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                <title>dog attack - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>dog attack RSS Feed</description>
                
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                <title>स्कूल के गेट के बाहर बच्चे के सिर से चमड़ी चींच ले गया कुत्ता, पहली बार बड़े भाई के साथ गया था स्कूल </title>
                                    <description><![CDATA[निकटवर्ती गांव ऊपनी स्थित स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल के गेट के निकट सुबह एक आवारा कुत्ते ने 4 साल के बच्चे पर हमला कर दिया। गनीमत रही कि समय रहते एक ग्रामीण ने बच्चे की जान बचा ली। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dungarpur/the-dog-tore-the-skin-from-the-childs-head-outside/article-144622"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/8561.png" alt=""></a><br /><p>श्रीडूंगरगढ़। निकटवर्ती गांव ऊपनी स्थित स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल के गेट के निकट मंगलवार सुबह एक आवारा कुत्ते ने 4 साल के बच्चे पर हमला कर दिया। गनीमत रही कि समय रहते एक ग्रामीण ने बच्चे की जान बचा ली। जानकारी के अनुसार ऊपनी निवासी रामप्रताप सिद्ध का 4 वर्षीय पुत्र रामचन्द्र बड़े भाई के साथ पहली बार स्कूल गया था।</p>
<p>इसी दौरान बच्चा अचानक स्कूल परिसर से बाहर निकल आया। गेट के पास मौजूद आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया और उसे बुरी तरह नोच लिया। बालक की चीखें सुनकर वहां से गुजर रहे एक ग्रामीण ने साहस दिखा किसी तरह कुत्ते को भगाया और बालक को छुड़वाया। तब तक कुत्ता बच्चे के सिर में गहरा घाव कर चुका था। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>डूंगरपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 10:47:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली में बाइक हटाने के विवाद का खौफनाक मंजर : युवकों ने एक परिवार पर पालतू कुत्ते से कराया हमला, महिला समेत 6 लोग घायल </title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम थाना क्षेत्र के सुभाष पार्क इलाके में बाइक हटाने को लेकर हुए विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-dreaded-dispute-over-bike-removal-dispute-in-delhi-killed/article-127030"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(4)8.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम थाना क्षेत्र के सुभाष पार्क इलाके में बाइक हटाने को लेकर हुए विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। पड़ोसी युवकों ने एक परिवार पर पालतू कुत्ते से हमला करा दिया और लोहे की रॉड व डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी। इस वारदात में महिला समेत 6 लोग घायल हुए, जिनमें 53 वर्षीय अरविंद राठौड़ की हालत नाजुक बनी हुई है।</p>
<p>पीड़ित परिवार ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि हमलावरों ने कुत्ते को छोड़कर उन्हें दबोच लिया और दूसरी ओर डंडों व रॉड से पीटते रहे। कुत्ते ने लगभग सभी सदस्यों को बुरी तरह नोच डाला। घायलों में चेतन राठौड़ (32), उनके पिता अरविंद, भाई, चाचा और एक महिला शामिल हैं। सभी को जीटीबी और जेपीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।</p>
