<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/chess/tag-32129" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>chess - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/32129/rss</link>
                <description>chess RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हम्पी को टाईब्रेकर में हरा दिव्या बनीं चैंपियन, फिडे महिला विश्वकप शतरंज का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय</title>
                                    <description><![CDATA[महिला शतरंज विश्व कप के फाइनल मुकाबले में दिव्या देशमुख ने ग्रैंडमास्टर और हमवतन कोनेरू हम्पी को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/divya-became-the-first-indian-to-win-the-title-of/article-121946"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/mjbhvv.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। महिला शतरंज विश्व कप के फाइनल मुकाबले में दिव्या देशमुख ने ग्रैंडमास्टर और हमवतन कोनेरू हम्पी को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। वह फिडे महिला शतरंज विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। कोनेरू हम्पी के पास वापसी का एक छोटा सा मौका था, लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा सकीं। दिव्या ने काले मोहरों पर एक शानदार जीत दर्ज की।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय मास्टर दिव्या देशमुख ने अपने से ऊंची रैंकिंग वाली ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी को फाइनल के पहले और दूसरे गेम में कोई मौका दिए बिना ड्रॉ खेलने पर मजबूर किया था। इससे मैच टाईब्रेकर में पहुंचा था। दिव्या ने टाईब्रेक में जीत के साथ चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।</p>
<p><strong>कौन हैं दिव्या देशमुख ?</strong></p>
<p>9 दिसंबर 2005 को नागपुर में जन्मीं दिव्या ने पांच साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। उनके माता-पिता डॉक्टर हैं। दिव्या ने 2012 में सात साल की उम्र में अंडर-7 नेशनल चैंपियनशिप जीती। अंडर-10 (डरबन, 2014) और अंडर-12 (ब्राजील, 2017) कैटेगरी में विश्व युवा खिताब भी जीते। इसके बाद 2014 में डरबन में अंडर-10 वर्ल्ड यूथ टाइटल और 2017 में ब्राजील में अंडर-12 कैटेगरी में भी खिताब अपने नाम किए।</p>
<p><strong>2023 में हासिल किया इंटरनेशनल मास्टर का खिताब :</strong></p>
<p>दिव्या ने 2023 में इंटरनेशनल मास्टर का खिताब भी प्राप्त कर लिया। 2024 में उन्होंने विश्व जूनियर गर्ल्स अंडर-20 चैंपियनशिप में शीर्ष स्थान हासिल किया। 45वें चेस ओलंपियाड में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका रही। दिव्या एशियाई जूनियर चैंपियन भी हैं।</p>
<p><strong>चैंपियन बनने के बाद निकले आंसू, मां को गले लगाया :</strong></p>
<p>जीत हासिल कर दिव्या फूट फूटकर रो पड़ीं। उनकी मां भी वहीं मौजूद रहीं और दिव्या ने उन्हें गले लगा लिया। जीत के बाद दिव्या को उनके परिवार वालों ने घेर लिया और सभी की आंखों में खुशी के आंसू थे। मैच के बाद दिव्या ने कहा, मैं अभी तक इस जीत पर यकीन नहीं कर पा रही हूं। इसमें ढलने के लिए मुझे थोड़ा समय चाहिए होगा। मुझे लगता है कि यह किस्मत से हुआ कि मुझे इस तरह से ग्रैंडमास्टर का खिताब मिला। नागपुर की दिव्या ग्रैंडमास्टर बनने वाली सिर्फ चौथी भारतीय महिला और कुल 88वीं खिलाड़ी हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/divya-became-the-first-indian-to-win-the-title-of/article-121946</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/divya-became-the-first-indian-to-win-the-title-of/article-121946</guid>
                <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 11:32:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/mjbhvv.png"                         length="395142"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिव्या शतरंज विश्व कप के फाइनल में, भारतीय खिलाड़ी ने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी किया क्वालीफाई</title>
                                    <description><![CDATA[दिव्या देशमुख ने चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त तान झोंगयी को 101 चाल में शिकस्त देकर फिडे महिला शतरंज विश्वकप के फाइनल मुकाबले में जगह बना ली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/indian-player-also-qualified-for-the-candidate-tournament-in-the/article-121562"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/news60.png" alt=""></a><br /><p>बाटुमी (जॉर्जिया)। अंतरराष्ट्रीय मास्टर दिव्या देशमुख ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त तान झोंगयी को 101 चाल में शिकस्त देकर फिडे महिला शतरंज विश्वकप के फाइनल मुकाबले में जगह बना ली और इसी के साथ उन्होंने अगले साल कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई भी कर लिया है। 19 वर्षीय दिव्या देशमुख ने सेमीफाइनल के दूसरे गेम में पूर्व विश्व चैंपियन चीन की झोंगयी टैन को 1.5-0.5 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इससे पहले भारतीय खिलाड़ी दिव्या ने दूसरी वरीयता प्राप्त झू जिनर और अपने से उच्च रैंकिंग वाली हमवतन हरिका द्रोणावल्ली को हराया था। फिडे ओलंपियाड में व्यक्तिगत और टीम स्वर्ण पदक जीतने के एक साल बाद दिव्या का विश्वकप फाइनल तक का सफर उनके अब तक के शानदार करियर में एक और उपलब्धि है। इस जीत के उन्होंने अगले साल होने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। वह इस टूर्नामेंट में खेलने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी होंगी। महिला विश्वकप के तीसरे संस्करण में 15वीं वरीयता प्राप्त दिव्या सबसे कम उम्र की फाइनलिस्ट हैं।</p>
<p><strong>कौन हैं दिव्या देशमुख ?</strong></p>
<p>9 दिसंबर 2005 को नागपुर में जन्मीं दिव्या ने पांच साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। उनके माता-पिता डॉक्टर हैं। दिव्या ने 2012 में सात साल की उम्र में अंडर-7 नेशनल चैंपियनशिप जीती। उन्होंने अंडर-10 (डरबन 2014) और अंडर-12 (ब्राजील 2017) कैटेगरी में विश्व युवा खिताब भी जीते। इसके बाद 2014 में डरबन में आयोजित अंडर-10 वर्ल्ड यूथ टाइटल और 2017 में ब्राजील में अंडर-12 कैटेगरी में भी खिताब अपने नाम किए। दिव्या 2021 में महिला ग्रैंडमास्टर बनीं।</p>
<p><strong>2023 में हासिल किया इंटरनेशनल मास्टर का खिताब :</strong></p>
<p>दिव्या ने 2023 में इंटरनेशनल मास्टर का खिताब भी प्राप्त कर लिया। 2024 में उन्होंने विश्व जूनियर गर्ल्स अंडर-20 चैंपियनशिप में भी परचम लहराया, जहां उन्होंने 11 में से 10 अंक जुटाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अलावा 45वें चेस ओलंपियाड में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका रही।</p>
<p> </p>
<p><br /> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/indian-player-also-qualified-for-the-candidate-tournament-in-the/article-121562</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/indian-player-also-qualified-for-the-candidate-tournament-in-the/article-121562</guid>
                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 11:12:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/news60.png"                         length="307281"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आर प्रज्ञानंद ने कार्लसन को दी मात, चौथे राउंड में हराया</title>
                                    <description><![CDATA[भारत के आर प्रज्ञानंद ने लास वेगास में फ्रीस्टाइल शतरंज ग्रैंड स्लैम टूर में मैग्नस कार्लसन को हरा दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/r-pragyanand-defeated-karlson-in-the-fourth-round/article-120838"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/r-praggnanandhaa.png" alt=""></a><br /><p>लास वेगास। भारत के आर प्रज्ञानंद ने लास वेगास में फ्रीस्टाइल शतरंज ग्रैंड स्लैम टूर में मैग्नस कार्लसन को हरा दिया है। उन्होंने दुनिया के नंबर 1 कार्लसन को मात्र 39 चालों में मात दी। कार्लसन को 19 साल के आर प्रज्ञानंद ने टूर्नामेंट के ग्रुप स्टेज के चौथे राउंड में हरा दिया। प्रज्ञानंद अब 8 खिलाड़ियों वाले ग्रुप व्हाइट में 4.5 अंकों के साथ संयुक्त बढ़त बनाए हुए है।</p>
