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                <title>rehabilitation - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>rehabilitation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>त्रिपुरा में 3 साल में 1245 उग्रवादियों ने किया आत्मसमर्पण, पुनर्वास समझौते के तहत इन शर्तों का पालन करना अनिवार्य </title>
                                    <description><![CDATA[त्रिपुरा में मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने विधानसभा में बताया कि अप्रैल 2023 से अब तक NLFT और ATTF के 1,245 उग्रवादियों ने हथियार डाल दिए हैं। समर्पण के साथ 147 घातक हथियार भी सौंपे गए। भारत सरकार के पुनर्वास समझौते के तहत ये सभी अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं, जिससे राज्य में हिंसा का अंत हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/1245-militants-surrendered-in-tripura-in-3-years-it-is/article-146841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/tripura.png" alt=""></a><br /><p>अगरतला। त्रिपुरा में अप्रैल 2023 से अब तक विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के कुल 1,245 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने मंगलवार को विधानसभा में जानकारी दी कि उग्रवादियों ने 147 हथियार भी सौंपे और हिंसा का रास्ता त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौट आये। </p>
<p>विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी के प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे बड़ी संख्या नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के विभिन्न गुटों से है। इसमें एनएलएफटी (बिस्वा मोहन गुट) के नेता बिस्वा मोहन देबबर्मा सहित 417 सदस्य, एनएलएफटी (परिमल देबबर्मा गुट) के 394 सदस्य और एनएलएफटी (ओआरआई गुट) के 223 सदस्य शामिल हैं। इन गुटों के अलावा ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) के 220 उग्रवादियों ने भी आत्मसमर्पण किया। इन आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों ने कुल 147 हथियार सौंपे, जिनमें से अधिकतर हथियार स्थानीय स्तर पर बने आग्नेयास्त्र थे।</p>
<p>हथियारों के इस जखीरे में 93 देसी बंदूकें, 13 एके-सीरीज राइफलें, दो कार्बाइन, 6.303 राइफलें, चार चीनी राइफलें, एक चीनी पिस्तौल, एक स्टेन गन, आठ पिस्तौल और चार रिवॉल्वर, आठ सिंगल-बैरल बंदूकें, एक बोटामैक्स डिवाइस, चार चीनी ग्रेनेड और एयरगन शामिल थीं। डॉ. साहा ने इस बात पर जोर दिया कि तय समय सीमा के बाद से उग्रवादी आंदोलन की कोई नयी घटना सामने नहीं आयी है, जो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार का संकेत है।</p>
<p>उन्होंने उल्लेख किया कि भारत सरकार और उग्रवादी संगठनों के बीच पुनर्वास समझौते के तहत कुछ शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। इसमें एनएलएफटी और एटीटीएफ के सभी सदस्यों का हथियारों और उपकरणों का समर्पण करना, हिंसा और गुप्त गतिविधियों का त्याग, समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक महीने के भीतर सशस्त्र अभियानों को बंद करना और भारत के संविधान को बनाये रखना तथा सामाजिक सछ्वाव को बढ़ावा देना शामिल है।</p>
<p>समझौते में पूर्व उग्रवादियों को भविष्य में किसी भी अन्य विद्रोही समूहों को सहायता, प्रशिक्षण या हथियारों की आपूर्ति करने से भी सख्त रूप से प्रतिबंधित किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 17:21:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वन विभाग, टीम रक्षा एवं एच जी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान से परिया चील तथा नर मोर का सफलतापूर्वक पुनर्वास, जयपुर जू परिसर में किया रिलीज़ </title>
                                    <description><![CDATA[वन विभाग और टीम रक्षा ने घायल मोर और चील का सफल उपचार कर उन्हें जयपुर जू परिसर में मुक्त किया। ये पक्षी पतंग के मांझे से घायल हुए थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/under-the-joint-auspices-of-forest-department-team-raksha-and/article-143244"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(12)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वन विभाग, टीम रक्षा एवं एच जी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान से एक परिया चील (Pariah Kite) तथा एक नर मोर का सफलतापूर्वक पुनर्वास उपरांत जयपुर जू परिसर में रिलीज़ किया गया।</p>
