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                <title>निगम के वार्ड 50 में अब तक बनी है आवारा मवेशियों की समस्या</title>
                                    <description><![CDATA[पार्षद ने वार्ड के उद्यानों की दशा सुधार दी है। कुछ जगहों को छोड़कर नालियों की समस्या लगभग खत्म हो गई है। जैसे ही बजट आया नालियों की दशा भी सुधर जाएगी। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-problem-of-stray-cattle-still-persists-in-ward-50-of-the-corporation/article-35016"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/nigam-k-ward-50-mei-ab-tak-bani-hai-aawara-maveshiyo-ki-samasya...kota-news-16.1.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। सड़कों की सफाई, कई स्थानों पर ढकी हुई नालियां और उद्यानों पर चमचमाती रेैलिंग। ये सब इस बात को परिभाषित कर रहे हैं कोटा नगर निगम दक्षिण के वार्ड नम्बर  50 के लोगों को लगभग हर मूलभूत सुविधाएं मिल रही है। लेकिन वार्ड में कुछ स्थानों पर आज भी आवारा मवेशी नजर आते है। जो वार्डवासियों के लिए परेशानी खड़ी करते हैं। वार्डवासियों की मानें तो पार्षद ने यहां के लोगों को कई समस्याओं से निजात दिलवाई है। वार्ड के कुछ क्षेत्रों में आज भी नालियों की समस्या है जिनके लिए निगम और यूआईटी को एस्टीमेट बनाकर दिया हुआ है। नगर निगम दक्षिण के इस वार्ड का प्रतिनिधित्व भले ही भाजपा की पार्षद कर रही है और निगम में बोर्ड कांग्रेस का लेकिन वार्ड में हुए कार्य और वार्ड के कुछ लोग कहते हैं कि पार्षद ने कार्य करवाने का हर संभव प्रयास किया है। वार्ड के लगभग सभी गली-मौहल्ले में कार्य करवाए गए हैं। इन इलाकों के लोगों की माने तो वार्ड पार्षद के प्रतिनिधि रोजाना करीब 4-5 घंटे वार्ड में बिताते हैं और जैसे ही उन्हे निगम से जुड़ी कोई समस्या नजर आती है वो उसे सुलझाने का प्रयास करते हैं, यहीं कारण है कि यहां के लोगों को हर मूलभूत सुविधा समय पर मिल जाती है।</p>
<p>इस वार्ड में महावीर नगर विस्तार योजना सेक्टर 4 व 5 एवं चित्रगुप्त कॉलोनी आदि इलाकें आते हैं। इस वार्ड का प्रतिनिधित्व गत 15 वर्षों से एक ही परिवार के सदस्य यानि पति और पत्नी ही कर रहे हैं, जो इस बात की ओर इंगित करता है कि वार्ड के लोग काफी हद तक वार्ड में हुए कार्यों से सन्तुष्ट हैं। वार्ड के कुछ लोगों का कहना है कि वार्ड में बीते कुछ सालों से काम हुए हैं। पार्षद को कहने की कम ही जरूरत पड़ती है कि उनकी ये समस्या है। चाहे भाजपा का बोर्ड रहा हो या कांग्रेस का लोगों को सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं। कुछ जगहों से आवारा जानवरों की समस्या हटा दी जाये तो वार्ड लगभग समस्या मुक्त हो जाएगा।   </p>
<p>वार्डवासी बताते है कि पार्षद को कहने के कुछ समय बाद ही उनकी शिकायतें दूर हो जाती है। पार्षद ने वार्ड के उद्यानों की दशा सुधार दी है। कुछ जगहों को छोड़कर नालियों की समस्या लगभग खत्म हो गई है। जैसे ही बजट आया नालियों की दशा भी सुधर जाएगी।   पार्षद ने वार्ड के हर नागरिक को निगम और यूआईटी की ओर से हर वो सुविधा दिलवाने की कोशिश की हैं जिसकी उसको जरूरत है। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। </p>
<p><strong>इनका कहना है...</strong></p>
<p>वार्ड में अब तक एक करोड़ से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तो कुछ चल रहे हैं। क्षेत्र के उद्यानों की स्थिति पहले से और अधिक ठीक हो गई है। योजनाओं की जानकारी वार्ड के हर इंसान तक पहुंचाने का प्रयास करती हंू। निगम और यूआईटी में कुछ कार्यों का इस्टीमेट भी बनाकर दिया हुआ है। बजट आने के बाद नालियों सहित अन्य कार्य करवाने हैं। <br /><strong>- पुष्पा कुमारी चौधरी, वार्ड पार्षद। </strong></p>
<p>वार्ड में कई कार्य हो चुके हैं, कई चल रहे हैं। हमारे यहां पार्क की स्थिति भी सुधरी है। फिलहाल वार्ड में ऐसी कोई समस्या नहीं है जिससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा हो। रोजाना साफ-सफाई होती है। फोन करते ही काम करवा देती है। समय पर नालियों की सफाई हो जाती है।<br /><strong>- ओमप्रकाश, वार्डवासी। </strong></p>