<p>मुख्य आरोपी शालू स्वामी गली का ही रहने वाला है और वह पहले भी झगड़े-फसाद में शामिल रहा है। वारदात के बाद शालू व उसके साथी मौके से फरार हो गए। पीड़ति परिवार का कहना है कि पुलिस को तुरंत शिकायत दी गई, लेकिन शुरुआती कार्रवाई देर से हुई। इससे इलाके के लोगों में आक्रोश है।</p>
<p>उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि यह घटना रविवार की रात 11:30 बजे की है। पुलिस को झगड़े की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। वेलकम थाने में धारा 115(2), 118(1), 291, 351(2) और 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।</p>
<p>उपायुक्त के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं और सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनकी तलाश जारी है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल को देखते हुए पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ाने के साथ सुरक्षा सख्त कर दी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 16:04:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गली में सो रही प्रेग्नेंट डॉग को जानबूझकर कुचला, सीसीटीवी में करतूत हुई कैद</title>
                                    <description><![CDATA[वह उठकर भाग गया तो जानबूझ कर सड़क पर सो रही प्रेग्नेंट स्ट्रीट डॉग पर पिकअप चढ़ा दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pregnant-dog-sleeping-in-the-street-intentionally-imprisoned-in-cctv/article-111032"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/257rtrer-(6)16.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुहाना थाना इलाके में बुधवार तड़के एक पिकअप ने गर्भवती डॉग को जानबूझ कर कुचल दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह जब कॉलोनी वालों ने डॉग को मृत देखा तो सीसीटीवी फुटेज चैक किए, तो करतूत का पता चला। पुलिस ने बताया कि कॉलोनी वालों से मिली घटना की जानकारी पर सीसीटीवी फुटेज देखे और उसमें दिख रही पिकअप को नम्बरों के आधार पर वाहन को जब्त किया है। जबकि चालक अभी पकड़ से बाहर है। आरोपित चालक रोज कॉलोनी में दूध लेने आता है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है जिसकी जांच दुर्घटना थाना दक्षिण कर रहा है। </p>
<p><strong>भौंकने पर नाराज हुआ :</strong> घटना महाराज किशन सिंह नगर की है। बुधवार सुबह करीब सवा पांच बजे एक पिकअप दूध लेकर आई। उसके ड्राइवर ने सड़क पर सो रहे डॉग के भौंकने पर उस पर पिकअप चढ़ाने की कोशिश की। वह उठकर भाग गया तो जानबूझ कर सड़क पर सो रही प्रेग्नेंट स्ट्रीट डॉग पर पिकअप चढ़ा दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 10:49:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पालतू कुत्ते को कसरत नहीं कराने पर है जुर्माने का प्रावधान, पशुओं को घर से निकाल देने पर हो सकती है जेल</title>
                                    <description><![CDATA[इन्सानों के ही नहीं, बेजुबानों के भी हैं अधिकार, आप बच्चों की तरह जीव जंतुओं या पशुओं से सिर्फ प्रेम कर सकते हैं, उनके साथ क्रूरता नहीं, किसी पक्षी का घोसला उजाड़ना भी अब पाप नहीं, अपराध है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/there-is-a-provision-of-fine-for-not-exercising-the/article-97761"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/5554-(16).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। क्या आपको यह मालूम है कि आपने कुत्ते को तो पाल रखा है, लेकिन उसे पर्याप्त नहीं घुमाने या जरूरी कसरत नहीं कराने पर आपको जुर्माना लग सकता है? कई बार लोग दुधारू पशुओं को उस समय घर से निकाल दते हैं जब वे दूध देना बंद कर देते हैं या ब्याने लायक नहीं रह जाते। इसी तरह दुधारू पशुओं का दूध बढ़ाने के लिए कुछ मालिक उनके साथ क्रूरता भी करते हैं, और उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाली दवाएं भी देते हैं। ऐसे मामलों पशु क्रूरता अधिनियम में सख्त प्रावधान हैं और जुर्माने तथा सजा तक हो सकती है। </p>