<p>नॉर्वे के ग्रैंडमास्टर 5 बार के विश्व चैंपियन है। वह हाल ही में भारत के मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश से लगातार हार चुके है। इसके बाद उन्हें एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा है। कार्लसन पेरिस और कार्लजूए में फ्रीस्टाइल शतरंज ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट जीत चुके है। वह पूरे टूर में टॉप पर थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/r-pragyanand-defeated-karlson-in-the-fourth-round/article-120838</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/r-pragyanand-defeated-karlson-in-the-fourth-round/article-120838</guid>
                <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 16:58:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/r-praggnanandhaa.png"                         length="375644"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शतरंज : एक सप्ताह में राजस्थान की दूसरी बड़ी उपलब्धि, जयपुर की श्रेयांशी जैन बनीं अंडर-7 कैटेगरी की राष्ट्रीय चैंपियन</title>
                                    <description><![CDATA[राजधानी जयपुर की नन्ही शतरंज खिलाड़ी श्रेयांशी जैन ने एक बार फिर अपने प्रदर्शन से राज्य को गौरवान्वित किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/chess-in-a-week-the-second-major-achievement-of-rajasthan/article-116542"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(1)20.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर की नन्ही शतरंज खिलाड़ी श्रेयांशी जैन ने एक बार फिर अपने प्रदर्शन से राज्य को गौरवान्वित किया है। ओडिशा के खोरदा में आयोजित राष्ट्रीय अंडर-7 बालिका शतरंज प्रतियोगिता में श्रेयांशी ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। खास बात यह रही कि श्रेयांशी ने पूरी प्रतियोगिता में अजेय रही और उसने नौ चक्रों के मुकाबले में 9 अंकों के साथ शीर्ष स्थान के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह प्रदर्शन खेल में उनकी गहरी समझ, अद्वितीय रणनीति, मानसिक मजबूती और समर्पण का प्रमाण है। शतरंज के खेल में राजस्थान के लिए एक सप्ताह में ही यह दूसरी बड़ी उपलब्धि है। इसी सप्ताह जयपुर के यश भरड़िया 20 साल के लम्बे अन्तराल के बाद राजस्थान के पहले इंटरनेशनल मास्टर (आईएम) बने थे। </p>
<p><strong>परिवार और माता-पिता को दिया श्रेय :</strong></p>
<p>श्रेयांशी जैन अपनी इन उपलब्धियों का श्रेय अपने परिवार ओर माता-पिता को देती हैं। उनका कहना है कि शतरंज का खेल उन्होंने अफने नाना शिवनारायण अग्रवाल से सीखा और उसके बाद माता-पिता सुशीला जैन और शिमोना जैन ने उन्हें खेलों में प्रोत्साहित किया। कोच तरुण शर्मा ने उनके खेल को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाया है। </p>
<p><strong>शतरंज की बिसात का चमकता सितारा है श्रेयांशी :</strong></p>
<p>राजस्थान शतरंज एसोसिएशन के महासचिव अशोक भार्गव ने इस उपलब्धि पर श्रेयांशी को बधाई देते हुए कहा कि वे शतरंज की बिसात पर चमकता सितारा हैं। भार्गव ने कहा कि नीरजा मोदी स्कूल की कक्षा 2 की छात्रा श्रेयांशी के प्रदर्शन से उम्मीद है कि वे भविष्य में इस खेल में देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/chess-in-a-week-the-second-major-achievement-of-rajasthan/article-116542</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/chess-in-a-week-the-second-major-achievement-of-rajasthan/article-116542</guid>
