<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/dussehra-maidan/tag-31362" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>dussehra maidan - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/31362/rss</link>
                <description>dussehra maidan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>फेज दो की प्लानिंग फैल, झूले ही लगे, निगम ने दिल्ली की इवेंट कम्पनी को दिया था नव उत्सव बाजार का टेंडर</title>
                                    <description><![CDATA[दशहरा मैदान फेज दो में अस्थायी दुकानें हटते ही शुक्रवार को न केवल झूले लगना शुरु हुए वरन् कई तो लग भी चुके है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/phase-2-planning-failed--with-only-swings-installed--the-corporation-had-awarded-the-tender-for-the-nav-utsav-bazaar-to-a-delhi-based-event-company/article-129761"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(6)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। दशहरा मेला समाप्त होने में कुछ ही समय शेष है। ऐसे में दशहरा मैदान के फेज दो में नव उत्सव बाजार तो शुरु हो नहीं हो सका उससे पहले ही दिल्ली की इवेंट कम्पनी द्वारा लगाई गई अस्थायी दुकानों को भी हटा दिया गया। अब उनकी जगह पर झुले लग रहे हैं। नगर निगम की ओर से दशहरा मैदान फेज दो को विकसित करने के लिए दिल्ली की इवेंट कम्पनी को 64 लाख रुपए में टेंडर दिया गया था। साथ ही जीएसटी अलग से थी। इसके तहत कम्पनी को ही यहां 250 से 300 दुकानें लानी थी। जिनमें टॉय पैवेलियन से लेकर देशभर के अलग-अलग रा’यों के प्रसद्धि खाद्य पदार्थ व अन्य उत्पाद यहां लाने थे। कम्पनी ने यहां नव उत्सव  मार्केट के लिए स्वागत द्वार से लेकर टेंट सिटी की तरह डेढ़ सौ से दो सो अस्थायी दुकानें बना दी थी। लेकिन कई दिन तक उन दुकानों का आवंटन ही नहीं हो सका। खाली पड़ी दुकानों को आखिरकार कम्पनी को समेटना ही पड़ा। लोगों का कहना है कि जिस तरह से निगम प्रशासन व मेला समिति ने दावा किया था। उसे देखते हुए यहां लोग मर्केट देखने के लिए लेकिन वहां तो कुछ भी नहीं होने से निराश होकर लौट गए। अब हालत यह है कि दशहरा मैदान फेज दो में सर्कस के सामने की तरफ शुक्रवार को झूले लगना शुरु हो गए। यहां छोटे-बड़े और ट्रेन समयत कई तरह के झूले लग भी चुके है और कई लगने की तैयारी में है। जिससे इसे अब प्ले जोन के नाम से विकसित किया जा रहा है। </p>
<p><strong>किसी को जानकारी ही नहीं</strong><br />दशहरा मैदान फेज दो में अस्थायी दुकानें हटते ही शुक्रवार को न केवल झूले लगना शुरु हुए वरन् कई तो लग भी चुके है। नगर निगम प्रशासन की नाक के नीचे यह सब हो रहा है। उसके बाद भी अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं है। जब निगम अधिकारियों से इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्हें यहां झूले लगने की कोई जानकारी नहीं है। राजस्व अनुभाग से लेकर अतिरिक्त मेला अधिकारी तक ने इस बारे में अनभिक्षता जाहिर की। हालांकि मेला समिति अध्यक्ष विवेक राजवंशी का कहना है कि उन्हें इसकी अधिक जानकारी नहीं है। लेकिन संभावना है कि फेज दो में नव उत्सव के तहत यहां दुकानों के साथ ही झूले भी लगने थे। उसी के तहत लग रहे होंगे। अधिकारियों से इस बारे में जानकारी करेंगे। </p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि फेज दो में नव उत्सव के तहत मार्केट विकसित नहीं होने के संबंध में दैनिक नव’योति ने पहले ही समाचार प्रकाशित किया थो। समाचार पत्र में 6 अक्टूबर को पेज 7 पर‘ फेज दो में ना टॉय पैवेलियन बना और न ही फूड जोन आया’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें फेज दो में खाली दुकानें और उन दुकानों के शुरु हो नहीं होने की हकीकत को बयां किया था। यहां दुकानें शुरु नहीं होने पर नगर निगम की ओर से इवेंट कम्पनी को नोटिस दिया गयाो। नोटिस मिलने के बाद कम्पनी ने दुकानें ही समेट ली। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />दशहरा मैदान फेज दो को नव उत्सव के तहत विकासित करने के लिए दिल्ली की इवेंट कम्पनी को सशर्त टेंडर दिया गया था। जिसमें उसे 250 से 300 दुकानें लानी थी। उन दुकानों को पगोड़ा के रूप में लगाना था। उन दुकानों से निगम को जो आय होती उसमें से निगम को अपनी हिस्सा राशि निकालने के बाद कम्पनी को भुगतान करना था। लेकिन जब कोई दुकान लगी ही नहीं और निगम को उससे कोई आय भी नहीं हुई तो कम्पनी को भुगतना करने का सवाल ही नहीं है। निगम ने कम्पनी को एक रुपए का भी भुगतान नहीं किया है। <br /><strong>- महेश गोयल, अतिरिक्त मेला अधिकारी नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/phase-2-planning-failed--with-only-swings-installed--the-corporation-had-awarded-the-tender-for-the-nav-utsav-bazaar-to-a-delhi-based-event-company/article-129761</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/phase-2-planning-failed--with-only-swings-installed--the-corporation-had-awarded-the-tender-for-the-nav-utsav-bazaar-to-a-delhi-based-event-company/article-129761</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 16:25:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/y-of-news-%286%294.png"                         length="500128"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्मार्ट सिटी: सरकारी सम्पति पर जमाया अपना अधिकार</title>
