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                <title>logistics - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>औद्योगिक कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती: रीको और पीडब्ल्यूडी मिलकर करेंगे सड़कों का निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए रीको और PWD मिलकर 50-50% वित्तीय साझेदारी से 38 एप्रोच सड़कों का विकास करेंगे। PWD ने ₹290.82 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है, जिससे 16 जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों की लगभग 205 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/industrial-connectivity-will-be-strengthened-rico-and-pwd-will-jointly/article-155896"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/ricco.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रीको द्वारा राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी एवं आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य के कई रीको औद्योगिक क्षेत्र राज्य राजमार्गों से जुड़े हुए हैं, जहां उद्योगों के कच्चे माल और तैयार उत्पादों के सुगम परिवहन हेतु सड़कों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण आवश्यक है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए रीको एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा 38 सड़कों का विकास कोस्ट शेयरिंग मॉडल पर किया जायेगा। इसके अंतर्गत कुल व्यय का 50 प्रतिशत भाग रीको द्वारा वहन किया जायेगा। रीको के 38 औद्योगिक क्षेत्रों की एप्रोच सड़कों की पहचान की गई है, जो सार्वजनिक निर्माण विभाग से संबंधित हैं।</p>
<p>इन सड़कों की कुल लंबाई लगभग 205 किलोमीटर है, जिनके सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण पर लगभग 290 करोड़ रुपये का व्यय होगा। ये सड़कें आबूरोड, अजमेर, बालोतरा, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, चुरू, दौसा, जयपुर, जालौर, झालावाड़, कोटा, नीमराना, सवाई माधोपुर, श्रीगंगानगर और उदयपुर के औद्योगिक क्षेत्रों को लाभान्वित करेंगी। इन सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजस्थान सरकार के माध्यम से किया जायेगा, जिसमें रीको और पीडब्ल्यूडी की 50-50 प्रतिशत वित्तीय साझेदारी होगी। सार्वजानिक निर्माण विभाग (PWD) ने 205 किमी लंबी 38 सड़को के निर्माण के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति राशि रुपये 290.82 करोड़ दिनांक 06.05.2026 को जारी कर दी गयी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 18:32:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रदूषण पर सरकार का बड़ा प्रहार: दिल्ली-एनसीआर में पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलने के लिए 9,585 करोड़ की योजना मंजूर, टैक्स में भारी छूट</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण घटाने के लिए ₹9,585 करोड़ की ऐतिहासिक योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत पुराने बीएस-4 या उससे पहले के ट्रकों और बसों को इलेक्ट्रिक या बीएस-6 वाहनों से बदला जाएगा। वाहन मालिकों को 5% ब्याज सब्सिडी, ईंधन वाउचर और टैक्स में भारी छूट मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/cm-rekha-gupta-approves-plan-to-replace-old-trucks-and/article-155890"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rekha-guprta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए पुराने बीएस-4 या उससे पुराने ट्रकों और बसों को बदलने हेतु 9,585 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है। यह योजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) द्वारा लागू की जाएगी। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने बुध्जवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक दो वर्षीय योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का वित्तपोषण आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) करेगी तथा इसका कार्यान्वयन सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्रालय और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। यह योजना दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के भागीदार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से कार्यान्वित की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए कुल 9,585 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा 5,041 करोड़ रुपये और भागीदार राज्यों द्वारा कर छूट के रूप में अनुमानित 1,601 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसका उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत उन ट्रकों और बसों के मालिकों को प्रोत्साहित करना है जो बीएस-4 या उससे पहले के उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं, ताकि वे उन्हें बीएस-6 या उससे भी सख्त उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल सकें। स्वच्छ परिवहन प्रौद्योगिकियों की ओर बदलाव को गति देकर इस योजना से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आने और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण सर्दियों के मौसम में एक गंभीर जन स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) और द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टीईआरआई) द्वारा अगस्त 2018 में प्रकाशित "एनसीआर में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5 और पीएम 10) के स्रोत निर्धारण" नामक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में पीएम 2.5 का 14 प्रतिशत, कार्बन मोनोऑक्साइड का 40 प्रतिशत और नाइट्रोजन ऑक्साइड का 63 प्रतिशत उत्सर्जन परिवहन क्षेत्र से होता है। परिवहन क्षेत्र में कुल वाहनों की संख्या का केवल 3 प्रतिशत होने के बावजूद ट्रक और बसें पीएम 2.5 उत्सर्जन का 36 प्रतिशत हिस्सा है। बीएस-III या उससे पुराने वाहनों के लिए पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं पर स्क्रैप कराना अनिवार्य है, जबकि बीएस-4 वाहनों को एनसीआर के बाहर गैर-एनसीएपीशहरों/कस्बों में स्क्रैप या बेचा जा सकता है। इसके बाद मालिकों को एनसीआर के भीतर बीएस-6 या उससे भी सख्त मानकों के अनुरूप या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना और पंजीकृत कराना होगा। दिल्ली में हालांकि इस योजना के तहत खरीदे गए हल्के मालवाहक वाहन इलेक्ट्रिक होने चाहिए, जबकि बसें केवल बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक होनी चाहिए। सरकारी वाहन इस योजना से बाहर हैं।</p>
<p>इस योजना में सरकार पांच साल के लिए ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, वाहन की श्रेणी के आधार पर 4,800 रुपये तक के मासिक ईंधन वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने या जमा प्रमाणपत्र के व्यापार के लिए एकमुश्त लाभ प्रदान करेगी। राज्य सरकारें पंजीकरण शुल्क माफ करेंगी और नए वाहनों पर शत-प्रतिशत तक तथा पुराने वाहनों पर 50 प्रतिशत तक मोटर वाहन कर में छूट प्रदान करेंगी। यह छूट 10 वर्षों के लिए लागू होगी। राज्य सरकार योजना में शामिल पुराने वाहनों पर लंबित देनदारियों को भी माफ कर देगी। ऑटो निर्माता एक्स-शोरूम कीमतों पर 8 प्रतिशत की छूट प्रदान करेंगे।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इसका कार्यान्वयन पूरी तरह से डिजिटल होगा और इसके लिए एक एकीकृत पोर्टल बनाया जाएगा, जो वास्तविक समय में पात्रता की जांच, स्वचालित ब्याज सब्सिडी दावों, मासिक ईंधन वाउचर क्रेडिट और प्रदूषण में कमी के परिणामों की निगरानी को सक्षम करेगा। केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले लाभ नए वाहन के पंजीकरण की तारीख से 5 वर्षों तक जारी रहेंगे, जिससे दो साल की नामांकन अवधि के बाद भी इसका निरंतर प्रभाव सुनिश्चित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 17:37:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जापान और फिलीपींस ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया: प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए</title>
                                    <description><![CDATA[जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए और फिलीपींस के राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर ने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश गोपनीय सैन्य सूचना सुरक्षा और गश्ती पोतों के हस्तांतरण पर सहमत हुए हैं। इसके साथ ही एआई, अंतरिक्ष और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर सहयोग बढ़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/japan-and-philippines-elevate-their-relations-to-the-level-of/article-155339"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/takaichi.png" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान और फिलीपींस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह जानकारी जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा, "28 मई को जापान की प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए ने फिलीपींस गणराज्य के राष्ट्रपति फर्डिनेंड रोमुआल्डेज़ मार्कोस जूनियर से शिखर सम्मेलन किया, जो राजकीय अतिथि के रूप में जापान की यात्रा पर हैं। दोनों नेताओं ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया, जो फिलीपींस के लिए अपनी तरह की पहली साझेदारी है। यह द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के प्रति उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।"</p>
