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                <title>hackers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>एपीके फाइल भेजकर सेंध लगा रहे साइबर ठग, यूजर्स को एज्यूकेट और जागरुक करने के अलावा कोई रास्ता नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[इस तरह के मामलों में यूजर्स को एज्यूकेट और जागरुक करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cyber-thugs-are-breaking-in-by-sending-apk-files/article-111756"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शादियों का सीजन शुरू हो चुका है और डिजिटल निमंत्रण भेजने का चलन भी जोरों पर हैं। लेकिन सावधान। आपको  किसी अनजान नंबर से शादी के निमंत्रण का डिजिटल कार्ड एपीके फाइल में मिला है तो सतर्क हो जाएं। आप साइबर ठगी या डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो सकते हैं। साइबर ठग हर बार नए तरीके से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।  एपीके फाइल मोबाइल फोन में डाउनलोड होने के बाद रन करते ही आपकी सारी जानकारी साइबर ठगों तक पहुंच जाती है। वह आपका बैंक अकाउंट साफ कर सकते हैं या आपको डिजिटल अरेस्ट कर मोटी रकम ऐंठ सकते हैं। कई मामलों में हैकर्स व्हाट्सएप को हैक करके भी कॉन्टेक्ट लिस्ट या ग्रुप में परिचित के व्हाट्सएप नंबर से एपीके शादी के कार्ड के नाम से भेज देते हैं। लोग परिचित के वॉट्सएप नंबर से आई एपीके फाइल पर विश्वास करके ओपन कर लेते हैं। ऐसा ही एक मामला शहर में हाल ही सामने आया। ऐसे मामलों से बचने के लिए दैनिक नवज्योति ने कई साइबर एक्सपर्ट से बात की। </p>
<p><strong>साइबर ठगी का शिकार होते बाल बाल बचा</strong><br />गुरुवार 17 अप्रैल को एक व्यक्ति के व्हाट्सएप एकाउन्ट को साइबर ठग ने हैक कर लिया। हैकर्स ने एकाउन्ट के सभी नम्बर पर एपीके फाइल से शादी का कार्ड भेजा। इसमें लिखा था - "मेरे भाई की शादी है आप को जरुर आना है। आप हमारे भाई की शादी में आमंत्रित है। शादी का निमंत्रण कार्ड अभी डाउनलोड करें। इस मैसेज को यदि किसी के भी द्वारा डाउन लोड कर रन कर लिया जाता तो सम्पूर्ण जानकारी हैकर्स को मिल जाती और वह उस व्यक्ति का खाता साफ कर देते। पीड़ित ने तुरन्त पुलिस सहायता ली। बिना समय गंवाए साइबर थानाधिकारी ने  व्हाट्सएप को डिलिट किया तथा फिर दोबारा इंस्टॉल किया। इस प्रकार यह व्यक्ति साइबर ठगी से बच गया। </p>
<p><strong>किसी अनजान या गलत लिंक को न खोलें</strong><br />मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर, अनजान लिंक अथवा ग्रुप और परिचित के नंबर से आई हुई एपीके फाइल के नाम से कोई फाइल या एपीके मैसेज आए तो सर्तक हो जाएं। उसे भूलकर भी  कभी क्लिक नहीं करें और डाउनलोड नहीं करें। अनजान लिंक को खोलना खतरनाक हो सकता है आप फंस सकते हैं। इसलिए सावधानी बरतें। यदि गलती से डाउनलोड हो जाए, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। साइबर थाने में शिकायत करें।  <br /><strong>- विनोद कुमार, इंचार्ज साइबर थाना कोटा</strong></p>
<p><strong>यूजर्स को ही होना होगा जागरुक</strong><br />मोबाइल के अंदर जो भी वायरस आएगा वह एपीके फाइल में ही आएगा। मोबाइल में दो ही आॅपरेटिंग सिस्टम काम करते हैं,  एंड्रॉइड और आईओएस। कोई अच्छा सॉफ्टवेयर डालना है या मोबाइल को करप्ट करना है तो फाइल  एपीके में ही आएगी। अब यह समझना पडेगा कि आपके पास जो मैसेज आ रहा है  वास्तविक सोर्स से है या नहीं। गूगल अब सिक्योरिटी को लेकर बहुत ज्यादा सख्त हो गया है  जितने भी लेटेस्ट मोबाइल हैं उनमें थर्ड पार्टी एपीके यानि किसी मोबाइल पर एपीके फाइल  आ रही है तो वह उसको बायडिफॉल्ट एलाऊ नहीं करता। एलाऊ  तब करता है जब आपने उसको कन्सेंट दिया हुआ है। इनसे बचने के लिए यूजर्स को जागरूक होना पड़ेगा। सभी एपीके फाइल वायरस वाली नहीं होती। मोबाइल के अलावा मेल के केस में भी ऐसा हो सकता है। इसलिए जिन्हें आप नहीं जानते ऐसे अंजान लिंक पर नहीं जाए। इस तरह के मामलों में एज्यूकेट करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। फाइल डाउनलोड होना एक चीज है जब उस पर क्लिक करेगें तब वह रन होगा। डाउनलोड होना मुख्य नहीं है उस पर क्लिक करना इम्पोर्टेन्ट हैं। कोई भी कितना भी बड़ा वायरस है वह यदि रन नहीं कराया है तो वह डैड कंडीशन में पड़ा है। वह एक्टिव तब होता है जब उस पर क्लिक कर देते हंैं।<br /><strong>- मनोज कुमार शर्मा, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, एक्सल नेटवर्क जयपुर</strong></p>
<p><strong>सतर्कता ही बचाव की कुंजी है</strong><br />एपीके फाइल्स से तो सावधान रहें ही, कोई भी लिंक, कोई भी कॉल , ओटीपी हो सकता है इनसे भी हमें सतर्क रहना है।  ऐसी फाइलें थर्ड पार्टी फाइल्स होती हैं  इनसे नुकसान के चांस अधिक होते हैं। ऐसी फाइल्स डाउनलोड करने से पहले वार्निंग आती है कि यह हार्मफुल फाइल है, ऐसा होने पर उसे इग्नोर ना करें। कई बार लोग डाउनलोड कर लेते हैं। इसके बाद हैकर वाट्सएप को हैक कर लेता है और फिर आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा और आर्थिक नुकसान पहुंचाने का प्रयास करता है। इसलिए सतर्कता ही बचाव की कुंजी है। ऐेसी फाइल्स को तुरंत  डीलिट कर देना चाहिए।  <br /><strong>- सतीश चंद, साइबर एक्सपर्ट एवं पुलिस निरीक्षक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Apr 2025 14:57:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका में चीन के 12 हैकर गिरफ्तार : सरकारी एजेंसियों समेत विभिन्न संस्थानों को बना रहे थे निशाना, कई देशों के विदेश मंत्रालयों को भी किया प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय (एमपीएस) के 2 अधिकारियों सहित 12 चीनी नागरिकों की दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधियों को बाधित करने और रोकने के लिए अपने समन्वित प्रयासों की घोषणा की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-us-12-hackers-of-china-were-arrested-for/article-106603"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/hacking.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। अमेरिका ने कहा कि देश में बड़े पैमाने पर सरकारी एजेंसियों समेत विभिन्न संस्थानों को हैकिंग के जरिये निशाना बनाने के आरोप में 12 चीनी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। न्याय विभाग ने एक बयान में कहा कि न्याय विभाग, एफबीआई, नौसेना आपराधिक जांच सेवा तथा विदेश और वित्त विभागों ने चीन के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय (एमपीएस) के 2 अधिकारियों सहित 12 चीनी नागरिकों की दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधियों को बाधित करने और रोकने के लिए अपने समन्वित प्रयासों की घोषणा की। </p>
<p>बयान में कहा गया कि हिरासत में लिये गये लोग एक चीनी निजी कंपनी के फ्रीलांसर या कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे तथा चीनी विदेश सुरक्षा मंत्रालय के निर्देश पर कथित तौर पर पैसे के लिए कंप्यूटर हैक करने का काम कर रहे थे। बयान में कहा गया कि हैकरों की गतिविधियों ने अमेरिकी संघीय और राज्य सरकार की एजेंसियों, जिनमें वित्त विभाग भी शामिल है, इसके अलावा अमेरिका में रहने वाले चीनी असंतुष्टों, कई एशियाई देशों के विदेश मंत्रालयों और एक प्रमुख धार्मिक संगठन को भी प्रभावित किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Mar 2025 15:25:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानोता में हैकर्स हाईटेक सिस्टम से प्रदेश के पांच जिलों में करवाने वाले थे नकल </title>