                                    <description><![CDATA[निगम अधिकारियों का कहना है कि दशहरा मैदान में विजयश्री रंगमंच के सामने की कच्ची जगह को पक्का करने की योजना है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/smart-city--established-their-right-on-government-property/article-87636"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/4111u1rer24.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एक तरफ तो करोड़ों रुपए खर्च कर दशहरा मैदान को  नया स्वरूप देने का प्रयास किया गया है। वहीं मेले में आने वाले कई दुकानदारों ने उस सरकारी सम्पति  पर ही अपना अधिकार समझते हुए मैदान की दीवारों पर अपने नाम लिख दिए। जिससे मैदान की दुर्दशा झलक रही है। दशहरा मेले को भव्यता प्रदान करने व उसमें होने वाले कार्यक्रमों को तय करने के लिए मेला समिति का गठन किया गया है। समिति सभी के सहयोग से कार्यक्रमों को अंतिम रूप देती है। वहीं निगम के राजस्व अनुभाग की ओर से दुकानदारों को दुकानों का आवंटन किया जाता है। जिसके लिए मेला समिति द्वारा तय की गई राशि दुकानदारों व व्यापारियों से लीे जाती है। कई दुकानें बरसों से एक ही व्यापारी को आवंटत की जा रही है जिससे उसका कब्जा बना हुआ है। जबकि कई दुकानदारों व व्यापारियों की मौत हो चुकी है। उनके नाम से वे दुकानें लेकर अन्य लोगों को महंगे दामों पर बेच देते हैं। इससे निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं कई ऐसे दुकानदार हैं जिन्होंने मैदान की दीवार पर ही अपने नाम लिख दिए हैं। जिससे उस जगह पर उनका स्थायी कब्जा हो गया है। उस जगह पर हर बार वे ही दुकानें लगाते हैं। किसी अन्य को उस जगह पर दुकानें नहीं लगाने देते। </p>
<p><strong>जन सुविधाओं के पास अधिक खराब स्थिति</strong><br />दशहरा मैदान में दीवारों पर नाम लिखकर उसकी स्थिति बिगाड़ने वाले सबसे अधिक स्थान विजयश्री रंगमंच के सामने जन सुधिवाओं के पास की है। यहां जगह-जगह पर लोगों ने अपने नाम लिखे हैं। राजा गुर्जर, द्रोपदी,अब्दुल रहमान, मेनका व असलम समेत कई ऐसे नाम हैं जो दीवारों पर देखे जा सकते हैं। इसी तरह के कई अन्य नाम भी जगह - जगह पर लिखे हुए हैं। जिससे पूरी दीवारों की दशा ही खराब कर रखी है।</p>
<p><strong>कच्ची जगहों पर भी यही हाल</strong><br />जिस तरह से कई दुकानदारों ने दीवारों पर अपने नाम लिखकर कब्जा जमा रखा है। उसी तरह से कई दुकानदारों व ठेले वालों ने कच्ची जगह पर अपना स्थायी ठोर जमा लिया है। वे हर बार उसी जगह पर अपने ठेले लगाते हैं। किसी ओर के वहां आने पर उन्हें हटा देते हैं। कई ठेले वाले तो चलते-फिरते रहते हैं। जबकि कई ठेले वाले विशेष रूप से चाट-पकौड़ी वालों ने कच्ची जगह पर अपना कब्जा जमा रखा है। हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि दशहरा मैदान में विजयश्री रंगमंच के सामने की कच्ची जगह को पक्का करने की योजना है। जिससे उस जगह पर किसी का कब्जा नहीं रहेगा।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />दशहरा मैदान सरकारी सम्पति है। उसकी दीवारों पर इस तरह से कोई भी नाम नहीं लिख सकता। यदि किसी ने लिखा है तो गलत है। उन सभी नामों को मिटाया जाएगा। साथ ही यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं पूरे मैदान में दुकानों का नए सिरे से नक् शा तैयार किया जा रहा है। जिससे किसी की भी मोनोपोली नहीं चलने दी जाएगी। <br /><strong>- विवेक राजवंशी, अध्यक्ष दशहरा मेला व अन्य उत्सव आयोजन समिति</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/smart-city--established-their-right-on-government-property/article-87636</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/smart-city--established-their-right-on-government-property/article-87636</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 17:08:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/4111u1rer24.png"                         length="605536"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा में शिव महापुराण कथा 1 अक्टूबर से </title>
                                    <description><![CDATA[कथा में करीब एक लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना को देखते हुए दशहरे मैदान स्थित विजयश्री रंगमंच व मैदान के आसपास 3 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में बैठने की व्यवस्था की गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/shiv-mahapuran-katha-in-kota-from-october-1/article-58210"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/size-17.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक  पं.प्रदीप मिश्रा ,सीहोर वाले 1 से 5 अक्टूबर तक कोटा में शिव पुराण कथा का वाचन करेंगे। आयोजन समिति के सदस्य व कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा 30 सितंबर को दोपहर बाद विशेष विमान से कोटा पहुंचेंगे इसके बाद दोपहर 4:00 बजे श्रीनाथपुरम स्थित स्टेडियम से महिलाओं की विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी। कलश यात्रा स्टेडियम से रवाना होकर तीन बत्ती चौराहा होते हुए दादाबाड़ी छोटा चौराहा, बड़ा चौराहा होकर दशहरा मैदान पहुंचेगी। यहां 1  से 5 अक्टूबर तक दोपहर 2:00 से 5:00 बजे तक कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा शिवपुराण कथा का वाचन करेंगे। कथा में करीब एक लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना को देखते हुए दशहरे मैदान स्थित विजयश्री रंगमंच व मैदान के आसपास 3 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में बैठने की व्यवस्था की गई है। </p>
