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                <title>Enforcement Directorate - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Enforcement Directorate RSS Feed</description>
                
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                <title>पश्चिम बंगाल में वोटिंग से पहले 'मनी ट्रेल' पर वार: मर्लिन ग्रुप के खिलाफ ईडी की बड़ी छापेमारी, कई अहम दस्तावेज जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में रियल एस्टेट दिग्गज मर्लिन ग्रुप के कई ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी को फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने और मनी लॉन्ड्रिंग का संदेह है। साल्ट लेक और मिडलटन स्ट्रीट सहित विभिन्न स्थानों पर डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच जारी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/war-on-money-trail-before-voting-in-west-bengal-big/article-150783"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/merlin-group.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार तड़के कोलकाता स्थित रियल एस्टेट डेवलपर मर्लिन ग्रुप की कई जगहों पर समन्वित छापेमारी की। माना जा रहा है कि ईडी की यह कार्रवाई, कंपनी की कुछ कथित वित्तीय अनियमितताओं की चल रही जांच का हिस्सा है। आशंका है कि कंपनी ने धन शोधन कानूनों का उल्लंघन किया है। अधिकारियों के अनुसार, ईडी की टीमें शहर और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर तैनात की गईं। जिन ठिकानों पर तलाशी ली गई, उनमें मिडलटन स्ट्रीट और साल्ट लेक के सीएफ ब्लॉक स्थित मर्लिन ग्रुप की संपत्तियां शामिल हैं।</p>
<p>जांच एजेंसी ने डीसी पाल ग्रुप के एक कार्यालय में भी तलाशी अभियान चलाया, जिससे संकेत मिलता है कि जांच अब संबंधित संस्थाओं और कारोबारी संबंधों तक भी फैल सकती है। अधिकारियों ने हालांकि अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है लेकिन तलाशी से जुड़े ईडी अधिकारियों का कहना है कि मामला भूमि सौदों और स्वामित्व रिकॉर्ड से जुड़े गंभीर आरोपों से संबंधित है। मर्लिन ग्रुप के प्रमोटरों और कंपनी पर आरोप है कि उन्होंने "फर्जी" दस्तावेजों का उपयोग कर स्वामित्व की "झूठी" कड़ी तैयार की और भूमि हड़प ली। ईडी का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने कथित रूप से कब्जाई गई जमीन का व्यावसायिक "शोषण" करते हुए बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट परियोजनाएं शुरू कीं। एजेंसी के अनुसार, "फर्जी" दस्तावेजों के जरिए खुद को वैध मालिक दिखाकर आरोपियों ने आम जनता को इन परियोजनाओं में "बड़ी" रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>फिलहाल, यह अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है कि इस कार्रवाई के दौरान कोई जब्ती या गिरफ्तारी हुई है या नहीं। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं, जिसके कारण छापेमारी अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है। मर्लिन ग्रुप और डीसी पाल ग्रुप के प्रतिनिधियों ने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। जांच आगे बढ़ने के साथ और जानकारी मिल पायेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 15:35:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के 9 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी : घर के बाहर पुलिस बल तैनात, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के उल्लंघनों से जुड़ा है मामला</title>
                                    <description><![CDATA[जालंधर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) समेत 9 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित फेमा (FEMA) उल्लंघन मामले में हुई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे भाजपा की चुनावी साजिश बताते हुए 'टिपिकल मोदी स्टाइल' करार दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/ed-raids-nine-locations-of-rajya-sabha-mp-ashok-mittal/article-150458"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/ashok.png" alt=""></a><br /><p>जालंधर। पंजाब से आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के करीब नौ ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापे मारे हैं। ईडी के टीमों जालंधर में बुधवार सुबह नौ बजे राज्यसभा सांसद मित्तल के घर, यूनिवर्सिटी समेत अन्य ठिकानों पर पहुंचीं। जांच चल रही है। उनके घर के बाहर पुलिस बल तैनात की गई है। श्री मित्तल इस वक्त अपने जालंधर स्थित घर में मौजूद हैं। उल्लेखनीय है कि लगभग 12 दिन पहले आप ने सांसद राघव चड्डा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया था। इसके बाद श्री मित्तल को उपनेता बनाया गया। श्री मित्तल पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर और चांसलर हैं। वह 2022 में राज्यसभा सांसद बने थे।