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                <title>असर खबर का : लौटेगा लक्खी बुर्ज का पुराना वैभव, नगर निगम करवाएगा सौंदर्यीकरण कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[पर्यटकों के आकर्षण के लिए कई प्रकार की व्यवस्थाएं और सुविधाएं की जाएंगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-news--lakhi-burj%E2%80%99s-former-glory-to-return--municipal-corporation-to-undertake-beautification-work/article-151935"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/asar-khabar-ka---lautega-lakhi-burj’-ka-purana-vaibhav,-nagar-nigam-karavaega-saundaryekaran-kary...kota-news-28.04.2026.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के प्रमुख पर्यटक स्थलों में शामिल लक्खी बुर्ज का पुराना वैभव पुन: नजर आएगा। नगर निगम लक्खी बुर्ज के सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना बना रहा है। इसको लेकर आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने सोमवार को लक्खी बुर्ज का निरीक्षण भी किया।आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि कोटा के पर्यटक स्थलों में लक्खी बुर्ज की प्रमुखता से गिनती होती है। पूर्व में इसका वैभव बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता था। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर अब लक्खी बुर्ज के सौंदर्यीकरण की योजना नए सिरे से तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि लक्खी बुर्ज में नाइट ट्यूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए फसाड लाइट्स लगाने के कार्यादेश पूर्व में ही जारी किए जा चुके हैं। लेकिन दोपहर और शाम के समय भी यहां पर्यटकों के आकर्षण के लिए कई प्रकार की व्यवस्थाएं और सुविधाएं की जाएंगी।</p>
<p><strong>कैफेटेरिया भी होगा शुरु</strong><br />लक्खी बुर्ज पर जल्द ही कैफेटेरिया प्रारंभ किया जाएगा। जिससे यहां आने वाले पर्यटक किशोर सागर और आसपास की खूबसूरती को निहारते हुए खाने-पीने का आंनद भी ले सकेंगे। इसके अलावा यहां एक भव्य फ व्वारा और बच्चों के लिए झूले भी लगाए जाएंगे। रात के समय लक्खी बुर्ज पर पर्याप्त रोशनी रहे इसके लिए एलईडी लाइट्स लगाई जाएंगी। लक्खी बुर्ज की मरम्मत और रंगरोगन भी किया जाएगा।</p>
<p><strong>दूरबीन भी बनेगी आकर्षण का केन्द्र</strong><br />काफी वर्षो पहले लक्खी बुर्ज पर आने वाले पर्यटकों के लिए दूरबीन भी बड़ा आकर्षण होती थी। विशेष प्रकार की इस दूरबीन से काफी दूर तक नजारा देखा जा सकता था। सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया में लक्खी बुर्ज पर फि र से दूरबीन लगाने का भी निर्णय लिया गया है। यह दूरबीन पर्यटकों के अनुभव को और अधिक आनंदित बनाएगी। लक्खी बुर्ज में टेलीस्कोप लगाने की भी संभावनाएं तलाशी जाएंगी। निरीक्षण के दौरान उनके साथ अधिशाषी अभियंता कुलदीप प्रेमी, राजस्व अधिकारी विजय अग्निहोत्री और स्वास्थ्य अधिकारी मौतीलाल चौधरी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि लक् खी बुर्ज की दुर्दशा का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 27 अप्रैल को पेज दो पर' एक लाख में बना इसलिए नाम रखा लक्खी बुर्ज, 100 फीट ऊंचा साथ ही देखरेख के अभाव में दुर्दशा का शिकार हो रहा लक्खी बुर्ज शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें