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                <title>assembly session - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>नवीन पटनायक का केंद्र पर हमला : सरकार सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस कदम उठाने में रही नाकाम, महिलाओं के मुद्दों पर ‘मगरमच्छ के आंसू’ बहाने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ओडिशा विधानसभा में भाजपा सरकार पर महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने को राजनीतिक चाल बताया। पटनायक ने बीजद की 50% आरक्षण की विरासत को दोहराते हुए भाजपा को महिलाओं के कल्याण के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता दिखाने की चुनौती दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/naveen-patnaik-attacks-the-center-and-accuses-the-government-of/article-152204"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/naveen-pat.png" alt=""></a><br /><p>भुवनेश्वर। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरुवार को राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि वह महिलाओं के अधिकारों के बारे में सिर्फ़ ज़ुबानी बातें करती है, उनके सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम रही है। ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर हुई बहस में हिस्सा लेते हुए पटनायक ने आरोप लगाया कि भाजपा महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर झूठे आख्यान गढ़कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लोगों को हमेशा के लिए धोखा नहीं दिया जा सकता। ओडिशा में महिलाओं के कल्याण की असलियत भाजपा के दावों से बिल्कुल अलग है। विधायिका में महिला आरक्षण और परिसीमन ने जुड़े संविधान संशोधन विधेयक का ज़िक्र करते हुए, पटनायक ने कहा कि दो अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा हो रही है। पहला नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 जिसे संसद में सर्वसम्मति से पारित किया गया था और दूसरा परिसीमन की प्रक्रिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से ही पारित हो चुके महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन की प्रक्रिया से जोड़ना एक ‘गुपचुप चाल’ है, जिसका मकसद इसके प्रभावों पर पर्याप्त चर्चा किए बिना परिसीमन को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि बीजू जनता दल (बीजद) ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक का पूरी तरह समर्थन किया था और अब भी इसको तत्काल लागू करने की मांग कर रही है।</p>
<p>महिलाओं के सशक्तिकरण में ओडिशा की विरासत पर प्रकाश डालते हुए पटनायक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के नेतृत्व में यह राज्य देश के उन पहले राज्यों में से एक था, जिसने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था। उन्होंने कहा कि 2011 में उनकी सरकार ने इस आरक्षण बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया, जिससे जमीनी स्तर पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी बढ़ गया।</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजद ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में महिला उम्मीदवारों को अपने 33 प्रतिशत टिकट दिये थे। उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि वह भी इसी तरह की प्रतिबद्धता दिखाये। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे अपने हालिया पत्र और ओडिशा के 21 सांसदों से की गयी अपनी अपील का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें महिलाओं के अधिकारों और ओडिशा के राजनीतिक हितों पर बीजद का रुख स्पष्ट रूप से बताया गया है।</p>
<p>भाजपा के कथित ‘गलत सूचना अभियान’ पर चिंता व्यक्त करते हुए पटनायक ने कहा कि यह मुद्दा ओडिशा की विशिष्ट पहचान और राजनीतिक आवाज से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया से ओडिशा के लोगों, विशेष रूप से आने वाली पीढ़ियों के राजनीतिक अधिकार कम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास उन नेताओं को कभी माफ नहीं करेगा जिन्होंने राज्य के हितों की रक्षा किये बिना ऐसे कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब तक वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहेंगे, तब तक किसी को भी ओडिशा को उसके हक से वंचित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने भाजपा विधायकों पर महिलाओं के मुद्दों पर ‘मगरमच्छ के आंसू’ बहाने का आरोप लगाया और कहा कि उनके कल्याण के प्रति उनमें कोई प्रतिबद्धता दिखाई नहीं देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:55:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विधानसभा सत्र एक सितम्बर से : कोचिंगों पर अंकुश, धर्मान्तरण विरोधी बिल होंगे पारित, भूजल संरक्षण और भू राजस्व संशोधन बिल भी होंगे पास</title>