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक ईडी की दिल्ली टीम ने जालंधर और फगवाड़ा में लवली ग्रुप के कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघनों से जुड़े मामले में की जा रही है। छापेमारी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, लवली ऑटोज, लवली स्वीट्स और लवली डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर समेत कई स्थानों पर चल रही है। इसके अलावा, मित्तल के परिवार से जुड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसरों पर भी जांच की जा रही है, जिनमें उनके भाई रमेश मित्तल और नरेश मित्तल के ठिकाने शामिल हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "भारतीय जनता पार्टी द्वारा पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू... आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी में ईडी की रेड.. टिपिकल मोदी स्टाइल..। हम वो पत्ते नहीं, जो शाख से टूट कर गिर जाएँगे, आंधियो को कह दो अपनी औक़ात में रहें।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 11:39:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>उपमुख्यमंत्री शिंदे और अशोक खरात की फोन पर 17 बार हुई बात : सीएम फड़णवीस ने दिया सीबीआई को जांच का आदेश, अवैध संपत्ति और गलत कारनामों का जल्द होगा पर्दाफाश </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने स्वयंभू बाबा अशोक खरात और राजनेताओं के बीच सीडीआर लीक मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। एकनाथ शिंदे पर लगे आरोपों के बीच, सीएम ने डेटा एक्सेस की अवैधता और ED द्वारा संपत्ति जांच की पुष्टि की। महिलाओं के खिलाफ अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के इस जाल का पर्दाफाश करने के लिए SIT मुस्तैद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/deputy-chief-minister-shinde-and-ashok-kharat-talked-on-phone/article-149251"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/shinde.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने घोषणा की है कि स्वयंभू बाबा अशोक खरात से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) मामले में गहन जांच करायेंगे। इसमें बलात्कार और संपत्ति धोखाधड़ी के कई आरोपों का सामना कर रहे बाबा खरात और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत राज्य के कई राजनेताओं के बीच हुई बातचीत का रिकॉर्ड है। साथ ही सीएम फड़णवीस ने यह भी कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अशोक खरात की संपत्ति की जांच करेगा।</p>
<p>सीएम फड़णवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अनधिकृत व्यक्तियों के लिए सीडीआर तक पहुंच बनाने पर सख्ती से रोक है। उन्होंने कहा, "केवल नामित एजेंसियों को ही ऐसे डाटा एक्सेस का अधिकार है। राज्य सरकार इस बात की जांच करेगी कि यह जानकारी कैसे लीक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।” उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों<br />में केवल आरोप पर्याप्त नहीं हैं और कोई भी कार्रवाई ठोस सबूतों पर आधारित होनी चाहिए।</p>
<p>उनकी यह टिप्पणी सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया के उस दावे के बाद आयी है, जिसमें उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और आरोपी बाबा खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत होने का दावा किया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि खरात के सभी बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की पहचान कर ली गयी है। उन्होंने कहा, "मेरा दृढ़ विश्वास है कि सभी अवैध संपत्ति और गलत कारनामों का पर्दाफाश होगा।" सीएम फड़णवीस ने कहा कि जनता का भरोसा बढ़ रहा है और अधिक लोग खरात के बारे में जानकारी साझा करने के लिए आगे आ रहे हैं। अब तक लगभग 12 मामले दर्ज किये जा चुके हैं।</p>
