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                <title>टीम जयपुर ने जीता बीएम बिड़ला कप पोलो का खिताब, डायनेमिक्स अचीवर्स को 6-5 से दी शिकस्त</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में बीएम बिड़ला कप पोलो टूर्नामेंट में पद्मनाभ सिंह और लांस वाटसन की शानदार साझेदारी से टीम जयपुर ने डायनेमिक्स अचीवर्स को 6-5 से हराकर खिताब जीता। डॉ. शिवांगी जय सिंह को मोस्ट वेल्यूएबल प्लेयर चुना गया। पुरस्कार वितरण समारोह में डॉ. लोकेश अग्रवाल ने विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपी।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/team-jaipur-won-the-title-of-bm-birla-cup-polo/article-129516"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(1)34.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पद्मनाभ सिंह और विदेशी खिलाड़ी लांस वाटसन के मध्य शानदार समन्वय की बदौलत टीम जयपुर ने रामबाग पोलो ग्राउंड पर डायनेमिक्स अचीवर्स को 6-5 से पराजित कर 6 गोल के बीएम बिड़ला कप पोलो टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। विजेता टीम की ओर से पद्मनाभ सिंह और लांस वाटसन ने दो-दो और वंदित गोलेछा और देवव्रत सिंह ने एक-गोल गोल बनाए।</p>
<p>पराजित डायनेमिक्स अचीवर्स की ओर से विदेशी खिलाड़ी डेनियल ओटमेंडी ने 3 व डॉ. शिवांगी जय सिंह ने दो गोल दागे। पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि एनबीसी बियरिंग्स के चीफ टेक्निकल ऑफिसर डॉ. लोकेश अग्रवाल ने विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान की। डायनेमिक्स अचीवर्स की डॉ. शिवांगी जय सिंह को मोस्ट वेल्यूएबल प्लेयर के खिताब से नवाजा गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Oct 2025 12:40:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>चिंकारा कप : गोहिलवाड पोलो पर जयपुर की जीत में चमके अंगद कलान</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर पोलो टीम ने कैवेलरी ग्राउण्ड पर शुरू हुए 6 गोल के चिंकारा कप मुकाबले में गोहिलवाड पोलो टीम को 8-3 से पराजित कर दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/angad-kalan-shines-in-jaipurs-victory-over-chinkara-cup-gohilwad/article-126421"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(15).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दो गोल के अंगद कलान के शानदार खेल की बदौलत जयपुर पोलो टीम ने कैवेलरी ग्राउण्ड पर शुरू हुए 6 गोल के चिंकारा कप मुकाबले में गोहिलवाड पोलो टीम को 8-3 से पराजित कर दिया। अंगद ने अपनी टीम के लिए चार गोल दागे। वहीं चार गोल के लांस वाटसन और दीनू धनखड़ ने दो-दो गोल किए। दो गोल का एडवांटेज लेकर उतरी गोहिलवाड पोलो के लिए प्रणव कपूर ने दो और जयवीर सिंह गोहिल ने एक गोल बनाया।</p>
<p>एक अन्य मैच में कोग्निवेरा ने वी पोलो को 9-4.5 से शिकस्त दी। कोग्निवेरा की जीत के हीरो अर्जेन्टीना के बतिस्ता अलीबेर्दी ने पांच गोल दागे। शमशील अली ने दो तथा आर्यमन और साविर गोदारा ने एक-एक गोल स्कोर किया। आधा गोल का एडवांटेज लेकर उतरी वी पोलो के लिए सलीम आजमी ने दो तथा मुकेश सिंह और गोंजालो यांजोन ने एक-एक गोल किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 11:56:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पहली बार उतरी कोग्निवेरा ने जीता आर्मी कमांडर पोलो कप, थंडरबोल्ट को ढाई के मुकाबले आठ गोल से किया पराजित  </title>
