूर्ण दावों और सफल अभ्यर्थियों के चमकते- दमकते चंद सितारा चेहरों के पीछे लाखों विफल विद्यार्थियों के दर्द,आंसू और स्याह सच सामने नहीं आते। भेड़चाल के कारण बहुत छोटी आयु में बच्चों को कोचिंग की भट्ठी में झोंकने से उनका बचपन छिन जाता है। <br />                        </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Mar 2024 12:28:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अब कोटा के कोचिंग संस्थान नौंवी से पहले स्टूडेंट को प्रवेश नहीं दे सकेंगे: कलक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[कोचिंग संस्थानों से गाइड लाइन की सख्ती से पालना करने को कहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/now-coaching-institutes-of-kota-will-not-be-able-to-give-admission-to-students-before-9th--collector/article-58419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/kota3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षा नगरी कोटा में अब नौंवी कक्षा से पहले स्टूडेंट को कोचिंग में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जो स्टूडेंट कोचिंग में अभी पंजीकृत हैं और वह कोचिंग छोड़ना चाहते हैं तो कोचिंग संस्थान को उन्हें शेष अवधि की फीस लौटानी पड़ेगी। यह बात जिला कलक्टर ओपी बुनकर ने नवज्योति के साथ बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मीटिंग के बाद जारी गाइडलाइन सभी कोचिंग संस्थानों में भेज दी गई है। कोचिंग संस्थानों से गाइडलाइन की सख्ती से पालना करने को कहा है।</p>
<p><strong>- नवज्योति- </strong>कोटा के कोचिंग में नौंवी से पहले के जो स्टूडेंट वर्तमान में पढ़ रहे हैं उनको लेकर क्या निर्णय रहेगा।  <br /><strong>कलक्टर- </strong>हमने गाइडलाइन सभी को भेज दी है। गाइडलाइन की पालना करवाई जाएगी। कोटा में कोचिंग वालों का कहना है कि नवीं से पहले कोचिंग नहीं पढ़ाई जाती है। जो पढ़ाते हैं वह बंद कर देंगे। नवीं से पहले के स्टूडेंट  स्कूल में ही पढ़ते हैं। यह कंपोजिट स्कूल हैं। उन्हीं में इन्हें पढ़ाया जाता है।<br /><strong>- नवज्योति- </strong>वर्तमान में नौंवी में कोचिंग में  पढ़ रहे स्टूडेंट्स को क्या तुरन्त हटा दिया जाएगा। <br /><strong>कलक्टर-</strong> गाइडलाइन में इस संबंध में कहा गया है कि नौंवी से पहले के स्टूडेंट को कोचिंग में प्रवेश को प्रोत्साहित नहीं किया जाए। स्टूडेंट को प्रोत्साहित करने का काम अभिभावक ही करते हैं।  <br /><strong>- नवज्योति- </strong>वर्तमान में नौंवीं से पहले के कोचिंग स्टूडेंट कोचिंग छोडना चाहेंगे तो उनका क्या करेंगे। <br /><strong>कलक्टर- </strong>गाइडलाइन के अनुसार ऐसे स्टूडेंट यदि कोचिंग छोडना चाहते हैं तो उन्हें शेष रहे समय की फीस कोचिंग संस्थान को लौटानी पड़ेगी।<br /><strong>- नवज्योति - </strong>गइडलाइन कब से जारी मानी जाएगी।<br /><strong>कलक्टर- </strong>कल सीएस के साथ मीटिंग में यह गाइडलाइन जारी कर दी गई थी। सभी जिला कलक्टर और एसपी को यह लागू करवाने को कहा है। हमने जिला स्तरीय कमेटी को निर्देशित कर दिया है। कोचिंग संस्थानों को भेज दिया है। इस पर कार्य शुरू हो गया है। <br /><strong>- नवज्योति-</strong> गाइडलाइन के अन्य बिन्दु क्या हैं। <br /><strong>कलक्टर-</strong> मुख्य रूप पढ़ाई में तनाव कम करने और बच्चें का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करने से संबंधित बिंदु  हैं। </p>