<p>इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) पर भरोसा करने का आग्रह करते हुए सीएम फड़णवीस ने आश्वासन दिया कि जांच तब तक जारी रहेगी, जब तक पूरे नेटवर्क का खुलासा नहीं हो जाता। उन्होंने कहा, “ महिलाओं के खिलाफ दुराचार या अत्याचार के मामलों में सख्त सजा दी जायेगी। यह मुद्दा राजनीति से ऊपर है और इस मामले पर पूरे महाराष्ट्र में आम सहमति है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 16:24:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आय से अधिक संपत्ति मामला: ईडी ने एसईसीएल अधिकारी की 83.24 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की, जांच जारी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए SECL कोरबा के सहायक प्रबंधक प्रभाकर शुक्ला की ₹83.24 लाख की संपत्ति जब्त की है। जांच में सामने आया कि शुक्ला ने परिवार के बैंक खातों और बीमा पॉलिसियों के जरिए काली कमाई को सफेद करने का प्रयास किया। सीबीआई की एफआईआर के बाद अब PMLA के तहत शिकंजा कसा गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/disproportionate-assets-case-ed-continues-investigation-into-secl-officers-assets/article-148146"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ed.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को 'साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड' (एसईसीएल), कोरबा (छत्तीसगढ़) के सहायक प्रबंधक (सर्वेक्षण) प्रभाकर शुक्ला और उनके परिवार से जुड़ी 83.24 लाख रुपये की चल और अचल संपत्ति कुर्क करने की घोषणा की है। ईडी के भोपाल जोनल कार्यालय ने यह कार्रवाई सीबीआई (एसीबी), जबलपुर द्वारा प्रभाकर शुक्ला के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई जांच में सामने आया कि एक मार्च 2008 से 30 नवंबर 2022 के बीच शुक्ला ने अपनी वैध आय से लगभग 39.83 प्रतिशत अधिक यानी 83.24 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जुटाई।</p>
<p>जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस काली कमाई को बैंकिंग प्रणाली में नकद जमा के माध्यम से खपाया गया था। आरोपी ने अपनी पत्नी और बेटियों सहित परिवार के उन सदस्यों के बैंक खातों का उपयोग किया। इस कमाई को बाद में सावधि जमा, बीमा पॉलिसियों और भूखंडों जैसी अचल संपत्तियों की खरीद में निवेश कर वैध बनाने का प्रयास किया गया। सीबीआई पहले ही इस मामले में जबलपुर की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, जबकि ईडी की जांच फिलहाल जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 17:56:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप पर ED का शिकंजा: 581.65 करोड़ रुपये की 31 संपत्तियां जब्त, तलाशी के बाद कार्रवाई का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस होम फाइनेंस मामले में ₹581.65 करोड़ की 31 संपत्तियां कुर्क । फेमा और पीएमएलए के तहत हुई इस कार्रवाई से समूह की कुल जब्त संपत्ति ₹16,310 करोड़ । जांच में बैंकों से जुटाए गए ₹11,000 करोड़ के सार्वजनिक धन के गबन और फर्जी संस्थाओं में हेराफेरी का खुलासा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/eds-noose-on-anil-ambanis-reliance-group-31-properties-worth/article-146350"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/anil-ambani-and-ed.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को कहा कि उसने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) से संबंधित मामलों में 581.65 करोड़ रुपये मूल्य की 31 अचल संपत्तियां जब्त की है। ईडी ने कहा कि जब्त की गई संपत्तियां गोवा, केरल, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में स्थित जमीन हैं। यह कुर्की विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत रिलायंस पावर लिमिटेड के मामले में छह मार्च, 2026 को की गई तलाशी कार्रवाई के बाद की गई है।</p>
<p>गौरतलब है कि, ईडी ने इससे पहले आरसीएफएल/आरएचएफएल और रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों में 15,729 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की थीं। नवीनतम कार्रवाई के साथ, रिलायंस अनिल अंबानी समूह से संबंधित कुल जब्त की गई संपत्तियां 16,310 करोड़ रुपये हो चुकी हैं। इसके अलावा, पीएमएलए और फेमा के तहत तलाशी अभियानों के दौरान, सावधि जमा, म्यूचुअल फंड और नकदी के रूप में 2.48 करोड़ रुपये की संपत्ति को संबंधित कानूनों के प्रावधानों के अंतर्गत फ्रीज या जब्त किया गया। ईडी ने फेमा की धारा 37ए के तहत रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 13 बैंक खातों में जमा 77.86 करोड़ रुपये की राशि भी जब्त की।</p>