                                    <description><![CDATA[कोग्निवेरा टीम ने थंडरबोल्ट को ढाई के मुकाबले आठ गोल से पराजित कर सितम्बर पोलो सीजन के पहले टूर्नामेंट आर्मी कमांडर पोलो कप का खिताब जीत लिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/for-the-first-time-kongivera-won-the-army-commander-polo/article-126304"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(8).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अर्जेन्टीना के चार गोल के बतिस्ता अलीबेर्दी और इतने ही हैंडीकैप के अनुभवी हैदराबादी खिलाड़ी शमशीर अली के बेहतरीन तालमेल की बदौलत कोग्निवेरा टीम ने कैवेलरी ग्राउण्ड पर थंडरबोल्ट को ढाई के मुकाबले आठ गोल से पराजित कर सितम्बर पोलो सीजन के पहले टूर्नामेंट आर्मी कमांडर पोलो कप का खिताब जीत लिया।</p>
<p>पहली बार किसी टूर्नामेंट में उतरी कोग्निवेरा और थंडरबोल्ट के बीच फाइनल मुकाबला पूरी तरह एक तरफारहा। विजेता टीम के लिए अर्जेन्टीना के बतिस्ता अलीबेर्दी ने चार गोल दागे, वहीं शमशीर अली ने दो गोल किए। युवा साविर गोदारा और महिला खिलाड़ी शिवांगी सिंह ने भी टीम की खिताबी जीत में एक-एक गोल अपने नाम किया। आधा गोल का एडवांटेज लेकर मैदान पर उतरी थंडरबोल्ट के लिए मेजर मृत्युंजय चौहान और मेजर राघवराज सिंह ने एक-एक गोल किया। टीम के प्रमोटर और कोग्निवेरा के सीईओ कमलेश शर्मा ने जीत के बाद कहा कि पूरे टूर्नामेंट में खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। सेमी फाइनल में मजबूत जयपुर टीम के खिलाफ मिली 11-4 की जीत ने फाइनल से पहले खिलाड़ियों में जोश का काम किया। कमलेश ने कहा कि उन्होंने पहली बार पोलो टीम उतारी है। उनका लक्ष्य खेल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Sep 2025 11:36:36 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बदले नियमों से खेला जाएगा सितम्बर पोलो सीजन : चक्कर हॉफ समाप्त, खिलाड़ी बीच में घोड़ा बदलने जाएगा तो नहीं रुकेगी घड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान पोलो क्लब का सितम्बर पोलो सीजन एक सितम्बर से शुरू होगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/september-polo-season-will-be-played-with-changed-rules-if/article-123437"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/fnnf.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान पोलो क्लब का सितम्बर पोलो सीजन एक सितम्बर से शुरू होगा। इस बार मुकाबले बदले नियमों से खेले जाएंगे। इंडियन पोलो एसोसिएशन (आईपीए) की 2 अगस्त को दिल्ली में हुई एजीएम में लिए निर्णय के अनुसार अब चक्कर के बीच ब्रेक नहीं होगा। हालांकि इस दौरन खिलाड़ी को अपना घोड़ा बदलने की अनुमति होगी पर खेल नहीं रुकेगा और घड़ी नहीं रोकी जाएगी। सत्र के दौरान 42 दिन में कुल सात टूर्नामेंट खेले जाएंगे। इसमें कैवेलरी पर 3 और रामबाग पोलो ग्राउण्ड पर चार टूर्नामेंट होंगे।</p>
<p><strong>छह गोल के चिंकारा कप से होगी शुरूआत :</strong></p>
<p>सितम्बर पोलो सीजन की शुरूआत 1 सितम्बर को 61वीं कैवेलरी में छह गोल के चिंकारा कप से होगी। इसका फाइनल 7 सितम्बर को खेला जाएगा। कैवेलरी में तीन टूनार्मेंट होंगे। छह गोल के आर्मी कमांडर कप का आयोजन 8 से 14 सितम्बर तक किया जाएगा, जबकि तीसरा टूनार्मेंट चार गोल का सप्त शक्ति पोलो चैंपियनशिप होगा। कैवेलरी में होने वाले टूनार्मेंटों के लिए बनाई टूनार्मेंट कमेटी के कर्नल वीएस काहलों अध्यक्ष होंगे, जबकि लेफ्टिनेंट कर्नल विशाल चौहान, मेजर अनन्त राजपुरोहित और मेजर मृत्युंजय सिंह चौहान सदस्य होंगे।</p>
<p><strong>सवाई मान गार्ड कप 15 सितंबर से :</strong></p>
