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                <title>असर खबर का...आधुनिक मोटर मार्केट में निगम ने शुरू की सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[मोटर मार्केट बनने के बाद से सफाई न होने से कचरे के ढेर लगे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--municipal-corporation-begins-cleanup-at-the-modern-motor-market/article-162532"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/333331.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। डीसीएम रोड स्थित संजय नगर आरओबी के पास बने आधुनिक मोटर मार्केट में आखिरकार नगर निगम ने शनिवार को सफाई शुरू करवा ही दी। जेसीबी डम्पर की सहायता से कचरा साफ किया जा रहा है।पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय में तत्कालीन नगर विकास न्यास की ओर से डीसीएम रोड पर आधुनिक मोटर मार्केट का निर्माण कराया था। इस मार्केट में करीब 400 से अधिक दुकानें बनाई गई। साथ ही यहां चौड़ी सड़कें, रोशनी, जन सुविधा और प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग द्वार समेत अन्य सुविधाएं भी विकसित की। जिससे इसे आधुनिक मोटर मार्केट का नाम दिया गया। इस मार्केट में एरोड्राम चौराहे के पास पूर्व में संचालित मोटर मार्केट में काम करने वाले मिस्त्रियों व मैकेनिकों का पुनर्वास किया गया। एक निर्धारित राशि में मैकेनिकों को सुविधा जनक दुकानें मार्केट के रूप में उपलब्ध करवाई गई। जिससे एरोड्राम चौराहे के पास धानमंडी के सामने की सड़क को चौड़ा किया जा सका।</p>
<p><strong>सफाई नहीं होने से लगे कचरे के ढेर</strong><br />मोटर मार्केट बनने के बाद से वहां नियमित सफाई नहीं होने से वहां कचरे के ढेर जमा हो गए। प्रवेश द्वार से लेकर पूरे मार्केट में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। साथ ही चारों तरफ की नालियां जाम हैं। जिससे वहां काम करने वाले दुकानदारों के साथ ही आने वाले लोगों को भी दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है और बीमारियां फेलने का खतरा बना हुआ है।</p>
<p>नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के साथ ही नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और मार्केट में शनिवार को सफाई शुरू करवा दी गई है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि शनिवार को निगम की ओर से जेसीबी डम्पर आए। जिन्होंने कचरा उठाने के साथ ही नालियों को भी साफ किया। इससे दुकानदारों को राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>निगम को नहीं हुआ मार्केट हैंडओवर</strong><br />नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी मोतीलाल चौधरी ने बताया कि आधुनिक मोटर मार्केट का निर्माण तो केडीए ने करवाया है। लेकिन अभी तक उसे निगम को हैंड ओवर नहीं किया है। जिससे वहां निगम के सफाई संसाधन नियमित नहीं जा पा रहे हैं। हालांकि सम्पति केडीए की हो या अन्य विभाग की। उनकी सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम की है। समाचार पत्र में मामला प्रकाशित होने के बाद आयुक्त के निर्देश पर मार्केट में जेसीबी डम्पर भेजकर सफाई शुरू करवा दी है। हालांकि वहां कचरा अधिक होने से पूरी सफाई होने में कुछ समय लगेगा।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />डीसीएम रोड स्थित आधुनिक मोटर मार्केट के गंदगी से अटे होने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 6 अगस्त को पेज 4 पर' गाडिय़ां ठीक करवाने आ रहे,सेहत खराब करवा कर जा रहे लोगÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि कहने को तो यह आधुनिक मोटर मार्केट है। लेकिन यहां इतनी अधिक गंदगी, कचरे के ढेर व नालियां जाम है। जिससे गाडिय़ां ठीक करवाने आने वाले लोग और वहां काम करने वाले मिस्त्री अपने साथ बीमारियां लेकर जा रहे हैं। समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और मार्केट में सफाई शुरू करवाई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 10 Aug 2026 16:03:28 +0530</pubDate>
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                <title>सुवास पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था फेल, गांवों में गंदगी बनी मुसीबत</title>
                                    <description><![CDATA[ नालियों की सफाई और कचरा संग्रहण की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग तेज।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/sanitation-system-fails-in-suvas-panchayat--filth-in-villages-becomes-a-major-issue/article-161428"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(6)6.png" alt=""></a><br /><p>किशनगंज। केंद्र एवं  राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत भले ही स्वच्छत को लेकर लगातार दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हों, लेकिन किशनगंज पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुवास में जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। ग्राम ग्राम सुवास, नयागांव सहित पंचायत क्षेत्र के कई गांवों में नियमित सफाई व्यवस्था नहीं होने से जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं, जिससे दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्वच्छता अभियान के तहत लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद धरातल पर सफाई व्यवस्था प्रभावी दिखाई नहीं दे रही है।</p>
<p><strong>निर्देशों के बाद भी हालात जस के तस</strong><br />ग्रामीणों के अनुसार पंचायत समिति के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। इससे पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।</p>
