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                <title>Donald Trump - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Donald Trump RSS Feed</description>
                
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                <title>ट्रम्प ने फिर दी चेतावनी : होर्मुज खोलने के लिए ईरान के पास सिर्फ 48 घंटे, फिर कहर बरपेगा</title>
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                        <![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) खोलने के लिए ईरान को दी गई 10 दिन की मोहलत खत्म होने से पहले 48 घंटे का आखिरी अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि समझौता न होने पर ईरान पर 'कहर' टूटेगा। इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक तेल और एलएनजी आपूर्ति ठप हो गई है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/trump-again-warns-that-iran-has-only-48-hours-to/article-149151"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/donald-trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ईरान को दिया गया 10 दिन का समय खत्म होने में अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं। ईरान-अमेरिका के बीच समझौता न होने या होर्मुज न खुलने की स्थिति में ईरान पर कहर टूट पड़ेगा।  उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, याद है जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 10 दिन का समय दिया था। समय निकलता जा रहा है। सिर्फ 48 घंटे बाद ईरान पर कहर टूट पड़ेगा। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनियाभर में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और कच्चे तेल का निर्यात प्रभावित हुआ है। ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका, इजरायल और इनके सहयोगियों के जहाजों को होर्मुज से पार नहीं होने देगा। </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 13:37:56 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>भारी गोलीबारी के बीच अमेरिका ने F-15E पायलट को ढूंढ निकाला: ट्रंप ने बताया किस हालत में है ईरान से रेस्क्यू किया गया पायलट </title>
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                        <![CDATA[मध्य-पूर्व युद्ध के 36वें दिन अमेरिका ने पुष्टि की है कि ईरान द्वारा मार गिराए गए F-15E जेट के दूसरे लापता पायलट को सुरक्षित खोज लिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर इस खबर की पुष्टि की। ईरानी सेना ने पायलट पर 60,000 डॉलर का इनाम घोषित किया था, लेकिन अमेरिकी रेस्क्यू टीम ने भारी गोलाबारी के बीच उसे बचा लिया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-heavy-firing-america-found-the-f-15e-pilot-trump-told/article-149159"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। मीडिल ईस्ट जंग को आज 36 दिन हो गए है और इस बीच शुक्रवार को ईरान ने अमेरिका के F-15E जेट को मार गिराया था और इस हमले में एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि दूसरे को कोई पता नहीं था। लेकिन आज अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से जानकारी देते हुए कहा किया लो पायलट लापता हो गया था उसे खोज निकाला गया है। अमेरिकी अघिकारियों ने पुष्टि की कि भारी गोलीबारी के बीच हमने F-15E विमान के दूसरे पायलट को भी सुरक्षित बचा लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस बात का दावा करते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर इस बात की पुष्टि की।</p>
<p>अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि अ​भी भी लापता पायलट को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना बाकी इसलिए बचाव अभियान जारी है। इधर, ईरानी सेना भी लापता पायलट को खोजने में लगी हुई है। ईरानी सेना ने एलान किया था कि जो कोई भी उस पायलट को ढूंढ निकालेगा उसे 60,000 डॉलर का इनाम दिया जाएगा। </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 12:32:29 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>ईरान संघर्ष के बीच अमेरिकी सरकार का बड़ा फ़ैसला, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज सहित 3 सैन्य अधिकारी बर्ख़ास्त</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ईरान संघर्ष के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को बर्खास्त कर दिया है। दो अन्य उच्च सैन्य अधिकारियों की छुट्टी के साथ यह कदम रक्षा विभाग के ढांचे को नया रूप देने के लिए उठाया गया है। अगले तीन हफ्तों में युद्ध समाप्त करने के लक्ष्य के साथ यह बड़ा बदलाव किया गया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/big-decision-of-us-government-amid-iran-conflict-3-military/article-148989"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pentagon-chief-pete-hegseth-removes-top-uniformed-officer-from-army-as-us-wages-war-in-iran.