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                <title>Yoga - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>पुलिस आयुक्तालय में हुआ लाफ्टर योगा, जवानों को योगाभ्यास कराकर मानसिक तनाव दूर करने का किया प्रयास</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस आयुक्तालय में हास्यम संस्था की ओर से लाफ्टर योगा का आयोजन किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/attempted-to-remove-mental-stress-by-conducting-yoga-in-the/article-115124"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer-(4)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पुलिस आयुक्तालय में हास्यम संस्था की ओर से लाफ्टर योगा का आयोजन किया गया। आयोजन में पुलिस लाइन, यातायात, और थानों से चुनिंदा जवानों को बुलाकर प्रशिक्षकों ने हास्य योग कराया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात एवं प्रशासन)  योगेश दाधीच ने बताया कि पुलिस कमिश्नरेट में यातायात पुलिसकर्मियों, पुलिस लाईन एवं थानों के चुनिंदा जवानों को बुलाकर हास्यम् संस्था के योग प्रशिक्षकों ने इन्हें लाफ्टर योगाभ्यास करवाया। </p>
<p>दाधीच ने कहा कि पुलिसकर्मियों को लाफ्टर योगाभ्यास करवाकर मानसिक तनाव दूर करने का प्रयास किया गया है। पुलिसकर्मी अपनी दैनिक दिनचर्या में भी लाफ्टर योगाभ्यास को शामिल करे तो इसके सार्थक परिणाम देखने को मिलेंगे। कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) देवेन्द्र कुमार विश्नोई, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) शिल्पा चौधरी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात राजेन्द्र सिंह सहित पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 May 2025 18:30:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>43 योग साधकों को राज्यपाल ने किया सम्मानित, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और सांसद जयपुर शहर मंजू शर्मा रहे मौजूद</title>
                                    <description><![CDATA[कार्यक्रम में 43 संस्थाओं के प्रमुख को सम्मानित करने के साथ ही योग की टीमों के सभी सदस्यों को योग प्रेरक प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/governor-honored-43-yoga-practitioners/article-105146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(2)48.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नगर निगम जयपुर ग्रेटर की ओर से वर्ष 2024 में आयोजित किए योग महोत्सव के अन्तर्गत 1611 मिनट तक योग साधकों ने एक ही छत के नीचे बिना रूके बिना थके अखंड योग करने वाले 43 योग संस्थानों के प्रमुख को शुक्रवार को राज्यपाल ने सम्मानित किया। निगम ग्रेटर ने बिड़ला ऑडिटोरियम में शुक्रवार को आयोजित योग साधक सम्मान समारोह 2025 में मुख्य अतिथि राज्यपाल हरिभाऊ बागडे सहित भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, सांसद जयपुर शहर मंजू शर्मा ने योगाचार्यों और योग साधकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल बागडे ने कहा कि भारत योग संस्कृति से जुड़ा राष्ट्र है। योग आत्मविकास का सबसे बड़ा माध्यम है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि सूर्य नमस्कार सर्वांग योग है और वह स्वयं भी योग करते है। मन मजबूत होगा तो शरीर भी मजबूत होगा। </p>
<p>कार्यक्रम में 43 संस्थाओं के प्रमुख को सम्मानित करने के साथ ही योग की टीमों के सभी सदस्यों को योग प्रेरक प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया। निगम ग्रेटर ने वर्ष 2024 में आयोजित किए योग महोत्सव के अन्तर्गत 1611 मिनट तक योग साधकों ने एक ही छत के नीचे बिना रूके बिना थके अखंड योग किया, जिसे वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम द्वारा सराहा गया और महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से सम्मानित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Feb 2025 12:53:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>30 वर्ष पूर्ण होने पर पतंजलि का संकल्प, योग क्रांति के बाद अब पञ्च क्रांतियों का शंखनाद : स्वामी रामदेव</title>
                                    <description><![CDATA[पतंजलि योगपीठ के परमाध्यक्ष स्वामी रामदेव महाराज व महामंत्री आचार्य बालकृष्ण की उपस्थित में पतंजलि संस्थान का 30वां स्थापना दिवस पतंजलि वैलनेस, हरिद्वार स्थित योगभवन सभागार में सम्पन्न हुआ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/patanjalis-resolution-on-completion-of-30-years-after-yoga-revolution/article-99804"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/555416.png" alt=""></a><br /><p>हरिद्वार। पतंजलि योगपीठ के परमाध्यक्ष स्वामी रामदेव महाराज व महामंत्री आचार्य बालकृष्ण की उपस्थित में पतंजलि संस्थान का 30वां स्थापना दिवस पतंजलि वैलनेस, हरिद्वार स्थित योगभवन सभागार में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में देशभर के पतंजलि योगपीठ संगठन के 6000 से अधिक प्रभारीगणों की उपस्थिति में स्वामी रामदेव जी महाराज ने विगत 30 वर्षों की सेवा, संघर्ष व साधना से परिचय कराया तथा पतंजलि योगपीठ की भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने योग क्रांति की सफलता के बाद पञ्च क्रांतियों का शंखनाद करते हुए कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, आर्थिक, वैचारिक-सांस्कृतिक व रोगों-भोगों-ग्लानि-कुण्ठाओं से आजादी का बड़ा कार्य पतंजलि से प्रारंभ करना है। </p>
