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                <title>परीक्षा पर चर्चा-2026: पीएम मोदी ने कहा, परीक्षा में सफलता की गारंटी आत्मविश्वास होता है, हड़बड़ी नहीं </title>
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                        <![CDATA[पीएम मोदी ने परीक्षा पर चर्चा में छात्रों से कहा कि तनाव नहीं, लक्ष्य, धैर्य, आत्मविश्वास और सपने पर ध्यान दें, हड़बड़ी छोड़ समझदारी से पढ़ें, निरंतर मेहनत।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/discussion-on-examination-2026-pm-modi-said-that-the-guarantee-of/article-142131"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि छात्रों को परीक्षा के लिए तनाव पालने और ज्यादा नंबर लाने की होड़ की सोच पर ध्यान देने की बजाय जीवन के लक्ष्य की कसौटी पर खुद को कसते हुए निरंतर और धैर्य तथा आत्मविश्वास के साथ काम करते रहने की जरूरत पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>पीएम मोदी ने शुक्रवार को यहां अपने आवास पर 'परीक्षा पर चर्चा' को लेकर देश की विभिन्न हिस्सों से आए बच्चों से संवाद के कार्यक्रम में बच्चों से बात करते हुए कहा कि परीक्षा को बोझ नहीं मानना है और उसे आसानी से लेते हुए अपनी पढ़ाई करनी है। उन्होंने पुराने पेपर देखकर तैयारी करने को पुरानी बीमारी बताया और कहा कि नए दौर ने इसका कोई औचित्य नहीं है। यह एक तरह की बीमारी है इसलिए सहज रूप से अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए तैयारी करनी चाहिए और परीक्षा को तनाव की वजह या बोझ नहीं बनाना चाहिए।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी से एक बच्चे ने सवाल किया कि जीवन में सपना पलना जरूरी है, पीएम मोदी ने कहा कि सपना ना देखना जीवन के साथ सबसे बड़ा अपराध है। सपने से ही लक्ष्य बनते हैं और उससे शक्ति के साथ जीवन मे आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। कठिन से कठिन सपने को पाने के लिए अनुकूल मेहनत कर ही उसे पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को खुद का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए महापुरुषों की जीवनियां पढऩी चाहिए।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी परीक्षा के लिए आत्मविश्वास जरूरी है और आत्मविश्वास तभी आता है जब सच्चे मन से अपने विषय को अपने लक्ष्य के अनुसार पढ़ते हैं। उनका कहना था कि परीक्षा के समय हड़बड़ी नहीं करनी होती है क्योंकि हड़बड़ी से सब कुछ गड़बड़ हो जाता है इसलिए हड़बड़ी के बजाय आत्मविश्वास और पूरी समझ के साथ ध्यान लगाकर अपने विषय के प्रश्नपत्र को हल करना है। हड़बड़ी के कारण कई बार जो सवाल आते हैं वे भी गड़बड़ा जाते हैं जितनी भी मेहनत की होती है वह सब कुछ बेकार हो जाता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि अब वह समय नहीं है कि जब कहा जाता था कि सफलता उन्हीं को मिलती है जिनके पास सारी सुविधा होती है लेकिन अब हालात बदल गए है। गरीब से गरीब घर के बच्चे भी सर्वोत्तम अंकों के साथ परीक्षा पास कर रहे हैं। उन्होंने इसकी वजह स्वतंत्र सोच और सुविधा अनुसार पढ़ाई करने को बताया।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों से कहा कि हर चीज का एक पैटर्न होता है और अनुभव के आधार पर उसे बदला जा सकता है। उनका कहना था कि परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम उन्होंने जिस पैटर्न पर पहले शुरू किया था उसमें अनुभव के आधार पर धीरे-धीरे बदलाव उंन्होने लाया है। इसी तरह से हर बच्चे को अनुभव के आधार पर अपने कार्यों में बदलाव लाना चाहिए।</p>
<p>बच्चों से संवाद करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें लगता है कि अब देश के विभिन्न हिस्सों में बच्चों से परीक्षा पर चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई राज्य में उन्होंने यह कार्यक्रम किए हैं और उन्हें लगता है की और कार्यक्रम अन्य राज्यों में भी किए जाने चाहिए।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 12:00:23 +0530</pubDate>
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                <title>जयपुर लनिंर्ग फेस्टिवल 2025 : मोटिवेशनल स्पीकर सौरभ जैन ने 30 घंटे तक नोन-स्टॉप स्पीच देकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में बढ़ाया कदम, आत्महत्या से बचाव पर दिया व्याख्यान </title>
