<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/donald-trump/tag-30994" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Donald Trump - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/30994/rss</link>
                <description>Donald Trump RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका, प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट छोड़ेंगी पद</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट महीने के अंत में इस्तीफा देंगी। लेविट ने बताया कि वह अपने छोटे बच्चों और परिवार को समय देने के लिए यह पद छोड़ रही हैं। अब वह ट्रंप की प्रमुख बाहरी सलाहकार के रूप में कार्य करेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/shock-to-trump-press-secretary-caroline-levitt-will-step-down/article-162861"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट महीने के अंत में अपने पद से इस्तीफा देंगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लेविट को अपने ‘सबसे भरोसेमंद सहयोगियों’ में से एक बताया और कहा कि वह अपने छोटे बच्चों और परिवार के साथ समय बिताने के लिए पद छोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि वह उनके फैसले को पूरी तरह समझते और उसका सम्मान करते हैं।</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि लेविट अब उनकी प्रमुख बाहरी सलाहकारों में शामिल रहेंगी और रिपब्लिकन पार्टी में प्रभावशाली भूमिका निभाएंगी। लेविट ने पिछले वर्ष व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव का पद संभाला था और वह इस पद पर नियुक्त होने वाली सबसे कम उम्र की थीं। उनके स्थान पर किसे नियुक्त किया जाएगा, इसकी अभी घोषणा नहीं की गयी है। लेविट ने के पति निकोलस रिसियो है। उन्होंने मई में अपनी दूसरी संतान एक बेटी को जन्म दिया था। उनका दो वर्ष का एक बेटा भी है। वह पिछले महीने मातृत्व अवकाश के बाद काम पर लौटी थीं।</p>
<p>राष्ट्रपति की घोषणा के बाद लेविट ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव के रूप में काम करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और रोमांच रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे कठिन नौकरियों में से एक को निभाते हुए मां बनना और एक बच्चे को जन्म देना उनके जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण और संतोषजनक दौर रहा है। लेविट ने कहा कि बेटी के जन्म के बाद व्हाइट हाउस लौटने पर उन्हें महसूस हुआ कि वह अपने दो छोटे बच्चों की मां के रूप में उन्हें वह समय और ध्यान नहीं दे पाएंगी, जिसके वे हकदार हैं, जबकि प्रेस सचिव के पद के लिए लगातार समय, ऊर्जा और ध्यान की आवश्यकता होती है। इसी कारण उन्होंने व्हाइट हाउस छोड़ने और जीवन के एक नये अध्याय की शुरुआत करने का फैसला किया।</p>
<p>व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव बनने से पहले भी लेविट लंबे समय तक ट्रंप के साथ काम कर चुकी थीं। उनके पहले कार्यकाल में उन्होंने सहायक प्रेस सचिव और भाषण लेखिका के रूप में काम किया था। इसके बाद वह न्यूयॉर्क की रिपब्लिकन सांसद एलिस स्टेफनिक की संचार निदेशक बनीं और उनके शीर्ष सहयोगियों में शामिल रहीं। वर्ष 2022 में लेविट ने न्यू हैम्पशायर से अमेरिकी कांग्रेस का चुनाव लड़ा था। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के विवादित प्राथमिक चुनाव में जीत हासिल की, लेकिन बाद में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार क्रिस पप्पास से चुनाव हार गयीं। इसके बाद वह ट्रंप समर्थक धन जुटाने वाले संगठन 'मागा इंक' की प्रवक्ता बनीं और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में ट्रंप की राष्ट्रीय प्रेस सचिव के रूप में काम किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/shock-to-trump-press-secretary-caroline-levitt-will-step-down/article-162861</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/shock-to-trump-press-secretary-caroline-levitt-will-step-down/article-162861</guid>
                <pubDate>Thu, 13 Aug 2026 15:38:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-08/trump.png"                         length="1069641"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान वार्ता:  ट्रंप ने की ईरान के साथ बातचीत की घोषणा, डीन्यूक्लियराइजेशन पर समझौता संभव</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ नए सिरे से कूटनीतिक बातचीत शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने दावा किया कि खाड़ी देशों की अपील पर सप्ताहांत के सैन्य हमले टाल दिए गए हैं। अमेरिका को उम्मीद है कि इस वार्ता से परमाणु निरस्त्रीकरण और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने पर सहमति बन जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-announces-talks-with-iran-agreement-on-denuclearization-possible/article-161800"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/donald-trump-123.jpg" alt=""></a><br /><p>न्यूयॉर्क। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका और ईरान सोमवार को बातचीत करेंगे। ट्रंप ने कहा, "हम उनसे बातचीत (नेगोशिएशन) कर रहे हैं। यह कल दोपहर शुरू होगी।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि ईरान के परमाणु हथियार खत्म करने (डीन्यूक्लियराइजेशन) पर कोई समझौता हो जाएगा। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि एक समझौता होगा। होर्मुज (जलडमरूमध्य) पर एक समझौता होगा, और फिर परमाणु मुद्दे पर, या जिसे आप ईरान का परमाणु-मुक्त होना कह सकते हैं, उस पर समझौता होगा।"</p>