इस पुराने एतिसाहिक पर्यटन स्थल के बारे में बताया गया है। समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर निगम आयुक्त स्वयं मौके पर पहुंचे और वहां की स्थिति को देखा। इसके बाद उन्होंने कहा कि नगर निगम इसका सौन्दर्यीकरण करवाकर इसके पुराने वैभव को लौटाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 14:29:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शहर का सौन्दर्यकरण अतिक्रमणों की चढ़ा भेंट : ओवरब्रिजों के नीचे लगे थड़ी-ठेले, विभागों ने खुद ही कर रखे है अतिक्रमण</title>
                                    <description><![CDATA[यहां पार्किंग के साथ ही सौन्दर्यीकरण के लिए क्यारियां बनाई। इसके बाद यह स्थान जेडीए ने नगर निगम जयपुर ग्रेटर एवं हैरिटेज को उनके क्षेत्राधिकार में हैंडओवर कर दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/beautification-of-the-city-has-been-raised-by-the/article-103043"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/untitled-design-(9).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में यातायात को सुचारू करने के लिए बनाए गए ओवरब्रिजों केनीचे सौन्दर्यीकरण को बढ़ावा देने के लिए पेड़ पौधे लगाने की योजना अब धूमिल हो रही है। जयपुर विकास प्राधिकरण के साथ ही जयपुर मेट्रो रेल लाईन के नीचे पेड़ पौधों को लगाने के लिए प्रशासन ने इनकी डिजायन तैयार कर निर्माण किए। जयपुर मेट्रो रेल लाईन के नीचे सिंधी कैंप बस स्टेंड के आस पास थड़ी ठेले वालों ने अतिक्रमण कर दिया। साथ ही वहां गंदगी के ढेर लगने से शहर की सौन्दर्यता भी धूमिल होती है। शहर में गोपालपुरा पुलिया, सांगानेर पुलिया, खासा कोठी ओवरब्रिजों के निर्माण के समय जयपुर विकास प्राधिकरण ने यहां पार्किंग के साथ ही सौन्दर्यीकरण के लिए क्यारियां बनाई। इसके बाद यह स्थान जेडीए ने नगर निगम जयपुर ग्रेटर एवं हैरिटेज को उनके क्षेत्राधिकार में हैंडओवर कर दिया। </p>
<p><strong>विभागों ने खुद कर रखे है अतिक्रमण</strong><br />आम लोगों के साथ ही ओवरब्रिजों के नीचे सरकारी विभागों ने खुद ही अतिक्रमण कर शहर की सौन्दर्यता को खराब कर रखा है। ओवरब्रिजों के नीचे दोनों निगमों में रैन बसेरे, अन्नपूर्णा रसोई बनाने के साथ ही यातायात पुलिस ने वाहनो की अवैध पार्किग कर रखी है। इसको लेकर नगर निगम जयपुर हेरिटेज आयुक्त अरूण कुमार हसीजा ने कहा कि ओवरब्रिजों के नीचे लगाई गई अन्नपूर्णा रसोई, रैन बसेरे लगाने की अब नई कार्य योजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस की ओर से जब्त किए गए वाहनों की हो रही पार्किंग को हटाने के लिए पुलिस विभाग को पत्र लिखा जाएगा। अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए नियमित रूप से कार्रवाई समय समय पर की जाती है। </p>
<p>ओवरब्रिजों के नीचे पार्किंग स्पेस के साथ ही सौन्दर्यीकरण के लिए क्यारियां बनाकर पेड़ पौधे लगाने के इनको निगमों को हैंडओवर कर दिया था अब यह काम दोनों निगमों को करना है। <br /><strong>- देवेन्द्र गुप्ता, डायरेक्टर इंजीनियरिंग, जेडीए </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Feb 2025 11:32:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अभेड़ा महल चमका, जीवंत हुआ राजसी वैभव</title>