<p>बयान में यह भी कहा गया है कि दोनों पक्ष गोपनीय सैन्य सूचनाओं की सुरक्षा के लिए एक समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं। इसमें यह भी जोड़ा गया है कि जापान और फिलीपींस गश्ती पोतों सहित उपकरणों के हस्तांतरण पर सहयोग में तेजी लाने का इरादा रखते हैं। इसके अतिरिक्त, जापान और फिलीपींस ने कथित तौर पर एशिया में आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने सहित आर्थिक सहयोग को और गहरा करने तथा कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष, ऊर्जा और मानव संसाधन विकास में सहयोग विकसित करने पर सहमति व्यक्त की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 17:16:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जयपुर मंडल का कीर्तिमान: एक साथ दो नॉन-इंटरलॉकिंग कार्यों की सफल कमीशनिंग</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर पश्चिम रेलवे ने जयपुर-फुलेरा खंड पर कनकपुरा यार्ड री-मॉडलिंग और हिरनोदा साइडिंग का कार्य समय से पहले पूरा कर इतिहास रचा है। नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली से मालगाड़ियों का संचालन सुगम होगा और शंटिंग समय में कमी आएगी। इस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लॉजिस्टिक क्षमता और रेल सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-divisions-record-of-successful-commissioning-of-two-non-interlocking-works/article-153734"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/railway-me-video-reel-bnayi-to-ho-skti-h-6-maah-ki-saza...kota-news-07-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल ने रेल संचालन को अधिक सुरक्षित, तीव्र और दक्ष बनाने की दिशा में बड़ा कीर्तिमान स्थापित करते हुए जयपुर-फुलेरा डबल लाइन रेलखंड पर दो महत्वपूर्ण नॉन-इंटरलॉकिंग कार्यों को एक साथ निर्धारित समय से पहले सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। यह उपलब्धि मंडल की तकनीकी दक्षता, समन्वय और सुनियोजित कार्यप्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार कनकपुरा स्टेशन पर यार्ड री-मॉडलिंग और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके तहत लाइन संख्या 4 और 3 के मध्य तथा लाइन संख्या 2 से जुड़े शंटिंग नेक के साथ इमरजेंसी क्रॉसओवर स्थापित किया गया और दो नए शंट सिग्नल चालू किए गए।</p>
<p>इस व्यवस्था से डाउन दिशा से आने वाली मालगाड़ियों को सीधे लाइन 1, 2 और 3 में लिया जा सकेगा, जिससे मुख्य लाइन यातायात प्रभावित हुए बिना शंटिंग और पावर रिवर्सल संभव होगा। इससे टर्मिनल डिटेंशन में कमी आएगी और मालगाड़ियों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। समानांतर रूप से हिरनोदा यार्ड में एचपीसीएसएल ड्राई पोर्ट साइडिंग का कमीशनिंग भी सफलतापूर्वक किया गया। परियोजना के अंतर्गत इमरजेंसी क्रॉसओवर, दो ट्रैप पॉइंट्स और दो नए शंट सिग्नल स्थापित किए गए, जिससे ड्राई पोर्ट को सुरक्षित और निर्बाध रेल संपर्क मिला है। इससे क्षेत्र में लॉजिस्टिक सुविधाओं का विस्तार और माल परिवहन को नई गति मिलने की उम्मीद है। मेगा ब्लॉक के दौरान शैडो प्लानिंग के तहत जयपुर यार्ड में सिग्नलिंग से जुड़े कार्य भी पूर्ण किए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 18:22:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ईरान ने रूस और कई अन्य देशों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य के शुल्क में दी छूट, मुझे नहीं पता भविष्य में क्या होगा : जलाली</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान ने रणनीतिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए रूस जैसे सहयोगी देशों को शुल्क में छूट दी है। अमेरिकी नाकेबंदी के बीच ईरान ने सुरक्षा लागत के नाम पर पहली बार राजस्व जुटाया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और एलपीजी आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिस पर फिलहाल तनाव बरकरार है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/iran-exempted-russia-and-many-other-countries-from-the-strait/article-151528"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/kajem-jalali.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। ईरान ने रूस सहित कई देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने के लिए लगने वाले ट्रांज़िट शुल्क में छूट दी है। रूस में ईरान के राजदूत काज़ेम जलाली ने न्यूज एजेंसी स्पूतनिक को यह जानकारी दी। गौरतलब है कि ईरान की संसद के प्रथम उपाध्यक्ष हामिद रज़ा हाजी बाबाई ने गुरुवार को बताया था कि ईरान को पहली बार होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने के शुल्क से राजस्व प्राप्त हुआ है और यह राशि देश के केंद्रीय बैंक में जमा कर दी गयी है।</p>