<p>ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी और 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) और धारा 13(1)(डी) के तहत आरसीएफएल और आरएचएफएल के विरुद्ध दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की। ये एफआईआर यस बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा दायर शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई थीं।<br />ईडी की जांच से पता चला कि आरएचएफएल और आरसीएफएल ने कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों से सार्वजनिक धन जुटाया था, जिसमें से 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बाद में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में बदल गई।</p>
<p>एजेंसी के अनुसार, आरएचएफएल और आरसीएफएल द्वारा जुटाए गए धन को कथित रूप से रिलायंस समूह की विभिन्न कंपनियों जैसे रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, रिलायंस पावर लिमिटेड, रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस कैपिटल में स्थानांतरित किया गया था। ईडी ने आगे आरोप लगाया कि रिलायंस अनिल अंबानी समूह द्वारा नियंत्रित एवं प्रबंधित बड़ी संख्या में फर्जी या दिखावटी संस्थाओं के माध्यम से सार्वजनिक धन का गबन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इन संस्थाओं की वित्तीय स्थिति नगण्य थी और इनका कोई वास्तविक व्यावसायिक संचालन नहीं था। जांच से समूह के प्रवर्तकों और प्रमुख व्यक्तियों की गलत मंशा का संकेत मिला।</p>
<p>एजेंसी ने कहा कि उसने सार्वजनिक धन की हेराफेरी के लिए विभिन्न संस्थाओं और समूह के सदस्यों के माध्यम से कथित रूप से इस्तेमाल की जाने वाली कार्यप्रणाली की भी पहचान कर ली है। 11 मार्च, 2026 के अंतरिम कुर्की आदेश के माध्यम से जब्त की गई संपत्तियां अपराध से प्राप्त आय के मूल्य को दर्शाती हैं। ईडी के एक अधिकारी ने कहा, "ईडी वित्तीय अपराधों के अपराधियों के पीछे सक्रियता से लगी हुई है और अपराध की आय को उनके सही हकदारों को वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।" मामले में आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 13:23:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>निवेश धोखाधड़ी मामला: ईडी ने बैंकों को वापस लौटाई 20.21 करोड़ की संपत्ति, पीएमएलए के प्रावधानों के तहत कुर्क की गई थी संपत्ति</title>
                                    <description><![CDATA[ईडी ने धोखाधड़ी मामले में कुर्क की गई 20.21 करोड़ रुपये की छह अचल संपत्तियां स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और कैथोलिक सीरियन बैंक को वापस कीं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/investment-fraud-case-ed-returned-assets-worth-rs-2021-crore/article-142667"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(12)7.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और कैथोलिक सीरियन बैंक को 20.21 करोड़ रुपये मूल्य की छह कुर्क की गई अचल संपत्तियां वापस कर दी हैं। ईडी के जालंधर जोनल कार्यालय ने मंगलवार को बताया कि ये संपत्तियां मेसर्स नेचर हाइट्स इंफ्रा लिमिटेड और उसके निदेशक नीरज थतई उर्फ नीरज अरोड़ा के खिलाफ निवेशकों से धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन जांच के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत कुर्क की गई थीं।</p>
<p>कुर्क की गई अचल संपत्तियों में पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में स्थित व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। इन संपत्तियों को अदालत ने वापस करने का आदेश दिया था। ईडी ने नीरज थतई उर्फ नीरज अरोड़ा, उनकी कंपनी नेचर हाइट्स इंफ्रा लिमिटेड और अन्य के खिलाफ निवेशकों से कथित धोखाधड़ी के लिए पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी के आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की थी।</p>
<p>जांच से पता चला कि नीरज अरोड़ा ने संपत्ति आवंटित करने के बहाने बड़ी संख्या में निर्दोष निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़प ली थी। यह पाया गया कि उसके द्वारा खरीदी गई संपत्तियां निवेशकों से एकत्र किए गए धन का उपयोग करके पंजीकृत की गई थीं, जबकि उन्हें न तो भूमि का आवंटन किया गया और न ही उनका पैसा वापस किया गया।</p>
<p>नीरज अरोड़ा, नेचर हाइट्स इंफ्रा लिमिटेड और इसकी समूह कंपनियों के कई बैंक खातों में निवेशकों का पैसा जमा पाया गया, जिसका उपयोग बाद में संपत्तियों की खरीद और व्यक्तिगत खर्चों के लिए किया गया।</p>