<p>शर्मा ने बताया कि भक्तों की अधिक संख्या को देखते हुए पशु मेला स्थल व आसपास के क्षेत्र समेत पूरे शहर में कई स्थानों पर एलईडी लगाकर भी लोगों को कथा का श्रवण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोजन की भव्यता को देखते हुए दशहरे मैदान में तैयारी की जा रही है। साथ ही विभिन्न समितियों का गठन किया गया है जिनमें पार्किंग, जल, भोजन व रहने की व्यवस्था प्रमुख रूप से हैं । उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में प्रशासन व पुलिस के साथ भी बैठक की जा चुकी है जिसमें व्यवस्थाओं में सहयोग व व्यवस्थाओं के संबंध में जाप्ता लगाने की बात की गई है। प्रशासन ने आयोजन में सहयोग का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया की कथा में किसी तरह का रुद्राक्ष बांटने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस संदर्भ में प्रदीप मिश्रा ने पूर्व में ही इनकार कर दिया है। विधायक संदीप शर्मा ने बताया कि आयोजन के लिए 15 सदस्य समिति का गठन किया गया है जो पूरी व्यवस्थाओं को अंजाम दे रहे हैं। कथा आयोजन के संबंध में पूछने पर उन्होंने कहा कि 29 सितंबर से श्राद्ध पक्ष शुरू हो जाएंगे और श्राद्ध पक्ष में पितृ दोष के लिए शिव पुराण कथा करना शुभ माना जाता है इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर इस कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर शिव पुराण कथा के पंपलेट का भी विमोचन किया गया। इस मौके पर पूर्व महापौर महेश विजय ,नगर निगम कोटा दक्षिण के नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी व समाजसेवी जीडी पटेल समेत कई अन्य सदस्य मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/shiv-mahapuran-katha-in-kota-from-october-1/article-58210</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/shiv-mahapuran-katha-in-kota-from-october-1/article-58210</guid>
                <pubDate>Wed, 27 Sep 2023 17:02:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/size-17.png"                         length="411234"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली की तर्ज पर तैयार किया दशहरा मैदान हो रहा अनदेखी का शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[मैदान में सफाई नहीं होने से चारों तरफ गंदगी का आलम छाया हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dussehra-ground-prepared-on-the-lines-of-delhi-is-becoming-a-victim-of-neglect/article-57984"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/delhi-ki-tarj-pr-tyyar-kiya-dusshera-medan-ho-rha-andekhi-ka-shikar...kota-news-25-09-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत जिस दशहरा मैदान को दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर विकसित किया गया वह हर बार अनदेखी का शिकार हो रहा है। हर साल उसकी मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। इस बार भी दशहरा मेले से पहले मैदान की मरम्मत पर करीब 70 लाख रुपए से अधिक का खर्चा किया जाएगा। नगर निगम की ओर से आयोजित होने वाला 130 वां राष्ट्रीय दशहरा मेला इस बार 15 अक्टूबर को नवरात्र स्थापना से शुरू हो जाएगा। हालांकि मेला पूरी तरह से दशहरे के दिन 24 अक्टूबर से परवान पर चढ़ता है। लेकिन उससे पहले ही वहां स्थानीय ही नहीं पूरे प्रदेश व देश के कई अन्य प्रदेशों से व्यापारी व दुकानदार आते हैं। मैदान में मेले से संबंधित तैयारियों की गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। लेकिन हालत यह है कि दशहरा मैदान अभी तक दुर्दशा का शिकार हो रहा है। दशहरा मैदान में अधिकतर नालियों के ढकान व क्रॉस टूटे हुए हैं। ढकान नालियों में गिरे पड़े हैं और क्रॉस टूटने से नालियां जाम हो रही है। मैदान में सफाई नहीं होने से चारों तरफ गंदगी का आलम छाया हुआ है। इतना ही नहीं कई दुकानों के अंदर के दीवारों से पत्थर उखड़े हुए हैं तो अधिकतर दुकानों के बाहर के पिलरों से पत्थर ही गायब हो गए। जिससे उन्हें दोबारा से सही करवाना पड़ेगा। </p>
<p><strong>बिजली के पैनल बॉक्स खराब</strong><br />दशहरा मैदान में कहने को तो हमेशा सुरक्षा गार्ड रहते हैं। लेकिन हालत यह है कि मेले के बाद उसकी सही ढंग से न तो देखभाल होती है और न ही रखरखाव। यही कारण है कि उसकी दुर्दशा हो रही है। यहां तक कि मैदान में लगे बिजली के पैनल बॉक्स तक से कॉपर व अन्य सामान चोरी हो गए हैं। जिससे उन्हें ठीक करने पर भी फिर से खर्चा करना पड़ेगा। नगर निगम की ओर से दशहरा मेले से पहले मैदान के मरम्मत कार्य पर करीब 70 लाख रुपए से अधिक का खर्चा किया जाएगा। जिसमें ईस्ट जोन में नया टॉयलेट ब्लॉक बनाने पर 9 लाख 35 हजार रुपए,मैदान के टॉयलेट ब्लॉक में क्षतिग्रस्त पाइप,शौचालय यूरीनल व प्याऊ मरम्मत पर 7 लाख से अधिक,मैदान परिसर में सभी क्रॉस व झूला स्थल पर आरसीसी ढकान के कार्य पर 16 लाख 30 हजार से अधिक का खर्चा किया जाएगा। मैदान के ईस्ट, वेस्ट व नॉर्थ जोन  में दुकानों के सहारे नाली निर्माण व नालियों के ढकान कार्य पर  करीब 7.50 लाख रुपए,मैदान के टॉयलेट ब्लॉक में आवश्यक मरम्मत व निर्माण कार्य पर 10 लाख से अधिक का खर्चा किया जाएगा। मैदान में सम्पूर्ण क्रॉस पर लोहे के जाल ढकान के कार्य पर 13 लाख 85 हजार से अधिक का खर्चा होगा। इसी तरह से मैदान में स्थित भवनों व दुकानों पर पुताई कार्य पर करीब 7 लाख रुपए का खर्चा किया जाएगा। </p>