<p><strong>पालतू कुत्ते को कसरत नहीं कराई तो देना पड़ेगा जुर्माना </strong><br />पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960 के तहत पालतू कुत्ते को कसरत नहीं कराने पर जुर्माना जुर्माने का प्रावधान है। अधिनियम में व्यवस्था दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति ऐसे कुत्ते को जो आमतौर पर जंजीर से बंधा रहता है, उचित रूप से कसरत कराने में लापरवाही करेगा या उसे पर्याप्त आहार नहीं देगा तो संबंधित व्यक्ति पर जुमार्ना लगाया जाएगा।</p>
<p><strong>केस 01</strong><br />जयपुर के आदर्शनगर इलाके में कार की छांव में बैठे कुत्ते को एक युवक ने लाठी से ताबड़तोड़ पीटना शुरू कर दिया। इसके चलते कुत्ता अधमरा हो गया। घटना को लेकर आदर्शनगर थाने में युवक के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।</p>
<p><strong>केस 02</strong><br />शहर के मालवीय नगर इलाके में एक युवक ने बेवजह बेजुबान कुत्ते को लाठी से बेरहमी से मारा। इस दौरान डंडे से कुत्ते की आंख भी फूट गई। इस दौरान बीच बचाव करने आए लोगों के साथ भी युवक ने हाथापाई करने की कोशिश की गई। इसके बाद युवक के खिलाफ मालवीय नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।</p>
<p><strong>केस 03</strong><br />तुंगा में एक किसान ने कुत्ते पर एयरगन से फायरिंग कर डाली। कुत्ते की बॉडी में 22 छर्रे घुस गए। कुत्ता दो घंटे तड़पता रहा। इस दौरान वहां से गुजर रहा युवक कुत्ते को लेकर अस्पताल पहुंचा। इलाज के दौरान कुत्ते की मौत हो गई।  किसान के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया गया।</p>
<p>ये कुछ उदाहरण हैं, जहां इंसान ने जानवर बनकर कुत्तों पर अपना गुस्सा उतारा। हालांकि आम लोगों की निगाह में भले ये बड़ी घटनाएं नहीं हों, लेकिन पशु क्रूरता अधिनियम में ये बहुत ही गंभीर मामले हैं। इसकी वजह है, क्योंकि कुत्ते की मौत हुई या वह जीवनभर के लिए अपंग हो गया। अधिकतर लोगों को मालूम नहीं कि आवारा और पालतू पशुओं को पीड़ा पहुंचाने वाली छोटी-छोटी बातों के लिए सजा का प्रावधान है।</p>
<p><strong>पशु का परित्याग करना भी अपराध</strong><br />अधिनियम के तहत यदि कोई व्यक्ति बिना उचित कारण अपने पशु का ऐसी परिस्थिति में परित्याग करेगा, जिससे पशु के भूख और प्यास से पीडा पहुंचे तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ जुमार्ने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा यदि पशु को अपर्याप्त पिंजरे में रखने को भी जुमार्ने की श्रेणी में माना गया है।</p>
<p><strong>दूध बढ़ाने के लिए पशु के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया तो जाना होगा जेल</strong><br />अधिनियम के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी गाय या अन्य दुधारू पशु पर फूका या डूमदेव नाम की क्रिया या दूध को बढाने के लिए कोई ऐसा कार्य करेगा, जो उस पशु के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है तो व्यक्ति को दो साल तक की सजा मिल सकती है।</p>