<p>जांच के दौरान, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान में स्थित बैंक बैलेंस और कृषि एवं वाणिज्यिक भूमि सहित लगभग 46.02 करोड़ रुपये की संपत्ति की अस्थायी कुर्की की गई थी। पीएमएलए के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने बाद में इस कुर्की की पुष्टि कर दी थी। ईडी ने अरोड़ा को 2024 में गिरफ्तार किया था और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। उसके खिलाफ दो अभियोजन शिकायत दाखिल की गयी हैं। इस मामले में आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 18:31:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>आई-पैक छापा मामला: ईडी की याचिका पर हाई कोर्ट 10 फरवरी को करेगा सुनवाई, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने आई-पैक कार्यालय तलाशी में बाधा के आरोपों वाली ईडी याचिका पर सुनवाई 10 फरवरी तक टाल दी, पश्चिम बंगाल सरकार के जवाब पर समय दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/high-court-will-hear-the-i-pack-raid-case-on-eds/article-141841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(21).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुनवाई 10 फरवरी तक के लिए टाल दी है। ईडी ने अपनी याचिका में पश्चिम बंगाल सरकार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार और अन्य अधिकारियों पर कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) के ऑफिस में एजेंसी की तलाशी अभियान में बाधा डालने का आरोप लगाया है।</p>
<p>न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने मंगलवार को ईडी की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दायर किए गए काउंटर-शपथ पत्र का जवाब देने के लिए समय मांगने पर सुनवाई को 10 फरवरी तक के लिए टाल दिया। </p>
<p>मेहता ने बताया कि ईडी को राज्य सरकार का जवाब आज ही मिला है और उसे इसकी जांच करने तथा जवाब दाखिल करने के लिए समय चाहिए। अनुरोध स्वीकार करते हुए पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को तय की। </p>
<p>ईडी की याचिका आठ जनवरी को आई-पैक के दफ्तर और इसके सह संस्थापक प्रतीक जैन के घर पर कोयला घोटाले से जुड़े हवाला कारोबार की जांच के सिलसिले में की गई तलाशी से जुड़ी है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि अभियान के दौरान उसके अधिकारियों को रोका गया और मुख्यमंत्री पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मौके पर पहुंची और ईडी अधिकारियों से बहस की।</p>
<p>ईडी ने आरोप लगाया है कि छापे के दौरान मुख्यमंत्री और अन्य नेता कुछ फ़ाइलें लेकर चले गये, जिससे जांच में रुकावट आई और उसके अधिकारियों पर दबाव पड़ा। शीर्ष अदालत में दायर याचिका में ईडी ने मुख्यमंत्री, पूर्व डीजीपी और कोलकाता पुलिस के आयुक्त प्राथमिकी दर्ज करने की इजाजत मांगी है। साथ ही इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से स्वतंत्र जांच की भी मांग की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 18:29:43 +0530</pubDate>
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                <title>I-PAC रेड मामला: ED ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की नई याचिका, बंगाल डीजीपी को हटाए जानें की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[चुनाव आयोग से जुड़ी याचिका पर ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल डीजीपी राजीव कुमार को निलंबित करने की मांग उठाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/i-pac-raid-case-ed-files-new-petition-in-supreme-court/article-139619"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/cm-mamta.png" alt=""></a><br /><p>पश्चिम बंगाल। चुनाव आयोग ने I-PAC रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर की हैं, जिसमें ईडी ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार को निलंबित करने की मांग की है। दरअसल, ईडी ने अपनी याचिका में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मिलकर जांच में बाधा डालने, सबूतों में हेराफेरी करने और कथित तौर पर चोरी में मदद करने का आरोप लगाया है।</p>