<p><strong>पहली क्रांति : </strong>शिक्षा की आजादी- उन्होंने कहा कि आज 50 से 90 और कहीं-कहीं तो 99 प्रतिशत पढ़े-लिखे बेरोजगार, नशेड़ी, चरित्रहीन निस्तेज बच्चे तैयार हैं जिनका बचपन, यौवन और हमारा कुलवंश खतरे में है। हमनें यह तय किया है कि पहले भारतवर्ष में और फिर पूरी दुनियां में नई शिक्षा व्यवस्था का शंखनाद करेंगे और उसका नेतृत्व भारत करेगा। पतंजलि गुरुकुलम्, आचार्यकुलम्, पतंजलि विश्वविद्यालय और भारतीय शिक्षा बोर्ड अब नए प्रतिमान गढ़ेंगे। हमारा संकल्प है कि हम आगामी 5 वर्षों में 5 लाख विद्यालयों को भारतीय शिक्षा बोर्ड से जोड़ेगें। ये शिक्षा की अभिनव क्रांति होगी। </p>
<p>हमें बच्चों को केवल शब्दबोध नहीं कराना है, शब्दबोध के साथ विषयबोध, आत्मबोध, सत्यपरक भारतबोध व अपने गौरव का बोध कराना है। हम हिन्दी, अंग्रेजी व संस्कृत में पूरे विश्व की जानकारियों का समावेश करेंगे, पूरे विश्व के साथ अपडेट रखेंगे लेकिन उसमें भी 80 प्रतिशत कन्टेंट वेद, दर्शन, उपनिषद्, पुराणों का होगा, भारत के गौरव का होगा। उसमें अध्यात्म विद्या होगी, सनातन बोध होगा, भारत बोध होगा। यह मैकाले का एजुकेशन सिस्टम नहीं है। जब भारतीय शिक्षा बोर्ड से पहले एक लाख और बाद में 5 लाख स्कूल एफिलिएटिड हो जाएंगे तो भारत का बचपन और यौवन सुरक्षित हो जाएगा, यही शिक्षा की आजादी का संकल्प है। हम भारतीय शिक्षा बोर्ड के माध्यम से विदेशी आक्रमणकारियों, अकबर, औरंगजेब या अंग्रेजों की झूठी महानता नहीं बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप व क्रांतिकारियों का सच्चा इतिहास पढ़ाएंगे।</p>
<p><strong>दूसरी क्रांति :</strong> चिकित्सा की आजादी- रोग हमारा स्वभाव नहीं, योग ही हमारा स्वभाव है। पूरी दुनिया में सिंथेटिक दवा, अलग-अलग प्रकार स्टेरॉयड, पेन किलर इत्यादि खा-खाकर लोगों के शरीर खराब हो रहे हैं। चिकित्सा की आजादी के लिए पतंजलि वैलनेस, योगग्राम, निरामयम, चिकित्सालयों एवं आरोग्य केन्द्रों से लेकर, आधुनिक रिसर्च के माध्यम से ऋषियों की विरासत और विज्ञान को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं। हमने 5000 से अधिक रिसर्च प्रोटोकॉल्स व 500 से अधिक रिसर्च पेपर्स वर्ल्ड क्लास इंटरनेशनल जर्नल्स में पब्लिश करके असाध्य रोगों से मुक्ति का मार्ग दुनिया के सामने रखा है। हमारा संकल्प है कि हम लोगों को रोगी होने से बचायेंगे भी और रोग होने के बाद उन रोगों से योग-आयुर्वेद के माध्यम से लोगों को मुक्ति दिलाएँगे।</p>
<p><strong>तीसरी क्रांति : </strong>आर्थिक आजादी- आज पूरी दुनिया में कुछ चंद मुट्ठी भर लोगों ने अपने क्रूर पंजों में पूरे अर्थतंत्र को जकड़ रखा है। हमारा लक्ष्य है समृद्धि सेवा के लिए व अर्थ परमार्थ के लिए। अभी तक पतंजलि ने शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान, चरित्र निर्माण, राष्ट्र निर्माण आदि में 1 लाख करोड़ रुपए की चैरिटी की है। 10 हजार से अधिक सेंटर्स के साथ 25 लाख से अधिक प्रशिक्षित योग शिक्षकों तथा 1 करोड़ कार्यकर्ताओं की निस्वार्थ सेवा से यह सब राष्ट्र निर्माण व चरित्र निर्माण का सेवा कार्य हो रहा है। हमारा संकल्प है कि स्वदेशी का आंदोलन इतना बड़ा खड़ा हो कि आर्थिक लूट, गुलामी और दरिद्रता से भारत निकले तभी भारत परम वैभवशाली बनेगा। बीपी, शुगर, थायरॉइड, अस्थमा, आर्थराइटिस, स्ट्रैस, डिप्रेशन, नींद आदि बीमारियों की गोलियाँ छुड़वाकर हम देश के प्रतिवर्ष 100 से 200 लाख करोड़ रुपए बचाते हैं।</p>
<p><strong>चौथी क्रांति :</strong> वैचारिक और सांस्कृतिक आजादी- जिस भारत ने पूरी दुनियां को सर्वप्रथम संस्कृत विश्वारा का संदेश दिया वो भारत यदि वैचारिक और सांस्कृतिक गुलामी से गुजरे तो ठीक नहीं। आज भारतवर्ष हर बात पर दुनिया के उन दरिद्र देशों पर निर्भर रहता है जिनके पास केवल चंद कागज के टुकड़े, चंद डॉलर्स या पाउण्ड्स हैं। सच्चा व असली धन केवल पैसा नहीं है अपितु अच्छा स्वास्थ्य, सुखी घर-परिवार व चरित्र, योगधन व दैवीय सम्पद ही सच्चा धन है। हमें वैचारिक और सांस्कृतिक गुलामी से भारत को मुक्ति दिलानी है। इसलिए हम कहते हैं कि हमें इस सनातन धर्म को, वेदधर्म को, ऋषिधर्म को, योगधर्म को युगधर्म के रूप में बढ़ाना है। दुनियां के 500 करोड़ से ज्यादा लोग योग धर्म, सनातन धर्म में श्रद्धा रखते हैं। सब मिलकर साथ चलेंगे तो पूरी दुनिया से रिलिजियस टैरेरिजम, पॉलिटिकल टैरेरिजम और ये शिक्षा व चिकित्सा के नाम पर चल रहा आतंकवाद खत्म होगा। </p>
<p><strong>पाँचवी क्रांति : </strong>नशा, रोग-भोग वासनाओं से आजादी- दुनियां में चारों तरफ नशे का खतरनाक खेल चल रहा है। भारत में नशे के दलदल में धंसकर रोग, नशा व अश्लीलता में लोगों के जीवन तबाह हो रहा है। रोग, नशा, अश्लीलता से आजादी का हमारा संकल्प है। पतंजलि के 30 वर्ष पूर्ण होने पर यही है हमारा संकल्प है कि हम पूरे विश्व को योगमय बनायेंगे, चरित्र निर्माण करके आदर्श विश्व नागरिकों का निर्माण करेंगे। </p>
