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                <title>government school - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>government school RSS Feed</description>
                
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                <title>तीन महीने की उम्र में पिता का निधन, मां का पुनर्विवाह, बेटी ने 97% बनाए </title>
                                    <description><![CDATA[रेशमा , कृष्णा , आकाश और आरती की मेहनत, दृढ़ संकल्प और लगन ने परिवार व विद्यालय का नाम किया रोशन ।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/father-passed-away-at-three-months-old--mother-remarried--daughter-scores-97/article-148710"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/122200-x-60-px)-(1).png" alt=""></a><br /><p>बूंदी/बारां। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सांवतगढ़ की छात्रा रेशमा किराड ने आर्ट्स संकाय में 97.00% अंक प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की है। रेशमा की इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनके जीवन में कई कठिनाइयाँ रही हैं; मात्र 3 महीने की उम्र में उनके पिता ज्ञान सिंह का निधन हो गया और जब रेशमा 2 वर्ष की थी तो उनकी माता मीना बाई ने पुनर्विवाह किया। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद रेशमा ने दृढ़ संकल्प और मेहनत से अपनी पढ़ाई जारी रखी।<br />रेशमा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी दादी और विद्यालय के गुरुजनों को दिया। उनके अनुसार कक्षा 10 से पढ़ाई का खर्च इंजीनियर आशाराम नागर द्वारा उठाया गया, जो वर्तमान में उनकी बीएसटीसी कोचिंग का खर्च भी वहन कर रहे हैं। रेशमा की बड़ी बहन भी सेकंड ईयर में अध्ययनरत है। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियाँ भी मजबूत हौसले वालों को सफलता से नहीं रोक सकतीं।<br />वहीं, विद्यालय की कृष्णा कुमारी किराड ने आर्ट्स संकाय में 97.80% अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कृष्णा के माता-पिता रामनारायण एवं जडाव ने उनकी सफलता पर गर्व जताया। कृष्णा ने अपने माता-पिता और गुरुजनों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से ही यह मुकाम संभव हुआ। उनकी इस उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।दोनों छात्राओं की सफलता से विद्यालय और परिवार में खुशी का माहौल है। यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।</p>
<p><strong>मजदूर पिता का बेटा 12वीं में 97.80 प्रतिशत लाकर बना मिसाल</strong><br />सीसवाली। सीसवाली नगर के कालूपुरा निवासी आकाश बैरवा ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी मेहनत और लगन से शानदार सफलता हासिल की है।मजदूर पिता और बीमार मां के बीच पले-बढ़े आकाश ने 12वीं कृषि विज्ञान में 97.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि हौसले बुलंद हों तो गरीबी भी रास्ता नहीं रोक सकती। सीसवाली नगर के कालूपुरा निवासी आकाश बैरवा एक गरीब परिवार से हैं। आकाश के पिताजी बजरंगलाल बैरवा एक मजदूर हैं। मजदूरी से ही अपने परिवार का लालन-पालन करते हैं। मां दस साल से बीमारी की चपेट में है। जिसका भी हर महिने इलाज व दवाईयों का खर्चा भी उठाते है। आकाश ने शुरू से ही सीसवाली के सरकारी विद्यालय पढ़ाई की है। शुरू से ही पढ़ाई में अच्छा था दसवीं में 89 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। वहीं 12वीं में कृषि विज्ञान में 97.80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। आकाश बैरवा ने बताया कि परिवार में एक बहिन दो भाई हैं, गरीब परिवार है पिताजी मजदूरी करते हैं। मां बीमार रहती है। अब आगे ऊंची पढ़ाई करने की इच्छा तो है। मगर इतने पैसे नहीं है। अगर सरकारी कॉलेज मिल जायेगा तो पशु परिचर की तैयारी कर सकता हूं।</p>
<p><strong>पत्थर तराशने वाले की बेटी  ने रचा कीर्तिमान</strong><br />डाबी। बरड़ क्षेत्र के डाबी कस्बे की होनहार छात्रा आरती मेघवाल ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कक्षा 12वीं कला वर्ग में 95.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शानदार सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि से न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।आरती मेघवाल, छात्रा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डाबी, ने 500 में से 476 अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी में बाजी मारी। उनके पिता रामनिवास पत्थर काटने का कार्य करते हैं, जबकि माता संपत बाई सिलाई कर परिवार का सहयोग करती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद माता-पिता ने बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।आरती ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता एवं गुरुजनों को देते हुए बताया कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय प्रबंधन सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि परिवार के विश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें निरंतर प्रेरित किया।विद्यालय का कुल परीक्षा परिणाम 95 प्रतिशत रहा, जिस पर प्रधानाचार्य रूबीना बानो एवं समस्त स्टाफ ने हर्ष व्यक्त किया। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय में उत्सव जैसा माहौल बन गया। शिक्षकों ने आरती का मुंह मीठा कराकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>बारां</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 15:00:04 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिये सरकारी स्कूलों में लगेंगे 10,000 एयर प्यूरीफायर</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार पहले चरण में सरकारी स्कूलों के 10 हजार क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगाएगी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होगा और योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/big-decision-of-delhi-government-10000-air-purifiers-will-be/article-136490"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/delhi-polution-air-purifaie.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को घोषणा की कि सरकार पहले चरण में सरकारी स्कूलों के 10,000 क्लासरूम में एयर प्यूरीफायर लगायेगी। इस योजना के लिये जल्दी ही निविदायें आमंत्रित की जायेंगी।<br />शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, इस पहल का मकसद छात्रों के लिए एक स्वस्थ माहौल सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, स्मार्ट क्लास के साथ-साथ अब बच्चों को 'शुद्ध हवा' भी मिलेगी। आने वाले चरणों में दिल्ली सरकार के स्कूलों के हर क्लास रूम में चरणबद्ध तरीके से एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे।</p>
