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                <description>logistics RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत के लिए राहतभरी खबर: होर्मुज खुलते ही तेल और उर्वरक से लदे 11 जहाज सुरक्षित लौटे, ऊर्जा संकट की आशंका घटी</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल और उर्वरक से लदे 11 भारतीय व विदेशी जहाज सुरक्षित भारत लौट रहे हैं। हालांकि, 10 भारतीय जहाज अब भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हैं, जिनकी जल्द वापसी की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/relief-news-for-india-as-soon-as-hormuz-opened-11/article-157885"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/hormuz.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को हुए समझौते के बाद से भारत आने वाले 11 विभिन्न टैंकरों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार किया है जबकि भारतीय ध्वज वाले दस टैंकर अभी भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं और दो ने अभी होर्मुज को पार कर खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति से जुड़े सवालों के जवाब में कहा कि 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये जाने के बाद से भारत आने वाले कुल 11 जहाजों ने होर्मुज को सुरक्षित पार किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय ध्वज वाले दस जहाज अभी भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हैं और उनके भी जल्द लौटने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भारत के दो और जहाज अभी होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर खाड़ी क्षेत्र में गये हैं। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में दोनों तरफ से जहाजों का आवागमन शुरू हो गया है।</p>
<p>प्रवक्ता ने कहा कि भारत में आने वाले 11 जहाजों में से तीन भारतीय ध्वज वाले हैं जिनमें से प्रत्येक पर दो लाख 85 हजार टन कच्चा तेल लदा है। एक विदेशी टैंकर पर एलपीजी और दूसरे विदेशी जहाज पर कच्चा तेल लदा है। इसके अलावा छह बल्क कैरियर भी भारत आ रहे हैं जिनमें उर्वरक लदा है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान ने 17 जून को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना भी शामिल है। इस मार्ग से वैश्विक तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत हिस्से का व्यापार होता है। होर्मुल के खुलने से कच्चे तेल का आयात करने वाले भारत सहित अनेक देशों को राहत मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 18:50:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेएलएनएच में दवा वितरण हुआ डिजिटल: ऑनलाइन डिमांड व्यवस्था लागू, कंप्यूटर प्रशिक्षण के अभाव में नर्सिंगकर्मी चिंतितं</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर के जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय में दवा वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए इनडोर वार्डों से दवाओं की मांग ऑनलाइन भेजने की व्यवस्था शुरू की गई है। इस डिजिटल कदम से दवाओं के स्टॉक और खपत का सटीक रिकॉर्ड रहेगा, हालांकि कंप्यूटर ज्ञान और प्रशिक्षण के अभाव के कारण नर्सिंगकर्मियों ने इस नई प्रणाली पर चिंता जताई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/medicines-distributed-in-jlnh-digital-online-demand-system-implemented-nursing/article-157772"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/hos.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। जेएलएनएच के इनडोर वार्डों में दवाओं की ऑनलाइन डिमांड व्यवस्था लागू, कंप्यूटर ज्ञान के अभाव में नर्सिंगकर्मियों की बढ़ी चिंता प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय (जेएलएनएच) में दवा वितरण व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया गया है। अस्पताल प्रशासन ने इनडोर वार्डों से दवाओं की मांग (डिमांड) अब ऑनलाइन माध्यम से भेजने के निर्देश दिए हैं। इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक वार्ड की नर्सिंग स्टाफ को कंप्यूटर सिस्टम के जरिए दवाओं की मांग दर्ज कर अस्पताल की दवा भंडार शाखा को भेजनी होगी। </p>
<p>हालांकि, अस्पताल प्रशासन की यह पहल दवा वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से की गई है, लेकिन कई नर्सिंगकर्मियों ने इस व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अस्पताल के अनेक नर्सिंगकर्मियों को कंप्यूटर संचालन का पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला है, जिससे उन्हें ऑनलाइन डिमांड प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता की उम्मीद अस्पताल प्रशासन का मानना है कि ऑनलाइन डिमांड प्रणाली लागू होने से वार्डों में दवाओं की उपलब्धता की वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड तैयार होगा।</p>