<p>कार्यक्रम में आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि श्रद्धेय स्वामी के अखण्ड प्रचण्ड पुरुषार्थ से पतंजलि का योगदान आज पूरी दुनिया को प्रेरणा दे रहा है। पतंजलि में लोगों को स्वास्थ्य देने के लिए अर्थ से परमार्थ का अभियान चलाया है। पतंजलि का 100 प्रतिशत प्राफिट केवल चैरिटी के लिए है। पतंजलि के लिए भारत एक बाजार नहीं बल्कि परिवार है। पतंजलि में 500 से अधिक विश्वस्तरीय वैज्ञानिकों की टीम लगातार रिसर्च करके रोगानुसार विविध प्रकार के रस, क्वाथ, वटियाँ, कैप्सूल, व्हीट ग्रास, एलोवेरा जूस, आँवला जूस, नीम रस, गिलोय रस आदि रिसर्च एवं एविडेंस बेस्ड दवाइयाँ पूरी दुनिया को उपलब्ध करा रहे हैं। भारत की प्राचीन ज्ञान परम्परा को आधुनिक विज्ञान का प्रयोग करके जन-जन तक पहुँचाने का कार्य भी सर्वप्रथम पतंजलि ने ही किया है। आज पतंजलि ने दुनिया के 200 देशों में करोड़ों लोगों तक योग को गुफाओं व कन्दराओं से निकालकर जन-जन तक पहुँचाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Jan 2025 14:53:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>ब्रह्माकुमारी का ‘योगः समस्या का समाधान’ कार्यक्रम हुुआ आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[ माउंट आबू स्थित ब्रह्माकुमारी मुख्यालय से मुख्य वक्ता बीके सूरज भाई, बीके गीता और बीके रूपेश को आमंत्रित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/brahma-kumaris-yoga-solution-to-the-problem-program-organized/article-92997"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/630400-size-(9)5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के आरकेपुरम स्थित ब्रह्माकुमारी केन्द्र द्वारा एक योग ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में महिला पुरूषों ने भाग लिया। केन्द्र की प्रभारी बहन बीके अनीता ने आध्यात्मिक कल्याण और चिरस्थायी प्रसन्नता पर कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर उन्होंने विशेष रूप से माउंट आबू स्थित ब्रह्माकुमारी मुख्यालय से मुख्य वक्ता बीके सूरज भाई, बीके गीता और बीके रूपेश को आमंत्रित किया।</p>
<p>कार्यक्रमों में योग भट्टी (ध्यान शिविर) और एक सार्वजनिक कार्यक्रम, ‘योगः समस्या का समाधान’ के माध्यम से समस्याओं को हल करने के लिए एक परिचर्चा शामिल थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Oct 2024 12:38:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जीवन को उत्सवधर्मिता से जोड़ने का पावन पर्व</title>
                                    <description><![CDATA[ परम तत्व से साक्षात्कार की यह वह विधा है जो व्यक्ति को अंतर का उजास प्रदान करती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/holy-festival-to-connect-life-with-festivity/article-82223"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/photo-size-(6)6.png" alt=""></a><br /><p>योग भारत की वह महान परम्परा है, जिसने हमारे देश को कभी विश्व गुरू के रूप में पहचान दिलाई थी। आदर्श जीवन शैली के रूप में आज यह इसीलिए भी अधिक महत्वपूर्ण है कि इसके जरिए स्वस्थ तन और स्वस्थ मन की ओर हम अग्रसर होते हैं। महर्षि अरविन्द विश्व के महान योगी हुए हैं। उन्होंने समग्र जीवन-दृष्टि हेतु योगाभ्यास को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कभी यह कहा था कि यदि मनुष्य योग को अपनाता है तो पूरी तरह से रूपान्तरित हो जाता है।  वह सकारात्मकता  के भावों के साथ जीवन की उत्सवधर्मिता से जुड़ जाता है।<br />यह बात समझने की है कि योग चिकित्सा नहीं है, योग आत्मविकास का सबसे बड़ा माध्यम है। परम तत्व से साक्षात्कार की यह वह विधा है जो व्यक्ति को अंतर का उजास प्रदान करती है। इसीलिए आरम्भ से ही हमारे यहां योग की परम्परा से ऋषि-मुनि और भद्रजन जुड़े रहे हैं।</p>
<p>मुझे याद है, संयुक्त राष्ट्र संघ में 27 सितम्बर 2014 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग को विश्व स्तर पर मनाए जाने का प्रस्ताव रखा और 177 देश तब इसके सह प्रस्तावक बने। रिकॉर्ड समय में विश्व योग दिवस मनाने के प्रस्ताव को पारित किया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ में 11 दिसम्बर 2014 को 193 सदस्यों द्वारा 21 जून को योग दिवस मनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली। भारत की इस महान परम्परा को विश्वभर के लिए उपयोगी मानते हुए 21 जून को विश्व योग दिवस की घोषणा हुई। मैं यह मानता हूं कि यह हमारी परम्परा और संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता है। योग का अर्थ ही है, जोड़ना। हमारे यहां सबसे पहले महर्षि पंतजलि ने विभिन्न ध्यानपारायण अभ्यासों को सुव्यवस्थित कर योग सूत्रों को संहिताबद्ध किया था। वेदों की भारतीय संस्कृति में जांएगे तो वहां भी योग की परम्परा से साक्षात् होंगे। हिरण्यगर्भ ने सृष्टि के आरंभ में योग का उपदेश दिया। पंतजलि, जैमिनी आदि ऋषि- मुनियों ने बाद में इसे सबके लिए सुलभ कराया। हठ से लेकर विन्यास तक और ध्यान से लेकर प्राणायाम तक योग जीवन को समृद्ध और संपन्न करता आया है। ऐसे दौर में जब भौतिकता की अंधी दौड़ में निरंतर मन भटकता है, मानसिक शांति एवं संतोष के लिए भी योग सर्वथा उपयोगी है। </p>