<p><strong>यह हैं गाइडलाइन के अन्य मुख्य बिंदु</strong><br />- कोचिंग संस्थान असेसमेंट रिजल्ट सार्वजनिक नहीं करेंगे<br />- बच्चें को सप्ताह में डेढ़ दिन का साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा।<br />- बच्चें में तनाव रोकने के लिए हरसंभव उपाए किए जाएंगे<br />- निर्देशों की पालना कराने की जिम्मेदारी जिला कलक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक की रहेगी</p>
<p><strong>पढ़ाई के बोझ की वजह से किसी बच्चे की जान ना जाए</strong><br />मुख्य सचिव ने गुरुवार को सचिवालय में प्रदेश में संचालित कोचिंग संस्थानों में अध्यनरत विद्यार्थियों में तनाव कम करने एवं उनका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए दिशा-निर्देश 2023 की अनुपालना में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने कहा कि बच्चों में पढ़ाई के अवांछित तनाव को कम करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि बच्चे हताश और निराश होकर गलत कदम ना उठा लें। बच्चे अपने उम्र के बहुत ही नाजुक दौर में अपने माता-पिता से दूर कोचिंग में पढ़ने आ जाते हैं, जहां उन्हें गला काट प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। कोचिंग संस्थानों ने भी अपनी सफलता दर बढ़ाने के लिए बच्चों को इस अंधी दौड़ में धकेल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारी धरोहर हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि पढ़ाई के बोझ की वजह से किसी बच्चे की जान ना जाए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Sep 2023 14:23:47 +0530</pubDate>
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                <title>छोटी सी चिंगारी हॉस्टल में लगा देगी आग</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में लाखों-करोड़ों रुपए की इमारतें बनाने के बाद भी उनमें आग से सुरक्षा के लिए फायर सिस्टम तक लगाए हुए नहीं है, जिससे कोटा में कभी भी इस तरह की घटना हो सकती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/a-small-spark-will-set-fire-to-the-hostel/article-49014"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/chhoti-si-chingari-hostel-me-lga-degi-aag...kota-news-16-06-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित कोचिंग सेंटर में गुरुवार को लगी भीषण आग से कई विद्यार्थिों का जीवन संकट में पड़ गया। उसी तरह की घटना कोटा के कोचिंग संस्थान व हॉस्टलों में कभी भी हो सकती है। फायर अनुभाग द्वारा नोटिस देने के बाद भी यहां अधिकतर हॉस्टल व कोचिंग संस्थानों में फायर सिस्टम तक नहीं लगाए जा रहे हैं। मुखर्जी नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर में अचानक आग लग गई। जिससे उस सेंटर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों व स्टाफ का जीवन खतरे में पड़ गया। सूचना पर मौके पर पहुंची दमकलों की सहायता से आग बुझाने का काम तो किया ही गया। साथ ही सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना भी उनकी प्राथमिकता रही। ऐसे में तीन मंजिला सेंटर से बच्चों को रस्सी की सहायता से बाहर निकाला गया।  दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान में यह घटना हुई है। जबकि कोटा शिक्षा की छोटी काशी है। यहां बड़ी-बड़ी कई कोचिंग संस्थान हैं। बहुमंजिला कोचिंग संस्थानों में करीब 2 लाख बच्चे देशभर से आकर यहां मेडिकल व इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं। ये बच्चे अधिकतर हॉस्टलों में रह रहे हैं। शहर के हर कोचिंग एरिया में बहुमंजिला हॉस्टल बने हुए हैं। हालत यह है कि लाखों-करोड़ों रुपए की इमारतें बनाने के बाद भी उनमें आग से सुरक्षा के लिए फायर सिस्टम तक लगाए हुए नहीं है। जिससे कोटा में कभी भी इस तरह की घटना हो सकती है। जिससे हजारों बच्चों का जीवन संकट में पड़ सकता है। </p>