<p><strong>मनोरंजन के लिए शिकार बनाना भी गलत</strong><br />इस अधिनियम में प्रावधान किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति केवल मनोरंजन के लिए किसी पशु को इस तरह रखेगा कि दूसरा पशु आकर उसका शिकार कर ले या पशुओं को आपस में लडाएगा तो व्यक्ति दोषी माना जाएगा। इसके तहत पशु को चारे के रूप में बांधा जाना भी शामिल है। भारत में पशु-पक्षियों के घोंसले या उनके आवासों को नुकसान पहुंचाना कानून के तहत अपराध माना जाता है। भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (वाइर्ल्ड लाइफ प्रोटेक्शन 1972) के अनुसार, वन्य जीवों को उनके प्राकृतिक आवास से छेड़छाड़ करना, उन्हें नुकसान पहुंचाना, या उनकी हत्या करना अपराध है।</p>
<p><strong>प्रासंगिक प्रावधान</strong><br />धारा 9: किसी भी वन्य जीव का शिकार करना प्रतिबंधित है। इसमें उनके घोंसले या आवास को नुकसान पहुंचाना भी शामिल है।<br />धारा 51: उल्लंघन करने वालों के लिए सजा का प्रावधान है, जिसमें जेल और जुमार्ना दोनों हो सकते हैं।<br />भारतीय संविधान: संविधान के अनुच्छेद 48अ और 51ए(जी) में पर्यावरण और जीव-जंतुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई है?</p>
<p>पशु कू्ररता निवाराण अधिनियम कई दशकों पहले बना था, इसलिए इसमें अपराध की सजा के तौर पर जुर्माना राशि बहुत कम थी अब वक्त के साथ इस जुर्माना राशि को बढ़ाने की सख्त जरुरत है। ताकि जुर्माना की राशि को देखते हुए निहिर पशुओं पर कू्ररता नहीं हो।<br />-बाबूलाल जाजू, पर्यावरणविद्</p>
<p>मूक पशुओं पर अपराध होने के चलते इन्हें हर कोई सामान्यतौर पर लेता है। पीड़ित पशु अपनी कहीं शिकायत नहीं कर सकता। ऐसे में इन पर कू्ररता ना हो यह हमे स्वयं ही सुनिश्चित करना होगा।<br />कुसुमलता अग्रवाल, पशु प्रेमी</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 11:40:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा में शिकारी भेड़ियों जैसे खूंखार हो रहे कुत्ते</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी नस्ल के कुत्तों से ज्यादा देसी खूंखार हो गए हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dogs-in-kota-are-becoming-as-dangerous-as-hunter-wolves/article-72851"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/ph2.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। विदेशी नस्ल के श्वानों से ज्यादा देसी श्वान खूंखार हो हो रहे हैं। गली-गली घूमने वाले ये श्वान लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। पशु चिकित्सकों का कहना है कि पिछले कुछ समय से श्वानों के बिहेवियर में काफी बदलाव आया है। श्वानों की शिकार की आदत शहरवासियों पर भारी पड़ रही है। रात के समय यह श्वान किसी हैवान से कम नहीं है। आए दिन रात बाइक पीछा कर सवार को घायल करने की घटनाएं हो रही है। मौसम में हो रहे बार बार परिवर्तन कभी सर्दी तो कभी गर्मी और बदलते मौसम में कुत्ते खतरनाक हो गए हैं। शहर से लेकर गांवों की गलियों में दिन-रात देसी श्वानों का झुंड दिख रहा है। विदेशी नस्ल के श्वानो से ज्यादा देसी खूंखार हो गए हैं। गली-गली घूमने वाले ये श्वान लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। श्वान का आतंक लोगों का दुश्मन बन रहा है। हालात ऐसे हैं कि पिछले एक पखवाड़े में हर चार घंटे में चार से पांच लोग श्वान के शिकार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। </p>