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया है। इसके अलावा दो अन्य उच्च सैन्य अधिकारियों को भी बर्खास्त किया गया है। यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान संघर्ष को लेकर राष्ट्र के नाम संबोधन के एक दिन बाद गुरुवार को आया है। ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को और तेज करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि यह संघर्ष अगले दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है।</p>
<p>जनरल जॉर्ज के अलावा दो अन्य उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारियों को भी बर्खास्त किया गया है। इनमें मेजर जनरल विलियम ग्रीन जूनियर और जनरल डेविड होडने शामिल हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, ये कदम इस अस्थिर दौर में रक्षा विभाग के ढांचे को नया रूप देने के रक्षा मंत्री के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं। हालांकि, जनरल जॉर्ज के कार्यकाल में एक साल से अधिक का समय शेष था, लेकिन युद्ध मंत्रालय ने गुरुवार को पुष्टि की कि वह सेना के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से तत्काल प्रभाव से सेवानिवृत्त हो जाएंगे।</p>
<p>युद्ध मंत्रालय के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने सोशल मीडिया पर जनरल जॉर्ज के जाने की पुष्टि की और उनकी दशकों की सेवा के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि जनरल रैंडी ए. जॉर्ज तत्काल प्रभाव से सेना के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा के लिए विभाग उनका आभारी है। 'जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ' ने भी अमेरिकी सेना में जनरल जॉर्ज के लंबे योगदान के लिए गहरी कृतज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि वर्ष 1988 से जनरल जॉर्ज और उनके परिवार ने सम्मान और समर्पण के साथ राष्ट्र की सेवा की है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 17:25:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मिडिल-ईस्ट में जारी जंग के बीच ज़रीफ ने की शांति की अपील: ट्रंप की लापरवाह आक्रमकता का​ दिया हवाला, अमेरिका प्रतिबंध हटा ले, तो ईरान फिर खोल देगा होर्मुज जलडमरूमध्य</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ईरान के पूर्व विदेश मंत्री जावेद ज़रीफ़ ने 'फॉरेन अफेयर्स' के जरिए अमेरिका को शांति योजना का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने ट्रंप की आक्रामकता की निंदा करते हुए परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं लगाने और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश की। ज़रीफ़ ने जोर दिया कि प्रतिबंध हटने और आपसी सुरक्षा गारंटी से ही क्षेत्रीय स्थिरता संभव है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/zarif-appeals-for-peace-amid-the-ongoing-war-in-the/article-148970"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iranian-foreign-minister-mohammad-javad-zarif.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान के पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 'लापरवाह आक्रमकता' का उल्लेख करते हुए उसके साथ शांति स्थापित करने की अपील की है। जरीफ ने कहा कि लंबी अवधि का संघर्ष केवल विनाश और अनिश्चितता को बढ़ाता है और स्थायी समाधान के लिए प्रत्यक्ष और वास्तविक बातचीत ही एकमात्र मार्ग है। उन्होंने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण ढंग से विवाद सुलझाने और क्षेत्रीय तनाव को कम करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा है कि मौजूदा संघर्ष के किसी भी समाधान में ईरान के राष्ट्रीय हितों का ध्यान रखना सबसे जरूरी है।</p>