<p>ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर सप्ताहांत में होने वाले हमले को रद्द कर दिया था - कुछ हद तक तेहरान के अनुरोध पर - लेकिन वह किसी भी समय बमबारी फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा, "मुझसे सऊदी अरब, यूएई, कतर और ईरान ने कहा था। ईरान ने भी हमसे बहुत ज़ोर देकर कहा था।"</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने कुवैत और बहरीन से अमेरिकी सेना को हटाने की खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। श्री ट्रंप ने एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से कहा, "मैं उस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।" मीडिया में पहले खबर आई थी कि अमेरिका मध्य पूर्व के कई देशों में मौजूद अपने ठिकानों से कुछ सैनिकों को हटा रहा है, जिन पर ईरान ने हमला किया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-announces-talks-with-iran-agreement-on-denuclearization-possible/article-161800</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/donald-trump-announces-talks-with-iran-agreement-on-denuclearization-possible/article-161800</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 11:17:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/donald-trump-123.jpg"                         length="575650"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्पेन के जीत के जश्न के दौरान पोडियम पर रुके रहे ट्रंप, वीडियो वायरल</title>
                                    <description><![CDATA[स्पेन के फीफा विश्व कप जीत के जश्न के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अनजाने में आकर्षण का केंद्र बन गए। पदक वितरण समारोह के दौरान जब चैंपियन टीम ट्रॉफी उठाने की तैयारी कर रही थी, तब ट्रंप पोडियम पर ही रुके रहे, जिसके बाद फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को उन्हें एक तरफ करना पड़ा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/video-of-trump-staying-on-the-podium-during-spains-victory/article-160394"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)-(3)45.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। स्पेन के फीफा विश्व कप जीत के जश्न के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अनजाने में आकर्षण का केंद्र बन गए। पदक वितरण समारोह के दौरान जब चैंपियन टीम ट्रॉफी उठाने की तैयारी कर रही थी, तब ट्रंप पोडियम पर ही रुके रहे, जिसके बाद फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को उन्हें एक तरफ करना पड़ा। यह पल अब वायरल हो गया है। यह घटना स्पेन द्वारा अतिरिक्त समय के बाद अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 2026 फीफा वल्र्ड कप का खिताब जीतने के कुछ ही पलों बाद हुई। ट्रंप जो पदक और ट्रॉफी देने के लिए इन्फेंटिनो के साथ शामिल हुए थे, मंच पर ही रुके रहे जबकि स्पेन के खिलाड़ी पारंपरिक ट्रॉफी-लिफ्ट (ट्रॉफी उठाने) के लिए इकट्ठा हो रहे थे। टेलीविजन फुटेज में इन्फेंटिनो को ट्रंप की ओर इशारा करते हुए और उन्हें पोडियम के बीच से हटाते हुए दिखाया गया, ताकि स्पेन के कप्तान रोड्री और उनके साथियों के जश्न मनाने के लिए जगह बन सके।</p>
<p>यह छोटी सी बातचीत लाइव रिकॉर्ड हो गई और तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गई, जिससे इस पर खूब चर्चा होने लगी। पोडियम वाले इस पल ने मैच के बाद के समारोह के कुछ हिस्सों पर ध्यान केंद्रित कर दिया। कई ऑनलाइन यूजर्स ने फ़ुटबॉल के सबसे यादगार जश्न में से एक के दौरान ट्रंप की अप्रत्याशित मौजूदगी पर टिप्पणी की। इससे पहले जब ट्रंप पदक देने के लिए इन्फेंटिनो के साथ मैदान पर आए, तो भीड़ के कुछ हिस्सों से उन्हें मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, जिसमें साफ़ तौर पर नापसंदगी जाहिर करने की आवाजें भी शामिल थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/video-of-trump-staying-on-the-podium-during-spains-victory/article-160394</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/video-of-trump-staying-on-the-podium-during-spains-victory/article-160394</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 16:18:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/1200-x-600-px%29-%283%2945.png"                         length="1979459"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान ने अमेरिकी मांगों पर जताई सहमति, पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म होने की ओर</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि सैन्य संघर्ष समाप्त करने की वार्ता के दौरान ईरान ने अमेरिका की लगभग सभी प्रमुख मांगों पर सहमति जता दी है। जून 2026 में हुए एक अहम समझौते के तहत हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौवहन बहाल करने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की समय सीमा तय की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-claim-that-iran-agreed-to-american-demands-towards/article-158749"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/trump-(2).png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने को लेकर हुई वार्ता के दौरान ईरान ने अमेरिका के लगभग सभी प्रमुख मुद्दों पर सहमति जतायी थी। ट्रंप ने कहा, "हमने उन्हें सैन्य रूप से पूरी तरह पराजित कर दिया है। उनके पास कुछ मिसाइलें बची हैं, जिन्हें भी हम नष्ट कर सकते हैं। उन्होंने हमारी लगभग सभी प्रमुख मांगों पर सहमति दे दी है।"