<p>इसके आगे ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया है कि डीजीपी राजीव कुमार कोलकाता पुलिस कमिश्नर के पद पर रहते हुए सीएम ममता बनर्जी के साथ धरने पर भी बैठे थें। इससे पहले ईडी ने I-PAC मामले में ममता बनर्जी के पीए के घर और दफ्तरों में छापेमारी करने की कार्रवाई को अंजाम दिया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 11:52:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत माला परियोजना में ईडी की बड़ी कार्रवाई, रायपुर-महासमुंद में नौ ठिकानों पर छापेमारी, कई अहम दस्तावेज जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को भारतमाला परियोजना भूमि अधिग्रहण घोटाले में बड़ी कार्रवाई की। रायपुर और महासमुंद के नौ ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें हरमीत सिंह खनूजा और जशबीर सिंह बग्गा के परिसर शामिल हैं। जांच का मुख्य केंद्र मुआवजे के भुगतान में हुई कथित वित्तीय अनियमितताएं और धनशोधन है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/eds-big-action-in-bharat-mala-project-raids-at-nine/article-137603"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/ed-raid1.png" alt=""></a><br /><p>रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने भारतमाला परियोजना से जुड़े धनशोधन मामले में सोमवार को रायपुर और महासमुंद जिलों के नौ ठिकानों पर तलाशी एवं जब्ती कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p>आधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई हरमीत सिंह खनूजा, उनके सहयोगियों, संबंधित सरकारी अधिकारियों तथा भूमि व्यवसाय से जुड़े लोगों के परिसरों पर केंद्रित है। ऐसा माना जा रहा है कि भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा भुगतान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है लेकिन कार्रवाई के उपरांत ही ईडी के अधिकारी सभी तथ्यों को उजागर करेंगे। जांच के तहत मुआवजा वितरण प्रक्रिया में वित्तीय गड़बड़यिों और नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है।</p>
<p>इसी क्रम में महासमुंद जिले में भी ईडी की टीम ने कार्रवाई करते हुए मेक बसंत कॉलोनी स्थित जशबीर सिंह बग्गा के आवास पर छापा मारा। जशबीर सिंह बग्गा महासमुंद में होंडा डीलरशिप शोरूम के संचालक बताए जा रहे हैं। ईडी की टीम सुबह दो वाहनों में पहुंची और मौके पर मौजूद दस्तावेजों एवं अन्य रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। </p>
<p>जशबीर सिंह बग्गा के ठिकाने पर की गई कार्रवाई के कारणों को लेकर हालांकि ईडी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल, जांच प्रक्रिया जारी है और आने वाले समय में मामले से जुड़े और तथ्यों के सामने आने की संभावना है। रायपुर-गौरतलब है कि विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारा 465 किलोमीटर लंबा छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे है। इससे छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के बीच यात्रा का समय 12 घंटे से घटकर पांच घंटे हो जाएगा। इस परियोजना के 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 12:58:36 +0530</pubDate>
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                <title>ईडी की बड़ी कार्रवाई, विशाखपटनम के पूर्व नगर नियोजक की करोड़ों की संपत्ति कुर्क</title>
                                    <description><![CDATA[प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहरी विकास प्राधिकरण के पूर्व अधिकारी पसूपार्थी प्रदीप कुमार की 1.09 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। कुर्क की गई संपत्तियों में आवासीय फ्लैट, प्लॉट और बैंक बैलेंस शामिल हैं, जो उनके और उनके परिजनों के नाम पर थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/eds-big-action-property-worth-crores-of-former-city-planner/article-137102"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/ed-raid.png" alt=""></a><br /><p>आंध्र प्रदेश। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विशाखपटनम उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने विशाखपटनम शहरी विकास प्राधिकरण के पूर्व अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक पसुपार्थी प्रदीप कुमार की अर्जित आय से अधिक संपत्ति की जांच के सिलसिले में 1.09 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति कुर्क की है।</p>
<p>ईडी ने बुधवार को बताया कि कुर्क की गई संपत्तियों में आवासीय फ्लैट, भूखंड और बैंक खातों में जमा धन शामिल हैं। ये पसुपार्थी प्रदीप कुमार, उनकी पत्नी, उनके चाचा और एक बेनामी इकाई कोना सिम्हाद्री के नाम पर हैं। ईडी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) विजयवाड़ा द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी और बाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के लिए पसुपार्थी के खिलाफ दायर आरोप पत्र के आधार पर अपनी जांच शुरू की थी।</p>