<p>पूर्व विदेश मंत्री ने इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए अपने प्रस्ताव की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इस शांति योजना को सार्वजनिक करने को लेकर अपने मन में चल रहे द्वंद्व का भी जिक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "एक ईरानी होने के नाते, मैं डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामकता और उनके अपमानजनक बयानों से गुस्से में हूँ। मुझे अपनी सेना और देश के लोगों पर गर्व है, इसलिए पत्रिका 'फॉरेन अफेयर्स' में इस शांति योजना को छपवाने को लेकर मेरे मन में उलझन थी। फिर भी, मुझे यकीन है कि युद्ध का अंत ईरान के राष्ट्रीय हितों के हिसाब से ही होना चाहिए।"</p>
<p>ईरान के उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री जैसे बड़े पदों पर रह चुके ज़रीफ़ का मानना है कि तमाम मुश्किलों के बाद भी ईरान, अमेरिका-इजरायल के लगातार हवाई हमलों के सामने मजबूती से टिका हुआ है। अमेरिकी पत्रिका 'फॉरेन अफेयर्स' में अपना प्रस्ताव रखने के कुछ घंटों बाद श्री ज़रीफ़ ने कहा, "ईरान ने यह युद्ध शुरू नहीं किया था लेकिन एक महीने से ज्यादा की लड़ाई के बाद यह साफ है कि जीत ईरान की हो रही है। लगातार बमबारी के बावजूद हमने अपने देश को बचाया है और हमलावरों को करारा जवाब दिया है।"</p>
<p>ज़रीफ़ ने अपने लेख में चेतावनी दी कि भले ही ईरान को सैन्य सफलता मिल रही हो लेकिन आगे की लड़ाई से आम जनता और देश के ढांचे का भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि यह हिंसा एक बड़े क्षेत्रीय या वैश्विक युद्ध का रूप ले सकती है। उन्होंने इस बात पर भी दुख जताया कि युद्ध के पहले ही दिन करीब 170 स्कूली बच्चों की मौत पर दुनिया खामोश है। अपनी शांति योजना में ज़रीफ़ ने युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौते का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान को अपनी मजबूत सैन्य स्थिति का फायदा उठाकर बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि अगर अमेरिका प्रतिबंध हटा ले, तो ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं लगाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए तैयार हो सकता है।</p>
<p>इसके अलावा, ज़रीफ़ ने अमेरिका और ईरान के बीच एक-दूसरे पर हमला न करने का वादा करने का भी सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश दुश्मनी छोड़कर आर्थिक सहयोग बढ़ाएं, तो ईरान अपनी अर्थव्यवस्था सुधारने और जनता के कल्याण पर ध्यान दे पाएगा।</p>]]>
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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 15:25:43 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>अमेरिका को बड़ा झटका : ईरान ने किया दूसरे F-35 फाइटर जेट गिराने का दावा, ट्रंप के दावे को बताया झूठा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ईरान की IRGC ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को चुनौती देते हुए दो उन्नत अमेरिकी लड़ाकू विमानों, जिनमें एक F-35 स्टील्थ शामिल है, को मार गिराने की पुष्टि की है। तेहरान का दावा है कि उनकी स्वदेशी हवाई रक्षा प्रणाली अभी भी पूरी तरह सक्रिय है। इस कार्रवाई ने खाड़ी क्षेत्र में जारी सैन्य संघर्ष को और अधिक विस्फोटक बना दिया है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-blow-to-america-iran-claims-to-have-shot-down/article-148968"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/fighter-jet.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली के नष्ट करने के दावों के बावजूद, ईरानी सेना ने शुक्रवार को दो उन्नत अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराने की बात कही है। जिनमें दूसरा एफ-35 विमान भी शामिल है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने इन हमलों की "पुष्टि" की है। एक बयान में, आईआरजीसी ने कहा कि उसकी नव विकसित हवाई रक्षा प्रणालियों ने मध्य ईरान में एक स्टील्थ एफ-35 लड़ाकू विमान को सफलतापूर्वक निशाना बनाकर मार गिराया है।</p>
<p>आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिकी वायु सेना के लेकनहीथ स्क्वाड्रन से संबंधित यह विमान पूरी तरह से नष्ट हो गया और पायलट के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। आईआरजीसी ने ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली के पूर्ण विनाश के बारे में ट्रम्प के दावे को "झूठा दावा" बताया है। इस बयान में ईरान के एकीकृत हवाई रक्षा नेटवर्क की निरंतर प्रभावशीलता पर जोर देते हुए कहा गया, " अमेरिकी राष्ट्रपति के झूठे दावे के बाद, कुछ ही क्षण पहले क़ेशम द्वीप के दक्षिण में आईआरजीसी नौसेना की आधुनिक उन्नत हवाई रक्षा प्रणाली ने शत्रु के उन्नत लड़ाकू विमानों को मार गिराया है।"</p>