<p><strong>प्रवेश-निकास की अलग सुविधा नहीं</strong><br />कोटा के अधिकतर कोचिंग संस्थान व हॉस्टलों में प्रवेश व निकास के लिए एक ही सीढ़ियां हैं। बहुमंजिला इमारतें होने से उनमें लिफ्ट तो लगी हुई है। लेकिन आग लगने की घटना होने पर लाटि बंद करने से लिफ्ट बंद हो जाती है। ऐसे में एक ही सीढ़ी से सभी का बाहर निकलना संभव नहीं होता है। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के फायर अनुभाग की ओर से समय-समय पर हॉस्टल व कोचिंग संस्थानों की जाच की जाती है। वर्तमान में भी कोटा दक्षिण निगम के फायर टीम द्वारा इलेक्ट्रोनिक्स कॉम्पलेक्स में हॉस्टलों की जांच की जा रही है। जिनमें से अधिकतर में कमियां पाई गई है। जिस पर सीएफओ ने नोटिस जारी किए हैं। उसके बाद भी अधिकतर संस्थानों व हॉस्टलों में आग से सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने चेताया</strong><br />कोटा के कोचिंग व हॉस्टलों में आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से कभी भी आग लगने की घटना होने पर हजारों बच्चों का जीवन संकट में पड़ सकता है। इस संबंध में दैनिक नव’योति ने 14 जून के अंक में ही समाचार प्रकाशित कर चेताया है। </p>
<p><strong>कोचिंग व हॉस्टल संचालकों की जिम्मेदारी</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के सीएफओ राकेश व्यास का कहना है कि कोटा शिक्षा नगरी होने से यहां हर क्षेत्र में कोचिंग व हॉस्टल हैं। अधिकतर में तो प्रवेश व निकास का एक ही रास्ता है।   कोचिंग संस्थान व हॉस्टल संचालकों को अपने यहां इमरजेंसी सीढ़ियां लगानी चाहिए। सुरक्षा जाल की व्यवस्था रखनी चाहिए और रॉप लेडर भी सभी के यहां होने चाहिए। जिससे कभी भी कोई घटना होने पर इनकी सहाता से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। </p>
<p><strong>बच्चों की पीड़ा</strong><br />लैंड मार्क सिटी स्थित हॉस्टल में रहने वाले बिहार निवासी छात्र रोनित का कहना है कि हॉस्टल  व कोचिंग संस्थान में भारी फीस दे रहे हैं। ऐसे में आग या किसी भी आपदा से निपटने के लिए सुरक्षा के इंतजाम रखना सचालकों की जिम्मेदारी है। यदि रात के समय या सुबह जल्दी आग लगने की घटना हो जाती है तो उनके लिए खतरा अधिक है। जवाहर नगर स्थित हॉस्टल में रहने वाले उत्तर प्रदेश निवासी छात्र आनंद नायक का कहना है कि दिल्ली जैसी आग लगने की घटना कहीं भी हो सकती है। कोटा में तो हॉस्टल  कोचिंग भी पास-पास हैं। बच्चों की संख्या भी अधिक है। यदि ऐसी कोई घटना यहां होती है तो उनके लिए खतरा अधिक है। हॉस्टल में तो आने-जाने का एक ही रास्ता है। इमरजेंसी सीढ़ियां तक नहीं है। </p>
<p><strong>संचालकों का दावा कोई खतरा नहीं</strong><br />इधर लैंडमार्क सिटी स्थित हॉस्टल संचालक राकेश जांगिड़ का कहना है कि हॉस्टल में बच्चों को कोई खतरा नहीं है। आग से बचाव के लिए उनके यहां फायर उपकरण रखे हुए हैं। साथ ही छत की तरफ से बाहर निकलने का रास्ता भी है।  जवाहर नगर स्थित हॉस्टल संचालक देवेन्द्र शर्मा का कहना है कि  उन्होंने तो हॉस्टल लीज पर लिया है। फायर सिस्टल लगाने की जिम्मेदारी मालिक की है। साथ ही प्रशासन को भी हॉस्टल बनते समय सुरक्षा मापदंड देखने चाहिए। वैसे बच्चों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jun 2023 14:37:14 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा के दो लाख कोचिंग विद्यार्थियों को मिलेगी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत लाखों विद्यार्थियों में से कई विद्यार्थियों द्वारा पढ़ाई के दबाव  व मानसिक अवसाद के चलते आत्म हत्या करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। इसे देखते हुए इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए गाइड लाइन जारी की है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-two-lakh-coaching-students-of-kota-will-get-relief/article-29692"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/kota-k-2-lakhs-coaching-vidhyarthiyo-ko-milegi-rahat..kota-news-15.