<p>डीसीएफ वाइल्डलाइफ (जयपुर जू) विजयपाल सिंह द्वारा इन पक्षियों को उनके रेस्क्यू किए गए स्थान पर रिलीज़ किया </p>
<p>रक्षा के रोहित गंगवाल ने बताया कि मांझे की चपेट में आकर घायल हो गए थे। टीम रक्षा द्वारा तत्काल रेस्क्यू कर उपचार एवं देखभाल की गई। पूर्णतः स्वस्थ होने के पश्चात इन्हें पुनः उनके सुरक्षित जगह छोड़ दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 12:02:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीजापुर में 12 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण: 54 लाख रुपये का ईनाम था घोषित, बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी सुपुर्द की</title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ की पूना मारगेम नीति से प्रभावित 12 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। हथियार- विस्फोटक सौंपे। सभी पर 54 लाख का इनाम था। पुनर्वास सहायता दी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/12-naxalites-surrendered-in-bijapur-a-reward-of-rs-54/article-142072"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(11)4.png" alt=""></a><br /><p>बीजापुर। छत्तीसगढ़ सरकार की पूना मारगेम पुनर्वास नीति के गुरुवार को साउथ सब जोनल ब्यूरो से संबंधित 12 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इन सभी पर उनके पद और संगठनात्मक भूमिका के अनुसार कुल 54 लाख रुपये का ईनाम घोषित था। </p>
<p>आत्मसमर्पण करने वाले कैडर में आठ महिला और चार पुरुष शामिल हैं, जिन्होंने आत्मसमर्पण करते समय तीन स्वचालित हथियार और अन्य सामग्री सुरक्षा बलों को सौंपी। यह कदम राज्य की नक्सल उन्मूलन नीति और शांति, संवाद तथा विकास पर केंद्रित प्रयासों का सीधा परिणाम बताया जा रहा है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त, इन कैडरों ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी सुपुर्द की, जिसमें 250 जिलेटीन स्टिक, 400 डेटोनेटर, एक प्लास्टिक ड्रम गन पाउडर और एक बंडल कार्डेक्स वायर शामिल है। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक कैडर को 50,000 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है। बीजापुर जिले में 01 जनवरी 2024 से अब तक 888 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जबकि 1163 गिरफ्तार और 231 विभिन्न मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं। यह आंकड़ा नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की प्रगति को दर्शाता है।</p>
<p>बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि पूना मारगेम नीति लौटने वाले कैडरों के सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, सुंदरराज पी ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि माओवादी संगठन लगातार सिमट रहा है। उन्होंने शेष माओवादियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और शांति के मार्ग पर चलने की अपील की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 18:25:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से 18 बाल श्रमिकों को बचाया, नौ दुकानें सील</title>
                                    <description><![CDATA[दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ओखला और गोविंदपुरी में संयुक्त अभियान चलाकर फैक्ट्रियों से 18 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। प्रशासन ने 12 घंटे काम कराने वाली 9 दुकानों को सील कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/18-child-laborers-rescued-from-south-east-delhi-nine-shops-sealed/article-137215"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/bal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी और ओखला औद्योगिक क्षेत्र फेज-एक में होटलों, फैक्ट्रियों और केमिकल इकाइयों से प्रशासन ने 18 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है। यह अभियान प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर (जेएसी सोसाइटी) द्वारा जिला प्रशासन और संबंधित सरकारी विभागों के सहयोग से मंगलवार को चलाया गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व कालकाजी के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) ने किया और इसे दिल्ली पुलिस, श्रम विभाग तथा प्रयास टीम ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। इस दौरान फैक्ट्रियों, होटलों, रेस्टोरेंट्स और केमिकल इकाईयों में तलाशी ली गई, जहां से इन बच्चों को मुक्त कराया गया।</p>