<p>ईरानी मीडिया के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी सेना के लिए हाल ही में बड़ा झटका है। ईरानी मीडिया ने बताया है कि युद्ध की शुरुआत के बाद से, ईरान ने दो एफ-35, एक एफ-18, दो एफ-16 और चार एफ-15 सहित कई उन्नत अमेरिकी विमानों को मार गिराया है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 14:27:54 +0530</pubDate>
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                <title>डोनाल्ड ट्रंप के 'पाषाण युग' धमकी के बाद ईरानी आर्मी चीफ का ऐलान: अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया तो कोई जिंदा नहीं बचेगा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ईरान ने अमेरिकी जमीनी हमले की स्थिति में "कोई जीवित नहीं बचेगा" की भयानक चेतावनी दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सैन्य अभियान को तेज करने के संकल्प के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है। मिसाइल हमलों और भारी मौतों के साथ, पश्चिम एशिया एक निर्णायक और विनाशकारी मोड़ की ओर बढ़ रहा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/after-donald-trumps-stone-age-threat-iranian-army-chief-announces/article-148897"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/iran-army-chief.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। अमेरिका-इज़रायल के हमलों के 34वें दिन ईरान ने संभावित जमीनी अभियान को लेकर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी सेना ने जमीनी हमला करने की कोशिश की तो कोई भी जीवित नहीं बचेगा। ईरान की सेना ने अमेरिकी जमीनी हमले की आशंका के मद्देनज़र अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सशस्त्र बलों के प्रमुख आमिर हतामी ने सैन्य मुख्यालयों को अमेरिका और इज़रायल की गतिविधियों पर "पल-पल नजर" रखने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>सरकारी समाचार एजेंसी इरना द्वारा जारी वीडियो में हतामी ने कहा कि यदि दुश्मन जमीनी कार्रवाई करता है तो "एक भी व्यक्ति को जीवित नहीं बचना चाहिए।" यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ तीन से चार सप्ताह तक चलने वाले तीव्र सैन्य अभियान की घोषणा की है और दावा किया है कि अमेरिका ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक नष्ट कर चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने युद्धविराम की मांग की है, जिसे तेहरान ने तुरंत खारिज कर दिया।</p>
<p>ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरान की जनता का अमेरिका, यूरोप या पड़ोसी देशों से कोई बैर नहीं है और अमेरिकी नागरिकों से अपील की कि वे युद्ध जारी रखने के पीछे ट्रंप के उद्देश्यों पर सवाल उठाएं। वहीं विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका से संदेश मिलने के बावजूद बातचीत को लेकर भरोसा "शून्य" बना हुआ है। इस बीच, पूर्व विदेश मंत्री कमाल खर्राज़ी तेहरान स्थित अपने आवास पर हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसमें उनकी पत्नी की मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि वह अमेरिका के साथ पाकिस्तान बैक-चैनल वार्ता की कोशिशों में शामिल थे।</p>
<p>खाड़ी क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है। संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान द्वारा दागी जा रही मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने की बात कही है, जबकि कतर के दोहा तट के पास एक टैंकर पर हमले में नुकसान हुआ, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। इज़रायल में भी ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोके जाने की खबर है, जबकि तेल अवीव के पास 11 वर्षीय बच्ची सहित 14 लोग घायल हुए हैं। इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू के आकलन के अनुरूप श्री ट्रंप द्वारा दिए गए समय संकेतों से यह संभावना जताई जा रही है कि संघर्ष आने वाले हफ्तों में निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकता है।</p>