<p><strong>बाइक के पीछे भागते हुए किया जख्मी</strong><br />मुकेश वर्मा ने बताया कि 10 मार्च को रात को डेढ बजे दशहरा मैदान सीसी रोड से सकतपुरा जा रहा था। दशहरा मैदान के बाहर घुमंतु जाति के लोग जो मुर्दा मवेशी उठाते उनका डेरा वहां खुंखार श्वानों ने मेरी मोटर साइकिल का पीछा किया मैने गति बढाई तो काटने दौड़ मैन ब्रेक लगाया तो बाइक फिसल गई जिसमें मेरे हाथ और पेर में चोट आई। मेरे जैसी मोटर साइकिल सवार आए दिन इनकी चपेट आ रहे है। चलती गाड़ी पर ये किसी का भी पैर पकड़ लेते हैं।अधिकांश  मोटर साइकिल सवारों को गाड़ी से गिरकर घायल कर रहे है। चौपहिया वाहन के पीछे भी ये दूर तक भागते रहते हैं। ये हालात पूरे शहर व हाइवे के हैं। निगम के अधिकारियों से शिकायत की तो उनका कहना है कि हाईकोर्ट की रोक लगी हुई है कि किसी भी श्वान को पकड़कर उसे जंगल में नहीं छोड़ सकते। इनकी नसबंदी कर वापस वहीं छोड़ने का ही  कार्य चल रहा है।</p>
<p><strong>श्वानों को डराने की आदत बन जाती है</strong><br />पशु चिकित्सक डॉ. बनवारी ने बताया कि डॉग में स्वभाव में पिछले लंबे समय से काफी बदलाव हो रहे है। अब श्वान हिंसक हो रहे है। किसी कारण से श्वान चिढ़चिढा हो गया तो वह लोगों का पीछा करेंगा। किसी ने उसको चोट पहुंचाने पर भी श्वान इरिटेट हो जाता है। वाहनों की तेज लाइट, कर्कश आवाज श्वानों कई बार चिढ़चिढा कर देती और वो वाहनों के पीछे भागते लोगों को डराने लगते है। इसमें उन्हें मजा आने लगता है उनकी आदत बन जाती है। कई बार इलाकों को लेकर भी श्वान उत्तेजित होकर हिंसक व्यवहार करने लगते है।</p>
<p><strong>खाली पेट और स्वभाव में बदलाव से हो रहे हिंसक</strong><br />पशु चिकित्सक डॉ. अखिलेश पाण्डेय ने बताया कि कोटा में श्वानों की संख्या में लगतार बढोतरी हो रही है। नसबंदी अभियान के बावजूद इनकी संख्या बढ़ रही है। जिससे इनको खाना नहीं मिल रहा इससे इनमें शिकारी आदत पनप रही है। दूसरा मौसम में बार बार परिवर्तन श्वान के व्यवहार में बदलाव आया है। कभी गर्मी तो कभी सर्दी  ऐसे मौसम में श्वान ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। क्योंकि कुत्तों के दिमाग में थर्मो रेगलेट्री सिस्टम नहीं होता है। यही कारण है कि अपनी गर्मी को शांत करने के लिए जीभ निकालकर हांफते हैं। इससे महज 10 से 15 प्रतिशत ही गर्मी निकल पाती है। गर्मी के चलते उनमें चिड़चिड़ापन आ जाता है। वाहनों की आवाज सुनने पर आक्रामक होकर लोगों को काट लेते हैं। दूसरी बड़ी वजह यह भी है कि इनके रहने की जगह भी कम होती जा रही है। हर तरफ मकान बन गए हैं, जो जगह बच रही है वहां गाड़ियों का कब्जा रह रहा है। पहले घरों के आसपास इन्हें खाने के लिए पर्याप्त मात्रा में जूठन मिल जाता था। सफाई को लेकर लोग जागरूक हुए तो अब खाने को भी नहीं मिल रहा है। खाली पेट होने के चलते गुस्सा भी बढ़ रहा है।</p>
<p><strong>मुर्दा जानवर खाने वाले श्वान हो रहे शिकारी</strong><br />पशु चिकित्सक डॉ. अखिलेश पांडे ने बताया कि श्वानों के स्वभाव में बदलाव आ रहा है। मुर्दा जानवरों खाने वाले श्वान खूंखार हो रहे है। ऐसे इलाकों चिहिंत कर इन श्वानों को श्वान शाला रखना होगा तभी डॉग बाइट की घटना पर अंकुश लग सकेंगा।  श्वानों सुंघने क्षमता बहुत तेज होती है। श्वानों को काफी वफादार और इंसानों का फ्रेंडली जानवर माना जाता है।  फिर वहीं श्वान  स्कुटी, बाइक या कार के पीछे ऐसे क्यों पड़ जाते हैं, जैसे वे आपके कट्टर दुश्मन हों इस दौरान श्वान पूरी रफ्तार के साथ वाहन के पीछे भागते हैं। उस दौरान अगर आप गिर जाएं या आपके कपड़े उनके मुंह में आ जाएं तो निश्चित तौर पर वे आप पर हमला कर देंगे।  विज्ञान कहता है कि श्वान के इस व्यवहार के लिए आप जिम्मेदार नहीं होते हैं, बल्कि आपके वाहन के टायर उनका निशाना होते हैं। असल में वे आपके वाहन के टायर से आने वाली दूसरे श्वान की गंध से आक्रामक हो जाते हैं।  दरअसल, श्वानों की सूंघने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है। श्वान दूसरे श्वान की गंध बहुत जल्द पकड़ लेते हैं। दरअसल, श्वान अपने इलाके में दूसरे क्षेत्र के श्वान को बर्दाश्त नहीं करते हैं। वो वाहनों के पीछे भागते है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Mar 2024 14:05:37 +0530</pubDate>