                                    <description><![CDATA[झूले लगे, पार्क में लौटी बच्चों की रौनक। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/abheda-mahal-shines--royal-splendor-comes-alive/article-95259"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/27rtrer-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कला, संस्कृति और प्रकृति के अनूठे संगम के बीच चंबल की गोद में बसा अभेड़ा महल का राजसी वैभव फिर से जीवंत हो उठा है।  महल का कलात्मक स्वरूप और एतिहासिक धरोहर  नवज्योति के प्रयासों से चमक उठी है। महल की दीवारों पर राजसी वैभव, युद्ध नजारे, जंग के मैदान में दौड़ते घोड़े-हाथी और भाले लेकर चल रहे सैनिकों का पराक्रम से रुबरू कराती चित्रकारिता में झलकता कोटा का गौरवशाली इतिहास पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। करीब 18 साल बाद फिर से अपने मूल स्वरूप में लौटा अभेड़ा महल को देख पर्यटक आनंदित हो रहे हैं। दरअसल, ऐतिहासिक धरोहर अभेड़ा महल की दुर्दशा को लेकर दैनिक नवज्योति ने लगातार खबरें प्रकाशित कर केडीए का ध्यान सौंदर्यीकरण की ओर आकर्षित किया था। इसके बाद केडीए प्रशासन ने न केवल महल का सौंदर्यीकरण करवाया बल्कि बरसों से टूटे झूले भी लगवा दिए। लेकिन, रानी महल में बूंदी शैली की कलात्मक पेंटिंग अशोभनीय कमेंट्स से घिरी हुई है, जो परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों को शर्मसार कर रही है। इस ओर भी ध्यान देने की जरूरत है। </p>
<p><strong>महल के आंगन में लौटी रौनक</strong><br />अभेड़ा महल में रविवार को बड़ी संख्या में पर्यटक परिवार संग घूमने आए। महल का आंगन वर्षों बाद बच्चों से गुलजार रहा। यहां लगे झूलों पर बच्चों की भीड़ लगी रही। उन्होंने सिलीप पट्टी व झूलों का लुफ्त उठाया। साथ ही परिसर में साफ-सफाई, गार्डन   में पौधों का मेंटिनेंस व बोटिंग पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। </p>
<p><strong>18 साल बाद चमका अभेड़ा महल</strong><br />नेचर प्रमोटर एएच जैदी ने बताया कि केडीए ने साढ़े तीन करोड़ की लागत से वर्ष 2003 में अभेड़ा महल का जीर्णोंद्धार शुरू किया था, जो तीन साल बाद 2006 में पूरा हुआ। रिनोवेशन के तहत भवन की मरम्मत, रंग-रोशन, सुलभ कॉम्पलेक्स, मुगल गार्डन, रानी महल की मरम्मत व नक्काशी, झरोखे, तालाब, बाहरी दीवारों पर राज दरबार की सवारी जुलूस व राजसी वैभव को प्रदर्शित करती पेटिंग्स सहित कई कार्य करवाए थे। वहीं, बच्चों के लिए झूले भी लगवाए थे। करीब 18 साल बाद फिर से महल का सौंदर्यीकरण हुआ है। हालांकि, महल की दीवारों का रंग-रोगन बीच-बीच में होता रहा।</p>
<p><strong>बिजली पोल पर रंग-रोगन, कनेक्शन चालू नहीं</strong><br />बोरखेड़ा निवासी पर्यटक अजय कुशवाह, राकेश नामा, सुरेंद्र प्रजापति ने बताया कि महल के अंदर लगे बिजली के पोल पर रंग-रोगन तो कर दिया लेकिन कनेक्शन चालू नहीं है। शाम पांच बजे के बाद से अंधेरा होने लगता है लेकिन लाइटें चालू नहीं होती। वहीं, फाउंटेशन लगा हुआ है, जो अब तक चालू नहीं किया गया। हालांकि, झूले, महल का सौंदर्यीकरण होने से काफी अच्छा लगा। </p>
