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                <title>theatre - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>हेमलता प्रभु स्मृति समारोह में नारी सशक्तीकरण की गूंज</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर के जवाहर कला केंद्र में हेमलता प्रभु स्मृति समारोह का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रियाक्षी अग्रवाल का नाटक 'नंगा कपड़ा' रहा, जिसने नारी सशक्तिकरण और आत्मविश्वास का सशक्त संदेश दिया। कलारिपयट्टू और भरतनाट्यम जैसी विधाओं के संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर नई पीढ़ी को प्रेरित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/echo-of-women-empowerment-in-hemlata-prabhu-memorial-ceremony/article-151526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/jaipur1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र में आयोजित 15वें हेमलता प्रभु स्मृति समारोह में गुरुवार को भावनाओंए स्मृतियों और कला का अनूठा संगम देखने को मिला। शिक्षिका हेमलता प्रभु की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिष्यों, कला प्रेमियों और आमजन ने भाग लेकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। समारोह की शुरुआत में सेवानिवृत्त आईएएस संगीता गैरोला ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि हेमलता प्रभु ने विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास का संचार किया। उन्होंने कहा, फेल्यर एंड सक्सेस, दोनों ही जीवन यात्रा का हिस्सा हैं, जो उनके व्यक्तित्व की प्रमुख सीख रही।</p>
<p>कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रियाक्षी अग्रवाल की नाट्य प्रस्तुति नंगा कपड़ा रही। इस प्रस्तुति में नारी की पीड़ा, सामाजिक बंधनों और आत्मबल को प्रभावी ढंग से मंच पर उकेरा गया। नाटक ने यह संदेश दिया कि स्त्री की पहचान उसके वस्त्रों से नहीं, बल्कि उसकी क्षमता और आत्मविश्वास से होती है। प्रस्तुति में कलारिपयट्टू, भरतनाट्यम और फ्लेमेंको जैसी कला विधाओं का समावेश दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया।</p>
<p>आयोजन में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और कला अनुरागियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम ने हेमलता प्रभु के शिक्षा, समाज और महिला सशक्तिकरण के योगदान को याद करते हुए नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का कार्य किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:22:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>20 दिवसीय अभिनय दर्पण कार्यशाला का समापन, लघु कहानियों को नाट्य रूप में किया मंचित</title>
                                    <description><![CDATA[जवाहर कला केन्द्र का कृष्णायन सभागार खुला मंच बना जहां कलाकारों ने अपने स्वतंत्र रचनात्मक विचारों से तैयार लघु कहानियों को नाट्य रूप में मंचित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/20-day-acting-mirror-workshop-concluded-short-stories-staged-in/article-117337"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(6)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केन्द्र का कृष्णायन सभागार खुला मंच बना जहां कलाकारों ने अपने स्वतंत्र रचनात्मक विचारों से तैयार लघु कहानियों को नाट्य रूप में मंचित किया। मौका था केन्द्र की ओर से आयोजित 20 दिवसीय अभिनय दर्पण कार्यशाला के समापन का। जूनियर समर कैंप में जहां 8 से 17 वर्ष के बच्चों को रंगमंच का प्रशिक्षण दिया जाता है वहीं 18 वर्ष से अधिक उम्र के कलाकारों को अभिनय और रंगमंच के गुर सिखाने के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई।</p>