<p>वहीं जलाली से जब पूछा गया कि क्या ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के शुल्कों में कोई छूट दी है, तो उन्होंने कहा, "हमने फिलहाल कुछ देशों को छूट दी है, लेकिन मुझे नहीं पता कि भविष्य में क्या होगा। हालांकि, हमारा विदेश मंत्रालय अभी उन छूटों को लागू करने की कोशिश कर रहा है, जो रूस जैसे मित्र देशों के लिए सोची गयी हैं।" उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इज़रायल के हमले के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने में आने वाली लागत का हवाला देते हुए, शुल्क लगाने की योजना की घोषणा की थी। अब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तब तक के लिए बंद कर दिया है, जब तक कि अमेरिका द्वारा लगाई गयी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह से हटा नहीं ली जाती।</p>
<p>ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल की आक्रामकता ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से अवरुद्ध कर दिया है। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजारों तक तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलपीजी) की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है, और इस अवरोध ने इस क्षेत्र में तेल के निर्यात और उत्पादन पर भी असर डाला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 16:16:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन : 29 अप्रैल को पीएम मोदी देंगे देश को सौगात, 6-7 घंटे में सिमटेगा मेरठ-प्रयागराज सफर </title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी 29 अप्रैल को 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। 120 किमी/घंटा की गति के लिए डिजाइन किया गया यह 6-लेन एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी यूपी को जोड़ेगा। इसमें अत्याधुनिक पुल, टोल प्लाजा और पब्लिक यूटिलिटी कॉम्प्लेक्स शामिल हैं, जो प्रदेश में व्यापार और पर्यटन को नई ऊंचाइयां देंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/ganga-expressway-inaugurated-on-april-29-pm-modi-will-give/article-151186"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi14.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा समय घटकर महज 6 से 7 घंटे रह जाएगा, जो अभी 10 से 12 घंटे लगता है। अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे को 120 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति के अनुरूप डिजाइन किया गया है। यह छह लेन का एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित करने की व्यवस्था की गई है। परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा कराया गया है।</p>
<p>एक्सप्रेसवे को 120 मीटर राइट-ऑफ-वे के साथ चार पैकेज में विकसित किया गया है, जिससे निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जा सके। प्रवेश बिंदुओं पर मेरठ और प्रयागराज में मुख्य टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जबकि मार्ग पर 19 रैंप टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक आवागमन मिल सके। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मार्ग पर नौ पब्लिक यूटिलिटी कॉम्प्लेक्स विकसित किए गए हैं। इनमें ईंधन स्टेशन, फूड कोर्ट, विश्राम स्थल और स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक आरामदायक बनेगी।</p>
<p>परियोजना के तहत प्रमुख नदियों पर अत्याधुनिक पुलों का निर्माण भी किया गया है। गंगा नदी पर करीब 960 मीटर लंबा और रामगंगा नदी पर लगभग 720 मीटर लंबा पुल बनाया गया है। इन पुलों का निर्माण बाढ़ और जल प्रवाह के पैटर्न को ध्यान में रखते हुए उन्नत इंजीनियरिंग तकनीकों से किया गया है। गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच संपर्क और बेहतर होगा। साथ ही व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 16:55:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट के बीच बांग्लादेश में ईंधन की भारी कमी, कीमतों में रिकॉर्ड़ बढोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया संकट के बीच बांग्लादेश ने पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की कीमतों में 10-15% की रिकॉर्ड वृद्धि की है। स्वचालित मूल्य निर्धारण प्रणाली के तहत पेट्रोल अब 135 टका प्रति लीटर पहुंच गया है। सरकार ने वैश्विक बाजार में अस्थिरता और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने को इस महंगाई का मुख्य कारण बताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/amidst-the-west-asia-crisis-there-is-a-huge-shortage/article-150994"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/bangladesh2.png" alt=""></a><br /><p>ढाका। पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर बंगलादेश सरकार ने ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। बांग्लादेश समाचार पत्र 'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार रात से इन नयी दरों को लागू होने के बाद पेट्रोल की कीमत 116 टका से बढ़कर 135 टका (करीब 1.10 डॉलर) प्रति लीटर हो गयी है। इसी तरह डीजल 100 टका से बढ़कर 115 टका और केरोसिन 112 टका से बढ़कर 130 टका प्रति लीटर हो गया है। इस प्रकार कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक का इजाफा किया गया है, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है।</p>
<p>साल 2024 में वैश्विक बाजार के हिसाब से कीमतें तय करने की स्वचालित व्यवस्था शुरू होने के बाद से यह पहली बार है, जब कीमतों में इतनी भारी बढोतरी हुई है। ऊर्जा विभाग के प्रवक्ता मोनिर हुसैन चौधरी ने बताया कि सरकार ने आखिरी वक्त तक स्थानीय बाजार में कीमतें स्थिर रखने की कोशिश की, लेकिन वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण ऐसा करना नामुमकिन हो गया। चौधरी ने 'द डेली स्टार' से बातचीत में कहा, "दुनिया भर में कीमतें सुबह से शाम तक बदल रही हैं। हम स्थिरता चाहते थे, लेकिन मौजूदा अर्थव्यवस्था पर इसका बोझ और अधिक नहीं डाला जा सकता।" प्रवक्ता ने यह भी बताया कि 'होरमुज जलडमरूमध्य' में अनिश्चितता की वजह से ईंधन के आयात में काफी बाधा आई है, जिसका असर देश की आपूर्ति पर पड़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 14:31:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>होर्मुज संकट के बीच भारत का बड़ा सुरक्षा कवच : 12,980 करोड़ का मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल मंजूर; पीएमजीएसवाई-111 को मार्च, 2028 तक बढ़ाया  </title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक तनाव के बीच समुद्री व्यापार सुरक्षित करने हेतु केंद्र सरकार ने मैरीटाइम इंश्योरेंस पुल शुरू किया है। ₹12,980 करोड़ की इस पहल से विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम होगी और भारतीय जहाजों को किफायती बीमा मिलेगा। साथ ही, पीएम ग्राम सड़क योजना-III को 2028 तक विस्तार देकर ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए ₹83,977 करोड़ आवंटित किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/indias-big-security-cover-amid-hormuz-crisis-maritime-insurance-pool/article-150981"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/harmuz.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव भले ही कुछ कम हुआ हो, लेकिन तेल आपूर्ति के सबसे अहम समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। जहाजों की आवाजाही पर खतरे के बीच भारत सरकार ने समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पुल को मंजूरी दी है। प्रस्ताव में 12980 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं जिसका मकसद भारतीय झंडे वाले या भारत से जुड़े जहाजों को लगातार और किफायती बीमा सुविधा देना है, चाहे वे किसी भी अंतरराष्ट्रीय मार्ग से माल ला रहे हों या भेज रहे हों। सरकार का मानना है कि इससे विदेशी बीमा कंपनियों पर निर्भरता कम होगी और समुद्री व्यापार सुरक्षित रहेगा। </p>
<p>फिलहाल, भारतीय जहाज पीएंडआई बीमा के लिए काफी हद तक आईजीपीएंडआई क्लब पर निर्भर हैं, जो तेल प्रदूषण, जहाज दुर्घटना, माल के नुकसान और कू्र से जुड़े जोखिमों को कवर करता है।  केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रतिबंध या भू-राजनीतिक तनावों के कारण बीमा कवरेज वापस लेने की स्थिति में संप्रभुता और व्यापार की निरंतरता बनाए रखने के लिए एक घरेलू समुद्री जोखिम बीमा पूल की आवश्यकता थी।  इस बीमा पूल के जरिए बीमा कंपनियां मिलकर पॉलिसी जारी करेंगी और इसकी कुल अंडरराइटिंग क्षमता लगभग 950 करोड़ रुपए होगी, इससे देश के भीतर ही बीमा और जोखिम प्रबंधन की क्षमता मजबूत होगी।</p>
