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                <title>land encroachment - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>land encroachment RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बिलाड़ा में जूलीफ़्लोरा हटाने की कार्यवाही जल्द करेगी सरकार:  25000 नए पौधों का रोपण,  अवैध खनन और अतिक्रमण की जहां जहा शिकायत प्राप्त हुई वहां कार्रवाई हुई</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को बिलाड़ा क्षेत्र की वन भूमि का मुद्दा गूंजा। वन मंत्री संजय शर्मा ने जानकारी दी कि 6 हेक्टेयर से अधिक भूमि से जूलीफ्लोरा (विदेशी बबूल) हटाया गया है और 25,000 नए पौधे लगाए गए हैं। विधायक अर्जुन लाल ने अवैध खनन, अतिक्रमण और वन भूमि के डिमार्केशन (सीमांकन) को लेकर सरकार से जवाब मांगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/government-will-soon-take-action-to-remove-juliflora-in-bilara/article-145325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/vidhansabha.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को बिलाड़ा विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग के नाम दर्ज आरक्षित भूमि का प्रश्न उठा। विधायक अर्जुन लाल का प्रश्न पर वन मंत्री संजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि जिन-जिन वन क्षेत्र में अवैध खनन और अतिक्रमण की शिकायत प्राप्त हुई है उनकी कार्रवाई की गई है। शर्मा ने सदन में इसकी जानकारी दी। विधायक अर्जुन लाल ने पूछा कि बिलाड़ा के 14 गांवों में जूलीफ्लोरा के पेड़ों का कितना उन्मूलन हुआ।</p>
<p>किस गांव से कितना उन्मूलन हुआ, कितने पौधे लगाए गए। मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि 6 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि से जूलीफ्लोरा को हटाया गया है, 25000 नए पौधों का रोपण किया गया है। अर्जुन लाल ने पूछा कि बिलाड़ा की वन भूमि का डिमार्केशन हुआ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Mar 2026 12:50:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आंवली रोजड़ी में यूआईटी की सैकड़ों बीघा जमीन पर अतिक्रमण </title>
                                    <description><![CDATA[शहर व आस-पास के क्षेत्रों में नगर विकास न्यास की सैकड़ों बीघा जमीनों पर अतिक्रमण हो रहा है और अधिकारियों को उसकी भनक तक नहीं है। नगर निगम सीमा में शामिल हुए आंवली-रोजड़ी में तो कांग्रेस राज में पट्टे मिलने की आस में न्यास की जमीनों पर अतिक्रमण लगातार बढ़ रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/encroachment-on-hundreds-of-bighas-of-uit-land-in-amli-rojdi/article-20082"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/amli-rojhdi-mei-uit-land-atikraman-..kota-news-23.8.2022-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर व आस-पास के क्षेत्रों में नगर विकास न्यास की सैकड़ों बीघा जमीनों पर अतिक्रमण हो रहा है और अधिकारियों को उसकी भनक तक नहीं है। नगर निगम सीमा में शामिल हुए आंवली-रोजड़ी में तो कांग्रेस राज में पट्टे मिलने की आस में न्यास की जमीनों पर अतिक्रमण लगातार बढ़ रहे हैं। अतिक्रमण कर जमीनों पर आलीशान मकान बन गए हैं। अतिक्रमियों को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त होने व अधिकारियों की अनदेखी से अधिकतर मकानों में बिजली के कनेक् शन तक हो गए हैं। रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में और नगर निगम के वार्ड 7 व 29 में रावतभाटा रोड के नजदीक स्थित आंवली-रोजड़ी अधिकतर अतिक्रमण की जमीन पर बसी हुई है। वहां वन विभाग के साथ ही नगर विकास न्यास की भी जमीन है। हालत यह है कि शुरुआत में वहां गिनती के भूमाफियाओं ने न्यास की जमीन पर अतिक्रमण किया। उनके खिलाफ अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिससे उनके हौंसले बुलंद होते गए। देखते ही देखते वहां अतिक्रमणों की बाढ़ आ गई। वर्ष 2003-04 में जहां उस क्षेत्र में गिनती के मकान बने हुए थे और आबादी भी करीब 3 से 4 हजार थी। वहीं आबादी भी वर्तमान में बढ़कर 70 हजार से एक लाख के बीच हो गई है। साथ ही जमीनों की हालत यह है कि वहां जमीन कम नजर आ रही है। जबकि उसके स्थान पर अतिक्रमण कर आलीशान मकान बन चुके हैं। उन मकानों में बिजली के कनेक् शन तक हो गए हैं। सभी मकानों में बिजली के मीटर लगे हुए हैं।</p>
