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                <title>empowerment - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>PACS को बड़ी राहत: आदर्श उप नियमों के तहत गतिविधियों के लिए अलग अनुमति जरूरी नहीं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान सरकार ने PACS के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाते हुए नया आदेश जारी किया है। अब आदर्श उप नियमों के तहत आने वाली गतिविधियों के लिए अलग से अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। इस निर्णय से 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, जिससे सहकारी समितियां अधिक स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकेंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-relief-to-pacs-separate-permission-is-not-necessary-for/article-151853"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/nehru-sahakar-bhawann.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सहकारी क्षेत्र को गति देने के लिए रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, राजस्थान ने महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किया है। इसके तहत राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2001 के अंतर्गत पंजीकृत प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को बड़ी राहत प्रदान की गई है। जारी परिपत्र के अनुसार, PACS द्वारा अंगीकृत “आदर्श उप नियमों (Model Bye-laws)” में जिन गतिविधियों का उल्लेख पहले से किया गया है, उनके संचालन के लिए अब किसी अलग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये आदर्श उप नियम पूर्व से ही अनुमत माने जाएंगे।</p>
<p>सरकार का उद्देश्य इस निर्णय के माध्यम से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना और PACS को विविध गतिविधियां समय पर शुरू करने में सहूलियत प्रदान करना है। इससे सहकारी समितियों के कार्यों में तेजी आएगी और अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कमी होगी। रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा द्वारा जारी इस आदेश से प्रदेशभर की PACS को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 16:31:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भजनलाल सरकार में शिक्षा का स्वर्णिम दौर : आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने रचा इतिहास, मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन से मिली सफलता</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी नीतियों से आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने बोर्ड परीक्षाओं में कीर्तिमान रचा है। कला और वाणिज्य संकाय में लगभग 100% परिणाम के साथ वंचित वर्ग के विद्यार्थियों ने उत्कृष्टता सिद्ध की। मंत्री अविनाश गहलोत ने इस सफलता को समावेशी शिक्षा और शिक्षकों के समर्पण का परिणाम बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/golden-era-of-education-under-bhajanlal-government-students-of-residential/article-151812"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ambedkar-bhawan.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों का असर अब परिणामों में साफ दिखाई दे रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इस वर्ष 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने इस शानदार उपलब्धि का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नई प्रेरणा है और आने वाले समय में ये विद्यालय और बेहतर परिणाम देंगे।</p>
<p><strong>शानदार परीक्षा परिणाम</strong></p>
<p>आवासीय विद्यालयों के छात्रों ने इस वर्ष उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए—</p>
<p>10वीं बोर्ड में 97.98% परिणाम दर्ज किया। 1829 में से 1792 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।<br />12वीं विज्ञान संकाय में 98.38% सफलता मिली, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की।<br />कला संकाय में 99.85% का लगभग शत-प्रतिशत परिणाम रहा।<br />वाणिज्य संकाय में 100% परिणाम दर्ज कर सभी 18 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए।</p>
<p>उच्च अंकों की बात करें तो कई विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त कर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया।</p>
<p><strong>समावेशी शिक्षा का मॉडल बना योजना</strong></p>
<p>वर्ष 1997-98 में शुरू हुई आवासीय विद्यालय योजना आज सामाजिक परिवर्तन का मजबूत माध्यम बन चुकी है। वर्तमान में राज्य के 42 विद्यालयों में 14,500 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यहां अनुसूचित जाति, जनजाति, विशेष पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन, पुस्तकें और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।</p>
<p><strong>बढ़ते निवेश से मिल रहे बेहतर परिणाम</strong></p>
<p>राज्य सरकार द्वारा इस योजना पर लगातार निवेश बढ़ाया जा रहा है। पिछले वर्षों में करोड़ों रुपये खर्च कर हजारों विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है, जिससे शिक्षा का स्तर ऊंचा हुआ है और वंचित वर्ग मुख्यधारा से जुड़ रहा है।</p>
<p><strong>मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन से मिली सफलता</strong></p>
