<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/veto-power/tag-30726" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>veto power - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/30726/rss</link>
                <description>veto power RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पश्चिम एशिया तनाव : सुरक्षा परिषद में पश्चिमी एशिया पर रूस-चीन के प्रस्ताव पर होगी चर्चा, रूसी विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट में खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया में तनाव घटाने के लिए रूस और चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक नया संकल्प प्रस्तावित किया है। इस मसौदे में समुद्री सुरक्षा और बातचीत के जरिए समाधान पर जोर दिया गया है। मतदान की तारीख जमीनी हालात के आधार पर तय होगी। दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर पुराने प्रस्तावों का विरोध किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-tension-russia-china-proposal-on-west-asia-will-be/article-150203"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/unsc.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए रूस और चीन की ओर से प्रस्तावित संकल्प पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में मतदान की तारीख वहां की जमीनी स्थिति के आधार पर तय की जाएगी। रूस के विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। इससे पहले, रूस और चीन ने प्रस्ताव दिया था कि सुरक्षा परिषद पश्चिमी एशिया की वर्तमान स्थिति पर एक वैकल्पिक मसौदा प्रस्ताव पर विचार करे, जिसमें समुद्री सुरक्षा के पहलुओं को भी शामिल किया जाये।</p>
<p>रूस के विदेश मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय संगठन विभाग के निदेशक किरिल लोग्विनोव ने स्पूतनिक से कहा, “ बैठक में हमने अपने चीन के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में एक वैकल्पिक मसौदा प्रस्ताव की घोषणा की है। इस पर मतदान की तिथि जमीनी हालात को देखते हुए निर्धारित की जाएगी।” रूस के राजनयिक ने उम्मीद जतायी कि सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्य भी चीन और रूस की इस पहल का समर्थन करेंगे।</p>
<p>गौरतलब है कि सात अप्रैल को रूस और चीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सुरक्षा परिषद के मसौदा प्रस्ताव पर वीटो कर दिया था। संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंज़िया ने स्पष्ट किया था कि रूस ऐसे किसी भी मसौदे का समर्थन नहीं कर सकता, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-tension-russia-china-proposal-on-west-asia-will-be/article-150203</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-tension-russia-china-proposal-on-west-asia-will-be/article-150203</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 18:13:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/unsc.png"                         length="1029051"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब्दुल असगऱ को प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव पर चीन के वीटो लगाने से भारत नाराज</title>
                                    <description><![CDATA[चीन ने इस तरह के रवैये का पहली बार परिचय नहीं दिया है। इसी साल जून में 1267 प्रतिबंध समिति की बैठक में पाकिस्तान स्थित लश्करे तैयबा के आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को प्रतिबंधित करने के भारत और अमेरिका के संयुक्त प्रस्ताव पर भी चीन ने तकनीकी आधार पर वीटो करके पारित नहीं होने दिया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/-draft--add-your-title/article-18766"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/images4.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के छोटे भाई अब्दुल रऊफ असगऱ को प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव पर चीन के वीटो लगाने से नाराज भारत ने गुरुवार को  उस पर आरोप लगाया कि चीन के 'दोगलेपन' और 'दोहरे चरित्र' के कारण ना केवल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई बल्कि सुरक्षा परिषद की कार्य प्रणाली भी नाकाम हो रही है।</p>
<p>सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बुधवार को 1267 प्रतिबंध समिति में जैश ए मोहम्मद के दूसरे नंबर के सरगना अब्दुल रऊफ असगऱ को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव रखा था। जिसका सह प्रस्तावक अमेरिका भी था लेकिन चीन ने तकनीकी आधार पर वीटो करके पारित नहीं होने दिया जबकि सुरक्षा परिषद के अन्य सभी 14 सदस्य प्रस्ताव के पक्ष में रहे। अब्दुल रऊफ असगऱ को साल 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान अपहरण, 2001 के संसद पर हमले और साल 2015 के पठानकोट वायुसैनिक अड्डे पर हमले की साजिश रचने के मामले में संलिप्त माना जाता है।</p>
<p>चीन ने इस तरह के रवैये का पहली बार परिचय नहीं दिया है। इसी साल जून में 1267 प्रतिबंध समिति की बैठक में पाकिस्तान स्थित लश्करे तैयबा के आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को प्रतिबंधित करने के भारत और अमेरिका के संयुक्त प्रस्ताव पर भी चीन ने तकनीकी आधार पर वीटो करके पारित नहीं होने दिया था। मक्की पर आरोप है कि उसने साल 2008 के मुंबई हमले के लिए पैसे उगाहे और आतंकवादियों को कट्टरपंथी विचारों से लैस करके हमले के लिए प्रेरित किया था।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार इन दोनों मामलों में दोनों आतंकवादियों के विरुद्ध निर्विवादित साक्ष्य हैं और अमेरिका ने अपने घरेलू कानूनों के तहत दोनों को प्रतिबंधित किया हुआ है। सूत्रों ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रतिबंधित समिति को राजनीतिक कारणों से अपनी भूमिका निभाने से रोका गया। चीन के कदमों ने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामूहिक संघर्ष में उसके दोगलेपन और दोहरे चरित्र को उजागर किया है। चीन के पाकिस्तान में रहने वाले आतंकवादी को प्रतिबंधित करने से रोकने वाले ऐसे राजनीति प्रेरित कदमों से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कार्यप्रणाली की समूची प्रासंगिकता और पवित्रता को ठेस पहुंची है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/-draft--add-your-title/article-18766</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/-draft--add-your-title/article-18766</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Aug 2022 17:20:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-08/images4.jpg"                         length="184138"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        