<p>किस वार्ड ने कब, कितनी और कौन-सी दवा मांगी, इसका पूरा ब्यौरा डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा। इससे दवाओं की अनावश्यक मांग, स्टॉक में गड़बड़ी और रिकॉर्ड संधारण की समस्याओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा। इसके अलावा दवा स्टोर में भी दवाओं के वितरण और स्टॉक प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। भविष्य में दवाओं की खपत का आकलन करना भी आसान होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 17:56:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ज्ञानेश कुमार ने किया बीएलओ और सुपरवाइजर्स से संवाद : BLO मेरे परिवार का हिस्सा, बोले- लोकतंत्र की सफलता में उनकी महत्ती भूमिका </title>
                                    <description><![CDATA[सीईसी ज्ञानेश कुमार ने जयपुर में 700 बीएलओ से संवाद करते हुए उन्हें निर्वाचन आयोग और मतदाताओं के बीच की अहम कड़ी बताया। उन्होंने राजस्थान द्वारा तय समय से 7 दिन पहले एसएसआर कार्य पूरा करने की सराहना की। सीईसी ने भारत की वैश्विक लोकतांत्रिक साख और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर बल दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/gyanesh-kumar-interacted-with-blo-and-supervisors-blo-said-they/article-157624"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/gyanesh-kumar.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सभी बीएलओ मेरे परिवार का हिस्सा है। लोकतंत्र की सफलता में उनकी महत्ती भूमिका है। सीईसी शनिवार को सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (जेईसीसी)में बीएलओ संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के लगभग 700 बूथ स्तरीय अधिकारियों बीएलओ और सुपरवाइजर्स से संवाद कर रहे थे। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बीएलओज की तारीफ करते हुए कहा कि हमारे बीएलओ के मेहनत का ही परिणाम रहा कि हम एसआईआर का कार्य तय समय से 7 दिन पूर्व संपन्न कर पाएं।</p>
<p><strong>खम्मा धणी से की शुरुआत</strong></p>
<p>मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने संबोधन की शुरुआत राजस्थानी परंपरा के अनुरूप खम्मा घणी... कहकर की। उन्होंने कहा कि सभी बीएलओ उनके परिवार का हिस्सा हैं, और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के आधार है। उन्होंने कहा कि 12 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में हुए एसआईआर में राजस्थान को प्रथम लाने में यहां के बीएलओ की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत में सभी चुनाव संविधान और विधि के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न होते हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि भारत इस वर्ष लोकतांत्रिक देशों के वैश्विक संगठन इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस की अध्यक्षता कर रहा है। यह संगठन विश्व के सभी देशों में स्थायी, सशक्त और समावेशी लोकतंत्र को बढ़ावा देने वाली संस्था है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में चुनावों में मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि देश के नागरिकों का लोकतांत्रिक प्रक्रिया एवं निर्वाचन आयोग पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है।</p>
<p><strong>सेतु का काम करते हैं बीएलओ</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में निर्वाचन आयोग एक संस्थागत ढांचे के रूप में कार्य करता है, किंतु चुनावों के दौरान लगभग 1.80 करोड़ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भागीदारी के साथ यह विश्व की सबसे बड़ी चुनावी संस्था बन जाता है। इस विशाल व्यवस्था में बीएलओ सबसे आधारभूत और महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो निर्वाचन आयोग और मतदाताओं के बीच सेतु का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के बीएलओ से संवाद चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी कराने में नई दिशा देगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 14:02:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांगो में इबोला का कहर: 837 संक्रमित; 196 मौतें, WHO ने जताई गंभीर चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[कांगो (DRC) में इबोला का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जहां पुष्ट मामले 837 और मृतकों की संख्या 196 हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि सशस्त्र हिंसा और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण पड़ोसी देशों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/ebola-havoc-in-congo-837-infected-196-deaths-who-expressed/article-157248"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/ibola.png" alt=""></a><br /><p>किंशासा। मध्य अफ्रीकी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में इबोला के पुष्ट मामलों की संख्या 837 पहुंच गयी है, जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर 196 हो गयी है। इस बीच स्वास्थ्य अधिकारियों और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों ने चेतावनी दी है कि सामुदायिक स्तर पर लगातार फैलने और भौगोलिक विस्तार के कारण यह प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। कांगो स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस बीमारी से मृत्यु दर 23.4 प्रतिशत रही। इस बीमारी का मात देकर 49 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 376 मरीजों को अभी क्वारंटीन किया गया है।