</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, 18 जून की रात ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, जिसमें 28 फरवरी से जारी सैन्य संघर्ष समाप्त करने का प्रावधान किया गया है। समझौते में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और ईरान द्वारा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में नौवहन बहाल करने की समय सीमा भी निर्धारित की गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-claim-that-iran-agreed-to-american-demands-towards/article-158749</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-claim-that-iran-agreed-to-american-demands-towards/article-158749</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 14:30:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/trump-%282%29.png"                         length="653905"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-इजरायल के बीच भूमि आवंटन समझौता: यरुशलम में बनेगा अमेरिकी दूतावास का स्थायी परिसर, ट्रंप के फैसले को मिली नई रफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[इजरायल और अमेरिका ने यरुशलम में अमेरिकी दूतावास के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए भूमि आवंटन समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह कदम 2017 में यरुशलम को इजरायल की राजधानी मानने के अमेरिकी फैसले की दिशा में अहम माना जा रहा है। इस निर्णय पर पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद और विरोध देखने को मिला था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/land-allocation-agreement-between-america-and-israel-permanent-complex-of/article-158636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/02.png" alt=""></a><br /><p>तेल अवीव। इजरायल और अमेरिका ने यरुशलम में अमेरिकी दूतावास के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए भूमि आवंटन संबंधी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, विदेश मंत्री गिदोन सार और इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने यरुशलम के मेयर मोशे लियोन की मौजूदगी में विदेश मंत्रालय में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत यरुशलम में अमेरिकी दूतावास के स्थायी परिसर के निर्माण के लिए भूमि आवंटित की गई है, जिसे इजरायल अपनी शाश्वत राजधानी मानता है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम सरकार के उस निर्णय के क्रियान्वयन में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसके तहत दूतावास के लिए एलनबी परिसर आवंटित किया गया। यह उस कूटनीतिक प्रक्रिया का भी महत्वपूर्ण चरण है जिसकी शुरुआत दिसंबर 2017 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दिए जाने के साथ हुई थी। गौरतलब है कि, ट्रंप प्रशासन ने दिसंबर 2017 में यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दी थी और 14 मई 2018 को अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम स्थानांतरित कर दिया था। इस फैसले के बाद फ़िलीस्तीनी क्षेत्रों में अशांति फैल गई थी और अरब जगत के कई देशों में विरोध प्रदर्शन हुए थे।</p>
<p>इजरायल यरुशलम को अपनी एकीकृत और अविभाज्य राजधानी मानता है, जबकि अधिकांश देश पूर्वी यरुशलम के इजरायल में विलय को मान्यता नहीं देते। उनका मानना है कि यरुशलम की अंतिम स्थिति फ़िलीस्तीनियों और इजरायल के बीच आपसी सहमति से तय की जानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/land-allocation-agreement-between-america-and-israel-permanent-complex-of/article-158636</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/land-allocation-agreement-between-america-and-israel-permanent-complex-of/article-158636</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 18:25:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/02.png"                         length="1033672"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का बड़ा दांव: जन्म के आधार पर नागरिकता खत्म करने के लिए लाएंगे नया कानून, छिड़ी नई कानूनी लड़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्म के आधार पर मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता खत्म करने के लिए संसद से नया कानून लाने की वकालत की। ट्रंप ने इसे महंगा और अनुचित बताते हुए कहा कि संवैधानिक संशोधन के बजाय विधायी रास्ते से बदलाव संभव है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-big-bet-he-will-bring-a-new-law-to/article-158527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि 'जन्म के आधार पर नागरिकता' उनके देश के लिए अच्छी नहीं है और वह इसके खिलाफ जल्द ही संसद में कानून देखना चाहेंगे। ट्रंप ने मंगलवार रात ट्रुथ सोशल पर लिखे एक पोस्ट में कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने जन्मजात नागरिकता को बरकरार रखा है, जो हमारे देश के लिए बहुत बुरा है। हम राष्ट्रपति के समर्थन से संसद में कानून लाकर इसमें बदलाव कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान अब यह तय हो गया है। अब किसी लंबे और बोझल संवैधानिक संशोधन की जरूरत नहीं है।