<p>यह पहल भारत को अपने समुद्री बीमा सिस्टम को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी, साथ ही, देश में मरीन बीमा, क्लेम मैनेजमेंट और कानूनी विशेषज्ञता भी विकसित होगी, जो भारतीय शिपिंग सेक्टर की जरूरतों के अनुसार होगी। मोदी कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-111 (पीएमजीएसवाई-111), को मार्च 2028 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। इस योजना के लिए 83,977 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत गांवों को कृषि बाजारों, स्कूलों और अस्पतालों से जोड़ने वाली सड़कों को मजबूत किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। समय सीमा बढ़ने से उन इलाकों में सड़कों का काम पूरा हो सकेगा जहां कनेक्टिविटी अभी भी एक चुनौती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 11:52:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>पश्चिम एशिया संघर्ष: पीएम मोदी मंत्रिमंड़ल की सुरक्षा संबंधी समिति की अहम बैठक, LPG और PNG की सप्लाई पर पूरा फोकस, जरूरी कदम उठाने का दिया निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीसीएस बैठक की अध्यक्षता कर पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईंधन और उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सरकार ने जमाखोरी रोकने और एलपीजी-एलएनजी के स्रोतों में विविधता लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। पीएम ने कोयले के पर्याप्त भंडार और आवश्यक वस्तुओं की स्थिर कीमतों का आश्वासन देते हुए अफवाहों से बचने की अपील की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/west-asia-conflict-important-meeting-of-the-security-committee-of/article-148801"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/csc.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार शाम मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी मामलों की समिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कृषि, उर्वरक, जहाजरानी, विमानन, रसद एवं लघु एवं मध्यम उद्यमों में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार, मोदी ने सीसीएस के सदस्यों के साथ आवश्यक आपूर्ति की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एलपीजी एवं एलएनजी की आपूर्ति में विविधता लाने, ईंधन शुल्क में कमी लाने और विद्युत क्षेत्र से जुड़े उपायों की समीक्षा की।</p>
<p>बैठक में बताया गया कि आवश्यक वस्तुओं की स्थिर कीमतों को सुनिश्चित करने और जमाखोरी एवं कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। कीमतों की निरंतर निगरानी और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रवर्तन पर बातचीत के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया है कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने गलत सूचना एवं अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक प्रामाणिक जानकारी का समय पर एवं सुचारू पहुंच की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्याप्त कोयले के भंडार मौजूद है जो आने वाले महीनों में बिजली की आवश्यकता पर्याप्त रूप से पूरी होगी।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक निवास सात लोक कल्याण मार्ग पर सीसीएस की इस विशेष बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में आगे की जाने वाली पहलों पर भी चर्चा की गई। इस मुद्दे पर सीसीएस की यह दूसरी विशेष बैठक थी। विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से एलएनजी तथा एलपीजी की आपूर्ति और पर्याप्त बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। विभिन्न देशों से नए स्रोतों के आने से एलपीजी की खरीद के लिए स्रोतों का विविधीकरण किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि इसी प्रकार, एलएनजी भी विभिन्न देशों से प्राप्त की जा रही है।</p>
<p>कैबिनेट सचिव ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और एलपीजी की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए नियमित रूप से अवैध बिक्री विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। प्राकृतिक गैस पाइपलाइन कनेक्शनों के विस्तार के लिए भी पहल की गई है। गर्मी के चरम महीनों के दौरान बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 7-8 गीगावाट क्षमता वाले गैस आधारित बिजली संयंत्रों को गैस पूलिंग तंत्र से छूट देना और थर्मल पावर स्टेशनों पर अधिक कोयले की आपूर्ति के लिए रेक बढ़ाना जैसे उपाय भी किए गए हैं। इसके अलावा, कृषि, नागरिक उड्डयन, जहाजरानी और रसद जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों के लिए प्रस्तावित उपायों पर भी चर्चा की गई।</p>