<p>प्राथमिकी और आरोप पत्र के अनुसार, पसुपार्थी 1984 में सरकारी सेवा में शामिल हुए थे और जनवरी 2018 में संयुक्त निदेशक के रूप में पदोन्नत होने और अतिरिक्त मुख्य नगर योजनाकार के रूप में तैनात होने से पहले विभिन्न पदों पर रहे। उन्होंने कथित तौर पर अपराध की अवधि (जुलाई 2005 - जनवरी 2018) के दौरान अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और आय से अधिक अवैध धन अर्जित किया।</p>
<p>भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति की राशि लगभग 1.85 करोड़ रुपये आंकी थी। ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि पसुपार्थी ने अपने नाम या अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर रखे गए विभिन्न खातों में अवैध आय जमा करके उसे छिपाने का प्रयास किया। अनुसूचित अपराधों के माध्यम से प्राप्त धन को नकद में जमा किया गया था और बाद में संपत्ति अर्जित करने के लिए उपयोग किया गया था।</p>
<p>धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) जांच में मामले में अपराध की कुल आय लगभग 2.94 करोड़ रुपये निर्धारित की गई जो मूल एजेंसी द्वारा गणना की गई आय से अधिक संपत्ति की राशि से अधिक थी। इस अधिक राशि (1.09 करोड़ रुपये) की संपत्ति को पीएमएलए के तहत कुर्क किया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 18:58:30 +0530</pubDate>
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                <title>चीनी वीजा स्कैम केस में कार्ति चिदंबरम की बढ़ी मुश्किलें, राउज एवेन्यू कोर्ट ने तय किए आरोप, जानें क्या है पूरा मामला?</title>
                                    <description><![CDATA[राउज एवेन्यू कोर्ट ने चीनी वीजा स्कैम में कार्ति चिदंबरम समेत अन्य पर आपराधिक साजिश के तहत आरोप तय किए। मामला 2011 का है। अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/karti-chidambarams-problems-increased-in-chinese-visa-scam-case-rouse/article-136886"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/karti-chidambaram.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने चीनी वीजा स्कैम केस में कार्ति चिदंबरम और अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश के तहत आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने इस मामले में भास्कर रमन को भी आरोपी बनाया है। बताया जा रहा है कि इस केस में अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को होगी। कोर्ट के फैसल के बाद कार्ति चिंदबरम ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि कानून मुझे कई विकल्प देता है और में उन सभी का इस्तेमाल करूंगा।</p>
<p><strong>जानें पूरा मामला</strong></p>
<p>बता दें कि ये मामला साल 2011 का है, उस समय कार्ति चिदंबरम के पिता पी. चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे। बता दें कि कार्ति चिदंबरम और उसके सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने नियमों के विरूद्व जाकर करीब 263 चीनी नागरिकों को वीजा दिलाया था और इस काम के लिए इन सभी ने करीब 50 लाख रूपए की राशि वसूली थी। जिन चीनी नागरिकों को वीजा दिलाया गया था वो सभी पंजाब के वेदाता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड में काम कर रहे थे। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में कार्ति चिदंबरम और अन्य आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।</p>
<p>सीबीआई ने विकास मखारिया को सरकारी गवाह का दर्जा दे दिया है, जिनसे अभियोजन पक्ष के मामले में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है। सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, पंजाब के मानसा स्थित एक निजी कंपनी (तलवंडी साबो पावर लिमिटेड) ने कथित तौर पर चीनी नागरिकों के लिए वीजा जारी करवाने में मदद के लिए बिचौलियों के माध्यम से 50 लाख रुपये का भुगतान किया।</p>
<p>यह कंपनी 1,980 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट स्थापित कर रही थी, जिसका निर्माण कार्य एक चीनी कंपनी को आउटसोर्स किया गया था। परियोजना में देरी होने के कारण, कंपनी ने कथित तौर पर गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा निर्धारित वीजा सीमा से अधिक चीनी पेशेवरों को लाने की कोशिश की।</p>
<p>सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि इन प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों ने अपने सहयोगियों के माध्यम से चेन्नई स्थित एक व्यक्ति से संपर्क किया। आरोप है कि चीनी अधिकारियों को पहले दिए गए 263 प्रोजेक्ट वीजा का पुन: उपयोग करने की योजना बनाई गई, जिससे गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित सीमा को प्रभावी ढंग से दरकिनार किया जा सके।</p>