                                    <description><![CDATA[बागीदौरा के बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल को सवाल के बदले रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उनके मामले में बगरू विधायक कैलाश वर्मा की अध्यक्षता में सदाचार समिति गठित की थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/assembly-session-will-be-anti-conversion-bills-on-coaching-from/article-124984"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/vidhan-shbha-02.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र एक सितम्बर से शुरू होने जा रहा है। इसमें बीते बजट सत्र में लंबित कर प्रवर समिति को संशोधन के लिए भेजे गए कोचिंग सेंटर नियंत्रण और विनियमन विधेयक-2025, राजस्थान भूजल संरक्षण और प्रबन्धन प्राधिकरण विधेयक-2024 और भू राजस्व संशोधन एवं विधि मान्यकरण विधेयक-2025 बिल को इस बार सदन में पारित करा दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार प्रवर समितियां ने तीनों बिलों पर अपनी अंतिम रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। संभवत: आज या कल में इसे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को सौंपा जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में धर्म बदलने से पहले कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के लिए धर्मान्तरण विरोध विधेयक राजस्थान विधि निरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 भी सदन में पारित होगा।</p>
<p>बजट सत्र में इस बिल को सदन में रख दिया गया था, लेकिन चर्चा नहीं हुई थी। इस बार इसे चर्चा के बाद पारित किया जाएगा। बिल में जबरन, प्रलोभन, धोखे से धर्म परिवर्तन, लव जिहाद और जबरन धर्मान्तरण पर 3-10 साल की सजा और 50 हजार रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन से पूर्व 60 दिन पहले जिला कलक्टर को सूचना देने की बाध्यता भी इसमें शामिल है। इसके अलावा अन्य पांच और नए बिल सरकार सदन में पारित करा सकती है। </p>
<p><strong>विधायक जयकृष्ण पर सदाचार कमेटी रिपोर्ट सौंपेगी</strong><br />बागीदौरा के बीएपी विधायक जयकृष्ण पटेल को सवाल के बदले रिश्वत मामले में गिरफ्तारी के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उनके मामले में बगरू विधायक कैलाश वर्मा की अध्यक्षता में सदाचार समिति गठित की थी। कमेटी ने अपनी फाइनल रिपोर्ट तैयार कर ली है। चर्चा है कि कमेटी उनकी विधानसभा सदस्यता मामले में कोर्ट का फैसला आने तक निलंबित करने की अनुशंसा देवनानी से करेगी। हालांकि इसका फैसला सदन में होगा।</p>
<p><strong>विधानसभा में सर्वदलीय बैठक आज</strong><br />सदन आहूत होने से पहले देवनानी ने गुरुवार को सदन के प्रात: 11 बजे विधानसभा में सर्वदलीय बैठक बुलाई है। जिसमें सीएम भजनलाल शर्मा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल सहित अन्य दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। सदन को शांतिपूर्ण चलाने, अनुशासन में मुद्दे उठाने सहित सत्ता-प्रतिपक्ष में समन्वय बनाने को लेकर चर्चा होगी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 09:21:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>विधानसभा सत्र में अब लंच ब्रेक की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[विधानसभा अध्यक्ष, वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा सत्र में लंच ब्रेक पर विचार किया जा रहा है। अभी समितियों से चर्चा होगी। उसके बाद इसे लागू करने या ना करने का प्रावधान किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-preparing-for-lunch-break-in-the-assembly-session/article-82332"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/vidhan-shbha-new-06.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा का सत्र आगामी तीन जुलाई से प्रस्तावित है। यह भजनलाल सरकार और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का पहला बजट सत्र होगा। सत्र में देवनानी इस बार विधानसभा सत्र की व्यवस्थाओं में कई नई व्यवस्थाएं करने जा रहे हैं। <br />वे प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यव्यवस्था के बाद विधायकों के लिए लंच ब्रेक का प्रावधान शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए जल्द विधानसभा की दो समितियों और सत्र के लिए आगामी बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में सहमति के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा। लंच ब्रेक एक घंटे दोपहर एक से दो बजे तक रखने पर विचार किया जा रहा है।</p>