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, बुंडिबुग्यो इबोला वायरस के कारण फैला यह प्रकोप मुख्य रूप से प्रमुख प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर इतूरी प्रांत के बुनिया, मोंगब्वालु और र्वाम्परा में केंद्रित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा मंगलवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित स्वास्थ्य क्षेत्रों का बढ़ता भौगोलिक दायरा, शहरी और खनन से जुड़े क्षेत्रों में लगातार हो रहा प्रसार, कुछ प्रांतों में संपर्कों की निगरानी की कम दर और प्रभावित क्षेत्रों में जारी असुरक्षा के कारण राहत अभियान जटिल हो रहे हैं। इससे कांगो के भीतर और पड़ोसी देशों में इसके और फैलने का खतरा बढ़ गया है।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इतूरी और उत्तरी कीवू प्रांतों में सामुदायिक स्तर पर लगातार प्रसार, मामलों और मौतों की बढ़ती संख्या तथा निरंतर भौगोलिक विस्तार के कारण स्थिति और खराब होती जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया कि नए प्रभावित क्षेत्रों में इसका फैलना शुरुआती केंद्रों से आगे निरंतर विस्तार को दर्शाता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, पड़ोसी देश युगांडा में इस अवधि के दौरान कोई नया पुष्ट मामला सामने नहीं आया है।</p>
<p>कांगो में संक्रमण से लगातार जुड़े महामारी संबंधी संपर्कों के कारण हालांकि सीमा पार प्रसार और द्वितीयक संक्रमण का खतरा बना हुआ है। अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने कल अपनी दैनिक रिपोर्ट में बताया कि युगांडा में अब तक 19 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें दो मौतें शामिल हैं। उत्तरी कीवू में प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि सोमवार देर रात एक महिला और उसका बच्चा, जो इबोला से संक्रमित पाए गए थे, उन्हें 'हथियारबंद लोग' अपने साथ ले गए।</p>
<p>डब्ल्यूएचओ ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक विरोध सहित कई कारणों से राहत प्रयासों में बाधाएं आ रही हैं। प्रभावित क्षेत्र देश के संघर्षग्रस्त पूर्वी हिस्से में स्थित हैं, जहां सशस्त्र हिंसा, विस्थापन और कमजोर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे ने राहत कार्यों के सामने लगातार चुनौतियां खड़ी की हैं। उल्लेखनीय है कि डीआरसी ने 15 मई को इस ताजा इबोला प्रकोप की घोषणा की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 15:14:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडोनेशिया में भूकंप के जोरदार झटके: एक की मौत, 40 अन्य घायल, सैकड़ों घर और इमारतें क्षतिग्रस्त</title>
                                    <description><![CDATA[इंडोनेशिया के सेंट्रल सुलावेसी में आए 6.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 40 लोग घायल हुए हैं। भूकंप से 67 से अधिक घर, पुल और सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/strong-earthquake-hits-indonesia-one-dead-40-others-injured-rescue/article-157232"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/china-earthquake.png" alt=""></a><br /><p>जकार्ता। इंडोनेशिया के सेंट्रल सुलावेसी प्रांत में तेज भूकंप के कारण हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गयी तथा 40 अन्य लोग घायल हुए हैं। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार मंगलवार को आये भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.7 मापी गयी। भूकंप से 300 से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। एजेंसी ने बताया कि कम से कम 25 लोगों को मामूली चोटें आयीं और 13 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। साथ ही, कई ज़िलों में लगभग 110 परिवार या 312 लोग प्रभावित हुए।</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती आकलन में कम से कम 67 क्षतिग्रस्त घरों, पूजा के छह स्थानों, दो पुलों, दो दफ्तरों की इमारतों और पालू, सिगी और पोसो को जोड़ने वाली एक प्रांतीय सड़क के आंशिक रूप से ढहने की जानकारी मिली है। अधिकारियों ने आपातकालीन राहत कार्य शुरू कर दिये हैं। सिगी में अधिकारियों ने नोकिलालाकी उप जिला दफ्तर में एक फील्ड कमांड पोस्ट बनाया है। पोसो ज़िला सामान्य अस्पताल में आपातकालीन मेडिकल टेंट लगाये गये हैं। एजेंसी ने लोगों से शांत रहने और आधिकारिक अपडेट का पालन करने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 12:46:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>केंद्र सरकार का बड़ा फ़ैसला: डीजल, विमान ईंधन के निर्यात पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया, नई दरें आज से लागू</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार ने डीजल के निर्यात पर