<p>यह कार्रवाई बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम के तहत की गयी है, जो 14 साल से कम उम्र के बच्चों के काम करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाता है और यह कार्रवाई बाल श्रम के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। प्रयास के वरिष्ठ प्रबंधक मुकेश कुमार ने बताया, बच्चों से प्रतिदिन लगभग 12 घंटे काम कराया जा रहा था और उन्हें 5,000 से 8,000 रुपये तक वेतन दिया जा रहा था। सभी बच्चों को सुरक्षित छुड़ाकर चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस (सीसीआई) भेजा गया है। वहीं, कालकाजी एसडीएम कार्यालय के अधिकारियों ने मौके पर ही नौ दुकानों को सील किया। जिन बाल श्रमिकों को छुडाया गया, उनकी उम्र 12 से 17 के बीच है। इन बच्चों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के आदेश पर देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास के लिए सीसीआई में स्थानांतरित किया गया है।</p>
<p>रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जहां पर यह कानून लागू होगा, वहां मौजूदा कानूनों के तहत मजदूरी और बंधुआ मजदूरी का मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के गृह राज्यों की पहचान की जा रही है, जिसके बाद संबंधित राज्य बाल संरक्षण इकाइयों (डीसीपीयू) और सीडब्ल्यूसी के साथ समन्वय स्थापित कर उनके स्थानांतरण के बाद निरंतर निगरानी औ पुनर्वास  सुनिश्चित किया जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 18:20:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेडीए की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों का क्रमिक अनशन, मुआवजे के साथ करे पुनर्वास </title>
                                    <description><![CDATA[व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सिविल लाइन विधायक गोपाल शर्मा और नगर निगम हेरिटेज महापौर कुसुम यादव को ज्ञापन सौंपा, जिसमें जेडीए की कार्रवाई को अमानवीय बताया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rehabilitation-of-traders-with-compensation-compensation-to-protest-against-jdas/article-116005"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/6622-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। झारखंड मोड से 200 फीट बाइपास सिरसी रोड तक सड़क की चौड़ाई 160 फीट करने के लिए बिना मुआवजा दिए जेडीए की तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय व्यापारियों ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। व्यापारियों की मांग है कि जो निर्माण तोड़े गए हैं उनके बदले में मुआवजे के साथ पुनर्वास किया जाए। अनशन शुरू करने के बाद व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सिविल लाइन विधायक गोपाल शर्मा और नगर निगम हेरिटेज महापौर कुसुम यादव को ज्ञापन सौंपा, जिसमें जेडीए की कार्रवाई को अमानवीय बताया। </p>
<p>जेडीए ने पंचायती पट्टे पर गौर नहीं किया और दिखावे के नाम पर शिविर लगाए, जेडीए की 25 मई की कार्रवाई एक तरफा थी। खातीपुरा व्यापार मंडल अध्यक्ष भवानी सिंह राठौड़ ने कहा कि भूखंड स्वामित्व के संबंध में अप्रैल में जेडीए ने शिविर भी लगाए थे। इसमें लोगों ने अपने-अपने दस्तावेज दिए थे। इन पर कोई निर्णय नहीं बताया गया। इसके विरोध में खातीपुरा के व्यापारी खातीपुरा व्यापार मंडल के नेतृत्व जेडीए की कार्रवाई का विरोध करते हुए मुआवजे व पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Jun 2025 11:00:28 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बंधुआ श्रमिकों केपुनर्वास की जिम्मेदारी कलक्टरों के पास: गोदारा</title>
