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                <title>government primary school - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>government primary school RSS Feed</description>
                
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                <title>मांडूहेड़ा गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय का मामला : भवन के अभाव में छोटे टीन शेड के नीचे पढ़ने को मजबूर नौनिहाल</title>
                                    <description><![CDATA[ जर्जर भवन के बाद नहीं बना नया स्कूल, घोषणाओं के बावजूद निर्माण अधूरा; ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/case-of-the-government-primary-school-in-manduheda-village--young-children-forced-to-study-under-a-small-tin-shed-due-to-lack-of-a-building/article-147086"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/manduhera-gaanv-k-rajakey-prathamik-vidyalay-ka-mamala-bhavan-k-abhav-mein-chhote-teen-shed-k--niche-padhane-ko-majaboor-naunihal...kanwas,-kota-news-19.03.2026.jpg.jpeg" alt=""></a><br /><p>कनवास। कनवास उपखंड क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामने आई है, जहां ग्राम पंचायत मामोर के गांव मांडूहेड़ा में राजकीय प्राथमिक विद्यालय भवन के अभाव में बच्चे टीन शेड के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। जानकारी अनुसार कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को खुले आसमान के नीचे या ग्रामीणों द्वारा चंदे से बनाए गए छोटे टीन शेड में पढ़ाई करनी पड़ रही है। गर्मी, सर्दी और बारिश के बीच पढ़ाई करने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता रामेश्वर मामोर ने बताया कि सांगोद पंचायत समिति क्षेत्र के इस गांव में पुराना स्कूल भवन जर्जर होने के कारण पहले ही गिर चुका है, लेकिन अब तक नए भवन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।</p>
<p><strong>जनप्रतिनिधियों की घोषणाएं भी अधूरी </strong></p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की घोषणाएं भी अधूरी साबित हो रही हैं। ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर द्वारा विद्यालय भवन के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। गौरतलब है कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी इसी जिले से हैं, इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना सवाल खड़े करता है।</p>
<p><strong>ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार </strong></p>
<p>ग्रामीण मुकेश मेघवाल, ओमप्रकाश, छोटूलाल, रामचंद्र नागर, रिंकू एरवाल, दिग्विजय सिंह, भेरूलाल, रामप्रसाद बेरवा और शशिकांत मेघवाल सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द विद्यालय भवन का निर्माण कराया जाए। गांव के अधिकांश विद्यार्थी दलित समुदाय से हैं। ग्रामीणों का कहना है कि संसाधनों के अभाव में बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, विशेषकर बरसात और तेज गर्मी के दौरान हालात और अधिक गंभीर हो जाते हैं।</p>
<p><strong>- रामेश्वर मामोर, आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता</strong></p>
<p>नए भवन के लिए एडीपीसी को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।</p>
<p><strong>- आनंद स्वरूप बड़ोलिया, कार्यवाहक सीबीईओ, शिक्षा विभाग</strong><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 17:29:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>झीकड़िया स्कूल में खड़ा ‘यमदूत’</title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए बताया कि हमारे द्वारा ग्राम पंचायत सचिव को पिछले दो सालो से अवगत करवाते आ रहे है लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/-yamdoot--standing-in-jhikadia-school/article-83650"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/3.png" alt=""></a><br /><p>मिश्रौली। मिश्रौली कस्बे के निकटवर्ती ग्राम पंचायत सिलेहगढ पंचायत के गाँव झीकड़िया में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में खेलकूद मैदान में प्राचीन कुआ ंबच्चों के लिए खतरा बना हुआ है। जानकारी अनुसार मिश्रौली के ग्राम पंचायत सिलेहगढ पंचायत के गांव झीकडियां के राजकीय प्राथमिक विद्यालय के परिसर में एक प्राचीन कुआं बना हुआ है जिसके आस पास सुरक्षा दीवार भी नहीं है । यह कुआ काफी