उत्पाद शुल्क 50 पैसे बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। विमान ईंधन (ATF) पर भी शुल्क 3 रुपये बढ़ाकर 12.5 रुपये प्रति लीटर किया गया है। यह बढ़ोतरी घरेलू बिक्री और पड़ोसी देशों को होने वाले निर्यात पर लागू नहीं होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/big-decision-of-central-government-excise-duty-increased-on-export/article-157100"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(3)18.png" alt=""></a><br /><p>नई​ दिल्ली। सरकार ने डीजल और विमान ईंधन के निर्यात पर उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया है। डीजल के निर्यात पर उत्पाद शुल्क में 50 पैसे और विमान ईंधन पर तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गयी है। वित्त मंत्रालय की सोमवार देर रात जारी अधिसूचना में बताया गया है कि नयी दरें 16 जून 2026 से लागू होंगी। निर्यात वाले डीजल पर उत्पाद शुल्क 13.5 रुपये से बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। विमान ईंधन के निर्यात पर अब 9.5 रुपये की जगह 12.5 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लगेगा। वहीं, पेट्रोल निर्यात पर उत्पाद शुल्क 1.50 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रखा गया है।</p>
<p>इन दरों में पिछली बार 01 जून को बदलाव किये गये थे। उस समय निर्यात वाले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 1.50 रुपये, डीजल पर तीन रुपये और विमान ईंधन पर 6.50 रुपये घटाये गये थे। उत्पाद शुल्क की ये दरें घरेलू बिक्री पर लागू नहीं होंगी। साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को किये जाने वाले निर्यात पर भी ये दरें लागू नहीं होंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 11:22:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिम बंगाल सरकार की बड़ी पहल: 'जन कल्याण शिविर' की शुरूआत, इन योजनाओं का मिलेगा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम बंगाल सरकार ने 'जन कल्याण शिविर' कार्यक्रम की शुरुआत की है। जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित इन विशेष शिविरों में आयुष्मान भारत, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, भूमि सुधार और किसान निधि जैसी कई केंद्रीय व राज्य कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन एक ही छत के नीचे सीधे स्वीकार किए जाएंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-initiative-of-west-bengal-government-launch-of-jan-kalyan/article-157011"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/suvendu-adhikari.png" alt=""></a><br /><p>कोलकाता। पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को आसान और सुलभ बनाने के उद्देश्य से सोमवार से राज्यव्यापी 'जन कल्याण शिविर' कार्यक्रम शुरू कर रही है। यह पहल पिछली सरकार के 'द्वारे सरकार' जनसंपर्क कार्यक्रम से मिलती-जुलती है। इसका उद्देश्य कई कल्याणकारी योजनाओं, जागरूकता अभियानों और आवेदन की सुविधाओं को एक ही छत के नीचे लाना है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, आज से बुधवार तक राज्य भर में जिला और ब्लॉक स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर उन लोगों को सीधे आवेदन करने की सुविधा देंगे, जो अब तक विभिन्न सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय सहायता, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कृषि से जुड़ी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाए हैं। आवेदन जमा करने और शुरुआती जांच को आसान बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे, ताकि काम में देरी न हो और लोग जानकारी के अभाव के कारण सरकारी लाभों से वंचित न रहें।</p>
<p>शिविरों में कई केंद्रीय और राज्य योजनाओं के आवेदन स्वीकार किये जायंगे। इनमें आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा, उच्च शिक्षा के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, पहचान पत्र (आधार) नामांकन व लिंक करना और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत आवेदन शामिल हैं। इसके अलावा जमीन से जुड़ी सेवाएं जैसे दाखिल-खारिज, भूमि रिकॉर्ड में छोटे-मोटे सुधार और पट्टा के आवेदन भी उपलब्ध होंगे। इन शिविरों में ई-श्रम, पीएम श्रम योगी मानधन, मुफ्त सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और पश्चिम बंगाल प्रवासी श्रमिक कल्याण योजना के आवेदनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। लाभार्थी अन्नपूर्णा योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, सुकन्या समृद्धि योजना, कन्याश्री और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p>किसानों के लिए पीएम-किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और कृषि अवसंरचना कोष के आवेदन लिए जाएंगे। पिछड़े वर्गों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं, जिनमें प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, शिक्षाश्री, मेधाश्री और तपशिल बंधु शामिल हैं, उन्हें भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसके अलावा बैंकिंग और वित्तीय समावेशन योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री जन धन योजना, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना भी उपलब्ध होंगी।</p>