<p><strong>मंत्री के निर्देशों की नहीं हो रही पालना</strong><br />स्वच्छता को लेकर दिए जा रहे उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के निर्देशों की प्रभावी पालना नहीं हो रही है। उन्होंने मांग की है कि गांवों में नियमित सफाई कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, नालियों की समय पर सफाई कराई जाए और स्वच्छ भारत मिशन के नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाए।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सुवास गांव के मुख्य सड़क पर नालिया निर्माण नहीं होने से पानी सड़क पर बहता रहता है। गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती।<br /><strong>-लेखराज, ग्रामीण</strong></p>
<p>बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं। घरों के सामने गंदगी और पानी भरने से मच्छर, मक्खी पैदा होने से बच्चो और बुजुर्गों के बीमार होने का डर बना रहता है।<br /><strong>-सुनील, ग्रामीण</strong></p>
<p>स्वच्छ भारत अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आता है। गांव में नियमित सफाई हो और कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।<br /><strong>- गौरव, ग्रामीण</strong></p>
<p>गांव का निरीक्षण कर नाली निर्माण, कचरा संग्रहण, नियमित सफाई को लेकर ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है।<br /><strong>- नवल किशोर मीणा,कार्यवाहक विकास अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 15:11:28 +0530</pubDate>
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                <title>पानी और छांव के लिए यार्डों के चक्कर काट रहा धरती पुत्र</title>
                                    <description><![CDATA[सुलभ कॉम्प्लेक्स गंदगी से अटे, टोटियां और पाइप गायब, किसान कलेवा योजना में ठंडे पानी की दरकार।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the--son-of-the-soil--roams-the-yards-in-search-of-water-and-shade/article-155471"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(3)72.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एशिया की सबसे बड़ी भामाशाह कृषि उपज मंडी में इन दिनों हाड़ौती सहित विभिन्न क्षेत्रों से किसान जिंस बेचने के लिए आ रहे हैं। लेकिन भीषण गर्मी के चलते किसानों को न तो पर्याप्त मात्रा में छांव मिल पा रही है और न ही पीने के पानी के लिए उन्हें एक यार्ड से दूसरे यार्ड के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अत्यधिक गर्मी के कारण किसान मजबूरन पास की कैंटीन से पानी की बोतलें खरीदकर पी रहे हैं, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है।</p>
<p>बूढ़ादीत से मंडी में जिंस बेचने आए किसान श्यामलाल ने बताया, मैं शुक्रवार तड़के ही मंडी आ गया था, लेकिन इतनी भीषण गर्मी में भी दोपहर तीन बजे जाकर मेरा नंबर आया। इस दौरान मैंने प्याऊ से कभी पानी ठंडा आ रहा तो कभी गर्म इस कारण एक-दो बार बोतल खरीदनी पड़ी। दिनभर धूप से बचने के लिए इधर-उधर भटकता रहा और दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के नीचे सोकर तथा पेड़ों की छांव में बैठकर अपनी जिंस की रखवाली की।</p>
<p>रामगंजमंडी से आए राजू लाल ने बताया कि प्याऊ में कभी गर्म तो कभी ठंडा पानी आता है। मंडी में छांव वाले स्थान (टीन शेड) बेहद कम हैं। किसान मुकेश ने बताया कि कलेवा योजना में किसानों के लिए ठंडे पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं हैं, एक ड्रम पर कपड़ा बांधकर रखकर हैं। जिससे में भी नाममात्र का गर्म पानी आ रहा हैं। करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाली इस मंडी का आलम यह है कि प्यास बुझाने के लिए किसानों को एक यार्ड से दूसरे यार्ड के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।</p>
<p><strong>पर्याप्त मात्रा में प्याऊ और टीनशेड हो </strong><br /> देखा जाएं तो मंडी में प्याऊ की संख्या कम होने की वजह से किसानों को एक यार्ड से दूसरे यार्ड में पानी लेने जाना पड़ा रहा हैं। जिसकी वजह से उनको कई बार फसल की सुरक्षा की चिंता रहती हैं। किसान रंगलाल, विजय कुमार, विशाल कुमार ने बताया कि मंडी प्रशासन को चलती -फिरती प्याऊ की व्यवस्था करनी चाहिए। जिससे किसानों को पानी के लिए परेशान नहीं होना पडेÞ। वहीं किसान विजय कुमार ने बताया कि प्याऊ से नाममात्र का ठंडा पानी आ रहा जिसके चलते मैंने करीब दो से तीन बोतल पानी खरीदकर पिया हैं। जिससे किसानों के जेब पर दोहरी आर्थिक मार पड़ा रही। वहीं जिंसों की नीलामी भी खुले में हो रही जिसके चलते हमे इधर-उधर बैठकर ही धूप में इनकी निगरानी करनी पड़ती हैं। वहीं किसान भवन में किसानों के सोने के लिए बेड लगा रखे, हवा के लिए पंखे लगा रखे हैं, पर भवन में दिन में सन्नाटा पसरा हुआ था।</p>
<p><strong>सुलभ कॉम्प्लेक्स में गंदगी का अंबार </strong><br />भामाशाह मंडी स्थित कॉम्प्लेक्स व टॉयलेट में गंदगी का अंबार लगा हुआ। कॉम्पलेक्स क्रमांक एक में तो शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं, इनके नल से टोटियां गायब हो चुकी है, कुछ गेट क्षतिग्रस्त है, गेट से कुंडी भी गायब हो चुकी हैं। इनके यूरीनल से भी पाइप गायब है साथ ही क्षतिग्रस्त भी हो रहे हैं। इसी से थोड़ी दूरी पर स्थित टॉयलेट भी बदतर स्थिति में हैं। वहीं इसी के पास स्थिति टॉयलेट में पानी डालने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है और ना ही गेट लगाएं हुए हैं, कुछ यूरीनल तो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।</p>
<p><strong>किसान कलेवा भवन में वाटर कूलर की दरकार </strong><br /> किसान कलेवा योजना भवन में यदि देख जाएं तो करीब देखा जाएं तो पचास से सौ किसान प्रतिदिन दो बजे तक खाना खाते हैं। किसानों ने बताया कि यहां पर पानी पीने के लिए एक ड्रम रखा हुआ। जिसमें कपड़ा बांध रखा है। ड्रम भी गंदगी के बीच में रखा हुआ। जिसमें भी पानी नाममात्र का ठंडा है जिसके चलते किसानों को पानी खरीदकर पीना पड़ा रहा हैं।किसान संदीप कुमार ने बताया कि किसान कलेवा का समय अभी 10 से 5 बजे तक उसको बढ़ाया जाना चाहिये।</p>