<p>छात्रों की नियमित मॉनिटरिंग, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और परामर्श व्यवस्था ने इन परिणामों की नींव मजबूत की है। सभी विद्यालय राजस्थान रेजिडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन सोसाइटी (RREIS) के माध्यम से संचालित हो रहे हैं, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सही अवसर और संसाधन मिलने पर वंचित वर्ग के विद्यार्थी भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 16:16:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिलाओं के आरक्षण पर बीजद का केंद्र पर निशाना : सत्ताधारी पार्टी इस मुद्दे पर लोगों को कर रही गुमराह, 'राजनीतिक ड्रामा' करने का लगाया आरोप,</title>
                                    <description><![CDATA[ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) ने महिला आरक्षण विधेयक को केंद्र का 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया है। सांसद सुलता देव ने आरोप लगाया कि सरकार सशक्तिकरण के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने मांग की कि परिसीमन का इंतजार किए बिना 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, ताकि राज्यों का प्रतिनिधित्व कम न हो।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjd-targets-center-on-womens-reservation-ruling-party-accused-of/article-151849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/sulta-dev.webp" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर 'राजनीतिक ड्रामा' करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सत्ताधारी पार्टी इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह कर रही है। बीजद की राज्यसभा सांसद सुलता देव और वरिष्ठ महासचिव लेखाश्री सामंतसिंहार ने केंद्र के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 'झूठा प्रचार' करार दिया, वहीं महिला आरक्षण की आड़ में उस पर परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर केंद्र सरकार सचमुच महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध है, तो उसे 543 सांसदों के बीच तुरंत 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए।</p>
<p>सुलता देव ने बताया कि महिला आरक्षण बिल को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' के रूप में पेश किया गया था और वह संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है तथा उसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके बावजूद उसे 2024 के आम चुनावों के दौरान लागू नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र अब देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन आयोजित करते हुए देरी के लिए विपक्ष को दोषी ठहराने की कोशिश कर रही है, जिसे उन्होंने जनता का ध्यान भटकाने के लिए एक 'राजनीतिक ड्रामा' बताया।</p>
<p>सुलता देव के अनुसार यह अधिनियम 2023 में सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से पारित किया गया था, जिससे यह उम्मीद जगी थी कि इसे अगले आम चुनावों में तुरंत लागू किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केंद्र सरकार का कहना था कि जनगणना पूरी होने और उसके बाद निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद ही इसे लागू किया जाएगा। सुलता देव ने हालांकि दावा किया कि पांच राज्यों में चुनावों के दौरान संसद का एक विशेष सत्र बुलाया गया था ताकि आरक्षण प्रस्ताव के साथ-साथ 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन को आगे बढ़ाया जा सके। </p>
<p>उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के कदम से ओडिशा और कई दक्षिणी तथा पूर्वी राज्यों जैसे राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा, जिसके चलते विपक्षी दलों ने अपना समर्थन वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव विफल होने के बाद भाजपा ने विपक्षी दलों को महिला-विरोधी के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। सुलता देव ने केंद्र सरकार पर इस मुद्दे पर 'न्याय में देरी' करने के बावजूद खुद को महिला-समर्थक के रूप में पेश करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया और कहा कि मतदाता ऐसे दावों के पीछे की सच्चाई को पहले ही समझ चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 15:14:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विजय वडेट्टीवार  का केंद्र सरकार पर हमला:  महिला आरक्षण विधेयक 'सिर्फ दिखावा', सरकार जनता को कर रही गुमराह </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महिला आरक्षण विधेयक पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने इसे जनता को गुमराह करने वाला दोहरा मापदंड करार दिया। वडेट्टीवार का आरोप है कि जनगणना और परिसीमन का बहाना बनाकर कार्यान्वयन में जानबूझकर देरी की जा रही है, जो वास्तविक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की नीयत पर सवाल उठाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/womens-reservation-bill-is-just-a-show-the-government-is/article-151538"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/vijay.png" alt=""></a><br /><p>नागपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने गुरुवार को महिला आरक्षण विधेयक को दिखावा करार दिया और सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। नागपुर प्रेस क्लब में मीडिया को संबोधित करते हुए, वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि सरकार में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने का कोई वास्तविक इरादा नहीं है और इसके बजाय वह इस मुद्दे का इस्तेमाल एक झूठी कहानी गढ़ने के लिए कर रही है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि विधेयक पहले पारित होने के बावजूद परिसीमन और जनगणना जैसे कारणों का हवाला देते हुए इसके कार्यान्वयन में बार-बार देरी हुई है जो सरकार की प्रतिबद्धता पर गंभीर संदेह पैदा करते हैं। कांग्रेस नेता ने आगे दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी इस मामले का राजनीतिकरण कर रही है जबकि वह महिलाओं की सुरक्षा और न्याय से संबंधित गंभीर चिंताओं को दूर करने में विफल रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि वह महिलाओं को प्रभावित करने वाले वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय पार्टी नेतृत्व के इशारे पर विपक्ष को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का रुख महिला सशक्तिकरण पर उसके "दोहरे मापदंड" को दर्शाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:16:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और भविष्य के साथ विश्वासघात किया : प्रवीन खंडेलवाल</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक गिरने को लोकतंत्र का 'काला अध्याय' बताया। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस ऐतिहासिक पहल को रोकना महिलाओं के सम्मान और भविष्य के खिलाफ एक सुनियोजित षड्यंत्र है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-and-its-allies-betrayed-womens-rights-respect-and-future/article-151301"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/praveen.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विधायिका में महिलाओं के आरक्षण से जुड़े 131वें संविधान संशोधन के लोकसभा में पूर्ण बहुमत से पारित नहीं होने को चाँदनी चौक से भारतीय जनता पार्टी सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काला अध्याय बताया है और कहा है कि इस संशोधन विधेयक को गिराकर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और भविष्य के साथ घोर विश्वासघात किया गया है। खंडेलवाल ने बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक संशोधन विधेयक की हार नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और भविष्य के साथ किया गया घोर विश्वासघात है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी सहित पूरे विपक्ष ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत इस संशोधन विधेयक को गिराने का शर्मनाक कार्य किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थों के चलते न केवल इस संशोधन विधेयक का विरोध किया, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़े हो गए। यह आचरण उनके नेतृत्व की विफलता, दूरदृष्टि के अभाव और महिला सम्मान के प्रति असंवेदनशीलता को उजागर करता है।</p>
<p>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद ने कहा कि जिस प्रकार राहुल गांधी ने सदन के भीतर मेज ठोक कर इस संशोधन विधेयक के गिराने का ऐलान किया और इसके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया और उसके बाद विपक्षी दलों द्वारा विधेयक के गिरने का जश्न मनाया गया, वह अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र के मूल्यों का खुला उपहास है। यह स्पष्ट संकेत है कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल महिलाओं को अधिकार देने के बजाय उन्हें राजनीतिक लाभ-हानि के तराजू पर तौलते हैं।</p>
<p>खंडेलवाल ने कहा कि जिस लोकसभा में राहुल गांधी ने इस संशोधन विधेयक को गिरवाने का दुस्साहस किया है। वहीं, सदन भविष्य में इस ऐतिहासिक अन्याय को सुधारेगा और महिलाओं को उनका अधिकार देकर नया इतिहास रचेगा। उन्होंने कहा कि यदि यह संशोधन विधेयक पारित होता, तो कांग्रेस के भीतर प्रियंका गांधी एक सशक्त और प्रभावशाली नेतृत्व के रूप में उभर सकती थीं और संभवतः इसी राजनीतिक आशंका ने राहुल गांधी को इस संशोधन विधेयक के विरोध के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए की गयी इस ऐतिहासिक पहल को विफल करना "महापाप" से कम नहीं है। राहुल गांधी और विपक्ष ने अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के चलते देश की महिलाओं के सपनों को कुचलने का काम किया है, जिसे देश कभी नहीं भूलेगा। खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं को केवल एक "वोट बैंक" के रूप में देखने का रहा है। दशकों तक इस महत्वपूर्ण मुद्दे को टालना और जब इसे लागू करने का समय आया, तब उसका विरोध करना,यह उनकी दोहरी नीति, अवसरवादी राजनीति और महिला विरोधी मानसिकता का स्पष्ट प्रमाण है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि शासन में महिला आरक्षण केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और राष्ट्र के समग्र विकास का आधार है। इसे रोकना देश की प्रगति को रोकने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। देश की महिलाएं और जागरूक नागरिक इस विश्वासघात का लोकतांत्रिक जवाब देंगे और उन सभी को जवाबदेह ठहराएंगे जिन्होंने उनके अधिकारों को कुचला है। इस दौरान चांदनी चौक भाजपा के जिलाध्यक्ष अरविंद गर्ग और केशवपुरम भाजपा के जिलाध्यक्ष अजय खटाना भी उपस्थित थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 16:30:22 +0530</pubDate>