<p><strong>नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे</strong><br />दशहरा मैदान में पूरे साल मॉनिटरिंग व सुरक्षा के लिए पिछले काफी समय से मैदान में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। इसके लिए बजट भी तैयार हो गया था। करीब 40 से अधिक कैमरे लगाए जाने थे। लेकिन वह योजना अभी तक साकार नहीं हो सकी है। जिससे हर साल मेले के अवसर पर एक महीने से लिए अस्थायी रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने पड़ रहे हैं। जिन पर हर बार लाखों रुपए का खर्चा करना पड़ रहा है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />दशहरा मैदान में नालियों के क्रॉस व अन्य मरम्मत कार्य किए जाने हैं। इसका निर्णय मेला समिति की पहली बैठक में ही हो गया था। जिसके टेंडर जारी कर दिए थे। अधिकतर टेंडर फाइनल हो चुके हैं। शीघ्र ही काम भी शुरू हो जाएंगे। जिससे मेले से पहले पूरा मैदान सही कर दिया जाएगा। मैदान में कई नए काम भी होने हैं। <br /><strong>- ए.क्यू कुरैशी, अधिशाषी अभियंता नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dussehra-ground-prepared-on-the-lines-of-delhi-is-becoming-a-victim-of-neglect/article-57984</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dussehra-ground-prepared-on-the-lines-of-delhi-is-becoming-a-victim-of-neglect/article-57984</guid>
                <pubDate>Mon, 25 Sep 2023 16:30:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/delhi-ki-tarj-pr-tyyar-kiya-dusshera-medan-ho-rha-andekhi-ka-shikar...kota-news-25-09-2023.jpg"                         length="855558"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब तीसरी आंख की नजर में रहेगा दशहरा मैदान</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम द्वारा दशहरा मैदान में लगाए जाने वाले सीसी टीवी कैमरे बेहतर क्वालिटी के होंगे। सभी कैमरे नाइट विजन वाले तो होंगे ही जिससे रात के समय होने वाली घटनाओं को भी सही ढंग से कैमरे में कैद किया जा सकेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dussehra-maidan-will-now-be-in-the-eyes-of-the-third-eye/article-37796"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/ab-teesari-aankh-ki-nazar-mei-rahega-dussehra-maidan..kota-news-20.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में आए दिन हो रही घटनाओं व वारदातों के खुलासे में जिस तरह से सीसीटीवी कैमरे  पुलिस के लिए सहायक साबित हो रहे हैं। उसे देखते हुए अब दशहरा मैदान भी तीसरी आंख(सीसीटीवी कैमरों) की नजर में रहेगा। दशहरा मैदान में भी नगर निगम की ओर से करीब 50 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। इसके लिए निगम द्वारा निजी कम्पनी के माध्यम से सर्वे करावा लिया गया है। सर्वे के अनुसार दशहरा मैदान के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर अंतिम छोर तक और मैदान के बीच से लेकर चारों तरफ की पैरा-फेरी रोड के अंदर व बाहर तक का क्षेत्र कवर किया जाएगा। </p>
<p><strong>दशहरा मैदान में होने वाली चोरियों पर रखेंगे निगाह</strong><br />दशहरा मैदान काफी बड़ा होने से उस पूरे मैदान पर सुरक्षा गार्डों द्वारा निगाह नहीं रखी जा सकती।  अधिकतर समय सुरक्षा गार्ड मुख्य द्वार पर ही तैनात रहते हैं। जिसका फायदा उठाकर नशेड़ी व चोर मैदान में चोरियां कर रहे हैं। बिजली के पैनल बॉक्स के ढक्कन और तार समेत काफी सामान मैदान से चोरी हो गया है। रैलिंग के एंगल व लोहे के सामान तक गायब हो गए हैं। ऐसे में अब सीसीटीवी लगने से चोरी करने वाले पकड़ में आ सकेंगे। हालांकि नगर निगम भवन में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं लेकिन उससे दशहरा मैदान कवर नहीं हो रहा है। </p>
<p><strong>मेले के दौरान अस्थायी कैमरे लगते थे</strong><br />स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 80 करोड़ रुपए की लागत से दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर दशहरा मैदान का विकास तो किया गया। लेकिन इसमें सीसीटीवी कैमरे स्थायी रूप से नहीं लगाए गए। दशहरा मेले के दौरान आयोजन के समय अस्थायी रूप से आवश्यकता अनुसार तो हर बार सीसीटीवी कैमरे लगते रहे हैं लेकिन अब मैदान में स्थायी रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। जिसका काम निगम के स्तर पर शुरू कर दिया गया है। </p>
<p><strong>नाइट विजन व घूमने वाले कैमरे भी</strong><br />नगर निगम द्वारा दशहरा मैदान में लगाए जाने वाले सीसी टीवी कैमरे बेहतर क्वालिटी के होंगे। सभी कैमरे नाइट विजन वाले तो होंगे ही जिससे रात के समय होने वाली घटनाओं को भी सही ढंग से कैमरे में कैद किया जा सकेगा। वहीं करीब एक चौथाई कैमरे घूमने वाले होंगे। जिससे वे पूरे मैदान में किसी भी एंगल में घूमकर निगाह रख सकेंगे। </p>
<p><strong>तत्कालीन आयुक्त  ने दिए थे निर्देश</strong><br />दशहरा मैदान में लगातार हो रही चोरियों को देखते हुए नगर निगम कोटा दक्षिण के तत्कालीन आयुक्त राजपाल सिंह ने मैदान में स्थायी रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए थे। उसके बाद से ही निगम अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी थी। जानकारी के अनुसार हाल ही में महापौर ने भी इस संबंध में आयुक्त को यू ओ नोट लिखा था। </p>
<p><strong>करीब 40 लाख रुपए का होगा खर्चा</strong><br />सूत्रों के अनुसार दशहरा मैदान में 50 सीसीटीवी लगाने पर करीब 40 लाख रुपए का खर्चा होने का अनुमान है। जिसमें कैमरे व पोल से लेकर कंट्रोल रूम तक शामिल हैं। कैमरों की कंट्रोलिंग दशहरा मैदान में गार्ड रूम और निगम कार्यालय में आयुक्त कक्ष में की जा सकती है।  हालांकि निगम ने पहले की तुलना में मैदान में सुरक्षा गार्ड बढ़ाने के साथ ही गार्डों को तीन शिफ्ट में और मैदान के सभी हिस्सों में तैनात रहने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />दशहरा मैदान में वैसे तो सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। लेकिन उसके बाद भी मैदान से आए दिन चोरियां होने की घटनाएं हो रही हैं। इसे देखते हुए उन घटनाओं पर निगाह रखने के लिए मैदान में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। जिस पर काम किया जा रहा है। <br /><strong>-राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dussehra-maidan-will-now-be-in-the-eyes-of-the-third-eye/article-37796</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dussehra-maidan-will-now-be-in-the-eyes-of-the-third-eye/article-37796</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Feb 2023 15:07:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-02/ab-teesari-aankh-ki-nazar-mei-rahega-dussehra-maidan..kota-news-20.2.2023.jpg"                         length="442032"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चोर व नशेड़ियों में न करंट का डर न पुलिस का </title>