<p><strong>ये बोले किसान</strong></p>
<p><strong>धर्मकांटे पर ही हो तुलाई <br /> मैं रात को ही घर से रवाना होकर तड़के मंडी पहुंच गया था। दोपहर बाद जिंस बिकी और उसे तुलाने के बाद अब पैसे लेकर घर जाऊंगा। यदि मंडी में ट्रैक्टर-ट्रॉली खाली कराने के बजाय सीधे धर्मकांटे पर ही जिंस की तुलाई हो जाए, तो किसानों का काफी समय बच सकता है।<br />- महावीर, किसान</strong></p>
<p><strong>प्रतिदिन हो कॉम्प्लेक्स की सफाई</strong><br /> मैं पहली बार मंडी में अपनी जिंस बेचने आया हूँ। रात को ही ट्रैक्टर लेकर रवाना हुआ था और यहाँ आने के बाद माल खाली करवाया। नीलामी में दोपहर बाद मेरा नंबर आया।पानी लेने के लिए एक यार्ड से दूसरे यार्ड में जाना पड़ता है, जिसके चलते परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। मंडी में पानी के प्याऊ की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और सुलभ कॉम्प्लेक्स की प्रतिदिन सफाई होनी चाहिए।<br /><strong>- रामचरण मीणा,</strong> किसान</p>
<p><strong>भाड़े के नुकसान से बचेंगे किसान </strong><br /> मंडी में जिंस तुलाई के लिए धर्मकांटा होना बेहद जरूरी है। इससे किसानों को माल खाली नहीं करना पड़ेगा और जल्दी नंबर आने से ट्रैक्टर-ट्रॉली के अतिरिक्त भाड़े की मार से किसान बच सकेंगे। इससे किसानों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।<br /><strong>- पप्पू लाल,</strong> किसान</p>
<p><strong>तड़के से शाम हो गई </strong><br /> मैं मंडी में लहसुन बेचने आया हूँ। रात को ही किराए की ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर रवाना हुआ था। जिंस की नीलामी होने और पैसे मिलने तक शाम हो गई। इस दौरान प्याऊ से कभी गर्म तो कभी ठंडा पानी आया, जिसके कारण मुझे 3-4 बार पानी की बोतल खरीदनी पड़ी। किसान कलेवा योजना में भोजन करने के बाद भी ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए वहाँ भी बोतल खरीदकर ही प्यास बुझानी पड़ी।<br /><strong>- त्रिलोक कुमार,</strong> किसान</p>
<p> मंडी के पुराने कॉम्प्लेक्स की शीघ्र ही मरम्मत करवाई जाएगी। साथ ही तीन नये कॉम्प्लेक्टस बनाने के लिए बजट बनाने व मरम्मत के लिए बजट का आवंटन हो चुका हैं। और जो भी समस्या है उनका निराकरण किया जाएगा।<br /><strong>-मनोज कुमार मीणा, </strong>सचिव भामाशाह मंडी </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 15:11:05 +0530</pubDate>
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                <title>मुख्य मार्गों पर गंदगी,  बरसों बाद भी कचरा पाइंट मुक्त नहीं हो रहा शहर</title>
                                    <description><![CDATA[घर-घर कचरा संग्रहण, फिर भी सड़क पर डल रहा कचरा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/main-roads-are-littered-with-garbage--the-city-remains-far-from-becoming-garbage-point-free-even-after-years/article-136614"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px28.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्मार्ट सिटी से पर्यटन नगरी बनने जा रहे कोटा शहर में जहां नगर निगम द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण किया जा रहा है। उसके बाद भी शहर के मुख्य मार्गों पर ही कचरे का ढेर लगा हुआ है। बरसों बाद भी शहर कचरा पॉइंट मुक्त नहीं बन पाया।एक तरफ तो कोटा शहर को सफाई के मामले में इंदौर की तर्ज पर बनाने का दावा व प्रयास किया जाता है। लेकिन वास्तव में उस दिशा में किए जाने वाले प्रयास पर्याप्त नहीं हो पा रहे हैं। नगर निगम की ओर से पूरे शहर में टिपरों के माध्यम से घर-घर कचरा संग्रहण किया जा रहा है। वैसे तो सुबह-शाम दो पारियों में टिपरों के संचालन का प्रावधान है लेकिन फिलहाल शहर में सुबह के समय ही टिपर चल रहे हैं। सुबह 7 से 11 बजे के बीच हर वार्ड में दो से तीन टिपर डोर टू डोर जाकर कचरा एकत्र कर रहे हैं। उसके बाद भी शहर में मुख्य मार्गों पर तो कचरा डल ही रहा है। अधिकतर जगहों पर कचरा पॉइंट भी दिनभर कचरे से अटे रहते हैं।</p>
<p><strong>शहर को कचरा पॉइंट मुक्त बनाने की थी योजना</strong><br />नगर निगम अधिकारियों का दावा था कि जिस तरह से इंदौर में सड़क पर कचरा नजर नहीं आता है। उसी तरह से कोटा शहर की सड़कों को भी बनाया जाएगा। इंदौर में ट्रेचिंग ग्राउंड तक पर कचरा नहीं दिखता। वहां हरियाली व गार्डन होने से लोग घूमने के लिए जाते हैं। उसी तरह की योजना कोटा में भी लागू करनी थी। लेकिन अभी तक वह मूर्त रूप नहीं ले सकी है। पिछले कांग्रेस बोर्ड के समय में कोटा उत्तर व दक्षिण निगम में कई कचरा पॉइंट को समाप्त किया गया था। उत्तर निगम क्षेत्र में ही कुछ ही समय में करीब तीन दर्जन कचरा पॉइंट खत्म किए गए थे। उनकी जगह पर हरियाली विकसित की गई। लेकिन उसके बाद यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। जयपुर गोल्डन पर तालाब किनारे का क्षेत्र हो या नयापुरा में बृज टॉकीज, चम्बल की छोटी पुलिया का रास्ता हो या अन्य स्थान। ऐसी कई जगह पर कचरा पॉइंट खत्म कर वहां छतरी व हरियाली विकसित की गई।</p>
<p><strong>जरा-जरा सी दूरी पर कचरा पॉइंट</strong><br />शहर में कोई भी वार्ड या मुख्य मार्ग ऐसा नहीं हैं। जहां कचरा पॉइंट नहीं हो। हालत यह है कि जरा-जरा सी दूरी पर ही कचरा पॉइंट बने हुए हैं। फिर चाहे वह बारां रोड अंटाघर चौराहे से एसपी कार्यालय व पुलिस लाइन तक का क्षेत्र हो या नयापुरा का। बूंदी रोड परत बडगांव का क्षेत्र हो या अन्य कोई क्षेत्र। अभी भी वहां वार्डों से आने वाला कचरा निगम के कर्मचारी ही डाल रहे हैं। जानकारी के अनुसार कोटा उत्तर क्षेत्र में ही करीब 200 से अधिक कचरा पॉइंट हैं।वहीं लोग सड़क पर कचरा नहीं डालें इसके लिए निगम की ओर से जगह-जगह पर कचरा पात्र भी रखवाए गए हैं। फिर चाहे छावनी में एलआईसी बिल्डिंग के पास हो या गुमानपुरा में मल्टीपरपज स्कूल के पास। इसके अलावा कई अन्य जगह पर कचरा पात्र रखे गए हैं। उसके बाद भी उन जगह पर सड़कों पर ही कचरे के ढेर लगे हुए हैं।</p>