<p><strong>लंच ब्रेक की व्यवस्था क्यों?<br /></strong>विधानसभा सत्र के दौरान प्रश्नकाल और शून्यकाल के बाद अभिभाषण और बजट पर बहस की समयावधि शुरू हो जाती है। प्रश्नकाल और शून्यकाल के बाद बहस के दौरान अधिकांश विधायक सदन से लंच के लिए चले जाते हैं, जिसके चलते सदन की कार्रवाई करीब एक घंटे मात्र औपचारिकता जैसी होती है। जबकि बहस के दौरान विधायक प्रदेश भर के बड़े मुद्दों पर चर्चा करते हैं जो विधायकों के ज्ञानवर्धन में फू्रट फुल होता है। ऐसे में देवनानी चाहते हैं कि बहस के दौरान अधिक से अधिक विधायक सदन में मौजूद रहें ताकि उनकी विषयों पर पकड़ मजबूत हो और उनकी बातों में तार्किकता आए। </p>
<p><strong>कैग रिपोर्ट और विभागीय प्रतिवेदन पर चर्चा भी</strong><br />प्रदेश में कैग की रिपोर्ट और विभागीय प्रतिवेदन गत सत्र तक सदन की पटल पर रखकर रिकॉर्ड में ले लिए जाते हैं, लेकिन इस बार विधानसभा में कैग की ऑडिट रिपोर्ट और विभाग के वार्षिक प्रतिवेदनों पर भी चर्चा की व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है। </p>
<p>विधानसभा अध्यक्ष, वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा सत्र में लंच ब्रेक पर विचार किया जा रहा है। अभी समितियों से चर्चा होगी। उसके बाद इसे लागू करने या ना करने का प्रावधान किया जाएगा।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jun 2024 11:36:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधानसभा सत्र : सीएम के विभागों के सवालों का जवाब देंगे सात मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[ सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के 19 जनवरी से शुरू हो रहे पहले सत्र में विपक्ष हमलावर की भूमिका में नजर आएगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/assembly-session-seven-ministers-will-answer-questions-from-cms-departments/article-66930"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/cm-bhajan-lal-shara.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के 19 जनवरी से शुरू हो रहे पहले सत्र में विपक्ष हमलावर की भूमिका में नजर आएगा। इसी बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने विभागों से संबंधित विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंप दी। इस सत्र में विपक्ष के पास अनुभवी सदस्य है। ऐसे में जनहित से जुड़े सवालों पर प्रमुख विपक्षी दल के रूप में कांग्रेस पार्टी सामने सत्तापक्ष में बैठी भाजपा सरकार पर हमलावर रहेगी।</p>
<p>हालांकि, विपक्ष के सवालों का जवाब देने और सरकार का बचाव करने के लिए भाजपा विधायक दल भी पूरी तैयारी के साथ सदन में पहुंचेगा। इस सत्र में विधायक अपने-अपने क्षेत्र के सवाल उठाने के साथ ही राज्य स्तरीय मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाएंगे।</p>
<p><strong>ये मंत्री देंगे जवाब</strong><br />सत्र में मुख्यमंत्री के आबकारी और आयोजना विभाग के सावालों जवाब उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी देंगी। सूचना-जन संपर्क, कृषि विपणन व अल्पसंख्यक मामलात विभाग की जिम्मेदारी डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को सौंपी गई है। इसी प्रकार गृह, एसीबीए खान एवं पेट्रोलियम, जेल विभाग से संबंधित सवालों का जवाब स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह देंगे। श्रम एवं अप्रवासी भारतीय विभाग की जिम्मेदारीर उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह को दी गई है। पुस्तकालय विभाग के सवालों का जवाब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और कार्मिक, प्रशासनिक सुधार, सामान्य प्रशासन, सम्पदा, निर्वाचन, मंत्रिमंडल सचिवालय व स्टेट मोटर गैराज विभाग के सवालों का जवाब विधि मंत्री जोगाराम देंगे। इंदिरा गांधी नहर विभाग के सवालों का जवाब देने की जिम्मेदारी जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत को सौंपी गई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jan 2024 14:41:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विधानसभा में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कुछ विधायकों ने भी सरकार को घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधायक वाजिब अली ने नगर विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों में रिक्त पदों का मामला उठाते हुए कहा कि स्वीकृत 64 पदों में से आधे से ज्यादा पद रिक्त पड़े हुए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/along-with-the-opposition-in-the-assembly--lodha-harish-meena-also-surrounded-the-government/article-23607"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/vidhan-shbha-new-06.