                                    <description><![CDATA[ जानकारी के अनुसार तकनीकी सहायक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी को ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए एक सिस्टम अलॉट हुआ था। जो अभ्यर्थी तय रकम दे देता तो उसके सिस्टम को ये शातिर हैकर कानोता स्थित मुख्य सेंटर से हैक कर लेते और जो पेपर अभ्यर्थी के कम्प्यूटर पर दिखाई देता वह पेपर इनके पास भी आ जाता। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-kanota-hackers-were-going-to-copy-in-five-districts-of-the-state-through-hi-tech-system/article-20801"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/kk1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आरएसईबी की ओर से बीते शनिवार को हुई तकनीकी सहायक भर्ती परीक्षा में हैकरों ने सिस्टम को इस तरीके से हैक किया था कि वे जयपुर के कानोता में बैठकर प्रदेश के पांच जिलों बीकानेर, जोधपुर, अलवर, अजमेर और कोटा समेत जयपुर में अभ्यर्थियों को पेपर में नकल करवाने वाले थे, लेकिन आतंकवादी निरोधक दस्ता (एटीएस) ने इनकी प्लानिंग को फेल कर सिस्टम को हैक होने से बचा लिया। हैक करने में प्रदेश के 20 कोचिंग संचालक शामिल थे। पेपर हल करवाने के लिए कानोता के राहुल मीणा के आरजे कोचिंग सेंटर को मुख्य केन्द्र बनाया गया था। इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के बाद एडीजी एटीएस अशोक राठौड़ ने मामले की जांच एंटी चीटिंग सेल एसओजी को सौंप दी है। एटीएस के चलाए गए आॅपरेशन पतंग-डोर के तहत सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनके कब्जे से आठ लैपटॉप, 10 मोबाइल और तीन चौपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। कार्रवाई के लिए एटीएस एडीजी अशोक राठौड़ के आदेश पर आईजी विकास कुमार की मॉनिटरिंग में जयपुर में सात, जोधपुर में एक, अजमेर में दो, बीकानेर में दो, कोटा में तीन और अलवर में तीन जगह दबिश दी गई थी। इस दबिश में आरएसईबी के अधिकारियों को भी शामिल किया गया था।</p>
<p><strong>जो रुपए देता उसका सिस्टम होता हैक<br /></strong>जानकारी के अनुसार तकनीकी सहायक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी को ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए एक सिस्टम अलॉट हुआ था। जो अभ्यर्थी तय रकम दे देता तो उसके सिस्टम को ये शातिर हैकर कानोता स्थित मुख्य सेंटर से हैक कर लेते और जो पेपर अभ्यर्थी के कम्प्यूटर पर दिखाई देता वह पेपर इनके पास भी आ जाता। इसके लिए पूर्व में ही बिठाए गए एक्सपर्ट टीचर से पेपर हल करवा देते और अभ्यर्थी का पेपर पूरा हो जाता। इस दौरान मूल अभ्यर्थी सिर्फ डमी की तरह अपने कम्प्यूटर पर बैठा रहता। पूछताछ में अब और नए खुलासे होने की सम्भावना है। </p>
<p><strong>पकड़े गए बदमाश<br /></strong>गिरफ्तार आरोपियों में रावल मीणा उर्फ  राहुल मीणा (27) जामडोली कानोता, अजीत सिंह (34) राजवाडा मुंडावर अलवर, जस्साराम (41) जैन मंदिर के पास नसीराबाद अजमेर, भाग्यशाली चंद (32) राजगढ़ अलवर, विनोद कुमार मीणा (34) विजयनगर महेश नगर, गिर्राज शर्मा (34) बालकिशनपुरा जयसिंहपुरा और महेश मीणा (29) रामगढ़ पचवारा दौसा के रहने वाले हैं। </p>