<p><strong>रात में भी हो रही मुख्य मार्गों की सफाई</strong><br />शहर साफ व सुंदर दिखे। इसके लिए अभी नगर निगम की ओर से मुख्य मार्गों पर रात के समय भी सफाई करवाई जा रही है। डीसीएम रोड, सीएडी रोड से लेकर स्टेशन तक के क्षेत्र में रात के समय सफाई कर्मचारी झाडू लगाने से लेकर कचरे को हाथ ट्रॉली व ट्रेक्टर ट्रॉली से तुरंत हटा भी रहे हैं। लेकिन सुबह होते ही फिर से सड़क पर कचरा ही कचरा हो रहा है। विशेष रूप से नई धानमंडी के पास हालत अधिक खराब है।</p>
<p><strong>मजबूरी में बने हैं कचरा पॉइंट</strong><br /> टिपरों से कचरा एकत्र करने का मकसद ही यह है कि सड़क पर कचरा नहीं डले। लेकिन कई लोग टिपरों के समय में कचरा नहीं डालकर बाद में सड़क पर डाल रहे हैं। जिससे सफाई के बाद भी सड़क व शहर साफ नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं अभी भी डेरा प्रथा शहर में बनी हुई है। जिससे वार्डों का कचरा कचरा पॉइंट पर डल रहा है। वहीं जिन वार्डों में टिपर नहीं जाते वहां का कचरा भी सड़क किनारे ही डल रहा है। कई कचरा पॉइंट तो मजबूरी में ही चल रहे हैं। प्रयास है कि इन्हें कम से कम किया जाए।<br /><strong> - मोतीलाल चौधरी,स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 15:30:09 +0530</pubDate>
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                <title>रीको एरिया होने से निगम नहीं करवा रहा सफाई, मुख्य मार्गों पर हो रही दिन-रात सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[स्माल स्केल इंडस्ट्रीयल एरिया क्षेत्र में जगह-जगह पर मुख्य मार्ग पर ही कचरे का अम्बार ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/since-the-area-is-a-rico-area--the-corporation-is-not-cleaning-the-area--the-main-roads-are-being-cleaned-day-and-night/article-133554"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/1200-x-600-px-2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। स्मार्ट सिटी के साथ ही पर्यटन नगरी के रूप में विकसित हो रहे कोटा शहर में नगर निगम की ओर से मुख्य मार्गों पर तो दिन-रात सफाई करवाई जा रही है। जबकि अंदरूनी इलाकों में जगह-जगह पर गंदगी छायी हुई है। जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।शहर में पहले उत्तर व दक्षिण निगम व 150 वार्ड होने से सफाई व्यवस्था में सुधार के प्रयास तो किए गए लेकिन उस समय भी उतनी सफलता नहीं मिल पाई थी। निगम की ओर से हर साफ सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी शहर स्वच्छता में अपनी छवि नहीं सुधार पाया था। हालांकि वर्तमान में निगम बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद जनप्रतिनिधियों का हस्तक्षेप तो समाप्त हो गया लेकिन व्यवस्थाएं पहले जैसी है। अब नगर निगम की कमान अधिकारियों के हाथ में है। निगम आयुक्त के मार्ग दर्शन में काम किया जा रहा है।</p>
<p>शहर में इन दिनों जहां सुबह के समय तो शहर के मुख्य मार्गों पर नियमित सफाई हो रही है। वहीं रात के समय भी कर्मचारी सफाई कर रहे है। अधिकारियों की निगरानी में काम किया जा रहा है। जिससे रात को दुकानों का कचरा सुबह तक नहीं रहता। वहीं सुबह का कचरा रात तक नहीं रहता। वहीं शहर के कई अंदरूनी इलाकों व वार्डों में अभी भी गंदगी का आलम बना हुआ है।</p>
<p><strong>यहां कचरा डालना मना है, फिर भी डल रहा</strong><br />स्माल स्केल इंडस्ट्रीयल एरिया क्षेत्र में जगह-जगह पर मुख्य मार्ग पर ही कचरे का अम्बार लगा हुआ है। यहां इंडस्ट्रीयल एरिया होने से बड़ी संख्या में लोगों को आना-जाना तो लगा ही रहता है। साथ ही यहां कई लोग परिवार समेत रहते भी है। उसके बाद भी मुख्य मार्ग पर जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए है। कचरा भी इतना अधिक है जिसे देखकर लगता है मानो कई दिन से सफाई ही नहीं हुई हो। ऐसा एक जगह पर नहीं कई जगह पर है।हालत यह है कि ट्रांसफार्मर के नजदीक भी इतना अधिक कचरा व मलबा पड़ा है जिससे वहां आग लगने पर बड़ा हादसा भी हो सकता है। हालांकि यहां ट्रांसफार्र्मर की सुरक्षा के लिए लगी जाली के बोर्ड पर लिखा हुआ है कि यहां कचरा डालना मना है। उसके बाद भी वहां कचरा डाला जा रहा है। जिससे वहां से निकलने वालों और आस-पाद दुकानदारों को गंदगी के साथ ही बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>रीको और मंडी एरिया में अधिक गंदगी</strong><br />शहर में वैसे तो कई जगह पर गंदगी के ढेर लगे हुए देखे जा सकते है। फिर चाहे वह कचरा पॉइंट हो या मुख्य मार्ग। उसके अलावा कोटा दक्षिण क्षेत्र में छावनी रामचंद्रपुरा, स्माल स्केल इंडस्ट्रीयल एरिया व थोक फल सब्जीमंडी व नई धानमंडी इलाके में अधिक गंदगी नजर आ रही है। रीको और मंडी एरिया होने से यहां कचरा अधिक डल रहा है लेकिन उसकी तुलना में सफाई नहीं हो रही है। जबकि यहां कई दुकानें, शोरूम व मकान तो ही है। साथ ही मुख्य मार्ग होने से दिनभर लोगों का आवागमन भी रहता है।</p>
<p><strong>सफाई निगम का काम</strong><br />लोगों का कहना है कि शहर में साफ सफाई करवाने का काम नगर निगम का है। आमजन को पता नहीं है कि एरिया किसका है। लेकिन मेन रोड पर कचरा पड़ा होने से गंदगी व दुर्गंध का सामना तो आमजन को ही करना पड़ रहा है। सफाई निगम करवाए या अन्य विभाग लेकिन शहर में कम से कम मुख्य मार्गों से तो कचरा नियमित उठना ही चाहिए। जिससे बीमारियों का खतरा भी नहीं रहे। कचरा पड़ा होने से वहां आवारा मवेशियों का भी जमघट लगा रहता है।</p>