<p>शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा कि प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं करेगा। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, हम अपने बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहते और न ही किसी और को ऐसा करने देंगे। इसके आगे शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण सिर्फ एक मौसम या कुछ महीनों की समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, यह कोई मौसमी या दस महीने का मुद्दा नहीं है। दिल्ली का अपना मौसम नहीं है। जब जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी होती है तो यहां ठंड बढ़ जाती है और जब राजस्थान में धूल भरी आंधी आती है तो दिल्ली भी प्रभावित होती है।</p>
<p>शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेता सिर्फ सरकार की आलोचना करने के लिए अलग-अलग मुद्दों पर विशेषज्ञ बन जाते हैं। उन्होंने वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मॉनिटिरिंग स्टेशनों के बारे में आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि एक रिपोर्ट से पता चलता है कि 2017 और 2018 में 20 नये एक्यूआई मॉनिटिंरिंग स्टेशन लगाये गये थे, जिनमें से लगभग 30 प्रतिशत ग्रीन बेल्ट में थे। उन्होंने आरोप लगाया, वे साफ हवा चाहते थे, सटीक डेटा नहीं।</p>
<p>शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पूर्व मुख्यमंत्री अरङ्क्षवद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, विपक्षी नेता अब सवाल उठा रहे हैं कि ऑड-ईवन योजना क्यों लागू नहीं की गयी। उन्होंने कहा, अरविंद केजरीवाल एक तथाकथित 'वैज्ञानिक' ऑड-ईवन योजना लाये थे, लेकिन अदालतों ने भी उस पर सवाल उठाए थे। उन्होंने पिछली सरकार की 'रेड लाइट पर इंजन बंद' जैसे अभियानों की भी आलोचना करते हुये  दावा किया कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने कहा था कि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आरोप लगाया, आम आदमी पार्टी के लिए दिल्ली का प्रदूषण एक जन संपर्क गतिविधि थी और अभी भी बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 18:54:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी स्कूल में बड़ा बदलाव : पीएमश्री स्कूल अपग्रेड, मिलेगी आधुनिक सुविधाओं की सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[ विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों के लिए महीने में एक बार एक घंटे की वर्कशॉप का आयोजन होता है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/major-change-in-government-school--pm-shri-school-upgraded--will-get-modern-facilities/article-132944"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(700-x-400-px)-(7)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। पीएमश्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय श्रीपुरा के रास्ते से यदि आप गुजर रहे हैं तो वहां मौजूद विद्यार्थी आपको ड्रेस व गले में पहने आईडी कार्ड को देखकर यह लगेगा कि ये किसी प्राइवेट स्कूल के नहीं, बल्कि ये विद्यार्थी सरकारी स्कूल पीएमश्री विद्यालय श्रीपुरा के हैं। प्रिंसिपल आभा शर्मा ने बताया कि मेरी स्कूल में पोस्टिंग सन 2021 में हुई थी, उस समय स्कूल में घास-फूंस उगी हुई थी और कमरों की छत क्षतिग्रस्त हो रही थी, जिससे बच्चों को बारिश के दौरान बैठने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। वहीं कमरों के फर्श जगह-जगह से क्षतिगस्त हो रहा था। इसके बाद स्टाफ के प्रयासों से विभिन्न अधिकारियों को स्कूल की स्थिति से अवगत कराया गया। अधिकारियों द्वारा स्कूल का मुआयना किया गया। इसके बाद स्कूल में विभिन्न मदों से कार्य करवाकर स्कूल का कायाकल्प करवाया गया। सन 2020-2023 में सरकार के मापदंडों को पूरा करके स्कूल को पीएम श्री स्कूल घोषित किया गया।</p>
<p><strong>विशेष वर्कशॉप का होता है आयोजन</strong><br />स्कूल की प्रिंसिपल शर्मा ने बताया कि विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों के लिए महीने में एक बार एक घंटे की वर्कशॉप का आयोजन होता है। इसमें शहर के विभिन्न डॉक्टर,अर्थशास्त्री, फॉरेस्ट विभाग के अधिकारी, सर्प विशेषज्ञ और विभिन्न सरकारी पदों पर कार्यरत अधिकारियों सहित कई विशेषज्ञों को बुलाया जाता है। इनमें बच्चों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें रूबरू करवाया जाता है और उनकी शंकाओं का समाधान किया जाता है।</p>
<p><strong>स्कूल में ये हैं आधुनिक सुविधाएं</strong><br />कक्षा एक से बारहवीं तक चलने वाले स्कूल में कॉमर्स और इतिहास विषय हैं। स्कूल में अभी करीब कुल 412 विद्यार्थी हैं। बच्चों के लिए गणित की आधुनिक व सुसज्जित लैब है। साथ ही बाल वाटिका में बच्चों के लिए विभिन्न खेलकूद के सामान और एलई टीवी है, जिस पर बच्चों को विभिन्न शिक्षाप्रद वीडियो द्वारा टीचर पढ़ाई करवाते हैं। विद्यालय में हर्बल गार्डन स्थित है, जिसमें तुलसी, गिलोय, नीम, चंपा, गुलाब सहित विभिन्न पौधे लगाए हुए हैं। इन पौधों के माध्यम से बच्चों को इनके गुण व उपयोगिता बताई जाती है। स्कूल के व्याख्याता महावीर बघेरवाल ने बताया कि इसके साथ ही स्कूल परिसर में एक बालक वाटिका भी निर्माण किया गया है, जिसमें बच्चों को खेलकूद से संबंधित गतिविधियां करवाई जाती हैं। साथ ही बच्चों के लिए स्मार्ट क्लासरूम बनाया हुआ है, जिसकी दीवारों पर बच्चों के लिए गिनती, पहाड़े, फल व सब्जियों के नामों की आकृतियां बनाई गई हैं। क्लासरूम में विद्यार्थियों के बैठने के लिए फर्नीचर की अच्छी व्यवस्था है, जिस पर बैठकर बच्चे पढ़ाई करते हैं। अभी यह है स्कूल में अध्यापक पदों की स्थिति : पी.एम.श्री स्कूल श्रीपुरा में अभी 26 पद स्वीकृत हैं, जिनमें 9 पद खाली हैं। इनमें हिंदी अध्यापक के 2, इंग्लिश के 2, उर्दू के 1, कॉमर्स अध्यापक के 3 और प्रैक्टिकल संकाय के 1 पद खाली हैं। साथ ही स्कूल में एक भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यरत नहीं है।</p>