सालों पुराना है, लेकिन विद्यालय में इस कुएं के होने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। विद्यालय में कई बच्चें है जो पढ़ने आते है, वहीं अंतराल के दौरान खाना खाने के लिए स्कूल परिसर में खेलते है। उस समय कोई भी स्कूल का बच्चा कुएं में गिर सकता है। कई बार कई अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करवाया लेकिन समाधान नहीं हुआ। मामले को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए बताया कि हमारे द्वारा ग्राम पंचायत सचिव को पिछले दो सालो से अवगत करवाते आ रहे है लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं  कई प्रशासनिक अधिकारी यहां आते रहते है लेकिन कोई ध्यान नहीं देते है। विद्यालय के कुएं में कभी भी कोई विद्यालय का छात्र खेलते हुए या कभी भी गिर सकता है। </p>
<p>स्कूल मैदान में ओपन कुँआ है, अगर ऊपर ढकान हो जाए , दीवारें ऊंची हो जाए तो बच्चों के लिए खतरा नहीं रहेगा। <br /><strong>- मनोहर सिंह, अध्यापक</strong></p>
<p>मामले को लेकर नाराजगी जताते हुए पांच - छह महीने पहले भी अवगत करवाया गया है लेकिन  ग्राम पंचायत द्वारा अगले सप्ताह अनुपयोगी कुएं का भी ढकान करवाने की बात कही। लेकिन छह महीने बीत जाने पर भी कोई हलचल नजर नहीं आई। <br /><strong>- मेहरबान सिंह अभिभावक</strong></p>
<p>कुआ लगभग बीस साल पुराना है अभी तक किसी ने भी इस समस्या का समाधान नहीं किया।<br /><strong>- मोहन सिंह ग्रामीण</strong></p>
<p>मामले को लेकर विद्यालय कार्यवाहक मोहन लाल से बात करनी चाही लेकिन काल रिसीव नही किया गया मेरे संज्ञान में मामला कल ही आया है, कुएं के ऊपर ढकान करवाते है। <br /><strong>- रविंद्रसिंह राठौर</strong></p>
<p> सरपंच ग्राम पंचायत सिल्हेगढ स्कूल का निरीक्षण करेंगे जो भी समस्या विद्यालय की व्यवस्थाओं में है उसका निराकरण करेंगे । साथ ही विद्यालय में कुएं की समस्या का समाधान करेंगे। <br /><strong>- कैलाश, सचिव पंचायत सिलेहगड़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 17:34:08 +0530</pubDate>
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                <title>माड्साब कस्यां आऊं पढबा..स्कूल तो बण ग्यो तळाव..</title>
                                    <description><![CDATA[छात्र छात्राओं को गंदे पानी के नजदीक ही कमरे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है जिससे दुर्गंध आती है और मच्छर पैदा हो रहे है जिससे बच्चो में बीमारी फैलने का भी डर है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/dear-sir--i-am-coming-to-study---school-has-become-a-pond/article-64150"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/sew.png" alt=""></a><br /><p>पनवाड़। पनवाड़ क्षेत्र के लायफल गांव में हरिगढ़ पनवाड़ सड़क पर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में घरों से निकलने वाला गंदा पानी भरा होने से छात्र छात्राओं को स्कूल आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल आते समय बच्चो को इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है जिससे कई बार ड्रेस तक गंदी हो जाती है,इसके लिए अभिभावकों ने कई बार प्रशासन को अवगत करवाया लेकिन समस्या का समाधान नही हुआ । लायफल गांव निवासी रवि राठौर,लेखराज सुमन,दुर्गाशंकर भील ,नरेश माली,सोनू माली सहित अन्य लोगों ने बताया कि हरिगढ़ पनवाड़ सड़क पर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में गांव के घरों से निकलने वाला गंदा पानी भरा होने से स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और छात्रों को पढ़ाई कमरे तक जाने के लिए पत्थर डालकर निकलना पड़ रहा है। जिन पर इससे कई बार बालक फिसल कर गिर जाते है जिससे ड्रेस गंदी हो जाती है और वापिस घर जाना पड़ता है। यही नहीं छात्र छात्राओं को गंदे पानी के नजदीक ही कमरे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है जिससे दुर्गंध आती है और मच्छर पैदा हो रहे है जिससे बच्चो में बीमारी फैलने का भी डर है। स्कूल परिसर में गंदा पानी जमा होने का मुख्य कारण है कि ग्राम पंचायत की ओर से गांव की नालियों की कई दिनों से सफाई नही होने के कारण इनका पानी ओवरफ्लो होकर बहता रहता है और एक सप्ताह से विद्यालय में भर रहा है जिससे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में विद्यालय परिसर में बच्चे रोग बीमारी के बीच बैठ कर कैसे शिक्षा ग्रहण कर रहे है विभाग जब भी विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम संचालित करता है तो यह बताना भी भूलता की अपने घर और विद्यालय के आसपास पानी न जमा होने दे ऐसे में बच्चो के स्वास्थ्य पर विद्यालय में क्या असर पड़ रहा होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सड़क पर पानी भरा रहने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार तो ग्रामीण गिरकर चोटिल हो जाते है। समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण होना चाहिए। <br /><strong>- दुर्गाशंकर भील, ग्रामीण </strong></p>