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा  के कोचिंग सस्थानों में इंजीनियरिंग व मेडिकल की तैयारी कर रहे देशभर के करीब दो लाख विद्यार्थियों को शीघ्र ही राहत मिलने वाली है। राज्य सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए गाइड लाइन 2022 को मंजूरी दे दी है।  कोटा समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत लाखों विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखने व उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने गाइड लाइन जारी की है। जिसमें कोचिंग संस्थानों में कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखने के लिए उनकी समस्याओं को सुनना व उनका समाधान होगा। इसके लिए मनोचिकित्सक व विषयवार काउंसलर नियुक्त करने को कहा गया है।  विद्यार्थियों को कोचिंग संस्थान में सुरक्षा प्रदान करनी होगी। इसके लिए जिला व पुलिस प्रशासन के माध्यम से निगरानी तंत्र विकसित करना होगा। </p>
<p><strong>सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन करना होगा</strong><br />गाइड लाइन के अनुसार बीच सेशन में कोचिंग व हॉस्टल छोड़ने पर इजी एक्जिट पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें फीस रिफंड करने का भी प्रावधान किया गया है। कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत लाखों विद्यार्थियों में से कई विद्यार्थियों द्वारा पढ़ाई के दबाव  व मानसिक अवसाद के चलते आत्म हत्या करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। इसे देखते हुए इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए गाइड लाइन जारी की है। उस गाइड लाइन में दिए गए हर बिन्दु की पालना करनी होगी। जिससे विद्यार्थियों को कोचिंग संस्थानों में मानसिक तनाव से मुक्ति मिल सके। साथ ही उन्हें सुरक्षा प्रदान की जा सके।  रा’य सरकार द्वारा जारी की गई गाइड लाइन से कोटा में अध्ययनरत करीब दो लाख विद्यार्थियों को लाभ होगा। कोटा में वर्तमान में छोटे-बड़े करीब 50 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। जिनमें से एक दर्जन तो बड़े संस्थान हैं। जहां राजस्थान के अलावा देशभर के बच्चे हॉस्टलों में रहकर कोचिंग कर रहे हैं। हालत यह है कि कोटा में आए दिन कोचिंग स्टूडेंट का पढाई केतनाव के चलते आत्म हत्याएं करने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। गाइड लाइन के तहत रा’य सरकार ने राज्य स्तरीय कमेटी के साथ हीे जिला स्तरीय कोचिंग संस्थान निगरानी कमेटी का भी गठन किया गा। जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ ही विद्यार्थियों के अभिवावक व कोचिंग संस्थान संचालकों और एडीएम सिटी को शामिल किया गया है।</p>
<p><strong>गाइड लाइन जारी हुई है, अध्ययन करेंगे</strong><br /> रा’य सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए गाइड लाइन जारी की है। इसकी जानकारी है। साथ ही जिला स्तरीय निगरानी समिति में एडीएम को भी शामिल किया है। लेकिन सोमवार को जयपुर बैठक में जाने के कारण अभी तक उसे सही ढंग से देख नहीं सका हूं। गाइड लाइन का अध्ययन करने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा। <br /><strong>-बृजमोहन बैरवा, एडीएम सिटी  </strong></p>