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                <title>कुत्तों के हमले में घायल गौवंश को नहीं  मिला गौशाला में ठोर</title>
                                    <description><![CDATA[स्वामी रामानन्द ने एसडीएम  के नाम लिखे पत्र में कहा कि हमारी गौशाला में वर्तमान में पचास सेअधिक गौवंश हैं। यहां उपचार की व्यवस्था नहीं है। इसलिए  गौरवंश को अन्यंत्र भेजने की व्यवस्था करें।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/the-cows-injured-in-the-attack-of-dogs-did-not/article-18549"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/25.jpg" alt=""></a><br /><p>बांदीकुई। हिन्दू धर्म में अहम सावन के अंतिम सोमवार को आदिकाल से मां के रूप मे पुकारे जाने वाली गाय रूपी बछड़े-बछड़ियों पर कयामत टूट पड़ी। श्वान के हमले में बुरी तरह घायल हुए इन बेजूबान जानवरों से राम के साथ साथ राज भी रूठ गया। मूर्छित दोनोंगौ वंश तीन गौर सेवकों के साथ दिनभर सिर छिपाने के लिए आसरा ढूढ़ते रहे लेकिन राम के रूठने के बाद राज ने भी उन्हें सिर छिपाने के जगह मुहैया नहीं कराई। हदय झंझोड़ देने वाला यह मामला सोमवार को गोलाडा गांव से शुरू हुआ था। गोलाडा गांव में आवारा कुत्तों ने दो मासूम गोवंश पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। जिसकी सूचना गांव के सरकारी स्कूल में अध्यापन का प्रशिक्षण ले रहे मनीष सैनी को मिली तो सैनी ने अपने दो अन्य साथी रणजीत सिंह व अंगद सिंह के सहयोग से पशु चिकित्सक को मौके पर बुलवाकर उनका उपचार कर दिया। उपचार के बाद तीनोंं मित्रों ने ग्राम पंचायत गोलाडा के ग्राम विकास अधिकारी सहित सरपंच सीमा सैनी व प्रभारी पशुधन विकास से एक संयुक्त पत्र प्रबंधक गौसेवा सदन बांदीकुई के नाम लिखवा दिया। पत्र में उन्होंने दोनोंं गोवंश को गौशाला में रखने का अनुराध किया था। जिसके तहत तीनों गो-सेवक मेटाडोर में गोवंश को लेकर गौ शाला पहुंचे तो गौशाला में दोनोंं गोवंश को जगह नहीं मिली। श्री गणेश गौशाला सेवा समिति के स्वामी ने पत्र का जवाब पत्र से दे दिया। स्वामी रामानन्द ने एसडीएम के नाम लिखे पत्र में कहा कि हमारी गौशाला में वर्तमान में पचास सेअधिक गौवंश हैं। यहां उपचार की व्यवस्था नहीं है। इसलिए गौरवंश को अन्यंत्र भेजने की व्यवस्था करें। ऐसे में तीनो गो सेवक मेटाडोर मय गौवंश को लेकर उपजिला कलेक्टर नीरज कुमार मीना के कार्यालय पहुंचे लेकिन मीना वहां नही मिले। जिसपर युवको ने दूरभाष पर एसडीएम को मामले की जानकारी दी। इस पर एसडीएम से दूरभाष पर मिले निर्देश पर उनके अधीनस्थ ने दो गोवंश को नगर पालिका के सुपुर्द करने का पत्र बनाकर युवकों को थमा दिया। गौ सेवक मनीष सैनी ने बताया कि पत्र लेकर हम नगर पालिका कार्यालय पहुंचे तो अधिशाषी अधिकारी नृसिंह मीना नहीं मिले और कर्मचारियों ने भी गोवंश को स्थान मुहैया नहीं करवाया। देर सांय करीब 7 बजे मनीष ने दूरभाष पर नव योति को बताया कि सभी जगह निराश होने के बाद दोनों गोवंश को वापस गोलाडा गांव ले जा रहा हंू।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Aug 2022 14:14:21 +0530</pubDate>
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