<p><strong>स्कूल की दीवारें देती हैं विभिन्न संदेश</strong><br />पहले स्कूल की दीवारें पूरी तरह से बदरंग थीं। अब स्कूल की दीवारों पर बच्चों के लिए महीनों के नाम अंग्रेजी में, विभिन्न वेजिटेबल व फलों की आकृतियां, राजस्थान का नक्शा, अंक ट्री, सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले फ्रॉड से बचाव के संदेश सहित विभिन्न जागरूक संदेश चित्रित किए गए हैं। इन दीवारों के माध्यम से बच्चों को अलग-अलग रचनात्मक ढंग से समझाया जाता है।</p>
<p>स्कूल ज्वाइन करने से पहले स्कूल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त अवस्था में था। उसके बाद स्कूल स्टाफ के प्रयासों से स्कूल का कायाकल्प करवाकर स्थिति में सुधार हुआ। स्कूल परिसर पूरी तरह से सीसीटीवी से लैस है। स्कूल में अभी आरओ व वाटर कूलर लगे हुए हैं।<br /><strong>- आभा शर्मा, प्रिंसिपल, पीएमश्री विद्यालय, श्रीपुरा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 17:31:48 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - सादेड़ा सरकारी स्कूल का औचक निरीक्षण, गंदगी और जर्जर स्थिति देखकर नैनवां अधिकारियों ने फटकार लगाई</title>
                                    <description><![CDATA[आधा दर्जन अन्य सरकारी विद्यालयों का भी औचक निरीक्षण किया। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---surprise-inspection-of-sadeda-government-school--nainwa-officials-reprimanded-after-seeing-the-dirt-and-dilapidated-condition/article-129079"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news26.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। शिक्षा विभाग के नैनवां अधिकारियों ने मंगलवार को सादेड़ा सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। परिसर में बरसाती समय छत टपकने, गंदगी और जर्जर स्थिति देखकर अधिकारी नाराज हो गए और कार्यवाहक प्रधानाचार्य को फटकार लगाई है। सोमवार को दैनिक नवज्योति समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार को लेकर विभाग के अधिकारियों ने विद्यालय की सुध ली है। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान पाया गया कि परिसर में सीसी पर पशुओं का गोबर फैला हुआ था और भवन के पास पेड़-पौधों में लंबे समय से गंदगी जमा थी। छत पर एक से डेढ़ फीट तक पीपल के छोटे पौधे उग आए थे। अधिकारियों ने जल्द सफाई कराने और उगते पेड़-पौधों को हटाने के लिए विभागीय अनुमति लेने के निर्देश दिए।</p>
<p> नलकूप के पानी की निकासी व्यवस्था सुधारने और परिसर को साफ-सुथरा रखने के लिए भी पाबंदी लगाई गई। नैनवां मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी और अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षाधिकारी टीम ने आधा दर्जन अन्य सरकारी विद्यालयों का भी औचक निरीक्षण किया। इसमें प्राथमिक विद्यालय भामर, बैरवा का झोपड़ा, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मुण्डली एवं अन्य विद्यालय शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के प्रखर कार्यक्रम-2.0, शाला स्वास्थ्य और संकुल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने शाला रैंकिंग, डोनेशन एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति का ज्ञान संकल्प पोर्टल और शाला दर्पण पर प्रतिदिन अभिलेख रखने के लिए प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया। </p>
<p>इसके अलावा बीकानेर निदेशानुसार दीपावली से पहले सभी विद्यालयों के भवनों की रंगाई-पुताई सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। इस कदम से न केवल सादेड़ा बल्कि क्षेत्र के अन्य सरकारी विद्यालयों में भी शिक्षा और स्वच्छता सुधार की दिशा में कदम बढ़ेंगे। निरीक्षण के दौरान मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी नैनवां ओमप्रकाश बुनकर, अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षाधिकारी अनिल गोयल ने औचक निरीक्षण के दौरान जिन विद्यालयों में कमियां नजर आने पर सुधार करने के लिए पाबंद किया गया है। </p>
<p><strong>यह कहा अधिकारी ने </strong><br />इधर सीबीईओ का कहना है कि सादेड़ा विद्यालय में बड़े पेड़-पौधों से विद्यालय भवन को भी खतरा है। संबंधित विभाग से पेड़ो की कटाई को लेकर लिखित पत्र के माध्यम से अनुमति लेने को मोके पर प्राधानाचार्य को निर्देशित किया है। जर्जर भवन को लेकर मरम्मत राशि स्वीकृत होने पर काम के दौरान संवेदक द्वारा घटिया निर्माण किया जाता है, तो काम बंद करवाकर विद्यालय समिति की मीटिंग बुलाकर संवेदक को पाबंद किया जाएं।        <br /><strong> - ओम प्रकाश बुनकर, नैनवां, सीबीईओ। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 15:44:24 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>सरकार को घटाना था बच्चों के बैग का वजन : घटा दिया बजट, यूनिफॉर्म भी सामान्य व ओबीसी वर्ग के छात्रों को नहीं मिलेगी </title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं में लगातार कटौती की जा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/the-government-had-to-reduce-the-weight-of-the-childrens/article-128694"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(2)7.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। राज्य सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं में लगातार कटौती की जा रही है। गत वर्ष राज्य सरकार ने यूनिफॉर्म व बैग के लिए 800 रुपए की राशि कक्षा एक से आठ के सभी वर्ग के छात्र व छात्राओं के लिए जारी की थी। इस बार केवल यूनिफॉर्म के नाम पर 600 रुपए ही सीमित वर्ग के विद्यार्थियों के खाते में ट्रांसफर होंगे। ऐसे में 200 रुपयों की कटौती को विद्यार्थियों की बैग योजना की समाप्ति समझा जा रहा है।  