<p>महर्षि अरविन्द ने लिखा है, योग का अर्थ जीवन को त्यागना नहीं है बल्कि दैवी शक्ति पर विश्वास रखते हुए जीवन की समस्याओं एवं चुनौतियों का साहस से सामना करना है। अरविन्द की दृष्टि में योग कठिन आसन व प्राणायाम का अभ्यास करना भर ही नहीं है बल्कि ईश्वर के प्रति निष्काम भाव से आत्म समर्पण करना तथा मानसिक शिक्षा द्वारा स्वयं को दैवी स्वरूप में परिणित करना है। योग तन के साथ मन से जुड़ा है। मन यदि स्वस्थ हो तो तन अपने आप ही स्वस्थता की ओर अग्रसर होता है। अन्तर्ज्ञान में व्यक्ति को अपने भीतर के अज्ञान से साक्षात्कार होता है। योग इसमें मदद करता है। मैंने इसे बहुतेरी बार अनुभूत किया है। आधुनिक पीढ़ी यदि योगिक दिनचर्या से जुड़ती है, विद्यालयों और महाविद्यालयों में इसे अनिवार्य किया जाता है तो जीवन से जुड़ी बहुत सारी जटिलताओं को बहुत आसानी से हल किया जा सकता है। स्वामी विवेकानंद ने अपने समय में योगियों को नसीहत दी थी कि उनका आचरण स्वयं ही प्रमाण बनना चाहिए। उनके कहने का तात्पर्य यह था कि योग को व्यावसायिकता से दूर रखा जाए। इसे चमत्कार से नहीं जोड़ते हुए मानवता के कल्याण के रूप में देखा जाए। यही इस समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।</p>
<p>भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने योग: कर्मसु कौषलम् कहा है। यानी किसी भी कार्य में कुशलता ही प्राप्त करने की विधा ही योग है। महात्मा गांधी ने अनासक्ति योग का व्यवहार किया है।  पांतजल योगदर्शन में क्रियायोग है। पाशुपत और माहेश्वर योग आदि तमाम रूपों में योग हमारी पवित्र जीवन शैली का आरंभ से ही हिस्सा रहा है। इसे अपनाने का अर्थ है, चित्त वृतियों का निरोध। स्वस्थ तन और स्वस्थ मन। यही आज की सबसे बड़ी आवश्यकता भी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Jun 2024 11:05:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>Allopathic ने भी माना, कई असाध्य रोगों में कारगर है योग</title>
                                    <description><![CDATA[चिकित्सक खुद भी करते हैं रोजाना योग, दवाईयों के साथ मरीजों को योगा करने की भी देते हैं सलाह]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/allopathic-also-accepted-that-yoga-is-effective-in-many-incurable/article-82217"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(1)15.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अक्सर देखा जाता है कि एलोपैथिक डॉक्टर्स इलाज में मुख्यतया दवाईयों और खानपान को ही महत्व देते हैं। लेकिन अब समय बदल गया है। योग का महत्व अब आयुर्वेद चिकित्सकों के साथ ही एलोपैथिक चिकित्सक भी मानने लगे हैं। एलोपैथिक चिकित्सकों का भी मानना है कि कई बार जो काम दवाईयां नहीं कर पाती है वो काम कई असाध्य रोगों को ठीक करने में योग कर देता है। योग दिवस के अवसर पर शहर के कुछ चुनिंदा एलोपैथिक चिकित्सकों ने जानकारी देते हुए बताया है कि योग किस प्रकार से व्यक्ति को फिट रखता है और कैसे कई बीमारियों को दूर करने में मददगार है।</p>
<p><strong>अच्छी नींद और मानसिक तनाव को दूर करता है योग</strong><br />वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश जैन ने बताया कि योग मानसिक तनाव को दूर करता है और अच्छी नींद में मददगार होता है। मार्जरासन, सुखासन जैसे कुछ ऐसे आसन हैं जो कि शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को अच्छा बनाए रखते हैं और स्ट्रेस दूर करने में मदद करते हैं। योगा करने से नींद भी अच्छी आती है और कई मानसिक रोग इससे दूर होते हैं।</p>
<p><strong>योग से हार्ट स्वस्थ</strong><br />शहर के सीनियर कार्डियक इलेक्ट्रोफीजियोलॉजिस्ट डॉ. राहुल सिंघल ने बताया कि योग के अभ्यास से उच्च रक्तचाप के मरीजों में सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट दोनों कम होते है जो कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए अच्छा संकेत है। सिर्फ  ब्लड प्रेशर ही नहीं इसके अलावा तनाव, उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर के भी स्तर को भी नियंत्रित करने में योग मदद करता है। इसलिए हफ्ते में कम से कम पांच दिन आधे घंटे के लिए योगाभ्यास होना चाहिए। नियमित रूप से त्रिकोणासन, ताड़ासन, वृक्षासन, वीरभद्रासन, सेतुबंधासन जैसे योग आसन करने से हार्ट संबंधी बीमारियां दूर रहती हैं।</p>
<p><strong>ब्रेन को तंदुरुस्त रखता  है योग</strong><br />एसएमएस अस्पताल में सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भावना शर्मा ने बताया कि योग हमारे ब्रेन को स्वस्थ और तंदुरुस्त रखने में काफी मददगार है। बहुत से ऐसे आसन है जिन्हें रोजाना करने से न्यूरोलॉजिकल डिस्ऑर्डर्स से बचा जा सकता है। भ्रामरी प्राणायाम, पश्चिमोत्तानासन, सर्वांगासन, शीर्षासन जैसे कुछ योगासन हैं जो ब्रेन की हेल्थ को बेहतर बनाने में मददगार हैं। योग से स्ट्रेस को काफी अच्छे मैनेज किया जा सकता है जो दिल और दिमाग दोनों में लिए अच्छा होता है। लाइफस्टाइल से जुड़ी कई बीमारियों से बचाता है योग<br />एसएमएस अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. पुनीत सक्सेना ने बताया कि शरीर को स्वस्थ रखने में योग का बहुत बड़ा योगदान है। योग में कुछ ऐसे आसन हैं जो नियमित करने से पाचन तंत्र, श्वसन तंत्र, तंत्रिका तंत्र आदि मजबूत होते हैं। लाइफ स्टाइल से जुड़ी हाइपर टेंशन, डायबिटीज, मोटापा जैसी कई बीमारियां योग करने से दूर हो सकती हैं। योग करने से फिजिकल फिटनेस और मेंटल फिटनेस दोनों बेहतर होती हैं।</p>