                                    <description><![CDATA[अधिकारियों की अनदेखी के चलते  लगातार पैनल बॉक्स से चोरियां हो रही हैं।  वह भी सबसे अधिक किशोरपुरा थाने के सामने व तुलसी माता मंदिर के आस-पास के पैनल बॉक्स से अधिक चोरी हुई है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/thieves-and-drug-addicts-are-neither-afraid-of-electrocution-nor-of-the-police/article-35012"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/chor-va-nashediyo-mei-na-current-ka-dar-na-police-ka..kota-news..16.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। चोर और नशा करने वालों में न तो बिजली के करंट का डर है और न ही पुलिस का। यही कारण है कि किशोरपुरा थाने के सामने दशहरा मैदान में बिजली के पैनल बॉक्स से लगातार चोरियां हो रही हैं। लेकिन निगम की ओर से अभी तक थाने में इसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं करवाई गई है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 80 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से दशहरा मैदान की दशा बदली गई। इसे दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर बनाने का प्रयास किया गया। मैदान में हर साल दशहरा मेला भरता है। जहां लाखों लोग एक महीने तक आते हैं। उसके अलावा भी यहां लगातार कार्यक्रम किए जाने लगे हैं। कार्यक्रमों के दौरान तो यहां भीडभाड़ रहने से चोरों की हिम्मत नहीं होती। लेकिन मैदान खाली रहने पर चोरों की पौ बारह हो जाती है। अधिकारियों की अनदेखी के चलते  लगातार पैनल बॉक्स से चोरियां हो रही हैं।  वह भी सबसे अधिक किशोरपुरा थाने के सामने व तुलसी माता मंदिर के आस-पास के पैनल बॉक्स से अधिक चोरी हुई है। </p>
<p>जानकारी के अनुसार दशहरा मैदान में करीब 100 से अधिक पैनल बॉक्स लगे हुए हैं। जिनमें से 20 फीसदी पैनल बॉक्स थाने के सामने व तुलसी माता मंदिर के पास हैं। जिनमें से शुरुआत में तो उनके ढक्कन चोरी हुए थे। लेकिन अब उनकी एमसीबी और एल्यूमीनियम व कॉपर के बस बार तक चोरी हो गए हैं। जानकारों के अनुसार यह काम नशा करने वाले व चोरों का है। जो नशा करने के लिए चोरियां कर रहे हैं। कॉपर व एल्यूमीनियम आसानी से बिक भी जाते हैं। </p>
<p><strong>गार्ड भी मेन गेट के पास</strong><br />दशहरा मैदान में नगर निगम की ओर से सुरक्षा गार्ड भी लगाए हुए हैं। लेकिन गार्ड तीन ही होने व एक ह समय होने से वे अधिकतर मुख्य द्वार के पास ही रहते हैं। जिससे पीछे की तरफ गार्ड नहीं होने से वहां चोरियां अधिक हो रही है।</p>
<p><strong>रिपोर्ट अतिरिक्त आयुक्त के पास </strong><br />सूत्रों के अनुसार दशहरा मैदान से पैनल बॉक्स की एमसीबी चोरी के संबंध में पूरी रिपोर्ट तैयार होकर अतिरिक्त आयुक्त  अम्बालाल मीणा के पास भेजी हुई है। लेकिन उनके प्रशिक्षण में जाने के बाद अभी तक थाने में रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। जिससे थाना सामने होने के बाद भी पुलिस कर्मी उस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। </p>
<p><strong>सीटीटीवी तक नहीं</strong><br />मैदान इतना बड़ा है लेकिन वहां एक भी सीसी टीवी कैमरा लगा हुआ नहीं है। दशहरा मेला के दौरान तो मैदान व उसके आस-पास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मेला समाप्त होने के बाद कैमरे भी हटा दिए गए। जिससे चोरों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। मेला समाप्त होने के बाद से लगातार चोरयां हो रही हैं लेकिन अभी तक भी निगम अधिकािरयों ने न तो थाने में रिपोर्ट दी है। और न ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />दशहरा मैदान से पैनल बॉक्स में चोरी की रिपोर्ट करवाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। मैदान में सुरक्षा गार्डों की संख्या 3 से बढ़ाकर 9 कर दी गई है। ये गार्ड एक समय में तीन-तीन रहेंगे। जिन्हें तीन पारियों में लगाया गया है। एक गार्ड थाने के सामने, एक तुलसी माता मंदिर की तरफ और तीसरा मेन गेट पर रहेगा। साथ ही मैदान में शीघ्र ही सीसी टीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। <br /><strong>- राजपाल सिंह, आयुक्त, नगर निगम कोटा दक्षिण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/thieves-and-drug-addicts-are-neither-afraid-of-electrocution-nor-of-the-police/article-35012</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/thieves-and-drug-addicts-are-neither-afraid-of-electrocution-nor-of-the-police/article-35012</guid>
                <pubDate>Mon, 16 Jan 2023 15:24:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-01/chor-va-nashediyo-mei-na-current-ka-dar-na-police-ka..kota-news..16.1.2023.jpg"                         length="232601"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब तीसरी आंख की जद में रहेगा दशहरा मैदान</title>