<p><strong>कोटा में पहले से लागू, सख्ती से करवाएंगे पालना</strong><br /> रा’य सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए गाइड लाइन को मंजूरी देकर उसे जारी किया है। गाइड लाइन में जो भी निर्देश हैं उनमें से अधिकतर तो कोटा में लागू हैं। पूर्व में कोचिग संस्थानों व हॉस्टल संचालकों के साथ बैठक में गाइड लाइन के बिन्दु तय किए थे। उन सुझावों को सरकार को भेजा  था। अधिकतर सुझावों को गाइड लाइन में शामिल किया है। शीघ्र हीे कोचिंग संस्थान संचालकों के  साथ बैठक की जाएगी। उसमें इस पर विस्तृत चर्चा कर सख्ती से लागू करवाया जाएगा। <br /><strong>-ओ.पी. बुनकर, जिला कलक्टर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Nov 2022 14:34:41 +0530</pubDate>
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                <title>आत्म हत्या मामलों को लेकर अधिकारी करेंगे कोचिंग संस्थानों की निगरानी</title>
                                    <description><![CDATA[कोचिंग विद्यार्थियों को मानसिक संबल व सुरक्षा देने के साथ आत्महत्या के मामलों की  रोकथाम के लिए जिला कलक्टर ओपी बुनकर ने कोचिंग व हॉस्टल संचालकों की बैठक लेकर कहा कि बाहर से आकर यहां कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी को आगाह किया कि बच्चों के मामले में लापरवाही बरती गई तो उसे गम्भीरता से लिया जाएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/officers-will-monitor-coaching-institutes-regarding-suicide-cases/article-17730"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/8.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोचिंग विद्यार्थियों को मानसिक संबल व सुरक्षा देने के साथ आत्महत्या के मामलों की  रोकथाम के लिए जिला कलक्टर ओपी बुनकर ने कोचिंग व हॉस्टल संचालकों की बैठक लेकर कहा कि बाहर से आकर यहां कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी को आगाह किया कि बच्चों के मामले में लापरवाही बरती गई तो उसे गम्भीरता से लिया जाएगा। कोचिंग व हॉस्टल की व्यवस्थाओं की व्यवस्था देखने के लिए अधिकारियों को अलग अलग कोचिंग व हॉस्टल पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी जाएगी। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक केसर सिंह ने आत्महत्या के प्रकरणों को कोटा के लिए कलंक बताया।</p>
<p>जिला कलक्टर बुनकर ने बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में कोचिंग व हॉस्टल संचालकों की बैठक में कहा कि  कोटा में पिछले कुछ समय से लगातार कोचिंग विद्यार्थियों द्वारा सुसाइड करने के मामले सामने आ रहे हैं।  जिला कलक्टर ने इसे गम्भीेरता से लेते हुए इन पर रोक लगाने की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों पर पुलिस व प्रशासन के साथ ही हॉस्टल व कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर चर्चा की।  जिला कलक्टर ने कोटा में कोचिंग विद्यार्थियों के तनाव में आकर सुसाइड करने के मामलों को गम्भीरता से लिया। उन्होंने कहा कि कई कोचिंग संस्थान में काउंसलर की व्यवस्था नहीं है। संस्थान संचालक बच्चों पर पूरा ध्यान नहीं दे रहे हैं। बच्चों के बारे में अभिभावकों को समय पर किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं। जिससे बच्चे सुसाइड जैसा गलत कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। जबकि बच्चों के बारे में कोचिंग व हॉस्टल संचालकों को स्वयं भी पूरी जानकारी रहनी चाहिए और उनके अभिभावकों को भी समय पर उनका फीडबैक देना चाहिए। जिससे बच्चों में तनाव व सुसाइड जैसी घटनाओं को रोका जा सके। </p>
<p><strong>जिला प्रशासन की गाइड लाइन की सख्ती से करनी होगी पालना</strong></p>