<p>न्यास की जमीन पर अतिक्रमण करने व नए निर्माण का सिलसिला थमने की जगह लगातार बढ़ता ही जा रहा है। वर्तमान में भी वहां लाखों रुपए लगाकर तीन-तीन कमरों के दो मंजिला मकान बनाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं उस क्षेत्र में दुकानें व पशुओं के बाड़े तक बने हुए हैं। धीरे-धीरे वहां हर तरह की सुविधा विकसित हो रही है। यहां न्यास की जमीन पर भी अतिक्रमणों की बाढ़ आ रही है। लेकिन न्यास अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बस्ती बसने के बाद कार्रवाई करने पर झेलना पड़ा था विरोध राजनीतिक संरक्षण व न्यास अधिकारियों की अनदेखी के चलते शुरुआत में हुए अतिक्रमण व कब्जे पर न्यास अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिससे अतिक्रमियों के हौसले बुलंद हो गए। लोगों ने भी सस्ती जमीन मिलने पर लाखों रुपए खर्च कर मकान भी बना लिए।जब उस क्षेत्र में पूरी बस्ती बस गई। उसके बाद न्यास के अधिकारियों की नींद खुली तो वे अतिक्रमण हटाने व कार्रवाई पहुंचे। जिसके चलते उन्हें स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। पथराव में कई कर्मचारी चोटिल हुए और न्यास की जेसीबी को नुकसान तक पहुंचा। उस विरोध को देखते हुए अब न्यास अधिकारी दोबारा से वहां कार्रवाई करने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे। भूमाफियाओं ने किए कब्जे, 3-3 लाख में बेचे प्लॉट आंवली- रोजड़ी में न्यास की जमीनों पर भूमाफिया चांदी कूट रहे हैं। न्यास अधिकारियों की अनदेखी व राजनीतिक संरक्षण के चलते वहां भूमाफियाओं ने न्यास की जमीनों पर पहले तो अतिक्रमण किए। जब उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उनके हौंसले इतने अधिक बुलंद हो गए कि उन लोगों ने न्यास की जमीन पर भूखंड काटकर 3-3 लाख रुपए में बेच दिए। जानकारी के अनुसार वर्तमान में वहां 25 गुणा 40 वर्ग फीट का भूखंड 3 लाख रुपए में मिल रहा है। सस्ता भूखंड होने से लोग भी खरीद रहे हैं।</p>
<p>इकरार नामे पर जमीनों के सौदे हो रहे हैं। उन जमीनों पर लोग मकान भी बना रहे हैं। 10 से 15 लाख रुपए लगाकर मकान बनाए जा रहे हैं। देखते ही देखते वहां पूरी जमीन बिक चुकी है। वहां सीसी रोड तक बने हुए हैं। जानकारों के अनुसार इस क्षेत्र में पुलिस कर्मियों व आरएसी के जवानों तक के भूखंड व मकान हैं। एक बोरिंग पर दस-दस घरों में पानी के अवैध कनेक्शन इस इलाके की हालत यह है कि वहां पानी की पाइप लाइन तो है नहीं। कुछ सक्षम लोगों ने अपने यहां बोरिंग करवाई हुई है। उस बोरिंग से आस-पास के दस-दस घरों में अवैध रूप से पाइपों के माध्यम से पानी दिया जा रहा है। जिसकी एवज में 400 से 500 रुपए तक वसूल किए जा रहे हैं। पानी के स्टोरेज के लिए हर मकान मालिक एक टैंक बना रहा । साढ़े तीन साल में ज्यादा हुआ अतिक्रमण आंवली-रोजड़ी में न्यास की जमीन पर अतिक्रमण नया नहीं हो रहा है। पिछले कई सालों से हो रहा अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। जानकारों के अनुसार पिछले साढ़े तीन साल में अतिक्रमण व जमीनों पर कब्जे अधिक हुए हैं। मकान भी इसी अवधि में अधिक बने हैं। इसका कारण बताया गया कि लोगों को उम्मीद है कि अतिक्रमण कर बसने के बाद यहां भी जमीन को नियमित कर पट्टे दिए जा सकते हैं। मतदाता पहचान पत्र व आधार कार्ड तक बन चुके कहने को तो अधिकतर क्षेत्र अतिक्रमण की जमीन पर बसा हुआ है। चाहे वन विभाग की जमीन हो या नगर विकास न्यास की। अवैध रूप से बसे लोग व अतिक्रमण के बावजूद वहां के लोगों के मतदाता पहचान पत्र व आधार कार्ड तक बने हुए हैं। जिसके आधार पर वहां रहने वाले अब उस जमीन पर अपना अधिकार समझने लगे हैं। इनका कहना है आंवली-रोजड़ी में पूरी जमीन वन विभाग की नहीं है। न्यास की जमीन पर मकान बने हुए हैं। लोग रहने लगे हैं और बस्ती बस चुकी है। ऐसे में अब लोगों को वहां सुविधा तो देनी होगी। या फिर शुरुआत में ही अतिक्रमणों को रोकते। आंवली-रोजड़ी को नगर निगम सीमा में शामिल हुए 13 साल से अधिक हो गए हैं। लेकिन अभी तक भी यहां किसी तरह की कोई सुविधा नहीं दी गई है। जबकि पूर्व में यहां करोड़ों रुपए के काम करवाए जा चुके हैं। धनराज गुर्जर, पार्षद वार्ड 29 न्यास सचिव ने नहीं दिया जवाब इस संबंध में जानने के लिए नगर विकास न्यास के सचिव राजेश जोशी को फोन किया। लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। नगर विकास न्यास के अधिकारियों ने बताया कि आंवली-रोजड़ी में न्यास के साथ ही वन विभाग की जमीन अधिक है। न्यास ने वहां अतिक्रमण हटाने की पूर्व में कई बार कार्रवाई की है। फिर भी यदि वहां नया अतिक्रमण हो रहा है तो उसे रोकने के लिए फिर से कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Aug 2022 12:45:45 +0530</pubDate>
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