<p><strong>रीको व मंडी एरिया में निगम नहीं करवाता सफाई</strong><br />नगर निगम कोटा की स्वास्थ्य अधिकारी रिचा गौतम ने बताया कि नगर निगम की ओर से मुख्य मार्गों के साथ ही वार्डों में भी निगम के स्थायी व संवेदक के कर्मचारियों से नियमित सफाई करवाई जा रही है। इसके अलावा भी जहां से सफाई नहीं होने व कचरा पड़ा होने की शिकायत प्राप्त होती है तो वहां टीम भिजवाकर सफाई करवाई जा रही है।उन्होंने बताया कि स्माल स्केल इंडस्ट्रीयल एरिया रीको के अधीन आता है। यहां कचरा पड़ा होने की सूचना पर वे भी मौका देखने गई थी। लेकिन यह रीको का एरिया होने से यहां रीको वाले ही सफाई करवाते है। इसी तरह से मंडी में मंडी समिति की ओर से सफाई करवाई जाती है। इस कारण से इन दोनों जगहों पर निगम की ओर से सफाई नहीं करवाई जाती।</p>
<p><strong>रीको एरिया में रीको ही करवाता है सफाई</strong><br />इधर रीको के अधिकारी वी.के. विजय ने बताया कि रीको एरिया में साफ सफाई रीको की ओर से ही करवाई जाती है। इसके लिए अलग से टीम लगाई हुई है। लेकिन फिर भी यदि कहीं अधिक कचरा है और समय पर कचरा नहीं उठ रहा है तो उसे दिखवाकर सफाई करवा दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 14:33:02 +0530</pubDate>
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                <title> असर खबर का - दीपावली से पहले शहर होगा चकाचक, जिला प्रशासन ने बनाई विशेष पर्यवेक्षण टीम</title>
                                    <description><![CDATA[दीपावली से पहले कोटा को स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखने के लिए जिला प्रशासन ने 40 अधिकारियों की पर्यवेक्षण टीम गठित की है। ये अधिकारी 14-16 अक्टूबर तक वार्डों का निरीक्षण कर सफाई, जल निकासी, सड़क मरम्मत और रोशनी जैसी व्यवस्थाओं पर रिपोर्ट देंगे। दैनिक नवज्योति की रिपोर्ट के बाद यह निर्णय लिया गया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---the-city-will-be-sparkling-clean-before-diwali--the-district-administration-has-formed-a-special-supervision-team/article-129822"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(1)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। आगामी दीपावली पर्व को देखते हुए शहर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला कलक्टर ने सफाई, मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर  निगरानी के लिए पर्यवेक्षण टीम गठित की गई है। कलक्टर ने आदेश में लिखा कि इस टीम का मुख्य उद्देश्य शहर में दीपावली के दौरान स्वच्छता, जल-निकासी, प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत और अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण व सुधार सुनिश्चित करना है। कलक्टर ने करीब 40 अधिकारियों की टीम गठित की है। जिनमें 20 जिला पर्यवेक्षण अधिकारी व इतने ही सहायक पर्यवेक्षण अधिकारी शामिल हैं। इनके अलावा नगर निगम के स्वास्थ्य निरीक्षकों को भी  लिया गया है। सभी अधिकारियों को 5-5 वार्डों की जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी अधिकारी 14 से 16 अक्टूबर तक वार्डों में निरीक्षण कर आमजन से सफाई संबंधी फीडबैक लेने के बाद रिपोर्ट तैयार कर संबंधित उपायुक्तों को रिपोर्ट देंगे। </p>
<p><strong>इन अधिकारियों की बनाई टीम</strong><br />टीम में भू-प्रबंध अधिकारी दीप्ति रामचन्द्र मीणा,जिला रसद अधिकारी कार्तिकेय मीणा, कोटा विकास प्राधिकरण के उपसचिव हर्षित वर्मा, जल संसाधन विभाग के  रोहिताश्व जैमिनी, लोक सेवाएं विभाग के सहायक निदेशक गजेन्द्र सिंह और कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक यतिश कुमार शर्मा शामिल हैं। इसकेअलावा केडीए की विशेषाधिकारी मालविका त्यागी, सीएमएचओ डॉ. नरेन्द्र नागर, सहायक कलक्टर हुकम कंवर, जिला परिषद सीईओ  कमल कुमार मीणा, उपमहानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक पुष्पा हरवानी, प्रशिक्षु आईएएस व केडीए की उप सचिव आराधना चौहान, अतिरिक्त क्षेत्रीय विकास आयुक्त कुशल कोठारी,  कोटा विवि के कुल सचिव राजपाल सिंह, अतिरिक्त आयुक्त आबकारी  नरेश मालव, बलविंद्र सिंह गिल , तकनीकी विश्वद्यिवालय कोटा की कुल सचिव भावना शर्मा, डीडी आईसीडीएस सीता शर्मा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मजहर इमाम, कोषाधिकारी  बी.एल. मीणा, पेंशन विभाग के अतिरिक्त निदेशक दिनेश शर्मा, सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार राजेश कुमार मीणा और लाडपुरा तहसीलदार राजवीर यादव, जेववीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता शिवचरण जांगिड, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता  जे.पी. गुप्ता  व जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता  दीपक कुमार झा को टीम में शामिल किया गया है।  सहायक पर्यवेक्षण अधिकारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास, मुख्य लेखाधिकारी धीरज सोनी, सहायक लेखाधिकारी शिवचरण मीणा, सहायक अभियंता रूपम तिवारी, अधिशासी अभियंता प्रखर गोयल समेत अन्य अधिकारियों को सहायक पर्यवेक्षण अधिकारी लगाया है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मामला</strong><br />गौरतलब है कि दीपावली के त्योहार पर शहर में रोजाना निकल रहे टनों कचरे के कारण शहर में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इस मामले को दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशिरत किया था। समाचार पत्र में 15 अक्टूबर को पेज 5 पर ‘रोजाना निकल रहा एक हजार टन कचरा, घर को साफ कर बाहर से ला रहे गंदगी’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला कलक्टर ने शहर की सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए अधिकारियों की टीम गठित कर उन्हें वार्डवार जिम्मेदारी दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 14:42:12 +0530</pubDate>