                                    <description><![CDATA[दशहरा मैदान की दुर्दशा के मुददे को दैनिक नवज्योति ने उठाया था। समाचार पत्र में 28 दिसम्बर को पेज तीन पर ‘फिर लगे गंदगी के ढेर, रैलिंग तोड़ी, होने लगी टूटफूट’ शीर्षक से समाचार भी प्रकाशित किया था। जिसमें दशहरा मैदान के बाद वहां सीसीटीवी कैमरे व गार्ड नहीं होने से भी इस तरह की घटनाएं होने की आशंका जताई थी। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dussehra-maidan-will-now-be-in-the-control-of-the-third-eye/article-34021"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/ab-teesari-aakh-ki-zad-mei-rahega-dussehra-maidan..kota-news..3.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत निर्मित दशहरा मैदान अब तीसरी आंख की जद में रहेगा। मैदान की सुरक्षा के लिए यहां सीसीटीवी लगाने के साथ ही सुरक्षा गार्ड बढ़ाए जाएंगे। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 80 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से दशहरा मैदान को प्रगति मैदान की तर्ज पर विकसित किया गया था।  इस मैदान में वैसे तो साल में एक बार दशहरा मेले का ही आयोजन होता है। उसके अलावा अधिकतर समय यह खाली ही रहता है। मैदान में मेले के दौरान तो सुरक्षा की दृष्टि से नगर निगम द्वारा मैदान में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं। लेकिन उसके बाद मैदान को भगवान भरोसे ही छोड़ दिया जाता है। ऐसी ही इस बार मेला समाप्त होने के बाद भी हुआ। मेला खत्म होने के बाद  मैदान से सीसीटीवी कैमरे भी हटा दिए गए। साथ ही जो गार्ड हैं वे भी नगर निगम कार्यालय के पास स्थित दशहरा मैदान के गेट पर ही रहते हैं। जिससे यहां से प्रवेश करने वालों से तो गार्ड पूछताछ भी करते हैं और अनावश्यक लोगों को मैदान में जाने से रोकते भी हैं। जबकि मैदान  के पिछले हिस्से से लेकर अन्य गेटों पर न तो कोई गार्ड रहते हैं और न ही कैमरे। इसका फायदा नशा करने वाले व चोर उठा रहे हैं। हालत यह है कि मैदान से आए दिन सामान, रैलिंग, बिजली की डीपी के ढक्कन समेत काफी सामान चोरी हो गया है। यह चोरी अधिकतर किशोरपुरा थाने के सामने की तरफ व किशोरपुरा साइड से अधिक हो रही है। यहां से रात के अंधेरे का फायदा उठाकर लोग अंदर घुसते हैं और सामान चोरी कर ले जा रहे हैं। इस बारे मं कई बार तो निगम अधिकारियों को भनक तक नहीं लग पाती है। हालांकि इस बार हुई चोरी के बार में अधिकारियों को जानकारी मिली है। इसे देखते हुए अब नगर निगम द्वारा दशहरा मैदान में चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षा गार्डों को बढ़ाने की भी योजना है। जिससे मैदान की सुरक्षा की जा सके। साथ ही चोरी होने की स्थिति में सीसीटीवी फुटेज कारगर साबित हो सकेंगे। </p>
<p><strong>होने लगे हैं आयोजन</strong><br />दशहरा मैदान में अब दशहरा मैदान के अलावा भी साल में आए दिन आयोजन होने लगे हैं। कभी समाजों के कार्यक्रम हो रहे हैं तो कभी अन्य छोटे-छेटे मेले लगाए जा रहे हैं। साथ ही कई अन्य आयोजन होने से लोगों का आवामन रहता ही है। ऐसे में बार-बार मैदान में खर्चा करना पड़ रहा है। नगर निगम ने दशहरा मेले के आयोजन से पहले ही मैदान में लाखों रुपए खर्चा कर टूटफूट को सही कराया था। लेकिन देखेख के अभाव में फिर से मैदान की दुर्दशा होने लगी है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />गौरतलब है कि दशहरा मैदान की दुर्दशा के मुददे को दैनिक नवज्योति ने उठाया था। समाचार पत्र में 28 दिसम्बर को पेज तीन पर ‘फिर लगे गंदगी के ढेर, रैलिंग तोड़ी, होने लगी टूटफूट’ शीर्षक से समाचार भी प्रकाशित किया था। जिसमें दशहरा मैदान के बाद वहां सीसीटीवी कैमरे व गार्ड नहीं होने से भी इस तरह की घटनाएं होने की आशंका जताई थी। जिसके बाद नगर निगम के अधिकारी हरकत में आए और उन्होंने पूरे साल मैदान की सुरक्षा के लिए कैमरे लगाने व गार्ड बढ़ाने का निर्णय किया है।  </p>
<p><strong>कैमरे भी लगाए जाएंगे, गार्ड होंगे दोगुने</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के आयुक्त राजपाल सिंह ने बताया कि दशहरा मैदान की सुरक्षा के लिए अभी जितने सुरक्षा गार्ड लगे हुए हैं उनकी संख्या दोगुनी की जाएगी। जिससे वे पूरे मैदान में थूम सकें। साथ ही उन्हें तीन अलग-अलग-शिफ्टों में लगाया जाएगा। जिससे 24 घंटे मैदान की सुरक्षा हो सकेगी। साथ ही मैदान में स्थायी तौर पर सीसी टीवी कैमरे लगाने की भी योजना है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर उसे शीघ्र ही मूर्त रूप दिया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dussehra-maidan-will-now-be-in-the-control-of-the-third-eye/article-34021</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dussehra-maidan-will-now-be-in-the-control-of-the-third-eye/article-34021</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Jan 2023 16:01:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-01/ab-teesari-aakh-ki-zad-mei-rahega-dussehra-maidan..kota-news..3.1.2023.jpg"                         length="254360"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दशहरे मैदान हुआ खाली, वाहनों को किया पुराने पशु मेला स्थल पर शिफ्ट </title>