<p>उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यूरिया उत्पादन को आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए रखने, डीएपी, एनपीकेएस आपूर्तिकर्ताओं के लिए विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने जैसे विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकारों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे दैनिक निगरानी, छापेमारी और सख्त कार्रवाई के माध्यम से उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और हेराफेरी पर अंकुश लगाएं। विज्ञप्ति के अनुसार, देश में पिछले एक महीने से खाद्य पदार्थों के खुदरा दाम स्थिर बने हुए हैं। कीमतों की निरंतर निगरानी और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रवर्तन पर बातचीत के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। कृषि उत्पादों, सब्जियों और फलों के दामों पर भी नजर रखी जा रही है।</p>
<p>ऊर्जा, उर्वरक और अन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए वैश्विक स्तर पर हमारे स्रोतों में विविधता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय पहल और चल रहे राजनयिक प्रयास भी किए जा रहे हैं। मौजूदा संकट के बीच प्रभावी सूचना प्रसार और जन जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय, वास्तविक समय संचार सहित सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।</p>
<p>विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने आम जनता की आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ एवं रबी ऋतुओं में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के प्रभाव से नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने गलत सूचना एवं अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक सही जानकारी के सुचारू प्रवाह पर भी बल दिया। प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हरसंभव उपाय करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 13:24:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>होर्मुज जलडमरूमध्य अगले एक महीने तक बंद : आसमान छू सकती है तेल की कीमतें; 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की संभावना, अर्थशास्त्री ब्रूस कासमैन ने जताई चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[जेपी मॉर्गन के मुख्य अर्थशास्त्री ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य एक महीने और बंद रहा, तो तेल $150 प्रति बैरल तक पहुंच जाएगा। ईरान-इजरायल युद्ध के चलते वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला ठप है। इससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और औद्योगिक उत्पादन पर गहरा संकट मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/strait-of-hormuz-closed-for-the-next-one-month-oil/article-148506"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी बैंक जेपी मॉर्गन के मुख्य अर्थशास्त्री ब्रूस कासमैन का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य एक और महीने के लिए बंद रहता है, तो तेल की कीमतें आसमान छूने के साथ 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अर्थशास्त्री कासमैन के बयान के हवाले से कहा, "ऐसी स्थिति में, यदि होर्मुज जलडमरूमध्य एक और महीने तक बंद रहता है, तो तेल की कीमतें लगभग 150 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं और ऊर्जा आपूर्ति पर निर्भर औद्योगिक उपभोक्ताओं को कमी का सामना करना पड़ सकता है।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि, अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान की राजधानी तेहरान सहित देश के विभिन्न ठिकानों पर हमले शुरू किए थे, जिससे भारी क्षति हुई और नागरिक हताहत हुए थे। ईरान पे इजरायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले कर रहा है।</p>
<p>इस बीच, फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाजारों में तेल और तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति के लिए एक प्रमुख मार्ग - होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाला नौपरिवहन प्रभावी रूप से ठप हो गया है। इसके परिणामस्वरूप, दुनिया के अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 11:34:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>थाईलैंड पीएम अनुतिन चर्नविराकुल का दावा: ईंधन की कोई कमी नहीं, देश के नागरिकों से किया ईंधन का भंडारण न करने का आग्रह</title>