अब स्कूलों में बच्चों को मिलने वाली नि:शुल्क यूनिफॉर्म में कटौती होगी। इस बार यूनिफॉर्म की राशि केवल बालिकाओं और एससी, एसटी व बीपीएल वर्ग के विद्यार्थियों को ही दी जाएगी। सामान्य व ओबीसी वर्ग के छात्रों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। शिक्षा के बजट में लगातार कटौती कर रही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।  यूनिफॉर्म की राशि को लेकर राज्य स्कूल शिक्षा परिषद की राज्य परियोजना निदेशक अनुपमा जोरवाल ने एक पत्र जारी किया है। इसमें कक्षा एक से आठ तक की सभी छात्राओं तथा एससी, एसटी व बीपीएल वर्ग के छात्रों की यूनिफॉर्म की ही राशि उनके खातों में हस्तान्तरित करने का उल्लेख है। इस बार केवल यूनिफॉर्म के 600 रुपए ही जारी होंगे। यह राशि भी कक्षा एक से आठ तक की बालिकाओं व एससी, एसटी व बीपीएल के छात्रों को ही मिलेगी। इस राशि का वितरण भी भारत सरकार के अनुमोदन के बाद जारी होगा।</p>
<p><strong>शिक्षा योजनाओं में लगातार कटौती :</strong></p>
<p>सरकार शिक्षा योजनाओं का बजट लगातार घटा रही है। इससे पहले सरकार ने कक्षा 8, 10 व 12वीं बोर्ड के टॉपर्स को लैपटॉप देने की घोषणा कर बाद में टैबलेट बांट दिए। फिर विवेकानंद स्कॉलरशिप में विदेशी यूनिवर्सिटी की संख्या 150 से घटाकर 50 व विद्यार्थियों की संख्या 300 से 150 कर दी। फिर शिक्षक दिवस का ब्लॉक स्तरीय सम्मान समारोह बंद कर दिया गया। राज्य स्तरीय सम्मान के लिए भी 99 की जगह शिक्षकों की संख्या घटाकर 66 कर दी गई। इसी तरह पद्माक्षी पुरस्कार में 12वीं के छात्राओं की स्कूटी सहित पुरस्कार राशि में भी कमी कर दी गई। जानकारों की मानें तो सरकार द्वारा योजनाओं में की जा रही कटौती का असर स्कूलों में नामांकन पर पड़ेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 12:22:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाठशाला के बाहर गंदगी: शिक्षा की राह में रोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[कस्बेवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था और समस्या का समाधान करने की मांग की है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/dirt-outside-the-school--a-hindrance-in-the-way-of-education/article-125461"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/1ne1ws-(9)2.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। सुबह सुबह स्कूल का बैग व किताबें थामें, ये कहां आ गए हम यूं चलते चलते...यह पंक्ति खानपुर राजकीय उच्च बालिका माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने आने वाले बच्चों के मन में स्कूल के बाहर गंदगी व कचरे के ढेरों को देखकर आ जाती है। जानकारी अनुसार खानपुर कस्बे के अंदर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बी ब्लॉक में स्थित है, उसकी स्थिति इतनी दयनीय बनी हुई है कि बच्चों को बैठाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूल के आसपास कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे विद्यालय में आने वाले विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। साथ ही जब स्कूल में कक्षाएं संचालित होती है तो बच्चें व शिक्षक शिक्षण कार्य पूर्णरूप से नहीं कर पाते है क्योंकि गंदगी की वजह से वहां ठहरना मुश्किल हो रहा है। अभी बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियां अपना पैर पसार रही है, जैसे डेंगू, मलेरिया इन बीमारियों से छोटे बच्चे ग्रसित हो सकते हैं। </p>
<p>यह स्कूल बहुत पुराना स्कूल है जो की सभी बालक बालिकाओं के पास में पड़ता है और आवागमन करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस स्कूल के पास में एक सुलभ शौचालय बना हुआ है, जहां पर अव्यवस्थाओं का आलम है। इस शौचालय में इतनी गंदगी फैली हुई है जिससे कस्बेवासी व स्कूल में पढ़ने आने वाले बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि समय रहते सफाई व्यवस्था दुरूस्त करके इन गंदगी की समस्या का निस्तारण नहीं किया तो गंभीर बीमारियों के परिणाम भुगतने पड़ सकते है। कस्बेवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था दुरूस्त की जाए और समस्या का समाधान किया जाए।</p>
<p>यह स्कूल खानपुर कस्बे के अंदर है और बालक बालिकाओं के लिए एक सुविधाजनक स्कूल है, जहां पर आने जाने पर गंदगी की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए इस गंदगी को तुरंत हटाया जाए। <br /><strong>- चिंटू लक्षकार, ग्रामीण  </strong></p>
<p>राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय ब्लॉक बी जो बाहर से दिखने में सुंदर लगता है लेकिन आसपास से पूरा गंदगी के ढेर से घिरा हुआ है। गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। <br /><strong>- बनवारी मेहर , ग्रामीण  </strong></p>
<p>बालक बालिकाएं ऐसे दुर्गंध में पढ़ाई कर रहे हैं जहां पर उनको सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इस समस्या का तुरंत निराकरण करें। <br /><strong>- राजाराम गुर्जर, ग्रामीण  </strong></p>
<p>अभी बरसात का मौसम चल रहा है और कभी तपती गर्मी पड़ती है तो कभी पानी आ जाता है, इस प्रकार से ग्रामीण व स्कूल के बच्चें बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं। <br /><strong>- नितिन मीणा, ग्रामीण</strong></p>
<p>जब इस स्कूल के बाहर कचरे व गंदगी के ढेर लगे हुए है जिसकी गंध से विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। <br /><strong>- आशिक वर्मा , ग्रामीण </strong></p>
<p>सफाई व्यवस्था दुरूस्त कर गंदगी व कचरे के ढेर हटाये जाए ताकि कस्बेवासियों को राहत मिल सके। <br /><strong>-अमित सैनी, ग्रामीण  </strong></p>
<p>प्रिंसिपल को आदेशित कर दिया गया है कि ताकि वह संबंधित कार्यकर्ता को लेटर भेजिए जो सफाई को देखते हैं।<br /><strong>- सियाराम नागर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खानपुर</strong></p>
<p>स्कूल की तरफ कर्मचारियों को दिखाकर तुरंत सफाई करवा दी जाएगी और तुरंत एक्शन लिया जाएगा। <br /><strong>- पुखराज मीणा नगर पालिका आयुक्त खानपुर।</strong></p>