                <pubDate>Fri, 06 Jun 2025 11:51:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-06/rtroer-%281%2920.png"                         length="468086"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर ओपन फिडे रेटेड चेस में अतीक, ईशान और अरिशा जीते, 20 राज्यों के 250 से अधिक रेटेड खिलाड़ी अपनी चुनौती कर रहे पेश </title>
                                    <description><![CDATA[टूर्नामेंट में 500 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/atik-ishaan-and-arisha-won-more-than-250-rated-players/article-111844"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer24.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर क्लब में आयोजित जयपुर ओपन क्लासिकल फिडे रेटेड चेस टूनार्मेंट के पहले दिन असम की श्रद्धा धर ने गुजरात के वीरेंद्र सिंह को, जयपुर के विवान कपूर ने दिल्ली के एके कलसियन को, बिहार के ईशान सतवत ने जयपुर के पीआर हर्ष को, जयपुर की अरिशा अग्रवाल ने राजस्थान के जालप इंद्राज को तथा जयपुर के ही अन- रेटेड अतीक कुमावत ने कोटा के रेटेड मुकेश मंडलोई को पराजित किया। वहीं यूपी के वाईके श्रीवास्तव को जयपुर के आरव गुप्ता ड्रा पर रोका। आयोजन सचिव जयेंद्र चतुवेर्दी ने बताया कि टूर्नामेंट में 500 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 4 से 84 साल के खिलाड़ी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 20 राज्यों के 250 से अधिक रेटेड खिलाड़ी अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं।</p>
<p>इससे पूर्व टूनार्मेंट के उदघाटन समारोह में नारायणा हॉस्पिटल के बैसिलिटी डायरेक्टर बलविन्दर सिंह वालिया, केयर हैल्थ इंश्योरेंस के रीजनल हैड राहुल पचोरी, जेएचडब्ल्यू के को-फाउंडर भूपेन्द्र सिंह और रायल जयपुर चेस क्लब के रवि बजाज अतिथि के रूप में मौजूद थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/atik-ishaan-and-arisha-won-more-than-250-rated-players/article-111844</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/atik-ishaan-and-arisha-won-more-than-250-rated-players/article-111844</guid>
                <pubDate>Thu, 24 Apr 2025 11:22:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-04/rtrer24.png"                         length="623029"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुकेश को हरा प्रज्ञानंद ने जीता शतरंज खिताब, अपना पहला टाटा स्टील शतरंज खिताब जीता</title>
                                    <description><![CDATA[मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश को हराकर अपना पहला टाटा स्टील शतरंज खिताब जीत लिया।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/gukesh-defeated-pragyanand-won-the-chess-title-his-first-tata/article-103196"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(7)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रज्ञानानंदा ने आठ घंटे के विश्व स्तरीय प्रदर्शन वाले इस तरह के अजीब दिन की कल्पना नहीं की थी, जिसके बाद उन्होंने मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश को हराकर अपना पहला टाटा स्टील शतरंज खिताब जीत लिया।</p>
<p><strong>जीत के बाद प्रज्ञानंद ने कहा यह एक अजीब दिन था :</strong></p>
<p>प्रज्ञानंद ने मुकाबले के बाद कहा, यह बहुत लंबा था। करीब आठ घंटे पहली बाजी ही लगभग साढ़े छह घंटे तक चली और फिर ब्लिट्ज बाजी, यह एक अजीब दिन था। शतरंज की दुनिया में यह एक बहुत ही खास प्रतियोगिता है और मैंने बड़े होते हुए इस टूनार्मेंट के मुकाबले देखे हैं। पिछले साल चीजें मेरे हिसाब से नहीं रहीं थी इसलिए मैं इस टूनार्मेंट के लिए प्रेरित था।</p>
<p><strong>प्रज्ञानंद ने पांच बाजियां ड्रॉ खेली :</strong></p>
<p>प्रज्ञानंद ने छह बाजी जीती और पांच ड्रॉ खेली। उन्हें दो बाजियों में हार का सामना करना पड़ा। अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में प्रज्ञानंद ने कहा कि वह प्राग मास्टर्स में प्रतिस्पर्धा करेंगे। उन्होंने कहा, मुझे पता था कि पिछले छह महीनों में क्या गलत हुआ और मुझे पता था कि मुझे किस चीज पर काम करने की जरूरत है। मैं इसमें बेहतर होने की कोशिश करता रहूंगा। मैंने इस टूनार्मेंट के लिए अपने खेल में कुछ चीजें बदली और यह काम कर गया। टाईब्रेकर की शुरूआती दो बाजियों में से प्रज्ञानानंदा ने एक गंवाई और फिर दूसरी बाजी जीती। उन्होंने कहा कि उन्हें पहली बाजी ड्रॉ करानी चाहिए थी। </p>