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ट्रंप के उस प्रयास को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने एक कार्यकारी आदेश के जरिये अमेरिका में जन्मजात नागरिकता को खत्म करने की कोशिश की थी। कोर्ट ने एक सदी से भी अधिक पुराने कानूनी मिसाल और राष्ट्रीय परंपरा को बरकरार रखते हुए साफ किया कि अमेरिकी धरती पर पैदा होने वाले बच्चे स्वाभाविक रूप से अमेरिका के नागरिक हैं।<br />सुप्रीम कोर्ट का यह 6-3 से आया फैसला ट्रंप के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। </p>
<p>ट्रंप ने इस कार्यकारी आदेश को बरकरार रखने के लिए अदालत से लगातार पैरवी की थी। वह इस मामले की मौखिक बहस में भी शामिल हुए थे। वह इस तरह की कानूनी बहस में हिस्सा लेने वाले अमेरिका के पहले मौजूदा राष्ट्रपति बने थे। अब वह संसद के जरिए इस बदलाव को मूर्त रूप देना चाहते हैं। ट्रंप ने लिखा, "संसद को आज ही जन्मजात नागरिकता खत्म करने की ओर काम शुरू करना चाहिये, जो हमारे देश के लिए बहुत महंगा और अनुचित है। उन्हें मेरा संपूर्ण समर्थन प्राप्त होगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-big-bet-he-will-bring-a-new-law-to/article-158527</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/trumps-big-bet-he-will-bring-a-new-law-to/article-158527</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 16:02:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/trump3.png"                         length="653905"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप का बड़ा दावा: आज दोहा में होगी अमेरिका-ईरान शांति वार्ता, तेहरान ने तुरंत किया खंडन</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोहा में अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा किया, लेकिन ईरान ने ऐसी किसी निर्धारित बातचीत से इनकार कर दिया। दोनों देशों के विरोधाभासी बयानों से कूटनीतिक तनाव और अविश्वास उजागर हुआ। इस बीच युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-claim-that-america-iran-peace-talks-will-be-held/article-158494"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p>दोहा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में वार्ता होगी, जबकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में वाशिंगटन के साथ किसी भी स्तर की वार्ता निर्धारित नहीं है। ट्रंप ने कहा कि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जैरेड कुशनर दोहा जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उच्चस्तरीय बैठकों के साथ-साथ तकनीकी स्तर की वार्ता भी जारी रहेगी।</p>
<p>ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान ने बैठक का अनुरोध किया था और यह बैठक दोहा में होगी, हालांकि उन्होंने इसके बारे में कोई अन्य विवरण नहीं दिया। अमेरिका के दो अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि विटकॉफ और कुशनर दोहा जा रहे हैं। उनके अनुसार वाशिंगटन युद्धविराम को व्यापक समझौते में बदलने के उद्देश्य से वार्ता को आगे बढ़ाना चाहता है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा,"विशेष दूत विटकॉफ और जारेड कुशनर इस सप्ताह उच्चस्तरीय बैठकों के लिए दोहा जाएंगे। इन बैठकों के समानांतर तकनीकी स्तर की वार्ता भी होगी।"</p>
<p>उन्होंने कहा, "हमारी ओर से युद्धविराम का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। यदि हिंसा हुई तो उसका जवाब भी उसी प्रकार दिया जाएगा।" अमेरिका और ईरान ने 17 जून को 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका उद्देश्य चार महीने से जारी संघर्ष समाप्त करना था। इस समझौते के तहत दोनों पक्षों ने शत्रुता समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति व्यक्त की थी, जहां से दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस का समुद्री परिवहन होता है।</p>
<p>ट्रंप के बयान से संकेत मिलता है कि ईरान की ओर से औपचारिक वार्ता से इनकार किये जाने के बावजूद अमेरिका कूटनीतिक प्रयास जारी रखना चाहता है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने किसी भी आसन्न वार्ता की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर बातचीत निर्धारित नहीं है। उन्होंने ईरान में संवाददाताओं से कहा, "अमेरिकी प्रतिनिधियों के कतर जाने का ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से कोई संबंध नहीं है।"</p>