                                    <description><![CDATA[करीब 2 साल से दशहरे मैदान में लगा नगर निगम के वाहनों का अंबार पूरी तरह से हट चुका है । मैदान खाली कर वाहनों को पुराने पशु मेला स्थल पर शिफ्ट कर दिया गया है । 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dussehra-maidan-shifted-empty-vehicles-to-the-old-cattle-fair-site/article-21013"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/dussehra-maidan-hua-khali...kota-news-30.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। करीब 2 साल से दशहरे मैदान में लगा नगर निगम के वाहनों का अंबार पूरी तरह से हट चुका है। मैदान खाली कर वाहनों को पुराने पशु मेला स्थल पर शिफ्ट कर दिया गया है। कोरोना काल के 2 साल बाद पहली बार दशहरे मेले का आयोजन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के संयुक्त तत्वाधान में मेला 26 सितंबर से शुरू होगा 5 अक्टूबर को रावण दहन किया जाएगा। दशहरे मैदान में अभी तक नगर निगम के छोटे-बड़े करीब 300 से अधिक वाहन खड़े हुए थे। जिससे मैदान में मेला आयोजन को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। नगर निगम मेला समिति और अधिकारियों की बैठक में दशहरे मैदान से वाहनों को हटाने का निर्णय किया गया था।<br /><br />नगर निगम के गैराज प्रभारी अधिशासी अभियंता प्रकाश शर्मा ने बताया कि पिछले 4 दिन से वाहनों को हटाने का काम किया जा रहा था जिसे मंगलवार को पूरा कर लिया गया है। छोटे-बड़े करीब 300 वाहन हैं जिन्हें दशहरे मैदान से हटाकर अंबेडकर भवन के पीछे पुराने पशु मेला स्थल पर रखा गया है। हालांकि दशहरे मैदान के चारों तरफ अभी भी अतिक्रमण हो रहा है। जिसे हटाने की जिम्मेदारी नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण के मुख्य अग्निशमन अधिकारी और पुलिस निरीक्षक को दी गई है। मैदान के चारों तरफ खानाबदोश लोगों ने टाबरिया बना रखी है। कबाड़ी ने अपना सामान रखा हुआ है और कई ठेले व दुकानदारों ने अतिक्रमण किया हुआ है। जिससे मेले के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश दास ने बताया कि कुछ लोगों को हटा दिया गया है और कई को नोटिस दिए गए हैं। जिन्होंने 3 से 4 दिन का समय चाहा है वह स्वयं ही अतिक्रमण हटा लेंगे। यदि नहीं हटे तो निगम की ओर से उन्हें हटा दिया जाएगा। गौरतलब है कि 26 सितंबर से दशहरे मेले का आयोजन किया जाना है उस दिन दुर्गा पूजा है उसके साथ ही मेले की शुरूआत की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dussehra-maidan-shifted-empty-vehicles-to-the-old-cattle-fair-site/article-21013</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/dussehra-maidan-shifted-empty-vehicles-to-the-old-cattle-fair-site/article-21013</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Aug 2022 16:31:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-08/dussehra-maidan-hua-khali...kota-news-30.8.2022.jpg"                         length="213338"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेले से पहले दशहरा मैदान की सही होने लगी हालत </title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना काल के दो साल बाद राष्ट्रीय दशहरा मेला 2022 की शुरुआत अगले महीने होगी। उससे पहले नगर निगम ने दशहरा मैदान की दशा सुधारना शुरू कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-condition-of-dussehra-ground-started-improving-before-the-fair/article-20684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/pashu-mela-isthal-par-khade-tipar-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोरोना काल के दो साल बाद राष्ट्रीय दशहरा मेला 2022 की शुरुआत अगले महीने होगी। उससे पहले नगर निगम ने दशहरा मैदान की हालत सही होने लगी है। दशहरा मैदान में कोई जगह ऐसी नहीं थी जहां लोग काम में नहीं जुटे हुए हैं। खाली मैदान में उगी घास को मशीन से काटने का काम किया जा रहा था तो श्रीराम रंगमंच के पास की दुकानों में पुताई की जा रही थी। इतना ही नहीं मैदान में हो रही टूटफूट को ठीक करने का काम भी तेजी से किया जा रहा था। श्रीराम रंगमंच से लेकर विजयश्री रंगमंच तक पर पूरे मैदान में जहां देखो वहां काम ही काम हो रहा था। एक से दूसरे कोने तक हर जगह मैदान को सही करने का काम किया जा रहा था। </p>
<p>गौरतलब है कि 26 सितम्बर को दुर्गा पूजा के साथ ही दशहरा मेले की शुरुआत होनी है। उसमें एक महीने का भी समय नहीं बचा है। ऐसे में मेला शुरू होने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। लेकिन कोरोना काल के दो साल बाद मेला आयोजित होने से उसे भव्यता के साथ कराया जाना है। इसके लिए निगम अधिकारियों ने भी कमर कस ली है।  नगर निगम कोटा उत्तर के उपायुक्त व मेला अधिकारी गजेन्द्र सिंह ने बताया कि दो दिन पहले से मैदान में साफ सफाई का काम शुरू कर दिया है। अगले एक सप्ताह में पूरे मैदान को साफ करवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले महीने के दूसरे सप्ताह में मैदान में सेना का कार्यक्रम भी होना है। मेले के साथ ही उस कार्यक्रम से पहले पूरा मैदान साफ व तैयार हो जाएगा। </p>
<p><strong>वाहन होने लगे शिफ्ट, तीन दिन में देंगे रिपोर्ट</strong><br />नगर निगम द्वारा दशहरा मैदान से वाहनों को पुराने पशु मेला स्थल में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। अम्बेडकर भवन के पीछे वाली जगह को साफ करवाकर वहां बेरीकेडिंग कर वाहन खड़े किए जाने लगे हैं। हालांकि अभी टिपर ही खड़े हुए हैं। नगर निगम कोटा उत्तर के आयुक्त वासुदेव मालावत ने आदेश जारी किया है। जिसमें अधिशाषी अभियंता गैराज प्रकाश चंद शर्मा और गैराज प्रभारी कोटा उत्तर प्रखर गोयल व गैराज प्रभारी कोटा दक्षिण कपिल पालीवाल को जिम्मेदारी दी है। जिन्हें तीन दिन में सभी वाहनों को मैदान से हटाकर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही अतिक्रमण निरोधक दस्ते के पुलिस निरीक्षक महेन्द्र मीणा को वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। </p>