<p>बैठक में जिला कलक्टर ने सभी कोचिंग व हॉस्टल संचालकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल  देने व गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक भोजन व  आवास की व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई कार्ययोजना की सख्ती से पालना करें। कोटा में देशभर से करीब दो लाख विद्यार्थी कोचिंग के लिए आते है। ऐसे में हम सभी का दायित्व है कि उन्हें तनावमुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सभी कोचिंग  व होस्टल संस्थानों में राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए प्रशिक्षित काउन्सलर नियुक्त करने, प्रशासन, पुलिस, हैल्पलाइन नम्बर व काउन्सलर के नम्बर सर्वाजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति को कार्ड रीडर के बजाय फेस स्केनर आधारित व्यवस्था से करने का सुझाव दिया जिससे प्रत्येक बच्चों पर निगरानी रखी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को कोचिंग व हॉस्टल पर निगरानी के लिए जिम्मेदारी दी जाएगी। हालांकि इसके लिए पूर्व में आरएएस अधिकारियों की टीमें बनाई गई हैं। </p>
<p><strong>सप्ताह में एक दिन फन डे मनाने के निर्देश</strong></p>
<p>जिला कलक्टर ने सभी कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों को सुझाव दिया कि वे अपने संस्थानों में सप्ताह में एक दिन सनडे-फन-डे के रूप में गतिविधियां आयोजित  करें। जिसमें जिम, योगा, खेलकूद व संगीत गतिविधियों को शामिल किया जा सकता है। इससे  बच्चों के मानसिक तनाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। </p>
<p><strong>बीच सत्र में किराया बढ़ाना गाइड लाइन का उल्लंघन</strong></p>
<p>बैठक में अतिरिक्त कलक्टर शहर बृजमोहन बैरवा ने  प्रशासन द्वारा पूर्व में जारी की गई गाइडलाइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने हॉस्टलों में रह रहे विद्यार्थियों का बीच सत्र में  किराया बढाने को गाइड लाइन का उल्लंघन मानते हुए ऐसे सभी हॉस्टल संचालकों को पाबन्द करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय राजेश मील ने कोचिंग संस्थानों के आस-पास पुलिस की सहायता के लिए होमगार्ड  पीएसओ भी नियुक्त करने के लिए संस्थानों को कदम उठाने के लिए कहा। उन्होंने किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि की सूचना पुलिस को देने का सुझाव दिया। </p>
<p><strong>बीच सत्र किराया बढ़ाया तो होगी कार्रवाई</strong></p>
<p>जिला कलक्टर ने कहा कि मैस संचालकों द्वारा लगातार गुणवत्तायुक्त भोजन नहीं देने व होस्टल के लीज धारकोें द्वारा बीच सत्र में किराया बढाने की शिकायतें आती है। इस तरह के मामलों की जांच कराकर ऐसे लोगों के खिलाफ  कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p><strong>कोटा में आत्म हत्या कलंक</strong></p>
<p>बैठक में शहर पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ स्वास्थ्य  व बेहतर आचरण के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। विद्यार्थियों के तनावमुक्ति के लिए हॉस्टल, कोचिंग संस्थान में सुधारात्मक कदम उठाने के साथ घर की तरह अपनापन  व सुरक्षा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोटा में आत्म हत्या कलंक है।  उन्होंने कोचिंग  व हॉस्टल के क्षेत्रों में नशे व आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए स्थानीय पुलिस को सूचना देकर निगरानी तंत्र भी रखने के निर्देश दिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Aug 2022 14:10:38 +0530</pubDate>
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