<p><strong>रानी महल: दीवारों पर अशोभनीय कमेंट  </strong><br />जैदी बताते हैं, नवज्योति के प्रयास रंग लाए हैं। केडीए द्वारा महल का सौंदर्यीकरण करवाया, जो तारीफे काबिल है लेकिन कुछ विकास कार्य अधूरे छोड़ दिए हैं, जिसे भी पूरे किए जाना जरूरी है। रानी महल में दीवारों पर राजसी वैभव को प्रदर्शित करते कलात्मक चित्रों पर लोगों ने अपने नाम और अभद्र कमेंट लिखकर खराब कर दिए हैं। जबकि, महल देखने आने वाले पर्यटकों से टिकट लिया जाता है लेकिन मॉनिटरिंग नहीं की जाती। जिसका फायदा प्रेमी युगल व अन्य शरारती तत्व उठाते हैं और दीवारों पर नाम व कमेंट लिख धरोहर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं, परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों को शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ती है। </p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मामला</strong><br />अभेड़ा महल की दुर्दशा को लेकर दैनिक नवज्योति ने लगातार खबरें प्रकाशित की थी। शहर के पर्यावरणविद्, इतिहासकार, विरासत प्रेमियों व कलाकारों ने नवज्योति के माध्यम से केडीए, पर्यटन विभाग व जिला प्रशासन से ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की मांग उठाई थी। नवज्योति के लगातार प्रयासोें के बाद अभेड़ा महल फिर से अपने गौरवशाली वैभव से चमक उठा है। उन्होंने दैनिक नवज्योति का लगातार प्रयास के लिए आभार जताया। </p>
<p><strong>क्या बोले पर्यटक </strong><br />विस्तार योजना विज्ञान नगर निवासी शैलेंद्र आहुजा, पंकज चौहान, शाहबाज पठान, रिंकू आलम ने बताया कि पिछले साल अभेड़ा महल आए थे तब दीवारें व शाही दरबार की पेंटिग बदहाल थी। तालाब व कुंड कमल जड़ों से अटे हुए थे। काफी समय बाद  महल की तस्वीर बदली है। सौंदर्यीकरण होने से महल चमक उठा है। परिसर में भी साफ सफाई पहले से बेहतर हो गई।  केशवपुरा निवासी कैलाश साहू, लक्ष्मी कुमारी, सुचिता, उदयराज का कहना है, रानी महल के कमरों व तिबारियों में हो रही पेंटिंग्स पर लोगों ने अशोभनीय कमेंट लिखे हुए हैं, जो बहुत गलत है। कोटा-बूंदी शैली की पेंटिग्स व विरासत को खराब कर रहे हैं। परिवार के साथ जाते हैं, ऐसे में इन कमेंट्स को देख शर्मिंदगी महसूस होती है। केडीए प्रशासन को जल्द से जल्द दीवारों का रंग रोगन करवाकर हटाना चाहिए और खराब हो रही पेंटिंग्स को फिर से बनवाकर जीवंत करनी चाहिए।</p>
<p><strong>रानी महल की दीवारें पान-गुटखों की पीक से लाल</strong><br />विरासत प्रेमी रिंकेश अग्रवाल ने बताया कि अभेड़ा महल बहुत ही खूबसूरत है। यहां मॉनिटरिंग की कमी है। देखरेख के अभाव में रानी महल की दीवारें व झरोखों को पान-गुटखों की पीक से बदरंग हो रहे हैं। वहीं, शरारती तत्वों ने कोटा-बूंदी शैली की पेंटिंग्स खराब कर  दी है। केडीए प्रशासन को टिकट दर में बढ़ोतरी कर पर्याप्त गार्ड की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही मॉनिटरिंग बढ़ानी चाहिए ताकि, शरारती तत्वों पर निगरानी रखी जा सके। </p>
<p>सौंदर्यीकरण होने से महल फिर से चमक उठा है। रानी महल के अंदर की दीवारें व कोटा-बूंदी शैली की पेंटिंग्स पर लिखे कमेंट का मामला संज्ञान में आया है। जिसे तुरंत दुरुस्त करवाया जाएगा। <br /><strong>- पंकज सिसोदिया, जेईएन केडीए </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Nov 2024 16:46:16 +0530</pubDate>
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                <title>ठेले व वाहनों की पार्किंग ने की सड़कें संकरी</title>