<p>इसका हमने नगर पालिका को सफाई करने के लिए लेटर दे दिया है, इसके पहले भी कई बार लेटर प्रेषित कर चुके हैं। <br /><strong>- भावना डेहरा, प्रधानाध्यापिका राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बी ब्लॉक। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 16:09:24 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बच्चों का भविष्य अंधकार में, कैसे होगी पढ़ाई !</title>
                                    <description><![CDATA[अभिभावक निजी विद्यालयों में बच्चों को भेजने को मजबूर हो रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-future-of-children-is-in-the-dark--how-will-they-study/article-123465"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws40.png" alt=""></a><br /><p>मनोहरथाना। मनोहरथाना क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय आफूखेड़ी में अव्यवस्थाओं का आलम है। बता दे कि सत्र जुलाई 2024 - 25 से  आफूखेड़ी विद्यालय पंचायत शिक्षकों के भरोसे चल रहा है, हैरानी की बात तो यह है कि विद्यालय में तैनात अध्यापक मनोहर सिंह भील 13 साल से दूसरे विद्यालय में डेपुटेशन पर लगे हुए हैं और वो 13 साल से आफूखेड़ी विद्यालय में आए तक नहीं। जबकि आफूखेड़ी विद्यालय का पूर्ण चार्ज मनोहरसिंह भील को दे रखा है, वही पंचायत शिक्षकों के पास आफूखेड़ी विद्यालय का आधिकारिक रूप से कोई विद्यालय चार्ज नहीं है। जिससे आफूखेड़ी में लगातार बच्चों के नामांकन भी कम होते जा रहे है। अभिभावक निजी विद्यालयों में बच्चों को भेजने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं अभिभावक भी टीसी सहित अन्य कार्य के लिए चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। </p>
<p><strong>आफूखेड़ी विद्यालय में तैनात पंचायत शिक्षकों के पास नहीं है कोई कार्यभार</strong><br />जब सत्र शुरू हुआ तो शिक्षा विभाग के नियमों को ताक पर रखकर आफूखेड़ी विद्यालय में पंचायत शिक्षकों को लगा दिया। वहीं पंचायत शिक्षकों के पास आफूखेड़ी विद्यालय का कोई चार्ज नहीं दिया। वैसे तो शिक्षा विभाग लगातार बच्चों के नामांकन के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है, लेकिन शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण विद्यालय का चार्ज किसी और के पास होने के कारण आफूखेड़ी विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के नामांकन 5 अगस्त 2025 तक नहीं बढे, जबकि आफूखेड़ी विद्यालय में बच्चों के नामांकन अभिभावकों ने लिखवा दिया। पंचायत शिक्षकों का कहना है कि हमारे पास नामांकन आते ही हमने आवेदन भिजवा दिए, लेकिन समय पर बच्चों के नामांकन नहीं किए। आफूखेड़ी विद्यालय में पंचायत शिक्षकों को लगाने के बाद बांसखेड़ा पीईईओ द्वारा पीईईओ के अधीनस्थ विद्यालय से दूसरे अध्यापक की व्यवस्था कर आफूखेड़ी विद्यालय में दूसरे अध्यापक का डेपुटेशन का आदेश जारी किया था, जिससे आफूखेड़ी विद्यालय की व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। मामले के अनुसार आफूखेड़ी विद्यालय में तैनात अध्यापक अनिल कुमार मेवाड़ा को ब्लॉक के पीईईओ बड़बद में डेपुटेशन कर दिया गया था और उनके स्थान पर जुलाई 2024 को आफूखेड़ी विद्यालय पंचायत शिक्षकों के भरोसे कर दिया। लेकिन उस समय भी पंचायत शिक्षकों के पास विद्यालय का कोई चार्ज नहीं था और संपूर्ण चार्ज अनिल कुमार मेवाड़ा के पास रहा हालांकि फरवरी 2025 में अनिल कुमार मेवाड़ा सेवानिवृत हो गए और उनके बाद आफूखेड़ी विद्यालय का चार्ज 13 साल से दूसरे विद्यालय में डेपुटेशन पर कार्यरत अध्यापक मनोहर सिंह भील को विभाग के अधिकारियों ने चार्ज सौंप दिया। </p>
<p><strong>आदेश के बाद भी नहीं गिरा जर्जर भवन</strong><br />आफूखेड़ी विद्यालय जर्जर भवन होने के कारण जमीदोज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन कोई चार्ज किसी के पास नहीं होेने के कारण जमीदोज नहीं किया जा सका, क्योंकि यहां सिर्फ पंचायत शिक्षकों को लगा रखा है, और उनके पास कोई चार्ज नहीं है।  </p>
<p><strong>एसएमसी के सदस्य पहुंचे सीबीईओ कार्यालय</strong><br />आफूखेड़ी  विद्यालय की समस्या को लेकर एसएमसी के सदस्य मंगलवार को ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पास पहुंचे। वहां उन्होंने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को विद्यालय की समस्या बताई समस्या में उन्होंने कहा है कि आफूखेड़ी विद्यालय से पंचायत शिक्षकों को हटाकर उनकी जगह दूसरे अध्यापक की नियुक्ति की जाए और मनोहर सिंह भील के पास जो चार्ज है वो नए अध्यापक को दिया जाए। </p>
<p>आफूखेड़ी विद्यालय के एसएमसी के सदस्य मेरे पास आए थे उन्होंने विद्यालय की समस्या बताई पीईईओ से बात करके जल्दी विद्यालय की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।  <br /><strong>- राजेंद्र कुमार मेहरा  कार्यवाहक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मनोहरथाना</strong></p>
<p>एक साल से टीसी के लिए परेशान हो रहा हूं। जिससे मेरे बच्चों का विद्यालय में नामांकन नहीं हो पा रहा है। आफूखेड़ी विद्यालय में आते हैं यहां मौजूद अध्यापक कहते हैं कि हमारे पास चार्ज नहीं है, चार्ज किसी और के पास है। <br /><strong>- अल्ताफ खान ग्रामीण आफूखेड़ी</strong></p>
<p>एसएमसी की मीटिंग की थी, जिसमें कोई अधिकारी नहीं नहीं आया। बच्चों के नए नामांकन भी करवाने आते हैं तो वो भी समय पर नहीं हो रहे हैं।  <br /><strong>- फिरोज खान, ग्रामीण आफूखेडी</strong></p>
<p>विद्यालय का चार्ज किसी और के पास है, जिससे बच्चों के नामांकन भी समय पर नहीं हो रहे हैं और टीसी के लिए फोन करते हैं कोई जवाब नहीं मिलता। हमारी मांग है कि पंचायत शिक्षकों को हटाकर नया शिक्षक लगाया जाए। <br /><strong>- इकलाक खान एसएमसी अध्यक्ष आफूखेडी</strong></p>
<p>हमें सत्र 2024-25 से शिक्षण कार्य के लगा रखा है हमारे पास कोई विद्यालय का चार्ज नहीं है। ग्रामीणों द्वारा नए 4- 5 बच्चों को दस्तावेज ले लिए थे, हमारे द्वारा आफूखेडी विद्यालय के संस्था प्रधान के पास दस्तावेज भेज दिए थे उन्होंने समय पर नहीं किया नामांकन उनकी जिम्मेदारी है वैसे आफूखेडी विद्यालय  में 16-17 बच्चों के नामांकन है।<br /><strong>- वहीद खान पंचायत शिक्षक आफूखेडी</strong></p>