<p>दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों से उनके बीच गहरे अविश्वास का संकेत मिलता है। साथ ही हालिया सैन्य टकरावों के बाद 60 दिनों के भीतर व्यापक समझौते तक पहुंचने की संभावना पर भी सवाल खड़े हो गये हैं। बघाई ने कहा कि ईरान और अमेरिका अभी अंतिम समझौते पर बातचीत के चरण में नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल तेहरान की प्राथमिकता हालिया मध्यस्थता के बाद हुए समझौता ज्ञापन में किए गए वादों को लागू कराना है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "समझौता ज्ञापन की धारा 13 के अनुसार अंतिम समझौते पर वार्ता तभी शुरू हो सकती है, जब धारा 1, 4, 5, 10 और 11 का क्रियान्वयन शुरू हो जाए।" बघाई के अनुसार अमेरिका ने धारा 10 के तहत ईरानी तेल की बिक्री से संबंधित लाइसेंस जारी किए हैं, जबकि तेहरान धारा 11 के तहत ईरान की जब्त संपत्तियों को मुक्त कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी सिलसिले में इस सप्ताह के अंत में ईरान का एक विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल दोहा जाएगा, लेकिन इसका अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से कोई संबंध नहीं है।</p>
<p>इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि यदि अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा तो ईरान भी समझौते का सम्मान करेगा, हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की धमकी का ईरान दृढ़ता से जवाब देगा। उन्होंने कहा, "यदि अमेरिका अपनी जिम्मेदारियां निभाता है तो ईरान भी समझौते के प्रति प्रतिबद्ध रहेगा," लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि देश अपने हितों की रक्षा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं करेगा।</p>
<p>ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि कतर में जमी ईरान की लगभग 12 अरब डॉलर की संपत्ति में से आधी राशि तेहरान को वापस मिलेगी। यह मुद्दा वर्तमान कूटनीतिक प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर जारी अंतरराष्ट्रीय चिंताओं के बीच ईरान ने इस सुझाव को भी खारिज कर दिया कि अन्य देश वहां बारूदी सुरंग हटाने के अभियान में भाग लें। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम ग़रीबाबादी ने कहा कि जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग हटाने का कार्य केवल ईरान करेगा। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के उस बयान को अस्वीकार किया, जिसमें फ्रांस, ओमान और अन्य देशों की संभावित भूमिका का उल्लेख किया गया था।</p>
<p>ग़रीबाबादी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "समझौता ज्ञापन के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरंग हटाने का कार्य केवल ईरान करेगा। किसी अन्य देश को इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।" उन्होंने कहा कि स्थिति अब भी संवेदनशील और जटिल बनी हुई है तथा फ्रांस को भड़काऊ बयान देकर इसे और जटिल नहीं बनाना चाहिए। उधर इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान और लेबनान दोनों से जुड़े युद्धविराम समझौतों को एक-दूसरे से जोड़ने पर जोर दिया, जबकि इजरायल दोनों मामलों को अलग-अलग रखना चाहता था। </p>
<p>काट्ज ने कहा कि अमेरिका ने इजरायल को तब तक लेबनान के कुछ हिस्सों में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखने का समर्थन दिया है, जब तक हिजबुल्ला पूरी तरह निरस्त्र नहीं हो जाता। इजरायल और लेबनान के बीच समझौता हो चुका है, फिर भी लेबनान की संसद के अध्यक्ष और हिजबुल्ला के प्रमुख सहयोगी नबीह बेरी ने अमेरिका की मध्यस्थता में हुए समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि "इसका क्रियान्वयन नहीं होगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-claim-that-america-iran-peace-talks-will-be-held/article-158494</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/trumps-big-claim-that-america-iran-peace-talks-will-be-held/article-158494</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:12:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/donald-trump.jpg"                         length="56364"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या टल गया तीसरे विश्व युद्ध का खतरा? अमेरिका-ईरान ने तनाव घटाने पर जताई सहमति, तकनीकी वार्ता जारी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव के बाद फिलहाल दोनों पक्ष पीछे हटने पर सहमत हुए हैं। ट्रंप प्रशासन के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से वाणिज्यिक जहाजों का आवागमन जारी रखने के लिए अंतरिम व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि, क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता और तनाव अभी भी बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/has-the-threat-of-third-world-war-been-averted-america-iran/article-158362"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/12200-x-600-px)9.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य हमलों के बाद दोनों पक्षों ने फिलहाल तनाव कम करने पर सहमति जतायी है। ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा कि दोनों पक्ष "फिलहाल पीछे हटेंगे" और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही जारी रहेगी। इस संबंध में ईरान की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच एक अंतरिम व्यवस्था लागू है और जहाजों की आवाजाही में बाधा नहीं आएगी। </p>