<p><strong>तनाव कम होता है, शरीर को मिलती है नई ऊर्जा<br /></strong>योग एवं प्राकृतिक चिकित्सक, डॉ. उमेश शर्मा ने कहा कि योग मन के चित्त वृत्तियों को रोकता है और शरीर में आने वाले विकारों को दूर करता है। योग संस्कृत भाषा के युज शब्द से बना है जिसका अर्थ जोड़ना है। शरीर, आध्यात्म और मन के द्वारा जुड़ना। नियमित 30-40 मिनट योग, व्यायाम और ध्यान करने से लाइलाज बीमारियां दूर हो जाती है। योग-ध्यान शारीरिक और तनाव को कम करते हैं। अधिकतर गंभीर क्रॉनिक बीमारियों की प्रमुख वजह तनाव है। योगासन, प्राणायाम, श्वासायाम, हस्त मुद्राएं और शारीरिक व्यायाम करने शरीर मजबूत होता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, थाइरॉयड बीमारियों में आप नियमित व्यायाम करते हैं तो बीमार नहीं पड़ते। इसके साथ समय पर सोने, खाने, पौष्टिक आहार लेने कई रोगों में रेग्यूलर रिलीफ मिलता है।<br /><br />प्राकृतिक योग चिकित्सक, डॉ दिलीप सारण (गोल्ड मैडल इन योग-2004) ने बताया कि योगासनों करने के लिए सुबह का क्लाइमेंट सबसे बेहतर है। समय ना मिले तो शाम को कर सकते हैं। ऋषि मुनियों ने पशु, पक्षियों से इन यौगिक क्रियाओं को ग्रहण किया है। सर्पासन सांप से, ऊष्ट्रासन ऊंट से, गोमुखासन आदि क्रियाओं को किया जाता है।<br /><br />गृहणी रेखा शर्मा ने कहा कि टायफाइड और बेक पेन बहुत रहता था। दवा लेने पर रिलीफ मिलता था लेकिन दर्द फिर हो जाता। योगासनों का अभ्यास करते हुए योग का कोर्स कर लिया। अब बीमार कम होती हूं।<br /><br />सीनियर सिटीजन कमल अग्रवाल ने बताया कि 1980 में स्कूल लाइफ से योग कर रहा हूं। फैमिली में सभी विभिन्न योगासनों का रेग्युलर अभ्यास कर रहे हैं। किडनी एवं पेट रोग की समस्या पर योगासनों के आभ्यास से आराम मिला।</p>
<p><strong>विभिन्न रोगो में फायदेमंद योगासन</strong><br />मधुमेह : मंडूकआसन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन अधमस्तेन्द्रासन, सूर्य नमस्कार, प्राणायाम<br />थायरॉइड : उज्जाई प्राणायाम, उष्ट्रासन<br />अस्थमा : जलनेति और प्राणायाम <br />हर्निया : बद्ध पद्मासन यानी बंद कमल मुद्रा में बैठना <br />अवसाद : अनुलोम विलोम प्राणायाम, ध्यान और योगनिद्रा यानी जागते हुए सोने का अभ्यास</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Jun 2024 10:20:25 +0530</pubDate>
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                <title>100 दिन के योग प्रोटोकॉल का समापन 21 जून को होगा</title>
                                    <description><![CDATA[ राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा ने मीडिया को बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले 100 दिनों तक राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान ने विभिन्न ऑफिस में योग की अनेक गतिविधियां करवाई है । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/100-day-yoga-protocol-will-end-on-june-21/article-82041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(3)9.png" alt=""></a><br /><p> जयपुर। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की ओर से 100 दिन के योग प्रोटोकॉल का समापन 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर होगा पर होगा। इस अवसर पर करीब एक हजार लोग योग प्रोटोकॉल के दौरान अनुलोम विलोम भ्रामरी प्राणायाम, ताड़ासन, पश्चिमोत्तनासन, पवनमुक्तासन सहित अनेक योगासनों का अभ्यास करेंगे।</p>
<p>इस कार्यक्रम में सेना, पुलिस, सरकारी विभागों के उच्च अधिकारी, विदेशी छात्र-छात्राएं स्कूली बच्चों सहित अन्य मौजूद रहेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 6:00 बजे से लेकर 9:00 तक जंतर मंतर में आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा ने मीडिया को बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले 100 दिनों तक राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान ने विभिन्न ऑफिस में योग की अनेक गतिविधियां करवाई है। इसके बाद से वहां के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने योगाभ्यास आरंभ कर दिया है।</p>
<p>राष्ट्रीय आयुर्वेद में संस्थान में भी योग की नियमित कक्षाएं लगती है जिसमें काफी लोग आकर लाभान्वित हो रहे हैं योग हम सबके जीवन में शामिल है योगाभ्यास से शरीर मन संतुलित होते हैं एवं अनेक बीमारियां का स्वत: ही उपचार हो जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 17:56:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>स्वच्छता योद्धाओं ने किया योग, राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा ने की शिरकत</title>