<p>दूसरी बाजी में गुकेश अच्छी स्थिति में थे लेकिन धीरे-धीरे वह पिछड़ गए। तीसरी और निर्णायक बाजी में प्रज्ञानानंदा ने फिर से अपने सफेद मोहरों के साथ रक्षात्मक रुख अपनाया लेकिन फिर कुछ अच्छे मूव बनाए और गुकेश इसके बाद अति महत्वाकांक्षी हो गए और संभवत: ड्रॉ होने वाली बाजी को हार गए। जर्मनी के विन्सेंट कीमर के खिलाफ गंवाई बाजी में अपनी गलतियों के बारे में बात करते हुए प्रज्ञानानंदा ने स्वीकार किया कि उन्होंने कुछ अजीबोगरीब हरकतें कीं। उन्होंने कहा, मुझे वह स्थिति (बीच के समय का खेल) पसंद थी और फिर मैंने कुछ अजीबोगरीब हरकतें करनी शुरू कर दीं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/gukesh-defeated-pragyanand-won-the-chess-title-his-first-tata/article-103196</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/gukesh-defeated-pragyanand-won-the-chess-title-his-first-tata/article-103196</guid>
                <pubDate>Wed, 05 Feb 2025 11:16:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-02/257rtrer-%287%292.png"                         length="441539"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रीय स्कूल शतरंज चैंपियनशिप : श्रेयांशी अंडर-7 नेशनल चेस में बनी चैंपियन</title>
                                    <description><![CDATA[ जयपुर की नन्हीं शतरंज खिलाड़ी श्रेयांशी जैन ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में आयोजित राष्ट्रीय स्कूल शतरंज चैंपियनशिप में अंडर-7 आयु वर्ग का खिताब जीत लिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/national-school-chess-championship-shreyashi-under-7-champion-in-national-chase/article-102621"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(3)28.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर की नन्हीं शतरंज खिलाड़ी श्रेयांशी जैन ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में आयोजित राष्ट्रीय स्कूल शतरंज चैंपियनशिप में अंडर-7 आयु वर्ग का खिताब जीत लिया। नीरजा मोदी स्कूल की कक्षा प्रथम की छात्रा श्रेयांशी जैन ने नौ चक्रों की इस प्रतियोगिता में अजेय रहते हुए पूरे नौ अंक अर्जित किए। श्रेयांशी की इस सफलता से पहले हाल ही वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाले डी. गुकेश ने 2017 में नेशनर स्कूल अंडर-11 आयु वर्ग में 9 में से पूरे 9 अंक अर्जित किए थे। श्रेयांशी को इस उपलब्धि पर चेस बेस इंडिया की ओर से गुकेश डीवीडी अवार्ड दिया गया। </p>
<p>श्रेयांशी को ट्रॉफी और दस हजार रुपए नगद पुरस्कार राशि प्रदान की गए। जयपुर जिला शतरंज एसोसिएशन के महासचिव अशोक भार्गव ने बताया कि श्रेयांशी को शतरंज के तीनों फॉर्मेट क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज में अंतरराष्ट्रीय रेटिंग प्राप्त हो गई है। उन्होंने बताया कि आंध्र में हुई प्रतियोगिता में 28 राज्यों के 1300 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/national-school-chess-championship-shreyashi-under-7-champion-in-national-chase/article-102621</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/national-school-chess-championship-shreyashi-under-7-champion-in-national-chase/article-102621</guid>