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                <title>महिला कांग्रेस ने हैदराबाद में शुरू किया पोस्टकार्ड अभियान: महिला आरक्षण अधिनियम को तुरंत लागू करने की मांग, छोटे राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[तेलंगाना महिला कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को तत्काल लागू करने के लिए पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया है। अध्यक्ष एर्राबेली स्वर्ण ने आरक्षण को परिसीमन से अलग करने और 2029 चुनावों से ही प्रभावी बनाने की मांग की। कांग्रेस ने सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने हेतु इसमें ओबीसी उप-कोटा और जाति जनगणना की आवश्यकता पर भी जोर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/mahila-congress-started-postcard-campaign-in-hyderabad-demanded-immediate-implementation/article-151225"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/congress1.png" alt=""></a><br /><p>हैदराबाद। तेलंगाना राज्य महिला कांग्रेस ने मंगलवार को गांधी भवन में पोस्टकार्ड हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया। जिसमें महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 को तुरंत लागू करने की मांग की गई। "महिला आरक्षण विधेयक: आज करो, अभी करो" नारे के तहत आयोजित इस अभियान में प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पोस्टकार्ड भेजकर मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का आग्रह किया।</p>
<p>सभा को संबोधित करते हुए तेलंगाना राज्य महिला कांग्रेस की अध्यक्ष एर्राबेली स्वर्ण ने कहा कि संसद द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि आरक्षण मौजूदा लोकसभा सीटों पर लागू किया जाए और 2029 के आम चुनावों से प्रभावी हो। उन्होंने अधिनियम के कार्यान्वयन को नई जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने का विरोध किया और आरोप लगाया कि ऐसा करने से दक्षिणी और छोटे राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया शुरू होने से पहले जाति जनगणना की भी मांग की।</p>
<p>स्वर्ण ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए प्रावधानों के अलावा, 33 प्रतिशत आरक्षण में ओबीसी महिलाओं के लिए उप-कोटा की भी मांग की और कहा कि नीति में सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से देरी किये जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अधिनियम के कार्यान्वयन को स्थगित करना महिला सशक्तिकरण को कमजोर करता है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी देश भर की महिलाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप कानून को तत्काल लागू करने के लिए दबाव बनाना जारी रखेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:25:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस ने चार दशकों से महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित रखा, जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी : अरूण साव  </title>
                                    <description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने दशकों तक महिलाओं को अधिकारों से वंचित रखा। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के खिलाफ कांग्रेस के रुख को विश्वासघात बताया। साव ने विधानसभा के विशेष सत्र के माध्यम से महिलाओं की आवाज बुलंद करने और प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-deprived-women-of-their-rights-for-four-decades-public/article-151227"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/arun-saw.png" alt=""></a><br /><p>रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस ने चार दशकों से महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा है और इस गलती के लिए जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज रायपुर के न्यूज सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने पिछले चार दशकों से महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित रखा है। वास्तव में यह देश की आधी आबादी के साथ अन्याय और धोखा है। उन्होंने कहा कि जब नगरीय निकायों एवं पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण मिला हुआ है तो उन्हें विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण क्यों नहीं मिलना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने प्रयत्न किया कि आधी आबादी को उनका अधिकार मिले। लेकिन कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने षड्यंत्र करके नारी शक्ति को फिर से उनके अधिकार से वंचित किया है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से उनकी आवाज को और बुलंद करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने महिलाओं को अधिकार संकल्प लिया है। इसे पूरा करने हम लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेंगे। साव ने कहा कि ये कितनी हास्यास्पद बात है कि छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ लोगों की उपेक्षा करके जिस रंजीता रंजन को राज्यसभा में भेजा गया, वही रंजीता रंजन जी आज छत्तीसगढ़ आ रही हैं। जिसने संसद में बिल के खिलाफ समर्थन कर छत्तीसगढ़ के माताएं और बहनों को अधिकार से वंचित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 17:28:52 +0530</pubDate>