                                    <description><![CDATA[थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने देश में ईंधन की कमी की खबरों को अफवाह बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कच्चे तेल का आयात सामान्य है और लंबी कतारें केवल घबराहट में की गई जमाखोरी के कारण हैं। सरकार ने दैनिक खपत में आए 30% उछाल को नियंत्रित करने और आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/thailand-pm-anutin-charnvirakul-claims-there-is-no-shortage-of/article-147165"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/anutin-charnvirakul.png" alt=""></a><br /><p>बैंकॉक। थाईलैंड के प्रधानमंत्री और आंतरिक मामलों के मंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने कहा कि थाईलैंड में तेल की किसी प्रकार की कमी नहीं है, कच्चे तेल का आयात सामान्य रूप से जारी है और तेल उत्पादन क्षमता एवं उत्पादन में कोई कमी नहीं आई है। चर्नविराकुल ने ये टिप्पणियां गुरुवार को पश्चिम एशिया की स्थिति के लिए संयुक्त प्रबंधन एवं निगरानी केंद्र में एक बैठक के दौरान की क्योंकि रिपोर्टों में कहा गया कि हाल के दिनों में थाईलैंड में चालक एवं राइडर पेट्रोल के लिए लंबी कतारों में खड़े थे।</p>
<p>उन्होंने देश के नागरिकों से अपनी चिंताओं को कम करने और ईंधन का भंडारण न करने का भी आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह स्थिति वास्तविक तेल की कमी के कारण नहीं, बल्कि जनता की चिंता के कारण उत्पन्न हुई है, जिसके कारण दैनिक तेल की खपत सामान्य 600 से 670 लाख लीटर प्रति दिन से बढ़कर लगभग 840 लाख लीटर प्रति दिन हो गई है।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि सरकार तेल परिवहन प्रणाला का सामान्य संचालन बहाल करने के प्रयासों में तेजी ला रही है और संबंधित एजेंसियों, विशेष रूप से ऊर्जा मंत्रालय को स्थिति की बारीकी से निगरानी एवं प्रबंधन करने का आदेश दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 16:19:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राष्ट्रीय संकट से निपटने की तैयारियों को लेकर गुवाहाटी में रेलवे एवं सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास, दोहरे उपयोग वाले बुनियादी ढांचे के विकास पर दिया जोर</title>
                                    <description><![CDATA[गुवाहाटी में भारतीय सेना की पूर्वी कमान और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने राष्ट्रीय आपात स्थितियों के लिए परिदृश्य नियोजन अभ्यास किया। इसका उद्देश्य रणनीतिक क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। दोहरे उपयोग वाले बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया गया, जिससे लॉजिस्टिक्स मजबूत होगा और सरकारी व्यय में बचत होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/exercise-between-railways-and-army-in-guwahati-regarding-preparations-to/article-147133"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/assam.png" alt=""></a><br /><p>गुवाहाटी। पूर्वोत्तर क्षेत्र को कवर करने वाली भारतीय सेना की सबसे बड़ी कमान पूर्वी कमान मुख्यालय और एरिया 101 ने गुवाहाटी में बुधवार को एक उच्च स्तरीय परिदृश्य नियोजन अभ्यास सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में भारतीय सेना के साथ पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे एनएफआर के वरिष्ठ अधिकारी थे, जिससे राष्ट्रीय आपात स्थितियों से निपटने के लिए समन्वय और तत्परता को बढ़ाया जा सके।इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों संगठनों की आपसी ताकतों को समझना और उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करना था। </p>
<p>इसका प्राथमिक लक्ष्य परिचालन तंत्रों को इस प्रकार संरेखित करना था, जिससे किसी भी राष्ट्रीय संकट के दौरान विशेष रूप से रणनीतिक रूप से संवेदनशील पूर्वी सेक्टर में एक त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने परिचालन तत्परता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न संभावित परिदृश्यों पर विचार विमर्श किया। इसमें दोहरे उपयोग वाले बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया, जो न केवल लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि संसाधनों के साझा उपयोग के माध्यम से सरकारी व्यय में भी उल्लेखनीय बचत सुनिश्चित करेगा। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, पूर्वी कमान और सेना मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को बेहतर बनाने के लिए अपने विचार और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां साझा कीं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 11:32:14 +0530</pubDate>
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