                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 11:29:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/257rtrer-%283%2928.png"                         length="488745"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रियांशु ने ग्रैंड मास्टर आर लक्ष्मण को ड्रा पर रोक किया उलटफेर </title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल के प्रियांशु बरुआ ने जयपुर ओपन रैपिड शतरंज प्रतियोगिता के 5वें राउंड में रेलवे के ग्रैंडमास्टर आर. लक्ष्मण को बराबरी पर रोक टूर्नामेंट का पहला बड़ा उलटफेर कर दिया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/priyanshu-stops-grand-master-r-laxman-on-the-draw%C2%A0/article-102171"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/78-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पश्चिम बंगाल के प्रियांशु बरुआ ने शनिवार को यहां जयपुर ओपन रैपिड शतरंज प्रतियोगिता के 5वें राउंड में रेलवे के ग्रैंडमास्टर आर. लक्ष्मण को बराबरी पर रोक टूर्नामेंट का पहला बड़ा उलटफेर कर दिया। </p>
<p>छह  राउंड के बाद तीन खिलाड़ी मित्रभा गुहा (पश्चिम बंगाल), सुयोग वाघ (महाराष्ट्र) और आर्यन वैष्णव (दिल्ली) छह अंकों के साथ संयुक्त बढ़त लिए हुए हैं। ग्रैंड मास्टर आर लक्ष्मण (रेलवे), फिडे मास्टर नमित सिंह वालिया (पंजाब), कैंडिडेट मास्टर नवीन जैन (हरियाणा), सेजल साई संजय (महाराष्ट्र) 5.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/priyanshu-stops-grand-master-r-laxman-on-the-draw%C2%A0/article-102171</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/priyanshu-stops-grand-master-r-laxman-on-the-draw%C2%A0/article-102171</guid>
                <pubDate>Mon, 27 Jan 2025 11:35:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-01/78-%287%291.png"                         length="499840"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुकेश ने तीसरी बाजी जीत कर लिरेन पर मानसिक बढ़त बनाई</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय ग्रैंडमास्टर गुकेश टूर्नामेंट की अपनी पहली जीत का जश्न मनाने जा रहा थे, तभी उन्हें अपने जश्न को मजबूरी में रोकना पड़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/gukesh-gained-mental-edge-over-liren-by-winning-the-third/article-96211"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/9930400-sizee-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत के युवा शतरंज खिलाड़ी डी गुकेश ने विश्व शतरंज चैम्पियनशिप में एक दिन के विश्राम के बाद शुक्रवार को चौथी बाजी के लिए जब चीन के डिंग लिरेन के खिलाफ चुनौती पेश करेंगे तो 14 बाजियों वाले इस मुकाबले की तीसरी बाजी में मिली जीत से उनका मनोबल बढ़ा हुआ होगा। 18 साल के गुकेश ने तीसरे दौर में शानदार प्रदर्शन करते हुए इस चैम्पियनशिप की अपनी पहली जीत दर्ज की। क्लासिक टाइम कंट्रोल के तहत खेली जा रही चैंपियनशिप में अभी 11 मुकाबले बचे हुए हैं। गुकेश को शुरुआती मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था, जबकि दूसरा मुकाबला ड्रॉ रहा था। तीन बाजियों के बाद दोनों खिलाड़ियों के समान डेढ़-डेढ़ अंक हैं।</p>
<p><strong>डोप परीक्षण के लिए बुलाया</strong></p>
<p>भारतीय ग्रैंडमास्टर गुकेश टूर्नामेंट की अपनी पहली जीत का जश्न मनाने जा रहा थे, तभी उन्हें अपने जश्न को मजबूरी में रोकना पड़ा। ग्रैंडमास्टर और मेडिकल प्रोफेशनल झाओ जोंग युआन जो कि एक डोपिंग रोधी परीक्षण के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, ने 18 वर्षीय गुकेश को बुला लिया और उन्हें परीक्षण के लिए ले गए। हालांकि  गुकेश ने अपना संयम बनाए रखा और स्थिति को शालीनता के साथ संभाला। डिंग लिरेन को भी कुछ ही समय बाद उसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।</p>
<p><strong>ऐसे होता है एंटी डोपिंग परीक्षण</strong><br />इस प्रक्रिया में किसी भी प्रतिबंधित पदार्थों की जांच के लिए जैविक नमूने एकत्र करना शामिल है जो मानसिक ध्यान, सहनशक्ति या प्रतिक्रिया समय को गलत तरीके से बढ़ा सकते हैं। फिडे की डोपिंग रोधी परीक्षण नीति में खिलाड़ियों को मूत्र के नमूने जमा कराने होते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/gukesh-gained-mental-edge-over-liren-by-winning-the-third/article-96211</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/gukesh-gained-mental-edge-over-liren-by-winning-the-third/article-96211</guid>