                                    <description><![CDATA[सड़क इतनी अधिक संकरी हो गई कि वाहन चालकों को दिनभर ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/parking-of-carts-and-vehicles-narrowed-the-roads/article-48564"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/thele-va-vahano-ki-parking-ne-ki-sadke-sakri...kota-news-12-06-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर विकास न्यास की ओर से शहर के विकास व सौन्दर्यीकरण के साथ ही सड़कों को चौड़ा करने व लिंक रोड बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। जिससे शहर वासियों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिले। वहीं दूसरी तरफ हालत यह है कि ठेले और वाहनों की पार्किंग से सड़कें संकरी हो रही हैं। जिससे दिनभर वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ रहा है। ऐसा ही नजारा शनिवार को सीएडी चौराहे से दादाबाड़ी और दादाबाड़ी से सीएडी चौराहे पर देखने को मिला। यहां सीएडी से दादाबाड़ी  तिराहे की तरफ जाने वाली आधी सड़क पर फलों के ठेले खड़े हुए हैं। एक के बाद एक कतार से दर्जनों ठेले इस तरह से आड़े लगाए हुए हैंÞ। जिससे वे सड़क पर काफी आगे तक आए हुए हैं। वहीं उन ठेलों पर खरीदारी करने वाले ग्राहक अपने दो पहिया व चार पहिया वाहन बीच सड़क पर ही खड़े कर रहे हैं। जिससे सीएडी से दादाबाड़ी, केशवपुरा व महावीर नगर की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को दिनभर इस रोड पर इतना अधिक जाम रहा कि वाहन रैंग-रैंग कर चलने को मजबूर हुए। इतना ही नहीं दादाबाड़ी से सीएडी चौराहे की तरफ आने वाला ट्रैफिक भी दिनभर जाम रहा। यहां दुकानदारों से लेकर होटल व शिक्षण संस्थान तक के वाहन सड़क पर ही खड़े हुए हैं। जिससे वहां की भी आधी सड़क पार्किंग बनी हुई है। इससे इस तरफ की सड़क भी इतनी अधिक संकरी हो गई कि वाहन चालकों को दिनभर ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ा। </p>
<p><strong>यहां भी यही स्थिति</strong><br />सड़कों पर खड़े ठेले व वाहनों सेी सिर्फ सीएडी रोड ही नहीं शहर की अधिकतर सड़कों की यही हालत है। धानमंडी से डीसीएम रोड पर जिला उद्योग केन्द्र तक इन दिनों सड़क किनारे गन्ने के रस से लेकर फल वालों तक के ठेले खड़े हुए हैंÞ। ये ठेले आधी सड़क घेरकर खड़े हुए हैं। वहीं गर्मी अधिक होने से  अधिकतर ने ठेलों के ऊपर तिरपाल बांधा हुआ है। सड़क पर ही कुर्सियां लगाई हुई है। जिससे धानमंडी से डीसीएम जाने वाले वाहन चालकों विशेष को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पॉलिटेक् नीक कॉलेज के सामने से मोटर मार्केट तक की सड़क पर मैकेनिकों ने बीच राह में ही वाहन ठीक करने का काम कर रखा है। जिससे उस तरफ की सड़क भी सिकुड़ गई है।  धानमंडी के सामने चौराहे पर चल रहे निर्माण कार्य के साथ ही दोनों तरफ ठेले व मैकेनिकों से सिकुड़ी सड़कों से ट्रैफिक जािम की समस्या बनी हुई है।  वहीं नयापुरा में चम्बल टूरिस्ट रोड की भी यही हालत है। लक् खी बुर्ज से नीचे उतरते ही चम्बल टूरिस्ट के सामने से होते हुए अग्रसेन चौराहे तक सड़क के दोनों तरफ गन्ने के रस के ठेले व फुटकर सामान बेचने वालों ने सड़क को संकरा कर दिया है। वहीं इन दुकानों पर खरीदारी करने आने वाले ग्राहकों के वाहन खड़े होने से इस व्यस्त सड़क पर भी दिन भर में कई बार ट्रैफिक जाम रहने की समस्या हो गई है। इसी तरह के हालात भीमगंजमंडी थाने के सामने से  बजरिया तक और शॉपिंग सेंटर से गुमानपुरा तक फास्ट फूड के ठेलों से सड़कें सिकुड़ रही हैं। </p>