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ। हालांकि प्रश्नकाल में सत्ता पक्ष के ही कुछ विधायक प्रश्नों के जरिए अपनी सरकार के मंत्रियों को घेरते नजर आए। वहीं विपक्ष की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब में वन मंत्री हेमाराम चौधरी और खेल मंत्री अशोक चांदना संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके।<br /><br />सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधायक वाजिब अली ने नगर विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों में रिक्त पदों का मामला उठाते हुए कहा कि स्वीकृत 64 पदों में से आधे से ज्यादा पद रिक्त पड़े हुए हैं। भाजपा विधायक कैलाश चंद मेघवाल ने भीलवाड़ा जिले की नगर पालिकाओं की संपत्तियों का भौतिक सत्यापन से जुड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी नगर पालिका में संपत्तियों का भौतिक सत्यापन नहीं हो रहा है। जवाब में स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि यह सवाल पूछकर आपने सरकार को एक तरह से जगाने का काम किया है। आपने सही सवाल उठाया है कि किसी भी नगरपालिका में संपत्तियों का भौतिक सत्यापन नहीं हो रहा है, अब सभी नगर पालिका में इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। भाजपा विधायक नरपत सिंह राजवी ने प्रदेश में गोडावण और खरमोर के संरक्षण की कार्य योजना को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि गोडावन की संख्या को लेकर सरकार की तरफ से जो आंकड़े पेश किए जा रहे हैं वह भ्रमित करने वाले हैं। ऐसे में सरकार इनके संरक्षण को लेकर भावी क्या योजना बना रही है। जवाब में वन मंत्री हेमाराम चौधरी संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी मंत्री से सवाल पूछते हुए घेरा।</p>
<p><strong>पुलिस थाना खोलने को लेकर अपनी ही सरकार को घेरा</strong><br />कांग्रेस विधायक हरीश चंद मीणा ने नासिरदा में पुलिस थाना खोलने की कार्य योजना को लेकर अपनी ही सरकार को घेरते हुए कहा कि थाना खोलने की घोषणा तो हो गई, लेकिन क्या सरकार के इसी कार्यकाल में यह घोषणा धरातल पर उतर पाएगी, स्पष्ट जवाब दें। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि नासिरदा पहले पुलिस चौकी थी जिसे थाने में क्रमोन्नत कर दिया गया है इसके लिए थाने में स्टाफ भी बढ़ाया गया है। भवन निर्माण संबंधित प्रक्रिया अभी लंबित है, जिसे जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा। इसी तरह विधायक संयम लोढ़ा ने जिला न्यायालय के भवन निर्माण की प्रक्रिया में देरी का सवाल उठाते हुए कहा कि 2018 से न्यायालय के भवनों का निर्माण चल रहा है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ है। सरकार की तरफ से इसकी कोई निगरानी नहीं हो रही है, जवाब में धारीवाल ने कहा कि कुछ तकनीकी कारणों और टेंडर में देरी के कारण भवनों का निर्माण नहीं हो पाया है। उन्हें जल्दी पूरा कर दिया जाएगा। संयम लोढ़ा ने कहा कि मंत्री इधर-उधर घुमाने में पीएचडी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Sep 2022 13:07:06 +0530</pubDate>
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                <title>विधानसभा का सत्र पहले दिन ही चढ़ा हंगामे की भेंट </title>
                                    <description><![CDATA[सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही आरएलपी के तीनों विधायक लंपी बीमारी से गायों की मौत के मामले को लेकर तख्तियां लहराते हुए वेल में आ गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/assembly-session-posponed-after-ruckus-of-bjp-mla/article-23471"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/assembly.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विधानसभा का शुरू हुआ सत्र पहले दिन ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। इसके चलते सदन की कार्यवाही 2 बार स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद में 11 बजकर 47 मिनट पर सदन की कार्यवाही अगले दिन सुबह 11बजे तक स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही आरएलपी के तीनों विधायक लंपी बीमारी से गायों की मौत के मामले को लेकर तख्तियां लहराते हुए वेल में आ गए। </p>
<p>इसके बाद भाजपा के सदस्यों ने भी लंपी बीमारी से गायों की मौत और विधायकों को सवाल पूछने पर लगाए गए राइडर के विरोध में वेल में आ गए और जमकर नारे लगाए। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने सदन की कार्यवाही 2 बार स्थगित की। इसके बाद शेष कार्यवाही हंगामे के बीच ही पूरी करवाई गई। हंगामे के दौरान सदन में 4 विधेयक पुर: स्थापित किए गए। इसके बाद शोकाभिव्यक्ति की गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Sep 2022 12:41:12 +0530</pubDate>
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