<p>होर्मुज में वास्तविक स्थिति अभी भी सामान्य नहीं दिख रही है, जिससे वाणिज्यिक जहाजों के संचालकों और चालक दल के बीच अनिश्चितता और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं। उल्लेखनीय है कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा ईरानी ठिकानों पर हमले किये जाने के बाद उसने कुवैत और बहरीन सहित पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इससे पहले होर्मुज में आवाजाही के कारण अमेरिका-ईरान के बीच हमलों का आदान-प्रदान हुआ था।</p>
<p>एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान के साथ तकनीकी स्तर की वार्ता निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले चेतावनी दे चुके हैं कि यदि ईरान की ओर से हमले जारी रहे तो अमेरिका और सैन्य कार्रवाई करेगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि क्षेत्र के देशों को अपनी भूमि अथवा सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए नहीं होने देना चाहिये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/has-the-threat-of-third-world-war-been-averted-america-iran/article-158362</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/has-the-threat-of-third-world-war-been-averted-america-iran/article-158362</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 13:04:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/12200-x-600-px%299.png"                         length="1647194"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनालड ट्रंप की चेतावनी: ईरान जब तक परमाणु हथियार बनाने की जिद्द नहीं छोड़ता तब तक नाकेबंदी रहेगी जारी, ईरानी राष्ट्रपति का दावा-परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उद्देश्यों के लिए और कुछ नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु शर्तों पर समझौता न करने पर नौसैनिक नाकेबंदी और आर्थिक दबाव बढ़ाने की चेतावनी दी है। इस तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड $125 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। ट्रंप ने इसे बमबारी से अधिक प्रभावी बताया है, जिससे एशियाई अर्थव्यवस्थाओं और ग्लोबल सप्लाई चेन पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/donald-trumps-warning-that-the-blockade-will-continue-until-iran/article-152199"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trumpp1.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को ईरान को परमाणु समझौते की शर्तों पर सहमत होने की चेतावनी देते हुए कहा है कि ऐसा न होने पर अमेरिका उसके बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखेगा और आर्थिक दबाव बढ़ाएगा। ट्रंप ने दोहराया कि यदि ईरान परमाणु हथियार बनाना जारी रखता है, तो उसके साथ 'कभी कोई समझौता नहीं' होगा। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उद्देश्यों के लिए है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के ताजा प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है, जिसमें ईरान ने पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और नाकेबंदी हटाने का सुझाव दिया है, जबकि परमाणु वार्ता को स्थगित करने की बात कही है। नाकेबंदी जारी रखने के ट्रंप के फैसले से वैश्विक तेल बेंचमार्क 'ब्रेंट क्रूड' की कीमतें गुरुवार को 125 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि नाकेबंदी प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई से अधिक प्रभावी हो सकती है। उन्होंने ईरान से जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया और कहा कि अधिकारी जरूरत पड़ने पर महीनों तक नाकेबंदी जारी रखने के तरीके खोज रहे हैं।</p>
<p>अमेरिकी नीति निर्माताओं का मानना है कि लंबे समय तक लगे प्रतिबंध अंततः ईरान को तेल उत्पादन रोकने के लिए मजबूर कर सकते हैं। यह संघर्ष अब दसवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जबकि इसके चार से छह सप्ताह में सुलझने की उम्मीद थी। होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रतिबंधित रहने से वैश्विक आपूर्ति से प्रतिदिन लगभग दो करोड़ बैरल तेल कम हो रहा है। अमेरिका की इस लंबी नाकेबंदी की तैयारी से एशियाई अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। क्षेत्र के कई देश ऊर्जा आपूर्ति के लिए इस जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं और कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, प्लास्टिक तथा उर्वरकों की आपूर्ति में कमी महसूस की जा रही है।</p>