                                    <description><![CDATA[बंधुआ मुक्ति श्रमिक को तत्काल 30 हजार और 1लाख से 3 लाख तक आर्थिक सहायता दी जाती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/collectors-have-the-responsibility-of-rehabilitation-of-bonded-laborers-godara/article-85625"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/111u1rer-(14)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान बंधुआ श्रमिकों को मुक्त कराने का मुद्दा उठा। भाजपा विधायक अमृतलाल मीणा ने सवाल लगाकर कहा कि बंधुओं श्रमिकों मुक्त करने के लिए सरकार क्या कार्यवाही कर रही है। मंत्री सुमित गोदारा ने जवाब दिया कि केंद्रीय क्षेत्र बंधक श्रमिक पुनर्वास योजना के तहत 3 साल में एक बार सर्व करवाया जाता है। कोटा, जयपुर और श्रीगंगानगर में स्पेशल सर्व करवाया जा चुका है। अब उदयपुर में सर्वे किया जा रहा है। बंधुआ श्रमिकों को मुक्त करवा कर पुनर्वास की जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर होती है। बंधुआ मुक्ति श्रमिक को तत्काल 30 हजार और 1लाख से 3 लाख तक आर्थिक सहायता दी जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jul 2024 12:54:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों का पुनर्वास करेगा नगर निगम </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा शहर में फुटपाथ पर रहने वाले भिक्षावृत्ति में लिप्त लोग, घुमंतु जाति के लोग व खाना बदोश लोगों का पुनर्वास करने का सुझाव दैनिक नवज्योति ने दिया था। समाचार पत्र में 20 मई 2022 को समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें कहा था कि कोटा शहर से यदि दो बाधाएं हट जाए तो अपने शहर में न्यूयार्क की छवि नजर आएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/nagar-nigam-will-rehabilitate-people-involved-in-begging/article-30142"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/bhikshavriti-mei-lipt-logo-ka-punarwas-karega-nagar-nigam...kota-news-19.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा शहर को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने के लिएॉ सरकार की ओर से उनके पुनर्वास करने की योजना बनाई गई है। जिसे नगर निगम साकार करेगा। निगम की ओर से ऐसे लोगों को रहने व खाने की सुविधा प्रदान की जाएग़ी। इस संबंध में दैनिक नवज्योति ने सुझाव दिया था। जिसे सरकार ने स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किया है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के साथ ही कोटा को भी भिक्षावृत्ति से मुक्त किया जाना है। इस संबंध में सरकार ने आदेश जारी किया है। उस आदेश के तहत शहर में भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों को इससे मुक्त करवाया जाएगा। उसके बाद उन्हें रहने और खाने की सुविधा नगर निगम के माध्यम से की जाएगी। नगर निगम द्वारा ऐसे लोगों के रहने के लिए आश्रय स्थलों में व्यवस्था की जाएगी। वहीं उनके लिए इंदिरा रसोई के माध्यम से खाने की भी सुविधा की जाएगी।</p>
<p><strong>शहर में हर जगह नजर आते हैं भिक्षा मांगते हुए</strong><br />शहर में भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों की संख्या काफी अधिक है। पहले ये चौराहों पर नजर आते थे। लेकिन अब अधिकतर इस तरह के लोग मंदिरों में और फुटपाथों पर नजर आने लगे हैं। दिन के हिसाब से ये अलग-अलग मंदिरों में बैठे नजर आ जाएंगे। सोमवार को शिव मंदिर, मंगलवार को हनुमान मंदिर, बुधवार को गणेशजी मंदिर, गुरुवार को सांई बाबा मंदिर, शनिवार को शनिा मंदिर व हनुमान मंदिरों के बाहर ऐसे लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। इसके अलावा तालाब किनारे और फुटपाथों पर भी ऐसे लोगों को रात के समय सोते हुए देखा जा सकता है। </p>
<p><strong>नाबालिगों को ही कराया जा रहा था मुक्त</strong><br />इस अभियान से पहले अभी तक सिर्फ नाबालिगों को भी भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया जा रहा था। मानव तस्करी विरोधी यूनिट द्वारा शहर में भिक्षावृत्ति में लिप्त नाबालिगों को इससे मुक्त करवाकर बाल कल्याण समिति के आदेश से विभिन्न शेल्टर होम में भेजा जा रहा है। लेकिन पहली बार महिला-पुरुषों को भी इससे मुक्त करवाया जाएगा। साथ ही उनका पुनर्वास कर रहने व खाने की भी सुविधा की जाएग़ी। </p>
<p><strong>आयुक्त ने बैठक लेकर दिए अधिकारियों को निर्देश</strong><br />नगर निगम कोटा उत्तर के आयुक्त वासुदेव मालावत ने इस संबंध में गत दिनों निगम के अधिकारियों की बैठक लीे थी। जिसमें भिक्षावृत्ति से मुक्त करवाए गए लोगों के रहने व खाने की व्यवस्था करने के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। ऐसे लोगों के लिए सर्दी में बनने वाले अस्थायी रैन बसेरों के साथ अलग से रैन बसेरे बनाए जाएंगे।  आयुक्त ने रैन बसेरों के लिए राजस्व अधिकारी नरेश राठौर को प्रभारी भी नियुक्त कर दिया है।  रैन बसेरे बनाने की व्यवस्था की जा रही है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने दिया था पुनर्वास का सुझाव</strong><br />कोटा शहर में फुटपाथ पर रहने वाले भिक्षावृत्ति में लिप्त लोग, घुमंतु जाति के लोग व खाना बदोश लोगों का पुनर्वास करने का सुझाव दैनिक नवज्योति ने दिया था। समाचार पत्र में 20 मई 2022 को समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें कहा था कि कोटा शहर से यदि दो बाधाएं हट जाए तो अपने शहर में न्यूयार्क की छवि नजर आएगी। उन दो बाधाओं में एक बाधा फुटपाथ पर गुजारा करने वालों के पुनर्वास की थी। समाचार पत्र के सुझाव को अमल में लाते हुए सरकार ने उस पर निर्णय किया और भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों के पुनर्वास की योजना बनाई। </p>