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                <title>पीएम मोदी का वाराणसी दौरा बनेगा ‘नारी शक्ति’ का महोत्सव : 50 हजार महिलाएं करेंगी स्वागत, इन मुद्दों पर चर्चा संभव</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अप्रैल को वाराणसी में 50,000 महिलाओं के साथ भव्य ‘नारी शक्ति महोत्सव’ में शामिल होंगे। कार्यक्रम की पूरी कमान महिलाओं के हाथ होगी। इस दौरान पीएम मोदी काशी को ₹6,000 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देंगे, जिसमें सिग्नेचर ब्रिज का शिलान्यास और कई विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modis-varanasi-tour-will-become-a-festival-of-nari/article-151041"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi11.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय संभावित दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 28 अप्रैल को बरेका में ‘नारी शक्ति महोत्सव’ का भव्य कार्यक्रम आयोजित होगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने रविवार को वाराणसी में आगामी 28 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर सर्किट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित किया। बैठक में महानगर व जिला इकाइयों के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, मंडल महामंत्रियों, जनप्रतिनिधियों तथा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बरेका परिसर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में 50 हजार से अधिक महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करेंगी।</p>
<p>बैठक में निर्णय लिया गया कि कार्यक्रम को पूर्ण रूप से नारी सशक्तिकरण को समर्पित किया जाएगा और इसकी पूरी कमान मातृशक्ति को सौंपी जाएगी। कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यापक जनसंपर्क अभियान, बूथ स्तर तक जिम्मेदारियों का निर्धारण तथा अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। महिला मोर्चा की पदाधिकारियों को अनुशासन, निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का मंत्र दिया गया। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से अब तक महिलाओं के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता तथा उनकी सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का हर कार्यक्रम राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक होता है और इस बार वाराणसी का यह आयोजन नारी सामर्थ्य का जीवंत उदाहरण बनेगा।</p>
<p>धर्मपाल सिंह ने मातृशक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि संगठनात्मक क्षमता और पूर्ण समर्पण के साथ तैयारियों में जुटें, ताकि यह कार्यक्रम देशभर में एक मजबूत संदेश दे सके कि भारत की नारी नेतृत्व करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाएं महिलाओं की आर्थिक उन्नति और सामाजिक सम्मान को मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं। बैठक में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में भी चर्चा हुई। धर्मपाल सिंह ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इस अधिनियम को संसद में प्रस्तुत किया गया, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया, जिससे उनका महिला-विरोधी चेहरा उजागर हो गया।</p>
<p>भाजपा काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों का रवैया महिलाओं के प्रति नकारात्मक रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधित स्वरूप को लेकर विपक्ष ने अपनी महिला-विरोधी मानसिकता का परिचय दिया। दिलीप पटेल ने बताया कि बरेका परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में 50 हजार से अधिक महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी आगमन पर उनका भव्य स्वागत करेंगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल स्वागत का अवसर होगा, बल्कि महिलाओं के साथ संवाद तथा उनके सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाएगा। </p>
<p>उन्होंने विश्वास जताया कि जब कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी मातृशक्ति संभालेगी, तो यह आयोजन ऐतिहासिक बनेगा और देशभर में सकारात्मक संदेश देगा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री देश व काशी को छह हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात देंगे और जनसभा को भी संबोधित करेंगे। शिलान्यास और लोकार्पण वाली योजनाओं की सूची अभी अंतिम रूप से निर्धारित नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, सिग्नेचर ब्रिज का शिलान्यास, लाट भैरव सेतु का लोकार्पण, रामनगर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा अमृत योजना 2.0 के तहत सूजाबाद और रामनगर, वरुणा पार्क की 814 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया जा सकता है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री काशी में रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन 29 अप्रैल को यहां से प्रस्थान करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 14:02:37 +0530</pubDate>