<p>सत्र 2024 से शिक्षण कार्य के लिए लगा रखा है, हमारे पास विद्यालय संबंधित कोई चार्ज नहीं है, टीसी और नामांकन का भी काम समय पर नहीं हो रहे हैं हमारे द्वारा नए नामांकन के लिए संस्था प्रधान को दस्तावेज भेज दिए।  <br /><strong>- हीरालाल पंचायत शिक्षक आफूखेडी</strong></p>
<p>मेरे पास 4 बच्चों के दस्तावेज आए थे, लेकिन वहां बच्चों के बैठने की जगह भी तो नहीं है कहां बिठाएंगे और मुझे विद्यालय का आॅनलाइन काम की जानकारी नहीं है। वैसे मैं 2012 से उस विद्यालय में नहीं हूं, लेकिन विद्यालय का सम्पूर्ण चार्ज मेरे पास ही दे रखा है। फरवरी में आफूखेड़ी विद्यालय जर्जर भवन को जमींदोज करने का आदेश आ गया था, लेकिन जर्जर भवन जमीदोज नहीं हो सका तो पीईईओ ने मेरे को नोटिस जारी कर दिया।  <br /><strong>- मनोहर सिंह भील संस्था प्रधान आफूखेड़ी</strong></p>
<p>मेरे क्षेत्र में 9 विद्यालय आते हैं और 9 ही विद्यालय में मेरा काम है। व्यवस्था के लिए मैंने पहले ही आफुखेडी में दो पंचायत शिक्षक लगा रखे हैं, इसके अलावा कोई व्यवस्था मेरे पास नहीं है। चार्ज पंचायत सहायक के पास नहीं है, चार्ज तो किसी और के पास है अगर आपको व्यवस्था करवाना है तो डीओ, बीईओ के पास जाओ।<br /><strong>- श्रवणकुमार पीईईओ बांसखेड़ा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Wed, 13 Aug 2025 16:59:04 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - मुख्य मार्ग में भरे पानी से बच्चों सहित ग्रामीणों को मिली निजात</title>
                                    <description><![CDATA[नाले के जाम होने के कारण मार्ग में पानी भरा रहता था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---villagers-including-children-got-relief-from-water-filled-in-the-main-road/article-122272"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(13).png" alt=""></a><br /><p>कसार। कसार कस्बे के मुख्य मार्ग में नाला जाम होने से भरे पानी से स्कूल बच्चों सहित ग्रामीणों को निजात मिल गई है। जानकारी अनुसार कसार से तेजाजी मंदिर एवं सरकारी स्कूल की और आने वाले मार्ग में नाले के जाम होने के कारण मार्ग में पानी भरा रहता था और सरकारी स्कूल में पढ़ने आने वाले बच्चों एवं ग्रामीणों को कीचड़ भरे मार्ग से गुजरना पड़ रहा था। जिस कारण स्कूल में जानें वाले बच्चे कई बार इस मार्ग पर गिर जाते है। वही कीचड़ में उनकी यूनिफार्म खराब हो जाती है और बच्चे स्कूल नही पहुंच पाते। इसके साथ ही यहां से गुजरने वाले बाइक सवार भी फिसल कर चोटिल हो रहे थे। </p>
<p>इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों के कहने पर नवज्योति ने 25 जुलाई को खबर प्रकाशित की गई। खबर प्रकाशित होते ही ग्राम पंचायत प्रशासन हरकत में आया। और सफाई अभियान के तहत कई दिनो से अवरुद्ध पडेÞ नाले की जेसीबी की मदद से सफाई करवाई। तब जाकर ग्रामीणों एवं स्कूल बच्चों को समस्या से निजात मिली। लेकिन वहीं ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा नाले की सफाई तो करवाई गई लेकिन जेसीबी मशीन द्वारा मलवे को एक तरफ ना फेंक कर वही मार्ग में डाल दिया गया। जिस कारण दोपहिया चौपहिया वाहन चालकों के लिए थोड़ी समस्या बनी हुई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Aug 2025 15:23:37 +0530</pubDate>
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                <title>250 से ज्यादा शिक्षक अब नापेंगे दूसरे स्कूलों का रास्ता </title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश में 4.50 हजार से अधिक शिक्षकों को माना अधिशेष।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/more-than-250-teachers-will-now-go-to-other-schoolsore-than-250-teachers-will-now-go-to-other-schools/article-121596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/212142roer-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा संभाग के राजकीय महात्मा  गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में कार्यरत 250 से ज्यादा शिक्षकों को अब वापस हिन्दी माध्यम स्कूलों में जाना होगा। क्योंकि, इनकी जगह परीक्षा में चयनित हुए शिक्षक लगेंगे। ऐसे में अधिशेष हुए शिक्षकों का हिन्दी माध्यम स्कूलों में समायोजन किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने हाड़ौती सहित प्रदेश के 3 हजार 737 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों से करीब साढ़े 4 हजार से अधिक शिक्षकों को अधिशेष माना है। अब ये अधिशेष शिक्षक वर्तमान सत्र में नए स्कूलों के दरवाजे खटखटाएंगे।  इन अधिशेष शिक्षकों के लिए शिक्षा निदेशक ने समय सारणी जारी की है। बता दें, इन महात्मा गांधी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए 25 अगस्त को विभाग ने सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की चयन परीक्षा करवाई थी। जिसमें पास होने वाले शिक्षकों को अंगे्रजी माध्यम स्कूलों में लगाया जाएगा। ऐसे में महात्मा गांधी स्कूलों में व्यवस्थार्त लगाए हिन्दी मीडियम विद्यालयों के शिक्षकों को वापस उन्हीं स्कूलों में भेजा जाएगा। यानी, समायोजन किया जाएगा। </p>
<p><strong>जिला अधिशेष शिक्षकों की संख्या</strong><br />कोटा    95    झालावाड़    39<br />बूंदी    24    बारां     104<br />नोट- यह आंकड़े तृतीय श्रेणी (एल-1 व एल-2 तथा स्पेशल एजुकेशन), व्याख्याता, वरिष्ठ व्याख्याता व प्राचार्य सहित हैं।</p>
<p><strong>कोटा से 95 शिक्षक अधिशेष, 77 का समायोजन </strong><br />कोटा जिले में तृतीय श्रेणी (एल-1 व एल-2), लेक्चरार, सीनियर लेक्चरार, प्रिंसिपल सहित करीब 95 शिक्षक अधिशेष हुए हैं। इनका वापस हिन्दी माध्यम स्कूलों में समायोजन किया जाना है। विभागीय निर्देशों की अनुपालना में कोटा जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक ने तृतीय श्रेणी के 77 अधिशेष शिक्षकों का समायोजन किए जाने का आदेश भी जारी कर दिया है और इनकी जगह विभागीय चयन परीक्षा में चयनित हुए शिक्षकों को लगाए जाने से महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में रिक्त पद भी भर गए हैं। अब विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने वाले शिक्षक मिलने से उनकी पढ़ाई बेहतर हो सकेगी। </p>