<p>इसके बाद, वीजा के पुन: उपयोग की मंजूरी के लिए गृह मंत्रालय को एक अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसे एक महीने के भीतर मंजूरी मिल गई। जांचकर्ताओं के अनुसार, चेन्नई स्थित व्यक्ति ने 50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की, जिसे पंजाब स्थित फर्म ने अदा किया।</p>
<p>आरोप है कि यह पैसा मुंबई स्थित एक कंपनी के माध्यम से परामर्श और वीजा संबंधी कार्यों के लिए किए गए खर्चों के बहाने भेजा गया था। सीबीआई का दावा है कि मुंबई स्थित फर्म की वीजा प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं थी और वह वास्तव में औद्योगिक औजारों के व्यवसाय में लगी हुई </p>
<p>एजेंसी ने आगे आरोप लगाया है कि कार्ति चिदंबरम के पिता, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने स्थापित नियमों का उल्लंघन करते हुए चीनी नागरिकों के लिए वीजा दिलाने में मदद की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 12:09:00 +0530</pubDate>
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                <title>जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही मोदी सरकार : केजरीवाल</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग पर एक बार फिर केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने विपक्ष के नेताओं, उद्योगपतियों, उद्योग और व्यापार में भय का माहौल पैदा कर दिया है।        ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-government-is-misusing-investigation-agencies-kejriwal/article-58903"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/kejriwalll.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक एवं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी) और केन्द्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई)  के दुरुपयोग पर  एक बार फिर केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने विपक्ष के नेताओं, उद्योगपतियों, उद्योग और व्यापार में भय का माहौल पैदा कर दिया है।                                       </p>
<p>केजरीवाल ने आज गाजीपुर लैंडफिल साइट का निरीक्षण के दौरान पत्रकारों  से कहा कि हम लोग पूरे देश के अंदर देख रहे हैं कि झूठे केस लगाकर विपक्ष के नेताओं और पार्टियों को निष्क्रिय और डराने की कोशिश की जा रही है। कई लोगों को तोड़कर भाजपा अपनी पार्टी में शामिल कर रही है, जो कि जनतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। इसमें केवल विपक्षी नेताओं को ही निशाना नहीं बनाया जा रहा है, बल्कि देशभर में उद्योगपतियों को भी निशाना बनाया जा रहा है। ये देखकर बड़ा दुख होता है कि पिछले 5-7 साल के अंदर लगभग 12-13 लाख बहुत अमीर लोगों ने  भारत की नागरिकता छोड़कर विदेशी नागरिकता ले ली है। वो भारत छोड़कर चले गए हैं और अपने बिजनेस को भारत में बंद कर दिए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पूरे देश के अंदर डर का माहौल पैदा कर दिया गया है। इससे देश तरक्की नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हम चीन से मुकाबला करें। हम चीन से कैसे मुकाबला कर सकते हैं? चीन में घर-घर में उद्योग चल रहे है। हमारे देश में बड़े बड़े उद्योगों को भी चलने नहीं दिया जा रहा है और उनको बंद करते जा रहे हैं। सबके पीछे एजेंसी छोड़ रखी है। ऐसे एजेंसी-एजेंसी का खेल खेलकर भारत तरक्की नहीं करेगा।</p>
<p>केजरीवाल ने कहा कि इन्होंने हमारी इतनी सारी जांच करा ली, लेकिन कुछ नहीं निकला। बोले कि बस घोटाला हो गया, उसमें कुछ नहीं निकला। बोले कि स्कूल के क्लासरूम बनवाने में घोटाला कर दिया, उसमें कुछ नहीं निकला। फिर बोले कि बिजली में हजार करोड़ रुपए का घोटाला हो गया, उसमें भी कुछ नहीं निकला। सड़क बनवाने में घोटाला हो गया, उसमें कुछ नहीं निकला। पानी में घोटाला हो गया, उसमें भी कुछ नहीं निकला। अब ये पता चल रहा है कि शराब घोटाला भी फर्जी है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ये लोग न खुद कुछ काम करेंगे और न दूसरे लोगों को काम करने देंगे। शराब घोटाला कुछ है ही नहीं, सब झूठ है। लोगों को प्रताडि़त करके झूठे बयान लिए गए हैं। सारे बयान झूठे हैं। सच्चाई यह है कि इन लोगों की नीयत खराब है। ये लोग काम नहीं करने देना चाहते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Oct 2023 20:16:47 +0530</pubDate>
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