<p><strong>ट्रैफिक पुलिस का ध्यान ही नहीं</strong><br />अनंतपुरा निवासी अनवर खान का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस वैसे तो बिना हैलमेट वालों के चालान बनाने और नो पार्किंग में खड़े वाहनों को उठाकर ले जाती है। जबकि बीच सड़क पर खड़े ठेले व वाहनों से ट्रैफिक जाम हो रहा है। हजारों लोगों को परेशानी हो रही है। वह ट्रैफिक पुलिस को नजर नहीं आ रही।  ट्रैफिक पुलिस को ऐसी जगह पर कार्रवाई कर  सड़कों को खुला रखना चाहिए। महावीर नगर निवासी सुनील सिंह का कहना है कि एक तरफ तो पेट्रोल इतना महगा हो गया है। दूसरा व्यक्ति के पास समय की कमी है। उस स्थिति में सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण से ट्रैफिक जाम होने पर पेट्रोल और समय दोनों अधिक खर्च हो रहे हैं। पुलिस और प्रशासन को चाहिए कि आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए काम करे। छावनी निवासी अविनाश त्यागी का कहना है कि नगर विकास न्यास तो सड़कों को चौड़ा कर रहा है। लिंक रोड व बाईपास बनाकर लोगों को लम्बा चक्कर काटने की परेशानी से निजात दिला रहा है। जबकि ट्रैफिक पुलिस सड़क घेरकर ट्रफिक  जाम करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई ही नहीं कर रही है। जबकि ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी है कि सड़कों पर यातायात को सुगम बनाने के लिए कार्रवाई करे। </p>
<p><strong>नगर निगम कर चुका कई बार कार्रवाई</strong><br />सीएडी चौराहे से दादाबाड़ी तिराहे तक की सड़क से ठेले वालों को पीछे हटाने की कार्रवाई नगर निगम का अतिक्रमण निरोधक दस्ता कर बार कर चुका है। लेकिन कुछ दिन सही रहने के बाद ये फिर से आगे बढ़कर सड़क को घेर रहे हैं। निगम की ओर से भी इसकी नियमित मॉनिटरिंग नहीं करने से इस तरह की समस्या बार-बार उत्पन्न हो रही है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />सीएडी रोड हो या दादाबाड़ी रोड, डीसीएम रोड हो या नयापुरा रोड। सभी जगह पर समय-समय पर नगर निगम, नगर विकास न्यास व ट्रैफिक पुलिस संयुक्त रूप से कार्रवाई कर चुकी है। ट्रैफिक पुलिस की ओर से भी दिनभर गाड़ी घृमती है वह ठेले व वाहनों को सड़क के बीच में नहीं करने के लिए सूचित करते रहे हैं। सीएडी चौराहे पर निर्माण कार्य के चलते भी ट्रैफिक जाम हो रहा है। फिर भी सड़कों से ठेले व वाहनों को हटाने की कार्रवाई शीघ्र ही की जाएगी। जिससे ट्रैफिक सामान्य रूप से बिना किसी जाम के निकल सके। <br /><strong>- कालूराम वर्मा, उप अधीक्षक, यातायात पुलिस कोटा शहर </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jun 2023 15:13:13 +0530</pubDate>
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                <title>बढ़ता जा रहा है तालाब के सौंदर्यकरण का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[तालाब को नगर के आकर्षण का मुख्य केन्द्र बनाने के लिए तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू हो गया था, जो बारिश से पहले पूरा होना था। इस बड़े तालाब का सौन्दर्यकरण डूंगरज्या के कमल सरोवर की तर्ज पर किया जाना था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/waiting-for-the-beautification-of-the-pond-is-increasing/article-29303"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/badhta-jaa-raha-hai-talab-ke-saundarykaran-ka-intazar...sultanpur-news-kota-11.