<p>सत्र के दौरान रामबाग पोलो ग्राउण्ड पर चार टूनार्मेंट खेले जाएंगे। आठ गोल के सवाई मान गार्ड कप का आयोजन 15 से 21 सितम्बर तक होगा, जबकि भावनगर पोलो ट्रॉफी के लिए आठ गोल का टूनार्मेंट 22 से 28 सितम्बर तक खेला जाएगा। छह गोल के कर्नल अमर सिंह कानोता कप के मुकाबले 29 सितम्बर से 6 अक्टूबर तक खेले जाएंगे, जबकि छह गोल का ही बीएम बिड़ला पोलो कप 6 से 12 अक्टूबर तक खेला जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Aug 2025 11:39:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरपीसी कप : एसएमएस एकेडमी पर आरपीसी की जीत का हीरो बना कुलदीप सिंह </title>
                                    <description><![CDATA[आरपीसी ने रामबाग पोलो ग्राउंड पर खेले जा रहे आरपीसी कप में एसएमएस पोलो एकेडमी को 3 के मुकाबले साढ़े पांच गोल से पराजित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/kuldeep-singh-becomes-the-hero-of-rpc-victory-over-rpc/article-106710"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दो हैंडीकैप के कुलदीप सिंह राठौर के तीन गोलों की बदौलत आरपीसी ने रामबाग पोलो ग्राउंड पर खेले जा रहे आरपीसी कप में एसएमएस पोलो एकेडमी को 3 के मुकाबले साढ़े पांच गोल से पराजित किया। आधे हैंडीकैप का एडवांटेज लेकर उतरी आरपीसी की ओर से कुलदीप सिंह ने तीन व रणशेय पुरोहित और विशाल सिंह राठौर ने एक-एक गोल बनाए। एसएमएस एकेडमी के लिए स्क्रैच खिलाड़ी शुभमन गुप्ता ने दो व अनिरुद्ध ने एक-एक गोल बनाया। </p>
<p>पहले चक्कर में दोनों टीमों की ओर से एक-एक गोल हुए। शुभम ने एसएमएस के लिए व कुलदीप ने आरपीसी के लिए गोल बनाया। दूसरे चक्कर के आरंभ में कुलदीप ने अपना दूसरा गोल ठोक आरपीसी को 2.5-1 से आगे कर दिया। अनिरुद्ध ने अंतिम समय में गोल बना अंतर को 2.5-2 से कम कर दिया। तीसरे चक्कर के शुरू में  विशाल ने गोल दाग आरपीसी को 3.5-2 से बढ़त दिलाई। कुलदीप ने अपना तीसरा गोल बना आरपीसी को 4.5-3 से आगे कर दिया। अंतिम चक्कर में रणशेय पुरोहित ने मैच समाप्ति से पूर्व गोल ठोक आरपीसी को 5.5-3 से आगे कर दिया जो विजयी स्कोर रहा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/khel/kuldeep-singh-becomes-the-hero-of-rpc-victory-over-rpc/article-106710</link>
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                <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 11:32:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अगले माह शुरू होंगे एरिना पोलो के पांच जोन के क्वालिफायर्स, भारत, पाकिस्तान व दक्षिण अफ्रीका रियाद में खेलेंगे जोन ई मैच</title>
                                    <description><![CDATA[पिछले साल 5 अगस्त को बेंगलुरु से शुरू हुआ इंडियन पोलो एसोसिएशन (आईपीए) का मौजूदा पोलो सत्र अब 30 मार्च को दिल्ली में समाप्त हो जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/five-zone-qualifiers-of-arina-polo-will-start-next-month/article-106307"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(5)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पिछले साल 5 अगस्त को बेंगलुरु से शुरू हुआ इंडियन पोलो एसोसिएशन (आईपीए) का मौजूदा पोलो सत्र अब 30 मार्च को दिल्ली में समाप्त हो जाएगा। इसके बाद शुरूआत होगी एरिना पोलो की। पोलो के खेल को और अधिक प्रतिस्पर्धी और रोमांचक बनाने के लिए शुरू किए गए एरिना पोलो की दूसरी वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन इस साल 5 से 12 अक्टूबर तक वर्जीनिया (अमेरिका) में किया जाएगा। इससे पहले अगले माह वर्ल्ड कप के पांच जोन के क्वालिफाइंग मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। </p>