<p>वहीं, क्षेत्रीय तनाव के बीच लेबनान और इराक में भी हमलों की खबरें हैं, जिनमें हिज्बुल्लाह के एक वरिष्ठ कमांडर सहित कई लोगों के मारे जाने की सूचना है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल और युद्ध को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष को लेकर गंभीर चिंता जता रहा है।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 18:28:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दिनभर की गिरावट के बाद हरे निशान में बंद हुआ शेयर बाजार: 872 अंक गिरकर सेंसेक्स 72,262 पर बंद, इन कंपनियों में दिखा एक्शन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[शुरुआती कारोबार में 1600 अंक की भारी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने जबरदस्त वापसी की। ट्रंप के बयान से उपजी घबराहट के बावजूद, आखिरी घंटे में आईटी और बैंकिंग शेयरों में लिवाली से सेंसेक्स 185 अंक चढ़कर बंद हुआ। रुपये की मजबूती और HCL टेक जैसे दिग्गजों ने बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाई।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/after-a-days-decline-the-stock-market-closed-in-the/article-148877"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/share-market-01.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद गुरुवार को शुरुआती कारोबार में करीब 1,600 अंक तक टूटने वाला बीएसई का सेंसेक्स अंत में हरे निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स 872 अंक गिरकर 72,262 अंक पर खुला और एक समय 1,588 अंक लुढ़क चुका था। आखिरी एक घंटे में आईटी और निजी बैंकिंग कंपनियों में हुई लिवाली से यह 185.23 अंक (0.25 प्रतिशत) चढ़कर 73,319.55 अंक पर बंद हुआ।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 33.70 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त में 22,713.10 अंक पर पहुंच गया। ट्रंप ने भारतीय समय के अनुसार, गुरुवार सुबह राष्ट्र के नाम संबोधन में ईरान के खिलाफ अमेरिका के मिशन को सफल बताया, लेकिन कहा कि अगले दो-तीन सप्ताह खाड़ी देश पर हमले और तेज किये जायेंगे। इससे वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों में गिरावट रही। हालांकि रुपये में जबरदस्त तेजी के कारण भारतीय शेयर बाजारों पर असर कम दिखा।</p>
<p>वृहत बाजार गिरावट में रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.16 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.38 प्रतिशत फिसल गया। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में लिवाली से निफ्टी आईटी सूचकांक 2.60 प्रतिशत मजबूत हुआ। रियलटी, धातु, निजी बैंकों और एफएमसीजी में भी तेजी रही। ऑटो, फार्मा, स्वास्थ्य, मीडिया, सार्वजनिक बैंकों, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, तेल एवं गैस और रसायन सेक्टरों में गिरावट रही। सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर करीब साढ़े तीन प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। टेक महिंद्रा में ढाई प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। इंफोसिस, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयर एक से दो प्रतिशत ऊपर बंद हुए।</p>
<p>मारुति सुजुकी, टाइटन, एक्सिस बैंक, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक आईटीसी, भारती एयरटेल और इंडिगो के शेयर भी हरे निशान में रहे। एशियन पेंट्स में करीब ढाई फीसदी और इटरनल में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। सनफार्मा, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और पावरग्रिड के शेयर एक से दो प्रतिशत के बीच टूटे। महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, अडानी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व और टाटा स्टील के शेयर भी नीचे बंद हुए।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 17:16:51 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ईरान युद्ध तनाव : ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीस ने ट्रंप से पूछा–अब और क्या हासिल करना बाकी है? युद्ध जितने लंबे समय तक चलेगा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर उतना ही पड़ेगा गहरा प्रभाव</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने ईरान पर बढ़ते हमलों पर चिंता जताते हुए युद्ध विराम की अपील की है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के सैन्य उद्देश्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि युद्ध लंबा खिंचने से वैश्विक अर्थव्यवस्था और ईंधन आपूर्ति ठप हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया ने ईंधन संकट से निपटने के लिए करों में कटौती और रणनीतिक चर्चा शुरू कर दी है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-war-tension-australian-prime-minister-albanese-asked-trump-%E2%80%93/article-148842"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/aust.png" alt=""></a><br /><p>कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने गुरुवार को ईरान युद्ध में तनाव कम करने की अपील करते हुए चेतावनी दी है और यह सवाल उठाया है कि ईरान की नौसेना और वायु सेना को कमजोर करने सहित प्रमुख सैन्य उद्देश्य हासिल कर लिए गए हैं, लेकिन अभी भी यह स्पष्ट नहीं है कि अब और क्या हासिल किया जाना बाकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए  ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीस ने यहां एक एक भाषण के दौरान कहा, "अब जब वे उद्देश्य प्राप्त कर लिए गए हैं, तो यह स्पष्ट नहीं है कि और क्या हासिल करने की आवश्यकता है।" उन्होंने आगे कहा कि युद्ध जितने लंबे समय तक चलेगा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर उतना ही गहरा प्रभाव पड़ेगा। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीस ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका-इजरायल के हमलों ने पहले ही ईरान की वायु सेना, नौसेना और सैन्य औद्योगिक आधार को 'क्षतिग्रस्त' कर दिया है।</p>
<p>ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ट्रंप के उस 19 मिनट के टेलीविजन संबोधन के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ईरान के खिलाफ "दो से तीन सप्ताह और" तक "अत्यधिक कठोर" हमले जारी रखने का संकल्प लिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि वाशिंगटन का उद्देश्य ईरान की सेना को कुचलना, क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को इस्लामी गणराज्य का समर्थन समाप्त करना और उसे परमाणु बम प्राप्त करने से रोकना है। ट्रंप ने कहा, "मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि ये मुख्य रणनीतिक उद्देश्य पूर्ण होने के करीब हैं।"</p>
<p>इस बीच, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल आपूर्ति बाधित होने से दुनिया भर में चिंताएं बढ़ गई हैं। ऑस्ट्रेलिया, खुद आयातित ईंधन पर बहुत अधिक निर्भर है और उसके पास पेट्रोल का लगभग 37 दिनों का भंडार है। उसने ईंधन करों में कटौती करके और व्यवसायों को 680 मिलियन डॉलर के ऋण का वादा करके आर्थिक झटके को कम करने के कदम उठाए हैं। रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने कहा कि कैनबरा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक मार्ग को फिर से खोलने के संभावित प्रयासों पर ब्रिटेन और फ्रांस सहित सहयोगियों के साथ चर्चा कर रहा है।</p>]]>
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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:05:02 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद शेयर बाजारों में गिरावट, सेंसेक्स 1,500 अंक लुढ़का, इन शेयरों पर रख़े नज़र</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले तेज करने के बयान ने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गुरुवार को सेंसेक्स 1500 अंक से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी में 2% की भारी गिरावट दर्ज की गई। युद्ध समाप्ति की जगह तनाव बढ़ने की आशंका से बैंकिंग, ऑटो और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में चौतरफा बिकवाली हावी है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/after-us-president-trumps-statement-stock-markets-fell-sensex-fell/article-148793"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/share-market1.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनोल्ड ट्रंप के ईरान युद्ध को लेकर जारी बयान के बाद गुरुवार को दुनिया भर में शेयर बाजारों में गिरावट देखी गयी और घरेलू स्तर पर बीएसई का सेंसेक्स 1,500 अंक से ज्यादा लुढ़क गया। सेंसेक्स 872.27 अंक की गिरावट में 72,262.05 अंक पर खुला और कुछ ही मिनट में लगभग 1,525 अंक टूटकर 71,608.05 अंक तक उतर गया। खबर लिखे जाते समय यह 1,473.37 अंक (2.01 प्रतिशत) की गिरावट में 71,660.95 अंक पर रहा।</p>
<p>अमेरिकी ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ मिशन में अपने मुख्य लक्ष्य हासिल कर लिये हैं, लेकिन अगले दो-तीन सप्ताह में हमले और तेज किये जायेंगे। उनके इस बयान के बाद जल्द युद्ध समाप्ति की उम्मीद लगाये बैठे निवेशकों को निराशा हुई और शेयर बाजारों में बिकवाली देखी गयी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 296 अंक गिरकर 22,383.40 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 460.70 अंक यानी 2.03 प्रतिशत नीचे 22,218.70 अंक पर था।</p>