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                <title>देखरेख के अभाव में कुंदनपुर हाट बाजार में लगे गंदगी के ढेर, सुविधाघर में शराब की बोतलों से सब्जी विक्रेताओं में नाराजगी </title>
                                    <description><![CDATA[समय पर सफाई नहीं होने से दुकानदारों और ग्राहकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lack-of-maintenance-has-led-to-heaps-of-garbage-in-the-kundanpur-haat-bazaar--and-vegetable-vendors-are-upset-over-the-presence-of-liquor-bottles-in-the-toilet/article-127686"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/111-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>कुंदनपुर। कुंदनपुर में सहकारी समिति द्वारा लाखों की लागत से बने भवनों की देखरेख की जिम्मेदारी कोई निभाता नजर नहीं आ रहा है। सहकारी गोदाम परिसर में आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। परिसर में गंदगी और बारिश का पानी भरकर तालाब जैसा दृश्य बना देता है। मुख्य दरवाजा टूटा होने से गोदाम पशुओं का रैन बसेरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि समिति का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। नाबार्ड विभाग की ओर से लाखों की लागत से बने हाट बाजार की भी हालत खराब है। यहां सफाई व्यवस्था नदारद है। पेशाबघरों में शराबी बोतलें छोड़कर चले जाते हैं, जिससे पूरी मंडी में सड़ांध फैल जाती है। सब्जीमंडी के दुकानदार सीताराम सुमन, राजाराम, सुमन ने बताया कि शराबी कब आकर पीकर बोतलें छोड़ जाते हैं, पता ही नहीं चलता। समय पर सफाई नहीं होने से दुकानदारों और ग्राहकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।</p>
<p><strong>समिति से लगाई सफाई की गुहार</strong><br />दुकानदार गजराज सिंह चंद्रावत, दिनेश नागर, दिनेश गुर्जर और राकेश सुमन ने बताया कि पेशाबघरों में शराब की बोतलें भरी पड़ी रहती हैं, जिनसे दुकानों में बदबू आती रहती है। उन्होंने समिति से हाट बाजार की सफाई करवाने और बोतलें हटाने की मांग की है।</p>
<p><strong>समिति की दुकानों में टपकता पानी </strong><br />ग्राम सेवा सहकारी समिति द्वारा मुख्य बाजार में बनाई गई दुकानों में बरसात के दिनों में पानी टपकने की समस्या बनी रहती है। दुकानदारों का कहना है कि बारिश आते ही सामान खराब होने का डर सताने लगता है। उन्होंने छतों की मरम्मत करवाने की मांग उठाई है।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />हाट बाजार के पेशाबघरों में शराबियों द्वारा बोतलें छोड़ने का मामला सामने आया है। सफाईकर्मी लगाया गया है और एक-दो दिन में सफाई करवा दी जाएगी। सब्जीमंडी में दुकान लगाने वाले दुकानदारों को भी निगरानी रखनी चाहिए। <br /><strong>-सम्पतराज गोस्वामी, व्यवस्थापक, सहकारी समिति, कुंदनपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 16:17:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 12 - अंतिम सफर की राह भी आसान नहीं, मरम्मत को तरस रहे श्मशान घाट</title>
                                    <description><![CDATA[कई बार शिकायत करने के बावजूद निगम की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-12---the-path-of-the-last-journey-is-also-not-easy--the-cremation-ground-is-yearning-for-repair/article-126755"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/11-(5)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। उत्तर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 12 की स्थिति दिनों-दिन बदहाल होती जा रही है। स्थानीय निवासियों की बुनियादी समस्याओं पर न तो प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही जिम्मेदार अधिकारी। वार्ड में स्थित श्मशान घाट, सुलभ कॉम्प्लेक्स और नालियों की हालत खस्ताहाल है, या यूं कहे कि अंतिम सफर की राह भी आसान नहीं है। नागरिकों की सुविधाओं के रखरखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही है। वार्डवासियों ने कई बार निगम अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। वार्डवासियों का कहना है कि श्मशान घाट की मरम्मत कर पानी व लाइट की व्यवस्था की जाए। साथ ही नालियों की नियमित सफाई करवाई जाए, ताकि लोगों को मूलभूत सुविधाओं में राहत मिल सके।</p>
<p><strong>श्मशान व कंसुआ घाट की दुर्दशा</strong><br />प्रसिद्ध कंसुआ घाट, अब धीरे-धीरे कचरा घाट में तब्दील होता जा रहा है। घाट पर जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे उठने वाली बदबू से आस-पास के लोगों और वहां आने वालों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि स्वच्छता को लेकर कई बार शिकायत करने के बावजूद निगम की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। वहीं वार्ड में बने श्मशान घाट जर्जर अवस्था में है, जो अंतिम संस्कार के लिए महत्वपूर्ण स्थान है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />शमशान, बापू नगर, पीएचडी कार्यालय, बॉम्बे योजना का एबीसीडी ब्लॉक, पेट्रोल पम्प, लुहार बस्ती एंव सूरसागर का आंशिक भाग तक का क्षेत्र शामिल है।<br /><strong>- सुलभ कॉम्प्लैक्स जर्जर </strong></p>
<p>सुलभ कॉम्प्लेक्स की हालत भी खराब है। यहां पर न तो पानी की उचित व्यवस्था है और न ही लाइट की। रात के समय कॉम्प्लेक्स का उपयोग करना लोगों के लिए जोखिम भरा हो जाता है। इतना ही नहीं, कॉम्प्लेक्स के दरवाजे टूटे हुए हैं जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कत होती है।<br /><strong>- विमला, वार्डवासी </strong></p>