<p><strong>स्टाफ भी था शामिल<br /></strong>जांच में सामने आया है कि इस परीक्षा के लिए परीक्षा केन्द्रों के स्टाफ  से सांठ-गांठ की गई थी। हर सेंटर में मौजूद सर्वर व सर्वर से जुड़े हुए कम्प्यूटर सिस्टम जो एलएएन से जुड़े थे, उनको हैक करने का प्रयास किया गया, लेकिन एटीएस की कार्रवाई से इन्हें सफलता नहीं मिली। अब पूछताछ में खुलासा होगा कि किस कोचिंग संचालक व उसके स्टाफ ने मिलीभगत करने के लिए कितनी रकम ली थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Aug 2022 11:25:17 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>तकनीकी सहायक का पेपर हल कराने के लिए हैकरों ने 6 लाख में किया सौदा</title>
                                    <description><![CDATA[इसलिए सात दिन पहले ही हैकरों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन पतंग डोर शुरू कर दिया था। इस ऑपरेशन के तहत परीक्षा से पूर्व बीकानेर, कोटा, अलवर, अजमेर और जयपुर में 20 अलग-अलग जगहों पर 20 टीमों ने दबिश दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/hackers-made-a-deal-for-6-lakhs-to-solve-the-paper/article-20711"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/465465465119.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से तकनीकी सहायक तृतीय भर्ती परीक्षा में पेपर हल करवाने के लिए हैकरों ने सिस्टम को हैक कर लिया था। एटीएस की टीमों को इसकी जानकारी मिली थी। इसलिए सात दिन पहले ही हैकरों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन पतंग डोर शुरू कर दिया था। इस ऑपरेशन के तहत परीक्षा से पूर्व बीकानेर, कोटा, अलवर, अजमेर और जयपुर में 20 अलग-अलग जगहों पर 20 टीमों ने दबिश दी। एटीएस ने 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से 8 लैपटॉप, तीन कार और कई महंगे मोबाइल जब्त किए हैं। इन सभी से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पेपर हल करवाने के लिए 6 लाख रुपए में सौदा हुआ था। </p>
<p><strong>सात दिन से निगरानी सिस्टम को हैक से बचाया</strong><br />एसओजी-एटीएस के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि तकनीकी सहायक भर्ती परीक्षा के मद्देनजर प्रदेश भर में कई जगह पर कार्रवाई की गई है। इसके लिए आईजी विकास कुमार के नेतृत्व में टीमों ने दबिश दी थी। इस कार्रवाई के लिए सात दिन से ही एटीएस टीम काम कर रही थी। परीक्षा कराने वाले सिस्टम को हैक होने से बचाया है।</p>
<p><strong>तीन लाख पहले और तीन लाख बाद में तय</strong><br />जानकारी के अनुसार इस पेपर को हल करवाने के लिए हैकरों और ग्रुप में शामिल अन्य लोगों ने एक अभ्यर्थी से 6 लाख रुपये में सौदा किया था। तीन लाख रुपये पहले और तीन लाख रुपए बाद में देने की बात तय हुई थी। यह खुलासा पूछताछ में अभ्यर्थियों ने किया है।</p>
<p><strong>सिस्टम हैक करने की प्लानिंग</strong><br />एटीएस के अनुसार तकनीकी सहायक की परीक्षा ऑनलाइन होनी थी। अभ्यर्थी सिस्टम पर बैठता और समय शुरू होने के बाद उसके कंप्यूटर पर ऑनलाइन पेपर आता और उस पेपर को ऑनलाइन ही अभ्यर्थी हल करता और सबमिट कर देता। हैकरों ने वीपीएन के जरिए सिस्टम को हैक करने की प्लानिंग की थी। इसका मुख्य केंद्र कानोता स्थित आरजे कोचिंग सेंटर रखा गया। वहां पर एक्सपर्ट टीचर बुलाए गए, जो पेपर को हल करने वाले थे। इससे पहले ही एटीएस की टीमों ने इस सिस्टम को हैक होने से बचा लिया और पेपर इन हैकरों के पास नहीं पहुंचा। उससे ही पहले टीमों ने दबिश देकर इन्हें पकड़ लिया। पकड़े गए शातिरों में एक्सपर्ट टीचर, अभ्यर्थी, कोचिंग संचालक और दलाल शामिल हैं। यह परीक्षा 12 बजे से 2 बजे तक होनी थी और इसमें करीब 15000 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Aug 2022 10:35:37 +0530</pubDate>
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