<p>मछुआरों के लिए पीएम मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, राज्य खाद्य सुरक्षा योजना-प्रथम, पीएम उज्ज्वला योजना, एकीकृत बागवानी विकास मिशन और पीएम सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग औपचारिक रूप देने की योजना के लिए भी आवेदन जमा किए जा सकते हैं। इस कार्यक्रम को सुचारू रूप से लागू करने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों में विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें बुनियादी ढांचे, जागरूकता अभियानों, आवेदन प्रणाली और अंतर-विभागीय समन्वय सहित सभी तैयारियों की समीक्षा करने के लिए रविवार को ही अपने-अपने जिलों में पहुंचने के निर्देश दिए गए थे।</p>
<p>प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के तहत, अधिकारियों को आज और कल (मंगलवार) को अधिक से अधिक शिविरों का दौरा करने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर बुधवार को भी निरीक्षण जारी रहेगा। वे शिविरों में आने वाले नागरिकों के अनुभव, आवेदन प्रसंस्करण की गति और दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन करेंगे। राज्य सरकार को उम्मीद है कि जन कल्याण शिविर कार्यक्रम न केवल सरकारी सेवाओं को जनता के करीब लाएगा, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच के जुड़ाव को भी मजबूत करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 18:32:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी का बड़ा बयान : अमेरिका-ईरान सहमति से क्षेत्र में स्थिरता और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा, युद्धविराम का भारत ने किया स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 107 दिनों से जारी इस संघर्ष की समाप्ति से वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी। होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने से क्षेत्र में स्थिरता आएगी और मुक्त व्यापार सुनिश्चित होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-big-statement-america-iran-agreement-will-boost-stability-and/article-157032"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम होगी। पीएम मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के संबंध में अमेरिका और ईरान के बीच हुई समझ का स्वागत करता हूँ, जिसने विश्व भर में गंभीर आर्थिक व्यवधान उत्पन्न किया है और अनेक देशों में जनहानि का कारण बना है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति से क्षेत्र में शांति स्थापित होगी और नौवहन तथा व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी।<br /> <br />प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत को आशा है कि इस समझ के कार्यान्वयन से क्षेत्र में शांति और स्थिरता की पुनर्स्थापना में सहायता मिलेगी तथा नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी। हम आशा करते हैं कि शेष मुद्दों पर विचार-विमर्श एक टिकाऊ अंतिम समझौते तक पहुँचेगा।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान ने पश्चिम एशिया में पिछले 107 दिनों से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर सहमति व्यक्त की है। अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की बात कही है। दोनों पक्षों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तत्काल और स्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:27:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माइंडमाइन सम्मेलन 2026 : सीतारमण ने कहा- वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू मांग से मिल रहा अर्थव्यवस्था को समर्थन, वित्त मंत्री ने जताई स्थिरता की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'माइंडमाइन सम्मेलन 2026' में कहा कि वैश्विक व्यापार चुनौतियों के बावजूद घरेलू मांग भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है। मानसून और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए अनाज का पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है तथा विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने के लिए आरबीआई के साथ रणनीतिक उपाय किए गए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/mindmine-conference-2026-sitharaman-said-domestic-demand-is-supporting-the/article-156999"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/nirmala-sitharaman.