<p>इस बीच, पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशें भी विफल रही हैं। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान बातचीत करना चाहता है तो वह कॉल कर सकता है। उन्होंने बताया कि अभी टेलीफोन के माध्यम से बातचीत हो रही है। 'एक्सियोस' के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प नाकेबंदी को 'बमबारी से अधिक प्रभावी' मानते हैं। हालांकि, सूत्रों का यह भी कहना है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड बातचीत के गतिरोध को तोड़ने के लिए ईरान पर 'शक्तिशाली हमलों' की तैयारी कर रहा है लेकिन मंगलवार रात तक ट्रंप ने किसी हमले का आदेश नहीं दिया था। दूसरी ओर, ईरान ने संकल्प लिया है कि जब तक वह खतरा महसूस करेगा, होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात बाधित करना जारी रखेगा। संयुक्त राष्ट्र में ईरानी प्रतिनिधि ने अमेरिकी नाकेबंदी को 'समुद्री डकैती' करार दिया और चेतावनी दी कि इसका 'अभूतपूर्व' जवाब दिया जाएगा। हालांकि, ईरानी बलों ने कूटनीति को मौका देने के लिए अब तक संयम दिखाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/donald-trumps-warning-that-the-blockade-will-continue-until-iran/article-152199</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/donald-trumps-warning-that-the-blockade-will-continue-until-iran/article-152199</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:55:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/trumpp1.png"                         length="1607955"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट : डोनाल्ड ट्रंप ने की फ्रेडरिक मर्ज़ की तीखी आलोचना, होर्मुज जलडमरूमध्य के घटनाक्रम पर भी जताई चिंता </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की तीखी आलोचना करते हुए ईरान पर उनके रुख को खतरनाक बताया है। ट्रंप का दावा है कि परमाणु संपन्न ईरान दुनिया को बंधक बना लेगा। वहीं, जर्मनी ने अमेरिका की युद्ध नीति और ऊर्जा बाजारों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों पर चिंता जताई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-crisis-donald-trump-sharply-criticized-friedrich-merz-also/article-152097"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। ईरान के मुद्दे पर अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच गहराते मतभेद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि मर्ज़ को लगता है कि ईरान का परमाणु हथियार संपन्न होना ठीक है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा कि इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि जर्मनी आर्थिक और अन्य मोर्चों पर इतना खराब प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि जर्मन चांसलर को नहीं पता कि वह क्या कह रहे हैं।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि ईरान के पास परमाणु हथियार होता, तो पूरी दुनिया को बंधक बना लिया जाता। उन्होंने कहा कि वह अभी ईरान के संबंध में वह कदम उठा रहे हैं, जो अन्य देशों या राष्ट्रपतियों को बहुत पहले कर लेने चाहिए थे। यह तीखी प्रतिक्रिया मर्ज़ द्वारा ईरान मुद्दे पर अमेरिकी दृष्टिकोण की आलोचना के बाद आई है। जर्मन चांसलर ने कहा था कि ईरान का नेतृत्व अमेरिका को अपमानित कर रहा है और ऐसा प्रतीत नहीं होता कि अमेरिका के पास इस युद्ध से बाहर निकलने की कोई स्पष्ट योजना है। मर्ज़ ने होर्मुज जलडमरूमध्य के घटनाक्रम पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि वहां होने वाले व्यवधान के ऊर्जा बाजारों और वैश्विक व्यापार के लिए दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-crisis-donald-trump-sharply-criticized-friedrich-merz-also/article-152097</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/west-asia-crisis-donald-trump-sharply-criticized-friedrich-merz-also/article-152097</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 16:52:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/trump.png"                         length="527931"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दिये जाने के पक्षधर हैं सम्राट चार्ल्स-3 : डोनाल्ड ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि सम्राट चार्ल्स ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने पर सहमत हैं। हालांकि, ब्रिटिश सम्राट की राजनीतिक तटस्थता के कारण यह बयान चर्चा में है। व्हाइट हाउस में आयोजित राजकीय भोज के दौरान दोनों नेताओं के बीच ऐतिहासिक संदर्भों और कूटनीति पर हल्के-फुल्के अंदाज में दिलचस्प संवाद भी हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/emperor-charles-3-donald-trump-is-in-favor-of-not-allowing/article-152096"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/donlad-trump-3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ब्रिटेन के सम्राट चार्ल्स-3 भी इस बात से सहमत हैं कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया नीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा और इस मुद्दे पर सम्राट चार्ल्स भी उनकी सोच से सहमत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ब्रिटेन की संवैधानिक परंपराओं के संदर्भ में असहज मानी जा रही है, क्योंकि ब्रिटिश सम्राट परंपरागत रूप से राजनीतिक रूप से तटस्थ रहते हैं और सरकारी नीति या अंतरराष्ट्रीय संघर्षों पर सार्वजनिक रूप से पक्ष नहीं लेते। ब्रिटेन में संवैधानिक व्यवस्था के तहत सम्राट किसी भी दलगत या प्रत्यक्ष राजनीतिक रुख से दूरी बनाए रखते हैं। ऐसे में ट्रंप का यह दावा राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।</p>