<p>शेयर बाजार में फिलहाल चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है। बैंकिंग, फार्मा, स्वास्थ्य, रियलटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, ऑटो, वित्त, धातु, मीडिया, तेल एवं गैस और रसायन समूहों पर ज्यादा दबाव है। सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियां अभी गिरावट में हैं। विमान सेवा कंपनी इंडिगो और दवा बनाने वाली सनफार्मा के शेयर चार फीसदी से ज्यादा नीचे चल रहे हैं। अडानी पोर्ट्स, एलएंडटी, इटरनल और टाट स्टील के शेयर तीन से चार प्रतिशत फिसल चुके हैं।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 10:59:32 +0530</pubDate>
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                <title>वॉर या नो वॉर...क्या खत्म होगी जंग? ट्रंप के संबोधन से पहले तेज हुई कूटनीतिक हलचल, 2 अप्रैल को करेंगे राष्ट्र को संबोधित</title>
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                        <![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2 अप्रैल को राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसमें ईरान संघर्ष समाप्ति की बड़ी घोषणा संभव है। चीन और पाकिस्तान ने शांति के लिए पांच सूत्रीय फार्मूला पेश किया है, जिसमें तत्काल युद्धविराम और समुद्री सुरक्षा पर जोर दिया गया है। तेहरान ने भी बातचीत के संकेत दिए हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में शांति की उम्मीद जागी है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/war-or-no-war-is-us-president-trump-going-to/article-148764"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/trump.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच दुनिया की नजरें अब डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित संबोधन पर टिकी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसमें जारी सैन्य टकराव को समाप्त करने से जुड़ी अहम घोषणा की उम्मीद जताई जा रही है। ट्रंप के द्वारा दिए गए हाल के बयानों से संकेत मिल रहा है कि अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल कर चुका है और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति अब उसके लिए निर्णायक मुद्दा नहीं रही।</p>
<p>इसी बीच कूटनीतिक मोर्चे पर चीन और पाकिस्तान ने 31 मार्च को बीजिंग में साझा पहल पेश कर शांति की नई राह सुझाई है। इस पहल को इशाक डार और वांग यी ने आगे बढ़ाया, जिसमें पांच सूत्रों के जरिए तत्काल युद्धविराम और संवाद की बहाली पर जोर दिया गया है। प्रस्ताव में नागरिक ढांचे पर हमले रोकने, समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समाधान तलाशने की बात प्रमुख है।</p>
<p>हालांकि ईरान ने पाकिस्तान की प्रत्यक्ष मध्यस्थता पर आपत्ति जताई है, लेकिन क्षेत्र में शांति स्थापित करने की अपील का समर्थन किया है। तेहरान का यह रुख संकेत देता है कि वह बातचीत के पक्ष में है, पर मध्यस्थ की भूमिका को लेकर सतर्क रणनीति अपना रहा है। अब वैश्विक समुदाय की निगाहें ट्रंप के संबोधन पर टिकी हैं—क्या वे चीन-पाकिस्तान की पहल को स्वीकार करेंगे या अपनी शर्तों के साथ इस संघर्ष के अंत की घोषणा करेंगे।</p>]]>
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                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:12:02 +0530</pubDate>
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                <title>बाजार में रौनक: पश्चिम एशिया संकट सुलझने की उम्मीद में 1,187 अंक की बढ़त के साथ सेंसेक्स 73,134 पर बंद, इन कपंनियों में दिखा ज़ोरदार एक्शन</title>
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                        <![CDATA[ईरान युद्ध समाप्ति की उम्मीद में घरेलू शेयर बाजार झूम उठे। सेंसेक्स 1,186 अंक और निफ्टी 348 अंक की भारी बढ़त के साथ बंद हुए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगामी संबोधन से निवेशकों में उत्साह है। मिडकैप और स्मॉलकैप में चौतरफा लिवाली रही, जबकि एसबीआई और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/sensex-closed-at-73134-with-a-gain-of-1187-points/article-148749"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/share-market-011.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। पश्चिम एशिया में एक महीने से चल रहे ईरान युद्ध के सुलझने की उम्मीद में बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों में तेजी देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स 1,186.77 अंक (1.65 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 73,134.32 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की निफ्की-50 सूचकांक भी 348 अंक यानी 1.56 प्रतिशत चढ़कर 22,679.40 अंक पर पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समय के अनुसार गुरुवार सुबह राष्ट्र को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन में ईरान युद्ध की जल्द समाप्ति का रोडमैप दिखने की उम्मीद में आज दुनिया भर में निवेशक लिवाल रहे और शेयर बाजारों में तेजी देखी गयी।</p>