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि इस समय वैश्विक स्तर पर व्यापार और आपूर्ति को लेकर कई प्रकार की अनिश्चतताएं भारतीय अर्थव्यस्था के लिए चुनौती पेश कर रही हैं, हालांकि घरेलू मांग से अर्थव्यवस्था को समर्थन मिल रहा है। सीतारमण ने यहां "माइंडमाइन सम्मेलन 2026" के एक संवाद सत्र के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था के समक्ष चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वर्तमान में वैश्विक व्यापार में काफी अनिश्चितताएं हैं। हमारा निर्यात मजबूत है लेकिन अचानक आयात शुल्क बढ़ा दिया जाता है। हम जिन तीन वस्तुओं का सबसे अधिक आयात करते हैं उनकी कीमत और आपूर्ति दोनों में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसके लिए विदेशी मुद्रा का भंडार मजबूत होना चाहिये।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इन सबके बीच भारत के लिए राहत की बात हमारा घरेलू बाजार है, जो काफी बड़ा है। घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है। हालांकि विनिर्माताओं के समक्ष आयातित कच्चे माल की ऊंची कीमत की चुनौती भी है। घरेलू स्तर पर मानसून की चुनौती को लेकर उन्होंने कहा कि इस बार अल-नीनो प्रभाव के कारण कम बारिश होने का अनुमान है। देश के पास अनाज का काफी बफर भंडार है, इसलिए खाद्यान्न की कमी जैसी स्थिति तो नहीं होगी, लेकिन किसानों की आमदनी पर कम मानसून का असर जरूर होगा। उर्वरकों की कमी के बारे में उन्होंने कहा कि आगामी खरीफ सत्र के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। रबी सत्र को लेकर चिंता थी लेकिन अब चीन से उर्वरक आने से वह चिंता भी दूर हो गयी है।</p>
<p>विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और उससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने रिजर्व बैंक के साथ मिलकर विदेशी मुद्रा जुटाने के उपाय किये हैं। बॉन्ड बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कदम उठाये गये हैं। साथ ही बैंकों और सार्वजनिक कंपनियों को विदेशों से पूंजी जुटाने की अनुमति दी गयी है और इसके लिए जोखिम को कम करने की रणनीति की जिम्मेदारी रिजर्व बैंक उठायेगा। इससे बैंक विदेशों से पूंजी जुटाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 12:16:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऐतिहासिक अमेरिका-ईरान समझौता : सुरक्षा परिषद देगी अंतिम मंजूरी, $24 अरब की ईरानी संपत्ति से हटेगी रोक</title>
                                    <description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव से अमेरिका-ईरान समझौते को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। शर्तों के तहत अमेरिका ईरान पर लगे तेल प्रतिबंध हटाएगा और उसकी $24 अरब की संपत्ति मुक्त करेगा। बदले में ईरान परमाणु हथियार न बनाने और 30 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-final-agreement-between-iran-and-america-will-be-approved/article-156987"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/trump2.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव से मंज़ूरी दी जाएगी। ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के मसौदा का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा, “अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव से मंज़ूरी दी जाएगी।” एजेंसी ने कहा है कि अमेरिका ने ईरानी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटाने, ईरान के खिलाफ़ नये प्रतिबंध न लगाने और पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य ताकत न बढ़ाने का वादा किया है। समाचार एजेंसी ने मसौदा ज्ञापन का हवाला देते हुए कहा, “तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और पेट्रोकेमिकल डेरिवेटिव्स की बिक्री पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएंगे। </p>
<p>अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सेना न बढ़ाने और ईरान के खिलाफ नये प्रतिबंध न लगाने का वादा किया है।” इसके अलावा मसौदा ज्ञापन के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के आंतरिक मामलों में दखल न देने और इस्लामिक गणराज्य की संप्रभुता का सम्मान करने का वादा किया है। दोनों पक्षों के बीच ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के 30 दिनों के भीतर ही होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने की संधि (एनपीटी) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी है और परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया है। एजेंसी ने मसौदा ज्ञापन का हवाला देते हुए कहा कि दस्तावेज़ में यह उल्लेख है।</p>
<p>हालांकि, इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन विशिष्ट प्रतिरोधी बलों का उल्लेख किया गया है। दस्तावेज़ में यह भी कहा गया है कि ईरान और अमेरिका के बीच अंतिम वार्ता तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक ईरान की विदेशी परिसंपत्तियों का आधा हिस्सा मुक्त नहीं कर दिया जाता, ईरानी तेल पर लगाए गए प्रतिबंध नहीं हटा लिए जाते और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त नहीं कर दी जाती। मसौदे के अनुसार, अमेरिका ने ईरान की 24 अरब डॉलर की विदेशी परिसंपत्तियों पर लगी रोक हटाने का वादा किया है। इनमें से आधी राशि दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने से पहले ही ईरान को वापस दी जानी होगी। इससे पहले, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ईरान और अमेरिका