<p>इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ईरान से जुड़ा युद्ध ब्रिटेन का युद्ध नहीं है और वह इस संघर्ष में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने यह भी दोहराया है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए, जो लंबे समय से ब्रिटिश सरकारों की नीति रही है। हाल के अमेरिकी दौरे के दौरान सम्राट चार्ल्स ने अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए अमेरिका-ब्रिटेन संबंधों, साझा मूल्यों और वैश्विक सहयोग पर जोर दिया था। उनकी यात्रा को दोनों सहयोगी देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव को कम करने के एक प्रयास के रूप में व्यापक रूप से देखा गया।</p>
<p>ईरान संघर्ष से निपटने के तरीके को लेकर कुछ सहयोगी देशों के साथ मतभेदों के बाद ट्रंप ने अमेरिका को नाटो से अलग करने की संभावना जतायी है। इस कदम के लिए कांग्रेस की मंज़ूरी ज़रूरी होगी और इसका कड़ा विरोध होने की उम्मीद है। व्हाइट हाउस में आयोजित राजकीय भोज के दौरान सम्राट चार्ल्स और ट्रंप के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में ऐतिहासिक संदर्भों पर आधारित हास्यपूर्ण टिप्पणियां भी हुईं। सम्राट चार्ल्स ने ट्रंप के एक हालिया बयान का जवाब देते हुए मजाकिया लहजे में कहा कि यदि ब्रिटिश प्रभाव न होता तो शायद अमेरिकी फ्रेंच भाषा बोल रहे होते, जिस पर उपस्थित लोगों ने ठहाके लगाए। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा था कि विश्व युद्ध-2 में अगर अमेरिका हस्तक्षेप न करता तो ब्रिटेन के लोग जर्मन और जापानी भाषाएं बोल रहे होते।</p>
<p>अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सम्राट चार्ल्स ने कुछ समकालीन विषयों पर भी बात की और व्हाइट हाउस के 'ईस्ट विंग' में हुए "पुनर्समायोजनों" का ज़िक्र किया। बताया जाता है कि ट्रंप ने एक नयी बॉलरूम परियोजना के हिस्से के तौर पर इस विंग को फिर से विकसित करवाया है। इसके बाद उन्होंने 1812 के युद्ध का एक ऐतिहासिक संदर्भ दिया, जब ब्रिटिश सेनाओं ने व्हाइट हाउस को जला दिया था। सम्राट चार्ल्स ने कहा, "मुझे यह कहते हुए अफ़सोस है कि हम ब्रिटिश लोगों ने 1814 में व्हाइट हाउस के रियल एस्टेट पुनर्विकास का प्रयास किया था।" उन्होंने 'बॉस्टन टी पार्टी' का भी ज़िक्र किया और मज़ाकिया लहजे में कहा कि यह 'स्टेट डिनर' 1773 के उस विरोध प्रदर्शन से 'काफ़ी बेहतर' है, जिसमें अमेरिकी उपनिवेशवादियों ने ब्रिटिश चाय को बंदरगाह में फेंक दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/emperor-charles-3-donald-trump-is-in-favor-of-not-allowing/article-152096</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/emperor-charles-3-donald-trump-is-in-favor-of-not-allowing/article-152096</guid>
                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 15:43:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-04/donlad-trump-3.png"                         length="173824"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रंप की भारत विरोधी टिप्पणी पर युवा कांग्रेस का प्रदर्शन : अमेरिकी दूतावास के बाहर की नारेबाजी, लाकड़ा ने कहा-देश का अपमान नहीं किया जाएगा बर्दाश्त </title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत विरोधी कथित टिप्पणी के खिलाफ युवा कांग्रेस ने दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के बाहर उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने तीन मूर्ति सर्किल से मार्च निकाला, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने स्पष्ट किया कि देश के सम्मान के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/youth-congress-protest-on-trumps-anti-india-remarks-sloganeering-outside-us/article-151867"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/lakda.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। युवा कांग्रेस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत को लेकर कथित 'हेल होल' टिप्पणी के विरोध में सोमवार को यहां अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता वरुण पांडे ने आज यहां बताया कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने तीन मूर्ति सर्किल से अमेरिकी दूतावास की ओर मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।</p>
<p>इस अवसर पर दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने आरोप लगाया कि ट्रंप लगातार भारत के खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं और 'हेल होल' जैसे शब्दों का प्रयोग कर देश का अपमान किया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के सम्मान के खिलाफ कोई भी बयान स्वीकार्य नहीं है और युवा कांग्रेस इसका विरोध करती रहेगी। इस प्रदर्शन का उद्देश्य दुनिया को स्पष्ट संदेश देना है कि भारत के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/youth-congress-protest-on-trumps-anti-india-remarks-sloganeering-outside-us/article-151867</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/youth-congress-protest-on-trumps-anti-india-remarks-sloganeering-outside-us/article-151867</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:40:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/lakda.png"                         length="1138950"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        