<p>नियमित रूप से नालियों की सफाई नहीं होने से नालियां जाम हो जाती है जिस कारण पानी सड़क पर आ जाता है , सफाई व्यवस्था दुरूस्त होनी चाहिए। <br /><strong>- लेखराज सुमन, लायफल निवासी</strong></p>
<p>ऐसी स्थिति आज के दो वर्ष पूर्व भी आई थी, तब भी निजी सहयोग से छात्र छात्राओं को निकलने के लिए पत्थर मिट्टी डलवाए गए थे ओर वही स्थिति अभी बनी हुई हे इसके लिए अभिभावकों से मिलकर स्थानीय प्रशासन को अवगत करवा रखा है लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नही हुआ ।<br /><strong>- धनराज, शिक्षक </strong></p>
<p>नाले में कचरा भरा होने के कारण गंदा पानी ओवरफ्लो होकर बह रहा है । एक दो दिन में सफाईकर्मियों से नाले की सफाई करवा दी जाएगी । <br /><strong>- अर्जुन कुमार सुमन, लायफल पंचायत सरपंच</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Dec 2023 20:07:51 +0530</pubDate>
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                <title>धामाहेड़ा विद्यालय : बच्चों के भविष्य पर मंडराया खतरा, व्यवस्थाएं भी हो रही ठप</title>
                                    <description><![CDATA[राजकीय प्राथमिक विद्यालय धामाहेड़ा में सरकारी स्कूल में शिक्षकों की लापरवाही के कारण पढ़ाई व्यवस्था ठप होने से बच्चों का भविष्य अंधकार में हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/dhamaheda-school--threat-looms-over-the-future-of-children--arrangements-are-also-stalled/article-35578"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/dhamaheda-vidhyalaya--bachcho-k-bhavishya-par-mandraya-khtra,-vyavasthaye-bhi-ho-rahi-thaap...chandipur-news-jhalawar..23.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>चंदीपुर। क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय धामाहेड़ा में सरकारी स्कूल में पदस्थ शिक्षिका अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रही है, वैसे तो राजस्थान सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों का खुलने का समय 10 बजे है, लेकिन धामाहेडा में स्कूल 11 बजे के बाद ही खोला जाता है और बच्चों को छुट्टी भी 1 बजे ही कर दी जाती है, जिससे बच्चों को पढ़ाई प्रभावित हो रही है। साथ ही शिक्षकों की लापरवाही के कारण पढ़ाई व्यवस्था ठप होने से बच्चों का भविष्य अंधकार में हैं। एक तरफ राज्य सरकार स्कूलों में बच्चों को आकर्षित करने के लिए गणवेश से लेकर साइकिल छात्रवृत्ति मध्यान भोजन योजनाएं संचालित कर रही है, इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में लापरवाही के कारण आम हो गए हैं। वैसे तो सरकारी स्कूलों को सुविधा मुहैया कराने में सरकार कोई कमी नहीं रखती है लेकिन शिक्षकों की लापरवाही की वजह से सारी योजनाएं जो छात्रों के हित में होती है वह उन तक पहुंचने से वंचित रह जाती है।</p>
<p>हमारे गांव में विद्यालय समय से नहीं खुलता है, वैसे तो विद्यालय खुलने का समय 10 से 4 बजे तक का है परंतु हमारे यहां विद्यालय 11 बजे खोला जाता है और इधर 1 बजे ही विद्यालय को ताला लगा दिया जाता है, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही हैं।  <br /><strong>-कय्यूम खान, ग्रामीण  </strong></p>
<p> स्कूल समय से नहीं खुल रहा है, आज भी स्कूल 11 बजे खुला और अध्यापक 1 बजे ही बच्चों की छुट्टी कर देते है।  <br /><strong>-अमीन खां, ग्रामीण</strong> </p>
<p> यहां 32 बच्चों का नामांकन है। मैं 5 किलोमीटर दूर से आती हूं, मेरे पास कोई साधन नहीं है, तो मुझे पैदल आना पड़ता है , इसलिए लेट हो जाती हूं। साथ ही यहां के बच्चें 1 बजे मस्जिद में पढ़ने जाते है, इसलिए बच्चों की छुट्टी 1 बजे कर देती हूं।  <br /><strong>- वर्षा शर्मा, संस्था प्रधान राजकीय प्राथमिक विद्यालय धामाहेड़ा</strong></p>