                                    <description><![CDATA[महापौर  सौम्या ने कहा कि गुलाबी नगरी जयपुर योग नगरी के रूप में बदल रहा है। योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/cleanliness-warriors-did-yoga/article-81976"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/uu11rer-(9)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दसवें अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में नगर निगम ग्रेटर की ओर से मंगलवार को सांगानेर स्टेडियम में जयपुर योग महोत्सव में स्वच्छता योद्धाओं के लिए योग का विशेष सत्र किया गया। इसमें योग संस्थान गौत्तम योगा के योगाचार्य प्रियकान्त गौत्तम एवं योगिनी शिवानी ने सभी स्वच्छता योद्धाओं को ताड़ासन, प्रियताड़ासन, कपाल भाती प्रणायाम, कटी चक्रासन सहित अन्य योगासन करवाए गए। निगम ग्रेटर महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर की पहल पर इस कार्यक्रम में सांसद जयपुर शहर मंजू शर्मा, राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा उपस्थित रही। इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि इस पहल के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है, जिससे वे एक स्वस्थ, संतुलित और आत्मनिर्भर जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं को योग करना चाहिए, ये मन शरीर सबकी स्वच्छता के लिए है। स्वच्छता अन्दर से भी रहे और बाहर से भी रहे साथ ही स्वस्थ रहे, सशक्त रहे।</p>
<p><strong>योग नगरी बन रहा है गुलाबी नगरी जयपुर</strong><br />महापौर  सौम्या ने कहा कि गुलाबी नगरी जयपुर योग नगरी के रूप में बदल रहा है। योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है। हमें योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।  आज का कार्यक्रम हमारे स्वच्छता योद्धाओं के लिए है जो हमारे जयपुर शहर को स्वच्छता का ख्याल रखते है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने वार्डो में सफाई कर्मचारियों को माला पहनाकर कर उनको सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाएं। सफाई कर्मचारी हमारे समाज के योद्धा हैं, उनकी मेहनत और समर्पण के कारण ही हम एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में रह पा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 09:56:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जयपुर योग महोत्सव-2024 : तीसरे दिन 500 योग साधकों ने किया योग</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम ग्रेटर द्वारा 10 जून से आयोजित किये जा रहे जयपुर योग महोत्सव-2024 के तीसरे दिन जयपुरवासियों ने योगाभ्यास किया बुधवार को दो जगह योग शिविर लगाये गये जिसके अन्तर्गत स्मृति वन पार्क सीकर रोड़ एवं केसर उद्यान वार्ड नं. 38 कैलाश नगर में योग शिविर आयोजित किये।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-yoga-mahotsav-2024-500-yoga-practitioners-did-yoga-on-the/article-81339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/yy11rer4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नगर निगम ग्रेटर द्वारा 10 जून से आयोजित किये जा रहे जयपुर योग महोत्सव-2024 के तीसरे दिन जयपुरवासियों ने योगाभ्यास किया बुधवार को दो जगह योग शिविर लगाये गये जिसके अन्तर्गत स्मृति वन पार्क सीकर रोड़ एवं केसर उद्यान वार्ड नं. 38 कैलाश नगर में योग शिविर आयोजित किये। दोनों योग शिविरों में 300 से भी अधिक लोगों ने योगाभ्यास किया। योग महोत्सव की खास बात यह है कि हर योग शिविर की शुरूआत में गायत्री सूक्ष्म नैनो यज्ञ द्वारा की जाती है। जिसमें सभी साधकों द्वारा आहूति दी जाती है। </p>
<p>महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने कहा कि पूरे दिन में से कुछ समय अपने शरीर को स्वस्थ्य रखने तथा शहर को स्वच्छ रखने के लिये निकाले। उन्होंने पर्यावरण सरंक्षण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि मानसून में हर एक व्यक्ति एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सभी जयपुर वासी अपनी मां के साथ मिलकर या उनके नाम से एक पेड़ जरूर लगाए। </p>
<p>महापौर ने कहा कि स्वच्छता न केवल हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है बल्कि हमारे पर्यावरण को भी संरक्षित करती है। <br />इसके साथ ही उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने एवं अपने शहर को स्वच्छ रखने की भी अपील की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Jun 2024 19:19:10 +0530</pubDate>
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                <title>आयुर्वेद और योग का परिवर्तनकारी प्रभाव</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले कुछ वर्षों के दौरान व्यक्तिगत अथवा सामुदायिक स्तर पर महज रोगों का प्रबंधन करने के बजाय जीवन पर्यन्त स्वास्थ्य प्रबंधन पर जोर दिए जाने के साथ निवारक स्वास्थ्य सेवा की अवधारणा मजबूती के साथ विकसित हुई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/transformative-effect-of-ayurveda-and-yoga/article-71609"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/transfer-(5).jpg" alt=""></a><br /><p>पिछले 10 वर्षों के दौरान देश और दुनिया में आयुर्वेद एवं योग ने सभी हितधारकों-उपभोक्ताओं, बीमा क्षेत्र, नीति-निर्माताओं, स्वास्थ्य पेशेवरों आदि के बीच जागरूकता, स्वीकृति, स्वीकार्यता और विश्वसनीयता के मामले में एक लंबी छलांग लगाई है। यह कोई छोटा-मोटा बदलाव नहीं है, क्योंकि इस दौरान सरकार ने आयुष चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देते हुए उसे पारंपरिक चिकित्सा की पूरक पद्धति के तौर पर एकीकृत करने और उसे मुख्यधारा में लाने पर काफी दृढ़ता से