<p><strong>अतिक्रमण हटाने के दिए आयुक्त ने निर्देश</strong><br />वहीं आयुक्त ने एक अन्य आदेश जारी किया है। जिसमें दशहरा मैदान व आस-पास से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम कोटा दक्षिण के अतिक्रमण प्रभारी सहायक अभियंता हरीश सोलंकी, कोटा दक्षिण के सीएफओ दीपक राजौरा, कोटा उत्तर के सीएफओ राकेश व्यास व अतिक्रमण निरोधक दस्ते के पुलिस निरीक्षक महेन्द्र मीणा को इसकी जिम्मेदारी दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-condition-of-dussehra-ground-started-improving-before-the-fair/article-20684</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-condition-of-dussehra-ground-started-improving-before-the-fair/article-20684</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Aug 2022 16:01:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-08/pashu-mela-isthal-par-khade-tipar-copy.jpg"                         length="148513"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आग जनित घटना होने पर बचाव के नहीं हैं पुख्ता इंतजाम</title>
                                    <description><![CDATA[शहर की बहुमंजिला इमारतों, आवासीय व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में फायर उपकरणों की जांच कर एनओसी जारी करने वाले नगर निगम के दशहरा मैदान में ही आग से बचाव के पूरे इंतजाम नहीं हैं। यहां सीमित जगह पर ही फायर उपकरण लगे हुए हैं। जबकि दशहरा मेले के अवसर पर मैदान में लाखों की भीड़ जुटती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-are-no-adequate-arrangements-for-rescue-in-case-of-fire-incident/article-19965"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/aag-janit-ghatna-hone-par-bachaav-ke-nahi-intajaam..kota-news-22.8.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर की बहुमंजिला इमारतों, आवासीय व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में फायर उपकरणों की जांच कर एनओसी जारी करने वाले नगर निगम के दशहरा मैदान में ही आग से बचाव के पूरे इंतजाम नहीं हैं। यहां सीमित जगह पर ही फायर उपकरण लगे हुए हैं। जबकि दशहरा मेले के अवसर पर मैदान में लाखों की भीड़ जुटती है। कोरोना काल के दो साल बाद इस बार दशहरा मेले का आयोजन किया जा रहा है। नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण द्वारा संयुक्त रूप से मेले का आयोजन किया जाएगा। दो साल बाद मेला भरने से इस बार मेले में अधिक लोगों के आने की भी संभावना है। आमतौर पर रावण दहन, सिने संध्या और समापन के अवसर पर एक ही दिन में लाखों लोग एक साथ मैदान में रहते हैं। जबकि अन्य दिनों में भी यह संख्या हजारों में रहती है। नगर निगम कार्यालय के पास स्थित दशहरा मैदान में जहां हर साल मेले का आयोजन किया जाता है। वहां आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम तक नहीं हैं। कोटा दक्षिण महापौर ने उठाया था मुद्दा नगर निगम की मेला समिति की गत दिनों हुई बैठक में कोटा दक्षिण के महापौर व मेला समिति सदस्य राजीव अग्रवाल ने दशहरा मैदान में आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि मैदान के हिसाब से वहां आग से बचाव के जितने इंतजाम होने चाहए वे नहीं है। साथ ही जिस जगह पर फायर उपकरण व हाइडेंट लगे हुए हैं वे चौड़े रास्ते और सिर्फ सीमित स्थान पर ही लगे हुए हैं। जिससे पूरे मैदान को कवर नहीं किया जा सकता। इस पर उन्होंने सुझाव दिया कि मेले से पहले ही लाइन को बढ़ाया जाए। जिसे मैदान के आखिरी छोर तक पहुंचाया जाए। जिससे कभी भी जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके और किसी भी बड़े हादसे को टाला जा सके। इन स्थानों पर ही लगे फायर उपकरण स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 80 करोड़ की लागत से बने इस मैदान में श्रीराम रंगमंच और विजयश्री रंगमंच के आस-पास ही फायर हाइडेंट लगे हुए हैं। जिससे मैदान में आग जनित घटना होने पर एक सीमित स्थान तक ही आग बुझाई जा सकती है। जबकि मैदान में चाहे झूला मार्केट हो या खिलौना बाजार, वहां आग बुझाने के लिए किसी तरह के फायर उपकरण लगे हुए हैं। हालांकि दशहरा मेले के दौरान नगर निगम की ओर से मैदान में दमकलों की व्यवस्था की जाती है। लेकिन मैदान में भीड़ अधिक होने पर दमकल भी नहीं निकल पाएगी। दशहरा मेला दो साल बाद भर रहा है। इसमें लोगों की भीड़ इस बार काफी अधिक रहेगी। ऐसे में मेले में आने वाले लोगों और दुकानदारों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना होगा। इसके लिए सुझाव दिया है कि मैदान में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम हों। फायर हाउडेंट के पाइप बढ़ाने व उपकरणों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। वर्तमान में लगे उपकरणों से सीमित जगह पर ही आग बुझाई जा सकती है। पूरे मैदान को कवर करते हुए आग से बचाव के इंतजाम किए जाएंगे। - राजीव अग्रवाल, महापौर नगर निगम कोटा दक्षिण मेला समिति की पहली बैठक हुई है। उसमें जो सुझाव व कमियां सामने आई हैं उन पर विचार कर सुधार भी किया जाएगा। शीघ्र ही दोबारा बैठक होगी। मैदान में फायर उपकरणों की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए दोनों निगमों के फायर आॅफिसर को निर्देशित कर दिया है। -मंजू मेहरा, महापौर नगर निगम कोटा उत्तर</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-are-no-adequate-arrangements-for-rescue-in-case-of-fire-incident/article-19965</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/there-are-no-adequate-arrangements-for-rescue-in-case-of-fire-incident/article-19965</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Aug 2022 16:42:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-08/aag-janit-ghatna-hone-par-bachaav-ke-nahi-intajaam..kota-news-22.8.2022.jpg"                         length="42856"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        