<p>वार्ड में पहले भी काम हुए ही थे, अब भी हुए हैं। वार्ड की किसी भी समस्या के समाधान के लिए पार्षद से सीधा सम्पर्क किया जा सकता है। नियमित रूप से सड़कों और गलियों की सफाई होती है। समय पर टिपर आते हैं जिससे वार्ड में कम ही स्थानों पर गंदगी नजर आती है। नालियां अधिकांश मौकों पर साफ ही रहती है।<br /><strong>- अभिषेक तिवारी, वार्डवासी।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Jan 2023 15:26:45 +0530</pubDate>
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                <title>कलम का कुआ गांव में नवजीवन योजना के बाद नहीं हुआ विकास कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[कस्बे में अभी से ही ग्रामीणों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है।केवल वोटिंग के समय जनप्रतिनिधि आते हैं तथा जीतने के बाद गांव की सुध तक नहीं लेते ऐसी स्थिति के चलते गांव में जगह-जगह टूटी हुई सड़कें तथा खरंजो पर भरा गंदला पानी पेयजल की अनुपलब्धता बेरोजगारी की समस्या नाली निर्माण छोटे बालकों के लिए आंगनबाड़ी भवन सामुदायिक भवन निर्माण चिकित्सा सुविधा की समस्या से सामना करना पड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kalam-ka-kua-village-did-not-have-development-work-after-navjeevan-yojana/article-31311"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/kalam-ka-kua-gaon-mei-navjeevan-yojna-ke-baad-nahi-hua-vikas-karya...mandana-news-kota..2.12.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>मंडाना। विकास नही तो मतदान नहीं यह बात गुरुवार को कलम का कुआ गांव में ग्रामीणों ने कही। वर्ष 2014 में नवजीवन योजना के बाद कलम का कुआ गांव में न कि बराबर विकास कार्य हुआ, ग्रामीणों ने कहा आगामी चुनाव का  बहिष्कार करेंगे। ग्राम पंचायत कोलाना क्षेत्र के कलम का कुआं गांव के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं। वही ग्राम पंचायत प्रशासन व जनप्रतिनिधि भी उनकी सुध नहीं ले रहे हैं। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। जगह जगह टूटी हुई सड़कें, पेयजल की अनुपलब्धता व रोजगार की समस्या से ग्रामीण ग्रसित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मतदान के समय वोट लेने के लिए जनप्रतिनिधि चले आते तथा जीतने के बाद उनको समस्या बताते हैं तो उस पर कोई अमल नहीं होता केवल आश्वासन ही मिलता है परंतु गांव में कोई विकास कार्य नहीं होता ऐसी स्थिति के चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि कोलाना पंचायत क्षेत्र के  कलम का कुआं गांव में लगभग 400 घरों की बस्ती है। यहां वर्ष 2014 में नवजीवन योजना के तहत सड़क निर्माण किया गया था परंतु अब सड़क की हालत यह है कि जगह-जगह इसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं तथा सड़कें टूट गई है। ऐसी स्थिति में कई लोग इनमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यहां तक की कुछ लोगों की मौत भी हो गई है।  </p>
<p>वही कस्बे में अभी से ही ग्रामीणों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। महिला प्रेम बाई, अनीता, गायत्री बाई, गीता नंदू बाई, मीराबाई बच्ची बाई सहित कई महिलाओं ने बताया कि यहां जलदाय विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत कुछ ही स्थानों पर पाइप लाइन बिछाई गई है परंतु उस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां तक कि सार्वजनिक पॉइंट्स में भी पानी तक नहीं आता तथा सुबह से शाम पेयजल जुटाने में बीत जाता है तथा दूर दराज से पेयजल लाकर काम चलाना पड़ रहा है। अभी सर्दी में भी पेयजल की समस्या गहरा रही है। दूरदराज से पानी लाते लाते पीठ में दर्द होने लगता है तथा मजदूरी छूट जाती है। ग्रामीणों ने विभाग से अविलंब इस योजना में पेयजल आपूर्ति की मांग की है अखिल भारतीय बंजारा उत्थान समिति कोटा संभाग के अध्यक्ष रूप सिंह बंजारा ने बताया कि कलम कुआं गांव के वाशिंदों की स्थिति ठीक नहीं है यहां केवल वोटिंग के समय जनप्रतिनिधि आते हैं तथा जीतने के बाद गांव की सुध तक नहीं लेते ऐसी स्थिति के चलते गांव में जगह-जगह टूटी हुई सड़कें तथा खरंजो पर भरा गंदला पानी पेयजल की अनुपलब्धता बेरोजगारी की समस्या नाली निर्माण छोटे बालकों के लिए आंगनबाड़ी भवन सामुदायिक भवन निर्माण चिकित्सा सुविधा