<p><strong>नालियों की सफाई नहीं</strong><br />नालियां भी समय पर साफ नहीं होतीं। जगह-जगह गंदा पानी जमा हो जाता है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगता है। बरसात के दिनों में स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। पानी भरने से सड़कें कीचड़युक्त हो जाती हैं जिससे बच्चों और बुजुर्गों को आवाजाही में दिक्कत आती है। यही नहीं, गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।<br /><strong>- टिनू चौहान, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड की सभी समस्याओं के बारे में अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। शीघ्र ही अधूरे कार्य पूरे कराकर क्षेत्रवासियों को राहत दिलाई जाएगी।<br /><strong>- फतेह बहादुर सिंह, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Sep 2025 16:25:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - सफाई व्यवस्था दुरूस्त, कर्मचारियों को किया पाबंद</title>
                                    <description><![CDATA[समाचार प्रकाशित होने के बाद नगरपालिका प्रशासन हरकत में आया ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/effect-of-the-news---sanitation-system-is-fine--employees-were-warned/article-124477"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(3)9.png" alt=""></a><br /><p>डग।  डग नगर में फैली गंदगी को लेकर दैनिक नवज्योति में प्रकाशित समाचार — सफाई व्यवस्था चौपट, सब्जीमंडी में लगे गंदगी के ढेर — का बड़ा असर देखने को मिला है। गुरुवार को समाचार प्रकाशित होने के बाद नगरपालिका प्रशासन हरकत में आया और त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को सब्जीमंडी, नया बस स्टैंड, पुरानी कचहरी व लुहार गेट सहित अन्य क्षेत्रों में सफाईकर्मियों से सफाई करवाकर गंदगी के ढेर उठवाए गए। नगरपालिका ईओ मनीष मीणा ने बताया कि सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए सफाईकर्मियों को नियमित ड्यूटी पर पाबंद किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखा जाएगा ताकि नगरवासियों को गंदगी की समस्या से निजात मिल सके।</p>
<p>गौरतलब है कि विगत कई दिनों से नगर में सफाईकर्मियों के अभाव के चलते गलियों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ था। जिससे लोगों का जीना दुश्वार हो गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Aug 2025 15:00:56 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 44 - नालियों के टूटे ढकान व कम रोशनी की रोड लाइटें बनी  परेशानी </title>
                                    <description><![CDATA[राहगीरों को आने जाने में परेशानी आती हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-44---broken-drain-covers-and-low-light-road-lights-are-a-problem/article-124246"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(4)35.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के नगर निगम दक्षिण के वार्ड 44 में समय -समय पर विकास के कार्य तो होते आए हैं पर अभी बारिश की वजह से सड़कों में गड्डे हो रहे हैं। वहीं वार्ड की कुछ नालियों में ढकान नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। जिससे रात में व बारिश के समय इनसे दुर्घटना होने का अंदेशा रहता हैं। वहीं वार्ड की कॉलोनी में कुछ जगहों पर कचरा पड़ा रहता हैं जिससे आस-पास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। गली में वार्डवासियों  द्वारा मकानों के सामने गाड़ी खड़ी करने से परेशानी आती हैं। व वार्ड में कुछ मकानो के पास से विद्युत लाइन  निकाल रही जिससे बारिश के समय पर दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता हैं। वार्डवासी रणजीत कुमार व दिनेश व नितेश ने बताया कि वार्ड पार्षद द्वारा समय -समय पर पार्षद द्वारा निरीक्षण किया जाता हैं। शंकर लाल ने बताया कि रात के समय पर कुत्ते बाइक सवारों के पीछे भागते हैं पीछे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता हैं व राहगीरों को आने जाने में परेशानी आती हैं। </p>
<p><strong>वार्ड में लगे कचरे के ढेर </strong><br />वार्ड में कुछ जगहों पर कचरे के ढ़ेर लगे हुए जिससे आस-पास रहने वालों को परेशानी व ढेÞर से बदबू आती हैं, दिनभर मवेशी इन कचरे के ढ़ेर पर विचरण करते है जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।   </p>
<p><strong>खुले बिजली के पैनल सेदुर्घटना का अंदेशा</strong><br />वार्ड में निगम कॉलोनी के सामने बिजली ट्रांसफार्मर के आसपास सुरक्षा दीवार नहीं होने से इससे कभी भी बड़ा हादसा होने का अंदेशा बना रहता हैं। </p>
<p><strong>नालियों के टूटे ढकान बने परेशानी </strong><br />वार्ड में नालियों के ढकान की पट्टियां टूटने से बाइक सवार व रात्रि के समय पर जब इनके ऊपर बाइक निकलती हैं तो कई बार बाइक इनमें फंस जाती है जिससे परेशानी आती हैं और दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता हैं। </p>
<p><strong>वार्ड का एरिया </strong><br /> नगर निगम कॉलोनी, पालीवाल कम्पाउण्ड, डॉ. रामकुमार सामुदायिक भवन के पास का संपूर्ण क्षेत्र, फकीरों की मस्जिद के पीछे का संम्पूर्ण  क्षेत्र, वीर तेजाजी महाराज का मंदिर, भूतेश्वर मंदिर,  हरदोल व्यायामशाला, नारायण व्यायामशाला, श्री दक्ष प्रजापति,  नारायण बाबा की बगीची आदि क्षेत्र वार्ड में आता हैं।</p>
<p>वार्ड में जो रोड लाइट लगाई गई वहां छोटी जिससे रोशनी कम होती हैं इनकी जगह पर बड़ी रोड लाइट लगानी चाहिए। <br /><strong>- मुन्ना भाई</strong></p>
<p>वार्ड में कचरा गाड़ी प्रतिदिन आती हैं पर हमारी गली में प्रतिदिन नहीं आती हैं। जिससे  जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता हैं ।  जिससे कचरा खुले में डालना पड़ता हैं। <br /><strong>- रणजीत </strong></p>