<p><strong>जोन ई मुकाबले 21 अप्रैल से :</strong></p>
<p>फेडरेशन इंटरनेशनल पोलो (एफआईपी) द्वारा आयोजित एरिना पोलो वर्ल्ड चैंपियनशिप के दूसरे संस्करण के जोन-ई क्वालिफायर्स मुकाबले 21 से 26 अप्रैल तक सऊदी अरब के रियाद में खेले जाएंगे। इसमें भारत, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका की टीमें भाग लेंगी। खास बात यह है कि दक्षिण अफ्रीका की दूरी और भारत-पाकिस्तान के आपसी संबंधों को ध्यान में रखते हुए यह आयोजन सऊदी अरब में किया जा रहा है। हालांकि, सऊदी अरब खुद एरिना पोलो वर्ल्ड चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है।</p>
<p><strong>भारत के लिए पहला अवसर :</strong></p>
<p>भारत के लिए यह टूनार्मेंट बहुत खास है क्योंकि यह भारत का पहला अवसर है जब वह एरिना पोलो वर्ल्ड चैंपियन्शप में भाग लेगा। एरिना पोलो वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वालिफायर्स में कुल पांच जोन होंगे, जिसमें लगभग 25 टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगी। प्रत्येक जोन की विजेता टीम अक्टूबर 2025 में अमेरिका में होने वाले फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करेगी, जबकि फाइनल्स की छठी टीम मेजबान अमेरिका होगी। </p>
<p><strong>पहला खिताब जीता फ्रांस ने :</strong></p>
<p>यह एरिना पोलो वर्ल्ड चैंपियनशिप का दूसरा संस्करण है। पहले संस्करण का आयोजन 2023 में किया गया था, जिसके फाइनल्स फ्रांस में खेले गए थे। इस टूनार्मेंट में फ्रांस के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रिया, मोरक्को, उरुग्वे और अर्जेंटीना की टीमें भी शामिल थीं। फाइनल मुकाबले में फ्रांस ने अमेरिका को 9-8 गोल से हराकर चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था।</p>
<p><strong>एरिना पोलो के बारे में :</strong></p>
<p><strong>ग्राउण्ड :</strong> अधिकतम 300 फीट लम्बा और 150 फीट चौड़ा, न्यूनतम 150 फीट लम्बा और 75 फीट चौड़ा। <br /><strong>ग्राउण्ड फेंसिंग : </strong>ग्राउण्ड कम से कम 5 फीट ऊंची फेंसिंग से घिरा हो और निचला भाग ठोस हो। <br /><strong>गोल पोस्ट : </strong>बड़े ग्राउण्ड में गोल पोस्ट की चौड़ाई 10 से 12 फीट और ऊंचाई 12 से 14 फीट, छोटे ग्राउण्ड में चौड़ाई 8 फीट और ऊंचाई 10 फीट।</p>
<p><strong>बॉल : </strong>बॉल की परिधि 15 से 16.5 इंच के बीच हो और वजन 130 ग्राम से 150 ग्राम।<br /><strong>खिलाड़ी : </strong>एरिना पोलो में प्रत्येक टीम में तीन-तीन खिलाड़ी रहते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 11:21:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>द इंडियन पोलो अवार्ड्स : 22 श्रेणियों में दिए गए पुरस्कार, शिवांगी को लेडी और विश्वरूप को यंग प्लेयर का अवॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[द इंडियन पोलो अवार्ड्स (टीआईपीए) का चौथा सीजन सिटी पैलेस में आयोजित किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/the-indian-polo-awards-awarded-in-22-categories-lady-and/article-105467"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/257rtrer-(7)15.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। द इंडियन पोलो अवार्ड्स (टीआईपीए) का चौथा सीजन सिटी पैलेस में आयोजित किया गया। ला पोलो द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में 22 पुरस्कार श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। महिला पोलो खिलाड़ी डॉ. शिवांगी जय सिंह को लेडी पोलो प्लेयर और युवा खिलाड़ी विश्वरूप बजाज को यंग प्लेयर के पुरस्कार से नवाजा गया। इसके अलावा बड़ौदा के गुलाम मुस्तफा को ट्रेडिशनल पोलो प्लेयर का पुरस्कार दिया गया। जयपुर रॉयल फेमिली को ला पोलो के लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।  