की समस्या से सामना करना पड़ रहा है। बंजारा का कहना है कि समस्याओं के बताने के बावजूद भी जनप्रतिनिधि हमारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। आगामी चुनाव में किसी भी पार्टी को मत नहीं दिया जाएगा बंजारा की सरकार से मांग है कि बंजारा समाज के लिए नवजीवन जैसी योजनाएं फिर से शुरू करें ताकि समाज के लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिले तथा बेरोजगार युवकों को रोजगार के अवसर प्रदान हो इस अवसर पर गोपाल सुरावत रमेश बंजारा बंटी बंजारा महेंद्र बंजारा सहित कई लोगों ने पंचायत प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।</p>
<p> ग्रामीणों के द्वारा कोई भी समस्या से अवगत नही कराया गया है फिर भी  गांव के लिए 15 लाख के विकास कार्य कराये जाएंगे व पेयजल व सड़क की समस्या का समाधान भी कराया जाएगा। <br /><strong>- नईमुद्दीन गुड्डू, प्रधान, लाडपुरा।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Dec 2022 14:32:13 +0530</pubDate>
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                <title>मौसमी बीमारियों का खतरा और पानी की मारामारी</title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्र में आबादी बसे बरसों बीत गए इसके बावजूद विकास नहीं हो रहा। कई कॉलोनियों में पानी की पाइप लाइन नहीं है और जहां है वहां नलों में पानी नहीं आ रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/threat-of-seasonal-diseases-and-water-crisis/article-21258"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/4654654655.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नांता इलाके में प्रवेश करते ही कस्बे का अहसास होता है। उधड़ी सड़कों पर दिनभर धूल का गुबार, पानी की मारामारी और जगह-जगह गंदगी के ढेर के बीच स्मार्ट सिटी का विकास नजर नहीं आता। क्षेत्र में आबादी बसे बरसों बीत गए इसके बावजूद विकास नहीं हो रहा। कई कॉलोनियों में पानी की पाइप लाइन नहीं है और जहां है वहां नलों में पानी नहीं आ रहा। हालात यह है, पानी के लिए रात दिन मोटर चलाना लोगों की मजबूरी बन गई। वहीं, बिजली के बढ़ते बिल मुसीबत बने हुए है। कोटा उत्तर नगर निगम के वार्ड 29 के लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। नालियों की नहीं हो रही सफाई नालियां गंदगी से अटी पड़ी है। दुगंध से लोगों का यहां से गुजरना तक मुश्किल हो गया। सफाईकर्मी वार्ड के मुख्य मार्गों पर ही सफाई करते हैं लेकिन कॉलोनियों में नहीं आते। ऐसे में स्थानीय लोग पैसे देकर ही नालियों की सफाई करवाते हैं। इलाके में ड्रेनेज सिस्टम नहीं है। -रामकुमार गुर्जर पानी की पाइप लाइन ही नहीं डली करणी स्कूल के पीछे गुर्जर मोहल्ले में पानी की पाइप लाइन ही नहीं बिछाई गई। लोगों को बोरिंग का पानी पीना पड़ता है। वहीं, जिन कॉलोनियों में पाइप लाइन हैं वहां जलापूर्ति धीमी गति से होती है। ऐसे में दिन-रात मोटर चलाकर जरूरत का पानी एकत्रित करना पड़ता है। जिससे बिजली का बिल अधिक आ रहा है। पार्षद से शिकायत के करते हैं तो सुनवाई नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। - मोहन सैनी अधिकारी नहीं सुनते वार्ड 29 की आबादी 5 हजार से ज्यादा है। जिसके मुकाबले हमारे पास पर्याप्त संसाधन नहीं है। नगर निगम, यूआईटी और जलदाय विभाग से जुड़ी इलाके में कई समस्याएं हैं। समाधान के लिए तीनों कार्यालयों में चक्कर काटे, अधिकारियों से समाधान की गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं होती। गुर्जर मोहल्ला, सहकारी गोदाम के पीछे वाले इलाके में पानी की पाइप लाइन डलवाने के लिए जलदाय विभाग के जेईएन व एक्सईएन को गत वर्ष प्रस्ताव बनाकर दिए थे। इसके बावजूद आज तक पाइप लाइन नहीं डली। वहीं, 15 सफाईकर्मी हैं, जबकि जरूरत 25 की है। वहीं, कचरा संग्रहण के लिए 2 टीपर आते है, लेकिन गली-मोहल्लों में नहीं जाते। इसकी लिखित शिकायत महापौर से करने के बावजूद सुधार नहीं हो रहा। बीजेपी पार्षद होने के नाते वार्ड को विकास से वंचित रखा जा रहा है, जो सही नहीं है। -कुसुम, पार्षद वार्ड 29</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 01 Sep 2022 14:57:12 +0530</pubDate>
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