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                        <![CDATA[गुलाबी नगर जयपुर के बिडला ऑडिटोरियम में रविवार को लनिंर्ग और मोटिवेशनल फेस्ट 'जयपुर लनिंर्ग फेस्टिवल 2025' का भव्य शुभारंभ हुआ। सीखेगा भारत, तभी तो आगे बढ़ेगा भारत थीम पर आधारित आयोजन ने देशभर में उत्साह का वातावरण बना दिया है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के केंद्र में हैं-प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर सौरभ जैन, जो 30 घंटे की नोन-स्टोप स्पीच देकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-learning-festival-2025-motivational-speaker-saurabh-jain-took-a/article-131920"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुलाबी नगर जयपुर के बिडला ऑडिटोरियम में रविवार को लनिंर्ग और मोटिवेशनल फेस्ट 'जयपुर लनिंर्ग फेस्टिवल 2025' का भव्य शुभारंभ हुआ। सीखेगा भारत, तभी तो आगे बढ़ेगा भारत थीम पर आधारित आयोजन ने देशभर में उत्साह का वातावरण बना दिया है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के केंद्र में हैं-प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर सौरभ जैन, जो 30 घंटे की नोन-स्टोप स्पीच देकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें भामाशाह अशोक पाटनी, नंदकिशोर, प्रमोद पहाड़िया, चक्रश जैन, सुनिता जैन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। </p>
<p><strong>सौरभ ने आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता आत्महत्या से बचाव पर दिया व्याख्यान</strong><br />सौरभ जैन ने लगातार कई घंटों तक प्रेरक भाषण दिया, उन्होंने आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता, आत्महत्या से बचाव, तनावमुक्त जीवन जैसे 100 से अधिक विषयों पर चर्चा की। आयोजन के चीफ डायरेक्टर प्रमोद जैन ने बताया कि इस फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य लनिंर्ग और स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से राष्ट्र निर्माण को नई दिशा देना। विद्यार्थियों ने जहां टाइम मैनेजमेंट और स्टडी टेक्निक्स सीखने को लेकर बात की।  महिलाओं को आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का संदेश दिया। प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुधीर जैन गोधा ने बताया कि इस आयोजन में 700 से अधिक संस्थाओं और 250 विशेषज्ञों की टीम काम कर रही है। मीडिया प्रभारी विनोद जैन कोटखावदा और राजकुमार बैद ने बताया कि जो प्रतिभागी 9 घंटे या उससे अधिक समय तक स्पीच सुनेंगे उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफि केट प्रदान किया जाएगा। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 11:10:30 +0530</pubDate>
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                <title>भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रसकिन्हा ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र</title>
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                        <![CDATA[हॉकी के पूर्व कप्तान रसकिन्हा ने मुंबई की गलियों में अपने बड़े होने के दिनों के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्होंने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में लिएंडर पेस की जीत को अपने जीवन का सबसे अतिसंवेदनशील बिंदु करार दिया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/former-indian-hockey-team-captain-viren-rasquinha-gave-success-mantra-to-students/article-20584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/index14.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रसकिन्हा ने 'चेंजमेकर्स' श्रृंखला में भाग लेते हुए छात्रों के साथ बातचीत करते हुए ''नम्बर एक बनो और दूसरा सर्वश्रेष्ठ कुछ नहीं' के मंत्र को दोहराया। </p>
<p>हॉकी में साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के लिए 2005 के अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित रसकिन्हा ने कहा कि खेल सभी को टीम निर्माण, समानता, अनुशासन, समावेश, सम्मान और निष्पक्षता जैसे मूल्यों को सिखाने का एक उत्कृष्ट साधन है।</p>
<p>हॉकी के पूर्व कप्तान रसकिन्हा ने मुंबई की गलियों में अपने बड़े होने के दिनों के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्होंने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में लिएंडर पेस की जीत को अपने जीवन का सबसे अतिसंवेदनशील बिंदु करार दिया। उन्होंने कहा कि मैं अभी किशोरावस्था में था। यह मेरी प्रेरणा का क्षण था और तभी से मेरे मन में भारत के लिए खेलने की चाह जगी और मेरी इच्छा भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी करने की जगी थी और ओलंपिक में खेलना चाहता था। मैं खुशनसीब हूं कि मैंने ये सब पाया।</p>
<p>रसकिन्हा 2004 में एथेंस ओलंपिक टीम के सदस्य थे। रसकिन्हा ने 2008 में 28 साल की उम्र में मैनेजमेंट की पढ़ाई करने के लिए अंतरराष्ट्रीय हॉकी छोड़ दी थी। वह अब ओलंपिक गोल्ड केस्ट के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।</p>
<p>छात्रों को प्रतिदन सैर और व्यायाम के माध्यम से सक्रिय रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि जो जुनून आप चाहते हैं उसका पीछा करें और एक स्वस्थ राष्ट्र के लिए खेल की संस्कृति को आगे बढ़ाएं।</p>]]>
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                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Aug 2022 18:08:43 +0530</pubDate>
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