फोकस किया है। निम्नलिखित तथ्य भारत सरकार के परिणाम-केंद्रित दृष्टिकोण के ठोस प्रमाण हैं:-दिसंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र और डब्यूएचओ द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया और 2015 से हर साल 21 जून को उसे वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। अगस्त 2022 में जामनगर में पारंपरिक चिकित्सा के लिए वैश्विक केंद्र की स्थापना की गई। जनवरी 2023 में आईसीडी-11 टीएम-2 मानक में आयुष रोग कोड को शामिल किया गया। आईआरडीए के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के साथ 2016 से आयुष बीमा के दायरे में फिर से लाने का कदम उठाया गया। उसके बाद 2020 और हाल में 2024 तक कई सकारात्मक कदम उठाए गए, जिससे आयुर्वेद चिकित्सा देखभाल के लिए पूरी तरह कैशलेस बीमा कवरेज उपलब्ध है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आयुष चिकित्सा सेवा को 2016 से ही सीजीएचएस योजना में शामिल किया जा चुका है। रक्षा मंत्रालय, रेलवे, इसरो, डीएईए ईएसआईसी एवं अन्य सरकारी संगठनों द्वारा आयुष उपचार केंद्रों क्लिनिकों की स्थापना की गई और उसे मंजूरी दी गई है। हील-इन-इंडिया और हील-बाय-इंडिया जैसे प्रमुख कार्यक्रमों में आयुष को शामिल किया गया है ताकि आयुष आधारित स्वास्थ्य एवं कल्याण सेवाओं के जरिए सस्ती दर पर चिकित्सा यात्रा और विदेशी मुद्रा आय को बढ़ावा दिया जा सके। हल्के अथवा मध्ययम कोविड-19 रोग से बचाव और उसके उपचार के लिए हरेक आयुष पद्धति के लिए राष्टÑीय क्लीनिकल प्रबंधन प्रोटोकॉल तैयार किया गया। इससे आयुष ने कोविड-19 के प्रतिकूल प्रभाव, गंभीरता और मौतों की संख्या को सीमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, कोविड के बाद उसके दीर्घावधि प्रभाव से निपटने में आयुष लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सार्वजनिक स्वास्थ्य लक्ष्यों को हासिल करने में आयुष की उचित भूमिका के लिए भारत सरकार के नेतृत्व से लगातार समर्थन एवं प्रोत्सािहन मिल रहा है।<br /><br />पिछले कुछ वर्षों के दौरान व्यक्तिगत अथवा सामुदायिक स्तर पर महज रोगों का प्रबंधन करने के बजाय जीवन पर्यन्त स्वास्थ्य प्रबंधन पर जोर दिए जाने के साथ निवारक स्वास्थ्य सेवा की अवधारणा मजबूती के साथ विकसित हुई है। सभी उम्र के लोगों के लिए स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करना और उनकी तंदुरुस्ती को बढ़ावा देना, संयुक्त राष्ट्र का सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी 3) है। एसडीजी 3 के 13 लक्ष्यों और 28 संकेतकों के तहत स्वस्थ जीवन एवं स्वस्थ जीवनशैली के विभिन्न पहलुओं को कवर किया गया है। आयुर्वेद और योग सहज रूप से जीवन चक्र के परिप्रेक्ष्य के साथ निवारक, उपचारात्मक एवं प्रोत्साहक स्वास्थ्य उपायों पर जोर देते हैं, जो रोग के चरण, व्यक्ति, स्थान, समय आदि के लिहाज से उपयुक्त होते हैं। इसके अलावा, यह व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य वाले दृष्टिकोण को अपनाता है जो सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील है। आयुर्वेद और योग समाज के लिए एक व्यापक जीवन-चक्र स्वास्थ्य प्रबंधन ढांचा प्रदान करते हैं जो एसडीजी 3 के 13 लक्ष्यों में से कई को हासिल करने में मदद करता है।<br /><br />गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के कारण मौत का अनुपात (सभी मौतों के बीच) 1990 में 38 प्रतिशत से बढ़कर 2016 में 62 प्रतिशत हो गया। इससे बीमारी के बोझ में बदलाव के साथ महामारी का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। आयुर्वेद और योग स्वास्थ्य सेवा मूल्य श्रृंखला को पूरा करने और विशेष रूप से गैर-संचारी रोगों की प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीय स्तर पर रोकथाम करने में एक दमदार, पूरक और एकीकृत भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा आयुर्वेद और योग विभिन्न प्रकार की वैकल्पिक सर्जरी की जरूरतों को खत्म करते हुए अथवा टालते हुए आम लोगों की जेब पर खर्च के बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। आयुर्वेद के उपयोग का एक अन्य  पहलू व्यक्ति की संपूर्ण देखभाल का मॉडल है जिसमें एक साथ कई बीमारियों से जूझ रहे लोगों को निजी तौर पर आहार, जीवनशैली, काउंसलिंग एवं चिकित्सा का नुस्खा प्रदान किया जाता है। इसके अलावा आयुर्वेद आधारित एकीकृत देखभाल एक उभरती हुई पद्धति है जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं:-स्वास्थ्य की दृष्टि से सक्रिय (मन की स्थिति, नींद, आंत, भूख, पाचन, जीवन शक्ति आदि) और जीवन की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए एलोपैथी के पूरक उपचार के रूप में आयुर्वेद एवं योग पर जोर। एडिमा, मायलोस्पप्रेशन, कैशेक्सिया, स्पैआस्मय/ क्रैप्से, मोबिलाइजेशन, म्यूकोसाइटिस, दस्त, चकत्ते, मतली और दर्द आदि के उपचार के लिए प्राथमिक एलोपैथी चिकित्सा के सहायक के रूप में आयुर्वेद का उपयोग। रोग की पुनरावृत्ति को रोकने और अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए तृतीयक/ क्वाटरनैरी एलोपैथी उपचार के बाद स्टेन डाउन केयर के लिए फिजिएट्री  (शारीरिक एवं चिकित्सीय पुनर्वास) के साथ-साथ आयुर्वेद और योग का उपयोग। आयुर्वेद और योग आधारित सेवाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे क्योंकि उनका दायरा विभिन्न सेवा क्षेत्रों- चिकित्सरकीय तंदुरुस्ती आयुर्वेद अस्पताल/ आयुर्वेद चिकित्साव केंद्र/आयुर्वेद क्लीननिक, एकीकृत चिकित्सा केंद्र, अवकाश के दौरान तंदुरुस्ती, स्टेप डाउन केयर सेंटर तक विस्तृत हैं। आयुर्वेद अस्पताल विशेष तौर पर किसी गरीब देश में स्वास्थ्य सेवा के अर्थशास्त्र को बदलने की ताकत रखते हैं। आयुर्वेद एवं योग अत्यधिक पूंजी निवेश, कम समय तक ठहरने, तृतीयक/ क्वाटरनैरी देखभाल मॉडल के बजाय कम पूंजी निवेश, अधिक दिनों तक (3 से 5 गुना) ठहरते हुए रोगों के उपचार मॉडल के साथ एक स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था तैयार करते हैं जो आम लोगों के लिए सस्ती, सुलभ और स्वीकार्य है। ऐसी स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था जो उच्च गुणवत्ता वाली तृतीयक/क्वाटरनैरी चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के अलावा प्रारंभिक से प्राथमिक और द्वितीयक से तृतीयक रोकथाम तक निवारक स्वास्थ्य सेवा के व्यापक दायरे का विस्तार करती है। पिछले 10 वर्षों में पहली बार आयुर्वेद एवं योग आधारित स्टार्टअप में उल्लोखनीय निवेश और वृद्धि हुई है। नवाचार का दायरा आयुर्वेदिक उत्पादों (फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य पदार्थ, न्यूट्रास्यूटिकल्स, सौंदर्य प्रसाधन, जीवन शैली उत्पाद), आयुर्वेद/ योग सेवाएं (अस्पताल, क्लीनिक, टेलीमेडिसिन, स्वास्थ्य प्रबंधन सेवाएं, चिकित्सा स्पाय प्रशिक्षण, अवकाश के दौरान तंदुरुस्ती) और आयुर्वेद सिद्धांतों पर आधारित नई चिकित्सा तकनीक तक फैला हुआ है। <br /><br />-राजीव वासुदेवन<br />एमडी एवं सीईओ, अपोलो आयुर्वेद हॉस्पिटल्स </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Mar 2024 12:49:36 +0530</pubDate>
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                <title>नाथद्वारा में खुलेगा आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा एकीकृत महाविद्यालय</title>
                                    <description><![CDATA[प्रस्ताव के अनुसार, राजसंमद के नाथद्वारा में आयुर्वेद, योग एवं नेचुरोपैथी महाविद्यालय एवं सम्बद्ध एकीकृत चिकित्सालय खोला जाएगा। जिसके निर्माण हेतु 38.60 करोड़ रुपए का व्यय होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ayurveda--yoga-and-naturopathy-integrated-college-will-open-in-nathdwara/article-53468"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/cm_ashok_gehlot.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजसमंद जिले के नाथद्वारा में आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एकीकृत महाविद्यालय खोला जाएगा। इस हेतु मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 38.60 करोड़ रुपए के वित्तीय प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही, महाविद्यालय तथा चिकित्सालय के संचालन के लिए 125 नवीन पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की है। </p>
<p>प्रस्ताव के अनुसार, राजसंमद के नाथद्वारा में आयुर्वेद, योग एवं नेचुरोपैथी महाविद्यालय एवं सम्बद्ध एकीकृत चिकित्सालय खोला जाएगा। जिसके निर्माण हेतु 38.60 करोड़ रुपए का व्यय होगा। इस महाविद्यालय के संचालन हेतु 125 नवीन पदों का भी सृजन किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Aug 2023 18:05:08 +0530</pubDate>
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                <title>वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों ने किया योग</title>
                                    <description><![CDATA[इस दौरान योग गुरु श्री मिश्रा ने यात्रियों को इन योगासन के अनगिनत फायदे भी गिनाए। भोपाल के यात्री विजय केलकर ने कहा कि चलती ट्रेन में योग करने का अनुभव पहली बार किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/passengers-did-yoga-in-vande-bharat-express/article-49586"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(16)7.png" alt=""></a><br /><p>भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आज भोपाल से नई दिल्ली के बीच चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस भी योगमय रही। दरअसल मध्य प्रदेश के योग गुरु कृष्णा मिश्रा ने आज इस ट्रेन के विभिन्न कोच में चलती ट्रेन में यात्रियों को योगाभ्यास कराया। कोच सी1 से योग की शुरुआत हुई। इसके तहत यात्रियों को शिखर आसन, ग्रीवा संचालन, सूर्य नमस्कार , प्राणायाम, कंध संचालन, पश्चिमोत्तनासन और चक्रासन आदि करवाया गया।</p>
<p>इस दौरान योग गुरु श्री मिश्रा ने यात्रियों को इन योगासन के अनगिनत फायदे भी गिनाए। भोपाल के यात्री विजय केलकर ने कहा कि चलती ट्रेन में योग करने का अनुभव पहली बार किया। श्वेता पारीख ने कहा कि प्राणायाम करने के बाद शरीर हल्का और मन शांत लगा।</p>
<p>मिश्रा आज इस ट्रेन में लौटते समय भी यात्रियों को योगाभ्यास करवाएंगे। वहीं दिल्ली के निजामुद्दीन स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 5 पर कुलियों को भी योग कराया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jun 2023 16:10:07 +0530</pubDate>
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