पुरस्कार समारोह में जाने-माने पोलो खिलाड़ी और भारतीय टीम के कप्तान रहे पद्मनाभ सिंह ने कहा कि पोलो खेल और उसकी समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने में योगदान देने वालों को मान्यता देने के लिए द इंडियन पोलो अवार्ड्स एक सराहनीय पहल है। मैं इसमें सहयोग करने पर गौरवान्वित हूं। मेरा मानना है कि यह पोलो कम्यूनिटी को इस खेल को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगी। वहीं ला पोलो के एडिटर इन चीफ मनिंदर एस. सेठी ने कहा कि मॉर्डन पोलो की जन्मस्थली के रूप में भारत लंबे समय से समृद्ध पोलो विरासत का घर रहा है, लेकिन इस खेल के संवर्धन और बनाए रखने वाले व्यापक इकोसिस्टम को वह मान्यता नहीं मिली है जिसके वे वास्तव में हकदार हैं। </p>
<p><strong>इन्हें भी मिले अवार्ड :</strong></p>
<p>बेस्ट पोलो ट्रेनर (सिविल)- मुकेश सिंह<br />बेस्ट पोलो ट्रेनर (सेना)- एचवी बिट्टू और रिसालदार अब्बास अली<br />द पोलो ग्रूम- आरिफ खान<br />बेस्ट पोलो पोनी-  सापो (ग्वालियर)<br />बेस्ट पोलो ग्राउण्ड- राजस्थान पोलो क्लब<br />पोलो क्लब ऑफ द सीजन- जिंदल पोलो और इक्वेस्ट्रियन फाउंडेशन<br />एरिना पोलो क्लब ऑफ द सीजन- हैदराबाद पोलो एंड राईडिंग क्लब<br />द आर्मी प्लेयर- लेफ्टिनेंट कर्नल विशाल चौहान<br />द प्रोमिसिंग पोलो प्लेयर- साविर मेहराज गोदारा<br />एमर्जिंग पेटरन- जयपुर पोलो टीम<br />बेस्ट पोलो कमेंट्रेटर- शरद सक्सैना<br />कंट्रीब्यूशन टू पोलो- 61वीं कैवेलरी<br />बेस्ट जूनियर टीम- उदार पोलो<br />ला पोलो लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड- जयपुर रॉयल फैमिली<br />द पोलो पेटरन- अचीवर्स (जयपुर)<br />बेस्ट लो गोल टीम- आर्मी सर्विस कॉर्प्स<br />बेस्ट हाई गोल टीम- अचीवर्स<br />द इंटरनेशनल प्लेयर- सैंटियागो मारम्बियो <br />मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर- अभिमन्यु पाठक</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Feb 2025 12:08:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पोलो अब रफ्तार का खेल, हर तीसरे मिनट बदलना पड़ता है घोड़ा, सिर्फ एक मैच के लिए 8 से 10 घोड़े लेकर चलता है एक खिलाड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[पोलो का खेल अब तकनीक से ज्यादा रफ्तार का खेल बन गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/polo-now-the-game-of-speed-has-to-be-changed/article-105162"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(13)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पोलो का खेल अब तकनीक से ज्यादा रफ्तार का खेल बन गया है। तेज गति और लगातार प्रयासों के कारण घोड़े महज तीन-चार मिनट में थक जाते हैं, जिससे खिलाड़ियों को खेल के एक चक्कर के बीच में ही घोड़ा बदलने की जरूरत पड़ जाती है। ऐसे में पूरे मैच के लिए एक खिलाड़ी को कम से कम चार-पांच घोड़ों की जरूरत होती है और जो खिलाड़ी सक्षम हैं, वे तो एक मैच में 8 से 10 घोड़े साथ लेकर चलते हैं, ताकि खेल की गति बनी रहे। खेल के जानकारों का भी मानना है कि पोलो में रफ्तार और रणनीति की अहमियत पहले से कहीं ज्यादा हो गई है, जिससे घोड़ों की मांग भी बढ़ गई है।</p>
<p><strong>हर खिलाड़ी के लिए आसान नहीं :</strong></p>