<p><strong>40 से अधिक लोग चिन्हित</strong><br />कोटा को भिक्षावृत्ति से मुक्त करवाने के लिए ऐसे लोगों को चिन्हित करने का काम किया जाना है। यह काम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से किया जाना है। हालांकि विभाग द्वारा अभी तक करीब 40 लोगों को चिन्हित किया है। जिनका पुनर्वास किया जाना है। </p>
<p>कोटा शहर को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने का अभियान चलेगा। जिसमें ऐसे लोगों का पुनर्वास किया जाना है। समाज कल्याण विभाग द्वारा ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाना है। जिनके रहने और खाने की व्यवस्था नगर निगम को करनी है। इसके लिए रैन बसेरे बनाने की प्रक्रिया चल रही है।  अधिकतर लोग रहने की जगह व खाने की व्यवस्था नहीं होने से ही भीख मांगते हैं। जब ये दोनों व्यवस्थाएं हो जाएंगी तो इसमें कमी आएगी। <br /><strong>- वासुदेव मालावत, आयुक्त, नगर निगम कोटा उत्तर </strong></p>
<p>इस अभियान के लिए फुटपाथ पर रहने वाले भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों को चिन्हित किया जाना है। अभी तक करीब 40 लोगों को चिन्हित किया गया है। जिनके पुनर्वास की व्यवस्था की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे लोगों की संख्या बढ़ भी सकती है। <br /><strong>- ओम प्रकाश तोषनीवाल, उप अधीक्षक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Nov 2022 15:01:02 +0530</pubDate>
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                <title>133 परिवारों को पुनर्वास के लिए निकाली लॉटरी </title>
                                    <description><![CDATA[ शुक्रवार को मुकुंदरा विहार स्पेशल आवासीय योजना के तहत क्षेत्र से हटाए गए 133 अतिक्रमित मकानों के लोगो के पुनर्वास के लिए भूखंडों की लॉटरी न्यास कार्यालय में निकाली गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lottery-drawn-for-rehabilitation-of-133-families/article-17869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/punarwas-ke-liye-lottery-nikali-kota-new.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल की पहल पर जहां कोटा में विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विकास के साथ पुनर्वास को भी प्राथमिकता देते हुए प्रभावित लोगों को पुनर्वासित कर बड़ी राहत दी जा रही है । इसी कड़ी में शुक्रवार को मुकुंदरा विहार स्पेशल आवासीय योजना के तहत क्षेत्र से हटाए गए 133 अतिक्रमित मकानों के लोगो के पुनर्वास के लिए भूखंडों की लॉटरी न्यास कार्यालय में निकाली गई। <br /><br />योजना के तहत हटाए गए सभी लोगों को उसी क्षेत्र में शेष बचे भूखंडों में पुनर्वासित किया जा रहा है । लॉटरी प्रक्रिया के दौरान न्यास के उप सचिव चंदन दुबे, मुख्य लेखा अधिकारी टीपी मीणा ,पुलिस उपाधीक्षक आशीष भार्गव सहित न्यास अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्र के आवंटी मौजूद रहे । उप सचिव चंदन दुबे ने बताया कि काफी समय पहले आनंदपुरा क्रेशर बस्ती से अतिक्रमण हटाया गया था। जिसमें कई परिवारों को पुनर्वास किया जाना था  133 परिवारों को पुनर्वास के लिए मुकुंदरा विहार स्पेशल योजना में लॉटरी निकाल कर भूखंड आवंटित किए गए हैं। अब वे वहां मकान बना सकेंगे । गौरतलब है कि करीब 8 महीने पहले क्रेशर बस्ती से अतिक्रमण हटाने के बाद पुनर्वास की आश्वासन देने के बाद भी लोगों को कब्जा नहीं दिया गया था। इसके विरोध में 3 दिन पहले क्रेशर बस्ती के लोगों ने नगर विकास न्यास कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया था । उस समय न्यास अधिकारियों ने शीघ्र ही उन्हें कब्जा पत्र सौंपने का आश्वासन दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Aug 2022 16:37:24 +0530</pubDate>
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