                <pubDate>Fri, 29 Nov 2024 12:20:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-11/9930400-sizee-%281%29.jpg"                         length="55820"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रगनानंद ने विश्व के नंबर एक खिलाड़ी कार्लसन को हराया </title>
                                    <description><![CDATA[भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रगनानंद ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए सुपरबेट रैपिड और ब्लिट्ज शतरंज टूनार्मेंट में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन को हराकर अपनी प्रतिभा दिखाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/praggnanandha-defeated-world-number-one-player-carlsen/article-77811"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/t21rer-(1)36.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रगनानंद ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए सुपरबेट रैपिड और ब्लिट्ज शतरंज टूनार्मेंट में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन को हराकर अपनी प्रतिभा दिखाई। प्रगनानंद जीत के बावजूद तीसरे स्थान पर बने हुए हैं जबकि चीन के जबकि चीन के वेई यी ने 2.5 अंकों की मजबूत बढ़त हासिल कर ली है। यह पहली बार नहीं है जब प्रगनानंद ने कार्लसन पर जीत दर्ज की है। वह इससे पहले भी कई मौकों पर विश्व के नंबर एक खिलाड़ी को चौंका चुके हैं।  </p>
<p><strong>गुकेश की फॉर्म चिंता का सबब</strong><br />हाल ही में कैंडिडेट्स टूनार्मेंट जीतकर इतिहास रचने वाले विश्व चैंपियनशिप के चैलेंजर डी गुकेश की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि वह 1,75,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि वाले इस टूनार्मेंट में 9.5 अंकों के साथ अंतिम स्थान पर हैं। भारत के अर्जुन एरीगैसी 14 अंक लेकर चौथे स्थान पर हैं जबकि पोलैंड के डुडा जान क्रिज्सटोफ 13 अंकों के साथ उनके ठीक पीछे हैं। उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसात्तोरोव 12.5 के साथ छठे स्थान पर हैं और उन्होंने जर्मनी के विंसेंट कीमर पर एक अंक की बढ़त बना रखी है। प्रतियोगिता के शुरू में शीर्ष पर रहने वाले रोमानिया के किरिल शेवचेंको 11 अंकों के साथ आठवें स्थान पर हैं। हॉलैंड के अनीश गिरी 10.5 अंकों के साथ नौवें स्थान पर पहुंच गए हैं।</p>
<p><strong> नौ दौर की बाजियां शेष </strong><br />ब्लिट्ज प्रतियोगिता में अभी नौ दौर की बाजियां खेली जानी बाकी हैं। वेई यी सात जीत के साथ 20.5 अंक लेकर शीर्ष पर बने हुए हैं। कार्लसन के 18 अंक हैं और वह दूसरे स्थान पर हैं। उनके बाद प्रगनानंद का नंबर आता है। इस भारतीय खिलाड़ी के हालांकि 14.5 अंक है और ऐसे में खिताब के लिए मुख्य मुकाबला वेई यी और कार्लसन के बीच रह गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/praggnanandha-defeated-world-number-one-player-carlsen/article-77811</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/praggnanandha-defeated-world-number-one-player-carlsen/article-77811</guid>
                <pubDate>Mon, 13 May 2024 14:06:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/t21rer-%281%2936.png"                         length="365124"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लगातार पांच जीत से प्रग्नाननंदा को एकल बढ़त</title>