<p><strong>ये रहेगी अधिशेष शिक्षकों की प्रक्रिया</strong><br />शिक्षाविद् मोहर सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार अधिशेष रहे शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया इस तरह रहेगी। <br />- अधिशेष शिक्षकों का समायोजन रिक्तियों के क्रम में उसी राजस्व ग्राम में किया जाएगा। जिसमें वह अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में लगा है। यदि, उस राजस्व ग्राम में पद रिक्त नहीं होने पर ग्राम पंचायत के अन्य विद्यालय, ब्लॉक या जिले में पदस्थापित किया जाएगा। यथासंभव निकट के ब्लॉक के विद्यालय में समायोजन होगा।<br />- शहरी क्षेत्र के अधिशेष कार्मिकों का समायोजन शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र के अधिशेष कार्मिकों का समायोजन ग्रामीण क्षेत्र में ही होगा।<br />- यदि अधिशेष कार्मिकों के समायोजन के लिए ग्रामीण क्षेत्र में एक भी पद नहीं होने तक अस्थाई रूप से शहरी क्षेत्र में लगाया जा सकेगा। <br />- शहरी क्षेत्र में भी एक भी पद रिक्त नहीं होने पर शहरी क्षेत्र के कार्मिक को ग्रामीण क्षेत्र में लगाया जाएगा।</p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी </strong><br />महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में सभी विषयों की पढ़ाई इंग्लिश में होती है। ऐसे में यहां अंग्रेजी माध्यम में ही पढ़ाने वाले शिक्षक मिलने से पढ़ाई बेहतर हो सकेगी। वहीं, परीक्षा के दौरान सिलेबस अधूरा रहने की समस्या का भी निदान हो सकेगा। सरकार के यह प्रयास छात्रहित में है। <br /><strong>- देवेंद्र शर्मा, शिवपुरा छात्र  </strong></p>
<p>अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने वाले शिक्षक मिलने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही रिक्त पद भरे जाने से परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सकेगी। जबकि, इससे पहले तक तो यह स्थिति थी कि विषय विशेषज्ञों की कमी के कारण ई-नोट्स के जरिए पढ़ाई करनी पड़ती थी और डाउट क्लियर नहीं हो पाते थे। <br /><strong>- तेजेंद्र कुमार, आरकेपुरम </strong></p>
<p><strong>पारदर्शिता से हो प्रक्रिया  </strong><br />महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अधिशेष हुए शिक्षकों के समयोजन की प्रक्रिया पारदर्शिता से होनी चाहिए और चहतों को लाभ पहुंचाने की प्रवृति से बचना चाहिए। ताकि, शिक्षा विभाग की प्रक्रिया पर भरोसा बना रहे। हालांकि, सरकार का यह प्रयास सराहनीय है और छात्रों को बेहतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। <br /><strong>- मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />विभाग के निर्देशों की अनुपालना में चयनित शिक्षकों  को महत्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में लगाए जाने से अधिशेष हुए शिक्षकों का समायोजन आदेश जारी कर दिए हैं। कोटा से तृतीय श्रेणी के 77 शिक्षकों के समायोजन किया गया है। <br /><strong>- केके शर्मा, जिला शिक्षाधिकारी कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 15:25:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>बांसी राजकीय विद्यालय की छतों में टपक रहा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[ बारिश के कारण कक्षा-कक्षों की छतें टपक रही है। ऐसे में स्कूली बच्चों के साथ अभिभावक सहित शाला परिवार परेशान हो रहे है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/water-dripping-from-the-roofs-of-bansi-government-school/article-120816"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/basi-rajakiy-vidyalay-ki-chhaton-mein-tapak-raha-pani...bhandeda,bundi-news-17.07.2025.jpg" alt=""></a><br /><p>भण्डेडा। पिछले दिनों हुई मानसून की तेज बारिश के कारण बांसी के राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा कक्षों की छतों में से पानी टपकने के कारण विद्याार्थियों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। इस विद्यालय परिसर में आठ कक्षाएं संचालित है। लेकिन बारिश के कारण कक्षा-कक्षों की छतें  टपक रही है। ऐसे में स्कूली बच्चों के साथ अभिभावक सहित शाला परिवार परेशान हो रहे है। नौनिहालों को शिक्षणार्थ कुछ कक्षाएं शामिल में बिठाने से उनका अध्ययन कार्य भी प्रभावित हो रहा है। संबंधित विभाग को भी इस संबंध में अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन कोई ध्यान नहीं देने के कारण हालत जस के तस बनेहुए है।  </p>
<p><strong>सात कमरें, आठ कक्षाओं का संचालन</strong><br />जानकारी के अनुसार बांसी में दुगारी रोड़ पर स्थित राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय में सात कक्षाकक्ष है, और कक्षाएं आठ संचालित है। प्रारंभिक स्तर के इस विद्यालय में इस समय बारिश चलने से तीन कक्षा-कक्षों की छतों में से पानी टपक रहा है। दीवारों में सीलन आ रही है। एक कक्ष की छत का प्लास्तर उखड़ रहा है, छत की आरसीसी का सरिए  गलने की कगार पर है। जिन कक्षों की छत टपकती है, उन कक्षों की कक्षाएं चार कक्षों की कक्षाओं में समायोजित करके बिठाया जा रहा है। जो बड़ी कक्षाएं छोटी कक्षाओं में चलने से उनका अध्ययन कार्य भी प्रभावित हो रहा है। </p>
<p><strong>छत टपकने से बच्चों के बैठने की दरीपट्टी गीली हो जाती है</strong><br />इस समस्या को लेकर शाला परिवार परेशान हैं। संबंधित विभाग ने लंबे समय से ही भवन की मरम्मत नहीं करवाए जाने से स्कूली बच्चों को खतरे के सांए में शिक्षण  कार्या करवाया जा रहा है। कक्षों की छत टपकने से बैठने की दरीपट्टी तक भींगने की समस्या बनी हुई है। लेकिन संबंधित विभाग नौनिहालों की इस समस्या को गंभीरतापूर्वक नहीं ले रहा है। नौनिहालों के अभिभावक भी जब तक बच्चा सुरक्षित घर नहीं आता है, तब तक परेशान रहते है। इस समस्या का जल्द समाधान की मांग शाला परिवार ने की है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> बांसी बालिका स्कूल में कक्षा-कक्षों की छतों में से पानी टपक रहा है, छत की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा चूका है। <br /><strong>-श्योजी लाल मीणा, प्रधानाध्यापक, राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, बांसी। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 17:52:38 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>टीनशेड़ के नीचे पढ़ाई, समाज के विभिन्न आयोजन होने पर पढ़ाई की छुट्टी</title>