के बीच समझौता ज्ञापन पर काम पूरा होने की पुष्टि की थी। इस पर हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:15:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ईरान-अमेरिका समझौते से करीब 1,300 अंक उछला सेंसेक्स ; निफ्टी 24,000 के करीब, इन शेयरों पर रखें नज़र</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका-ईरान शांति समझौते की खबर से भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखी गई। ट्रंप की घोषणा के बाद सेंसेक्स करीब 1,300 अंक उछल गया, जबकि निफ्टी भी शानदार बढ़त के साथ खुला। वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच रुपया मजबूत हुआ और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sensex-rises-nearly-1300-points-due-to-iran-us-agreement-keep/article-156984"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/share-market8.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता होने की खबर से घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखी गयी और बीएसई का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1,300 अंक के करीब उछल गया। सेंसेक्स 1,197.32 अंक की बढ़त में 76,725.27 अंक पर खुला और 1,293 अंक की तेजी में 76,821 अंक पर पहुंच गया। खबर लिखे जाते समय यह 1,036.56 अंक (1.37 प्रतिशत) की मजबूती के साथ 76,564.51 अंक पर था।</p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को घोषणा की कि ईरान के साथ शांति वार्ता को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसमें लेबनान सहित सभी मोर्चों पर हमले रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए तुरंत खोलने के भी प्रावधान हैं। शांति समझौते पर 19 जून को स्विजरलैंड में एक औपचारिक समारोह में हस्ताक्षर होंगे। इस खबर के बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों में तेजी देखी जा रही है, जबकि डॉलर और कच्चा तेल दबाव में हैं। जापान का निक्केई पांच प्रतिशत चढ़ गया है। डॉलर के मुकाबले रुपया 55 पैसे मजबूत हुआ है।</p>
<p>चौतरफा लिवाली के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 361.95 अंक चढ़कर 23,984.85 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 314.55 अंक यानी 1.33 प्रतिशत ऊपर 23,937.45 अंक पर रहा। सभी सेक्टरों में इस समय लिवाली चल रही है। ऑटो, बैंकिंग, वित्त, रियल्टी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, तेल एवं गैस और सीमेंट सेक्टरों में ज्यादा तेजी रही। सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो का शेयर चार प्रतिशत से अधिक की बढ़त में है। इटरनल, एलएंडटी और बजाज फिनसर्व के शेयर तीन से चार प्रतिशत के बीच ऊपर चल रहे हैं। बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट और मारुति सुजुकी में दो से तीन प्रतिशत तक की तेजी है। सनफार्मा फिलहाल लाल निशान में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 11:08:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एयर फोर्स के विमान की जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग, मरीज को पहुंचाया आर्मी अस्पताल</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय वायु सेना के विमान ने एक गंभीर मरीज को सूरतगढ़ से जयपुर सफलतापूर्वक एयरलिफ्ट किया। जयपुर एयरपोर्ट पर विशेष परिस्थितियों में फुल लैंडिंग कराकर, प्रशासन के बेहतरीन समन्वय से मरीज को तत्काल एम्बुलेंस द्वारा आर्मी अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर की गई इस कार्रवाई से मरीज को त्वरित इलाज मिल सका।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/emergency-landing-of-air-force-plane-at-jaipur-airport-patient/article-156966"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/airport-jaipur.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय वायु सेना के एक विमान की रविवार को जयपुर एयरपोर्ट पर विशेष परिस्थितियों में फुल लैंडिंग करवाई गई। यह विमान सूरतगढ़ से एक मरीज को लेकर जयपुर पहुंचा था। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एयर फोर्स द्वारा एयरलिफ्ट किया गया। विमान के जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचते ही एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने त्वरित समन्वय करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।</p>
<p>एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से मरीज को विमान से सुरक्षित बाहर निकालने तथा उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए विशेष सहायता उपलब्ध करवाई गई। इसके बाद मरीज को एंबुलेंस के जरिए जयपुर स्थित आर्मी अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया। पूरे ऑपरेशन के दौरान एयर फोर्स, एयरपोर्ट प्रशासन और चिकित्सा टीमों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। समय पर की गई इस कार्रवाई से मरीज को शीघ्र चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 17:02:14 +0530</pubDate>
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