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>सुल्तानपुर।नगर में रक्तया भैरूजी मन्दिर के पास स्थित प्राचीन तालाब की सूरत बदलने की आस अब लंबी होती जा रही है। इसके सौंदर्यकरण का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। जबकि इसे बारिश के पूर्व ही डूंगरज्या के कमल सरोवर की तर्ज पर विकसित होना था। जानकारी के अनुसार 8 लाइन के कार्य में तालाब की मिट्टी का सैंपल फेल हो जाने के कारण तालाब की खुदाई ग्राम पंचायत द्वारा ही करवाई गई और तालाब की पाल बनवा कर जन सहयोग से पौधारोपण करा कर पूर्व नायब तहसीलदार भरत यादव की प्रेरणा पर नगर के व्यापारियों ने तालाब की पाल पर लोगों के आराम करने व बैठने के लिए बैन्चें लगवा दी थीं। तालाब को नगर के आकर्षण का मुख्य केन्द्र बनाने के लिए तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू हो गया था, जो बारिश से पहले पूरा होना था। इस बड़े तालाब का सौन्दर्यकरण डूंगरज्या के कमल सरोवर की तर्ज पर किया जाना था। जिसके के बीच में एक टापू बनाया जाएगा। चारों तरफ घूमने के लिए पाल, सड़क, लाइटें व बैठने के लिए बेंच लगाई जानी थी। इसे पर्यटक स्थल की तर्ज पर विकसित किया जाना था। कस्बे वासियों के लिए पाल बना कर उस पर बेंच लगा दी गई हैं। पौधारोपण का कार्य आगे भी जारी रहेगा। पाल पर एवं बीच में टापू पर खजूर के पौधे लगाए जाएंगे। अतिवृष्टि के चलते समय के अभाव में यह कार्य रुके हुए हैं। बीच के टापू में लाइट लगाकर आगे भी सौंदर्यकरण का कार्य जारी रहेगा। इसके लिए नगर पालिका एवं जन सहयोग से कार्य कराए जाएंगे। </p>
<p><strong>तालाब की पाल पर विकसित होगी हरियाली</strong><br />तालाब की पाल को भी भ्रमण के लिए चौड़ी कर इंटरलॉकिंग करवाई जाएगी। सुन्दर विद्युत लाइटें व हरियाली विकसित की जाएगी। यदि ऐसा होता है तो  तालाब कस्बे का एकमात्र प्रमुख आकर्षण का केन्द्र बनेगा। </p>
<p><strong>लोगों की आस्था का केंद्र है रक्तया भैरूजी</strong><br />रक्तया भैरूजी का तालाब पूरे क्षेत्र की आस्था का केन्द्र है। इस मन्दिर पर कस्बा समेत क्षेत्र के साथ मध्यप्रदेश तक के श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं। हर वर्ष 2 दिवसीय मेले का भी आयोजन होता है। तालाब का सौन्दर्यीकरण होने से पूरे कस्बे के विकास को चार चांद लगेंगे। </p>
<p><strong>टापू से तालाब की पाल तक बनेगी पगडंडी</strong><br />जानकारी के अनुसार हाइवे निर्माण कंपनी व जनप्रतिनिधियों के सहयोग से तालाब के सौन्दर्यीकरण के विकास कार्य करवाए जाने थे। इसमे डूंगरज्या कमल सरोवर की तर्ज पर तालाब का सौन्दर्यीकरण किया जाएगा। जहां तालाब के बीच एक जलमन्दिर का भी निर्माण होगा। तालाब के बीच टापू से तालाब की पाल तक पगडंडी मार्ग विकसित किया जाएगा। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसे बारिश से पूर्व ही पूर्ण विकसित करने का लक्ष्य  था। जिससे लोगों को धार्मिक आस्था वाले तालाब को पर्यटन के हिसाब से भी विकसित किया जा सके। 8 लाइन कंपनी द्वारा मिट्टी को नापास कर देने से जनप्रतिनिधियों के सहयोग से तालाब के कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए क्षेत्रीय विधायक एवं सांसद को अवगत करा दिया गया है। <br /><strong>-हेमलता शर्मा, चेयरमैन, नगर पालिका, सुल्तानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Nov 2022 16:02:36 +0530</pubDate>