<p> मैंने पहले भी एक दो बार ग्रामीणों से संपर्क कर जानकारी ली है, परंतु किसी ने भी इस प्रकार की समस्या से अवगत नहीं कराया है, परंतु अब इस तरह की समस्या आई है तो संस्था प्रधान के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया किया जाएगा। साथ ही समय पर स्कूल खुले और समय से पहले छुट्टी नहीं हो इसके लिए भी संस्था प्रधान को पाबंद किया जाएगा।<br /><strong>-सुनील कुमार शर्मा, पीइईओ बांसखेड़ी</strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Jan 2023 15:38:38 +0530</pubDate>
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                <title>स्कूल बहा रहा अपनी बदहाली पर आंसू </title>
                                    <description><![CDATA[भंवरगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत घट्टी के गजरौन गांव का राजकीय प्राथमिक विद्यालय जहां अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है वहीं विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी बरसात के मौसम में टपकती छतों व फर्श पर भरे बरसाती पानी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। 
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-school-is-shedding-tears-over-its-plight/article-18612"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/school-baha-raha-apni-barbaadi-par-aasu-bhawargarh-news-baran10.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>भंवरगढ़। भंवरगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत घट्टी के गजरौन गांव का राजकीय प्राथमिक विद्यालय जहां अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है वहीं विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी बरसात के मौसम में टपकती छतों व फर्श पर भरे बरसाती पानी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। विद्यालय की स्थापना के बाद 1994 में क्षेत्र में शिक्षा की ज्योति जलाने वाली संस्था लोक जुंबिश परियोजना द्वारा विद्यार्थियों के बैठने के लिए तीन कमरे वह एक प्रधानाध्यापक कक्ष का निर्माण करवाया था कुछ साल तो सब कुछ अच्छा रहा किंतु गत 4 वर्ष से भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जगह-जगह से उखड़ है प्लास्तर पूरे विद्यालय भवन का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ गया हैछतों से पानी टपक रहा है। फर्श पर बरसाती पानी भरा रहता है खिड़की दरवाजे भी पूरी तरह जीर्ण शीर्ण अवस्था में पहुंच गए हैं। विद्यालय में अध्ययन करने वाले छात्र छात्राओं के अभिभावकों द्वारा पूर्व में ग्राम पंचायत से लेकर उच्चाधिकारियों तक विद्यालय भवन की मरम्मत अथवा नवीन भवन बनाने के लिए कई बार लिखित में प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है किंतु नतीजा वही ढाक के तीन पात है। यहां तैनात प्रधानाध्यापक दीनदयाल सेन ने बताया कि विगत 3 वर्ष से वह भी प्रयासरत हैं यहां विद्यालय के तीन कमरों में से एक कमरा आंगनवाड़ी को दिया हुआ है। एक कमरे में स्टाफ रूम है दो कमरों में कक्षा एक से पांचवी तक के बच्चों की पढ़ाई करवाई जाती है। विद्यालय में वर्तमान में 60 बच्चों का नामांकन है। पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी से लेकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ग्राम सरपंच वह क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को गत 3 वर्ष से लगातार प्रार्थना पत्र दे रहे हैं। वहां से अभी तक केवल आश्वासन ही मिला है इधर टपकती छतें वह फर्श पर भरा बरसाती पानी बच्चों के भविष्य को अंधकारमय कर रहा है। बड़ा हादसा होने का भी डर अभिभावकों ने बताया कि समय रहते भवन की मरम्मत नहीं हुई तो कभी बड़ा हादसा होने का भी डर रहता है। जिसके कारण बच्चे डर के साए में पढ़ने पर मजबूर है। अभिभावकों ने अविलंब जिला प्रशासन से विद्यालय भवन की मरम्मत करवा राहत प्रदान करने की मांग की है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय गजरोन का मामला मेरे ध्यान में है। सर्कुलर के तहत तेज बरसात होने पर बच्चों के भविष्य को देखते हुए सुरक्षित स्थान पर पढ़ाई कराने के निर्देश जारी किए हुए हैं। विद्यालय की मरम्मत के लिए एक सप्ताह के अंदर कनिष्ठ अभियंता से एस्टीमेट बनवाकर समग्र शिक्षा अभियान बारां को प्रेषित कर अतिशीघ्र भवन की मरम्मत करवाने के प्रयास किए जाएंगे। -राजेंद्र प्रसाद झज्जर, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, किशनगंज।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Aug 2022 16:03:44 +0530</pubDate>
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