<p> हमे रोड लाइट निगम से गली के हिसाब से मिलती है जो हमने लगाई हैं। वहीं नालियों के टूटे ढकान को ठीक कराने के लिए अभी तक बजट नहीं आया हैं। <br /><strong>- लेखराज योगी, पार्षद 44 कांग्रेस</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Aug 2025 12:41:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बस स्टैण्ड बदहाल: यात्रियों की राह में कीचड़ बना रोडा   </title>
                                    <description><![CDATA[बस स्टैंड के आसपास इतना कीचड़ व गंदगी हो रही है जिसकी दुर्गन्ध से राहगीरों को निकलना दुश्वार हो रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/bus-stand-in-bad-condition--mud-becomes-a-hurdle-in-the-way-of-passengers/article-123352"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)26.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर।  खानपुर में अस्थायी बस स्टैण्ड पर अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। यहां पर इतनी गंदगी हो रही है कि यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जैसे ही कोई यात्री बस से उतरता है या चढ़ता है तो वह सीधे कीचड़ में ही गिरता है। यहां बस स्टैंड के आसपास इतना कीचड़ व गंदगी हो रही है जिसकी दुर्गन्ध से राहगीरों को निकलना दुश्वार हो रहा है। आज दिन तक यहां खानपुर में अब तक स्थाई रूप से बस स्टैण्ड नहीं बन पाया है और जो अस्थाई रूप से बना हुआ है वहां भी अव्यवस्था ही फैली हुई है। अभी सारे वाहन बारां झालावाड़ मेगा हाइवे पर होकर ही निकल रहे हैं। जिससे कई बार जाम के हालात बन जाते है। वहीं अस्थायी बस स्टैण्ड परिसर में पानी इतना इकठ्ठा हो गया है कि बस स्टैण्ड तालाब बन गया है। जिसको पार करने में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं जमा पानी से मच्छर व अन्य कीड़े पनप रहे है जिससे गंभीर बीमारियां व मौसमी बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। आसपास के दुकानदार व राहगीर यहां पर कचरा डाल देते है जिससे यहां पर गंदगी के ढेर लग जाते है और पानी की निकासी नहीं हो पाती, ऐसे में पानी यहां भर जाता है। कीचड़ व गंदगी ने कस्बेवासियों के लिए आफत खड़ी कर दी है। कस्बेवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द अस्थायी बस स्टैण्ड की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। </p>
<p>अस्थाई बस स्टैंड के पास इतनी गंदगी हो रही है कि गंदगी का सामना रोजाना यात्रियों को करना पड़ता है, निवेदन है कि इस गंदगी को हटाया जाए।<br /><strong>- सावन मेरोठा, कस्बेवासी </strong></p>
<p>बाहर दूर-दूर से यात्री आते हैं उनको यह भी मालूम नहीं पड़ता है कि बस स्टैंड कहां पर है और जब मालूम पड़ता है कि बस स्टैंड यहां पर है तो वह भी अस्थाई बस स्टैंड है जो भी कीचड़ से सना हुआ है। <br /><strong>- मुकेश सेन, कस्बेवासी</strong></p>
<p>यात्री प्रतीक्षालय के पास गुमटियों ने अतिक्रमण कर रखा है, उसके बाद फिर यह ऊपर से गंदगी का ढेर जो परेशान कर रहा है।<br /><strong>-केशव लक्ष्कार, कस्बेवासी</strong></p>
<p>खानपुर में एक ही अस्थाई बस स्टैंड है और यहां पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। राहगीरों को निकलने में परेशानी उठानी पड़ रही है। <br /><strong>- राम सिंह , कस्बेवासी</strong></p>
<p>जैसे ही यात्री बस से नीचे उतरते हैं या चढ़ते हैं तो उनको कीचड़ का सामना करना पड़ता है व कीचड़ में गंदे हो जाते हैं। <br /><strong>-गोविंद राठौर, कस्बेवासी </strong></p>
<p>अस्थाई बस स्टैंड पर आसपास फल फ्रूट के ठेले लगे रहते हैं, जो कचरा फेंक देते है जिससे पानी निकासी नहीं हो पाता है और पानी जमा हो जाता है। <br /><strong>-संदीप गौतम, कस्बेवासी </strong></p>
<p>जल्द ही कीचड़ वाली जगह पर मलवा डलवाकर समतल जगह बना दी जाएगी और भी कोई समस्या होगी तो उसका समाधान कर दिया जाएगा।      <br /><strong>-पुखराज मीणा (नगर पालिका आयुक्त खानपुर)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Aug 2025 16:31:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - तकनीकी शिक्षा के निदेशक ने प्राचार्य को दिया नोटिस, मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[जगह-जगह कूडे-कचरों का ढेर लगा हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news---director-of-technical-education-gave-notice-to-the-principal--asked-for-a-reply/article-122913"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/oer-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। झालावाड़ रोड स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स पॉलिटेक्निक कॉलेज में जंगल होने का मामला तकनीकी शिक्षा निदेशालय जोधपुर तक पहुंच गया। नवज्योति  की खबर पर निदेशक तकनीकी शिक्षा राजेश  कुमार शर्मा ने बुधवार को पत्र जारी कर प्राचार्य लीना बम्बानी से कॉलेज भवन में अव्यवस्थाओं व कमियों पर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही निदेशालय को अविलम्ब रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि कॉलेज की अव्यवस्थाओं  को लेकर दैनिक नवज्योति ने 6 अगस्त को जंगल में गवर्नमेंट गर्ल्स पॉलिटेक्निक कॉलेज, खतरे में छात्राओं की जान..शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। कॉलेज बिल्डिंग चारों ओर से जंगल से घिरी हुई है। जहरीले जीव-जंतुओं की मौजूदगी रहने से छात्राओं की जान संकट में रहती है। यहां छात्राओें के लिए सुविधाओं का अभाव है। सुविधा घरों के हालत बदहाल है। जगह-जगह कूडे-कचरों का ढेर लगा हुआ है। नवज्योति ने खबर प्रकाशित कर कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से जिला प्रशासन को अवगत कराया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Aug 2025 14:14:12 +0530</pubDate>
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