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                <title>नेहरू की आंख से देखेंगे शहरवासी रिवर फ्रंट का व्यू </title>
                                    <description><![CDATA[ रिवर फ्रंट पर एक विशाल मुखोटा तैयार किया जा रहा है। यह मुखोटा देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु का है। इस मुखोटे की आंख से लोग चम्बल रिवर फ्रंट का व्यू देख सकेंगे। यह व्यू नयापुरा तक नजर आएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-townspeople-will-see-the-view-of-the-river-front-through-the-eyes-of-nehru/article-28421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/nehru-ki-aakh-se-dekhegei-shaherwasi-river-front-ka-view...kota-news-2.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा शहर में विकास के साथ ही सौन्दर्यीकरण भी कराया जा रहा है। साथ ही इस तरह के कार्य करवाए जा रहे हैं जिससे शहर का आकर्षण बढ़ेगा। उसी के तहत चम्बल रिवर फ्रंट पर घूमने आने वाले इसके व्यू को पडित जवाहर लाल नेहरु की आंख से देख सकेंगे। नगर विकास न्यास द्वारा करीब 800 करोड़ से अधिक की लागत से चम्बल रिवर फ्रंट का निर्माण कराया जा रहा है। इसके पहले फेज का काम दिसम्बर तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। कोटा बैराज से नयापुरा स्थित चम्बल की रियासतकालीन पुलिया तक बनाए जा रहे रिवर फ्रंट के दोनों तरफ 19 घाट बनाए जा रहे हैं। जिनमें से कोटा बैराज की तरफ 12 और नदी पार कुन्हाड़ी साइड पर 7 घाट बनाए जा रहे हैं। जिनका काम तेजी से किया जा रहा है। वहीं नदी पार रिवर फ्रंट पर एक विशाल मुखोटा तैयार जा रहा है। करीब 15 टन वजनी घन मैटल के इस मुखोटे को कई टुकड़ों में बनाया जा रहा है। जिसका काफी काम हो भी चुका है। मुखोटे का चेहरा नजर आने लगा है। इस चेहरे पर ऊपर तक जाने के लिए सीढ़ियां भी बनाई जा रही हैं। जिससे लोग उन सीढ़ियों से ऊपर मूर्ति के अंदर तक जा सकेंगे। यह मुखोटा देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु का है। इस मुखोटे की आंख से लोग चम्बल रिवर फ्रंट का व्यू देख सकेंगे। यह व्यू नयापुरा तक नजर आएगा। </p>
<p><strong>थर्मल चौराहे पर बन रही विशाल नाव</strong><br />चम्बल रिवर फ्रंट के काम के साथ ही नदी पार थर्मल चौराहे का भी विकास व सौन्दर्यीकरण कराया जा रहा है। इस चौराहे के बीच में लोहे की विशाल नाव बनाई जा रही है। इस नाव का निर्माण कार्य काफी समय से चल रहा है। लेकिन अब यह नाव आकार लेने से नजर आने लगी है। इस नाव में क्रोकोडाइल नाम का नाविक होगा। जो इस नाव को चलाता दिखेगा। साथ ही नाव को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है। जिससे इसके बनने के बाद यह पानी में तैरती हुई नजर आएगी। साथ ही नाविक क्रोको के नाम से जाना जाएगा। </p>
<p><strong>मुखौटे से नजर आएगा रिवर फ्रंट का व्यू</strong><br />नगर विकास न्यास के एक्सईएन कमल मीणा ने बताया कि रिवर फ्रंटपर पंडित जवाहर लाल नेहरु का मुखोटा बनाया जा रहा है। इस मुखोटे के अंदर तक जाया जा सकेगा। इस मुखोटे केॉ अंदर खड़े होकर इसकी आंख से चम्बल रिवर फ्रंट का व्यू नजर आएगा। साथ ही थर्मल चौराहे  पर बन रही नाव पानी में तैरती दिखेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Nov 2022 14:49:37 +0530</pubDate>
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