<p>चौतरफा लिवाली के बीच मझौली कंपनियों का निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 2.08 प्रतिशत और छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप-100 सूचकांक 3.33 प्रतिशत उछल गया। फार्मा और स्वास्थ्य को छोड़कर अन्य सभी सेक्टरों के सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। सार्वजनिक बैंकों, धातु, आईटी, रसायन, रियलटी, ऑटो, निजी बैंकों और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों के सूचकांकों में ज्यादा तेजी रही। </p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट का शेयर पौने सात प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। इंडिगो में भी छह फीसदी से अधिक की तेजी रही। अडानी पोर्ट्स में करीब साढ़े पांच प्रतिशत और बीईएल में साढ़े तीन प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गयी। भारतीय स्टेट बैंक और इटरनल के शेयर तीन से चार प्रतिशत के बीच चढ़े। एलएंडटी, एक्सिस बैंक, टाइटन, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, टीसीएस और इंफोसिस के शेयर दो से तीन प्रतिशत तक ऊपर रहे।</p>
<p>रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, आईटीसी और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर एक से दो प्रतिशत मजबूत हुए। कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और हिंदुस्तान यूनीलिवर के शेयर भी हरे निशान में रहे। एनटीपीसी, सनफार्मा और पावर ग्रिड में एक से दो प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गयी।</p>]]>
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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 16:58:10 +0530</pubDate>
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                <title>ट्रंप के बयान के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट: 100 डॉलर के नीचे आया ब्रेंट क्रूड, रूपए में भी गिरावट</title>
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                        <![CDATA[कच्चे तेल की कीमतों में राहत की खबर है! ब्रेंट क्रूड गिरकर 99.21 डॉलर पर आ गया है। यह नरमी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ तनाव घटाने के संकेतों के बाद आई है। हालांकि, भारतीय रुपया अब भी 95 प्रति डॉलर पर दबाव में है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि संघर्ष बढ़ने पर तेल 150 डॉलर पार कर सकता है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/big-fall-in-crude-oil-prices-after-trumps-statement-brent/article-148703"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/crude-oil2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार, 1 अप्रैल को बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड घटकर 99.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि कच्चे तेल का भाव 97.495 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया। यह गिरावट अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के साथ तनाव कम करने के संकेतों के बाद आई है।</p>
<p>हालांकि, इससे पहले मार्च महीने में तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था और ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था। इस तेजी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है, जहां रुपया कमजोर होकर 95 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच चुका है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्यपूर्व में तनाव लंबा खिंचता है तो रुपया 100 प्रति डॉलर तक गिर सकता है और तेल की कीमतें 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए यह स्थिति महंगाई और आर्थिक दबाव को बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 15:26:27 +0530</pubDate>
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