                                    <description><![CDATA[स्कूल में एक ही टीनशेड के नीचे तीन - तीन कक्षाएं संचालित हो रही है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/studies-under-tin-shed--holidays-on-various-social-events/article-119930"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/untitled-design-(2).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के किशोरपुरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विघालय के पास खुद का भवन नहीं होने से स्कूल जेठी समाज के परिसर में किराए पर चलाता है। भवन में कक्षा टीनशेड के नीचे चलती है,और एक ही टीनशेड के नीचे तीन से चार कक्षायें चल रही है। अभी स्कूल प्रवेशोत्सव होने के चलते स्कूल में बच्चों का प्रवेश कम ही हुआ है। वहीं वर्तमान में करीब दौ सौ से ढ़ाई सौ बच्चें अध्ययनरत है। बारिश का समय होने से कक्षाओं की दीवारों में सीलन व बदबू आ रही है। वहीं स्कूल में केवल आर्टस संकाय में हिंदी साहित्य, राजनीति विज्ञान, भूगोल होने से विद्यार्थी कम ही रूचि ले रहे है।  </p>
<p><strong>एक टीनशेड के नीचे दो से तीन कक्षाएं संचालित</strong><br />स्कूल में एक ही टीनशेड के नीचे तीन - तीन कक्षाएं संचालित हो रही है। जिसे विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में व्यवधान उत्पन्न होता है साथ ही परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चें कक्षाएं चलने पर डिस्टर्ब होते हैं। टीचर क्या कह रही है कई बार सुनाई तक नहीं देता।</p>
<p><strong>बारिश आई तो पढ़ाई की छुट्टी</strong><br />स्कूल के हालात देखने पर पता चलता है कि यदि तेज बारिश आती है तो शायद बच्चों को एक जगह पर बैठकर उनको सुरक्षित करना बड़ी चुनौती है। वहीं बारिश के दौरान अधिकतर कक्षा आठवीं,दसवीं, बारहवीं तक की ही कक्षा चलती है। व अन्य कक्षाओं की छुट्टी करनी पड़ती है।</p>
<p><strong>डर के साये में बच्चों की पढ़ाई</strong><br />अभिभावकों ने बताया कि हमारे बच्चें डर के साये में पढ़ाई कर रहे है। स्कूल परिसर खुला होने से कभी बंदर आ जाते है, वहीं बारिश में स्कूल परिसर में झाड़िया ऊगी हुई जिनसे विभिन्न प्रकार के जीवजंतु आ जाते है। साथ ही टीनशेड के नीचे पढ़ाई होती है जिसे भी डर लगा रहता है। </p>
<p><strong>17 में से 7 पद खाली </strong><br />स्कूल में राज्य सरकार द्वारा 17 पद स्वीकृत कर रखें परंतु अभी वर्तमान में 7 पद खाली। जिनमें फर्स्ट ग्रेड टीचर हिन्दी साहित्य, सैंकण्ड ग्रेड वरिष्ठ अध्यापक के तीन पद खाली व तृतीय क्षेणी के तीन पद खाली है </p>
<p><strong>विभिन्न आयोजन पर कई बार करनी पड़ती है पढ़ाई की छुट्टी</strong><br />स्कूल मां सेवा समिति सेठी समाज के परिसर में चलता है। जिसमें कई बार समाज की शादी, पार्टी सहित अन्य विभिन्न आयोजन स्कूल परिसर में होते हैं। जिसे पढ़ाई की छुट्टी रहती है। जिसे पढ़ाई बाधित होती है और बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>- रमेश कुमार नागर अभिभावक</strong></p>
<p>स्कूल की जमीन आवंटन के लिए हम अक्टूबर 2024 से प्रयासरत है। वहंी कई बार उच्च आधिकारियों को इस समस्या के लिए अवगत करा रखा है। साथ ही अध्यापकों के खाली पदों के लिए भी हमने अधिकारियों को लिखित में दिया हुआ है। <br /><strong>- प्रमोद कनेरिया, प्रिंसिपल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय  किशोरपुरा  कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Jul 2025 15:07:05 +0530</pubDate>
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                <title>सीनियर विद्यालय के खेल मैदान में दलदल होने से छात्र-छात्राएं परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[बरसात के दिनों में फिसलन से विद्यार्थी हो रहे चोटिल।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/students-are-troubled-due-to-swamp-in-the-playground-of-senior-secondary-school/article-119726"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rt112ro4er-(2).png" alt=""></a><br /><p>लाखेरी। राजकीय सीनियर माध्यमिक विद्यालय आज खुद प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। यहां बरसात के दिनों में खेल मैदान में दलदल जमा होने से छात्र-छात्राओं को हर दिन जोखिम उठाकर कक्षा तक पहुंचना पड़ता है। विद्यालय के खेल मैदान में पसरी गंदगी और कीचड़ के कारण कई बार छात्र-छात्राएं फिसलने से चोटिल हुए है। शिक्षकों और कॉलेज के स्टॉफ को भी इस समस्या से रूबरू होना पड़ रहा है। कई बार कपड़े खराब होने और चोट लगने के डर से छात्राएं विद्यालय नहीं जाकर घर लौट जाती हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ वर्ष पूर्व दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कार्य के दौरान प्रशासन ने आमजन को भरोसा दिलाया था, कि विद्यालय मैदान में स्टेडियम का निर्माण कार्य करवाया जाएगा, लेकिन आज भी हालात जस के तस बने हुए है। न मैदान सुधरा, न स्टेडियम बना। मैदान में रिजेक्ट मिट्टी डालकर मैदान को दलदल बना दिया है। </p>
<p><strong>उच्च अधिकारियों को करवाया अगवत</strong><br />विद्यालय और महाविद्यालय के प्राचार्यों ने इस समस्या के बारे में कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। मैदान की हालत ऐसी है कि न तो बच्चे खेल सकते हैं, न सुरक्षित रूप से पढ़ने जा सकते हैं।</p>
<p>इस समस्या को उच्च अधिकारी व शहर के प्रशासनिक अधिकारी को अवगत कराया जा चुका है ताकि बारिश के दिनों में इस समस्या से निजात मिल सके।  <br /><strong>- दिनेश शुक्ला, महाविद्यालय प्राचार्य, लाखेरी</strong></p>
<p>हर वर्ष होने इस समस्या के बारे में पहले भी संबंधित विभाग को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। <br /><strong>- राजेन्द्र मीणा, प्रिंसिपल, राजकीय सीनियर विद्यालय,लाखेरी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 15:35:56 +0530</pubDate>
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