<p>राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) से स्नातक नाट्य निर्देशक विशाल विजय के निर्देशन में हुई कार्यशाला में सीखे सबक के साथ कलाकारों ने छोटे-छोटे स्टोरी सीन तैयार कर उन्हें प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रतिभागियों के अभिभावक भी मौजूद रहे। विशाल विजय ने बताया कि कार्यशाला में अभिनेताओं को एकल संवाद, भाषा, संगीत, मूवमेंट, थिएटर सीन सहित समृद्ध जयपुर रंगमंच की जानकारी भी दी गई। 4 हफ्ते बाद अभिनेताओं ने स्वयं अपने संवाद और दृश्य चुने जिन्हें 80 मिनट की एक प्रस्तुति में पिरोकर पेश किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Jun 2025 11:42:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खेजड़ली के बलिदान की महागाथा का मंचन</title>
                                    <description><![CDATA[नाटक का मंचन राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल व पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने करवाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/staged-the-epic-of-khejdalis-sacrifice/article-48017"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र में पर्यावरण दिवस के दूसरे दिन “वनरक्षण–रक्षा और बलिदान” नाटक का मंचन हुआ। नाटक का लेखन और निर्देशन रंगकर्मी अशोक राही ने किया। नाटक का मंचन राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल व पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने करवाया। नाटक तीन दृश्यों में पूरा हुआ। </p>
<p><strong>पहला दृश्य</strong><br />नाटक की शुरुआत जहरीली हवा और प्लास्टिक से प्रकृति हो रहे नुकसान को हास्य और व्यंग के माध्यम बताया गया।</p>
<p><strong>दूसरा दृश्य</strong><br />दूसरे दृश्य में बताया गया कैसे श्री राम ने अपने वनवास के दौरान प्रकृति से जो लिया उसे कैसे लौटाया। भगवान राम ने जल–जंगल–जमीन पर पहला हक वहां के आदिवासीयों का बताया ।<br /> <br /><strong>तीसरा दृश्य</strong><br />तीसरे दृश्य में राजस्थान के इतिहास की अनूठी गाथा जो 1730 में जोधपुर के खेजड़ली में लिखी गई  कहानी को रंगमंच पर उतारा गया। मारवाड़ के अभय सिंह की सेना खेजड़ी वृक्ष काटने के लिए जब खेजड़ली पहुंची तो कैसे अमृता देवी  के नेतृत्व में 363 बिश्नोई  स्त्री–पुरुषों ने खेजड़ी वृक्ष को काटने के प्रतिरोध में खेजड़ी से लिपट कर अपनी जान की बाजी लगा कर जांभोजी के उपदेश “सिर सांटेै रुंख रहे तो भी सस्तो जाण” को सही साबित किया। गायक प्रियांशु पारीक गीतों ने भी कहानी को बांधे रखा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jun 2023 12:19:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाबी नाटक सबसे बड़ा रुपैया का जोरदार मंचन</title>
                                    <description><![CDATA[कर्मयोगी सरदार गुरुप्रीत सिंह को समर्पित इस नाट्य संध्या में जयपुर थिएटर के करीब दो दर्जन कलाकारों ने पहली बार पंजाबी भाषा में नाटक खेला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/punjabi-drama-sabse-bada-rupaiya-in-jaipur/article-46178"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/शीर्षक-रहित-(630-×-400-px)-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>पीपुल्स मीडिया थियेटर के बैनर तले दो दिवसीय भाषाई नाट्य समारोह में पहले दिन पंजाबी नाटक सबसे बड़ा रुपैया  का जोरदार मंचन हुआ। जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में मशहूर अफसानानिगार कृष्ण चंद्र की कहानी पर आधारित इस नाटक का निर्देशन वरिष्ठ निर्देशक अशोक राही ने और पंजाबी अनुवाद सुषमा नरूला ने किया है।<br /><br />कर्मयोगी सरदार गुरुप्रीत सिंह को समर्पित इस नाट्य संध्या में जयपुर थिएटर के करीब दो दर्जन कलाकारों ने पहली बार पंजाबी भाषा में नाटक खेला। सबसे बड़ा रुपैया एक घमंडी पैसे वाले फकीरचंद की दास्तान है जो सट्टे, चोरबाजारी से करोड़ों रुपया कमाता है और अपनी जिद में अपने पुराने दोस्त त्रिपाठी से एक अजीबोगरीब शर्त लगा बैठता है कि जो उससे 50 जूते खाएगा उसे वह 10,000 इनाम देगा। पहले तो लोग नहीं आते पर धीरे-धीरे हजारों लोगों की भीड़ जुट जाती है और अपनी जिद में अपने सारे पैसे गंवा बैठता है। नाटक में चुटीले संवादों के माध्यम से समाज के गिरते नैतिक मूल्यों पर गहरा तंज़ किया गया।