<p>हालांकि हर खिलाड़ी के लिए इतने घोड़े रखना संभव नहीं होता। घोड़ों की खरीद, देखभाल और प्रशिक्षण पर भारी खर्च आता है, जो हर टीम और खिलाड़ी के बजट में नहीं होता। इस कारण केवल चुनिंदा पेशेवर और आर्थिक रूप से सक्षम खिलाड़ी ही ज्यादा घोड़े लेकर खेल सकते हैं। एक देशी घोड़ा ही जहां 20 से 25 लाख कीमत में आता है वहीं विदेशी घोड़े के लिए तो कम से कम 40 से 50 लाख और अच्छे घोड़े के लिए 70-80 लाख तक कीमत देनी पड़ती है।</p>
<p><strong>बजाज के पास अकेले ही 50 से ज्यादा घोड़े :</strong></p>
<p>जयपुर पोलो सीजन के आखिरी हाईगोल टूर्नामेंट भवानी सिंह कप में अचीवर्स के लिए खेल रहे बजाज फेमेली के युवा विश्वरूप बजाज के पास अकेले ही 50 से ज्यादा घोड़े हैं। इन घोड़ों की देखभाल करने वाले पुष्पेन्द्र सिंह कहते हैं कि उनके पास 40 से ज्यादा तो विदेशी घोड़े हैं। पुष्पेन्द्र ने कहा कि इतने घोड़ों को पालना और ग्राउण्ड तक ट्रेवल करना कोई आसान काम नहीं है। </p>
<p><strong>बॉडी एक्टिविटी से समझ लेते हैं घोड़े की जरूरत :</strong></p>
<p>पुष्पेन्द्र सिंह का कहना है कि वे करीब 30 साल से घोड़ों की देखभाल का काम कर रहे हैं। एक घोड़े की सार संभाल में उसके दाने-पानी का खयाल रखने के साथ ही गर्मी में तो कूलर और एसी भी लगाने पड़ते हैं। ये सब हम घोड़े की बॉडी एक्टिविटी को देखकर ही समझ लेते हैं कि वो क्या चाहता है। पुष्पेन्द्र का कहना है कि घोड़े के खान-पान का ध्यान सबसे ज्यादा जरूरी है। </p>
<p><strong>टीम उतारना चुनौतीपूर्ण : विक्रम</strong></p>
<p>राजस्थान पोलो क्लब के पूर्व सचिव और अब पोलो प्रमोटर विक्रम राठौड़ का कहना है कि दर्शकों के लिए पोलो का खेल जितना रोचक और रोमांचक है वहीं एक प्रमोटर के लिए टीम उतारना उतना ही चुनौतीपूर्ण होता है। आपके पास कम से कम 20 से 25 घोड़े हैं, तब ही आप किसी टूर्नामेंट में टीम उतारने के बारे में सोच सकते हैं। प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ गई है कि कई टीमें तो 50 से सौ-डेढ़ सौ तक घोड़े रख रही हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Feb 2025 12:16:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भवानी सिंह कप में विदेशी खिलाड़ियों का दबदबा, सुजान की जीत में चमके वाटसन </title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी खिलाड़ियों के दबदबे के बीच जयपुर सुजान ने 12 गोल के भवानी सिंह कप पोलो मुकाबले में डेल्टा/चांदना पोलो को 9-5 से पराजित कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/foreign-players-dominated-sujans-victory-in-bhavani-singh-cup%C2%A0/article-104902"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(4)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विदेशी खिलाड़ियों के दबदबे के बीच जयपुर सुजान ने 12 गोल के भवानी सिंह कप पोलो मुकाबले में डेल्टा/चांदना पोलो को 9-5 से पराजित कर दिया, वहीं अरावली पोलो ने विमल एरियन अचीवर्स के खिलाफ 9-5 से प्रभावी जीत दर्ज की। रामबाग पोलो ग्राउण्ड पर दिन के पहले मुकाबले में जयपुर सुजान की जीत के हीरो चार गोल के लांस वाटसन रहे, जिन्होंने टीम के लिए चार गोल दागे। पांच गोल के एक और विदेशी खिलाड़ी निकोलस जॉर्ज और स्थानीय हीरो पद्मनाभ सिंह ने दो-दो गोल दागे। </p>