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                <title>महिला आरक्षण पर उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान : 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने का फैसला, सीएम योगी ने विपक्ष पर बोला हमला</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद, सरकार इस सत्र में विपक्ष के 'महिला विरोधी' रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ला सकती है। 2027 के चुनावों से पहले यह कदम यूपी की राजनीति में महिला सशक्तिकरण पर आर-पार की जंग छेड़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/political-turmoil-in-uttar-pradesh-over-womens-reservation-decision-to/article-151038"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/cm-yogi.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रणनीति तेज कर दी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने के प्रस्ताव को रविवार रात कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दे दी। संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के बाद इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। विपक्ष जहां विधेयक की खामियों को गिनाकर अपने विरोध को सही ठहरा रहा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर विपक्ष पर हमलावर है और इसे चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही है।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इस मामले में विपक्ष पर तीखा हमला बोल चुके हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष के रवैये की तुलना ‘द्रौपदी चीरहरण’ से करते हुए इसे महिला सम्मान और लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। सरकारी सूत्रों के अनुसार, 30 अप्रैल को होने वाले इस विशेष सत्र में सरकार महिला आरक्षण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी और विपक्ष के रुख को लेकर उसे घेरने की रणनीति अपनाएगी। सत्र के दौरान विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की भी चर्चा है।</p>
<p>चूंकि सत्र बुलाने के लिए सदस्यों को कम से कम सात दिन पहले सूचना देना जरूरी होता है, इसलिए प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दी गई। अब इसे राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। सरकार का आरोप है कि विपक्ष महिला सशक्तीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी राजनीति कर रहा है। वहीं, विपक्ष इस विधेयक को अधूरा और खामियों से भरा बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है।</p>
<p>ऐसे में 30 अप्रैल को होने वाला यह विशेष सत्र सिर्फ विधायी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सीधी राजनीतिक टकराहट का मंच भी बनेगा, जहां दोनों पक्ष महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जनता के सामने अपनी-अपनी रणनीति और संदेश रखने की कोशिश करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 13:24:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>कांग्रेस का केंद्र पर हमला: महिला आरक्षण के नाम पर बहा रहे हैं घड़ियाली आंसू, सुप्रिया श्रीनेत ने कहा-सरकार महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहती</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र पर महिला आरक्षण रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परिसीमन का 'षड्यंत्र' विफल होने पर सरकार घड़ियाली आंसू बहा रही है। कांग्रेस ने मांग की कि मौजूदा 543 सीटों पर ही 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को उनका वास्तविक संवैधानिक अधिकार मिल सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacks-the-centre-crocodile-tears-are-being-shed-in/article-151002"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/supriya.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि केंद्र सरकार हमेशा महिलाओं को आरक्षण देने के खिलाफ रही है और यही वजह है कि इस बार उसने महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन लाने का षड्यंत्र किया, जिसके कारण संसद में पेश संविधान संशोधन विधेयक गिर गया और केंद्र को मुंह की खानी पड़ी। पार्टी ने कहा कि केंद्र शुरू से ही महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती है। यह हमेशा महिला आरक्षण के विरुद्ध रही है और यही कारण था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी 1990 में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लेकर आए थे, तो केंद्र ने इसका विरोध किया था, जिसके कारण वह विधेयक संसद में पारित नहीं हो सका था।</p>
<p>कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को यहां पार्टी मुख्यालय पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार डरी हुई हैं, इसलिए उन्होंने राष्ट्र के नाम शनिवार को 29 मिनट के संबोधन में 58 बार, यानी लगभग हर 30 सेकंड में कांग्रेस का नाम लिया। इससे साफ है कि महिला आरक्षण की आड़ में केंद्र परिसीमन के अपने कथित षड्यंत्र के विफल होने के कारण देश के नाम संबोधन के दौरान घड़ियाली आंसू बहा रहे थे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक गिरने पर दुखी होने की बजाय 543 लोकसभा सीटों के आधार पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए और कांग्रेस इस व्यवस्था का पूरी तरह समर्थन करेगी। उनका कहना था कि मौजूदा 543 सीटों में से 181 सीटें महिलाओं को दे दीजिए और इसमें रोड़ा मत बनिए। कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र पर महिलाओं के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि देश में जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, वहां केंद्र सरकार कुछ नहीं बोलती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी के लिए 'कांग्रेस की विधवा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर महिलाओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की बात करने वाली केंद्र सरकार को यह याद रखना चाहिए कि जब राजीव गांधी के शासनकाल में महिला आरक्षण विधेयक लाया गया था, तब उन्होंने ने इसके खिलाफ मतदान किया था।</p>