<br /><br />इस शो में राहुल शर्मा, दीक्षाक शर्मा, अभिषेक कुमार,अंशु कटारिया ,सत्येंद्र सिंह ,अक्षत शर्मा, गौरव ,अतुल गुप्ता, संजय  महावर, जितेश सहारण ,केशव सिंह, पीयूष शर्मा, प्रेरणा , रजत शर्मा, रिया  पंवार कृष्ण कुमार, सौरभ सहित करीब दो दर्जन युवा कलाकारों ने भाग लिया। नाटक के सह निर्देशक नितिन सैनी ,रूप सज्जाकार रवि बांका और प्रकाश संयोजन चारु भाटिया का था। नाटक से पूर्व खास मेहमानों ने कर्मयोगी सरदार गुरुप्रीत सिंह की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। उनके मित्र करीबी मित्र केएल सैनी, डॉक्टर तीरथ सिंह और विजय तिवारी ने सरदार गुरुप्रीत सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा की। इस आयोजन में उनके परिजन और मित्रों सहित अनेक पंजाबी भाषी लोग मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 May 2023 12:11:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केरल का इंटरनेशनल थियेटर फेस्टिवल 5 फरवरी से होगा शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रत्येक नाटक के लिए बहुत ही कम खर्च मात्र 60 रुपये खर्च कर दर्शक ब्रेट बेली से लेकर रोमियो कैस्टेलुची तक के प्रसिद्ध थिएटर कलाकारों की प्रस्तुतियों को देख सकते हैं। साथ ही नसीरुद्दीन शाह, प्रकाश राज और एमके रैना जैसे भारतीय कलाकारों को भी सुन सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/international-theater-festival-will-start-from-5-february/article-36492"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/site-photo-size-(1)2.jpg" alt=""></a><br /><p>त्रिशूर। दो साल के कोरोना काल के प्रतिबंधों के बाद केरल का इंटरनेशनल थियेटर फेस्टिवल रविवार से शुरू होने जा रहा है और इसको लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। </p>
<p>मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन देश और दुनिया की थियेटर की जानी मानी हस्तियों की मौजूदगी में कल इस फेस्टिवल का उद्घाटन करेंगे। संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष पद्मश्री मत्तन्नूर शंकरनकुट्टी अकादमी परिसर में 101 तालवाद्य कलाकारों के समूह के साथ इस 10 दिवसीय उत्सव की शुरुआत करेंगे।</p>
<p>यह महोत्सव 10 अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियों, देश भर के 14 नाटकों, (एजेंसी)ओं, चर्चाओं, कार्यशालाओं और कला कार्यक्रमों के साथ थिएटर का उत्सव है और थिएटर निर्माताओं और थिएटर जाने वालों के लिए एक अनूठा मिलन स्थल है। प्रत्येक नाटक के लिए बहुत ही कम खर्च मात्र 60 रुपये खर्च कर दर्शक ब्रेट बेली से लेकर रोमियो कैस्टेलुची तक के प्रसिद्ध थिएटर कलाकारों की प्रस्तुतियों को देख सकते हैं। साथ ही नसीरुद्दीन शाह, प्रकाश राज और एमके रैना जैसे भारतीय कलाकारों को भी सुन सकते हैं।</p>
<p>दीपन शिवरामन ने सरोजिनी नायडू स्कूल ऑफ आर्ट के डीन बी अनंतकृष्णन और अनुभवी थिएटर-पर्सन अनुराधा कपूर के साथ फेस्टिवल को क्यूरेट किया है। दीपन, एक प्रमुख समकालीन रंगमंच निर्देशक, चर्चा करते हैं कि उन्होंने इस वर्ष के उत्सव की योजना कैसे बनाई। उन्होंने कहा, ''चूंकि यह महामारी के बाद का संस्करण है, हम चाहते थे कि यह एक ऐसी जगह हो जहां हम एक साथ हो सकें, हाथ पकड़ सकें, चर्चा कर सकें और थिएटर में डूब सकें। हम थिएटर निर्माताओं और थिएटर जाने वालों को वापस लौटने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते थे। हम उन्हें वह भरोसा देना चाहते थे।"</p>
<p>दीपन ने कहा, ''महामारी के दौरान, हम सभी ने कभी न कभी खुद को अलग-थलग महसूस किया, लेकिन हमने यह भी देखा कि कैसे लोग एक-दूसरे के पास पहुंचे। एक दूसरे के बिना खुद को बनाए रखना मुश्किल है। यह महामारी ने सिखाया है, यही कारण है कि इस वर्ष हमारा विषय है मानवता को एक होना चाहिए।"</p>
<p>थीम को ध्यान में रखते हुए, नाटकों में से एक पीटर ब्रूक्स का प्रतिष्ठित टेम्पेस्ट प्रोजेक्ट है, जिसका पहली बार भारत में मंचन किया जाएगा। दीपन ने कहा कि ब्रूक्स का महाभारत एक वैश्विक कला के साथ एक ऐतिहासिक नाटक था।  उन्होंने कहा कि यह उचित है कि हम दिवंगत निर्देशक को श्रद्धांजलि देने के लिए ब्रूक्स के टेम्पेस्ट प्रोजेक्ट को आमंत्रित करते हैं जिन्होंने दुनिया को अपने काम से एक मंच पर लाया।</p>