<p>डेल्टा/चांदना पोलो की ओर से छह गोल के सैंटियागो मरांबियो ने तीन तथा मैटियास वियाल ने एक गोल किया। दूसरे मैच में भी विदेशी खिलाड़ियों का दबदबा रहा। चार गोल के फैड्रिको बोडो ने हैट्रिक सहित छह गोल दागे, वहीं छह हैंडीकैप के मनोलो लोरेंटे ने दो गोल किए। एक गोल कुलदीप सिंह राठौड़ ने बनाया। विमल अचीवर्स के लिए चार गोल के डेनियल ओटमेंडी ने तीन, 5 गोल के बतिस्ता पनेलो ने एक गोल किया। एक गोल अभिमन्यु पाठक ने बनाया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Feb 2025 11:57:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पोलो के खेल में घोड़ों की बड़ी भूमिका, महंगे घोड़े रखना हर किसी के बस में नहीं : शमशीर</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय घोड़ों पर भी 25-30 हजार रुपए प्रतिमाह खर्च करना पड़ता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/shamsheer-is-not-in-everyones-bus/article-104674"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(7)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश के मशहूर पोलो खिलाड़ियों में शुमार हैदराबाद के शमशीर अली का कहना है कि पोलो के खेल में खिलाड़ियों की काबिलियत जितनी मायने रखती है, उतनी ही अहमियत उनके घोड़े की भी होती है। बेहतरीन घोड़ा न सिर्फ खेल का स्तर ऊंचा करता है, बल्कि खिलाड़ी की परफॉर्मेंस को भी प्रभावित करता है। लेकिन हर पोलो खिलाड़ी महंगे घोड़े खरीदने और और उनका खर्च उठाने में सक्षम नहीं है। खासतौर पर अच्छे विदेशी घोड़े रखने के लिए खिलाड़ियों को हर महीने 50 से 60 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं, जो हर किसी के लिए आसान नहीं है। भारतीय घोड़ों पर भी 25-30 हजार रुपए प्रतिमाह खर्च करना पड़ता है। </p>
<p><strong>सिर्फ अमीर खिलाड़ी ही खरीद पा रहे अच्छे घोड़े :</strong></p>
<p>गुलाबी नगर के पोलो प्रेमियों के चहेते रहे शमशीर का मानना है कि भारत में पोलो खेलने वाले कई युवा खिलाड़ी अच्छे घोड़ों की कमी से जूझते हैं। दूसरी ओर आर्थिक रूप से मजबूत कई ऐसे युवा खिलाड़ी भी हैं, जो विदेशों से बेहतरीन घोड़े मंगा रहे हैं। इन घोड़ों की स्पीड, ट्रेनिंग और परफॉर्मेंस बेहतर होती है, जिससे खेल में उनका प्रदर्शन भी प्रभावी हो जाता है। शमशीर ने सिरमौर कप के फाइनल में अचीवर्स की ओर से खेले विश्वरूप बजाज का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि विश्वरूप युवा है और अच्छा खेल रहा है। परिवार से उन्हें पूरी मदद मिलती है। उनके पास अच्छे विदेशी घोड़े हैं। </p>
<p><strong>घोड़ों की ट्रेनिंग और रखरखाव महंगा सौदा :</strong></p>
<p>शमशीर ने कहा कि पोलो में सिर्फ घोड़ा खरीदना ही काफी नहीं होता, बल्कि उसकी ट्रेनिंग, खानपान और स्वास्थ्य देखभाल पर भी मोटा खर्च आता है। एक अच्छे पोलो घोड़े के रखरखाव में हर महीने हजारों रुपए खर्च होते हैं, जिसमें उसका दाना-पानी, मेडिकल चेकअप, ट्रेनिंग और गाइडेंस शामिल है। ये खर्चा 50 से 60 हजार रुपए प्रतिमाह तक बैठता है, जबकि एक युवा खिलाड़ी के लिए सीजन में इतनी कमाई नहीं हो पाती। शमशीर ने कहा कि विदेशी खिलाड़ियों के लिए दाना भी विदेश से मंगाना पड़ता है और अब तो उस पर जीएसटी भी देना पड़ता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 11:18:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पनेलो के छक्के से विमल एरियन ने जीता सिरमौर कप पोलो खिताब</title>
                                    <description><![CDATA[विजेता विमल एरियन अचीवर्स की ओर से पनेलो के छह गोल के अलावा एक गावेल विश्वरुप बजाज ने बनाया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/vimal-ariaan-won-sirmaur-cup-polo-title-from-panelos-sixes/article-104541"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पांच हैंडीकैप के बौतिस्ता पनेलो के तिकड़ी सहित बनाए आधा दर्जन गोलों की बदौलत विमल एरियन अचीवर्स ने अरावली पोलो को 7-3 से पराजित कर जयपुर पोलो सीजन के महत्वपूर्ण सिरमौर कप (12 गोल) का खिताब अपने नाम कर लिया। विजेता विमल एरियन अचीवर्स की ओर से पनेलो के छह गोल के अलावा एक गावेल विश्वरुप बजाज ने बनाया। </p>