<p>कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। पार्टी के अनुसार, ऐसे मामलों की संख्या 4 लाख से अधिक हो गई है और दुष्कर्म के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के 1600 से अधिक विधायकों में केवल 167 महिलाएं हैं। देश के कई राज्यों में केंद्र की सरकार होने के बावजूद केवल एक राज्य में ही महिला मुख्यमंत्री है। पार्टी का कहना है कि इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील नहीं है और यही कारण है कि उसे संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने में संसद में असफलता का सामना करना पड़ा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 18:10:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>महिला आरक्षण बिल गिरने पर विपक्ष ने जश्न मनाकर महिलाओं का अपमान किया: सावित्री ठाकुर </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने महिला आरक्षण बिल न पचने पर विपक्ष के जश्न को स्वर्ण अवसर खोना और महिलाओं का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण ऐतिहासिक विधेयक को रोका। मंत्री ने स्पष्ट किया कि परिसीमन महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए आवश्यक है और देश की नारी शक्ति इसका करारा जवाब देगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/savitri-thakur-opposition-insulted-women-by-celebrating-when-womens-reservation/article-151018"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)23.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि महिला आरक्षण से जुड़ा यह विधेयक पारित हो जाता, तो यह वर्ष इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता। उन्होंने कहा कि 2023 में विपक्ष ने चुनावी मजबूरी के कारण इसका समर्थन किया, लेकिन बाद में अपने राजनीतिक हितों के चलते इसका विरोध किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को हर योजना के केंद्र में रखा है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। इस बिल से महिलाओं में एक नई उम्मीद जगी थी कि उन्हें राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। सावित्री ठाकुर ने कहा कि विपक्षी दलों को यह डर था कि इससे उनके राजनीतिक समीकरण प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने स्पष्ट किया था कि किसी भी राज्य के हितों को नुकसान नहीं होगा, इसके बावजूद भ्रम फैलाया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जब यह बिल पारित नहीं हो सका, तो देशभर की महिलाओं में निराशा फैल गई, जबकि विपक्ष ने जश्न मनाया, जो महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि देश की महिला शक्ति इसका जवाब अवश्य देगी। उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती जनसंख्या के मद्देनजर परिसीमन आवश्यक है, जिससे महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:50:37 +0530</pubDate>
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                <title>सम्राट चौधरी का कांग्रेस पर हमला : संसद में महिला आरक्षण पर विपक्ष का रवैया देश की आधी आबादी का अपमान, विपक्ष को सुनाई खरी खोटी</title>
                                    <description><![CDATA[बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिला आरक्षण बिल गिरने पर विपक्ष के जश्न को 'शर्मनाक' बताया। उन्होंने कांग्रेस और सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि ये दल केवल अपने घर की महिलाओं को सत्ता में देखना चाहते हैं। चौधरी ने इसे देश की आधी आबादी के साथ धोखा और लोकतंत्र का काला दिन करार दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/samrat-chaudharys-attack-on-congress-oppositions-attitude-on-womens-reservation/article-151005"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/samrat-choudhary.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लोकसभा में पारित नहीं होने के बाद विपक्ष खुशियाँ मना रहा है, जो सही मायने में देश की आधी आबादी का अपमान है। मुख्यमंत्री चौधरी ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की महिला नेताओं के साथ आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति के साथ धोखा हुआ। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में यह शर्मनाक घटना थी, जब महिलाओं के अपमान पर कांग्रेस, द्रविण मुनेत्र कड़गम (डीएमके), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) तथा समाजवादी पार्टी(सपा) जैसे दल खुशियाँ मना रहे है। उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, काफी समय पहले लालू प्रसाद भी बिल फाड़ते नजर आये थे।</p>
<p>सम्राट चौधरी ने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध वह पार्टियाँ कर रही हैं, जो चाहती हैं कि उनके घर की महिलाएं और बेटियां सांसद तथा विधायक बनें, लेकिन किसी गरीब की बेटी को यह उपलब्धि हासिल नहीं हों। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी को अपनी बहन की चिंता है, लेकिन देश की दूसरी बेटियों के बारे में वह नहीं सोचते हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को अपनी पत्नी की चिंता है, लेकिन उत्तरप्रदेश से 40 महिला सांसद चुन कर लोकसभा में जाएँ, यह बात उन्हें मंजूर नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:32:43 +0530</pubDate>
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