<p>सैमसन - दक्षिण अफ्रीका की सामाजिक-राजनीति में गहराई से निवेश किया गया काम - ब्रेट बेली द्वारा, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण आधुनिक निर्देशकों में से एक माना जाता है। फिर इटली के रोमियो कैस्टेलुची, डेनमार्क के यूजेनियो बारबा और फिलिस्तीनी नाटककार और निर्देशक बशर मार्कस जैसे समकालीन ङ्क्षकवदंतियों के नाटक हैं। इन 10 अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियों में से पांच सीधे फेस्टिवल डी एविग्नन से आ रहे हैं।</p>
<p>दीपन ने कहा, ''बच्चों के लिए दो नाटक हैं - हीरो ब्यूटी, ताइवान का एक ओपेरा, और तेलंगाना की सुरभि द्वारा मंचित माया बाजार, जो परिवार आधारित थिएटर प्रदर्शनों की सूची है।" ग्रैंड फिनाले में रॉयस्टन एबेल की महान कृति मांगनियार सेडक्शन होगी, जिसने 33 देशों का दौरा किया है। मांगणियारों की तीन पीढिय़ों के 40 संगीतकार 36-खिड़की वाले गहना बॉक्स में प्रस्तुति देंगे। आईटीएफओके के इस संस्करण में दो आर्किटेक्ट भी सहयोग करेंगे।</p>
<p>कोझिकोड स्थित बृजेश शैजल ने 1,000 सीटर ओपन-एयर पवेलियन थिएटर डिजाइन किया है। पर्दे के पीछे एक और प्रभावशाली संरचना है - सुजाथन मास्टर सीनिक गैलरी। आर्किटेक्ट लिजो जोस द्वारा डिजाइन की गई यह गैलरी स्पेस साइक्लोरामस (थिएटर बैकड्रॉप्स) को प्रदर्शित करता है, जिसे सुजाथन मास्टर ने हाथ से चित्रित किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Feb 2023 17:39:03 +0530</pubDate>
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                <title>थिएटर प्रेमियों के लिए दु:खद खबर, नहीं रहे इप्टा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रणवीर सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[रणवीर सिंह का जन्म सात जुलाई 1929 को डुंडलाड राजस्थान में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मेयो कॉलेज में हुई थी। इसके बाद कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से 1945 में उन्होंने बीए किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sad-news-for-theater-lovers--the-news--ipta-national-president-ranveer-singh-is-no-more/article-20149"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/ranbir-singh.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जाने माने रंगकर्मी और इप्टा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रणवीर सिंह का मंगलवार को 93 साल की उम्र में निधन हो गया। वह निर्देशक, नाट्य और फ़िल्म अभिनेता, लेखक और इतिहासकार भी थे। चार दिन पहले ही उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी।</p>
<p><strong>रणवीर सिंह के जीवन पर एक नजर</strong><br />रणवीर सिंह का जन्म सात जुलाई 1929 को डुंडलाड राजस्थान में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मेयो कॉलेज में हुई थी। इसके बाद कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से 1945 में उन्होंने बीए किया। उनकी रुचि शुरु से ही रंगमंच और फ़िल्म में थी। वह 1949 में मुम्बई चले गए थे। जहां उन्होंने बीआर चोपड़ा की फ़िल्म शोले में अशोक कुमार और बीना के साथ और चांदनी चौक में मीना कुमारी और शेखर के साथ काम किया था।<br /><br /><strong>1953 में जयपुर थिएटर ग्रुप की स्थापना</strong><br />1953 में उन्होंने जयपुर लौटकर जयपुर थिएटर ग्रुप की स्थापना की थी। जहां उन्होंने कई नाटकों का निर्देशन किया। इसके बाद साल 1959 में वह कमला देवी चट्टोपाध्याय के बुलावे पर दिल्ली पधारे और भारतीय नाट्य संघ की स्थापना की।</p>
<p><strong>इप्टा से जुड़े</strong><br />रणवीर सिंह 1984 में इप्टा से जुड़े। हैदराबाद के राष्ट्रीय सम्मेलन (1986) में उन्हें उपाध्यक्ष चुना गया। फिर साल 2012 में राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। वह रंगमंच में नए नाटकों और नए प्रयोगों को जरूरी समझते थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Aug 2022 15:03:28 +0530</pubDate>
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