<p>पराजित टीम अरावली पोलो के लिए तीनों गोल चार हैंडीकैप के फेडेरियो बोदोउ ने दागे।  पनेलो के गोल से विमल एरियोन पहले चक्कर की समाप्ति तक 1-0 से बढ़त लिए हुए थी। दूसरे चक्कर के  पहले पांच मिनट में दो गोल दाग उन्होंने अपनी हैट्रिक पूरी कर अपनी टीम को 3-0 से आगे कर दिया। छठे व सातवें मिनट में फेडेरिको ने गोल बना स्कोर अंतर को 3-2 से कम कर दिया। तीसरे चक्कर के आरंभ में फेडेरिको ने दो गोल बना अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए  पहली बार अरावली को  4-3 से आगे कर दिया। बजाज ने पांचवे मिनट में गोल दाग स्कोर 4-4  से बराबर कर दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Feb 2025 11:03:43 +0530</pubDate>
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                <title>पोलो के गढ़ में खेल को बचाने के लिए 12 दोस्त आए आगे, 70 बीघा जमीन में बनाए तीन ग्राउंड, बढ़ी जयपुर पोलो सीजन में टीमों की संख्या</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर को पोलो का मक्का और राजस्थान को पोलो का गढ़ माना जाता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/12-friends-came-ahead-to-save-the-game-in-the/article-104115"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/news-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर को पोलो का मक्का और राजस्थान को पोलो का गढ़ माना जाता है। रियासतों के समय जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अलवर और किशनगढ़ जैसी रियासतों में पोलो की मजबूत टीमें हुआ करती थीं। लेकिन बदलते वक्त के साथ यह खेल अपने ही गढ़ में कमजोर होता जा रहा है। दुनिया में जयपुर की पहचान बने इस खेल को अब प्रदेश में सरकारी संरक्षण की सख्त जरूरत है। हालांकि खेल को बचाने की जिम्मेदारी अब खुद खेल प्रेमियों ने उठा ली है। पोलो से जुड़े 12 दोस्तों नवीन जिंदल, जैसल सिंह, पद्मनाभ सिंह, हिम्मत सिंह बेदला, विक्रम राठौड़, कुशाग्र बजाज, ऐश्वर्या पालीवाल, चिराग पारीख, अनै शॉ, निमित मेहता, सिद्धांत सिंह और अंकुर मिश्रा  ने इस खेल को आगे बढ़ाने की पहल की है। ये सभी खिलाड़ी और प्रमोटर रहे हैं और अब अपने स्तर पर पोलो को बढ़ावा देने के लिए आगे आए हैं।</p>
<p><strong>मुंडोता में बनाए तीन नए पोलो ग्राउंड :</strong></p>
<p>इन दोस्तों ने मिलकर जयपुर के पास मुंडोता फोर्ट एंड पैलेस के समीप 70 बीघा जमीन को 15 साल के लिए लीज पर लिया है। यहां तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के पोलो ग्राउंड विकसित किए गए हैं। साथ ही, घोड़ों के लिए एक अस्थाई अस्तबल भी बनाया गया है, जहां विभिन्न टीमों के घोड़े रखे जा रहे हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट का खर्च इन दोस्तों द्वारा ही उठाया जा रहा है।</p>
<p><strong>जयपुर पोलो सीजन को मिली नई ऊर्जा :</strong></p>
<p>नये विकसित पैटर्न पोलो क्लब (पीपीसी) ग्राउंड्स पर वर्तमान में जयपुर पोलो सीजन के अधिकांश मैच खेले जा रहे हैं। पहले मैदानों की कमी के कारण जयपुर पोलो सीजन सीमित रह जाता था, लेकिन अब हर टूनार्मेंट में 8-10 टीमें भाग ले रही हैं। यही नहीं सितंबर से मार्च-अप्रैल तक इन ग्राउंड्स पर हर सप्ताहांत टूनार्मेंट्स आयोजित किए जाते हैं, जबकि अन्य दिनों में युवा खिलाड़ियों के लिए प्रैक्टिस सेशन चलते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 11:18:31 +0530</pubDate>
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