                                    <description><![CDATA[ सातवें और आठवें दौर में उन्हें क्रमश: विदित और डी गुकेश से हार का सामना करना पड़ा लेकिन दिन के अंतिम दौर में उन्होंने हमवतन अर्जुन एरिगेसी को हराया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/praggnanandhaa-takes-solo-lead-with-five-consecutive-wins/article-56736"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/chrs.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय ग्रैंडमास्टर  रमेशबाबू प्रग्नाननंदा लगातार पांच जीत के साथ टाटा स्टील चेस इंडिया बिल्ट्ज वर्ग में 6.5 अंक लेकर शीर्ष बढ़त पर हैं। अठारह वर्षीय प्रग्नाननंदा रेपिड वर्ग में तीसरे स्थान पर रहे थे। शुक्रवार को बिल्ट्ज वर्ग में उन्होंने पांच जीत दर्ज की। छठे दौर में उन्हें रूस के ग्रैंडमास्टर एलेक्जेंडर ग्रिश्चुक ने बराबरी पर रोका। हालांकि सातवें और आठवें दौर में उन्हें क्रमश: विदित और डी गुकेश से हार का सामना करना पड़ा लेकिन दिन के अंतिम दौर में उन्होंने हमवतन अर्जुन एरिगेसी को हराया। प्रग्नाननंदा के बाद विदित गुजराती और ग्रिश्चुक के छह-छह अंक हैं। एरिगेसी और डी गुकेश के एकसमान 4.5 अंक हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/praggnanandhaa-takes-solo-lead-with-five-consecutive-wins/article-56736</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/praggnanandhaa-takes-solo-lead-with-five-consecutive-wins/article-56736</guid>
                <pubDate>Sun, 10 Sep 2023 12:52:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-09/chrs.jpg"                         length="318746"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहले गेम में प्रज्ञानानंद, कार्लसन ने खेला ड्रॉ</title>
                                    <description><![CDATA[युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रज्ञानंद ने फिडे विश्व कप फाइनल के पहले गेम में पांच बार के विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को ड्रॉ पर रोक लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/pragyananand-carlsen-played-a-draw-in-the-first-game/article-55247"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/chess.png" alt=""></a><br /><p>बाकू। युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रज्ञानंद ने फिडे विश्व कप फाइनल के पहले गेम में पांच बार के विश्व चैंपियन मैग्नस कार्लसन को ड्रॉ पर रोक लिया।</p>
<p>सफेद मोहरों से खेलते हुए प्रज्ञानंद के पास कम समय बचा था लेकिन 35 चालों के बाद दोनों खिलाडिय़ों की आपसी सहमति से मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ।</p>
<p>भारत के 18 वर्षीय ग्रैंडमास्टर काले मोहरों से खेलेंगे और दूसरा गेम ड्रॉ होने पर विजेता का फैसला रैपिड टाईब्रेकर से किया जायेगा।</p>
<p>गौरतलब है कि प्रज्ञानंद सेमीफाइनल में दुनिया के नंबर दो खिलाड़ी फाबियानो करुआना को हराकर फाइनल में आ रहे हैं। उन्होंने हमवतन अर्जुन एरिगैसी और दुनिया के नंबर तीन खिलाड़ी हिकारू नाकामूरा को भी इस नॉकआउट टूर्नामेंट में कड़ी शिकस्त दी थी। करुआना पर दर्ज की गयी जीत के साथ प्रज्ञानंद ने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में भी अपना स्थान पक्का कर लिया है।</p>
<p>प्रज्ञानंद ने गेम पर कहा कि कड़ा संघर्ष होगा। वह (कार्लसन) निश्चित ही बहुत जोर लगायेंगे। मैं आराम करने और तरोताजा रहने की कोशिश करूंगा। मुझे लगता है कि मैं यही कर सकता हूं। कार्लसन ने कहा कि आम तौर पर आराम का दिन होने पर मुझे शायद थोड़ा फायदा होता जबकि कल वह एक कठिन टाईब्रेक खेलकर आ रहा है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से मैं काफी खराब स्थिति में हूं। (निजात) अबासोव के विरुद्ध मुकाबले के बाद मुझे कुछ खाद्य विषाक्तता हो गयी। मैं पिछले दो दिनों से खाना नहीं खा पाया हूं। इसका मतलब यह भी था कि मैं वास्तव में शांत था क्योंकि मुझमें घबराने के लिये ऊर्जा ही नहीं थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/pragyananand-carlsen-played-a-draw-in-the-first-game/article-55247</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/khel/pragyananand-carlsen-played-a-draw-in-the-first-game/article-55247</guid>
                <pubDate>Wed, 23 Aug 2023 11:44:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-08/chess.png"                         length="306871"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        